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लेखक: space4knews

सन् १९९६ की सगरमाथा दुर्घटना को याद करते हुए ‘इन्टु थिन एयर’

सन् १९९६ के १० मई को सगरमाथा आरोहण के दौरान आई हिमआँधी ने १२ पर्वतारोहियों की जान ले ली और कई घायल हो गए। जान क्रैकौर ने सगरमाथा आरोहण और उसी वर्ष हुई इस दुर्घटना के व्यक्तिगत अनुभव को समेटते हुए अपनी पुस्तक ‘इन्टु थिन एयर’ लिखी है। सन् १९९६ में सगरमाथा आरोहण की अनुमति लेने पर टोली के लिए ७२ हजार और एकल आरोही के लिए १५ हजार अमेरिकी डॉलर शुल्क लगता था, जो आज कहीं अधिक बढ़ चुका है। सगरमाथा के इतिहास में सन् १९९६ एक ऐसा वर्ष बन गया जो कभी नहीं भूला जा सकता।

उसी वर्ष १० मई को आई हिमआँधी ने १२ पर्वतारोहीयों की जान ली और अनेक घायल हुए। यह घटना इतिहास के पन्नों पर दर्दनाक रूप से अंकित है और सगरमाथा की वापसी की राह पर घाव बन कर मौजूद है। उस वर्ष सगरमाथा आरोहण के दौरान क्या-क्या हुआ? उस समय दुनिया के श्रेष्ठ पर्वतारोही शिखर के आनंद में मग्न थे। मौसम सामान्यतः साफ था। १० मई १९९६ को आई भयंकर हिमआँधी ने सगरमाथा को झकझोर दिया। इस घटना में आठ अनुभवी पर्वतारोहीयों की मृत्यु हुई और कई घायल हुए।

सगरमाथा आरोहण के लिए नेपाल और चीन की सरकारों ने अनुमति शुल्क लेना शुरू किया था, और इस वर्ष सबसे अधिक आरोही मारे गए। २०१४ में १६, २०१५ के भूकंप के बाद आई हिमआँधी में २२, और २०२४ में हुई बड़ी घटनाओं में शेर्पा समुदाय के १६ लोगों की जान गई। सन् १९२२ से लेकर मार्च २०२६ तक कुल ३३९ लोगों ने अप्रत्याशित रूप से जीवन खोया है, जिनमें से १५७ ने बिना ऑक्सीजन के आरोहण प्रयास के दौरान अपनी जान गवाई।

लेखक क्रैकौर ने उस दुर्घटना के घटनाक्रम, उपचार व बचाव प्रयासों का विस्तृत विवरण किया है। इस घटना ने सगरमाथा आरोहण के जोखिम और चुनौतियों की पूर्ण तस्वीर प्रस्तुत की है। सगरमाथा दुर्घटना के पीड़ितों की अधिकांश मौतें हिमआँधी और तूफानों के कारण हुई हैं। लेखक क्रैकौर की पुस्तक एवं उसमें शामिल विवादास्पद कथन पर्वतारोहण क्षेत्र में नई दृष्टि और समझ प्रदान करने में सफल रहे हैं।

दिल्ली के शाहदरा इलाके में भीषण आग लगी, 9 लोगों की मौत

२० वैशाख, काठमाडौं। भारत की राजधानी नई दिल्ली के शाहदरा जिले के विवेक विहार इलाके में शनिवार रात एक चार मंजिला आवासीय भवन में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि आग में जलने तथा धुएं से दम घुटने के कारण उनकी मौत हुई। दमकल विभाग के अनुसार, आग से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटनास्थल पर पहुंचे दमकल की 15 गाड़ियों ने लगभग तीन घंटे तक प्रयास कर आग को नियंत्रण में लाया।

प्राथमिक जांच में विभिन्न मंजिलों पर पाए गए शवों के आधार पर पुलिस ने बताया कि दूसरी मंजिल पर पांच, तीसरी मंजिल पर एक और चौथी मंजिल की छत के पास तीन शव मिले हैं। चौथी मंजिल के कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए छत की तरफ भागे थे, लेकिन छत का दरवाजा बंद होने के कारण बाहर नहीं निकल पाए और धुएं से बेहोश हो गए। शाहदरा जिले के डीसीपी राजेन्द्र प्रसाद मीणा ने प्रारंभिक जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने की सूचना सुबह ही मिली और तुरंत बचाव और आग नियंत्रण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

उनके अनुसार अब तक घटनास्थल से 9 शव बरामद हो चुके हैं और खोज और बचाव कार्य जारी है। विवेक विहार पुलिस स्टेशन में सुबह लगभग 3:48 बजे पीसीआर कॉल के माध्यम से आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस प्रमुख, एसीपी और अन्य टीम घटनास्थल पर पहुंच गए। दमकल, क्राइम टीम और अन्य आपातकालीन विभाग तुरंत सक्रिय थे। दमकल विभाग के अनुसार आग तीसरी और चौथी मंजिल के फ्लैट्स में फैली हुई थी। बचाव के दौरान 10 से 15 लोगों को भवन से बाहर निकाला गया। उनमें से दो को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज गुरु तेग बहादुर अस्पताल में चल रहा है।

प्रारंभिक अनुमान: प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण विद्युत शार्ट सर्किट बताया गया है। हालांकि, घटना की विस्तृत वजहों की जांच जारी है, पुलिस ने बताया। स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और डीडीएमए टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। आग लगने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

अध्यक्ष शर्मा – Online Khabar

अध्यक्ष शर्मा: सरकारले प्रेस स्वतन्त्रताको संरक्षण गर्ने विश्वस्तता कायम राख्न सकेको छैन

२० वैशाख,काठमाडौं। नेपाल पत्रकार महासंघ की अध्यक्ष निर्मला शर्माले हालको सरकारले प्रेस तथा अभिव्यक्ति स्वतन्त्रताको संरक्षणमा गम्भीर शंका व्यक्त गरेकी छन्। प्रेस स्वतन्त्रता दिवसको अवसरमा जारी शुभकामना सन्देशमा अध्यक्ष शर्माले पछिल्लो समय पत्रपत्रिका र मिडियाप्रति लक्षित घटनाहरूमा वृद्धि भएका विषय उल्लेख गर्दै संविधानले सुनिश्चित गरेको प्रेस स्वतन्त्रताको संरक्षणमा सरकारले विश्वस्त भएर प्रतिबद्धता देखाउन नसकेको बताइन्। ‘हाल रास्वपाको नेतृत्वमा रहेको सरकारले पनि संविधानमा उल्लेखित प्रेस तथा अभिव्यक्ति स्वतन्त्रताको संरक्षण, जनताको मौलिक अधिकारको सुनिश्चितता र लोकतान्त्रिक संस्कृतिको संरक्षण गर्ने हो भन्नेमा महासंघ शङ्कित छ,’ उनले भनिन्।

अध्यक्ष शर्माले प्रेस स्वतन्त्रता हाल थप जटिल बन्दै गएको उल्लेख गर्दै देशका विभिन्न व्यवसायिक संगठन र नागरिक अगुवाहरूसँग अभिव्यक्ति स्वतन्त्रता संरक्षणमा ऐक्यबद्धता आवश्यक रहेको बताइन्। महासंघको सञ्चार अनुगमन एकाइले सार्वजनिक गरेको तथ्यांक अनुसार आर्थिक वर्ष ०८२ मा कुल १३१ वटा प्रेस स्वतन्त्रता हननका घटनाहरू भईसकेका छन्, जसमा गत वर्ष ७३ र त्यसअघिका वर्षमा ६२ वटा थिए। प्रत्येक वर्ष यी घटनाहरू क्रमशः बढ्दै गएका छन्। अर्कोतर्फ पत्रकार र सञ्चारमाध्यममाथि ३० वटा आक्रमणका घटना, पेशागत सुरक्षा सम्बन्धी १८, कब्जा र अवरोधका २६, नीतिगत प्रतिबन्ध ३ र पत्रकार पक्राउ परेकामा २ जना रहेका छन् भने १ जना पत्रकारको शंकास्पद मृत्यु भएको पनि जानकारी दिइएको छ।

जेनजी आन्दोलनका क्रममा सञ्चार माध्यमहरूमा करोडौँ रुपैयाँ क्षति पुगेको र पाँच जना पत्रकार मुठभेडका क्रममा गोली लागेपछि प्रेस स्वतन्त्रता अझ चुनौतीपूर्ण भएको अध्यक्ष शर्माले जानकारी दिइन्। पत्रकारविरुद्ध भएका अपराधमा दण्डहीनता, सञ्चार माध्यमहरूको कमजोर आर्थिक अवस्था, पत्रकारहरूको पेशागत तथा भौतिक सुरक्षामा जोखिम रहेको लगायतका कारणहरूले प्रेस स्वतन्त्रता अझ संकटग्रस्त बन्न पुगेको उनले बताइन्। साथै सञ्चार क्षेत्रमा आर्थिक संकट, पत्रकारहरूको पलायन, निजी सञ्चारमाध्यमहरूमा सरकारी विज्ञापन र सूचना प्रतिबन्ध लगाउनु र सामाजिक सञ्जालमा फैलिरहेको गलत सूचनासँग जुध्नु जस्ता चुनौतीहरू सामना गर्नुपर्ने उनको भनाइ छ।

मौसम में तत्काल सुधार की संभावना नहीं, इस सप्ताह भर बारिश का अनुमान

२० वैशाख, काठमाडौं। मौसम विशेषज्ञों ने वर्तमान मौसमी हालात में तुरंत कोई विशेष सुधार नहीं होने की बात कही है। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के मौसमविदों ने इस सप्ताह देशभर में बारिश की संभावना जताई है। गण्डकी प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित रहने वाला है। गण्डकी की तराई, पहाड़ और हिमाल क्षेत्रों में इस सप्ताह बर्फबारी और बारिश की संभावना है। कुछ जगहों पर भारी तफ्त बर्फ या बारिश होने की भी संभावना है। मौसमविदों का कहना है कि बारिश कभी रुक सकती है और कभी फिर शुरू भी हो सकती है।

तराई क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, विभिन्न जिलों में कल से ही बारिश हो रही है। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के मौसमविद डेविड ढकाल ने बताया कि इस सप्ताह देश के कई हिस्सों में बिजली चमकते हुए बारिश होने की संभावना है। उनके अनुसार मंगलवार तक कोशी, बागमती और गण्डकी प्रदेश की तराई तथा मधेस प्रदेश के कई स्थानों में मध्यम से भारी बारिश होने की सम्भावना है। इन प्रदेशों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की भी संभावना है। लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेशों के कुछ स्थानों में हल्की वर्षा होने की संभावना है।

बुधवार से गुरुवार तक सभी प्रदेशों की तराई क्षेत्र के कुछ स्थानों में मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी इस सप्ताह बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसमविदों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में आगामी मंगलवार तक कोशी, बागमती, गण्डकी और लुम्बिनी प्रदेश के कई हिस्सों तथा कर्णाली व सुदूरपश्चिम प्रदेश के कुछ स्थानों में मध्यम बारिश होगी। गण्डकी प्रदेश में इस पूरे सप्ताह और कोशी, बागमती, लुम्बिनी में मंगलवार तक एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

हिमाली क्षेत्रों में भी डेविड ढकाल के मुताबिक इस सप्ताह बर्फ या बारिश की संभावना है। रविवार, सोमवार और मंगलवार तक कोशी, बागमती, गण्डकी और लुम्बिनी प्रदेश के कई स्थानों में तथा कर्णाली और सुदूरपश्चिम के कुछ हिस्सों में मध्यम बर्फबारी या बारिश हो सकती है। वर्तमान में मधेश और सुदूरपश्चिम को छोड़कर अन्य सभी प्रदेशों में बारिश हो रही है। लुम्बिनी और गण्डकी में भी मध्यम प्रकार की बारिश जारी है। मौसमविदों के अनुसार आज दोपहर तक लुम्बिनी और गण्डकी के कुछ स्थानों में भारी बारिश की संभावना है।

इसलिए मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही किसी भी कार्य योजना को बनाने का सुझाव मौसमविदों ने दिया है। पिछले २४ घंटे में सबसे ज्यादा बारिश गुल्मी के मुसिकोट में दर्ज की गई है। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के मौसम पूर्वानुमान महाशाखा के अनुसार मुसिकोट में पिछले २४ घंटों में ८६.६ मिलीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा देवघाट, नवलपुर के देउराली, दुम्कौली सहित और अछाम के असराघाट में भी भारी बारिश हुई है। पिछले तीन घंटे में पर्वत के कार्की नेटा, स्याङ्जा के पञ्चमुल, कास्की के पोखरा और लमजुङ के राइनासटार में भी भारी बारिश हुई है। काठमाडौं के कपन, कीर्तिपुर, सुन्दरीजल सहित अनेक स्थानों पर सामान्य स्तर की बारिश दर्ज की गई है।

चीन ने इरान से तेल खरीदने वाली कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों को मानने से किया इनकार

चीन ने इरान से तेल खरीदने वाली पांच कंपनियों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को मानने से इनकार कर दिया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया और चीनी कंपनियों को इन प्रतिबंधों का पालन न करने के निर्देश दिए। इसी बीच, अमेरिका ने एक और चीनी कंपनी पर प्रतिबंध लगाया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन के दौरे की तैयारी कर रहे हैं। 20 वैशाख, काठमांडू।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि अमेरिका के प्रतिबंध स्वीकार्य नहीं हैं। बयान में कहा गया है, ‘ये प्रतिबंध अन्य देशों के साथ सामान्य आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में चीनी कंपनियों पर रोक लगाते हैं और ये अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन हैं।’ मंत्रालय ने अमेरिका के प्रतिबंधों को मान्यता न देने की बात कही और चीनी कंपनियों तथा संस्थाओं को इन प्रतिबंधों का पालन न करने के निर्देश दिए।

बयान में आगे कहा गया, ‘चीनी सरकार हमेशा संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के बिना और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के आधार पर न होने वाले एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध करती रही है।’ अमेरिका ने एक दिन पहले एक और चीनी कंपनी पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, उक्त कंपनी ने ‘लाखों बैरल’ इरानी कच्चे तेल का आयात किया और इरान को अरबों डॉलर की कमाई में सहायता प्रदान की। हालांकि, चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में उस कंपनी का नाम नहीं बताया। राष्ट्रपति ट्रम्प इस महीने चीन का दौरा करेंगे और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे, वहीं अमेरिका ने ये प्रतिबंध लगाए हैं।

गगन थापा – Online Khabar

गगन थापा: सञ्चारकर्मीले नडराउने वातावरण सृजना गर्न सबैको साझा जिम्मेवारी

२० वैशाख, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेसका सभापति गगन थापाले सत्य लेख्ने आधारमा सञ्चारकर्मीले डराउन नपर्ने वातावरण सिर्जना गर्नु सबैको साझा कर्तव्य भएको बताएका छन्। विश्व प्रेस स्वतन्त्रता दिवसको अवसरमा आइतबार बिहान सामाजिक सञ्जालमार्फत शुभकामना सन्देश जारी गर्दै सभापति थापाले स्वतन्त्र र निर्भीक प्रेसलाई लोकतन्त्रको मुख्य आधार स्तम्भको रूपमा महत्व दिएका छन्। ‘लोकतन्त्रको आधार स्तम्भ नै स्वतन्त्र र निर्भीक प्रेस हो। तर आजको बदलिँदो समयमा सूचना सङ्कलन र सत्यको खोजी गर्ने कार्य चुनौतीपूर्ण हुँदै गएको छ,’ उनले भने।

बदलिंदो समयमा सूचना सङ्कलन र सत्यको खोजी कार्य थप चुनौतीपूर्ण भएको उल्लेख गर्दै उनले थपे, ‘कतिपय अवस्थामा देखिने असुरक्षा र दबाबका बाबजुद पनि सत्यको पक्षमा उभिएका सञ्चारकर्मी साथीहरूमा हार्दिक सम्मान व्यक्त गर्दछु।’ प्रेस स्वतन्त्रतालाई कुनै एक व्यक्ति वा संस्थामाथि हुने प्रहारको रूपमा नभई नागरिकको सुसूचित हुने अधिकारको रूपमा लिनुपर्नेमा उनले जोड दिएका छन्। सभापति थापाले सम्पूर्ण सञ्चारकर्मीलाई विश्व प्रेस स्वतन्त्रता दिवसको शुभकामना दिएका छन्।

राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोषका अध्यक्ष आदर्शकुमार श्रेष्ठ दोहोरो सुविधा लिने आरोपमा पदमुक्त

निवर्तमान प्रधानमन्त्री सुशीला कार्कीले नियुक्त गरेका राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोषका अध्यक्ष आदर्शकुमार श्रेष्ठ पदमुक्त हुने भएका छन्। श्रेष्ठले मन्त्रीसरहको सुविधा पाउने कोषको अध्यक्ष पदमा डेढ महिनामै पदबाट हटाइनेछ भने उनी समाजकल्याण परिषद्को कानूनी सल्लाहकारको पदबाट पनि हटाइनेछन्। शनिबार जारी अध्यादेशले श्रेष्ठ र परिषद्का सदस्य सचिव सरोजकुमार शर्मालाई पदमुक्त गरेको छ।

२१ फाल्गुनमा प्रतिनिधिसभा सदस्य निर्वाचनपछि पदबाट अवकाश लिने क्रममा प्रधानमन्त्री कार्कीले आफ्ना प्रमुख स्वकीय सचिव आदर्शकुमार श्रेष्ठलाई राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोषको अध्यक्षमा मनोनित गरेकी थिइन्। तर, उनी नियुक्त भएको डेढ महिनामै पदमुक्त हुन लागेका छन्। पदमुक्त गर्ने संस्थागत पदाधिकारीहरूको सूचीमा राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोष पनि समावेश छ।

सो अनुसूचीमा उल्लेख छ, ‘राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोष ऐन, २०३९ को दफा ५ अनुसारका सञ्चालक समितिका अध्यक्ष र सदस्यहरू।’ कानूनी व्यवस्था अनुसार प्रधानमन्त्री राष्ट्रिय प्रकृति संरक्षण कोषका संरक्षक हुन् र अध्यक्षको मनोनयन गर्छन्। अध्यक्षको पदावधि पाँच वर्षको हुन्छ भन्ने कानुनी व्यवस्थालाई नयाँ अध्यादेशले संशोधनमार्फत खारेज गरेको छ।

कोषका अध्यक्षले मन्त्रीसरहको सुविधा पाउने गर्दथे। पूर्व प्रधानमन्त्री कार्कीले वन्यजन्तु र प्रकृति संरक्षण क्षेत्रमा काम गरेका व्यक्तिलाई मात्र मनोनयन गर्ने प्रथालाई अगाडि बढाएकी थिइन्। तर दुवैतिरको नियुक्ति सार्वजनिक भएपछि जेनजी आन्दोलनकर्मी रिजन रानामगरले सोही विषयमा गतसाता सामाजिक सञ्जालमार्फत प्रश्न उठाएका थिए। शनिबार जारी अध्यादेशले कोषका अध्यक्ष श्रेष्ठसँगै समाज कल्याण परिषद्का कानूनी सल्लाहकार र सदस्य सचिव सरोजकुमार शर्मालाई पनि पदमुक्त गरेको छ।

पश्चिम बंगाल के 285 मतदान केंद्रों में पुनः मतदान का निर्णय

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनः मतदान कराने का निर्णय निर्वाचन आयोग ने लिया है। आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान में गम्भीर अनियमितताएँ और मतदाताओं पर आतंक फैलाए जाने के तथ्य मिलने के बाद यह आदेश जारी किया है। आयोग ने सुरक्षा कड़ी करने, वीडियो रिकॉर्डिंग करने और स्वयं निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

20 वैशाख, काठमांडू। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने 21 मई को मतदान पुनः कराने का निर्णय लिया है। समाचार अनुसार, 29 अप्रैल को हुए मतदान में ‘‘गंभीर गड़बड़ी’’ हुई और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हुई, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है।

निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर पुनः मतदान आवश्यक होना माना है। पर्यवेक्षकों ने मतदाताओं को डराने-धमकाने और मतदान केंद्रों पर अवैध उपस्थिति की बात कही है। इसीलिए आयोग ने फाल्टा विधानसभा सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनः मतदान कराने का निर्देश दिया है।

पुनः गड़बड़ी न हो, इसके लिए समुचित सुरक्षा प्रबंध करने, चुनाव प्रक्रिया के दौरान संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग करने और स्वतंत्र निगरानी की व्यवस्था करने का भी आयोग ने आदेश दिया है। मतदान के बाद मतगणना 24 मई से शुरू करने की तैयारी है। 23 और 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाने की सूचना निर्वाचन आयोग ने दी है।

सार्वजनिक ऋण का बोझ जीडीपी का आधा तक पहुंचने की चिंता, विदेशी ऋण आंतरिक ऋण से महंगा

विभिन्न देशों की मुद्राएं

तस्बिर स्रोत, EPA

पढ़ने का समय: 5 मिनट

नेपाल में कुल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में सार्वजनिक ऋण का बोझ लगभग आधा तक पहुंचने की स्थिति ने अर्थशास्त्रियों को चुनौतीपूर्ण स्थिति में डाल दिया है।

अर्थ मंत्रालय के सार्वजनिक ऋण प्रबंधन कार्यालय के अधिकारियों का अनुमान है कि चालू वित्तीय वर्ष में जीडीपी के अनुपात में ऋण का स्तर लगभग 47 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जबकि अर्थशास्त्रियों के अनुसार यह अनुपात इससे अधिक नहीं बढ़ना चाहिए।

चैत्र तक के आंकड़ों के अनुसार, नेपाल का सार्वजनिक ऋण 29 खरब 33 अरब रुपए पहुंच गया है, जो सार्वजनिक ऋण प्रबंधन कार्यालय के प्रमुख गोपीकृष्ण कोइराला ने बताया। सावन में यह राशि 26 खरब 74 अरब रुपए थी।

वित्तीय वर्ष 2081/82 में अर्थव्यवस्था के आकार का संशोधित अनुमान 61 खरब 99 अरब रुपए है जबकि वित्तीय वर्ष 2082/83 में यह प्रारंभिक अनुमान 66 खरब रुपए पहुंचने का है।

अर्थशास्त्री चन्द्रमणि अधिकारी ने कहा कि जीडीपी के अनुपात में ऋण का बढ़ना चुनौतीपूर्ण है।

आयोग र नियामक गरी करिब २ दर्जन निकाय पदाधिकारीविहीन

आयोग और नियामक निकाय लगभग दो दर्जन पदाधिकारियों से मुक्त होंगे

राष्ट्रपति द्वारा जारी सार्वजनिक पदाधिकारी के पदमुक्ति संबंधी विशेष व्यवस्था अध्यादेश ने लगभग दो दर्जन नियामक निकायों के पदाधिकारियों को पदमुक्त करने का प्रावधान रखा है। नेपाल नर्सिंग परिषद्, नेपाल स्वास्थ्य व्यवसायिक परिषद्, इंजीनियरिंग परिषद्, पशु चिकित्सा परिषद्, नेपाल फार्मेसी परिषद् सहित कई निकायों के पदाधिकारी पदमुक्त होंगे। सत्य निरूपण तथा मेलमिलाप आयोग, बेपत्ता छानबीन आयोग, शिक्षक सेवा आयोग और सूचना आयोग के सभी पदाधिकारी भी पदमुक्त होंगे। २० वैशाख, काठमाडौँ। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा शनिवार जारी ‘‘सार्वजनिक पदाधिकारीको पदमुक्तिसम्बन्धी विशेष व्यवस्था अध्यादेश, २०८३’’ के अनुसार नियामक निकायों और आयोगों में लगभग दो दर्जन पदाधिकारियों के पद त्यागने का प्रावधान है। अध्यादेश में अधिकांश पेशागत नियमन करने वाले निकायों के पदाधिकारियों को पदमुक्त करने का प्रावधान रखा गया है। केवल महान्यायाधिवक्ता के अध्यक्षत्व वाली नेपाल कानुन व्यवसायी परिषद् संशोधन के दायरे से बाहर है। आठ नियामक निकायों में नर्सों के पेशागत नियमन के लिए नेपाल नर्सिंग परिषद्, स्वास्थ्य व्यवसायियों के नियमन के लिए नेपाल स्वास्थ्य व्यवसायिक परिषद् तथा इंजीनियरों के नियमन के लिए इंजीनियरिंग परिषद् के पदाधिकारी पदमुक्त होंगे। इसी प्रकार पशु चिकित्सकों के नियमन के लिए पशु चिकित्सा परिषद्, फार्मासिस्ट और फार्मेसी के नियमन के लिए नेपाल फार्मेसी परिषद् और आयुर्वेद चिकित्सकों के नियमन के लिए आयुर्वेद चिकित्सा परिषद् के पदाधिकारी भी पदमुक्त होंगे। डॉक्टरों के नियमन करने वाला नेपाल मेडिकल काउंसिल और पत्रकारों के नियमन करने वाला प्रेस काउंसिल नेपाल के पदाधिकारी भी पदमुक्त होंगे। इसके अतिरिक्त दर्जनों अन्य निकायों, जो पेशा के साथ-साथ आर्थिक कारोबार और सेवा क्षेत्र में नियमन करते हैं, उनके पदाधिकारी भी पदमुक्त होंगे। इंटरनेट तथा टेलिकम्युनिकेशन सेवा प्रदाता संस्थाओं के नियमन के लिए दूरसंचार प्राधिकरण के पदाधिकारी भी अब पदमुक्त होंगे। पुँजी बाजार और शेयर कारोबार को नियमन करने वाला धितोपत्र बोर्ड भी पदाधिकारी रहित हो रहा है। हवाई उड़ान क्षेत्र के नियमन के लिए नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के पदाधिकारी भी अब पदत्याग करेंगे। दूध उत्पादकों को सहजीकरण करने और डेयरी क्षेत्र को नियमन करने वाला दुग्ध विकास बोर्ड भी पदमुक्त होने वाले निकायों की सूची में शामिल है। उच्च शिक्षा अर्थात विश्वविद्यालयों के अनुगमन और आर्थिक सहयोग करने वाला विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भी पदाधिकारी रहित होता जा रहा है। विद्युत सेवा प्रवाह नियमन करने वाला विद्युत नियमन आयोग के पदाधिकारी भी स्वतः पदमुक्त होंगे। सहकारी क्षेत्र नियमन करने वाला सहकारी प्राधिकरण, विज्ञापन व्यवस्थापन एवं नियमन करने वाला विज्ञापन बोर्ड तथा बीमा कंपनियों के नियमन करने वाला बीमा प्राधिकरण भी पदमुक्ति सूची में शामिल हैं। चलचित्र समीक्षा करने वाली चलचित्र जाँच समिति भी अपने पदाधिकारी खो देगी। पाँच आयोग, जिनमें से चिकित्सा शिक्षा आयोग के पदाधिकारी मेडिकल कॉलेजों की सीट निर्धारण और नियमन का कार्य करते हैं, वे भी पदमुक्त होंगे। सरकार १० वर्षीय माओवादी द्वन्द्वकाल के मानवाधिकार उल्लंघन घटनाओं की जांच करने वाले सत्य निरूपण तथा मेलमिलाप आयोग और बेपत्ता छानबीन आयोग के पदाधिकारियों को भी पदमुक्त कर रही है। देशभर के सामुदायिक विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति करने वाले शिक्षक सेवा आयोग के पदाधिकारी भी अब पदमुक्त होंगे। साथ ही नागरिकों के सूचना अधिकार के क्रियान्वयन के लिए गठित सूचना आयोग के सभी पदाधिकारी भी पदमुक्त होंगे।

एस्पिरिन कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है – क्यों और कैसे यह अध्ययन का विषय है

एस्पिरिन

तस्वीर स्रोत, Getty Images

दर्द निवारण के लिए सामान्यतः प्रयोग की जाने वाली चार हज़ार वर्ष पुरानी एस्पिरिन दवा से शरीर में ट्यूमर बनने या फैलने से रोकने की संभावना पर वैज्ञानिकों ने खोज की है, जिसके बाद विश्व के कई देशों की स्वास्थ्य नीतियों में बदलाव आ रहे हैं।

ब्रिटेन के लगभग 45 वर्षीय बढ़ई निक जेम्स की मां कैंसर से निधन हो गया और उनके भाई तथा परिवार के अन्य सदस्यों में भी कैंसर की पुष्टि हुई, तब उन्होंने अपनी आनुवंशिक जांच कराई। जांच में उन्हें एक ऐसा ‘जीन’ मिला जो कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।

इस स्थिति में उन्हें एक अप्रत्याशित मदद मिली। वे रोजाना एस्पिरिन लेने वाले एक क्लिनिकल परीक्षण में भाग लेने लगे। यह शोध एस्पिरिन द्वारा कैंसर की वृद्धि को रोकने की संभावना की जांच के लिए था।

वंशानुगत लिन्च सिंड्रोम वाले लोगों में, जीन म्यूटेशन के कारण, जीवनकाल में 10 से 80 प्रतिशत तक बाउल कैंसर का जोखिम होता है। जेम्स की स्थिति अभी तक ठीक है। यूके के न्यूकैसल विश्वविद्यालय में क्लिनिकल जेनेटिक्स के प्रोफेसर जन बर्न, जो इस अध्ययन के नेतृत्वकर्ता हैं, बताते हैं, “जेम्स को एस्पिरिन लिए दस साल हो गए हैं और अब तक उन्हें कैंसर नहीं हुआ है।”

यह अविश्वसनीय लग सकता है, पर एस्पिरिन कोलोरेक्टल कैंसर को बढ़ने से रोकने या इसके रोकने का संकेत देता है। पिछले साल के एक अध्ययन में भी ऐसा ही परिणाम सामने आया था।

कसले जित्दैछ इरान युद्ध ? कसलाई भइरहेको छ फाइदा ? – Online Khabar

ईरान-अमेरिका युद्ध में कौन विजेता? किसे हुआ लाभ?

समाचार सारांश: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को शुरू किया गया युद्ध दो महीने पूरा कर चुका है, जिसमें ईरान के 3600 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। ईरान-इजरायल संघर्ष में, इजरायल ने लेबनान के लगभग 15 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया है और 6 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने युद्ध के कारण वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर घटकर 3.1 प्रतिशत तक गिरने और मुद्रास्फीति बढ़ने की चेतावनी दी है।

20 वैशाख, काठमाडौं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को संक्षिप्त एवं निर्णायक बताया था, लेकिन 28 फरवरी से शुरू होकर दो माह बाद यह युद्ध उलटी दिशा में बढ़ता दिख रहा है। युद्ध फिलहाल रुका हुआ है पर समाप्त नहीं हुआ है। अब तक ईरान में 3600 से अधिक मौतें हुई हैं, जिनमें 1700 से ज्यादा आम नागरिक हैं। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गोरिंचास के अनुसार, यदि युद्ध लंबा चला और तेल की कीमतें ऊंची रहीं, तो वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर लगभग 2 प्रतिशत तक गिर सकती है, जो वैश्विक मंदी का संकेत है। मुद्रास्फीति दर पिछले वर्ष के 4.1 प्रतिशत से घटकर 3.8 प्रतिशत होनी थी, अब अनुमान है कि यह 4.4 प्रतिशत से ऊपर पहुंच जाएगी। हार्वर्ड विश्वविद्यालय की अर्थशास्त्री लिंडा बिल्म्स के अनुसार, अमेरिका ने इस युद्ध पर लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर खर्च कर दिया है, जबकि अमेरिकी सरकार ने आधिकारिक तौर पर केवल 25 अरब डॉलर का खर्च बताया है।

चीन और रूस को युद्ध से लाभ: चीन ने इस संघर्ष से अपनी स्थिति मजबूत की है। चीन, जो पहले से बड़ी मात्रा में तेल संग्रह कर रहा है और वैकल्पिक ऊर्जा में दशकों से निवेश कर रहा है, अमेरिका की कमजोरी का फायदा उठा रहा है। चीन की तेल एवं गैस कंपनियां इस वर्ष 94 अरब डॉलर के लाभ की संभावना जता रही हैं, जैसे सीएनएन ने बताया। रूस की अर्थव्यवस्था भी युद्ध से लाभान्वित हुई है। तेल और उर्वरक की कीमतों में तेजी से इसकी आय बढ़ी है। अमेरिकी प्रतिबंधों में नरमी के कारण रूस को अतिरिक्त लाभ हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, मार्च में रूस की ऊर्जा आय फरवरी के 9.75 अरब डॉलर से लगभग दोगुनी होकर 19 अरब डॉलर हो गई। चीन ने सौर्य, पवन और जलविद्युत जैसे वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों में तीव्र विकास किया है।

विशेषज्ञों की राय: ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ सदस्य मेलानी सिसन के अनुसार, इस युद्ध में कोई स्पष्ट विजेता नहीं है। अमेरिका को भी कोई रणनीतिक लाभ नहीं हुआ है। यह संघर्ष विश्वभर में प्रभाव डाल रहा है। ईरान, लेबनान, खाड़ी देश और भारत में आम जीवन प्रभावित हुआ है।

लेबनान के 15 प्रतिशत क्षेत्र पर इजरायल का नियंत्रण: रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने लेबनान के लगभग 15 प्रतिशत भूभाग पर कब्ज़ा कर लिया है और हिज़बुल्लाह कमजोर न हो तब तक उसे ‘बफर जोन’ बनाकर रखना चाहता है। वरिष्ठ पत्रकार नोरा बोस्तानी के मुताबिक़, लेबनान के नागरिकों का सबसे बड़ा डर यह है कि देश का यह हिस्सा लंबे समय तक विदेशी कब्जे में रह सकता है। यह क्षेत्र मुख्यतया लितानी नदी तक फैला हुआ है। दशकों से हिज़बुल्लाह और इजरायल के बीच जारी संघर्ष में लेबनान के लोग फंसे हुए हैं। फरवरी में युद्ध विराम की स्थिति कमजोर पड़ने के बाद, इजरायल ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनी की हत्या के बाद स्थिति खराब हो गई। इसके बाद हिज़बुल्लाह ने इजरायल पर हमले शुरू किए। जवाब में, इजरायल ने लेबनान में घातक हवाई और स्थल हमले किए, जिनका उद्देश्य हिज़बुल्लाह को समाप्त करना था। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2 के बाद से इन हमलों में 2500 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि इजरायल ने गाजा में अपनाई रणनीति लेबनान में भी लागू की है, जिसमें पूरे गांवों को नष्ट करने की योजना है। स्थिति सर्वोच्च तनाव पर पहुंच चुकी है और लगभग छह लाख लोग दक्षिणी लेबनान से विस्थापित हो गए हैं। इजरायल ने चेतावनी दी है कि हिज़बुल्लाह से उत्तरी इजरायल को खतरा समाप्त न होने तक विस्थापितों को घर लौटने की अनुमति नहीं देगा।

खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव: खाड़ी के देश भी युद्ध के प्रभाव से अछूते नहीं हैं। सबसे अधिक असर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हुआ है, जहां ईरान ने सबसे ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हमले भले बंद हो गए हों, लेकिन बड़ा नुकसान हो चुका है जिससे यूएई के प्रमुख व्यापार और पर्यटन केंद्र की छवि प्रभावित हुई है। हार्मुज जलसन्धि के बंद होने से इराक, कतर और कुवैत की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे उनके तेल, गैस और अन्य आपूर्ति अवरुद्ध हो गए हैं। आईएमएफ ने इन देशों की आर्थिक वृद्धि दर घटाई है और जरूरी पड़ा तो इनकी अर्थव्यवस्था वर्ष के भीतर मंदी में जा सकती है। इस क्षेत्र के लाखों नेपाली कामगारों की आजीविका पर भी इसका गहरा असर हो रहा है।

अमेरिका में महंगाई और आम जनता पर असर: युद्ध के कारण अमेरिका में तेल, हवाई टिकट और विभिन्न सेवाएं महंगी हो गई हैं क्योंकि कंपनियां ईंधन पर अतिरिक्त शुल्क (

नेपाल अब आर्थिक विकास की ओर कदम बढ़ाने का समय है: अर्थमंत्री डॉ. वाग्ले

२० वैशाख, काठमाडौं। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने नेपाली अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति की तुलना १० साल पहले भारत की आर्थिक स्थिति से की है और उन्होंने कहा है कि अब नेपाल के लिए आर्थिक उछाल का समय आ गया है। बाह्रखरी मीडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंत्री वाग्ले ने बताया कि वर्ष २०१४ में भारत की प्रति व्यक्ति आय १,५०० डॉलर थी और अब नेपाल भी इसी स्तर पर पहुंच चुका है, जिसे वे नेपाल का ‘आर्थिक प्रस्थान बिंदु’ मानते हैं।

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार पर पांच वर्षों का पूर्ण कार्यकाल पूरा करने का भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार निवेशकों के लिए नीतिगत स्थिरता और सुनिश्चितता प्रदान करेगी। ‘‘पिछले समय में नीतिगत कब्ज़ा और भ्रष्ट राजनेताओं के साथ अस्वस्थ संबंधों ने कारोबारी माहौल को प्रभावित किया था। अब इस स्थिति का अंत होगा,’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम कानून के क्रियान्वयन में कठोर और प्रतिबद्ध रहेंगे, लेकिन ईमानदार उद्यमियों को डरने की आवश्यकता नहीं है।’’

आगामी बजट निजी क्षेत्र के अनुकूल होगा, इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि निवेश सुरक्षा, संपत्ति की रक्षा और अनुबंध क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाएगी। निजी क्षेत्र में मनोबल बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और मंत्री वाग्ले ने ईमानदार व्यवसायियों को पूर्ण संरक्षण देने पर ज़ोर दिया। ‘‘हम चाहते हैं कि निजी क्षेत्र ईमानदारी के आधार पर व्यवसाय बढ़ाए और देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाए,’’ उन्होंने कहा।

अगले ७ वर्षों में प्रति व्यक्ति आय ३००० डॉलर और आर्थिक आकार १०० अरब डॉलर के आसपास लाने का लक्ष्य भी उन्होंने साझा किया। भारत द्वारा पिछले १०–१२ वर्षों में प्राप्त ९ से १० प्रतिशत आर्थिक वृद्धि Nepal भी हासिल कर सकता है, उनका कहना है। मंत्री वाग्ले ने कहा कि नेपाल का पर्यटन, जलविद्युत और उच्च मूल्य वाले कृषि उत्पाद विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

नेपाल एक भूपरिवेष्ठित देश है, इसीलिए भूगोलिक जटिलताओं को पार करने का प्रमुख हथियार ‘डिजिटलीकरण’ होना चाहिए, उनका तर्क है। सूचना प्रौद्योगिकी को प्राथमिकता देने के लिए सूचना प्रविधि विभाग को प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन लाया गया है, जिससे सेवा वितरण में क्रांति आएगी, उन्होंने उम्मीद जताई। ‘‘हम २०२७ के चुनावी चक्र का इंतजार कर रहे थे, लेकिन ‘जनज्य’ आंदोलन ने हमें पूर्व समय में जिम्मेदारी सौंप दी है। अब हम सुशासन और आर्थिक विकास के स्पष्ट रोडमैप के साथ आगे बढ़ेंगे,’’ उन्होंने कहा।

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने दोहराया कि पुराने जटिल कानूनों का उन्मूलन और प्रशासनिक बाधाओं को खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता में शामिल है।

आज विश्व प्रेस स्वतन्त्रता दिवस, राष्ट्रपति र उपराष्ट्रपतिले दिए शुभकामना

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस आज, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं

विश्वभर प्रेस स्वतंत्रता दिवस प्रतिवर्ष ३ मई को मनाया जाता है और नेपाल में भी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से यह दिवस मनाया जा रहा है। स्वतंत्र और बहुलवादी प्रेस के लिए विंडहोक घोषणा पत्र जारी किए जाने के अवसर पर हर वर्ष ३ मई को विश्वव्यापी रूप से प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। २० वैशाख, काठमाडौं।

आज विश्वभर प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है तथा नेपाल में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। हर वर्ष ३ मई को ’स्वतंत्र एवं बहुलवादी प्रेस के लिए विंडहोक घोषणा पत्र’ जारी किए जाने की वर्षगांठ के रूप में यह दिवस मनाया जाता है। इस घोषणा पत्र को सन् १९९३ में यूनेस्को के अंतर्गत अफ्रीकी देश नामीबिया के विंडहोक शहर में वरिष्ठ पत्रकारों, पत्रकारिता प्राध्यापकों और स्वतंत्रता समर्थकों की भागीदारी से जारी किया गया था।

इस अवसर पर नेपाल पत्रकार महासंघ ने संवाद, प्रदर्शन सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव ने इस अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति पौडेल ने स्वतंत्र पत्रकारिता के माध्यम से सत्य की खोज और तथ्यात्मक संप्रेषण के जरिए समाज में सही और सच्चाई की स्थापना पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उन्होंने प्रेस स्वतंत्रता को लोकतंत्र का आधार स्तम्भ बताया है।

उपराष्ट्रपति यादव ने कहा कि नेपाल के संविधान ने प्रेस स्वतंत्रता को एक मूल अधिकार के रूप में सुनिश्चित किया है और स्वतंत्र प्रेस लोकतंत्र की रीढ़ है। उन्होंने संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उपयोग और संरक्षण करते हुए पत्रकारिता को निर्भीकता के साथ आगे बढ़ाने की शुभकामनाएं दीं।

आज विदेशी मुद्रा विनिमय दर कस्तो छ?

२० वैशाख, काठमाडौं । नेपाल राष्ट्र बैंकले आज (आइतबार) का लागि विदेशी मुद्राको विनिमयदर निर्धारण गरेको छ। निर्धारित विनिमयदर अनुसार अमेरिकी डलरको खरिददर १५१ रुपैयाँ ५६ पैसा र बिक्रीदर १५२ रुपैयाँ १६ पैसा तोकिएको छ। यस्तै, युरोपियन युरोको खरिददर १७८ रुपैयाँ १६ पैसा र बिक्रीदर १७८ रुपैयाँ ८६ पैसा, युके पाउन्ड स्टर्लिङको खरिददर २०६ रुपैयाँ ३९ पैसा र बिक्रीदर २०७ रुपैयाँ २१ पैसा, स्वीस फ्रयाङ्कको खरिददर १९४ रुपैयाँ २८ पैसा र बिक्रीदर १९५ रुपैयाँ ०५ पैसा कायम गरिएको छ।

अष्ट्रेलियन डलरको खरिददर १०९ रुपैयाँ ०९ पैसा र बिक्रीदर १०९ रुपैयाँ ५२ पैसा, क्यानेडियन डलरको खरिददर १११ रुपैयाँ ७४ पैसा र बिक्रीदर १११ रुपैयाँ १८ पैसा, सिङ्गापुर डलरको खरिददर ११९ रुपैयाँ ०९ पैसा र बिक्रीदर ११९ रुपैयाँ ५७ पैसा तोकिएको छ। जापानी येन १० को खरिददर ९ रुपैयाँ ६८ पैसा र बिक्रीदर ९ रुपैयाँ ७२ पैसा, चिनियाँ युआनको खरिददर २२ रुपैयाँ २० पैसा र बिक्रीदर २२ रुपैयाँ २८ पैसा, साउदी अरेबियन रियालको खरिददर ४० रुपैयाँ ४१ पैसा र बिक्रीदर ४० रुपैयाँ ५७ पैसा, कतारी रियालको खरिददर ४१ रुपैयाँ ५९ पैसा र बिक्रीदर ४१ रुपैयाँ ७६ पैसा कायम भएको छ।

केन्द्रीय बैंकका अनुसार थाइ भाटको खरिददर ४ रुपैयाँ ६६ पैसा र बिक्रीदर ४ रुपैयाँ ६७ पैसा, युएई दिरामको खरिददर ४१ रुपैयाँ २६ पैसा र बिक्रीदर ४१ रुपैयाँ ४३ पैसा, मलेसियन रिङ्गेटको खरिददर ३८ रुपैयाँ १८ पैसा र बिक्रीदर ३८ रुपैयाँ ३३ पैसा, साउथ कोरियन वन १०० को खरिददर १० रुपैयाँ २९ पैसा र बिक्रीदर १० रुपैयाँ ३३ पैसा, स्वीडिस क्रोनरको खरिददर १६ रुपैयाँ ४२ पैसा र बिक्रीदर १६ रुपैयाँ ४८ पैसा र डेनिस क्रोनरको खरिददर २३ रुपैयाँ ८४ पैसा र बिक्रीदर २३ रुपैयाँ ९४ पैसा तोकिएको छ।

राष्ट्र बैंकले हङकङ डलरको खरिददर १९ रुपैयाँ ३४ पैसा र बिक्रीदर १९ रुपैयाँ ४२ पैसा, कुवेती दिनारको खरिददर ४९४ रुपैयाँ ०८ पैसा र बिक्रीदर ४९६ रुपैयाँ ०४ पैसा, बहराइन दिनारको खरिददर ४०१ रुपैयाँ ३५ पैसा र बिक्रीदर ४०२ रुपैयाँ ९४ पैसा, ओमनी रियालको खरिददर ३९३ रुपैयाँ ६४ पैसा र बिक्रीदर ३९५ रुपैयाँ २० पैसा रहेको छ। यस्तै, भारतीय रुपैयाँ १०० को खरिददर १६० रुपैयाँ र बिक्रीदर १६० रुपैयाँ १५ पैसा तोकिएको छ। राष्ट्र बैंकले यो विनिमयदरलाई आवश्यकतानुसार जुनसुकै समयमा पनि संशोधन गर्न सक्ने जनाएको छ। वाणिज्य बैंकले तोक्ने विनिमयदर फरक हुनसक्ने र अद्यावधिक विनिमयदर केन्द्रीय बैंकको वेबसाइटमा उपलब्ध हुने जनाइएको छ।