कृष्णभिर में १०० मीटर सड़क त्रिशूली नदी में धंस जाने के कारण पृथ्वी राजमार्ग १२ दिन से अवरुद्ध है। राजमार्ग अवरुद्ध होने से काठमाडौँ में गैस, चीनी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी और काला बाज़ारी बढ़ा है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भाद्र महीने के भीतर पृथ्वी राजमार्ग को फिर से खोलने के लिए २०० मीटर ट्रैक खोलने का कार्य चल रहा होने की जानकारी दी है।
२५ भाद्र, काठमाडौँ। देश की संघीय राजधानी काठमाडौँ की जीवनरेखा मानी जाने वाली पृथ्वी राजमार्ग से संपर्क विच्छेद को गुरुवार १२ दिन हो गए हैं। इसका कारण है ‘कृष्णभिर में १०० मीटर सड़क का त्रिशूली नदी में धंस जाना।’ पृथ्वी राजमार्ग अवरुद्ध होने के कारण राजधानी से जुड़ा मुख्य सड़क नेटवर्क टूट गया है। १०० मीटर सड़क धंस जाने के बाद न केवल दैनिक आवश्यक वस्तुओं का आवागमन रुक गया है, बल्कि आम यात्रियों की आवाजाही पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है। संघीय राजधानी काठमाडौँ और पर्यटक नगरी पोखरा के बीच की पर्यटक यात्रा में भी बाधा उत्पन्न हुई है। इस समस्या के कारण काठमाडौँ में आपूर्ति श्रृंखला टूट चुकी है। गैस की कमी के साथ ही अब चीनी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी और काला बाज़ारी भी फैल गया है।
इस घटना के कारण उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्री गौरीकुमारी यादव ने इस्तीफा दिया है, पर समस्या जस की तस बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य ने इतनी बड़ी जनसंख्या को जोड़ने वाले राजमार्ग का वैकल्पिक मार्ग निर्माण में गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे १०० मीटर सड़क धंसने वाली यह समस्या बड़ी दुर्घटना का रूप ले रही है।
पूर्वाधार विशेषज्ञ एवं पूर्व सचिव केशवकुमार शर्मा के अनुसार फिलहाल सरकार का पृथ्वी राजमार्ग खोलने का प्रयास अंतिम विकल्प है। अर्थात् धंसी हुई सड़क के स्थान पर वैकल्पिक ट्रैक खोलकर अस्थायी यातायात चलाने का काम हो रहा है। कृष्णभिर की समस्या आने के बाद सरकार द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्ग – कान्ती लोकमार्ग, त्रिभुवन राजपथ या बीपी राजमार्ग तकनीकी तौर पर बड़े और भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इस कारण गैस से लदे ट्रक काठमाडौँ तक पहुंच नहीं पाए और गैस सिलेंडर तराई से लाने की जटिलता बढ़ी, जिससे बाजार में कमी और महंगाई और बढ़ गई है।
शर्मा कहते हैं, ‘कृष्णभिर खोलने का वर्तमान प्रयास ही एकमात्र विकल्प है, लेकिन जब राज्य एक ही राजमार्ग पर अत्यधिक निर्भर रहता है तो ऐसी समस्याएं सामने आती हैं।’ हालांकि तत्काल कृष्णभिर की सड़क खोल दी गई है, फिर भी यात्रा में पहाड़ से मिट्टी और पथर फैलने का खतरा बना हुआ है क्योंकि नए ट्रैक पर ऊपर और नीचे और भी दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिसका मतलब है कि भारी बारिश या सुखी मौसम में भी पहाड़धंसाव हो सकता है। कृष्णभिर पिछले समय से एक सक्रिय पहाड़धंसाव क्षेत्र रहा है।
शर्मा के अनुसार यहां दो पुल बनाकर त्रिशूली नदी के किनारे वैकल्पिक सड़क बनाना, या नदी किनारे पहाड़ के ऊपर दीवार बनाकर सड़क निर्माण करना, या सुरंग मार्ग बनाना ये तीनों विकल्प हैं जिनमें काम होने में छह महीने से दो वर्ष तक लग सकते हैं। सरकार ने पहाड़धंसाव के तीन दिन बाद ही ट्रैक खोलने का निर्णय लिया था, अगर यह कार्य जल्दी किया जाता तो सड़क जल्द खुल जाती।
वैकल्पिक राजमार्ग प्रभावी न होने के कारण बढ़ती कठिनाई
सरकार काठमाडौँ को तराई-मधेश से जोड़ने के लिए द्रुतमार्ग का निर्माण कर रही है। नेपाली सेना ने इसका ठेका लिया है। यह द्रुतमार्ग १४ जेठ २०७४ को शिलान्यास किया गया था। ७०.९७ किलोमीटर लंबा यह द्रुतमार्ग इस वर्ष चैत तक पूरा करके चालू होने का लक्ष्य था, लेकिन काठमाडौँ की शुरुआत के बिंदु पर विवाद के कारण प्रगति ५० प्रतिशत से कम रह गई है।
२००७ साल से बन रही त्रिभुवन राजपथ अब बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग बन गई है, लेकिन इसका निर्माण बेहतर नहीं है। बीपी राजमार्ग लंबे समय से बाढ़ की वजह से खराब है, जिससे समस्याएं हो रही हैं। कान्ती लोकपथ भी छोटे वाहन और कमजोर पूर्वाधार की वजह से चुनौतियों से भरा है। फिलहाल हेटौँडा से माल ले जाने वाले वाहन त्रिभुवन राजपथ होकर काठमाडौँ जाते हैं और कान्ती लोकपथ से वापस आते हैं, पर दोनों मार्गों की स्थिति खराब है।
संकट आने पर ही वैकल्पिक सड़क खोजने की सरकार की प्रवृत्ति इसी वर्ष भी जारी रही, जिससे यात्रियों, उपभोक्ताओं, वाहन चालकों, यातायात प्रशासकों और पुलिस कर्मियों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
भाद्र के भीतर पृथ्वी राजमार्ग खोलने का प्रयास जारी है: प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा गुरुवार जारी जानकारी के अनुसार पृथ्वी राजमार्ग खोलने की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं है, लेकिन भाद्र महीने के भीतर यातायात सेवा प्रारंभ करने के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। कृष्णभिर में २०० मीटर लंबा पहाड़ काटकर नया ट्रैक खोला गया है। इसके लिए १० मशीनें और ३० कर्मचारी लगाए गए हैं। रात में भी काम हो सके, इसके लिए सशस्त्र प्रहरी बल ने फ्लडलाइट लगाई है।
कार्यालय के अनुसार नए ट्रैक के साथ ही पहाड़धंसाव को रोकने के लिए ऊपर और नीचे दोनों तरफ तेजी से काम हो रहा है। इसके अलावा पाँच अन्य स्थानों पर पहाड़ हटाने और द्विदिशीय यातायात संचालन के कार्य भी साथ-साथ चल रहे हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह और पूर्वाधार मंत्री सुनिल लम्साल के बीच सड़क तत्काल मरम्मत को लेकर चर्चा हुई है। सड़क विभाग और नेपाल जियोटेक्निकल सोसाइटी के विशेषज्ञों ने चार दिन तक अध्ययन कर नए ट्रैक खोलने की सिफारिश की है।
बार-बार संकट में आने के बावजूद सीखने का अनुभव
मुग्लिन–नारायणगढ सड़कखंड पर बार-बार पहाड़धंसाव आने के कारण सरकार त्रिभुवन राजपथ समेत हेतीढोड़ा–काठमाडौँ जोड़ने वाले सड़क को वैकल्पिक राजमार्ग के रूप में चिन्हित करती है। पिछले वर्ष दशैं से ठीक पहले तुइन नदी के पास सुखी पहाड़धंसाव हुआ था, जिससे मुग्लिन–नारायणगढ सड़कखंड बंद हो गया था। इस कारण नारायणगढ और मुग्लिन के बीच वाहनों की आवाजाही बाधित हुई और पूर्व-पश्चिम यात्रा प्रभावित हुई।
हेटौँडा और काठमाडौँ के बीच यात्रा के तीन विकल्प हैं: पहला, त्रिभुवन राजपथ जो हेटौँडा–पालुङ–नौबिसे होकर काठमाडौँ जुड़ता है, और इस साल नागढुंगा के पास नया पहाड़धंसाव हुआ है। इस ट्रैक के विकल्प के रूप में सुरंग मार्ग बन रहा है। दूसरा विकल्प हेटौँडा–ठिंगन–सातदोबाटो जोड़ने वाला कान्ती लोकपथ है और तीसरा हेटौँडा–कुलेखानी–फर्पिङ जोड़ने वाली संकरी सड़क है। ये दोनों रास्ते छोटे और दोपहिया वाहनों के लिए उपयुक्त हैं। पूर्वी नेपाल को काठमाडौँ से जोड़ने वाला बीपी राजमार्ग में समस्या होने के बावजूद ये वैकल्पिक मार्ग उपयोग में आते हैं, पर इन्हें सुदृढ़ या मजबूत बनाने पर सरकार का विशेष ध्यान नहीं है, जिससे प्रत्येक वर्ष समान समस्या दोहराती है।