बर्दिया के ठाकुरबाबा में रस्टी–स्पॉटेड कैट संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों के जीविकोपार्जन से जुड़ा ‘एक घर, एक कहरसा’ कार्यक्रम संचालित किया गया है। ११ साउन, काठमांडू। दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली मानी जाने वाली ‘रस्टी–स्पॉटेड कैट’ के संरक्षण के उद्देश्य से स्थानीय लोगों के जीविकोपार्जन के साथ जोड़ते हुए बर्दिया जिले में ‘एक घर, एक कहरसा’ कार्यक्रम संचालित किया गया है। ठाकुरबाबा नगरपालिका–९, खुशालपुर में आयोजित कार्यक्रम में १४ स्थानीय लोग उपस्थित थे। उन्हें जैविक सब्जी खेती, कम्पोस्ट खाद निर्माण, मिट्टी प्रबंधन और सतत कृषि अभ्यास के बारे में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक प्रतिभागी को कृषि उपकरण और मौसमी सब्जियों के बीज भी वितरित किए गए, आयोजकों ने बताया।
यह कार्यक्रम स्मॉल वाइल्ड कैट कंजर्वेशन फाउंडेशन (एसडब्ल्यूसीसीएफ), मोहम्मद बिन जायेद स्पीशीज कंजर्वेशन फंड (एमबीजेडएससीएफ) और रस्टी–स्पॉटेड कैट वर्किंग ग्रुप–बर्दिया के सहयोग से संचालित हुआ। कार्यक्रम के संयोजक रामजन चौधरी थे और प्रशिक्षण पशु चिकित्सक अशिष चौधरी द्वारा दिया गया। आयोजकों के अनुसार घर-घर कहरसा के विकास से वन संसाधनों पर निर्भरता कम होगी, वन क्षेत्र में मानव दबाव घटेगा और इससे जंगली जानवरों के आवास संरक्षण में मदद मिलेगी।
यह वन में आग लगने के जोखिम को कम करेगा, अवैध शिकार घटाएगा तथा रस्टी–स्पॉटेड कैट के आहार प्रजातियों के संरक्षण पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा, ऐसा विश्वास किया जाता है। रस्टी–स्पॉटेड कैट नेपाल, भारत और श्रीलंका में ही पाई जाने वाली दुर्लभ जंगली बिल्ली है। इसका शरीर लंबाई में ३५ से ४८ सेंटीमीटर और वजन ०.९ से १.६ किलो तक होता है। शरीर पर मौजूद खैरा रंग के छोटे धब्बों के कारण इसे नेपाल में ‘खैया थोप्ले बिरालो’ भी कहा जाता है। यह बिल्ली मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहती है, अकेले रहती है और अत्यंत शर्मीली स्वभाव की होती है।
मूस, छोटे स्तनधारी जानवर, पक्षी, छिपकली, मेंढक और कीड़े इसके मुख्य आहार हैं। मूस की संख्या नियंत्रित कर पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, ऐसा संरक्षणकर्मियों का कहना है। कार्यक्रम संयोजक रामजन चौधरी के अनुसार, संवत २०६९ में बर्दिया राष्ट्रीय निकुञ्ज में इस प्रजाति का पहला तस्वीर सहित अभिलेखीकरण किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों से वन आग नियंत्रण, अवैध शिकार की रोकथाम, जंगली जानवरों के सड़क दुर्घटना कम करने और प्राकृतिक आवास संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया। एसडब्ल्यूसीसीएफ, एमबीजेडएससीएफ और रस्टी–स्पॉटेड कैट वर्किंग ग्रुप बर्दिया में विद्यालय स्तर पर संरक्षण जागरूकता, वृक्षारोपण, आवास पुनःस्थापना, होमस्टे प्रोत्साहन, सतत कृषि और आय अर्जन कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं।
समाचार सारांश: उत्तर कोरियाई नेता किम यो जोङ ने कोरियाई प्रायद्वीप को आणविक हथियारमुक्त बनाने की आसियान की मांग का कड़ा विरोध करते हुए इसे वास्तविकता विरोधी बताया है। आसियान क्षेत्रीय फोरम ने उत्तर कोरिया के आणविक हथियार विकास पर गंभीर चिंता जताई थी और वार्ता के जरिए निष्क्रियकरण पर जोर दिया था। किम ने अपनी आणविक नीति को राष्ट्रीय सुरक्षा का अपरिवर्तनीय आधार बताते हुए आसियान को अमेरिका का मुखपत्र बनने से चेतावनी दी है। ११ साउन, सियोल (रासस/एएफपी)।
कोरियाई प्रायद्वीप को आणविक हथियारों से मुक्त करने के आग्रह के बाद उत्तर कोरियाने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान की कड़ी आलोचना की है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोङ-उन की बहन और प्रभावशाली अधिकारी किम यो जोङ ने आसियान की धारणा को ‘मूर्खतापूर्ण’ तथा ‘वास्तविकता से परे’ बताया है। गत सप्ताह संपन्न आसियान क्षेत्रीय फोरम ने उत्तर कोरिया के निरंतर आणविक हथियार विकास पर गंभीर चिंता जताई थी और कोरियाई प्रायद्वीप को हथियारमुक्त बनाने के उद्देश्य से संवाद बढ़ाने पर जोर दिया था।
सरकारी समाचार संस्था केसीएन द्वारा जारी बयान में किम यो जोंग ने कहा कि उत्तर कोरिया के संविधान ने देश को एक आणविक शक्ति राष्ट्र के रूप में स्पष्ट मान्यता दी है, फिर भी ‘आणविक निष्क्रियता’ की मांग करना रणनीतिक दृष्टिकोण की कमी है। उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप की आणविक निष्क्रियता की अवधारणा अब व्यवहारिक और राजनीतिक रूप से अर्थहीन हो चुकी है। उन्होंने आसियान से भी आग्रह किया कि वह अमेरिकी ‘मुखपत्र’ जैसी भूमिका निभाने से बचें। साथ ही उत्तर कोरिया की आणविक नीति किसी भी परिस्थिति में नहीं बदलेगी और यह राष्ट्रीय सुरक्षा का अपरिवर्तनीय आधार है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों के बावजूद, उत्तर कोरिया लंबे समय से अपने आणविक हथियार तथा बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को जारी रखे हुए है। वर्ष २०२३ में प्योंगयांग ने संविधान संशोधन कर खुद को औपचारिक रूप से एक आणविक शक्ति राष्ट्र के रूप में शामिल किया था। २०१९ में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और किम जोङ-उन के बीच हुई शिखर वार्ता असफल रही, क्योंकि निष्क्रियता और प्रतिबंध हटाने पर सहमति नहीं बन सकी। तब से उत्तर कोरिया अपनी ‘अपरिवर्तनीय आणविक शक्ति’ की स्थिति पर कायम है।
नेपाली फैशन डिजाइनर क्रेशा कोइराला ने न्यूयॉर्क में बहुआयामी व्यावसायिक यात्रा के माध्यम से विश्व फैशन उद्योग में एक अलग पहचान बनाई है। १९ वर्ष की आयु में उच्च शिक्षा के लिए नेपाल छोड़कर न्यूयॉर्क पहुँचने वाली क्रेशा ने उस समय कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन उनकी रचनाएँ न्यूयॉर्क फैशन वीक के रनवे पर जगमगाएँगीं। आज वे नेपाली पहचान को विश्व फैशन उद्योग से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण डिजाइनर के रूप में स्थापित हो चुकी हैं।
वर्तमान में न्यूयॉर्क सिटी में क्रेशा कोइराला लक्जरी फैशन, कमर्शियल फैशन, उत्पादन, लाइसेंसिंग, रनवे प्रस्तुति, फैशन वीक और कस्टयूम डिजाइन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए बहुआयामी डिजाइनर के रूप में अपना स्थान बना रही हैं। उनका दृढ़ विश्वास है कि एक उत्कृष्ट डिजाइनर बनने के लिए केवल अच्छा डिजाइन बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योग के सभी पहलुओं को समझना आवश्यक है।
मारिस्ट विश्वविद्यालय से क्रेशा ने २०२५ में फैशन डिजाइन में बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स की डिग्री हासिल की। साथ ही, उन्होंने फैशन मर्चेंडाइजिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट में भी माइनर पूरी की। विश्वविद्यालय में फैशन एनआईसी विद्यार्थी संगठन की अध्यक्ष रहकर उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन किया और सहयोग के माध्यम से रचनात्मकता को और अधिक प्रभावी बनाना सीखा।
साल २०२२ के गर्मियों में क्रेशा ने न्यूयॉर्क स्थित लक्ज़री ब्रांड एडम लिप्पेस के रिसॉर्ट मार्केट वीक में स्वयंसेवक के रूप में काम किया। वहाँ उन्होंने न केवल सुंदर डिजाइन बनाना बल्कि उत्पादन, मर्चेंडाइजिंग, बिक्री और मार्केटिंग में संयुक्त प्रयास की आवश्यकता को समझा। अगस्त २०२५ में क्रेशा ने जीवनशैली ब्रांड जे.क्रू में स्वतंत्र सहायक डिजाइनर के रूप में कार्य करना शुरू किया, जहाँ वे पुरुषों के परिधान, शर्ट और सजावट विभाग में काम करते हुए CAD विकास, तकनीकी चित्र और उत्पादन विकास में सक्रिय योगदान दे रही हैं।
क्रेशा के लिए व्यक्तिगत ब्रांड केस्टबाइक्रेशा कोई सामान्य फैशन लेबल नहीं है, यह उनके सम्पूर्ण जीवन यात्रा, मूल्य और भविष्य की सोच का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने अपने करियर को कभी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा; लक्ज़री फैशन से लेकर लाइसेंसिंग, उत्पादन, कस्टयूम डिजाइन, रनवे प्रस्तुति और व्यावसायिक फैशन के सभी अनुभवों ने आज के केस्टबाइक्रेशा को आकार दिया है।
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जारी काभा पुरुष वॉलीबॉल चैंपियनशिप में नेपाल को उज्बेकिस्तान के खिलाफ सीधा ३-० सेटों से हार का सामना करना पड़ा। लीग चरण के पांचों मैचों में हार के बाद नेपाल ने ३ अंक हासिल किए और अंक तालिका में अंतिम स्थान पर रहकर इस प्रतियोगिता से बाहर हो गया है। चैंपियनशिप में १२ अंकों के साथ पाकिस्तान शीर्ष स्थान पर है, जबकि नेपाल अब पांचवें स्थान की प्लेऑफ में भाग लेगा। १२ साउन, काठमांडू।
काभा पुरुष वॉलीबॉल चैंपियनशिप के अंतर्गत नेपाल ने लीग चरण के सभी मैचों में हार का सामना किया है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जारी इस चैंपियनशिप में नेपाल को अपने पांचवें मैच में उज्बेकिस्तान के खिलाफ सीधे ३-० से सेट गंवाने पड़े। नेपाल ने पहला सेट २६-२४, दूसरा सेट २५-२० तथा तीसरा सेट २५-२२ के अंतर से हारा। पांच मैचों में लगातार हार के बावजूद नेपाल ने तीन मैचों में पांचवें सेट तक मुकाबला किया, लेकिन अंततः ३ अंकों के साथ अंतिम स्थान पर रहा।
छ-टीमों की यह चैंपियनशिप में लीग चरण के शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। बचे हुए दो लीग मैचों के परिणाम से सेमीफाइनल के अंतिम चार का निर्धारण होगा। नेपाल पांचवें स्थान की प्लेऑफ में हिस्सा लेगा, जिसमें उसका सामना किस टीम से होगा यह भी शेष मैचों के बाद तय होगा। घरेलू टीम पाकिस्तान ने चार मैचों में सभी जीत हासिल कर १२ अंकों के साथ शीर्ष स्थान बनाए रखा है। उज्बेकिस्तान ९ अंक, बंगलादेश ६ अंक, श्रीलंका ५ अंक, और कजाखस्तान ४ अंकों के साथ क्रमशः स्थान बनाए हुए हैं।
अहिलेसम्म चार खेलमा लगातार पराजित हुँदै आएको नेपालले आफ्नो पहिलो जितको खोजी गरिरहेको छ। उज्बेकिस्तानले चार खेल मध्ये दुई जित र दुई हार देखाएको छ। पाकिस्तानको इस्लामावादमा आयोजना भएको काभा पुरुष भलिबल च्याम्पियनसिप अन्तर्गत नेपालले सोमबार उज्बेकिस्तानसँग अन्तिम लिग खेल खेल्नेछ। नेपाल हाल तीन अंक सहित तालिकाको अन्तिम स्थानमा छ। सेमिफाइनलमा पुग्नका लागि नेपालले उज्बेकिस्तानलाई सोझो सेटमा हराउनु पर्नेछ भने अन्य खेलका नतिजाहरू पनि अनुकूल हुनुपर्नेछ।
११ साउन, काठमाडौं। पाकिस्तानको इस्लामावादमा चलिरहेको काभा पुरुष भलिबल च्याम्पियनसिप अन्तर्गत नेपालले सोमबार आफ्नो अन्तिम लिग खेल उज्बेकिस्तानसँग खेल्ने छ। इस्लामावादस्थित लियाकत जिम्न्यासियममा यो खेल नेपाली समय अनुसार बिहान ११:१५ बजे सुरु हुनेछ। नेपालले तीन खेल पाँचौं सेटसम्म मेहनत गर्दै पराजय भोगेको छ भने पाकिस्तानसँग भने सोझो सेटमा पराजित भएको थियो। नेपालसँग हाल तीन अंक छन् र छ टिम सहभागी यस प्रतियोगिताको तालिकामा अन्तिम स्थानमा रहेको छ। शीर्ष चारमा रहेर सेमिफाइनलमा पुग्ने नेपालको सम्भावना कम छ। सेमिफाइनलको अवसर पाउन नेपालले उज्बेकिस्तानलाई सोझो सेटमा पराजित गर्नुपर्नेछ साथै अन्य खेलहरूको परिणाम पनि आफ्नो पक्षमा आउनुपर्नेछ।
तस्बिर का शीर्षक, जापान की राष्ट्रीय टीम के लिए 2000 तक खेल चुके मिउरा ने 55 अंतरराष्ट्रीय गोल किए हैं
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विश्व के सबसे उम्रदराज पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी काजुयोशी मिउरा ने 59 वर्ष की उम्र में जापान की तीसरी डिविजन में गोल किया है।
वे जापान के पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। ‘फुकुशिमा यूनाइटेड’ से खेल रहे मिउरा ने चार साल बाद शनिवार को फिर से गोल किया।
फुकुशिमा यूनाइटेड ने ‘एम्पेरर्स कप’ में हुए मुकाबले में ‘इवाकी फुरुकावा’ को 7-0 से बड़ी जीत दिलाई। इसी मैच के 52वें मिनट में मिउरा ने गोल कर अपनी टीम को 5-0 की स्थिति में पहुंचाया।
नवंबर 2022 में सुजुका पीजी (मौजूदा एट्लेटिको सुजुका) से एफसी ओसाका के खिलाफ गोल करने के बाद यह उनका प्रतिस्पर्धात्मक खेलों में पहला गोल है।
जापान में ‘किङ काजु’ नाम से मशहूर मिउरा देश के सबसे पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक हैं। 1993 में जे-लीग के शुरुआती दिनों में वे लीग के प्रमुख खिलाड़ी थे।
उन्होंने 1986 में ब्राजील के सांतोस क्लब से अपने फुटबॉल कैरियर की शुरुआत की।
इसके बाद उन्होंने इटली, क्रोएशिया और ऑस्ट्रेलिया के क्लबों में भी प्रोफेशनल फुटबॉल खेला।
‘किङ काजु’ का खेल जीवन
तस्बिर स्रोत, AFP via Getty Images
तस्बिर का शीर्षक, मिउरा ने 2000 तक जापान के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खेला था
वे अपनी टीम में अग्रिम पंक्ति में खेलते हैं।
जेटू लीग के योकोहामा एफसी के साथ फुकुशिमा के अनुबंध की अवधि को जून 2027 तक बढ़ाए जाने के बाद वे अपने खेल जीवन के 42वें सीजन में खेलेंगे।
मिउरा ने 2005 में योकोहामा के साथ अनुबंध किया था, लेकिन 2020 के बाद से उन्होंने अपनी टीम के लिए एक मिनट भी खेला नहीं है।
पारा तेक्वांडो खिलाड़ी रेनु तामाङ ने जापान के आइची नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पाँचवें एशियाई पारा खेलकूद में भाग लेने का अवसर प्राप्त किया है। नेपाल तेक्वांडो संघ के महासचिव हेमन्त डाँगी ने बताया कि रेनु को वाइल्ड कार्ड के माध्यम से इस प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला है। इससे पहले पलेशा गोवर्धन अपनी वरीयता के आधार पर चुनी जा चुकी हैं, जिन्होंने नेपाल से पारा तेक्वांडो में भागीदारी सुनिश्चित की है।
रेनु वर्तमान में विश्व रैंकिंग में 26वें और एशियाई रैंकिंग में 13वें स्थान पर हैं। वे पारा तेक्वांडो कोच भी रह चुकी हैं। रेनु ने 2082 मंसिर 21 से 28 तक दुबई में आयोजित एशियन यूथ गेम्स में के-44 कैटेगरी के तहत महिला 47 किलोग्राम से नीचे कांस्य पदक जीता था। उन्होंने मलेशिया में हुए दसवें एशियाई पारा तेक्वांडो चैंपियनशिप-2025 और मंगोलिया में हुए ग्यारहवें एशियाई पारा तेक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में भी भाग लिया है।
कार्तिक 1 से 7 तक जापान में आयोजित होने वाले एशियाई पारा खेलकूद के पारा तेक्वांडो में पहले से दो खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित हो चुकी है। पलेशा गोवर्धन भी अपनी वरीयता के आधार पर चुनी जा चुकी हैं। पेरिस पैराजंपिक की ऐतिहासिक कांस्य पदक विजेता पलेशा ने चीन के हांगझोऊ में हुए चौथे एशियाई पारा खेलकूद में भी कांस्य पदक जीता था। नेपाली खिलाड़ी पहली संस्करण से ही एशियाई पारा खेलकूद में नियमित रूप से भाग ले रहे हैं।
फ्रांस के बोर्डो के पास फैली भयंकर जंगल की आग को नियंत्रण में लाने के लिए अग्निशमनकर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं। आग की वजह से आसपास के इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। फ्रांस के गृह मंत्री लोराँ नुन्यज ने कहा है कि इस क्षेत्र की स्थिति अभी भी “बेहद प्रतिकूल” है तथा आग “अनियमित रूप से” बोर्डो की ओर फैल रही है। हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल बोर्डो शहर को खाली कराने की जरूरत नहीं बताई है। शनिवार रात से रविवार सुबह तक बोर्डो के दक्षिणी गांवों से लगभग 55,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। यह क्षेत्र अंगूर की खेती के लिए प्रसिद्ध है।
पिछले एक सप्ताह से यूरोप के विभिन्न हिस्सों में, विशेष रूप से फ्रांस और स्पेन में जंगल की आग लगी हुई है। इन दोनों देशों में अब तक 3 लाख 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है। फ्रांस जंगल की आग से सबसे अधिक प्रभावित है। वहां के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में 42,000 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल चुका है, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी वन अग्नि माना जा रहा है। इस साल की शुरुआत से अब तक पूरे देश में 98,000 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है। दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस से ही 2 लाख 20 हजार से अधिक लोगों को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया है।
स्पेन में भी जंगल की आग अभी भी फैल रही है। मैड्रिड और अविला के आसपास के इलाकों से 90,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाया गया है। अधिकारियों के अनुसार आग से लगभग 77,000 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। मैड्रिड में मौजूद पर्यटकों ने हवाई अड्डे के पास आग और धुएं को देखा है। न्यूजीलैंड से आए एक जोड़े ने शहर के अपने होटल में भी धुएं की गंध महसूस की। शनिवार को वेलेंसिया क्षेत्र की एक छोटी आग में एक आम नागरिक की मौत हुई। इसी सप्ताह की शुरुआत में फ्रांस के बोर्डो के पास भीषण आग बुझाने के दौरान दो अग्निशमनकर्मियों ने अपनी जान गंवाई थी। फ्रांस के जिरोन्ड क्षेत्र में 2,500 से अधिक अग्निशमनकर्मी तैनात हैं, जिनमें एक स्विस टीम भी शामिल है। इसके अलावा बड़ी संख्या में सेना और पुलिसकर्मी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, बचाव कार्यों में सहायता करने तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में लगे हुए हैं।
आईसीसी विश्व कप लिग २ के अंतर्गत आज नेपाल नामीबिया के खिलाफ मुकाबला करेगा। नेपाली समयानुसार यह मैच दोपहर पौने ३ बजे यूट्रेक्ट में शुरू होगा। चोटिल नन्दन यादव की जगह हेमन्त धामी टीम में शामिल हो सकते हैं। ११ साउन, काठमांडू।
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लिग २ की श्रृंखला जो नीदरलैंड्स में चल रही है, उसके तीसरे मैच में आज नेपाल नामीबिया के सामने उतरेगा। नेपाली समयानुसार दोपहर पौने ३ बजे यह मुकाबला यूट्रेक्ट में खेला जाएगा। नामीबिया भी अपना तीसरा मैच खेलने वाला है। इससे पहले नेपाल ने पहले मैच में नामीबिया से हार का सामना किया था जबकि दूसरे मैच में नीदरलैंड्स के सामने पराजित हुआ था।
लिग २ की अंकतालिका में नेपाल और नामीबिया दोनों के ३० मैचों में समान २४ अंक हैं। नेट रन रेट के आधार पर नेपाल पाँचवें स्थान पर है जबकि नामीबिया सातवें स्थान पर है। शीर्ष ४ में स्थान बनाने का लक्ष्य रखने वाला नेपाल के लिए बचे हुए सभी मैच अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। शीर्ष ४ में पहुंचने पर नेपाल सीधे ओडीआई विश्व कप क्वालीफायर में प्रवेश करेगा, जबकि शीर्ष ६ में रहने पर उसे ओडीआई स्टेटस सुरक्षित रहेगा।
नीदरलैंड्स, जिसने नेपाल और नामीबिया दोनों को हराया है, ३० मैचों में ३६ अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। पहले मैच में हैमस्ट्रिंग चोटिल तेज गेंदबाज नन्दन यादव आगे के मैचों के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। उनकी जगह हेमन्त धामी टीम में आ सकते हैं। नेपाल की टीम में शामिल खिलाड़ी हैं: रोहित पौडेल, कुशल भुर्तेल, दीपेन्द्रसिंह ऐरी, आसिफ शेख, विनोद भण्डारी, इशान पांडे, भीम सार्की, आरिफ शेख, गुलशन झा, सोमपाल कामी, करण केसी, ललित राजवंशी, संदीप लामिछाने, अर्जुन कुमाल।
सरकार ने मन्त्रिपरिषद् की बैठक के माध्यम से भैरहवा और पोखरा से नियमित उड़ान संचालन करने वाली अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा कंपनियों को 2085 साल भदौ अंत तक हवाईअड्डे पर ‘पार्किंग’, ‘लैंडिंग’ और ‘नेविगेशन’ शुल्क में पूर्ण छूट देने का निर्णय लिया है।
गत बुधवार को लिए गए इस निर्णय में ‘ग्राउंड हैंडलिंग’ शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने पर भी सहमति बनी है।
नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के प्रवक्ता के अनुसार, इस प्रकार की सुविधा लंबी दूरी की उड़ान संचालित करने वाली विमान सेवाओं के लिए कम से कम 20 प्रतिशत खर्च बचाने में मदद करेगी।
“ईंधन के बाद उड़ान में ये क्षेत्र सबसे बड़ा बचत क्षेत्र होते हैं। इससे विमान कंपनियों के कुल संचालन खर्च में कम से कम 20 प्रतिशत की कटौती होगी,” प्राधिकरण के प्रवक्ता विक्रमराज गौतम ने कहा।
पहले दी गई इस तरह की सुविधा का विस्तार किया गया है।
पोखरा में असोज से फ्लाई दुबई ने नियमित उड़ान शुरू करने की घोषणा की है। वहीं, भैरहवा में अन्य विमान सेवाएँ लगातार चलती हुई बंद हो रही हैं और वर्तमान में ठप अवस्था में हैं।
युवाओं का मानना है कि इन दोनों अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में उड़ानों की मुख्य समस्या ‘यात्रियों की कमी’ है।
“किसी भी विमान कंपनी के किसी गंतव्य के लिए उड़ान चलाने या न चलाने का निर्णय मुख्य रूप से वहां पर्याप्त यात्री या कार्गो भार उपलब्ध होने पर निर्भर करता है,” प्रवक्ता गौतम कहते हैं। “यह पूरी तरह व्यावसायिक मामला है और किसी को बाधित नहीं करना चाहिए।”
यात्रियों की कमी से उड़ानें भी कम
महंगे विदेशी ऋण से संचालित ये क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे काठमांडू के बाहर वाले गंतव्यों से विश्वसनीय रूप से नहीं जुड़ पा रहे हैं।
बाहरी विमान सेवाओं को मिलाकर भी आंतरिक विमान सेवाओं में राजधानी के बाहर उड़ानों के व्यावसायिक दृष्टिकोण से भरोसा कम दिखता है।
राष्ट्रीय ध्वज वाहक नेपाल एअरलाइंस ने कुछ समय पहले भैरहवा से मलेशिया के लिए नियमित उड़ान संचालित की थी।
“उस समय वहां यात्रियों की संख्या उत्साहजनक नहीं थी,” नेपाल एअरलाइंस की प्रवक्ता अर्चना खड़का ने कहा। “लेकिन मुख्य चुनौती विमान के सीमित संख्या की है।”
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मरम्मत के दौरान वहां से आने वाली कुछ उड़ानें भैरहवा की ओर मोड़ी गईं, लेकिन वे उड़ानें निरंतर नहीं रहीं।
तस्बिर स्रोत, Pradeep Bashyal/BBC
भविष्य में काठमांडू के बाहर उड़ान संचालित करने की योजना हो सकती है, लेकिन फिलहाल वो ज्यादा आकर्षक नहीं लगता।
“हमारे लिए वर्तमान में भी मौजूदा मार्गों पर विमान पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, इसलिए पोखरा और भैरहवा से उड़ान चलाना अभी कठिन है।”
पोखरा से हिमालय एअरलाइंस ने कुछ माह पहले सप्ताह में एक दिन पोखरा-ल्हासा उड़ान चलाई लेकिन वह लंबे समय तक टिक नहीं सकी। बड़े अंतरराष्ट्रीय चार्टर्ड उड़ानें भी पोखरा में छिटपुट रूप से चली हैं।
चीन के चेंग्दू से सिचुआन एयरलाइंस की कई चार्टर्ड उड़ानें आई हैं। भूटान से भी ऐसी उड़ानें हो चुकी हैं।
फ्लाई दुबई ने भैरहवा से भी उड़ान भरी थी लेकिन फिलहाल संचालन में नहीं है।
भैरहवा हवाईअड्डे से यूएई की फ्लाई दुबई के अलावा कुवैत की जजीरा एयरवेज, थाईलैंड की थाई एयर एशिया और कतर एयरवेज ने भी उड़ानें चलाई थीं।
उड़ान अनुमति और मार्ग का विषय
तस्बिर स्रोत, RSS
इन हवाई अड्डों के भारत से जुड़ने की आशा थी, लेकिन भैरहवा और पोखरा नियमित उड़ानें भारतीय शहरों के साथ जोड़ने में सफल नहीं हो सके हैं, हालांकि कुछ चार्टर्ड उड़ानें हुई हैं।
उड़ान अनुमति और हवाई मार्गों को लेकर सबसे अधिक जटिलता देखी गई है।
प्रारंभ में लागू हवाई मार्ग के अनुसार दिल्ली से भैरहवा आने वाले जहाजों को घुमावदार और सिमरा के रास्ते नेपाल आना पड़ता था, जिससे लागत अधिक होती है। छोटे मार्ग के लिए समझौता नहीं हुआ है।
जल्द ही होने वाली दो देशों के हवाई नियामकों की द्विपक्षीय वार्ता में मार्ग के मुद्दे पर चर्चा होगी, पर्यटन, संस्कृति और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नागरिक उड्डयन महाशाखा की वरिष्ठ डिविजनल इंजीनियर तनुजा पोखरेल ने बताया।
वे कहती हैं, “इस बीच कई पक्षों ने रुचि दिखाते हुए व्यावसायिक मूल्यांकन किया है, इसलिए स्थिति कुछ अलग है।”
“तकनीकी रूप से कोई समस्या नहीं है, आर्थिक रूप से अब पूरी तरह कंपनियां इसका मूल्यांकन करेंगी,” वह जोड़ती हैं।
नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के प्रवक्ता विक्रमराज गौतम के अनुसार क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के भारत से जुड़ने का मामला कूटनीतिक विषय है और इसे अन्य तरीके से हल नहीं किया जा सकता।
भारत मार्ग पर निराशा
तस्बिर स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock
नेपाल की निजी क्षेत्र की वायु सेवा कंपनी बुद्ध एयर पोखरा से भारत के विभिन्न शहरों तक नियमित उड़ान चलाना चाहती है, लेकिन अभी तक ये कार्यान्वयन में नहीं आया है।
काठमांडू से बनारस और कोलकाता तक नियमित उड़ान चलाने वाली यह कंपनी पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन से ही भारत उड़ान अनुमति मांग रही है।
“हमने इस विषय पर प्रयास करना छोड़ दिया है। अनुमति मिलने पर पोखरा और आसपास के मुक्तिनाथ, मनकामना जैसे गंतव्य भारतीय पर्यटकों के लिए आकर्षक हैं,” बुद्ध एयर के एक अधिकारी ने कहा।
नेपाल की यति समूह और तिब्बत एयरलाइंस की साझेदारी वाली हिमालय एयरलाइंस अभी तक भारत में उड़ान अनुमति प्राप्त नहीं कर पाई है।
“हमारे हवाई सेवा समझौते (एएसए) के तहत पोखरा से नेपाल एअरलाइंस को भारत की उड़ान में कोई समस्या नहीं है, लेकिन जहाजों की संख्या चुनौती है,” एनएसी की प्रवक्ता अर्चना खड़का बताती हैं।
नेपाल एअरलाइंस काठमांडू से भारत के विभिन्न शहरों में नियमित उड़ानें चला रही है।
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समाचार सारांश: होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर समुद्री माइन से टकराने के बाद आग पकड़ गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जरान स्थित तेल रिफाइनरी पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। बहरीन में स्थित अमेरिकी पांचवें नौसैनिक बेड़े के मुख्यालय पर इरान द्वारा ड्रोन और मिसाइल से हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है। ११ सावन, काठमांडू। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री माइन से टकराने के कारण एक तेल टैंकर में आग लग गई है। ईरानी समाचार एजेंसियों के अनुसार, तेहरान द्वारा निर्धारित समुद्री मार्ग को छोड़कर अन्य रास्ते से गुजर रहे तेल टैंकर को नेवल माइन से टक्कर लगी।
इरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि जहाज उनके निर्धारित मार्ग के बाहर चलेगा तो उसके लिए जिम्मेदारी जहाज चालक की होगी। हालांकि, इस घटना पर अब तक ईरानी अधिकारियों द्वारा कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। घटना से हुए नुकसान या मानवीय हानि की पुष्टि नहीं हुई है।
फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के दौरान यह पहला मौका है जब कोई जहाज समुद्री माइन से टकराया है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने युद्धकाल में नेवल माइन बिछाई थी। युद्धविराम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन माइन को हटाने का आदेश दिया था।
इसी बीच, पिछले २४ घंटों में क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी पांच अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं भी सामने आई हैं।
एआई ने तकनीकी उद्योग को तेजी से बदलते हुए अपने जैसे ‘प्रोग्रामर’ों को अप्रासंगिक बनाना शुरू कर दिया है, ऐसे में एलिस हुआंग ने एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने कीबोर्ड छोड़कर ‘पावर टूल’ यानी घरेलू मरम्मत के उपकरण संभाले और मई महीने में केवल महिला कामगारों को नियुक्त कर “छिआङछिआङ विमिन वर्कर्स” नामक घरेलू मरम्मत सेवा की शुरुआत की। दक्षिणी चीन के एक कार्यालय में १५ साल तक काम कर प्रबंधन स्तर तक पहुंच चुकी हुआंग अब धूल-मitti से भरे काम के कपड़े पहने औजार लेकर एक अपार्टमेंट से दूसरे अपार्टमेंट तक जाती हैं। “मैंने अपनी सेवा निवृत्ति तक तकनीकी क्षेत्र में काम करने की योजना बनाई थी। लेकिन जब कर्मचारियों की कटौती हुई तो मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मुझे ठंडा पानी डाल दिया,” उन्होंने कहा।
हुआंग ने नया काम शुरू करते समय अपने परिजनों को आश्चर्यचकित पाया। वे चाह रहे थे कि उन्हें शारीरिक श्रम न करना पड़े और हमेशा बेहतर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते रहे। लेकिन उनकी उच्च शिक्षा के बाद भी, ४० के दशक में पहुंची हुई हुआंग ने देखा कि वे और कई सहकर्मी एआई के तीव्र विकास के कारण अपनी नौकरियां खो रहे हैं। ‘सिटीबैंक’ द्वारा अप्रैल में किए गए एक अनुमान के अनुसार चीन की लगभग ९.६ प्रतिशत नौकरियां ऐसी हैं जिन्हें एआई प्रतिस्थापित कर सकता है, जिसका मतलब है लगभग ७० करोड़ लोगों के कार्य खतरे में हैं। विश्व स्तर पर तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कम है। ‘विमिन टेक नेटवर्क’ के अनुसार “वरिष्ठ पदों में कम प्रतिनिधित्व” और “गैर-तकनीकी भूमिकाओं का अधिक होना” कारण महिलाओं के नौकरी खोने की संभावना १.६ गुना अधिक होती है।
हुआंग के अनुसार पहले बहुत सारे काम जो मनुष्य करते थे, एआई अब उन्हें कुछ सेकंड में कर देता है, जिससे कई विभाग रातोंरात खाली हो गए। “तकनीकी विकास की गति अत्यंत तेज है और संस्थागत पुनर्गठन भी बढ़ रहा है। कई बार नौकरी छोड़ना ही पड़ता है।” एआई से सुरक्षित नौकरियां खोजते हुए हुआंग ने अंततः अपने परिवार की पीढ़ियों से चली आ रही निर्माण और मरम्मत संबंधी व्यावसायिक कौशल को अपनाने का फैसला किया। “मुझे वहाँ सफल होने का भरोसा है क्योंकि मैं बचपन से ये काम देखती-बढ़ती आई हूं और हर प्रक्रिया का अनुभव भी रखती हूं।”
संखुवासभा में निर्माणाधीन ९०० मेगावाट क्षमता वाले अरुण तेस्रो जलविद्युत् आयोजनाके बाँध निर्माण कार्य ८० प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। प्रसारण लाइन विस्तार में स्थानीय विवाद, ऐलानी जमीन की प्राप्ति और कानूनी जटिलताओं के कारण कार्य प्रभावित हुआ है, ऐसा ऊर्जा मंत्रालय ने बताया। नेपाल को इस आयोजन से २१.९ प्रतिशत अर्थात् १९७.१ मेगावाट विद्युत् नि:शुल्क प्राप्त होगी और २५ साल बाद यह आयोजन नेपाल सरकार को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
१० साउन, काठमांडू। संखुवासभा में निर्माणाधीन ९०० मेगावाट क्षमता वाले अरुण तेस्रो जलविद्युत् आयोजनाके बाँध निर्माण कार्य ८० प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। आयोजनाकी कुल भौतिक प्रगति संतोषजनक रहते हुए भी उत्पादन विद्युत् को राष्ट्रीय प्रसारण नेटवर्क से जोड़ने वाली लाइन निर्माण में कानूनी और स्थानीय समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं। ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय के सहायक प्रवक्ता शालीग्राम भण्डारी के अनुसार, जलविद्युत् आयोजनाका निर्माण तीव्र गति से हो रहा है लेकिन प्रसारण लाइन विस्तार में स्थानीय अवरोध, ऐलानी जमीन की प्राप्ति और जमीन सीमा से संबंधित कानूनी जटिलताओं के कारण कार्य प्रभावित हुआ है।
‘प्रसारण लाइन के अंतर्गत आईई तथा राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से जुड़े विवाद अभी समाधान के अधीन हैं,’ उन्होंने कहा, ‘ढल्केबर–सीतामढ़ी प्रसारण लाइन के भारत की तरफ लगभग १.८ किलोमीटर हिस्से का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन नेपाल की तरफ राइट ऑफ वे की समस्याओं के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है।’ उनके अनुसार २२० केवी प्रसारण लाइन के लिए दोनों तरफ ३०-३० मीटर क्षेत्र की आवश्यकता होती है और उक्त क्षेत्र में ही मुआवजा १० से २० प्रतिशत तक ही दिया जाता है, जिसके कारण स्थानीय लोगों से सहमति बनाना कठिन साबित हो रहा है।
इन समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रालय, नेपाल विद्युत् प्राधिकरण और संबंधित निकायों द्वारा समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने अरुण तेस्रो आयोजन से उत्पन्न विद्युत् को भारत को निर्यात करने हेतु ढल्केबर–सीतामढ़ी ४०० केवी अंतरराष्ट्रीय प्रसारण लाइन निर्माण को प्राथमिकता दी है। गत असार ३१ को पोखरा में सम्पन्न नेपाल–भारत ऊर्जा सचिवस्तरीय संयुक्त निर्देशन समिति की १३वीं बैठक में इस प्रसारण लाइन के माध्यम से आयात क्षमता को १ हजार मेगावाट से बढ़ाकर १ हजार ४०० मेगावाट और निर्यात क्षमता को १ हजार १०० मेगावाट से बढ़ाकर १ हजार ६५० मेगावाट करने पर सहमति हुई थी।
सिभिल सहकारीका ऋणी लालकाजी गुरुङले समस्याग्रस्त सहकारी व्यवस्थापन समितिद्वारा नियुक्त प्रतिनिधिहरूलाई सिभिल मलमा प्रवेश गर्न रोक लगाएका छन्। समितिद्वारा नियुक्त प्रतिनिधि विष्णुप्रसाद घिमिरेले सिभिल मलको कार्यालयमा ताला लागेपछि काम गर्न नसकेको बताएका छन्। सर्वोच्च अदालतले सिभिल मलको सम्पत्ति तथा दायित्व यथास्थितिमा राख्न अन्तरिम आदेश दिएपछि बचतकर्ता र व्यवस्थापन समिति थप अनिश्चिततामा छन्। ११ साउन, काठमाडौं।
सिभिल सहकारीका ऋणीहरूले समस्याग्रस्त सहकारी व्यवस्थापन समितिबाट नियुक्त प्रतिनिधिलाई लगानी असुली प्रक्रियामा अवरोध गरेका छन्। सिभिल मल सञ्चालक तथा सिभिल सहकारीका ऋणी लालकाजी गुरुङले समितिद्वारा नियुक्त प्रतिनिधिहरूलाई मल प्रवेशमा रोक लगाएका छन्। सिभिल बचत तथा ऋण सहकारी संस्था समस्याग्रस्त भएपछि सम्पत्ति र दायित्व व्यवस्थापनको जिम्मेवारी समितिलाई दिइएको थियो। ऋणीहरूले कर्जा नतिरेपछि ऋणीका आफन्तबाट समेत असुली गर्ने गरी सरकारले सहकारी ऐनमा संशोधन गरेर समितिलाई अधिकार दिएको थियो।
तर, सिभिल सहकारीका ऋणी लालकाजी गुरुङले सिभिल मलको कार्यालयमा ताला लगाएर समितिद्वारा नियुक्त प्रतिनिधिहरूको प्रवेशमा रोक लगाएका छन्। समितिले सहकारीको ५० प्रतिशत सेयर स्वामित्व राख्ने सिभिल मलमा दुई जना सञ्चालक नियुक्त गरेको थियो। समितिका नियुक्तिपत्रसहित कार्यालय पुगेका प्रतिनिधि विष्णुप्रसाद घिमिरेले कार्यालय बन्द भएको र ताला लागेकोले काम गर्न नसकेको बताएका छन्। ‘समितिले मलाई र एषणाध्वज खड्कालाई सिभिल मलको सञ्चालकमा नियुक्त गर्यो,’ घिमिरेले भने, ‘जाने बित्तिकै अन्य सेयरधनीले कार्यालय बन्द गरेका थिए।’
समाचार सारांश तकनीकी समीक्षा के बाद तैयार। माइतीघर क्षेत्र में बरसात के मौसम में होने वाले जलजमाव का मुख्य कारण इंजीनियरिंग भूल, सीवर अतिक्रमण और प्राकृतिक जलशोषक क्षेत्र के विनाश को तकनीकी अध्ययन में दर्शाया गया है। सीवर की पाइप लाईन के संकुचित होने से पानी का प्रवाह बाधित हो जाता है जिसके कारण सड़कों पर जाम (बॉटलनेक) जैसी समस्या होती है और टुकुचा खोला का पानी उल्टा बहने के कारण जलजमाव उत्पन्न होता है। इस समस्या के समाधान के लिए भूमिगत बड़े जल संचयन टैंक का निर्माण, सीवर की क्षमता का पुनः डिजाइन सहित दीर्घकालीन उपायों की रिपोर्ट में सिफारिश की गई है।
१० साउन, काठमाडौं। माइतीघर मंडला क्षेत्र में वर्षा ऋतु के दौरान जलजमाव के मूल कारणों में आस-पड़ोस के अवसंरचना निर्माण में हुई तकनीकी त्रुटि, जलप्रवाह क्षेत्रों में अतिक्रमण और प्राकृतिक जलशोषक क्षेत्रों का विनाश शामिल है, यह तथ्य अध्ययन से स्पष्ट हुआ है। वर्षा शुरू होते ही उक्त क्षेत्र में जलजमाव होने पर साउन ५ को काठमाडौँ महानगरपालिकाकी कार्यवाहक प्रमुख सुनिता डंगोल के नेतृत्व में विकास साझेदारों, सेवा प्रबंधन और सुविधा वितरण में संलग्न निकायों के प्रमुख और प्रतिनिधियों ने स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद सुनिता डंगोल ने संबंधित कार्यालय के कर्मचारियों को तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
कार्यवाहक प्रमुख के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण की प्रतिक्रिया शाखा प्रमुख उपसचिव रामबहादुर के.सी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई, जिसने स्थल पर जाकर रिपोर्ट तैयार की। टीम में महानगरपालिका के वरिष्ठ इंजीनियर जीवन रेग्मी, सड़क विभाग के इंजीनियर पुरुषोत्तम भण्डारी, काठमाण्डू उपत्यका खानेपानी लिमिटेड के प्रबंधक उज्वल श्रेष्ठ आदि शामिल थे।
रिपोर्ट के अनुसार, माइतीघर मंडला क्षेत्र की सीवर निकासी प्रणाली में गंभीर इंजीनियरिंग त्रुटि पाई गई है। क्षेत्र में प्रवेश करने वाले सीवर की ऊपरी पाइप का व्यास ९० सेंटीमीटर है जबकि निचले हिस्से में यह ६० सेंटीमीटर हो जाता है। ऊपरी हिस्से से आने वाले पानी का दबाव निचले संकीर्ण पाइप द्वारा सहन नहीं किया जा पाता, जिससे ‘बॉटलनेकिंग’ समस्या होती है और पानी सड़कों पर फैलता है। इसके अतिरिक्त, टुकुचा खोला के जल स्तर बढ़ने पर पानी को सीवर के माध्यम से खोल की ओर जाना चाहिए, लेकिन पानी उल्टा बस्ती और सड़क की ओर वापस बहता है (बैक फ्लो), जिससे भी माइतीघर में जलजमाव होता है।
भौतिक अवसंरचना के साथ-साथ पर्यावरणीय और शहरी विकास एवं प्रबंधन के कारणों को भी यह रिपोर्ट समस्याओं को बढ़ाने वाला माना गया है। पूर्व में माइतीघर चोक के आसपास के खुले क्षेत्र प्राकृतिक जल संग्रहण क्षमता रखते थे, जो वर्षा जल को जमीन में सोखने में मदद करते थे। लेकिन जिला प्रहरी परिसर काठमाडौं और सरकारी वकिल कार्यालय जैसी बड़ी इमारतों के निर्माण के कारण इन क्षेत्रों पर कंक्रीट की परतें चढ़ाई गईं, जिसने जल सोखने की प्राकृतिक प्रक्रिया को रोक दिया। इसलिए सतह पर पानी की मात्रा अत्यधिक बढ़ गई और वह सीधे माइतीघर चोक में केंद्रित हो गया, ऐसा तकनीकी टीम ने निष्कर्ष निकाला है।
अतिक्रमण की समस्या ने भी जलजमाव में योगदान दिया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर सीवर के अंदर व्यक्तिगत और सरकारी भवनों की संरचनाएं बन चुकी हैं, जिससे नियमित सफाई में बाधा आ रही है। सीवर पाइपों में प्लास्टिक कचरा, बोतलें और पत्थर-मिट्टी जमा होने से पानी का प्रवाह अवरुद्ध हो रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए कार्यवाहक प्रमुख डंगोल ने स्थानीय प्रशासन और साझेदार संस्थाओं के साथ मिलकर सभी अवरोध हटाने का निर्देश दिया है।
रिपोर्ट में तत्काल और दीर्घकालीन स्तर पर उठाए जाने वाले कदम सुझाए गए हैं। तत्काल के लिए सीवर निकासी मार्ग में मौजूद रुकावटों को हटाने, मैनहोल्स की ऊंचाई बढ़ाने और नियमित सफाई को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। दीर्घकालीन समाधान के लिए माइतीघर या पुराने स्वास्थ्य मंत्रालय परिसर की सार्वजनिक जमीन के नीचे बड़े जल संचयन टैंक का निर्माण करने का सुझाव दिया गया है, जो वर्षा जल को अस्थायी रूप से संग्रहित कर क्रमशः निकासी में सहायता करेगा।
टुकुचा खोला के निकास बिंदु पर जल प्रत्यावर्तन को रोकने के लिए ‘नॉन रिटर्न वाल्व’ लगाना, उपत्यका की सम्पूर्ण सीवर प्रणाली का GIS मैपिंग करना और क्षेत्र के अनुसार सीवर की क्षमता का पुनः डिजाइन करना भी आवश्यक बताया गया है। सड़क, जलापूर्ति, सीवर और विद्युत जैसे विभागों के बीच समन्वय की कमी को समाप्त कर एकीकृत प्रणाली विकसित करने की बात भी रिपोर्ट में खास तौर पर कही गई है।