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लेखक: space4knews

सरकार ने जबरदस्ती संचालित ‘सऊदी सिप प्रमाणीकरण’ केंद्र पर लगाया ताला

समाचार सारांश: श्रम मंत्रालय की टीम ने काठमांडू के बसुंधरा स्थित सिप प्रमाणीकरण केंद्र में बिना सरकारी अनुमति श्रमिकों से शुल्क लेकर प्रमाणपत्र वितरित किया पाया है, जिसके बाद उस केंद्र को सील कर दिया गया है। सऊदी जाने वाले श्रमिकों से प्रति व्यक्ति 50 डॉलर शुल्क वसूलने वाला यह ‘स्किल वेरिफिकेशन प्रोग्राम’ बिना अनुमति सिण्डिकेट की तर्ज पर संचालित किया जा रहा था, ऐसा अनुवीक्षण टीम ने बताया। मंत्रालय ने अनुवीक्षण टीम की रिपोर्ट के आधार पर गैरकानूनी गतिविधि करने वाले केंद्र के खिलाफ और कानूनी तथा प्रशासनिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

10 साउन, काठमांडू। 3 असार को काठमांडू के बसुंधरा में ‘सिप प्रमाणीकरण कार्यक्रम’ केंद्र के उद्घाटन की तैयारी चल रही थी। नेपाल में सऊदी अरब के राजदूत ने ‘स्किल वेरिफिकेशन प्रोग्राम’ (एसवीपी) का औपचारिक उद्घाटन करने का कार्यक्रम तय किया था। लेकिन, मैनपावर व्यवसायियों ने केंद्र में पहुंचकर बैनर और प्रवेश द्वार को तोड़फोड़ किया, जिससे कार्यक्रम बाधित हो गया। व्यवसायियों के विरोध के बाद केंद्र संचालन की जिम्मेदारी लेने वाले ‘इंडस्ट्री ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट’ (आईटीआई) ने सूचना जारी कर एसवीपी कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया। इसके बाद भी कुछ व्यवसायी केंद्र के संचालन में बाधा डालने पर अड़े रहे।

वहीं, नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ के अध्यक्ष डिकबहादुर खत्री और महासचिव हरि डांगि सहित श्रम मंत्रालय के अधिकारी भी मामले की खोज कर रहे थे। युवा, श्रम और रोजगार मंत्रालय के अधिकारी इस विषय पर सऊदी दूतावास से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त करने की बात कह रहे थे। अनौपचारिक तौर पर उन्होंने कहा कि श्रमिकों के चयन और उनकी सिप परीक्षण करने या न करने का फैसला संबंधित देश की नीतिगत क्षेत्राधिकार में आता है।

इसी बीच श्रम मंत्री रामजी यादव और नेपाल में सऊदी राजदूत फहद मोहम्मद अल-इम्निखरबी के बीच बैठक हुई। बैठक के दौरान मंत्री यादव ने एसवीपी कार्यक्रम को रोकने का विशेष अनुरोध किया था। जवाब में राजदूत ने कहा था कि वे सऊदी सरकार के साथ आवश्यक परामर्श करने के बाद जानकारी देंगे। राजदूत के आश्वासन के बाद सरकार ने कार्यक्रम को तत्काल लागू न करने का निर्णय लिया, लेकिन थोड़े समय बाद ही उस केंद्र में सिप प्रमाणीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई।

50 डॉलर का भुगतान करने वाले श्रमिकों को आईटीआई ने तीन घंटे का परीक्षण कर एसवीपी प्रमाणपत्र देना शुरू कर दिया था। बिना प्रमाणपत्र वालों को काठमांडू स्थित सऊदी दूतावास ने वीजा आवेदन देने की अनुमति नहीं दी थी। सऊदी में समान लोड-अनलोड करने वाले, भरिया, ठेकेदार और निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों का सिप परीक्षण किया जा रहा है।

सऊदी के मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि वहां श्रम वीजा प्राप्त करने के लिए सिप प्रमाणीकरण कार्यक्रम संचालित किया गया है। कार्यक्रम लागू होते ही मैनपावर कंपनियों को भुगतान करने के लिए ईमेल भेजा गया था। ‘साई विजन डिजिटल प्रालि सामाखुसी’ नामक निजी कंपनी के माध्यम से 50 अमेरिकी डॉलर भुगतान करने के लिए ईमेल भेजा गया था। सरकार की अनुमति और जानकारी के बिना कार्यक्रम संचालित हो रहा था, यह पता चलते ही 6 साउन को श्रम मंत्रालय, वैदेशिक रोजगार विभाग, सीटीईवीटी और शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त अनुवीक्षण टीम केंद्र पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। टीम ने सऊदी जाने वाले श्रमिकों से 50 डॉलर शुल्क लेकर सिप परीक्षण कर रहे केंद्र को सील कर दिया।

अनुवीक्षण के दौरान पता चला कि सीटीईवीटी से केवल सिप प्रशिक्षण संचालन की अनुमति लेने वाले आईटीआई ने उसके विपरीत सिप परीक्षण और प्रमाणीकरण का काम भी किया है। श्रम मंत्री यादव के निर्देश पर गठित टीम ने पाया कि वैदेशिक रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों को लक्षित कर निर्धारित शर्तों के विरुद्ध सिप प्रमाणपत्र वितरित किए जा रहे थे। टीम के एक सदस्य के अनुसार यह केंद्र सिण्डिकेट शैली में संचालित होकर श्रमिकों पर आर्थिक भार डाल रहा था।

‘यह एक तरह की सिण्डिकेट है, सरकार से कोई अनुमति नहीं ली गई, बिना जानकारी के श्रमिकों पर आर्थिक दबाव डालकर केंद्र संचालित किया जा रहा था,’ उन्होंने बताया, ‘कार्यक्रम को जबरन लागू करने की कोशिश के चलते गैरकानूनी गतिविधि मानते हुए हमनें केंद्र को सील कर दिया है।’

तस्वीरें के अनुसार ऋण लेकर विदेश रोजगार के लिए जाने वाले सामान्य श्रमिकों से अतिरिक्त शुल्क लेकर सिप परीक्षण कराना उनके साथ अन्याय है। अनुवीक्षण टीम अपनी रिपोर्ट श्रम मंत्रालय को सौंपने की तैयारी कर रही है। मंत्रालय ने बताया कि वह रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक निर्णय लेगा।

नुवाकोट का लखिनश्वरी झरना: गर्मी से बचने के लिए उत्तम स्थल

नुवाकोट के शिवपुरी गाउँपालिका–४ में स्थित लखिनश्वरी झरना गर्मी से बचने वालों के लिए एक विशेष पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है। काठमांडू के नयाँबानेश्वर से लगभग ३४ किलोमीटर दूर यह झरना टोखा–झोर और गजुरे भञ्ज्याङ के रास्ते से आसानी से पहुंचा जा सकता है। प्रतिदिन सैंकड़ों स्थानीय पर्यटक यहाँ आते हैं और सड़क के पास होने के कारण सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए भ्रमण के लिए उपयुक्त माना जाता है। १० साउन, काठमांडू।

काठमांडू के नयाँबानेश्वर से लगभग डेढ़ घंटे में पहुंचा जा सकने वाला यह मनमोहक स्थल प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। नुवाकोट के शिवपुरी गाउँपालिका–४, सिक्रे गाउँ के पास स्थित यह झरना घने जंगल के बीच में है। यहां उपत्यका से गर्मी से बचने के लिए रोजाना सैकड़ों पर्यटक आते हैं। सुबह पहुँचकर पूरा दिन आराम और मनोरंजन किया जा सकता है तथा शाम तक लौटना भी सहज है, जिससे प्रमुख रूप से युवा वर्ग की रुचि में बढ़ोतरी हुई है। यहाँ पहुंचने के लिए काठमांडू के टोखा–झोर होते हुए गजुरे भञ्ज्याङ का मार्ग आरामदायक है।

यह झरना काठमांडू से लगभग ३४ किलोमीटर दूर है। यात्रा में ६ किलोमीटर कच्ची सड़क पार करनी होती है, बाकी पूरी दूरी पक्की सड़क के माध्यम से जाती है। यहाँ मोटरसाइकिल और जीप द्वारा जाना संभव है। झरना सड़क के निकट होने के कारण पैदल चलने में कठिनाई होने वालों के लिए भी यह अत्यंत सुविधाजनक स्थल माना जाता है। शिवपुरी राष्ट्रीय निकुञ्ज से जुड़े वन क्षेत्र की वजह से आसपास घना जंगल है, जो वातावरण को सुहावना बनाता है। इस क्षेत्र में अन्य छोटे और बड़े झरने भी उपलब्ध हैं। शिवपुरी से बहने वाली नदी झरने के जल को साफ, ठंडा और शीतल बनाती है। तस्वीर और वीडियो खींचना पसंद करने वालों के लिए यह स्थान आदर्श है।

फोटो: शंकर गिरी, वीडियो: कमल प्रसाईँ

नेपाल भलिबल लीग के नीलामी के बाद टीम संरचनाएं

नेपाल भलिबल लीग की नीलामी काठमांडू में सम्पन्न हुई, जिसमें 6 फ्रेंचाइजी टीमों ने कुल 42 खिलाड़ियों को अनुबंधित किया है। नीलामी के तहत श्रेणी ‘ए’ से 24 और श्रेणी ‘बी’ से 18 खिलाड़ी विभिन्न टीमों से जुड़े हैं। प्रत्येक टीम के पास तीन विदेशी खिलाड़ियों और एक प्रतिभा खोज के द्वारा नए खिलाड़ी शामिल करने का प्रावधान है। 10 साउन, काठमांडू। नेपाल भलिबल लीग (एनवीएल) की नीलामी रविवार को काठमांडू में संपन्न हुई। केडिया ग्रुप के आयोजन में पहली बार होने वाली पुरुष भलिबल फ्रेंचाइजी लीग एनवीएल के लिए रविवार को नीलामी आयोजित की गई। नीलामी में 6 फ्रेंचाइजी टीमों ने कुल 42 खिलाड़ियों को टीम में अनुबंधित किया। 127 खिलाड़ी नीलामी में भाग लेने वाले थे, जिसमें श्रेणी ‘ए’ से 24 और श्रेणी ‘बी’ से 18 खिलाड़ी 6 टीमों में शामिल हुए। अब प्रत्येक टीम तीन विदेशी खिलाड़ियों के साथ-साथ एक प्रतिभा खोज के जरिए खिलाड़ियों को शामिल करेगी। 14 खिलाड़ियों को अधिकतम मूल्य पर टीमों में अनुबंधित किया गया, जबकि सभी टीमों का बिड पाने वाले खिलाड़ी दो ही रहे। चिरंजीवी खड्का और सनोज चौधरी को सभी टीमों ने अधिकतम मूल्य पर अनुबंधित करने की इच्छा जताई। लकी ड्रॉ के माध्यम से चिरंजीवी काठमांडू और सनोज कर्णाली टीम में गए। अन्नपूर्ण स्पाइकर किंग्स हिमाल सुनारी के मार्की खिलाड़ी के रूप में हैं, जिन्होंने लकी ड्रॉ के माध्यम से दो खिलाड़ियों को अधिकतम मूल्य पर अनुबंधित किया। राजेन्द्र धामी और सुरेन्द्र केसी एक लाख 20 हजार रुपये में अन्नपूर्ण टीम में शामिल हुए। अन्नपूर्ण ने गंडकी के रवि केसी को नीलामी के माध्यम से एक लाख में अनुबंधित किया, जबकि गंडकी के विश्वास अधिकारी को विशिष्ट में समान मूल्य पर टीम में शामिल किया। श्रेणी ‘बी’ से अन्नपूर्ण ने गंडकी के विवश आलेमगर और जितबहादुर सार्की को 50 हजार में अनुबंधित किया। विशिष्ट से देव राना मगर 50 हजार मूल्य पर अन्नपूर्ण में शामिल हुए। काठमांडू रेड्स के मार्की खिलाड़ी सुनिल बोहरा हैं, जिन्हें लकी ड्रॉ ने भाग्यशाली बनाया। काठमांडू ने श्रेणी ‘ए’ के तीन खिलाड़ियों को लकी ड्रॉ के माध्यम से हासिल किया। सबसे ज्यादा बोली लगाए गए चिरंजीवी खड्का 1 लाख 20 हजार रुपये में काठमांडू में शामिल हुए। इसी प्रकार संतोष विक और संतोष राई भी अधिकतम मूल्य पर काठमांडू में आए। श्रेणी ‘बी’ से पुष्कर सिंह धामी और जितबहादुर ढुंगेल समान 70 हजार में अनुबंधित हुए। काठमांडू ने विशिष्ट से बलदेव सिंह धामी को एक लाख और दीपेश कुँवर को 50 हजार में अपनी टीम में शामिल किया। मधेश वारियर्स ने धनबहादुर भट्ट और संतोष महत को अधिकतम 1 लाख 20 हजार में अनुबंधित किया। दोनों ही लकी ड्रॉ के माध्यम से मधेश पहुंचे हैं। मधेश ने राजन दर्लामी और रामविजय यादव को समान 1 लाख रुपये में टीम में शामिल किया। रविन रसाइली और संजु विक्रम शाह को 50 हजार में अनुबंधित किया गया, जबकि विप्सन शाही ठकुरी 70 हजार में शामिल हुए। मधेश के मार्की खिलाड़ी रविन नगरकोटी हैं। सगरमाथा स्मैशर्स के कप्तान हरिहजुर थापा मार्की खिलाड़ी हैं। सगरमाथा स्मैशर्स ने नीलामी में श्रेणी ‘ए’ से पहले चरण में सुवास कुँवर को अधिकतम 1 लाख 20 हजार में अपनी टीम में शामिल किया। कई खिलाड़ियों के लिए बोली लगाने के बावजूद सगरमाथा लकी ड्रॉ में भाग्यशाली साबित नहीं हुई। बाद में भीम गाहा, रुपेन्द्र नेपाली और दीपकराज जोशी को न्यूनतम 1 लाख रुपये में विशिष्ट में अपनी टीम में लिया। श्रेणी ‘बी’ से संजोक परियार, रेशम छन्त्याल और रमन बम को समान 50 हजार में अनुबंधित किया गया। कर्णाली शिवराज ने श्रेणी ‘ए’ से चारों खिलाड़ियों को अधिकतम मूल्य पर खरीदा। पहल गहतराज मार्की खिलाड़ी हैं, कर्णाली ने निर्पध्वज बस्नेत, विनोद चंद, सुरज चनारा और सनोज चौधरी को अपनी टीम में शामिल किया। कर्णाली ने सभी खिलाड़ियों को लकी ड्रॉ के माध्यम से टीम में लिया। श्रेणी ‘बी’ से संदीप लाहोर और बलराम गुरुङ समान 50 हजार में टीम में आए, जबकि सुनिल थकुल्ला विशिष्ट में 50 हजार में कर्णाली में शामिल हुए। खप्तड फाल्कुन्स के मार्की खिलाड़ी धीरज काजी बस्नेत हैं। खप्तड फाल्कुन्स ने सरोज बर्देवा और प्रेमप्रसाद गौतम को अधिकतम 1 लाख 20 हजार में अनुबंधित किया। इसके अलावा विवश थापा और इंद्र विक को विशिष्ट मूल्य पर एक लाख में टीम में शामिल किया। श्रेणी ‘बी’ से नवराज थापा मगर और नवराज धामी समान 50 हजार तथा पारस बोहरा 70 हजार में खप्तड टीम में आए हैं।

प्रदेशों में राजनीतिक संघर्ष का प्रभाव चालू आर्थिक वर्ष के बजट पर

समाचार सारांश

  • नेपाल के सभी सात प्रदेशों में नई राजनीतिक समीकरणों के कारण चालू आर्थिक वर्ष २०८३/८४ का बजट विवादास्पद और अनिश्चित स्थिति में पहुंच गया है।
  • सुदूरपश्चिम प्रदेश में राजनीतिक विवाद के कारण बजट पारित नहीं हो पाया है, जिससे बजट रिक्तता की स्थिति बनी है, जबकि अन्य प्रदेशों में भी बजट विवाद सक्रिय हैं।
  • पिछले वर्षों में भी प्रदेश बजट का संतोषजनक खर्च नहीं कर पाए हैं, जो बजट क्रियान्वयन की विपरीत स्थिति को स्पष्ट करता है।

१० साउन, काठमांडू। वर्तमान में सभी सातों प्रदेशों में सरकार के फेरबदल के नए राजनीतिक समीकरण बने हैं। दलों के बीच सहमति और असहमति की खबरें आ रही हैं। लेकिन ये परिवर्तन सभी प्रदेशों के चालू आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट को प्रभावित कर रहे हैं।

विवादों के कारण सभी प्रदेशों ने आर्थिक कार्यविधि और वित्तीय उत्तरदायित्व अधिनियम द्वारा निर्धारित मिति १ असार तक बजट पेश किया, लेकिन अस्थिर राजनीति ने सभी प्रदेशों के बजट को विवादास्पद बना दिया है।

इसी कारणवश सुदूरपश्चिम प्रदेश का बजट अभी तक पारित नहीं हो पाया है, जबकि अन्य प्रदेशों में बजट पारित कराने के लिए प्रदेश सरकारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बागमती प्रदेश ने असार के तीसरे सप्ताह में अपना बजट बहुमत से पारित किया। बागमती ने चालू आर्थिक वर्ष के लिए ६६ अरब ९३ करोड़ ३३ लाख रुपए का बजट प्रस्तुत किया था।

सत्तारूढ़ दलों के बीच बिगड़े संबंधों से कोशी का बजट प्रभावित

कोशी प्रदेश में भी सत्तारूढ़ दलों के बीच बिगड़े रिश्तों का बजट पर असर पड़ा। विवादों के बावजूद कोशी का बजट असार के तीसरे सप्ताह में पारित किया गया।

बजट में शामिल योजनाएं असंतुलित और पहुँच के आधार पर बजट आवंटित किए जाने को लेकर प्रदेशसभा में भारी असंतोष दिखा।

मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्रियों ने बजट की कमियों को स्वीकार कर सुधारने का आश्वासन दिया, जिसके बाद बजट पारित हुआ। कोशी प्रदेश ने चालू वर्ष के लिए ४० अरब ४४ करोड़ रुपए का बजट पेश किया है।

आर्थिक वर्ष शुरू होने से एक दिन पहले ही मधेस का बजट पारित

मधेस प्रदेश का बजट आर्थिक वर्ष शुरू होने से एक दिन पहले, यानी ३१ असार को पारित हुआ। मुख्य विपक्षी दल द्वारा त्रुटियां दिखाने के कारण प्रदेशसभा की बैठक बार-बार बाधित हुई। विपक्ष ने बजट में संशोधन या कार्रवाई दल गठित कर सुधार की मांग की थी।

२८ असार को सात सदस्यों वाली कार्यदल गठित कर विवाद का समाधान करने के बाद ही मधेस प्रदेश का बजट पारित हुआ। कार्यदल ने १० बिंदुओं की रिपोर्ट प्रदेशसभा में प्रस्तुत कर उन्हीं के साथ बजट को स्वीकार किया गया।

कम विवाद के बीच गण्डकी का बजट पारित

गण्डकी प्रदेश का बजट तुलनात्मक रूप से कम विवाद के बीच पारित हुआ। बजट १५ असार को पारित हुए, लेकिन कुछ त्रुटियां मिलीं जिससे सांसदों और मंत्रियों के बीच तनाव उत्पन्न हुआ।

बजट में उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को २ अरब रुपए आवंटित करने की बात पर सवाल उठे। मंत्रालय ने प्राप्त सीमा और आवंटन में बड़ा अंतर पाकर बजट सुधार का निर्णय लिया।

यह विवाद सीधे राजनीतिक संघर्ष से जुड़ा नहीं था, पर मंत्रालयों के विखंडन और पुनर्संयोजन के दौरान हिसाब मिलाना चुनौतीपूर्ण था। गण्डकी प्रदेश ने चालू वर्ष के लिए ३२ अरब ९९ करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया है।

विवादों से प्रभावित लुम्बिनी का बजट

लुम्बिनी प्रदेश का बजट भी विवादों से मुक्त नहीं रहा। मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य ने असंतुष्टि को संबोधित करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चर्चा आगे बढ़ी।

लुम्बिनी का बजट २४ असार को बहुमत से पारित किया गया। कुछ मंत्री और सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता क्षेत्रों में अधिक बजट आवंटन और क्षेत्रीय असंतुलन को लेकर विपक्ष और कुछ सत्तारूढ़ सांसदों ने असंतोष जताया।

सांसदों की असंतुष्टि के कारण प्रदेशसभा की बैठक कई बार स्थगित हुई और बजट पेश होने के २० दिन बाद भी चर्चा नहीं हो सकी।

सत्तारूढ़ दल नेता भी मनमाने बजट आवंटन पर पुनर्लेखन की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दोष सुधारने का संकल्प जताया। लुम्बिनी ने चालू वर्ष के लिए ३७ अरब ३८ करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया है।

विवादों से प्रभावित कर्णाली का बजट

इस वर्ष कर्णाली प्रदेश में भी राजनीतिक विवादों ने बजट की प्रस्तुति को प्रभावित किया। बजट पारित करने के लिए विपक्षी दल के साथ छह बिंदुओं पर सहमति बनानी पड़ी। मुख्यमंत्री को विपक्षी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के साथ सहमति करनी पड़ी।

कर्णाली के बजट में कार्य विभाजन नियमावली के विपरीत योजनाओं का समावेश, मंत्रियों द्वारा अपने क्षेत्र से बाहर कार्यक्रम रखना, और नेता के नाम पर प्रतिष्ठान स्थापना के लिए बड़ा बजट रखना विवाद का कारण बना।

विपक्षी दल के साथ विवादित योजनाओं और नेता के नाम पर रखे प्रतिष्ठानों को लागू न करने की सहमति बनने के बाद ही बजट पारित हुआ। विपक्ष के विरोध के कारण संसद की बैठक कई बार बाधित हुई। कर्णाली ने नई योजनाओं की बजाय पुराने और अधूरे कार्यक्रमों पर जोर देने पर सहमति दी है।

राजनीतिक विवाद से अस्थिर हुआ सुदूरपश्चिम का बजट पारित प्रक्रिया

राजनीतिक संघर्ष के कारण सुदूरपश्चिम प्रदेश का बजट अभी तक पारित नहीं हो पाया है। सत्तारूढ़ नेकपा एमाले के असहयोग और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के भी समर्थन न मिलने के कारण बजट पारित नहीं हो सका है। बजट पारित न होने से सरकार अल्पमत में आ गई है और इस प्रदेश में बजट रिक्तता की स्थिति बन गई है।

बजट में खर्च कटौती को वापस लेने से इंकार करने पर मुख्यमंत्री कमलबहादुर शाह ने एमाले के चार मंत्रियों को बर्खास्त किया था। इसके बाद शुरू हुए राजनीतिक विवाद ने सुदूरपश्चिम के बजट प्रक्रिया को प्रभावित किया।

३१ असार तक बजट पारित कर १ साउन से योजना कार्यान्वयन होना था। प्रदेश आर्थिक मामिला मंत्रालय ने कहा है कि बजट पास न होने के बावजूद राजस्व संग्रह जारी रहेगा।

मंत्रालय ने बताया कि बजट पारित नहीं होने तक भी राजस्व संबंधित कार्य प्रदेश के अस्थायी राजस्व संग्रह अधिनियम २०८१ की धारा ३ और आर्थिक अधिनियम २०८२ के अनुसार किए जाएंगे।

अर्थात् पिछली अवधि में संसद द्वारा पारित दर के अनुसार ही राजस्व संग्रह होगा। बजट की कानूनी स्वीकृति न मिलने से प्रदेश सरकार को खर्च करने का वैधानिक अधिकार नहीं मिलेगा, जिससे कर्मचारी वेतन से लेकर ठेका भुगतान तक ठप होने का खतरा है।

फिर भी, सरकार अध्यादेश के माध्यम से अग्रिम विधेयक लाकर प्रशासनिक और चल रही खर्चों को जारी रखने का विकल्प रखती है, जिसके लिए प्रदेशसभा को भंग करना आवश्यक होगा।

अक्सर विवादों के कारण कमजोर रहता है प्रदेशों का बजट क्रियान्वयन

अधिकांश प्रदेशों का बजट क्रियान्वयन स्थिति दयनीय है। कोशी प्रदेश लेखा नियंत्रक कार्यालय के अनुसार, पिछले वर्ष २०८२/८३ में इस प्रदेश का बजट खर्च मात्र ७१.६२ प्रतिशत रहा। उस वर्ष ३६ अरब ९ करोड़ का बजट खर्च हुआ।

आर्थिक वर्ष समाप्ति तक खर्च सिर्फ २५ अरब ८६ करोड़ हुआ। पिछले वर्ष २०८१/८२ में कोशी सरकार का बजट खर्च ७९.८९ प्रतिशत था।

मधेस प्रदेश ने पिछले वर्ष ४६ अरब ९८ करोड़ का बजट क्रियान्वित किया था। आर्थिक मामिला मंत्रालय के अनुसार चालू वर्ष में खर्च २६ अरब ४५ करोड़ ही हुआ है।

अर्थात् लक्ष्य का केवल ५६.३१ प्रतिशत बजट खर्च हुआ है। वर्ष २०८१/८२ में मधेस का बजट खर्च ७१.१६ प्रतिशत था।

बागमती प्रदेश ने पिछले वर्ष ६७ अरब ४७ करोड़ का बजट खर्च किया था। चालू वर्ष में खर्च ४६ अरब ही हुआ है, जो लक्ष्य का ६८.१८ प्रतिशत है। पिछले वर्ष बागमती का बजट खर्च लक्ष्य का ७१.९० प्रतिशत था।

गण्डकी ने २०८२/८३ में मात्र ६४.३६ प्रतिशत बजट खर्च किया। आर्थिक मामिला मंत्रालय के अनुसार उस वर्ष ३१ अरब ९७ करोड़ के बजट में से २० अरब ५८ करोड़ खर्च हुए। पिछली अवधि में बजट खर्च ६९.४२ प्रतिशत था।

लुम्बिनी ने २०८२/८३ में ३८ अरब ९१ करोड़ का बजट क्रियान्वित किया था। प्रदेश लेखा नियंत्रक कार्यालय के अनुसार खर्च सिर्फ २६ अरब १४ करोड़ रहा। खर्च का अनुपात ६७.१८ प्रतिशत ही था। वर्ष २०८१/८२ में लुम्बिनी का बजट खर्च ७१.५७ प्रतिशत था।

कर्णाली सरकार ने २०८२/८३ में ३३ अरब १९ करोड़ का बजट कार्यान्वित किया। खर्च मात्र २० अरब ५७ करोड़ रहा, जो ६१.९७ प्रतिशत खर्च दर दर्शाता है। पिछली अवधि में कर्णाली सरकार का बजट खर्च ६३.६७ प्रतिशत था।

सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकार ने वर्ष २०८२/८३ में ३३ अरब ४३ करोड़ का बजट खर्च किया था। खर्च ६२ प्रतिशत ही रहा। प्रदेश लेखा नियंत्रक कार्यालय के अनुसार यह मात्र २० अरब ८३ करोड़ है। पिछली अवधि में बजट खर्च ७०.११ प्रतिशत था।

चोटका कारण नन्दन यादव नेपाली क्रिकेट टोलीबाट बाहिर, लिग २ मा खेल्न असमर्थ

नेपाली क्रिकेट टोलीका तीव्र गतिका बलर नन्दन यादव ह्यामस्ट्रिङ चोटका कारण नेदरल्यान्ड्समा जारी लिग २ शृङ्खलाबाट बाहिर भएका छन्। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान)का अनुसार, चोटका कारण नन्दनले नामिबियाविरुद्धको पहिलो खेलमा बलिङ गर्दा असहज महसुस गरेका थिए।

१० साउन, काठमाडौं। नन्दनको स्थानमा रिजर्भ खेलाडी हेमन्त धामी टोलीमा सहभागी हुने सम्भावना प्रबल देखिएको छ। नामिबियासँगको पहिलो खेलमा ह्यामस्ट्रिङ समस्याका कारण नन्दनले पहिलो ओभरदेखि नै बलिङ गर्दा असहज महसुस गरेका थिए र फिजियोले पनि उनलाई केही सहायता गरिरहेका थिए। त्यसपछि उनी दोस्रो खेलमा पनि फरक भएर खेल्न सकेका थिएनन्।

उनको स्थानमा बाँयाहाते स्पिनर ललित राजवंशीले दोस्रो खेलमा सहभागिता जनाएका थिए। नन्दनको स्थानमा खेल्ने खेलाडीको नाम अझै सार्वजनिक भएको छैन, तर हेमन्त धामीले उनको स्थान लिने सम्भावना प्रबल देखिन्छ। हेमन्तले जर्सीमा भएको अभ्यास खेलमा राम्रो प्रदर्शन गरेका थिए र हाल टोलीका रिजर्भ खेलाडीका रूपमा छन्।

चेम्बर अध्यक्ष ने नवप्रवर्तन और अनुसंधान में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया

समाचार संक्षेप

समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • नेपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश कुमार अग्रवाल ने नेपाल को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने के लिए नवप्रवर्तन, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
  • अध्यक्ष अग्रवाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक जैसे नवप्रवर्तनों के जरिए युवा जनशक्ति और डिजिटल पहुँच को उत्पादक अर्थव्यवस्था से जोड़ कर नेपाल को दक्षिण एशिया का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की संभावना जताई।
  • उन्होंने अनुसंधान को केवल प्रयोगशाला तक सीमित न रखते हुए विश्वविद्यालय, निजी क्षेत्र और सरकार के बीच सहयोग को संस्थागत करने पर भी बल दिया ताकि इसे उद्योग, बाजार और समाज से जोड़ा जा सके।

१० साउन, काठमांडू। नेपाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश कुमार अग्रवाल ने नेपाल को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ाने के लिए नवप्रवर्तन, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीकों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता जताई है।

सनवे कॉलेज द्वारा आयोजित ‘इनोवेशन फेस्ट २०२६’ के उद्घाटन समारोह में अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि विश्व ने चौथी औद्योगिक क्रांति के युग में प्रवेश कर लिया है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, बिग डाटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, क्वांटम कंप्यूटिंग और जैविक तकनीक के कारण विश्व अर्थव्यवस्था व उद्योगों के स्वरूप में तेज बदलाव आ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन या सस्ती श्रम शक्ति की बजाय अब ज्ञान, अनुसंधान, नवप्रवर्तन और तकनीक देश की प्रतिस्पर्धात्मकता की मूल आधार हैं। यदि नेपाल युवा जनशक्ति, नवाचार और डिजिटल पहुँच को उत्पादक अर्थव्यवस्था से जोड़ पाए तो वह दक्षिण एशिया का एक प्रमुख नवप्रवर्तन केंद्र बन सकता है।

फेस्ट ने एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, अनुसंधान, नवप्रवर्तन और भविष्य के कौशल विकास को एक मंच पर लाया है। अग्रवाल ने कहा कि ये सभी क्षेत्र भविष्य की नौकरियां, उद्योग, उत्पादन और आर्थिक विकास के मुख्य आधार होंगे।

उन्होंने बताया कि एआई शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, बीमा, पर्यटन, सार्वजनिक सेवा, उत्पादन और व्यापार के क्षेत्र में नई संभावनाएं उत्पन्न कर रहा है। इसके उपयोग में पारदर्शिता, गोपनीयता, नैतिकता और मानव हित का ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य मानवों को विस्थापित करना नहीं बल्कि उनकी क्षमता को बढ़ाना होना चाहिए।

रोबोटिक्स ने औद्योगिक उत्पादन, स्वास्थ्य सेवा, स्वचालन, जोखिमयुक्त कार्यों और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि नेपाल की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि, वन संरक्षण, भू-नक्षांकन, अधोसंरचना निरीक्षण, आपदा उद्धार, दवा परिवहन और पर्यटन में ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा सकता है।

अध्यक्ष अग्रवाल ने अनुसंधान के बिना नवप्रवर्तन संभव नहीं बताया और विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, निजी क्षेत्र एवं सरकार के बीच सहयोग को संस्थागत करने पर जोर दिया। उन्होंने अनुसंधान को सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखते हुए उद्योग, बाजार और समाज से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने नवप्रवर्तन को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप, इनक्यूबेशन सेंटर, एक्सेलेरेटर, वेंचर कैपिटल और बौद्धिक संपदा अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा का समर्थन करने का आग्रह किया।

उन्होंने युवाओं से रोजगार खोजने के बजाय रोजगार सृजित करने वाली उद्यमशील मानसिकता के साथ आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने बताया कि भविष्य में सफलता के लिए रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता, डिजिटल कौशल, नेतृत्व और सतत् सीखने का होना आवश्यक है।

अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा, चेम्बर तकनीक-मित्रतापूर्ण अर्थव्यवस्था, डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप प्रोत्साहन, उद्योग-शैक्षणिक सहयोग और अनुसंधान आधारित उद्यम विकास के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।

उन्होंने सरकार से राष्ट्रीय एआई नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने, अनुसंधान एवं विकास में निवेश बढ़ाने, विश्वविद्यालय-उद्योग सहयोग को संस्थागत करने, स्टार्टअप को कर एवं वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराने, डिजिटल अवसंरचना, साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण को सुदृढ़ बनाने, एआई, रोबोटिक्स, सेमिकंडक्टर डिजाइन, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और हरित तकनीक में दक्ष जनशक्ति विकसित करने, महिलाओं और सीमांत समुदायों की तकनीक तक पहुंच बढ़ाने तथा बौद्धिक संपदा अधिकार की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

उन्होंने फेस्ट को केवल एक प्रदर्शनी नहीं बल्कि नेपाल के भविष्य का निर्माण करने वाला साझा मंच बताया और अनुसंधान, नवप्रवर्तन तथा तकनीक आधारित विकास के माध्यम से समृद्ध नेपाल के निर्माण के लिए सभी पक्षों के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

नेपाल भलिबल लिग के ऑक्शन में चिरन और सनोज का अनुबंध

नेपाल भलिबल लिग (एनवीएल) का ऑक्शन ललितपुर स्थित रॉयल ट्यूलिप में जारी है। ‘‘ए’’ श्रेणी के २४ खिलाड़ियों को ६ टीमों में समान रूप से ४-४ खिलाड़ियों के रूप में अनुबंधित किया गया है। मिडलब्लॉकर दोनों खिलाड़ी, चिरन खड्का को काठमाडौं रेड्स ने और सनोज चौधरी को कर्णाली शिवराज ने लकी ड्रॉ के जरिए अनुबंधित किया है। १० साउन, काठमाडौं।

नेपाल भलिबल लिग (एनवीएल) का ऑक्शन लगातार जारी है। ललितपुर स्थित रॉयल ट्यूलिप में चल रहे इस ऑक्शन में ‘‘ए’’ श्रेणी के अंतर्गत २४ खिलाड़ियों को ६ टीमों में अनुबंधित किया गया है। प्रत्येक टीम ने समान रूप से ४ खिलाड़ी ‘‘ए’’ श्रेणी से चुने हैं। अब ‘‘बी’’ श्रेणी से १८ खिलाड़ियों को एनवीएल के लिए अनुबंधित किया जाएगा। ‘‘ए’’ श्रेणी के मिडलब्लॉकर जोड़ी चिरन खड्का और सनोज चौधरी उन खिलाड़ियों में थे जिन पर सभी ६ टीमों ने बोली लगाई थी। अंत में लकी ड्रॉ के जरिए चिरन खड्का का अनुबंध काठमाडौं रेड्स ने और सनोज चौधरी का अनुबंध कर्णाली शिवराज ने किया है।

दक्षिण कोरियाई विद्यार्थी नेपालका सामुदायिक विद्यालयहरूमा सहयोग प्रदान गर्दै

दक्षिण कोरियाका १९ विश्वविद्यालयका २६ विद्यार्थीहरूको टोलीले नेपालका सामुदायिक विद्यालयहरूको शैक्षिक वातावरण सुधार्न श्रमदान गरिरहेको छ। यो टोलीले भक्तपुरस्थित श्री सरस्वती माध्यमिक विद्यालयमा विद्यालय भवनको रंगरोगन, पानी निकास मर्मत र बाल उद्यान निर्माण गरिसकेको छ। कोरियाली विद्यार्थीहरूले आगामी मंगलबारदेखि काभ्रे जिल्लास्थित श्वेत वराह माध्यमिक विद्यालयमा आफ्नो स्वयंसेवा कार्यक्रम जारी राख्ने तयारी गरेका छन्।

दक्षिण कोरियाको सरकारी संस्था ‘सेमाउल सेन्टर कोरिया’ (नयाँ गाउँ अभियान) मार्फत साउन ४ गते नेपाल पुगेका २६ विद्यार्थी र प्रतिनिधिको टोली हाल भक्तपुर र काभ्रे जिल्लाका सामुदायिक विद्यालयहरूमा कार्यरत छन्। टोलीले विद्यालयका कक्षाकोठाहरू रंगरोगन गर्ने, पानी निकास मर्मत तथा नयाँ निर्माण गर्ने र बालबालिकाका लागि खेलमैदान निर्माण गर्ने जस्ता भौतिक सुधारका कामहरू गरिरहेका छन्।

यी भौतिक पूर्वाधारमा सुधारका साथै उनीहरूले नेपाली विद्यार्थीका लागि सीप विकास र स्वास्थ्य जनचेतना सम्बन्धी विभिन्न कार्यक्रमहरू पनि सञ्चालन गरिरहेका छन्। यसै क्रममा, आइतबार भक्तपुरको चाँगुनारायण नगरपालिका–८, थाकलमाठमा अवस्थित श्री सरस्वती माध्यमिक विद्यालयमा विद्यालय भवनको मर्मत, रंगरोगन र कृत्रिम घाँस सहितको बाल उद्यान निर्माण सम्पन्न भएको छ। काम सम्पन्नको अवसरमा विद्यालयले एउटा विशेष समारोह आयोजना गरी कोरियाली स्वयंसेवक टोलीलाई धन्यवाद ज्ञापन गर्दै बिदाइ गरेको छ। भक्तपुरमा काम सकिएपछि उक्त टोलीले आगामी मंगलबारदेखि काभ्रे जिल्ला स्थित श्वेत वराह माध्यमिक विद्यालयमा पुगेर आफ्नो स्वयंसेवा क्रम निरन्तरता दिने योजना बनाएको छ।

इरान ने पड़ोसी देशों को शत्रु न मानने का दावा, केवल अमेरिका के खिलाफ उठाए कदम

इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मध्य पूर्व के पड़ोसी देशों को स्पष्ट किया है कि इरान उन्हें अपना दुश्मन नहीं मानता। उन्होंने कहा कि इरान की उठाई गई कार्रवाइयाँ केवल अमेरिका के खिलाफ केंद्रित हैं और क्षेत्रीय देशों के प्रति किसी भी तरह की शत्रुता की प्रेरणा नहीं है। संघर्ष के समाप्त होने के बाद तेहरान ने पड़ोसियों के साथ विश्वास पुनः स्थापित करने के लिए वार्ता की योजना बनाई है। १० साउन, काठमांडू।

इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मध्य पूर्व के पड़ोसी देशों के प्रति शत्रुता का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि इरान द्वारा किए गए कदम केवल अमेरिकी विरोध के उद्देश्य से हैं। एक स्थानीय अखबार के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘क्षेत्रीय स्तर पर इरान द्वारा किए गए कदम क्षेत्र के देशों के प्रति शत्रुता से प्रेरित नहीं हैं। ये कदम अन्य कारणों के चलते उठाए गए हैं और उन कारणों से सभी पक्ष परिचित हैं।’ संघर्ष के समापन के बाद तेहरान पड़ोसी देशों के साथ वार्ता करेगा। मंत्री अराघची ने पड़ोसियों के साथ ‘विश्वास पुनर्स्थापना’ की इच्छा भी जाहिर की है।

क्या वाकई में बरफ से चेहरे की सफाई होती है?

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा पूरी हो चुकी है। संवेदनशील, सूखी और डैंड्रफ की समस्या से पीड़ित लोगों को फेस आइसिंग करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है। हर व्यक्ति चाहता है कि बिना मेकअप के भी उसका चेहरा ताज़ा, चमकीला और आकर्षक दिखे। इसी चाहत के चलते सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के त्वचा देखभाल के उपाय वायरल हो रहे हैं। इनमें से हाल ही में “फेस आइसिंग” अर्थात् चेहरे पर बरफ लगाने का तरीका काफी चर्चा में आया है। बरफ लगाने पर कुछ ही मिनटों में चमक आने, त्वचा के रोम छिद्रों (पोर) का छोटा दिखने, चेहरे की सुन्नपन कम होने और त्वचा कसाव महसूस कराने का दावा सोशल मीडिया पर किया जा रहा है। यह तरीका आसान, सस्ता और घर पर किया जा सकने वाला होने के कारण बहुत से लोग इसे दैनिक सौंदर्य देखभाल का हिस्सा बनाने लगे हैं। लेकिन त्वचा से जुड़ी हर प्रक्रिया सभी के लिए सुरक्षित नहीं होती। गलत तरीके से या ज्यादा समय तक चेहरे पर बरफ लगाने से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर हो सकती है, जिससे लालिमा, जलन, संवेदनशीलता और सूखापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

फेस आइसिंग लोकप्रिय होने का मुख्य कारण इसकी सरलता और तुरंत दिखने वाला असर है। महंगे त्वचा देखभाल उत्पादों के विकल्प के रूप में कई लोग बरफ का उपयोग करने लगे हैं। चेहरे पर बरफ लगाने से कुछ समय तक त्वचा में ताजगी महसूस होती है। ठंडक की वजह से रक्त नलिकाएं कुछ समय के लिए सिकुड़ जाती हैं, जो चेहरे की सुन्न अवस्था को कम दिखाती हैं। इससे त्वचा कुछ समय के लिए कसावट और चमकदार नजर आती है। पर इसका प्रभाव स्थायी नहीं होता। बरफ त्वचा की वास्तविक बनावट को नहीं बदलती, यह केवल थोड़े समय के लिए ताज़ा और उज्जवल दिखाने में मदद करती है।

बहुत से लोग बरफ को सीधे त्वचा पर लगाते हैं। लेकिन विशेषज्ञों की सलाह है कि ऐसा करना सुरक्षित नहीं है। बरफ अत्यधिक ठंडी होती है, सीधे त्वचा पर लगाने से ‘फ्रॉस्ट निप’ (ठंडक से चोट) हो सकती है, जो लालिमा, जलन और संवेदनशीलता बढ़ा सकती है। अधिक समय तक रगड़ने से त्वचा की छोटी रक्त नलिकाओं पर दबाव पड़ सकता है और विशेषकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में समस्याएं बढ़ सकती हैं। यदि आप फेस आइसिंग करना चाहते हैं तो बरफ को साफ कपड़े या कॉटन में लपेटकर ही उपयोग करें। लंबे समय तक एक ही जगह पर न रखें और दबाव न डालें।

चेहरे को बरफ मिली पानी में डुबाने वाला ‘आइस बाउल डिप’ भी चर्चा में है। इससे सुन्न चेहरे पर ठंडक पहुंचती है और ताजगी फैलती है। लेकिन बहुत ठंडा पानी त्वचा को झटका दे सकता है। खासकर सूखी, संवेदनशील या डैंड्रफ वाले लोगों को इसे सावधानी से उपयोग करना चाहिए। ज्यादा बरफ न रखें, चेहरे को ५–१० सेकंड से ज्यादा डुबोएं नहीं और इसे बार-बार दोहराना भी उचित नहीं है। इस्तेमाल के बाद मॉइस्चराइज करना आवश्यक है।

बर्लिन के टियरगार्टन पार्क में कार दुर्घटना में एक की मौत, १५ घायल

बर्लिन के टियरगार्टन पार्क में हुई कार दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और १५ लोग घायल हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक, “संभावित रूप से एक कार ने टियरगार्टन पार्क के अंदर घुसकर कई लोगों को टक्कर मार दी।” दुर्घटना के बाद चालक फरार होने की कोशिश कर रहा था, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस ने हेलिकॉप्टर भी तैनात कर तलाश शुरू कर दी है।

यह घटना १० साउन के दिन बर्लिन के मध्य भाग में घटित हुई। एन-टीवी चैनल ने पुलिस स्रोतों का हवाला देते हुए यह खबर प्रकाशित की है। पुलिस ने कहा है, “हम संदिग्ध की तीव्र खोज कर रहे हैं।” फोकस-ऑनलाइन के अनुसार, इस घटना में १४ घायल हुए हैं।

दुर्घटना स्थानीय समयानुसार रात लगभग १० बजे हुई थी। चालक ने टियरगार्टन में तेज रफ्तार से एक छोटी सफेद वैन चलाई थी। भागने के दौरान उसने टक्कर देते हुए निकलने की कोशिश की और वह भी दुर्घटना का शिकार हो गया। वह कार से उतरकर पैदल भागने की कोशिश कर रहा था। सोशल मीडिया पर जारी फोटो में सफेद मिनीबस एक पेड़ से टकराई हुई नजर आ रही है, जिसमें टक्कर के स्पष्ट निशान दिखाई देते हैं।

काभा पुरुष भलिबलमा नेपाललाई लगातार चौथो पराजय

काभा पुरुष भलिबल च्याम्पियनसिपमा नेपाल बंगलादेशसँग ३–२ सेटको हार व्यापार्दै लगातार चौथो हार भोग्न बाध्य भएको छ। पाँच सेटसम्म चलेको प्रतिस्पर्धात्मक खेलमा नेपालले पहिलो र तेस्रो सेट जितेको भए पनि अन्तिम निर्णायक सेट १५–११ को अन्तरले हार व्यहोर्नुपरेको छ। यसअघि कजाखस्तान, श्रीलंका र पाकिस्तानसँग पराजय व्यहोरेको नेपालले राउन्ड रोबिन लिग अन्तर्गत सोमबार उज्बेकिस्तानसँग अन्तिम खेल खेल्ने तयारीमा छ। १० साउन, काठमाडौं।

काभा पुरुष भलिबल च्याम्पियनसिपमा नेपालले लगातार चौथो हार व्यहोरेको छ। आइतबार सम्पन्न प्रतिस्पर्धात्मक खेलमा नेपाल बंगलादेशसँग ३–२ सेटमा पराजित भयो। नेपालले पहिलो सेटलाई २५–१८ को फराकिलो सेटअन्तरले जित्दै उत्कृष्ट सुरुआत गरेको थियो। तर दोस्रो सेटमा २५–१९ ले हार भोग्दै बंगलादेशले खेल बराबरीमा ल्यायो। तेस्रो सेटमा नेपालले पुनः राम्रो प्रदर्शन गर्दै २५–२१ को जीत हात पारेको थियो। त्यसपछि चौथो सेटमा दुवै टोलीबीच कडा प्रतिस्पर्धा भए पनि नेपाल २५–२३ को अन्तरले पराजित भयो र खेल निर्णायक पाँचौं सेटसम्म पुगेको थियो। निर्णायक पाँचौं सेटमा बंगलादेशले १५–११ को स्कोरले जित हासिल गर्दै खेल ३–२ को नतिजासहित आफू पक्षमा पारेको छ। नेपाल यसअघि कजाखस्तान, श्रीलंका र पाकिस्तानसँग पराजय भोगिसकेको छ। नेपालले राउन्ड रोबिन लिगको अन्तिम खेल सोमबार उज्बेकिस्तानसँग खेल्नेछ।

राष्ट्रपति पुटिन ने रूसी नौसेना के विकास और न्यूक्लियर ट्रायड के शक्तिशाली पक्ष की जानकारी दी

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुटिन ने कहा है कि रूसी नौसेना लगातार विकसित हो रही है और न्यूक्लियर ट्रायड के नौसैनिक घटक को अत्यधिक सशक्त बनाया जा रहा है। नौसेना दिवस के अवसर पर दिए गए शुभकामना संदेश में उन्होंने यह बात कही। पुटिन ने उल्लेख किया, ‘नौसेना निरंतर प्रगति कर रही है। रूस के न्यूक्लियर ट्रायड के नौसैनिक पक्ष ने उत्साहजनक शक्ति प्राप्त की है। युद्धपोत और विशेष जहाजों की एक विस्तृत श्रृंखला का निर्माण जारी है। पानी के नीचे, सतह पर, तटीय और हवाई इकाइयों को उन्नत हथियारों और उपकरणों की आपूर्ति एवं विकास किया जा रहा है।’

रूसी नौसेना के जवान अपनी परंपराओं का सम्मानपूर्वक पालन कर रहे हैं, यह उन्होंने भी कहा। पुटिन ने आगे बताया, ‘१३ समुद्रों से घिरे रूस में रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा महासागरों में देश के वैधानिक हितों की रक्षा के लिए नौसेना की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।’ राष्ट्रपति पुटिन ने बताया कि रूसी नौसैनिक बल वर्तमान में सभी क्षेत्रीय कार्य प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही, नाविकों की व्यावसायिक दक्षता में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा, ‘वे प्रशिक्षण केंद्रों और वास्तविक युद्ध दोनों से अपनी क्षमताओं को प्राप्त करते हैं। वे रणनीतिक और तकनीकी परिस्थितियों में आने वाले किसी भी बदलाव के अनुकूल जल्दी ढलने की क्षमता विकसित कर रहे हैं।’

नेपाल वॉलीबॉल लीग ऑक्शन की उत्सुकता (तस्वीरें)

समाचार सारांश

OK AI द्वारा स्वचालित, सम्पादकीय समीक्षा सहित।

  • काठमांडू में नेपाल वॉलीबॉल लीग (एनवीएल) के अंतर्गत पुरुष खिलाड़ियों की पहली फ्रैंचाइज़ ऑक्शन चल रही है।
  • केडिया ग्रुप के आयोजन में पहली बार होने वाली पुरुष वॉलीबॉल लीग के खिलाड़ियों का अनुबंध प्रक्रिया जारी है।
  • नेपाल के वॉलीबॉल इतिहास में पुरुष वर्ग के लिए पहली बार फ्रैंचाइज़ ऑक्शन आयोजित की जा रही है।

१० साउन, काठमांडू । नेपाल वॉलीबॉल लीग (एनवीएल) का ऑक्शन अभी काठमांडू में जारी है।

केडिया ग्रुप के आयोजन के तहत पहली बार पुरुष वॉलीबॉल फ्रैंचाइज़ी लीग संचालित होने जा रही है।

पुरुष वॉलीबॉल में पहली बार ऑक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

ऑक्शन के माध्यम से वर्तमान में खिलाड़ियों का अनुबंध प्रक्रिया जारी है।

तस्वीरें

 

भारत में शिक्षा मंत्री क्यों नहीं टिक पाते?

धर्मेन्द्र प्रधान

तस्बिर स्रोत, Reuters

विद्यार्थी आंदोलन के बाद इस्तीफा देने वाले भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल के चौथे शिक्षा मंत्री थे।

शनिवार इस्तीफा देते ही प्रधान भी कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से हटाए गए मंत्रियों की सूची में शामिल हो गए।

भारत की शिक्षा प्रणाली के खिलाफ आवाजें जनपथ से आगे बढ़कर एक हफ्ते में देशव्यापी युवा आंदोलन बन गईं। कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) की मांगे मान लिए जाने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

हालिया आंदोलन ने भारत की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और सरकार की प्राथमिकताएं लेकर नई बहस शुरू की है।

यह सवाल केवल वर्तमान शिक्षा मंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि मोदी सरकार की समग्र शिक्षा नीति की दिशा पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।