नेपाल ट्रेड युनियन कांग्रेस के अध्यक्ष योगेन्द्र कुँवर ने कहा है कि सरकार ट्रेड युनियन अधिकारों को समाप्त करने में असमर्थ होगी। कुँवर ने स्पष्ट किया कि भ्रम के कारण यदि अधिकारों को समाप्त करने का प्रयास किया गया तो उसका कोई प्रभाव नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अधिकारों को समाप्त करने की कोशिश की तो उसे अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाने के लिए तैयार रहना होगा। साथ ही, उन्होंने सरकार से राष्ट्रीय श्रम आयोग के गठन पर भी ध्यान देने का आग्रह किया है।
१८ वैशाख, काठमाडौं। १३७वें अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर काठमाडौं में आयोजित नेपाल ट्रेड युनियन कांग्रेस की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के उद्घाटन समारोह में उन्होंने यह बात कही। कुँवर ने विश्वव्यापी श्रमिक संघर्षों से प्राप्त अधिकारों को सरकार द्वारा हटाए जाने को अव्यावहारिक बताया और कहा, ‘सरकार यदि भ्रम में आकर ट्रेड युनियन अधिकारों को समाप्त करने की कोशिश करती है, तब भी वह व्यवहार में लागू नहीं होगा।’
तस्बिरको क्याप्शन, चीन युरोप और एशिया के विभिन्न क्षेत्रों के लिए कार्गो सेवा प्रदान करने वाली रेल चला रहा हैलेख की जानकारी
चीन और भारत ने नेपाल में अलग-अलग रेलमार्ग निर्माण की रुचि दिखाई है।
नेपाली अधिकारियों के अनुसार, चीनी पक्ष काठमाण्डू-केरुङ रेलमार्ग की संभाव्यता अध्ययन पर आधारित रिपोर्ट आगामी डेढ़ महीने में सरकार को सौंपने की तैयारी कर रहा है, जबकि काठमाण्डू घाटी को भारत की सीमा से जोड़ने वाली रेलवे लाइन के विषय में नेपाल ने दिल्ली को चार सुझाव प्रदान किए हैं।
लगभग डेढ़ महीने पहले भारत की राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए भारतीय रेल मंत्री ने 136 किलोमीटर लंबे रक्सौल-काठमाण्डू रेलमार्ग का ‘अंतिम स्थल सर्वेक्षण’ पूरा होने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने की जानकारी दी थी।
कुछ दिन पहले ही काठमाण्डू-केरुङ रेल निर्माण के अध्ययन में लगे चीनी दल ने भौतिक पूर्वाधार एवं यातायात मंत्रालय में प्रस्तुति दी थी।
प्रस्तुति में रेलमार्ग के डिजाइन और लागत से संबंधित विषय शामिल थे, परन्तु नेपाली अधिकारियों ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण और संभावित निवेश के ढांचे पर चर्चा होगी।
चीनी अध्ययन में क्या है
साल 2019 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेपाल दौरे के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने काठमाण्डू-केरुङ रेलमार्ग पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का समझौता किया था।
42 महीने की समय सीमा में स्थलीय सर्वेक्षण और संभाव्यता अध्ययन का जिम्मा पाए चीनी तकनीशियनों ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की जानकारी नेपाली पक्ष को दी है। यह अध्ययन चीनी आर्थिक और तकनीकी सहायता से चल रहा है।
भौतिक योजना एवं यातायात मंत्रालय के प्रवक्ता रामहरी पोखरेल ने कहा, “उनकी टीम आई थी और अभी हाल ही में एक चर्चा हुई। उन्होंने भौगोलिक कठिनाइयों और लागत पर चर्चा की है। मार्ग का निर्धारण कैसे होगा, इसपर चर्चा हुई है। इसी आधार पर सरकार आगे कैसे बढ़ेगी और संसाधन कहाँ से आयेंगे, ये निर्णय लेगी।”
रेल विभाग के महानिदेशक हरिकुमार पोखरेल ने भी कहा कि रिपोर्ट अंतिम रूप देने के लिए चर्चा जारी है और उन्होंने कुछ आंकड़े भी उपलब्ध कराए हैं।
“हमने खान, मौसम और भूकंप जोखिम से जुड़े आंकड़े प्रदान किए हैं। उन्होंने जून के अंत तक रिपोर्ट देने की प्रतिबद्धता जताई है।”
पहले चीनी पक्ष ने प्रस्तावित मार्गों पर हवाई सर्वेक्षण के लिए हेलीकॉप्टर उड़ान की अनुमति मांगी थी।
“मैं महानिदेशक बनने के बाद यहां आया, मान्यता के लिए पत्र लिखा, हेलीकॉप्टर का प्रकार, अवधि, नेपाल में किराए पर चलाने या चीन से लाने के विवरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। फिलहाल विकल्पों में मानचित्र देखकर अध्ययन हो रहा है।”
उनके अनुसार, रिपोर्ट सौंपने का समय थोड़ा बचा है, आवश्यक होने पर भविष्य में पुनः हवाई सर्वेक्षण किया जा सकता है।
प्रारंभिक अध्ययन में नेपाल-चीन अंतरराष्ट्रीय रेल सेवा के अंतर्गत नेपाल पक्ष में 72 किलोमीटर लंबा रेलमार्ग प्रस्तावित है।
जिसमें 68.6 किलोमीटर सुरंगें सात और 2.6 किलोमीटर नौ पुलों द्वारा ओटा जाएगा।
रेल विभाग के कई अधिकारी पूर्वसर्वेक्षण में नेपाल हिस्से के लगभग 95 प्रतिशत भाग भूमिगत होने का अनुमान लगाते हैं।
पूर्वसर्वेक्षण में रेलमार्ग की प्रारंभिक स्थिति केरुङ और अंतिम स्थान टोखा के रूप में प्रदर्शित किया गया है। संभाव्यता अध्ययन में तकनीकी टीम ने ड्रोन के माध्यम से प्रस्तावित मार्ग का भी अध्ययन किया है, और काठमाण्डू से केरुङ तक भौगर्भिक एवं तकनीकी विवेचना की गई है।
पूर्व में भौतिक योजना एवं पूर्वाधार मंत्रालय की आर्थिक वर्ष 2080/81 की वार्षिक रिपोर्ट में चीन सरकार की सहायता से केरुङ-काठमाण्डू विद्युत रेलमार्ग योजना के साथ-साथ काठमाण्डू-पोखरा, काठमाण्डू-लुम्बिनी रेलमार्ग अध्ययन का उल्लेख था।
भारत से जोड़ने वाली रेल योजना की क्या स्थिति है?
तस्बिर स्रोत, IndiaInNepal/TWITTER
भारत सरकार की सहायता से रक्सौल-काठमाण्डू रेलमार्ग का ‘अंतिम लोकेशन सर्वे’ पूरा हो चुका है और नेपाली पक्ष ने इस पर सुझाव भी प्रदान किए हैं, अधिकारियों ने जानकारी दी है।
रेल विभाग के महानिदेशक पोखरेल के अनुसार मुख्य रूप से चार बिंदुओं में सुझाव दिए गए हैं।
“हमारे सुझावों में यह था कि यह मार्ग निजगढ हवाई अड्डे के लिए सुविधाजनक होना चाहिए और इसे इस बात पर विचार करना चाहिए। दूसरा, यदि यह कुलेखानी बांध के पास से गुजरता है तो उसका क्या प्रभाव होगा, इसे देखना आवश्यक है। इसके अलावा खानों को सम्बोधित करने का मुद्दा भी था। हमने खनन विभाग का नक्शा भी दिया है और कहा है कि हमें इस क्षेत्र को छोड़कर कहीं और से आना चाहिए।”
पोखरेल ने काठमाण्डू-निजगढ एक्सप्रेसवे निर्माण के काम को स्मरण करते हुए कहा कि इसका ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसे तकनीकी रिपोर्ट के जरिए सुनिश्चित करना होगा।
रेल विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अभी तक अंतिम परियोजना रिपोर्ट मिलने की सूचना नहीं है।
लेकिन डेढ़ महीने पहले राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए भारतीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 136 किलोमीटर लंबे रक्सौल-काठमाण्डू रेल मार्ग का अंतिम लोकेशन सर्वे पूरा होने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने की सूचना दी थी।
उन्होंने कहा कि डीपीआर बनने के बाद परियोजना की स्वीकृति से पहले हितधारकों से परामर्श, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय की मंजूरी आवश्यक होगी।
इसके पहले रेल विभाग के तत्कालीन महानिदेशक ने डीपीआर बनाकर कन्कण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपा था, जिसने 18 महीने में सर्वेक्षण पूरा किया।
रेलमार्ग निर्माण में तीन खरब 84 अरब रुपये की लागत का अनुमान है, जिसमें काठमाण्डू से रक्सौल तक 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी ने अपने चुनावी वचन पत्र में नेपाल के यातायात प्रणाली में दीर्घकालीन सुधार के लिए व्यापक अध्ययन के आधार पर पचास वर्ष का मास्टर प्लान तैयार करने का आश्वासन दिया है।
इस पार्टी ने पोखरा, काठमाण्डू, दाङ, सुर्खेत और तराई के प्रमुख शहरों को भारत और चीन के रेल मार्गों से जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई है।
परन्तु अभी तक इसके लिए ठोस योजना और निवेश के स्रोत निर्धारित नहीं हुए हैं।
हमारे कंटेंट फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर भी उपलब्ध हैं। साथ ही, नेपाली सेवा सोमवार से शुक्रवार शाम पौने नौ बजे रेडियो पर भी सुनी जा सकती है।
सिरहा जिला अदालत ने प्रेसर कुकर बम विस्फोट के आरोपी गुमस्ताकुमार यादव को पुर्पक्ष के लिए कारागार भेजने का आदेश दिया है। गुमस्ताकुमार यादव को गत चैत्र २७ को सिरहा नगरपालिका-१ स्थित बार एसोसिएशन भवन में हुए विस्फोट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिला प्रहरी कार्यालय सिरहा के सूचना अधिकारी रमेशबहादुर पाल ने यादव को अदालत के आदेश के अनुसार कारागार भेजे जाने की जानकारी दी।
सिरहा नगरपालिका-१ स्थित बार एसोसिएशन के भूतल में मौजूद ‘कामधेनु एल फर्म’ के भीतर हुए विस्फोट में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए २९ वर्षीय गुमस्ताकुमार यादव को कारागार भेजा गया है। सुखिपुर नगरपालिका-३ लक्ष्मिनिया टोल के निवासी यादव उसी फर्म में कर्मचारी हैं। चैत्र २७ को हुए इस विस्फोट के बाद पुलिस ने सूक्ष्म जांच शुरू की थी। जांच पूरी कर जिले की अदालत में पेश किए गए यादव को अदालत के आदेशानुसार गुरुवार को पुर्पक्ष के लिए कारागार भेजा गया, ये जानकारी जिला प्रहरी कार्यालय सिरहा के सूचना अधिकारी और प्रहरी नायब उपरीक्षक रमेशबहादुर पाल ने दी।
बल्खु क्षेत्रका स्थानीय बासिन्दाहरूले अनधिकृत संरचना र सुकुमवासि बस्ती हटाउने प्रक्रियाप्रति गम्भीर असन्तुष्टि र आक्रोश व्यक्त गरेका छन्। अम्बिका पुरीले पूर्वसूचना नदिइ बस्ती हटाउने प्रयास गरिएको र विकल्पको व्यवस्था नगरी सडकमा पुर्याइएको आरोप लगाएकी छिन्। उनले महानगरपालिकाले कुनै पनि पूर्वब्यवस्था नगरेको र डोजर चलाउँदा धनमालमा क्षति पुगेको पनि जानकारी दिइन्। १८ वैशाख, काठमाडौं।
अनधिकृत संरचना र सुकुमवासि बस्ती हटाउने प्रक्रिया अघि बढाउँदा बल्खुका स्थानीयहरूमा तीव्र असन्तोष र आक्रोश देखा परेको छ। बल्खुस्थित सुकुमवासि बस्तीमा सात जनाको परिवारसहित बसोबास गर्दै आएकी अम्बिका पुरीले पूर्वसूचना नदिइ अचानक बस्ती हटाउन खोजिएको भन्दै आफ्नो पीडा व्यक्त गरिन्। उनले भनिन्, “विकल्पको व्यवस्था नगरी हामीलाई सडकमा पुर्याइएको छ।”
पुरीले विगतमा धेरै मेहनत गरेर बसोबासको उचित व्यवस्था मिलाएको उल्लेख गर्दै सुकुमवासि बस्ती भत्काउनु अघि सही व्यवस्थापन वा अर्को सुरक्षित स्थानको व्यवस्था हुनुपर्ने माग गरिन्। उनले काठमाडौं महानगरपालिकाका मेयर बालेन्द्र शाहको कार्यशैलीप्रति टिप्पणी गर्दै पहिले केही राम्रो काम हुने आशा गरिए पनि अहिले आफूहरू ठूलो समस्या र निराशामा परेका बताइन्। उनले थपिन्, “हामीलाई कुनै पनि जानकारी नै दिइएको थिएन। यदि जानकारी दिइएको भए कम्तीमा पनि आफ्ना सामानहरू सुरक्षित ठाउँमा सार्न सकिन्थ्यो।”
सरकार ने काठमांडू के असंगठित और सुकुमवासी बस्तियों को हटाने के दूसरे चरण के तहत बल्खु, माछापोखरी, शंखमुल क्षेत्रों में डोजर द्वारा घर तोड़े जा रहे हैं।
सुकुमवासी बस्ती को हटाने के दौरान, लालपुर्जा वाले घर के मालिक अपने घर टूटने के डर से लालपुर्जे की प्रति अपनी दीवारों पर चिपका रहे हैं।
शंखमुल की सुकुमवासी बस्ती के पास खली जमीन पर घर बनाने वालों ने भी दीवारों पर लालपुर्जे की प्रति चिपका रखी है।
१८ वैशाख, काठमांडू। सरकार काठमांडू की अव्यवस्थित और सुकुमवासी बस्तियों को हटाने का कार्य लगातार जारी रखे हुए है। दूसरे चरण के अंतर्गत आज शुक्रवार को बल्खु, माछापोखरी, शंखमुल सहित कई इलाकों में डोजर द्वारा घरों और टहरों को तोड़ा जा रहा है।
सुकुमवासी बस्ती को ध्वस्त करने के दौरान, लालपुर्जा वाले घर मालिक अपने घर टूटने के डर से घर की दीवारों पर लालपुर्जे की प्रति चिपका रहे हैं ताकि उनकी संपत्ति सुरक्षित रहे।
शंखमुल की सुकुमवासी बस्ती के समीप खाली जमीन पर घर बनाने वाले लोगों ने भी इसी प्रकार की कार्रवाई करते हुए अपने घर की दीवारों पर लालपुर्जे की नकल लगाई है।
रोल्पा के जलजला में वैशाख पूर्णिमा के मेलें में शामिल होकर गई बोलेरो जिप दुर्घटना में 20 लोगों की मृत्यु हो गई है। मृतकों में सिस्ने गाउँपालिका 5, टाकुरा, रुकुम पूर्व, भुमे 5, रुकुम पूर्व और दाङ के विभिन्न स्थानों के लोग शामिल हैं। घायल समीर कामी उपचार के बाद घर लौट चुके हैं जबकि शव परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
गुरुवार को रोल्पा की इस जिप दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान सामने आई है। जिला प्रहरी कार्यालय रोल्पा के डीएसपी वीरेंद्रकुमार विश्वकर्मा के अनुसार, मृतकों की 20 लोगों की नई पहचान हो चुकी है। वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर जलजला मेलें में भाग लेने के दौरान लु 1ज 4167 नंबर की बोलेरो जिप दुर्घटना की शिकार हुई थी।
जान गंवाने वाले लोग सिस्ने गाउँपालिका वडा नं. 5, टाकुरा गाँव, रुकुम पूर्व, घोराही उपमहानगरपालिका-15 रतनपुर, दाङ और भुमे गाउँपालिका, रुकुम पूर्व के रहने वाले हैं। दुर्घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ था। घायल समीर कामी सिस्ने-5 के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, शवों को दुर्घटना स्थल से निकालकर परिवारों को सौंपने का कार्य चल रहा है।
मृतकों के नाम इस प्रकार हैं: 1. गोर्ख बहादुर बुढाथोकी (32 वर्ष) 2. तिलकुमारी बुढाथोकी (53 वर्ष) 3. युवा बुढाथोकी (28 वर्ष) 4. दिव्यन बुढाथोकी (10 वर्ष) 5. सृजना बुढाथोकी (24 वर्ष) 6. सुदीप बुढाथोकी (13 वर्ष) 7. ओमकुमारी बुढाथोकी (40 वर्ष) 8. मीना कामी (60 वर्ष) 9. लक्ष्मी शाह (60 वर्ष) 10. रुक्मिणा बस्नेत (भुमे–5, रुकुम पूर्व) 11. टेकप्रसाद बुढामगर (दाङ के घोराही–15, रतनपुर) 12. दोरपती जिसी (54 वर्ष) 13. तिला जिसी (32 वर्ष) 14. जेनिस जिसी (7 वर्ष) 15. जेनिसा जिसी (12 वर्ष) 16. एलिना जिसी (25 वर्ष) 17. संयोग जिसी (7 वर्ष) 18. यमबहादुर जिसी (उम्र ज्ञात नहीं, घोराही–13, दाङ) 19. धनमाया विष्ट (शांतिनगर, दाङ, वर्तमान में सिस्ने–5, रुकुम पूर्व) 20. बेदु कामी (42 वर्ष, वाहन चालक)
नेपाल सुनचाँदी व्यवसायी महासंघ ने शुक्रवार को सुन के दाम तोले पर 3,400 रुपये बढ़ाकर 2 लाख 96 हजार 100 रुपये निर्धारित किए हैं। चाँदी के दाम भी 135 रुपये बढ़कर तोले पर 4,945 रुपये तक पहुँच गए हैं। पिछले दिन सुन के दाम 2 लाख 92 हजार 700 रुपये और चाँदी के दाम 4,810 रुपये थे। 18 वैशाख, काठमांडू।
शुक्रवार को सुन के दाम में तोले पर 3,400 रुपये की वृद्धि हुई है। नेपाल सुनचाँदी व्यवसायी महासंघ ने आज के लिए सुन के दाम तोले पर 2 लाख 96 हजार 100 रुपये निर्धारित किए हैं। पहले दिन सुन का कारोबार 2 लाख 92 हजार 700 रुपये पर हुआ था। इसी प्रकार, पिछले शुक्रवार को सुन का कारोबार 2 लाख 96 हजार 500 रुपये पर हुआ था।
चाँदी के दाम आज तोले पर 135 रुपये बढ़े हैं। पिछले दिन चाँदी का कारोबार 4,810 रुपये प्रति तोला हुआ था, जो आज बढ़कर 4,945 रुपये हो गया है। गत शुक्रवार चाँदी का कारोबार भी तोले पर 4,945 रुपये पर हुआ था।
सशस्त्र प्रहरी बलका महानिरीक्षक राजु अर्याल १८ वैशाखदेखि अनिवार्य अवकाशमा जाने भएका छन्। उनले चार वर्षे विवादरहित कार्यकाल पूरा गर्दै संगठनलाई सही मार्गदर्शन गर्न महत्वपूर्ण योगदान दिएका छन्। सरकारले नारायणदत्त पौडेललाई नयाँ महानिरीक्षक नियुक्त गर्ने निर्णय गरिसकेको छ र उनी १९ वैशाखदेखि जिम्मेवारी सम्हाल्नेछन्।
१८ वैशाख, काठमाडौं। सशस्त्र प्रहरी बलका महानिरीक्षक (आईजीपी) राजु अर्याल आजदेखि अनिवार्य अवकाशमा जाने तयारीमा छन्। चार वर्षे कार्यकाल पूरा गर्दै, अर्याल शुक्रबार मध्यान्ह १२ बजेबाट अवकाशमा लाग्नेछन्। सशस्त्र प्रहरी मुख्यालयले साँझ औपचारिक फौजी परम्पराअनुसार बिदाइ समारोह आयोजना गर्नेछ।
चार वर्षे विवादरहित कार्यकालमा अर्यालले कुनै ठूलो विवादमा नपर्ने र संगठनलाई सही दिशा दिने क्रममा निकै प्रभावशाली भूमिका निभाउने कुरा सशस्त्र प्रहरी मुख्यालयले जनाएको छ। अर्यालको अवकाशपछि सरकारले नारायणदत्त पौडेललाई नयाँ महानिरीक्षक नियुक्त गर्ने निर्णय गरिसकेको छ। पौडेलले भोलि शनिबारदेखि नयाँ जिम्मेवारी सम्हाल्नेछन्।
संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान, इराक और लेबनान की ओर जाने वाले अपने नागरिकों की यात्राओं पर रोक लगा दी है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इन तीन देशों की यात्रा न करने और वहां रह रहे अपने नागरिकों से तुरंत वापसी का आग्रह किया है।
यूएई ने तैलीय उत्पादक देशों के समूह ओपेक और ओपेक प्लस से भी बाहर निकलने का निर्णय ले लिया है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ‘वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, देश के हित में विदेश मंत्रालय यूएई के नागरिकों के लिए ईरान, इराक और लेबनान की यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करता है।’ इसके साथ ही, वहां मौजूद यूएई के नागरिकों से तुरंत देश लौटने का आग्रह भी किया गया है।
३१ असार २०७७ मा पक्राउ परेका सरकारी कर्मचारी दिवाकर देउजा अहिलेको ई–बिडिङ ह्याक प्रकरणमा पुनः जोडिएका छन्। सीआईबीले २८ फागुनमा देउजालाई भोटहिटीबाट पक्राउ गरी अनुसन्धान सुरु गरेको छ। यस प्रकरणमा १३ जनालाई पक्राउ गरी सार्वजनिक खरिद अनुगमन कार्यालयको प्रणालीमा अनधिकृत पहुँच र ठेक्का हेरफेर भएको पुष्टि भएको छ। १८ वैशाख, काठमाडौं। ३१ असार २०७७ मा प्रहरीले केन्द्रीय अनुसन्धान ब्युरो (सीआईबी)ले पक्राउ गरेर मुद्दा चलाएका सरकारी कर्मचारी अहिलेको ई–बिडिङ ह्याक प्रकरणमा संलग्न छन्। अनलाइन बोलपत्र प्रणालीमा अनधिकृत पहुँच (ह्याक गरी) पुर्याई ठेक्काका विवरण हेरफेर गर्ने काममा पाँच वर्षअघि नै पक्राउ परेका कर्मचारी जोडिएका हुन्। पाँच वर्षअघि सीआईबीले नेपाल टेलिकमको सर्भर ह्याक गरेको आरोपमा धनकुटा पाख्रिबास नगरपालिका–५ घर भएका २८ वर्षीय दिवाकर देउजालाई पक्राउ गरेको थियो। त्यतिबेला नेपाल टेलिकमको मोबाइल एपको सर्भर सिस्टम ह्याक गरी प्याकेज प्रयोग तथा बिक्री गरेर टेलिकमको राजस्व तथा व्यावसायिक छविमा गम्भीर क्षति पुर्याएको भन्दै देउजालाई सीआईबीले पक्राउ गरेको थियो। यस विषयमा टेलिकमले अनुसन्धान गरिपाऊँ भन्दै सीआईबीलाई पत्राचार गरेपछि देउजा पक्राउ भएका थिए। धनकुटाबाट पक्राउ परेका उनको साथबाट २ थान ल्यापटप र २ थान मोबाइलसमेत बरामद भएको थियो। उनले अनट्रेसएवल इन्टरनेट प्रविधि प्रयोग गरी अनधिकृत रूपमा नेपाल टेलिकमको सर्भर प्रणालीमा पटक–पटक पहुँच बनाएको देखिएको थियो। त्यतिबेला देउजा शहरी विकास तथा भवन कार्यालय, धनकुटामा कम्प्युटर अपरेटर पदमा कार्यरत थिए। उनीमाथि सीआईबीले विद्युतीय कारोबार ऐन, २०६३ अन्तर्गतको कसुरमा मुद्दा चलाएको थियो। १४ साउन २०७७ मा काठमाडौं जिल्ला अदालतका तत्कालीन न्यायाधीश कमलप्रसाद पोखरेलको आदेशपछि उनी ५० हजार धरौटीमा रिहा भएका थिए। अहिले उनै देउजा फेरि अनलाइन बोलपत्र प्रणालीमा पहुँच पुर्याई ठेक्काका विवरण हेरफेरमा जोडिएपछि पक्राउ परेका छन्। ३३ वर्षका देउजालाई भोटहिटीबाट पक्राउ गरिएको सीआईबीले बताएको छ। सीआईबीले उनलाई २८ फागुनमा पक्राउ गरेका हुन्। सुरुमा देउजालाई पक्राउ गरेर अनुसन्धान गरेको प्रहरीले अहिलेसम्म यो प्रकरणमा १३ जनालाई पक्राउ गरेको छ। सार्वजनिक खरिद अनुगमन कार्यालयको ई–गभर्नमेन्ट प्रोक्योरमेन्ट प्रणालीमा अनधिकृत पहुँच पुर्याई विभिन्न ठेक्काका विवरण हेरफेर हुने गरेको भन्दै प्रहरीको केन्द्रीय साइबर ब्युरो भोटाहिटीमा उजुरी परेको थियो। ठेक्काहरूको आर्थिक प्रस्ताव खोल्नु अगावै डकुमेन्ट परिवर्तन हुने गरेको बताइएको थियो। प्रारम्भिक अनुसन्धानका क्रममा यो ठूलो संगठित अपराध रहेको खुलेपछि यसको अनुसन्धान साइबर ब्युरोभन्दा माथिल्लो निकाय सीआईबीले सुरु गरेको थियो। अहिलेसम्म सीआईबीले १० निर्माण व्यवसायीसँगै १३ जनालाई पक्राउ गरिसकेको छ। बझाङको दुर्गाथली गाउँपालिका–३ घर भएका २५ वर्षीय भरत धामीलाई भक्तपुरको सूर्यविनायक नगरपालिका–३ बाट ११ चैतमा, तनहुँको बन्दीपुर गाउँपालिका–१ का ३९ वर्षीय सञ्जय भट्टलाई गुल्मीबाट ११ चैतमा, काठमाडौंका ३५ वर्षीय भाष्करराज अर्याललाई काठमाडौं बोहराटारबाट १७ चैतमा, हेटौंडाका ४० वर्षीय सागर कटुवाललाई १७ चैतमा कमलादी काठमाडौंबाट र सुनसरीको दुहवी नगरपालिका–५ का ६२ वर्षीय जीवनकुमार दासलाई सोही ठाउँबाट २३ चैतमा सीआईबीले पक्राउ गरी सार्वजनिक गरेको थियो। ११ वैशाखमा पूर्वमन्त्री तथा राप्रपाका वरिष्ठ नेता एवं उपाध्यक्ष विक्रम पाण्डे पक्राउ परेका थिए। उनी कालिका कन्स्ट्रक्सन प्रालिका सञ्चालक हुन्। भिषण कन्स्ट्रक्सन प्रालिका सञ्चालक टंककुमार श्रेष्ठ पनि सामाखुसीबाट ११ वैशाखमा पक्राउ परेका थिए। १२ वैशाखमा पेप्सीकोलाबाट इन्कोन प्रालिका सेयर धनी तथा लेखापाल ३० वर्षीय स्वदेश पोखरेल पक्राउ परे। यसको भोलिपल्ट १३ वैशाखमा कल्पवृक्ष बिल्डर्स प्रालिका सञ्चालक ४१ वर्षीय प्रकाश ढुंगाना पक्राउ परे। पछिल्लो पटक सीआईबीले आशिष निर्माण सेवाका सञ्चालक ७० वर्षीय ऋषिकेश गौलीलाई पक्राउ गरेको छ। कर्मचारी देउजाले बोलपत्रको अन्तिम समय सकिएपछि अनधिकृत रूपमा पहुँच पुर्याएर सबैको विवरण हेर्ने र आफ्नो बोलपत्र प्रस्ताव स्वीकृत गर्न संशोधन गरी सबैभन्दा कम मूल्य राख्ने र टेन्डर हात पार्ने गरेको अनुसन्धानबाट देखिएको एक अधिकारीले बताए। यसका लागि ठेकेदार कम्पनीहरूसँग सम्पर्क गर्ने र बार्गेनिङ गरेर रकममा कुरा मिलेपछि अनलाइन बोलपत्रमा पहुँच पुर्याएर विवरण संशोधन गर्दै ठेक्का हत्याउने गरेको सीआईबीको भनाइ छ। कर्मचारी देउजाले यसका लागि अन्य ह्याकरको समेत सहयोग लिएको बताइएको छ। तर यसबारे सीआईबीले केही पनि बताएको छैन। विगत केही वर्षदेखि ठूला ठेक्काको टेन्डरमा यसैगरी पहुँच पुर्याउँदै विवरण संशोधन गर्दै ठेक्का हात पार्ने गरेको देखिएको सीआईबीले जनाएका छन्।
कृषि एवं पशुपालन विकास मंत्रालय ने ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य और न्यूनतम क्रय मूल्य निर्धारण संबंधी निर्देशिका २०८२’ जारी की है। इस निर्देशिका के अनुसार, किसानों को धान, मक्का, गेहूं और कोदो जैसी प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की जानकारी रोपाई से पहले ही प्राप्त होगी। इससे किसानों को फसल चयन में सुविधा मिलेगी, उत्पादन योजना बनाने में मदद मिलेगी और बाजार जोखिम कम होगा।
निर्देशिका में प्रत्येक फसल के लिए मूल्य निर्धारण की स्पष्ट कार्यप्रणाली निर्धारित की गई है। चिंतन करते हुए, गन्ने के लिए ३० भाद्र तक फिल्ड सर्वेक्षण और आंकड़ा संग्रह कर १५ असोज तक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार की जाएगी और ३० कार्त्तिक तक अंतिम सिफारिश प्रस्तुत की जाएगी। गेहूं के लिए ३० सावन तक सर्वेक्षण किया जाएगा तथा १५ भाद्र तक रिपोर्ट और ३० असोज तक अंतिम सिफारिश दी जाएगी।
चैते धान, वर्षा धान, वर्षा मक्का और कोदो के लिए भी मंसिर से वैशाख तक विभिन्न चरणों में अध्ययन, विश्लेषण और सिफारिश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस निर्देशिका से कृषि क्षेत्र में निवेश और उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद मंत्रालय ने व्यक्त की है। यह निर्देशिका खाद्य अधिकार एवं खाद्य सम्प्रभुता संबंधी कानून २०७५ की धारा ४७(१) के तहत जारी की गई है।
ढोरपाटन नगरपालिका ने यहां के 48 किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर यांत्रिक हलो उपलब्ध कराया है। उपप्रमुख धनबहादुर कायत के अनुसार, हलो खरीद में 24 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। नगर पालिका की नौ वार्डों के किसानों को व्यावसायिक खेती में सहायता देने के लिए हलो वितरण किया गया है।
18 वैशाख, बागलुङ। ढोरपाटन नगरपालिका ने किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन बढ़ाने के लिए अनुदान में यांत्रिक हलो उपलब्ध कराया है। यहां के अधिकांश क्षेत्रों में आलू, सिमी समेत साग-सब्जी की खेती हो रही है। अनुदान में यांत्रिक हलो मिलने के बाद किसानों ने खुशी व्यक्त की है।
इरान ने अमेरिका के साथ जारी वार्ता में पाकिस्तान को आधिकारिक मध्यस्थकर्ता घोषित कर दिया है। इरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने पाकिस्तान को वार्ता में आधिकारिक मध्यस्थकर्ता के रूप में पुष्टि की है। उन्होंने कहा, ‘कई देश इस मामले में सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन पाकिस्तान ही वार्ता के लिए आधिकारिक मध्यस्थकर्ता है।’
इरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के रूस भ्रमण के बाद रूस द्वारा भी मध्यस्थकर्ता की भूमिका निभाए जाने की चर्चा उठी है। बकाई ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा, ‘यदि वार्ता करने का निर्णय होता है, तो हम सभी बातें पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक करेंगे।’ उन्होंने इरान और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी, साथ ही राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में व्यापक सहयोग पर भी चर्चा की।
बकाई ने रूस और चीन के साथ कूटनीतिक सहयोग के कारण इरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ‘क्षेत्र के कुछ देशों की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों’ को संबोधित करने में सफलता मिली है, बताया। अब्बास अराघची के रूस भ्रमण के बाद रूस द्वारा इरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाने की संभावना बढ़ रही है।
सर्लाही में आयोजित पाँचवें ग्रामीण चलचित्र महोत्सव तीन दिन तक चला जिसमें कुल १७ फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इस महोत्सव में मधेश प्रदेश की कहानियों और पर्यटन को प्राथमिक विषय बनाकर विभिन्न संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में श्रेष्ठ कलाकारों और स्रष्टाओं को पुरस्कार प्रदान किए जाने के साथ-साथ नाढीमन ताल विषयक पुस्तक का भी विमोचन किया गया।
काठमांडू। सर्लाही में सफलतापूर्वक संपन्न हुए इस पाँचवें ग्रामीण चलचित्र महोत्सव में १७ फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जातियों के पारंपरिक वेशभूषा के साथ झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। मधेश प्रदेश की कहानियों और पर्यटन को केन्द्र में रखकर कई संवाद कार्यक्रम भी आयोजित हुए। आयोजक संस्था सेलेब्रिटी नेपाल के अध्यक्ष रघुनाथ सापकोटा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम हुआ जिसमें चलचित्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष दिनेश डीसी मुख्य अतिथि थे।
कार्यक्रम में चन्द्रनगर गाउँपालिकाका अध्यक्ष राजकुमार महतो ने ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सर्लाही में महोत्सव के आयोजन से स्थानीय क्षेत्र का प्रचार-प्रसार महत्वपूर्ण रूप से हुआ है। चन्द्रनगर गाउँपालिका के नाढीताल में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न श्रेणियों में श्रेष्ठ कलाकारों और स्रष्टाओं को पुरस्कार से सम्मानित किया गया और नाढीमन ताल विषयक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
महोत्सव के विजेताओं की सूची इस प्रकार है: सर्वश्रेष्ठ फिल्म – मोहर, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – ओम प्रतीक गुरुङ (मोहर), सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – नाजीर हुसेन (गुन्युचोलो), सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – सुरक्षा पन्त (कोशेढुंगा), सर्वश्रेष्ठ पटकथा – समुद्र भट्ट/नाजीर हुसेन (गुन्युचोलो), जूरी पुरस्कार – निर्देशक मिलन तामांग (माइतीघर), प्रोत्साहन पुरस्कार – मञ्जिलकुमार (कोशेढुंगा), सर्वश्रेष्ठ सम्पादक – नहकुल खड्का (कोशेढुंगा), सर्वश्रेष्ठ छायाकार – बाबु श्रेष्ठ (कोशेढुंगा), सर्वश्रेष्ठ आदिवासी फिल्म – नाक्छोङ, सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म – नीलो आकाश।
समाचार का संक्षिप्त संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार। जीवन के परिवार में उसकी पत्नी और बच्चे हैं, जो मिलकर मजदूरी करते हैं लेकिन ऋण और दैनिक खर्चों की वजह से उनका आर्थिक संकट बना हुआ है। ‘दादू, आप लोग कितने बजे सोते हैं?’ उसने पूछा। ’10 बजे,’ मैंने उत्तर दिया। ‘तो मैं 10 बजे तक भारी लेकर डिस्टर्ब नहीं करूंगा,’ उसने कहा। मैंने मना कर दिया। घर की छत पर लेवलिंग का काम था। उसे जमीन से दो मंजिल ऊपर बालू और बजरी पहुंचानी थी। ठेकेदार भारी के अनुसार मजदूरी देता था। वह अपने काम में व्यस्त हो गया, मैं अपने काम में लग गया। हम 9 बजे खाना खाए। मुझे पता था कि उसने खाना खा लिया है। ‘खाना खाकर आया दादा, जल्दी खाना खाने वाला हूँ, बूढ़ी बना रही है,’ उसने कहा। लेकिन वह 9 बजे तक नहीं रुका और चला गया। जाने से पहले उसने मुझसे अगले दिन कितने बजे उठना है, ये तय करने को कहा। वह शाम 5 बजे तक नियमित काम करता और 6 बजे से 9 बजे तक ओवरटाइम करता था। मैं विदेश में नौकरी करते वक्त इतनी देर काम करता था। ‘सुबह लगभग 4 बजे उठता हूँ,’ मैंने कहा। अगले दिन सुबह 4 बजे उठकर दरवाजा खोला, पर उसका पिछला दिन का वादा पूरा नहीं हुआ था, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। चलने की स्थिति नहीं थी। हमारे सभी नियम उस जीवन पर भी लागू हुए। लेकिन 6 बजे वह अचानक आ गया। ‘मेरा तो खराब हो गया दादा,’ उसने कहा। ‘क्यों?’ मैंने पूछा। ‘गेट अपना काम नहीं कर रहा, लेकिन मैंने मदद करने वाला साथी लाया हूँ।’ ‘इला रानी, जल्दी काम करो,’ उसने नेपाली और मगर भाषा में पत्नी को आदेश दिया। करीब 1 घंटे के श्रम के बाद, ‘अब चलते हैं दादा, कमरे में जाकर खाना खाकर ड्यूटी करूंगा।’ 6:30 बजे वह वापस आए। पत्नी बालू भरने और पति ऊपर पहुंचाने का काम चुपचाप करने लगे। सीमेंट के बोरे में बालू और बजरी भरते। लौटते वक्त दो सीढ़ियां एक साथ चढ़कर थोड़ी जल्दी करने की कोशिश करते। मैं उन्हें देख रहा था, छोटी बेटी को गोद में लेकर। 7:30 बजे पत्नी वापस आई, अब वह अकेले भारी भरने और उठाने लगी। 8 बजे मैंने उसे पानी दिया। पर उसने पानी पीने से इंकार कर दिया। मैंने ग्लूकोज पानी बनाकर पुनः आग्रह किया। ‘हाँ, पानी पीना जरूरी है। पानी न पिया तो किडनी खराब हो जाएगी। मेरे भाई की छह साल पहले किडनी फेल हो गया था,’ उसने बताया। ‘पत्नी क्या कर रही है?’ मैंने पूछा। ‘वह खाना बना रही है। मैं लेट जाऊंगा इसलिए गेट खोल देगी। इसलिए मैं देर तक काम कर सकता हूँ।’ ‘कितने बजे तक काम करोगे?’ मैंने पूछा। ‘जब मन करे तब तक।’ मैंने कोई समय सीमा तय करने की आवश्यकता नहीं समझी। उसने ठेकेदार से समझौते के अनुसार कभी बजरी, कभी बालू उठाई थी। हर भारी गिनती आसान हो यह भावना से एक बटुआ में बजरी रखता था। मैं सोया तक वह ईंट बजा रहा था। अगला दिन भी। शायद वह पूरा नहीं सो पाया था, या समस्या की वजह से सो नहीं पाया। हमारी भी शाम की फुर्सत कम होती है। बेटी को सुलाने, खाना पकाने, खाने का काम 9-10 बजे के बीच होता है। खाना तैयार होने पर पत्नी ने उसे खाने के लिए बुलाया। ‘कमरे में पहले से ही खाना तैयार है, आप लोग खाइए,’ उसने मुस्कुराते हुए कहा और फिर काम में लगा रहा। रात 10 बजे सुनसान सड़क पर बेलचा की खड़खड़ाहट दिल तोड़ने वाली लगती थी। पड़ोसी सो चुके थे। जो किराये के मकान में रहता था, उसने उसके कर्म को देखकर सराहना की। उसने लंबी सांस लेकर कहा, ‘यह मानव चोला कहाँ है? किसी के पास संपत्ति संभालने का वक्त नहीं, किसी के पास ये भारी उठाने का साहस!’ मैं चुप था। कभी-कभी चुप्पी गहरी होती है। मुझे उसके जीवन का पार्श्व संगीत सुनना था, उसके उतार-चढ़ाव की कहानी लिखनी थी। 10 बजकर 30 मिनट हो गये थे। मैं मोबाइल बंद कर उसके पास गया। मटमैला टी-शर्ट, धूल जमी थी। फेस पर पसीना विशेष नहीं था। शायद मुझसे हल्का पसीना था। ‘कितने बजे तक काम करते हो?’ मैंने पूछा। ‘आप लोग कितने बजे सोते हैं?’ उसने जवाब दिया। ‘मैं लगभग 11 बजे सोता हूँ, आपकी मेहनत की कद्र करनी चाहिए।’ मैंने कहा। उसने फिर कहा, ‘डिस्टर्ब हुआ क्या?’ ‘डिस्टर्ब नहीं, पर…’ मैंने विषय बदल दिया। ‘अब जाओ, कल करो। शरीर, बजरी, बालू, सीमेंट एक समान नहीं हैं। आराम जरूरी है।’ मेरी बात सुनकर उसने सहमति जताई। ‘सुबह कितने बजे उठते हो?’ ‘5 बजे।’ ‘मैं तो 3 बजे उठना था!’ मैं चौंक गया। ‘आपको सोना जरूरी नहीं?’ मैंने पूछा। ‘3-4 घंटे सोया तो निंद्रा पूरी हो जाती है। मैं हमेशा 3 बजे उठता हूँ।’ तूफानी! 18-20 घंटे मजदूरी, 3 घंटे आराम! इस काम का शोषण कौन कर रहा है? मैं भी मौन था। ‘सायकिल यहीं रखता हूँ।’ वह जाते वक्त बोला। ‘क्यों?’ ‘गेट बंद होता होगा, नागर आसानी से नहीं।’ ‘पत्नी नहीं खोलती?’ ‘वह भी दिनभर काम से थकी होती है, सो रही होगी।’ मैंने कुछ नहीं कहा। ‘हाँ, सुबह आ जाऊंगा।’ सायकिल छोड़कर चला गया। *** पत्थर फेंकने की आवाज आती रही। – पत्थर चोरी कर रहे हैं या क्या? मेरे पास एक नया मकान बनने वाला है, जिसके लिए वह व्यक्ति पूरी रात बालू ले गया था। सच में वह रातभर सांस लेकर काम कर रहा था। घर में लाइट जल रही थी, घड़ी ने 4:10 बजना बताया। अंदर दंपत्ति धीरे-धीरे काम कर रहे थे। लगातार नहीं सो पाने वाला, मेहनत में लगा इंसान की कहानी यह है। जीवन, यानी वह इंसान। संवत् 2050 में जन्मा जीवन ने 11 वर्ष की उम्र में पिता खो दिया। तब पढ़ाई बंद हो गई। उसका बचपन गृहयुद्ध की चपेट में था। जीवन ने भी अनगिनत जुदाई खेली। विदेश मलेशिया में काम करके थोड़ी पूंजी इकट्ठा की और घर लौट आया। बुजुर्गों के साथ मिलकर खेती में लगा लेकिन ऋण और समस्या बनी रही। बच्चों के लिए बड़े सपने के साथ जीवन संघर्ष कर रहा है। फिर भी वह आरामदायक रास्ता खोजने की कोशिश करता है, घर पाल नहीं सका तो जन्मस्थल से जोडने की कोशिश। ‘महीने में कितने दिन काम करते हो?’ मैंने पूछा। ’14 से डेढ़ महीने तक। एक दिन मिलता है छुट्टी।’ ‘दिन में कितने घंटे?’ ‘सुबह 4 से 7, 8 से 5 नियमित, शाम 6:30 से 10 ओवरटाइम।’ ‘कमाई कैसी है?’ ‘रोजाना 700 से 850 रुपये। महीने के अंत में इतना ही रहता है। पर ऋण चुकाना होता है।’ ‘ऋण कितना?’ ‘5-7 लाख।’ ‘कितना ब्याज देना पड़ता है?’ ‘कभी ज्यादा, कभी कम।’ शिक्षा और जीवन संघर्ष में बहुत दर्द छुपा है। ‘कब तक भारी उठाते हो?’ ‘जब तक भूख भूल जाऊं, पेट भरा रहे और शरीर उठाने में सक्षम हो, तब तक।’ पूंजी इकट्ठा करके छोटा खेत लगाने का विचार है, इतना भारी उठाना उससे बेहतर है। लेकिन मजबूरी और परिस्थिति ऐसी है कि हर दिन भारी उठाना पड़ता है। शरीर और मन को थका नहीं देना चाहिए पर उसकी जीवनशैली इसे संभव नहीं करती। उसकी कहानी है मेहनत, संघर्ष और साहस की अनंत गाथा। शहर की भीड़ में एक ऐसा मजदूर है, जिसके सिर पर सिर्फ बोझ ही नहीं, परिवार की उम्मीद और भविष्य भी टिका है।