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लेखक: space4knews

पथरी शनिश्चरे की सुकुमवासी बस्ती में दोहरी स्वामित्व विवाद और गहराया

बालेन शाह की अगुवाई वाली सरकार ने काठमांडू से शुरू की गई सुकुमवासी हटाने की मुहिम को देशभर की सुकुमवासी बस्तियों पर केंद्रित कर दिया है। मोरङ के पथरी शनिश्चरे में दोहरी स्वामित्व विवाद के कारण सुकुमवासी समस्या और जटिल हो गई है, जहाँ वैधानिक भूमि मालिक और स्थानीय उपयोगकर्ता के बीच संघर्ष जारी है। २०७० साल के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बावजूद भी दोहरी स्वामित्व विवाद सुलझ नहीं सका है, जिससे स्थानीय सरकार और न्यायालय के बीच दबाव है और जानकारी संकलन में लगभग ६ महीने लगने का अनुमान है। १७ वैशाख, विराटनगर। काठमांडू से शुरू हुई सुकुमवासी हटाने की पहल के नेतृत्वकर्ता बालेन शाह की सरकार देशभर के सुकुमवासी बस्तियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। काठमांडू में सुकुमवासी बस्तियों के डोज़र द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद सरकार ने वहां के विवरण संकलन और प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकांश क्षेत्रों में सुकुमवासी समस्याएँ समान हैं, लेकिन मोरङ के पथरी शनिश्चरे नगरपालिका क्षेत्र की समस्या अलग और जटिल है। यहाँ समस्या सिर्फ सुकुमवासी तक सीमित नहीं, बल्कि ‘दोहरी स्वामित्व’ विवाद भी शामिल है।

दोहरी स्वामित्व विवाद क्या है? २०३० से २०३६ साल के बीच जंगल काटकर घनी आबादी बसाई गई और वे आज भी उसी जमीन पर निवासरत हैं। हालांकि वैधानिक लालपुर्जा किसी और के नाम पर है। सुनसरी के कोशी टप्पु वन्यजीव अभयारण्य तथा झापा के हुम्सेदुम्से क्षेत्र से विस्थापित लोगों को सरकार ने ‘सट्टा भर्ती’ के रूप में पथरी शनिश्चरे में जमीन अलॉट की थी। सट्टा प्राप्त व्यक्तियों के पास वैधानिक स्वामित्व के कागजात हैं, लेकिन दशकों से जंगल काटकर बसे स्थानीय लोग भी वहाँ हैं। जब जमीन के वैध मालिक जमीन की मांग करते हैं तो स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण पथरी शनिश्चरे में बार-बार तनाव उत्पन्न होता है। ‘यहाँ दोहरी स्वामित्व विवाद काफी गहरा है,’ पथरी शनिश्चरे नगर प्रमुख मोहन तुम्बापो ने बताया, ‘वैध स्वामित्व दिखाने वाले और स्थानीय निवासी के बीच बार-बार विवाद होता है।’

पथरी शनिश्चरे में अपने नाम की जमीन का उपयोग न कर पाने के कारण डिल्लीप्रसाद प्रसाईं सहित १९ लोगों ने २०७० साल में सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था। अदालत ने निवेदकों के पक्ष में फैसला देते हुए जमीन के उपयोग में व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। अदालत के आदेश के बाद भी मोरङ जिला प्रशासन कार्यालय में बार-बार बैठकें हुईं, पर समाधान नहीं निकला। २०७२ साल के आंदोलन में पुलिस दखल देने पर आंदोलन के नेता जहरमान लिम्बू सहित कई लोगों को २९ दिन तक हिरासत में रखा गया था। हालांकि जमीन मालिकों ने अदालत के आदेश के पालन में स्थगन को लेकर सरकार के खिलाफ अदालत में अवमानना का मुकदमा दायर किया था। २०८२ असार १० को अदालत ने अवमानना का फैसला सुनाया, लेकिन उस निर्णय की पूरी प्रति अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है।

स्थानीय सरकार के प्रमुख तुम्बापो के अनुसार स्थानीय प्रशासन दोहरी स्थिति में है। एक ओर अदालत के आदेश न पालन करने का डर है, तो दूसरी ओर दशकों से रह रहे हजारों नागरिकों का दबाव है। उन्होंने कहा, ‘एक तरफ अवमानना के आरोप हैं, दूसरी तरफ लंबे समय से बसोबास कर रहे लोगों की समस्याएँ हैं। हम दोहरे दबाव में हैं।’ राष्ट्रीय भूमि आयोग के अनुसार मोरङ में जमीन के लिए ६५ हजार परिवारों ने आवेदन किया है, जिनमें से १० हजार से अधिक परिवार पथरी शनिश्चरे में हैं। तुम्बापो के अनुसार, वार्ड ३, ४, ७, ८, ९ और १० में दोहरी स्वामित्व की समस्या अत्यंत गहरी है तथा वार्ड २, ५ और ६ में भी विवाद देखे गए हैं। जिले के प्रशासन कार्यालय और नेपाली सेना ने सुकुमवासी विवरण संकलन के लिए पत्र नगरपालिकाओं को भेजा है, जिसमें इस प्रक्रिया को पूरा करने में ६ महीने लगने का अनुमान है। लेकिन नगर प्रमुख बताते हैं, ‘यह काम आसान नहीं है।’ उन्होंने बताया, ‘जब हम वार्ड नापने जाते हैं तो स्थानीय लोग पत्थरबाजी करते हैं, कभी-कभी एक वार्ड नापने में महीनों लग जाते हैं। सभी वार्ड का कार्य छह महीने से पहले खत्म नहीं हो पाएगा,’ उन्होंने कहा, ‘संविधान के अनुसार ऐसी जानकारी जमा कराना आवश्यक नहीं है।’ केंद्रीय सरकार ने सुकुमवासी हटाने की नीति बनाई है, लेकिन पथरी की दोहरी स्वामित्व समस्या का समाधान न किए जाने से इस क्षेत्र की समस्या का समाधान संभव नहीं है।

शल्यक्रियापछि कस्तो छ ओलीको स्वास्थ्य ? – Online Khabar

शल्यक्रियापरांत ओलीको स्वास्थ्य कस्तो छ?

१७ वैशाख, काठमाडौं। नेकपा एमालेका अध्यक्ष तथा पूर्वप्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओलीले पित्तथैलीको ढुंगा निकाल्न ल्यापरोस्कोपी शल्यक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न गरी अहिले घरमै विश्राम गरिरहेका छन्। उनलाई नियमित रूपमा हेरचाह गर्ने चिकित्सक डा. दिव्या सिंहका अनुसार ओलीको स्वास्थ्यमा क्रमशः सुधार हुँदैछ। तथापि, पूर्ण रूपमा स्वस्थ हुन अझै केही समय लाग्ने देखिन्छ। ओलीको शल्यक्रिया ३० चैतमा गरिएको थियो। तीन हप्तापछि पनि उनी सार्वजनिक कार्यक्रममा उपस्थित भएका छैनन्, जसका कारण धेरैले उनको स्वास्थ्य अवस्थाबारे चिन्ता गरेका छन्।

डा. सिंहले भनिन्, ‘शल्यक्रियापश्चात् क्रमशः स्वास्थ्यमा सुधार भइरहेको छ। उहाँ घरमै हिँडडुल गर्न र सामान्य भेटघाट गर्न सक्षम हुनुहुन्छ।’ उनलाई ज्वरो आएको वा स्वास्थ्य बिग्रिएको भन्ने कुनै अफवाहप्रति उनले आफूलाई कुनै जानकारी नआएको पनि बताइन्। उनले थपिन्, ‘यदि कुनै समस्या हुन्थ्यो भने मलाई खबर आउने नै थियो। अहिले पनि आज बिहान उहाँसँग औषधि सम्बन्धी फोनमा कुराकानी भएको थियो, कुनै समस्या छैन।’ पित्तथैलीको ढुंगा ल्यापरोस्कोपी प्रविधिद्वारा सफलतापूर्वक ३० चैतमा निकालिएको थियो।

छिटो स्वास्थ्य लाभ नहुनुको कारण सोध्दा डा. सिंहले भन्नुभयो, ‘उमेर, पहिलेका स्वास्थ्य समस्या र शल्यक्रियाको जटिलताका कारण रिकभरी अन्य बिरामीभन्दा केही सुस्त भइरहेको छ।’ ओलीलाई दुईपटक मिर्गौला प्रत्यारोपण गरिसकिएको छ र मुटुमा एन्जियोप्लास्टीसमेत भइसकेको छ। उनी नियमित औषधि सेवन गरिरहेका छन्, जसले गर्दा स्वास्थ्य छिटो सुधार नआएको हो। उनले थपिन्, ‘पहिलेदेखि रहेका स्वास्थ्य समस्या र मिर्गौला प्रत्यारोपणको इतिहासले गर्दा रिकभरी ढिलो भएको छ।’ शल्यक्रियापश्चात् छातीमा संक्रमण देखिएको थियो, तर औषधि सुरु गरेपछि दुई दिनभित्रै नियन्त्रणमा आएको डा. सिंहले जानकारी दिइन्। हाल घाउ क्रमशः निको हुँदै गएको र टाँका निकाल्ने बाँकी रहेको विवरण पनि उनले शेयर गरिन्।

नकली सरकारी कागजात बनाकर १०० टन प्रतिबंधित छोकड़ा आयात करने वाला व्यवसायी गिरफ्तार

१७ वैशाख, काठमाडौं। नकली सरकारी कागजात बनाकर १०० टन प्रतिबंधित छोकड़ा आयात करने की कोशिश करने पर व्यवसायी नविनकुमार अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है। नेपाल पुलिस केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (सीआईबी) ने बिहीवार वीरगंज महानगरपालिका–११ आदर्शनगर से अग्रवाल को गिरफ्तार किया। सीआईबी के अनुसार, कालिकास्थान, काठमाडौं स्थित सिमभिन इंटरनेशनल इम्पेक्स के संचालक ५५ वर्षीय अग्रवाल का स्थायी पता वीरगंज–११ है।

सरकार ने निकासी पैठारी (नियंत्रण) ऐन, २०१३ के दफा ३ के अंतर्गत नेपाल राजपत्र में २०७६ चैत २४ गते सूचना प्रकाशित कर, अगले सूचना तक के लिए छोकड़ा आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद, अग्रवाल ने वाणिज्य आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग के नकली लेटरहेड, मुहर और पूर्व महानिर्देशक के नाम व हस्ताक्षर का इस्तेमाल करते हुए १०० टन छोकड़ा आयात करने के लिए नकली अनुमति पत्र तैयार किया और उसे वीरगंज भन्सार कार्यालय में प्रस्तुत किया, ऐसा सीआईबी ने बताया।

‘यह काम उन्होंने पहले भी किया था। अब सीआईबी की जानकारी में आने के बाद जांच शुरू हुई है,’ सीआईबी के प्रवक्ता वरिष्ठ प्रहरी उपरीक्षक (एसएसपी) शिवबहादुर श्रेष्ठ ने कहा। नकली पत्र तब सामने आया जब सामान भन्सार में पहुंच चुका था। उन्होंने बताया, ‘सामान भन्सार में आने के बाद शंका हुई कि प्रतिबंधित सामग्री आई है, जिसके बाद भन्सार ने ऊपरी विभाग को सूचित किया। जांच में पता चला कि यह पत्र नकली है।’

पुलिस के अनुसार, इसके बाद भन्सार विभाग ने उस सामान को जब्त कर लिया। अग्रवाल के खिलाफ मुलुकी अपराध संहिता, २०७४ के परिच्छेद २५ (लिखित दस्तावेज से संबंधित अपराध) में जांच जारी है। इस संबंध में काठमाण्डौ जिल्ला अदालत से गिरफ्तारी अनुमति भी ली गई है, सीआईबी ने बताया।

उल्टो बाटोमा मधेश सरकार – Online Khabar

मधेश सरकार उल्टे रास्ते पर बढ़ रही है

मधेश प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ कर्मचारियों को बाहर करके कनिष्ठ कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है। पूर्वाधार विकास कार्यालय, महोत्तरी के प्रमुख सिडिई झा को पारदर्शी उपभोक्ता समिति पत्र वितरण करने के कारण स्थानांतरित किया गया है। सरकार भ्रष्टाचार नियंत्रण नहीं कर रही, बल्कि उल्टा रास्ता अपनाकर कर्मचारियों को स्वार्थ साधने के लिए काम करने दे रही है। १७ वैशाख, जकपुरधाम। २३ और २४ भदौ को हुए जनज्योतिष् आंदोलन के बाद देश में सुशासन का मुद्दा उठा था। पूर्व की गलतियों और भ्रष्टाचार नियंत्रण करते हुए सुशासन कायम करने की प्रतिबद्धता के साथ बालेन शाह आगे बढ़ रहे हैं। जहां देश में सुशासन पर बहस जारी है, मधेश सरकार अभी भी पुराने गलत रास्ते पर चल रही है।

नेपाली कांग्रेस से मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री कृष्णप्रसाद यादव के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकार अब भी उल्टे रास्ते पर लगी हुई है। मधेश प्रदेश के कार्यालयों में कानूनी रूप से काम करने वाले वरिष्ठ कर्मचारियों को बाहर रखते हुए कनिष्ठों को जिम्मेदारी देना और अपने स्वार्थ अनुसार काम करवाना जैसी प्रवृत्तियाँ जारी हैं। मधेश प्रदेश में ठेके की बजाय उपभोक्ता समितियों को प्राथमिकता दी जाती है, प्रत्यक्ष लाभ के लिए उपभोक्ता समितियों के पत्र वितरित किए जाते हैं। सरकार के हाल के फैसले और अधीनस्थ निकायों की घटनाएँ इसका प्रमाण हैं।

९ वैशाख की मंत्रिपरिषद बैठक ने वरिष्ठ कर्मचारियों को हटा कर कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया था। संघीय सरकार के प्रशासन सेवा के सहसचिव वीरेन्द्र कुमार मिश्र को मधेश प्रदेश जनलोकपाल आयोग में स्थानांतरित किया गया है। यह कार्यालय कर्मचारियों को ठहराने की जगह बन गया है। भ्रष्टाचार नियंत्रण और सुशासन प्रोत्साहन के लिए चार साल पहले स्थापित इस आयोग में पदाधिकारी और कर्मचारी तो हैं, पर कोई ठोस उपलब्धि नहीं है।

मिश्र को सचिव पद से हटाकर जनलोकपाल आयोग भेजा गया है जबकि लोकसेवा आयोग में कनिष्ठ उपसचिव चिरंजीवी गौतम को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। लोकसेवा आयोग में अध्यक्ष के अनुकूल कार्य नहीं करने के कारण मिश्र को जनलोकपाल आयोग में स्थानांतरित किया गया है, मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी ने बताया। श्रम और यातायात विभाग के सचिव युवराज अधिकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात किया गया है। उनकी जगह निम्मित सचिव की जिम्मेदारी रंजीत यादव को दी गई है।

पूर्वाधार विकास कार्यालय महोत्तरी ने कानूनी प्रक्रिया के तहत २५ लाख रुपये तक की योजनाओं के लिए २२ चैत को १५ पालिका और सभी २५८ वॉर्ड कार्यालयों को उपभोक्ता समितियाँ गठित करने के पत्र भेजे थे। ये पत्र कार्यालय की वेबसाइट पर पारदर्शिता बनाए रखते हुए सार्वजनिक किए गए थे। पहले उपभोक्ता समितियों के पत्र मंत्री, सांसद और उनके नेता-कार्यकर्ता मनमाने तरीके से पाते थे, इसे नियंत्रित करने के लिए कार्तिकेय झा ने पारदर्शी वितरण नीति लागू की थी। झा के इस पारदर्शी कदम के बाद मधेश सरकार ने सहायता न करते हुए २५ चैत को उनका स्थानांतरण कर दिया।

इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि मधेश सरकार पुरानी गलतियों और भ्रष्टाचार को रोकने के बजाय उसकी निरंतरता प्रदान करने के रास्ते पर है। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी के अनुसार सरकार को सुधरना चाहिए लेकिन वह अपने स्वार्थ में ही शेष समय का उपयोग कर रही है। ‘संघीय सरकार सुशासन की दिशा में है, लेकिन मधेश सरकार उल्टे रास्ते पर है। अन्यथा ऐसे निर्णय क्यों किए जाते?’ कर्मचारी ने सवाल उठाया।

समस्या देखाए जाने वाले सहकारी संस्थाओं के संचालकों की संपत्ति रोकने की सिफारिश पहले करने की नीति लागू

राष्ट्रीय सहकारी नियमन प्राधिकरण ने सहकारी संस्था को समस्याग्रस्त घोषित करने से पहले संचालक एवं व्यवस्थापक की संपत्ति रोकने का प्रावधान लागू किया है। सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से प्राधिकरण को संपत्ति रोकने एवं इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख नियंत्रित करने का अधिकार दिया है। समस्याग्रस्त घोषित करने से पहले संबंधित व्यक्तियों की संपत्ति, बैंक खाते रोकना और विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान किया गया है। १७ वैशाख, काठमाडौँ।

राष्ट्रीय सहकारी नियमन प्राधिकरण ने सहकारी संस्थाओं को समस्याग्रस्त घोषित करने की सिफारिश से पहले ही संचालक एवं व्यवस्थापक की संपत्ति रोकने की व्यवस्था शुरू कर दी है। सरकार ने अध्यादेश के जरिए प्राधिकरण को नई जिम्मेदारी एवं अधिकार प्रदान करते हुए संपत्ति रोकने और संस्था के इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख नियंत्रित करने की व्यवस्था की है।

संशोधित सहकारी अधिनियम, २०७४ के अनुसार, समस्या से ग्रस्त सहकारी संस्थाओं को समस्याग्रस्त घोषित करने की सिफारिश से पहले रजिस्ट्रार या प्राधिकरण संबंधित सहकारी संस्थाओं के संचालक, ऋणी सदस्य, व्यवस्थापक, जिम्मेवार कर्मचारी, लेखा पर्यवेक्षण समिति सदस्य, ऋण उपसमिति सदस्य समेत जिम्मेदार व्यक्तियों की चल-अचल संपत्ति रोक सकते हैं।

इसी प्रकार, हिनामिना या हानि-नुकसान में संलिप्त पाए जाने वाले अन्य व्यक्तियों की चल-अचल संपत्ति, कारोबार, बैंक खाते और शेयर भी रोके जा सकते हैं। साथ ही ऋण वसूली, इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख नियंत्रण या रोक तथा विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के प्रावधान भी अध्यादेश में शामिल किए गए हैं।

गृहमंत्रालय ने रोल्पा की जीप दुर्घटना की जांच के लिए समिति का गठन किया

१७ वैशाख, काठमाडौं । रोल्पा में गुरुवार को हुई जीप दुर्घटना में २० लोगों की मृत्यु के मामले की जांच के लिए गृह मंत्रालय ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। मंत्रालय की शांति सुरक्षा तथा अपराध नियंत्रण शाखा द्वारा जारी वक्तव्य के अनुसार सचिवस्तरीय निर्णय से यह जांच समिति गठित की गई है। उसी दिन रुकुम पश्चिम से रोल्पा के जलजला में होने वाले अगले दिन के मेले में भाग लेने के लिए निकली यात्रियों से भरी जीप रोल्पा के थवांग गाउँपालिका–१ सल्याप के कच्चे सड़क मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। पुलिस ने बताया कि इस दुर्घटना में २० लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

पूरे दिन उस क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण और दुर्घटनाग्रस्त जीप सड़क से काफी नीचे खैंच जाने के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है, स्थानीय पुलिस ने जानकारी दी है। शाम तक भी बचाव कार्य रोक दिया गया है। गृह मंत्रालय ने लुम्बिनी प्रदेश पुलिस कार्यालय तुलसीपुर के पुलिस उपरीक्षक यादव ढकाल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है। जांच समिति में जिला पुलिस कार्यालय रोल्पा के प्रमुख पुलिस उप-नियंत्रक (डीएसपी) वीरेन्द्रवीर विश्वकर्मा, सशस्त्र पुलिस बल रोल्पा के डीएसपी और जिला प्रशासन कार्यालय रोल्पा के प्रशासनिक अधिकृत सदस्य के रूप में नियुक्त किए गए हैं। समिति को दुर्घटना के कारण, किसकी लापरवाही या कमजोरी थी, इसकी पहचान करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में सुझाव देने का निर्देश दिया गया है।

घट्यो पेट्रोलको मूल्य, कति पुग्यो ?

काठमाडौं में पेट्रोल की कीमत घटकर २१७ रुपये पहुंची

इसके साथ ही काठमाडौं में पेट्रोल की कीमत २१७ रुपये पहुँच गई है।

सम्बन्धविच्छेद के बाद भी सहकारी सदस्य परिवार के ही माने जाएंगे, ठगी में संलिप्त की संपत्ति जब्त होगी

सरकार ने सहकारी ऐन संशोधन अध्यादेश के माध्यम से समस्याग्रस्त सहकारी के सदस्यों को परिवार की परिभाषा में अंशधारक व्यक्ति भी शामिल किया है। अध्यादेश के अनुसार लगातार दो वर्ष तक कारोबार न करने वाले या नियमावली के विरुद्ध कार्य करने वाले सहकारी सदस्यों को परिवार में गिना जाएगा। परिवार की परिभाषा में नाते-रिश्तेदारों के विस्तृत संबंध और सहकारी में कार्यरत कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं। १७ वैशाख, काठमाडौँ।

संबंध विच्छेद के बाद भी परिवार के सदस्य मानते हुए सहकारी ठगी में संलिप्त की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान बनाया गया है। सरकार ने समस्याग्रस्त सहकारी के सदस्यों के लिए परिवार की परिभाषा संशोधित करते हुए यह व्यवस्था लागू की है। सहकारी एक्ट संशोधन के लिए जारी अध्यादेश में अंशधारिता प्राप्त व्यक्ति को भी परिवार में शामिल किया गया है।

सहकारी ऐन, २०७४ में संशोधन लाने वाले इस अध्यादेश के मुताबिक, ऐन की धारा ८८ के अंतर्गत लगातार दो वर्ष तक कारोबार न करने वाले या ऐन तथा संबंधित नियमावली के खिलाफ कार्य करने वाले सहकारी सदस्यों को परिवार के अंतर्गत गिना जाएगा। इसमें अंशधारक व्यक्ति भी शामिल हैं। इसके अलावा, लिक्विडेशन या खारिज की स्थिति में पहुँचे या ऐन की धारा १०४ के अनुसार समस्याग्रस्त घोषित सहकारी संस्थाओं के ऐसे सदस्यों के अंशधारक जो अलग हुए या संबंध विच्छेद के बाद परिवार के सदस्य हैं, उन्हें भी परिवार में शामिल करने की व्यवस्था की गई है।

ऐन की परिभाषा के अनुसार ‘नाते-रिश्तेदार’ में काका, काकी, भतीजा, भतीजी, नाती, नातिनी, नातिनी की बहू, मामा, माइजु, भांजा, भांजी, ज्वाई, साला, साली, जेठान, जेठानी, फुपू, फुपाजू, नातिनी का ज्वाई, अलग हुए सासु-ससुर, दादा, भाई, भाभी, भाई की बहू और परिवार के एक ही घर के सदस्य शामिल हैं। इस शब्द में सदस्य रही सहकारी संस्था के कर्मचारी भी सम्मिलित हैं।

सर्वोच्च अदालत का निर्देशः ट्रैफिक पुलिस को चालक का लाइसेंस, ब्लूबुक और सांचो जब्त करने की अनुमति नहीं

१७ वैशाख, काठमांडू। सर्वोच्च अदालत ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण चालक के अनुमति पत्र (लाइसेंस), वाहन स्वामित्व प्रमाणपत्र (ब्लूबुक) और वाहन के साँचो को जब्त करने पर रोक लगाते हुए निर्देशात्मक आदेश जारी किया है। न्यायाधीश अब्दुल अज़ीज़ मुसलमान और श्रीकांत पौडेल की संयुक्त पीठ ने इस तरह के कार्यों को गैरकानूनी ठहराते हुए सरकार को इसके खिलाफ निर्देश दिए हैं।

सर्वोच्च अदालत के फैसले के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालक के अनुमति पत्र, ब्लूबुक और सांचो को जबरदस्ती नियंत्रण में लेना अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग है। कानून के छात्र विवेक चौधरी द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इस कदम को अवैध घोषित कर निर्देशनात्मक आदेश जारी किया है।

सवारी तथा यातायात व्यवस्था अधिनियम, २०४९ की धारा १६४ के तहत, ट्रैफिक पुलिस को नियम उल्लंघन करने वाले चालक को तत्काल जुर्माना लगाने या जुर्माना न चुका पाने पर २४ घंटे के भीतर उपस्थित होने के लिए पुर्जी जारी करने का ही अधिकार है, ऐसा सर्वोच्च अदालत के आदेश में उल्लेखित है। साथ ही सरकार द्वारा संचालित ‘नागरिक एप्प’ के संदर्भ में भौतिक दस्तावेज़ जब्त करना उचित नहीं माना गया है।

विकास खड्काले कान्साई चार्जर्सबाट जापान प्रिमियर लिग क्रिकेट खेल्ने

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा गरिएको।

  • नेपाली मूल के क्रिकेटर विकास खड्काअ जापान प्रिमियर लिग में कान्साई चार्जर्स के लिए खेलेंगे।
  • विकास ने जापान के कम्युनिटी कप 40 ओवर लिग क्रिकेट में 309 रन की पारी खेली थी।
  • जेपीएल प्रतियोगिता मई के गोल्डन वीक में तीन दिन तक चलेगी और फाइनल शीर्ष दो टीमों के बीच होगा।

१७ वैशाख, काठमांडू। नेपाली मूल के क्रिकेटर विकास खड्काले जापान प्रिमियर लिग (जेपीएल) में कान्साई चार्जर्स की ओर से खेलने का मौका पाया है।

20 वर्षीय विकास ने हाल ही में जापान के कम्युनिटी कप 40 ओवर लिग क्रिकेट के एक मैच में 309 रन की शानदार पारी खेली थी। इसी बेहतरीन प्रदर्शन के कारण वे टीम में चुने गए हैं।

यह अवसर उनके मेहनत, समर्पण और लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम बताया गया है।

इससे पहले नेपाली राष्ट्रीय टीम के अलराउंडर करण केसी भी कान्साई चार्जर्स से अनुबंधित थे, लेकिन उन्होंने बाद में अपना नाम वापस ले लिया था।

जापान की शीर्ष घरेलू टी-20 प्रतियोगिता जेपीएल में पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और उत्तर कांटो तथा कान्साई क्षेत्र की प्रतिनिधि टीमें भाग लेती हैं।

प्रतियोगिता मई में पड़ने वाले ‘गोल्डन वीक’ के अवसर पर एक छोटे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर तीन दिनों तक चलती है।

हर टीम एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी और प्रतियोगिता का फाइनल शीर्ष दो टीमों के बीच होगा।

बढ्यो खाना पकाउने ग्यासको मूल्य – Online Khabar

खाना पकाने वाले गैस के दाम में वृद्धि की घोषणा

नेपाल आयल निगम ने आज रात १२ बजे से खाना पकाने वाले गैस के मूल्य को २,१६० रुपये निर्धारित किया है। आधा सिलेंडर गैस का मूल्य १,०८० रुपये तय किया गया है, जबकि पहले पूरा सिलेंडर २,१०० रुपये और आधा सिलेंडर १,०५ रुपये का था।

निगम ने पेट्रोल, मिट्टी तेल और डीजल के दामों में कमी की भी जानकारी दी है। १७ वैशाख को काठमांडू में खाना पकाने वाले गैस के दामों में वृद्धि हुई है। निगम ने आज ही रात १२ बजे से लागू होने वाली नई मूल्य सूची जारी की है।

सार्वजनिक खरिद ऐनमा गरिएका संशोधनहरू

सरकारले सार्वजनिक खरिद ऐन २०७६ मा अध्यादेशमार्फत संशोधन प्रस्ताव गरेको छ, जसले मल, औषधि र सूचना प्रविधि खरिदका लागि छुट्टै व्यवस्था ल्याउनेछ। यस संशोधनमा रिभर्स अक्सन विधि समावेश गरिएको छ, जसले लागत अनुमानभन्दा कम बोलपत्र स्वीकार गर्ने प्रक्रिया स्पष्ट पार्नेछ। खरिद प्रक्रियामा न्यूनतम बोलकबोल नियन्त्रण, विद्युतीय बोलपत्र प्रणाली र कर्मचारी कारबाही तथा पुरस्कार व्यवस्था थप गरिएको छ। १७ वैशाख, काठमाडौं।

सरकारले सार्वजनिक खरिद ऐन २०७६ मा संशोधन गर्न तयारी गरिरहेको छ। उक्त संशोधनका लागि अध्यादेश जारी गर्ने तयारी छ। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेलसमक्ष सिफारिस गरिएको अध्यादेशमा सार्वजनिक खरिद ऐन २०७६ मा संशोधन गर्ने विषय पनि समावेश छ। सरकारले सार्वजनिक खरिद ऐनमा गरिएको संशोधनको कारणका रूपमा मल, औषधि साथै सूचना प्रविधि क्षेत्रमा उपकरण खरिदमा छुट्टै व्यवस्था नहुँदा देखिएको समस्यालाई औंल्याएको छ।

नयाँ प्रस्तावमा स्वदेशी मालसामानको स्पष्ट परिभाषा दिइएको छ। यसअनुसार, स्वदेशी कच्चा पदार्थ प्रयोग गरी उत्पादित वा अन्य देशबाट आयात गरिएको कच्चा पदार्थमा ३० प्रतिशत स्वदेशी श्रम, कच्चा पदार्थ र सामग्रीको मूल्य अभिवृद्धि भई स्वदेशी उद्योगबाट उत्पादित माललाई स्वदेशी मालसामान मानिनेछ। विद्युतीय बोलपत्र पत्रिकामा प्रकाशन गर्नु अनिवार्य नहुने प्रावधान पनि थप गरिएको छ।

सरकारले खरिद प्रक्रियामा ‘रिभर्स अक्सन’ विधि समावेश गरेको छ, जसले सार्वजनिक निकायले तोकेको लागत अनुमानको अधिकतम रकमसम्म बोलकबोल प्रक्रिया सुरु गरी सोभन्दा कम अंक ल्याउने बोलपत्रदातालाई निश्चित समय दिनुपर्ने र सबैभन्दा कम अंक ल्याउनेलाई छनोट गर्नुपर्ने प्रक्रिया हो। यसले ठूला प्याकेजमा टुक्रा गरेर प्रतिस्पर्धा सीमित बनाउने कामलाई प्रतिबन्ध लगाउनेछ।

नवलपरासी में मारपीट में शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार करने गई पुलिस पर हमला

१७ वैशाख, काठमाण्डौ। पश्चिम नवलपरासी में पुराने विवाद के कारण हुई मारपीट में शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया है। जिला प्रहरी कार्यालय पश्चिम नवलपरासी के प्रवक्ता डीएसपी वीरदत्त पन्त ने बताया कि इस घटना में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस की एक-एक गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया है।

आज दोपहर एक बजे के बाद पश्चिम नवलपरासी के प्रतापपुर गाउँपालिका-४ हरकपुरा में पुराने रंजिश के कारण २० वर्षीय उमेश केवट पर मारपीट हुई थी। इस घटना में १७ वर्षीय अब्दुल अन्सारी और १७ वर्षीय आज़ात अन्सारी के शामिल होने की पुलिस को सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी।

इस प्रक्रिया में पुलिस ने उन दोनों के साथ घटना में शामिल ४३ वर्षीय सलामुद्दीन मियाँ को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार करने के बाद लगभग २०० लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने पुलिस की गाड़ियों पर पत्थरबाजी की। डीएसपी पन्त के अनुसार, कुछ देर बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लेकर गिरफ्तार लोगों को हिरासत में ले लिया है।

हेल्प नेपाल ने पीएम कप एनभीए पुरुष भलिबल फाइनल में जगह बनाई

हेल्प नेपाल स्पोर्ट्स क्लब ने रेडबुल द्वारा आयोजित दसवें पीएम कप एनभीए पुरुष भलिबल लीग २०८३ में नेपाल पुलिस क्लब को ३–१ सेट से हराकर फाइनल में स्थान सुनिश्चित किया है। हेल्प नेपाल ने लगातार छठी जीत दर्ज करते हुए ६ मैच में १८ अंकों के साथ अकेला अपराजित टीम बना हुआ है, जबकि पुलिस क्लब १५ अंकों पर ही सीमित रह गया।

रुकुम पश्चिम ने त्रिभुवन आर्मी क्लब को ३–१ सेट से हराकर फाइनल में शामिल होने की उम्मीद बनाए रखी है। पुलिस के खिलाफ मैच के बाद दूसरा फाइनल टिम तय होगा। काठमांडू के त्रिपुरेश्वर स्थित कवर हल में खेले गए मैच में हेल्प नेपाल ने पुलिस को २५–२२, २५–१९, २३–२५, २५–१७ सेट स्कोर से हराया। इस जीत के साथ हेल्प नेपाल ने ६ मैचों में १८ अंक जुटाकर अकेला अपराजित स्थान बना लिया है। वहीं, पुलिस क्लब को पहली हार का सामना करना पड़ा और वह १५ अंक पर ही रह गया। रुकुम पश्चिम ने भी अगले मैच में त्रिभुवन आर्मी क्लब को ३–१ सेट से हराकर फाइनल में जगह बनाने की उम्मीद जीवित रखी है। रुकुम पश्चिम ने ६ मैचों में १५ अंक दर्ज किए हैं। अब शुक्रवार को पुलिस और रुकुम पश्चिम के बीच होने वाले मैच के बाद दूसरा फाइनल टीम तय होगा।

आईपीएलमा बेंगलुरुमाथि गुजरातको जित – Online Khabar

गुजरात टाइटन्स ने रोयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को हराकर आईपीएल में जीत हासिल की

गुजरात टाइटन्स ने अहमदाबाद में खेले गए आईपीएल मैच में रोयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ४ विकेट से हराया। गुजरात ने बेंगलुरु द्वारा निर्धारित १५६ रन के लक्ष्य को १५.५ ओवर में ६ विकेट गंवाकर पूरा किया। कप्तान शुभमन गिल ने १८ गेंदों में ४३ रन बनाए जबकि जस बटनर ने १९ गेंदों में ३९ रन जोड़े। राहुल तेवतिया २७ रन पर नाबाद रहे। जेसन होल्डर और वाशिंगटन सुंदर ने समान रूप से १२ रन बनाए।

बेंगलुरु के भुवनेश्वर कुमार ने ३ विकेट लिए, जबकि रोमारियो शेफर्ड ने २ और सुयश शर्मा ने १ विकेट हासिल किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बेंगलुरु टीम १९.२ ओवर में पूरी तरह से १५५ रन पर आउट हो गई। देवदत्त पडिक्कल ने सर्वाधिक ४० रन बनाए। विराट कोहली ने २८, कप्तान रजत पाटिदार ने १९, रोमारियो शेफर्ड ने १७ और भुवनेश्वर कुमार ने १५ रन जोड़े।

गुजरात की ओर से अर्शद खान ने ३.२ ओवर में २२ रन देकर ३ विकेट लिए। जेसन होल्डर और राशिद खान ने २-२ विकेट हासिल किए, जबकि मोहम्मद सिराज और कागिसो रबाडा ने १-१ विकेट लिया। इस जीत के साथ गुजरात ने ९ मैचों में १० अंक जमा कर पांचवें स्थान पर कब्जा किया है, जबकि बेंगलुरु ९ मैचों में १२ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर कायम है।