समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा किया गया।
- सरकार ने काठमांडू की नदी किनारे की आधा दर्जन से अधिक अनधिकृत सुकुमवासी बस्तियों में डोजर चलाकर उन्हें खाली कराने का कार्य शुरू किया है।
- इन बस्तियों में डोजर चलाने के दौरान नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, और नगर पुलिस तैनात किए गए हैं।
- प्रशासन ने निवासियों से घर तुरंत खाली करने, बीमार और वृद्धों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा बलों की सहायता लेने का आग्रह किया है।
18 वैशाख, काठमांडू। काठमांडू के नदी किनारे की सुकुमवासी बस्तियों में सरकार आज डोजर चलाने का कार्य कर रही है।
आज से काठमांडू महानगरपालिका के वार्ड नंबर 11 के वंशीघाट, वार्ड नंबर 14 के बल्खु, वार्ड नंबर 15 के स्वयम्भू, वार्ड नंबर 16 के बालाजु तथा वार्ड नंबर 3 और 26 के अंतर्गत आने वाले सामाखुशी, खाडिपाखा, रानीबारी आदि क्षेत्रों में डोजर चलाने की तैयारी है।
इसके लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नगर पुलिस की टीमें पहले ही तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन ने घर खाली करने के निर्देश न मानने पर होने वाली क्षति की जिम्मेदारी स्वयं लोगों पर डाली है।
जिला प्रशासन कार्यालय काठमांडू ने बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि वैशाख 18 की सुबह 7 बजे से एक साथ बस्तियां खाली करने का काम शुरू होगा।
काठमांडू जिला के विभिन्न नगरपालिकाओं की नदी किनारे की बस्तियों के साथ-साथ सरकारी, सार्वजनिक या निजी भूमि पर बिना अनुमति लंबे समय से अतिक्रमण कर बसे इन बस्तियों को मानवीय तरीके से निकाला जाएगा और आपदा जोखिम का ध्यान रखते हुए एक साथ विभिन्न स्थानों से खाली कराया जाएगा, प्रशासन की सूचना में कहा गया है।
सरकार ने डोजर चलाने की सूचना और माइकिंग शुरू किए जाने के बाद से ही अनामनगर के धोबीखोला के पास के सुकुमवासी बिहीवार से ही बस्ती छोड़कर जाने लगे।
इससे पहले सरकार ने वैशाख 12 से काठमांडू के थापाथली, गैरीगांव, सिनामंगल, मनोहरा सहित अन्य क्षेत्रों की सुकुमवासी बस्तियों में डोजर चलाया था। बाकी जगहों में आज से डोजर चलाने की तैयारी की गई है।
बस्ती खाली होने वाले इलाके के निवासियों को प्रशासन ने तुरंत 13 कार्य करने का अनुरोध किया है।
प्रशासन द्वारा अनुरोधित ये कार्य हैं –
1. जोखिम वाले क्षेत्र की बस्तियों में रहने वाले घर तुरंत खाली करें।
2. परिवार में बीमार, असमर्थ, वृद्ध, गर्भवती, प्रसूता या छोटे बच्चे हों तो उन्हें सुरक्षित तरीके से अन्यत्र स्थानांतरित करें।
3. बीमार, असमर्थ, दीर्घकालीन रोगी या बुजुर्गों की मदद के लिए नेपाल पुलिस, सशस्त्र प्रहरी बल और नगर पुलिस से सहायता लें। अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।
4. व्यक्तिगत सामान, कपड़े, पशु-पक्षी और चौपायों को बाहर निकालें। आवश्यक होने पर नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, महानगरपालिका पुलिस और स्थानीय पुलिस मदद करेगी।
5. 2083 वैशाख 17 तारिख की शाम तक पूर्णतया घर खाली करें।
6. जिनको वास्तविक आवास की जरूरत है, उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित स्थानों में बसाया जाएगा।
7. वास्तविक भूमिहीन व्यक्ति और परिवार की पहचान कर उनकी समस्या का स्थायी समाधान जल्द किया जाएगा।
8. मानवीय सहायता और बचाव कार्य किया जाएगा। गलत अफवाहों और दबाव में न आएं।
9. नकली भूमिहीनों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई होगी।
10. सुरक्षा, जीवन रक्षा और संविधान प्रदत्त अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
11. सरकार के इस अभियान में सहयोग करना आपका कर्तव्य है।
12. बच्चों की शिक्षा का प्रबंधन सरकार की तरफ से किया जाएगा।
13. सूचना न मानने पर घर गिरने की जिम्मेदारी खुद की होगी।