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लेखक: space4knews

अमेरिका की बड़ी धमकी इरान पर, इरान ने चेताया – चुकाना होगा भारी कीमत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान पर और भी बड़े सैन्य हमले की धमकी दी है और तेहरान ने दावा किया है कि उन्हें अभी तक पर्याप्त दर्द नहीं हुआ है। ट्रंप के इस बयान के बाद इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी सीनेट ने युद्ध रोकने के प्रस्ताव को ठुकराते हुए इरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए 95 अरब डॉलर का रक्षा बजट मंजूर किया है। 8 साउन, काठमाडौं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे इरान पर और बड़े सैन्य अभियान की योजना बना रहे हैं। तेहरान ने अब तक पर्याप्त दर्द नहीं झेला है, यह दावा करते हुए ट्रंप इस बड़े सैन्य अभियान को आरंभ करने के निर्णय के करीब पहुंच चुके हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 23 जुलाई की रात इरान पर लगातार 13वीं रात हवाई हमले किए गए होने की जानकारी दी है। सेन्टकम के अनुसार इरान के सैन्य कमांड केंद्र, ड्रोन भंडारण केंद्र, संचार नेटवर्क, तटीय निगरानी स्थल और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया है।

इरान के अर्ध-सरकारी मीडिया ‘तस्निम’ के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुजेस्तान के अहवाज शहर के नजदीक अमेरिकी मिसाइल हमले में 4 लोगों की मौत हुई है जबकि 5 लोग घायल हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि अमेरिका की यह गैरजिम्मेदाराना आक्रामकता ट्रंप को युद्ध खत्म करने के लिए और भी भयानक कीमत चुकानी पड़ेगी।

अमेरिकी वायुसेना ने इरान के पांच मुख्य शहर — खोन्दाब, खोरमाबाद, कोनारक, जास्क और राजधानी तेहरान के विभिन्न इलाकों में हमले किए हैं। रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील होर्मुज जलसंधि के पास स्थित जास्क बंदरगाह पर भयंकर विस्फोट हुए हैं। तेहरान में अमेरिकी विमान और मिसाइलों को रोकने के लिए इरानी एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय किया गया था। उत्तरी इराक में खसाए गए एक इरानी ड्रोन के अनफ्यूज्ड विस्फोटक पदार्थ को नियंत्रित तरीके से विस्फोट कराने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हुई है, जबकि दूसरा घायल है। इसके साथ ही इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 17 हो चुकी है।

अन्तर्राष्ट्रिय गणित ओलम्पियाडमा नेपालका तीन विद्यार्थीहरूले पदक जित्दै शानदार सफलता

चीनको शाङ्घाईमा सम्पन्न ६७ औं अन्तर्राष्ट्रिय गणित ओलम्पियाड (आईएमओ) मा नेपाली टोलीले उत्कृष्ट प्रदर्शन गर्दै नयाँ इतिहास रचेको छ। नेपालले ५७ अंक प्राप्त गरेर आफ्नो पुरानै कीर्तिमान ४६ अंकको सीमा तोडेको छ। प्रतियोगितामा ११७ राष्ट्र सहभागी थिए, जसमा नेपालले ८४ औं स्थान हासिल गर्दै ३३ देशहरूलाई पछि पार्न सफल भएको छ। नेपाली टोलीका प्रसिद्ध थापा, आयाम आचार्य र निसान खत्रीले समान रूपमा अनरेबल मेन्सन पदक प्राप्त गरी नेपालको गौरव बढाएका छन्।

जुलाई १० देखि २० सम्म सञ्चालन गरिएको विश्वकै प्रतिष्ठित गणित प्रतियोगितामा सङ्खुवासभाका प्रसिद्ध थापा, ललितपुरका आयाम आचार्य र धादिङका निसान खत्रीले अनरेबल मेन्सन पाउँदै नेपालको प्रतिष्ठा थप मजबुत बनाएका छन्। टोलीका अन्य सदस्य वर्दियाका मिसन जोशी, मोरङका युगान्तर कालाखेती र पोखराका अरिज पोख्रेलले पनि उत्कृष्ट प्रदर्शन गरि नेपालको कुल अंक वृद्धि गर्न महत्वपूर्ण भूमिका निभाएका थिए।

म्याथम्याटिकल एसोसिएसन अफ नेपालका अध्यक्ष तथा कन्ट्री लिडर हरि प्रपन्न कँडेलका अनुसार, नेपालले ११७ सहभागी राष्ट्रहरूमा ३३ देशलाई पछि पार्न सफल भएको छ। नेपालले सन् २०१७ मा ब्राजिलमा आयोजित अन्तर्राष्ट्रिय गणित ओलम्पियाडबाट सहभागिता सुरु गरेको थियो र यस वर्षको प्रतियोगिता नेपालको दशौं सहभागिता हो।

कार्यक्रम संयोजक तथा एसोसिएसनका महासचिव छवि ढुङ्गानाले बताए अनुसार, अन्तर्राष्ट्रिय स्तरमा अझ उत्कृष्ट नतिजा हासिल गर्न विद्यार्थीहरूलाई नियमित राष्ट्रिय तथा अन्तर्राष्ट्रिय प्रशिक्षण दिने व्यवस्था गर्नुका साथै सरकारी निकायबाट थप सहयोग आवश्यक छ। नेपाली टोली जुलाई २१ मा स्वदेश फर्किएको छ।

भारत में युवा आंदोलन समर्थक सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा, कक्रोच पार्टी ने क्या कहा?

भारत के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर युवाओं द्वारा शुरू किए गए आंदोलन का समर्थन करते हुए पिछले 26 दिन से जारी अपने अनशन को कल रात समाप्त कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि “विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत” और “देश में संभावित हिंसा” को रोकने के लिए उन्होंने अनशन तोड़ा है। 59 वर्षीय वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में यह अनशन शुरू किया था।

इसके पहले वांगचुक ने बताया था कि अनशन के कारण उनका वजन 11 किलो तक घट चुका है, लेकिन वे “जिंदा हैं”। पिछले शनिवार उन्हें दिल्ली के अनशन स्थल से जबरदस्ती हटाकर अस्पताल ले जाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा जन्तर मंतर में प्रदर्शनकारी नेताओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने के आश्वासन के बाद वांगचुक ने अनशन तोड़ा। अस्पताल में उन्हें भारत के विभिन्न मंत्री भी मिले।

वांगचुक द्वारा अनशन तोड़ने के बाद कक्रोच जनता पार्टी के नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीप्के ने एक्स सोशल नेटवर्क पर लिखा, “26 दिन बाद सोनम सर ने अनशन तोड़ा, यह हमारे लिए राहत की बात है और हम आभारी हैं।” लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया, “(शिक्षा मंत्री) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक जन्तर मंतर पर कक्रोच जनता पार्टी का शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।” संसद की ओर मार्च के दौरान हुए पुलिस दमन के बाद भी भारत की राजधानी में बड़े प्रदर्शन अभी नहीं रुके हैं। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी और पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। अब सीजेपी भारत का सबसे प्रसिद्ध युवा आंदोलन बन चुका है।

इयुको २१वाँ प्रतिबन्ध प्याकेज लागू, ३ हजार १०० व्यक्ति एवं संस्था ब्ल्याकलिस्टमा शामिल

८ साउन, काठमाडौं। युरोपियन युनियन (इयु) ने अपना २१वाँ प्रतिबन्ध प्याकेज स्वीकृत किया है। इस जानकारी को इयु काउंसिल ने ‘अफिसियल जर्नल ऑफ द युरोपियन युनियन’ में प्रकाशित संदेश के माध्यम से प्रदान किया है। नए प्याकेज के अनुसार ४८ व्यक्ति एवं १६८ संस्थाएं ब्ल्याकलिस्ट में जोड़ी गई हैं। इसके साथ ही ब्ल्याकलिस्ट में शामिल कुल व्यक्ति और संस्थाओं की संख्या ३ हजार १०० हो गई है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

प्रतिबंध सूची में ड्रोन निर्माता एंड्रे डोरोनिन, ओल्गा कोरचागिना और डेनिस मेर्जलिकिन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ वित्तीय अधिकारी सर्गेई बेलोव और रस्लान अरेफिएव भी प्रतिबंधित किए गए हैं। स्वेतफोर चेन के मालिक और मिखाइल गुत्सेरिएव भी सूची में शामिल हैं। गैजब्रोम-मीडिया के प्रमुख अलेक्ज़ांद्र ज़ारोव और एएनओ डायलग के प्रमुख व्लादिमीयर तबाक भी इसमें शामिल हैं। खेल मंत्री मिखाइल देगाратьरेভ, फिडे अध्यक्ष अर्काडी डोवोरकोविच और संगीतकार अलेक्ज़ांद्र मार्सल को भी ब्ल्याकलिस्ट किया गया है।

यह सभी नियम इयु के अफिसियल जर्नल में प्रकाशित होते ही तुरंत प्रभावी हो गए हैं। नए प्रावधान के तहत सूचीबद्ध व्यक्तियों की इयु क्षेत्र में मौजूद संपत्ति तुरंत फ्रीज़ कर दी जाएगी। उन्हें किसी भी वित्तीय संसाधन की पहुँच प्रतिबंधित होगी। इसके साथ ही इन व्यक्तियों पर इयु देशों में प्रवेश और यात्रा पर सख्ती से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नेपाल आज पाकिस्तान से भिड़ने को तैयार

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में चल रही काबा पुरुष वॉलीबॉल चैंपियनशिप में आज नेपाल घरेलू टीम पाकिस्तान का सामना करेगा। यह मैच इस्लामाबाद के गरिसन जिन्नाह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में नेपाली समयानुसार शाम ५:४५ बजे शुरू होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमों ने अब तक दो-दो मुकाबले हारे हैं, नेपाल २ अंकों के साथ छठें स्थान पर जबकि अपराजित पाकिस्तान ६ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर है।

नेपाल आज पाकिस्तान के साथ अपनी तीसरी भिड़ंत करेगा। इससे पहले नेपाल और पाकिस्तान के बीच मैच दोपहर ४:१५ बजे निर्धारित था, लेकिन शुक्रवार की प्रार्थना के कारण आयोजकों ने मैच का समय बदल दिया है। शुक्रवार को उज्बेकिस्तान और श्रीलंका के बीच पहला मैच तथा बांग्लादेश और कजाकिस्तान के बीच दूसरा मैच आयोजित किया जाएगा।

पाकिस्तान ने पहले लगातार दो मैच जीतकर ६ अंकों के साथ टॉप पर कब्जा किया है। नेपाल को शुरुआती दोनों मैचों में पांच सेट तक मुकाबला करने के बाद हार का सामना करना पड़ा था। इस प्रतियोगिता में नेपाल इकलौती ऐसी टीम है जो अभी तक जीत से वंचित है और २ अंकों के साथ छठें स्थान पर है। नेपाल ने पहले मैच में कजाकिस्तान से ३-२ के सेट स्कोर से पराजय पाई थी, जबकि श्रीलंका के खिलाफ भी पांचवें सेट में हार हुई।

श्रीलंका से हार के बाद नेपाल एफआईवीबी विश्व रैंकिंग में ८७वें स्थान पर आ गया है। लगातार दो मैच जीतने के बाद पाकिस्तान ४५वें स्थान पर पहुंचा है। एशियाई टीमों में पाकिस्तान नौवें और नेपाल २१वें स्थान पर हैं। एफआईवीबी विश्व रैंकिंग के अनुसार मान्यता प्राप्त इस प्रतियोगिता में नेपाल पहला मैच खेलने के बाद शामिल हुआ था। मध्य एशिया के छह देशों की भागीदारी वाली इस चैंपियनशिप में सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगी तथा शीर्ष चार टीमों को सेमीफाइनल में प्रवेश मिलेगा।

जेनेरेशन जेड आंदोलन में जले बानेश्वर के पुराने संसद भवन का भविष्य क्या होगा?

बानेश्वर के पुराने संसद भवन में प्रदर्शनकारी

तस्वीर स्रोत, AFP

पिछले वर्ष जेनेरेशन जेड आंदोलन के दौरान जले नए बानेश्वर स्थित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र की मरम्मत कर दोबारा चालू करना संभव नहीं है, ऐसा अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला है।

पिछले वर्ष भदौ 23 को नए बानेश्वर के संसद भवन परिसर से चली गोली में युवा प्रदर्शनकारी मारे गए, जिसके अगले दिन प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन को निशाना बनाते हुए तीन दशकों से किराए पर चल रहे इस भवन में आग लगा दी।

सैंकड़ों की भीड़ ने आगजनी और तोड़फोड़ के बाद चीन सरकार के अनुदान और डिजाइन में निर्मित इस केंद्र की महत्वपूर्ण संरचनाएं इतनी क्षतिग्रस्त हो गईं कि अधिकारियों ने बताया कि उनका उपयोग करना असंभव है।

दरबार हत्याकांड में मारे गए राजा वीरेन्द्र शाह की पहल पर 2050 साल में निर्मित इस सम्मेलन केंद्र का नाम ‘वीरेन्द्र अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र’ रखा गया था। संविधान सभा की बैठक ने 2065 साल में गणतंत्र घोषित करने के बाद केंद्र के नाम से ‘वीरेन्द्र’ हटा दिया गया, जानकारों ने बताया।

लगभग दो दशकों से संसद भवन के रूप में इस्तेमाल हो रहे सम्मेलन केंद्र ने संसद सचिवालय, निवेश बोर्ड और कानून आयोग जैसे कार्यालयों से प्रतिवर्ष 18 करोड़ रुपये का किराया वसूल रहा था।

अमेरिका ने चीन, भारत, पाकिस्तान समेत 60 देशों पर नए कस्टम शुल्क लगाए

अमेरिका ने जबरदस्ती श्रम नियंत्रण के पर्याप्त कदम न उठाने के आरोप में लगभग 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक नए कस्टम शुल्क लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रियर के अनुसार यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देशानुसार शुक्रवार से प्रभाव में आएगा और इससे अमेरिका के कुल आयात का 99.4 प्रतिशत हिस्सा कवर होगा। ट्रम्प प्रशासन ने श्रमिकों की सुरक्षा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए 1974 के ट्रेड एक्ट के अंतर्गत यह कदम उठाया है, लेकिन अर्थशास्त्रियों ने दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की चेतावनी दी है। 8 साउन, काठमाडौं।
अमेरिका ने जबरदस्ती श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर नियंत्रण में पर्याप्त प्रयास नहीं करने के कारण लगभग 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों पर नए कस्टम शुल्क (टैरिफ) थोपने का निर्णय लिया है। यह नए 10 से 12.5 प्रतिशत के शुल्क ब्रिटेन, चीन, भारत, पाकिस्तान, कनाडा, जापान और यूरोपीय संघ सहित प्रमुख साझेदारों पर लागू होंगे।
इस वर्ष की शुरुआत में अस्थायी रूप से लगाए गए विदेशी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत आयात कर शुक्रवार को समाप्त हो रहा है और उसके बाद नया शुल्क लागू होगा। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दूसरे कार्यकाल में शुरू किए गए वैश्विक व्यापार युद्ध का नया चरण माना जा रहा है। इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आपातकालीन अधिकार के तहत लगाए गए कई टैरिफों को अवैध घोषित कर दिया था। इसके बाद ट्रम्प प्रशासन नए कानूनी उपायों की तलाश कर आगे बढ़ रहा है।
पिछले महीने व्हाइट हाउस ने 60 देशों पर 10 से 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव सार्वजनिक किया था, जिन पर जबरदस्ती श्रम नियंत्रण में पर्याप्त प्रयास नहीं करने का आरोप था। गुरुवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रियर ने राष्ट्रपति ट्रम्प के निर्देशानुसार इन नए शुल्कों को शुक्रवार से लागू करने की घोषणा की।
यह टैरिफ अमेरिका के शीर्ष 60 व्यापारिक साझेदारों पर लागू होंगे, जो कुल आयात का 99.4 प्रतिशत हिस्सा लेते हैं। ग्रियर ने कहा, ‘यह कदम मानवाधिकार उल्लंघन और अनुचित व्यापार प्रतिस्पर्धा दोनों को संबोधित करेगा और विश्वभर के श्रमिकों के हितों को सुधारने में मदद करेगा।’
ग्रियर ने बताया कि यह निर्णय 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301 के तहत लिया गया है, जिसके अंतर्गत अमेरिका व्यापार में बाधा या प्रतिबंध लगा सकता है। वर्तमान में ट्रम्प प्रशासन ने टैरिफ एक्ट 1930 के सेक्शन 338 के तहत कनाडा से आने वाली वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा रखा है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार नए शुल्क उन देशों पर लागू होंगे जो जबरदस्ती श्रम से बनी वस्तुओं के आयात को रोकने में सक्षम नहीं रहे हैं। ये देश अमेरिका के कुल व्यापार का बड़ा हिस्सा और आयात का 99.4 प्रतिशत कवर करते हैं।
ट्रम्प प्रशासन ने दूसरे कार्यकाल में जबरदस्ती श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध को बहुपक्षीय व्यापार समझौतों की महत्वपूर्ण शर्त बनाया है। अब तक 10 साझेदार देशों ने इस प्रतिबंध को स्वीकार किया है जबकि कुछ ने नई जांच के बाद इसे अपनाया है। जबरदस्ती श्रम से बने उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों पर 10 प्रतिशत नया टैरिफ लगेगा और जो प्रतिबद्ध नहीं हैं उन्हें 12.5 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।
ग्रियर ने प्रतिबद्ध देशों की प्रशंसा करते हुए उम्मीद व्यक्त की कि यह प्रतिबंध प्रभावी रूप से लागू होगा। व्हाइट हाउस ने अमेरिकी श्रमिकों की सुरक्षा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए इन टैरिफों को आवश्यक बताया है। राष्ट्रपति ट्रम्प का दावा है कि आयात कर अमेरिका में उत्पादन उद्योग को बढ़ावा देगा, रोजगार सृजित करेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा।
हालांकि अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि ये उच्च टैरिफ कॉफी, माइक्रोवेव जैसी दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतें बढ़ा सकते हैं। प्रारंभ में आयातकर्ता ये शुल्क देंगे लेकिन अतिरिक्त लागत अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ेगी। ट्रम्प ने मेक्सिको जैसे देशों को केवल श्रम नियमों के लिए ही नहीं, व्यापार के अलावा अन्य मुद्दों पर भी दबाव बनाने के लिए टैरिफ का सहारा लिया है।
व्यावसायिक समूहों और प्रभावित देशों से इस कदम का विरोध मिलने की उम्मीद है। कई लोग कानूनी चुनौतियां दायर करने या जवाबी टैरिफ लगाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। इस बीच अमेरिकी प्रशासन आगे की कार्रवाई के लिए भी तैयार है। व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय 16 देशों में अत्यधिक उत्पादन क्षमता के आरोप को लेकर जांच कर रहा है। ये देश अमेरिका को अधिकांश आयात की आपूर्ति करते हैं। जांच के नतीजे के बाद इस वर्ष और टैरिफ लागू होने की संभावना बनी हुई है।

सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया: नेपाल में तेज और प्रभावकारी बनने की संभावना क्या है?

काठमाण्डू-तराई द्रुतमार्ग

नेपाल में सार्वजनिक खरीद प्रणाली की कुछ व्यवस्थाओं के कारण पहले खरीद और निर्माण कार्यों में देरी होती थी, लेकिन अब अधिकारियों का दावा है कि ये बाधाएं समाप्त हो जाएंगी।

सार्वजनिक खरीद अधिनियम, २०८३ में महत्वपूर्ण संशोधनों के साथ लागू किए जाने के बाद, अब कार्यों में तेजी आने की आशा जताई जा रही है, सार्वजनिक खरीद निगरानी कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा।

नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि सरकार ने पुराने दौर की तुलना में बड़ी सुधारों का प्रयास किया है, हालांकि अभी भी प्रभावी बनने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

इसी तरह, एक विशेषज्ञ ने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में सरकार द्वारा लाए गए परिवर्तनों से मूल्यांकन में अधिक समय लगने का जोखिम भी बताया है।

पहले सार्वजनिक खरीद में गुणवत्ता से अधिक न्यूनतम मूल्य को प्राथमिकता दिए जाने का आरोप भी लगता रहा है।

भारत के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वाङचुक ने 26 दिन के आमरण अनशन के बाद दी समाप्ति

भारत के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वाङचुक ने 26 दिन लंबा आमरण अनशन समाप्त किया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में सहमति के बाद अनशन तोड़ा है। वाङचुक ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र चुहावट विरोधी छात्र आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई है। 8 सावन, काठमांडू।

सोनम वाङचुक ने अपने अनशन तोड़ने की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दी है। उन्होंने बताया कि लंबी बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति के बाद तथा देश में संभावित अशांति के खतरे को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया है। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने पत्र लिखकर उनसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था।

वाङचुक ने एक्स पर लिखा, ‘शर्तों के बारे में मैं जल्द ही एक विशेष वीडियो के जरिए विस्तृत जानकारी दूंगा। तब तक मैं सभी से कहीं भी किसी भी प्रकार की हिंसा न हो इसका विशेष ध्यान रखने और इस मामले में अत्यंत सतर्क रहने की अपील करता हूं।’ मेडिकल शिक्षा से संबंधित नीट-यूजी प्रश्नपत्र चुहावट मामले के विरोध में छात्र पिछले एक महीने से नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांग रहे हैं।

विद्युत नियमन आयोग के नए पदाधिकारियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली

विद्युत नियमन आयोग के नए पदाधिकारियों ने गुरुवार को ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय में पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने आयोग के पदाधिकारियों को नीतिगत सुधार, सुशासन एवं विद्युत की राष्ट्रीय खपत बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभाने का निर्देश दिया। आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामप्रसाद धिताल ने सरकार के सुशासन मानकों को कड़ाई से लागू करते हुए मंत्रालय के साथ समन्वय में परिणाममुखी कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। ७ साउन, काठमाण्डू।

ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने गुरुवार को मंत्रालय में आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामप्रसाद धिताल और सदस्यों बलराम सिलवाल, लोकराज पाठक तथा जयराज भंडारी को शपथ दिलाई। मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि आयोग में अनुभवी पदाधिकारी आने से नीतिगत और संरचनात्मक सुधारों के लिए कार्य करना आसान होगा। उन्होंने मंत्रालय से आयोग को पूर्ण सहयोग देने की भी प्रतिबद्धता जताई।

आयोग के पदाधिकारियों ने सुशासन को केंद्र में रखते हुए काम करने की प्रतिबद्धता जाहिर की। अध्यक्ष धिताल ने कहा कि वे सरकार के सुशासन मानकों का सख्ती से पालन करेंगे। उन्होंने बताया कि मंत्रालय के मार्गदर्शन में नियामकीय भूमिका निभाना, विद्युत की राष्ट्रीय खपत बढ़ाने के लिए सुविधाजनक वातावरण प्रदान करना सहित अन्य कार्य करेंगे।

मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि नियामकीय संस्था के रूप में आयोग को मंत्रालय के अधीन आने वाले डिओई और एनईए की निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने विद्युत प्राधिकरण की खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित करने का सुझाव दिया। मंत्री श्रेष्ठ ने आयोग के माध्यम से ऊर्जा से संबंधित संस्थाओं के शासन सुधार की अपेक्षा भी व्यक्त की।

स्मार्ट च्वाइस टेक्नोलोजिज़ ने 2022 का ISO/IEC 27001 अंतरराष्ट्रीय सूचना सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त किया

स्मार्ट च्वाइस टेक्नोलोजिज़ ने सूचना सुरक्षा संबंधित ISO/IEC 27001:2022 प्रमाणपत्र प्राप्त किया है। इस प्रमाणपत्र से कंपनी की सूचना सुरक्षा प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रभावी ढंग से संचालित होने की पुष्टि होती है। प्रमुख कार्यकारी अधिकारी मनोज घिमिरे ने इस सफलता को डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का पुनः प्रमाण बताया। 7 सावन, काठमाडौं। नेपाल राष्ट्र बैंक से अनुमतिप्राप्त भुगतान सिस्टम ऑपरेटर (PSO) स्मार्ट च्वाइस टेक्नोलोजिज़ (SCT) ने सूचना सुरक्षा क्षेत्र की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मान्यता ISO/IEC 27001:2022 प्रमाणपत्र हासिल किया है। कंपनी के अनुसार, यह प्रमाणपत्र SCT में लागू सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (ISMS) अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार प्रभावी रूप से क्रियान्वित होने की पुष्टि करता है।

संस्थान ने अपने ग्राहकों, सदस्य बैंक तथा वित्तीय संस्थाओं, भुगतान सेवा प्रदाताओं, साझेदार संस्थाओं और अन्य हितधारकों की सूचना गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय सूचना सुरक्षा प्रथाएँ अपनाई हैं, जो इस प्रमाणपत्र से प्रमाणित हुई हैं। इससे पूर्व SCT ने अंतरराष्ट्रीय कार्ड भुगतान उद्योग के सुरक्षा मानकों के अनुसार PCI DSS वर्शन 4.0.1 तथा PCI 3DS सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। ISO/IEC 27001:2022 प्रमाणपत्र प्राप्ति के साथ सूचना सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और सुरक्षित डिजिटल भुगतान पूर्वाधार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता और स्पष्ट हो गई है।

कंपनी के अनुसार, इन प्रमाणपत्रों से SCT के संचालन प्रणाली के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की पुष्टि होगी और सदस्य बैंक, वित्तीय संस्थाएं, भुगतान सेवा प्रदाता, व्यापारी और सेवा ग्राहकों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा। इस अवसर पर स्मार्ट च्वाइस के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी मनोज घिमिरे ने कहा कि ISO/IEC 27001:2022 प्रमाणपत्र प्राप्त करना एक बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “पहले प्राप्त PCI DSS 4.0.1 और PCI 3DS जैसे सुरक्षा प्रमाणपत्रों के साथ यह सफलता हमारी संस्था की सूचना सुरक्षा के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत बनाती है।”

“डिजिटल भुगतान प्रणाली के प्रति ग्राहक और हितधारकों का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है,” उन्होंने आगे कहा, “इसीलिए हम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुरक्षित, विश्वसनीय और नवप्रवर्तनशील भुगतान समाधान उपलब्ध कराते हुए नेपाल के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं।” SCT वर्तमान में देशभर के सदस्य बैंक, वित्तीय संस्थाएं, भुगतान सेवा प्रदाता (PSP) और अन्य साझेदारों के माध्यम से कार्ड स्विचिंग, कार्ड प्रोसेसिंग, QR कोड भुगतान, डिजिटल भुगतान पूर्वाधार तथा विभिन्न अत्याधुनिक भुगतान सेवाएं प्रदान कर रहा है, कंपनी ने बताया।

म्यानपावर व्यवसायीहरूले सरकारलाई माग सम्बोधनका लागि १५ दिने अल्टिमेटम दिए

नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघले आफ्ना माग सम्बोधनका लागि सरकारलाई १५ दिने अल्टिमेटम दिएको छ। संघका अध्यक्ष डिक बहादुर खत्रीले सरकारले वैदेशिक रोजगारको बाटो सहज नबनाए कडा आन्दोलन गर्ने चेतावनी दिएका छन्। विभागले म्यानपावर कम्पनीहरूलाई कारबाही गरेपछि असन्तुष्ट व्यवसायीहरूले सरकारविरुद्ध दबाबमूलक रणनीतिक तयारी शुरू गरेका छन्। ७ साउन, काठमाडौँ।

खत्रीले विशेष भेला आयोजना गर्दै भने, “सरकारले वैदेशिक रोजगारको बाटो सहज नबनाए व्यवसायी र श्रमिक मिलेर कडा आन्दोलन गर्नेछौं।” ५९८ म्यानपावर कम्पनीहरूले भारतीय विमानस्थल हुँदै अन्य मुलुकमा श्रमिक पठाएको भन्दै वैदेशिक रोजगार विभागले कारबाही गरेपछि व्यवसायीहरू आन्दोलित भएका हुन्। उनीहरूले कारबाही फिर्ता लिन र व्यवसायीप्रतिको व्यवहार सुधार गर्न माग गरेका छन्।

खत्रीले भने, “सरकारले देशको यथार्थ समस्या बुझेर वैदेशिक रोजगार क्षेत्रलाई व्यवस्थित गर्नुपर्छ।” उनले वैदेशिक रोजगारीको अन्तिम प्रक्रियामा रहेका सबै श्रमिकहरूलाई आगामी १५ दिनभित्र पठाइसक्ने र त्यसपछि कडा आन्दोलनमा उत्रिने चेतावनी दिएका छन्। संघले तत्काल आन्दोलनमा नजाने भए पनि रणनीतिक तयारी शुरू गर्ने जनाएका छन्।

संघले भोलिदेखि नै रणनीतिक कदम चाल्ने, सञ्चार माध्यममार्फत सरकारलाई दबाब दिने, आवश्यकतानुसार क्षेत्रीय समितिहरू गठन गर्ने, जनस्तरदेखि सदन र सरकारसम्म आफ्ना माग पुर्‍याउने योजना बनाएको छ। खत्रीले भने, “यदि सरकारले व्यवसायीका माग नसुनेमा श्रमिकहरू आफैं सडकमा उत्रनेछन्।” उनले व्यवसायीहरूलाई एकजुट भएर तयारी अवस्थामा बस्न आग्रह पनि गरेका छन्।

सहुलियतपूर्ण कर्ज़ा उपभोग अवधि पाँच वर्ष तक नवीनीकरण करने की व्यवस्था

सरकार ने सहुलियतपूर्ण कर्ज़ा उपभोग की अवधि पाँच वर्ष तक बढ़ाने की व्यवस्था की है। प्राकृतिक आपदा प्रभावितों के लिए पाँच लाख रुपए तक का निजी आवास निर्माण कर्ज़ा उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक और वित्तीय संस्थान ब्याज दर में आधार दर से केवल १.५ प्रतिशत अधिक ही जोड़ सकेंगे। ७ साउन, काठमांडू।

सरकार ने सहुलियतपूर्ण कर्ज़ा को सरलता से पाँच वर्ष तक उपयोग करने की व्यवस्था की है। यदि कोई कर्ज़ी तीन वर्ष की अवधि के लिए सहुलियतपूर्ण कर्ज़ा लेकर समय पर भुगतान करता है, तो उसे वह कर्ज़ा नवीनीकृत करवाने या नया कर्ज़ा लेकर अतिरिक्त दो वर्ष तक सहुलियत प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। सरकार ने ब्याज अनुदान संबंधी कार्यविधि, २०८२ में संशोधन करते हुए पुराने सहुलियतपूर्ण कर्ज़ा का ब्याज अनुदान एकीकृत कार्यविधि, २०७५ के अनुसार मिलने वाले कर्ज़ा के नवीनीकरण की स्थिति में अनुदान प्रारंभ तिथि से पाँच वर्ष तक उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान जोड़ा है।

प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को निजी आवास निर्माण कर्ज़ा देते समय बैंक और वित्तीय संस्थानों को राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण से अनुदान न मिलने की स्थिति में कर्ज़ी का स्वघोषणा लेने का प्रावधान जोड़ा गया है। संशोधित कार्यविधि के अनुसार, “यदि किसी त्रैमासिक में परिस्थिति कारणों से कर्ज़ी भुगतान नहीं कर पाता है, तो अगले त्रैमासिक में बकाया राशि चुका कर नियमित करे तो बैंक और वित्तीय संस्थान परिस्थिति कारणों और कर्ज़ा के सही उपयोग की पुष्टि करके समग्र अवधि का ब्याज अनुदान मांग सकेंगे।”

सहुलियतपूर्ण कर्ज़ा हेतु ब्याज अनुदान संबंधी एकीकृत कार्यविधि, २०७५ के अनुसार दिए गए कर्ज़ा तथा संबंधित सेवा और शर्तों के हिसाब से अनुदान प्रदान करने का प्रावधान भी जोड़ा गया है। कार्यविधि के अनुसार, कृषि एवं पशुपालन कर्ज़ा पाँच करोड़ रुपए तक, महिला उद्यमशीलता कर्ज़ा पच्चीस लाख रुपए तक, और वैदेशिक रोजगार से लौटे युवाओं के स्वरोजगार कर्ज़ा बीस लाख रुपए तक प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार के कर्ज़ा की किस्ताबंदी आवधिक भुगतान की प्रकृति की होगी।

सरकार ने साउन से लगाई जाने वाली VAT असार महीने के बिजली बिल में जोड़ने पर विवाद

नेपाल विद्युत प्राधिकरण ने साउन से 50 यूनिट से अधिक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में 5 प्रतिशत मूल्य संवर्धित कर (VAT) लगाना शुरू किया है। असार महीने में उपभोग की गई बिजली के बिल में VAT शामिल होने पर उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया है कि साउन से ही लागू होने वाला VAT पिछले महीने के बिल में कैसे पहले से लगाया गया। प्राधिकरण का दावा है कि यह खपत की तारीख नहीं, बल्कि बिल जारी करने की तारीख के आधार पर देखा जाता है, इसलिए साउन 1 के बाद जारी सभी बिल VAT प्रणाली के अंतर्गत आते हैं।

आर्थिक वर्ष के बजट के अनुसार 1 साउन से मूल्य संवर्धित कर (VAT) लागू किया जाना था, लेकिन नेपाल विद्युत प्राधिकरण असार से ही बिजली शुल्क में VAT वसूलने लगा है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने 1 साउन से 50 यूनिट से ऊपर के बिजली बिलों पर 5 फीसदी VAT लागू करने की घोषणा की थी। हालांकि, प्राधिकरण ने असार महीने में उपभोग की गई बिजली का बिल साउन में चुकाते समय भी VAT सहित बिल जारी किया है ये तथ्य सार्वजनिक हुए हैं।

असार महीने में खपत की गई बिजली का बिल साउन महीने में भुगतान करते वक्त 5 प्रतिशत VAT के कारण व्यापक विरोध शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर कई उपभोक्ताओं ने असार माह की खपत वाले बिल पर VAT लगाए जाने की जानकारी साझा की है। प्राधिकरण के एक अधिकारी के अनुसार, 1 साउन के बाद जारी सभी बिल VAT प्रणाली के अंतर्गत आते हैं और VAT लगाना अनिवार्य है, चाहे बिल में उल्लिखित खपत किसी भी अवधि की हो।

प्राधिकरण ने खपत अवधि की बजाय बिल जारी करने की तारीख को आधार मान कर साउन 1 के बाद जारी हुए सभी बिलों को VAT प्रणाली के अंतर्गत माना है, जबकि राजस्व विभाग ने कहा है कि संबंधित बिल और रीडिंग विवरण देखकर ही वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जा सकती है। इस विषय में असार महीने की खपत पर साउन से VAT लगाने को लेकर प्राधिकरण और कर प्रशासन के बीच कुछ अस्पष्टता बनी हुई है।

वैभव सूर्यवंशी बने टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक लगाने वाले विश्व के सबसे युवा खिलाड़ी

भारत के 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाबे के खिलाफ सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर पुरुष टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। सूर्यवंशी 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में अर्धशतक पूरा करने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे युवा खिलाड़ी बने हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 126 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल करते हुए जिम्बाबे के खिलाफ पहला टी-20 मुकाबला जीत लिया है। 7 साउन, काठमांडू।

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। जिम्बाबे के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अर्धशतक लगाकर वे पुरुष टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बने। हरारे के मैदान पर खेलते हुए 15 वर्ष 118 दिन के सूर्यवंशी ने मात्र 18 गेंदों में अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने चार चौके और चार छक्के लगाए। भारत ने 126 रन के लक्ष्य को 6 ओवर से अधिक समय बचा कर आसानी से पूरा किया।

इससे पहले यह रिकॉर्ड गिब्राल्टर के लुइस ब्रुस के नाम था, जिन्होंने साल 2021 में माल्टा के खिलाफ 16 वर्ष 56 दिन की उम्र में अर्धशतक बनाया था। सूर्यवंशी को पिछले महीने आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला के लिए पहली बार भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया था। इंग्लैंड के खिलाफ पहले तीन मैचों में उन्होंने क्रमशः 14, 13 और 15 रन बनाए थे। लेकिन जिम्बाबे के खिलाफ उन्होंने पहले गेंद से आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक पारी खेली।

भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाबे को 20 ओवरों में 7 विकेट पर 125 रन तक सीमित किया, जिसके बाद सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को सहज जीत दिलाई। सूर्यवंशी ने इसी हरारे मैदान पर जनवरी में संपन्न आईसीसी यू-19 विश्व कप के फाइनल में भी 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। इस जीत के साथ श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अपनी पहली जीत भी हासिल की है। भारत और जिम्बाबे के बीच दूसरा टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच 25 जुलाई को हरारे में खेला जाएगा।