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लेखक: space4knews

नीतिगत निर्णयों में युवाओं की प्रभावशाली भागीदारी की मांग

विराटनगर में सम्पन्न कोशी प्रदेश स्तरीय युवा सम्मेलन ने नीतिगत निर्णयों में युवाओं की प्रभावशाली भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। सम्मेलन ने योजना निर्माण प्रक्रिया में युवा नागरिक समाज के कम से कम २० प्रतिशत प्रतिनिधित्व और युवामैत्री बजट निर्माण की अपील की है। साथ ही, युवा उद्यमियों को बिना धरोहर ऋण प्रदान करने और कुल स्वास्थ्य बजट का ५ प्रतिशत मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवंटित करने की भी मांग की गई है।

कोशी प्रदेश के १४ जिलों के युवाओं की भागीदारी से सम्पन्न प्रदेश युवा सम्मेलन ने ऐसे अनुरोध किए हैं। विराटनगर में जेठ २८ और २९ को आयोजित इस सम्मेलन ने युवाओं की भागीदारी को समृद्ध प्रदेश के मुख्य आधार के रूप में स्वीकार करते हुए एक संकल्प भी पारित किया है। सम्मेलन ने युवा परिषद को और अधिक सशक्त और संसाधन-संपन्न बनाने की भी अपील की है।

स्थानीय और प्रादेशिक योजना निर्माण प्रक्रियाओं में युवा नागरिक समाज के कम से कम २० प्रतिशत प्रभावी प्रतिनिधित्व की सुनिश्चितता और युवाओं को शामिल कर बजट निर्माण करने की मांग सम्मेलन ने व्यक्त की है। साथ ही, किराँत, धिमाल, राजवंशी, संथाल, राई, लिम्बु समेत अन्य समुदायों की पारंपरिक कौशलों के संरक्षण हेतु प्रादेशिक रैथाने ज्ञान और नवप्रवर्तन केन्द्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया है।

युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए कर छूट, बिना धरोहर युवा नवप्रवर्तन ऋण प्रदान करने तथा स्वदेशी उत्पादों के पेटेन्ट दर्ज कराने में सहजीकरण की मांग भी सम्मेलन ने की है। स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल बजट का ५ प्रतिशत मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवंटित करने और स्थानीय स्तर पर मनोपरामर्शदाता नियुक्त करने की अपील भी की गई है। सम्मेलन ने ‘कोशी प्रदेश सीएसओएस युवाफोरम’ का नया नेतृत्व भी चुना है। फोरम के संयोजक के रूप में युवा तिम्सिना और सह- संयोजक के रूप में नेहा अग्रहरी को नामित किया गया है।

बोस्निया एन्ड हर्जगोभिनाले अग्रता कायम राख्न नसक्दा क्यानडासँग १–१ की बराबरी कायम गर्यो

क्यानडाको टोरन्टो स्टेडियममा भएको फिफा विश्वकप–२०२६ को तेस्रो खेलमा घरेलु टोली क्यानडा र बोस्निया एन्ड हर्जगोभिना बीच १–१ को बराबरीमा खेल सम्पन्न भयो।

समाचार सारांश

  • फिफा विश्वकप–२०२६ को तेस्रो खेलमा क्यानडा र बोस्निया एन्ड हर्जगोभिनाले १–१ की बराबरी खेली।
  • खेलको २१औं मिनेटमा बोस्नियाका जोभो लुकिचले गोल गरे जबकि ७९औं मिनेटमा क्यानडाका काइल लारिनले बराबरी गोल फर्काए।
  • विश्वकपको चौथो खेल आयोजक अमेरिका र पाराग्वेबीच नेपाली समय अनुसार बिहान पौने ७ बजे हुनेछ।

३० जेठ, काठमाडौं। फिफा विश्वकप–२०२६ को तेस्रो खेलमा घरेलु टोली क्यानडा र बोस्निया एन्ड हर्जगोभिना बीच रोमाञ्चक मुकाबला सम्पन्न भयो र दुवैले १-१ को बराबरीमा अंक साझा गरे।

टोरन्टो स्टेडियममा खेलिएको यस खेलमा २१औं मिनेटमा बोस्नियाका जोभो लुकिचले हेडरमार्फत गोल गर्दै आफ्नो टोलीलाई अग्रता दिलाए। तर बोस्नियाले त्यो अग्रता कायम राख्न सकेन।

खेलको ७९औं मिनेटमा क्यानडाका काइल लारिनले उत्कृष्ट कन्ट्रोलसहित गोल फर्काउँदै टोलीलाई बराबरीमा ल्याए। त्यसपछिका समयमा कुनै पनि टोलीले थप गोल गर्न नसकेपछि दुवैले समान १-१ अंक बाडे।

अहिले आउँदो विश्वकपको चौथो खेल आयोजक अमेरिका र पाराग्वेबीच हुनेछ, जुन नेपाली समय अनुसार बिहान पौने ७ बजे सुरु हुनेछ।

फोटो : IMAGO / Nordphoto

गण्डकी प्रदेश के आगामी बजट में प्रत्यक्ष सांसदों को 4 करोड़ और समानुपातिक सांसदों को 2 करोड़ 80 लाख की योजना आवंटित

29 जेठ, पोखरा। गण्डकी प्रदेश सरकार आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में प्रत्यक्ष तथा समानुपातिक सांसदों को योजनाओं के लिए समान रूप से बजट आवंटित करने की तैयारी कर रही है। सभी दलों के सांसदों को समान बजट देकर योजनाएं प्रस्तुत करने को कहा गया है। नेपाली कांग्रेस और नेकपा एमाले के बीच आगामी बजट में सांसदों की योजनाओं को शामिल करने की राजनीतिक सहमति बनी है। दूसरे कार्यकाल के अंत में पहुंची प्रदेश सरकार अब तक बजट निर्माण और योजना चयन में प्रभावी तंत्र या मानदंड स्थापित नहीं कर सकी है। प्रदेश की प्राथमिकताएं और आवश्यकताओं को नजरअंदाज कर सांसदों की पसंद के अनुसार योजनाओं को शामिल करते हुए पिछले वर्षों की तरह ही इस बार भी बजट प्रक्रिया जारी है।

नीति तथा योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्णचंद्र देवकोटा के अनुसार चालू आर्थिक वर्ष में गण्डकी प्रदेश सरकार ने 31 अरब 97 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है और आगामी बजट भी लगभग उसी स्तर पर होने की व्यवस्था की जा रही है। मंत्रालयों को लगभग 29 अरब रुपये की छत (सिलिंग) दी गई है, लेकिन बजट का अंतिम आकार चालू बजट के करीब रहने का अनुमान है। सरकार की नीति और कार्यक्रम पास हो चुकी है और बजट प्रस्तुत करने की प्रक्रिया असार 1 के लिए अंतिम चरण में है। बहुवर्षीय एवं स्रोत सुनिश्चित योजनाओं के बावजूद सांसदों की पसंद के अनुसार योजनाएँ सम्मिलित होने की संभावना नजर आ रही है।

पिछले वर्ष प्रत्यक्ष और समानुपातिक, सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों को अलग-अलग राशि की योजनाएँ आवंटित की गई थीं, लेकिन आगामी बजट में सभी सांसदों को समान आधार पर बजट दिया जाएगा। गण्डकी के 36 निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्यक्ष निर्वाचित सांसदों को बहुवर्षीय ठेका देने योग्य 1 करोड़ रुपये बराबर की योजना प्रदान करने की व्यवस्था है। अन्य सांसदों को 2 करोड़ 80 लाख रुपये तक की योजनाएँ प्रस्तुत करने को कहा गया है। मनाङ से निर्वाचित सांसद राजीव गुरुङ ‘दिपक मनाङे’ हत्या मामले में दोषी पाए जाने के बाद पदमुक्त हुए थे, उनके निर्वाचन क्षेत्र की योजनाएँ भी शामिल की जाएंगी, यह मंत्रीगण का कहना है।

चालू बजट में भी प्रत्यक्ष निर्वाचित आठ निर्वाचन क्षेत्रों को प्रत्येक में 1 करोड़ रुपये के योजनाएं आवंटित की गई थीं, लेकिन प्रत्यक्ष और समानुपातिक सांसदों के बीच राशि में भेदभाव था। आगामी बजट के लिए प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 1 करोड़ रुपये की सड़क या पुल संबंधित योजना मांगी गई है जबकि 59 सांसदों को मंत्रालयों के हिसाब से 2 करोड़ 80 लाख रुपये तक की योजना प्रस्तुत करने का प्रावधान किया गया है। भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय को डेढ़ करोड़, ऊर्जा, जलस्रोत तथा खानेपानी मंत्रालय को 50 लाख, पर्यटन मंत्रालय को 40 लाख, सामाजिक विकास मंत्रालय को 30 लाख और वन मंत्रालय को 10 लाख रुपये की योजनाएं प्रस्तुत करने को कहा गया है।

सांसद अपनी निर्धारित छत के भीतर अपनी पसंद की योजनाएं चयन कर संबंधित मंत्रालय को प्रस्तुत करेंगे और उन्हें वार्षिक विकास कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। 60 सदस्यीय प्रदेशसभा में फिलहाल 59 सदस्य हैं। मनाङ के निर्वाचित सांसद राजीव गुरुङ ‘दिपक मनाङे’ हत्या मामले में द्रोही पाए जाने के बाद पदमुक्त हो चुके हैं। उनके निर्वाचन क्षेत्र की योजनाएँ भी शामिल होंगी, यही मंत्रीगण का कहना है। प्रत्यक्ष निर्वाचित सांसदों को प्रत्येक के लिए 1 करोड़ रुपये की योजना और 2 करोड़ 80 लाख की दर से योजना आवंटित करने पर कुल 1 अरब 36 करोड़ 80 लाख रुपये के बराबर योजनाएँ प्राप्त होंगी।

2 करोड़ 80 लाख रुपये की छत के अंतर्गत 24 समानुपातिक सांसद लगभग 67 करोड़ 20 लाख रुपये के बराबर की योजनाएं लेंगे। पिछले वर्ष प्रत्यक्ष और समानुपातिक सांसदों के बीच भेदभाव की वजह से संसद में विरोध की आवाजें उठी थीं। भले ही वे अलग-अलग प्रणाली से चुने गए हों, संसद में सभी सांसदों की समान स्थिति होनी चाहिए, ऐसा कहते हुए समानुपातिक सांसदों को अलग किया गया आरोप लगाकर कई सांसदों ने विरोध जताया था। आगामी बजट में निर्वाचन क्षेत्र की एक योजना को छोड़ सभी सांसदों को समान बजट सीमा दी गई है, यह जानकारी नेकपा एमाले के प्रमुख सचेतक देवका पहारी ने दी है।

पहारी के अनुसार समानुपातिक सांसदों के दबाव के बाद निर्वाचन क्षेत्र के अलावा अन्य योजनाओं में समान बजट आवंटित किया गया है। संसद में सभी सांसदों को समान अधिकार मिलने के कारण पहले हुए भेदभाव को सांसदों ने याद दिलाया था। “समान हैसियत सुनिश्चित करना आवश्यक था। इस बार समानुपातिक सांसदों को भी समान बजट की योजनाएं देने की सहमति हो गई है,” पहारी ने कहा, “सभी सांसदों की समान दृष्टिकोण की मांग लगातार उठ रही थी और इस बार वो सहमति बन गई।” अर्थमंत्री जीत शेरचन ने भी संसद में सभी सांसदों को समान अधिकार होने की पुष्टि करते हुए प्रत्यक्ष और समानुपातिक के बीच कोई भेदभाव न होने बताया। “अधिकार या हैसियत के हिसाब से संसद में प्रत्यक्ष और समानुपातिक को विभाजित नहीं किया गया है,” अर्थमंत्री शेरचन ने कहा, “प्रमुख सचेतक के साथ योजना वितरण पर सहमति हो गई है, मैं इस विषय में बहुत अधिक बैठक में नहीं रहा।” उन्होंने आगामी बजट में दीर्घकालीन महत्व की नई योजनाएं भी रहने का दावा किया।

सबसे बड़ा बजट भौतिक पूर्वाधार के लिए जाएगा, लेकिन कृषि और पर्यटन को प्रदेश की प्राथमिकताओं में रखा गया है। “बड़ा बजट पूर्वाधार के लिए ही जाएगा। इसके बाद कृषि में कुछ नए कार्यक्रम और पर्यटन क्षेत्र में भी नई योजनाएं आएंगी,” अर्थमंत्री शेरचन ने बताया, “कृषि में उत्पादन और विपणन पर जोर देने वाले कार्यक्रम लाने की तैयारी है।” आगामी बजट में बड़ी राशि दायित्वों, अधूरे कार्यों को पूरा करने और सुधार में भी खर्च होगी। ऊर्जा, जलस्रोत और खानेपानी मंत्रालय की कई योजनाएं अवरुद्ध हैं, उन्हें पूरा करने के लिए भी बड़ा बजट आवंटित होगा। प्रदेश आयोजन बैंक कार्यान्वयन के लिए वार्षिक चर्चा और कार्यक्रम करता रहा है, लेकिन अधिकांश योजनाएं सीमित हैं और सरकार की प्रतिबद्धता केवल कागजी रही है, इस बात की आलोचना भी हो रही है।

प्रतिनिधि सभा चुनाव के पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी

२९ जेठ, काठमांडू। प्रतिनिधि सभा चुनाव की पर्यवेक्षण रिपोर्ट जारी कर दी गई है। डेमोक्रेसी रिसोर्स सेंटर नेपाल (डीआरसीएन) द्वारा प्रकाशित इस रिपोर्ट में फागुन २१ को सम्पन्न प्रतिनिधि सभा चुनाव के दौरान पाए गए मुद्दों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट में चुनाव पूर्व के माहौल, चुनाव आयोग की तैयारियां, प्रचार प्रसार, आचार संहिता का पालन, मतदान प्रक्रिया, मतगणना प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन, संबंधित पक्षों के साथ संवाद और संकलित आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। जटिल राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियों के बीच शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न चुनाव ने जनजीवन आंदोलन के पश्चात उत्पन्न संवैधानिक और राजनीतिक संकट का समाधान प्रदान किया है, यह डीआरसीएन की रिपोर्ट में उल्लेखित है।

चुनाव आयोग ने संरचनात्मक निर्भरता और कानूनी जटिलताओं के बावजूद चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न किया, पर जनशक्ति प्रबंधन में पाई गई असंगतियों और प्रशिक्षण की कमियों ने इसके प्रदर्शन में चुनौती पैदा की, यह डीआरसीएन का निष्कर्ष है। रिपोर्ट के अनुसार कानूनी पक्ष की बात करें तो, चुनाव संबंधित विभिन्न कानूनों की द्वंद्वता और अस्पष्टताओं ने क्रियान्वयन को जटिल बना दिया है, तथा मतदाता नामावली प्रबंधन, बाहरी मतदान, विदेश में निवासरत नेपाली मतदाता अधिकार, और ‘नो टेस्ट ऑन ऑफिशियल थिंकिंग एनालिसिस’ (NOTA) के प्रावधान जैसे विषय अभी कार्यान्वयन में नहीं आए हैं, इसलिए समावेशी और पूर्ण सहभागितात्मक चुनाव प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पहल आवश्यक मानी जाती है।

रिपोर्ट का लोकार्पण करते हुए कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त रामप्रसाद भंडारी ने असामान्य परिस्थितियों में चुनाव संपन्न करना सरल विषय नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के कारण ही चुनाव संभव हो सका, और पर्यवेक्षण करने वाली संस्था को नकारात्मक तथ्यों के साथ-साथ सकारात्मक प्रयासों को भी शामिल करना चाहिए। रिपोर्ट पर समीक्षा करते हुए नेशनल डेमोक्रेटिक इन्स्टिट्यूट की कंट्री रिप्रेजेंटेटिव विदुषी ढुंगेल ने कहा कि डीआरसीएन जैसी संस्थाएं हर चुनाव में सकारात्मक सुझाव देती हैं जिन्हें चुनाव आयोग को गंभीरता से लेना चाहिए।

डीआरसीएन के अध्यक्ष आलोक पोखरेल ने बताया कि संस्थान के मुख्य विषय चुनाव, सुशासन, लोकतंत्र और संघीयता हैं, इसलिए इन विषयों पर गहन अध्ययन और विश्लेषण के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। डीआरसीएन के ९४ पर्यवेक्षकों ने ३४ जिलों के ६४ स्थानीय तह के २०४ वार्डों में पर्यवेक्षण किया। रिपोर्ट में ४१३ मतदान स्थलों के ४५२ मतदान केन्द्रों को शामिल किए जाने का उल्लेख है।

ढोरपाटन के भैंस और गोठाल ठाँकुर में जीवन व्यतीत कर रहे हैं

रुकुमपूर्व के पुथा उत्तरगंगा गाउँपालिका–५ में स्थित ठाँकुर क्षेत्र में वर्षा ऋतु के आरम्भ होते ही ढोरपाटन के गोठाल अपने भैंसों के साथ पहुंच गए हैं। समुद्र सतह से चार हजार मीटर की ऊँचाई पर विस्तारित यह विशाल घास का मैदान भैंस चराने की पारंपरिक गोठाल जीवनशैली को जीवित रखे हुए है। प्राकृतिक सौंदर्य और प्राचीन सांस्कृतिक जीवनशैली की झलक दिखाने वाला यह ठाँकुर क्षेत्र रुकुमपूर्व का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। २९ जेठ, रुकुमपूर्व।

समुद्र सतह से चार हजार मीटर की ऊँचाई पर बसा रुकुमपूर्व के पुथा उत्तरगंगा गाउँपालिका–५ का ठाँकुर बेहद आकर्षक स्थान है। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण ठाँकुर के वृहद हरे भरे मैदानों में इस समय भैंसों के समूह देखे जा सकते हैं। वर्षा ऋतु के आरंभ होते ही ढोरपाटन क्षेत्र के गोठाल भैंस लेकर ठाँकुर में आ जाते हैं। घने जंगलों और ऊंचे हिमालयी पहाड़ों के बीच फैला यह मैदान भैंसों और गोठालों के अस्थायी आवास का स्थल भी है।

आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव के बावजूद ढोरपाटन के ये पुराने गोठाल अपनी परंपराओं को कभी नहीं छोड़ते हैं। इसलिए ठाँकुर के इस विस्तृत मैदान में आज भी भैंस चरती देखी जा सकती हैं। वहां का वातावरण, गोठालों की दिनचर्या और पीछे छिपे हिमालयी पहाड़ के हरित पहाड़ियां यहाँ के दृश्य को अनोखा बनाती हैं। यह न केवल प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करता है, बल्कि प्राचीन सांस्कृतिक जीवन की भी झलक प्रस्तुत करता है। यह क्षेत्र रुकुमपूर्व का एक महत्वपूर्ण पर्यटक आकर्षण भी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने काभ्रे बस दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए निर्देश जारी किया

२९ जेठ, काठमांडू। प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद् कार्यालय ने काभ्रे बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता सहसचिव हेमराज आचार्य ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से घटना के कारणों का पता लगाने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने की जानकारी दी है।

‘दुर्घटना के तुरंत बाद घायल व्यक्तियों के उद्धार एवं उपचार कार्य जिला प्रशासन कार्यालय काभ्रेपलाञ्चोक, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल, स्थानीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य संस्थानों की सक्रिय भागीदारी और समन्वय में तत्परता के साथ आरंभ किया गया है,’ विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है।

विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि घायल व्यक्तियों का उपचार धुलिखेल अस्पताल में चल रहा है। ‘नेपाल सरकार ने इस घटना की जांच कर दुर्घटना के कारणों की पहचान हेतु संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिया है,’ विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘साथ ही, घायल व्यक्तियों के प्रभावकारी उपचार तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।’

अमेरिकी टेक कंपनियों पर हुए साइबर हमलों में उत्तर कोरियाई हैकरों की संलिप्तता

समाचार सारांश

OK AI द्वारा पुनःः डिज़ाइन। संपादकीय समीक्षा।

  • क्राउडस्ट्राइक की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की तकनीकी कंपनियों पर हो रहे सरकारी स्तर के साइबर हमलों में लगभग ४७ प्रतिशत हमले उत्तर कोरियाई हैकरों द्वारा किए गए हैं।
  • ये हैकर एआई तकनीक द्वारा बनाए गए डीपफेक चित्र और नकली पहचान पत्र का उपयोग कर विभिन्न कंपनियों में नौकरी पाकर अंदर घुस जाते हैं।
  • उत्तर कोरिया ने सन् २०२५ में लगभग २ अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेन्सी चोरी की, जिसका उपयोग वे अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम और सरकारी खर्चों में करते हैं।

२९ जेठ, काठमाडौँ। अमेरिका की तकनीकी कंपनियों पर हो रहे सरकारी प्रायोजित साइबर हमलों में उत्तर कोरियाई हैकरों की सक्रियता पाई गई है।

साइबर सुरक्षा से संबंधित बहुराष्ट्रीय संस्था ‘क्राउडस्ट्राइक’ ने ९ जून २०२६ को प्रकाशित अपनी ‘२०२६ टेक्नोलॉजी थ्रेट लैंडस्केप रिपोर्ट’ में बताया है कि पिछले वर्ष अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में हुए प्रमुख सरकारी साइबर हमलों में लगभग ४७ प्रतिशत हमले उत्तर कोरियाई हैकरों द्वारा हुए थे।

उत्तर कोरियाई हैकरों द्वारा किए जाने वाले इस प्रकार के हमलों को साइबर सुरक्षा की भाषा में ‘हैंड्स-ऑन-किबोर्ड इंट्रूजन’ कहा जाता है, जिसमें सामान्य वायरस या मैलवेयर के स्वतः आक्रमण से भिन्न, हैकर खुद सक्रिय होकर कंप्यूटर में प्रवेश करते हैं।

इस प्रक्रिया में हैकर वास्तविक कर्मचारी की तरह काम करते हैं, कंप्यूटर पर टाइप करते हैं, फ़ोल्डर खोलते हैं और जानकारियाँ चुराते हैं, जिन्हें सामान्य सुरक्षा उपकरण आसानी से पकड़ नहीं पाते।

अंदर घुसने के बाद हैकर अपनी उपस्थिति छुपाकर लंबी अवधि तक सक्रिय रहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये हैकर नकली आईटी कर्मचारी या ऑनलाइन नौकरी एजेंट के रूप में खुद को पेश कर कंपनियों में प्रवेश करते हैं।

वे अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई तकनीकी कंपनियों में ‘रिमोट जॉब’ के लिए आवेदन करते हैं।

नौकरी मिलने के बाद आंतरिक सिस्टम तक पहुँच पाकर गोपनीय जानकारियाँ चोरी करना उनके लिए आसान हो जाता है।

वे खुद को नामी डेवलपर, कोडर या आईटी विशेषज्ञ दिखाने के लिए AI से बने डीपफेक चित्र और वीडियो का उपयोग करते हैं।

इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी या अन्य देशों के नागरिक होने का प्रमाण देने के लिए चोरी या नकली पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी काम में लेते हैं।

पहले भी अमेरिकी नामों का दुरुपयोग कर उत्तर कोरियाई लोगों को विभिन्न तकनीकी कंपनियों में रिमोट जॉब दिलाने वाले बड़े सनर नेटवर्क उजागर हो चुके हैं, जिसमें अमेरिकी महिला क्रिस्टिना चापमैन समेत अन्य को सन् २०२५ में जेल हुई थी।

क्राउडस्ट्राइक ने रिपोर्ट में बताया है कि यही प्रवृत्ति अब AI तकनीक के माध्यम से विकसित रूप में जारी है।

क्राउडस्ट्राइक ने अप्रैल २०२५ से मार्च २०२६ के बीच की गतिविधियों का अध्ययन कर यह रिपोर्ट तैयार किया, जिसमें उत्तर कोरियाई ‘फेमस चोलिमा’ हैकिंग समूह सबसे सक्रिय पाया गया।

‘फेमस चोलिमा’ सरकार के संरक्षण और निवेश वाला समूह है, जो विशेष रूप से तकनीकी क्षेत्र में केंद्रित है।

हैकर दो चरणों में काम करते हैं: पहले चरण में, फिशिंग ईमेल, नकली वेबसाइट या सोशल मीडिया से कर्मचारी का पासवर्ड और गोपनीय विवरण चुराते हैं। दूसरे चरण में इन जानकारियों से सिस्टम में प्रवेश कर आधिकारिक सॉफ्टवेयर और उपकरणों का दुरुपयोग करते हैं।

अंदर घुसने के बाद, महत्वपूर्ण व्यावसायिक संपत्ति और गोपनीय जानकारियाँ चुराकर धमकी देने और फिरौती मांगने की प्रवृत्ति होती है।

क्राउडस्ट्राइक के अनुसार, ये हैकर विशेष रूप से ब्लॉकचेन डेवलपर्स को निशाना बनाते हैं जो क्रिप्टोकरेन्सी से संबंधित सॉफ्टवेयर बनाते हैं।

रिपोर्ट में उल्लेख है कि सन् २०२५ में उत्तर कोरिया से जुड़ी समूहों ने लगभग २ अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेन्सी चोरी की। फेब्रुअरी २०२५ में अकेले १ अरब ४६ करोड़ डॉलर के बड़े क्रिप्टो चोरी के मामले सामने आए।

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन पर आरोप है कि जब पश्चिमी बैंकिंग सिस्टम का उपयोग उनकी सरकार को नहीं करने दिया गया तो उन्होंने चोरी की धनराशि का उपयोग परमाणु हथियार कार्यक्रम और अन्य सरकारी खर्चों में किया।

क्राउडस्ट्राइक की वित्तीय क्षेत्र रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्तीय संस्थानों पर होने वाले ‘हैंड्स-ऑन-किबोर्ड अटैक’ पिछले दो वर्षों में ४३ प्रतिशत बढ़े हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने हैकरों को प्रशिक्षण, बुनियादी संरचना और विदेशों में काम करने की अनुमति देकर सरकारी साइबर अपराध को नया और खतरनाक रूप दिया है।

इस खतरे से बचने के लिए क्राउडस्ट्राइक ने कंपनियों को सलाह दी है कि वे नौकरी आवेदकों के दस्तावेज़ और पृष्ठभूमि की सख्ती से जांच करें। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरव्यू में सीधे वीडियो कॉल करें, कर्मचारियों की पहुँच सीमित करें, व्यापक सुरक्षा उपाय अपनाएं और डीपफेक पहचान करने वाले उपकरण लगाएं।

क्राउडस्ट्राइक विश्व की सबसे बड़ी साइबर सुरक्षा कंपनियों में से एक है। जुलाई २०२४ में कंपनी के एक छोटे सॉफ्टवेयर अपडेट में हुए खराबी के कारण विश्व भर में ८.५ मिलियन कंप्यूटर ठप हो गए और कई हवाई अड्डे, बैंक तथा अस्पताल कुछ घंटों के लिए बंद रहे।

यही कंपनी की रिपोर्ट ने अमेरिका में हुए आधे सरकारी तकनीकी हमलों में उत्तर कोरियाई हैकरों की संलिप्तता को उजागर किया है।

उत्तर कोरियाई हैकर्स अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर साइबर हमलों में शामिल

समाचार सारांश

OK AI द्वारा पुनःडिजाइन किया गया। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • CrowdStrike की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी तकनीकी कंपनियों पर किए गए राज्य प्रायोजित साइबर हमलों का ४७ प्रतिशत उत्तर कोरियाई हैकर्स से जुड़ा है।
  • ये हैकर्स नौकरी पाने के लिए AI-निर्मित डीपफेक फोटो और नकली पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके कंपनियों में घुसे थे।
  • रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया ने २०२५ में लगभग २०० मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी की, जिसे अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम और सरकारी खर्चों में लगाया।

१२ मई, काठमांडू — उत्तर कोरियाई हैकर्स ने संयुक्त राज्य अमेरिका की तकनीकी कंपनियों को लक्षित करते हुए राज्य प्रायोजित साइबर हमलों में सक्रिय भूमिका निभाई है।

बहुराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संस्था CrowdStrike ने अपनी ९ जून २०२६ की “२०२६ तकनीकी खतरा परिदृश्य रिपोर्ट” में बताया कि पिछले वर्ष अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में हुए बड़े सरकारी स्तर के साइबर हमलों में लगभग ४७ प्रतिशत हमले उत्तर कोरियाई हैकर्स के साथ जोड़े गए हैं।

इस तरह के साइबर प्रवेश को साइबर सुरक्षा में ‘हैंड्स-ऑन-किबोर्ड इन्क्रूज़न’ कहा जाता है, जो स्वचालित वायरस या मैलवेयर हमलों से अलग है क्योंकि हैकर्स सीधे कंप्यूटर नियंत्रित करते हैं।

ऐसे हमलों के दौरान हैकर्स वैध कर्मचारियों की तरह व्यवहार करते हैं — कंप्यूटर पर टाइप करते हैं, फ़ोल्डर खोलते हैं और सुरक्षा उपकरणों से छिपे तरीके से जानकारी चुराते हैं।

भीतर घुसने के बाद, हैकर्स अपनी पहचान छुपाते हैं और लंबे समय तक सक्रिय रहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये हैकर्स खुद को नकली IT कर्मचारी या ऑनलाइन रोजगार भर्तीकर्ता बनाकर पहुंच प्राप्त करते हैं।

वे अमेरिकी, यूरोपीय और एशियाई तकनीकी कंपनियों में ‘रिमोट नौकरी’ की तलाश करते हैं।

नौकरी मिलने पर वे आंतरिक प्रणाली तक पहुंच बनाकर गोपनीय डेटा चुराते हैं।

कंपनियों को अपने प्रमाणपत्रों पर भरोसा दिलाने के लिए वे AI तकनीक से बने डीपफेक फोटो और वीडियो का उपयोग करते हैं, जिनमें वे परिचित डेवलपर, कोडर या IT विशेषज्ञ के रूप में दिखाई देते हैं।

साथ ही वे चोरी किए गए या नकली पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी इस्तेमाल करते हैं जो अमेरिका या अन्य देशों की नागरिकता प्रमाणित करते हैं।

पहले, एक बड़ा सनर नेटवर्क अमेरिकी नागरिकों की पहचान चोरी करके उत्तर कोरियाई लोगों को तकनीकी कंपनियों में रिमोट काम दिलाने की कोशिश करता था, जिससे २०२५ में अमेरिकी नागरिक क्रिस्टिना चिपमैन जेल गई थीं।

CrowdStrike की रिपोर्ट दर्शाती है कि यह तरीका विकसित होकर अब AI तकनीकों के साथ भी जुड़ चुका है।

रिपोर्ट अप्रैल २०२५ से मार्च २०२६ तक की गतिविधियों का अध्ययन कर तैयार की गई है, जिसमें ‘फेमस चोलीमा’ उत्तर कोरिया का सबसे सक्रिय हैकिंग समूह बताया गया है।

सरकार द्वारा प्रायोजित और वित्त पोषित फेमस चोलीमा समूह मुख्यत: तकनीकी क्षेत्र को निशाना बनाता है।

ये हैकर्स दो चरणों में काम करते हैं: पहले, कर्मचारी पासवर्ड या संवेदनशील जानकारी फिशिंग ईमेल, नकली वेबसाइट या सोशल नेटवर्क के जरिये चुराते हैं; दूसरे चरण में ये प्रमाणपत्रों का उपयोग कर सिस्टम में घुसकर अधिकृत सॉफ़्टवेयर और उपकरणों का दुरुपयोग करते हैं।

भीतर पहुंचने के बाद, वे कीमती व्यावसायिक संपत्ति एवं संवेदनशील जानकारी चुराते हैं, अक्सर धमकियों और हथकड़ियों के माध्यम से।

CrowdStrike ने बताया कि ये हैकर्स विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी सॉफ़्टवेयर बनाने वाले ब्लॉकचेन डेवलपर्स को निशाना बनाते हैं।

साल २०२५ में उत्तर कोरिया से जुड़े گروपों ने लगभग २०० मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी की, जिसमें फरवरी माह में लगभग १४६ मिलियन डॉलर की बड़ी चोरी शामिल थी।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने पश्चिमी बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था और चोरी की गई संपत्ति का उपयोग परमाणु हथियारों एवं सरकारी खर्चों में किया गया बताया जाता है।

CrowdStrike के वित्तीय क्षेत्र के रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले दो वर्षों में वित्तीय संस्थानों पर हाथों से की जाने वाली साइबर हमलों में ४३ प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया हैकर्स को प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना और अनुमति देकर राज्य स्तरीय साइबर अपराध को तेज कर रहा है, जिससे हमले और जटिल एवं खतरनाक हो गए हैं।

इस खतरे को कम करने के लिए CrowdStrike ने कंपनियों को सलाह दी है कि वे नौकरी उम्मीदवारों के दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की गहन जांच करें, वीडियो साक्षात्कार लें, कर्मचारी की पहुंच प्रतिबंधित करें, व्यापक सुरक्षा उपाय लागू करें और डीपफेक का पता लगाने वाले उपकरण इस्तेमाल करें।

CrowdStrike दुनिया की प्रमुख साइबर सुरक्षा कंपनियों में से एक है। जुलाई २०२४ में कंपनी के एक छोटे सॉफ्टवेयर अपडेट की गलती से ८.५ मिलियन कंप्यूटर वैश्विक स्तर पर प्रभावित हुए थे, जिससे एयरपोर्ट, बैंक और अस्पतालों में कुछ घंटों तक सेवा बाधित हुई थी।

इस कंपनी की रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि उत्तर कोरियाई हैकर्स अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में सरकारी संबंधी लगभग आधे साइबर हमलों में शामिल हैं।

महामन्त्री बुर्लाकोटी का समर्पण: संयम, जिम्मेदारी और अनुशासन अनिवार्य

२९ जेठ, कास्की। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के महामन्त्री कविन्द्र बुर्लाकोटी ने पार्टी के सभी स्तरों के नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक को अब संयमित, जिम्मेवार और अनुशासित होने की आवश्यकता बताए। रास्वपा गण्डकी प्रदेश समिति के प्रथम अधिवेशन में शुक्रवार को पोखरा में उन्होंने इस प्रतिबद्धता को व्यक्त किया। पार्टी की स्थापना के चार वर्षों के छोटे से कार्यकाल के बावजूद देश निर्माण में पार्टी के कंधों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के कारण सभी स्तरों के सदस्यों का अनुशासन बनाए रखना आवश्यक होने का उन्होंने उल्लेख किया।
‘अधिवेशन नीति और नेतृत्व को सशक्त बनाते हैं। हमारी भी महाधिवेशन की उम्मीद है, हम एक व्यापक पार्टी के निर्माण की दिशा में बढ़ रहे हैं और इसलिए हमें स्वयं को कड़ा बनाना होगा,’ उन्होंने कहा, ‘पहले हम बहुत अभावग्रस्त थे, अब निरंतर प्रगतिशील हैं, इसलिए कई मामलों में संयम बरतना आवश्यक है।’ रास्वपा के नेता व कार्यकर्ता यदि संयम अपनाएंगे तो पार्टी कमजोर नहीं होगी, इस पर उनकी दृढ़ आस्था है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी एक व्यक्ति के लिए पद सृजित करने के उद्देश्य से पार्टी नहीं बनी है, बल्कि रास्वपा सभी नेपाली नागरिकों के लिए बनी है और देश निर्माण के लिए समर्पित है। ‘हम सबके योगदान से ही पार्टी अस्तित्व में आई है, हम यहाँ अपनी राजनीतिक भलाई के लिए नहीं, बल्कि देश का भविष्य बनाने के लिए हैं, इसलिए सभी को सौंपे गए दायित्वों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए,’ उन्होंने कहा। –रासस

कनाडा ने वीजा न देने से थोमस पार्टे विश्व कप के शुरुआती मैच से वंचित

कनाडा द्वारा प्रवेश अनुमति न दिए जाने के कारण घाना के मिडफील्डर थोमस पार्टे फीफा विश्व कप 2026 के पहले मैच से बाहर हो गए हैं। 32 वर्षीय पार्टे, जिन पर ब्रिटेन में बलात्कार और यौन शोषण के आरोप लगे हैं, उनका वीजा आवेदन कनाडा सरकार ने अस्वीकृत कर दिया है। फीफा ने स्पष्ट किया है कि मेजबान देशों की आव्रजन प्रक्रिया या वीजा निर्णय में फीफा की कोई भूमिका नहीं होती।

घाना ग्रुप एल के तहत 17 जून को टोरंटो के बीएमओ फील्ड में पनामा के खिलाफ प्रतियोगिता की शुरुआत करेगा। लेकिन टीम के मुख्य खिलाड़ियों में से एक माने जाने वाले पार्टे इस मैच में उपलब्ध नहीं रहेंगे। फीफा ने द एथलेटिक को जारी बयान में कहा है कि पार्टे का वीजा आवेदन कनाडा सरकार ने अस्वीकृत किया है और उन्हें अमेरिका में स्थित घाना के प्रशिक्षण शिविर से कनाडा आने की अनुमति नहीं मिली है।

32 वर्षीय पार्टे ने 2025 में आर्सनल को छोड़कर स्पेन की भियारीयाल क्लब ज्वाइन की थी। उन पर ब्रिटेन में बलात्कार और यौन दुर्व्यवहार के विभिन्न आरोप हैं। उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है और इस साल लंदन के साउथवॉक क्राउन कोर्ट में उनका सुनवाई होना निर्धारित है। कनाडा के आव्रजन नियमों के अनुसार अपराध में शामिल या दोषी पाए गए व्यक्ति को देश में प्रवेश से रोका जा सकता है। हालांकि, पार्टे के वीजा अस्वीकृत होने का आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कर्णाली प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में सुधार

चालू आर्थिक वर्ष में कर्णाली प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर २.९४ प्रतिशत रहने का प्रारंभिक अनुमान लगाया गया है। कर्णाली प्रदेश के उद्योगों की औसत क्षमता उपयोग पिछले वर्ष की तुलना में बढ़कर ४४.२५ प्रतिशत हो गई है। नेपाल राष्ट्र बैंक के अध्ययन के अनुसार कर्णाली प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या ५०.०७ प्रतिशत घट गई है। २९ जेठ, काठमांडू। कर्णाली प्रदेश के उद्योगों की क्षमता उपयोग में सुधार देखा गया है। पिछले वर्ष यह ४०.२२ प्रतिशत थी, जो अब ४४.२५ प्रतिशत हो गई है। चालू आर्थिक वर्ष के पुस महीने तक कर्णाली के कागज उत्पादन करने वाले उद्योगों ने सबसे अधिक शत-प्रतिशत क्षमता का उपयोग किया है, जबकि बिजली उपकरण के अंतर्गत बिजली तार और केबल उत्पादन करने वाले उद्योगों की क्षमता उपयोग सबसे कम, केवल ११ प्रतिशत रही है, यह नेपाल राष्ट्र बैंक के अध्ययन से सामने आया है।

उद्योगों की उत्पादनों में धान्य एवं पशुधन, चाउमिन, अन्य वस्त्र, कालीन, चिरा हुआ लकड़ी, कागज और बिजली तार तथा केबल उत्पादन करने वाले उद्योगों का उत्पादन बढ़ा है, जबकि प्रसंस्कृत दूध और चमड़े के जूते उत्पादन करने वाले उद्योगों का उत्पादन घटा है। चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में कर्णाली प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर २.९४ प्रतिशत रहने का प्रारंभिक अनुमान है। इस प्रदेश के कुल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों का योगदान क्रमशः ३१.५२ प्रतिशत, १०.०७ प्रतिशत और ५८.४१ प्रतिशत रहने का अनुमान है। चालू वर्ष के पुस तक कर्णाली में खाद्य फसलों द्वारा आवृत भू-क्षेत्र पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में ०.३७ प्रतिशत बढ़ा है।

प्रमुख खाद्य फसलें में धान द्वारा आवृत क्षेत्रफल में २.९४ प्रतिशत की कमी आई है, जबकि मक्का, गेहूं, कोदो, जौ और फापर फसलों द्वारा आवृत क्षेत्रफल क्रमशः ०.३१, ०.२५, ०.२५, ११.१७ और २.४९ प्रतिशत बढ़ा है। इसी प्रकार सब्जियों और बागवानी फसलों द्वारा आवृत क्षेत्रफल में भी ०.२५ प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि फलों की खेती द्वारा आवृत क्षेत्रफल ४.५१ प्रतिशत से बढ़ा है। कर्णाली में कुल कृषि उत्पादन चालू वर्ष के पुस महीने तक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में ०.०५ प्रतिशत घटा है। इसके बावजूद खाद्य, नकदी और अन्य फसलों का उत्पादन २.०६ प्रतिशत से बढ़ा है।

चोटका कारण विश्वकपबाट बाहिरिएका जापानी कप्तान वातारु एन्डोले अन्तरराष्ट्रीय फुटबलबाट सन्यास लिएका

चोटका कारण विश्वकप गुमाउनुपर्ने स्थिति आएको जापानका कप्तान वातारु एन्डोले अन्तरराष्ट्रीय फुटबलबाट तत्काल सन्यासको घोषणा गरेका छन्। ३३ वर्षीय लिभरपुलका मिडफिल्डर एन्डोले फेब्रुअरीमा खुट्टाको चोटको शल्यक्रिया गराएका थिए, तर विश्वकपअघि पूर्णतया निको हुन सकेनन्। जापानले १४ जुनमा नेदरल्यान्ड्सविरुद्ध आफ्नो विश्वकप यात्रा सुरु गर्ने तयारी गरिरहेको बेला कप्तान एन्डोको अनुपस्थितिले टोलीलाई ठूलो धक्का पुगेको छ। २९ जेठ, काठमाडौं।

एन्डोले फेब्रुअरीको अन्त्यतिर क्लब खेल खेल्दै चोट पाएर शल्यक्रिया गराएका थिए। त्यसपछि उनलाई पूर्ण रूपमा ठीक भएको विश्वाससहित प्रशिक्षक हाजिमे मोरियासुले विश्वकपका लागि घोषणा गरिएको २६ सदस्यीय टोलीमा समावेश गरेका थिए। चोटकै कारण काओरु मितोमा र ताकुमी मिनामिनोलाई पनि टोलीमा समावेश गर्न सकेनन्। तर मे ३१ मा आइसल्यान्डविरुद्धको मैत्रीपूर्ण खेलको पहिलो हाफपछि असहज महसुस गरेपछि एन्डोले मैदानबाट जानुपरेको थियो, जसले उनको चोटको अवस्था प्रति चिन्ता बढायो।

त्यसबेलाको प्रशिक्षक मोरियासुको भनाइ थियो, ‘चिकित्सकहरूको रिपोर्टअनुसार उनी खेल्न असमर्थ छन्। त्यसैले हामी विश्वस्त भएर प्रतीक्षा गरिरहेका छौं।’ तर अन्ततः विश्वकप खेल्न नसकिने पुष्टि भएपछि एन्डोले राष्ट्रिय टोलीबाट तत्काल सन्यास लिन निर्णय गरेका हुन्। जापानले समूह एफअन्तर्गत १४ जुनमा अमेरिकाको आर्लिंटनमा नेदरल्यान्ड्सविरुद्ध आफ्नो विश्वकप यात्रा सुरु गर्नेछ। कप्तान र अनुभवी मिडफिल्डर एन्डोको अनुपस्थितिले जापानका लागि तयारीमा ठूलो चुनौती थपेको छ।

चोट के कारण विश्वकप से बाहर हुए जापानी कप्तान ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का ऐलान किया

समाचार सारांश

AI द्वारा तैयार। सम्पादकीय समीक्षा गरिएको।

  • चोट के कारण विश्वकप से बाहर होने के बाद जापान के कप्तान वातारु एन्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से तुरंत संन्यास की घोषणा की है।
  • लिवरपूल के 33 वर्षीय मिडफील्डर एन्डो ने फरवरी में अपने पैर की चोट की सर्जरी करवाई थी, मगर विश्वकप से पहले पूरी तरह से ठीक नहीं हो सके थे।
  • जापान 14 जून को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलते हुए विश्वकप की यात्रा शुरू करने वाला है, इस दौरान कप्तान एन्डो की अनुपस्थिति से टीम को बड़ा झटका लगा है।

29 जेष्ठ, काठमाडौं। चोट के कारण जापान के फीफा विश्वकप टीम से बाहर हुए कप्तान वातारु एन्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से तत्काल संन्यास की घोषणा की है।

33 वर्षीय लिवरपूल के मिडफील्डर एन्डो ने फरवरी के अंत में क्लब का मैच खेलते हुए पैर की चोट लगने पर सर्जरी करवाई थी। इसके बाद उन्हें पूरी तरह ठीक होने का भरोसा था, जिससे प्रशिक्षक हाजिमे मोरियासु ने उन्हें विश्वकप के लिए घोषित 26 सदस्यीय टीम में शामिल किया था।

चोट के कारण काओरु मितोमा और ताकुमी मिनामिनो टीम में शामिल नहीं हो सके।

लेकिन 31 मई को आइसलैंड के खिलाफ दोस्ताना मैच के पहले हाफ के बाद एन्डो को असहज महसूस हुआ और उन्होंने मैदान छोड़ दिया, जिसके बाद उनकी स्थिति पर सवाल उठने लगे।

उस समय प्रशिक्षक मोरियासु ने कहा था, ‘डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार वह खेलने में असमर्थ हैं। इसलिए हम आश्वस्त रहकर प्रतीक्षा कर रहे हैं।’

लेकिन अंततः जब यह साबित हुआ कि वे विश्वकप नहीं खेल पाएंगे, तो एन्डो ने राष्ट्रीय टीम से तुरंत संन्यास लेने का फैसला किया।

जापान अपना विश्वकप अभियान एफ समूह के तहत 14 जून को अमेरिका के आर्लिंगटन में नीदरलैंड्स के खिलाफ शुरू करेगा।

कप्तान और अनुभवी मिडफील्डर की अनुपस्थिति ने जापान की तैयारी को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित ‘गोल यूएसए 2026 फाइनल्स’ का सफल आयोजन

अमेरिकी स्वतंत्रता के 250वें वार्षिकोत्सव और फीफा विश्व कप 2026 के अवसर पर काठमाडौं में ‘गोल यूएसए 2026 फाइनल्स’ का आयोजन किया गया। विराटनगर, सुर्खेत, भैरहवा और पोखरा के चयनित खिलाड़ियों ने ललितपुर के सातदोबाटो में आयोजित अंतिम चरण में भाग लिया। यह कार्यक्रम अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित किया गया था और इसका उद्देश्य खेलकूद के माध्यम से नेपाल और अमेरिका के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाना है।

इस कार्यक्रम की शुरुआत विराटनगर, सुर्खेत, भैरहवा और पोखरा में आयोजित फुटबॉल कौशल विकास चुनौतियों की श्रृंखला से हुई थी। इस पहल के तहत सैकड़ों युवा खिलाड़ियों ने टीम भावना और नेतृत्व विकास गतिविधियों में भाग लिया। प्रत्येक शहर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी काठमाडौं में आयोजित राष्ट्रीय फाइनल खेल में चयनित हुए। फाइनल में खिलाड़ियों ने न केवल प्रतिस्पर्धा की, बल्कि युवा प्रतिभागी, प्रसिद्ध खिलाड़ी और अमेरिकी दूतावास के कर्मचारी भी एक विशेष मैत्रीपूर्ण मैच में सम्मिलित हुए।

यह कार्यक्रम अमेरिकी स्वतंत्रता के 250वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर संचालित फ्रिडम 250 अभियान का एक हिस्सा है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के संयुक्त आयोजन में होने वाले फीफा विश्व कप 2026 के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है। खेल प्रारंभ होने से पूर्व कार्यवाहक राजदूत स्कॉट अर्बोम ने कहा, ‘‘गोल यूएसए संयुक्त राज्य अमेरिका और नेपाल के बीच दीर्घकालिक मित्रता का प्रतीक है। संयुक्त राज्य अमेरिका फीफा विश्व कप 2026 की मेजबानी करने जा रहा है और हमें नेपाल के युवाओं के साथ इस उत्साह को साझा करते हुए और हमारे समुदायों को करीब लाने वाले संबंध स्थापित करने पर गर्व महसूस होता है।’’

प्रतियोगिता ने खेलकूद के माध्यम से समुदायों को जोड़ने, युवा नेतृत्व को प्रेरित करने और साझेदारी को मजबूत करने की शक्ति दिखाई। प्रतियोगिता में भाग लेने वालों ने टीम भावना, अनुशासन, दृढ़ता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। ये गुण न केवल मैदान में बल्कि जीवन के अन्य क्षेत्रों में सफलता पाने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। ललितपुर के सातदोबाटो स्थित एन्फा कॉम्प्लेक्स के मैदान में आयोजित फाइनल मैच में नेपालभर के युवा, खिलाड़ी, पूर्व प्रतिभागी, सामुदायिक नेता और समर्थक उपस्थित थे।

वर्ल्ड कप में पहली बार भाग लेने वाली चार नई टीमें

आगामी फीफा वर्ल्ड कप में ४८ टीमें भाग लेंगी, जिनमें कैप वर्डे, उज्बेकिस्तान, कुराकाओ और जॉर्डन पहली बार प्रतिस्पर्धा करेंगे। उज्बेकिस्तान ने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद ३६ वर्षों में पहली बार वर्ल्ड कप में स्थान सुनिश्चित किया है। १ लाख ५० हजार की आबादी वाला कुराकाओ वर्ल्ड कप २०२६ में क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों के लिहाज से सबसे छोटा राष्ट्र बनेगा। २९ ज्येष्ठ, काठमांडू।

फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता वर्ल्ड कप में इस बार प्रतिभागी टीमें ३२ से बढ़कर ४८ हो गई हैं और चार नई टीमों ने पहली बार अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की है। संयुक्त रूप से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में आयोजित होने वाले फीफा वर्ल्ड कप में भाग लेने वाली ये टीमें हैं: कैप वर्डे, उज्बेकिस्तान, कुराकाओ और जॉर्डन। वर्ल्ड कप के ९६ वर्ष के इतिहास और २२ संस्करणों में अब तक ८० देशों ने प्रतिस्पर्धा की है। इन चार नई टीमों के जुड़ने से कुल प्रतिभागी देशों की संख्या ८४ हो जाएगी।

कैप वर्डे सहारा रेगिस्तान के दक्षिणी भाग में स्थित एक छोटा द्वीप राष्ट्र है, जिसकी आबादी लगभग २ लाख ५० हजार और क्षेत्रफल ४ हजार वर्ग किलोमीटर है। १९७५ में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद कैप वर्डे की फुटबॉल यात्रा तीन वर्ष बाद शुरू हुई थी। यह छोटा देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। प्रशिक्षक पेड्रो लेइटाओ ब्रिटो के नेतृत्व में, कैप वर्डे ने विश्व फुटबॉल में खुद को स्थापित किया है।

उज्बेकिस्तान ने ३६ वर्ष पहले पूर्व सोवियत संघ से स्वतंत्रता प्राप्त की थी और अब पहली बार वर्ल्ड कप में स्थान पाया है। इस टीम ने एशियाई क्वालीफिकेशन के दूसरे और तीसरे चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड कप क्वालीफिकेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुराकाओ, जिसकी जनसंख्या १ लाख ५० हजार और क्षेत्रफल २७६ वर्ग किलोमीटर है, कन्काकाफ क्वालीफिकेशन में समूह ‘बी’ में शीर्ष स्थान पर रहकर वर्ल्ड कप का टिकट सुनिश्चित किया है। जॉर्डन ने भी १९८६ से लगातार क्वालीफिकेशन खेलते हुए यह पहली बार वर्ल्ड कप में क्वालीफाई किया है।