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लेखक: space4knews

एनपीएल २०२६ खिलाड़ी ऑक्शन के बाद आठ टीमों की संरचना इस प्रकार

सोमवार को काठमाडौं में सम्पन्न ऑक्शन के माध्यम से १५५ खिलाड़ियों में से ५२ खिलाड़ी विभिन्न ८ टीमों में अनुबंधित हुए हैं। २२ असार, काठमाडौं। मिनी ऑक्शन के जरिए नेपाल प्रिमियर लीग (एनपीएल) के तीसरे संस्करण के लिए कुल ५२ खिलाड़ियों को अनुबंधित किया गया। ऑक्शन में राष्ट्रीय टीम के ओपनर तथा विकेटकीपर बल्लेबाज आसिफ शेख सबसे अधिक राशि में अनुबंधित हुए हैं। उन्हें अनुबंधित करने के लिए चितवन राइनोज के अलावा अन्य ७ टीमों ने बोली लगाई थी। लकी ड्रॉ (ड्रॉ) के जरिए लुम्बिनी लॉयंस भाग्यशाली बने। दूसरे सत्र के विजेता लुम्बिनी ने २० लाख में आसिफ को अनुबंधित किया। पहले और दूसरे सत्र में मार्की प्लेयर के रूप में खेलने वाले आसिफ को इस बार जनकपुर बोट्स ने रिलीज़ किया था।

घायलों के कारण पिछले सत्र गंवाने वाले विवेककुमार यादव, रुपेश सिंह, तृतराज दास और अर्जुन घर्ती को अधिकतम मूल्य १५ लाख में अनुबंधित किया गया है। अधिकतम मूल्य पर एक से अधिक टीमों ने बोली लगाई, इसलिए लकी ड्रॉ के जरिए विवेक को चितवन, रुपेश को विराटनगर, तृतराज को जनकपुर और अर्जुन को पोखरा में अनुबंधित किया गया। सुनिल धमला, शंकर राना, भुवन कार्की, नरेन भट्ट और दिपेश कंडेल सहित कुछ चर्चित खिलाड़ी अनसोल्ड रह गए। विराटनगर किंग्स, जिसमें सन्दीप लामिछाने मार्की प्लेयर हैं, ने रुपेशकुमार सिंह को अधिकतम मूल्य पर टीम में शामिल किया है।

ऑक्शन के ज़रिये अनुबंधित खिलाड़ियों में रुपेश कुमार सिंह (१५ लाख), नरेन राउद (५ लाख), दिलसाद अली (५ लाख), सुजन थपलिया (४ लाख २५ हजार), अपराजित पौडेल (२ लाख), प्रतिक श्रेष्ठ (२ लाख) और इमरान शेख (२ लाख) शामिल हैं। जनकपुर बोल्ट्स ने मार्की खिलाड़ी आसिफ शेख को रिलीज़ किया और तृतराज दास को १५ लाख में अनुबंधित किया। चितवन राइनोज ने विवेककुमार यादव को लकी ड्रॉ के माध्यम से टीम में शामिल किया। काठमांडू गोर्खाज ने कम खर्च में ७ खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है।

ऑक्शन से अनुबंधित अन्य खिलाड़ियों में शाहिल पटेल (५ लाख), प्रसिद्ध जैसी (२ लाख), दयानंद मंडल (२ लाख), सोनु देवकोटा (२ लाख), कृष्ण पौडेल (२ लाख), देव शाह (२ लाख), सूयांशु कोइराला (२ लाख) शामिल हैं। पोखरा एवेंजर्स ने अर्जुन घर्ती को अधिकतम मूल्य में टीम में शामिल किया है। लुम्बिनी लॉयंस ने आसिफ शेख को टीम में लिया है। कर्णाली याक्स ने रिलीज़ किए गए दो खिलाड़ियों को पुनः अनुबंधित किया है। सुदूरपश्चिम रॉयल्स ने भी पहले रिलीज़ किए गए ३ खिलाड़ियों को फिर से टीम में शामिल किया है।

दक्ष श्रमिकों को म्यानपावर के माध्यम से कोरिया भेजने की प्रक्रिया पुनः शुरू

२२ असार, काठमाडौं । दक्षिण कोरियामा म्यानपावर व्यवसायी के जरिए दक्ष श्रमिक (ई–७ वीजा) भेजने की प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी गई है। यह प्रक्रिया अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग के निर्देश पर पहले स्थगित की गई थी, लेकिन उच्च अदालत पाटन के अंतरिम आदेश के बाद युवा, श्रम तथा रोजगार मंत्रालय ने इसे पुनः संचालित किया है। श्रम मंत्रालय ने परराष्ट्र मंत्रालय को पत्र भेजकर कोरिया के ई–७ वीजा पर जाने वाले नेपाली दक्ष श्रमिकों के दस्तावेज प्रमाणन सहित आवश्यक कार्यों में सहायता करने का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने मंत्रीस्तरीय निर्णय के तहत आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जानकारी दी है। पत्र में उल्लेख है कि इस प्रक्रिया को पुनः शुरू करने के लिए नेपाल में स्थित गणतन्त्र कोरिया के दूतावास से प्राप्त कूटनीतिक नोट तथा उच्च अदालत पाटन के विभिन्न आदेशों को आधार बनाया गया है। अब वैदेशिक रोजगार ऐन, २०६४ तथा संबंधित कानूनों के अनुसार म्यानपावर कंपनियों के माध्यम से दक्ष श्रमिकों को औपचारिक रूप से दक्षिण कोरिया भेजना सम्भव हो गया है। श्रम मंत्रालय ने परराष्ट्र मंत्रालय के माध्यम से सियोल स्थित नेपाली दूतावास को आवश्यक दस्तावेजों का प्रमाणन कराने और कार्य संपादन के लिए भी अनुरोध किया है। इस पत्र की प्रति वैदेशिक रोजगार विभाग और सियोल स्थित नेपाली राजदूतावास को भी भेजी गई है।

क्या ईपीएस प्रणाली पर इसका प्रभाव होगा? सन् २००७ से नेपाल और दक्षिण कोरिया के बीच सरकारी समझौते के तहत ईपीएस प्रणाली के माध्यम से नेपाली मजदूर उत्पादन, कृषि, निर्माण और मत्स्य पालन क्षेत्रों में ई–९ वीजा पर रोजगार प्राप्त करते हैं। ई–७ वीजा प्रणाली के पुनः आरंभ होने के बाद कुछ संबंधित पक्षों ने चिंता जताई है कि इससे ईपीएस प्रणाली कमजोर हो सकती है। लेकिन श्रम मंत्रालय और म्यानपावर व्यवसायी इस बारे में दलील देते हैं कि दोनों प्रणाली अलग हैं और इनमें कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघ के अध्यक्ष डिकबहादुर खत्री ने बताया कि ई–९ और ई–७ वीजा दो भिन्न प्रकृति के हैं। ‘ई–९ अधक्ष श्रमिकों के लिए होता है जबकि ई–७ पूर्ण दक्ष श्रमिकों के लिए। मांग, चयन प्रक्रिया और रोजगार की प्रकृति के कारण यह ईपीएस प्रणाली को प्रभावित नहीं करेगा,’ उन्होंने कहा। उनके अनुसार, ई–७ के अंतर्गत नेपाली म्यानपावर कंपनियां दक्षिण कोरियाई रोजगारदाता से मांग पत्र लेंगे और उसी आधार पर दक्ष जनशक्ति भेजी जाएगी। श्रम मंत्रालय के प्रवक्ता पिताम्बर घिमिरे ने भी बताया कि दक्षिण कोरियाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई–७ प्रणाली से ईपीएस प्रणाली प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा, नेपाल ने शुरू में दक्ष श्रमिकों को सरकार से सरकार (जी–टू–जी) प्रक्रिया के माध्यम से भेजने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन दक्षिण कोरियाई पक्ष ने व्यवसायी से व्यवसायी (बी–टू–बी) प्रक्रिया से ही दक्ष श्रमिक भेजने को कहा। ‘ई–७ पर दक्ष श्रमिक जाते हैं जबकि ई–९ पर भाषा परीक्षा उत्तीर्ण अधक्ष श्रमिक जाते हैं। इसलिए दोनों अलग-अलग प्रणाली हैं,’ प्रवक्ता घिमिरे ने स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि कोई प्रभाव दिखे तो पुनः समीक्षा की जा सकती है।

एडीबी अध्यक्षको नेपाल भ्रमणमा सरकारले २५ अर्ब रुपैयाँ बराबरको ऋण सम्झौता गरे

२२ असार, काठमाडौं । एसियाली विकास बैंक (एडीबी) का अध्यक्ष मासातो कान्दाको नेपाल भ्रमणको अवसरमा सरकारले २५ अर्ब रुपैयाँ बराबरको सहुलियतपूर्ण ऋण सम्झौता गरेको छ। नेपालले एडीबीसँग १६ करोड ५० लाख अमेरिकी डलर (जसको बराबर २५ अर्ब रुपैयाँ छ) ऋण लिने सम्झौता गरेको हो। उक्त सम्झौतामा अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्ले र मासातो कान्दाको उपस्थितिमा दुई राष्ट्रिय आयोजना सञ्चालन गर्न आवश्यक ऋण लिनुभयो। सोमबार आर्थिक मन्त्रालयमा सम्पन्न उक्त सम्झौतामा अर्थसचिव डा. घनश्याम उपाध्याय र एडीबीका नेपालस्थित आवासीय नियोगका देशीय निर्देशक आनो कुश्वाले हस्ताक्षर गरेका थिए।
नेपालले उक्त ऋणलाई एकीकृत खानेपानी तथा ढल व्यवस्थापन आयोजना र दक्षिण एसिया उपक्षेत्रीय आर्थिक सहयोग तथा आपूर्ति व्यवस्थापन सुधार कार्यक्रम (सबप्रोग्राम–२) मा लगानी गर्ने योजना बनाएको छ। अर्थ मन्त्रालयका सहसचिव तथा प्रवक्ता अमृत लम्सालका अनुसार, ढल व्यवस्थापनसँग सम्बन्धित आयोजना लागि ११ करोड ५० लाख अमेरिकी डलर र आपूर्ति व्यवस्थापन सुधार परियोजनाका लागि ५ करोड अमेरिकी डलर ऋण छुट्टाइएको छ। यो रकम स्थानीय तहको खानेपानी र ढल व्यवस्थापनका लागि एकीकृत पूर्वाधार निर्माणमा खर्च गरिनेछ। साथै, भन्सार प्रक्रिया र लजिस्टिक सेवाहरूको आधुनिकीकरणमा पनि यस दोस्रो ऋण सम्झौताभित्र उपलब्ध रकम प्रयोग गरिने बताइएको छ।
कार्यक्रममा अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्लेले नेपालको विकासमा एसियाली विकास बैंकबाट प्राप्त सहायताको उच्च मूल्यांकन गर्दै आगामी दिनमा यो साझेदारी अझ सुदृढ हुने विश्वास व्यक्त गरे। एडीबी अध्यक्ष मासातो कान्दाले नेपालसँगको छ दशक लामो सहकार्यलाई निरन्तरता दिने र अझ प्रभावकारी बनाउने प्रतिबद्धता व्यक्त गरे। उनले नेपालका विद्यमान बाह्य तथा आन्तरिक चुनौतीहरूको सामना गर्न बैंकले सधैं सहयोग गर्ने बताए र नेपालको विकास प्राथमिकतासँग बैंकका प्राथमिकताहरू मेल खाने उल्लेख गरे।
कार्यक्रममा नेपाल सरकार र एसियाली विकास बैंकका वरिष्ठ अधिकारीहरूको उपस्थिति थियो। सरकारले ऋण लिएको दुई आयोजनाहरू के-के हुन्? एसियाली विकास बैंकको आर्थिक समर्थनमा सरकारले नेपालको भन्सार प्रशासनलाई आधुनिकीकरण गर्दै व्यापार प्रवद्र्धन र रोजगारी सिर्जना गर्ने लक्ष्यसहित ५ करोड अमेरिकी डलर बराबरको ऋण लिने योजना बनाएको छ। यस आयोजनाले भन्सार प्रणालीलाई प्रविधिमा आधारित बनाउने लक्ष्य राखेको छ। जोखिममा आधारित जाँचपास र सरलीकृत प्रक्रियाहरूमार्फत भन्सारको आधुनिकीकरणमा यो रकम खर्च गरिनेछ। एडीबीले जनाएको छ कि स्तरीय पूर्वाधार, नियामकीय संरचना र समन्वय प्रणालीमार्फत आपूर्ति व्यवस्थापन क्षेत्रलाई बलियो बनाउन पनि यो ऋण प्रयोग गरिनेछ। यस सुधारले व्यापार लागत घटाउने, सीमापार व्यापारलाई अनुमानयोग्य बनाउने र आपूर्ति श्रृंखला व्यवस्थापन क्षमतालाई वृद्धि गर्नेछ। साथै, यस आयोजनाले वस्तु ओसारपसारलाई कुशलतापूर्वक सुनिश्चित गर्ने र क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलामा योगदान पुर्‍याउने लक्ष्य राखेको छ। अर्कोतर्फ, खानेपानी र ढल व्यवस्थापनसँग सम्बन्धित अर्को आयोजनाले साना र मध्यम आकारका शहरहरूको खानेपानी पूर्वाधारमा केन्द्रित छ। यसले १३ जिल्लाका करिब ८ लाख ५० हजार जनसंख्यालाई फाइदा पुग्ने एडीबीले जनाएको छ।

एनपीएल की 6 फ्रेंचाइजी टीमों के टाइटल स्पॉन्सर बना एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक्स


22 आसार, काठमांडू। नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) क्रिकेट के तीसरे संस्करण के लिए एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक्स ने एक साथ 6 फ्रेंचाइजी टीमों के साथ टाइटल स्पॉन्सर समझौता करते हुए नेपाली खेलकूद के व्यावसायिक इतिहास में निजी क्षेत्र से हुई सबसे बड़ी साझेदारी में से एक की है।

एग्रो थाई फूड्स प्रालि द्वारा उत्पादित एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक्स ने काठमांडू गोरखाज, चितवन राइनोज, जनकपुर बोल्ट्स, कर्णाली याक्स, पोखरा एवेंजर्स और लुम्बिनी लॉयंस के साथ टाइटल स्पॉन्सर के रूप में तीन वर्षों के लिए समझौता किया है।

सोमवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में संबंधित 6 टीमों के प्रतिनिधि तथा एग्रो थाई फूड्स प्रालि की बिजनेस हेड सोनिया राना ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।

समझौते के अनुसार आने वाले तीन वर्षों तक एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक्स संबंधित टीमों का प्रमुख प्रायोजक रहेगा। साथ ही टीमों के प्लेइंग जर्सी के सामने प्रमुख स्थान पर एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक्स का लोगो रहेगा।

कंपनी ने इस साझेदारी के माध्यम से नेपाल की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी क्रिकेट प्रतियोगिता एनपीएल से जुड़कर अपने ब्रांड को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ नेपाली क्रिकेट के व्यावसायिक विकास में योगदान देने की उम्मीद व्यक्त की है।

एग्रो थाई फूड्स प्रालि के नेशनल सेल्स मैनेजर कृष्ण दहाल ने कहा कि एनपीएल की 6 टीमों के साथ टाइटल स्पॉन्सर के रूप में सहयोग करना कंपनी के लिए गर्व की बात है।

“नेपाल प्रीमियर लीग नेपाली क्रिकेट की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है। इसकी 6 टीमों के साथ टाइटल स्पॉन्सर के रूप में सहयोग करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह साझेदारी केवल ब्रांड प्रवर्द्धन के लिए ही नहीं, बल्कि नेपाली क्रिकेट के दीर्घकालिक विकास में योगदान देने के उद्देश्य से की गई है,” दहाल ने बताया।

एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक्स ने पिछले कुछ वर्षों से नेपाली खेलकूद में लगातार निवेश किया है। कंपनी नेपाली महिला राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की प्रमुख प्रायोजक होने के साथ ही क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, मैराथन सहित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं से भी जुड़ी हुई है।

दशहरा के बाद आयोजित होने वाले एनपीएल के तीसरे संस्करण से पहले यह समझौता नेपाली खेलकूद में निजी क्षेत्र के बढ़ते निवेश और विश्वास को और मजबूत करता है। कंपनी ने आगामी दिनों में भी नेपाली खेलकूद, खिलाड़ियों की क्षमता विकास और खेल संस्कृति के विस्तार में निरंतर योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई है।

तेसरे त्रैमास में घर-जमीन के लेनदेन में सुधार, करीब १.८४ खरब की खरीद-बिक्री

२२ असार, काठमाडौं । चालू आर्थिक वर्ष के तिसरे त्रैमास में घर-जमीन के कारोबार में सुधार देखा गया है। पिछले आर्थिक वर्ष के समान त्रैमास से तुलना करने पर चालू वर्ष की इसी अवधि में कारोबार की राशि लगभग दोगुनी बढ़ी है। चालू आर्थिक वर्ष के तिसरे त्रैमास में १ खरब ८३ अरब ९० करोड़ रुपये के बराबर घर-जमीन की खरीद-बिक्री हुई है, जिसे केन्द्रीय बैंक ने बताया है। आर्थिक वर्ष २०८१/८२ के तिसरे त्रैमास में यह राशि १ खरब रुपये के करीब थी। चालू वर्ष के तिसरे त्रैमास में घर-जमीन का कारोबार करने वाले लोगों की संख्या पिछले वर्ष के समान अवधि की तुलना में ६.४२ प्रतिशत बढ़ी है, जबकि पिछली बार इसी अवधि में यह संख्या ४.५२ प्रतिशत घट चुकी थी।

चालू वर्ष के तिसरे त्रैमास में लिखित-परित करार (प्रमाणपत्र के तहत) का कारोबार ०.६२ प्रतिशत बढ़ा है, जबकि पिछले वर्ष के समान अवधि में यह संख्या ६.७१ प्रतिशत घट गई थी। केन्द्रीय बैंक के अनुसार, चालू वर्ष के तिसरे त्रैमास में लिखित-परित राजीनामा (मालिकाना हस्तांतरण) के कारोबार की संख्या १२.१७ प्रतिशत बढ़ी है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में ३.२६ प्रतिशत की गिरावट आई थी। इसी दौरान कारोबार हुए कुल क्षेत्रफल में १.६० प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले वर्ष यह १०.८४ प्रतिशत कम हुआ था।

माघ से चैत तक की अवधि में घर-जमीन के कारोबार से प्राप्त राजस्व में २३.७२ प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह वृद्धि १३.४७ प्रतिशत थी। चालू वर्ष के तिसरे त्रैमास में घर-जमीन कारोबार से जमा पूँजीगत लाभकर ३१.४२ प्रतिशत बढ़ा है, जबकि पिछले वर्ष यह १८.३१ प्रतिशत बढ़ा था। इस त्रैमास में घर-जमीन के लिए बैंक ऋण प्रवाह ५.५५ प्रतिशत बढ़ा है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में बैंक ऋण में ७.५२ प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

बागमती प्रदेश में घर-जमीन के राजीनामा कारोबार की संख्या सबसे अधिक ३३.०१ प्रतिशत बढ़ी है, जबकि मधेश प्रदेश में यह संख्या ४.७९ प्रतिशत घट गई है। अन्य सभी प्रदेशों में कारोबार की संख्या बढ़ी है। गण्डकी प्रदेश में घर-जमीन के कारोबार का कुल क्षेत्रफल सबसे अधिक २४.८४ प्रतिशत बढ़ा है, जबकि मधेश प्रदेश में क्षेत्रफल सबसे अधिक ९.३३ प्रतिशत घटा है। तिसरे त्रैमास में सातों प्रदेशों में घर-जमीन कारोबार की कुल कीमत पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में बढ़ी है। बागमती प्रदेश में यह मूल्य सबसे अधिक १३१.५२ प्रतिशत और मधेश प्रदेश में सबसे कम २२.६७ प्रतिशत बढ़ा है।

जनकपुर से रिलीज़ के बाद आसिफ लुम्बिनी लायन्स से जुड़े

२२ असार, काठमाडौँ। नेपाली क्रिकेट टोली के विकेटकीपर बल्लेबाज़ आसिफ शेख नेपाल प्रीमियर लिग (एनपीएल) क्रिकेट के तीसरे संस्करण के लिए लुम्बिनी लायन्स से अनुबंधित हो गए हैं। तीसरे संस्करण से पहले जनकपुर बोल्ट्स से रिलीज़ किए गए आसिफ लक्की ड्रॉ के माध्यम से लुम्बिनी लायन्स में शामिल हुए हैं। उन पर अपनी पूर्व टीम जनकपुर बोल्ट्स सहित ७ टीमें बोली लगी थीं, जबकि केवल चितवन राइनोज ने बोली नहीं लगाई थी। कैटेगरी ए के खिलाड़ी आसिफ की बेस कीमत १५ लाख से शुरू होकर अधिकतम २० लाख तक पहुंची, और सात टीमों के बोली लगने के बाद लक्की ड्रॉ में डिफेंडिंग चैंपियन लुम्बिनी भाग्यशाली साबित हुआ। आसिफ ने शुरुआती दो संस्करणों में जनकपुर के मार्की खिलाड़ी के रूप में खेला था।

मेटाले भिडियो संपादन एप ‘एडिट्स’ में जोड़ी १५ नई भाषाओं की ‘द्विभाषिक कैप्शन’ सुविधा

२२ असार, काठमाडौं। मेटा कंपनी ने अपने वीडियो संपादन एप ‘एडिट्स’ में नए फीचर्स जोड़ते हुए इसे और भी परिष्कृत कर प्रस्तुत किया है। इस नये अपडेट में एआई से स्वचालित रूप से तैयार होने वाले द्विभाषिक कैप्शन, उन्नत क्रिएटिव टेम्पलेट्स और नए मौसमी ध्वनि प्रभाव शामिल हैं।

इस सप्ताह का सबसे महत्वपूर्ण अपडेट है एआई संचालित ‘ऑटो-जनरेटेड द्विभाषिक कैप्शन’, जो क्रिएटरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार और व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचने में सहायता करेगा। यह फीचर अंग्रेज़ी, हिंदी, स्पेनिश, फ्रेंच, बंगाली सहित १५ विभिन्न भाषाओं में टेक्स्ट (कैप्शन) उपलब्ध कराएगा, जिससे वीडियो की पहुँच वैश्विक स्तर पर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

एडिट्स एप से सीधे जुड़े इंस्टाग्राम ने भी विदेशी क्रिएटरों की सामग्री को ज्यादा प्रोजेक्ट करने के लिए ‘एक्सप्लोर फीड’ में बेहतर अनुवादित पोस्ट दिखाने की पहल की है। यह नया अपडेट उसी अभियान का एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

इसी के साथ, मेटा ने एडिट्स एप में नया ‘मौसमी ध्वनि प्रभाव’ विकल्प भी जोड़ा है। कंपनी के अनुसार ये नई ध्वनियां उपयोगकर्ताओं को उनके वीडियो क्लिप में ‘गर्मी की ऊर्जा’ जोड़ने में मदद करेंगी।

मेटा ने टेम्पलेट निर्माण प्रक्रिया को और अधिक रचनात्मक बनाने के लिए नए उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं, जिनमें ओवरले के विस्तारित समर्थन और क्लिप लॉक फीचर शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, क्लिप लॉक करने पर वे क्लिप निश्चित स्थानों पर स्थिर रहते हैं और भविष्य में जब टेम्पलेट पुनः उपयोग किया जाता है, तो क्लिप आसानी से स्थानांतरित हो जाते हैं।

यह क्रिएटरों के बीच चल रहे नए ट्रेंड और रचनात्मक शैलियों की नकल करना आसान बनाएगा और अधिक उपयोगकर्ताओं को अपने वीडियो अपडेट पोस्ट करने के लिए प्रेरित करेगा।

मेटा हर दो हफ्तों में एडिट्स एप में नए फीचर्स जोड़ता रहा है, जिससे इसकी कार्यक्षमता में लगातार वृद्धि हो रही है। छोटे वीडियो या रील्स बनाने वाले क्रिएटरों के लिए इसकी तकनीकें वीडियो की गुणवत्ता और प्रस्तुति को उत्कृष्ट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मधेस के मुख्यमंत्री को ज्ञापन पत्र: बजट में युवाओं से संबंधित कार्यक्रम न शामिल करने पर

२२ असार, जनकपुरधाम। मधेश सरकार के वित्तीय वर्ष २०८३/८४ के बजट में युवाओं से जुड़े कार्यक्रम और बजट शामिल न किए जाने के खिलाफ युवा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष ज्ञापन पत्र प्रस्तुत किया है। युवा कार्यकर्ता मोहम्मद नइम राइन के नेतृत्व में गए प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय पहुंचकर रेड बुक को प्रदेश सभा से पास कराने से पहले युवामैत्री बजट शामिल करने और संशोधित करने की मांग की है।

ज्ञापन पत्र में उल्लेख किया गया है कि मधेश प्रदेश की कुल जनसंख्या में अधिकांश हिस्सा युवा है, फिर भी खेलकूद एवं समाज कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली युवा महाशाखा के लिए बजट आवंटन न होना दुखद है। नीतियों और कार्यक्रमों में युवाओं को प्राथमिकता देने के बावजूद बजट में इसका प्रतिबिंब नहीं दिखाई दे रहा है, इसलिए तत्काल सुधार की आवश्यकता जताई गई है।

युवाओं ने रेड बुक में संशोधन कर युवा शाखा एवं युवामुखी कार्यक्रमों के लिए विशेष बजट व्यवस्था करने, प्रदेश युवा नीति को स्वीकृत कर उसे क्रियान्वित करने, प्रदेश युवा परिषद् का गठन करने के साथ ही नेतृत्व विकास, उद्यमशीलता, नवप्रवर्तन, स्वयंसेवा और सामाजिक रूपांतरण संबंधी कार्यक्रमों के संचालन की मांग की है। ज्ञापन पत्र सौंपते हुए युवा कार्यकर्ता राइन ने सरकार से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करने की अपील भी की।

ज्ञापन पत्र स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री कृष्ण प्रसाद यादव ने युवाओं द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया और बजट पास होने से पहले आवश्यक समन्वय और संशोधन हेतु पहल करने की बात कही।

महावीर पुन ने ४ अरब रुपये खर्च को लेकर स्पष्ट किया

फाइल तस्वीर २२ असार, काठमाडौं। विज्ञान, प्रविधि तथा नवप्रवर्तन मंत्री महावीर पुन ने मंत्रालय द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटित किए जाने की जानकारी दी है। सोमवार को राष्ट्रीय सभा में विनियोजन विधेयक पर विधायिकागत चर्चा के दौरान उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए पहले कभी इतना बड़ा बजट नहीं दिया गया था। पूर्व में १ अरब रुपये तक का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन कानूनी व्यवस्थाओं के अभाव में उसे खर्च नहीं किया जा सका। वर्तमान में ४ अरब रुपये खर्च के मद्देनज़र कई लोगों ने जिज्ञासा व्यक्त की है, लेकिन मंत्री पुन के अनुसार यह राशि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए अत्यंत कम है। फिर भी, इस समय यह राशि पर्याप्त है।

उन्होंने बताया कि खर्च किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण अभी बाकी है, इसलिए इस आवंटित ४ अरब रुपये में से ३ अरब ४० करोड़ रुपये अनिश्चय अवस्था में रखे गए हैं। मंत्री पुन के अनुसार मंत्रालय के पूर्व कार्यक्रमों के संचालन के लिए ६० करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं तथा शेष ३ अरब ४० करोड़ रुपये तभी खर्च किए जाएंगे जब खर्च योजनाएं और नियमावली तैयार हो जाएंगी। मंत्रालय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवप्रवर्तन सम्बन्धी विधेयक और नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया में है, और कानूनी आधार तैयार होने के बाद ही अनिश्चित बजट को कार्यान्वित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘सरकार ने विज्ञान, प्रविधि तथा नवप्रवर्तन मंत्रालय को ४ अरब रुपये आवंटित किए हैं, जो कि पूंजीगत खर्च का १ प्रतिशत है। पहले से चल रहे कुछ कार्यक्रमों के लिए ६० करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और शेष ३ अरब ४० करोड़ रुपये अनिश्चित रूप से रखे गए हैं। जेठ १५ तारीख तक यह सुनिश्चित नहीं किया गया था कि यह बजट कैसे तथा किस प्रकार खर्च होगा, इसलिए यह राशि अनिश्चित अवस्था में रखी गई है।’ उन्होंने आगे बताया, ‘३.५ अरब रुपये के खर्च को लेकर कई लोगों को आश्चर्य हो सकता है, क्योंकि इतनी बड़ी राशि पहले कभी आवंटित नहीं हुई। साल २०८० में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए १ अरब रुपये निर्धारित किया गया था, लेकिन खर्च करने के लिए कानूनी व्यवस्था न होने के कारण वह राशि खर्च नहीं हो सकी और अर्थ मंत्रालय ने इसे विश्वविद्यालयों के बीच वितरित कर दिया। अब जबकि ४ अरब रुपये आवंटित किए गए हैं, कई लोगों को यह असामान्य लगेगा। बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि बजट कहाँ और कैसे खर्च होगा, मगर यह ४ अरब रुपये उचित और संगठित तरीके से खर्च किए जाएंगे, कोई मामूली बात नहीं है।’ उन्होंने युवाओं को विज्ञान एवं नवप्रवर्तन के क्षेत्र में जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की जानकारी भी दी।

हालान्ड के गोल से नॉर्वे ब्राजील के खिलाफ बढ़त में

अमेरिका के न्यू यॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में जारी मुकाबले में अर्लिंग हालान्ड ने ७९वें मिनट में गोल करके नॉर्वे को १-० की बढ़त दिलाई। २२ असार, काठमाडौँ। फीफा विश्व कप २०२६ में हालान्ड के गोल से नॉर्वे ब्राजील के खिलाफ बढ़त में है। एंड्रेस सेलड्रुप के पास पर हालान्ड ने यह गोल किया।

ब्राजील ने पहले हाफ में पेनाल्टी मौका गंवाने के कारण बढ़त नहीं बना पाया। ब्राजील के ब्रूनो गुमाईरेज ने पहले हाफ के शुरु में मिले पेनाल्टी प्रहार को मिस कर दिया था। मैच के १४वें मिनट में ब्रूनो की पेनाल्टी को नॉर्वे के गोलकीपर ओर्यान नाएल्यंड ने बचा लिया था। नॉर्वे के क्रिस्टोफर आयर ने विपक्षी खिलाड़ी पर पेनाल्टी बॉक्स में फॉल किया था, जिसके बाद रेफरी ने VAR की मदद लेकर ब्राजील को पेनाल्टी दी थी।

लेकिन ब्रूनो गुमाईरेज के प्रहार को नाएल्यंड ने बचा लिया। पिछले ४० वर्षों में विश्व कप में पेनाल्टी पर गोल करने में असफल होने वाले ब्रूनो ब्राजील के पहले खिलाड़ी बने। इससे पहले सन १९८६ में ब्राजील के जीको ने फ्रांस के खिलाफ पेनाल्टी मिस की थी। नॉर्वे ने ब्राजील के खिलाफ अब तक खेले गए चार मैचों में हार नहीं देखी है, तथा १९९८ के विश्व कप में हुई एकमात्र भिड़ंत में नॉर्वे ने ब्राजील को २-१ से पराजित किया था।

धीरे-धीरे बैठने या सोते रहने की आदत से कैंसर का जोखिम बढ़ने पर नया अध्ययन

२२ असार, काठमांडू। रोजाना लंबे समय तक बैठे रहने या सोते रहने की निष्क्रिय जीवनशैली कैंसर और कैंसर से होने वाली मृत्यु के जोखिम को बढ़ा सकती है, ऐसा एक नए अध्ययन में दिखाया गया है।

जाग्रत अवस्था में दिनभर कई घंटे स्थिर बैठे रहना निष्क्रिय जीवनशैली माना जाता है। इन आदतों का मोटापा, टाइप-२ मधुमेह, कुछ प्रकार के कैंसर और समयपूर्व मृत्यु जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से लंबे समय से लिंक रहता है।

हालांकि अधिकांश स्वास्थ्य दिशानिर्देश इस बात पर ही ध्यान देते हैं कि कितने समय तक स्थिर बैठा गया, लेकिन यह ध्यान नहीं देते कि वह समय छोटे-छोटे अंतराल में बंटा हुआ था या लगातार लंबे समय तक।

ग्लासगो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में उल्लेख किया, “निष्क्रिय जीवनशैली का स्वास्थ्य पर प्रभाव केवल कुल निष्क्रिय समय पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि वह समय लगातार लंबा था या बीच-बीच में शारीरिक गतिविधि करके विभाजित किया गया था। प्रयोगात्मक अध्ययनों ने दिखाया है कि लगातार लंबे समय तक बैठने से बेहतर है कि बीच-बीच में थोड़े समय के लिए चलना-फिरना या गतिविधि की जाए, जिससे शरीर के चयापचय में सुधार होता है।”

इस अध्ययन के लिए भागीदारों में “यूके बायोबैंक” के ९१,२९२ लोगों के आंकड़े शामिल किए गए, जिन्होंने सात दिनों तक अपने शरीर की गतिविधि मापन यंत्र (एक्टिविटी मॉनिटर) पहनी थी और लगभग १२ वर्षों तक उनका पालन किया गया।

भागीदारों की गतिविधि को तीन वर्गों में बांटा गया था:

‘लगातार निष्क्रिय’ (प्रोलोंग्ड सेडेंटरी): जहां ३० मिनट में ९० प्रतिशत समय स्थिर या निष्क्रिय बिताया जाता है।

‘टुकड़े-टुकड़े में निष्क्रिय व्यवहार’ (इन्टरप्टेड सेडेंटरी बिहेवियर): जहां ३० मिनट में १० प्रतिशत से अधिक समय हलचल या शारीरिक गतिविधि की जाती है।

‘विभिन्न स्तर की शारीरिक गतिविधियां’

अध्ययन से पता चला कि लगातार लंबे समय तक बैठे रहने वाले व्यक्तियों में कैंसर से मृत्यु का जोखिम ९ प्रतिशत अधिक होता है। इसके अलावा, उनमें कुल कैंसर, मोटापे से जुड़े कैंसर (जैसे अन्ननली, लिवर, किडनी, पैंक्रियाज, कोलोरेक्टल, स्तन, अंडाशय और थायरायड कैंसर) और टाइप-२ मधुमेह से संबंधित कैंसर का खतरा भी अधिक पाया गया।

विपरीत रूप से, लंबे समय तक बैठने या सोने के दौरान थोड़ी शारीरिक गतिविधि करने वालों में कैंसर और टाइप-२ मधुमेह का जोखिम कम पाया गया। दिनभर लगातार बैठने का समय सिर्फ एक घंटे कम करके हल्की गतिविधि करने से कैंसर से मृत्यु का जोखिम १२ प्रतिशत तक घट गया।

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) के अनुसार वयस्कों को दैनिक रूप से थोड़ी शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए और सप्ताह में दो बार व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। इसमें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, दौड़ना, चलना, तैराकी या बगीचे में काम करना शामिल है। एनएचएस लोगों को लंबे समय तक स्थिर ना बैठने और बीच-बीच में शारीरिक सक्रियता अपनाने की सलाह देता है।

“वर्तमान स्वास्थ्य सलाह मध्यम से तीव्र व्यायाम पर जोर देती है, लेकिन हमारा अध्ययन हल्की हलचल और चलने-फिरने को भी महत्व देने की जरूरत बताता है,” शोधकर्ताओं ने कहा, “आगामी क्लीनिकल परीक्षण व्यक्ति-विशेष आवश्यकताओं के अनुसार बैठने के समय को प्रबंधित करने और इसके प्रभाव को कम करने के उपाय विकसित करने में मदद करेंगे।”

आयतोल्लाह अली खामेनेईः दिवंगत इरानी सर्वोच्च नेता के पुत्रों ने अंतिम संस्कार में बहाए आँसू

इरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह अली खामेनेई की शवयात्रा शुरू हो गई है। तेहरान में आयोजित शवयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। खामेनेई ने २५ वर्षों से अधिक समय तक इरान पर शासन किया था और गत फरवरी में अमेरिका-इज़राइल के हवाई हमले में उनकी मृत्यु हुई थी। राजकीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम ९ जुलाई को उनके शव को समाधि स्थल पर रखने के बाद सम्पन्न किया जाएगा।

उनके पुत्र शवपेटिका के पास जमा होकर भावुक हो गए और शोक व्यक्त कर रहे थे। हालांकि, पिता की जगह सर्वोच्च नेता के रूप में चुने गए उनके बड़े पुत्र मूज्तबा सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए। खबर है कि हमले में जो पिता की जान ले गया, उसमें वह भी घायल हो गए थे।

हालान्ड के दूसरे गोल से नॉर्वे की बढ़ी बढ़त

अमेरिका के न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी स्टेडियम में जारी मैच में एर्लिंग हालान्ड ने 90वें मिनट में गोल कर नॉर्वे को 2-0 की बढ़त दिलाई। 22 असार, काठमांडू। फीफा विश्व कप 2026 के तहत हालान्ड के गोल ने नॉर्वे को ब्राजील के खिलाफ बढ़त दोगुनी कर दी है। हालान्ड ने दूसरे हाफ में दस मिनट के अंतराल पर दो गोल किए। उन्होंने 79वें मिनट में पहला गोल किया था।

ब्राजील ने पहले हाफ में पेनाल्टी चूकते हुए बढ़त लेने का मौका गंवाया। ब्राजील के ब्रुनो गुमाइरेज ने पहले हाफ की शुरुआत में मिले पेनाल्टी को मिस किया था। मैच के 14वें मिनट में ब्रुनो के पेनाल्टी शॉट को नॉर्वे के गोलकीपर ओर्यान नाएल्यंड ने बचाया। नॉर्वे के क्रिस्टोफर अयर ने विरोधी खिलाड़ी पर पेनाल्टी बॉक्स में फाउल किया था, जिसके बाद रेफ्री ने वीएआर की मदद से ब्राजील को पेनाल्टी दी। लेकिन ब्रुनो गुमाइरेज के शॉट को नाएल्यंड ने रोका। पिछले 40 वर्षों में विश्व कप में पेनाल्टी पर गोल करने में असफल होने वाले ब्रुनो ब्राजील के पहले खिलाड़ी बने। इससे पहले, साल 1986 में ब्राजील के जिसको ने फ्रांस के खिलाफ पेनाल्टी मिस की थी।

नॉर्वे ने ब्राजील के खिलाफ अब तक चार मुकाबले खेले हैं और अपराजित है, जबकि 1998 के विश्व कप में हुए एकमात्र मुकाबले में नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से हराया था।

अंडा खराब हुआ है या नहीं? घर पर जांच करने का तरीका

अंडा अधिकांश लोगों के दैनिक आहार में शामिल होता है। विभिन्न पोषक तत्वों से भरपूर अंडा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयोगी आहार है। लगातार १-२ अंडे खरीदने के बजाय, अधिकतर लोग सस्ता और सुविधाजनक होने के कारण एक बार में कुछ दिनों या एक महीने के लिए पर्याप्त अंडे खरीदकर स्टोर कर लेते हैं। घर पर रखने पर अंडा खराब हो सकता है, विशेषकर गर्मी के मौसम में जल्दी सड़ने का खतरा बढ़ जाता है। खराब अंडा सेवन करने से पोषण लाभ नहीं होता और यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।

अंडे की ताजगी की जांच प्रयोगशाला में की जा सकती है, लेकिन यह सभी के लिए हमेशा संभव नहीं होता। इसलिए घर पर कुछ घरेलू तरीकों से यह पता लगाया जा सकता है कि अंडा ताजा है या नहीं। एक गिलास या गहरे कटोरे में पानी भरें और उसमें अंडा डालें। अगर अंडा पानी में तिरछा या लेटा हुआ डूबता है तो यह ताजा है। यदि अंडा खड़ा हो जाता है तो यह पुराना या खराब हो सकता है।

अंडे को हिलाकर भी जांचा जा सकता है। अंडे को कान के करीब ले जाकर धीरे-धीरे हिलाएं। यदि अंदर से कोई आवाज नहीं आती तो वह अंडा ताजा होता है। आवाज आने पर अंडे में कोई खराबी होने का संकेत मिलता है। यह तरीका अंडा बिना फोड़े हुए जांचने के लिए उपयुक्त है। इसी तरह, अंडा तोड़कर भी गुणवत्ता जांची जा सकती है। अंडे को खोलकर कटोरे में रखें और इसके भीतरी हिस्से को देखें। अंडे की सफेद और पीली भाग के बीच स्पष्ट भेद होना जरूरी है। सफेद भाग के बीच में पीली भाग गोल और स्पष्ट होनी चाहिए। यदि सफेद भाग बहुत पतली हो और पीली भाग फैली हुई हो तो अंडा काफी पुराना हो सकता है।

गंध से भी अंडे की ताजगी या खराब होने की पहचान की जा सकती है। खराब अंडे से बदबूदार और सड़े हुए भोजन जैसी गंध आती है। ऐसे अंडे का उपयोग न करना बेहतर होता है। गर्मी में अंडे को कुछ दिनों तक खराब होने से रोकने के लिए फ्रिज में रखना सुझाया जाता है। फ्रिज में उचित तापमान पर रखने पर अंडा सामान्यतः ३ से ५ सप्ताह तक ताजा रह सकता है। पोषण लाभ के लिए अंडे का उपयोग जल्द से जल्द करना उत्तम माना जाता है।

नेपाल-चीन संबंध: अमेरिका की चेतावनी के बाद बालेन सरकार के लिए तिब्बत चुनौती क्यों?

संयुक्त राज्य अमेरिका ने मानवाधिकारों के मुद्दे पर दी गई चेतावनी और चीन की आशंकाओं के बीच नेपाल ने तिब्बत को लेकर बीजिंग की निरंतर सुरक्षा चिंताओं को अत्यंत संवेदनशीलता से लिया है और उसे संबोधित करने के लिए तैयार होने का संकेत दिया है। पिछले महीने विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने चीन का औपचारिक दौरा किया था। इस दौरे के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने “नजदीकी पड़ोसी, दूर के रिश्तेदार” की उपयुक्त अभिव्यक्ति से इस संबंध को दर्शाया था।

इस वर्ष फरवरी में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित कानून ने यदि तिब्बती समुदाय के मानवाधिकार उल्लंघनों पर विश्वसनीय साक्ष्य मिलते हैं तो दक्षिण एशियाई देशों के सरकारी अधिकारियों के अपने देशों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और उनकी संपत्ति जब्त करने का प्रावधान किया है। सोमवार को तिब्बती धार्मिक नेता दलाई लामा के ९१वें जन्मदिन के अवसर पर विश्वभर के तिब्बती शरणार्थियों द्वारा आयोजन के बीच काठमांडू के कुछ इलाकों में सुरक्षा सतर्कता बढ़ाई गई थी। हालांकि अधिकारियों ने इस विषय पर औपचारिक टिप्पणी नहीं की है।

परराष्ट्र मंत्री खनाल ने नेपाल-चीन संबंधों में अपनी पारंपरिक नीति के प्रति प्रतिबद्धता जताई और चीन की सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान करने के लिए तत्परता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह सरकार बनते ही कुछ संदेह व्यक्त किए गए थे। मेरे दौरे का मुख्य उद्देश्य नेपाल सरकार की प्रतिबद्धताओं, विशेषकर एक चीन नीति का पालन और नेपाल के भूभाग का चीन की गतिविधियों के खिलाफ उपयोग न होने की स्पष्टता देना था।”

तिब्बती शरणार्थियों के आवास संबंधी विषय पर, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर ने नेपाल में लगभग १२,००० तिब्बती शरणार्थियों में से तीन-चौथाई के पास आधिकारिक दस्तावेज नहीं होने का अनुमान लगाया है। नेपाल सरकार द्वारा कुछ समय पहले प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, वर्ष १९९३ की जानकारी के हवाले से पता चलता है कि नेपाल के २१ जिलों में १२,५४० तिब्बती शरणार्थी निवासरत हैं।