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लेखक: space4knews

घोड़ों को अमानवीय तरीके से पीटने का वीडियो वायरल, आरोपी गिरफ्तार

१९ चैत, काठमाडौं । तेह्रथुम के लालिगुराँस नगरपालिका में दो घोड़ों को अत्यंत निर्मम तरीके से पीटते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस घटना में एक घोड़ा मालिक को घोड़ों के ठीक से न चलने पर लाठी से अत्यधिक मारते देखा गया है। वीडियो में एक महिला भी लाठी लेने की कोशिश करती है, लेकिन उसे भी गुस्साए व्यक्ति द्वारा मारने की कोशिश की जाती है। घटना स्थल पर नगर पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे स्थानीय लोगों ने शिकायत की है। ‘‘नगर पुलिस को रोकना चाहिए था, लेकिन उन्होंने उपेक्षा की’’ स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी व्यक्त की है।

नगर प्रमुख अर्जुन माबोहाङ क्या कहते हैं? वायरल वीडियो के बाद लालिगुराँस नगरपालिका के प्रमुख अर्जुन माबोहाङ से फोन पर बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि घटना के अगले दिन ही घोड़ा पीटने वाले व्यक्ति से स्पष्टीकरण लिया गया। ‘हमने स्पष्टीकरण प्राप्त कर लिया है,’ नगर प्रमुख माबोहाङ ने कहा, ‘पुलिस ने घटना के अगले ही दिन उसे गिरफ्तार कर लिया है। मुकदमा चलाने की तैयारी हो रही है।’ माबोहाङ के अनुसार उस व्यक्ति ने बताया कि घोड़ा काटने का प्रयास कर रहा था, इसलिए उसने पीटा। नगर प्रमुख ने नगर पुलिस की भूमिका पर भी ध्यान आकर्षित किया। ‘नगर पुलिस को ऐसी घटनाओं में संयम बरतना और रोकना चाहिए,’ उन्होंने कहा, ‘मैंने पहले भी पशु-पक्षियों के प्रति क्रूर व्यवहार रोकने का आग्रह किया था, अब फिर से समन्वय की आवश्यकता है।’

माबोहाङ के अनुसार वह व्यक्ति ५५-५६ वर्ष का बुजुर्ग है। ‘घोड़ा भी थका हुआ था, और वह भी थका होगा। ऐसी स्थिति में घोड़ा न चले तो उस तरह पीटना उचित नहीं है,’ माबोहाङ ने कहा, ‘यह समझना जरूरी है कि सिर्फ इंसान नहीं, घोड़ा भी थकता है।’

क्या होती है कार्रवाई? नेपाल में पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों को पशु संरक्षण संबंधी अपराध एवं दंड ऐन के तहत कार्रवाई की जाती है। इस अधिनियम के अनुसार किसी को भी पशु को अनावश्यक कष्ट पहुंचाना, मारपीट करना या अमानवीय व्यवहार करना अपराध माना जाता है। यदि अपराध साबित होता है तो आरोपी को जुर्माना, जेल या दोनों सज़ा हो सकती है। इसके अलावा पशु संरक्षण के दायित्वों की अनदेखी या लापरवाही बरतने पर भी कानूनी कार्रवाई होती है। इसलिए घोड़ा पीटने जैसी घटनाएं कानूनन दंडनीय हैं और जांच के बाद संबंधित व्यक्ति को उचित सजा दी जाएगी।

लामिछाने का बयान: ओली–लेखक गिरफ्तारी मामले में न्याय का पहला अधिकार शहीद की मां का है

राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने प्रतिनिधि सभा की बैठक में कहा कि न्याय मिलने का पहला अधिकार शहीद की मां का होता है। उन्होंने विपक्षी दलों से कानून का पालन करने की अपील की और कहा कि जब सत्ता छोड़नी हो तब विदेशी हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। लामिछाने ने पारदर्शी विदेश नीति अपनाने और देशी तथा विदेशी निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। १९ चैत, काठमांडू।

लामिछाने ने एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली और नेपाली कांग्रेस के नेता रमेश लेखक की गिरफ्तारी के विरोध पर जवाब दिया। उन्होंने गुरुवार को प्रतिनिधि सभा के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय पाने का पहला अधिकार शहीद की मां का होता है। भदौ २३ और २४ के जनजीविका आंदोलन में जान गंवाने वालों को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘न्याय पाने का पहला अधिकार शहीद की मां का है और इसे प्रतिशोध नहीं कहा जा सकता।’

उन्होंने विपक्षी दलों से कानून का सम्मान करने का आग्रह किया। सत्ता छोड़ने की स्थिति में विदेशी हस्तक्षेप की बात अब नहीं चलेगी। लामिछाने ने कहा, ‘जब सत्ता छोड़नी पड़ेगी तो विदेशी हस्तक्षेप की कहानी अब नहीं चलेगी। अब पारदर्शी विदेश नीति होगी जो राष्ट्रहित की सुरक्षा करेगी।’ उन्होंने देशी और विदेशी निवेशकों को नेपाल में पारदर्शिता और सुरक्षा की गारंटी भी दी।

यूरोपीय बाजार में LNG गैस आयात का नया रिकॉर्ड कायम


१९ चैत, कामठाडौं । यूरोपीय संघ ने मार्च २०२६ में तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात के मामले में अब तक का सबसे उच्च रिकॉर्ड स्थापित किया है।

‘गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर यूरोप’ के आंकड़ों के अनुसार, केवल मार्च माह में १३.७ अरब क्यूबिक मीटर एलएनजी यूरोपीय टर्मिनलों से सिस्टम में प्रवेश हुआ है।

यह पूर्व फरवरी के मुकाबले १५ प्रतिशत और २०२५ के मार्च महीने के मुकाबले ८ प्रतिशत अधिक है।

इससे पहले मई २०२५ में १२.८५ अरब क्यूबिक मीटर आयात के साथ रिकॉर्ड बना था, जिसे इस वर्ष मार्च ने पार कर दिया है।

मार्च त्रैमासिक तक यूरोप का कुल एलएनजी आयात ३८ अरब क्यूबिक मीटर से अधिक हो चुका है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में १३ प्रतिशत अधिक है।

संघीय संसद नेपाल: क्या राष्ट्रीय सभा रास्वपा और सरकार को चुनौती देगी?

प्रतिनिधि सभा के चुनाव के बाद गुरुवार को संघीय संसद का नया अधिवेशन शुरू हो चुका है। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के वरिष्ठ नेता वालेंद्र शाह ‘बालेन’ के नेतृत्व में नवगठित शक्तिशाली सरकार इस अधिवेशन से कई नए कानून बनाने का लक्ष्य रखती है। पिछले महीने संपन्न चुनाव से प्रतिनिधि सभा में रास्वपा के 182 सांसद चुने गए हैं। निचली सभा में दो-तिहाई बहुमत से दो सीट कम होने के बावजूद उस दल का उच्च सदन यानी राष्ट्रीय सभा में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। इस स्थिति को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या रास्वपा और उसकी नेतृत्व वाली सरकार अपनी इच्छा के अनुसार कानून पारित कर पाएगी?

शाह के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही सरकार के शासकीय सुधार संबंधी सौबिंदु कार्यसूची में संघीय निजामती अधिनियम 45 दिनों के भीतर तैयार करने का उल्लेख किया गया है। सरकार ने डेटा नियमन, सदाचार प्रोत्साहन, सरकारी कार्यों की गति बढ़ाने जैसे विषयों पर नए कानून बनाने या मौजूदा कानून संशोधित करने की योजना सार्वजनिक कर दी है। लेकिन क्या इसके लिए केवल प्रतिनिधि सभा में बहुमत पर्याप्त होगा? राष्ट्रीय सभा के पूर्व सांसद एवं संविधान सभा के सदस्य राधेश्याम अधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया है कि 182 सांसदों वाले प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधित्व वाली सरकार दोनों सदनों में बहुमत मिलने पर कानून निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है।

संविधान के धारा 111 के अनुसार प्रतिनिधि सभा से पारित होने वाला कोई भी विधेयक राष्ट्रीय सभा में भी प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। राष्ट्रीय सभा उन विधेयकों पर दो निर्णय कर सकती है: स्वीकृत करना, या सुझावों के साथ विधेयक को वापस भेजना, या संशोधन के साथ स्वीकृत कर भेजना। लेकिन यदि प्रतिनिधि सभा द्वारा राष्ट्रीय सभा से प्राप्त विधेयक में कोई संशोधन किया जाता है, तो राष्ट्रीय सभा वह संशोधन अस्वीकार कर सकती है। राष्ट्रीय सभा को अपने निर्णय में बजट से संबंधित विधेयक के मामले में 15 दिनों के भीतर और अन्य प्रकार के विधेयकों के मामले में प्राप्ति के दो माह के भीतर लागू करने का प्रावधान संविधान में निर्धारित है।

उज्वल थापाको डकुमेन्ट्री डिगो ओटीटीमा रिलिज – Online Khabar

उज्वल थापाको डकुमेन्ट्री ‘दिमाग घोच्ने मान्छे’ डिगो ओटीटीमा सार्वजनिक

१९ चैत, काठमाडौं । स्वर्गीय उज्वल थापाको जीवनमाथि बनेको वृत्तचित्र ‘दिमाग घोच्ने मान्छे’ आजदेखि डिगो (डिसहोम गो) ओटीटी प्लेटफर्ममा सार्वजनिक भएको छ। गत २५ पुसमा सिनेमा हलमा प्रदर्शन गरिएको यो वृत्तचित्र अब ओटीटीमार्फत पनि हेर्न सकिने भएको छ। निर्माण पक्षका अनुसार, यस वृत्तचित्रबाट प्राप्त हुने मुख्य आम्दानी उज्वल थापा फाउन्डेसनलाई प्रदान गरिनेछ। फाउन्डेसनले उज्वल थापाले शुरु गरेका सामाजिक तथा नागरिक अभियानहरूलाई निरन्तरता दिने प्रतिबद्धता जनाएको छ।
वृत्तचित्रले उज्वल थापाको बाल्यकाल, अमेरिकामा उनको अध्ययन तथा नेपाल फर्केपछि वैकल्पिक राजनीतिका लागि गरेको संघर्षलाई व्यापक रूपले प्रस्तुत गरेको छ। दुर्लभ भिडियो फुटेजसहित उनका साथी, सहयात्री र आलोचकहरूको अन्तर्वार्ताबाट यो दस्तावेजी तयार गरिएको छ। ओटीटीमा हेर्नका लागि नेपालस्थित दर्शकहरूलाई १९९ रुपैयाँ, अमेरिका र अष्ट्रेलियामा ४.९९ डलर शुल्क तिर्नुपर्नेछ भने अन्य विश्वका दर्शकहरूका लागि २.९९ डलर तोकिएको छ।

ललितपुर में अपार्टमेंट किराए पर लेकर जुआ खेलाते हुए 21 लोग गिरफ्तार

ललितपुर के महालक्ष्मी नगरपालिका–7 चांगाथली में ग्रिन सिटी विला अपार्टमेंट किराए पर लेकर जुआ खेलाते हुए पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 9 लाख 7 हजार 975 रुपए, 39 ताश के पत्ते और 16 कौड़े बरामद किए गए हैं।

सिंधुपाल्चोक के रहने वाले दीपक बोहरा द्वारा संचालित इस विले की दूसरी मंजिल पर मोहन कृष्ण शाही ने अपार्टमेंट किराए पर लेकर जुआ खेलाने का काम किया है, जिसकी जानकारी जिला प्रहरी परिसर ललितपुर के एसपी और प्रवक्ता गौतम मिश्र ने दी है।

यह घटना 19 चैत को हुई थी। ललितपुर में अपार्टमेंट किराए पर लेकर जुआ खेलने की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

भूटान में ईंधन संकट, जनजीवन प्रभावित

समाचार सारांश

OK AI द्वारा उत्पादित। सम्पादकीय समीक्षा गरिएको।

  • मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के प्रभाव से भूटान में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम फिर बढ़े हैं, जिससे सामान्य जीवन पर दबाव बढ़ा है।
  • भूटान सरकार ने बुधवार रात को ईंधन के नए दाम घोषित किए और कहा कि कीमतों में वृद्धि उनके नियंत्रण से बाहर के कारणों से हुई है।
  • सरकार ने आम जनता और सरकारी संस्थाओं से ईंधन बचाने का आह्वान किया है, अनावश्यक यात्रा न करने और पैदल चलने का निर्देश दिया है।

मध्य-पूर्व में जारी युद्ध का सीधा असर हिमालय की धरती भूटान तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ईंधन की कीमतों में तीव्र वृद्धि के कारण भूटान सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के दाम पुनः बढ़ा दिए हैं, जो आम जनता के दैनिक जीवन पर भारी दबाव डाल रहा है।

सरकार ने बुधवार रात को ईंधन के नए मूल्य घोषित करते हुए कहा कि हाल के हफ्तों में वैश्विक बाजारों में हुई कीमतों की वृद्धि उनके नियंत्रण से परे बाहरी कारणों से हुई है। ऊर्जा संरक्षण के लिए कई उपाय भी लागू किए गए हैं।

लगभग आठ लाख की आबादी वाला भौगोलिक रूप से बंद भूटान अपना सारा ईंधन भारत से आयात करता है। आपूर्ति में बाधा और बढ़ती कीमतों का असर राजधानी थिम्पू में साफ दिख रहा है, जहां पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।

स्थानीय लोग वर्तमान स्थिति के प्रति असहायता जाहिर कर रहे हैं। थिम्पू में रहने वाले 40 वर्षीय कर्मा काल्डेन ने कहा कि भले ही सरकार की कोई सीधी गलती नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय युद्ध और भारत में ईंधन कीमतों के बढ़ने के प्रभाव से वे बच नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में वे कुछ करने की स्थिति में नहीं हैं।

कार्बन-नकारात्मक देश के रूप में जाने वाले भूटान ने जलविद्युत उत्पादन में भारी निवेश किया है और पड़ोसी भारत को बिजली निर्यात कर आय अर्जित करता है। लेकिन ईंधन मामले में पूरी तरह आयात पर निर्भर होने के कारण उसे यह संकट झेलना पड़ रहा है।

मध्य-पूर्व में 28 फरवरी से चल रहे युद्ध ने पेट्रोल की कीमतों को 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ा दिया है। फरवरी में लगभग 65 से 95 न्गुल्ट्रुम प्रति लीटर रहे दाम अप्रैल 1 तक सरकारी अनुदान मूल्य में भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ गए हैं।

सरकार ने 21 मार्च से ईंधन अनुदान योजना भी लागू की थी, जिसका उद्देश्य परिवारों और अर्थव्यवस्था पर बढ़ते प्रभाव को कम करना था। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों के चलते अनुदान से स्थिति को संभालना कठिन हो गया है।

सरकार ने बढ़ते आर्थिक दबाव को ध्यान में रखते हुए आम जनता और सरकारी संस्थाओं से ईंधन की बचत करने का निवेदन किया है। सार्वजनिक सेवा विभागों को अनावश्यक यात्रा न करने, संभव हो तो पैदल चलने और दूर से काम करने के तरीकों को अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

किन चिनी छाड्न सल्लाह दिइन्छ ? यस्तो छ खास कारण – Online Khabar

किन चिनी छोड़ने की सलाह दी जाती है? इसका मुख्य कारण यह है

दैनिक जरूरतों के लिए हमें अतिरिक्त चीनी की आवश्यकता नहीं है। जितना हो सके चीनी का सेवन कम करना या बिलकुल न करना स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर विकल्प है। नेपाल में अब भी यह धारणा प्रचलित है कि केवल मधुमेह के मरीजों को ही चीनी छोड़नी चाहिए। चीनी खाने के बाद रक्त में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है और अतिरिक्त ग्लूकोज वसा में परिवर्तित हो जाता है। चिकित्सक और पोषण विशेषज्ञ दैनिक आवश्यकता से अधिक कार्बोहाइड्रेट और चीनी सेवन न करने की सलाह देते हैं। आजकल विश्वभर में लोग चीनी छोड़ने या कम खाने की प्रवृत्ति में हैं। लेकिन नेपाल में आज भी “चीनी न खाने पर क्या मधुमेह होता है?” यह प्रश्न पूछा जाता है। मधुमेह रोगियों को ही चीनी छोड़नी चाहिए, यह समझ व्यापक है।

पहले चीनी को दैनिक आहार का अनिवार्य हिस्सा माना जाता था। लेकिन हाल के समय में चिकित्सक और पोषण विशेषज्ञ स्वस्थ लोगों को भी चीनी खाने की सलाह नहीं देते, बल्कि यदि संभव हो तो पूरी तरह से छोड़ने का निर्देश देते हैं। चीनी शरीर को ‘प्रत्यक्ष ऊर्जा’ मात्र नहीं देती, बल्कि इससे बड़े नुकसान भी होते हैं। चीनी खाने के बाद यह पेट और छोटी आंत में पचकर रक्त में मिलती है। इससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है, पोषणविद् प्रविण भट्टराई बताते हैं। ‘ग्लूकोज बढ़ने पर अग्न्याशय इन्सुलिन हार्मोन निकालता है,’ उन्होंने कहा, ‘इन्सुलिन रक्त से ग्लूकोज को शरीर के मांसपेशी, जिगर जैसे कोशिकाओं तक पहुंचाता है, जहां इसे ऊर्जा के रूप में उपयोग किया जाता है या ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहित किया जाता है।’

अतिरिक्त ग्लूकोज वसा के रूप में जिगर और शरीर के अन्य हिस्सों में जमा हो जाता है। फ्रुक्टोज मुख्य रूप से जिगर में जाकर वहां वसा में परिवर्तित हो सकता है, भट्टराई ने बताया। अत्यधिक चीनी सेवन से कार्बोहाइड्रेट शरीर में जमा होता है और इससे खराब कोलेस्ट्रोल और रक्त में ग्लूकोज की वृद्धि से समस्याएं होती हैं, पोषणविद् प्रतिमा सेन केसी बताती हैं। उन्होंने कहा, ‘चीनी और मीठे खाने से मस्तिष्क में खुशी हार्मोन बनता है, जिससे तिलस्म होता है। इसकी अत्यधिक खपत मोटापा, मधुमेह और कोलेस्ट्रोल की समस्याएं ला सकती है।’

चिकित्सक और पोषण विशेषज्ञ अब चीनी कम खाने या छोड़ने की सलाह देते हैं क्योंकि दैनिक आहार से हमें पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट मिल जाता है, जो पचकर ग्लूकोज में बदल जाता है। अधिक कार्बोहाइड्रेट और चीनी लेने से स्वास्थ्य पर समस्याएं उत्पन्न होती हैं, पोषणविद् भट्टराई ने बताया। भट्टराई के अनुसार कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार के होते हैं—कंप्लेक्स और सिंपल कार्बोहाइड्रेट। कंप्लेक्स जैसे फाइबरयुक्त चावल, दाल, सब्जियां, फल धीरे-धीरे पचकर ग्लूकोज में परिवर्तित होते हैं, जिससे रक्त में चीनी स्तर अचानक नहीं बढ़ता और दीर्घकालिक ऊर्जा मिलती है।

सिंपल कार्बोहाइड्रेट जैसे चीनी, मैदा, पालिश किया हुआ सफेद चावल, जूस, मिठाई तेज़ी से अवशोषित होकर रक्त में ग्लूकोज बढ़ाते हैं। हमारी जीवनशैली कम सक्रिय होने के कारण ऊर्जा की खपत कम होती है, इसलिए अतिरिक्त एडेड शुगर की जरूरत नहीं है, वे कहते हैं। ‘चीनी को “ज़ीरो न्यूट्रिएंट” कहा जाता है क्योंकि यह तुरंत ऊर्जा देती है, लेकिन कोई विटामिन, मिनरल या अन्य पोषकतत्व प्रदान नहीं करती,’ भट्टराई बताते हैं।

अधिक चीनी सेवन से शरीर में चर्बी जमा होना, मोटापा, रक्त में चीनी का बढ़ना, त्वचा पर काले दाग, कोलेजन की हानि और कोशिकीय क्षति हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि अतिरिक्त चीनी न खाने का प्रयास करना चाहिए, यदि मिठास चाहिए तो गुड़, शुद्ध शहद या स्टेविया का उपयोग किया जा सकता है। स्टेविया शून्य कैलोरी वाली प्राकृतिक मिठास है और यह वजन नहीं बढ़ाता। चीनी छोड़ने के बाद क्या होता है? क्योंकि हम दैनिक आहार से पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट प्राप्त कर लेते हैं, इसलिए चीनी छोड़ने से कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होता। शरीर को प्रोटीन और चर्बी की आवश्यकता होती है। केवल इन्हें छोड़ने से पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, पोषणविद् भट्टराई ने बताया।

चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज ने घड़ियाल कछुए के घोंसले तलाशने का काम शुरू किया

चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज ने चैत्र १ गते से राप्ती नदी में घड़ियाल कछुए के घोंसले तलाशने का काम शुरू किया है। घोंसलों की खोज के बाद अंडे इकट्ठा कर कछुआ प्रजनन केंद्र में बच्चों को पालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस वर्ष निकुञ्ज ने केवल राप्ती नदी में ही घड़ियाल कछुए के घोंसले खोजने का निर्णय लिया है।

राप्ती नदी में मौजूद घड़ियाल कछुओं के घोंसलों की खोजने के कार्य की शुरुआत कर दी गई है। चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज प्रत्येक वर्ष चैत्र और वैशाख महीनों में नदी के किनारे घड़ियाल कछुओं के घोंसले तलाशता है। निकुञ्ज के सूचना अधिकारी अविनाश थापा मगर के अनुसार, चैत्र १ गते से घोंसले खोजने का कार्य आरंभ किया गया है और यह प्रक्रिया वैशाख १० गते तक जारी रहेगी। इसके लिए बोते समुदाय के दो व्यक्तियों को परिचालन किया गया है।

घोंसले तलाशने के बाद पुनः कर्मचारियों को तैनात कर अंडे संकलन का कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘अभी घोंसलों की पहचान का काम चल रहा है, इसके बाद अंडे एकत्रित किए जाएंगे।’ घोंसलों से अंडे इकट्ठा कर कार्यालय में स्थित कछुआ प्रजनन केंद्र में लाने के बाद बच्चों को पालने का कार्य शुरू किया जाएगा, उन्होंने जानकारी दी। हालांकि पिछले वर्षों में निकुञ्ज ने राप्ती और नारायणी नदियों में घड़ियाल कछुओं के घोंसले खोजे थे, लेकिन इस वर्ष केवल राप्ती नदी में खोज करने की तैयारी है।

ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कनाडा ने यूक्रेन को 20 मिलियन डॉलर की सहायता दी

कनाडा ने यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए 20 मिलियन कनाडाई डॉलर के बराबर आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। यूक्रेनी उप-प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिदेंको ने यह राशि ‘यूक्रेन एनर्जी सपोर्ट फंड’ में जमा की जाएगी, इसकी जानकारी दी।

यूक्रेन में वर्ष 2025 के अंत से ऊर्जा आपूर्ति में समस्या देखने को मिल रही है और रोजाना बिजली कटौती जारी है। 19 चैत्र, काठमांडू। रूस के साथ जारी युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रभावित यूक्रेन के ऊर्जा क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए कनाडा 20 मिलियन कनाडाई डॉलर (लगभग 14.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की आर्थिक सहायता दे रहा है।

यूक्रेनी उप-प्रधानमंत्री एवं अर्थमंत्री यूलिया स्विरिदेंको ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कनाडा के निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए यह राशि ‘यूक्रेन एनर्जी सपोर्ट फंड’ में जमा की जाएगी, जानकारी दी। यूक्रेन में वर्ष 2025 के अंत से ऊर्जा आपूर्ति में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। अत्यधिक ठंड और युद्ध के कारण ऊर्जा पूर्वाधार को बड़ा नुकसान पहुंचने से देश के ऊर्जा क्षेत्र में ‘संकटकाल’ घोषित किया गया है। वर्तमान में कई इलाकों में प्रतिदिन लगातार बिजली कटौती हो रही है।

डोनाल्ड ट्रम्प: इरान युद्ध समाधान की इच्छा, लेकिन कई महत्वपूर्ण सवाल अब भी अनसुलझे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पृष्ठभूमि में अमेरिकी ध्वज

तस्वीर स्रोत, Reuters

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार शाम व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम संबोधित करते हुए इरान युद्ध से जुड़ी अपनी पहले की बातों को दोहराया।

28 मिनट लंबे ‘प्राइमटाइम’ संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि इरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई का “मुख्य रणनीतिक उद्देश्य” पूरा होने को है।

इरान युद्ध शुरू हुए एक महीना गुजर चुका है। उन्होंने अनुमान लगाया कि यह युद्ध दो से तीन सप्ताह और चलेगा।

सुबह ट्रम्प ने पुराने अंदाज में इरान को “पत्थर युग में ले जाने” की चेतावनी दी थी।

उन्होंने पिछले सप्ताह ‘ट्रूथ सोशल’ पर अपने पोस्ट्स भी देखे जाएं तो बुधवार शाम कोई नई बात सामने नहीं आई।

नयाँ आइफोनका लागि पनि ‘डार्कस्वोर्ड’ सुरक्षा प्याच जारी – Online Khabar

नए आइफोन के लिए ‘डार्कस्वोर्ड’ सुरक्षा पैच iOS 18.7.7 जारी

समाचार सारांश एप्पल ने आइफोन 11 से लेकर 16 तक के उपयोगकर्ताओं के लिए एक दुर्लभ सुरक्षा अपडेट iOS 18.7.7 जारी किया है। डार्कस्वोर्ड मालवेयर रिमोटली मालवेयर इंस्टॉल करके संदेश, कॉल हिस्ट्री और क्रिप्टोकरेंसी चोरी करने का खतरा पैदा कर सकता है। एप्पल ने उपयोगकों को Settings > General > Software Update में जाकर iOS 18.7.7 इंस्टॉल करने और लॉकडाउन मोड सक्षम करने की सलाह दी है। 19 चैत, काठमांडू। एप्पल ने अपने नए मॉडल के आइफोन उपयोगकर्ताओं के लिए एक बहुत ही दुर्लभ सुरक्षा अपडेट ‘iOS 18.7.7’ सार्वजनिक किया है। सामान्यतया नए मॉडल के लिए ही नया ऑपरेटिंग सिस्टम (iOS 26) जारी करने वाली कंपनी ने, डार्कस्वोर्ड (DarkSword) नाम के मालवेयर के बढ़ते खतरे के कारण पुराने मॉडल के उपयोगकर्ताओं के लिए यह ‘बैकपोर्ट’ सुरक्षा पैच प्रदान किया है। यह अपडेट खासतौर पर आइफोन 11 से लेकर आइफोन 16 तक के उपयोगकर्ताओं के लिए है, जो अभी तक नए iOS 26 में अपग्रेड नहीं होना चाहते थे। पूर्व में एप्पल ने यह पैच केवल आइफोन XS और XR के लिए दिसंबर में उपलब्ध कराया था, क्योंकि ये डिवाइस नए iOS का समर्थन नहीं करते। एप्पल के आंकड़ों के अनुसार लगभग 16 से 20 प्रतिशत नए आइफोन उपयोगकर्ता अभी भी iOS 18 पर ही हैं। इसका मुख्य कारण नए iOS 26 में मौजूद ‘लिक्विड ग्लास’ इंटरफेस है। ट्रांसलूसेंट (अर्ध-पारदर्शी) डिजाइन के कारण कई उपयोगकर्ताओं को यह नया रूप पसंद नहीं आया, इसलिए वे सुरक्षा जोखिमों के बावजूद पुराने वर्जन का उपयोग कर रहे हैं। ‘डार्कस्वोर्ड’ (DarkSword) मालवेयर का खतरा कैसा है? रिमोट हमला: इस मालवेयर में केवल किसी असुरक्षित वेबसाइट पर जाने से फोन में रिमोटली मालवेयर इंस्टॉल करने की क्षमता होती है। डेटा चोरी: फोन के संदेश, कॉल हिस्ट्री, ब्राउजर डेटा और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट की जानकारी चुराई जा सकती है, जिसमें सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है। रूसी हैकर्स की संलिप्तता: संदिग्ध रूसी हैकर्स फिशिंग ईमेल के माध्यम से मालवेयर फैलाते आ रहे हैं। एप्पल ने अपने उपयोगकर्ताओं को Settings > General > Software Update से ‘Also Available’ सेक्शन के अंतर्गत iOS 18.7.7 इंस्टॉल करने और ‘लॉकडाउन मोड’ (Lockdown Mode) चालू करने की सलाह दी है। कंपनी अभी भी सभी को नए iOS 26 पर अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि उच्च स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भूमिमन्त्री रावल ने सहकारी पीड़ितों के साथ प्रत्यक्ष संवाद शुरू किया

भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मंत्री प्रतिभा रावल ने सहकारी पीड़ितों के साथ प्रत्यक्ष संवाद शुरू कर दिया है। सरकार ने सौ दिन के भीतर छोटे सहकारी बचतकर्ताओं को राशि वापस दिलाने का लक्ष्य रखा है। मंत्री रावल ने बताया कि पीड़ितों की समस्याओं के समाधान को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। 19 चैत्र, काठमांडू।

मंत्री रावल ने पीड़ितों के साथ संवाद की शुरुआत की है, जब सरकार ने छोटे सहकारी बचतकर्ताओं को राशि वापस करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आज सुबह से मंत्रालय में देशभर के विभिन्न सहकारी संस्थानों के पीड़ित इकट्ठा होकर मंत्री रावल के सामने अपनी समस्याएं और शिकायतें व्यक्त कर रहे हैं, मंत्रालय के सचिवालय ने सूचित किया।

लंबे समय से बचत राशि वापस न मिलने से प्रभावित आम जनता को प्रत्यक्ष रूप से अपनी स्थिति बताने का मौका मिला है। चर्चा के दौरान मंत्री रावल ने कहा कि पीड़ितों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘पीड़ितों की समस्याओं को प्रभावी रूप से कैसे हल किया जाए, इस विषय में मंत्रालय गंभीर है,’ उन्होंने कहा।

सरकार सहकारी क्षेत्र में देखी गई समस्याओं के समाधान के लिए चरणबद्ध रूप से काम कर रही है और विशेष रूप से छोटे बचतकर्ताओं को राहत उपलब्ध कराने की योजना पर केन्द्रित है, ऐसा मंत्री रावल ने उल्लेख किया। इस संवाद से सहकारी पीड़ितों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल होने की उम्मीद है।

क्वान्टम कंप्यूटर कम क्यूबिट्स में बिटकॉइन हैक कर सकता है, खुलासा

गूगल के क्वांटम शोधकर्ताओं ने बिटकॉइन और एथेरियम की सुरक्षा प्रणाली को न्यूनतम संसाधन खर्च करते हुए क्वांटम कंप्यूटर की मदद से तोड़ने की संभावना पर नया शोध पत्र जारी किया है। उच्च गुणवत्ता वाले लगभग 1200 से 1450 क्यूबिट्स का उपयोग कर 9 मिनट के भीतर बिटकॉइन की प्राइवेट की का पता लगाया जा सकता है, यह जानकारी गूगल के क्वांटम एआई टीम ने दी है। गूगल ने 2029 तक प्रभावी क्वांटम सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जो क्रिप्टो क्षेत्र को पोस्ट-क्वांटम सुरक्षा व्यवस्था में तेजी से स्थानांतरित करने का दबाव बनाएगा।

गूगल के इस नवीन अध्ययन ने बिटकॉइन के ‘एन्क्रिप्शन’ को तोड़ने के लिए करोड़ों क्यूबिट्स की आवश्यकता होने का पुराना अनुमान चुनौती दी है। इस शोध से पता चला है कि 5 लाख से कम क्यूबिट्स में भी यह कार्य संभव है। गूगल की क्वांटम एआई टीम का कहना है कि 9 मिनट में बिटकॉइन की प्राइवेट की उजागर हो सकती है, जिससे हैकर्स को लेन-देन की पुष्टि से पहले 41 प्रतिशत तक जोखिम उत्पन्न करने की संभावना मिलती है।

2021 में हुए बिटकॉइन के ‘टैपरूट’ अपडेट ने गोपनीयता और दक्षता में सुधार किया, फिर भी इसने सुरक्षा के नए खतरे उत्पन्न किए हैं। वर्तमान में लगभग 69 लाख बिटकॉइन ऐसे वॉलेट्स में मौजूद हैं जिनकी पब्लिक की किसी न किसी रूप में सार्वजनिक हो चुकी है। एथेरियम जैसे अन्य क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन की पुष्टि में समय कम होने के कारण इस प्रकार के ‘रियल-टाइम’ हमलों का खतरा अपेक्षाकृत कम हुआ है, लेकिन कुल मिलाकर क्वांटम खतरा बना हुआ है। गूगल ने यह संवेदनशील जानकारी साझा करते समय ‘जीरो-नॉलेज प्रूफ’ तकनीक का उपयोग किया है, जिससे हैकिंग के विस्तृत तरीकों का खुलासा किए बिना ही शोध की प्रामाणिकता प्रमाणित हुई है।

टाइगर वूड्स ने राइडर कप में अमेरिकी टीम की कप्तानी करने से किया इनकार

गोल्फ स्टार टाइगर वूड्स ने आगामी राइडर कप के लिए अमेरिकी टीम के कप्तान बनने का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया है। ५० वर्षीय वूड्स को हाल ही में फ्लोरिडा में हुई कार दुर्घटना के बाद ‘नशे में गाड़ी चलाने’ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने और उपचार के लिए पेशेवर गोल्फ से कुछ समय दूर रहने का निर्णय लिया है।

वूड्स ने अपने वकीलों के माध्यम से निर्दोष होने का दावा भी किया है। दुर्घटना के बाद उन पर सवारी दुर्घटना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और परीक्षण में अस्वीकार करने के आरोप लगे हैं। अदालत ने उन्हें उपचार के लिए विदेश जाने की अनुमति भी दी है। पीजीए ऑफ अमेरिका ने वूड्स के इस फैसले का सम्मान करते हुए उनके स्वास्थ्य में जल्द सुधार की कामना की है।

सन् २०२७ में राइडर कप आयरलैंड में आयोजित होगा। वूड्स ने इससे पहले अमेरिका के लिए आठ बार राइडर कप में भाग लिया है। पुलिस ने दुर्घटना के बाद वूड्स के पास से दर्द निवारक दवा (हाइड्रोकोडोन) बरामद की है और बताया है कि वह सामान्य स्थिति में नहीं थे। इससे पूर्व भी गंभीर दुर्घटना और सर्जरी के कारण वूड्स ने सीमित रूप से ही खेलों में हिस्सा लिया है। फिलहाल वह गुप्त रूप से एक विशेष उपचार कार्यक्रम के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं।