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लेखक: space4knews

कणों की टक्कर से स्ट्रिंग थ्योरी का रहस्य खुला, वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के मौलिक नियम होने का दावा किया

ब्रह्मांड की सबसे छोटी इकाइयों की व्याख्या करने वाली जटिल ‘स्ट्रिंग थ्योरी’ केवल गणितीय कल्पना नहीं बल्कि वास्तविकता में मौजूद ब्रह्मांड के अंतर्निहित नियम हो सकती है, इस बात के संकेत वैज्ञानिकों को मिले हैं। कैलटेक के भौतिक वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन ने ब्रह्मांड के अंदर स्ट्रिंग थ्योरी के अस्तित्व को आवश्यक बताया है। शोधकर्ताओं ने प्रारंभ में स्ट्रिंग के अस्तित्व को मानने के बजाय केवल उच्च ऊर्जा में कणों के व्यवहार के कुछ सामान्य नियमों पर आधारित गणितीय समीकरणों को हल करना शुरू किया था, लेकिन इन समीकरणों ने स्वयं ही स्ट्रिंग थ्योरी की मुख्य विशेषताएं और सुराग पेश किए, जिससे वे चकित रह गए।

भौतिकी में लंबे समय से सब-एटॉमिक कणों को नियंत्रित करने वाली ‘क्वांटम मेकैनिक्स’ और ब्रह्मांड की विशाल संरचना तथा गुरुत्वाकर्षण की व्याख्या करने वाले आइंस्टाइन के ‘जनरल रिलेटिविटी’ के बीच समन्वय नहीं हो पाया है। क्वांटम स्तर पर गुरुत्वाकर्षण को शामिल करने पर समीकरण अनंत की ओर प्रवृत्त होकर विफल हो जाते हैं। 1960 के दशक में प्रचलित हुई स्ट्रिंग थ्योरी इसका समाधान प्रस्तुत करती है और मानती है कि ब्रह्मांड के सभी कण बिंदु आकार के नहीं बल्कि अत्यंत सूक्ष्म तनाव या स्ट्रिंग्स की तरह कंपन करते हैं, तथा गुरुत्वाकर्षण वहन करने वाले काल्पनिक ‘ग्रेविटोन’ भी इन्हीं कंपन से उत्पन्न होते हैं।

इस थ्योरी को प्रमाणित करने के लिए विशाल ‘पार्टिकल कोलाइडर’ की आवश्यकता होती है जिसके अभाव में वर्तमान तकनीक यह कार्य नहीं कर सकी है, इसलिए वैज्ञानिकों ने प्रकृति के मूलभूत सिद्धांतों से यह देखने की विधि अपनाई कि कौन से नियम स्वयं प्रकट होते हैं, जिसे ‘बूटस्ट्रैप’ कहा जाता है। ‘फिजिकल रिव्यू लेटर्स’ में प्रकाशित ‘Strings from Almost Nothing’ शीर्षक के अध्ययन में कैलटेक, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और बार्सिलोना के इंस्टीट्यूट डे फिजिका डी अल्टेस एनर्जियास के शोधकर्ताओं ने कणों के टकराव और अपक्षय से जुड़े कुछ सामान्य मानदंडों का प्रयोग किया। कैलटेक के सैद्धांतिक भौतिकी के प्रोफेसर क्लिफर्ड च्यूंग के मुताबिक, उन्होंने स्ट्रिंग के किसी पूर्वानुमान के बिना समीकरणों को हल किया, जिसमें स्वतः ही स्ट्रिंग थ्योरी के आधार उभरे।

यह नया गणितीय मॉडल क्वांटम गुरुत्वाकर्षण में सामने आने वाली अनंतता की समस्या ‘अल्ट्रासॉफ्टनेस’ गुण के माध्यम से सुलझाता है। उच्च ऊर्जा पर स्ट्रिंग्स इंटरैक्शन को फैलाती हैं जिससे समीकरण बिगड़ने से बचते हैं। शोध दल ने इसी अल्ट्रासॉफ्ट व्यवहार और एक अन्य गणितीय गुण ‘मिनिमल जीरोस’ के आधार पर गणना के दौरान स्ट्रिंग थ्योरी से संबंधित कणों के द्रव्यमान और स्पिन की अनंत श्रृंखला स्वयं उत्पन्न देखी, जो न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के सह-लेखक ग्रांट एन. रेम्मन ने बताई। अमेरिकी ऊर्जा विभाग और विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के वित्तीय सहयोग से सम्पन्न यह खोज दशकों पुराने बूटस्ट्रैप सिद्धांत को आधुनिक उपकरण के माध्यम से पुनर्जीवित करते हुए ब्रह्मांड के अंतिम सत्य की खोज में नई दिशा प्रदान कर रही है।

‘द नॉर्थ फेस’ द्वारा आयोजित नाइट ट्रेल रन

द नॉर्थ फेस ने अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस २०२६ के अवसर पर २९ मई को काठमांडू के गोकर्ण फॉरेस्ट में पहला नाइट ट्रेल रन आयोजित करने की जानकारी दी है। यह नाइट ट्रेल रन ७.५ किलोमीटर का होगा और एलीट विजेता को २०० अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा जबकि उपविजेता को १५० डॉलर और तीसरे स्थान धारक को १०० डॉलर पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता में विदेशी धावक भी भाग लेंगे और प्रत्येक दौड़ पूरा करने पर ५ अमेरिकी डॉलर सगरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति को एवरेस्ट क्लीन-अप परियोजना के लिए दान किया जाएगा।

५ जेठ, काठमांडू। ‘द नॉर्थ फेस’ के आयोजन में अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस २०२६ के अवसर पर नाइट ट्रेल रन आयोजित होने जा रहा है। आयोजकों ने मंगलवार काठमांडू में पत्रकार संवाद करते हुए बताया कि द नॉर्थ फेस माउंटेन क्वेस्ट के तहत इसी मई २९ (जेठ १५) को इस कार्यक्रम का आयोजन होगा। माउंटेन क्वेस्ट का मुख्य आकर्षण नेपाल का पहला नाइट ट्रेल रन होगा, यह जानकारी आयोजकों ने दी।

यह नाइट ट्रेल रन गोकर्ण फॉरेस्ट के क्षेत्र में आयोजित होगा, यह जानकारी द नॉर्थ फेस नेपाल की प्रतिनिधि रिंचनला लामा ने दी। लामा ने बताया कि नेपाल में पहली बार नाइट ट्रेल रन का आयोजन किया जाएगा। यह दौड़ सहनशीलता, दृढ़ता और अज्ञात यात्रा में आगे बढ़ने के साहस का प्रतिनिधित्व करेगी और इसकी प्रेरणा सगरमाथा एवं व्यापक हिमालयी परिवेश से ली गई है, यह आयोजकों का कहना है।

रेस डायरेक्टर बिनेश तुलाधर ने बताया कि नाइट ट्रेल रन ७.५ किमी का होगा। एलीट वर्ग के विजेता को २०० अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा, जबकि उपविजेता को १५० डॉलर और तीसरे स्थान वाले को १०० डॉलर पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कारों पर १५ प्रतिशत कर कटौती की जाएगी। पंजीयन शुल्क एलीट और सामान्य दोनों के लिए एक हजार निर्धारित किया गया है। रेस डायरेक्टर तुलाधर ने कहा कि एलीट के लिए कट ऑफ टाइम ६० मिनट और रेगुलर रन के लिए ९० मिनट है। यह खुला आयोजन है, इसलिए एलीट धावक के साथ-साथ अन्य सभी भागीदार भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं।

आयोजकों ने बताया कि विदेशी धावक भी इस दौड़ में भाग लेंगे। प्रत्येक दौड़ पूरा करने पर ५ अमेरिकी डॉलर सगरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति (एसपीसीसी) को एवरेस्ट क्लीन-अप परियोजना के लिए दान के तौर पर दिया जाएगा, यह जानकारी द नॉर्थ फेस की प्रतिनिधि लामा ने दी। नाइट ट्रेल रन से देश के ट्रेल रनिंग क्षेत्र में नया इतिहास रचने की उम्मीद आयोजकों ने जताई है।

विशेष लाइसेन्स परीक्षामा ८१ प्रतिशत डाक्टर पास – Online Khabar

विशेष लाइसेंस परीक्षा में 81 प्रतिशत डॉक्टर सफल

नेपाल मेडिकल काउंसिल की विशेष लाइसेंस परीक्षा में 81.37 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए हैं। काउंसिल की 29 वैशाख को हुई बैठक में 131 लोग सफल और 32 लोग असफल बताए गए हैं। 20 चैत को आयोजित परीक्षा में 165 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, लेकिन 2 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।

काउंसिल के अनुसार, 2 उम्मीदवार अनुपस्थित और 32 परीक्षार्थी असफल रहे। काउंसिल ने संचालन के लिए 7 समितियां गठित करने का निर्णय लिया है। इसमें शिक्षा एवं CPD समिति, पंजीकरण समिति, विदेशी नागरिक चिकित्सक पंजीकरण समिति, व्यावसायिक आचरण एवं स्वास्थ्य समिति, परीक्षा समिति, दंत समिति और खरीद समिति शामिल हैं।

क्या चीनी भाषा एआई को इंजीनियरिंग कार्यों के लिए प्रमुख भाषा बनाएगी?

सिंग्हुआ विश्वविद्यालय के अध्ययन ने विश्वव्यापी तकनीकी प्रतिस्पर्धा में नया मोर्चा खोलते हुए एआई मॉडल पर भाषा के प्रभाव से जुड़े सवाल उठाए हैं। चीन के शीर्ष विमानन जर्नल में प्रकाशित अनुसंधान के अनुसार, चीनी भाषा अंग्रेज़ी पर आंतरिक लाभ दे सकती है, लेकिन वर्तमान में इसका महत्व कम है। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग स्कूल के प्रोफेसर चेन हाईक्सिन की टीम ने एआई को विमान के पंख के आकार में सुधार करने के तर्क एवं दृश्य क्षमताओं के साथ डिजाइन किया है। ५ जेठ, काठमाडौँ।

सिंग्हुआ विश्वविद्यालय के अध्ययन ने औद्योगिक शक्तियों के लिए गंभीर मायने रखने वाला सवाल उठाते हुए विश्वव्यापी तकनीकी प्रतिस्पर्धा में नया आयाम जोड़ा है। यदि आप किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल को, उदाहरण के तौर पर, उत्कृष्ट विमान डिज़ाइन करने का निर्देश देते हैं, तो क्या आप इसे अंग्रेज़ी में या चीनी भाषा में बात करेंगे? क्या इससे कोई फर्क पड़ता है? २७ अप्रैल को चीन के शीर्ष विमानन जर्नल ‘एक्टा एयरोनटिका एट एस्ट्रोनटिका सिनिका’ में प्रकाशित अनुसंधान के अनुसार, इसका जवाब मिश्रित है। चीनी भाषा अंग्रेज़ी पर आंतरिक लाभ दे सकती है, परंतु फिलहाल इसका बहुत अधिक महत्व नहीं है।

सिंग्हुआ के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग स्कूल के प्रोफेसर चेन हाईक्सिन के नेतृत्व में टीम ने एक परिष्कृत एआई ‘एजेंट’ विकसित किया, जिसे इंजीनियरिंग के एक क्लासिक कार्य—आधुनिक विमान के पंख के आकार में संशोधन करके ड्रैग कम करने के लिए डिजाइन किया गया था। एआई को ‘देखने’ और ‘तर्क करने’ सिखाया गया था। विज़न-लैंग्वेज मॉडल का उपयोग करते हुए, एआई को पंख के आकार और वायुगतिकी चित्र दिखाए गए, जिनमें इंजीनियरिंग नियम और डिज़ाइन इतिहास भी शामिल था। इसके बाद, पंख को एरोडायनामिक बनाने के लिए सूक्ष्म ज्यामितीय संशोधनों जैसे थोड़ा ‘बम्प’ जोड़ना या थोड़ी वक्रता मिलाना सुझाना था। एआई ने ट्रायल-एंड-एरर प्रक्रिया के ज़रिए सीखा। हर बार सफलतापूर्वक ड्रैग कम करने पर इसे ‘इनाम’ मिलता था।

नेपाल पुलिस ने २०८३–२०८५ के लिए त्रिवर्षीय रणनीतिक योजना जारी की

नेपाल पुलिस ने २०८३–२०८५ तक की त्रिवर्षीय रणनीतिक योजना सार्वजनिक की है। इस योजना का मुख्य फोकस नागरिक केंद्रित पुलिस सेवा और तकनीकी रूपांतरण पर है। पुलिस प्रधान कार्यालय ने बताया है कि २०८०–२०८२ के कार्ययोजना में ९४.७२ प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है।

५ जेठ, काठमाडौं। मंगलवार को पुलिस प्रधान कार्यालय में आयोजित एक समारोह में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) दानबहादुर कार्की ने यह रणनीतिक योजना जारी की। नवप्रवर्तन, ईमानदारी और तत्परता के माध्यम से पुलिस सेवा में परिवर्तन लाने के लक्ष्यों के साथ २०८३–२०८५ की योजना प्रस्तुत की गई है। इसे नए आर्थिक वर्ष अर्थात् १ साउन से लागू किया जाएगा।

आईजीपी कार्की ने बताया कि इस रणनीतिक योजना में नागरिक केंद्रित पुलिस सेवा और तकनीकी रूपांतरण को प्राथमिकता दी गई है। इस योजना का उद्देश्य पुलिस संगठन को सक्षम, उत्तरदायी और विश्वसनीय संस्था के रूप में स्थापित करना है। २०८०–२०८२ की कार्ययोजना में १३ प्रमुख लक्ष्य, ४० कार्यगत उद्देश्य और २०७ क्रियाकलाप शामिल थे, जिनमें से ९४.७२ प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है।

अमेरिका ने भारतीय उद्योगपति गौतम अदानी के खिलाफ धोखाधड़ी मामला खारिज किया

अमेरिकी न्याय विभाग ने भारतीय अरबपति गौतम अदानी एवं उनके शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ चलाए गए आपराधिक धोखाधड़ी मामले को खारिज कर दिया है। अदानी समूह ने अमेरिका में मौजूद तीन कानूनी मामलों का समाधान कर अब अमेरिका यात्रा करने में सक्षम हो गया है। अदानी इंटरप्राइजेज ने इरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में 27 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना देने पर सहमति जताई है।

5 जेठ, काठमांडू। अदानी ने एक अलग दीवानी मुकदमे का समाधान करने की सहमति जताने के कुछ ही दिनों बाद यह बड़ी कानूनी राहत प्राप्त की है। इसके साथ ही अदानी समूह ने अमेरिका में मौजूद अपने तीनों कानूनी मामलों को समाप्त कर दिया है। इसके फलस्वरूप अब अदानी बिना किसी कानूनी जोखिम के अमेरिका यात्रा कर सकेंगे। आपराधिक मामला खारिज होते ही अदानी समूह की प्रमुख कंपनी ‘अदानी इंटरप्राइजेज’ ने इरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में अमेरिकी वित्त मंत्रालय को 27 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना देने पर सहमति दी है।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ‘अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय’ के अनुसार, नवंबर 2023 से जून 2025 तक अदानी इंटरप्राइजेज ने दुबई स्थित व्यापारी के माध्यम से ओमान और इराक से गैस खरीदी थी, जिसे प्रतिबंधित देश इरान से लाया गया था। इस प्रक्रिया में अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के माध्यम से डॉलर में लगभग 19 करोड़ 20 लाख डॉलर के बराबर 32 भुगतान किए गए, जो अमेरिकी कानून का उल्लंघन था।

सन् 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने 63 वर्षीय गौतम अदानी, उनके भतीजे सागर अदानी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भारत में बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं प्राप्त करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने और अमेरिकी निवेशकों को धोखा देने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया था। अदानी समूह ने इन आरोपों को शुरू से ही कड़ाई से नकारा था। न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने इस मामले को पूरी तरह से खारिज करने का आदेश जारी कर दिया है।

मीडिया सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान विदेशी रिश्वत के मामलों में मुकदमा न चलाने की नीति के कारण यह मामला खारिज किया गया है। इस कानूनी सफलता में अदानी द्वारा नियुक्त नई वकील टीम की अहम भूमिका मानी जा रही है। अदानी ने राष्ट्रपति ट्रम्प के व्यक्तिगत कानूनी सलाहकार और विश्व के प्रभावशाली अमेरिकी वकील रॉबर्ट जे. जिउफ्रा जूनियर को अपनी ओर से बहस के लिए नियुक्त किया था।

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अदानी के वकीलों ने मामले के खारिज होने के बाद घोषणा की कि अदानी अमेरिका में 10 अरब डॉलर का निवेश करेंगे और 15,000 नौकरियां सृजित करेंगे, जो प्रतिज्ञा उन्होंने ट्रम्प के 2024 के चुनाव जीतने के बाद की थी। पिछले सप्ताह ही अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने भी गौतम अदानी और सागर अदानी के खिलाफ दीवानी धोखाधड़ी मामला वापस ले लिया था। इसके लिए उन्होंने कुल 1 करोड़ 80 लाख डॉलर का संयुक्त जुर्माना देने पर सहमति व्यक्त की थी।

इस समझौते में आरोपों को स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया गया है, परंतु अदानी को भविष्य में अमेरिकी धोखाधड़ी विरोधी कानून का उल्लंघन न करने का निर्देश दिया गया है। फोर्ब्स के अनुसार, 82 अरब डॉलर की संपत्ति वाले अदानी विश्व के धनी व्यक्तियों की सूची में शामिल हैं। उनका व्यवसाय ऊर्जा, बंदरगाह और हवाईअड्डे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में फैला हुआ है।

पीएमजीओ २०२६ के समूह विभाजन सार्वजनिक, होरा और टीटूके अलग-अलग समूह में

पब्जी मोबाइल ग्लोबल ओपन २०२६ सीजन १ के मुख्य प्रतियोगिता का समूह विभाजन सार्वजनिक कर दिया गया है। यह प्रतियोगिता इंडोनेशिया के जकार्ता में २ जून से ७ जून तक आयोजित होगी और इसमें ५ लाख अमेरिकी डॉलर के पुरस्कार राशि के लिए मुकाबला होगा। नेपाल से होरा ईस्पोर्ट्स समूह ‘ए’ में और ट्रेंड टू किल समूह ‘बी’ में प्रतिस्पर्धा करेगा। ५ जेठ, काठमांडू।

३२ टीमों को दो समूहों में बांटकर आयोजित यह प्रतियोगिता जकार्ता, इंडोनेशिया में २ जून से ७ जून तक चलेगी, जिसमें ५ लाख अमेरिकी डॉलर के पुरस्कार के लिए मुकाबला होगा। नेपाल से होरा ईस्पोर्ट्स और ट्रेंड टू किल (टीटूके) भी इसमें भाग ले रहे हैं। होरा ईस्पोर्ट्स समूह ‘ए’ में और टीटूके समूह ‘बी’ में शामिल हैं।

दक्षिण एशिया से पाकिस्तान की फोर थ्राइव्स टीम भी चुनी गई है। समूह चरण दो दिनों तक चलेगा, जहां प्रत्येक समूह के शीर्ष ६ टीमें सीधे ग्रैंड फाइनल में प्रवेश करेंगी। बाकी २० टीमों में से अंतिम चार टीम प्रतियोगिता से बाहर होंगी जबकि १६ टीमें सर्वाइवल स्टेज में हिस्सा लेंगी। सर्वाइवल स्टेज से चार टीमें फाइनल में पहुंचेंगी। प्रतियोगिता का विजेता स्मैश रूल फॉर्मेट के तहत निर्धारित किया जाएगा।

रास्वपा महाधिवेशन : पदाधिकारीमा कसले देखाउँदैछन् आकांक्षा ?

रास्वपाका महाधिवेशन : पदाधिकारी पदों के लिए कौन-कौन हैं प्रत्याशी?

शासी दल रास्वपाने स्थापना के चार वर्षों बाद अपना प्रथम महाधिवेशन आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। प्रथम महाधिवेशन के निकट आने पर, निर्वाचित पदाधिकारी पदों के लिए विभिन्न उम्मीदवारों में गहरी रुचि देखने को मिल रही है।

प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश वर्षमान पुनका ५ महत्वपूर्ण प्रश्न

समाचार सारांश सम्पादकीय समीक्षा पश्चात तैयार किया गया है। नेकपा सांसद वर्षमान पुन ने प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश डॉ. मनोज शर्मा से संसदीय सुनवाई में सम्बंधित नेपोबेबी और पारिवारिक पक्षपात के बारे में प्रश्न पूछे हैं। पुन ने हरिकृष्ण कार्की की रिपोर्ट का हवाला देते हुए न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और सुधार के उपायों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संक्रमणकालीन न्याय और स्टे ऑर्डर के विकास पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश से पूछा है। ५ जेठ, काठमांडू। नेकपा के सांसद वर्षमान पुन ने प्रस्तावित प्रधानन्यायाधीश डॉ. मनोज शर्मा से कई सवाल पूछे हैं। डॉ. शर्मा की संसदीय सुनवाई कुछ समय से जारी है। इस दौरान सांसदों ने उन्हें विभिन्न विषयों पर सवाल किए हैं। पुन द्वारा उठाए गए मुख्य प्रश्न निम्नलिखित हैं: – नेपोबेबी का आरोप लगा है। पारिवारिक पक्षपात से संबंधित रिपोर्टें भी आई हैं। अदालत में समूहवाद और पक्षपात की चर्चा होती रहती है। इस संदर्भ में आप भविष्य में कैसे कार्य करेंगे? – कार्य प्रदर्शन पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। न्यायिक निर्णय में न्यायिक भावनाओं की कमी को लेकर आलोचना हो रही है। न्यायपालिका, कार्यपालिका और व्यवस्थापिका के प्रति जनता में सवाल क्यों उठ रहे हैं? – हरिकृष्ण कार्की की रिपोर्ट में न्यायालय में भ्रष्टाचार की बात कही गई है। इस विषय में सुधार के क्या उपाय होंगे? – संक्रमणकालीन न्याय के प्रति आपकी धारणा क्या है? – स्टे ऑर्डर के कारण कार्य अवरुद्ध होता है। इससे मुक्त होकर विकासोन्मुख न्यायालय कैसे बनाया जाएगा?

सिंहदरबार में मंत्रिमंडल की बैठक शुरू होने की सूचना

समाचार सारांश ५ जेठ, सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल की बैठक शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिमंडल कार्यालय ने बताया कि बैठक कुछ समय से चल रही है। ५ जेठ, काठमाडौं। सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल की बैठक प्रारंभ हुई है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिमंडल कार्यालय ने जानकारी दी है कि बैठक कुछ देर से जारी है। बैठक सिंहदरबार में ही हो रही है।

मनोजकुमार शर्मा: ‘फास्ट ट्रैक’ पर ख़त्म हुई संसदीय सुनवाई, प्रधान न्यायाधीश पद पर सर्वसम्मत नियुक्ति

मनोजकुमार शर्मा

तस्वीर स्रोत, RSS

फेडरल संसद की संयुक्त समिति के सांसदों के प्रश्नों का उत्तर देने के बाद समिति ने मनोजकुमार शर्मा के नाम को प्रधान न्यायाधीश पद के लिए मंजूरी दे दी है।

संवैधानिक परिषद द्वारा भावी प्रधान न्यायाधीश के रूप में मनोजकुमार शर्मा का नाम प्रस्तावित किए जाने के बाद तेज बहस के केंद्र में आने वाले शर्मा का नाम संघीय संसद द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है।

परिषद ने तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों को छोड़कर चौथे नंबर पर रहने वाले शर्मा का नाम सिफारिश किया था।

संघीय संसद के संयुक्त सदन की सुनवाई समिति के सदस्य आनंदप्रसाद ढुंगानाका अनुसार यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है।

“एमाले और नेकपा के सांसद भी उपस्थित थे, कोई भी मंजूरी देने से मना नहीं किया, इसलिए यह निर्णय सर्वसम्मति से हुआ,” ढुंगाना ने कहा, “अब इसे राष्ट्रपति कार्यालय भेज रहे हैं।” ढुंगाना नेपाली कॉंग्रेस के सांसद हैं।

मध्य प्रदेशका शम्भुलाई जहाजमा लगियो – Online Khabar

पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल से पहली बार भारत की सीधी उड़ान

पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल से पहली बार भारत की ओर सीधी उड़ान भरी गई है, जिसमें एक बीमार भारतीय नागरिक को मेडिकल चार्टर के माध्यम से भारत ले जाया गया है। मध्य प्रदेश के केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मरीज के परिवार के समन्वय में श्री एयरलाइंस के विमान ने भोपाल के लिए उड़ान भरी। यह पहली बार है जब पोखरा विमानस्थल से भारत की ओर उड़ान की अनुमति बीमार मरीज के उद्धार के लिए दी गई है और इससे भविष्य में और उड़ानों के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 5 जेठ, पोखरा।

मुक्तिनाथ दर्शन के दौरान बीमार हुए मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी गोपाल शम्भु दयाल श्रीवास्तव को मेडिकल चार्टर के जरिए भारत ले जाया गया। रविवार को मुक्तिनाथ से लौटते समय उनके हृदय और फेफड़ों में समस्या उत्पन्न होने पर उन्हें पोखरा के चरक मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के प्रबंध निर्देशक कपिल पोखरेल के अनुसार, डॉ. राज बस्नेत और सरोज अर्याल सहित स्वास्थ्यकर्मियों की टीम लेकर श्री एयरलाइंस का विमान दोपहर 3 बजकर 9 मिनट पर भोपाल के लिए उड़ान भर चुका है।

यह विमान भारत के राजा भोज विमानस्थल पर लैंड करेगा। भारत के केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मरीज के परिवार के समन्वय में यह चार्टर उड़ान तय हुई है। श्रीवास्तव मंत्री चौहान के निकट होने के कारण उच्च स्तरीय समन्वय के साथ एयरलाइंस को भारत ले जाने की अनुमति प्राप्त हुई, ऐसा बताया गया है।

चौहान लोकसभा चुनाव 2024 के बाद भारत के संघीय मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री हैं। पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल के प्रमुख जगन्नाथ निरौला के अनुसार, पोखरा से भारत के लिए यह पहली उड़ान है। 17 पुस 2079 को उद्घाटन हुए इस विमानस्थल से पहले चीन और भूटान सहित अन्य देशों के लिए चार्टर उड़ानें हो चुकी हैं। विमानस्थल निर्माण से पहले भी भारत के साथ सीधी उड़ानों हेतु बातचीत हुई थी, लेकिन भारतीय पक्ष ने अनुमति नहीं दी थी।

प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के भारत दौरे के समय भी पोखरा विमानस्थल से उड़ान का विषय प्राथमिकता में रहा, परन्तु भारत सकारात्मक नहीं था। भारतीय नागरिक के बीमार पड़ने पर उद्धार के रूप में यह पहली उड़ान होना विमानस्थल प्रशासन के लिए अर्थपूर्ण है। प्रमुख निरौला ने कहा कि बीमार व्यक्ति के कारण ही सही लेकिन भारत के लिए उड़ान का द्वार खुला है और इससे आगे समन्वय में आसानी होगी इस आशा व्यक्त की।

वर्ष 2072 में पोखरा अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल निर्माण निर्णय और शिलान्यास के समय स्थानीय लोगों में काफी उत्साह था। लेकिन भू-राजनीतिक दबाव और प्रभावी कूटनीतिक प्रयासों के अभाव में नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं हो सकीं। चीन के ऋण निवेश पर आधारित इस विमानस्थल के कारण भारत ने उड़ानों को अनुमति नहीं दी, यह भी विश्लेषण है। 2014 में नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और चाइना CAMC इंजीनियरिंग के बीच विमानस्थल निर्माण का समझौता हुआ था, और 2016 में नेपाल सरकार ने चीन EXIM बैंक से 216 मिलियन अमेरिकी डॉलर ऋण लेकर इस परियोजना के तहत निर्माण किया।

22 अरब रूपये के निवेश से निर्मित इस विमानस्थल को वर्तमान में भ्रष्टाचार के मामलों और अभियोगों के चलते विवादों में घिरा माना जा रहा है। निर्माण में भ्रष्टाचार और भू-राजनीतिक कारणों से अब तक नियमित उड़ानें शुरू नहीं हो सकीं, लेकिन पहली बार एक भारतीय नागरिक की बीमार स्थिति में चार्टर उड़ान संभव हुई है।

उबले हुए चावल को फिर से गर्म करके खाने से हो सकता है स्वास्थ्य पर असर, जानिए ‘फ्राइड राइस सिंड्रोम’ क्या है?

यह समस्या जानलेवा नहीं होती, और अधिकांश लोग बिना चिकित्सा उपचार के भी इससे ठीक हो जाते हैं। फ्राइड राइस सिंड्रोम पकाए हुए चावल में फसने वाले बैक्टीरिया बैसिलस सेरियस से होने वाली खाद्य विषाक्तता है। बी. सेरियस द्वारा उत्पादित विषाक्त पदार्थ खाने को गर्म करने पर भी बीमार कर सकते हैं। नेपाली रसोई में रोजाना पकाए जाने वाले मुख्य भोजन में अंगूठा चावल प्रमुख होता है। कई घरों में दिन में दो बार भोजन में चावल या कम से कम एक बार जरूर पकाया जाता है। इस तरह पकाई गई खाने को स्टोर करने पर कभी-कभी खराब होने की समस्या आ जाती है। कई लोग सुबह और शाम का खाना एक साथ बना लेते हैं। बचा हुआ चावल कुछ घंटों बाद ‘फ्राइड राइस’ बनाकर खाने का चलन बहुतायत में है। आज की व्यस्त जीवनशैली में यह सुविधा प्रदान करता है। लेकिन यह केवल समय की बचत ही नहीं करता, यदि सावधानी नहीं बरती गई तो स्वास्थ्य की समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

बचा हुआ खाना केवल समय की बचत नहीं करता, बल्कि व्यस्त जीवन को भी आसान बनाता है। चाहे कार्यालय का व्यस्त शाम हो या पिछले दिन का स्टॉक किया गया खाना हो, फ्रिज से चावल का कटोरा गरम करना सबसे आसान और सुरक्षित विकल्प प्रतीत होता है। लेकिन जब तक हम इसे केवल सुविधाजनक तरीका समझ रहे हैं, अनजाने में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। खासकर चावल जैसे खाद्य पदार्थ में कुछ सतर्कता आवश्यक होती है। यदि इसे सामान्य कमरे के तापमान पर बहुत देर तक रखा जाए, तो चावल को दोबारा गर्म करने पर भी पेट खराब हो सकता है। ‘फ्राइड राइस सिंड्रोम’ नाम सुनकर मजाक लग सकता है, लेकिन यह वास्तव में पकाए हुए चावल में फसने वाले बैक्टीरिया बैसिलस सेरियस (बी. सेरियस) से होने वाली खाद्य विषाक्तता है। इसका यह अर्थ नहीं कि बचा हुआ चावल फेंक देना चाहिए। सही तरीके से सुरक्षित रखकर इसका उपयोग किया जा सकता है।

फ्राइड राइस सिंड्रोम क्या है? यह नाम बैसिलस सेरियस नामक बैक्टीरिया से होने वाली खाद्य विषाक्तता के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो सामान्यतः मिट्टी में पाया जाता है। यह बैक्टीरिया केवल फ्राइड राइस में ही नहीं बल्कि पकाए हुए चावल, पास्ता, या ग्लूकोज युक्त अन्य खाद्य पदार्थों में भी बढ़ सकता है। इसे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण की आवश्यकता होती है। साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे आम बैक्टीरिया से यह अलग और अधिक खतरनाक प्रभाव डाल सकता है। खाना गर्म करने पर भी इसके द्वारा उत्पन्न विषाक्त पदार्थ बीमार कर सकते हैं। बी. सेरियस स्पोर बनाता है जो उच्च तापमान में भी जीवित रह सकता है। माइक्रोवेव में गर्म करने या उबालने से यह पूरी तरह नष्ट नहीं होता। दोबारा गर्म करने पर बैक्टीरिया मर सकते हैं, लेकिन उनके द्वारा छोड़े गए विषाक्त पदार्थ अभी भी बीमार करने की क्षमता रखते हैं।

दार्चुला में प्रधानाध्यापक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 8 गिरफ्तार

मृत प्रधानाध्यापक बलदेव धामी, ५ वैशाख, धनगढी। दार्चुला में प्रधानाध्यापक को आत्महत्या के लिए उकसाने (आत्महत्या प्रोत्साहन) के आरोप में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। व्यास गाउँपालिका–४ स्थित सम्पाल माध्यमिक विद्यालय सुन्सेरा के प्रधानाध्यापक बलदेवसिंह धामी ने विद्यालय में ही फांसी लगाकर आत्महत्या की, जिसमें आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, यह जानकारी पुलिस ने दी।
गिरफ्तार व्यक्तियों में महाकाली नगरपालिका–१ के ३२ वर्षीय विक्रमसिंह कुँवर, महाकाली नगरपालिका–२ के ५२ वर्षीय दलिदत्त भट्ट, महाकाली नगरपालिका–५ के ४२ वर्षीय खिमानंद भट्ट, व्यास गाउँपालिका–४ के ५७ वर्षीय परमानंद भट्ट, ३९ वर्षीय पदमराज भट्ट, ४३ वर्षीय नरेन्द्रदत्त भट्ट, ५९ वर्षीय हरिदत्त भट्ट तथा बैतडी पाटन नगरपालिका–४ के ४० वर्षीय पुष्करराज भट्ट शामिल हैं। उन्हें आत्महत्या प्रोत्साहन के मामले में जांच के लिए गिरफ्तार किया गया, यह जानकारी सुदूरपश्चिम क्षेत्र के प्रमुख पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) ओमबहादुर रानाले ने दी।
डीआईजी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति उसी विद्यालय के शिक्षक, स्थानीय नेता और निर्माण व्यवसायी भी हैं। प्रधानाध्यापक धामी ने सोमवार को सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से सुसाइड नोट लिखा था और विद्यालय में ही आत्महत्या की थी। धामी ने अपने सुसाइड नोट में उन व्यक्तियों के नाम लिखे थे, जो उन्हें मरने के लिए मजबूर कर रहे थे, और पुलिस ने उन्हीं नामों के लोगों को गिरफ्तार किया है।

इरानी सेना ने दावा किया–हम पहले से कहीं अधिक मजबूत और तैयार हैं

५ जेठ, काठमाडौं। इरान ने अपनी सेना को पहले से अधिक सक्षम और मजबूत बनाने का दावा किया है। इरानी सेना के खातम अल अम्बिया केंद्रीय штаб के प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा है कि इरानी सेना किसी भी दुश्मन के हमले का शक्तिशाली और पूर्ण रूप से मुकाबला करने के लिए तैयार है। “इरान की सेना हमेशा तैयार है और किसी भी दुश्मन के हमले का मजबूती से और व्यापक उत्तर देने में सक्षम है,” उन्होंने कहा, जिसे इरानी सरकारी समाचार एजेंसी ने उद्धृत किया है। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया था कि अमेरिका इरान पर हमला करने की तैयारी में था, लेकिन खाड़ी क्षेत्र के देशों ने इसे रोकने में सफलता हासिल की। ट्रंप ने कहा कि इरान अभी किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है और बड़े हमले की चेतावनी भी दी गई है।