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लेखक: space4knews

२० वर्ष यूएई बसाइपछि भेडापालन, करोडको लगानीमा लोभलाग्दो आम्दानी – Online Khabar

यूएई में 20 साल बिताने के बाद भेड़पालन में लाभकारी व्यवसाय शुरू किए हिमबहादुर छन्त्याल

म्याग्दी के धवलागिरि गाउँपालिका–5 मल्कवाङ के हिमबहादुर छन्त्याल ने 20 साल विदेश में रहने के बाद अपने जन्मस्थान वापसी कर भेड़पालन में हाथ आजमाना शुरू किया है। हिमबहादुर ने लगभग एक करोड़ रुपए का निवेश कर मल्कवाङ भेड़पालन फार्म संचालित कर रहे हैं और तीन लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है। धवलागिरि गाउँपालिक ने भेड़पालन को प्रोत्साहित करते हुए टहरा निर्माण और नि:शुल्क टीकाकरण की व्यवस्था की है, हालांकि चराई क्षेत्र की कमी और जंगली जानवरों के हमलों जैसे चुनौतियों ने भेड़पालन को प्रभावित किया है।

नए अवसर और रोजगार की तलाश में 50 वर्षीय हिमबहादुर छन्त्याल ने 20 साल विदेश बिताने के बाद शहर की सुविधाजनक जीवनशैली छोड़कर अपनी जन्मभूमि लौटकर भेड़पालन शुरू किया है। सुविधाएं, अवसर और रोजगार के लिए गांव से शहर और विदेश तक प्रवास का चलन जारी रहकर भी, मल्कवाङ जैसे दूरदराज और कठिन क्षेत्र में उन्होंने भेड़पालन करके अपने ही क्षेत्र में जंगल की ओर कदम बढ़ाया है। ‘‘यूएई में 20 साल काम करके एकत्रित पूंजी से तो पोखरा में परिवार के साथ आरामदायक जीवन जी सकते थे,’’ उन्होंने कहा, ‘‘पर जन्मभूमि में कुछ करने की सोच लेकर गांव लौटे और व्यावसायिक रूप से भेड़पालन शुरू किया।’’

हिमबहादुर ने विदेश में प्राप्त अनुभव और पूंजी का सदुपयोग करते हुए अपने जन्मस्थान पर ‘मल्कवाङ भेड़पालन फार्म’ चलाया है। उनके परिवार और रिश्तेदार पोखरा में बसते हैं। वे करीब 600 भेड़ों को चराते हैं और सर्दियों में बेसी के मैदानों तथा बारिश के मौसम में हिमालय की घाटियों में घुम्ती गोठ चलाते हैं। ‘‘असोज के महीने में जो भेड़ें बेसी में हैं, वे सर्दियों में मल्कवाङ के खालीखोला के मैदानों में रखी जाती हैं,’’ उन्होंने बताया, ‘‘वैशाख से गोठ को नीचे की ओर ले जाकर साउन-भदौ में धवलागिरि हिमालय के बुकी पाटन तक पहुंचाया जाता है।’’

शहर के कोलाहल, प्रदूषण और तनाव से दूर भेड़पालन करते हुए लेक-बेसी करने का अनुभव हिमबहादुर के अनुसार आनंददायक रहा है। वे सालाना लगभग 300 भेड़-बकरियों की बिक्री करते हैं और स्वरोजगार कायम रखे हुए हैं। गांव के तीन लोगों को रोजगार भी दिया गया है। लगभग एक करोड़ रुपए निवेश कर फार्म चलाकर वार्षिक 30 से 40 लाख रुपए की आय होती है। मांस और पूजा-आज के लिए गोठ से ही भेड़ों के बछड़ों की बिक्री होती है और आवश्यक उत्पादन में बाज़ार में किसी प्रकार की समस्या नहीं होती, उनका कहना है।

धवलागिरि गाउँपालिक ने भेड़पालन को प्रोत्साहित करते हुए टहरा निर्माण का कार्य किया है, इसका विवरण वडाध्यक्ष अमर छन्त्याल ने दिया। पशुभवन अस्पताल और पशु सेवा केंद्र आंतरिक एवं बाहरी परजीवी और महामारी से बचाव के लिए नि:शुल्क टीकाकरण उपलब्ध करा रहे हैं। हिमबहादुर ने घुम्ती गोठ की सुरक्षा के लिए पांच कुत्ते और आहार ढुलाई के लिए दो घोड़े पालकर संरक्षण किया है। चराई के क्षेत्र की कमी, जंगली जानवरों के हमले और जलवायु परिवर्तन ने भेड़पालन के सामने एक नई चुनौतियाँ खड़ी की हैं, उन्होंने बताया।

लागुऔषध सहित देश के विभिन्न स्थानों से 28 लोग गिरफ्तार

समाचार सारांश: पुलिस टीम ने देश के विभिन्न हिस्सों से बुधवार को 28 लोगों को लागुऔषध सहित गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में सुनसरी, झापा, धनुषा, बाँका, कैलाली, काठमाडौं और ललितपुर के निवासी शामिल हैं। कुछ अभियुक्तों से नकद भी बरामद किया गया है। 19 चैत, काठमाडौं। नियमित गश्त के दौरान पुलिस टीम ने देश के विभिन्न स्थानों से 28 व्यक्तियों को लागुऔषध सहित पकड़ लिया। केन्द्रीय पुलिस समाचार कक्ष के अनुसार, सुनसरी के कोशी नगरपालिका–8 भान्टाबारी से एक, झापा के भद्रपुर नगरपालिका–5 नरसिंह बगान से सात, कन्काई नगरपालिका–6 क्याम्पा से एक और धनुषा के मिथिला नगरपालिका–10 रातुपुल से तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह, धनुषाधाम नगरपालिका–9 धारापानी से एक, बाँका के जानकी गाउँपालिका–5 से एक, नेपालगंज उपमहानगरपालिका–16 से तीन, कैलाली के टीकापुर नगरपालिका–9 बालुवाटार से दो और लम्कीचुहा नगरपालिका–1 भरुवा से एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया है। साथ ही, काठमाडौं के विभिन्न स्थानों से चार, बाँका के कोहलपुर नगरपालिका–4 बेलनपुर से दो और ललितपुर के बागमती गाउँपालिका–3 भट्टेडाँडा से दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। कुछ अभियुक्तों से नकद भी जब्त किया गया है। यह सभी गिरफ्तारी बुधवार को हुई है।

नासा और आर्टिमिस २: अंतरिक्ष यात्री शौचालय का उपयोग कैसे करते हैं

अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा शौचालय कैसे उपयोग किया जाता है, इस बारे में अक्सर सवाल उठते हैं। नासा ने चंद्रमा की परिक्रमा करने वाले १०-दिने के मिशन के लिए ‘आर्टिमिस २’ को लॉन्च कर दिया है। इस अभियान के लिए नासा के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष यान में यात्रियों के शौच को सुविधाजनक बनाने हेतु ‘यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ का उपयोग किया है। इस विशेष शौच प्रणाली में महिला और पुरुष दोनों अंतरिक्ष यात्री मल और मूत्र विसर्जित कर सकते हैं।

हालांकि, अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण के दौरान इस प्रणाली में कुछ अनपेक्षित समस्याएं सामने आई थीं, जिसकी सूचना नासा के फ्लाइट कंट्रोलर ने दी थी। बाद में उन्होंने उन समस्याओं को ठीक कर लिया और शौच प्रणाली के सुचारू रूप से काम करने की पुष्टि की। इस प्रणाली के अलावा अंतरिक्ष यान में शौच के अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं।

हर्क साम्पाङ – Online Khabar

हर्क साम्पाङ संसद में बोलने की इच्छा व्यक्त करते हुए


१९ चैत, काठमाडौँ। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पाङ ने संसद में १ घंटा ७ मिनट बोलने की इच्छा व्यक्त की है।

आज से प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होने जा रही है। इस अधिवेशन की पहली बैठक में शीर्ष नेताओं द्वारा सम्बोधन करने का कार्यक्रम निर्धारित है।

शुभकामना मन्तव्य के लिए दलों के सांसदों की संख्या के आधार पर समय दिया गया है। श्रम संस्कृति पार्टी को ७ मिनट बोलने का समय मिला है।

श्रम संस्कृति पार्टी की ओर से अध्यक्ष साम्पाङ ही सम्बोधन करेंगे।

‘७ मिनट ही बोलने को कहा गया है, लेकिन मैं ७ मिनट नहीं, १ घंटा ७ मिनट बोलना चाहता हूँ,’ साम्पाङ ने सामाजिक संजाल पर लिखा, ‘देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता और नेपाली जनता के दर्द, विकास की आकांक्षा के साथ।’

प्रतिनिधि सभा के पहले अधिवेशन में कांग्रेस से आङ्देम्बे करेंगे सम्बोधन


१९ चैत, काठमांडू । नवगठित प्रतिनिधि सभा का पहला अधिवेशन आज (बृहस्पतिवार) से प्रारंभ हो रहा है। सिंहदरबार स्थित निर्माणाधीन संघीय संसद भवन के बहुउद्देश्यीय कक्ष में दोपहर २ बजे बैठक बुलायी गई है।

बैठक में अधिवेशन के प्रारंभ के अवसर पर पार्टीगत आधार पर सदस्यों द्वारा अपने-अपने विचार प्रस्तुत करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। प्रतिनिधि सभा में दूसरे सबसे बड़े दल के रूप में स्थित नेपाली कांग्रेस से सांसद भीषणराज आङ्देम्बे संबोधन करेंगे।

कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने पार्टी की ओर से समानुपातिक सांसद आङ्देम्बे के संबोधन की जानकारी दी है। इससे पहले संसद सचिवालय ने कांग्रेस की ओर से संबोधन करने वाले नेता के नाम तय न होने की बात कही थी।

संघीय संसद सचिवालय के महासचिव पद्मप्रसाद पाण्डेय के अनुसार, बृहस्पतिवार की बैठक में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) की ओर से सांसद एवं सभापति रवि लामिछाने संबोधन करेंगे।

इसी प्रकार तीसरे दल नेकपा एमाले की ओर से संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा ‘बादल’, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से संसदीय दल के नेता पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ संबोधन करेंगे।

इसके अतिरिक्त २१ फागुन को सम्पन्न चुनाव के बाद गठित नए दल श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद हर्क साम्पाङ तथा राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) की ओर से संसदीय दल के नेता ज्ञानबहादुर शाही भी संबोधन करेंगे, महासचिव पाण्डेय ने जानकारी दी है।

होर्मुज स्ट्रेटको भविष्य केवल इरान र ओमानको हातमा : इरानी विदेशमन्त्री

इरान और ओमान के हाथ में होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य: इरानी विदेश मंत्री

१९ चैत्र, काठमांडू। इरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के निर्णय इरान और ओमान के हाथ में होने की बात कही है। उन्होंने बुधवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी भविष्य की सभी निर्णय केवल इरान और ओमान को लेने चाहिए। अरागची की इस अभिव्यक्ति को इरान के विभिन्न देशों में स्थित दूतावासों ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर साझा किया है। भारत में स्थित…

सर्लाही में बहनें एक ही स्थान पर झूलती मिलीं मृत

१९ चैत, सर्लाही। सर्लाही के गोडैता नगरपालिका–५, रामवन स्थित आँप के पेड़ पर दो किशोरियां झुंड चुकी मिलीं। जिला पुलिस कार्यालय सर्लाही के अनुसार मृतक में रामनगर–६, सिसौत की विनोद दास की लगभग १५ वर्षीय बेटी संगिता कुमारी तथा उनके दाजू इंद्रजीत दास की लगभग १७ वर्षीय बेटी नगिना कुमारी दास शामिल हैं।
पुलिस प्रवक्ता और डीएसपी सरोज राई के अनुसार दोनों किशोरियां आँप के पेड़ पर झूलती मिलीं। स्थानीय लोगों ने यह देखकर पुलिस को सूचना दी थी। शवों का पोस्टमार्टम के लिए प्रादेशिक अस्पताल मलंगवा भेजा गया है। घटना के संबंध में पुलिस ने कहा है कि आगे जांच जारी है।

इंडोनेशिया में 7.4 की तीव्रता वाला भूकंप, सुनामी का खतरा बढ़ा

इंडोनेशिया के मोलुका द्वीप के निकट आज सुबह 6:48 बजे 7.4 मापांक का भूकंप आया है, जिससे सुनामी की आशंका बढ़ गई है। इस भूकंप के कारण इमारतों के मलबे में दबने से उत्तर सुलावेसी की 70 वर्षीय एक महिला की मौत हुई है जबकि और भी तेज झटकों के आने की संभावना जताई जा रही है। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने समुद्री सतह में मामूली बदलाव की चेतावनी देते हुए अलर्ट जारी किया है, हालांकि उन्होंने बड़े सुनामी की आशंका कम बताई है।

स्थानीय समयानुसार सुबह 6:48 बजे आए इस भूकंप ने न केवल इंडोनेशिया बल्कि पड़ोसी देशों में भी सुनामी का खतरा बढ़ा दिया है। अमेरिका के भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र टर्नेट शहर से लगभग 120 किलोमीटर दूर मोलुका सागर में था। प्रारंभिक रूप में भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 7.4 कर दिया गया। भूकंप के तुरंत बाद अधिकारियों ने सुनामी के उच्च जोखिम की सूचना दी।

हवाई स्थित सुनामी चेतावनी केंद्र ने जानकारी दी है कि भूकंप के केंद्र से 1000 किलोमीटर की दूरी में आने वाले इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटीय क्षेत्रों में समुद्री लहरें आ सकती हैं। स्थानीय खोज व राहत दल के अनुसार, भूकंप के कारण भवनों के मलबे में दबने से उत्तर सुलावेसी के मिनाहासा इलाके की 70 वर्षीय महिला की मौत हुई है।

राहतकर्मियों ने सुलावेसी द्वीप के उत्तरी किनारे पर स्थित मनाडो शहर में एक गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त भवन का वीडियो जारी किया है। राष्ट्रीय खेल समिति द्वारा प्रबंधित इस इमारत के मलबे में लोग इकट्ठे हुए दिखाई दे रहे हैं। भवन के अंदर के फर्नीचर बाहर निकाले गए हैं और कुछ धातु की संरचनाएं भी टूटी हैं। मुख्य भूकंप के बाद 5.5 और 5.2 मापांक के दो बड़े झटके भी महसूस किए गए हैं और राष्ट्रीय भूगर्भ एजेंसी ने और पराकम्पों की आशंका जताई है। एजेंसी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा, “अब तक इमारतों को नुकसान और लोगों के घायल होने की रिपोर्टें प्राप्त हुई हैं।”

इंडोनेशिया “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में आता है, जो भूकंप और ज्वालामुखी के लिए अत्यंत संवेदनशील है। एजेंसी ने आम जनता को तटीय इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और सुरक्षित निकास के मार्गों का पालन करने की सलाह दी है। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने समुद्र की सतह में मामूली बदलाव के कारण शिजुओका, ओकिनावा, होक्काइडो जैसे इलाकों में अलर्ट जारी किया है, लेकिन सुनामी से बड़े नुकसान की संभावना कम है।

भूकंप का केंद्र सबसे निकट मनाडो और टर्नेट शहर थे। यह भूकंप मोलुका सागर में, टर्नेट से लगभग 120 किलोमीटर पश्चिम और मनाडो से 160 किलोमीटर पूर्व के बीच आया। मनाडो सुलावेसी द्वीप पर स्थित है जबकि टर्नेट मालुकु द्वीप समूह का एक छोटा द्वीप है। मोलुका एक छोटा लेकिन घनी आबादी वाला द्वीप है जहां लगभग 2 लाख 50 हजार से अधिक लोग रहते हैं। यह द्वीप अपनी प्राचीन किलों, ज्वालामुखी दृश्यों और विस्तृत समुद्री तटों के लिए प्रसिद्ध है।

इंडोनेशिया “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में होने के कारण बार-बार यहां बड़े प्राकृतिक प्रकोप होते हैं। वर्ष 2022 में जावा द्वीप के सियानजुर शहर में 5.6 मापांक के भूकंप में कम से कम 602 लोग मारे गए थे। इसी तरह, 2018 के सुलावेसी भूकंप और सुनामी में 4300 से अधिक लोग जीवन खो चुके थे। वर्ष 2004 में भी एक अत्यंत शक्तिशाली हिंद महासागरीय भूकंप से इंडोनेशिया के आचे प्रांत में भारी मानव क्षति हुई थी।

आर्टिमिस २: नासा का मानवयुक्त अंतरिक्षयान चन्द्रमा और पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है

नाराको आर्टमिस २

तस्बिर स्रोत, Reuters

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अमेरिकी अंतरिक्ष संस्था नासा ने पचास साल से अधिक समय बाद मानवयुक्त अंतरिक्षयान ‘आर्टिमिस २’ को प्रक्षेपित कर इसे चन्द्रमा की परिक्रमा के लिए भेजा है।

यह अंतरिक्षयान अमेरिका के केप कनावेरल स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपित हुआ और वर्तमान में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि सभी जांचों के पूरा होने तक यह पहले २४ घंटे तक पृथ्वी की परिक्रमा करता रहेगा। आवश्यक कार्यवाई पूरी होने के बाद इसे चन्द्रमा की ओर भेजा जाएगा।

इस अंतरिक्ष मिशन में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमन, क्रिस्टिना कोच, विक्टर ग्लोवर और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैंसन शामिल हैं।

अंतरिक्षयात्री

तस्बिर स्रोत, NASA/PA WIRE

नासा के अधिकारियों ने कहा है कि चालक दल सुरक्षित, निश्चिंत और उच्च आत्मविश्वास के साथ मिशन पर है।

सरकारी कार्यालयबाट बिचौलिया खाली गराउने अभियानमा प्रहरी

सरकारी कार्यालयों से दलाल हटाने की अभियान तेज कर रही पुलिस

यातायात कार्यालय से दलालों सहित बरामद लाइसेंस और नगद सामग्री। भक्तपुर के मध्यपुर थिमी यातायात कार्यालय से दो दलाल अनावश्यक परेशानी देने के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं। काठमांडू के चार यातायात कार्यालयों से दो दिनों में 32 दलाल पकड़े गए हैं और जांच जारी है। पकड़े गए लोगों से 53 बिलबुक और 1 लाख 22 हजार रुपये बरामद किए गए हैं, यह जानकारी जिला पुलिस परिसर काठमांडू ने दी है। 19 चैत्र, काठमांडू। भक्तपुर के मध्यपुर थिमी नगरपालिका-5 राधेराधे स्थित यातायात व्यवस्था कार्यालय से मंगलवार को दो दलाल गिरफ्तार किए गए हैं। सिन्धुपाल्चोक के जुगल ग्रामीणपालिका-3 की 29 वर्षीय यमकुमारी श्रेष्ठ और चितवन के कालिका नगरपालिका-6 के 30 वर्षीय सुनिल थापा को पुलिस वृत थिमी की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्हें सेवाग्राहियों को अनावश्यक परेशानी देने और सार्वजनिक सेवा में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

यातायात कार्यालय से प्रदान की जाने वाली लाइसेंस वितरण, नवीनीकरण, ब्लू बुक नवीनीकरण, वाहन पंजीकरण जैसी सेवाओं में अत्यधिक परेशानी देने तथा फास्ट ट्रैक के बहाने राशि वसूलने वाले दलालों पर लंबे समय से आरोप लग रहे हैं। सेवाग्राहियों की शिकायत के बाद काठमांडू उपत्यका पुलिस कार्यालय, रानीपोखरी के प्रमुख तथा एआईजी ईश्वर कार्की ने बताया कि अनावश्यक परेशानी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “कानून के विरुद्ध काम करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। काम में बाधा डालने और परेशानी पैदा करने वालों को पुलिस कानूनी दायरे में लाएगी।” भक्तपुर में दो गिरफ्तारियों के दिन काठमांडू में भी 15 दलाल पकड़े गए। पुलिस वृत स्वयंभू ने केवल मंगलवार को 7 दलालों को गिरफ्तार किया है। ये सातों काठमांडू महानगरपालिका-15, सानो भर्याङ स्थित यातायात कार्यालय से पकड़े गए हैं।

पकड़े गए में रौतहट के 36 वर्षीय बलबहादुर सुनार, रामेछाप के उमाकुण्ड ग्रामीणपालिका-4 के 39 वर्षीय विज्ञान राई, काठमांडू तारकेश्वर के 31 वर्षीय संजय राजवाहक, काठमांडू रानीवन के 36 वर्षीय विमल तामांग, रामेछाप के खांडादेवी ग्रामीणपालिका-7 के 35 वर्षीय रमेश कार्की, धादिङ के निलकण्ठ नगरपालिका-5 की 36 वर्षीय कल्पना लम्साल और नुवाकोट के बेलकोटगढ़ी नगरपालिका-12 के 39 वर्षीय उद्धव खनाल शामिल हैं। जिला पुलिस परिसर काठमांडू के एसएसपी रमेश थापा के अनुसार, उनसे 53 बिलबुक और 1 लाख 22 हजार रुपये बरामद हुए हैं। उन पर सेवाग्राहियों को परेशानी देने, बिलबुक नवीनीकरण का बहाना कर सार्वजनिक सेवा में बाधा डालने के आरोप हैं। काठमांडू परिसर एवं इसके अधीन कार्यालयों में दलाल नियंत्रण अभियान चल रहा है। ठीक स्वयंभू विभाग की तरह, मंगलवार को पुलिस वृत थानकोट ने भी 8 दलालों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दलालों में काठमांडू कुलेश्वर के 25 वर्षीय पासांग तामांग, काभ्रे तेमाल ग्रामीणपालिका-8 के 30 वर्षीय सुनिल लामा, काठमांडू चंद्रागिरी नगरपालिका-6 के 23 वर्षीय सुदीप मगर, धादिङ थाक्रे ग्रामीणपालिका-4 के 20 वर्षीय बुद्ध तामांग शामिल हैं। इस कार्यवाही में मकवानपुर थाहा नगरपालिका-9 के 26 वर्षीय सुमेश नेपाली, थाक्रे ग्रामीणपालिका-4 के 24 वर्षीय अमन तामांग, बझाङ तेलकोट ग्रामीणपालिका-4 के 18 वर्षीय उज्जवल सिंह और मोरङ केरबारी ग्रामीणपालिका-5 के 26 वर्षीय दिलिप राई भी गिरफ्तार हुए हैं। इससे पहले जिला पुलिस परिसर ललितपुर और पुलिस वृत सातदोबाटो से निकली टीम ने एकांतकुनास्थित यातायात प्रबंधन कार्यालय से भी 15 दलालों को पकड़ा था। गिरफ्तार किए गए उनमें से चार पुनः गिरफ्तार हुए व्यक्ति हैं, यह जानकारी ललितपुर परिसर के एसपी गौतम मिश्र ने दी है। इस प्रकार दो दिनों में उपत्यका के चार यातायात कार्यालयों से कुल 32 दलाल पकड़ में आ चुके हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर जांच कर रही है। यातायात कार्यालयों के समानांतर, विदेश रोजगार विभाग, पासपोर्ट विभाग और अन्य सरकारी कार्यालयों में भी दलाल सक्रिय होने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे पहले काठमांडू उपत्यका अपराध जांच कार्यालय टेकुले ने पासपोर्ट विभाग से अक्सर दलालों को गिरफ्तार किया है। अभी हाल ही में सेवाग्राहियों को परेशान करने की शिकायतों के बीच पुलिस सरकारी वकील कार्यालय से भी दलालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

जगदुल्ला जलविद्युत योजना की ‘ए’ प्रसारण लाइन में कनेक्शन पर हुई सहमति

१९ चैत, जाजरकोट। जगदुल्ला ‘ए’ जलविद्युत् आयोजनाबाट उत्पादित १२४.३५ मेगावाट विद्युत् ४०० केभी प्रसारण लाइन में जोड़ने पर सहमति बनी है। जगदुल्ला हाइड्रोपावर कम्पनी लिमिटेड और राष्ट्रीय प्रसारण ग्रिड कम्पनी लिमिटेड के बीच जगदुल्ला–ए आयोजनाबाट उत्पादित १२४.३५ मेगावाट विद्युत् निकासी के लिए सहमति हुई है, जिसकी जानकारी आयोजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय सापकोटाले ने दी। यह आयोजन डोल्पा और जाजरकोट के सीमावर्ती क्षेत्र, मुड्केचुला गाउँपालिका–४ डोल्पा और नलगाड नगरपालिका–१३ में निर्मित किया जाएगा। प्रारंभ में ८२.३ मेगावाट क्षमता से निर्माण करने का प्रस्ताव था, पर योजना क्षमता बढ़ाकर १२४.३५ मेगावाट पर निर्माण का कार्याधीन है, उन्होंने बताया।

कंपनी इसे पिकिङ रन अफ द रिभर प्रकृति की परियोजना के रूप में विकसित कर रही है। कंपनी के अनुसार, अब तक परियोजना के पूर्वनिर्माण के लिए संभावना अध्ययन, विस्तृत इंजीनियरिंग अध्ययन सहित अन्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पर्यावरणीय अध्ययन रिपोर्ट अनुमोदन प्रक्रिया में है। २५ अरब रुपये की ऋण व्यवस्था की प्रक्रिया चालू है। एनईए इंजीनियरिंग कंपनी ने विस्तृत अध्ययन के लिए २०२० दिसंबर में समझौता किया था। विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट (डीपीआर) समेत अन्य कार्य पूरा कर आगामी वित्तीय वर्ष २०८३/०८४ से आयोजन का निर्माण चरण शुरू करने की तैयारी है, कंपनी ने बताया।

कुल ७ किलोमीटर सुरंग मार्ग से जगदुल्ला जलविद्युत उत्पादन के पानी को सीधे डायवर्सन कर नलगाड नगरपालिका–१३ के दामाचौर तक पहुँचाकर विद्युत उत्पादन किया जाएगा। उत्पादित बिजली १३२ केभी क्षमता की प्रसारण लाइन द्वारा नलगाड के दानीपिपल स्थित ४०० केभी प्रसारण लाइन के सबस्टेशन से जोड़ी जाएगी। कुल ४ वर्षों के भीतर निर्माण पूरा कर व्यावसायिक विद्युत उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

४०० केभी प्रसारण लाइन का निर्माण भेरी कॉरिडोर पर स्थित विद्युत केंद्रीय प्रसारण लाइन से जुड़ने के लिए ४०० केभी क्षमता की प्रसारण लाइन बनेगी। यह प्रसारण लाइन सुर्खेत के भेरीगंगा नगरपालिका–८ मैनतडा और जाजरकोट के नलगाड नगरपालिका–७ दानीपिपल क्षेत्रों में स्थापित होगी। लगभग ७५ किलोमीटर लंबी इस प्रसारण लाइन के निर्माण के लिए अर्थ मंत्रालय के साथ वार्ता चल रही है, राष्ट्रीय प्रसारण ग्रिड कम्पनी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सागर श्रेष्ठ ने बताया। मैनतडा और दानीपिपल में भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस प्रसारण लाइन के निर्माण का अनुमानित खर्च ८ अरब रुपये है। इसके अतिरिक्त, दानीपिपल और मैनतडा में सबस्टेशन निर्माण के लिए ६ अरब रुपये की लागत का प्रावधान है, उन्होंने जानकारी दी। दानीपिपल समेत सबस्टेशन निर्माण का कार्य शुरू करके ४ वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रारंभिक नलगाड सबस्टेशन दानीपिपल में होगा जबकि अंतिम बिंदु सुर्खेत के मैनतडा सबस्टेशन में होगा। दिसंबर २०२३ में निर्माण शुरू कर नोव्हेम्बर २०२७ तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन वित्तीय प्रबंध में विलंब के कारण परियोजना निर्माण में कुछ देरी हुई है।

आज के तरकारी और फलफूल के थोक मूल्य

१९ चैत्र, काठमाडौं। कालीमाटी फलफूल एवं तरकारी बजार विकास समिति ने आज के लिए कृषिउपज के थोक मूल्य निर्धारित किए हैं। समिति के अनुसार, गोलभेँडा बड़ा (भारतीय) प्रति किलो ७०, गोलभेँडा छोटा (लोकल) प्रति किलो ३२, गोलभेँडा छोटा (भारतीय) प्रति किलो ३५, गोलभेँडा छोटा (तराई) प्रति किलो ४०, आलू लाल प्रति किलो २०, आलू लाल (भारतीय) प्रति किलो २३ एवं प्याज सूखा (भारतीय) प्रति किलो ३६ है। इसी प्रकार, गाजर (लोकल) प्रति किलो ३०, गाजर (तराई) प्रति किलो २५, बन्दा (लोकल) प्रति किलो ३०, बन्दा (नरिपल) प्रति किलो २०, फूलगोभी स्थानीय प्रति किलो ६०, फूलगोभी स्थानीय (ज्यापु) प्रति किलो ८०, फूलगोभी तराई प्रति किलो ५०, सफेद मूली (लोकल) प्रति किलो २०, सफेद मूली (हाइब्रिड) प्रति किलो ३०, भन्टा लाम्चो प्रति किलो ६० और भन्टा डल्लो प्रति किलो ८० निर्धारित किया गया है।

इसी तरह, बोडी (तना) प्रति किलो १३०, मटरकोसा प्रति किलो ७०, घिउ सिमी (लोकल) प्रति किलो ८०, घिउ सिमी (हाइब्रिड) प्रति किलो ६०, घिउ सिमी (राजमा) प्रति किलो १२०, टाटे सिमी प्रति किलो ९०, तीते करेला प्रति किलो १५०, लौका प्रति किलो ८०, परवर (तराई) प्रति किलो १०० रुपये है। घिरौंला प्रति किलो १००, फर्सी पाकी हुई प्रति किलो ६०, हरी फर्सी (लाम्चो) प्रति किलो ४०, हरी फर्सी (डल्लो) प्रति किलो ४०, भिंडी प्रति किलो १२०, सखरखंड प्रति किलो ७०, बरेला प्रति किलो ६०, पिंडालु प्रति किलो ६० एवं स्कुस प्रति किलो ४५ निर्धारित किए गए हैं। रायोसाग प्रति किलो ५०, पालुङ्गो प्रति किलो ७०, चमसुर प्रति किलो ९०, तोरीसाग प्रति किलो ५०, मेथी प्रति किलो ९०, हरा प्याज प्रति किलो ८०, बकुला प्रति किलो ६०, तरुल प्रति किलो ८०, च्याउ (कन्य) प्रति किलो १४०, च्याउ (डल्ले) प्रति किलो ३८०, राजा च्याउ प्रति किलो ३०० और सिताके च्याउ प्रति किलो १,००० निर्धारण किए गए हैं।

ट्रम्प की चेतावनी – इरान को ‘पत्थर युग’ में लौटाने की योजना

१९ चैत, काठमाडौं । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए व्हाइट हाउस से सम्बोधन किया, जिससे वैश्विक तेल के दाम बढ़ गए हैं। यह सम्बोधन इरान में जारी तनातनी से जुड़ा हुआ है। ट्रम्प ने आने वाले दो से तीन सप्ताह के भीतर इरान में सख्त सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा, ‘हम उन्हें बेहद कड़ा प्रहार करेंगे,’ साथ ही इरान को ‘पत्थर युग’ में वापस ले जाने की धमकी भी दी। बीबीसी के अनुसार, ट्रम्प के सम्बोधन के शुरू होने से पहले बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग १०० डॉलर प्रति बैरल के करीब थी। सम्बोधन के बाद तेल के दाम लगभग ४ प्रतिशत बढ़कर प्रति बैरल १०५.३८ डॉलर तक पहुंच गए हैं।

ट्रम्प के हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) के संदर्भ में कोई नई घोषणा करने की उम्मीद थी, लेकिन नई जानकारियों के अभाव में तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जैसा कि बीबीसी ने उल्लेख किया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि विश्व की लगभग २० प्रतिशत ऊर्जा व्यापार इसी संकरे समुद्री मार्ग से गुजरता है। २८ फरवरी को संयुक्त अमेरिकी और इजराइली हमले के बाद यह मार्ग लगभग बंद रहा है, क्योंकि इरान ने अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों के जवाब में इस जलमार्ग का उपयोग करने वाली नौकाओं को निशाना बनाने की चेतावनी जारी की है।

समझौता विफल होने पर ऊर्जा संरचना पर हमले की धमकी ट्रम्प ने कहा कि वार्ता असफल होने पर वे इरान के प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाकर सख्त हमला करेंगे। ‘अगर समझौता नहीं हुआ, तो हम सभी मुख्य विद्युत संयंत्रों पर एक साथ कड़ा प्रहार करेंगे,’ उन्होंने कहा। ट्रम्प ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अब तक इरान के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं किया है। ‘हमने तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं किया क्योंकि इससे उनके पुनर्निर्माण की क्षमता नष्ट हो जाती,’ उन्होंने बताया।

इरान की सैन्य क्षमता में गंभीर क्षति का दावा ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ने इरान की नौसेना, वायुसेना और मिसाइल कार्यक्रम को लगभग नष्ट कर दिया है। ‘इरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, वायुसेना निष्क्रिय स्थिति में है और मिसाइल क्षमता लगभग समाप्त हो गई है,’ उन्होंने कहा। उनके अनुसार, इन हमलों ने इरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। खाड़ी सहयोगी राष्ट्रों की प्रशंसा ट्रम्प ने शुरू में कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही और आरोप लगाया कि इरान परमाणु हथियार विकसित करने के प्रयास जारी रखता रहा। उन्होंने कहा कि इरान ने समझौतों के सभी प्रयासों को नकार दिया है। इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरैन जैसे सहयोगी देशों के समर्थन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें किसी भी हालत में विफल नहीं होने देंगे।’ ट्रम्प के बयान से यह संकेत मिलता है कि युद्ध जल्द निर्णायक चरण में पहुंच सकता है। एक तरफ कूटनीतिक वार्ता जारी है जबकि दूसरी ओर कड़े सैन्य विकल्प भी मौजूद हैं। इसका होर्मुज जलडमरूमध्य, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों पर सीधे प्रभाव पड़ने की संभावना है।

सिन्धु घाटी: एक उन्नत प्राचीन सभ्यता जिसके बारे में जानकारी सीमित है

अधिकतर ईंट के घर, समान प्रकार की सड़कें और फ्लश टॉयलेट्स सहित उन्नत सीवर प्रणाली। यह सुनने में आधुनिक शहर जैसा लगता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह चित्रण हजारों वर्ष पूर्व की प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता के शहरी केन्द्रों का है। यह सभ्यता अत्यंत उन्नत थी और प्राचीन मिस्र तथा मेसोपोटामिया के साथ अस्तित्व में होने का विश्वास किया जाता है – फिर भी इस सभ्यता के बारे में हमारी जानकारी अपेक्षाकृत कम है। इसका एक रहस्य आज भी जस का तस है, जिसका प्रमुख कारण वह काल की अभी पूरी तरह से न समझी गई लिपि है, जिसने इतिहास को उलझा रखा है।

सिन्धु घाटी सभ्यता का सबसे विकसित चरण ईसा पूर्व २६०० से १९०० तक माना जाता है। हालांकि इसका विकास इससे भी पहले, लगभग ईसा पूर्व ४००० के आस-पास शुरू हुआ था, ऐसा डॉ. संगरलिंगम रमेश बताते हैं। वे लंदन विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के व्याख्याता हैं। यह सभ्यता वर्तमान पाकिस्तान और भारत के सिन्धु नदी के आसपास केंद्रित थी। इस सभ्यता में केवल कृषक गांव ही नहीं बल्कि १४०० से अधिक नगर और शहर थे, जिनमें सबसे बड़े शहर हरप्पा और मोहेन्जो-दड़ो शामिल हैं। डॉ. रमेश के अनुसार, यह प्राचीन मिस्र और मेसोपोटामिया से भी बड़ा था, जिसमें लगभग १० लाख लोग ८० हजार बस्तियों में रहते थे।

  1. उन्नत शहरी योजना
    रमेश के अनुसार, सिन्धु घाटी सभ्यता ईंट से घर बनाने वाली पहली सभ्यताओं में से एक थी। “शहरों को समकोण पर सटीक योजना के अनुसार और सीधी सड़कों के साथ बनाया गया था,” उन्होंने बताया। “वहाँ कुएं थे, घरों में शौचालय थे… रोम सभ्यता से २००० साल पहले ही उनकी उत्कृष्ट सीवर प्रणाली थी।” इस सीवर प्रणाली और स्नान घरों के उत्खनन से यह पता चलता है कि इस सभ्यता में रोग से जागरूकता और स्वच्छता को महत्व दिया गया था। शहरी क्षेत्रों के घनत्व ने आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को संभव बनाया, जिससे व्यापार अधिक सुगम हुआ। “वे प्राचीन मेसोपोटामिया के साथ लकड़ी, बालू, ताम्र, सोना और सूती कपड़ों जैसी वस्तुओं का व्यापार करते थे,” रमेश ने उल्लेख किया।
  2. संयुक्त शासन व्यवस्था
    रमेश ने बताया कि शहरी क्षेत्र का संगठन अन्य पहलुओं को भी दर्शाता है। “यह सहज और प्रभावी नागरिक प्रशासन का संकेत देता है, जो शहर और बस्तियों के ढांचे को व्यवस्थित करता था,” उन्होंने कहा। “उनका शासन प्रणाली न परिष्कृत थी और न ही केंद्रीकृत, बल्कि संयुक्त थी और कोई दरबार या कुलीन वर्ग के नेतृत्व का सबूत नहीं है।” ये तत्व सिन्धु घाटी को अन्य समाजों से अलग बनाते हैं।
  3. सामाजिक समानता और शांतिपूर्ण जीवन
    सिन्धु घाटी में कुछ सामाजिक वर्ग होने के प्रमाण हैं, परन्तु वे अन्य समाजों की तुलना में स्पष्ट नहीं हैं। “मिस्र और मेसोपोटामिया में सामाजिक स्तर आसानी से समझ में आते हैं… लेकिन सिन्धु सभ्यता में घरों के आकार में कुछ भिन्नता है, परन्तु बहुत कम,” रमेश ने समझाया। पुरातत्वविदों ने कुछ कंकालों पर चोट के निशान पाए हैं, पर वे यह भी मानते हैं कि यह समाज अन्य की तुलना में अधिक शांतिपूर्ण था। “यहाँ युद्ध के स्पष्ट संकेत कम मिलते हैं, हथियारों से लैस कुलीन वर्ग के प्रमाण तुलनात्मक रूप से कम हैं, और प्राप्त कंकालों में चोट के निशान प्राचीन नियर ईस्ट के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा कम पाए गए हैं,” रमेश ने बताया। फिर भी इसका अर्थ यह नहीं कि वे पूरी तरह हिंसारहित थे। प्रमाणों की कमी ने यह धारणा बनाई हो सकती है। “यदि स्मारक या लिपि में युद्ध का उल्लेख न हो, तो बाद के शोधकर्ता हिंसात्मक संघर्ष के संकेत कम देख पाएंगे,” उन्होंने जोड़ा।

और भी कई रहस्य
सिन्धु घाटी सभ्यता के बारे में कई चीजें अभी अज्ञात हैं। एक प्रमुख कारण है सीमित पुरातात्विक उत्खनन, डॉ. रमेश ने विश्लेषण किया। “यह सभ्यता अफगानिस्तान तक फैली हुई थी, जहां वर्तमान की स्थिति उत्खनन के लिए अनुकूल नहीं है,” उन्होंने बताया। एक और कारण हो सकता है वे निर्माण सामग्री और तरीकों का उपयोग करते थे। “मिस्र और मेसोपोटामिया पत्थर का उपयोग करते थे, लेकिन सिन्धु घाटी में अधिकतर मिटटी की ईंट और छोटे लाल ईंटों का प्रयोग होता था,” उन्होंने बताया। “बड़े पत्थर के मंदिर, दरबार या शाही समाधि न होने के कारण सिन्धु राज्य का पुनर्निर्माण कठिन होता है।” लेकिन सबसे बड़ी चुनौती प्राचीन सिन्धु लिपि को समझ पाना है।

सिन्धु घाटी क्षेत्र के पत्थरों पर उकेरे गए अक्षर मिले हैं और यह लिपि “सबसे अधिक प्रयास के बाद भी अभी तक न समझी गई लिपि” है, मुंबई के टाटा संस्थान ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की डॉ. निशा यादव ने कहा। “हर दस दिन में मुझे ऐसा ईमेल मिलता है जिसमें लिखा होता है: ‘मैंने सिन्धु लिपि पढ़ ली,’” उन्होंने बताया। पर कोई भी व्याख्या वैज्ञानिक सहमति प्राप्त नहीं कर पाई है। यादव के अनुसार, यह लिपि समझने में कठिन इसलिए है क्योंकि यह छोटी है और केवल पांच से चौदह चिन्हों का उपयोग हुआ है। अब तक कोई विस्तृत ‘रोजेटा स्टोन’ जैसी सामग्री नहीं मिली है।

रोजेटा स्टोन विश्वप्रसिद्ध प्राचीन शिलालेख है, जिसमें मिस्र की हाइरोग्लिफिक, डेमोटिक और क्लासिकल ग्रीक तीनों लिपियों में संदेश लिखा था, जिसने हाइरोग्लिफ को समझने में मदद की। हालांकि उनकी रिसर्च में कम्प्यूटर मॉडलिंग द्वारा चिन्हों के पैटर्न पाए गए हैं। वहाँ वाक्य संरचना के नियम और लिपि में “अंतर्निहित तर्क” के प्रमाण मिलते हैं। “यदि हम इसे पढ़ पाएं, तो यह ज्ञान का एक स्रोत खुलने जैसा होगा,” उन्होंने कहा। यह सभ्यता के संबंध में विश्वास और विश्व दृष्टिकोण के संकेत दे सकता है तथा व्यापार और पत्थरों पर उकेरे अक्षरों की भूमिका को स्पष्ट कर सकता है।

इस सभ्यता का क्या हुआ?
सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन का मुख्य तर्क पर्यावरणीय परिवर्तन है। “ईसा पूर्व १९०० के आसपास वे इन स्थानों को छोड़कर अन्यत्र चले गए, और पुरातत्त्वविद और जलवायु विशेषज्ञ इसे वर्षा और जलवायु परिवर्तन से जोड़ते हैं,” रमेश ने बताया। मोहेन्जो-दड़ो के उत्खनन ने भी बाढ़ के प्रभाव से बचने के लिए किए गए प्रयासों को प्रमाणित किया है। रमेश ने जोर दिया कि आधुनिक समाज को इसे समझना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यदि आज के हिमनद तेजी से पिघल रहे हैं, तो इतिहास अपने आप पुनः दोहरा सकता है। “उनके पास प्रकृति में हो रहे परिवर्तनों को समझने की तकनीक नहीं थी, लेकिन हमारे पास है, और हमें इसे विवेक से उपयोग कर अपनी सभ्यता को टिकाऊ बनाना सुनिश्चित करना चाहिए।”

संसद अधिवेशन: प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक और बालेन के संभावित संबोधन

नई निर्वाचन के बाद गुरुवार दोपहर आयोजित होने वाली प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक के दृश्य संख्या और चेहरे के हिसाब से पिछले कुछ दशकों से अलग दिख रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि प्रारंभिक बैठक के एजेंडों में नवीनता नहीं होगी। इस बार 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में से 182 सांसद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) से निर्वाचित हुए हैं, जो पार्टी पिछली आम चुनाव से ठीक पहले स्थापित हुई थी। जनता से मजबूत जनादेश प्राप्त कर उक्त दल संसद में प्रवेश कर रहा है, इसलिए प्रतिनिधि सभा के एक पूर्व महासचिव का कहना है कि संसद के भीतर संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्ताधारी दल के नेतृत्व पर निर्भर करेगी।

पाँच वर्षों के कार्यकाल वाली नई प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होने के उसी दिन गुरुवार को राष्ट्रीय सभा का अधिवेशन भी प्रारंभ हो रहा है, जिसमें रास्वपा के जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं हैं। दोपहर 2 बजे के लिए बुलाई गई प्रतिनिधि सभा की बैठक में संभावित 8 कार्यसूचियां संसद सचिवालय ने सार्वजनिक की हैं। राष्ट्रीय गान से प्रारंभ होने वाली बैठक में सभापति की भूमिका निभाने के लिए वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी राष्ट्रपति कार्यालय से भेजे गए अधिवेशन आवाहन संबंधी पत्र को पढ़ेंगे और सुनाएंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री की नियुक्ति और मंत्रिपरिषद गठन से संबंधित जानकारी सदन को दी जाएगी। प्रतिनिधि सभा नई नियमावली बनाने तक के लिए २०७९ साल की नियमावली के अनुसार कार्यवाही करेगी, यह प्रस्ताव स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, पूर्व के अधिवेशनों की तरह सभापति की अनुपस्थिति में बैठक की अध्यक्षता करने वाले सांसदों को नामित करना और दलवार आधार पर वक्तव्य रखने का कार्यक्रम भी शामिल है।

बैठक में आगामी 22 तारीख को आयोजित होने वाले सभापति चुनाव की तिथि निर्धारित करने का संभावित एजेंडा भी उल्लेखित है। इसके बाद गृह मंत्री सुदन गुरुङ शुशीला कार्की नेतृत्व वाली चुनावी सरकार द्वारा प्रस्तुत तीन अधिनियम प्रस्तुत करेंगे। साथ ही दिवंगत पाँच पूर्व सांसदों के प्रति शोक प्रस्ताव पारित करने का एजेंडा भी बैठक में शामिल है।