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लेखक: space4knews

मधेश के बजट में १२ अरब रुपैयाँ कटौती का अनुमान, सरकार को आर्थिक जोखिम का सामना

समाचार सारांश

सम्पादकीय रूप से समीक्षा की गई।

  • मधेश सरकार के चालू वित्तीय वर्ष 2082/083 के बजट में 12 अरब रुपैयाँ कटौती होने का अनुमान है।
  • सरकार आर्थिक जोखिम का प्रबंधन करने के लिए मंत्रालयों को टूटी-फूटी, अनुपयुक्त और क्रियान्वयन न हो सकने वाली योजनाएं प्रस्तुत करने को पत्राचार कर रही है।
  • अर्थमंत्री महेशप्रसाद यादव ने बजट में घाटा दिखने एवं मंत्रालयों द्वारा योजना न प्रस्तुत करने की बात कही है।

११ चैत, जनकपुरधाम। मधेश सरकार के चालू वित्तीय वर्ष 2082/083 के बजट में 12 अरब रुपैयाँ कटौती होने का अनुमान लगाया गया है। सदन से पारित और कार्यान्वित बजट में कुछ महीनों के बाद 12 अरब रुपैयाँ की कटौती हो सकती है।

पूर्व जनमत पार्टी के सतिश कुमार सिंह नेतृत्व वाली सरकार के अर्थमंत्री सुनिलकुमार यादव ने आम तौर पर ४६ अरब ५८ करोड़ ३३ लाख ५१ हजार का बजट सदन में असार १ गते प्रस्तुत किया था।

जिसमें चालू खर्च के लिए 16 अरब 72 करोड़ 5 लाख 17 हजार (35.89 प्रतिशत) और पूंजीगत खर्च के लिए 30 अरब 26 करोड़ 28 लाख 34 हजार रु. का आर्थिक विनियोजन था। लेकिन अब यह स्पष्ट हुआ कि बजट 12 अरब रुपियों से अधिक रखा गया था।

असामर्थ बजट लाने से सरकार आर्थिक जोखिम में है। योजना कार्यान्वयन होने पर ठेकेदार और उपयोगकर्ताओं को समय पर भुगतान न कर पाने का खतरा है।

जोखिम से बचने के लिए सरकार ने मंत्रालयों को हर योजना में 20 प्रतिशत कटौती कर आगे बढ़ने को पत्राचार किया है। साथ ही अर्थ मंत्रालय ने संचालन में असमर्थ, अनुचित और विखरित योजनाओं को त्यागने का निर्देश दिया है।

‘सरकार वर्तमान में आर्थिक जोखिम में है। इसे व्यवस्थित करने के लिए प्रक्रियाएं शुरू की गई हैं। मंत्रालयों को पत्राचार किया गया है। चलने में असमर्थ और अनुचित योजनाओं के साथ-साथ टूटी-फूटी योजनाओं को समर्पित करने को कहा गया है,’ मधेश के अर्थमंत्री महेशप्रसाद यादव ने कहा।

मंत्री यादव के अनुसार, 30 अरब बजट की क्षमता होने के बावजूद सरकार ने 55 अरब की अनुमानित बजट लाने की तैयारी की थी, पर बाद में कटौती कर 47 अरब पर कायम किया गया। 10 प्रतिशत विविध कोषों में रखी गई राशि आवंटित हो चुकी है, इसलिए बजट घाटा दिख रहा है।

बजट व्यवस्थित बनाने के लिए मंत्रालयों को विखरित, अनुचित और चलने में असमर्थ योजना समर्पित करने को कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई मंत्रालय योजना नहीं समर्पित कर पाया है।

‘अब तक किसी मंत्रालय ने योजना समर्पित नहीं की है। यदि कोई ठोस योजना प्रस्तुत करना चाहता है तो हम अनुमति देंगे, इसलिए जोखिम बना हुआ है,’ यादव ने जोड़ा।

दिलचस्प बात यह है कि तत्कालीन जनमत सरकार के नेतृत्व में अर्थमंत्री सुनिल यादव थे, वहीं अब कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने जनमत पार्टी के महेशप्रसाद यादव को अर्थमंत्री बनाया है।

पूर्व अर्थमंत्री सुनिलकुमार यादव ने कहा था कि संघीय सरकार से मिलने वाले विभिन्न अनुदान के आधार पर बजट बनाया गया है, और अब कटौती की संभावना है।

‘संघीय सरकार से मिलने वाले अनुदान को सम्मिलित करके बजट तैयार किया जाता है, लेकिन जनजातीय, निजात तथा जनजीविका आंदोलन के कारण संघीय सरकार 20 प्रतिशत बजट कटौती कर सकती है, जिससे बजट घट सकता है,’ उन्होंने कहा। उन्होंने आर्थिक अनुशासन का पालन करते हुए बजट कटौती को सकारात्मक रूप में लेने की आवश्यकता बताई।

पूर्व मुख्यमंत्री और जसपा नेपाल संसदीय दल के नेता सरोजकुमार यादव इस घाटे वाले बजट से प्रदेश को नुकसान होने का अनुमान लगाते हैं। ‘12 अरब के घाटे वाले बजट से प्रदेश को ही नुकसान होगा, कोई फायदा नहीं होगा,’ उन्होंने कहा। ‘जितना पैसा था, उतना ही अनुमानित बजट बनाना चाहिए था।’

पिछले पांच वर्षों में तत्कालीन जसपा नेपाल के मुख्यमंत्री लालबाबु राउत के नेतृत्व वाली सरकार ने कभी ऐसा घाटे वाला बजट नहीं बनाया था।

कैसे आया क्षमता से अधिक बजट?

अर्थ मंत्रालय में पिछले वर्ष की मौज्दात रकम 10 अरब अनुमानित थी, लेकिन केवल 4 अरब प्राप्त हुई। इससे 6 अरब की कमी आई। इसी तरह राजस्व संग्रह का अनुमान 9.5 अरब था, पर लगभग 5 अरब ही संग्रह हुआ।

आंतरिक ऋण 2 अरब लेने का अनुमान था, लेकिन आवश्यक तैयारी न होने की वजह से यह संभव नहीं हुआ। आंतरिक ऋण लेने के लिए नेपाल सरकार की अनुमति आवश्यक है, और यह ऋण केवल रोजगार एवं उत्पादनमुखी प्रयोजनों के लिए उपलब्ध होता है। ये सब कारण बजट 12 अरब कम होने के संकेत हैं, बताता है अर्थ मंत्रालय।

मंत्रालय के सचिव रामकुमार महतो के अनुसार, अनुमानित बजट में लक्षित राजस्व संग्रह नहीं होने से बजट कम होने की संभावना है, जो स्वाभाविक है।

‘अनुमान से राजस्व लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ। असार १ तारिक तक अनुमान होता है, लेकिन बजट असार मास के अंत तक खर्च होता रहता है,’ उन्होंने कहा। ‘इस वर्ष अत्यधिक खर्च हुआ, मौज्दात कम रहा। पिछले वर्षों में यदि बजट अधिक खर्च नहीं हुआ तो मौज्दात पूरा होता था। इसलिए अनुमानित मौज्दात घटने से बजट कम होने की संभावना है।’

उन्होंने दूसरा कारण बताते हुए कहा कि स्थानीय तह से अपेक्षित राजस्व वितरण नहीं हो रहा है। ‘राजस्व वितरण में स्थानीय तह कमजोर हैं और कानून के अनुसार अपेक्षित राजस्व प्रदेश को नहीं मिला, घर-जमीन के कारोबार कम हो जाने से गिट्टी-बालू से राजस्व बकाया है। ये सब कारण राजस्व संग्रह को प्रभावहीन बना रहे हैं, इसलिए बजट कम होगा।’

हालांकि बजट कम होने के बावजूद उपभोक्ता समितियों से काम शुरू करने की तैयारी सरकार को और अधिक आर्थिक जोखिम में डाल रही है। एक सांसद के अनुसार, कुछ दिन पहले सत्ता गठबंधन के बैठक में कटौती बजट की समस्या सुलझाने के लिए २५ लाख तक की योजनाएं समर्पित करने की बात उठी थी। चर्चा के बाद कांग्रेस, जसपा नेपाल, नेकपा और जनमत के नेताअें २५ लाख तक की योजनाओं को उपभोक्ता समितियों के माध्यम से जोरजबरजस्ती कराने का प्रयास कर रहे हैं।

बजट की कमी से म्याग्दी के बहुवर्षीय सड़क परियोजनाएं प्रभावित

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • गंडकी प्रदेश सरकार के बजट अभाव के कारण म्याग्दी के बहुवर्षीय सड़क योजनाओं का निर्माण प्रभावित हुआ है।
  • इस चालू वित्तीय वर्ष में म्याग्दी में 32 सड़क परियोजनाओं के लिए 62 करोड़ रुपये आवंटित थे, लेकिन बजट समाप्त होने के बाद निर्माण व्यवसायियों को भुगतान नहीं किया जा सका।
  • प्रदेश सभा सदस्यों ने बजट की कमी से निर्माण अवधि लंबित होने पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है और व्यवसायियों को भुगतान की व्यवस्था करने के लिए प्रयासरत हैं।

११ चैत, म्याग्दी। बजट की कमी के कारण गंडकी प्रदेश सरकार के माध्यम से जिले में संचालित रणनीतिक महत्व की बहुवर्षीय सड़क परियोजनाओं का निर्माण प्रभावित हो रहा है।

प्रदेश सरकार ने पूर्वाधार विकास कार्यालय को बहुवर्षीय परियोजनाओं के लिए आवंटित बजट समाप्त होने के बाद निर्माण व्यवसायियों को भुगतान नहीं किया है। कार्यालय के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में म्याग्दी में सड़क पूर्वाधार से संबंधित ३२ योजनाओं के लिए ६२ करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

बेनी–पाखापानी सड़क के भुतादैला–तोरीपानी खंड में चार किलोमीटर दूरी का कालोपत्र और ग्रैवल कार्य निर्धारित लक्ष्य से पांच महीने पहले पूरा हो गया, लेकिन बजट की कमी के कारण भुगतान न मिलने से समस्या उत्पन्न हो रही है, निर्माण व्यवसायी सुवासचंद्र कार्की ने बताया। इस योजना के लिए दो करोड़ रुपये आवंटित थे, लेकिन अतिरिक्त दो करोड़ पचास लाख रुपये की बजट कमी है।

गलेश्वर–पुलाश्रम (पछै)–जगन्नाथ जोड़ने वाली सड़क परियोजना के निर्माण व्यवसायी भीम सापकोटाले भी लक्ष्य से पांच महीने पहले योजना समाप्त की, पर बजट की कमी के कारण उन्होंने ऋण लेकर मजदूरों को वेतन और आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान करना पड़ा। हाडेभिर–बगरफाँट–भकिम्ली तथा भगवती–सिजलगाँउ–बेग सड़क परियोजनाओं के निर्माण व्यवसायी नीरज भण्डारी ने बताया कि बजट समाप्ति के कारण निर्माण कार्य स्थगित कर दिया गया है।

क्रमागत १७ योजनाओं के लिए ५२ करोड़ और नयी १५ योजनाओं के लिए १० करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ था। संघीय एवं प्रदेश सरकार की लागत साझेदारी में पिछले वर्ष ठेका समझौता हुआ था और इस वर्ष दरवाङ–ताकम–शिवाङ–मुना–जलजला–ढोरपाटन को छोड़कर अधिकांश सड़कों के लिए २३ करोड़ २२ लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, पूर्वाधार विकास कार्यालय के वरिष्ठ डिवीज़नल इंजीनियर डॉ महेन्द्र बानियाँ ने बताया।

“सालबारी योजनाओं के ठेका प्रतिस्पर्धा के दौरान लगभग डेढ़ करोड़ रुपये आंतरिक स्थानांतरण और अतिरिक्त ८ करोड़ ४५ लाख रुपये बजट स्थानांतरण हेतु मंत्रालय को सिफारिश कर चुके हैं। बजट उपलब्ध योजनाओं पर काम न होने से खर्च नहीं किया जा सका, जबकि काम पूरी कर चुकी योजनाओं के बजट समाप्त होने से व्यवसायियों को काम में जोड़ने में समस्या हो रही है,” उन्होंने कहा।

बेनी–दरवाङ–कल्लेनी–ताकम–मुना–जलजला, दरवाङ–अदिभारा–डाडागाँउ–सोले–तमान–बुर्तीवाङ, पखेर बरन्जा ३ और ४ होते हुए महेश धापुङ ताराखोला गापा जोड़ने वाली सड़क, दरवाङ–मुना–ढोरपाटन, दरवाङ–बिम–दिच्याम, दरखोला सड़क पुल, शिवरात्रि खोला सड़क पुल, रुम से ताराखोला जोड़ने वाली सड़क, दाङखोला पुल और साँवता थापाचौर झोलुङ्गे पुल क्षेत्र १(२) की क्रमागत बहुवर्षीय परियोजनाएं हैं।

निर्वाचन क्षेत्र १(क) में बेनी–तोरीपानी, हाडेभिर–बगरफाँट–दूधेखोला–हल्लेगौडा–डोलेमुसुङ, गलेश्वर–पिप्ले–भगवती, गलेश्वर–पुलाश्रम, चित्रे–घोडेपानी, भगवती–सिजलगाँउ–बेग जोड़ने वाली क्रमागत बहुवर्षीय सड़क निर्माणाधीन हैं।

एक–एक करोड़ रुपये आवंटित बिम–मराङ–मल्कवाङ–पाखापानी, जैसीखोर–खहरेखोला–रिसिन चौतारी होते हुए बैसरी सड़क स्तरोन्नति योजना के लिए बहुवर्षीय ठेका आह्वान किया जा चुका है। एक करोड़ रुपये आवंटन के साथ फापरखेत पहाड़ के वैकल्पिक मार्ग म्याग्दीखोला पर बेलिब्रिज निर्माण हेतु भी स्रोत सुनिश्चित कर बहुवर्षीय ठेका आह्वान करने की योजना है।

जिले के प्रदेशसभा सदस्य रेशमबहादुर जुग्जाली एवं हरिबहादुर भण्डारी ने बजट की कमी के कारण सड़क निर्माण अवधि लंबने की स्थिति पर प्रदेश सरकार और संबंधित विभागीय मंत्री का ध्यान आकर्षित कराया है। उन्होंने बताया कि बजट की कमी के बावजूद कार्य कर रहे व्यवसायियों को भुगतान की व्यवस्था करने के लिए सरकार से पहल की जा रही है।

दीपेन्द्र चौथो स्थानमै यथावत् – Online Khabar

दीपेन्द्र चौथे स्थान पर बरकरार

नेपाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर दीपेन्द्रसिंह ऐरी आईसीसी टी-20 आई ऑलराउंडर रैंकिंग में लगातार तीसरे सप्ताह चौथे स्थान पर बने हुए हैं। दीपेन्द्र ने टी-20 विश्व कप में नेपाल के लिए सर्वाधिक 169 रन बनाए और गेंदबाजी में 2 विकेट लेकर अपने रेटिंग अंक 244 बनाए रखा। रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर जिम्बाब्वे के सिकंदर राजा हैं, जबकि भारत के हार्दिक पांड्या दूसरे और पाकिस्तान के सायम अयूब तीसरे स्थान पर हैं।

11 चैत, काठमांडू। आईसीसी ने मंगलवार तक के अपडेट के साथ बुधवार को जारी नई रैंकिंग में दीपेन्द्र लगातार पांचवें सप्ताह भी चौथे स्थान पर बने रहे। आईसीसी टी-20 विश्व कप के समूह चरण में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद दीपेन्द्र की रैंकिंग में सुधार हुआ था और वे छठे स्थान से चौथे स्थान पर उभरे थे। दीपेन्द्र ने टी-20 विश्व कप में नेपाल के लिए सबसे अधिक 169 रन बनाए और गेंदबाजी में 2 विकेट लिए। इस प्रदर्शन ने दीपेन्द्र के रेटिंग अंक को अब तक के उच्चतम 244 तक पहुंचा दिया था। यह अंक इस सप्ताह भी बरकरार है। ऑलराउंडर रैंकिंग के शीर्ष स्थान पर जिम्बाब्वे के सिकंदर राजा यथावत हैं जिनके रेटिंग अंक 328 हैं। भारत के हार्दिक पांड्या दूसरे स्थान पर हैं जिनका रेटिंग अंक 299 है। तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के सायम अयूब हैं। पांचवें स्थान पर अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह ओमरजाइ 241 अंक के साथ हैं।

गुल्मी में टिपर की टक्कर से ९२ वर्षीय वृद्ध महिला घायल

समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा सहित तयार।

  • गुल्मी में टिपर की टक्कर से ९२ वर्षीय धनी बुढाथोकी गंभीर रूप से घायल हुईं।
  • यह घटना तम्घास–रिडी सड़क खंड पर हुई, जहां घायल को मिसन अस्पताल पाल्पा भेजा गया।
  • चालक और टिपर पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

११ चैत, गुल्मी। गुल्मी में टिपर की टक्कर से ९२ वर्षीय वृद्धा धनी बुढाथोकी गंभीर रूप से घायल हैं।

रेसुङ्गा नगरपालिका–१३ भंगेरी के तम्घास–रिडी पक्की सड़क खंड पर तम्घास की ओर से चारपाला जा रहे लु १ क ४५४७ नंबर के सुजता कंस्ट्रक्सन के टिपर ने पैदल जा रही धनी बुढाथोकी को टक्कर मारी, पुलिस ने बताया।

पुलिस निरीक्षक गंगाबहादुर सारु ने बताया कि दुर्घटना में बुढाथोकी के बाएं पैर और हाथ पर गंभीर चोटें आई हैं।

घायल को तुरंत बचाकर इलाज के लिए मिसन अस्पताल पाल्पा भेजा गया है।

चालक और टिपर पुलिस की हिरासत में हैं, जबकि घटना की जांच जारी है, पुलिस ने बताया।

दैनिक दुर्घटनाओं में वृद्धि के कारण च्यामाङसिह–ताथली–नाला मार्ग की जांच

समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा सहित।

  • भक्तपुर के च्यामाङसिह–ताथली–नाला मार्ग पर दैनिक दुर्घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निरीक्षण कर दुर्घटना रोकने के उपाय खोजने शुरू कर दिए हैं।
  • सड़क पर अत्यधिक वाहन दबाव और तेज गति के कारण दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है, जिसके लिए CCTV कैमरे और सड़क लाइट लगाने का सुझाव दिया गया है।
  • मुख्य जिला अधिकारी उमेशकुमार ढकाल ने सुरक्षा बल तैनात कर ट्रैफिक अनुशासन सुनिश्चित करने और संबंधित पक्षों के साथ बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं।

११ चैत्र, भक्तपुर। अरनिको राजमार्ग के वैकल्पिक मार्ग माने जाने वाले च्यामाङसिह–ताथली–नाला मार्ग पर रोजाना दुर्घटनाएं बढ़ने पर जिले के सुरक्षा विभाग की टीम दुर्घटना में कमी लाने के उपाय खोजने के लिए सड़क निरीक्षण पर पहुंची है।

भक्तपुर के सूर्यविनायक–बनेपा–धुलिखेल छह लेन सड़क विस्तार में देरी के कारण बनेपा चौराहे से नाला-ताथली होते हुए च्यामाङसिह तक जाने वाले इस मार्ग पर रोजाना दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं। इस सड़क पर भारी वाहन दबाव देखा जा रहा है।

दैनिक दुर्घटनाओं में वृद्धि की शिकायत मिलने पर मुख्य जिला अधिकारी उमेशकुमार ढकाल के नेतृत्व में जिला पुलिस कार्यालय भक्तपुर के पुलिस उपरीक्षक सूर्यबहादुर खड़का, जगाती पुलिस थाना की डिप्टी इंस्पेक्टर चञ्चला श्रेष्ठ, जिला ट्रैफिक पुलिस के ट्रैफिक निरीक्षक झरना सुनार, चांगुनारायण नगरपालिका-९ के वार्डाध्यक्ष गणेश त्यात सहित की टीम ने दुर्घटना वाली मुख्य जगहों का निरीक्षण किया।

सड़क पर अत्यधिक वाहन दबाव और मोटरसाइकिल से लेकर छोटे वाहनों की तेज गति के कारण दैनंदिन दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है, ऐसा सुरक्षा एजेंसियों और जनप्रतिनिधियों ने निष्कर्ष निकाला है।

स्थानीय दत्तात्रय खाद्य उद्योग के संचालक संजीव मधिकर्मी ने बताया कि उन्होंने एक ही दिन में तीन अलग-अलग दुर्घटनाएं अपने सामने देखीं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।

दुर्घटनाओं के बाद उद्योग के गेट पर तीन CCTV कैमरे लगने से दुर्घटना के बाद फरार होने वाले वाहनों का पता लगाने में पुलिस को मदद मिली है, उन्होंने टीम को सुझाव देते हुए दुर्घटना कम करने के उपाय अपनाने की बात कही है।

चांगुनारायण नगरपालिका-९ के वार्डाध्यक्ष गणेश त्यात ने कहा कि एक साल पहले नगरपालिका ने नौ CCTV कैमरे लगाए थे, लेकिन बड़े मालवाहक वाहनों द्वारा तार काटने के कारण अब कोई भी कैमरा संचालित नहीं है। उन्होंने CCTV कैमरों के साथ साथ सड़क लाइट की भी आवश्यकता बताई।

पुलिस थाना जगाती की प्रमुख चञ्चला श्रेष्ठ ने कहा कि CCTV कैमरें न होने के कारण दुर्घटना करके वाहन चालक भाग जाते हैं और गलती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि CCTV और जागरूकता बोर्ड लगाकर दुर्घटना कम करने और जांच में मदद मिलेगी।

छोटे रास्तों पर वाहन दबाव, चालक अनुशासनहीनता और तेज गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति से दुर्घटनाएं बढ़ी हैं, स्थानीय लोगों ने अधिक जोखिम वाले मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता बढ़ाकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस क्षेत्र में ईंट भठ्ठों और विभिन्न उद्योगों से सड़क पर CCTV कैमरे लगाने तथा रात में सड़क लाइट की व्यवस्था करने का भी निवेदन किया गया है।

जिला ट्रैफिक पुलिस प्रमुख सोनार ने बताया कि डमी ट्रैफिक की मांग हो रही है और जनशक्ति कम होने के कारण समस्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में तत्काल पुलिस पोस्ट स्थापित करना आवश्यक है तथा जागरूकता पोस्टर, CCTV और सड़क लाइट की व्यवस्था दुर्घटना रोकने में मददगार होगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य जिला अधिकारी ढकाल ने कहा कि दुर्घटना वाले क्षेत्र में तुरंत सुरक्षा कर्मी तैनात कर ट्रैफिक अनुशासन बनाएंगे, कार्रवाई शुरू करेंगे, फ्लेक्स बोर्ड और CCTV लगवाने की पहल करेंगे। उन्होंने वार्डाध्यक्ष त्यात को व्यवसायी और संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर समस्या के समाधान के लिए पहल करने के निर्देश दिए।

पुलिस उपरीक्षक सूर्यबहादुर खड़का ने बताया कि बनेपा-जगाती मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है जिससे वाहनों की संख्या बढ़ रही है और सड़क विभाग कार्यालय से बातचीत करना आवश्यक है।

इंधन की कमी के कारण एशियाई देश कोयले पर निर्भर, स्वास्थ्य जोखिम बढ़े


११ चैत, काठमांडू। ईरान में जारी युद्ध ने विश्वव्यापी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। खासकर तेल और गैस की आपूर्ति में व्यवधान के बाद, एशियाई देश मजबूर होकर प्रदूषण का प्रमुख कारण मानी जाने वाली कोयले की ओर लौट रहे हैं।

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, एशियाई क्षेत्र अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयातित ईंधन पर निर्भर है। इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से आता है, जहां से विश्व के लगभग २० प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस की व्यापार होती है।

आम तौर पर तेल और कोयले की तुलना में कम प्रदूषण करने वाला तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति युद्ध के कारण घटने के बाद अब भारत, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस से लेकर वियतनाम तक के देशों ने कोयले के उपयोग को बढ़ा दिया है।

किस देश की स्थिति कैसी है?

गर्मियों के मौसम की शुरुआत के साथ बिजली की उच्च मांग पूरी करने के लिए पड़ोसी देश भारत ने कोयले की खपत तेजी से बढ़ा दी है। वहीं, दक्षिण कोरिया ने कोयले से बिजली उत्पादन की सीमा ही बढ़ा दी है।

इंडोनेशिया ने अपने देश में उत्पादित कोयले को घरेलू खपत के लिए प्राथमिकता दी है, जिससे क्षेत्रीय बाजार में कोयले की आपूर्ति और घटने की संभावना है। ईंधन आपूर्ति अस्थिर होने के बाद वियतनाम ने भी अन्य देशों से कोयला आयात करने की तैयारी शुरू कर दी है।

प्रदूषण और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव

ऊर्जा संकट को टालने के लिए कोयले पर निर्भरता बढ़ाना पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को बढ़ाएगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, कोयला जलाने से निकलने वाला धुंआ वायु प्रदूषण और स्मॉग को बढ़ाता है तथा फेफड़े, हृदय रोग, स्ट्रोक और श्वसन से संबंधित दीर्घकालीन स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को बड़ा देता है।

वर्तमान में भारत में करोड़ों लोग अस्वस्थ हवादार वातावरण में सांस लेने को मजबूर हैं, और कोयले के बढ़ते इस्तेमाल से यह स्थिति और गंभीर हो जाएगी।

बिजली महंगी हो रही है, नवीकरणीय ऊर्जा की राह में चुनौतियां

दूसरी ओर, युद्ध के बाद विश्व बाजार में कोयले की कीमतें भी बढ़ गई हैं। इसने दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में बिजली के शुल्क बढ़ाने का दबाव उत्पन्न किया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान स्थिति में कोयले का उपयोग अनिवार्य और अस्थायी समाधान है, जबकि दीर्घकालीन समाधान नवीकरणीय ऊर्जा है। लेकिन वर्तमान संकट सौर्य, जल और पवन समेत नवीकरणीय संसाधनों की ओर वैश्विक संक्रमण को कुछ वक्त के लिए पीछे धकेल सकता है।

फिर भी, संकट के बीच कुछ देश जैसे वियतनाम विद्युत वाहन उपयोग बढ़ाकर कोयले पर निर्भरता कम करने के दीर्घकालीन लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।

(एजेंसियों के सहयोग से)

अर्जुननरसिंह केसीले गरे पदभार ग्रहण – Online Khabar

अर्जुननरसिंह केसी ने पदभार संभाला

समाचार सारांश

समीक्षा गरिएको।

  • प्रतिनिधि सभा के वरिष्ठ सदस्य अर्जुननरसिंह केसी ने संसद सचिवालय पहुंच कर पदभार ग्रहण किया।
  • राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने केसी को शपथ दिलाई।
  • केसी 12 चैत्र को प्रतिनिधि सभा के 274 सदस्यों को शपथ दिलाएंगे और सभामुख के चयन तक बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

11 चैत्र, काठमांडू। प्रतिनिधि सभा के वरिष्ठ सदस्य अर्जुननरसिंह केसी ने संसद सचिवालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया है। आज शीतल निवास में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने उन्हें शपथ दिलाई।

शपथ लेने के तुरंत बाद वे सिंहदरबार स्थित संसद सचिवालय गए और पदभार संभाला।

फागुन 21 को सम्पन्न प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन में नेपाली कांग्रेस के केसी समानुपातिक निर्वाचन प्रणाली के माध्यम से निर्वाचित हुए थे। वे 78 वर्ष के हैं।

राष्ट्रपति से शपथ लेने के बाद केसी 12 चैत्र को बिहीवार को प्रतिनिधि सभा के 274 सदस्यों को शपथ दिलाएंगे।

सभामुख के चयन तक वे प्रतिनिधि सभा की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।

प्रतिनिधि सभा चुनाव में 165 सदस्य प्रत्यक्ष प्रणाली से और 110 सदस्य समानुपातिक प्रणाली से चुने गए हैं।

इटहरी के पूर्वाञ्चल कैफे में आग लगी


११ चैत, विराटनगर । सुनसरी के इटहरी बाजार में स्थित पूर्वाञ्चल कैफे में आग लग गई है।

इटहरी उपमहानगरपालिका-६ में मौजूद इस कैफे के आइसक्रीम पार्लर में आग लगी बताई जा रही है।

आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। आग से पार्लर के आसपास के घर और दुकानें खतरे में हैं।

इटहरी इलाका प्रहरी कार्यालय ने आग पर काबू पाने के प्रयास जारी होने की सूचना दी है।

१४ वर्ष से कम उम्र के २७ बच्चों में क्षय रोग मिला

फाइल तस्वीर


समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा कर तैयार किया गया।

  • इस चालू वित्तीय वर्ष में चितवन में ६२३ लोगों में क्षय रोग पाया गया है, जिनमें १४ वर्ष से कम उम्र के २७ बच्चे शामिल हैं।
  • सावन से अब तक ५३८२ लोगों की जांच में २८७ गैर-संक्रामक व ३३६ संक्रामक क्षय रोग मिले हैं।
  • क्षय रोग पाए जाने पर नियमित नि:शुल्क दवा लेने और लक्षण दिखने पर चिकित्सक से मिलने की सलाह स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी गई है।

११ चैत, चितवन। इस चालू वित्तीय वर्ष में जिले में ६२३ लोग क्षय रोग से पीड़ित पाए गए हैं। नियमित जांच के दौरान पता चले इन लोगों में १४ वर्ष से कम उम्र के २७ बच्चे हैं, जिनमें से चार चार वर्ष से नीचे के भी हैं।

जनस्वास्थ्य कार्यालय के क्षयकुष्ठ अधिकारी जयराम दुवाड़ी के अनुसार, सावन से अब तक ५३८२ लोगों की जांच की गई है, जिनमें २८७ लोगों में गैर-संक्रामक और ३३६ में संक्रामक क्षय रोग पाया गया है। संक्रमितों में सात लोगों में दवा का असर न कर पाने वाला प्रकार भी देखा गया है।

संक्रमित लोग जिले के १०७ दवा वितरण केंद्रों से नियमित दवा ले रहे हैं। क्षय रोग की पुष्टि के लिए जिले में २८ माइक्रोस्कॉप और चार जिन एक्सपर्ट संस्थान मौजूद हैं। माइक्रोस्कॉप द्वारा ३०८१ लोगों की जांच में १४३ में संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि जिन एक्सपर्ट से २३०१ लोगों की जांच में ३०७ में संक्रमण पाया गया। संक्रमितों में २३५ महिलाएं और ३८८ पुरुष शामिल हैं।

पिछले वित्तीय वर्ष में १०८९ लोगों में क्षय रोग संक्रमण पाया गया था, जिनमें से २२ की मृत्यु हो गई थी। पिछले वर्ष १३,१०७ लोगों की जांच की गई थी। यह रोग माइक्रोबैक्टेरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। रोग के प्रारंभिक चरण में सामान्य काम में थकान और कमजोरी महसूस होती है।

लोग इन लक्षणों को गंभीरता से न लेने पर रोग गम्भीर हो जाता है। खांसी और बुखार क्षय रोग के प्रारंभिक लक्षण होते हैं, जो सामान्यत: पांच दिनों में ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि खांसी लगातार बनी रहे, बुखार कम न हो या दो सप्ताह से अधिक खांसी रहे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

इस रोग में तंबाकू जैसे पदार्थों का सेवन न करें और जो शुरू कर चुके हैं, उन्हें तुरंत त्यागना चाहिए। अधिक शराब, नशीले पदार्थ और अन्य दवाओं का सेवन भी बंद करना जरूरी है।

स्वास्थ्य कर्मियों की सलाह के अनुसार, नियमित नि:शुल्क दवा ६ से ८ महीने तक पूरी अवधि लेने की जरूरत है और दवा शुरू करने के बाद समय-समय पर जांच कराना चाहिए।

बालबालकों को जोखिम में डालने के आरोप में मेटा को 37.5 करोड़ डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश

समाचार सारांश

  • संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य की ज्यूरी ने मेटा को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने के आरोप में 37.5 करोड़ डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
  • ज्यूरी ने यह भी पाया कि मेटा ने सुरक्षा की अपेक्षा लाभ को प्राथमिकता दी और न्यू मैक्सिको के अनुचित व्यवसाय अभ्यास अधिनियम का उल्लंघन किया।
  • मई में मेटा के खिलाफ दूसरी क़िस्त की सुनवाई होगी और कैलिफोर्निया में भी इसी तरह की एक और मामले पर विचार चल रहा है।

10 चैत, काठमांडू। संयुक्त राज्य अमेरिका की एक ज्यूरी ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा को बाल मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने और उन्हें यौन शोषण के जोखिम में डालने के आरोप में 37.5 करोड़ डॉलर (375 मिलियन डॉलर) का जुर्माना भरने का आदेश दिया है।

राज्य के अधिकारियों ने इस विशाल तकनीकी कंपनी पर नाबालिगों की सुरक्षा करने में असफल रहने का आरोप लगाया, जिसके बाद छह हफ्तों की सुनवाई के बाद न्यू मैक्सिको की ज्यूरी सदस्यों ने मंगलवार को यह निर्णय सुनाया।

खबर एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, यह फैसला बाल सुरक्षा के मामले में किसी अमेरिकी राज्य द्वारा मेटा के खिलाफ पहली बार सफल मुकदमे की पुष्टि है।

इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप की मूल कंपनी मेटा लगातार इस मुद्दे से जूझ रही है कि इसके प्लेटफॉर्म युवा उपयोगकर्ताओं के मानसिक स्वास्थ्य पर कैसा प्रभाव डालते हैं।

ज्यूरी ने राज्य के अभियोजकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पाया कि मेटा ने सुरक्षा की तुलना में लाभ को प्राथमिकता दी और न्यू मैक्सिको के अनुचित व्यवसाय अभ्यास अधिनियम का उल्लंघन किया।

ज्यूरी ने यह भी सहमति जताई कि मेटा ने झूठे या भ्रामक दावे किए और बाल जोखिम तथा अनुभवहीनता का उपयोग कर अपमानजनक व्यापार प्रथाओं में शामिल रहा।

ज्यूरी ने व्हिसलब्लोअर कर्मचारियों समेत करीब 40 गवाहों के बयान सुने और सैकड़ों कागजात, रिपोर्ट तथा ई-मेल्स की समीक्षा की।

मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम इस फैसले से सहमत नहीं हैं और हम अपील करेंगे।’

उन्होंने आगे कहा, ‘हमारा मौजूदा चुनौती हानिकारक सामग्री की पहचान करना और उसे हटाना है, और हम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।’

न्यू मैक्सिको के डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्य न्याय आयुक्त रावल टोरेज ने 2023 में मेटा और इसके सीईओ मार्क जुकरबर्ग को अदालत में पेश किया था।

टोरेज के कार्यालय ने एक गुप्त अभियान चलाया था जिसमें जांचकर्ताओं ने 14 वर्ष से कम उम्र के फेसबुक और इंस्टाग्राम उपयोगकर्ताओं का रूप धारण किया था।

टोरेज के अनुसार, ये नकली खाते यौन सामग्री प्राप्त करते थे और ऐसे सामग्री खोजने वाले वयस्क उनके संपर्क में आते थे, जिसके कारण अनेक आपराधिक मामले दर्ज हुए।

टोरेज ने इस फैसले को ‘बच्चों और परिवारों के लिए ऐतिहासिक जीत’ बताते हुए कहा कि इसे दोहराया न जाए, इसके लिए स्पष्ट संदेश देना होगा।

उन्होंने कहा, ‘ज्यूरी का मेटा को भारी क्षतिपूर्ति भरने का आदेश देना बड़ी तकनीकी कंपनियों के अधिकारियों को सभी कंपनी कानूनों के तहत जवाबदेह बनाने का सन्देश है।’

न्यू मैक्सिको में मेटा के खिलाफ अगला चरण मई में शुरू होगा, जिसमें अदालत कंपनी को अतिरिक्त जुर्माने और प्लेटफॉर्म संचालन में सुधार के आदेश देगी।

कैलिफोर्निया में भी एक अन्य ज्यूरी मेटा और यूट्यूब को बच्चों की लत लगने जैसी हानिकारक प्रभावों के लिए जिम्मेदार ठहराने पर विचार कर रही है।

यह मामला अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ इसी प्रकार की कई मुकदमों के लिए मार्गदर्शक माना जा रहा है।

(अलजज़ीरा से)

रविलाई अमेरिकी विशेष दूत गोरको फोन – Online Khabar

रविश लामिछानेलाई अमेरिकाका विशेष दूत सर्जिओ गोर द्वारा फोन


१० चैत, काठमाडौं। संयुक्त राज्य अमेरिकाले हालै सम्पन्न निर्वाचनमा राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) लाई प्राप्त जितको लागि बधाई दिएको छ।

दक्षिण तथा मध्य एसियाली मामिलाका लागि अमेरिकी विशेष दूत सर्जिओ गोरले रास्वपाका सभापति रवि लामिछानेलाई टेलिफोन गरी निर्वाचनमा प्राप्त सफलताको लागि बधाई दिएका छन्। नेपालस्थित अमेरिकी दूतावासले सामाजिक सञ्जालमार्फत दिएको जानकारी अनुसार, गोरले चैत १० गते फोन गरेर बधाई दिएका हुन्।

बधाई सन्देशसँगै अमेरिकाले नेपालमा बन्न लागेको नयाँ सरकारसँग सहकार्य गर्ने इच्छा व्यक्त गरेको छ। दूतावासद्वारा जारी सन्देशमा भनिएको छ, ‘अमेरिका नेपालको नयाँ सरकारसँग सहकार्य गर्दै हाम्रो आर्थिक साझेदारीलाई सुदृढ पार्न र दुई देशबीचको मित्रतालाई अझ गहिरो बनाउन उत्सुक छ।’

लूट और ठगी के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार


११ चैत, काठमाडौं। १४ लाख रुपैयाँ लूट और नकली सोना दिखाकर ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार व्यक्ति सिन्धुली के हरिहरपुर गाउँपालिका–७ के निवासी ३८ वर्षीय विजय मोक्तान हैं, जिन्हें धनबीर वाइबा के नाम से जाना जाता है। उन्हें प्रहरी वृत्त थानकोट और प्रभाग बलम्बु की टीम ने गिरफ्तार किया है।

गत फागुन १० को चन्द्रागिरी में रहने वाली ५६ वर्षीय देवी श्रेष्ठ को जमीन खरीद-बिक्री के बहाने ठगकर उनके कमरे से वाइबा ने १४ लाख रुपैयाँ लूटे, इसकी जानकारी जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौं के एसएसपी रमेश थापाले दी।

इस घटना की जांच के दौरान ९ चैत को वाइबा को प्रहरीले टोखा से गिरफ्तार किया। उन्हें अर्जुन श्रेष्ठ द्वारा संचालित होटल तपोवन २, कमरा नंबर १०५ से गिरफ्तार किया गया, पुलिस ने बताया।

उनके कब्जे से आधा किलोग्राम नकली सोना, तीन मोबाइल और नबील बैंक का चेक भी बरामद हुआ है।

चोराए गए सात कुत्ते एक-दूसरे का सहारा बनाते हुए १७ किलोमीटर पैदल चलकर घर लौटे

समाचार सारांश

  • चीन के जिलिन प्रांत के चांगचुन के पास चोरी किए गए सात कुत्ते १७ किलोमीटर पैदल चलकर घर लौट आए।
  • इन कुत्तों को मांस व्यापार के लिए चोरी किए जाने का संदेह है और ये कुत्ते ट्रक से भागकर ठंडे मौसम में एक-दूसरे की मदद करते हुए आगे बढ़े थे।

चीन के उत्तर-पूर्वी जिलिन प्रांत की राजधानी चांगचुन के पास एक छोटे से गाँव से सात कुत्ते गायब हो गए थे। ये कुत्ते १७ किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल चलकर घर लौट आए, जिसकी घटना पूरी दुनिया में वायरल हो गई है।

घटना इस प्रकार रही:

16 मार्च 2026 की रात। चांगचुन के नजदीक एक छोटे से गाँव से सात कुत्ते अचानक गायब हो गए। ये कुत्ते मांस व्यापार से जुड़े चोरों द्वारा ट्रक में चुरा लिए गए थे।

ट्रक चल रहा था और चोरों का मंजिल एक अंधेरे बाजार था, जहाँ इन निर्दोष जानवरों का जीवन खतरे में था। लेकिन ये कुत्ते ट्रक से भागकर व्यस्त चांग्सुआंग एक्सप्रेस रोड के किनारे पहुँच गए। घर से १७ किलोमीटर दूर, अंजान रास्ता और अंधेरी रात।

तापमान शून्य डिग्री से नीचे गिर चुका था। हवा ठंडी और कड़ी थी। पर ये कुत्ते एक-दूसरे को नहीं छोड़ते थे। वीडियो में देखा जा सकता है — वे साथ-साथ चलते, साथ रुकते हैं। एक जर्मन शेफ़र्ड के पैर में चोट लगी थी और वह लड़खड़ा रहा था। बाकी ६ कुत्ते उसकी सुरक्षा और साथ देखभाल कर रहे थे, प्रतीक्षा कर रहे थे और साथ-साथ चल रहे थे। कोई भी अलग नहीं हुआ। एक छोटी लेकिन दृढ़ कोर्गी नस्ल का कुत्ता आगे नेतृत्व कर रहा था जबकि बाक़ी घायल जर्मन शेफर्ड का घेराव करके उसका साथ दे रहे थे।

‘नो डॉग लेफ्ट बिहाइंड’ — यह उनकी मौन प्रतिज्ञा सी थी।

17 मार्च की रात एक ड्राइवर ने यह दृश्य देखा। सात कुत्ते राजमार्ग पर एक लाइन में चल रहे थे। उनकी आँखों में डर और हिम्मत दोनों दिख रहे थे। ड्राइवर ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो २३० मिलियन से अधिक बार देखा गया।

वीडियो में सुनहरे रंग के गोल्डन रिट्रीवर, लैब्राडोर, जर्मन शेफर्ड, पेकिंगीज़ जैसे विभिन्न नस्ल के कुत्ते व्यस्त राजमार्ग पर चलते दिखते हैं। सबसे आगे एक कोर्गी नस्ल का कुत्ता है, जिसे चीनी मीडिया ने ‘डापांग’ यानी ‘बिग फैटी’ नाम दिया है।

स्ट्रे डॉग रिस्क्यू सेंटर की स्वयंसेविका टोंग टोंग ने यह वीडियो देखकर बहुत चिंतित हुईं। शून्य डिग्री से नीचे तापमान में कुत्तों की भूख प्यास देख उन्होंने गाँव-गाँव जाकर खोज शुरू की और गायब कुत्तों के लिए सूचना पोस्टर लगाए।

’18 मार्च की सुबह जब मैं जागी, चांगचुन में बर्फ गिर रही थी,’ उद्धार केंद्र के वीडियो में टोंग टोंग ने कहा, ‘मुझे उन सात कुत्तों की बहुत चिंता थी। मुझे डर था कि उन्हें खाना और पानी मिला है या नहीं। इसलिए मैंने ड्रोन उड़ाकर खोज शुरू की।’

कैसे गायब हुए थे ये कुत्ते?

19 मार्च को खबर मिली कि ये कुत्ते घर लौट आए हैं। इनमें से तीन कुत्ते चांगचुन के नजदीकी गाँव की एक महिला के थे। उन्होंने चीनी मीडिया को बताया कि वे चार दिन से कुत्तों को ढूँढ़ रही थीं और हिम्मत हार चुकी थीं, लेकिन 18 मार्च को डापांग (कोर्गी कुत्ता) घर आने पर बहुत खुश हो गईं। बाद में वे अन्य कुत्तों को आसपास के अन्य गाँवों में ढूँढ़ निकालीं।

इस घटना में कुत्तों को मांस व्यापार के लिए चोरी किया गया होने का संदेह है। चीन के कुछ हिस्सों में अभी भी कुत्ते के मांस खाने की प्रथा है। हालांकि कुछ लोगों ने माना कि इन्हें घरेलू जानवरों के रूप में बेचने या अन्य उद्देश्यों के लिए चोरी किया गया हो या ये खुद भी खो गए हों।

एक वीवो उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘यह वीडियो देखकर मेरा मन रोने को हुआ। कुत्ते हमेशा इंसानों के साथी होते हैं।’

इस घटना ने कई लोगों को भावुक कर दिया है और कुत्तों के प्रति प्रेम और उनकी وفادारी पर फिर से चर्चा और बहस शुरू हो गई है। सात कुत्तों ने ठंडे मौसम, व्यस्त सड़क और थकान के बावजूद एक-दूसरे को छोड़कर न चलने और स्वयं घर लौटने का साहस दिखाया है।

गार्जियन से

ईंधन मूल्य वृद्धि के कारण ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच उड़ानें रद्द

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • मध्य पूर्व के युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतें बढ़ने पर जेटस्टार न्यूज़ीलैंड ने मई महीने में 12 प्रतिशत उड़ानें रद्द की हैं।
  • जेटस्टार के अनुसार मुख्य हब ऑकलैंड, क्राइस्टचर्च, वेलिंगटन, सिडनी और ब्रिस्बेन के बीच उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
  • वियतनाम एयरलाइंस और म्यांमार एयरलाइंस ने भी ईंधन की कीमत और उपलब्धता के कारण घरेलू उड़ानें रद्द की हैं।

११ चैत्र, काठमांडू । जेटस्टार न्यूज़ीलैंड ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण कुछ घरेलू सेवाओं के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच की उड़ानों को रद्द करने का निर्णय लिया है।

कंपनी के अनुसार मई महीने में लगभग 12 प्रतिशत उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिनमें इसके मुख्य हब ऑकलैंड, क्राइस्टचर्च, वेलिंगटन, सिडनी और ब्रिस्बेन शामिल हैं।

सूचना के अनुसार, एयरलाइन ने अधिकांश यात्रियों को विकल्प के रूप में उसी दिन की दूसरी उड़ान उपलब्ध कराई है।

एक प्रवक्ता ने बताया, “हमने अपनी उड़ान अनुसूची में कुछ अस्थायी परिवर्तन किए हैं, जिसका मुख्य कारण मध्य पूर्व के संघर्ष और अन्य बढ़ती लागतों के चलते विमान ईंधन की कीमतों में आई बढ़ोतरी है।”

उन्होंने कहा, “हम इस असुविधा के लिए क्षमा चाहते हैं और हमारे ग्राहकों के धैर्य तथा समझदारी के लिए धन्यवाद देते हैं।”

इसी प्रकार, सोमवार को वियतनाम एयरलाइंस ने ईंधन की कीमतों और उपलब्धता की वजह से सप्ताह में लगभग दो दर्जन घरेलू उड़ानें रद्द की हैं, जबकि म्यांमार एयरलाइंस ने भी अपनी घरेलू उड़ान अनुसूची में कटौती की है।

आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी के लिए नेपाल की प्रारंभिक टीम की घोषणा

समाचार सारांश

समीक्षित तथ्य।

  • नेपाल क्रिकेट संघ ने पहली बार आयोजित होने वाली आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी के लिए 29 खिलाड़ियों को कैंप में शामिल किया है।
  • टीम में कप्तान इंदु बर्मा सहित अनुभवी और युवा नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।
  • टीम में पूजा महतो, रुबिना क्षेत्री, सीता राना मगर समेत 29 खिलाड़ी हैं।

11 चैत, काठमाडौं। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने पहली बार आयोजित होने जा रही आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी के लिए नेपाली महिला क्रिकेट टीम का चयन किया है।

क्यान ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ नए युवा खिलाड़ियों को भी शामिल करते हुए कैंप के लिए टीम की घोषणा की है। इससे पूर्व चोट के कारण प्रतियोगिता से बाहर रही कप्तान इंदु बर्मा को फिर से टीम में स्थान मिला है।

टीम में इंदु के अलावा पूजा महतो, रुबिना क्षेत्री, सीता राना मगर, बिंदु रावल, सम्झना खड्का, रुबी पोद्दार, कविता जोशी, कविता कुँवर, रिया शर्मा, रोमा थापा, सुमन बिष्ट, अनु कडायत, सीमाना केसी और राजमती ऐरी शामिल हैं।

इसके अलावा, टीम में मनीषा उपाध्याय, रचना चौधरी, सोनी पाख्रिन, सना प्रवीन, खुशी डंगोल, सुधा धामी, किरण कुँवर, लक्ष्मी साउद, आलिशा यादव, तृष्णा विके, कुसुम गोदार, यशोदा बिष्ट, अंजी पाठक और रमा बुढाथोकी भी शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नई संरचना के अनुसार यह प्रतियोगिता शुरू होने जा रही है, जिसमें विश्व के उभरते राष्ट्रों की भागीदारी होगी।

प्रतियोगिता आगामी अप्रैल के दूसरे सप्ताह में रवांडा में शुरू होने की तैयारी में है, लेकिन आईसीसी ने अभी तक आधिकारिक तिथियां और प्रतिभागी टीमों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

प्रतियोगिता में एशिया, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका और ईस्ट एशिया–प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम की भागीदारी आईसीसी की योजना है।

महिला क्रिकेट के विकास के लिए आईसीसी ने तीन स्तरीय संरचना विकसित की है, जिसमें सबसे निचले स्तर की प्रतियोगिता के रूप में आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी रखी गई है।

यह टूर्नामेंट नई और कमजोर टीमों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करने का उद्देश्य रखता है।