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लेखक: space4knews

सोलो के विरुद्ध हाउण्ड्स की बड़ी जीत

समाचार सारांश

एआई द्वारा तैयार, संपादकीय रूप से समीक्षा किया गया।

  • केभीसी हाउण्ड्स ने हिमालयन जाभा नेशनल बास्केटबॉल लीग २०२६ में लगातार तीसरी जीत दर्ज की।
  • हाउण्ड्स के कप्तान विजय बुर्जा ने सर्वाधिक ३५ अंक बनाए और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।
  • एचजेएनबीएल में ८ टीम प्रतियोगिता कर रही हैं और विजेता को नकद ४ लाख पुरस्कार दिया जाएगा।

६ चैत, काठमाडौं। हिमालयन जाभा नेशनल बास्केटबॉल लीग (एचजेएनबीएल) २०२६ में केभीसी हाउण्ड्स ने लगातार तीसरी जीत हासिल की है।

त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला के कवर हॉल में शुक्रवार को खेले गए मैच में हाउण्ड्स ने सोलो बास्केटबॉल क्लब को १०६-७३ के बड़े अंतर से हराया।

इसके पहले तीन मैचों में उन्हें हार मिली थी, लेकिन हाउण्ड्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीन मैच जीते। अब उन्होंने ६ मैचों में ९ अंक जुटा लिए हैं।

पहले क्वार्टर में २०-१३ और दूसरे क्वार्टर में ३७-१६ की बढ़त लेकर हाउण्ड्स ने हाफ टाइम तक ५७-२९ की बड़ी बढ़त बना ली थी। तीसरे क्वार्टर में ३६-१६ की बढ़त लेकर उन्होंने चौथे क्वार्टर शुरू होने से पहले ही ९३-४५ का अंतर बना लिया था।

अंतिम क्वार्टर में सोलो ने २७-१३ का बढ़त लिया, लेकिन वह हाउण्ड्स की बढ़त को कम नहीं कर सके।

हाउण्ड्स के कप्तान विजय बुर्जा ने सर्वाधिक ३५ अंक बनाए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।

गुरुवार रात खेले गए मैच में गोल्डेनगेट इंटरनेशनल क्लब ने सोलो बास्केटबॉल क्लब को ८७-७० से हराया था।

गोल्डेनगेट के विकास गुरुङ ने १८ अंक बनाए जबकि निकेश मगर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गोल्डेनगेट की यह चौथी जीत है और उन्होंने ५ मैचों में ९ अंक हासिल किए हैं।

नेपाल बास्केटबॉल संघ (नेबा) द्वारा आयोजित दूसरे संस्करण के एचजेएनबीएल में कुल ८ टीमें प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

लीग डबल राउंड रॉबिन के आधार पर खेली जाएगी, जिसमें कुल ५६ मैच होंगे। लीग चरण के बाद शीर्ष चार टीम प्लेऑफ़ में प्रवेश करेंगी। प्लेऑफ़ में पहले और दूसरे स्थान वाली टीमों के बीच पहला क्वालिफायर होगा और तीसरे व चौथे स्थान के बीच एलिमिनेटर मैच होगा।

पहले क्वालिफायर में हारने वाली टीम और एलिमिनेटर विजेता के बीच दूसरा क्वालिफायर होगा। दूसरे क्वालिफायर और पहले क्वालिफायर विजेता के बीच फाइनल प्रतियोगिता होगी।

प्रतियोगिता के विजेता को ४ लाख, उपविजेता को २ लाख एवं तीसरे स्थान पर आने वाली टीम को १ लाख नगद पुरस्कार दिया जाएगा।

इसके अलावा प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (एमवीपी) घोषित किया जाएगा और उसे भी आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

वर्षा से प्रभावित वीरगंज में जारी प्रधानमंत्री कप


७ चैत, वीरगंज। प्रधानमंत्री कप पुरुष राष्ट्रिय क्रिकेट प्रतियोगिता के तहत वीरगंज के नारायणी रंगशाला में जारी कर्णाली प्रदेश और लुम्बिनी प्रदेश के बीच का मैच वर्षा के कारण बीच में रोक दिया गया है।

लुम्बिनी प्रदेश ने टॉस जीतकर कर्णाली को बल्लेबाजी का निमंत्रण दिया था। बारिश शुरू होने से पहले कर्णाली ने ७ ओवरों में २० रन बनाए थे। कर्णाली के ओपनर रविन्द्र शाही ९ रन और सुनिल धमला ७ रन बनाकर क्रीज पर थे।

लुम्बिनी के गेंदबाज सन्देश थापाले ४ ओवर में १२ रन खर्च किए जबकि राजेन्द्र बम ने ३ ओवर में एक मेडन सहित केवल ८ रन दिए।

इस संस्करण का प्रधानमंत्री कप मधेश प्रदेश के दो स्थानों और काठमांडू के मूलपानी क्रिकेट मैदान में आयोजित हो रहा है। प्रतियोगिता के १९ मैच वीरगंज में, १७ मैच जनकपुर में और १० मैच मूलपानी में खेले जाएंगे, इसकी जानकारी नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) मधेश प्रदेश के कोषाध्यक्ष सुवास जयसवाल ने दी।

आईसीसी विश्व कप लीग–२ की तैयारी के कारण कीर्तिपुर के त्रिवि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट रंगशाला में इस बार कोई मैच नहीं रखा गया है। वहां के सभी मैच मूलपानी में स्थानांतरित किए गए हैं, क्यान ने बताया।

करीब एक महीने चलने वाली इस प्रतियोगिता में तीन विभागीय और सात प्रदेशों की कुल १० टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता के विजेता को १० लाख रुपये जबकि उपविजेता को ५ लाख रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा। पिछले विजेता नेपाल पुलिस क्लब है।

लुम्बिनी अंतर्राष्ट्रीय शांति मैराथन में आर्मी के विनोद और पूर्णलक्ष्मी विजेता

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात

  • चौथे लुम्बिनी अंतर्राष्ट्रीय शांति मैराथन में त्रिभुवन आर्मी क्लब के विनोद रोकाया और पूर्णलक्ष्मी न्यौपाने विजेता बने।
  • पुरुष मैराथन में विनोद ने 2 घंटे 17 मिनट 55 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि महिला हाफ मैराथन में पूर्णलक्ष्मी ने 1 घंटा 17 मिनट 10 सेकंड में दूरी पूरी की।
  • प्रतियोगिता नेपाल ओलंपिक कमेटी के आयोजन और चीनी दूतावास के सहयोग से लुम्बिनी में सम्पन्न हुई।

7 चैत, काठमाडौं। चौथे लुम्बिनी अंतर्राष्ट्रीय शांति मैराथन 2026 में त्रिभुवन आर्मी क्लब के विनोद रोकाया और पूर्णलक्ष्मी न्यौपाने विजेता रहे। पुरुष मैराथन में विनोद और महिला हाफ मैराथन में पूर्णलक्ष्मी ने ट्रॉफी जीती।

पवित्र बौद्ध तीर्थस्थल लुम्बिनी में आयोजित इस प्रतियोगिता में सेना का दबदबा दिखाई दिया। पुरुष मैराथन के शीर्ष तीन स्थान सेना के खिलाड़ियों ने हासिल किए। विनोद ने 2 घंटे 17 मिनट 55 सेकंड में दौड़ पूर्ण कर खिताब जीता, जबकि सुशील कुमार शाही (2:18:16) दूसरे और नरेन्द्र सिंह राउत (2:19:58) तीसरे स्थान पर रहे।

इसके अतिरिक्त, चीन के वांग ची चौथे, केन्या के जूलियस वाकोमे पांचवें, दलबहादुर कुँवर छठे, इशाह नुन्गु सातवें, कुलबहादुर बस्नेत आठवें, हरि रिमाल नवें और कर्णबहादुर रोका मगर दसवें स्थान पर रहे।

पुरुष मैराथन के विजेता विनोद को 3 लाख 50 हजार, दूसरे स्थान के सुशील को 2 लाख 50 हजार, और तीसरे स्थान के नरेन्द्र को 1 लाख 50 हजार रुपये पुरस्कार दिया गया जबकि बाकी शीर्ष दस धावकों को भी क्रमशः नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

महिला हाफ मैराथन में पूर्णलक्ष्मी ने 1 घंटा 17 मिनट 10 सेकंड में दूरी पूरी कर खिताब जीता, जबकि पिछले संस्करण की विजेता संतोषी श्रेष्ठ (1:18:40) दूसरे स्थान पर रहीं। पूर्णलक्ष्मी पिछले संस्करण में संतोषी के बाद दूसरे स्थान पर थीं।

सेना की निशा सार्की (1:19:19) तीसरे और सुनसरी की रोकाया (1:21:46) चौथे स्थान पर रहीं। साथ ही रुवान सिइङ पांचवें, कल्पना बुढ़ा छठे, राज्यलक्ष्मी रावल सातवें, संदीभा बुढ़ा आठवें, आश्मा विक नवें और रसिला तामाङ दसवें स्थान पर रही।

महिला हाफ मैराथन विजेता पूर्णलक्ष्मी को 1 लाख 50 हजार, उपविजेता संतोषी को 1 लाख और तीसरे स्थान की निशा को 80 हजार रुपये पुरस्कार मिले, और अन्य खिलाड़ियों को भी नकद सहित सम्मानित किया गया।

वेटरंस 5 किमी दौड़ में धर्म महर्जन ने पहला, रामचन्द्र श्रेष्ठ ने दूसरा, और रेवतबहादुर दाहाल ने तीसरा स्थान हासिल किया। पुरुष 5 किमी खुली दौड़ में नेपाल पुलिस क्लब के नागेश्वर अहिर पहले, आर्मी के रुपेश कार्की दूसरे और भारत के प्रिंस निसाद तीसरे स्थान पर रहे।

5 किमी की महिला दौड़ में दीपशिखा शाही पहले, स्वस्तिका शाही दूसरे, और बुढ़ा तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं पुरुष वर्ग में युवराज बुढ़ा पहले, रमेश बुढ़ा दूसरे, और अरविंद कुमार यादव तीसरे स्थान पर रहे।

मैराथन के अवसर पर 3 किमी वाकाथन भी आयोजित किया गया। यह प्रतियोगिता नेपाल ओलंपिक कमेटी के आयोजन और चीनी दूतावास के सहयोग से संपन्न हुई।

विजेताओं को एनओसी के अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ, उपाध्यक्ष एवं संयोजक अशोक वज्राचार्य समेत अन्य प्रतिनिधियों ने पुरस्कार, पदक एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए।

पोखरामा एसिया कप ट्रायथ्लन एवं साउथ एसिया चैंपियनशिप सम्पन्न, ये हैं विजेता

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार।

  • पोखरा में सातवें एसिया कप ट्रायथ्लन और १४वें साउथ एसिया ट्रायथ्लन चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ।
  • एसिया कप ट्रायथ्लन में पुरुष वर्ग में जापान के हुकुतो ओवारा और महिला वर्ग में सारिका नाकायामा ने स्वर्ण पदक जीते।
  • साउथ एसिया ट्रायथ्लन में पुरुष वर्ग में भारत के याजात कन्दन्दा और महिला वर्ग में डोली देवीदास पाटिल ने पहला स्थान हासिल किया।

7 चैत्र, काठमांडू। नेपाल ट्रायथ्लन संघ के आयोजन में पोखरा में शनिवार को सातवाँ एसिया कप ट्रायथ्लन तथा चौदहवाँ साउथ एसिया ट्रायथ्लन चैंपियनशिप सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्रतियोगिता ने अंतरराष्ट्रीय खेलकूद क्षेत्र में नेपाल की प्रतिष्ठा को और ऊंचा किया है, संघ ने बताया। प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के श्रेष्ठ खिलाड़ियों ने भाग लिया।

नेपाल सहित जापान, स्लोवाकिया, उज्बेकिस्तान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ओमान, एस्टोनिया एवं भारत के कुल 41 खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा की।

एसिया कप ट्रायथ्लन में पुरुष वर्ग में जापान के हुकुतो ओवारा ने 54 मिनट 30 सेकंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मित्सुहो मुचीज़ुकी (जापान) दूसरे और उज्बेकिस्तान के आलेक्ज़ेंडर कुरीशोव तीसरे स्थान पर रहे।

महिला वर्ग में जापान की सारिका नाकायामा ने 1 घंटे 16 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान की अलिना खाकिमोवा दूसरे और जापान की मिनोरी इकोना तीसरे स्थान पर रहीं।

शीर्ष पाँच स्थान प्राप्त खिलाड़ियों को क्रमशः 630, 525, 429, 315 और 210 अमेरिकी डॉलर नकद के साथ पदक एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

साथ ही, साउथ एसिया ट्रायथ्लन चैंपियनशिप में पुरुष वर्ग में भारत के याजात कन्दन्दा पहले, खुन्द्राकपाम मेतेई दूसरे और नेपाल के मौलिक महर्जन तीसरे स्थान पर रहे।

महिला वर्ग में भारत की डोली देवीदास पाटिल पहले, मान्सी मोहती दूसरे और नेपाल की युस्का महर्जन तीसरे स्थान पर रहीं।

संघ ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी संगठनों, प्रायोजकों, स्वयंसेवकों, सुरक्षा एजेंसियों, संचारकर्मियों तथा दर्शकों का धन्यवाद व्यक्त किया है।

गण्डकी प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय खेलकूद परिषद, पोखरा महानगरपालिका और नेपाल पर्यटन बोर्ड गण्डकी प्रदेश की सहायता के लिए विशेष आभार जताया गया।

संघ के अध्यक्ष निलेंद्रराज श्रेष्ठ ने कहा कि वे भविष्य में भी ऐसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन कर नेपाल को खेल पर्यटन का केंद्र बनाकर विकसित करेंगे।

हिमपातले मध्यपहाडी लोकमार्ग अवरुद्ध, रुकुमपूर्वमा २५० बढी यात्रु अलपत्र

अविरल हिमपात से मध्यपहाड़ी लोकमार्ग अवरुद्ध, रुकुमपूर्व में २५० से अधिक यात्री फंसे


७ चैत, रुकुमपूर्व । लगातार हुई भारी हिमपात के कारण मध्यपहाड़ी लोकमार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे इस क्षेत्र के कई यात्री फंस गए हैं।

शुक्रवार दोपहर से निरंतर हो रहे हिमपात के कारण जिल्लाको भूमे गाउँपालिका-१ अन्तर्गत आने वाली लुकुम-पातिहाल्ना सड़क पूरी तरह बंद हो गई है। इसके कारण काठमांडू से रवाना हुए रात्री बस सहित अन्य वाहन उक्त सड़कखंड पर फंसे हुए हैं।

जिल्ला प्रहरी कार्यालय रुकुमपूर्व के अनुसार अब तक सात बसें, एक जीप और पांच मोटरसाइकिल हिमपात के कारण सड़क पर रुकी हुई हैं, जिनमें कुल २५० से अधिक यात्री फंसे हुए हैं।

लगातार हिमपात और भारी वर्षा के कारण सड़क पर गड्ढे निकालने का काम प्रभावित हुआ है। वहीं, वहाँ की दूरसंचार सेवा भी बंद होने की वजह से उद्धार और समन्वय में और भी कठिनाई हो रही है।

प्रहरी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर यात्रियों के उद्धार के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है। मौसम में सुधार न होने तक सड़क को पूर्ण रूप से पुनः संचालित करना कठिन हो रहा है।

नेपाल की पार्टियों की खोई वैधता: हेवरमास के सैद्धांतिक दृष्टिकोण से

समाचार सारांश

एआई द्वारा तैयार। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • समाजशास्त्री युर्जेन हेवरमास 14 मार्च को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिन्होंने मार्क्सवाद को नए दृष्टिकोण से व्याख्यायित किया।
  • हेवरमास ने वैधता संकट में पूंजीवादी समाज में नागरिक और सरकार के बीच भरोसे की कमी को मुख्य समस्या माना।
  • नेपाल में बड़े दलों द्वारा नागरिक की अपेक्षाओं की पूर्ति न करने पर वैधता संकट ने राजनीतिक पराजय को जन्म दिया, लेख में उल्लेख है।

गत 14 मार्च को समाजशास्त्री युर्जेन हेवरमास का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे समाजशास्त्र और मार्क्सवाद में आलोचनात्मक दर्शन के प्रमुख प्रतिनिधि थे। आलोचनात्मक दर्शन में मार्क्सवाद का संबंध फ्रैंकफर्ट स्कूल ऑफ थॉट से जुड़ा है।

यह लेख फ्रैंकफर्ट स्कूल ऑफ थॉट के बारे में न हो, लेकिन हेवरमास के योगदान को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। फ्रैंकफर्ट इंस्टीट्यूट फॉर सोशल रिसर्च की स्थापना 1923 में जर्मनी के मार्क्सवादी विचारकों ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य यूरोप में श्रमिक वर्ग के आंदोलनों की विफलता, रूसी क्रांति के बाद स्टालिनवाद के उदय और बढ़ती फासीवाद की जड़ें समझकर मार्क्सवाद की कमजोरियों का पता लगाना था।

बढ़ती हुई फासीवाद अंततः द्वितीय विश्व युद्ध में तब्दील हुई और हिटलर का नाम विश्व तथा जर्मनी के इतिहास में एक काला अध्याय बन गया। 1929 में जन्मे हेवरमास ने फ्रैंकफर्ट स्कूल के अन्य सदस्यों के देश छोड़ने के समय, नाजी पार्टी के युवा दस्ते में 10 से 14 वर्ष के लड़कों के नेता के रूप में कार्य किया, जिसे उन्होंने अपने जीवन का अंधकारमय पक्ष स्वीकार किया।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उन्होंने अपना शेष जीवन मार्क्सवाद को नए परिप्रेक्ष्य से व्याख्यायित करने में समर्पित कर दिया। उन्होंने 50 से अधिक पुस्तकें और सैकड़ों शैक्षणिक लेख लिखे, जिनमें मानव मुक्ति के पक्ष को जीवित रखने पर जोर था।

प्रोफेसर जोनाथन टर्नर ने हेवरमास के बारे में लिखा है, “उनके विचार इतने व्यापक हैं कि समेट पाना कठिन है।”

हेवरमास का योगदान सार्वजनिक क्षेत्र, सामाजिक विज्ञान की तार्किकता, समाज में वैधता की समस्या, भाषण तथा अन्तरक्रियात्मक विश्लेषण, संचार माध्यम और मानसिकता के औपनिवेशीकरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है।

उनके निधन के बाद मैंने इन विषयों पर एमए समाजशास्त्र की कक्षा में बार-बार चर्चा की। साथ ही, मार्क्सवाद और लोकतंत्र के संदर्भ में सार्वजनिक क्षेत्र की अवधारणा के बारे में बहस हुई कि यह नेपाली समाज में लोकतांत्रिक माहौल बनाए रखने में कितनी उपयुक्त है।

परन्तु, मेरे और मेरे कुछ साथियों के मन में अभी भी एक प्रश्न है – नेताओं और बड़े दलों को नए चुनावों में भारी पराजय क्यों झेलनी पड़ी? पुराने दल क्यों हारे? हेवरमास ऐसे हालातों को कैसे विश्लेषित करते? इसका उत्तर उनके पुस्तक ‘लेजिटिमेसन क्राइसिस’ में निहित है।

लेजिटिमेसन क्राइसिस मुख्यतः पूंजीवादी समाज में नागरिकों द्वारा सामाजिक व्यवस्था पर विश्वास खोना और शासन की क्षमता में कमी का अनुभव होना है। किसी भी राजनीतिक व्यवस्था में नागरिकों का विश्वास आवश्यक होता है।

हेवरमास के अनुसार यह विश्वास दोतरफा होता है: सरकार नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार उपलब्ध करवाती है और नागरिक कानून का पालन करते, कर चुकाते तथा सार्वजनिक भागीदारी निभाते हैं। इन दोनों पक्षों के बीच अनुबंध व्यवस्था को संचालित करता है।

जब सरकार ये जिम्मेदारियां निभाने में विफल होती है या जनता की अपेक्षाओं की उपेक्षा करती है, व्यवस्था संकट में पड़ जाती है। नेताओं की असफलता, भ्रष्टाचार और संविधान उल्लंघन जनविश्वास में धक्का पहुंचाते हैं।

बड़े दलों द्वारा पिछले 20 वर्षों में नागरिकों की अपेक्षाएं पूरी न कर पाने के कई उदाहरण हम मीडिया में देखते आए हैं। ये घटनाएं सरकार द्वारा जनता को धोखा देना नहीं, बल्कि जनता के सामाजिक व्यवस्था पर विश्वास में बड़ी चोट पहुंचाना हैं।

इस अस्थिरता में आंदोलन, संघर्ष और हड़तालें बढ़ती जा रही हैं, जिनसे नागरिक जीवन और जटिल होता जा रहा है। जैसे-जैसे आक्रोश बढ़ता है, लोग छोटे-छोटे काम करके भी लोकप्रियता पाने लगते हैं और व्यवस्था के विकल्प तलाशने लगते हैं।

हेवरमास ने कहा है कि पूंजीवादी समाज में लोकतांत्रिक व्यवस्था में लेजिटिमेसन क्राइसिस का खतरा पारंपरिक समाज की तुलना में अधिक होता है। जहां पारंपरिक समाज में नेता का चयन अलौकिक शक्ति पर आधारित था, वहीं पूंजीवादी व्यवस्था में तर्क, दक्षता और नीतिगत आधार होता है। नेतृत्व की वैधता सतत कार्य और क्षमता से प्रमाणित होनी चाहिए, अन्यथा वह खो जाती है।

उनके अनुसार आर्थिक विषमता लेजिटिमेसन क्राइसिस को उकसाती है। कुछ अत्यधिक धनार्जन करते हैं और कई बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित रहते हैं, जिससे व्यवस्था के प्रति नकारात्मक भावना पैदा होती है।

नेपाल में 20 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे है। भाद्र 23 को माइतीघर में ‘मेरा बाप खाड़ी में, तुम्हारा बाप गाड़ी में’ जैसे नारों से सार्वजनिक असमानता झलकती है।

लेजिटिमेसन क्राइसिस का एक अन्य महत्वपूर्ण तत्व विचारधारा है। जब राजनीतिक नेतृत्व अपने वैचारिक आधार से दूर चला जाता है या व्यवहारिक भेद दिखाता है, तो नागरिक उसे स्वीकार करना बंद कर देते हैं।

२००७ से नेपाली दल समानता पर जोर देते आए हैं, परन्तु महिला, आदिवासी, दलित जैसे समुदायों में समानता बहस और दफ्तर की कागजी सीमाओं तक ही सीमित है।

तकनीकी विकास से नई जटिलताएं उत्पन्न होती हैं, जो लेजिटिमेसन क्राइसिस को बढ़ा सकती हैं। तकनीक से काम आसान होता है तो बेरोजगारी का खतरा बढ़ता है, जिसे नेतृत्व को संबोधित करना होगा।

मीडिया सामाजिक समस्याओं को उजागर कर रहा है और नेतृत्व को सचेत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। असंतोष, आलोचना और विरोध की अनदेखी करने से भ्रम और असंतोष बढ़ता है, जिससे व्यवस्था की वैधता कमजोर पड़ती है।

नेपाली मीडिया में जनता का राज्य संचालन पर विश्वास न होना बड़े पैमाने पर उठाया गया है। लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले दल इन आवाजों को सत्ता के अवसर के लिए ही संबोधित करते हैं। इसके विपरीत, नेता अपनी कमजोरियों को मजाक के रूप में प्रस्तुत करते रहते हैं।

लेजिटिमेसन क्राइसिस की पहली अवस्था में नागरिकों के व्यवस्था पर भरोसा कम होता है, जिससे मतदान का प्रतिशत गिरता है। दूसरी अवस्था में कानून उल्लंघन और अनियमितताएं बढ़ती हैं, जैसे सड़कों पर अनाधिकृत रूप से चलना आदि। यह सामाजिक अस्थिरता को जन्म देता है।

यह स्थिति आंदोलन, संघर्ष और हड़तालों को बढ़ावा देती है और नागरिक जीवन को अधिक कष्टदायक बनाती है। लोग छोटे-छोटे कामों से भी लोकप्रियता पाने लगता हैं और व्यवस्था के विकल्प खोजने की प्रक्रिया शुरू होती है। यह वर्तमान नेपाली राजनीतिक स्थिति की मूल सच्चाई है।

नेपाली नागरिक वर्तमान व्यवस्था में सुधार के विकल्प खोजते हुए राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी को मतदान कर विकल्प दे चुके हैं।

अब तक सात महीनों में प्रभावशाली माने जाने वाले राजनीतिक दल एक साथ नागरिक वोट से पराजित हुए हैं। सभी दल हार के कारण खोज रहे हैं।

संक्षिप्त उत्तर यह है कि ये दल नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना छोड़ चुके थे और खुद को जनता से अलग समझने लगे थे। यही वजह है कि उन्हें भारी पराजय झेलनी पड़ी। यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि हजारों घटनाओं का परिणाम है।

आगामी सरकार और भविष्य में बड़े दल बनने वाले नेताओं को चाहिए कि वे नागरिकों की समस्याएं, आलोचनाएं और आक्रोश खुले संवाद के माध्यम से सुनें और समाधान खोजें। संवाद की अनदेखी करने वाले अपनी ही नेतृत्व की वैधता खो देंगे।

लेजिटिमेसन क्राइसिस को रोकने के लिए सभी प्रकार की असमानता को घटाना और पारदर्शिता बढ़ानी होगी। तभी लोकतंत्र बच सकेगा, अन्यथा व्यवस्था विकल्प खोजने के लिए मजबूर होगी। हेवरमास के ये विचार नेपाल की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को समझने में मदद करते हैं।

नेपाल निर्वाचन २०८२: नए संसद में सन्कुचित विपक्ष की भूमिका कैसी होगी?

(बाएँ से क्रमशः) नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापा, नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली और नेकपा के संयोजक पुष्पकमला दाहाल 'प्रचंड'

तस्वीर स्रोत, Reuters/BBC

तस्वीर का कैप्शन, दूसरे और तीसरे सबसे बड़े दल के प्रमुख इस बार के संसद में नहीं दिखेंगे

नई निर्वाचित संसद में सत्ताधारी दल की लगभग दो तिहाई संख्यात्मक बहुमत के बीच विपक्षी दलों की भूमिका कितनी प्रभावी हो सकती है, इस पर सवाल उठ रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) ने अकेले १८२ सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में प्रमुख विपक्षी नेपाली कांग्रेस के केवल ३८, उसके बाद नेकपा एमाले के २५, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के १७, श्रम संस्कृति पार्टी के ७, राष्ट्रवादी प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) के ४ तथा १ स्वतंत्र सदस्य रहेंगे।

लोकतंत्र में सत्ता में रहने वाली पार्टी के साथ-साथ विपक्ष का भी बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इस दृष्टिकोण से, नई संसद की संरचना ने कई सवाल खड़े किए हैं, ऐसे विश्लेषक मानते हैं।

विपक्षी दल क्या कहते हैं?

नेपाली कांग्रेस प्रमुख प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने जा रही है। इस संदर्भ में पार्टी के समानुपातिक प्रणाली से निर्वाचित सांसद अर्जुननरसिंह केसी का मानना है कि उनकी भूमिका स्पष्ट है।

“कानून के शासन, भ्रष्टाचार मुक्त समाज और सुशासन के लिए सरकार के हर कदम का हम पूर्ण समर्थन करेंगे। हम रचनात्मक सहयोगी बनेंगे। जनता की अभिमत का सम्मान करना हमारा राजनीतिक धर्म, संस्कार और लोकतांत्रिक आदर्श है,” केसी ने कहा।

वर्षाका कारण दाउन्ने सडकखण्ड पूर्ण रुपमा अवरुद्ध – Online Khabar

वर्षा के कारण दाउन्ने सड़कखंड पूरी तरह से अवरुद्ध

७ चैत्र, नवलपरासी पूर्व। भारी वर्षा के कारण नवलपरासी पूर्व के दाउन्ने सड़कखंड पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है।

भारी वर्षा के चलते विनयी त्रिवेणी गाउँपालिका २ दाउन्ने बाजार स्थित ६४ मोड़ पर सड़क की मरम्मत के दौरान सड़क गीली और फिसलन भरी होने के कारण राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है।

शुक्रवार से सवारी आवागमन प्रभावित होने वाले दाउन्ने खंड में आज सुबह से हो रही वर्षा के कारण राजमार्ग दोनों ओर से पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो गया है, यह जानकारी जिला प्रहरी कार्यालय नवलपरासी पूर्व के प्रहरी उपरीक्षक युवराज खड्काले दी है।

रात के समय मालवाहक वाहन चलाने पर रोक

नारायणघाट–बुटवल सड़कखंड पर रात के समय बड़े मालवाहक वाहन चलाने पर रोक लगाई गई है।

नारायणघाट-बुटवल सड़क योजना कार्यालय ने सूचना जारी कर शुक्रवार से ८ चैत्र तक रात ७ बजे से सुबह ५ बजे तक दुम्किवास-दाउन्ने-बर्दघाट खंड में बड़े मालवाहक वाहनों को रोकने की सूचना दी है।

कार्यालय के अनुसार, बड़े मालवाहक वाहन बर्दघाट की ओर त्रिवेणी चोक और दुम्किवास बाजार क्षेत्र में रोके जाएंगे।

यात्रुवाहक और आकस्मिक सेवाओं के वाहन प्राथमिकता के आधार पर संचालित होंगे।

सड़क विस्तार और मरम्मत के काम के दौरान दाउन्ने सड़कखंड में वर्षा के कारण सड़क फिसलन भरी हो गई तथा बड़े मालवाहक वाहन अटकने लगे, जिस कारण यह निर्णय लिया गया है, सड़क योजना कार्यालय ने बताया।

दाउन्ने सड़कखंड अवरुद्ध होने के कारण पश्चिम से आने वाले वाहनों को सिद्धार्थ राजमार्ग की ओर डाइवर्ट किया गया था। आज वह राजमार्ग भी सिद्धबाबा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है।

इरान ने होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से जापानी जहाज़ों के आवागमन की अनुमति देने की तैयारी की

इरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची।



७ चैत, काठमांडू। इरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से जापान से जुड़े जहाज़ों के आवागमन की अनुमति देने की तैयारी की जानकारी दी है।

उन्होंने जापानी समाचार एजेंसी क्योडो न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि इरान होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से जापान से संबंधित जहाज़ों के आवागमन को मंज़ूरी देने के लिए तैयार है।

‘क्योडो न्यूज़’ के अनुसार, अरागची ने बताया कि प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने के लिए जापानी पक्ष के साथ पहले ही संवाद शुरू कर दिया गया है।

अरागची की इस घोषणा के बाद, जापान सरकार के एक अधिकारी ने क्योडो न्यूज़ से कहा, ‘प्रतिबंध हटाने का सबसे प्रभावी तरीका इरानी पक्ष के साथ सीधे संवाद करना है।’

समाचार में यह भी बताया गया कि उक्त अधिकारी ने अमेरिका की उकसाहट से बचने के लिए अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।

‘हेलिकॉप्टर से दबे लोगों को उठाकर निकाला गया’

७ चैत, खोटाङ। भूपू युके लाहुरे डाकमणि राई की पत्नी मनलक्ष्मी की यूके में गत फागुन ७ तारीख को मृत्यु हुई। परिवार की सहमति अनुसार मनलक्ष्मी का शव गाँव ही ले जाकर अंतिम संस्कार करने के लिए डाकमणि अपने बच्चों और रिश्तेदारों के साथ गाँव आ रहे थे।

गाँव में दाजुभाइ, पड़ोसी और करीब के रिश्तेदारों को अंतिम संस्कार के लिए हेलिकॉप्टर से आने की खबर थी। डाकमणि का गाँव खोटाङ के केपिलासगढी गाउँपालिका-२ खार्ताम्छा स्थित बालाबेसी है। वे इसी चैत ४ तारीख को अपने बच्चों के साथ हेलिकॉप्टर से घर के पास उतरने की तैयारी कर रहे थे।

डाकमणि के घर के नजदीक खेत की जमीन पर हेलिकॉप्टर उतारने के लिए सफेद अक्षरों में अंग्रेजी ‘H’ लिखा गया था। दिन के करीब १२ बजने वाले थे कि हेलिकॉप्टर की आवाज सुनाई देने लगी। रिश्तेदार और पड़ोसी हेलिकॉप्टर उतरने वाली जगह के आस-पास जमा हो गए।

उड़ रहा हेलिकॉप्टर धीरे-धीरे करीब आ रहा था। एयर डायनेस्टिक का हेलिकॉप्टर अपने पंखे से धूल उड़ाने लगा, जिससे कई स्थानीय लोग पीछे हट गए। कुछ लोग धूल को रोकते हुए मोबाइल से वीडियो और फोटो लेने लगे।

धूल उड़ाते हुए जमीन पर उतर चुका हेलिकॉप्टर अचानक अपनी पुंछ ऊपर उठा कर खाई में गिर गया। निचली जमीन पर उतारने वाला हेलिकॉप्टर ऊपरी खेत में पहुंच कर क्षतिग्रस्त हो गया। खेत के किनारे आने के बाद जब इसे थोड़ा दीवार की ओर स्थानांतरित करने की कोशिश की गई, तो वह उड़ गया, जैसे प्रत्यक्षदर्शी प्रकाश राई ने बताया।

हेलिकॉप्टर के पायलट थे खोटाङ के दिक्तेल रुपाकोट मझुवागढी नगरपालिका-३ बाम्राङ निवासी सविन थापा। डाकमणि, उनके बेटा बालकुमार राई, बेटी लक्ष्मी राई, रिश्तेदार समला राई और पास्टर काजीबहादुर राई यात्री के रूप में सवार थे।

हालांकि दुर्घटना गंभीर थी, काजीबहादुर को छोड़ सभी सुरक्षित निकले। ललितपुर निवासी काजीबहादुर को दबे हुए हालात में बाहर निकाला गया था।

हेलिकॉप्टर में आग नहीं लगी, जिससे पायलट और सभी यात्रियों की जान बची, यह जानकारी खार्ताम्छा के वडाध्यक्ष मिलन राई ने दी। पायलट थापा ने तुरंत इंजन बंद कर दिया था, इसलिए हेलिकॉप्टर में आग नहीं लगी।

मनलक्ष्मी के शव को हेलिकॉप्टर से ही गाँव ले जाने का प्रबंध था, लेकिन कफिन हेलिकॉप्टर में नहीं फिट हुआ। इसलिए कफिन को एम्बुलेंस द्वारा गाँव ले जाने की व्यवस्था कर मृतक के परिवार वाले हेलिकॉप्टर में सवार हुए।

सुबह ११ बजकर ५१ मिनट थे। अपनी आंखों के सामने अनहोनी दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शी बने स्थानीय लोग। उड़ते हुए हेलिकॉप्टर का पंखा पट्मेरो के पेड़ से टकराकर टूट गया। उसके बाद हेलिकॉप्टर उल्टा पलटा और वहीं अटका रहा।

डाकमणि के परिवार को इंतजार कर रहे पड़ोसी बिखर गए। घटना स्थल पर रोने-बिलखने और चिचियाने की आवाज शुरू हो गई। पायलट थापा, डाकमणि, उनके बेटे बालकुमार, बेटी लक्ष्मी और रिश्तेदार समला राई ने सीट बेल्ट खोलकर आसानी से बाहर निकले।

दबे हुए पास्टर काजीबहादुर को चिल्लाते हुए करीब १५-२० लोगों ने क्षतिग्रस्त हेलिकॉप्टर उठाकर बाहर निकाला। ‘हम सब बेहोशी की हालत में थे। उस स्थिति में हेलिकॉप्टर फटने का खतरा था, लेकिन लोगों को बचाने के लिए हमने हेलिकॉप्टर उठाया,’ राई ने बताया, ‘साइलेंसर के हिस्से से धुआं निकल रहा था। पायलट ने इंजन बंद कर दिया था, इसलिए आग नहीं लगी।’ हेलिकॉप्टर को फिलहाल तिरपाल से ढंककर रखा गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में हेलिकॉप्टर खेत की डिल पर उतरा था। हेलिकॉप्टर को ‘H’ साइन वाले स्थान पर ले जाने के प्रयास में दुर्घटना हुई, ऐसा स्थानीय लोग अनुमान लगाते हैं।

दुर्घटना में घायल पास्टर राई और पायलट थापा को तुरंत दूसरे हेलिकॉप्टर से काठमाडौँ ले जाया गया। दुर्घटना ग्रस्त डाकमणि के परिवार ने मनलक्ष्मी का अंतिम संस्कार कर दिया है।

युद्ध के दौरान यात्रुवाहक विमानों की उड़ान प्रबंधन कैसे किया जाता है

एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम

तस्वीर स्रोत, Getty Images

पिछले १५ दिनों से ईरान और खाड़ी क्षेत्र के आकाश में ड्रोन मंडरा रहे हैं, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोलर युद्ध क्षेत्र के संकरे और सुरक्षित हवाई मार्गों से यात्रुवाहक विमानों को संघर्ष रहित रूप से मार्गदर्शन कर रहे हैं।

फ्लाइट ट्रैकर मानचित्र में देखने पर मिस्र और जॉर्जिया के आसमान की व्यस्तता स्पष्ट नजर आती है।

एयर ट्रैफिक कंट्रोलर विभिन्न मानचित्र क्षेत्रों की निगरानी करके यह पहचानते हैं कि कौन सा विमान अपने निर्धारित मार्ग पर है और कौन सा मार्ग से बाहर निकला है।

सामान्य तौर पर एक कंट्रोलर एक समय में छह विमानों का प्रबंधन कर पाता है, लेकिन युद्ध के दौरान नियंत्रित विमानों की संख्या दोगुनी हो सकती है।

“हमारा मस्तिष्क २० से ३० मिनट के बीच ऐसी तीव्र एकाग्रता बनाए रख सकता है,” कहते हैं सेवानिवृत्त एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ब्रेन रोश।

जब ठेकी-मदानी दोबाटोमा फ्याँकिन्छन्…!

जब ठेकी-मदानी दो रास्तों में फंसे होते हैं…!

मदानी के अंग जैसे कि तरी, नेती, कोइला, पोरा के बारे में आज के किशोर-किशोरियों को जानकारी न हो, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

भारत की सबसे पुरानी समाचार एजेंसी यूएनआई के कार्यालय को ‘सील’ किया गया


७ चैत, काठमाण्डू। भारत की नई दिल्ली में स्थित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के कार्यालय को ‘सील’ कर दिया गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई की।

यूएनआई के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने पीटीआई से कहा, ‘शाम के समय केंद्र सरकार के संपत्ति विभाग के कुछ कर्मचारी आए। उन्होंने बताया कि आपकी लीज समाप्त हो चुकी है, कृपया तुरंत स्थान खाली करें। उन्होंने हमारे न्यूज़ रूम (समाचार कक्ष) में प्रवेश किया… और जबरदस्ती हमें बाहर निकाला।’

यूएनआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से अपने कार्यालय के ‘सील’ किए जाने की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी साझा किए गए हैं, जिनमें यूएनआई परिसर में बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी दिख रहे हैं। वीडियो में अधिकारी पत्रकारों और कर्मचारियों से कार्यालय खाली करने के लिए कह रहे हैं।

यूएनआई ने ‘एक्स’ पर लिखा है, ‘देश की सबसे पुरानी और सबसे सम्मानित समाचार एजेंसियों में से एक यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया के कार्यालय के ‘सील’ किए जाने से प्रेस स्वतंत्रता के प्रति गहरी चिंता उत्पन्न हुई है।’

यूएनआई ने आरोप लगाया है कि उनके कर्मचारियों को जबरदस्ती बाहर निकाला गया और उन्हें अपने निजी सामान को ले जाने की भी अनुमति नहीं दी गई। कार्यालय खाली करवाने के दौरान कर्मचारियों के साथ कुप्रयोग भी किया गया।

यूएनआई ने अपने पोस्ट में एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी दिखाई दे रहे हैं और कर्मचारी खुद पर धक्का-मुक्की होने की बात कह रहे हैं।

अंग्रेजी अखबार ‘द स्टेट्समैन’ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा है, ‘भारत में मीडिया की स्वतंत्रता पर अभूतपूर्व दमन और हमले के रूप में देश की सबसे पुरानी समाचार एजेंसी यूएनआई के रफी मार्ग स्थित कार्यालय पर पुलिस ने सच्चाई में हमला किया है। कर्मचारियों को अपना सामान समेटने या व्यवस्थापन करने का भी समय नहीं दिया गया।’

‘प्रिमनसुन’ वर्षा और हिमपात से सड़कों पर समस्या: ‘रविवार तक सावधानी से यात्रा करें’

दाउन्ने खंड
तस्वीर का कैप्शन, बारिश के कारण वाहन फिसलने की स्थिति बनते हुए महेन्द्र राजमार्ग के दाउन्ने खंड में अवरोध उत्पन्न हुआ है

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शुक्रवार से देश के अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा होने वाले मौसमी सिस्टम के कारण विभिन्न मुख्य सड़क मार्गों पर बड़े अवरोध की सूचना अधिकारियों ने दी है।

राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण ने शनिवार दोपहर जानकारी दी कि मध्यपहाड़ी राजमार्ग के रुकुम पूर्व और बागलुङ को जोड़ने वाले खंड में हिमपात से अवरोध हुआ है, जबकि बारिश के कारण महेन्द्र राजमार्ग के दाउन्ने खंड में सड़क फिसलने से दोनों दिशाओं में यातायात बाधित है।

प्राधिकरण की प्रवक्ता शांति महत ने बताया कि शुक्रवार को वर्षा के कारण अवरुद्ध हुए कान्ति लोकपथ और बीपी राजमार्ग खुल गए हैं, लेकिन बारिश जारी रहने के कारण रविवार तक यात्रा में सावधानी बरतने और अच्छी तरह से जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

पुलिस और संवाददाताओं के अनुसार देश के अन्य बड़े और छोटे सड़कों पर भी अवरोध हैं और उन्हें हटाने का कार्य जारी है, इसलिए कुछ स्थानों पर पूर्ण और कुछ पर एकतरफा बंदिशें हैं।

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि शनिवार रात से पश्चिमी न्यून दाब और स्थानीय वायु प्रणाली के संयुक्त प्रभाव में कमी आने लगेगी, लेकिन अभी भी रविवार तक बारिश होने का अनुमान है।

लागुऔषधसहित एक भारतीयसहित पाँच जना पक्राउ – Online Khabar

लागुऔषध सहित एक भारतीयसमेत पाँच जना पक्राउ


७ चैत, काठमाडौं। नेपाल प्रहरीले लागुऔषध नियन्त्रण ब्यूरो मार्फत खैरो हेरोइन र चरेस सहित पाँच जनालाई विभिन्न घटनामा पक्राउ गरेको छ। ब्यूरोको जानकारी अनुसार दुई फरक घटनामा पाँच जनालाई नियन्त्रणमा लिइएको हो।

ब्यूरोका प्रवक्ता दुर्गाराज रेग्मीका अनुसार, पहिलो घटनामा काठमाडौंका विद्यालय र कलेजमा अध्ययनरत विद्यार्थीहरूलाई पनि लागुऔषध बिक्री भइरहेको सूचना पाएपछि ललितपुरबाट एक महिला पक्राउ परेकी छिन्।

पक्राउ परेकी महिलाको नाम कल्पना तामाङ हो, जो मकवानपुरको थाहा नगरपालिका–११ की ३८ वर्षीया महिला हुन्। उनको कब्जाबाट २ किलो ३०० ग्राम चरेस र डिजिटल तराजु बरामद भएको ब्यूरोले जनाएको छ।

त्यसैगरी अर्को घटनामा भारतबाट काठमाडौंमा खैरो हेरोइन ल्याएर बिक्री भइरहेको भन्ने सूचना आएपछि खटिएको टोलीले काठमाडौं महानगरपालिका–१५, कारखाना चोकबाट तीन जनालाई पक्राउ गरेको छ। उनीहरू सिन्धुपाल्चोक सुनकोशी–५ का ३१ वर्षीय विशाल श्रेष्ठ, चौतारा–७ का ३९ वर्षीय अर्जुन थापा र काभ्रे तेमाल–८ का ३० वर्षीय सागर तामाङ रहेका छन्। उनीहरूको नियन्त्रणबाट ३७ ग्राम ४०० मिलिग्राम खैरो हेरोइन र डिजिटल तराजु बरामद भएको प्रहरीले जानकारी दिएको छ।

अर्थात्कै सो घटनाको थप अनुसन्धानका क्रममा उनीहरूलाई भारतको बिहारबाट खैरो हेरोइन ल्याउने जिम्मेवारी दिने बिहार अररिया फारबिसगन्जका २५ वर्षीय विपुल बर्मालाई पनि ब्यूरोले पक्राउ गरेको छ। उनको नियन्त्रणबाट १०० ग्राम खैरो हेरोइन फेला परेको बताइएको छ।