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लेखक: space4knews

साहिबजादा फरहान फेब्रुअरी के ‘आईसीसी प्लेयर ऑफ़ द मंथ’ बने

समाचार सारांश

  • पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान को फरवरी 2026 के लिए आईसीसी ‘प्लेयर ऑफ़ द मंथ’ चुना गया।
  • फरहान ने आईसीसी टी-20 विश्व कप में 7 मैचों में 383 रन बनाकर दो शतक और दो अर्धशतक बनाए।
  • वे एक ही टी-20 विश्व कप में दो शतक बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने और आईसीसी टी-20 बैटिंग रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचे।

9 चैत्र, काठमांडू । पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान को फरवरी 2026 के लिए आईसीसी ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ घोषित किया गया है। उन्होंने आईसीसी टी-20 विश्व कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण यह सम्मान प्राप्त किया।

फरहान ने 76.60 की औसत से 7 मैचों में 383 रन बनाए। उन्होंने दो शतक और दो अर्धशतक लगाए। इस दौरान उन्होंने विराट कोहली के एक ही संस्करण में सबसे अधिक रन बनाने के रिकॉर्ड को भी तोड़ा।

वे एक ही टी-20 विश्व कप में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने। इसके साथ ही उन्होंने फखर जमान के साथ मिलकर 176 रन की साझा रिकॉर्ड भी बनाई।

अद्भुत प्रदर्शन के बाद वे आईसीसी टी-20 बैटिंग सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। हालांकि, बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद पाकिस्तान सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सका।

यह फरहान का पहला आईसीसी मासिक पुरस्कार है। इससे पहले हारिस रऊफ पाकिस्तान से इस पुरस्कार को जीतने वाले क्रिकेटर थे।

 

गगनले समाते कांग्रेस ‘स्टेयरिङ’, भने- अब अलमलिन्नौँ

गगन ने कांग्रेस का नेतृत्व संभाला, कहा – अब झुकेंगे नहीं

१० चैत, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के सभापति गगनकुमार थापाले पार्टी के आंतरिक शुद्धिकरण और संरचनात्मक परिवर्तन के लिए ‘ग्रैंड रिफॉर्म’ (वृहत्तर सुधार) योजना प्रस्तुत की है। प्रतिनिधि सभा निर्वाचन में पार्टी के व्याप्त हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दिया गया इस्तीफा केन्द्रीय कार्यसमिति द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद उन्होंने ‘ग्रैंड रिफॉर्म’ योजना आगे बढ़ाई है। केन्द्रीय कार्यसमिति की मंगलवार की बैठक में संचारकर्मियों समेत उपस्थितियों के बीच संबोधन करते हुए उन्होंने कहा कि अब का सफर महाधिवेशन और पार्टी पुनर्जागरण पर केंद्रित होगा।

पार्टी के ‘ग्रैंड रिफॉर्म’: शुद्धिकरण और पुनर्जागरण पर विचार व्यक्त करते हुए सभापति थापाले अब पार्टी में सामान्य सुधार नहीं, बल्कि ‘ग्रैंड रिफॉर्म’ की आवश्यकता बताई। सत्ता के लिए किए जाने वाले सिद्धांतहीन समझौतों और राज्य शक्ति के दुरुपयोग जैसे ‘मैले पात’ को हटाने का वक्त आ गया है, उनका कहना है। पार्टी की कमजोर संरचना से मौलिकता दब गई है, उन्होंने चार पीढ़ियों की विविधता को कांग्रेस की शक्ति बनाने पर जोर दिया। पार्टी को ‘इलेक्शन मशीन’ मात्र नहीं, बल्कि जीवंत सामाजिक आन्दोलन के रूप में पुनर्जीवित करने की बात उन्होंने कही।

थापाले निर्वाचन में पराजय की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि वे ‘टीम के कप्तान’ होने के नाते जवाबदेही से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने इस्तीफा किसी दबाव या थकान की वजह नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही का कसौटी बताया। थापाले यह भी कहा कि विशिष्ट महाधिवेशन को लेकर उलझन के कारण इस्तीफा नहीं दिया गया और वे किसी दबाव में नहीं हैं।

गगनकुमार थापाले १५वें महाधिवेशन की कार्यतालिका २०८३ भदौ में सम्पन्न करने का विस्तृत प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव के अनुसार २०८३ वैशाख में वडास्तर पर सदस्यता वितरण एवं अद्यतन किया जाएगा। उन्होंने निर्वाचन अवधि में आधिकारिक उम्मीदवारों को असहयोग करने की प्रवृत्ति को गंभीरता से नोटिस में ले जाने की चेतावनी भी दी।

नए सरकार से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा करते हुए कांग्रेस पूर्ण समर्थन देने की प्रतिबद्धता भी उन्होंने जाहिर की। संवैधानिक संशोधन एवं राष्ट्रीय सहमति की पहल पर कांग्रेस एक वरिष्ठ नेता की संयोजकता में विशेषज्ञों समेत समिति का गठन करेगी, यह उन्होंने बताया।

गगनकुमार थापाले जेएनयू आंदोलन की जांच आयोग की रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा, ‘वह रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक और लागू हो। जिसने भी गलती की है, उसे सजा मिले।’

जनकपुरधाम में धार्मिक परंपराओं के साथ चैती छठ पर्व की भव्यता (फोटो)

१० चैत, जनकपुरधाम। आज मधेश क्षेत्र सहित जनकपुरधाम में चैती छठ पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। आज शाम को सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करने का कार्यक्रम निर्धारित है। इसके बाद कल सुबह उगते सूर्यदेव, जिन्हें दिनानाथ भी कहा जाता है, को अर्घ्य देकर चैती छठ का विधिवत समापन किया जाएगा।

जनकपुरधाम के गंगासागर, अर्गजा सागर समेत विभिन्न जलाशयों में भक्तों की भारी भीड़ इस पर्व को देखने और भाग लेने के लिए इकठ्ठा हो रही है।

चैती छठ की परंपरा के अनुसार यह माना जाता है कि इससे हर मनोकामना पूर्ण होती है और छालाजैसे रोग कभी नहीं होते।

यह पर्व चार दिनों तक अत्यंत श्रद्धा और निष्ठा के साथ मनाया जाता है। पहले दिन नहाने-धोने का अनुष्ठान किया जाता है। दूसरे दिन दिनभर का व्रत रखकर रात में केवल सख्खर से बनी खीर का सेवन किया जाता है। तीसरे दिन, जो कि षष्ठी तिथि है, निराहार उपवास रहता है और शाम क अस्त होते हुए सूर्य को जलाशय में खड़े होकर स्नान के साथ अर्घ्य दिया जाता है।

आज सूरज के अस्त होने के लगभग एक घंटे पहले ही व्रतधारी जलाशय में प्रवेश कर कष्ठीमाता की ओर ध्यान लगाकर दिनानाथ को अर्घ्य देना शुरू करते हैं। अर्घ्य में ठकुवा, भुसुवा, मूली, गुड़, भंटा, केले, नारियल सहित कई वस्तुएं प्रसाद स्वरूप अर्पित की जाती हैं।

ब्रतधारी आज रात भर जागरण कर अगले दिन चैत्र शुक्ल सप्तमी तिथि को उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पर्व का समापन करते हैं।

फोटो: शैलेन्द्र महतो

काठमाडौँ महानगर शिक्षा समितिद्वारा गरिएका निर्णयहरूको कार्यान्वयनको समीक्षा

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा गरिएको।

  • काठमाडौँ महानगरपालिकाले २०७४ साल पश्चात् शिक्षा समितिद्वारा गरिएका निर्णयहरूको कार्यान्वयन समीक्षा शुरु गरेको छ।
  • शिक्षा समितिले सार्वजनिक तथा निजी गुठीको विधान शिक्षा अधिकारीलाई प्रमाणित गर्ने अधिकार दिने निर्णय गरेको छ।
  • समितिले २०७८ सालमा शुल्क निर्धारण समितिको प्रतिवेदनअनुसार संस्थागत विद्यालयहरूको शुल्क निर्धारण गरेको छ।

१० चैत, काठमाडौँ – काठमाडौँ महानगरपालिकाले २०७४ के बाद शिक्षा समितिद्वारा गरिएका निर्णयहरूको कार्यान्वयनको समीक्षा शुरू गरेको छ।

समितिका अध्यक्ष तथा कार्यवाहक महानगर प्रमुख सुनिता डङ्गोलको अध्यक्षतामा आज भएको बैठकमा शिक्षा अधिकृत केशव ज्ञवालीले विगत आठ वर्षमा समितिद्वारा गरिएका मुख्य निर्णयहरू र तिनको कार्यान्वयन स्थितिको प्रस्तुतीकरण गरेका छन्।

बैठकले महानगरलाई साक्षर नगर घोषणा गर्ने, सार्वजनिक तथा निजी गुठीको विधान शिक्षा अधिकारीलाई प्रमाणित गर्ने अधिकार दिने, तहगत प्रधानाध्यापक व्यवस्थापनको जिम्मेवारी शिक्षा विभागलाई दिने, कक्षा १ को कक्षा सञ्चालन अनुमति नदिने, विद्यालयको परिचय पट्टिमा नेपाली, अंग्रेजी तथा नेपाली भाषामा नाम लेख्न शिक्षा विभागलाई निर्देशन दिने निर्णय गरेको छ।

त्यसैगरी, शिशु स्याहार, मन्टेश्वरी र पूर्वप्राथमिक तहको कक्षा सञ्चालन अनुमति दिने तथा अभिलेखनको जिम्मेवारी शिक्षा विभागलाई दिने निर्णय कार्यान्वयनमा आएको शिक्षा अधिकृत ज्ञवालीले बताए।

समितिले २०७८ सालमा शुल्क निर्धारण समितिको प्रतिवेदनअनुसार संस्थागत विद्यालयहरूको शुल्क निर्धारण गरेको छ। दर्ता भएर सञ्चालनमा नदेखिएका १०७ वटा विद्यालयहरू मध्ये ४२ वटा सम्पर्कमा आएका छन्।

यीमध्ये सातवटाले सञ्चालन गरिरहेका छन् र ३५ वटा विद्यालय सञ्चालन तयारीमा रहेको शिक्षा विभागले जानकारी दिएको छ।

पछिल्लो समीक्षासँगै बैठकमा नौ वटा प्रस्ताव प्रस्तुत भएका थिए। ती प्रस्तावहरूमा छलफल गर्दै अध्यक्ष डङ्गोलले विद्यालयको सामाजिक नक्साङ्कनको काम १० दिनभित्र पूरा गर्न विभागलाई निर्देशन दिए।

उनले भने, ‘शैक्षिक सत्र सुरू हुनुअघि सबै तयारीहरू पूरा गर्नुहोस। विद्यालयको बेरूजु घटाउन, शिक्षकहरूलाई प्रविधि तथा प्राविधिक क्षेत्रमा क्षमतावृद्धि गर्ने कार्यक्रमलाई प्राथमिकतामा राखेर अघि बढ्नुहोस।’

प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत सरोज गुरागाईंले मापनयोग्य शैक्षिक नतिजाका लागि शैक्षिक कार्यक्रम सञ्चालन गर्न विभागले नवीनतम कार्यक्रम तर्जुमा गर्नुपर्नेमा जोड दिए और प्रविधि तथा प्राविधिक शिक्षालाई प्राथमिकता दिनुपर्ने आवश्यक्ता रहेको बताए।

स्वास्थ्य शिक्षा समितिका संयोजक चिनीकाजी महर्जनले विद्यालय छोड्ने समस्यामा गम्भीर रूपमा विचार गर्नुपर्ने बताउँदै भने, ‘विद्यार्थी भर्ना गर्ने समय नजिकिँदैछ, अभियानका क्रममा विद्यालय छोडेर जाने बालबालिकासँग सम्बन्धित सामाजिक कारणहरूको खोजी गर्नुपर्छ, त्यसपछि मात्र कार्यक्रम दीगो हुनेछ।’

इरान के नए सुरक्षा प्रमुख बने मोहम्मद बागेर जोल्घादर

इरान ने अली लारिजानी के निधन के बाद मोहम्मद बागेर जोल्घादर को सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नया सचिव नियुक्त किया है। राष्ट्रपति कार्यालय के संचार उपप्रमुख सय्यद मोहम्मद मेहदी तबताबाई ने इरान के सर्वोच्च नेता की राय और स्वीकृति के साथ इस नियुक्ति की पुष्टि की है। जोल्घादर 16 मार्च को इजरायली हमले में मारे गए लारिजानी की जगह लेंगे और वे आईआरजीसी के पूर्व उपकमान्डर-इन-चीफ रह चुके हैं।

अली लारिजानी के निधन के बाद इरान ने अपना नया सुरक्षा प्रमुख नियुक्त किया है। मोहम्मद बागेर जोल्घादर को सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नया सचिव बनाया गया है। राष्ट्रपति कार्यालय के संचार एवं सूचना उपप्रमुख सय्यद मोहम्मद मेहदी तबताबाई ने इस नियुक्ति की पुष्टि सार्वजनिक रूप से की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘यह निर्णय इरान के सर्वोच्च नेता की राय और स्वीकृति के अनुसार लिया गया है।’

जोल्घादर 16 मार्च को इजरायली हमले में शहीद हुए अली लारिजानी की जगह लेंगे। ब्रिगेडियर जनरल जोल्घादर क्रांतिकारी गार्ड के प्रमुख कमांडरों में से एक थे। वे रमजान ओवरसीज बेस के संस्थापकों में से एक थे, जिसने बाद में कुड्स फोर्स (आईआरजीसी की विदेशी शाखा) का मूल आधार तैयार किया। जोल्घादर ने आठ वर्षों तक आईआरजीसी संयुक्त कर्मचारी प्रमुख और आठ वर्षों तक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के उपकमान्डर-इन-चीफ के रूप में सेवा दी है।

ओमान और स्कॉटलैंड के खिलाफ लीग 2 श्रृंखला में नामीबिया की कप्तानी स्मिथ करेंगे

समाचार सारांश

समीक्षा किया गया सामग्री।

  • आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग 2 की आगामी श्रृंखला में नामीबिया की कप्तानी जेजे स्मिथ करेंगे।
  • नामीबिया की टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मजबूत मिश्रण मौजूद है।

9 चैत्र, काठमांडू। आईसीसी विश्व क्रिकेट लीग 2 के तहत ओमान और स्कॉटलैंड के खिलाफ आगामी वनडे श्रृंखला में नामीबिया की कप्तानी जेजे स्मिथ करेंगे।

नियमित कप्तान जेरार्ड एरासमस ने कप्तानी से विश्राम लिया है, जिसके चलते स्मिथ को कप्तान बनाया गया है। एक वीडियो में स्मिथ और एरासमस ने साथ मिलकर टीम की घोषणा की, जिसमें एरासमस ने स्मिथ को कप्तान नियुक्त किए जाने की बात कही।

स्मिथ ने नेपाल में हाल ही में संपन्न पिछले संस्करण के नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) में लुम्बिनी लायंस की ओर से खेलते हुए उपाधि जीती थी।

नामीबिया क्रिकेट ने बताया है कि टीम में अनुभवी और युवाओं का उत्कृष्ट संयोजन है। टीम में नए खिलाड़ियों विलियम लोतेरिङ और जाचियो जेन्सेन वान भुरेन को भी शामिल किया गया है।

नियमित कप्तान के विश्राम के कारण पूरी श्रृंखला के दौरान टीम की कप्तानी जेजे स्मिथ करेंगे।

नामीबिया टीम के खिलाड़ी इस प्रकार हैं: जेजे स्मिथ (कप्तान), जेरार्ड एरासमस, मलान क्रूगर, बर्नार्ड स्कोल्ज़, विलियम मयबर्ग, जान फ्रायलिंक, बेन शिकोंगो, रुबेन ट्रम्पेलमैन, मैक्स हैइंगो, ज्यैक ब्रैसल, जेन ग्रीन, डिलन लाइचर, विलियम लोतेरिङ, जाचियो वान भुरेन।

निर्वाचनमा प्रयोग नभएका ४० प्रतिशत मतपत्र धुल्याइने

निर्वाचन में उपयोग न हुए 40 प्रतिशत मतपत्र नष्ट किए जाएंगे

समाचार संक्षेप

  • गत फागुन 21 को प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन में लगभग 40 प्रतिशत मतपत्र उपयोग न होने के कारण नष्ट किए जाने हैं।
  • निर्वाचन आयोग ने मतदाता संख्या से सात प्रतिशत अधिक मतपत्र छापकर चार करोड़ 11 लाख 43 हजार मतपत्र संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में भेजे थे।
  • सरकारी कागजात नष्ट करने के नियम, 2027 के अनुसार उपयोग न हुए मतपत्र नष्ट करने और नीलामी के लिए बेचने का प्रावधान है।

10 चैत, काठमांडू। गत फागुन 21 को सम्पन्न प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन में लगभग 40 प्रतिशत मतपत्र उपयोग न किए जाने के कारण नष्ट किए जाने हैं। प्रतिनिधि सभा निर्वाचन में 59 प्रतिशत मतदान हुआ लेकिन प्रथम निर्वाचित प्रणाली और समानुपातिक प्रणाली के लिए छापे गए मतपत्रों में 40 प्रतिशत मतपत्र अप्रयुक्त पाए गए।

निर्वाचन के लिए कुल 1 करोड़ 89 लाख 3 हजार 669 मतदाता थे, जबकि निर्वाचन आयोग ने दोनों प्रणालियों के लिए मतदाता संख्या से सात प्रतिशत अधिक मतपत्र छापकर जनक शिक्षा सामग्री केंद्र के माध्यम से संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में भेजे थे।

आयोग ने प्रत्यक्ष चुनाव के लिए 2 करोड़ 3 लाख 23 हजार और समानुपातिक चुनाव के लिए 2 करोड़ 8 लाख 43 हजार, कुल मिलाकर 4 करोड़ 11 लाख 43 हजार मतपत्र छापे तथा भेजे थे।

आयोग के अनुसार प्रत्यक्ष (पहले अभ्यर्थी द्वारा जिते जाने वाली) प्रणाली में 1 करोड़ 11 लाख 68 हजार 32 मतदाताओं ने मतदान किया, जिनमें से 1 करोड़ 5 लाख 9 हजार 17 (94.55 प्रतिशत) मत मान्य हुए। समानुपातिक प्रणाली के अन्तर्गत 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार 617 मतदान हुए, जिनमें से 1 करोड़ 8 लाख 35 हजार 25 (96.05 प्रतिशत) मत मान्य किए गए।

निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नारायणप्रसाद भट्टराई ने बताया कि मतदाताओं की संख्या से ज्यादा मतपत्र छापने की प्रक्रिया का पालन करते हुए इस बार भी 4 करोड़ 11 लाख 43 हजार मतपत्र छापे गए हैं और जिन मतपत्रों का उपयोग नहीं हुआ, उन्हें नियम के अनुसार संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में नष्ट किया जाएगा।

मतदाताओं से अधिक मतपत्र छापे जाने पर किसी दुरुपयोग या चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्न उठने के संबंध में प्रवक्ता भट्टराई ने कहा, ‘शंका हो सकती है लेकिन चुनाव की निष्पक्षता पर कोई संदेह नहीं है। हमने राष्ट्रपति के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है और किसी दल या पक्ष से औपचारिक प्रश्न नहीं आया है। इसलिए मतपत्र बर्बाद होने के कारण संदेह करना उचित नहीं है।’

जनक शिक्षा सामग्री केंद्र लिमिटेड के प्रबंध निर्देशक यदुनाथ पौडेल ने बताया कि विद्यालय की पुस्तकें छपाने सहित सामान्य कार्यों के अलावा आयोग के कार्यादेश के मुताबिक प्रतिदिन 13 लाख मतपत्र छपते हैं और इन्हें सुरक्षित तरीके से समय पर निर्वाचन क्षेत्रों में भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि मतपत्र छपाई का काम केंद्र को भी हानि पूर्ति में मदद करता है।

‘सरकारी कागजात नष्ट करने के नियम, 2027 (पहली संशोधन, 2070) के अनुसार नष्ट करने का अर्थ सरकारी कार्यालय के कागजातों को पढ़ने, समझने या उपयोग करने योग्य न रह जाने के लिए रद्द या जलाने का कार्य है।’

उक्त नियम के तहत संबंधित कार्यालय प्रमुख कागजातों की अवधि समाप्ति के बाद ‘नेपाल सरकार को कोई हानि न होने वाले और बचा हुआ कागजात, पूरी तरह उपयोग में आने के बाद किसी भी समय नष्ट करने का आदेश दे सकता है।’ नष्ट किए गए कागजातों को नीलामी के लिए बेचने की भी व्यवस्था है।

कानून के अनुसार तीन महीने बाद पूरी तरह उपयोग में आने वाले कागजात वर्गीकृत किए जाते हैं। नक्शा और डिजाइन से संबंधित तथ्य के अलावा कोई निर्माण योजना, प्रस्ताव, ठेका, पट्टा या अनुदान से जुड़ा कागजात कार्य पूरा होने एवं लेखा परीक्षा के बाद ही नष्ट किया जा सकता है। राष्ट्र के अभिलेखीय दस्तावेज कभी नष्ट नहीं किए जाएंगे।

आयोग ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2079 में हुए प्रतिनिधि सभा और प्रदेश सभा चुनावों के लिए चार-चार करोड़ मतपत्र छापे गए थे, जिनमें से लगभग 62 प्रतिशत मतदान हुआ और शेष मतपत्र अप्रयुक्त थे।

कांग्रेस के पाँच प्रदेश सभापतियों ने नई केन्द्रीय समिति की बैठक में लिया हिस्सा, बलाएर और शाही अनुपस्थित

१० चैत, काठमांडू। फागुन २१ के प्रतिनिधि सभा चुनाव के बाद नेपाली कांग्रेस की केन्द्रीय समिति की बैठक सानेपा स्थित केन्द्रीय कार्यालय में चल रही है। विशेष महाधिवेशन द्वारा गगन थापा के नेतृत्व में चयनित नई केन्द्रीय समिति को शेरबहादुर देउवा के नेतृत्व वाले निवर्तमान केन्द्रीय समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य मान्यता नहीं दे रहे हैं।

उस समय बहुसंख्यक जिला कार्यसमिति के सभापति और प्रदेश समितियों ने विशेष महाधिवेशन को स्वीकार नहीं किया था। यद्यपि निर्वाचन आयोग ने विशेष महाधिवेशन से चयनित कार्यसमिति को आधिकारिकता प्रदान की, जिसके साथ गगन थापा ने कांग्रेस को चुनाव में नेतृत्व दिया था। हालांकि, निर्वाचन आयोग के इस निर्णय के विरुद्ध दायर रिट सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

इस परिस्थिति में चुनाव के तुरंत बाद कांग्रेस में विवाद और जटिल होने की संभावना दिखाई दे रही है। विशेष महाधिवेशन से चयनित कार्यसमिति के केन्द्रीय समिति की बैठक के बीच पुरानी नेतृत्व पक्ष और नेता डा. शेखर कोइराला के समर्थक पुरानी कार्यसमिति की बैठक बुलाने की तैयारी कर रहे हैं, इस प्रकार की खबरें आ रही हैं।

इस परिप्रेक्ष्य में पहले पुरानी नेतृत्व के करीब रहे अधिकांश प्रदेश सभापति नई केन्द्रीय समिति के पक्ष में खुले हैं। अब तक सात में से पाँच प्रदेश सभापति नई कार्यसमिति के पक्ष में खुल कर केन्द्रीय समिति की बैठक में भाग लेकर अपने मत प्रकट कर चुके हैं।

किस प्रदेश सभापति ने क्या कहा?

पुरानी नेतृत्व के निकट माने जाने वाले बागमती प्रदेश सभापति इन्द्रबहादुर बानियाँ नई केन्द्रीय समिति की बैठक में भाग लिए हैं। वे बागमती प्रदेश के मुख्यमन्त्री भी हैं।

उन्होंने केन्द्रीय समिति की बैठक में कहा, ‘विशेष महाधिवेशन में हम विपक्ष में थे, लेकिन फागुन २१ के चुनाव में डा. शेखर कोइराला, विमलेन्द्र निधि, प्रकाशशरण महत, मीनेन्द्र रिजाल, किशोरसिंह राठौर जैसे जो विशेष महाधिवेशन के विरोध में थे, उन्हें नई नेतृत्व ने बिना किसी कंजूसी के टिकट दिया।’ चुनाव के बाद विवाद जारी रखने की आवश्यकता नहीं है, उन्होंने स्पष्ट किया।

उन्होंने सभापति थापा से आग्रह किया कि वे विपक्षी पक्ष के साथ संवाद करें। ‘सभापति जी को दूसरे पक्ष से संवाद करके अदालत के मामले को वापस लेने का माहौल बनाना चाहिए। सभी मिलकर १५वें महाधिवेशन की ओर एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा,’ उन्होंने कहा।

सभी को एकजुट करने की जिम्मेदारी अब नई सभापति थापा के कंधों पर आई है, यह बानियाँ का मानना है।

इसी प्रकार पुरानी नेतृत्व के निकट माने जाने वाले मधेस प्रदेश सभापति कृष्णप्रसाद यादव ने कहा कि पूरी मधेस नई सभापति थापा के साथ खड़ी है। उन्होंने केन्द्रीय समिति की बैठक में कहा, ‘जिस उत्साह से विशेष महाधिवेशन हुआ, उसी उत्साह के साथ सभापति को आगे बढ़ना चाहिए। मैं दृढ़ता से आपके साथ खड़ा रहूँगा। पार्टी को नई परिस्थितियों में लेकर जाने के लिए सभी को १५वें महाधिवेशन की ओर एकजुट होना होगा।’

कोशी प्रदेश सभापति उद्धव थापाले हाल की स्थिति में सभापति गगन थापा का इस्तीफा देना उचित नहीं बताया। कुछ दिन पूर्व उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होने नई कार्यसमिति के नेतृत्व में आगे बढ़ना ही विकल्प बताया था।

‘पार्टी में विवाद होना असामान्य नहीं है, लेकिन नए नेतृत्व का विवाद कर समय बर्बाद करना सही नहीं है,’ कोशी सभापति उद्धव थापा ने कहा था।

गण्डकी प्रदेश सभापति शुक्रराज शर्मा और लुम्बिनी प्रदेश सभापति अमरसिंह पुन भी विशेष महाधिवेशन से ही सभापति थापा के पक्ष में खुले हैं।

पाँच प्रदेश सभापतियों ने नई केन्द्रीय समिति की बैठक में भाग लेकर अपनी राय प्रकट की है, लेकिन कर्णाली प्रदेश सभापति ललितजंग शाही और सुदूरपश्चिम प्रदेश सभापति वीरबहादुर बलाएर बैठक में अनुपस्थित रहे।

नागरिकमैत्री सेवा प्रदान के लिए एआईजी कार्की के निर्देश

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षापछि तयार गरिएको।

  • काठमाडौँ उपत्यका प्रहरी कार्यालय रानिपोखरी के प्रमुख, अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) ईश्वर कार्की ने नागरिकमैत्री सेवा प्रदान के लिए निर्देशन दिए हैं।
  • एआईजी कार्की ने गैरकानूनी गतिविधियों को सख्ती से कानूनी दायरे में लाने के लिए जिला पुलिस परिसर काठमाडौँ के प्रमुखों को निर्देशित किया है।
  • सूचना संग्रहण को प्रभावी बनाने और काठमाडौँ उपत्यका को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक और पुलिस की परिचालन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

१० चैत, काठमाडौँ। नागरिकमैत्री सेवा की सुनिश्चितता के लिए काठमाडौँ उपत्यका प्रहरी कार्यालय रानिपोखरी के प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) ईश्वर कार्की ने निर्देश दिए हैं।

जिला पुलिस परिसर काठमाडौँ और इसके अधीन वृत्त, प्रभाग तथा बीट के प्रमुखों को एआईजी कार्की ने उक्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकमैत्री पुलिस सेवा के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियों को कड़ाई से कानूनी दायरे में लाने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं।

मंगलवार को परिसर भद्रकाली का निरीक्षण करते हुए एआईजी कार्की ने काठमाडौँ जिले में वीआईपी और वीवीआईपी निवासों के साथ महत्वपूर्ण संस्थान (वाइटल इंस्टॉलेशन) होने का उल्लेख करते हुए, कुशलता से कार्य करने के लिए निर्देश दिए।

भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सूचना संग्रहण को प्रभावी बनाने और प्राप्त सूचनाओं को तकनीक व पुलिस के द्वारा प्रभावी ढंग से लागू कर काठमाडौँ उपत्यका को सुरक्षित बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया है।

भारत की सर्वोच्च अदालत का निर्णय- धर्म परिवर्तन करने पर जातिगत आरक्षण सुविधा नहीं मिलेगी


१० चैत, काठमाडौं। भारत की सर्वोच्च अदालत ने यह फैसला सुनाया है कि अनुसूचित जाति-जनजाति से संबंधित वे सभी जाति जो धर्म परिवर्तन करते हैं, उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली आरक्षण और सुविधाएं प्राप्त नहीं होंगी।

मंगलवार को आए इस निर्णय में कहा गया है कि अनुसूचित जाति के किसी भी व्यक्ति ने यदि धर्म परिवर्तन कर इसाई धर्म स्वीकार किया तो वह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कोई भी लाभ या सुविधा प्राप्त नहीं कर सकेगा।

इससे पहले, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी इसी तरह का फैसला दिया था, जिसे सर्वोच्च अदालत ने मंजूर किया है।

फैसले के अनुसार, “यदि कोई व्यक्ति इसाई धर्म अपनाता है, इस धर्म को मानता है और उसका पालन करता है, तो उसे अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य नहीं माना जा सकता। केवल हिन्दू, बौद्ध और सिख धर्म के लोग ही अनुसूचित जाति की श्रेणी में आ सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन धर्मों से अलग होकर धर्म परिवर्तन करता है तो वह अनुसूचित जाति को दिए गए संरक्षण या आरक्षण के लाभ से वंचित रहेगा।”

सन् १९५० के एक संवैधानिक आदेश में यह उल्लेख था कि हिन्दू धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म के व्यक्ति अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, इस बार आए फैसले के पूर्ण प्रभाव और विस्तार के बारे में पूरी रिपोर्ट के आने के बाद ही स्पष्टता मिलेगी।

अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस्लाम और इसाई धर्म पहले ही अपना चुके लोगों के मामले में क्या नियम लागू होंगे।

साफ यू-२० च्याम्पियनशिपमा नेपालको शानदार जीतभीड़ा शुरुआत

नेपालले माल्दिभ्समा भइरहेको साफ यू-२० च्याम्पियनशिपमा भुटानलाई २-१ गोलअन्तरले पराजित गर्दै शानदार सुरुवात गरेको छ। सुजन डंगोल र सुवास बमले एक-एक गोल गरे भने भुटानका ढेन्डुप ग्याल्सेनले सान्त्वना गोल फर्काएका थिए। खेलको पाँचौँ मिनेटमा सुजनले गोल गर्दै नेपालको अग्रता सुनिश्चित गरेका थिए। दोस्रो हाफको ५२औं मिनेटमा सुवासले गोल गरेर नेपालको अग्रता दोब्बर पारिदिए। भुटानका ढेन्डुपले ८३औं मिनेटमा गोल फर्काए पनि त्यो जित हासिल गर्न पर्याप्त भने रहेन। त्यसपछि कुनै गोल थप भएन र नेपाल विजयी रह्यो। नेपालले अब बुधबार दोस्रो खेलमा श्रीलंकासँग प्रतिस्पर्धा गर्नेछ।

बादशाहले गरे पञ्जाबी अभिनेत्रीसँग दोस्रो विवाह (तस्वीर)

बादशाह ने पंजाबी अभिनेत्री ईशा रिखी से किया दूसरा विवाह (तस्वीरों सहित)

समाचार सारांश

  • गायक और रैपर बादशाह ने पंजाबी अभिनेत्री ईशा रिखी के साथ लगभग चार वर्षों के रिश्ते के बाद दूसरा विवाह किया है।
  • बादशाह और ईशा की शादी बहुत निजी रूप से हुई है, जबकि सोशल मीडिया पर ईशा की मां पूनम रिखी ने उनकी तस्वीरें साझा की हैं।
  • बादशाह का पहली शादी से एक बेटी है, और 2020 में उनका तलाक हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह बेटी से मिलने के बहुत कम अवसर पाते हैं।

मुंबई। गायक और रैपर बादशाह का दूसरा विवाह विषय इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बॉलीवुड मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पंजाबी अभिनेत्री और मॉडल ईशा रिखी से शादी की है।

उनका रिश्ता लगभग चार वर्षों से बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिन्हें ईशा की मां पूनम रिखी ने साझा किया है।

फिलहाल बादशाह तातिरि गीत से जुड़े विवाद में फंसे हुए हैं। ऐसी परिस्थितियों में शादी की कोई पूर्व जानकारी सामने नहीं आई थी। लेकिन ईशा की मां पूनम ने इंस्टाग्राम पर जोड़ी की तस्वीरें पोस्ट करने के बाद यह खबर सामने आई। तस्वीरों में वे दूल्हा-दुल्हन की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

पोस्ट किए गए एक वीडियो में शादी बेहद निजी तरीके से संपन्न होती दिख रही है। वीडियो में कोई भीड़-भाड़ या बड़ा समारोह नहीं है, केवल करीबी परिवारजन शामिल हैं।

पूनम के साझा किए पोस्ट में लगभग 10 झलकियां हैं, जिनमें शादी के खूबसूरत पल और बाद के कुछ यादगार क्षण भी दिखाए गए हैं। एक वीडियो में बादशाह और ईशा एक-दूसरे को माला पहनाते नजर आ रहे हैं।

दूसरे वीडियो में जब दुल्हन माला पहनाती हैं, तब बादशाह हंसी-ठिठोली करते हुए माला को अपनी गर्दन पर हल्का सा तकते हैं, जिससे दुल्हन भी हंसने लगती हैं और माहौल खुशगवार बनता है।

पोस्ट के कैप्शन में पूनम लिखती हैं, ‘भगवान तुम्हें दोनों को आशीर्वाद दें।’ हालांकि बादशाह और ईशा ने अभी तक इस विवाह पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जो इस खबर को और भी रहस्यमय बनाता है।

बादशाह और ईशा का रिश्ता लगभग चार वर्षों से चल रहा है। पंजाबी अभिनेत्री ईशा रिखी ने 2013 में फिल्म ‘जट्ट बॉयज पुत्त जट्टां दे’ से अपनी अभिनय यात्रा शुरू की थी।

उनकी मुलाकात एक सामान्य मित्र के जरिए हुई थी। उसके बाद ईशा ने 2018 में बॉलीवुड में कदम रखा और फिल्म ‘नवाबजादे’ में अभिनय किया, जिसमें वरुण धवन, राघव जुयाल और पुनीत पाठक भी थे।

बादशाह ने अपनी पहली शादी जैस्मिन मसीह से की थी और उनकी एक बेटी है। 2020 में उनका तलाक हो गया था।

एक इंटरव्यू में बादशाह ने कहा था कि उनका वैवाहिक जीवन बेटी के लिए ठीक नहीं था। ‘प्रखर के प्रवचन’ पॉडकास्ट में उन्होंने कहा, ‘हमने हर संभव प्रयास किया, रिश्ते को बचाने के लिए हमने सब कुछ किया। लेकिन अंततः अलग होना ही बेहतर था क्योंकि वह हमारे बच्चे के लिए सही नहीं था।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे बेटी से मिलने का मौका मिलता है लेकिन बहुत कम, क्योंकि वह लंदन में रहती है।’

उपसभापति भुसाल के संयोजन में कांग्रेस द्वारा संविधान संशोधन अध्ययन समिति का गठन


१० चैत, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस संविधान संशोधन पर अध्ययन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की तैयारी कर रही है। उपसभापति पुष्पा भुसाल के संयोजन में कांग्रेस ने अध्ययन समिति बनाने की योजना बनाई है।

पार्टी केन्द्रीय कार्यालय सानेपा में जारी केन्द्रीय समिति की बैठक में मंगलवार को इस समिति के गठन की तैयारी की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। उक्त अधिकारी के अनुसार आज की बैठक में केवल संयोजक का नामांकन किया गया और जल्द ही बाकी सदस्यों का चयन कर संविधान संशोधन पर अध्ययन करने का निर्णय लिया जाएगा।

वरिष्ठ हवल्दार घिसिङ को फागुन महीने के लिए उत्कृष्ट पुलिस कर्मचारी घोषित

समाचार सारांश

OK AI द्वारा तयार। सम्पादकीय समीक्षा गरिएको।

  • लागुऔषध नियंत्रण ब्यूरो कोटेश्वर के वरिष्ठ हवल्दार नवराज घिसिङ को फागुन महीने के उत्कृष्ट पुलिस कर्मचारी के रूप में चुना गया है।
  • उन्होंने जेनजी आंदोलन के दौरान फरार हुए कैदियों को भी गिरफ्तार किया था।
  • कार्यालय प्रमुख एसएसपी कृष्ण कोइराला ने उन्हें 1,000 रुपये नकद एवं प्रमाणपत्र के साथ सम्मानित किया।

10 चैत, काठमांडू। लागुऔषध नियंत्रण ब्यूरो कोटेश्वर में कार्यरत वरिष्ठ हवल्दार नवराज घिसिङ को फागुन महीने का उत्कृष्ट पुलिस कर्मचारी घोषित किया गया है।

विभिन्न प्रकार के नशे के पदार्थ और पिस्तौल सहित सात लोगों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ, उन्होंने जेनजी आंदोलन के दौरान कारागार से फरार हुए कैदियों को भी गिरफ्तार किया। इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया है।

कार्यालय प्रमुख एसएसपी कृष्ण कोइराला ने उन्हें एक हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिया है।

नेपाल में वाहनों के लिए ‘जोरबिजोर’ प्रणाली और साप्ताहिक छुट्टी बढ़ाने की तैयारी

मध्यपूर्व में जारी युद्ध के कारण विश्वभर पेट्रोलियम एवं गैस की आपूर्ति बाधित होने लगी है, जिसके चलते नेपाल को भी श्रीलंका जैसे देशों से प्रेरणा लेकर साप्ताहिक छुट्टियों को बढ़ाने और वाहनों के लिए जोरबिजोर प्रणाली लागू करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी दी है। माना जा रहा है कि यह कदम नेपाल को इस आपूर्ति संकट से कुछ हद तक बचा सकता है।

आयल निगम के कार्यकारी निदेशक चण्डिकाप्रसाद भट्ट के अनुसार, पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के लिए सरकार को निगम द्वारा सुझाव दिए गए हैं, लेकिन यह राजनीतिक और नीतिगत स्तर का मामला होने के कारण निगम अकेले निर्णय नहीं ले सकता। मंत्रालय के प्रवक्ता नेत्रप्रसाद सुवेदी ने कहा, “वाहनों के दबाव को कम करने के लिए इस तरह के उपायों पर चर्चा जारी है।”

नेपाल यातायात व्यवसायी राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष विजय स्वार ने कहा कि इन उपायों से ईंधन की खपत तो कम होगी, लेकिन नागरिकों के आवागमन के अधिकार का सम्मान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “यह संकट प्रबंधन का विषय है, चर्चा के बाद इसे सरल बनाने का प्रयास किया जा सकता है।”

संकट का मूल्यांकन करते हुए प्रवक्ता सुवेदी ने कहा, “नेपाल की केवल अपनी उत्पादन से नधान्ने दाल, तेल तथा भारत के बाहर से आयातित सामानों को लेकर चिंता प्रवण विषय हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि खाना पकाने वाले एलपी गैस की मांग बढ़ी है और खाद्य तेल के दामों में वृद्धि हुई है।