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लेखक: space4knews

गूगल ने जेमिनी ऐप में नई ‘पर्सनल इंटेलिजेंस’ सुविधा पेश की

गूगल ने अपने जेमिनी ऐप में व्यक्तिगत रुचि और प्राथमिकताओं के आधार पर तस्वीरें बनाने में सक्षम नई ‘पर्सनल इंटेलिजेंस’ सुविधा प्रस्तुत की है। इस नए अपडेट ने ‘न्यानो बनाना २’ और ‘गूगल फोटोज’ के बीच तालमेल स्थापित कर उपयोगकर्ताओं के लिए तस्वीर निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक व्यक्तिगत तथा सहज बना दिया है। इस नई सुविधा की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

लंबे प्रॉम्प्ट की झंझट से मुक्ति: पहले व्यक्तिगत तरह की तस्वीरें बनाने के लिए विस्तृत विवरण लिखना होता था और फोटो मैन्युअली अपलोड करनी पड़ती थी। अब जेमिनी गूगल ऐप्स से आपकी रुचि और जीवनशैली समझकर “मेरे सपनों का घर डिज़ाइन करें” जैसे सरल आदेशों के माध्यम से आपके स्वाद के अनुसार परिणाम देगा।

अपने परिवार और प्रियजनों को तस्वीरों के पात्र बनाए जा सकेंगे: उपयोगकर्ता अपनी गूगल फोटोज लाइब्रेरी को जेमिनी से जोड़कर स्वयं या परिवार के सदस्यों की तस्वीरों को पात्र के रूप में उपयोग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, “मेरे परिवार का पसंदीदा काम करते हुए क्लेमेशन तस्वीर बनाओ” कहने पर जेमिनी लाइब्रेरी में लेबल की गई तस्वीरों का उपयोग कर चित्र बनाएगा।

गोपनीयता और सुरक्षा: गूगल ने स्पष्ट किया है कि जेमिनी उपयोगकर्ताओं की निजी तस्वीरों को अपने मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोग नहीं करेगा। यह सुविधा ‘ऑप्ट-इन’ आधारित है, जिसे उपयोगकर्ता कभी भी सेटिंग्स से बंद कर सकते हैं। यह सुविधा वर्तमान में अमेरिका में ‘गूगल एआई प्लस’, ‘प्रो’ और ‘अल्ट्रा’ ग्राहकों के लिए उपलब्ध है तथा जल्द ही क्रोम डेस्कटॉप और अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए भी विस्तार करने की योजना है।

‘लालीबजार मेरो हृदयको नजिक’

‘लालीबजार मेरो मन और हृदय के बेहद करीब है’

काठमांडू। अभिनेत्री स्वस्तिमा खड्का ने अपनी आगामी फिल्म ‘लालीबजार’ को अपने कैरियर के एक अत्यंत विशेष पड़ाव के रूप में स्वीकार किया है। शुक्रवार को आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने बताया कि यह फिल्म उनके लिए जीवनपर्यंत यादगार अनुभव साबित होगी। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह फिल्म बहुत ही खास है। कई वर्षों बाद भी जब मैं इसे याद करूंगी, यह हमेशा मेरे दिल में बसी रहेगी। परिणाम चाहे जो भी हो, मेरे लिए यह…

नेपाल मेडिकल काउन्सिल ने सोशल मीडिया पर दवा सलाह देने वाले डॉक्टरों को कार्रवाई की चेतावनी दी

नेपाल मेडिकल काउन्सिल ने सोशल मीडिया के माध्यम से दवा और उपचार से संबंधित सलाह देने वाले चिकित्सकों को सावधान किया है। काउन्सिल ने कहा है कि सोशल मीडिया पर दवा उपयोग और उपचार सलाह देना स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। काउन्सिल ने मानदंडों का पालन न करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। ४ चैत, काठमांडू। नेपाल मेडिकल काउन्सिल ने गुरुवार को जारी किए गए एक नोटिस में फेसबुक, टिकटक, इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया पर ‘ऑनलाइन परामर्श’ के नाम पर चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों के उपचार के तरीके, दवा उपयोग और स्वास्थ्य संबंधी सामग्री साझा करने के बढ़ते रुझान का उल्लेख किया है। काउन्सिल के अनुसार, ऐसी सामग्री के कारण मरीज स्वयं दवा लेने लगते हैं, गलत उपचार अपनाते हैं और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरों का सामना कर सकते हैं।

‘स्वास्थ्य सेवा अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है इसलिए बिना प्रत्यक्ष जांच और परीक्षण के सोशल मीडिया के माध्यम से दवा उपयोग की सलाह देना या उपचार संबंधी सलाह देना जोखिमपूर्ण है,’ नोटिस में कहा गया है, ‘इस प्रकार की गतिविधियाँ मरीज के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं।’ काउन्सिल ने चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों से सोशल मीडिया के उपयोग में अतिरिक्त सावधानी बरतने का आग्रह करते हुए कुछ मापदंडों का पालन आवश्यक बताया है। मरीज से संबंधित वीडियो या सामग्री साझा करते समय संबंधित व्यक्ति की अनुमति लेना और उनकी पहचान की गोपनीयता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए मरीजों को दवा संबंधी सीधे सुझाव देने से बचने को कहा गया है। स्वास्थ्य संबंधी सूचना और सलाह केवल वैज्ञानिक आधार, प्रमाणित तथ्यों और पेशेवर आचार संहिता के अनुरूप दी जानी चाहिए, तथा चिकित्सकीय निर्णय सोशल मीडिया की जानकारी पर आधारित न होकर सीधे परीक्षण और प्रमाणित उपचार पद्धति पर आधारित होना चाहिए, काउन्सिल ने बताया। काउन्सिल के रजिस्ट्रार डॉ. सतिस कुमार देव द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि अगर मापदंडों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ प्रचलित कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जेनजी आन्दोलन में मृत ७ शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी

भाद्र २३ और २४ को जेनजी आन्दोलन में हुई ४९ मौतों में से ७ शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। जिला पुलिस परिसर काठमांडू के एसपी पवनकुमार भट्टराई ने बताया कि ४२ शवों की पहचान कर उनके परिवारों को सौंप दिया गया है और ७ शवों की डीएनए जांच की प्रक्रिया जारी है। ये ७ शव जले हुए और कंकालित अवस्था में होने के कारण उनकी पहचान करना संभव नहीं हो पाया है। काठमांडू, ४ वैशाख।

जेनजी आन्दोलन के दौरान केवल काठमांडू में ही ४९ लोगों की मौत हुई थी। इनमें से ७ शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। जिला पुलिस परिसर काठमांडू के एसपी एवं प्रवक्ता पवनकुमार भट्टराई ने बताया कि ४२ शवों की पहचान कर संबंधित परिवारों को सौंप दिया गया है, जबकि ७ शवों की पहचान अभी बाकी है। उन्होंने कहा, “हम डीएनए जांच की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।” ये सात शव इतने अधिक जल चुके हैं कि वे केवल कंकाल के रूप में बचे हैं, जिसकी वजह से उनकी पहचान में कठिनाई हो रही है।

महिला आरक्षण को लेकर शशि थरूर ने सरकार की योजना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

भारतीय संसद के विशेष सत्र में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने महिला आरक्षण को डीलिमिटेशन से जोड़ने वाली सरकारी योजना की तीव्र आलोचना की। थरूर ने डीलिमिटेशन को ‘राजनीतिक नोटबंदी’ करार देते हुए कहा कि इससे संघीय संरचना को संकट में डालने की संभावना है। उन्होंने महिला आरक्षण को जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं से बाँधने के कारण भारतीय महिलाओं की आकांक्षाओं को रोका गया बताया। ४ वैशाख, काठमाडौं।

भारतीय संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने महिला आरक्षण को डीलिमिटेशन से जोड़ने की सरकार की योजना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि डीलिमिटेशन प्रक्रिया में जल्दबाजी संघीय ढांचे को प्रभावित कर सकती है और इसे उन्होंने ‘राजनीतिक नोटबंदी’ के रूप में चिन्हित किया। साथ ही, उन्होंने इस कदम से देश को संभावित नुकसान होने की चिंता जताई।

बहस में भाग लेते हुए, थरूर ने कहा कि सरकार ने महिला आरक्षण को जनगणना और डीलिमिटेशन जैसी जटिल प्रक्रियाओं में उलझा कर ‘कांटों से घिरे उपहार’ की तरह प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने की स्थिति अभी मौजूद है, लेकिन इसे विवादास्पद और जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया से जोड़कर भारतीय महिलाओं की इच्छाएँ अवरुद्ध की जा रही हैं।

थरूर से पूर्व डीएमके सांसद कनिमोझी ने भी डीलिमिटेशन के संघीय ढांचे पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव की चिंता जताई थी। थरूर ने कहा कि डीलिमिटेशन के कारण दक्षिण भारतीय राज्यों, जहां जनसंख्या नियंत्रण हो चुका है, राजनीतिक रूप से कमजोर होंगे, जबकि जनसंख्या बढ़े हुए राज्यों को अधिक राजनीतिक महत्व मिलेगा, जो विरोधाभास पैदा करेगा। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या हम अच्छे सुशासन के परिणाम को राजनीतिक महत्वहीनता समझने लगे हैं?” इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय आय में उच्च योगदान देने वाले राज्यों को कम हिस्से मिलने और लोकसभा का आकार बढ़ने पर राज्यसभा के संतुलन बिगड़ने जैसे संवैधानिक और आर्थिक चुनौतियों को भी उजागर किया। हालांकि, बहस के पहले दिन प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों की चिंताओं को दूर करते हुए आश्वस्त किया था कि डीलिमिटेशन उसी प्रणाली के तहत होगा जैसा पहले होता था और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

काठमाडौंबाट ३०९ बिचौलिया पक्राउ – Online Khabar

काठमाडौंबाट ३०९ बिचौलिया पक्राउ

काठमाडौं जिल्लाका विभिन्न सरकारी कार्यालयहरूको वरिपरि उपस्थित ३०९ जना बिचौलियालाई प्रहरीले नियन्त्रणमा लिएको छ। उनीहरूविरुद्ध ६१ वटा मुद्दा दर्ता गरिएको छ, जसमा दुख हैरानी, गुण्डागर्दी र यौनजन्य अपराधहरू समावेश छन्। प्रहरी कार्यालय क्षेत्रमा बिचौलियामुक्त वातावरण बनाउने उद्देश्यले विशेष अभियान सञ्चालन गरिरहेको छ।

४ वैशाख, काठमाडौं। सरकारी तथा सार्वजनिक कार्यालयहरूमा सेवाग्राहीहरूलाई हुने दुख हैरानी नियन्त्रण गर्न काठमाडौंका विभिन्न स्थानहरूबाट ३०९ जना बिचौलियालाई पक्राउ गरिएको छ। जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौंका एसपी तथा प्रवक्ता पवनकुमार भट्टराईले यसबारे जानकारी दिनुभएको छ। प्रहरी स्रोतका अनुसार, बिचौलियाविरुद्ध जारी अभियानअन्तर्गत विभिन्न समयमा पक्राउ परेका ती ३०९ जनामाथि कुल ६१ वटा आपराधिक मुद्दा दर्ता भइसकेका छन्। ती मुद्दाहरूमा बिचौलियाबाट निम्त्याइने दुख हैरानी, गुण्डागर्दी र यौनजन्य क्रियाकलापहरू समेटिएका छन्। काठमाडौंका सार्वजनिक कार्यालयहरूलाई बिचौलियामुक्त बनाउने प्रहरीको यो अभियान आगामी दिनहरूमा अझ सुदृढ पारिने बताइएको छ।

पोखरामा माउन्टेनमग कफीको नयाँ आउटलेट उद्घाटन

४ वैशाख, पोखरा। प्रिमियम कफी ब्रान्ड माउन्टेनमग कफीले पोखराको बजारमा औपचारिक रूपमा आफ्नो प्रवेश गरेको छ। कम्पनीले आइकोनिक वाल कभरिङ ब्रान्ड फोमी नेपालसँगको साझेदारीमा बिन्ध्यवासिनीस्थित फोमी पोखरा एक्स्पिरियन्स सेन्टरमा नयाँ आउटलेटको शुभारम्भ गरेको छ। यस सहकार्यमार्फत ग्राहकहरूलाई केवल कफीको स्वाद मात्र नभई आधुनिक डिजाइन र नवीनतम स्पेससँगै एउटा नयाँ अनुभव प्रदान गर्ने लक्ष्य राखिएको कम्पनीले जनाएको छ। माउन्टेनमग कफीले छोटो समयमै प्रिमियम कफी ब्रान्डको रूपमा आफ्नो पहिचान स्थापित गरेको दाबी गरेको छ। हाल माउन्टेनमग कफीका नेपालमा चारवटा आउटलेटहरू सञ्चालनमा रहेका छन्। पर्यटकीय शहर पोखरामा स्थापना गरिएको यो आउटलेटले नेपाली कफीको लोकप्रियता बढाउने र स्थानीय कफी संस्कृतिको प्रवर्द्धनमा सहयोग पुर्‍याउने अपेक्षा कम्पनीको छ।

सभामुखको प्रतिबद्धता: संसदमा पत्रकारहरूको पहुँच सहज बनाइनेछ

४ वैशाख, काठमाडौं। सभामुख डोल प्रसाद (डीपी) अर्यालले संसद र संसदीय समितिमा रिपोर्टिङ गर्ने पत्रकारहरूको पहुँच सहज बनाउन प्रतिबद्धता व्यक्त गरेका छन्। संसदीय मामिला पत्रकार समाज र संसदीय रिपोर्टिङमा संलग्न पत्रकारहरूसँगको भेटघाटमा उनले यस्तो प्रतिबद्धता प्रस्तुत गरेका छन्। हालसालै पत्रकारलाई संसद भवनमा प्रवेश गर्न धेरै चुनौतीहरू भोग्नुपरेको छ। प्रतिनिधि सभा र राष्ट्रिय सभाका सभा कक्षमा प्रवेश गेटहरू फरक-फरक रहेको र प्राविधिक समस्याहरू तथा फोटो खिच्ने क्रममा कडाइले समाचार संकलनमा अवरोधहरू देखिएका छन्।

अन्तर्राष्ट्रिय अभ्यास र प्रेस स्वतन्त्रताको भावना अनुसार संसद परिसरभित्र पत्रकारहरूको लागि सहज र मर्यादित कार्य वातावरण सुनिश्चित गर्न नसकेकोबारे पत्रकारहरूले सभामुखको ध्यानाकर्षण गराएका थिए। जवाफमा सभामुख अर्यालले भने कि हालको संसद भवन अस्थायी संरचनामा रहेको कारण केही व्यावहारिक कठिनाइहरू उत्पन्न भैरहेको छ। नयाँ र स्थायी संसद भवन निर्माण सकिएपछि भौतिक संरचनासम्बन्धी समस्याहरू समाधान हुने विश्वास व्यक्त गरे। पारदर्शिता र प्रभावकारी संसदीय गतिविधि रिपोर्टिङका लागि संसद र प्रेसको सम्बन्ध आवश्यक रहेको उल्लेख गर्दै उनले पत्रकारहरूको पहुँच सहज बनाइ आवश्यक सहयोग उपलब्ध गराउन प्रतिबद्धता जनाए।

होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकला पहला पाकिस्तानी कच्चा तेल लेकर जहाज

अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई के बीच पर्शियन खाड़ी में चल रहे तनाव के बीच कच्चा तेल लेकर पहला पाकिस्तानी टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक बाहर निकल गया है। ‘शालमार’ नामक अफ्रामैक्स टैंकर ने अमेरिकी नाकाबंदी शुरू हुए कुछ ही दिनों बाद इरान के लारक द्वीप के दक्षिण से होते हुए ओमान की खाड़ी में प्रवेश किया है। यह जहाज लगभग ४ लाख ५० हजार बैरल तेल लेकर रविवार को कराची बंदरगाह पर पहुंचने का योजना बना रहा है।

गत सोमवार से शुरू हुई पूर्ण अमेरिकी नाकाबंदी के बाद यह रणनीतिक जलमार्ग पार करने वाला ‘शालमार’ पहला वाहक बना है। जहाज ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तानी झंडाधारी यह अफ्रामैक्स टैंकर गुरुवार देर शाम इरान के लारक द्वीप के दक्षिण से होते हुए ओमान की खाड़ी की ओर निकला था। संयुक्त अरब अमीरात के जस्माना द्वीप से लगभग ४ लाख ५० हजार बैरल कच्चा तेल लेकर यह जहाज आगामी रविवार को कराची बंदरगाह पहुंचने की योजना बना रहा है।

अपनी क्षमता के आधे से भी कम तेल लेकर निकला यह जहाज अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी ध्यान से देखा जा रहा है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा इरान पर हवाई हमले शुरू होने के बाद से इस संकीर्ण जलमार्ग पर जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई थी। वर्तमान में लागू अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी ने पर्शियन खाड़ी से तेल या अन्य सामग्री बाहर ले जाने के लिए इरानी और अमेरिकी दोनों अधिकारियों की अनुमति अनिवार्य कर दी है।

पिछले सप्ताह कुछ सुपरटैंकर बाहर निकले थे, लेकिन हाल के सात हफ्तों में कच्चा तेल लेकर होर्मुज पार करने वाला यह पहला जहाज है और यह घटना दुर्लभ कही जा रही है। हालांकि इरान ने कुछ पाकिस्तानी जहाजों को विशेष अनुमति दी है, फिर भी अमेरिकी नाकाबंदी के कुछ ही दिनों बाद ‘शालमार’ का स्ट्रेट पार करना कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से असाधारण माना जा रहा है। इस घटना ने विश्व के महत्वपूर्ण जलमार्ग में सीमित मात्रा में तेल की आपूर्ति पुनः शुरू होने का संकेत दिया है। बावजूद इसके तनावपूर्ण माहौल के कारण जहाजों की संख्या अभी भी एकल अंकों में ही सीमित है।

दक्षिण कोरिया: नौ दिन की खोज के बाद भागा हुआ दो वर्ष का ब्वाँसो नूगु पकड़ाया गया

नूगु की धड़कन और शरीर का तापमान सामान्य बताया गया है

तस्बीर स्रोत, Daejeon City

पढ़ने का समय: 3 मिनट

दक्षिण कोरिया के चिड़ियाघर से भागने के बाद पूरे देश का ध्यान खींचने वाला दो वर्ष का ब्वाँसो नूगु नौ दिन की खोज के बाद पकड़ा गया।

चिड़ियाघर वाले शहर डेजॉन के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार 00:44 बजे एक एक्सप्रेसवे के पास नूगु को नियंत्रण में लिया गया। मेडिकल जांच में नूगु की धड़कन और शरीर का तापमान सामान्य पाया गया है।

सैकड़ों बचाव कर्मी उस ब्वाँसो की तलाश में सक्रिय थे।

तलाश में जुटे अधिकारियों ने कई बार ब्वाँसो को पकड़ने का अवसर पाया, लेकिन नूगु फिर भी जब जाल का मुख बंद होने वाला होता तो वह भागने का तरीका अपनाता था।

बचाव कर्मी अधिकारी औपचारिक वर्दी और उपकरणों के साथ

तस्बीर स्रोत, YONHAP/EPA/Shutterstock

अधिकारियों ने बताया कि इसी सप्ताह की शुरुआत में नूगु को लगभग पकड़ लिया गया था। स्थानीय अग्नि नियंत्रण कार्यालय ने सोमवार रात को बताया था कि यह ब्वाँसो चिड़ियाघर से लगभग 2 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी क्षेत्र में देखा गया।

अपराजित रहँदै आर्मीले जित्यो पीएम कपको उपाधि – Online Khabar

त्रिभुवन आर्मी क्लब ने पीएम कप का खिताब जीता

त्रिभुवन आर्मी क्लब ने वीरगंज में आयोजित पीएम कप पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में सुदूरपश्चिम प्रदेश को हराकर खिताब अपने नाम किया है। आर्मी ने प्रतियोगिता में एक भी मैच नहीं गंवाया और लीग चरण के ९ में से ८ मैच जीत लिए। सुदूर ने १६१ रन बनाए, जिसके जवाब में आर्मी के इमरान शेख ने नाबाद ४६ और बसिर अहमद ने ४५ रन बनाए। ४ वैशाख, काठमाडौं।

आर्मी ने अपराजित रहते हुए पीएम कप पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब जीता है। शुक्रवार को वीरगंज में हुए फाइनल में सुदूरपश्चिम प्रदेश को हराकर आर्मी ने यह खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। सुदूर ने दिए गए १६२ रन के लक्ष्य को आर्मी ने ३४.३ ओवर में ५ विकेट खोकर पूरा किया। आर्मी के लिए इमरान शेख ने नाबाद ४६ रन बनाए जबकि बसिर अहमद ने ४५ रन जोड़े। शुरुआती ५६ रन पर ४ विकेट गिरने के बाद बसिर और इमरान ने साथ मिलकर पारी संभाली।

सुदूर के लिए हेमन्त धामी ने २ विकेट लिए जबकि शेर मल्ल, अशोक धामी और विकास आग्री ने १-१ विकेट लिए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाले सुदूर ने ३९.४ ओवर में आल आउट होकर १६१ रन बनाए। शीर्ष और मध्यक्रम बल्लेबाजी में विफल रहने के बावजूद निचले क्रम के बल्लेबाजों ने संयमित प्रदर्शन किया। अशोक धामी ने सर्वाधिक ४३ रन बनाए, तो किरण ठगुन्ना ने २५ और नारायण जोशी ने २९ रन बनाए। आर्मी के आकाश चन्द और शाहब आलम ने ३-३ विकेट लिए, बसिर अहमद ने २ और कुशल मल्ल ने १ विकेट लिया।
आर्मी ने पूरी प्रतियोगिता में कोई भी मैच नहीं हारा। लीग चरण के ९ में से आर्मी ने १ मैच में अंक साझा किए और बाकी ८ मैच जीत लिए। सुदूर ने ९ मैचों में ६ मैच जीतकर पहली बार फाइनल खेला था। आर्मी ने पहली बार यह खिताब २०१७ में नेपाल पुलिस क्लब के साथ साझा किया था और २०२१ में भी यह खिताब जीता था। हर संस्करण के फाइनल में खेलते हुए आर्मी ने ५ बार उपविजेता भी रहा है। नेपाल पुलिस क्लब ने ४ बार खिताब जीता है जबकि एपीएफ क्लब ने २ बार यह खिताब हासिल किया है।

मोजे की दुर्गन्ध दूर करने के ५ घरेलू उपाय

गर्मियों में पसीना और बैक्टीरिया की वजह से मोजों से दुर्गन्ध आती है, जो सामाजिक तौर पर शर्मनाक स्थिति पैदा कर सकती है। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और अक्सर लोग गर्मियों में जूतों के साथ मोजे पहनना पसंद करते हैं। जूतों के साथ मोजे पहनना अनिवार्य माना जाता है। गर्मियों में मोजे पहनने पर दुर्गन्ध आने की समस्या आम है। यदि जूता खोला जाए तो दुर्गन्ध से शर्मिंदगी हो सकती है। कुछ लोग पूरे दिन इस्तेमाल के बाद धोते हैं, फिर भी कुछ घंटों में मोजों से दुर्गन्ध आने की समस्या का सामना करते हैं। लेकिन कुछ सरल और घरेलू उपाय अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

मोजों की दुर्गन्ध का मुख्य कारण पसीना और बैक्टीरिया हैं। पैरों में पसीना आने पर बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है और ये बैक्टीरिया गंदगी बढ़ाकर दुर्गन्ध उत्पन्न करते हैं। यदि मोजों को अच्छी तरह से साफ करके सुखाकर नहीं रखा जाता तो यह समस्या और बढ़ सकती है। यहाँ मोजों की दुर्गन्ध दूर करने के ५ प्रभावी घरेलू उपाय प्रस्तुत किए गए हैं:

१. नमक पानी का उपयोग: मोजे धोने से पहले नमक वाले पानी में भिगोएं। इससे बैक्टीरिया मर जाते हैं और मोजों से दुर्गन्ध पूरी तरह हटती है।
२. सोडा का उपयोग: मोजों की बदबू से छुटकारा पाने के लिए बेकिंग सोडा का उपयोग करें। मोजे धोते समय १ से २ चम्मच बेकिंग सोडा डालें। यह मोजों को अच्छी तरह से साफ करता है।
३. गुलाबजल: दुर्गन्ध हटाने के लिए गुलाबजल का भी उपयोग किया जा सकता है। जूतों में गुलाबजल छिड़क कर पहनने से गंध लंबे समय तक रोकती है।
४. रोजाना साफ मोजे पहनें: गर्मियों में रोज अलग मोजे पहनें। कम से कम दो जोड़ी मोजों की व्यवस्था करें और दिन भर पहने हुए मोजों को शाम को धोकर सुखाएं।
५. जूतों को साफ रखें: केवल मोजे ही नहीं, जूतों को भी साफ रखना आवश्यक है। जूतों में मौजूद गंदगी से भी मोजों में दुर्गन्ध फैल सकती है।

आमाको मुख देखने का दिन: एक कविता के माध्यम से भावनात्मक यात्रा

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार किया गया। कविता आङी की आँखों में खोए सपनों और समय के साथ न बदलने वाले आँखों के रंग की कहानी प्रस्तुत करती है। आस्याङ ने छोड़ा हुआ फूलबुट्टे झोला, जो आँसु, अपमान और संघर्ष से भरा है, आज चितामाथि के रास्ते से विदा हुआ है। नया साल और ऋतु परिवर्तन प्रकृति में नया जीवन लेकर आते हैं, लेकिन कविता में यह भाव व्यक्त किया गया है कि आङी की आँखों का रंग नहीं बदला। अपने ही उजाले में खोया हुआ, एक आशा की दीपक – अचानक बुझा हुई ठंडी और कठोर रात!

आङी की धुंधली आँखों के भीतर नीलापन लिए सपने, बादलों में छिपा अकेला चाँद समान, दूर-दूर तक ठंडी बस्तियों में और हवा के झोंकों में बिखर गए! हर वर्ष नया साल आता है, पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी कर आङी के आंगन में पहुंचता है। ऋतुएं बदलती हैं, खेतों के डीलों में बसंती हवाएं आती हैं, आकाश के बादल गहरी सांस लेकर धरती से मिलने आते हैं। दूधिया और कुटमिरो के पेड़ नए पत्ते दे चुके हैं, पर आङी की आँखों का रंग नहीं बदला!

कौन सा साल, कौन सी ऋतु? बहुत समय हो गया, आस्याङ ने वह फूलबुट्टे वाला झोला छोड़ दिया! आँसू, अपमान और संघर्ष से भरा वह भारी झोला बिना रुके- बिना थके, उथल-पुथल भरे रास्ते तय कर बीस किलोमीटर दूरी पार कर चुका है और आज अचानक, बिना आङी से पूछे, कभी न लौटने वाले चितामाथि के रास्ते होकर विदा हो गया! आज आमाको मुख देखने का दिन है! (इलाका प्रहरी कार्यालय, सिजुवा के प्रमुख)

आम के चेहरे पर झलकता एक दिन

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार किया गया।

  • यह कविता अंगी की आँखों में खोए हुए सपनों की कहानी बताती है और कैसे उनके दृष्टिकोण का रंग समय के साथ नहीं बदला।
  • आस्योंग द्वारा छोड़ा गया फूलों वाले पैटर्न वाला झोला आंसुओं, अपमान और संघर्ष से भरा हुआ है और आज अंतिम विदाई के रूप में अंतिम संस्कार स्थल की ओर जा रहा है।
  • नया साल और मौसमी बदलाव से प्रकृति में नया जीवन आता है, पर कविता बताती है कि अंगी की आँखों का रंग अपरिवर्तित रहा।

अपने ही प्रकाश में

नामहीन,

आशा की एक झलक—

अचानक बुझ गई,

नाजुक

रात!

 

अंगी की धुंधली

आँखों के भीतर,

नमकीले सपने,

पार्टी जैसे एकाकी चाँद,

बादलों के बीच खोया हुआ,

खो चुका,

ठंडे, अनजाने गांवों में

वापसी का रास्ता नहीं,

हवाओं के झोंकों ने उठा लिया!

हर साल,

नया साल,

पृथ्वी की परिक्रमा पूरी करते हुए,

अंगी के घर के आंगन में आता है,

मौसम बदलते हैं,

बसंत खेतों में घूमता है,

आकाश के बादल,

दीर्घ श्वास छोड़ते हैं,

पृथ्वी से मिलने आते हैं,

दूध जैसे

और जीरा फूल के गुच्छे भी

अपने नए पत्ते बदलते हैं,

पर अपरिवर्तित,

अटूट है

अंगी की आँखों का रंग!

कौन सा वर्ष, कौन सा मौसम?

इतना लंबा समय बीत चुका है,

आस्योंग— वह

खो जाना,

फूलों की पैटर्न वाला

झोला छोड़ा गया!

आंसू, अपमान, संघर्ष से भरा,

वह कड़वा

फूलों का पैटर्न झोला,

रुकावट न छोड़ते हुए—

पहाड़ चढ़ता, नीचे जाता,

बीस कोस की यात्रा करता,

आज अचरज के साथ आया है,

अंगी को छोड़कर—

अंतिम संस्कार स्थल की ओर चला,

कभी वापस नहीं आएगा,

और विदाई दी!

आज मां के चेहरे पर देखने का दिन है!

(जिला पुलिस कार्यालय प्रमुख, सिजुवा)

म्याक्रोन: हिजबुल्लाहले हतियार त्यागो, इजरायलले लेबनानको सम्प्रभुताको सम्मान गरोस्

४ वैशाख, काठमाडौं। फ्रान्सका राष्ट्रपति इमानुएल म्याक्रोनले लेबनानमा १० दिनको युद्धविराम लागू हुने विषयलाई समर्थन गरे। साथै, उनले केही सतर्कता अपनाउन पनि आग्रह गरे। उनले भने, ‘म यस विषयमा आफ्नो चिन्ता व्यक्त गर्दछु कि यदि सैन्य अभियान जारी रह्यो भने युद्धविराम कमजोर हुन सक्छ।’ साथै, उनले लेबनान र इजरायलको सीमामा रहेका दुबै पक्षका सामान्य नागरिकहरूको सुरक्षा सुनिश्चित गर्न अपील गरे। म्याक्रोनले जोड दिए, ‘हिजबुल्लाहले आफ्ना हतियारहरू छोड्नुपर्छ। इजरायलले लेबनानको सम्प्रभुताको सम्मान गर्नुपर्छ र युद्ध रोकिनुपर्छ।’

शुक्रबार फ्रान्सको राजधानी पेरिसमा, बेलायतका प्रधानमन्त्री कियर स्टार्मर र फ्रान्सेली राष्ट्रपति म्याक्रोनले ४० देशहरूको भर्चुअल बैठकको अध्यक्षता गर्नेछन्। उक्त बैठकको उद्देश्य स्ट्रेट अफ होर्मुज क्षेत्रमा सुरक्षित आवागमन कायम राख्न बहुपक्षीय मिसन स्थापना गर्नु रहेको छ।