१८ चैत, काठमाडौं। एमाले संसदीय दल की बैठक आज सुबह ११ बजे पार्टी केन्द्रीय कार्यालय च्यासल में आयोजित की जाएगी। बैठक में संसदीय दल के नेता, प्रमुख सचेतक और सचेतक चयन से संबंधित चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधि सभा की बैठक चैत १९ गते बुलायी गयी है, जिसके पहले एमाले दल के नेता, प्रमुख सचेतक और सचेतक चयन प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है। आज की बैठक में संसद में एमाले सांसदों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी, एक नेता ने जानकारी दी है। जेनजी आंदोलन में दमन के आरोप में पिछले शनिवार पूर्वप्रधानमंत्री एवं पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली तथा तत्कालीन गृहमंत्री और कांग्रेस नेता रमेश लेखक गिरफ्तार होने के बाद सड़कों पर आंदोलन शुरू किए जाने के साथ-साथ एमाले ने सदन में भी विरोध करने की योजना बनाई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि दो से तीन सप्ताह के भीतर अमेरिका ईरान युद्ध से बाहर आ जाएगा।
ईरानी शासन के परमाणु हथियार नहीं बना पाने के संदर्भ में अपने देश को युद्ध से बाहर निकालने की बात ट्रम्प ने कही है।
राष्ट्रपति कार्यालय ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रम्प ने बताया कि ईरान “समझौते के लिए विनती कर रहा है”। वहीं उन्होंने कहा कि अमेरिकी योजना के अनुसार यह अब बेकार हो चुका है।
पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने युद्ध समाप्ति के लिए तेहरान के पास “आवश्यक इच्छाशक्ति” होने की बात कही थी। लेकिन इसके लिए अपने शत्रु देशों को सुनिश्चित करना आवश्यक बताया कि युद्ध फिर न हो।
ट्रम्प ने बताया कि अमेरिकी समयानुसार बुधवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में वे ईरान युद्ध को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी देंगे, यह व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है।
इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि युद्ध को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।
“वार्ताएं जारी हैं,” उन्होंने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कहा। “कभी न कभी प्रत्यक्ष वार्ता की संभावना भी हो सकती है। हम इसके लिए हमेशा तैयार हैं।”
लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे “झूठी वार्ताओं में समय खर्च नहीं करना चाहते।” उन्होंने कहा कि उन्होंने समय-सीमा तय करके बात नहीं की, परन्तु “अंतिम बिंदु आ चुका है”।
चीन और पाकिस्तान का पांच बिंदु प्रस्ताव
तस्बिर स्रोत, Reuters
ईरान युद्ध समाप्ति के मध्यस्थता के लिए आगे आए चीन और पाकिस्तान ने तत्काल युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पुनः खोलने सहित पांच बिंदुओं की योजना प्रस्तुत की है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री के बीजिंग पहुंचने के बाद यह मसौदा तैयार किया गया, जहां उन्होंने युद्ध समाप्ति के लिए अपने देश की पहल में सहयोग की मांग की।
चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि “दोनों देश शांति के लिए नई कोशिशें कर रहे हैं।”
चीन अब तक ईरान युद्ध पर मौन था। बीजिंग के पास तेल का बड़ा भण्डार है और अन्य एशियाई देशों की तुलना में चीन को तत्काल तेल की कमी की संभावना नहीं है। मगर युद्ध के बढ़ने पर चीन की औद्योगिक क्षेत्र पर प्रभाव की चिंता है।
अपने उत्पादन निर्यात और आर्थिक विकास के लिए चीन को एक स्थिर विश्व अर्थव्यवस्था की आवश्यकता है। एक महीने तक पेट्रोल के दाम बढ़ने का सिलसिला जारी रहने के बाद मध्यस्थता के लिए चीन अग्रसर हुआ है।
पहले भी मध्यपूर्व में शांति स्थापित करने के प्रयास में चीन ने सीमित सफलता प्राप्त की है।
साल 2023 में सऊदी अरब और ईरान के बीच समझौता कराने में चीन की भूमिका रही थी, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध पुनः स्थापित हुए थे।
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अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कंगो (डिआर कंगो) ५२ वर्षों के बाद फिफा विश्वकप में चयनित होने में सफल रहा है। मंगलवार रात हुए इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ मुकाबले में कैरेबियन देश जमैका को १-० से हराकर कंगो ने वर्ष २०२६ में संयुक्त रूप से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको द्वारा आयोजित किए जाने वाले विश्वकप के लिए अपना स्थान पक्का किया। कंगो की जीत दिलाने में एक्सेल तुएन्जेबे ने अतिरिक्त समय में निर्णायक गोल किया। उन्होंने १००वें मिनट में गोल करते हुए कंगो को बढ़त दिलाई, जो पांच दशक बाद कंगो को विश्वकप में पहुंचाने वाला निर्णायक पल साबित हुआ।
कंगो पहली बार १९७४ में विश्वकप में भाग ले चुका है और 이번 यह विश्वकप के लिए उसकी दूसरी बार चयन की घटना है। इस बार कंगो फिफा विश्वकप २०२६ के ग्रुप के में पुर्तगाल, उज्बेकिस्तान और कोलंबिया के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा।
१८ चैत, काठमाडौं। वैज्ञानिकों ने प्रकाश के बजाय ध्वनि के कम्पनों से संचालित अत्यंत सटीक ‘फोनोन लेजर’ विकसित कर नया इतिहास रचा है। यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर और रोचेस्टर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने इस तकनीक का विकास किया है, जो क्वांटम भौतिकी, गुरुत्वाकर्षण अध्ययन और भविष्य में ‘क्वांटम कम्पास’ निर्माण में क्रांतिकारी योगदान करने की संभावनाएं बढ़ाती है।
‘नेचर कम्युनिकेशन’ जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, प्रोफेसर निक भामिभाकास एवं उनकी टीम ने फोनोन अर्थात् ध्वनि के व्यक्तिगत कणों को लेजर के रूप में नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है। जहां सन् १९६० के दशक में आविष्कार हुए परंपरागत लेजर प्रकाश कण (फोटोन) को नियंत्रित करते हैं, वहीं इस नए प्रकार के लेजर में पदार्थ की यांत्रिक गति या कम्पन का नियंत्रण होता है।
पहले इस प्रकार के लेजर में ‘नोइज़’ की वजह से सटीक मापन करना चुनौतीपूर्ण था। लेकिन वैज्ञानिकों ने प्रकाश की मदद से उन कम्पनों को सीमित करते हुए थर्मल नोइज़ को अत्यंत कम करने में सफलता पाई है। इस उपलब्धि से गुरुत्वाकर्षण और त्वरण को अब तक की सबसे सटीकता से मापा जा सकता है। इसका सबसे महत्वपूर्ण उपयोग बिना सैटेलाइट पर निर्भर नेविगेशन प्रणाली में होगा, जो किसी भी विधि से अवरुद्ध नहीं की जा सकेगी।
काठमाडौं । गृहमन्त्री सुधन गुरुङले विपद्को समयमा प्रभावित नागरिकलाई तत्काल उद्धार गर्न दुई वटा हेलिकप्टर तयारी अवस्थामा राखिने बताएका छन्। चैत १७ गते सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल प्रधान कार्यालयको निरीक्षण भ्रमणको क्रममा उनले यसबारे जानकारी दिएका हुन्। विपद् व्यवस्थापनमा सशस्त्र प्रहरीका कर्मचारीहरू आफ्नो जीवन जोखिममा पार्दै उद्धार कार्यमा खटिने विषयमा गृहमन्त्री गुरुङले धन्यवाद व्यक्त गरे। सामान्य नागरिकको जीवनभन्दा ठूलो कुनै धन छैन भन्दै उनले आपतकालीन अवस्थामा नागरिकको सेवा तथा सुरक्षा गर्न नेपाल सरकार, गृहमन्त्रालय र सुरक्षाकर्मीहरूलाई सदैव तयारी अवस्थामा रहन निर्देशन दिएका छन्।
सशस्त्र प्रहरीले विगतमा विपद् व्यवस्थापन तालिम लिएको स्मरण गर्दै, कोभिड–१९ महामारी र सीमा नाका क्षेत्रमा नेपालको राष्ट्रिय झण्डा ओढाउने काममा सुरक्षाकर्मीहरू नजिकबाट संलग्न रहेका कारण उनको कर्तव्य, अधिकार र कष्टबारे गृहमन्त्रीलाई राम्रो जानकारी भएको उल्लेख गरे। उनले सशस्त्र प्रहरी बल नेपालको कर्मचारीहरूलाई सबै प्रकारका विपद् सुरु हुनासाथ तयारी अवस्थामा रहन निर्देशन दिए। वर्तमानमा जनशक्ति ब्यारेकमा नभई फिल्डमै रहनुपर्नेमा जोड दिँदै विपद् व्यवस्थापनमा व्यापक मेहनत गर्नुपर्ने बताए।
सीमा क्षेत्रबाट हुने अवैध चोरीपैठारी र तस्करी रोक्न गृहमन्त्रीले मन्त्रालयले कडा रूपमा काम गर्ने प्रतिबद्धता सुनाए। सशस्त्र प्रहरीका कर्मचारीहरूलाई लामो समयसम्म एउटै पदमा कार्यरत रहनुपर्ने बाध्यतालाई अन्त्य गर्न मन्त्रालय पहल गर्ने जानकारी उनले दिएका छन्। देशका नागरिक र सुरक्षाकर्मीका लागि केही गर्न आफू मन्त्रालयमा आएको भन्दै गृहमन्त्री गुरुङले सशस्त्र प्रहरीका सेवा सुविधाहरू जस्तै सरुवा, बढुवा लगायतका अवसरहरू पारदर्शी रूपमा प्रदान गरिने स्पष्ट पारे।
सोही अवसरमा सशस्त्र प्रहरी महानिरीक्षक राजु अर्यालले गृहमन्त्रीको निर्देशनले कर्मचारीहरूको मनोबल उच्च बनेको र कार्य क्षेत्रमा अनुशासित तथा परिणाममुखी काम गर्न थप प्रेरणा मिलेको बताए। उनले भने, “अधिकार बिना कार्य क्षेत्रमा राम्रो नतिजा दिन सकिँदैन, त्यसैले सशस्त्र प्रहरी बलको क्षमता अभिवृद्धिका लागि २०५८ को विशेष नियमावली संशोधन आवश्यक छ।” महानिरीक्षक अर्यालले तलका तहका कर्मचारीहरूले तलब र सुविधाबाट जीवनयापन गर्न कठिनाइ भोग्नु परिरहेको उल्लेख गर्दै सरकारले तिनका परिवार र बालबालिकाको शिक्षा तथा स्वास्थ्य निःशुल्क गरिदिएमा जागिर छोडेर विदेश जानुपर्ने अवस्था टर्ने बताए। कार्यक्रममा गृहसचिव राजकुमार श्रेष्ठ, सशस्त्र प्रहरी नायब महानिरीक्षक विष्णु प्रसाद भट्ट, अतिरिक्त महानिरीक्षक नारायणदत्त पौडेल, बंशीराज दाहाल, गणेश बहादुर ठाडामगर लगायत अधिकृत र जवानहरू उपस्थित थिए।
नेपाल आज मालदीव में चल रही साफ यू-20 चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में बंगलादेश से भिड़ेगा। नेपाल समूह ए का विजेता और बंगलादेश समूह बी का उपविजेता बनकर सेमीफाइनल तक पहुंचा है। नेपाल ने 2025 में बंगलादेश के हाथों सेमीफाइनल में हार का सामना किया था और इस बार खिताब जीतने का लक्ष्य रखा है। 18 चैत, काठमांडू।
यह मैच मालदीव के नेशनल फुटबॉल स्टेडियम में नेपाली समयानुसार साढ़े चार बजे शुरू होगा। दोनों टीमें ग्रुप चरण में अपराजित रहीं। नेपाल ने भूटान को 2-1 और श्रीलंका को 1-0 से हराया था जबकि मालदीव के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था। वहीं, बंगलादेश ने पाकिस्तान को 3-0 से मात दी और भारत के साथ 1-1 से ड्रा खेला था।
नेपाल और बंगलादेश लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। 2025 में भारत में हुए चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में नेपाल बंगलादेश से हार गया था। इस उम्र वर्ग में नेपाल ने दो बार और बंगलादेश ने एक बार चैंपियनशिप जीती है। लेकिन हाल के संस्करणों में बंगलादेश नेपाल के लिए चुनौती बन चुका है।
2024 में नेपाल में हुए साफ यू-20 में बंगलादेश ने फाइनल में नेपाल को हराकर खिताब जीता था। इस बार मालदीव जाने से पहले नेपाल यू-20 टीम के मुख्य प्रशिक्षक उर्जन श्रेष्ठ ने सर्वाधिक चार बार के चैंपियन भारत के साथ-साथ बंगलादेश को भी कठिन प्रतिद्वंदी बताया था। दूसरा सेमीफाइनल आज रात भारत और भूटान के बीच खेला जाएगा।
चेक रिपब्लिक ने २० वर्ष बाद फीफा विश्व कप के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। उसने डेनमार्क को पंचाट मुकाबले में ३-१ से पराजित कर विश्व कप में स्थान बनाया। नियमित समय १-१ की बराबरी और अतिरिक्त समय में २-२ गोल के बाद पंचाट मुकाबले ने विजेता तय किया। १८ चैत, काठमांडू।
यूरोपीय राष्ट्र चेक रिपब्लिक ने मंगलवार रात यूरोपीय प्लेऑफ़ मुकाबले में डेनमार्क को हराकर फीफा विश्व कप २०२६ के लिए क्वालीफाई किया। इससे पहले चेक रिपब्लिक आखिरी बार २००६ में जर्मनी में हुए विश्व कप में हिस्सा लिया था और अब पहली बार फिर विश्व कप में प्रवेश कर रहा है।
पंचाट मुकाबले में चेक रिपब्लिक के चार खिलाड़ियों में से तीन ने गोल किए जबकि डेनमार्क के तीन खिलाड़ी गोल नहीं कर सके। चेक के तोमस चोर, तोमस साउसेक और माइकल सादिलेक ने पंचाट में गोल किया जबकि लाडिस्ला क्रेज्सी गोल नहीं कर पाए। डेनमार्क के केवल क्रिस्टियन एरिक्सन सफल रहे जबकि रासमुस होजलुंड, आन्रेदस ड्रेयेर और माथिएस जेन्सेन गोल से चूक गए।
मैच की शुरुआत में चेक ने दो बार बढ़त बनाई लेकिन डेनमार्क ने बराबरी का गोल करके वापसी की। पेल सुल्स ने मैच के तीसरे मिनट में गोल कर चेक को बढ़त दिलाई जबकि जोचिम एंडर ने ७२वें मिनट में गोल कर बराबरी की। नियमित समय के बाद अतिरिक्त ३० मिनट का खेल हुआ। लाडिस्ला क्रेज्सी ने १००वें मिनट में गोल कर चेक को फिर से बढ़त दिलाई, लेकिन डेनमार्क ने १११वें मिनट में कास्पर होग के गोल से मैच २-२ पर ला दिया। कोई और गोल नहीं हुआ और मैच पंचाट मुकाबले से समाप्त हुआ। अब चेक रिपब्लिक विश्व कप २०२६ के समूह ए में सह-मेजबान मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण कोरिया के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा।
१८ चैत, काठमाडौं। नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा आज निर्धारित विनिमय दर के अनुसार अमेरिकी डलर की कीमत स्थिर रही है। ऑस्ट्रेलियन डलर के बढ़ने से यूरोपियन यूरो, यूके पाउंड स्टर्लिंग और स्विस फ्रैंक की कीमतों में कुछ गिरावट आई है। आज अमेरिकी डलर की क्रय दर १५१ रुपये ४४ पैसा और विक्रय दर १५२ रुपये ०४ पैसा निर्धारित की गई है। यह मूल्य कल भी समान था।
यूरोपियन यूरो की कीमत आज घटी है। आज यूरोपियन यूरो की क्रय दर १७३ रुपये ६९ पैसा और विक्रय दर १७४ रुपये ३८ पैसा है। कल यूके पाउंड स्टर्लिंग की क्रय दर २०० रुपये ५२ पैसा और विक्रय दर २०१ रुपये ३२ पैसा थी। आज यूके पाउंड स्टर्लिंग की क्रय दर २०० रुपये ०६ पैसा और विक्रय दर २०० रुपये ८५ पैसा है।
आज स्विस फ्रैंक की क्रय दर १८९ रुपये १८ पैसा और विक्रय दर १८९ रुपये ९३ पैसा निर्धारित की गई है। ऑस्ट्रेलियन डलर की कीमत बढ़ी है। आज ऑस्ट्रेलियन डलर की क्रय दर १०४ रुपये १० पैसा और विक्रय दर १०४ रुपये ५१ पैसा है। अन्य विदेशी मुद्राओं की कीमतें भी इस प्रकार हैं।
प्रतिनिधिसभाको पहिलो बैठक चैत १९ गते बस्नेछ र सोही दिन सभामुख चुनाव प्रक्रिया सुरु गरिनेछ। सभामुख र उपसभामुखको निर्वाचन पहिलो बैठकपछि १५ दिनभित्र सम्पन्न गर्नुपर्ने व्यवस्था छ। सभामुख र उपसभामुख फरक दलका तथा फरक लिङ्गका व्यक्ति हुनुपर्ने नियम भए तापनि यदि एकल उम्मेदवार भए भने एउटै दलका पनि हुन सक्ने सम्भावना राखिएको छ।
१७ चैत, काठमाडौं। प्रतिनिधिसभाको पहिलो बैठकबाट सभामुखको निर्वाचन प्रक्रिया अगाडि बढाउन तयारी भइरहेको छ। उक्त बैठक यही चैत १९ गते बस्नेछ। संघीय संसद् सचिवालयका सहसचिव तथा प्रवक्ता एकराम गिरीका अनुसार पहिलो बैठकपछि १५ दिनभित्र सभामुख र उपसभामुखको निर्वाचन सम्पन्न गर्नुपर्नेछ। यसैले सभामुखको चुनाव प्रक्रिया अघि बढाउने विषयमा छलफल जारी छ।
प्रतिनिधिसभा नियमावलीको नियम ७ मा सभामुख चुनावसम्बन्धी प्रावधान उल्लेख गरिएको छ। सो नियम अनुसार प्रतिनिधिसभा निर्वाचनपछिको सभामुख चुनाव ज्येष्ठ सदस्यले तोकेको मिति र समयमा हुनेछ र त्यसबारे सूचना महासचिव वा अनुपस्थित अवस्थामा सचिवले प्रकाशित गर्नेछन्। सोही अनुसार कुनै सदस्यले अर्को सदस्यलाई सभामुख पदका लागि प्रस्ताव गर्नुपर्नेछ। यदि प्रस्ताव एकल छ भने तीन जना समर्थक सदस्यको अनुमोदनपछि निर्विरोध सभामुख घोषित गरिनेछ। तर एकभन्दा बढी उम्मेदवार भएमा दर्ताक्रम अनुसार प्रस्ताव र समर्थन पेश गरी संक्षिप्त छलफलपछि अध्यक्षले औपचारिक निर्णयका लागि पेस गर्नेछन्। बहुमतले पारित प्रस्तावित सदस्य सभामुख बन्नेछन्।
प्रतिनिधिसभामा राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) को सिट संख्या १८२ रहेको छ। नेपाली कांग्रेसका ३८, नेकपा एमालेका २५, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टीका १७, श्रम संस्कृति पार्टीका ७, राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) का ५ र एक जना स्वतन्त्र सांसद छन्। यस संसदिय संरचनाअनुसार रास्वपाले सभामुख पाउने स्थिति छ। रास्वपाभित्र उपसभामुख डिपी अर्याललाई सभामुख बनाउने चर्चा भइरहेको छ।
सभामुखको निर्वाचनपछि उपसभामुख निर्वाचन हुनेछ, जुन सभामुखले तोकेको मिति र समयमा हुनेछ। संसद सचिवालयका प्रवक्ता एकराम गिरीका अनुसार सभामुख र उपसभामुख भिन्न दल र फरक लिङ्गका व्यक्ति हुनु पर्ने प्रावधान छ। ‘सभामुख र उपसभामुख फरक दल र फरक लिङ्गका व्यक्ति हुनुपर्ने प्रावधान छ,’ उनले भने, ‘तर एकल उम्मेदवार आएमा एउटै दलका पनि हुन सक्नेछन्।’ रास्वपाका नेताहरूका अनुसार उपसभामुख सम्बन्धमा अहिलेसम्म कुनै ठोस छलफल भएको छैन। प्रतिनिधिसभामा रास्वपा सँगै जम्मा ६ दल छन्।
निर्वाचनपछि सभामुखले राष्ट्रपतिसमक्ष पद तथा गोपनीयताको शपथ लिनुपर्नेछ भने उपसभामुखले राष्ट्रपतिको उपस्थितिमा सभामुख समक्ष शपथ ग्रहण गर्नेछन्। सभामुख र उपसभामुख दुवै संवैधानिक परिषद्को सदस्य हुनुपर्ने भएकाले उपसभामुख पदमा प्रतिनिधित्व गर्ने दललाई विशेष महत्त्व दिइन्छ। नेपालको संविधानको धारा २८४ अनुसार संवैधानिक निकायका प्रमुख तथा पदाधिकारी नियुक्तिका लागि प्रधानमन्त्रीको अध्यक्षतामा संवैधानिक परिषद् कार्यरत हुन्छ जसले प्रधानन्यायाधीश, अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग, निर्वाचन आयोग लगायत निकायहरूमा योग्य उम्मेदवारहरूको सिफारिस गर्ने व्यवस्था गर्छ। संवैधानिक परिषद्को सिफारिस संसदीय सुनुवाई समितिद्वारा स्वीकृत भएपछि सम्बन्धित पदमा नियुक्ति गरिनेछ।
जेन जी आन्दोलनको क्रममा भदौ २४ गते भएको विध्वंससम्बन्धी विभिन्न कसुरहरूमा काठमाण्डू उपत्यकामा ३७९ मुद्दा सहित देशभरि कुल ९३३ वटा मुद्दा दर्ता गरिएको सुरक्षा अधिकारीहरूले जानकारी दिएका छन्। विभिन्न आपराधिक घटनासँग संलग्न ९६३ जना अभियुक्तहरू चैत १५ गतेसम्म पक्राउ भएका छन् भने तीमध्ये १९१ जना अझै पुर्पक्षका लागि थुनामा छन्। बाँकी ४७४ जनालाई धरौटीमा रिहा गरिएको छ। पक्राउ परेका मध्ये करिब ७०० जनाविरुद्ध आपराधिक उपद्रवको आरोप लगाइएको छ भने २० जना विरुद्ध कर्तव्य ज्यान मुद्दा दर्ता गरिएको नेपाल प्रहरीका प्रवक्ताले बताए।
पूर्वन्यायाधीश गौरीबहादुर कार्की नेतृत्वको छानबिन आयोगले भदौ २३ गतेको घटनामा कारबाहीको सिफारिस गरेसँगै, वालेन्द्र शाह नेतृत्वको सरकार गठन भएको केहि समयपछि शनिबार बिहान पूर्वप्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली र पूर्वगृहमन्त्री रमेश लेखक पक्राउ परेका थिए। उक्त छानबिन आयोगले भदौ २४ गतेको विध्वंस, आगजनी र तोडफोडको विषयमा अलग्गै छानबिन गर्न सुझाव दिएको थियो, तर यस विषयमा कस्तो संयन्त्र बनाउने भन्नेबारे सरकारले अझै टुङ्गो लगाउन सकेको छैन।
प्रहरीका अनुसार भदौ २४ गतेको घटनासँग सम्बन्धित विभिन्न १३ प्रकारका कसुरमा ९६३ जनामाथि मुद्दा चलाइएको छ। आपराधिक उपद्रव शीर्षकमा ८०२ वटा मुद्दा दर्ता भएका छन्। कर्तव्य ज्यान शीर्षकमा चार वटा मुद्दा दर्ता भएको उल्लेख गर्दै २० जना अभियुक्त पक्राउ परेका छन्। काठमाण्डू उपत्यकामा मात्र ३७९ मुद्दा दर्ता भएका छन्। काठमाण्डू, ललितपुर र भक्तपुरमा ४२० जनालाई पक्राउ गरिएको प्रहरी दर्ताहरूले देखाएको छ।
नेपाल प्रहरीका प्रवक्ता अबिनारायण काफ्ले भन्छन्, “जाँचबुझ आयोगहरूबाट प्रतिवेदन आएपछि कर्तव्य ज्यानको मामलामा कुनै पनि बेला मुद्दा चलाउन सकिन्छ। आगजनी र तोडफोड जस्ता फौजदारी ऐनअन्तर्गत आउने विषयमा आएका सबै जाहेरीहरूका आधारमा ९३३ वटा मुद्दा दर्ता भएका छन्।” सरकारले भदौ २४ गतेको घटनाको छानबिनका लागि एक हप्ताभित्र उच्चस्तरीय समिति गठन गर्ने निर्णय गरेको छ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जल्द ही इरान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिया है। इरान के रक्षा मंत्री मसूद पेजेस्कियन ने युद्ध समाप्ति के लिए तेहरान के तैयार होने की बात कही है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में अमेरिका और इज़राइल ने इरान में संयुक्त रूप से आक्रमण किया था, जिसके बाद अली खामेनी के निधन के बाद मध्य पूर्व में क्षेत्रीय संघर्ष तेज हो गया है। १८ चैत, काठमांडू।
ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी संघर्ष समाप्त करने की पहल की है। उन्होंने बताया कि अमेरिका जल्द ही अपने सैनिकों को इरान से वापस बुलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। ट्रम्प के अनुसार, अमेरिकी सेना आगामी दो से तीन सप्ताह के भीतर इरान छोड़ने के लिए तैयार हो रही है। यह जानकारी उन्होंने ओवल ऑफिस से साझा की है।
हालांकि उन्होंने युद्ध समाप्ति से पहले किसी समझौते या समझौते की संभावनाओं का कोई पूर्वसंकेत नहीं दिया है। इरान के रक्षा मंत्री मसूद पेजेस्कियन ने भी युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की तत्परता स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यदि सुनिश्चित हो कि संघर्ष नहीं दोहराया जाएगा, तो इरान युद्ध समाप्त करने के पक्ष में है।
लेकिन इज़राइल के दृष्टिकोण में भिन्नता दिखती है। इज़राइली प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू ने अब तक युद्ध खत्म करने के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की है। उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष कब समाप्त होगा, इसकी कोई निश्चित ‘डेडलाइन’ नहीं दी जा सकती। फरवरी के अंतिम सप्ताह में अमेरिका और इज़राइल ने इरान में संयुक्त हमला किया था। इस घटना के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा की स्थिति भी अस्थिर हो गई है।
समाचार सारांश: राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीले संसदीय दलको उपनेता चयनको लागि इन्दिरा रानामगरको नाममा आन्तरिक छलफल सुरु गरेको छ। रास्वपाले उपसभापति डीपी अर्याललाई सभामुख बनाउने तयारी गरेको छ भने प्रमुख सचेतकमा कविन्द्र बुर्लाकोटीको चर्चा भइरहेको छ। संसदीय समितिको सभापति चयनमा अघिल्लो संसदका सांसदहरूलाई प्राथमिकता दिइने र महिला तथा सामाजिक मामिला समितिको सभापति महिला सांसदबाटै बनाइने छ।
१७ चैत, काठमाडौं। सरकार गठनको प्रक्रिया पूरा गरेको राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ले संसदीय फाँटका जिम्मेवारी दिने व्यक्तिहरूको विषयमा पार्टी भित्र आन्तरिक छलफल सुरु गरेको छ। प्रतिनिधिसभाको सबैभन्दा ठूलो दल रास्वपाले संसदीय दलको उपनेताको लागि उपयुक्त व्यक्ति को हुनुपर्नेमा पार्टी भित्र छलफल सुरु गरेको छ।
रास्वपाले वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाहलाई संसदीय दलको नेता बनाएर उनी प्रधानमन्त्री बनाउन सफल भएको छ। पार्टी भित्र संसदीय दलको उपनेतामा को रहने भन्ने विषयमा अहिले विचार भइरहेको छ। पार्टीको टप तहका एक नेताको अनुसार इन्दिरा रानामगरलाई संसदीय दलको उपनेता बनाउने विषयमा आन्तरिक छलफल भइरहेको भए पनि यो निर्णय अझै टुंगो लाग्न बाँकी छ।
इन्दिरा रानामगरको नाम मन्त्री तथा सभामुख पदका लागि पनि चर्चामा आएको थियो। मन्त्री बन्नेहरूको नाम पहिल्यै तय भइसकेको छ र सभामुखलाई पार्टी उपसभापति डीपी अर्याल बनाउने भएकाले संसदीय दलको उपनेतामा रानामगरलाई लैजाने विषयमा छलफल भइरहेको नेताहरूले बताएका छन्। झापा–२ बाट निर्वाचित रानामगर पूर्व उपसभामुख पनि हुन्। अघिल्लो संसदमा उनी समानुपातिक सांसद तथा रास्वपाकी उपसभामुख रहिसकेकी छिन्।
रास्वपाका एक शीर्ष नेताले भने, ‘संसदीय दलको उपनेतामा इन्दिरा रानामगरको नाम पार्टीभित्र चर्चामा छ।’ अघिल्लो पटक नेता विराजभक्त श्रेष्ठ रास्वपाका संसदीय दलका उपनेता थिए। संसदीय दलको उपनेता संसदीय दलको नेताले नै चयन गर्ने गर्छन्। उपनेताले दलको नेताको कार्यमा सहयोग गर्ने अधिकार पाउँछन् र दलको बैठकमा नेता अनुपस्थित हुँदा उपनेताले सभापतित्व गर्न सक्छन्।
रास्वपाको विधानअनुसार संघीय संसदका पदाधिकारीमा संसदीय दलको नेता, उपनेता, प्रमुख सचेतक, सचेतक र कोषाध्यक्ष एक/एक गरिन्छ। कोषाध्यक्ष पद संसदका पदाधिकारीमा कम मात्रामा नियुक्त गरिन्छ। अघिल्लो संसदमा जनमत पार्टीले कोषाध्यक्ष पद राखेको थियो। सरकार गठन पश्चात संसदीय फाँटका जिम्मेवारी दिने विषयमा छलफल जारी छ।
विश्वसनीय स्रोतका अनुसार, उपसभापति डीपी अर्याल सभामुख हुने पक्का देखिन्छ। रास्वपाका संस्थापक उपसभापति रहेका अर्यालले विगतमा कार्यवाहक सभापतिको भूमिकासमेत निभाइसकेका छन्। पूर्व श्रममन्त्री अर्याल अघिल्लो संसदमा समानुपातिक सांसद थिए र यस पटक काठमाडौं–९ बाट निर्वाचित भएका छन्।
प्रमुख सचेतकमा महामन्त्री कविन्द्र बुर्लाकोटीको चर्चा छ। रास्वपाका संस्थापक सहमहामन्त्री बुर्लाकोटीले अघिल्लो पटक हारेको गोरखा–२ क्षेत्रबाट यस पटक जित हासिल गरेका छन्। पार्टी स्रोतअनुसार सचेतक पदमा निशा डाँगी हुने सम्भावना बढी छ। डाँगी अघिल्लो संसदमा समानुपातिक सांसद तथा पूर्वाधार विकास समितिको सदस्य थिइन्। उनी झापा–१ बाट निर्वाचित भएकी हुन्।
संसदीय समितिको सभापति चयनको विषयमा पनि रास्वपामा छलफल भइरहेकाले प्रतिनिधि सभामा रहेको १० वटा संसदीय समितिहरूमा पदाधिकारीहरू नियुक्त गर्न लागिएको छ। संसदको नियमावली निर्माण क्रममा संसदीय समितिहरूको संख्या कम-बढ गर्न सकिने सम्भावना छ। रास्वपा दुई तिहाई निकटता राख्ने दल भएकाले समिति संख्यामा परिवर्तन गर्न सक्ने स्थिति छ।
लेखा समितिको सभापति विपक्षी दलबाट नियुक्त हुने प्रचलन छ। अघिल्लो संसदमा एमाले सत्तामा भए पनि विपक्षीलाई लेखा समितिको सभापतिको पद दिन अस्वीकार गरिएको थियो। रास्वपाका एक नेताका अनुसार अघिल्लो संसदमा रहेका सांसदहरूलाई संसदीय समितिको सभापति बनाउन प्राथमिकता दिइनेछ। मनिष झा, गणेश पराजुली, हरि ढकालजस्ता नाम सभापति बन्नेमा पक्का छन्। यी तीनै जना पार्टी सचिवालय सदस्य समेत हुन् र झा पार्टी प्रवक्ता पनि छन्।
महिला तथा सामाजिक मामिला समितिको सभापति पनि महिला सांसदबाटै बनाउने योजना छ। रास्वपाका सांसदहरूलाई आफ्नो इच्छाअनुसार काम गर्न इच्छुक समितिहरूमा जान अनुरोध गरिएको छ। विषयगत ज्ञान र इच्छालाई आधार मानेर पार्टीमा जानकारी दिन भनिएको छ।
चित्र कैप्शन, लगभग 36 किमी चौड़ा बाब अल-मान्डब रेड सी को एडेन की खाड़ी से जोड़ता है
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रेड सी के एक महत्वपूर्ण जलमार्ग के खिलाफ इरान की धमकी से वैश्विक व्यापार में और बाधा की आशंका बढ़ गई है।
इरान पहले ही ‘पर्सियन गैफ’ के माध्यम से पहुंचने वाले जहाजों की आवाजाही रोक चुका है और ‘होरमूज स्ट्रेट’ पर प्रभाव बनाए हुए है। अब वह ‘एडेन की खाड़ी’ और ‘रेड सी’ के बीच स्थित ‘बाब अल-मान्डब स्ट्रेट’ से सूएज चैनल तक के व्यापार मार्ग में बाधा डालने की धमकी दे रहा है।
इरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना क्षेत्र में सक्रिय हुई तो वह “अन्य मोर्चे खोल सकता है”।
“बाब अल-मान्डब स्ट्रेट को दुनिया के रणनीतिक जलमार्गों में से एक माना जाता है और इरान के पास इसे पूरी तरह जोखिम में डालने की आकांक्षा और क्षमता दोनों हैं,” इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कॉर्प्स के एक स्रोत तस्नीम ने एक सैन्य सूत्र का हवाला देते हुए कहा।
अगर अमेरिका ने खार्ग द्वीप, जो कि एक प्रमुख तेल टर्मिनल है, पर हमला किया तो इरान ने बाब अल-मान्डब में बाधा डालने की चेतावनी दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के तेल को “नियंत्रित” करने और खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के बारे में सोचने की बात कही थी।
बाब अल-मान्डब क्यों महत्वपूर्ण है
बाब अल-मान्डब स्ट्रेट रेड सी के अरब तट के पास यमन और अफ्रीका के जिबूती व ईरित्रिया के बीच स्थित है। सूएज नहर तक पहुंचने के लिए हिंद महासागर और एडेन की खाड़ी से आने वाले जहाजों को इस मार्ग से गुजरना पड़ता है।
यह जलसन्धि 115 किलोमीटर लंबा और 36 किलोमीटर चौड़ा है। 1869 में सूएज नहर के परिचालन के बाद से यूरोप और एशिया के बीच यह सबसे छोटा समुद्री मार्ग बन गया है, जो वैश्विक व्यापार का अभिन्न हिस्सा है।
रेड सी कॉरिडोर वर्तमान में दुनिया का सबसे व्यस्त मार्ग है और समुद्री आवागमन के लगभग एक चौथाई हिस्से का संचालन करता है।
होरमूज स्ट्रेट अक्सर युद्ध के कारण बंद रहने की स्थिति में रहता है, इसलिए दुनिया के तेल के 20 प्रतिशत से अधिक का परिवहन इस मार्ग से होता है। अगर बाब अल-मान्डब स्ट्रेट बंद हो गया तो वैश्विक तेल परिवहन प्रभावित होकर लगभग 12 प्रतिशत अतिरिक्त गिरावट आएगी।
अमेरिकी ‘एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन’ के अनुसार, मध्य पूर्व और एशियाई देशों द्वारा पश्चिम की ओर प्रतिदिन लगभग पांच लाख बैरल तेल यहां से भेजा जाता है।
इसके अलावा तरलित प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के वैश्विक परिवहन का 8 प्रतिशत हिस्सा भी इसी मार्ग द्वारा होता है।
होरमूज स्ट्रेट पर प्रभाव पड़ने के बाद रेड सी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। सऊदी अरब ने यान्बू बंदरगाह से अपने तेल के लिए बाब अल-मान्डब को ट्रांजिट मार्ग के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। रियाद पूर्वी क्षेत्र में पाइपलाइन के माध्यम से भी लाखों बैरल तेल भेजता है।
तेल और गैस के अलावा यह जलमार्ग पूर्व और पश्चिम के बीच मुख्य व्यापारिक लिंक है, जहां रोजाना दर्जनों मालवाहक जहाज आवागमन करते हैं।
चित्र स्रोत, Suez Canal Authority via European Pressphoto Agency
चित्र कैप्शन, 2021 में ‘द एवरग्रीन’ ने सूएज नहर को अवरुद्ध किया था
2021 में पनामा ध्वजाधारी जहाज ‘एवरग्रीन’ के सूएज नहर में फंसे रहने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर नुकसान हुआ था, जिससे कीमतें बढ़ीं और माल की डिलीवरी में देरी हुई। बॉब अल-मान्डब में इसी प्रकार की बाधा के संभावित प्रभावों से वैश्विक बाजार चिंतित है।
हुथी की भूमिका
बाब अल-मान्डब स्ट्रेट पर किसी भी हमले की संभावना इरान समर्थित यमन के राजनीतिक और सैन्य समूह हुथी द्वारा होती है।
एक हुथी नेता ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि उनका समूह इरान के समर्थन से बाब अल-मान्डब को लक्षित करने के लिए सैन्य रूप से तैयार है।
28 मार्च को हुथी ने इजरायल पर हमला किया, जो अमेरिकी-इजरायली युद्ध में उनका पहला प्रत्यक्ष संलापन था। इजरायल ने यमन से दो मिसाइलों के आगमन की बात कही है।
हुथी समूह रेड सी तटीय क्षेत्र पर नियंत्रण रखता है। गाजा युद्ध के दौरान उन्होंने बाब अल-मान्डब को निशाना बनाया था, जिसमें 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए, जिससे दो जहाज डूब गए और चार जहाजी कर्मचारी मारे गए।
चित्र स्रोत, Houthi Military Media via Reuters
चित्र कैप्शन, 2023 में हुथी ने मालवाहक जहाज ‘गैलेक्सी लीडर’ का अपहरण किया था
2023 नवंबर में हुथी ने रेड सी में जापानी संचालित ब्रिटिश स्वामित्व वाले एक कार्गो जहाज को हेलीकाप्टर की मदद से अपहरण कर लिया था।
हालांकि हुथी ने केवल इजरायली जहाजों को निशाना बनाया, पर इसे व्यापक आक्रमण माना गया और विश्व की बड़ी शिपिंग एवं तेल कंपनियों ने उस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही बंद कर दी।
हुथी के आत्मसमर्पण के अमेरिकी दावे और उनके प्रतिपक्ष के बीच स्थिति अंततः शांत हो गई, लेकिन विशेषज्ञों को डर है कि स्थिति फिर से बिगड़ सकती है।
“अगर संघर्ष लंबा खिंचा तो हुथी का शामिल होना निश्चित था,” एक वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय संवाददाता कहते हैं।
वे आगे कहते हैं, “उत्तर पश्चिम यमन में प्रभुत्व रखने वाले हुथी अब तक बाब अल-मान्डब स्ट्रेट में कोई ठोस बाधा नहीं डाल पाए हैं।”
26 फरवरी को अमेरिकी ‘डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन’ ने सूचित किया: “अक्टूबर 2025 में इजरायल और गाजा के बीच युद्धविराम के बाद भी हुथी आतंकी समूह व्यापारिक जहाजों पर हमला नहीं कर सके, लेकिन क्षेत्रीय व्यापारिक जहाजों और अमेरिकी संपत्ति पर खतरा बना हुआ है।”
वैश्विक शिपिंग पर बढ़ता दबाव
चित्र स्रोत, Getty Images
चित्र कैप्शन, हजारों टन माल के साथ दर्जनों जहाज रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं
अरबी भाषा में बाब अल-मान्डब का अर्थ है “आंसुओं का द्वार” या “दुख का द्वार”। यह नाम यहां मौजूद खतरों जैसे समुद्री आँधी, अप्रत्याशित मौसम, डकैती और संघर्ष को दर्शाता है।
2008 से 2012 के बीच इस जलमार्ग और आसपास समुद्री हमले हुए, खासकर सोमाली समूहों द्वारा अपहरण करके फिरौती मांगना आम रहा।
इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और शिपिंग कंपनियों को यहां सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
अगर बाब अल-मान्डब बंद हो गया तो ऊर्जा बाजार की स्थिति पहले से ही संकटग्रस्त होर्मूज स्ट्रेट की तुलना में और भी खराब हो जाएगी।
खाड़ी में सड़क मार्ग अवरुद्ध हुए तो युद्ध से पहले ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत लगभग 70 अमेरिकी डालर से बढ़कर 115 डालर हो गई थी।
खपत की वस्तुओं से लेकर कृषि उत्पादों तक वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है। अब एक और समुद्री मार्ग पर समस्या से कीमतें और बढ़ सकती हैं और इरान के साथ संघर्ष के आर्थिक प्रभाव गंभीर हो सकते हैं।
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१८ चैत, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेस केन्द्रीय अनुशासन समितिको बैठक आज आयोजित होने जा रही है। पूर्व सभापति शेरबहादुर देउवा और शेखर कोइराला समूह द्वारा समानांतर गतिविधियाँ शुरू करने के बाद कांग्रेस ने अनुशासन समिति की बैठक बुलाई है। बैठक दोपहर १ बजे पार्टी केन्द्रीय कार्यालय सानेपा में होने वाली है, इसकी जानकारी पार्टी के कार्यवाहक मुख्यसचिव कृष्णप्रसाद दुलाल ने दी है।
गत शनिवार कांग्रेस नेता तथा पूर्व गृहमन्त्री रमेश लेखक के गिरफ्तारी के बाद, पूर्णबहादुर खड्काले कार्यवाहक सभापति के रूप में विज्ञप्ति जारी की, जिसे कांग्रेस ने गंभीरता से लिया। विशेष महाधिवेशन के माध्यम से कांग्रेस के सभापति गगन थापा का चयन हो चुका है और निर्वाचन आयोग ने भी इसे मान्यता प्रदान की है, ऐसे में देउवा समूह के खड्काकृत उस विज्ञप्ति को लेकर सक्रिय सदस्यता नवीकरण न करने के बारे में चर्चा हुई थी। मङ्गलवार को खड्काले १४वें महाधिवेशन से निर्वाचित केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक भी बुलाई थी। शेखर कोइराला और शशांक कोइराला को विभिन्न पदों पर रखते हुए उन्होंने कार्यक्रम आयोजित किया, जिसके कारण कांग्रेस नाराज है। खड्काले चैत १९ गते जिल्ला सभापतिहरू की बैठक भी बुलाई है। इसलिए इन विषयों पर आज अनुशासन समिति में चर्चा होने वाली है, ऐसा एक नेता ने बताया।
उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय ने सेवा संचालन को और अधिक मर्यादित, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आधिकारिक पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। मंत्रिपरिषद के १३ चैत के निर्णय के अनुसार पांच विभागों ने अनधिकृत व्यक्तियों को सेवा न देने के नियम कड़ाई से लागू किए हैं। सेवा प्राप्त करने आने वाले सामान्य जनता के अतिरिक्त प्रतिष्ठान के संचालक, कर्मचारी या आधिकारिक प्रतिनिधि ही उपस्थित हो सकेंगे, यह व्यवस्था आज से लागू होने की जानकारी मंत्रालय ने दी है। १७ चैत, काठमांडू।
उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय और इसके मातहत विभाग तथा कार्यालयों ने सेवा प्रवाह को और अधिक मर्यादित, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने हेतु नई व्यवस्था लागू की है। मंत्रालय के निर्देशनानुसार अब उद्योग विभाग, वाणिज्य, आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण विभाग, कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय, खनन तथा भूगर्भ विभाग और नेपाल गुणवत्ता तथा नापतौल विभाग से सेवा लेने के लिए आधिकारिक व्यक्ति होना आवश्यक होगा और पहचान पत्र अनिवार्य रखा गया है।
मंत्रिपरिषद की १३ चैत को हुई बैठक में स्वीकृत ‘शासकीय सुधार संबंधी १०० कार्यसूची’ के बिंदु संख्या २१ के क्रियान्वयन के तहत मंत्रालय ने यह कड़ाई अपनाई है। मंत्रालय के सह-स्वयं सचिव नेत्रप्रसाद सुवेदी ने मंगलवार को सचिव स्तरीय बैठक के निर्णय के अनुसार सभी विभागों और कार्यालयों में सेवा प्रदान करने के माहौल को मर्यादित बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार अब विभाग और मातहत कार्यालयों में सेवा लेने आने वाले सामान्य नागरिकों के अलावा संबंधित प्रतिष्ठान के संचालक, कर्मचारी या आधिकारिक प्रतिनिधि ही उपस्थित हो सकेंगे। सेवा लेने वाले व्यक्तियों के लिए अपनी पहचान स्पष्ट करने वाला आधिकारिक पहचान पत्र अनिवार्य होगा और यदि यह प्रस्तुत नहीं किया गया तो कार्यालय सेवा देने के लिए बाध्य नहीं होगा, यह सूचना भी जारी की गई है। इससे सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक भीड़भाड़ कम होगी तथा बिचौलियों का प्रभाव समाप्त होने की पूरी उम्मीद है।