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लेखक: space4knews

विपक्षी सांसदों ने सभामुख के आसन पर किया प्रदर्शन

विपक्षी सांसदों ने वेल घेरकर सभामुख के खिलाफ नारेबाजी की जिसके कारण १७ जेठ को प्रतिनिधि सभा की बैठक अवरुद्ध हो गई। स्थगित हुई बैठक पुनः शुरू होने के बाद भी विपक्षी सांसद सभामुख के आसन तक पहुँच कर विरोध प्रकट कर रहे हैं। १७ जेठ, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभा की बैठक में विवाद उत्पन्न हुआ है। आज सुबह ही स्थगित हुई बैठक विपक्षी सांसदों के अवरोध के कारण बंद हो गई थी। अब पुनः शुरू हुई बैठक में भी विपक्षी सांसद वेल के चारों ओर घेराबंदी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सभामुख के आसन तक पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सभामुख के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

प्रहरीमा छिरेर तालिम लिए, डकैती र हत्याको शृंखला चलाए

पूर्वप्रहरी गणेश कार्की लूटपाट और हत्या में संलिप्त, पुलिस ने किया गिरफ्तार

काठमांडू के सुकेधारा में महिला को लूटने के दौरान फरार हुए पूर्वप्रहरी गणेश कार्की को पुलिस ने गोली चलाकर गिरफ्तार किया है। कार्की के पास से लूटा हुआ सुन का बाली, मोबाइल और खुकुरी बरामद किया गया है और उसके सहयोगी विष्णु गुरुङ को भी गिरफ्तार किया गया है। कार्की पहले से कर्तव्य हत्या और डाका चोरी के मामलों में सजा भुगत चुका था और पिछले भदौ में केंद्रीय कारागार सुन्धारा से फरार हुआ था।

१७ जेठ, काठमांडू। शनिवार दोपहर १:२३ बजे सुकेधारा में एक महिला लूटी गई। रास्ते पर चलते समय अचानक महिला की आंखों में मिर्ची का धूल फेंका गया। पीड़ा में उसने अपनी आंखें मलनी शुरू कीं। उसी दौरान दो व्यक्तियों ने उसका शरीर तांत्रिक जांच की और गले में पहने एक तोला सुन का बाली तथा मोबाइल छीनकर भाग गए। घटना के बाद महिला ने पुलिस को सूचना दी। तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस ने जांच शुरू की। जिला पुलिस परिसर काठमांडू की टीम ने जांच के दौरान लूटपाट में संलिप्त व्यक्ति की पहचान की, वह ४० वर्षीय गणेश कार्की हैं जो बुढानीलकण्ठ नगरपालिका-३ चपली भद्रकाली के निवासी हैं।

पुलिस के अनुसार, जांच में संलग्न टीम ने घटना के ८ घंटे बाद शनिवार रात ९:२५ बजे काठमांडू महानगरपालिका-३२ जड़ीबूटी मनोहरा खोला कोरिडोर में कार्की को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार करते समय कार्की ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची का धूल फेंका और खुकुरी से हमला करने का प्रयास किया, जिस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाकर उसे काबू किया। कार्की बाएं पैर के घुटने में गोली लगने से घायल हुआ और फिलहाल राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर में उसका उपचार चल रहा है।

कार्की के पास से सुकेधारा में लूटे गए सुन का बाली, मोबाइल और खुकुरी बरामद हुए हैं। इस घटना में कार्की के सहयोगी विष्णु गुरुङ, जो इलाम के रहने वाले हैं और धर्मशाला में बसे हैं, को भी गिरफ्तार किया गया है। विष्णु पहले तीन साल की जेल की सजा काटने के बाद बाहर आया था और उसके खिलाफ नशे के मामलों में मामला चल रहा था।

मिर्ची का धूल हमेशा अपने साथ रखने वाले कार्की को पुलिस ने गोली चलाकर पकड़ते समय भी मिर्ची का धूल बरामद किया। उसने सुकेधारा में लूटपाट के दौरान महिला की आंखों में मिर्ची का धूल फेंका था। इससे पहले भी जेएनजी आंदोलन के दौरान कारागार से भागते वक्त उसने पुलिस पर मिर्ची का धूल फेंककर भागने की कोशिश की थी।

एसपी पवनकुमार भट्टराई के अनुसार, कार्की की यह शैली रही है कि चाहे पुलिस उसे पकड़ने आए या अपराध के दौरान, उसके पास हमेशा मिर्ची का धूल होता है। कार्की ने कपन क्षेत्र में भी पुलिस पर मिर्ची का धूल फेंका था।

कार्की को आठ महीनों में नौ बार अपराधी घटनाओं में गोली चलाने के बाद गिरफ्तार किया गया है। वह पिछले भदौ में जेएनजी आंदोलन के दौरान केंद्रीय कारागार सुन्धारा से भाग चुका था। भागने के बाद उसने क्रमवार अपराध किए। पकड़े जाते समय उसने मिर्ची का धूल फेंककर भागने का प्रयास किया। कपन, गौशाला, तिलगंगा, शान्तिनगर सहित कई जगहों पर वह चोरी, लूटपाट और नशे के मामलों में भी संलिप्त था। विशेषकर पशुपति और गौशाला इलाकों में उसकी सक्रियता थी।

कार्की पहले पुलिस में ही था। वह २०६१ साल में पुलिस जवान के पद पर भर्ती हुआ था। लेकिन करीब दो साल नौकरी करने के बाद २०६४ साल में पुलिस छोड़ दिया था। पुलिस से निकलने के बाद उसने अपराध की दुनिया में प्रवेश किया और सामान्य चोरी से लेकर हत्या तक के मामलों में शामिल रहा। २०६४ साल में अभद्र व्यवहार, हथियार नियंत्रण में न रखने और हत्या जैसे मामलों में फंस चुका था।

व्यक्ति हत्या के मामले में दोषी पाये जाने पर कार्की २ वैशाख २०६८ को गिरफ्तार हुआ और बाद में दस साल की सजा पाई। संविधान दिवस पर कैद माफी पाकर ३ असोज २०७८ को जेल से छूटा, लेकिन इसके बाद भी वह अपराधों में संलिप्त रहा। २०७८ साल से उसे डाका चोरी का आरोपी बनाया गया था और वह भदौ में जेएनजी आंदोलन के दौरान जेल से फरार हो गया था।

भागने के बाद वह पुलिस पर मिर्ची का धूल फेंकते हुए भारत गया। कुछ समय भारत में रहने के बाद वापस काठमांडू आकर चोरी और लूटपाट के धंधे में सक्रिय हो गया।

अर्थमन्त्री द्वारा पूँजीगत लाभकर पर स्पष्टिकरण: निर्णय अंतिम ही है

समाचार के अनुसार, बजट में सेयर बाजार के पूँजीगत लाभकर को अंतिम करने का उल्लेख है, जबकि आर्थिक विधेयक में वार्षिक 40 लाख रुपये से अधिक आय वाले व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से आय विवरण प्रस्तुत करने का प्रावधान किया गया है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने सेयर के पूँजीगत लाभकर को अंतिम बताया और यदि विधेयक में कोई विरोधाभास हो तो उसे सुधारने के लिए तैयार होने की जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों की मांग के अनुरूप पूँजीगत लाभकर दरों को क्रमशः साढे 7 प्रतिशत और 10 प्रतिशत निर्धारित कर निर्णय को अंतिम बताया। 17 जेठ, काठमांडू।

बजट की एक मुख्य बात में दूसरे बाजार में लागू पूँजीगत लाभकर को अंतिम माना गया है। इसका अर्थ है कि पूँजी बाजार से होने वाले किसी भी प्रकार के लाभ पर कर देना अंतिम हो जाएगा। आर्थिक विधेयक में वार्षिक 40 लाख रुपये तक के पूँजीगत लाभकर को अंतिम मानते हुए, उससे अधिक आय होने की स्थिति में अनिवार्य रूप से आय विवरण प्रस्तुत करने का प्रावधान किया गया है।

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बजट सार्वजनिक करने के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में इस विषय पर व्याख्या करते हुए कहा कि विधेयक के अनुसार कुछ अस्पष्टताएं मौजूद हैं। उन्होंने 40 लाख रुपये की सीमा के संबंध में अस्पष्टता स्वीकार करते हुए कहा, ‘आपके सेयर से हुई आय फाइनल हो गई है। यदि आप अन्य किसी जगह पर कंसल्टेंसी या व्यवसाय कर रहे हैं तो आय विवरण फार्म भरना अनिवार्य है, उस फार्म में आपसे सेयर से हुई आय, जिस पर कर कटौती हो चुकी है, दर्ज कर सकते हैं, जिससे दोहरे कराधान की स्थिति नहीं बनेगी।’

विपक्षीयों ने कुर्सी फेंककर वेल घेराव जारी रखा

समाचार सारांश: विपक्षी दलों के अवरोध के कारण प्रतिनिधि सभा की बैठक स्थगित हुई थी, लेकिन पुनः शुरू होने पर भी वेल घेराव और नारेबाजी जारी है। नेपाली कांग्रेस की प्रमुख सचेतक बसना थापाले संशोधनों को विषयगत समितियों को भेजे जाने की मांग उठाई है। सभापति ने नियमावली संशोधन को सदन में ही निर्णयार्थ प्रस्तुत करना शुरू किया, जिसके बाद विपक्षी सांसद कुर्सियां उठाकर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। १७ जेठ, काठमांडू। प्रतिनिधि सभा की बैठक में विवाद उत्पन्न हुआ है। आज सुबह हुई बैठक को विपक्षी दलों के रोड़े अटकाने पर स्थगित कर दिया गया था। वर्तमान में चालू बैठक में भी विपक्षी सदस्य वेल घेराव कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सभापति की कुर्सी के सामने जाकर नारेबाजी कर रहे हैं और सभापति के खिलाफ भी तीव्र विरोध प्रकट कर रहे हैं।

प्रतिनिधि सभा नियमावली संशोधन पर पारित चर्चा समाप्त हो चुकी थी और संशोधन को निर्णयार्थ प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही थी। लेकिन विपक्षी सांसदों ने मांग की कि नियमावली संशोधन विषय को संसदीय समिति को भेजा जाना चाहिए। नेपाली कांग्रेस की प्रमुख सचेतक बसना थापाले कहा, ‘‘संशोधन विषयगत समितियों को भेजे जाएं।’‘ सभापति ने जवाब दिया कि दफावार चर्चा सदन में कार्यसूची के अनुसार जारी रखी जा रही है। प्रतिनिधि सभा नियमावली के मसौदे में ३५ संशोधन प्रस्तावित हैं। सभापति द्वारा इन संशोधनों को निर्णयार्थ प्रस्तुत करने पर विपक्षी सांसद वेल में जाकर नारेबाजी कर उनकी भूमिका पर प्रश्न उठा रहे हैं। विरोध के दौरान विपक्षी सदस्यों ने कुर्सियों को उठाकर फेंका और सभापति की कुर्सी तक पहुंच गए, जिसकी दृश्यावली भी सामने आई है।

तीन प्रतिशत कर तिर्न सक्दैनौं – Online Khabar

सरकार ने निजी शिक्षण संस्थानों पर तीन प्रतिशत शिक्षा समानता शुल्क लागू करने का निर्णय किया

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के बजट के माध्यम से निजी शिक्षण संस्थानों से लिए जाने वाले शुल्क पर तीन प्रतिशत शिक्षा समानता शुल्क लगाने की घोषणा की है। निजी स्कूल संचालक और अभिभावक इस शुल्क के कारण 26 लाख विद्यार्थियों पर प्रभाव पड़ने की वजह से इसके हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में कहा है कि बजट की सीमाओं के कारण वर्तमान में सभी को नि:शुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना संभव नहीं है। १७ जेठ, काठमाडौं।

रामेछाप की प्रमिला श्रेष्ठ मजदूरी करके अपने बेटे को निजी विद्यालय में पढ़ा रही हैं। वह काठमाडौं के नयाँ बानेश्वर क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल में अपने पुत्र को कक्षा ४ में दाखिला दिलाते हुए वार्षिक शुल्क के रूप में 11 हजार रुपये दे चुकी हैं। वह मासिक शुल्क 5,500 रुपये भी चुका रही हैं। सरकार द्वारा समानता शुल्क लगाए जाने के बाद उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ होने की चिंता है। ‘‘मजदूरी करके पढ़ाती हूं। शुल्क देने के बाद फिर तीन प्रतिशत कैसे दूं? हम तो इसे चुकाने में असमर्थ हैं,’’ उन्होंने कहा।

शुक्रवार को सरकार ने बजट के माध्यम से निजी क्षेत्र द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों से विद्यार्थियों से वसूल किए जाने वाले सभी प्रकार के शुल्क पर तीन प्रतिशत की दर से शिक्षा समानता शुल्क अदा करने की घोषणा की। अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने प्रस्तुत बजट में दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के निर्माण और सेवा विस्तार में सहयोग के लिए निजी क्षेत्र द्वारा प्रदान की जाने वाली शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर न्यूनतम दर में समानता शुल्क लगाने का उल्लेख किया है। अभिभावक और निजी स्कूल संचालकों ने इस समानता शुल्क लगाने के निर्णय का विरोध जताया है।

अभिभावक महासंघ की सदस्य रमा गिरी ने कहा, ‘‘सरकार का यह कदम गलत है। इससे अभिभावकों पर बोझ पड़ेगा। यह जनता-विरोधी निर्णय है। ऐसे अभिभावक हैं जो रोजाना 1,000 रुपये कमाकर अपने बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाते हैं। जीवन यापन करना भी मुश्किल है, ऐसे अभिभावक समानता शुल्क नहीं चुका पाएंगे। सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना होगा।’ अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने कहा, ‘‘निजी स्कूलों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क पर लागू प्रस्तावित तीन प्रतिशत योगदान को सामाजिक समानता को बढ़ावा देने वाला प्रगतिशील कर समझने का आग्रह किया गया है।’’

भारतीय जनता पार्टी ने रवि लामिछाने के भारत यात्रा की औपचारिक जानकारी जारी की

१८ जेठ, काठमाडौँ। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सभापति रवि लामिछाने के भारत यात्रा की औपचारिक जानकारी सार्वजनिक की है। भारतीय जनता पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख डॉ. विजय चौथाइव ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस भ्रमण के विवरण साझा किए हैं। रवि लामिछाने का भारत जाना कल निर्धारित है।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन के निमंत्रण पर यह प्रतिनिधिमंडल भ्रमण पर जा रहा है, ऐसा डॉ. चौथाइव ने बताया है। सभापति लामिछाने सहित यह दल नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि रास्वपा और भाजपा के बीच राजनीतिक संबंध और संवाद की शुरुआत करना, साथ ही संगठनात्मक अभ्यास, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनमुखी राजनीतिक पहुंच के विषयों पर विचार-विमर्श करना इस यात्रा का उद्देश्य है।

‘भारतले नै नभनेको कुरा प्रधानमन्त्रीले भन्नुभयो’

‘प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा कभी न किया गया दावा का उल्लेख किया’

प्रधानमंत्री द्वारा नेपाल ने भी भारत की भूमि पर कब्ज़ा किया है, इस अभिव्यक्ति पर नेकपा एमाले के सचिव डॉ. राजन भट्टarai ने आश्चर्य व्यक्त किया है। भट्टarai ने बताया कि भारत ने औपचारिक रूप से नेपाल द्वारा अपनी भूमि पर कब्जा करने का दावा कभी नहीं किया है। नेपाल-भारत सीमा विवाद में ब्रिटेन को तृतीय पक्ष के रूप में शामिल करने से समस्या और अधिक जटिल हो जाएगी, उनका कहना है। १६ जेठ, काठमांडू। प्रधानमंत्री वालन शाह द्वारा भारत ही नहीं, नेपाल ने भी भारत की जमीन पर अवैध कब्जा किया है, ऐसा बयान देने के बाद राजनीतिक क्षेत्र में बड़ा हलचल मची है। विपक्षी दलों ने तथ्य सार्वजनिक करने के लिए संसद की बैठक में भी मांग की है। सीमा विशेषज्ञों ने भी प्रधानमंत्री के बयान को गलत बताया है। इसी विषय पर नेपाल-भारत के सीमा विवाद का अध्ययन करने वाली एमिनेंट पर्सन ग्रुप (ईपीजी) के सदस्य और नेकपा एमाले के सचिव डॉ. राजन भट्टarai से की गई एक संक्षिप्त बातचीतः प्रधानमंत्री ने कहा– भारत की भूमि को भी नेपाल ने मिचा है। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? मैं लगभग निश्चित हूँ कि भारत ने आज तक औपचारिक तौर पर कभी नेपाल द्वारा अपनी भूमि मिचे जाने का दावा नहीं किया है। हमने ईपीजी की ओर से दो साल तक भारतीय पक्ष के साथ नेपाल-भारत के विवाद के विभिन्न पहलुओं और सम्बंधित सभी आयामों पर चर्चा की है। सीमा संबंधी मुद्दे भी सामने आए थे। उस दौरान जब हमने अपनी भूमि के अवैधिक कब्जे की बात उठाई, तो भी भारतीय पक्ष ने कभी यह नहीं कहा कि हमने (नेपाल ने) उनकी भूमि पर कब्जा किया है। आज अचानक प्रधानमंत्री ने किस दस्तावेज को देखकर, किस भू-भाग को मिचा हुआ समझकर संसद के रोस्टर से दूसरों की भूमि कब्जे में लेने को स्वीकार किया, यह मेरे लिए बहुत आश्चर्य और चौंकाने वाला है। दूसरा, यह एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। हमें पता है कि मिची गई भूमि वापस पाने के लिए बार-बार संवाद और द्विपक्षीय वार्ता दल बनाए गए हैं। लेकिन समस्या समाधान नहीं हुई, बल्कि और अधिक जटिल हुई है। ऐसे नाजुक समय में प्रधानमंत्री का इस प्रकार संवेदनशील विषय पर हल्का बयान देना उचित नहीं था। तीसरा, उन्होंने कहा कि इस विषय पर इंग्लैंड यानी यूनाइटेड किंगडम के साथ बातचीत भी हो रही है। इतिहास देखने पर पता चलता है कि भारत और बांग्लादेश ने 2014 में सीमा विवाद और गंगा नदी संबंधी मुद्दों का समझौता किया था, उस दौरान ब्रिटेन को तृतीय पक्ष नहीं बुलाया गया था। भारत और चीन के सीमा विवाद – जो मैकमोहन रेखा से जुड़ा है और ब्रिटिश कालीन संधि से उत्पन्न हुआ – में भी ब्रिटेन को तृतीय पक्ष के रूप में नहीं लाया गया है। भारत और चीन स्वयं बातचीत कर रहे हैं, हालांकि अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं। इसलिए नेपाल के मामले में तृतीय पक्ष को शामिल करना समाधान नहीं, बल्कि समस्या और जटिल बनाना है। भारत ने हमारी सीमा मिचने की बात कहीं नहीं कही, पर हमारे प्रधानमंत्री ने कह दिया? भारत ने औपचारिक संवाद या कूटनीतिक स्तर पर कभी स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि नेपाल ने उनकी भूमि मिची है। हमारी ईपीजी वार्ता में भी यह मुद्दा कभी उभरा ही नहीं। उन्हें इस विषय पर हमारी कोई चर्चा में शामिल नहीं किया गया था। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद अब क्या होगा? अब एक नई जटिलता जुड़ गई है। हम जिन भू-भागों को वापस पाना चाहते हैं, उनके लिए भारत के साथ संवाद में लगे हैं, लेकिन जब प्रधानमंत्री कह देते हैं कि भारत ने भी हमारी भूमि मिची है, जो भारत ने कभी औपचारिक रूप से दावा नहीं किया, तो इससे भारत को भी इसका उपयोग अपनी ओर से करने का मौका मिलेगा। इससे समस्या समाधान का रास्ता बंद होगा और नई विवाद की संभावना पैदा होगी। राष्ट्रीयता के मामले में भू-भाग की सर्वोच्च देखभालकर्ता की भूमिका निभाने वाले प्रधानमंत्री द्वारा ऐसे बयान देने से नेपाल के राष्ट्रीय हित, भौगोलिक अखंडता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर संकट आ सकता है। इसे कैसे सुधारा जा सकता है? प्रधानमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि वे किस भू-भाग का जिक्र कर रहे हैं और किस दस्तावेज के आधार पर यह अभिव्यक्ति दी गई है। इतनी संवेदनशील विषय पर स्पष्टता आवश्यक है। क्या प्रधानमंत्री ने गलत बयान दिया है? मुझे पूरी तरह विश्वास है कि ऐसा बयान नेपाल के राष्ट्रीय हित की रक्षा नहीं करता।

बजट कार्यान्वयन से अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति: चेम्बर का बयान

नेपाल चेम्बर ऑफ कमर्स ने नए बजट का स्वागत करते हुए व्यक्तिगत आयकर की सीमा बढ़ाने और कर दर कम करने को सकारात्मक कदम माना है। औद्योगिक कच्चे माल पर सीमा शुल्क कटौती और ३६० वस्तुओं पर अन्तःशुल्क समाप्त करने की घोषणा को भी चेम्बर ने स्वागत योग्य बताया है। हालांकि, निजी शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों पर कर वृद्धि तथा इलेक्ट्रिक वाहनों और सोने-चाँदी पर आयात शुल्क बढ़ाने का चेम्बर ने विरोध किया है। १७ जेठ, काठमांडू।

नेपाल चेम्बर ऑफ कमर्स ने आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट को समग्र रूप में कुछ महत्वाकांक्षी, लेकिन यदि प्रभावी तरीके से लागू किया गया तो अर्थव्यवस्था को अपेक्षित गति मिलने वाला बताया है। चेम्बर ने व्यक्तिगत आयकर छूट को १० लाख रुपैयाँ बनाए रखना और उच्चतम आयकर दर को ३९ प्रतिशत से घटाकर २९ प्रतिशत करने के फैसले का स्वागत किया है।

चेम्बर ने २७३ प्रकार के औद्योगिक कच्चे माल पर तैयार वस्तुओं की तुलना में कम सीमा शुल्क लागू करना, सीमा शुल्क की दरें घटाना और ३६० वस्तुओं पर लगाए जाने वाले अन्तःशुल्क को समाप्त करना कर प्रणाली को सरल बनाने के महत्वपूर्ण कदम के रूप में व्याख्यायित किया है। बजट में प्राकृतिक व्यक्ति के मृत्यु के बाद जबरन स्वामित्व परिवर्तन पर कर न लगाने और सूचीकृत कंपनियों के शेयरों की बिक्री पर पूंजीगत लाभ कर को अंतिम कर मान्यता देने के निर्णय को भी चेम्बर ने सकारात्मक माना है।

हालांकि, चेम्बर ने बजट के कुछ प्रावधानों को निजी क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण बताया है। निजी क्षेत्र द्वारा संचालित शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर ३ प्रतिशत कर लगाने की व्यवस्था तथा इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त कर और शुल्क बढ़ाने से स्वच्छ ऊर्जा और हरित यातायात को बढ़ावा देने में विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। चेम्बर ने कहा है कि यदि ये सकारात्मक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू होती हैं तो निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, निजी क्षेत्र का मनोबल बढ़ेगा, कर प्रणाली सरल होगी, और उद्योग-व्यवसाय की प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि के साथ समग्र आर्थिक गतिविधियों का विस्तार संभव होगा।

प्रतिनिधिसभा निर्वाचन सम्बन्धी राष्ट्रिय सभाबाट प्राप्त सन्देशको जानकारी

समाचार सारांश सञ्चारकर्मीहरूले समीक्षा गरेका छन्। सचिव प्रकाश अधिकारीले अवरोधका बीच प्रतिनिधिसभा सदस्य निर्वाचन (पहिलो संशोधन) विधेयक, २०८३ सम्बन्धी राष्ट्रिय सभाबाट प्राप्त सन्देश बैठकमा जानकारी गराउनुभएको थियो। विपक्षी दलहरूको अवरोधका बाबजुद पनि प्रतिनिधिसभाका सचिव प्रकाश अधिकारीले प्रतिनिधिसभा सदस्य निर्वाचन (पहिलो संशोधन) विधेयक, २०८३ का सन्दर्भमा राष्ट्रिय सभाबाट आएको सन्देशको जानकारी प्रस्तुत गर्नुभएको छ। प्रतिनिधिसभाको अर्को बैठक आजै १५ मिनेटपछि बस्नका लागि स्थगित गरिएको छ। १७ जेठ, काठमाडौं।

टेबलटेनिस में संयोग और योङगी बने नए राष्ट्रीय चैंपियन

नेपाल पुलिस के संयोग कपाली ने एलेक्स महर्जन को हराकर 42वें राष्ट्रीय टेबलटेनिस पुरुष सिंगल्स का खिताब जीता है। 18 वर्षीय एपीएफ की योङगी पौडेल ने इवाना थापा को पराजित कर अपनी पहली भागीदारी में महिला सिंगल्स की उपाधि हासिल की है। इस प्रतियोगिता ने पुरुष और महिला दोनों सिंगल्स विधाओं में नए राष्ट्रीय चैंपियन की उपस्थिति दर्ज कराई है। 17 जेठ, काठमांडू।

नेपाल पुलिस के संयोग कपाली और एपीएफ की योङगी पौडेल ने रविवार को सम्पन्न 42वें राष्ट्रीय टेबलटेनिस प्रतियोगिता के सिंगल्स उपाधि अपने नाम की। संयोग पुरुष वर्ग में और योङगी महिला वर्ग में पहली बार राष्ट्रीय चैंपियन बने। पुरुष और महिला दोनों फाइनल में पहुंचे चारों खिलाड़ियों में जिसने जीता, वही नया राष्ट्रीय चैंपियन बनना निश्चित था।

लैनचौर में स्थित राष्ट्रीय टेबलटेनिस प्रशिक्षण केंद्र में सम्पन्न पुरुष फाइनल में संयोग ने अपने क्लब के एलेक्स महर्जन को 11–5, 13–11, 11–8, 11–1 के सेट में हराया। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में संयोग की पुरुष सिंगल्स में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि सेमीफाइनल तक पहुंचना था। बागमती प्रदेश के रुविन महर्जन और सुदूरपश्चिम प्रदेश के हिमाल विष्ट तृतीय स्थान पर रहे।

महिला सिंगल्स में योङगी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उपाधि जीती। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहली बार भाग ले रही 18 वर्षीय योङगी ने फाइनल में शीर्ष दो वरीयता प्राप्त कोशी प्रदेश की इवाना थापा को 11–6, 8–11, 12–10, 11–9, 11–8 के सेट में मात दी। समूह चरण में भी योङगी ने इवाना को हराया था।

प्रतियोगिता में सातों प्रदेशों और तीन विभागीय टीमों (नेपाल पुलिस, नेपाल आर्मी, एपीएफ) सहित कुल 10 टीमों के 116 खिलाड़ियों ने सीनियर, जूनियर और कैडेट श्रेणियों में 11 स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। विजेताओं को बनेपा नगरपालिका के मेयर शांतिरत्न शाक्य, अखिल नेपाल टेबलटेनिस संघ के अध्यक्ष वृजेन्द्रबहादुर हमाल, उपाध्यक्ष पूर्णशंकर श्रेष्ठ, महासचिव कुवेर्प्रकाश सिंह, कोषाध्यक्ष ज्याकी महर्जन ने एक समारोह में पुरस्कार प्रदान किए।

सीमा अतिक्रमणको घाउ बल्झाउने प्रधानमन्त्रीको अभिव्यक्ति

सीमा अतिक्रमण को चोट को सहलाए बिना प्रधानमंत्री की अभिव्यक्ति विवाद में

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात् तैयार किया गया।

  • प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संसद में कहा कि नेपाल ने भी भारत की भूमि मिची है, जो विवादित बना हुआ है।
  • सीमा विशेषज्ञ और राजनेताओं ने प्रधानमंत्री के इस दावे को निराधार बताते हुए आपत्ति जताई है।
  • नेपाल-भारत सीमा विवाद के समाधान के लिए इंग्लैंड की भूमिका जोड़ने पर कूटनीतिक आलोचना हो रही है।

१७ जेठ, काठमाडौं। विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री को संसद के प्रति जवाबदेह न मानते हुए बार-बार सवाल उठाए जाने पर रविवार को प्रतिनिधि सभा के रोस्ट्रम पर बालेन्द्र शाह पहुंचे।

संसद की नियमावली से संबंधित प्रश्नोत्तर से अलग सांसदों द्वारा पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने नेपाल-भारत सीमा संबंधी संवेदनशील विषय पर हल्की अभिव्यक्ति दी, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया। उन्होंने संसद में ही कहा कि नेपाल ने भी भारत की सीमा मिची है, जो पूर्व प्रधानमंत्रियों के बयानों से बहुत अलग था।

सीमा एवं विदेश मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी देश के प्रधानमंत्री का सार्वजनिक रूप से दूसरे देश की जमीन मिचने की बात स्वीकार करना आश्चर्यजनक है। रास्वपाक के सभापति रवि लामिछाने के भारत दौरे से पहले आई यह अभिव्यक्ति संसद में विवादित रही।

प्रधानमंत्री की इस अभिव्यक्ति के संदर्भ में चर्चा की जाती है।

संसद में एमाले सांसद पद्मा अर्याल द्वारा लिम्पियाधुरा-लिपुलेक में सरकार की कार्यवाही के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने भारत और चीन के साथ-साथ सीमा विवाद में इंग्लैंड का भी नाम लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘दोनों सरकारों ने अपने इतिहासकार और सर्वेयर रखकर टेबल टॉक के माध्यम से समाधान खोजने की बात कही है। इस संदर्भ में हमने न केवल भारत और चीन से, बल्कि इंग्लैंड सरकार से भी संवाद किया है। ब्रिटिश इंडिया छोड़ते समय समस्या बनी हुई है, इसलिए इंग्लैंड का भी इसमें हित होना चाहिए, ऐसा हमारा मानना है। यह सब टेबल टॉक कूटनीति से सुलझ जाएगा।’

इसके बाद श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद आरेन राय ने भी लिम्पियाधुरा-लिपुलेक संदर्भ में सवाल किया तो प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल ने भी भारत की सीमा मिची है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपको आश्चर्य हो सकता है, प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पता चला — भारत ने ही नहीं, नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की जमीन मिची है। अब दोनों देश अध्ययन कर रहे हैं कि हमने मिची है या उन्होंने, यह मामला भी है। हम समाधान के लिए साझेदार के रूप में तैयार हैं।’

प्रधानमंत्री की इन अभिव्यक्तियों ने दो गंभीर सवाल पैदा किए हैं:

पहला: क्या नेपाल ने भी भारत की सीमा मिची है?

दूसरा: क्या सीमा विवाद के समाधान के लिए इंग्लैंड तीसरे पक्ष के रूप में जरूरी है?

क्या नेपाल ने भारत की सीमा मिची है?

प्रधानमंत्री की आलोचना के बाद विदेश मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया कि प्रधानमंत्री की अभिव्यक्ति ‘क्रॉस बोर्डर ऑक्यूपेशन’ अर्थात सीमा पार जमीन के अधिग्रहण से संबन्धित है।

सीमा विशेषज्ञ बुद्धिनारायण श्रेष्ठ ने कहा, ‘नेपाल ने भारत की सीमा नहीं मिची है। अधिकांश सीमा निर्धारण कार्य पूरा हो चुका है। कुछ स्थानों पर नदी के धारा परिवर्तन और क्रॉस होल्डिंग ऑक्यूपेशन के कारण समस्या दिखती है, पर यह सीमा अतिक्रमण नहीं है।’

बुद्धिनारायण श्रेष्ठ

पूर्व राजदूत नीलाम्बर आचार्य ने भी कहा, ‘भारत ने सीमा पर अपनी सेना तैनात करके नेपाली लोगों का प्रवेश रोका है, लेकिन नेपाल ने कभी भी भारत के क्षेत्र में अपनी सेना नहीं लगाई है। अगर नेपाल ने अतिक्रमण किया होता, तो भारत भी वैसा ही जवाब देता।’

सीमा विवाद विशेषज्ञों ने खुली सीमा होने के कारण कुछ जगह विवाद के बने रहने की बात कही है। नेपाल के २६ जिले भारत से जुड़े हैं और इनमें से ७२ स्थान विवादित हैं। सबसे विवादित क्षेत्र लिम्पियाधुरा-कालापानी और सुस्ता हैं।

सीमा विवाद क्षेत्र

शर्मा ने लिखा है, ‘नेपाल ने भारत की जमीन मिचकर कोई मुआवजा नहीं पाया है। लेकिन भारत ने नेपाली जमीन पर बांध जैसी संरचनाएं बनाई हैं, जो बाढ़ और आवास संकट का कारण बनी हैं।’

ईपीजी सदस्य डॉ. राजन भट्टराई ने कहा, ‘2016 में सीमा विवाद के लिए द्विपक्षीय टीम बनाई गई थी, लेकिन समस्या जटिल बनी हुई है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री की यह अभिव्यक्ति नाजुक मामले पर उचित नहीं थी।’

इंग्लैंड का नाम सीमा विवाद में कैसे शामिल हुआ?

प्रधानमंत्री शाह ने सीमा विवाद को तीन पक्षीय मध्यस्थता से समाधान योग्य बताया। लेकिन पूर्व विदेश मंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ ने कहा, ‘यह समस्या केवल दो देशों के बीच है। विवाद समाधान के बिना तीसरे पक्ष को लेना उचित नहीं।’

नेपाल ने औपचारिक रूप से ब्रिटेन सरकार से सीमा विवाद पर कोई अनुरोध नहीं किया है। सुगौली संधि १८१६ में ब्रिटिश भारत के साथ हुई थी, जो आज के स्वतंत्र भारत से अलग था।

लिपुलेक क्षेत्र

सीमा विवाद के समाधान के लिए पहले दो पक्षों के बीच वार्ता ज़रूरी है, फिर असफल होने पर तीसरे पक्ष को मध्यस्थता के लिए लिया जा सकता है, सीमा विशेषज्ञ श्रेष्ठ का कहना है।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के मेयर कालीन अनुभव और वर्तमान विवाद एक-दूसरे से जुड़े नजर आते हैं। मेयर रहते भारत ने नेपाल की जमीन से व्यापार करने की सहमति के बाद उन्होंने महानगर कार्यालय में ग्रेटर नेपाल का नक्शा भी लगाया था।

होटल संघ नेपाल ने बजट को संतोषजनक बताया, कार्यान्वयन में विशेष ध्यान देने का आग्रह

होटल संघ नेपाल (हान) ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट में शामिल पर्यटन विकास कार्यक्रमों के प्रति संतोष व्यक्त किया है। बजट में घोषित नेपाल भ्रमण वर्ष २०८५ और निजी क्षेत्र के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल संचालित करने की योजना को संघ ने सकारात्मक माना है। संघ ने विद्युत में मूल्य अभिवृद्धि कर व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और सरकारी कार्यक्रमों को होटल में आयोजित करने पर लगी पाबंदियों को हटाने की मांग की है।

१७ जेठ, काठमाडौँ। होटल संघ नेपाल (हान) ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट को संतोषजनक प्रतिक्रिया दी है। आर्थिक रूपांतरण का मुख्य आधार माने जाने वाले इससे पूर्व के राष्ट्रीय बजट में शामिल पर्यटन विकास के विचार, कार्यक्रम और बजट के प्रति होटल तथा रिसॉर्ट के राष्ट्रीय छाता संगठन ने सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। संघ ने इन कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार से विशेष ध्यान रखने का भी आग्रह किया है।

संघ के जारी बयान के अनुसार, निजी क्षेत्र को प्रमुख विकास साझेदार के रूप में जोड़ने वाली बजट घोषणाओं से वर्तमान व्यावसायिक गतिविधियों में पूंजी निर्माण और निवेश में निजी क्षेत्र की अगुआई बढ़ने की उम्मीद है। नए बजट द्वारा घोषित २०८५ नेपाल भ्रमण वर्ष, २०२७ आरोग्य वर्ष, पर्यटकीय गंतव्य विकास योजनाएं जैसे निर्वाणपथ, कोशी कोरिडोर, डाँफे, शालिग्राम, मध्यपहाड़ी क्षेत्र और हिलस्टेशन विकास को संघ ने सकारात्मक माना है।

संघ ने ग्रेट हिमालयन ट्रेल, मनाङ और मुस्ताङ के गुम्बा संरक्षण एवं प्रादेशिक पर्यटकीय कोरिडोरों के विकास जैसे कार्यक्रमों से पर्यटक संख्या में वृद्धि, उनके ठहरने की अवधि और खर्च में बढ़ोतरी होगी, इस विश्वास का भी اظہار किया है।नेपाल एयरलाइन्स को कम्पनी मॉडल में संचालित करने की पहल को भी संघ ने सकारात्मक रूप में देखा है। यूरोपीय संघ की काली सूची से हटाने के प्रयास और सीमा नाका प्रवेश प्रक्रियाओं को सहज बनाने से पर्यटक संख्या में वृद्धि होगी, ऐसा संघ का मानना है।

रवि के साथ भारत जा रहे हैं अन्य ४ सदस्य, कौन-कौन हैं?

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सभापति रवि लामिछाने १८ जेठ से अपनी टीम के साथ भारत भ्रमण पर जाने वाले हैं। इस भ्रमण टीम में सांसद विपिन आचार्य, दीपक बोहरा, निकिता पौडेल और प्रदीप आचार्य भी शामिल होंगे, ऐसा पार्टी प्रवक्ता मनीष झा ने बताया है। यह भ्रमण भारतीय जनता पार्टी के नितिन नवीन के निमंत्रण पर आयोजित किया जा रहा है, जिसे प्रवक्ता झा ने जारी विज्ञप्ति में उल्लेख किया है। १७ जेठ, काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने पार्टी सभापति रवि लामिछाने के भारत भ्रमण के बारे में औपचारिक जानकारी प्रदान की है। पार्टी प्रवक्ता मनीष झा ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए आगामी भ्रमण के बारे में जानकारी दी है। जारी विज्ञप्ति के अनुसार, लामिछाने के साथ रास्वपा के सांसद विपिन आचार्य और दीपक बोहरा भी इस भ्रमण में शामिल होंगे। इसके साथ ही, रवि की पत्नी निकिता पौडेल और प्रदीप आचार्य भी इस यात्रा में भाग लेंगे, जो विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है। रवि लामिछाने कल भारत के लिए रवाना होंगे। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन के निमंत्रण पर यह टीम भ्रमण पर जा रही है, जिसे भाजपा ने भी अपनी विज्ञप्ति के माध्यम से पुष्टि की है।

सातवें राष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता में विभागीय टीमों की बरकरार रही प्रभावशाली प्रदर्शन

सातवें राष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता के अंतिम दिन रविवार को विभागीय टीम एपीएफ और त्रिभुवन आर्मी क्लब ने विभिन्न स्पर्धाओं में चैंपियन बनने में सफलता प्राप्त की। प्रतियोगिता के तहत सीनियर पुरुष फोयल और एपी टीम इवेंट में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने स्वर्ण पदक जीता। सीनियर महिला फोयल और एपी टीम इवेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभागीय टीम एपीएफ ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया।

१७ जेठ, काठमांडू। प्रतियोगिता के दूसरे और अंतिम दिन रविवार को सीनियर महिला फोयल टीम इवेंट में एपीएफ और सीनियर पुरुष फोयल टीम इवेंट में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। सातदोबाटो स्थित नेपाल तेक्वांडो एकेडमी के हॉल में संपन्न इस प्रतियोगिता में महिला फोयल टीम में अनिता अधिकारी, उर्मिला लामा, उर्मिला माझी और आइसा श्रेष्ठ शामिल एपीएफ टीम ने स्वर्ण पदक जीता। गण्डकी प्रदेश ने रजत पदक जबकि सुदूरपश्चिम ने कांस्य पदक हासिल किया।

सीनियर पुरुष फोयल टीम इवेंट में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने स्वर्ण पदक जीत लिया, जिसमें अनुप भंडारी, नरेंद्र धामी, भुवन मलिक और वीरसिंह शाही ने भाग लिया। गण्डकी पुरुष टीम ने रजत पदक प्राप्त किया, जबकि बागमती और सुदूरपश्चिम ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान साझा किया। एपीएफ ने सीनियर महिला एपी टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीता। इस टीम में तुलसा बुढाथोकी, माया चौधरी, अनिता कार्की और जानुका स्यांगतान शामिल थे।

त्रिभुवन आर्मी क्लब ने सीनियर पुरुष एपी टीम इवेंट में चैम्पियन की उपाधि हासिल की। पूर्णराज गिरी, मिन कार्की, हर्क खड्का और सुरज सिंह ने टीम को विजेता बनाया। कोशी प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा, जबकि एपीएफ और सुदूरपश्चिम ने तीसरा स्थान साझा किया। प्रतियोगिता में कोशी, बागमती, गण्डकी, सुदूरपश्चिम प्रदेशों के साथ-साथ विभागीय टीमें एपीएफ और आर्मी की कुल छह टीमें शामिल थीं, जिनके कुल ९६ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे थे। विजेताओं को शिक्षा और खेलकूद मंत्री के मुख्य सलाहकार सिद्धि व्यञ्जनकार ने पुरस्कार वितरित किए।

जेठमै ढकमक्क असारे (फोटो/भिडियो) – Online Khabar

जेठ माह में खिल रहा असारे फूल का सौंदर्य और आकर्षण

इलाम के माई नगरपालिका–2, शितली स्थित चाय बगान में पूरी तरह खिला जारूल फूल वर्तमान में पर्यटकों का आकर्षण का मुख्य केन्द्र बन गया है। समुद्र तल से २५ सौ मीटर तक की ऊंचाई पर खिलने वाला जारूल फूल देखने के लिए रोजाना सैकड़ों आंतरिक और बाहरी पर्यटक आते हैं। झापा के सुरुङ से जमुनखाड़ी होते हुए लगभग ३० किलोमीटर की यात्रा कर इस चाय बगान क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है। १७ जेठ, इलाम (शितली)। चारों ओर हरी-भरी जंगल फैली हुई हैं। चाय के पौधे मृदुलता से लहरा रहे हैं, और पत्थर-पत्थर पर बैगनी रंग के जारूल फूल खिले हैं। यह नजारा इलाम के दक्षिणी भाग, माई नगरपालिका–2, शितली के मध्य हिस्से के चाय बगान में देखने को मिलता है। असारे फूल के नाम से प्रसिद्ध इस जारूल फूल की खूबसूरती ने जेठ माह में सैकड़ों पर्यटकों को आकर्षित किया है। यदि आप इस समय इलाम आएं तो पूरा खिला हुआ जारूल फूल आपका ध्यान अवश्य खींचेगा। स्थानीय लोग कहते हैं कि रोजाना सैकड़ों आंतरिक और बाहरी पर्यटक इस क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। जारूल फूल समुद्र तल से लगभग २५ सौ मीटर की ऊंचाई तक खिलता है। इसके विश्वभर में लगभग चौसठ प्रजातियां पाई जाती हैं। झापा के सुरुङ पुल से जमुनखाड़ी की ओर जाने वाले रास्ते से लगभग ३० किलोमीटर की दूरी तय कर इलाम के इस क्षेत्र तक पहुँचा जा सकता है। इलाम अपनी चाय के लिए प्रसिद्ध है और चाय बगान देखने आने वाले पर्यटक इस समय जारूल फूलों की खूबसूरती के बीच भ्रमण का आनंद ले रहे हैं। वहां पहुँचने वाले पर्यटक इसी फूल को पृष्ठभूमि बनाकर फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे हैं।