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लेखक: space4knews

निर्वाचन जीतने के बाद भी वादे अधूरे रहे

5 वैशाख, धनगढी। पीठ पर टोको और सिर पर नाम्लो। पसीने से भीगा शरीर। पूरी तरह भीगा हुआ पीठ पर बीमारी से कमजोर एक और शरीर है। सिर के नाम्लो और पीठ के टोको के सहारे करीब डेढ़ घंटे चलने वाली दुर्गम यात्रा करनी पड़ती है। यह कोई फिल्म या नाटक का दृश्य नहीं है। बल्कि एक दंपति के संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी है। कैलाली के मोहन्याल गाउँपालिका-3 मुलेकाँना के कम्माने दमाई (50) इसी पीड़ा में जीवन बिताते हैं। उनकी पत्नी जमुना दमाई (45) को मधुमेह के कारण पैर सुन्न हो गए हैं, इसलिए कम्माने रोज़ाना उन्हें टोको और नाम्लो के सहारे पीठ पर उठाकर सड़क तक और फिर अस्पताल तक ले जाते हैं।

दो साल पहले मधुमेह से ग्रस्त पाई गई जमुना की सेहत हाल ही में काफी बिगड़ी है। सुन्न हुए पैर, संक्रमण और घावों के कारण जमुना चल फिर पाने में असमर्थ हो गई हैं, जिसके कारण कम्माने उन्हें डोको और नाम्लो के सहारे पीठ पर घंटों की कठिन चढ़ाई-उतार यात्रा करके अस्पताल ले जाते हैं। मोहन्याल-3 मुलेकाँना से अकेले ही उन्हें वह पहुँचाते हैं, जहां से गाड़ी मिलती है। पैर सुन्न हो जाने के कारण जमुना खुद चल नहीं सकतीं, इसलिए कम्माने अकेले ही डोको और नाम्लो के सहारे उनका बोझ उठाते हैं।

‘बूढ़ी को ऐसी स्थिति में छोड़ना मुश्किल है, इलाज के लिए टोको में ही लेकर फल्लेबिसौना तक जाता हूं,’ कम्माने कहते हैं, ‘गांव के युवा सभी विदेश चले गए हैं। बूढ़े और बीमारों को तकलीफ न हो इसलिए मैं अकेले ही उनका बोझ उठा रहा हूं।’ गांव में मदद के लिए कोई उपलब्ध नहीं है। मुलेकाँना में सिर्फ 15-16 परिवार रहते हैं, जिनमें अधिकांश युवा रोजगार के लिए भारत चले गए हैं। गांव में केवल बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे हैं, जो मरीज को लेकर चलने में समर्थ नहीं हैं। स्वास्थ्य चौकी दूर है और स्ट्रेचर भी हो, उसे उठाने वाला कोई नहीं।

रोग, गरीबी और मजबूरी के कारण जमुना के बाएं पैर में मधुमेह से संक्रमण फैल गया है। कुछ समय पहले नेपालगंज में उनका उपचार हुआ था। भारत में मजदूरी करने वाला उनका बेटा उन्हें वहां ले जाकर घावों का ऑपरेशन भी करवा चुका है। लेकिन लौटने के बाद पैर की सुन्नता और बढ़ गई। श्री कम्माने वहीं मजदूरी करते हैं और शाम-सवेरे भोजन का इंतजाम करते हैं। आर्थिक कष्ट के चलते वे अपनी पत्नी को लगातार उपचार के लिए नहीं ले जा पाए।

स्थानीय सुनिता शाह और कार्यपालिका सदस्य नानी दमाई ने जमुना के उपचार के लिए लगभग 40 हजार रुपये जुटाए थे। स्थानीय हरियाली सामुदायिक वन के अध्यक्ष धनराज गिरी की मदद से राशि संग्रहीत कर कम्माने ने पहली बार उन्हें डोको में लेकर अस्पताल पहुंचाया था। भेरी अस्पताल नेपालगंज जाने पर चिकित्सकों ने मधुमेह से पैर में समस्या होने की पुष्टि की और दवा दी। जमुना दवाओं का सेवन कर रही हैं, पर आर्थिक अभाव के कारण उनका उपचार लगातार करना मुश्किल हो रहा है। ‘दो साल से ठीक से चल नहीं पा रही हूं,’ वह कहती हैं, ‘पैसे नहीं होने से इच्छानुसार इलाज नहीं करवा पा रहे हैं।’

उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे की शादी हो चुकी है और वह परिवार सहित भारत में है। छोटे बेटे भी भारत में काम करते हैं। आर्थिक दबाव के कारण बेटियां भी दो महीने पहले काम की तलाश में भारत चली गई हैं। ‘चुनाव में वोट बदलने के बावजूद मेरी स्थिति वैसी की वैसी है,’ कम्माने खुद भी कमजोर स्वास्थ्य के बावजूद डेली मजदूरी (पत्थर उठाना, कुल्हाड़ी चलाना) करते आ रहे हैं, पर पत्नी के इलाज के खर्च वह नहीं उठा पा रहे। ‘क्या करें, जीकर भी नहीं मरना, पालकर भी नहीं देख रहे,’ उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त की।

पत्नी को पीठ पर उठाकर मुलेकाँना से फल्लेबिसौना तक डेढ़ घंटे की कठिन यात्रा के दौरान कम्माने दो बातें याद करते हैं: पहली— चुनाव में आए नेता और दूसरी— उन्होंने दिया वोट। 21 फागुन को सम्पन्न हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में लगभग सभी राजनीतिक दलों के नेता और उम्मीदवार गांव पहुँचे थे। उन्होंने दमाई परिवार से मिल कर वोट देने की बात की और पत्नी के इलाज का वादा किया था। लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद भी कम्माने की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। चुनाव हारने की बात छोड़िए, जीते हुए नेता भी वापस गांव नहीं आए हैं, यह उनकी शिकायत है। उन्होंने कहा कि भले ही वोट बदला, पर नया सांसद उनकी समस्या हल करने के लिए कोई पहल नहीं कर रहा।

‘चुनाव के समय वोट मांगने सभी दलों के नेता आए थे। पत्नी की हालत देखकर लगभग सभी को मैंने वोट दिया, सभी ने समाधान का वादा किया, लेकिन बाद में कोई नहीं आया,’ कम्माने ने कहा, ‘पुराने नेताओं से संतुष्ट नहीं होकर नए को वोट दिया था, लेकिन सभी एक जैसे निकले।’ इस क्षेत्र में रास्वपा अध्यक्ष केपी खनाल ने प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीता है। आर्थिक अभाव और दूरस्थ भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद कम्माने की एक ही इच्छा है— अपनी पत्नी का ठीक से इलाज कर उन्हें स्वस्थ बनाना। जरूरत पड़ी तो भारत या नेपाल के बेहतर अस्पताल में भी ले जाने को तैयार हैं। इसके लिए वे भारत में रहने वाले बच्चों से सलाह भी ले रहे हैं। (तस्वीर: पत्रकार टीकाराम साउँद, बौनिया)

एमसीसी नेपाल: अमेरिकी कानुनले एक वर्ष समय सीमा विस्तार गर्ने प्रावधान पारित

संयुक्त राज्य अमेरिकाले नेपालमा मिलेनियम च्यालेन्ज कर्पोरेशन (एमसीसी) अन्तर्गतको विकास सहयोग आवश्यकता अनुसार एक वर्षसम्म लम्ब्याउन सकिने कानुन पारित गरेको छ। यस वर्ष अमेरिकाको दुवै सदनले स्वीकृत गरेको र राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्पले हस्ताक्षर गरेको उक्त कानुनले नेपालसहित चार देशका एमसीसी कम्प्याक्ट कार्यक्रमहरूको अवधि थप गर्न एक वर्षसम्म समय थप्ने सुविधा दिएको छ। नेपालमा अगाडि बढाइएका विद्युत् प्रसारण लाइन र सडक निर्माण परियोजनाहरूको कार्य सम्पन्न गर्न अझै दुई वर्ष चार महिना भन्दा अलि बढी समय बाँकी रहेको छ। यस कानुनमा राष्ट्रपति ट्रम्पले फेब्रुअरी महिनामा हस्ताक्षर गरेका थिए। नेपालका अर्थ मन्त्रालयले एमसीसीको कार्यकाल थप सम्बन्धी कुनै प्रस्ताव अघि बढाएको जानकारी नरहेको जनाएको छ।

अमेरिकी विदेश मन्त्रालयका प्रवक्ताले एमसीसी नेपाल कम्प्याक्ट दुई देशबीचको साझा आर्थिक वृद्धिका लागि एक सुदृढ साझेदारी रहेको बताएका छन्। राष्ट्रपति ट्रम्पले सत्ता सम्हालेपछि वैदेशिक सहयोग पुनरावलोकन गर्दा एमसीसी अन्तर्गत केही कार्यक्रमहरूलाई स्थगित गरेका थिए। सन् २०२५ को जनवरीदेखि नेपालमा स्थगित भएका परियोजनाहरूको काम जुलाईको अन्त्यदेखि पुनः सुरु गरिएका थिए। तर यस वर्षको विनियोजन कानुन २०२६ ले स्रोत उपलब्ध भएमा एमसीसीले नेपालसहितका देशहरूमा एक वर्ष समय थप्न सक्ने व्यवस्था गरेको छ।

एमसीसी र हस्ताक्षरकर्ता देशहरूको सहमतिमा, मिलेनियम च्यालेन्ज कर्पोरेशनले सन् २००४ देखि निश्चित कार्यक्रमका लागि पाँच वर्षे अवधिमा अनुदान प्रदान गर्दै आएको छ। एमसीसीको वेबसाइट अनुसार वर्तमानमा पाँच देशहरूमा कम्प्याक्ट कार्यान्वयनका चरणहरू सञ्चालनमा छन्। बहाली सम्बन्धी कानूनमा उल्लेख छ, “मिलेनियम च्यालेन्ज कर्पोरेशनले स्रोत उपलब्ध भएमा इन्डोनेशिया, कोसोभो, नेपाल र सेनेगलमा एक वर्षसम्म कम्प्याक्ट अवधि लम्ब्याउन सक्नेछ।” तर समयावधि थप गर्नु अघि सम्बन्धित कङ्ग्रेस समितिलाई जानकारी दिनुपर्ने कानुनमा उल्लेख छ।

एमसीसी अन्तर्गत अमेरिकाले नेपाललाई विद्युत् प्रसारण लाइन र सडक निर्माणका लागि ५५० मिलियन अमेरिकी डलर (हालको विनिमय दर अनुसार ८१ अर्ब ८० करोड रुपैयाँ भन्दा बढी) अनुदान दिएको छ। सन् २०१७ मा भएको सम्झौताअनुसार यो नेपालले प्राप्त गरेको सबैभन्दा ठूलो अनुदान हो र यसले भूराजनीतिक विवाद पनि निम्त्याएको थियो। वाशिङ्टन र बेइजिङबीचको विवादका बीच सन् २०२२ मा नेपालको संसद्ले एमसीसी सम्झौतामा व्याख्यात्मक घोषणासहित स्वीकृति दिएपछि कम्प्याक्ट कार्यान्वयनमा आएको थियो।

पाथीभरादेखि पाँचपोखरीसम्म राताम्यै गुराँस, बढ्दै पर्यटकीय आकर्षण (तस्वीरहरू)

पाथीभरादेखि पाँचपोखरी तक गुरांस के फूलों से डग-दग रंगीन, पर्यटक आकर्षण में वृद्धि दर्ज

तीनजुरे-मिल्के-जलजले क्षेत्र के डगों पर गुरांस के फूल खिल गए हैं, जो लाल रंग की छटा बिखेर रहे हैं और इसने वर्षाकालीन अवधि के दौरान बढ़ रहे पर्यटक आकर्षण को और भी गहरा बना दिया है। टीएमजे क्षेत्र में गुरांस के फूल खिलने के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों और पड़ोसी देशों से पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। संघीय सरकार ने पाँचपोखरी में गुरांस पार्क की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य अध्ययन, अनुसंधान और पर्यटक आकर्षण को बढ़ावा देना है। ६ वैशाख, तेह्रथुम।

पूर्वी नेपाल के तीनजुरे-मिल्के-जलजले (टीएमजे) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीनजुरे पाथीभरादेखि पाँचपोखरी तक के डगों पर गुरांस के फूलों ने लाल रंग की भरमार कर दी है। तेह्रथुम, संखुवासभा और ताप्लेजुङ जिलों में स्थित इस क्षेत्र में वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही गुरांस के खिलने से यहां की प्राकृतिक सुंदरता एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रही है। लाल, गुलाबी, सफेद और विभिन्न रंगों के गुरांस के फूलों ने टीएमजे क्षेत्र के तीनजुरे पाथीभरादेखि पाँचपोखरी तक की वनभूमि को पूरी तरह से लाल रंग से ढक दिया है, जिससे यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बन गया है। इस मौसम के दौरान टीएमजे क्षेत्र गुरांस के कारण पर्यटकों का विशेष गंतव्य बन चुका है।

गुरांस के खिलने के बाद वन-प्राकृतिक क्षेत्र रंगीन हो गए हैं और स्थानीय लोगों के अनुसार पर्यटकों की भीड़ में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। स्थानीय लिलमाया गुरुङ ने कहा, ‘गुरांस के खिलने का यह समय टीएमजे क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन सत्र है।’ हर साल गुरांस के खिलने के मौसम में देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी सिक्किम, दार्जिलिंग और वेस्ट बंगाल जैसे स्थानों से भी पर्यटक यहां आते हैं। गुरांस की मनमोहक वायुमंडल, तस्वीरें और वीडियो खींचने तथा शांत प्राकृतिक परिवेश में समय बिताने के लिए रोजाना यहां सैकड़ों आंतरिक और बाह्य पर्यटक इकट्ठा होते हैं।

दमक से तीनजुरे आए आंतरिक पर्यटक सिर्जना लिम्बु ने कहा, ‘गुरांस से भरपूर वातावरण में आनंद लेने यहां आई हूं।’ विशेष रूप से गुरांस से पूरा डग लाल रंग में रंग जाने वाले इस समय को प्रकृतिप्रेमी, पदयात्री और फोटोग्राफरों के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। गुरांस की सुगंध, हरे-भरे जंगल और ठंडी हवा यहां आने वाले सभी को सहज आनंद का अनुभव कराते हैं। इसी कारण से टीएमजे क्षेत्र वसंत ऋतु में पूर्वी नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो रहा है।

चलचित्र पत्रकारिता में सुधार की आवश्यकता पर चर्चा

चलचित्र निर्माता अविरल थापाने सामाजिक मीडिया पर चलचित्र पत्रकारिता की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, चलचित्र पत्रकारिता को प्रचार से अधिक सच्चाई प्रस्तुत करने पर केंद्रित होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में अधिकतर पब्लिसिटी पर ध्यान दिया जा रहा है। चलचित्र पत्रकार महासंघ के दसवें महासभा में नेतृत्व से पत्रकारिता की गुणवत्ता सुधारने और आत्म-अनुशासन पर जोर देने की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। पिछले वर्ष फिल्म ‘भुठान’ के रिलीज के दौरान उन्होंने सामाजिक मीडिया पर एक गंभीर प्रश्न उठाया था – ‘क्या नेपाली चलचित्र पत्रकारिता सही दिशा में आगे बढ़ रही है?’ फिल्मों के रिलीज के संवेदनशील समय में उन्होंने यह सवाल उठाना स्वयं में महत्वपूर्ण था।

चलचित्र पत्रकारों के व्यवहार और गतिविधियों से निराश होकर उन्होंने इस प्रकार की प्रतिक्रिया दी। उनका स्टेटस सार्वजनिक होने के कुछ ही दिनों बाद लभिं मल में उसी फिल्म के ट्रेलर रिलीज कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। वहां उपस्थित कई पत्रकारों, विशेष रूप से यूट्यूबरों ने असंबंधित और अनावश्यक प्रश्नों के कारण कार्यक्रम को असहज बना दिया। अविरल थापा न केवल फिल्म निर्माता हैं बल्कि पत्रकारिता पढ़ाने वाले कॉलेज ‘पोलिगन’ के प्रिंसिपल भी हैं। ऐसी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को कुछ यूट्यूबर ही पत्रकारिता सिखाने की स्थिति देखी जा रही है।

चलचित्र पत्रकारिता में हो रही हालिया गतिविधियां एक गंभीर प्रश्न उठाती हैं – हम चलचित्र पत्रकारिता कहते हैं, क्या यह वास्तव में पत्रकारिता है? या पत्रकारिता के नाम पर एक अलग व्यापार चल रहा है? हर किसी के लिए वीडियो बनाने, यूट्यूब और फेसबुक पर तुरंत अपलोड कर वायरल बनाने, और डॉलर कमाने की मानसिकता हावी हो गई है। यह न केवल कलाकारों और निर्माताओं के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। चलचित्र पत्रकारिता की इन समस्याओं के मुख्य कारणों में संस्थागत कमजोरियां भी शामिल हैं। चलचित्र पत्रकार संघ, जो इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने का काम करता है, स्वयं असहज और प्रभावहीन नजर आता है।

आज चलचित्र पत्रकार महासंघ की दसवीं महाधिवेशन हो रही है। नेतृत्व परिवर्तन के इस समय में पद वितरण मात्र नहीं, बल्कि आत्ममूल्यांकन करने, गलतियाँ स्वीकार करने और नई दिशा निर्धारित करने का भी अवसर है। सवाल अब भी कायम है – क्या नया नेतृत्व इसे गंभीरता से लेगा? यदि सच्चे बदलाव की आवश्यकता है तो सबसे पहले आत्म-अनुशासन से शुरुआत करनी होगी। पत्रकारिता सीखनी होगी, समझनी होगी और नियमित अभ्यास करना होगा।

चलचित्र पत्रकारिता अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन यह एक गंभीर मोड़ पर खड़ी है। अब आने वाले निर्णय से ही तय होगा – क्या यह क्षेत्र पुनः गरिमा प्राप्त करेगा या भीड़-भाड़ के शोर में खो जाएगा।

इरान ने दी चेतावनी – स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने पर हमला किया जाएगा

६ वैशाख, काठमाडौं। ईंधन परिवहन के लिए अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पुनः तनाव का केंद्र बन गया है। ईरान ने इस जलमार्ग को पुनः बंद करने की घोषणा करते हुए अमेरिकी नाकाबंदी हटाने तक किसी भी जहाज को आवागमन की अनुमति न देने की चेतावनी दी है। ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना ने शनिवार को जारी बयान में कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को “लक्षित बनाया जाएगा”। फारस की खाड़ी और ओमान सागर से होर्मुज की ओर जाने वाले जहाजों को शत्रु के साथ सहयोगी माना जाएगा, यह ईरान ने स्पष्ट किया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की सहमति होने की खबर आई थी। लेकिन इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नाकाबंदी जारी रखने की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने अपने यूरेनियम को अमेरिका को देने की सहमति दी है। ईरान ने इस दावे को जूठा करार देते हुए ट्रंप को जवाब दिया और नाकाबंदी हटाने की मांग की। वार्ता के सकारात्मक संकेत मिलने के बाद ईरान ने अस्थायी रूप से जलमार्ग खोलते हुए सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए इसे सुरक्षित बताया था, लेकिन २४ घंटे भी न बितते तनाव फिर बढ़ गया।

सहमति की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई थी। ईरानी संसद के सभामुख एवं वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने टेलीविजन साक्षात्कार में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को “इस्लामी गणराज्य के नियंत्रण में” होने का दावा किया। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को “अपरिपक्व और अज्ञानी निर्णय” करार देते हुए इसकी आलोचना की। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान जलमार्ग बंद करके ब्लैकमेल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय तक कोई समझौता नहीं होने पर युद्धविराम समाप्त कर दिया जाएगा और अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने आगामी बुधवार तक कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर फिर से बमबारी करने की भी धमकी दी है।

ब्रिटेन के युनाइटेड किंगडम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के अनुसार शनिवार को ईरान ने भारत के दो व्यावसायिक जहाजों पर गोली चलाई। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी दो भारतीय झंडावाहक जहाजों के “आगो खेल” की घटना को स्वीकार किया है। उस क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों ने भी आईआरजीसी नौसेना से रेडियो के माध्यम से चेतावनी संदेश प्राप्त किया, जिसमें जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज को प्रवेश न देने को कहा गया। विश्लेषकों ने वर्तमान परिस्थिति को “दो प्रतिस्पर्धी नाकाबंदी” बताया है – एक तरफ अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी, दूसरी ओर ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का निर्णय। अलजजीरा संवाददाताओं के अनुसार ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का उपयोग दबाव और संदेश देने के रणनीतिक माध्यम के रूप में कर रहा है। वार्ता अनिश्चित होने के बाद ईरान ने अपने प्रभाव का परिचय देने के लिए जलमार्ग बंद किया है। विश्व का महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, खासकर ऊर्जा आपूर्ति में प्रत्यक्ष प्रभाव की चिंता को बढ़ा रहा है।

विद्युत् महसुल संकलनका लागि सेवाप्रदायक छनोट गर्दै प्राधिकरण

विद्युत् महसुल संकलन के लिए सेवा प्रदाता चयन प्रक्रिया शुरू

नेपाल विद्युत् प्राधिकरण ने विद्युत् महसुल संकलन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इच्छुक सेवा प्रदाताओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। सेवा प्रदाताओं को बैंक गारंटी प्रदान करनी होगी और प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क के अनुसार ही शुल्क लेने का अधिकार रहेगा। यदि सेवा प्रदाता और प्राधिकरण के बीच विवाद उत्पन्न होता है, तो संचालन समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में विवाद समाधान समिति गठित की जाएगी। ६ वैशाख, काठमांडू।

प्राधिकरण ने विद्युत् महसुल संकलन प्रक्रिया को अधिक सहज और सरल बनाने के उद्देश्य से इच्छुक सेवा प्रदाताओं से प्रस्ताव मांगे हैं। यह प्रस्ताव विद्युत माध्यम से काम करने वाली कंपनियों के लिए हैं जो संकलन में सहजीकरण प्रदान करेंगे। इसके लिए सेवा प्रदाता संस्थान का पंजीकरण और नवीनीकरण प्रमाणपत्र, तथा नेपाल राष्ट्र बैंक से प्राप्त भुगतान सेवा प्रदाता अनुमतिपत्र आवश्यक है, जैसा कि प्राधिकरण ने बताया है।

प्रस्तावित सेवाओं के लिए कानूनी रूप से अयोग्य नहीं होने का स्वघोषणा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्राधिकरण द्वारा निर्धारित बैंक गारंटी जमा करने का प्रतिबद्धता पत्र, दुर्गम क्षेत्र के ग्राहकों को भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से विद्युत महसुल संकलन की सुविधा प्रदान करने का आश्वासन, एवं सेवा प्रदाता द्वारा अपनाई जाने वाली तकनीक से प्राधिकरण के राजस्व आंकड़ों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक होगा। संकलित राशि प्राधिकरण द्वारा निर्दिष्ट बैंक खाते में ही जमा करने की अनुमति होगी और महसुल भुगतान के लिए विभिन्न संचार माध्यमों के माध्यम से बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की क्षमता आवश्यक होगी।

सेवा प्रदाता संस्थान को कम से कम पांच विषयगत तकनीकी दक्ष कर्मियों का विवरण प्रस्तुत करना होगा। प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय कार्यक्षेत्र का स्पष्ट विवरण शामिल करना अनिवार्य है। प्राधिकरण की सूचना के अनुसार, रु पाँच सौ तक बिजली महसुल का भुगतान करने वाले ग्राहकों को निःशुल्क सेवा प्रदान करनी होगी, जबकि रु पाँच सौ एक से रु पाँच हजार तक के भुगतान वाले ग्राहकों से अधिकतम रु पाँच तक का सेवा शुल्क लिया जा सकेगा। सेवा प्रदाता प्राधिकरण द्वारा निर्धारित प्रस्तावित सेवा शुल्क के अनुसार शुल्क निश्चित करेगा।

नुर्बर्गरिङ में मस्टैंग जीटीडी की ऐतिहासिक सफलता और नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित

काठमांडू। फोर्ड ने जर्मनी के प्रसिद्ध नुर्बर्गरिङ ट्रैक पर फिर से अपनी दबदबा कायम किया है। 2026 में फोर्ड की नई मस्टैंग जीटीडी कंपिटिशन ने 6 मिनट 40.835 सेकेंड में एक लैप पूरा करते हुए सबसे तेज अमेरिकी उत्पादित कार का उपाधि पुनः हासिल किया है। यह समय फोर्ड के पिछले रिकॉर्ड से 11 सेकेंड और मुख्य प्रतिस्पर्धी शेवरले के ‘कोर्वेट ZR1X’ से 8 सेकेंड तेज है। फोर्ड के सीईओ जिम फार्ले ने कोर्वेट टीम को ‘खेल अब शुरू हुआ है’ कहते हुए चुनौती दी थी, और यह परिणाम उस बयान की पुष्टि करता है।

इस नए संस्करण में 5.2 लीटर का शक्तिशाली सुपरचार्जर V8 इंजन लगाया गया है, जो सामान्य मॉडल के 815 हॉर्सपावर से भी अधिक शक्ति प्रदान करता है। कार के प्रदर्शन को और प्रभावशाली बनाने के लिए फोर्ड ने इसमें मैग्नीशियम व्हील, कार्बन बकेट सीट और हल्के डैम्पर का उपयोग करके वजन को उल्लेखनीय तरीके से कम किया है। सामान्य मस्टैंग जीटीडी का वजन लगभग 1,998 किलोग्राम होता है।

सड़क पर कार का संतुलन और पकड़ मजबूत करने के लिए नए रियर विंग, फ्रंट डाइव प्लेन और कार्बन फाइबर एरो डिस्क जैसी आधुनिक एयरोडायनामिक्स सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिन्हें अनुभवी चालक डिर्क मुलर ने सफलता पूर्वक चलाया। फोर्ड ने इस विशेष ‘कंपिटिशन’ संस्करण को सीमित संख्या में ही उत्पादन और बिक्री करने की योजना बनाई है, और इसकी कीमत सामान्य जीटीडी की तुलना में 3 लाख 27 हजार डॉलर से ऊपर होने की उम्मीद जताई गई है।

नुर्बर्गरिङ में विशेष रूप से ट्रैक के लिए निर्मित कारों के श्रेणी में भी फोर्ड की ‘GT Mk IV’ नाम में रिकॉर्ड दर्ज है। इसने 6 मिनट 15.977 सेकेंड में एक लैप पूरा करते हुए विश्व में तीसरे स्थान पर और सबसे तेज ईंधन वाली (दहन इंजन) कार का कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्तमान में फोर्ड को अमेरिका की सबसे तेज कार का खिताब प्राप्त है, लेकिन जर्मनी की मर्सिडीज एएमजी वन अभी भी 6 मिनट 29 सेकेंड के रिकॉर्ड के साथ विश्व में शीर्ष स्थान बनाए हुए है।

इतिहासको बहाब, जेनजी र लोकप्रियतावाद  – Online Khabar

इतिहास के प्रवाह, जनरेशन जेड और लोकप्रियतावाद

समाचार का सारांश व्यावसायिक दृष्टिकोण से समीक्षा किया गया है। आगामी राजनीति लंबे अवधि की बजाय छोटी अवधि की योजनाओं और लोकप्रिय नेतृत्व पर आधारित पॉपुलिस्ट होगी। इंटरनेट और सोशल मीडिया से उत्पन्न जनरेशन जेड ने पुराने राजनीतिक दलों और उनके विचारों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया है। तकनीक, आवास परिवर्तन और ‘अप्राप्त आकांक्षाओं’ से जन्मी इस पीढ़ी की जागरूक पहल (एजेंटिफिकेशन) को राज्य न पहचान पाने के कारण सड़कों पर अनियंत्रित विद्रोह की संभावना बढ़ गई है। जनरेशन जेड आंदोलन के वैश्विक संदर्भ और नेपाल के परिप्रेक्ष्य में समाजशास्त्री चैतन्य मिश्र द्वारा लिखा गया यह विस्तृत विश्लेषण तीन भागों में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्राध्यापक मिश्र नेपाल में समाजशास्त्र के औपचारिक अध्यापन करने वाली पहली पीढ़ी के शिक्षक हैं। उनके पुस्तकों में ‘पूंजीवाद और नेपाल’, ‘बदलता नेपाली समाज’, ‘एसेज ऑन द सोसियोलॉजी ऑफ नेपाल’, ‘लोकतंत्र और आज का मार्क्सवाद’ शामिल हैं। मिश्र ने समग्र समाज परिवर्तन का प्राज्ञिक दृष्टिकोण से विश्लेषण करते हुए युवा पीढ़ी के तकनीक से उत्पन्न विद्रोह और इसके विविध परिणामों को स्पष्ट किया है। इस लेख का मुख्य उद्देश्य नेपाल में ‘जनरेशन जेड’ (Generation Z) के उदय और विश्वव्यापी प्रभाव सहित राष्ट्रीय राजनीतिक प्रणाली पर इसके प्रभावों की खोज करना है। यह तर्क किया गया है कि जनरेशन जेड जैसी पीढ़ियाँ जैविक वृद्ध‍ि का परिणाम नहीं हैं, बल्कि वे विशिष्ट सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक कालखंड एवं ऐतिहासिक प्रवाह की उपज हैं। इन्हें वैश्विक रूप में एक समान नहीं देखा जाना चाहिए; बल्कि इन्हें संबंधित क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय संदर्भों के आधार पर देखना आवश्यक है। विश्व उत्पादन और विनिमय के एकीकरण के बावजूद वैश्विक असमानता और विभाजन गहरे हैं, इसलिए स्थानीय विशिष्टताओं का सम्मान आवश्यक है। सामाजिक-ऐतिहासिक पीढ़ियों के तेजी से परिवर्तन ने पुराने वैचारिक और संरचनात्मक राजनीतिक दलों को प्रभावित किया है। आगामी राजनीतिक प्रणालियाँ छोटी अवधि की लोकप्रियतावादी (पॉपुलिस्ट) शैली की होंगी, जिनमें प्रमुख नेता और नागरिक अपेक्षाकृत लचीले होंगे और दीर्घकालीनता कम होगी। नेपाल जैसे सीमांत देशों में पॉपुलिस्ट राजनीति आंतरिक और बाह्य शक्तियों से विशेषकर साइबर सीमांत क्षेत्र से अधिक प्रभावित हो सकती है। संविधान संशोधन के प्रयासों से जुड़े तीन मुख्य प्रावधान आगामी राजनीतिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। 8 और 9 सितंबर 2025 को काठमांडू में हुआ जनरेशन जेड आंदोलन दीर्घकालिक स्मृति के लिए महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। उम्मीद थी कि प्रत्यक्ष विरोध प्रदर्शन सीमित जनसंख्या तक सीमित रहेंगे, जो सोशल मीडिया प्रतिबंधों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएंगे। लेकिन विरोध प्रदर्शन व्यापक हो गया और भीड़ 20,000 तक पहुंच गई। पुलिस ने बैरिकेड तोड़ने पर हिंसक टकराव शुरू किया, जिससे भारी क्षति हुई। भीड़ संसद परिसर में घुसकर आग लगाई; पुलिस ने गोली चलाई; रातभर लाठी-चार्ज, आंसू गैस और रबर की गोलियाँ चलीं, जिनमें कई लोग मारे गए। दूसरे दिन सरकारी भवनों और निजी घरों में आगजनी हुई, और कई घायल और मृत हुए। 9 सितंबर को यह हिंसा थमी और राजनीतिक परिणाम सामने आने लगे। प्रतिनिधि सभा का विघटन हुआ। प्रधानमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया बल्कि सुरक्षा बलों का नियंत्रण लेकर प्रदर्शन रोकने में विफल रहे। जांच आयोग मौन है। छह महीने के भीतर नए अंतरिम सरकार ने चुनाव कराए और स्थापित पार्टियों को कमजोर करते हुए काठमांडू के प्रतिष्ठित मेयर प्रभु प्रधानमंत्री बने। नया दल भारी बहुमत के साथ सत्ता पर आया, परंतु राजनीतिक भविष्य अनिश्चित है।

जनरेशन जेड केवल जैविक पीढ़ी नहीं है; यह वैश्वीकरण, तकनीक और तीव्र आवास परिवर्तन से उपजी सामाजिक-ऐतिहासिक पीढ़ी है। इसका उद्भव जैविक वृद्ध‍ि के बाद नहीं, बल्कि विशिष्ट सामाजिक परिवर्तनों से हुआ है। जैविक पीढ़ियाँ सामान्यतः 20-30 वर्षों में नवीनीकृत होती हैं, पर जनरेशन जेड जैसी पीढ़ियों को सामाजिक-ऐतिहासिक संदर्भों ने जन्म दिया है। सामाजिक परिवेश और इतिहास ही पीढ़ी निर्धारित करता है; जब आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन तीव्र होते हैं, तब नई पीढ़ी जन्म लेती है। दूरस्थ कृषि पर आधारित समाजों में पीढ़ियों के बीच अंतर कम होता है, जबकि व्यवसायिक और औद्योगिक समाजों में तीव्र सामाजिक परिवर्तन होते हैं। यहां तक कि भाई-बहन भी जीवन अवसरों और सामाजिक परिवेश के कारण अलग-अलग पीढ़ियों में आ सकते हैं। मानव जीवन केवल जैविक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अधिकांशतः सामाजिक परिवेश द्वारा निर्देशित होता है। जन्म और मृत्यु को तकनीक एवं सामाजिक कारण प्रभावित करते हैं; नेपाल में प्रजनन दर और बाल मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जो मुख्यतः सामाजिक प्रगति और स्वास्थ्य सेवाओं का परिणाम है।

पुराने राजनीतिक दल तेजी से परिवर्तनशील समाज में प्रभावहीन होते जा रहे हैं। विश्व मानवता तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रही है और नई पीढ़ी तेजी से बढ़ रही है। आगामी राजनीतिक स्वरूप छोटी अवधि के लोकप्रियतावादी (पॉपुलिस्ट) होने की संभावना है। यह लेख के पहले भाग का अंत है। इसका दूसरा भाग कल प्रकाशित होगा।

अमेरिकी डलर की कीमत स्थिर, अन्य विदेशी मुद्राओं की स्थिति क्या है?

६ वैशाख, काठमाडौं। नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा आज (आइतबार) के लिए निर्धारित विदेशी मुद्रा विनिमय दर के अनुसार अमेरिकी डलर की कीमत स्थिर बनी हुई है। निर्धारित विनिमय दर के अनुसार अमेरिकी डलर की खरीद दर १४८ रुपये ३९ पैसा और बिक्री दर १४८ रुपये ९९ पैसा है। इसके साथ ही, यूरोपीय यूरो की खरीद दर १७५ रुपये ०६ पैसा और बिक्री दर १७५ रुपये ७६ पैसा, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग की खरीद दर २०० रुपये ७५ पैसा और बिक्री दर २०१ रुपये ५६ पैसा है। स्विस फ्रैंक की खरीद दर १८९ रुपये ६५ पैसा और बिक्री दर १९० रुपये ४१ पैसा कायम की गई है।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की खरीद दर १०६ रुपये ४० पैसा और बिक्री दर १०६ रुपये ८३ पैसा, कनाडाई डॉलर की खरीद दर १०८ रुपये ४९ पैसा और बिक्री दर १०८ रुपये ९३ पैसा, सिंगापुर डॉलर की खरीद दर ११६ रुपये ६२ पैसा और बिक्री दर ११७ रुपये ०९ पैसा निर्धारित की गई है। जापानी येन (१०) की खरीद दर ९ रुपये ३२ पैसा और बिक्री दर ९ रुपये ३६ पैसा, चीनी युआन की खरीद दर २१ रुपये ७५ पैसा और बिक्री दर २१ रुपये ८४ पैसा, सऊदी अरब के रियाल की खरीद दर ३९ रुपये ५६ पैसा और बिक्री दर ३९ रुपये ७२ पैसा, कतर के रियाल की खरीद दर ४० रुपये ७० पैसा और बिक्री दर ४० रुपये ८६ पैसा कायम है।

राष्ट्र बैंक के अनुसार थाई भाट की खरीद दर ४ रुपये ६३ पैसा और बिक्री दर ४ रुपये ६५ पैसा, यूएई दिरहम की खरीद दर ४० रुपये ४० पैसा और बिक्री दर ४० रुपये ५६ पैसा, मलेशियाई रिंगेट की खरीद दर ३७ रुपये ५४ पैसा और बिक्री दर ३७ रुपये ७० पैसा है। दक्षिण कोरियाई वन (१००) की खरीद दर १० रुपये ०३ पैसा और बिक्री दर १० रुपये ०७ पैसा, स्वीडिश क्रोना की खरीद दर १६ रुपये १८ पैसा और बिक्री दर १६ रुपये २५ पैसा, डेनिश क्रोना की खरीद दर २३ रुपये ४२ पैसा और बिक्री दर २३ रुपये ५२ पैसा निर्धारित की गई है।

राष्ट्र बैंक ने हांगकांग डॉलर की खरीद दर १८ रुपये ९५ पैसा और बिक्री दर १९ रुपये ०३ पैसा, कुवैती दीनार की खरीद दर ४८४ रुपये ६२ पैसा और बिक्री दर ४८६ रुपये ५८ पैसा निर्धारित की है। बहरीन दीनार की खरीद दर ३९३ रुपये ५३ पैसा और बिक्री दर ३९५ रुपये १२ पैसा, ओमानी रियाल की खरीद दर ३८५ रुपये ४२ पैसा और बिक्री दर ३८६ रुपये ९८ पैसा है। साथ ही, भारतीय रुपये (१००) की खरीद दर १६० रुपये और बिक्री दर १६० रुपये १५ पैसा निर्धारित की गई है। राष्ट्र बैंक ने यह विनिमय दर आवश्यकतानुसार किसी भी समय संशोधित करने का अधिकार रखा है। वाणिज्य बैंक द्वारा निर्धारित विनिमय दर अलग हो सकती है और अद्यतन विनिमय दर केन्द्रीय बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

स्थानीय तहको सिमाना र सङ्ख्या कसरी हेरफेर हुन्छ ? यस्तो छ प्रस्तावित नयाँ प्रक्रिया

स्थानीय तह की सीमाओं और संख्या परिवर्तन करने की नई प्रक्रिया शुरू करने का मसौदा

५ वैशाख, काठमाडौं। सरकार ने गाउँपालिका, नगरपालिका और वडाओं की संख्या तथा सीमाओं को बदलने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए नए मानदंड तैयार किए हैं। संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने ‘गाउँपालिका तथा नगरपालिका और वडाओं की संख्या और सीमा हेरफेर, एक-दूसरे में विलय और नगरपालिका वर्गीकरण की पुन: समीक्षा संबंधी मानदंड, २०८३’ का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया है, जिसमें स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

किसी भी स्थानीय तह या वॉड की सीमा और संख्या बदलने या दो पालिकाओं के विलय के लिए मुख्यतः चार चरणों को पूरा करने का प्रस्ताव मसौदे में शामिल है: १. जिला स्तर पर अध्ययन समिति गठन और रिपोर्ट – सबसे पहले, सीमा या संख्या परिवर्तन की आवश्यकता है या नहीं, यह जांचने के लिए जिले में एक समिति बनाई जाएगी। जिला समन्वय समिति के प्रमुख की संयोजकता में बनने वाली इस समिति में संबंधित पालिका के उपप्रमुख, नापी और मालपोत कार्यालय के प्रमुखों के साथ-साथ जिला प्रशासन कार्यालय के सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी और स्थानीय तह के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति जनसंख्या, भूगोल, सुविधाओं आदि के आधार पर अध्ययन करेगी और तीन माह के भीतर संबंधित स्थानीय तह को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

२. पालिका की सभा से दो-तिहाई वोट से पारित होना आवश्यक – समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पश्चात, सीमा या संख्या परिवर्तन का प्रस्ताव संबंधित गाउँसभा या नगरसभा में रखा जाएगा। प्रस्ताव को पास करने के लिए सभा में वर्तमान कुल सदस्य संख्या के दो-तिहाई (२/३) बहुमत की आवश्यकता होगी। दो-तिहाई बहुमत से पारित होने पर ही प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा।

३. प्रदेश सरकार की सिफारिश – स्थानीय तह से दो-तिहाई बहुमत से पारित प्रस्ताव की प्रदेश सरकार समीक्षा करेगी। यदि प्रस्ताव में निर्धारित मानदंड और आधार पूरे पाए जाते हैं, तो प्रदेश सरकार इसे निर्णय सहित संघीय मामिला मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार (नेपाल सरकार) को सिफारिश करेगी।

४. मंत्रिपरिषद से अंतिम स्वीकृति – प्रदेश सरकार की सिफारिश आने के बाद संघीय मामिला मंत्रालय पुनः अध्ययन करेगा। अंततः मंत्रालय इस सीमा या संख्या परिवर्तन के प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए नेपाल सरकार के मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रस्तुत करेगा। मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद ही सीमा या संख्या परिवर्तन लागू होगा।

इस प्रकार, स्थानीय तह की सीमा और संख्या में परिवर्तन करने के लिए विशेषज्ञ टीम द्वारा अध्ययन करना आवश्यक होगा, तत्पश्चात स्थानीय तह को दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पास करना होगा। इसके बाद प्रदेश सरकार की सिफारिश और अंत में संघीय सरकार की स्वीकृति मिलने पर ही पालिका या वडों की सीमाएं तथा संख्या बदली जाएगी। हालांकि, इस मसौदे पर सुझाव देने के लिए मंत्रालय ने सातों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रिपरिषद कार्यालयों को तीन दिनों का समय दिया है तथा ३ वैशाख को परिपत्र जारी किया है। प्रदेशों से प्राप्त सुझावों के आधार पर मसौदे में संशोधन भी हो सकता है।

गोलबजार के हाटबाजार में लाखों खर्च के बावजूद व्यवस्था अभी भी खराब है

५ वैशाख, सिरहा। पूर्व–पश्चिम राजमार्ग के अंतर्गत आने वाला सिरहा का गोलबजार एक व्यस्त बाजार क्षेत्र है, जहाँ प्रतिदिन हजारों वाहन और आम जनता की आवाजाही होती है। इसी भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में हाटबाजार लगता है। सड़क पर लगने वाले हाटबाजार के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, जिसे लेकर स्थानीय लोग चिंता जता रहे हैं। प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को लगने वाले हाटबाजार में साग-सब्जी, फल-फूल, भाड़ाकुँड़ा और कपड़े बिकते हैं। सड़क के दाएँ-बाएँ इस तरह से हाटबाजार होने से यातायात प्रभावित होता है और पैदल यात्रियों को भी जोखिम का सामना करना पड़ता है। गोलपार्क चोक से लगभग पाँच सौ मीटर पश्चिम इलाका पुलिस कार्यालय गोलबजार के सामने तक फैला यह हाटबाजार सड़क को संकरा कर देता है, इस बात की स्थानीय लोगों ने शिकायत की है।

स्थानीय रामबाबु यादव के अनुसार नगरपालिकाने व्यापारियों और किसानों से बत्ती के नाम पर कर वसूल किया है, लेकिन बाजार की सुरक्षा और प्रबंधन में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। आर्थिक वर्ष २०८२ से २०८५ तक के लिए गुदरी हाटबाजार को तीन वर्षों के लिए एक करोड़ २४ लाख ३० हजार रुपये में ठेका दिया गया है। नगरपालिकाने प्रत्येक वर्ष ४१ लाख १४ हजार रुपये वसूल किया है, फिर भी बाजार प्रबंधन में इसका कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला है, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है। इतनी बड़ी रकम ठेके पर ली जाती है, फिर भी सड़क पर जोखिम उठाकर खरीदारी करनी पड़ती है, उन्होंने यह परेशानी बताई।

गोलपार्क चोक के निकट पूर्व दिशा में मैजिक, विंगर, बस और टेम्पो स्टैंड तथा पश्चिम दिशा में हाटबाजार लगाने से जोखिम और बढ़ गया है, स्थानीय प्रमोद कुमार सिंह बताते हैं। सड़क के किनारे दुकानों, ठेलागाड़ियों और सब्जी व्यवसाय के कारण पैदल यात्रियों को चलने में भी दिक्कत होती है, उनकी बात है। बाजार प्रबंधन के लिए उद्योग व्यापार संघ ने एक साल पहले प्रस्ताव दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उद्योग व्यापार संघ के उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कई बार मौखिक और लिखित रूप से नगरपालिकाने सूचना दी, लेकिन जवाब नहीं मिला।

नगरपालिका, उद्योग व्यापार संघ और ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से पूर्व में लाखों रुपये खर्च कर बाजार प्रबंधन का प्रयास किया गया, लेकिन प्रभावी संचालन नहीं हो सका, इस पर भी आरोप लग रहे हैं। वर्तमान में बाजार प्रबंधन के लिए नगरपालिकाने दो बार प्रयास किए और करीब १० लाख रुपये खर्च किए, लेकिन ठेके से वार्षिक लाखों रुपये राजस्व प्राप्त होने के बावजूद बाजार अभी भी अव्यवस्थित है, जिससे सवाल उठता है। नगरपालिकाके प्रवक्ता और वडा नंबर-६ के अध्यक्ष संजीत लामाले बाजार प्रबंधन के लिए सर्वदलीय बैठकें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला, यह स्वीकार किया। उनके अनुसार पुनः सर्वदलीय बैठक के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास जारी है। वहीं, जिला ट्रैफिक पुलिस कार्यालय लहान के प्रमुख ट्रैफिक पुलिस निरीक्षक शालिकराम तिमिल्सिना ने हाटबाजार लगने वाले दिनों में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बताई है। लेकिन स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के बजाय राजस्व वसूली पर अधिक ध्यान दिया जाता है।

दीपेन्द्रको कप्तानी यात्रा – Online Khabar

दीपेन्द्र की कप्तानी यात्रा

पहले उम्र समूह में कप्तानी कर चुके दीपेन्द्र घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी कप्तानी कर चुके हैं। टी-२०आई क्रिकेट में दीपेन्द्र नेपाल के पांचवें कप्तान होंगे।

समाचार सारांश

  • नेपाल क्रिकेट संघ ने यूएई के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली “अंडर लाइट्स” टी-२० श्रृंखला के लिए कप्तान में दीपेन्द्र सिंह ऐरी को चुना है।
  • टी-२०आई और एकदिवसीय क्रिकेट के लिए अलग-अलग टीम और कप्तान नामित किए गए हैं।
  • दीपेन्द्र ने उम्र समूह से लेकर घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कप्तानी अनुभव प्राप्त किया है।

५ वैशाख, काठमांडू। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने यूएई के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली ऐतिहासिक ‘अंडर लाइट्स’ टी-२० श्रृंखला के लिए शुक्रवार को नेपाली टीम घोषित की जिसमें कप्तान के तौर पर दीपेन्द्र सिंह ऐरी का नाम था।

पहले रोहित पौडेल ही नेपाल की एकदिवसीय और टी-२० दोनों फॉर्मेट में कप्तानी करते थे। पिछले माघ-फागुन में भारत में हुए आईसीसी टी-२० विश्वकप में रोहित ने टीम की कप्तानी की थी।

इस बार क्यान ने एकदिवसीय और टी-२०आई क्रिकेट के लिए दो अलग-अलग टीमों की घोषणा की और दोनों टीमों के कप्तान भी अलग-अलग चुने हैं। टी-२०आई के लिए दीपेन्द्र नए कप्तान बने हैं।

दीपेन्द्र जो पहले उम्र समूह से लेकर घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कप्तानी कर चुके हैं, टी-२०आई क्रिकेट में नेपाल के पांचवें कप्तान होंगे। इससे पहले पारस खड्का, ज्ञानेन्द्र मल्ल, सन्दीप लामिछाने और रोहित पौडेल ने टी-२० आई फॉर्मेट में नेपाल का नेतृत्व किया है।

घरेलू मैदान पर होने वाली आईसीसी क्रिकेट विश्वकप लीग टू की आगामी श्रृंखला में रोहित पौडेल के कप्तानी में एकदिवसीय टीम और दीपेन्द्र की कप्तानी में उससे पहले होने वाली टी-२०आई श्रृंखला के लिए टीम घोषित की गई है।

क्यान द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि दो अलग-अलग टीमों में कप्तान भिन्न चयनित किए गए हैं। ‘नेपाल क्रिकेट संघ टी-२० और ओडीआई के लिए अलग-अलग कप्तानों का चयन करता है। नेपाल की टी-२० टीम की कप्तानी दीपेन्द्र सिंह ऐरी करेंगे, जबकि एकदिवसीय टीम का कप्तान रोहित पौडेल रहेंगे।’

इस बार दोनों टीमों में अधिकांश खिलाड़ी अलग हैं। एकदिवसीय में अनुभवी खिलाड़ियों को वरीयता दी गई है जबकि टी-२०आई में युवा और नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। दोनों फॉर्मेट में सिर्फ ७ खिलाड़ी शामिल हैं।

नेपाल लिग टू श्रृंखला से पहले वैशाख ७ और ८ (20 और 21 अप्रैल) को घरेलू मैदान पर फ्लडलाइट में मैच खेलेगा। यह मैच दीपेन्द्र के लिए आधिकारिक तौर पर सीनियर टीम की कप्तानी करने का पहला अवसर होगा।

दीपेन्द्र ने उम्र समूह से लेकर घरेलू क्रिकेट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट तक विभिन्न टीमों की कप्तानी की है। कभी-कभी उन्हें नेपाल का कप्तान मान लिया जाता था, लेकिन कुछ कारणों से वे वरिष्ठ टीम के कप्तान बनने में देर कर गए।

2019 में राष्ट्रीय टीम के तत्कालीन कप्तान पारस खड्का ने एक बातचीत में सबसे तेजी से उभरने वाले खिलाड़ी के रूप में दीपेन्द्र का नाम लिया था। उस समय वे नए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में अच्छे प्रदर्शन के लिए जाने जाते थे। उसके बाद से लगातार उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

कुछ समय पहले भारत और श्रीलंका में हुए आईसीसी टी-२० विश्वकप में दीपेन्द्र ने शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए उन्होंने टी-२० विश्वकप में लगातार दो अर्धशतक लगाए। उन्होंने नेपाल को १२ वर्ष बाद टी-२० विश्वकप में पहली जीत दिलाई।

उनके अर्धशतक की बदौलत नेपाल ने स्कॉटलैंड को ७ विकेट से हराया था। दीपेन्द्र ने वरिष्ठ टीम में चौथे नंबर पर खेलते हुए खुद को साबित किया।

टी-२० विश्वकप में उन्होंने चार मैच खेले और दो अर्धशतक लगाए। वेस्ट इंडीज के खिलाफ ५८ और स्कॉटलैंड के खिलाफ नाबाद ५० रन बनाए। पहले मैच में इंग्लैंड के खिलाफ भी उन्होंने नेपाल के लिए व्यक्तिगत उच्च स्कोर ४४ रन बनाए थे। वहीं इटली के खिलाफ उन्होंने १७ रन पर आउट हुए।

वेस्ट इंडीज के खिलाफ अर्धशतक बनाने के बाद दीपेन्द्र १२ साल बाद टी-२० विश्वकप में अर्धशतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने। 2014 में जब नेपाल ने बांग्लादेश में टी-२० विश्वकप में पदार्पण किया था, सुवास खकुरेल ने अफगानिस्तान के खिलाफ अर्धशतक बनाया था।

प्रमाणित नेतृत्व

दीपेन्द्र सिंह ऐरी पहले नेपाल की यू-19 टीम से लेकर घरेलू क्रिकेट में नेपाल पुलिस क्लब और फ्रेंचाइजी लीग की विभिन्न टीमों की कप्तानी कर चुके हैं। वे टीम के नेतृत्व में खुद को साबित कर चुके हैं और नेपाली टीम को नेतृत्व प्रदान करने के लिए उपयुक्त खिलाड़ी हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है।

दीपेन्द्र की कप्तानी में नेपाल यू-१९ टीम ने भारत यू-१९ टीम को हराया था। 2017 में मलेशिया के क्वालालंपुर में हुए एसीसी यू-१९ एशिया कप में कप्तान दीपेन्द्र के समग्र प्रदर्शन से नेपाल ने भारत को 19 रन से हराया था। बल्लेबाजी में दीपेन्द्र के सर्वोच्च 88 रनों की मदद से नेपाल ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 185 रन बनाए थे।

186 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही भारत को 11 गेंद पहले 166 रन पर ऑलआउट कर दिया गया। दीपेन्द्र ने 10 ओवर में 2 मेडन देकर केवल 38 रन खर्च करते हुए 4 विकेट लिए।

यू-१९ क्रिकेट में कप्तानी करते हुए दीपेन्द्र

इसी तरह, दीपेन्द्र की कप्तानी में सीवीसी अत्तरिया ने 2019 में धनगढी प्रीमियर लीग (डीपीएल) का खिताब जीता था। नेपाल प्रीमियर लीग में भी उन्होंने सुदूरपश्चिम रॉयल्स की कप्तानी की है। दीपेन्द्र की कप्तानी में सुदूरपश्चिम ने दोनों सत्रों में एनपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन कर फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन फाइनल में पराजित होकर उपविजेता रहे।

दीर्घकालीन रूप से नेपाल पुलिस क्लब से खेले गए दीपेन्द्र ने हाल के वर्षों में पुलिस टीम की कप्तानी भी की है। वे एक दशक से पुलिस के लिए खेल रहे थे और इस वर्ष पुलिस की नौकरी छोड़ दी है।
सितंबर 2016 को बांग्लादेश में आयोजित आईसीसी यू-१९ विश्वकप के बाद दीपेन्द्र के साथ अन्य युवा खिलाड़ी भी पुलिस क्लब से जुड़े थे।

इसके बाद दीपेन्द्र को यू-१९ टीम की कप्तानी मिली। यू-१९ टीम की कप्तानी के बाद उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी अवसर पाया। यू-१९ विश्वकप खेलने के बाद 2017 में वर्ल्ड क्रिकेट लीग में केन्या के खिलाफ नेपाल की सीनियर टीम में डेब्यू किया।

2018 में काठमांडू में हुए एवरेस्ट प्रीमियर लीग (ईपीएल) में दीपेन्द्र को चितवन टाइगर्स का मार्की प्लेयर घोषित किया गया था। उस समय राष्ट्रीय टीम के कप्तान पारस खड्का, उप-कप्तान ज्ञानेन्द्र मल्ल, शक्ति गौचन, शरद भेषावकर और सोमपाल कामी के साथ दीपेन्द्र मार्की प्लेयर सूची में थे। दीपेन्द्र उस समय मार्की बनने वाले एकमात्र जूनियर खिलाड़ी थे। हालांकि, लीग में चितवन की कप्तानी पृथु भुर्तेल ने संभाली थी।

हाल ही में दीपेन्द्र नेपाली क्रिकेट में ‘टाइगर’ उपनाम से मशहूर हैं। वे मध्यक्रम से लेकर फिनिशर तक पावर हिटर के रूप में खेल सकते हैं और गेंदबाजी में ऑफस्पिन का प्रदर्शन करते हैं।

दीपेन्द्र की फील्डिंग भी उत्कृष्ट है। फील्ड में रहते हुए बल्लेबाजों को रन लेने या न लेने के लिए दो बार सोचना पड़ता है। डाइरेक्ट हिट दीपेन्द्र की एक अन्य खासियत है। रनिंग बिटवीन दी विकेट में भी वे विशेषज्ञ हैं।

पीएम कप में दीपेन्द्र

6 छक्के से लेकर सबसे तेज ’फिफ्टी’ तक का अमर रिकॉर्ड

दीपेन्द्र के नाम न केवल नेपाल में बल्कि विश्व स्तर पर भी कई रिकॉर्ड हैं। खासकर टी-२०आई में उन्होंने दुर्लभ कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

दीपेन्द्र ने एक ओवर में 6 छक्के लगाने का कीर्तिमान बराबर किया और टी-२०आई में ९ गेंदों में अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है।

उन्होंने टी-२०आई में दो बार लगातार ६ गेंदों में ६ छक्के लगाए हैं। 2023 में चीन के हांझाउ में 19वें एशियाई खेलों में मंगोलिया के खिलाफ उन्होंने ९ गेंदों में अर्धशतक बनाया, जो सबसे तेज था।

उस मैच में उन्होंने लगातार ६ गेंदों में ६ छक्के लगाए, मगर अलग-अलग ओवरों में। बाद में 2024 में ओमान में हुए एसीसी प्रिमियर कप में कतार के खिलाफ एक ओवर की ६ गेंदों में ६ छक्के जड़े।

दीपेन्द्र ने 2018 में लॉर्ड्स में नीदरलैंड्स के खिलाफ टी-२०आई में डेब्यू किया था, पर वर्षा के कारण मैच पूरा नहीं हो पाया। इसी तरह 2018 अगस्त में नेपाल की ऐतिहासिक एकदिवसीय श्रृंखला से ओडीआई में डेब्यू किया था।

उन्होंने नेपाल के लिए अब तक ९४ टी-२०आई खेलने में 2,125 रन बनाए हैं। एक शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं। इसके अलावा टी-२०आई में 60 विकेट लिए हैं।

68 एकदिवसीय मैचों में उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक सहित 1,241 रन बनाए हैं और 42 विकेट लिए हैं।

दीपेन्द्र ने विदेशों में भी विभिन्न फ्रेंचाइजी लीग खेली हैं। फिलहाल वे पाकिस्तान सुपर लीग में इस्लामाबाद यूनाइटेड से खेलते हैं।

इसी तरह, यूरोपियन टी-२० बेल्जियम में वे जेबी ब्रुज से जुड़े हुए हैं। दीपेन्द्र ने कनाडा के ग्लोबल टी-२० लीग में भी खेला है और यूएई की इल टी-२० लीग में गल्फ जायंट्स के साथ अनुबंधित थे।

वीरगञ्ज के मुख्य सड़क विस्तार का कार्य कल से शुरू होगा

५ वैशाख, वीरगञ्ज। लंबे समय से अटके हुए वीरगञ्ज की मुख्य सड़क विस्तार का कार्य कल सुबह से शुरू होने जा रहा है। सड़क डिविजन कार्यालय हेटौंडा के अनुसार, त्रिभुवन राजपथ के अंतर्गत आने वाले गण्डक चोक से लेकर मितेरी पुल तक की सड़क को २५-२५ मीटर दायें-बाएँ विस्तारित किया जाएगा। पर्सा के प्रमुख जिल्ला अधिकारी भोलाप्रसाद दाहाल ने बताया कि सड़क के मध्य भाग के २५ मीटर के दायरे में आने वाले घर, टहरा और अन्य संरचनाओं को कल सुबह से हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

इसके लिए हेटौंडा से नौ उपकरणों में डोजर, जेसीबी और एक्सकैवेटर को वीरगञ्ज लाने की तैयारी की जा रही है। सड़क विस्तार को प्रभावी बनाने के लिए पाँच स्थानों से एक साथ काम शुरू करने की योजना है। इसके लिए वीरगञ्ज महानगरपालिका, पुलिस और अन्य संबंधित निकायों के साथ समन्वय किया जा रहा है। सर्वोच्च अदालत ने २०८१ फागुन २८ तारीख को इस सड़क विस्तार से जुड़े मामले में सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विपक्षी की याचिका को खारिज कर दिया था, जिससे यह परियोजना आगे बढ़ने का रास्ता स्पष्ट हुआ है। इससे पहले करीब १,२०० घर-मालिकों ने मुआवजा और वैकल्पिक सड़क की मांग लेकर याचिका दाखिल की थी, जिसकी वजह से लगभग १३ वर्षों से सड़क विस्तार पर असमंजस बना हुआ था। अदालत के निर्णय के बाद अब प्रशासन संरचनाओं को हटाते हुए चरणबद्ध तरीके से सड़क विस्तार कार्य को आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है।

दुई भारतीय जहाजमा गोलीबारी – Online Khabar

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की घटना

५ वैशाख, काठमाडौं । स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव फिर से बढ़ गया है। शनिवार को दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की खबर सामने आई है। भारत के झण्डावाहक इन जहाजों पर गोलीबारी के बाद दोनों को अपनी यात्रा मार्ग बदलना पड़ा है, ऐसा बताया गया है।

समुद्र में टैंकरों के आवागमन को नियंत्रित करने वाली वेबसाइट ‘टैंकरट्रैकर्स’ के अनुसार, गोलीबारी के बाद इन जहाजों को मार्ग परिवर्तन करना पड़ा। भारतीय कार्गो जहाज ‘शीप जग अर्नव’ और तेल टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने गोलीबारी की और उन्हें रास्ता बदलने का आदेश दिया। इसके बाद दोनों जहाज यू-टर्न लेकर लौट गए। तेल टैंकर सनमार हेराल्ड इराक से तेल लेकर आ रहा था।

वहीं, ब्रिटेन के मेरिटाइम ट्रेड अपरेशन्स ने भी होर्मुज स्ट्रेट में एक टैंकर पर आईआरजीसी द्वारा गोलीबारी की सूचना दी है। यह घटना ओमान से २० नॉटिकल माइल उत्तर-पूर्व में हुई बताई गई है।

इससे पहले शुक्रवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने होर्मुज स्ट्रेट के पूर्णत: खुला होने की घोषणा की थी। लेकिन आज ईरानी मीडिया ने होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की खबरें दी हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरानी बलों ने होर्मुज क्षेत्र पर पुनः नियंत्रण स्थापित किया है। इसके बाद कई जहाजों ने अपना मार्ग बदल लिया। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते को अभी चार दिन बचा है। अब तक दोनों पक्षों के बीच किसी नए शांति समझौते का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इससे पहले पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता निष्कर्ष की ओर थी। आज पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यदि ईरान बुधवार (22 अप्रैल) तक बड़ा समझौता नहीं करता है तो वे बमबारी फिर से शुरू करेंगे।

नेपाल की आर्थिक वृद्धि का पूर्वानुमान 2.2 प्रतिशत अंक से घटा

आईएमएफ के एशिया पैसेफिक विभाग के निदेशक कृष्ण श्रीनिवासन ने बताया कि नेपाल में आर्थिक वृद्धि का पूर्वानुमान 5.2 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है। आईएमएफ ने 2026 में एशिया पैसेफिक क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि 4.4 प्रतिशत रहने का आंकलन किया है। रिपोर्ट में नेपाल, लाओस और म्यांमार में रासायनिक उर्वरकों की लागत बढ़ने का उल्लेख किया गया है, जिससे किसानों की आय घटने का अनुमान है। 5 वैशाख, काठमांडू। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने नेपाल के चालू वित्तीय वर्ष की आर्थिक वृद्धि का पूर्वानुमान 2.2 प्रतिशत अंक घटा दिया है। अक्टूबर में आईएमएफ ने 5.2 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाया था, लेकिन अब इसे केवल 3 प्रतिशत बताया गया है।

मध्य पूर्व में जारी तनाव और पिछले सितंबर में नेपाल में हुए युवा आंदोलन के प्रभाव से नेपाल की आर्थिक वृद्धि घटने का आईएमएफ ने उल्लेख किया है। आगामी वित्तीय वर्ष 2027 के लिए भी आर्थिक वृद्धि का अनुमान 0.5 प्रतिशत घटाकर 4.6 प्रतिशत किया गया है। आईएमएफ के उप-निदेशक थोमल हेलब्लिंग ने बताया कि वर्तमान कठिन परिस्थितियों में नेपाल की सहायता के लिए वे तैयार हैं।

आईएमएफ ने मध्य पूर्व के तनाव के कारण महंगाई दबाव बढ़ने की संभावना जताई है। रासायनिक उर्वरकों की कीमतें बढ़ने से किसानों की आय प्रभावित होगी और खाद्यान्न की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि से ढुलाई लागत बढ़ेगी, जिसका प्रभाव रसोई गैस तक पहुंच सकता है। आईएमएफ के निर्देशक कृष्ण श्रीनिवासन ने कहा कि एशिया विश्व आर्थिक वृद्धि का नेतृत्व करता रहेगा।

साल 2026 में एशिया में मुद्रास्फीति 2.6 प्रतिशत पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 1.4 प्रतिशत से अधिक है। ऊर्जा संकट लंबे समय तक जारी रहने से 2027 तक इस क्षेत्र की कुल घरेलू उत्पाद में 1 से 2 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए मौद्रिक नीतियों को लचीला बनाना होगा और विदेशी विनिमय दर को बाजार के अनुसार संचालित करने की आवश्यकता है, यह आईएमएफ का सुझाव है।