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लेखक: space4knews

सीमा अतिक्रमणको घाउ बल्झाउने प्रधानमन्त्रीको अभिव्यक्ति

सीमा अतिक्रमण को चोट को सहलाए बिना प्रधानमंत्री की अभिव्यक्ति विवाद में

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात् तैयार किया गया।

  • प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संसद में कहा कि नेपाल ने भी भारत की भूमि मिची है, जो विवादित बना हुआ है।
  • सीमा विशेषज्ञ और राजनेताओं ने प्रधानमंत्री के इस दावे को निराधार बताते हुए आपत्ति जताई है।
  • नेपाल-भारत सीमा विवाद के समाधान के लिए इंग्लैंड की भूमिका जोड़ने पर कूटनीतिक आलोचना हो रही है।

१७ जेठ, काठमाडौं। विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री को संसद के प्रति जवाबदेह न मानते हुए बार-बार सवाल उठाए जाने पर रविवार को प्रतिनिधि सभा के रोस्ट्रम पर बालेन्द्र शाह पहुंचे।

संसद की नियमावली से संबंधित प्रश्नोत्तर से अलग सांसदों द्वारा पूछे गए सवाल पर प्रधानमंत्री ने नेपाल-भारत सीमा संबंधी संवेदनशील विषय पर हल्की अभिव्यक्ति दी, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया। उन्होंने संसद में ही कहा कि नेपाल ने भी भारत की सीमा मिची है, जो पूर्व प्रधानमंत्रियों के बयानों से बहुत अलग था।

सीमा एवं विदेश मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी देश के प्रधानमंत्री का सार्वजनिक रूप से दूसरे देश की जमीन मिचने की बात स्वीकार करना आश्चर्यजनक है। रास्वपाक के सभापति रवि लामिछाने के भारत दौरे से पहले आई यह अभिव्यक्ति संसद में विवादित रही।

प्रधानमंत्री की इस अभिव्यक्ति के संदर्भ में चर्चा की जाती है।

संसद में एमाले सांसद पद्मा अर्याल द्वारा लिम्पियाधुरा-लिपुलेक में सरकार की कार्यवाही के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने भारत और चीन के साथ-साथ सीमा विवाद में इंग्लैंड का भी नाम लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘दोनों सरकारों ने अपने इतिहासकार और सर्वेयर रखकर टेबल टॉक के माध्यम से समाधान खोजने की बात कही है। इस संदर्भ में हमने न केवल भारत और चीन से, बल्कि इंग्लैंड सरकार से भी संवाद किया है। ब्रिटिश इंडिया छोड़ते समय समस्या बनी हुई है, इसलिए इंग्लैंड का भी इसमें हित होना चाहिए, ऐसा हमारा मानना है। यह सब टेबल टॉक कूटनीति से सुलझ जाएगा।’

इसके बाद श्रम संस्कृति पार्टी के सांसद आरेन राय ने भी लिम्पियाधुरा-लिपुलेक संदर्भ में सवाल किया तो प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल ने भी भारत की सीमा मिची है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपको आश्चर्य हो सकता है, प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पता चला — भारत ने ही नहीं, नेपाल ने भी कई जगहों पर भारत की जमीन मिची है। अब दोनों देश अध्ययन कर रहे हैं कि हमने मिची है या उन्होंने, यह मामला भी है। हम समाधान के लिए साझेदार के रूप में तैयार हैं।’

प्रधानमंत्री की इन अभिव्यक्तियों ने दो गंभीर सवाल पैदा किए हैं:

पहला: क्या नेपाल ने भी भारत की सीमा मिची है?

दूसरा: क्या सीमा विवाद के समाधान के लिए इंग्लैंड तीसरे पक्ष के रूप में जरूरी है?

क्या नेपाल ने भारत की सीमा मिची है?

प्रधानमंत्री की आलोचना के बाद विदेश मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया कि प्रधानमंत्री की अभिव्यक्ति ‘क्रॉस बोर्डर ऑक्यूपेशन’ अर्थात सीमा पार जमीन के अधिग्रहण से संबन्धित है।

सीमा विशेषज्ञ बुद्धिनारायण श्रेष्ठ ने कहा, ‘नेपाल ने भारत की सीमा नहीं मिची है। अधिकांश सीमा निर्धारण कार्य पूरा हो चुका है। कुछ स्थानों पर नदी के धारा परिवर्तन और क्रॉस होल्डिंग ऑक्यूपेशन के कारण समस्या दिखती है, पर यह सीमा अतिक्रमण नहीं है।’

बुद्धिनारायण श्रेष्ठ

पूर्व राजदूत नीलाम्बर आचार्य ने भी कहा, ‘भारत ने सीमा पर अपनी सेना तैनात करके नेपाली लोगों का प्रवेश रोका है, लेकिन नेपाल ने कभी भी भारत के क्षेत्र में अपनी सेना नहीं लगाई है। अगर नेपाल ने अतिक्रमण किया होता, तो भारत भी वैसा ही जवाब देता।’

सीमा विवाद विशेषज्ञों ने खुली सीमा होने के कारण कुछ जगह विवाद के बने रहने की बात कही है। नेपाल के २६ जिले भारत से जुड़े हैं और इनमें से ७२ स्थान विवादित हैं। सबसे विवादित क्षेत्र लिम्पियाधुरा-कालापानी और सुस्ता हैं।

सीमा विवाद क्षेत्र

शर्मा ने लिखा है, ‘नेपाल ने भारत की जमीन मिचकर कोई मुआवजा नहीं पाया है। लेकिन भारत ने नेपाली जमीन पर बांध जैसी संरचनाएं बनाई हैं, जो बाढ़ और आवास संकट का कारण बनी हैं।’

ईपीजी सदस्य डॉ. राजन भट्टराई ने कहा, ‘2016 में सीमा विवाद के लिए द्विपक्षीय टीम बनाई गई थी, लेकिन समस्या जटिल बनी हुई है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री की यह अभिव्यक्ति नाजुक मामले पर उचित नहीं थी।’

इंग्लैंड का नाम सीमा विवाद में कैसे शामिल हुआ?

प्रधानमंत्री शाह ने सीमा विवाद को तीन पक्षीय मध्यस्थता से समाधान योग्य बताया। लेकिन पूर्व विदेश मंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ ने कहा, ‘यह समस्या केवल दो देशों के बीच है। विवाद समाधान के बिना तीसरे पक्ष को लेना उचित नहीं।’

नेपाल ने औपचारिक रूप से ब्रिटेन सरकार से सीमा विवाद पर कोई अनुरोध नहीं किया है। सुगौली संधि १८१६ में ब्रिटिश भारत के साथ हुई थी, जो आज के स्वतंत्र भारत से अलग था।

लिपुलेक क्षेत्र

सीमा विवाद के समाधान के लिए पहले दो पक्षों के बीच वार्ता ज़रूरी है, फिर असफल होने पर तीसरे पक्ष को मध्यस्थता के लिए लिया जा सकता है, सीमा विशेषज्ञ श्रेष्ठ का कहना है।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के मेयर कालीन अनुभव और वर्तमान विवाद एक-दूसरे से जुड़े नजर आते हैं। मेयर रहते भारत ने नेपाल की जमीन से व्यापार करने की सहमति के बाद उन्होंने महानगर कार्यालय में ग्रेटर नेपाल का नक्शा भी लगाया था।

होटल संघ नेपाल ने बजट को संतोषजनक बताया, कार्यान्वयन में विशेष ध्यान देने का आग्रह

होटल संघ नेपाल (हान) ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट में शामिल पर्यटन विकास कार्यक्रमों के प्रति संतोष व्यक्त किया है। बजट में घोषित नेपाल भ्रमण वर्ष २०८५ और निजी क्षेत्र के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल संचालित करने की योजना को संघ ने सकारात्मक माना है। संघ ने विद्युत में मूल्य अभिवृद्धि कर व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और सरकारी कार्यक्रमों को होटल में आयोजित करने पर लगी पाबंदियों को हटाने की मांग की है।

१७ जेठ, काठमाडौँ। होटल संघ नेपाल (हान) ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट को संतोषजनक प्रतिक्रिया दी है। आर्थिक रूपांतरण का मुख्य आधार माने जाने वाले इससे पूर्व के राष्ट्रीय बजट में शामिल पर्यटन विकास के विचार, कार्यक्रम और बजट के प्रति होटल तथा रिसॉर्ट के राष्ट्रीय छाता संगठन ने सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। संघ ने इन कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार से विशेष ध्यान रखने का भी आग्रह किया है।

संघ के जारी बयान के अनुसार, निजी क्षेत्र को प्रमुख विकास साझेदार के रूप में जोड़ने वाली बजट घोषणाओं से वर्तमान व्यावसायिक गतिविधियों में पूंजी निर्माण और निवेश में निजी क्षेत्र की अगुआई बढ़ने की उम्मीद है। नए बजट द्वारा घोषित २०८५ नेपाल भ्रमण वर्ष, २०२७ आरोग्य वर्ष, पर्यटकीय गंतव्य विकास योजनाएं जैसे निर्वाणपथ, कोशी कोरिडोर, डाँफे, शालिग्राम, मध्यपहाड़ी क्षेत्र और हिलस्टेशन विकास को संघ ने सकारात्मक माना है।

संघ ने ग्रेट हिमालयन ट्रेल, मनाङ और मुस्ताङ के गुम्बा संरक्षण एवं प्रादेशिक पर्यटकीय कोरिडोरों के विकास जैसे कार्यक्रमों से पर्यटक संख्या में वृद्धि, उनके ठहरने की अवधि और खर्च में बढ़ोतरी होगी, इस विश्वास का भी اظہار किया है।नेपाल एयरलाइन्स को कम्पनी मॉडल में संचालित करने की पहल को भी संघ ने सकारात्मक रूप में देखा है। यूरोपीय संघ की काली सूची से हटाने के प्रयास और सीमा नाका प्रवेश प्रक्रियाओं को सहज बनाने से पर्यटक संख्या में वृद्धि होगी, ऐसा संघ का मानना है।

रवि के साथ भारत जा रहे हैं अन्य ४ सदस्य, कौन-कौन हैं?

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सभापति रवि लामिछाने १८ जेठ से अपनी टीम के साथ भारत भ्रमण पर जाने वाले हैं। इस भ्रमण टीम में सांसद विपिन आचार्य, दीपक बोहरा, निकिता पौडेल और प्रदीप आचार्य भी शामिल होंगे, ऐसा पार्टी प्रवक्ता मनीष झा ने बताया है। यह भ्रमण भारतीय जनता पार्टी के नितिन नवीन के निमंत्रण पर आयोजित किया जा रहा है, जिसे प्रवक्ता झा ने जारी विज्ञप्ति में उल्लेख किया है। १७ जेठ, काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने पार्टी सभापति रवि लामिछाने के भारत भ्रमण के बारे में औपचारिक जानकारी प्रदान की है। पार्टी प्रवक्ता मनीष झा ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए आगामी भ्रमण के बारे में जानकारी दी है। जारी विज्ञप्ति के अनुसार, लामिछाने के साथ रास्वपा के सांसद विपिन आचार्य और दीपक बोहरा भी इस भ्रमण में शामिल होंगे। इसके साथ ही, रवि की पत्नी निकिता पौडेल और प्रदीप आचार्य भी इस यात्रा में भाग लेंगे, जो विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है। रवि लामिछाने कल भारत के लिए रवाना होंगे। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन के निमंत्रण पर यह टीम भ्रमण पर जा रही है, जिसे भाजपा ने भी अपनी विज्ञप्ति के माध्यम से पुष्टि की है।

सातवें राष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता में विभागीय टीमों की बरकरार रही प्रभावशाली प्रदर्शन

सातवें राष्ट्रीय फेंसिंग प्रतियोगिता के अंतिम दिन रविवार को विभागीय टीम एपीएफ और त्रिभुवन आर्मी क्लब ने विभिन्न स्पर्धाओं में चैंपियन बनने में सफलता प्राप्त की। प्रतियोगिता के तहत सीनियर पुरुष फोयल और एपी टीम इवेंट में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने स्वर्ण पदक जीता। सीनियर महिला फोयल और एपी टीम इवेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभागीय टीम एपीएफ ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया।

१७ जेठ, काठमांडू। प्रतियोगिता के दूसरे और अंतिम दिन रविवार को सीनियर महिला फोयल टीम इवेंट में एपीएफ और सीनियर पुरुष फोयल टीम इवेंट में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया। सातदोबाटो स्थित नेपाल तेक्वांडो एकेडमी के हॉल में संपन्न इस प्रतियोगिता में महिला फोयल टीम में अनिता अधिकारी, उर्मिला लामा, उर्मिला माझी और आइसा श्रेष्ठ शामिल एपीएफ टीम ने स्वर्ण पदक जीता। गण्डकी प्रदेश ने रजत पदक जबकि सुदूरपश्चिम ने कांस्य पदक हासिल किया।

सीनियर पुरुष फोयल टीम इवेंट में त्रिभुवन आर्मी क्लब ने स्वर्ण पदक जीत लिया, जिसमें अनुप भंडारी, नरेंद्र धामी, भुवन मलिक और वीरसिंह शाही ने भाग लिया। गण्डकी पुरुष टीम ने रजत पदक प्राप्त किया, जबकि बागमती और सुदूरपश्चिम ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान साझा किया। एपीएफ ने सीनियर महिला एपी टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीता। इस टीम में तुलसा बुढाथोकी, माया चौधरी, अनिता कार्की और जानुका स्यांगतान शामिल थे।

त्रिभुवन आर्मी क्लब ने सीनियर पुरुष एपी टीम इवेंट में चैम्पियन की उपाधि हासिल की। पूर्णराज गिरी, मिन कार्की, हर्क खड्का और सुरज सिंह ने टीम को विजेता बनाया। कोशी प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा, जबकि एपीएफ और सुदूरपश्चिम ने तीसरा स्थान साझा किया। प्रतियोगिता में कोशी, बागमती, गण्डकी, सुदूरपश्चिम प्रदेशों के साथ-साथ विभागीय टीमें एपीएफ और आर्मी की कुल छह टीमें शामिल थीं, जिनके कुल ९६ खिलाड़ी हिस्सा ले रहे थे। विजेताओं को शिक्षा और खेलकूद मंत्री के मुख्य सलाहकार सिद्धि व्यञ्जनकार ने पुरस्कार वितरित किए।

जेठमै ढकमक्क असारे (फोटो/भिडियो) – Online Khabar

जेठ माह में खिल रहा असारे फूल का सौंदर्य और आकर्षण

इलाम के माई नगरपालिका–2, शितली स्थित चाय बगान में पूरी तरह खिला जारूल फूल वर्तमान में पर्यटकों का आकर्षण का मुख्य केन्द्र बन गया है। समुद्र तल से २५ सौ मीटर तक की ऊंचाई पर खिलने वाला जारूल फूल देखने के लिए रोजाना सैकड़ों आंतरिक और बाहरी पर्यटक आते हैं। झापा के सुरुङ से जमुनखाड़ी होते हुए लगभग ३० किलोमीटर की यात्रा कर इस चाय बगान क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है। १७ जेठ, इलाम (शितली)। चारों ओर हरी-भरी जंगल फैली हुई हैं। चाय के पौधे मृदुलता से लहरा रहे हैं, और पत्थर-पत्थर पर बैगनी रंग के जारूल फूल खिले हैं। यह नजारा इलाम के दक्षिणी भाग, माई नगरपालिका–2, शितली के मध्य हिस्से के चाय बगान में देखने को मिलता है। असारे फूल के नाम से प्रसिद्ध इस जारूल फूल की खूबसूरती ने जेठ माह में सैकड़ों पर्यटकों को आकर्षित किया है। यदि आप इस समय इलाम आएं तो पूरा खिला हुआ जारूल फूल आपका ध्यान अवश्य खींचेगा। स्थानीय लोग कहते हैं कि रोजाना सैकड़ों आंतरिक और बाहरी पर्यटक इस क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। जारूल फूल समुद्र तल से लगभग २५ सौ मीटर की ऊंचाई तक खिलता है। इसके विश्वभर में लगभग चौसठ प्रजातियां पाई जाती हैं। झापा के सुरुङ पुल से जमुनखाड़ी की ओर जाने वाले रास्ते से लगभग ३० किलोमीटर की दूरी तय कर इलाम के इस क्षेत्र तक पहुँचा जा सकता है। इलाम अपनी चाय के लिए प्रसिद्ध है और चाय बगान देखने आने वाले पर्यटक इस समय जारूल फूलों की खूबसूरती के बीच भ्रमण का आनंद ले रहे हैं। वहां पहुँचने वाले पर्यटक इसी फूल को पृष्ठभूमि बनाकर फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे हैं।

अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले के भ्याट बहुदर प्रणाली संबंधी दावे गलत पाए गए

सरकार ने आर्थिक विधेयक की धारा ५५ के अंतर्गत मूल्य अभिवृद्धि कर (भ्याट) में बहुदर प्रणाली लागू की है। अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने कहा है कि सरकार ने बहुदर लागू किए बिना ही अंतर्राष्ट्रीय प्रथाओं के अनुसार विद्युत और राइड शेयरिंग पर घटाई गई दर ही लागू की है। आर्थिक विधेयक सरकार को राजपत्र में सूचना प्रकाशित करके किसी भी समय भ्याट की दर न बढ़ाने के शर्त पर बहुदर प्रणाली लागू करने का अधिकार प्रदान करता है। १७ जेठ, काठमाडौं।

अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने भ्याट में बहुदर लागू करने को लेकर गलत जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना बहुदर लागू किए केवल विद्युत पर घटाई गई दर में भ्याट लगाया है। उनका कहना था, ‘(विद्युत पर) इससे अधिक दर लागू नहीं की गई है, राजपत्र में सूचना प्रकाशित होने के बाद भी बहुदर लागू नहीं हुआ है,’ जबकि आर्थिक विधेयक की धारा ५५ में स्पष्ट रूप से बहुदर व्यवस्था शामिल है।

अर्थमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ संवेदनशील वस्तुओं में इससे असुविधा हो सकती है, इसलिए सरकार इस विषय पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘हम औपचारिक रूप से बहुदर लागू नहीं कर रहे हैं और उचित अध्ययन के बिना यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।’ लेकिन आर्थिक विधेयक की धारा ५५ के अनुसार, विद्युत और राइड शेयरिंग सेवाओं पर नई ५ प्रतिशत दर लागू की गई है, जो कि उन्होंने बताई गई कम दर नहीं है।

अर्थमंत्री के दावों और आर्थिक विधेयक में उल्लेखित व्यवस्थाओं में अंतर प्रतीत होता है। आर्थिक विधेयक की धारा ५५ के अनुसार, नेपाल सरकार राजपत्र में सूचना प्रकाशित करके उपधारा (१) के अनुसार कर दर बढ़ाए बिना बहुदर व्यवस्था लागू कर सकती है तथा कर योग्य वस्तु और सेवाएं निर्धारित कर सकती है।

प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रीय सभा द्वारा भेजे गए मतदाता नामावली विधेयक संशोधन को बहुमत से स्वीकृति दी

प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रीय सभा से प्राप्त मतदाता नामावली (पहला संशोधन) विधेयक, २०८३ को बहुमत से अनुमोदन किया है। कानून, न्याय तथा संसदीय मामिलामंत्री सोबिता गौतम ने राष्ट्रीय सभा से प्राप्त संशोधन प्रस्ताव को प्रतिनिधि सभा में प्रस्तुत किया था। सभापति डोलप्रसाद अर्याल ने विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद उक्त संशोधन प्रस्ताव के बहुमत से पारित होने की घोषणा की। १७ जेठ, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभा की रविवार शाम संपन्न हुई तीसरी बैठक में मतदाता नामावली (पहला संशोधन) विधेयक, २०८३ में राष्ट्रीय सभा से आए संशोधन को बहुमत से पारित किया गया। सभापति अर्याल ने विधेयक में आए संशोधन प्रस्ताव को निर्णय के लिए प्रस्तुत किया था। कानून, न्याय एवं संसदीय मामिलामंत्री सोबिता गौतम ने राष्ट्रीय सभा से प्राप्त इस संशोधन प्रस्ताव को प्रतिनिधि सभा में पेश किया था। विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद सभापति अर्याल ने संशोधन प्रस्ताव के बहुमत से पारित होने की घोषणा की।

नेपाल सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले के लिए तैयार

भारत के गोवा में चल रही साफ महिला चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में नेपाल ने पूर्व विजेता बांग्लादेश के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने का मौका पाकर तैयारी शुरू कर दी है। समूह ‘बी’ के अंतिम मैच में भारत ने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर प्रतियोगिता के सेमीफाइनल की अंतिम तस्वीर साफ कर दी है। नेपाल समूह ‘ए’ का विजेता बनकर आगे बढ़ा है जबकि बांग्लादेश समूह ‘बी’ का उपविजेता बना है।

पिछले दो संस्करणों के फाइनल में बांग्लादेश से हारने वाली नेपाल टीम के पास इस बार सेमीफाइनल में ही वापसी का मौका है। वर्ष 2022 और 2024 में काठमांडू में संपन्न साफ महिला चैंपियनशिप के फाइनल में नेपाल बांग्लादेश से पराजित रही थी और ट्रॉफी जीतने में असफल रही। दूसरे सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला भूटान से होगा। समूह ‘ए’ से नेपाल समूह विजेता और भूटान उपविजेता बनकर सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। वहीं, समूह ‘बी’ से भारत विजेता और बांग्लादेश उपविजेता के रूप में सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुके हैं। सेमीफाइनल के मैच मंगलवार को होंगे।

बेंगलुरु लगातार दोस्रोपटक आईपीएल च्याम्पियन – Online Khabar

बेंगलुरु लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन बना

पिछली बार विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटन्स को ५ विकेट से हराकर आईपीएल २०२६ का खिताब बचाया है। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल मुकाबले में बेंगलुरु के विराट कोहली ने नाबाद ७५ रन बनाए जबकि रसीख सलाम ने ३ विकेट लिए। इस जीत के साथ बेंगलुरु आईपीएल में लगातार दो बार खिताब बचाने वाली तीसरी टीम बन गई है।

१७ जेठ, काठमांडू। पिछले चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल २०२६ की ट्रॉफी जीत ली है। रविवार को हुए फाइनल में गुजरात टाइटन्स को हराकर बेंगलुरु ने अपनी उपाधि बचाई। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए फाइनल में बेंगलुरु ने गुजरात को ५ विकेट से पराजित किया। गुजरात ने मुकाबले में १५६ रन का मध्यम लक्ष्य रखा था, जिसे बेंगलुरु ने १८ ओवर में ५ विकेट खोकर हासिल कर लिया।

बेंगलुरु के लिए विराट कोहली ने सर्वाधिक नाबाद ७५ रन बनाए। उन्होंने ४२ गेंदों का सामना करते हुए ९ चौके और ३ छक्के लगाए। वेंकटेश अय्यर ने ३२ रन जोड़े। गुजरात की ओर से राशिद खान ने २ विकेट लिए जबकि मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और अर्शद खान ने १-१ विकेट हासिल किए।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टीम ने २० ओवर में ८ विकेट खोते हुए १५५ रन बनाए। वाशिंगटन सुंदर ने सर्वाधिक नाबाद ५० रन बनाए। निशांत सिंधु ने २० और ज़स बटलर ने १९ रन जोड़े। बेंगलुरु के लिए रसीख सलाम ने ४ ओवर में २७ रन देकर ३ विकेट झटके। जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने २-२ जबकि क्रुनाल पांड्या ने १ विकेट लिया। उल्लेखनीय है कि पहली क्वालिफायर में भी बेंगलुरु ने गुजरात को हराया था।

सरकारले अभूतपूर्व जनमतको सदुपयोग गर्नुपर्दछ

टेक्सासको ड्यालसमा आयोजना गरिएको ‘हिमालय संवाद’ कार्यक्रममा पत्रकार तथा लेखकहरूले नेपालको भविष्य, साहित्य र डायस्पोराको भूमिकाबारे छलफल गरे। वरिष्ठ पत्रकार सुधीर शर्माले जनआक्रोश भरोसामा परिणत भएको उल्लेख गर्दै नयाँ र पुरानाको ऊर्जा र अनुभव देश विकासमा सहयोगी हुने बताए। पत्रकार बसन्त बस्नेतले डायस्पोरामा रहेका नेपालीहरूको क्षमता, अनुभव र लगानीलाई देश निर्माणमा सदुपयोग गर्न सरकारलाई सुझाव दिए। १७ जेठ, ड्यालस(टेक्सास) ।

टेक्सासको ड्यालसमा शनिबार विभिन्न पेशा, व्यवसाय र विधाका गैरआवासीय नेपालीहरूको अभूतपूर्व जमघट भएको थियो। त्यो जमघटको मुख्य चिन्ता थियो, देश बन्छ कि बन्दैन्? हिमालय खबर र अन्तर्राष्ट्रिय नेपाली साहित्य समाज (अनेसास) टेक्सास च्याप्टरद्वारा आयोजित ‘हिमालय संवाद: कविता र किताबका कुरा’ कार्यक्रममा दोस्रो सत्रमा ‘नेपाल कहाँ जाँदैछ?’ विषयमा गरिएका छलफलमा वरिष्ठ पत्रकार तथा लेखक सुधीर शर्माले देश बन्नेमा विश्वास व्यक्त गरे। नेपालमा एक वर्षअघि केही नहुने गरी आम निराशा छाएको थियो। घृणा र आक्रोश व्याप्त थियो। जेनजी आन्दोलनपछि त्यो घृणा र आक्रोश भरोसामा परिणत भएको छ, शर्माले भने, अहिले जनतामा देश बन्नेमा आशावादिता छ। तर सरकारले जनअपेक्षा पुरा गर्नसक्ने वा नसक्ने कुरा सरकारको कार्यशैलीमा निर्भर रहने शर्माको भनाइ थियो।

पत्रकार बसन्त बस्नेतले पुराना दलहरूले गरेका गल्ती नयाँले नगरे हुन्थ्यो भन्ने जनताको अपेक्षामा सरकारले खरो उतरिनुपर्ने बताए। यसअघिका सरकारले गरेका सबै राजनैतिक नियुक्ति खारेज गरेर सरकारको सुशासन, जवाफदेहिता र पारदर्शिताको परीक्षण पदमा नियुक्तिदेखि नै सुरु हुनुपर्ने पत्रकार बस्नेतको विचार थियो। हाल मौलाएको फरक मत राख्नेलाई दबाउने प्रवृत्ति विगतमा मण्डलेको संज्ञा पाएको र अहिले पनि यस्तै प्रवृत्ति दोहोरिएकाले त्यसलाई रोक्नुपर्ने उनको टिप्पणी थियो।

गैरआवासीय नेपालीका मुद्दामा सरकारले तथा नेपाली मिडियाले अनुदार व्यवहार गरेकोमा सहजकर्ता सञ्जय घिमिरेको गुनासोमा, बस्नेतले विगतमा गैरआवासीय नेपालीप्रति अनुदार भएपनि सरकारले चाँडै नै सकारात्मक प्रतिक्रिया दिने विश्वास व्यक्त गरे। उनले नेपाली मिडिया सदैव गैरआवासीय नेपालीका मुद्दामा सकारात्मक भएको जानकारी दिए। यस्तैगरी, नेपाल निर्माणमा डायस्पोराका नेपालीहरूको योगदान महत्वपूर्ण रहेको उनले बताए। सरकारले डायस्पोरामा रहेका नेपालीहरूको क्षमता, अनुभव, पूँजी र अन्तर्राष्ट्रिय सम्बन्धलाई सदुपयोग गरी देश निर्माणमा लगाउनुपर्ने सुझाव उनले दिए।

अर्थमन्त्रीले बजेट आलोचकहरूलाई जवाफ दिंदै भने: ‘अतिरिक्त माया नगर्नेहरू’

समाचार सारांश अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्लेले सेयरको पूँजीगत लाभकर अन्तिम भएको र विद्युत्मा पूर्वाधार विकासका लागि ५ प्रतिशत कर लगाइएको बताए। आगामी आर्थिक वर्षको बजेटको मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्गको विस्तार र निम्न आय भएकालाई मध्यम वर्गमा उकास्नु रहेको उनले उल्लेख गरे। सरकारले आगामी आर्थिक वर्षमा ६ खर्ब ५७ अर्ब रुपैयाँ कुल ऋण लिने र १५ खर्ब ८० अर्ब राजस्व उठाउने अनुमान गरेको छ। १७ जेठ, काठमाडौं। अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्लेले बजेट आलोचकहरूलाई ‘अतिरिक्त प्रेम नगर्नेहरू’ भनेर सम्बोधन गरेका छन्। बजेटपछि आयोजित पत्रकार सम्मेलनमा उनले ‘माया गर्ने, अतिरिक्त प्रेम गर्ने र अतिरिक्त प्रेम नगर्ने’ भन्ने शब्द प्रयोग गरेर जवाफ दिएका हुन्। धितोपत्र कारोबारमा लाग्दै आएको पूँजीगत लाभ कर अन्तिम भएको वाग्लेले बजेट भाषणमा बताए पनि आर्थिक विधेयक २०७९ मा केही सीमा राखेर आयकर ऐनमा व्यवस्था हुँदा सेयर लगानीकर्तामा भ्रम बढेको छ। अर्थमन्त्रीले त्यसलाई पत्रकार सम्मेलनमा पनि प्रष्ट पार्न सकेनन्। ‘पूँजीगत लाभकर फाइनल नै हो, हामी ५ प्रतिशतको अतिरिक्त तिर्न तयार छौं भनेर लगानीकर्ताहरू लाइनमा बसेका थिए,’ मन्त्री वाग्लेका शब्द छन्। लगानीकर्ताको माग अनुसार पूँजीगत लाभकरलाई उदारतापूर्वक ५ प्रतिशतबाट ७.५ र ७.५ बाट १० प्रतिशत गरी फाइनल गरिएको उनले बताए। भ्रम किन छ भन्ने बुझ्न नसकेको त उनले बताए, सायद अतिरिक्त प्रेम नगर्नेहरूका कारण होला। ४० लाखभन्दा कम आम्दानी हुनेहरूका लागि केही ‘कन्फ्युजन’ भए पनि सेयरबाट आएको आम्दानी फाइनल नै भएको उनको दाबी छ। अन्य क्षेत्रबाट आय आर्जन गर्नेले आयकर विवरण भर्दा सेयरको लाभ उल्लेख हुने भएकाले कर कट्टी स्वतः फाइनल देखिने उनले बताए। गल्ती वा मिस्टेक भएमा सच्याउने बताएका उनले भने, ‘तर यो भ्रम आफैंले फैलाएको छ, गलत व्याख्या गरिएको छ, प्रश्न उठाएर ढाँटिएको छ जुन अस्वीकार्य छ।’

अर्थमन्त्री का बजट आलोचकों को जवाब: ‘अतिरिक्त प्रेम नहीं करने वाले’

समाचार सारांश

  • अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने शेयर के पूंजीगत लाभकर को अंतिम होने तथा विद्युत में पूर्वाधार विकास के लिए ५ प्रतिशत कर लगने की जानकारी दी।
  • आगामी आर्थिक वर्ष के बजट का मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्ग का विस्तार और निम्न आय वर्ग को मध्यम वर्ग में लाना है, उन्होंने बताया।
  • सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में ६ खरब ५७ अरब रुपये कुल कर्ज लेने और १५ खरब ८० अरब राजस्व उठाने का अनुमान लगाया है।

१७ जेठ, काठमाडौं। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बजट आलोचकों को ‘अतिरिक्त प्रेम न करने वाले’ कहा है।

बजट के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ‘प्यार करने वाले, अतिरिक्त प्यार करने वाले और अतिरिक्त प्यार न करने वाले’ के शब्दों का उपयोग करते हुए जवाब दिया।

धितोपत्र कारोबार में लगने वाले पूंजीगत लाभकर को अंतिम बताया गया था, लेकिन आर्थिक विधेयक २०७९ में कुछ सीमाओं के साथ आयकर ऐन में व्यवस्था होने से शेयर निवेशकों में भ्रम बढ़ा है। अर्थमंत्री ने यह बात भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से नहीं समझा पाए।

‘पूंजीगत लाभकर फाइनल ही है, हम ५ प्रतिशत के अतिरिक्त देने के लिए तैयार हैं इसलिए निवेशक लाइन में खड़े थे,’ मंत्री वाग्ले ने कहा।

निवेशकों की मांग के अनुसार पूंजीगत लाभकर को उदारतापूर्वक ५ प्रतिशत से ७.५ और ७.५ प्रतिशत से १० प्रतिशत तक बढ़ाकर अंतिम किया गया है। उन्होंने कहा कि भ्रम क्यों है यह समझ नहीं पा रहा हूँ, शायद अतिरिक्त प्रेम न करने वालों के कारण।

४० लाख से कम आय वालों के लिए कुछ ‘कन्फ्यूजन’ जरूर हुआ है, लेकिन उन्होंने दावा किया कि शेयर से प्राप्त आय फाइनल कर दी गई है। अन्य स्रोतों से आय अर्जित करने वाले जब आयकर रिटर्न भरते हैं तब शेयर के लाभ का उल्लेख करने के कारण कर कटौती स्वतः फाइनल दिखाई देती है।

गलती या त्रुटि होने पर सुधार किया जाएगा, लेकिन यह भ्रम स्वयं फैलाया गया है, गलत व्याख्या हुई है और झूठे सवालों से इसे बदनाम किया जा रहा है, जो अस्वीकार्य है, उन्होंने कहा।

विद्युत क्षेत्र में लगाए गए ५ प्रतिशत वैट को विवादित न बनाने का अनुरोध करते हुए उन्होंने बताया कि यह विद्युत के पूर्वाधार विकास के लिए संसाधन जुटाने का प्रयास है।

५० यूनिट तक की खपत पर कर नहीं लगेगा, इसके ऊपर विद्युत उपभोक्ता को न्यूनतम शुल्क देना होगा, उन्होंने जानकारी दी।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में समानता शुल्क लागू करने की बात स्वीकार की और बताया कि निजी क्षेत्र के शुल्कों को ग्रामीण इलाकों के गरीब और दलित लोगों के लिए लक्षित किया गया है।

बजट का मुख्य लक्ष्य मध्यम वर्ग का विस्तार है, उन्होंने कहा कि निम्न आय वाले लोगों को मध्यम वर्ग में लाना और मध्यम आय वाले लोगों की संख्या बढ़ाना आवश्यक है। लोकतंत्र की स्थिरता और विकास के लिए मध्यम वर्ग का संरक्षण जरूरी है।

आगामी आर्थिक वर्ष का बजट आकार महत्त्वाकांक्षी नहीं है, उन्होंने कहा, ‘२०१४ तक का बजट ५१९ अरब रुपये था, भूकंप के बाद यह बढ़ता गया। मैंने भूकंप से पहले छोटा बजट लाने की कोशिश की थी और उसे इसी सीमा में रखा गया है।’

बजट का अनुमानित कुल जीडीपी का २८.५ प्रतिशत है और कुल अनुमानित जीडीपी ७४ खरब ५८ अरब रुपये है, वाग्ले ने बताया।

पुनर्निर्माण और कोविड के कारण कर्ज बढ़ा है और वर्तमान में कर्ज जीडीपी का लगभग ४३ प्रतिशत है।

नेपाल का कुल कर्ज अभी २९ खरब ७५ अरब रुपये है, इस वर्ष ४ खरब १० अरब आंतरिक और २ खरब ४७ अरब बाह्य कर्ज लिया गया है, जो कुल ३६ खरब ३२ अरब रुपये हो गया है।

वित्त आयोग ने आंतरिक कर्ज जीडीपी के ५.५ प्रतिशत से अधिक न लेने की सलाह दी है। इस मामले में इस वर्ष आंतरिक कर्ज ४ खरब १० अरब से ऊपर नहीं गया और बाजार में तरलता अधिक होने के कारण अतिरिक्त कर्ज नहीं लिया जाएगा।

आगामी वित्तीय वर्ष में कुल ६ खरब ५७ अरब की कर्ज लेने और ३ खरब १८ अरब की वापसी करने की योजना है। कर्ज लेकर बेकार खर्च नहीं किया जाएगा।

३ प्रतिशत और ५ प्रतिशत जैसे करों के कारण बड़ा भ्रम फैला है, जिसे उन्होंने आलोचना की। मध्यम वर्ग के सिकुड़ने के आरोप पर बहस चल रही है।

समानता शुल्क एक पुराना कर है, जिसे पहले लागू करके हटाया गया था, लेकिन अब दलित केन्द्रित कार्यक्रमों के लिए पुनः लागू किया गया है।

३ लाख १३ हजार ७५३ दलित बालकों को पोषण भत्ता देने के कार्यक्रम का समर्थन करता है और यही इसी शुल्क का उद्देश्य है।

निजी स्कूल के विद्यार्थियों से २ हजार रुपये शुल्क नहीं लेना चाहिए और ६० रुपये अतिरिक्त नहीं वसूलना चाहिए, मंत्री वाग्ले ने बताया।

मध्यम वर्ग से थोड़ा योगदान लेने के बावजूद निजी और सामुदायिक विद्यालयों के बीच भेदभाव कम होगा। निजी क्षेत्र में प्रतिबंध नहीं बल्कि सुविधा देने का पक्ष है।

विद्युत में वैट लगाने से ६७ लाख परिवार प्रभावित होंगे, लेकिन हर परिवार को केवल मामूली राशि ही खर्च करनी होगी।

‘आय के अनुसार लचीले होकर उपभोग में कर लगाया गया है, आय बढ़ने पर इसे पुनः समायोजित किया जाएगा,’ उन्होंने कहा। विकासशील देशों में उपभोग पर कर अधिक निर्भर रहता है।

उपभोग पर कर लगाने से राजस्व का अनुमान १५ खरब ८० अरब रखा गया है, उन्होंने विस्तार से बताया।

डेम्बेले ने गति और ड्रिब्लिंग की नई परिभाषा रची

समाचार संक्षेप

OK AI द्वारा निर्मित। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • फ्रांसीसी फोरवर्ड उस्मान डेम्बेले ने 2024-25 सीजन में PSG के लिए 53 मैचों में 35 गोल और 16 असिस्ट के साथ शानदार प्रदर्शन किया।
  • डेम्बेले ने PSG के साथ खेलते हुए 2025 में Ligue 1 और क्लब इतिहास की पहली UEFA चैंपियंस लीग समेत कई खिताब जीते।
  • 2018 के विश्व विजेता फ्रांस की टीम के सदस्य डेम्बेले ने आगामी 2026 फीफा विश्व कप में गोल करने का लक्ष्य रखा है।

17 जेठ, काठमांडू। फ्रांसीसी फॉरवर्ड उस्मान डेम्बेले का फुटबॉल सफर संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है। कम उम्र में उनकी तेज़ रफ्तार, ड्रिब्लिंग और रचनात्मक खेल शैली के कारण उन्हें फ्रांस की एवरे क्लब ने पहचाना। केवल एक सीजन Ligue 1 में खेलने के बाद जर्मन क्लब बोरुसिया डॉर्टमंड ने उन्हें साइन किया।

बुंडेसलीगा में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद डेम्बेले विश्व प्रसिद्ध क्लब FC बार्सिलोना पहुंचे। बार्सिलोना में रहते हुए उन्होंने तीन बार ला लीगा, दो बार कोपा डेल रे और दो बार सुपरकोपा जीता।

लेकिन चोटों ने उनके कैरियर में बाधाएं डालीं। लगातार चोटों के कारण वे अपेक्षित निरंतर प्रदर्शन नहीं कर सके। इसके बाद 2023 में वे फ्रांस लौटे और पेरिस सेंट-जर्मेन से जुड़कर अपनी उत्कृष्ट फॉर्म वापस पाई।

उनका खेल स्टाइल अत्यंत आकर्षक माना जाता है। तेज़ गति, दोनों पैरों से खेलने की क्षमता, उत्कृष्ट ड्रिब्लिंग और विरोधी की रक्षा को भेदने वाले पास उनकी मुख्य विशेषताएं हैं। उन्हें अकेले मैच का रुख बदलने वाला खिलाड़ी माना जाता है।

2025 डेम्बेले के लिए एक खास साल साबित हुआ। PSG ने Ligue 1, Coupe de France और Trophée des Champions के साथ क्लब इतिहास की पहली UEFA चैंपियंस लीग ट्रॉफी भी जीती। फ्रांस ने फीफा विश्व कप 2022 के फाइनल तक का सफर तय किया और डेम्बेले उस सफलता के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक थे।

डेम्बेले को FC बार्सिलोना ने 2017 में साइन करते समय करीब 105 मिलियन यूरो खर्च किया था। उस वक्त वे विश्व फुटबॉल के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी थे। सिर्फ नेइमार ही महंगे थे, जिन्हें PSG ने 220 मिलियन यूरो में बार्सिलोना से खरीदा था।

बोरुसिया डॉर्टमंड में रहते हुए डेम्बेले ने अपनी तेज़ गति, उम्दा ड्रिब्लिंग और रचनात्मक खेल से विश्व फुटबॉल का ध्यान खींचा था। इसलिए बार्सिलोना ने उन्हें भविष्य के सुपरस्टार की तरह देखकर भारी रकम खर्च की। लेकिन स्पेन में उनका सफर आसान नहीं रहा। चोटों ने प्रदर्शन पर बड़ा प्रभाव डाला। बार्सिलोना में बिताए 6 सालों में उन्होंने लगभग 120 मैच गंवाए, जो लगभग दो पूरे सीजन के बराबर है।

लेकिन PSG में आने के बाद डेम्बेले ने अपनी बेहतरीन फॉर्म वापस पाई। 2024-25 सीजन उनके कैरियर का सबसे अच्छा माना गया। उन्होंने 53 मैचों में 35 गोल किए और 16 असिस्ट प्रदान की। यह आंकड़ा उनके पिछले पांच सीजनों के कुल योगदान से भी अधिक था।

डेम्बेले की इस वापसी ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे केवल प्रतिभाशाली ही नहीं बल्कि कठिन परिस्थितियों से उभरने की मानसिक ताकत भी रखते हैं।

डेम्बेले का विश्व कप सफर

डेम्बेले ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में बड़ी सफलता हासिल की। 21 वर्ष की उम्र में उन्होंने फ्रांस टीम के साथ फीफा विश्व कप 2018 का खिताब जीता। रूस विश्व कप में वे समूह चरण के दो मैचों में शुरुआती खिलाड़ी थे।

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-1 की जीत में खेला और डेनमार्क से गोलरहित ड्रॉ खेला। हालांकि नॉकआउट चरण में उनकी भूमिका सीमित रही। उरुग्वे के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में उन्होंने आखिरी दो मिनट ही खेला, इसके अलावा वे ज्यादातर खेलों में बेंच पर रहे। फ्रांस ने अंततः क्रोएशिया को हराकर विश्व कप जीता और डेम्बेले भी विश्व विजेता टीम के सदस्य बने।

फीफा विश्व कप 2022 में उनका प्रदर्शन और भी प्रभावशाली था। प्रतियोगिता के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने किलियन एम्बाप्पे को गोल के लिए असिस्ट किया और फ्रांस को 4-1 की जीत दिलाई। पोलैंड के खिलाफ 3-1 की जीत में भी उन्होंने एम्बाप्पे के साथ शानदार तालमेल दिखाया और टीम को क्वार्टरफाइनल तक पहुंचाने में मदद की।

कतर विश्व कप का फाइनल विश्व फुटबॉल के सबसे रोमांचक मैचों में से एक था। फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच अतिरिक्त समय में 3-3 की बराबरी के बाद मैच पेनाल्टी शूटआउट में गया। अंततः अर्जेंटीना विजेता बना और फ्रांस उपविजेता रहा।

डेम्बेले के लिए फाइनल मैच कठिन रहा। फ्रांस शुरुआती दौर से दबाव में था और 2-0 से पिछड़ने के बाद उन्हें 41वें मिनट में मैदान से हटाना पड़ा। इसके साथ ही कतर विश्व कप में उनका सफर समाप्त हुआ।

डेम्बेले के लिए फीफा विश्व कप 2026 खास मौका हो सकता है। क्लब फुटबॉल में लगातार सफल होने के बावजूद वे अभी तक विश्व कप या यूरोपीय चैंपियनशिप में व्यक्तिगत रूप से गोल नहीं कर पाए हैं। इसलिए आगामी विश्व कप में गोल करने का सपना पूरा करना उनका बड़ा लक्ष्य है।

विशेष रूप से PSG में उनकी वर्तमान उत्कृष्ट फॉर्म उन्हें विश्व कप 2026 में फ्रांस के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में से एक बनने की उम्मीद जगा रही है। उनकी गतिशीलता, ड्रिब्लिंग, दोनों पैरों से खेलने की क्षमता और आक्रमण में रचनात्मकता फ्रांस को और मजबूत बनाएगी।

युवा और अनुभवी सितारों से भरी फ्रांस की टीम को प्रतियोगिता का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।

उपचार गरेबापत नागरिकसँग पैसा असुल्दै सरकार – Online Khabar

सरकार ने निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान 3 प्रतिशत स्वास्थ्य समता शुल्क लागू करने की घोषणा की

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में निजी अस्पतालों द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर तीन प्रतिशत स्वास्थ्य समता शुल्क लगाने की घोषणा की है। स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कहा है कि सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली को पर्याप्त सशक्त बनाए बिना निजी अस्पतालों के मरीजों से अतिरिक्त शुल्क लेना व्यावहारिक नहीं है। निजी अस्पताल संचालकों ने इस निर्णय पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार अस्पतालों को कर वसूली का एजेंट बनाने का प्रयास कर रही है। १७ जेठ, काठमाडौं।

देश भर के सरकारी अस्पतालों के आकस्मिक कक्षों में भरे पड़े मरीज निजी अस्पतालों की ओर जाने को मजबूर हैं। इसका मुख्य कारण है, आकस्मिक कक्ष में बेड की कमी, लंबी प्रतीक्षा और जटिल सेवा। सस्ती और गुणवत्तापूर्ण सेवा की तलाश में आए ये मरीज तत्काल जीवन रक्षक उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन सरकार ने इन नागरिकों पर अतिरिक्त उपचार शुल्क लगाने की घोषणा की है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम बाग्ले द्वारा प्रस्तुत बजट में कहा गया है, ‘दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य पूर्वाधार विकास तथा सेवा विस्तार के लिए सहायता हेतु निजी क्षेत्र में प्रदान की जाने वाली शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर न्यूनतम दर पर समता शुल्क लगाया जाएगा।’

सरकार के इस आर्थिक प्रस्ताव को लागू करने के लिए तैयार विधेयक के धारा १७ में उल्लेख है कि स्वास्थ्य समता शुल्क उस निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा संचालकों द्वारा मरीजों से लिए जाने वाले सभी सेवा शुल्कों पर तीन प्रतिशत दर से लगाया जाएगा। यह राशि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य से जुड़ी पूर्वाधार निर्माण में खर्च की जाएगी। इस कारण निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान सेवा के मूल्य में अतिरिक्त ३ प्रतिशत कर लगेगा।

विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रयोगशाला सेवा, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित उपलब्धता न होने वाले सरकारी अस्पतालों में नागरिकों से अतिरिक्त कर वसूलना न्यायसंगत नहीं है, यह बात विशेषज्ञों ने बताई है। उपभोक्ता अधिकार अनुसंधान मंच के अध्यक्ष माधव तिमिल्सेन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा नागरिकों का मौलिक अधिकार है और इसे कर के दायरे में लाना गलत है। समान स्वास्थ्य सेवा की पहुंच सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ बनाना तो आवश्यक है, परन्तु इसके लिए चुनी गई कर प्रणाली गलत है, इस विषय पर डॉ. पांडे सहित अन्य विशेषज्ञों ने चर्चा की है।

संसद में विपक्षी दलों का वेल घेराव जारी

विपक्षी दलों के अवरोध के कारण स्थगित हुई प्रतिनिधि सभा की दूसरी बैठक पुनः शुरू हो गई है। १७ ज्येष्ठ, काठमांडू। शुरू हुई दूसरी बैठक में भी विपक्षी दलों ने वेल घेराव करते हुए अवरोध जारी रखा है। इससे पहले हुई बैठक विपक्षी दलों के अवरोध के कारण स्थगित करनी पड़ी थी। वर्तमान में पुनः शुरू हुई बैठक में भी विपक्षी दल वेल घेराव कर बैठक में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।