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लेखक: space4knews

सवारी निषेध गर्दै जीवन्त र समृद्ध असन कार्यक्रमको शुभारम्भ

काठमाडौं महानगरपालिकाले असन क्षेत्रमा प्रत्येक शनिबार सामाजिक, सांस्कृतिक र परम्परागत व्यापार प्रवर्द्धनका लागि विशेष कार्यक्रम सञ्चालन गरिरहेको छ। कमलाछी चोकदेखि असनसम्मको बाटो पूर्ण रूपमा सवारीसाधनको आवागमनबाट निषेध गरिएको छ। यस पहलले असनको मौलिकता संरक्षण गर्दै परम्परागत जीवनशैली, जात्रा, पर्व, संस्कार र पुर्ख्यौली ज्ञान निरन्तरता दिनुपर्ने लक्ष्य राखेको छ।

५ वैशाख, काठमाडौं। काठमाडौंको ऐतिहासिक असन क्षेत्रमा शनिबारदेखि सामाजिक, सांस्कृतिक र परम्परागत व्यापार प्रवर्द्धन कार्यक्रम शुरु गरिएको छ। असन क्षेत्रको सांस्कृतिक पहिचान र मौलिकतालाई जोगाउन काठमाडौं महानगरपालिकाले आजदेखि प्रत्येक शनिबार “जीवन्त र समृद्ध असन” कार्यक्रम संचालन गरेको छ। यस कार्यक्रमको मुख्य उद्देश्य काठमाडौंको सांस्कृतिक विरासत, परम्परागत जीवनशैली, जात्रा, पर्व, संस्कार, संस्कृतिको पुस्तान्तरणका साथै पुर्खाको ज्ञान र सीपलाई निरन्तरता प्रदान गर्नु हो।

कमलाछी चोक, भोटाहिटी चोक र महाबौद्धबाट असनसम्मको क्षेत्रमा सामाजिक, सांस्कृतिक तथा परम्परागत व्यापार प्रवर्द्धन कार्यक्रम सञ्चालन भएपछि सो क्षेत्रका प्रत्येक शनिबार सवारीसाधनको पूर्ण प्रवेश निषेध गरिएको छ। कार्यक्रममा लागू अवधिमा जमलतर्फ जाने सवारीसाधनको लागि कमलाछी सिंहढोकाबाट असनतर्फ सवारी प्रवेश पूर्णरूपमा रोक्ने व्यवस्था रहेको छ।

असन क्षेत्रमा भएको मौलिक सांस्कृतिक कार्यक्रमहरू र सामाजिक क्रियाकलापहरूको व्यवस्थापनको जिम्मेवारी महानगर प्रहरी बललाई प्रदान गरिएको छ। यस कार्यक्रममार्फत सांस्कृतिक पहिचान र परम्परागत जीवनशैली, जात्रा, पर्व तथा संस्कारहरूको पुस्तान्तरणलाई निरन्तरता दिन अपेक्षा गरिएको छ।

इरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर फिर से नियंत्रण हासिल करने की घोषणा की

५ वैशाख, काठमाडौँ। इरानी सरकारी संचार माध्यमों के अनुसार, इरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर अपना पूर्ण नियंत्रण पुनः स्थापित करने की घोषणा की है। आईआरजीसी द्वारा जारी विज्ञप्ति के हवाले से इरानी समाचार एजेंसियों ने बताया कि अब यह जलमार्ग अपनी पूर्व स्थिति में लौटेगा और सशस्त्र बल इस क्षेत्र की कड़ी निगरानी करेंगे।

इरान ने अमेरिका पर समुद्री डकैती का आरोप लगाते हुए अमेरिकी नाकाबंदी को समुद्री लूट का नाम भी दिया है। इससे पहले शुक्रवार को इरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सामाजिक मीडिया ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से युद्धविराम की शेष अवधि के लिए होर्मुज स्ट्रेट से सभी व्यावसायिक जहाजों की आवागमन पूरी तरह से खुली होने की जानकारी दी थी।

इसी प्रतिक्रिया में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए इरान को धन्यवाद दिया था। उन्होंने लिखा था, ‘इरान ने अभी-अभी ‘‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’’ को पूरी तरह खुला और आवागमन के लिए तैयार रहने की घोषणा की है, धन्यवाद!’ लेकिन ट्रंप के इस ‘धन्यवाद’ संदेश के सार्वजनिक होने के कुछ मिनटों के भीतर ही, उन्होंने एक अन्य पोस्ट में होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहने की बात स्पष्ट की।

इस विरोधाभासी स्थिति के बीच होर्मुज स्ट्रेट की वास्तविक स्थिति को लेकर विश्व स्तर पर संदेह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इरान ने अपने बंदरगाह की नाकाबंदी हटाने से इनकार करते हुए जलमार्ग को पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है, जबकि कुछ जहाजों के पार होते देखने के बावजूद इस महत्वपूर्ण मार्ग से कितने जहाज सुरक्षित निकल पाए हैं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। दोनों देशों के बीच जारी तनाव ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक अनिश्चित बना दिया है।

सबै जिल्ला प्रशासनमा एकद्वार सेवा प्रणाली लागू गर्न गृहको ९ बुँदे निर्देशन

गृह मंत्रालय ने सभी जिला प्रशासन कार्यालयों में एकद्वार सेवा प्रणाली लागू करने के लिए 9 बिंदुओं का निर्देश जारी किया

5 वैशाख, काठमाडौँ। गृह मंत्रालय ने सेवा प्रदायगी को और अधिक प्रभावी एवं नागरिक-अनुकूल बनाने के लिए देश भर के सभी जिला एवं क्षेत्रीय प्रशासन कार्यालयों में ‘एकद्वार सेवा प्रणाली’ लागू करने हेतु 9 बिंदुओं का निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने चालू आर्थिक वर्ष के बजट के भीतर इस प्रणाली को लागू करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आगामी वर्ष के लिए आवश्यक न्यूनतम बजट सुनिश्चित करने का भी प्रशासन कार्यालयों को निर्देश दिया है। प्रमुख जिल्ला अधिकारी (सिडिओ) को सरकार का प्रतिनिधि मानते हुए मंत्रालय ने उनको शांति सुरक्षा बनाए रखने, जनता के जीवन एवं संपत्ति की रक्षा करने तथा सार्वजनिक सेवा एवं सुशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जिम्मेदारी पुनः स्मरण कराई है।

गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने पदभार ग्रहण के दिन ही प्रशासन कार्यालयों से दी जाने वाली सेवाओं को एकद्वार प्रणाली के माध्यम से प्रदान करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, गत चैत्र 13 को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित ‘शासकीय सुधार की 100 कार्यसूचियाँ’ में सार्वजनिक सेवा में नागरिकों का विश्वास जीतने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी भावना के अनुरूप मंत्रालय ने सचिव स्तर पर निर्णय लेते हुए कुछ जिलों में पहले से लागू टोकन व्यवस्था, नागरिक सुनवाई, ऑनलाइन सिफारिश तथा निःशुल्क सहायता कक्ष जैसे नवाचारों को सभी जिलों में संस्थागत रूप से लागू कर एकद्वार सेवा प्रणाली तुरंत लागू करने का निर्देश जारी किया है।

गृह मंत्रालय के 9 बिंदुओं वाला निर्देश इस प्रकार है: 1. एकद्वार सेवा एवं पूर्वाधार प्रबंधन—नए और प्रतिलिपि नागरिकता, पासपोर्ट, राष्ट्रीय परिचय पत्र और नाबालिग परिचय पत्र से संबंधित सेवाओं को सहज एवं सेवाग्राही-अनुकूल बनाने हेतु कक्ष तैयार करना। 2. सहायता कक्ष (हेल्प डेस्क) एवं टोकन प्रणाली—कार्यालय प्रवेश बिंदु पर कम्प्यूटर्सहित सहायता कक्ष स्थापित करना। 3. नागरिक सूचना बोर्ड एवं समन्वय—डिजिटल और आवाज सहित नागरिक सूचना बोर्ड स्थापित करना। 4. शिकायत एवं फीडबैक प्रबंधन—शिकायतों एवं फीडबैक का रिकॉर्ड रखना और त्वरित समाधान के लिए सक्रिय रहना। 5. मर्यादित व्यवहार एवं स्वच्छता—कर्मचारी सेवाग्राहकों के साथ विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार करें। 6. बिचौलिए नियंत्रण—कार्यालय में बिचौलियों के प्रवेश पर सख्त निगरानी रखना। 7. पदानुसार कार्य विवरण लागू करना—प्रशासन कार्यालय के प्रत्येक पद के लिए वस्तुनिष्ठ कार्य निष्पादन सूचक सहित कार्य विवरण 15 दिनों के अंदर तैयार कर लागू करना। 8. कर्मचारी प्रशिक्षण एवं अभिमुखीकरण—वर्ग कार्यालय के कर्मचारियों को सिफारिश एवं अन्य कार्यों के बारे में अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण प्रदान करना। 9. अनुगमन, पारदर्शिता एवं रिपोर्टिंग—सिडिओ सेवा कार्य निष्पादन का निरंतर अनुगमन करें।

धरान में गांजासहित तीन भारतीय नागरिक पकड़े गए

५ वैशाख, धरान। धरान उपमहानगरपालिका–१३ के कोशी लोकमार्ग से पुलिस ने ५९ किलो प्रतिबंधित नशे की गांजा के साथ तीन भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इलाका पुलिस कार्यालय धरान एवं अस्थायी पुलिस चौकी अमरहाट से मौके पर पहुंचे संयुक्त पुलिस दल ने शनिवार सुबह भेंडेटार से धरान की ओर आ रही बीआर १० पीबी २२४१ नंबर की भारतीय स्कॉर्पियो जांच के दौरान उक्त मात्रा में गांजा बरामद किया।

इलाका पुलिस कार्यालय धरान के प्रमुख पुलिस नायब उपरीक्षक भीषणबाबु राय ने बताया कि वाहन के सीट के नीचे फाल्स बॉटम बनाकर छुपाए गए गांजा को पुलिस ने पकड़ा। गाड़ी सहित भारत के बिहार राज्य सुपौल जिले बलुवा बाजार–६ के २२ वर्षीय चालक सुबिध कुमार, वहीं के २२ वर्षीय रोहित कुमार और सुपौल बाजार–१ के ४० वर्षीय मोहम्मद जमशेर को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए तीनों व्यक्तियों को इलाका पुलिस कार्यालय धरान में रखकर आगे की जांच की जा रही है। –रासस

सर्वोच्चको निर्णयपछि खड्का निवासमा पूर्वपदाधिकारी सहितको बैठक जारी – Online Khabar

सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद खड़का निवास में पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक जारी

५ वैशाख, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेस की आधिकारिकता विवाद में सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद, निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड़का अपने समूह के उच्च नेताओं के साथ चर्चा में व्यस्त हैं। इसी क्रम में खड़का ने दोपहर पूर्व पदाधिकारियों, निवर्तमान केन्द्रीय समिति के पदाधिकारियों तथा केन्द्रीय सदस्यों के साथ बैठक बुलाई है। यह बैठक गोल्फुटार स्थित खड़का के निवास में जारी है। बैठक में खड़का के साथ पूर्व उपसभापति विमलेन्द्र निधि, पूर्व महामंत्री डा. शशांक कोइराला, कृष्णप्रसाद सिटौला, प्रकाशमान सिंह और नेता एनपी साउद, मीन विश्वकर्मा, रमेश लेखक समेत अन्य सहभागी हैं। स्रोतों के अनुसार, निवर्तमान केन्द्रीय कार्यसमिति के कुछ अन्य सदस्य भी बैठक में शामिल हैं। निवर्तमान कार्यवाहक सभापति खड़का द्वारा बुलाई गई इस बैठक में डा. शेखर कोइराला और उनके समर्थक नेता उपस्थित नहीं हैं। इससे पूर्व शुक्रवार को सर्वोच्च अदालत ने निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष महाधिवेशन के माध्यम से चयनित गगन थापा नेतृत्व वाली कार्यसमिति को आधिकारिकता प्रदान करने के आदेश को प्रमाणित किया था। आयोग के इस निर्णय के विरुद्ध १४वें महाधिवेशन से निर्वाचित सभापति शेरबहादुर देउवा और कार्यवाहक सभापति खड़का ने सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की थी। सर्वोच्च अदालत के निर्णय के अपने विरोध में आने पर इस समूह ने इसे अप्रत्याशित बताया है। खड़का अपने शीर्ष नेताओं के साथ चर्चा करके रविवार को आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करने की तैयारी में हैं।

म्याग्दी में श्रमदान से सड़क मरम्मत के बाद सुगम यातायात संचालन

५ वैशाख, म्याग्दी। स्थानीय निवासियों ने श्रमदान के माध्यम से म्याग्दी के अन्नपूर्ण गाउँपालिका-६ में स्थित पर्यटक स्थल घोडेपानी से जुड़ी सड़क के लुलियाघुम्ती खंड की मरम्मत कर सुगम यातायात संचालन की व्यवस्था की है। पोखरेबगर-घोडेपानी सड़क के लुलियाघुम्ती क्षेत्र में दुर्घटनाएं बढ़ने लगी थीं, जिसके कारण स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर सड़क की मरम्मत की। पोखरेबगर, कुरमुनी, हल्लेखर्क, बिरौटा, भुवानीथान और घारगाउँ के ८० लोगों ने दो दिन तक श्रमदान कर मरम्मत कार्य पूरा किया, जैसा कि पोखरेबगर युवा क्लब के अध्यक्ष रामकृष्ण खड्काले जानकारी दी।

अन्नपूर्ण गाउँपालिकाले उपलब्ध कराए गए जाली से १३ घनमीटर पर्खाल बनाया गया और ऊपरी घुमाव वाली सड़क पर लगभग ३० मीटर दूरी तक पत्थर बिछाए गए हैं। मरम्मत के बाद सड़क पर सवारी साधनों का संचालन निर्बाध रूप से होने लगा है, उन्होंने बताया। अन्नपूर्ण गाउँपालिका-६ के वडाध्यक्ष रामबहादुर खड्का, स्थानीय राजाराम बरुवाल, बिपिन बरुवाल और रामकृष्ण खड्काको समन्वय में इस सप्ताह सड़क मरम्मत के लिए श्रमदान अभियान भी चलाया गया। सड़क मरम्मत के दौरान पत्थर ढुलाई, नाश्ते की व्यवस्था तथा डोजर परिचालन हेतु मुक्तिनाथ केबलकार प्रालि से ५० हजार रुपये नकद एवं अन्य दाताओं से सामग्री सहयोग प्राप्त हुआ।

लुलियाघुम्ती और हल्लेखर्क पहाड़ी क्षेत्र की सड़क जर्जर स्थिति के कारण स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को समस्या हो रही थी। स्थानीय उद्यमी शिव खड्काका अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में गिरावट के कारण सड़क संकरी हुई थी, जिससे ग्रेड और मोड़ ठीक से नहीं मिल पा रहे थे, और वाहन चढ़ाई में दिक्कत हो रही थी। बीच-बीच में वाहन रुक जाते थे और दुर्घटना की घटनाएं बढ़ गई थीं। संघीय सरकार द्वारा बजट विनियोजन के बाद भी योजना के कार्यान्वयन में देरी हुई जिससे जोखिम बढ़ा। इसी कारण स्थानीय समुदाय ने श्रमदान कर अस्थायी रूप से मरम्मत शुरू की, वडाध्यक्ष रामबहादुर खड्काले बताया। उन्होंने कहा, “लुलियाघुम्ती, हल्लेखर्क सड़क सुधार के लिए स्थानीय पूर्वाधार विकास कार्यालय पोखरा की तरफ से देरी के कारण दुर्घटना का खतरा व पीड़ा बढ़ गई है। जनप्रतिनिधियों की लगातार मांग के बाद कार्यालय ने शुक्रवार को तीन करोड़ रुपये का बजट विनियोजन किया और आयोजन के ठेके के लिए आह्वान किया है।”

इरान तनाव: अमेरिका का वादा पूरा न होने पर इरान ने होर्मुज जलमार्ग पुनः बंद किया

अमेरिका द्वारा किए गए वादे पूरा न करने के आरोप में इरानी सेना ने होर्मुज जलमार्ग को पुनः बंद कर दिया है। शुक्रवार को इस जलमार्ग के खुलने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजार में सकारात्मक प्रभाव देखा गया था। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि शांति समझौता न होने तक अमेरिका खाड़ी क्षेत्र से निकले जहाजों पर नाकेबंदी जारी रखेगा। मरीन ट्रैकिंग डेटा ने दिखाया है कि चार एलपीजी गैस से लदे जहाज और कई तेल तथा पेट्रोरसायन टैंकर इस जलमार्ग से ओमान की खाड़ी की ओर जा रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार को नाकेबंदी के बाद 21 जहाजों को वापस भेजने की जानकारी दी है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़ी फारस समाचार एजेंसी ने आईआरजीसी की विज्ञप्ति का हवाला देते हुए बताया कि इरानी सेना ने होर्मुज जलमार्ग पर पुनः नियंत्रण स्थापित किया है। सेना ने अमेरिका की ‘कथित नाकेबंदी’ को ‘सामुद्रिक डकैती’ करार देते हुए असंतोष व्यक्त किया है। आईआरजीसी के अनुसार, अमेरिका द्वारा जलमार्ग की नाकेबंदी हटाने का वादा पूरा नहीं किए जाने के कारण होर्मुज जलमार्ग को पुनः बंद करना पड़ा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संचालन अमेरिका और इरान के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के बीच सहमति के करीब पहुंचने का दावा किया था, लेकिन इरानी संसद के अध्यक्ष ने इसे खारिज कर दिया। इससे पहले शुक्रवार को इरान के विदेश मंत्री ने व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज जलमार्ग के पुनः खुलने की पुष्टि की थी और कहा था कि जहाजों को निर्धारित सुरक्षित मार्गों का पालन करना होगा। सरकारी टेलीविजन ने एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया कि जहाजों को निर्दिष्ट मार्गों का उपयोग करने की अनुमति दी गई है लेकिन सैन्य जहाजों के आवागमन पर अभी भी प्रतिबंध लगा हुआ है।

पहिलो पटक फरक फरम्याट, फरक स्क्वाडको अभ्यास – Online Khabar

नेपाल क्रिकेट संघ ने पहली बार अलग कप्तान और अलग टीम के साथ राष्ट्रीय टीम की घोषणा की

टी–20 में नए खिलाड़ियों को अवसर देते हुए, क्यान ने संकट में फंसी ODI टीम में अनुभवी खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी है। ४ बैशाख, काठमांडू। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने पहली बार टी–20 और ODI के लिए अलग-अलग कप्तान के नेतृत्व में राष्ट्रीय टीम की घोषणा की है। आगामी सोमवार और मंगलवार को UAE के खिलाफ होने वाली टी–20 श्रृंखला के लिए दीपेन्द्र सिंह ऐरी की कप्तानी में 15 सदस्यीय टीम घोषित की गई है। वहीं, वैशाख 12 से शुरू होने वाली ICC विश्व कप लीग–2 के तहत ओमान और UAE के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय (ODI) श्रृंखला के लिए रोहित पौडेल टीम के कप्तान होंगे। इससे पहले दोनों फॉर्मेट में रोहित ही कप्तान थे, लेकिन क्यान ने शुक्रवार से टी–20 टीम की कप्तानी दीपेन्द्र सिंह ऐरी को सौंपी है। नेपाल ने इतिहास में पहली बार टी–20 और ODI में अलग-अलग कप्तान पाया है। इससे पहले एक ही खिलाड़ी दोनों फॉर्मेट की कप्तानी संभालता था।

साथ ही, क्यान ने कप्तान के अलावा दोनों फॉर्मेट के खिलाड़ियों को भी अलग रखा है। टी–20 के पूर्व कप्तान रोहित इस बार टीम में नहीं हैं। उनके साथ पांच नए खिलाड़ी जो पिछली बार टी–20 टीम में थे, इस बार टीम में नहीं हैं। रोहित के अलावा अनुभवी करण केसी, सोमपाल कामी, ललित राजवंशी और आसिफ शेख टीम के बाहर रह गए हैं, जिससे युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है। कुशल मल्ल, संतोष यादव, अर्जुन साउद, हेमन्त धामी और शाहव आलम इस बार टी–20 टीम में शामिल हैं। संतोष और हेमन्त को पहली बार मौका मिला है जबकि कुशल, अर्जुन और शाहव पहले से ही टीम में थे।

युवा क्रिकेटर संतोष और हेमन्त ने प्रधानमंत्री कप एकदिवसीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अच्छा प्रभाव छोड़ा था। विशेष रूप से हेमन्त मल्ल ने सर्वाधिक विकेट लेकर उत्कृष्ट गेंदबाज का खिताब हासिल किया था।

ODI में तो पुराने खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी गई है। मधेश प्रदेश में हो रहे प्रधानमंत्री कप एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अर्जुन कुमाल को पहली बार ODI टीम में स्थान मिला है। विनोद भंडारी भी तीन साल बाद टीम में लौटे हैं। इसके अलावा ODI टीम में पिछले सीजन के मुकाबले ज्यादा बदलाव नहीं हुए हैं। प्रधानमंत्री कप के उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित संतोष यादव और सर्वाधिक विकेटकर्ता हेमन्त धामी इस बार ODI टीम में जगह नहीं बना पाए।

शेर मल्ल, नारायण जोशी और दिनेश खरेल जैसे अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी ODI में जगह नहीं बना पाए हैं। इसी तरह, टी–20 टीम में होने के बावजूद ODI से बाहर ये खिलाड़ी दोनों फॉर्मेट में अलग-अलग मान्यता दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री कप में प्रभावशाली प्रदर्शन न करने के बावजूद रोहित ODI टीम के कप्तान बने रहेंगे। इसके साथ ही कुशल भुर्तेल, भीम सार्की, गुल्सन झा, सोमपाल कामी और करण केसी ODI टीम में शामिल हैं।

ICC विश्व कप लीग–2 में नेपाल का प्रदर्शन कमजोर रहा है। 20 मैचों में नेपाल ने केवल 5 मैच जीते हैं। इसलिए हर मैच महत्वपूर्ण है, लेकिन क्यान ने नई और फॉर्म में बेहतर खिलाड़ियों को जगह देने की बजाय अनुभवी खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी है।

अलग फॉर्मेट और अलग टीम रखने का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। एक ही खिलाड़ी दोनों फॉर्मेट में खेलने से फॉर्म प्रभावित होने की चिंता करते हुए क्रिकेट प्रेमी अलग टीम और कप्तान की व्यवस्था की मांग करते आए हैं। टी–20 में तेज और आक्रामक खेलना पड़ता है जबकि ODI में धैर्य पूर्वक पारी को आगे बढ़ाना होता है। इन अलग-अलग शैलियों को ध्यान में रखते हुए क्यान ने कप्तान और खिलाड़ियों दोनों को अलग रखा है।

पहले टी–20 और ODI टीम में लगभग एक जैसे खिलाड़ी होते थे, लेकिन इस बार दोनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग टीम चुनी गई है। ODI टीम में रह चुके रोहित समेत सात खिलाड़ी टी–20 टीम में शामिल नहीं हैं। रोहित, करण केसी, सोमपाल कामी, भीम सार्की, ललित राजवंशी और विनोद भंडारी ODI टीम में हैं, जबकि कुशल मल्ल, संदीप जोरा, लोकेश बम, संतोष यादव, शेर मल्ल, हेमन्त धामी, अर्जुन साउद और शाहव आलम टी–20 टीम में हैं। दीपेन्द्र सिंह ऐरी, संदीप लामिछाने, कुशल भुर्तेल, बसिर अहमद, गुल्सन झा, नंदन यादव और आरिफ शेख दोनों फॉर्मेट में जगह बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

राष्ट्रिय टीम के पूर्व कप्तान और चयन समिति के पूर्व संयोजक एलबी क्षेत्री के अनुसार, अलग-अलग फॉर्मेट में अलग-अलग टीम से खिलाड़ियों की क्षमता के अनुसार बेहतर प्रबंधन होगा। उन्होंने कहा, “हमने पहले ही कहा था कि ODI और टी–20 टीम अलग होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अच्छा मौका मिलता है। खिलाड़ियों की क्षमताएं भिन्न होती हैं जिससे बेहतर प्रबंधन आसान होता है।”

कंचनजंघा क्षेत्र में पर्यटकों की चहल-पहल तेजी से बढ़ रही है

५ वैशाख, ताप्लेजुंग। ताप्लेजुंग में स्थित विश्व की तीसरी सबसे ऊँची पर्वत शृंखला कंचनजंघा क्षेत्र में पर्यटकों का आगमन शुरू हो गया है। मौसम अनुकूल होने के कारण यहां आंतरिक एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कंचनजंघा क्षेत्र का यात्रा हेतु सबसे उपयुक्त समय चैत्र के पहले सप्ताह से ज्येष्ठ के तीसरे सप्ताह तक माना जाता है। कंचनजंघा संरक्षण क्षेत्र प्रबंधन परिषद, घुन्सा चेकपोस्ट के पर्यटन सहायक तांसीचिरिंग शेर्पा के अनुसार, पिछले एक माह में १६५ विदेशी पर्यटकों ने भ्रमण किया है। इस क्षेत्र में साल में दो मुख्य पर्यटन मौसम होते हैं, प्रथम चैत्र से ज्येष्ठ तक और द्वितीय आश्विन से मंसिर तक, उन्होंने जानकारी दी। पिछले वर्ष के प्रथम मौसम में ही ७५० विदेशी पर्यटक यहां आए थे, यह जानकारी घुन्सा चेकपोस्ट ने दी।

कंचनजंघा आधार शिविर पहुंचने के लिए दो प्रमुख पदमार्ग संचालित हैं। एक मार्ग पाँचथर के गणेशचोक से होकर सिरिजंघा गाउँपालिका तक जाता है, जबकि दूसरा काठमांडू से हवाई मार्ग से सुकटार हवाई अड्डे होकर फक्ताङलुङ गाउँपालिका से होकर जाता है। पर्यटकों के लिए लक्ष्यित करते हुए कंचनजंघा पदमार्ग में छोटे-बड़े कुल ५२ होटल संचालित हैं, ऐसा कंचनजंघा संरक्षण क्षेत्र प्रबंधन परिषद ने बताया। फक्ताङलुङ गाउँपालिका-६ ग्याप्ला में लगभग सात करोड़ रुपए से अधिक निवेश के साथ ‘सिंगी नामजोंग होटल’ संचालित हो चुका है। समुद्र तल से ३५०० से ४५०० मीटर ऊंचाई तक एक करोड़ रुपए से अधिक निवेश के साथ चार होटल संचालित हैं, घुन्सा चेकपोस्ट के पर्यटन सहायक शेर्पा ने जानकारी दी।

सदरमुकाम फुङ्लिङ बाजार में भी पर्यटकों के लक्षित बड़े निवेश वाले होटल खुल चुके हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ यहां के पर्यटन एवं होटल व्यवसायी उत्साहित हैं। कंचनजंघा संरक्षण क्षेत्र के स्थानीय समुदाय की मुख्य जीविका पर्यटन, होटल व्यवसाय और पशुपालन पर आधारित है। घुन्सा, फले और याम्फुदिन क्षेत्रों के अधिकांश परिवार सीधे तौर पर पर्यटन से जुड़े हुए हैं, पर्यटन सहायक शेर्पा ने बताया। उनके अनुसार कुछ लोग होटल संचालित कर स्वरोजगार हुए हैं, जबकि कुछ पर्यटक मार्गदर्शक या सहायक के रूप में आय अर्जित कर रहे हैं। खेती की संभावनाएं कम होने के कारण युवा वर्ग पशुपालन की बजाय पर्यटन व्यवसाय की ओर आकर्षित हो रहा है, उन्होंने कहा।

सन् १९५५ के २५ मई को कंचनजंघा की पहली आरोहण की ऐतिहासिक घटना हुई थी। पूर्व काल में फुङ्लिङ से पैदल यात्रा में लगभग २४ दिन लगते थे, जबकि अब इस क्षेत्र की यात्रा का समय घटकर ११ से १६ दिन के भीतर दोनों आधार शिविर तक पहुंचकर वापस लौटना संभव हो गया है। यहाँ चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ तथा आश्विन, कार्तिक व मंसिर में पर्यटकों का दबाव अधिक रहता है। हिमाल आरोहण मुख्य रूप से वैशाख और ज्येष्ठ में होता है, पर्यटन सहायक शेर्पा ने बताया। यहां जापान, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, नीदरलैंड, कनाडा, स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, फिलीपींस, स्पेन, स्वीडन सहित विभिन्न देशों से पर्यटक आते हैं। इसके अलावा भारत और चीन से भी कम संख्या में पर्यटक भ्रमण व आरोहण के लिए आते हैं।

ट्रम्प की नई चेतावनी: बुधवार तक समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर फिर बमबारी होगी

५ वैशाख, काठमाडौं । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आगामी बुधवार तक कोई ठोस समझौता नहीं होने पर ईरान पर फिर से बमबारी की चेतावनी दी है। शनिवार को एक पत्रकार के सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा कि अगर बुधवार तक बड़ा समझौता नहीं हुआ तो वे युद्धविराम अवधि को बढ़ाएंगे नहीं। पत्रकार ने पूछा, ‘क्या आप युद्धविराम अवधि बढ़ाएंगे?’ इसके जवाब में ट्रम्प ने कहा, ‘शायद अब मैं इस अवधि को बढ़ाने वाला नहीं हूं। लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी। अफसोस की बात है कि हमें फिर से बमबारी शुरू करनी पड़ेगी।’

हालांकि, ट्रम्प ने कुछ समय पहले सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। उन्होंने कहा, ‘मध्य पूर्व में ईरान के साथ हमारे संबंधों में सुधार की संभावना बढ़ रही है।’ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते की अवधि आगामी बुधवार (२२ अप्रैल) को समाप्त होने वाली है। इसी दौरान पाकिस्तान में शांति वार्ता असफल रही थी। दोनों पक्षों के बीच पुनः वार्ता की संभावना बताई जा रही है।

सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस में देउवा पक्ष की आगामी रणनीति क्या होगी?

सर्वोच्च अदालत द्वारा नेपाली कांग्रेस में गगन थापा के नेतृत्व को मान्यता देने के बाद देउवा पक्ष की आगामी चाल क्या होगी इस पर बड़ी संख्या में ध्यान केंद्रित हो गया है। देउवा समर्थक नेताओं ने अदालत के आदेश को अपने लिए “अपेक्षाभंग” बताया है और भावी रणनीति तय करने की बात कही है। एक नेता ने कुछ महीने पहले सम्पन्न विशेष महाधिवेशन को पहले से ही “स्वीकार नहीं किया था और अब भी नहीं मानेंगे” कहते हुए प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने कहा है कि सभी पक्ष मिलकर आगे बढ़ने की दिशा में कोई बाधा नहीं आएगी।

सर्वोच्च अदालत के आदेश के साथ कांग्रेस के भीतर महीनों से चले आ रहे आधिकारिक विवाद शुक्रवार को समाप्त हुआ माना जा रहा है। तत्कालीन सभापति देउवा के करीबी नेता विमलेन्द्र निधि ने फिलहाल अदालत के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं करने की बात कही है। “दूसरा बात, विशेष महाधिवेशन को पहले से मैं स्वीकार नहीं करता था और अब भी स्वीकार नहीं करता,” उन्होंने कहा। उन्होंने बताया कि आगामी रणनीति पर दोस्तों से चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। “क्या करना है इसपर सलाह करके कार्यविधि निर्धारित की जाएगी।”

देउवा पक्ष के नेताओं ने सर्वोच्च अदालत से अपने पक्ष में फैसला आने की उम्मीद जताई थी। लेकिन शुक्रवार को आए फैसले से वे निराश दिखे। “आदेश हमारी अपेक्षा के अनुरूप नहीं आया,” देउवा क्षेत्र के नेता एनपी साउद ने कहा। आगामी योजना संबंधी उन्होंने कहा, “सर्वोच्च निर्णय के बाद पार्टी के साथी मिलकर चर्चा करके फैसला करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा, “एक से डेढ़ हफ्ते के भीतर ठोस निर्णय आ जाएगा।”

सर्वोच्च अदालत के फैसले को एक विवाद को समाप्त करने वाला बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता देवराज चालिसे ने कहा, “वैधानिक और कानूनी विवाद अदालत के निर्णय के पश्चात समाप्त हो गया है।” उन्होंने कहा, “अब बाकी है सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का रास्ता बनाना, यह धारणा स्थापित करना कि कांग्रेस सबका है।” अदालत के आदेश में गगन थापा के नेतृत्व वाली कार्यसमिति को आधिकारिक मान्यता दी गई है। निर्वाचन आयोग ने थापा को मान्यता दी थी, जिसके विरुद्ध देउवा पक्ष ने सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे रद्द करते हुए अदालत ने थापा पक्ष को विजेता घोषित किया।

राजन और संतोषी ने कान्तिपुर हाफ मैराथन का खिताब जीता

त्रिभुवन आर्मी क्लब के राजन रोकाया ने पहली बार और धादिङ की संतोषी श्रेष्ठ ने लगातार दूसरी बार कान्तिपुर हाफ मैराथन 21.1 किलोमीटर की उपाधि जीती। कान्तिपुर मीडिया ग्रुप के आयोजन में शनिवार को सम्पन्न 14वें कान्तिपुर हाफ मैराथन में अब तक के सबसे अधिक 4 हजार धावकों ने हिस्सा लिया। पुरुष वर्ग में राजन ने 1 घंटा 4.03 मिनट और महिला वर्ग में संतोषी ने 1 घंटा 18.11 मिनट में दौड़ पूरी कर विजेता बनाए।

कान्तिपुर मीडिया ग्रुप के आयोजन में ‘रन फर नेपाल’ नारासहित शनिवार को कान्तिपुर हाफ मैराथन का 14वां संस्करण आयोजित किया गया था। दक्षिण एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण पदक और चार बार ओलंपिक में भाग ले चुके कीर्तिमान धावक वैकुण्ठ मानन्धर ने दौड़ का उद्घाटन किया। हाफ मैराथन के अलावा कॉर्पोरेट एंड इन्फ्लुएंसर रन (5 किमी), एक्सट्रीम कॉलेज रन (7 किमी), व्हीलचेयर दौड़ (3 किमी) सहित चार विधाओं में प्रतिस्पर्धा हुई।

कान्तिपुर हाफ मैराथन में पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को नकद 1 लाख 50 हजार रुपए और ट्रॉफी प्रदान की गई। संतोषी ने पिछले वर्ष 1 घंटा 23.28 मिनट में दौड़ पूरी की थी। इस बार हाफ मैराथन वर्ग में ‘एक्यूरेट टाइमिंग’ निकालने के लिए हर खिलाड़ी में चिप्स का प्रयोग किया गया था।

शरीरको रक्षा प्रणाली बिग्रिँदा कस्ता रोग जन्मिन्छन् ? 

प्रतिरक्षा प्रणालीको समस्या कारण उत्पन्न दुर्लभ रोगहरूको पहिचान र उपचार

डा. धर्मागत भट्टराईले नेपालमा दुर्लभ प्रतिरक्षा रोग एआरपीसी वान बी डिफिसीएन्सीको मुख्य वंशाणुगत त्रुटि पत्ता लगाउनुभएको छ। नेपालमा २४ जना बिरामीहरूमा यो रोग पाइएछ र पाँच बालबालिकाको मृत्यु भइसकेको छ। नेपालमा इम्युनोलोजी विशेषज्ञहरूको कमी, परीक्षण सुविधा अभाव र जनचेतनाको कमीले रोगको सही पहिचान र उपचारमा कठिनाइ सिर्जना गरेको छ। नेपालमा रोग कमजोर देखिनु, सङ्क्रामक रोगको सही पहिचान र उपचार गर्ने विशेषज्ञको अभावका कारण दीर्घकालीन रोगका बालबालिका, किशोरकिशोरी र जेनेटिक समस्याग्रस्त वयस्कहरूलाई कारण नबुझी असंतुलित निदानमा मात्र औषधि दिइन्छ। जसले अंगभंग र ज्यान जानेसम्मको अवस्थासम्म पुर्‍याउन सक्छ। हाम्रो देशमा यी रोगहरूबारे जनचेतनाको अत्यन्त अभाव छ।

डा. धर्मागत भट्टराई नेपालका एकमात्र इम्युनोलोजी विशेषज्ञ हुन्, जो बालबालिकामा देखिने जटिल र दीर्घकालीन रोगहरूको इम्युनोलोजी विज्ञानमा वकालत गर्दैछन्। उहाँले ६० भन्दा बढी अन्तर्राष्ट्रिय वैज्ञानिक जर्नलहरूमा अनुसन्धान प्रकाशन गरिसक्नुभएको छ र इम्युन–एक्टिनोप्याथी रोगमा विश्वव्यापी ख्यातिप्राप्त हुनुहुन्छ। उहाँको नेतृत्वमा गरिएको अनुसन्धानले दुर्लभ इम्युन रोग एआरपीसी वान बी डिफिसीएन्सीको मुख्य वंशाणुगत त्रुटि पत्ता लगाएको छ, जसले यो रोग नेपाली भूमिमा उत्पन्न भएको पुष्टि गर्दछ। उक्त अध्ययन प्रतिष्ठित ‘क्लिनिकल रिभ्यू इन एलर्जी एन्ड इम्युनोलोजी’ जर्नलमा सन् २०२५ को जुलाई १६ मा प्रकाशित भएको थियो। हालसम्म विश्वभरि ६४ जना बिरामी पत्ता लागेका छन्, जसमा २४ जनाको उपचार नेपालमै भइरहेको छ र पाँच बालबालिकाको निधन भइसकेको छ।

इम्युनोलोजी प्रतिरक्षा विज्ञान हो, जुन शरीरको बाह्य तथा आन्तरिक रोगसँग लड्ने प्रणालीको अध्ययन गर्छ। शरीरमा रहेको समष्टिगत प्रणालीलाई प्रतिरक्षा प्रणाली भनिन्छ। म प्रायः देशको सेनासँग तुलना गरेर बुझाउँछु – जस्तै देशलाई आक्रमणबाट जोगाउन सेना र हतियार प्रयोग हुन्छन्, त्यसैगरी शरीर भित्र पनि जीवाणु, भाइरस र क्यान्सर कोषिकाहरूलाई नष्ट गर्ने अत्युत्कृष्ट प्रणाली प्रतिरक्षा प्रणाली हो। इम्युनोलोजीले इम्युन कमी, एलर्जी तथा सङ्क्रामक रोगहरूलाई समेट्छ। प्रत्येक २५० देखि १००० जनामा एकजनामा केही न केही इम्युन कमी वा असंतुलन हुन्छ।

नेपालमा इम्युनोलोजिक रोगहरू कस्ता छन् र अवस्था कस्तो छ? सन् २०२० मा मैले विद्यावारिधि पूरा गरेर नेपाल फर्किएको थिएँ, जुन अघि देशमा इम्युनोलोजी रोगबारे जनचेतना कम थियो। म एकल पहलबाट सातै प्रदेशमा जनचेतना फैलाउँदै छु र केही मेडिकल कलेजहरूमा प्रशिक्षण कार्यक्रमहरू सञ्चालन गरिरहेको छु। अहिले केही बालरोग विशेषज्ञहरूले पनि रोगलाई सही रूपमा पहिचान गर्न सुरु गरेका छन्। हाल नेपालमा बाथ रोग विशेषज्ञ करिब दुई दर्जन मात्र छन् र बालबालिकामै विशेषज्ञ नहुँदा धेरै बिरामीहरू गलत उपचार र अधूरा निदानको जोखिममा छन्।

नेपालमा इम्युनोलोजी उपचारको खर्च र पहुँच कस्तो छ? इम्युन डेफिसिएन्सी पत्ता लाग्दा खुशी र कठिनता दुवै हुन्छन्। उपचार महँगो र जटिल हुन्छ। जस्तै एआरपीसी-वान-बी डेफिसिएन्सीमा दैनिक र मासिक औषधि अनिवार्य छ, जसको मूल्य नेपालमा एउटा बोतल १५ देखि २० हजार रुपैयाँसम्म पर्छ। सप्लिमेन्ट र माइकोफेनोलेट जस्ता औषधिहरू थपिने हुँदा महिनाको खर्च ४० देखि ५० हजार रुपैयाँसम्म पुग्न सक्छ। यो अधिकांश नेपालीको पहुँचभन्दा बाहिर छ।

सरकारले इम्युनोलोजी सेवा विस्तारका लागि के कदम चाल्नुपर्छ? सरकारले हृदय रोग केन्द्रको रूपमा दुर्लभ रोग र इम्युनोलोजीका लागि अध्ययन र उपचार केन्द्र स्थापना गर्नुपर्छ। नेपालमै बोन म्यारो ट्रान्सप्लान्ट सेवा विस्तार गर्न सकिन्छ। तर एउटाले मात्र सम्भव छैन, मेडिकल शिक्षण संस्थाले इम्युनोलोजी संकाय स्थापना गरी यसको शिक्षण सुरु गर्नुपर्नेछ।

गगन थापाले पार्टी एकता और महाधिवेशन के महत्व पर दिया जोर

नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापाले सर्वोच्च अदालत के फैसले ने पार्टी को एकजुट करके आगे बढ़ने के लिए उत्साहजनक माहौल बनाया है, बताया। थापाले सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है, “यह कोई जीत-हार का मामला नहीं है, बल्कि विधि, प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अभ्यास का विषय है।” उन्होंने महाधिवेशन को सफल बना कर पार्टी के रूपांतरण और सुदृढ़ीकरण के लिए सुनहरा अवसर बनाए जाने का आग्रह सभी को किया है। ५ वैशाख, काठमांडू।

शुक्रवार शाम सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद थापाले शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने लिखा, “सम्माननीय सर्वोच्च अदालत के निर्णय ने पार्टी के सभी सदस्यों को एकजुट करते हुए पार्टी को और मजबूत बनाने की साझा यात्रा के लिए संभावना पैदा की है।” उन्होंने देश में या विदेश में स्थित पार्टी के सदस्यों और शुभचिंतकों से पार्टी की एकता और पुनर्जागरण के लिए जिम्मेदारीपूर्ण सकारात्मक भूमिका निभाने का भरोसा जताया है।

थापाले आगे कहा, “सभापति की जिम्मेदारी मेरी ही है, इसमें मैं स्पष्ट हूं और उसी के अनुसार पूरी सक्रियता दिखाऊंगा।” उन्होंने पंद्रहवें महाधिवेशन की प्रक्रिया जारी होने का उल्लेख करते हुए महाधिवेशन को सफल बनाने का अवसर के रूप में उपयोग करने का आग्रह किया। थापाले वरिष्ठ नेताओं के योगदान की कदर करते हुए नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को संबोधित करने और समृद्ध नेपाल निर्माण में सकल भूमिका निभाने वाली पार्टी बनाने के लिए सभी से एक स्वर होकर आगे बढ़ने का आह्वान भी किया है।

६ वटा ठूलामा गाभिए, ७ वटाको तह मिलान – Online Khabar

६ छोटे विद्यालयों को बड़े विद्यालयों में मिलाया गया, ७ विद्यालयों की श्रेणी समायोजित की गई

रूपन्देही के तिलोत्तमा नगरपालिका ने सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधार के लिए ‘बिग स्कूल’ मॉडल में ४२ विद्यालयों को मर्ज कर ३६ विद्यालय कायम किए हैं। नगरपालिका ने कम से कम एक कक्षा में १५ विद्यार्थियों की न्यूनतम संख्या का मानदंड लागू कर छोटे विद्यालयों को बड़े विद्यालयों में समायोजित किया है। संस्थागत विद्यालयों में २३ सौ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की व्यवस्था पारदर्शी और लक्षित वर्ग को प्राथमिकता देते हुए की गई है।

सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से तिलोत्तमा नगरपालिका ने ‘बिग स्कूल मॉडल’ पर काम शुरू किया है। अत्यंत कम विद्यार्थियों वाले विद्यालयों की शैक्षिक स्थिति कमजोर होने और निवेश का परिणाम न मिलने के कारण तिलोत्तमा ने बड़े विद्यालयों (बिग स्कूल) के मॉडल को अपनाया है। वर्तमान में तिलोत्तमा में एक गुठी सहित ४२ सरकारी विद्यालयों में १९ हजार से अधिक और ४२ संस्थागत विद्यालयों में २३ हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

नगरपालिका ने विद्यालयों के मर्ज किए जाने के साथ-साथ शैक्षिक सुधार के लिए मानदंड भी बनाए हैं और उन्हें लागू किया है। मानदंड के अनुसार कम से कम एक कक्षा में १५ विद्यार्थी होना आवश्यक है। जिन विद्यालयों में यह मानदंड पूरा नहीं होता, उन्हें बड़े विद्यालयों में समायोजित किया गया है जबकि मानदंडों को पूरा करने वाले विद्यालयों को यथावत रखा गया है। प्रथम चरण में नगर के एक गुठी सहित ४२ सरकारी विद्यालयों में से ६ छोटे विद्यालयों को नजदीकी बड़े विद्यालयों में मिलाकर कुल ३६ विद्यालय कायम किए गए हैं।

नगर प्रमुख रामकृष्ण खाण ने बताया कि बिग स्कूल मॉडल में जाकर सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से ९ सदस्यीय कार्यदल ने दो महीने तक स्थलगत अध्ययन किया और उसके आधार पर विद्यालय मर्ज करने का निर्णय लिया गया। नगरपालिका के सामाजिक विकास शाखा संयोजक रवि सेनचुरी ने कहा, ‘छात्रवृत्ति वितरण को और व्यवस्थित किया जा चुका है, कुल २३ हजार से अधिक विद्यार्थियों में से २३ सौ से अधिक को पूर्ण छात्रवृत्ति दी जाएगी।’