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लेखक: space4knews

आयोजना बैंक में प्रविष्टि करने की अंतिम तिथि 10 वैशाख तक बढ़ाई गई

राष्ट्रीय योजना आयोग ने योजना बैंक में प्रविष्टि करने की समयसीमा 10 वैशाख तक बढ़ा दी है। आयोग ने 30 चैत को हुई बैठक में मंत्रालयों और संबंधित निकायों की मांग के अनुसार इस समय को बढ़ाने का निर्णय लिया है। आर्थिक वर्ष 2081 के नए परियोजनाओं को चालू वर्ष के फागुन मास के अंत तक योजना बैंक में प्रविष्ट करना अनिवार्य है।

राष्ट्रीय योजना बैंक (कार्य संचालन तथा प्रबंधन) मापदंड 2081 के अनुसार, आगामी आर्थिक वर्ष में लागू होने वाली नई परियोजनाओं को चालू वर्ष के फागुन मास के अंत तक योजना बैंक में दर्ज करना आवश्यक है। आयोग ने पहले यह समय सीमा 1 चैत से बढ़ाकर 22 चैत कर दी थी। लेकिन संबंधित मंत्रालयों और निकायों द्वारा पूर्व तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मांगने के बाद, 30 चैत को आयोग की बैठक में इसे 10 वैशाख तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इससे पहले, आयोग ने निर्धारित प्रारूप में परियोजनाओं की प्रविष्टि न होने पर मंत्रालयों और निकायों को संशोधन करने का निर्देश दिया था।

‘बालेन शाह के पद और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए वारेस रखने की अनुमति’

सर्वोच्च अदालत ने मुख्यमंत्री बालेन शाह को उनके पदीय जिम्मेदारियों के कारण अवमानना के आरोप में वारेस रखने की सुविधा प्रदान की है। शाह ने प्रधानमंत्री की भूमिका के कारण स्वयं अदालत में उपस्थित न हो पाने की बात कहते हुए वारेस रखने की अनुमति मांगी थी। सामाजिक मीडिया में अदालत की भूमिका से जुड़ी टिप्पणियों के कारण पहले वारेस अनुमति नहीं दी गई थी। ४ वैशाख, काठमांडू।

सर्वोच्च अदालत ने बालेन शाह की पदीय जिम्मेदारी और भूमिका को ध्यान में रखते हुए उनके विरुद्ध अवमानना मामले में वारेस रखने की अनुमति देने का आदेश दिया है। शाह ने भी वारेस रखने के लिए सर्वोच्च अदालत में एक आवेदन दायर किया था। न्यायाधीश हरि फूयाल और शान्तिसिंह थापा की पीठ ने शाह लगातार अदालत में उपस्थित होते रहे हैं इस बात को प्रमाणित करते हुए उनकी वर्तमान पदीय आवश्यकता को स्वीकार करते हुए वारेस प्रदान किया है।

‘२६ असार २०८० को इस अदालत ने निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने का आदेश दिया था। उक्त आदेश अनुसार बालेन शाह लगातार अदालत में उपस्थित होते आए हैं,’ सर्वोच्च अदालत ने आदेश में बताया, ‘वर्तमान में बालेन शाह की भूमिका और जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखते हुए आवेदन के अनुसार वारेस रखने की अनुमति दी गई है।’ शाह ने प्रधानमंत्री के रूप में स्वयं उपस्थित होने पर शक्ति पृथक्करण, नियंत्रण और संतुलन के सिद्धांतों पर विपरीत प्रभाव पड़ने का हवाला देते हुए वारेस की अनुमति मांगी थी।

नेपाल से संबंधित विवादास्पद विषय पर आधारित भारतीय फिल्म को काठमांडू महानगरपालिका के मेयर शाह ने सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने से रोका था। इसके खिलाफ उच्च न्यायालय पाटन ने अंतरिम रोक आदेश जारी किया था। ७ असार २०८० को सर्वोच्च अदालत ने सामाजिक मीडिया के माध्यम से अदालत की भूमिका का समर्थक टिप्पणी करने के बाद वर्षा कुमारी झा ने मेयर शाह के विरुद्ध अदालत में अवमानना की कार्यवाही करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। अपने पक्ष में लिखित जवाब पेश करने के बाद मेयर शाह ने वारेस द्वारा अदालत में उपस्थित होने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। पर सामाजिक मीडिया की अभिव्यक्तियों से आम जनता में भ्रम फैलने के कारण पहले वारेस की अनुमति नहीं दी गई थी।

गगन-विश्वको पार्टी विद्राेहकाे वैधानिकता, असन्तुष्टलाई सम्हाल्ने के छ अस्त्र ?  

गगन-विश्व नेतृत्व वाली पार्टी विद्रोह की वैधता: असंतुष्टों को सम्हालने के उपाय क्या हैं?

४ वैशाख, काठमाडौं। आठ महीने से जारी कांग्रेस के आंतरिक नेतृत्व परिवर्तन विवाद को शुक्रवार रात सर्वोच्च अदालत ने कानूनी रूप से समाप्त कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने गगन थापा नेतृत्व वाले विशेष महाधिवेशन से चुने गए नेतृत्व को वैधता देते हुए कांग्रेस के विवाद का कानूनी समाधान प्रस्तुत किया है। इससे पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन के लिए गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा जैसे नेताओं द्वारा उठाए गए जोखिम को आधिकारिक मान्यता मिली है।

जेनजी आंदोलन के बाद शेरबहादुर देउवा के नेतृत्व पर व्यापक आलोचना के चलते तत्कालीन महामंत्री गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा सहित अन्य नेताओं ने पार्टी के भीतर विद्रोह शुरू किया और नेतृत्व परिवर्तन की मांग रखी। उन्होंने विशेष महाधिवेशन की मांग की, लेकिन तत्कालीन नेतृत्व ने इसे अस्वीकार कर दिया। इसके बाद ४० प्रतिशत महाधिवेशन प्रतिनिधियों ने विशेष महाधिवेशन का आवाज उठाया लेकिन संस्थापन पक्ष ने इसे टालने की कोशिश की, जिसका विरोध गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा ने किया।

भृकुटीमंडप में ५४ प्रतिशत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पार्टी नेतृत्व परिवर्तन और नीति संशोधन का निर्णय लिया गया, जिसे निर्वाचन आयोग ने भी वैध माना। लेकिन आयोग के इस निर्णय के खिलाफ तत्कालीन कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्का सहित नेताओं ने सर्वोच्च अदालत का रुख किया। फागुन २१ को हुए चुनाव में विशेष महाधिवेशन द्वारा निर्वाचित नेतृत्व के हस्ताक्षर वाले देउवा समूह के नेताओं ने भी भाग लिया। कानूनी सवालों पर आज सर्वोच्च अदालत ने स्पष्टता प्रदान की है।

स्थापित संगठन और नेतृत्व को चुनौती देने वाले गगन थापा जैसे नेताओं के कदम को अदालत ने वैधता देते हुए पार्टी में उठे असंतोष को संवैधानिक रूप से उचित माना है। सर्वोच्च अदालत ने गगन थापा की कांग्रेस को चार आधारों पर आधिकारिकता दी है।

  • पहला: पुरानी कार्यसमिति की अवधि खत्म होना केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि नेतृत्व की वैधता का अंत भी था। वैधता समाप्त होने पर निर्णय स्वतः सवाल के घेरे में आते हैं, जिससे विशेष महाधिवेशन का औचित्य मजबूत होता है।
  • दूसरा: नियमित महाधिवेशन न करना नेतृत्व की अक्षमताऔर इच्छाशक्ति की कमी बताता है, जिसके लिए न्यायालय का दृढ़ मत है। लोकतांत्रिक पार्टी में समय पर नेतृत्व हस्तांतरण का अभाव न केवल प्रबंधन की कमजोरी है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्य पर चोट भी है। इसलिए विशेष महाधिवेशन की मांग आवश्यक हो सकती है।
  • तीसरा: देउवा समूह द्वारा उठाए गए कानूनी प्रश्न कमजोर आधार पर हैं, क्योंकि विधान के अनुसार विशेष महाधिवेशन की मांग पर उसे अनिवार्य रूप से संपन्न करना पड़ता है।
  • चौथा: सबसे निर्णायक पक्ष है कि विशेष महाधिवेशन से चयनित नेतृत्व ने चुनाव में भाग लेकर जनमत से स्वीकृति प्राप्त की, जिसे अदालत ने स्वीकार किया। यह सिद्ध करता है कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णयकर्ता केवल जनता ही हैं।

इस आदेश ने कांग्रेस विवाद को समाप्त करने के साथ भविष्य के लिए नया उदाहरण स्थापित किया है। देउवा समूह ने शुरू में अदालत के निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। नेता विमलेन्द्र निधि ने विशेष महाधिवेशन को अभी भी स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘सर्वोच्च अदालत के निर्णय का सम्मान करता हूं लेकिन विशेष महाधिवेशन को मैं कभी स्वीकार नहीं कर पाऊंगा।’

प्रकाशशरण महत ने भी निर्णय को अप्रत्याशित और अस्वाभाविक बताया और आक्रामक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘अब कांग्रेस कैसे आगे बढ़ेगी इस पर असमंजस है। देश के सामने चुनौती है और कांग्रेस भी उसी स्थिति में है, इसलिए सभी को एकत्रित कर आगे बढ़ना जरूरी है।’

अदालत के आदेश के बाद गगन थापा का नेतृत्व कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त हो गया है, इसलिए पार्टी के अंदर समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर आई है। अब देउवा समूह का रास्ता क्या होगा? अदालत के निर्णय को स्वीकार कर नए नेतृत्व के साथ सहयोग करेंगे या राजनीतिक विरोध का नया अध्याय शुरू करेंगे? वे भी अनिश्चितता में हैं। लेकिन निर्णय को अस्वीकार करने से पार्टी विभाजन तक पहुंच सकता है। हालांकि देउवा समूह के नेता कांग्रेस के लोकतांत्रिक और कानून व्यवस्था में विश्वास रखते हैं, इसलिए पार्टी के विभाजन की संभावना कम है।

गगन थापाने अब पार्टी को सम्हालने, विश्वास पुनः स्थापित करने, विभाजन को एकता में बदलने और जनता के साथ संबंध सुधारने की चुनौती ली है। विद्रोह से नेतृत्व तक पहुंचना उपलब्धि है, बावजूद इसके पिछले चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, इसलिए संभावित विभाजन रोकना उनकी मुख्य जिम्मेदारी होगी।

उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने सभी को एक साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प जताया है। महामंत्री गुरुराज घिमिरे और प्रदीप पौडेल ने भी अदालत के निर्णय के बाद एकता का मार्ग अपनाने की बात कही। महामंत्री गुरुराज घिमिरे ने कहा, ‘सर्वोच्च अदालत का निर्णय न्यायपूर्ण है, जो कांग्रेस सदस्यों द्वारा देश में कानून और नियम के लिए किए गए संघर्ष का परिणाम है। यह निर्णय किसी की जीत या हार नहीं है।’

विशेष महाधिवेशन से चुना गया नेतृत्व फिलहाल अंतरिम है, इसलिए अब मुख्य जिम्मेदारी 15वें महाधिवेशन के आयोजन की है, जो असोज में प्रस्तावित है। अब गगन और विश्व कैसें पार्टी को एक सूत्र में लाएंगे, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

वैदेशिक रोजगार विभाग ने विज्ञापनों में स्पष्ट संपर्क विवरण अनिवार्य करने का निर्देश दिया

वैदेशिक रोजगार विभाग ने अनुमति प्राप्त संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे अपने विज्ञापनों में आधिकारिक संपर्क विवरण अनिवार्य रूप से स्पष्ट करें। विभाग ने यह व्यवस्था की है कि विज्ञापन में संपर्क व्यक्ति का नाम, नंबर एवं स्थान स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए। संपर्क विवरण न खुलने के कारण आवेदन प्रक्रिया में दिक्कत होने की शिकायतों के बाद विभाग ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

४ वैशाख, काठमाडौं। वैदेशिक रोजगार विभाग ने अपनी शाखाओं को निर्देश दिया है कि श्रमिकों को भेजने के लिए अनुमति प्राप्त संस्थाएं राष्ट्रीय स्तर की दैनिक पत्रिकाओं में प्रकाशित विज्ञापनों में आधिकारिक संपर्क विवरण अनिवार्य रूप से शामिल करें। जारी सूचना के अनुसार, विज्ञापन में संस्थान के संपर्क व्यक्ति का नाम, संपर्क नंबर और स्थान स्पष्ट रूप से उल्लेखित होना आवश्यक है।

कुछ हालिया विज्ञापनों में आवश्यक संपर्क विवरण छिपाए जाने के कारण आवेदन करने वालों को संपर्क करने में समस्या हुई है, इस पर विभाग को अनेक शिकायतें मिली हैं। इसलिए विभाग ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अनुमति प्राप्त संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे अपने विज्ञापनों में स्पष्ट संपर्क विवरण अवश्य शामिल करें। इसके अतिरिक्त, वैदेशिक रोजगार की मांग पत्र के पूर्व स्वीकृति आवेदन करते समय भी संबंधित संपर्क व्यक्ति का नाम, नंबर और पता स्पष्ट करना अनिवार्य होगा। यदि इस व्यवस्था का पालन नहीं किया गया, तो विभाग कानूनी नियमों के अंतर्गत कार्रवाई करेगा, ऐसी चेतावनी भी जारी की गई है।

‘लगातार संघर्ष का परिणाम मिला, अब १५वें महाधिवेशन पर ध्यान केंद्रित करना होगा’

समाचार संक्षेप संपादकीय समीक्षा के साथ प्रस्तुत किया गया है। नेपाली कांग्रेस के महामंत्री गुरुराज घिमिरे ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को न हार न जीत बतलाया है। सर्वोच्च अदालत ने गगन थापा नेतृत्व वाले विशेष महाधिवेशन द्वारा निर्वाचित कांग्रेस को आधिकारिकता प्रदान की है। घिमिरे ने सभी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे १५वें महाधिवेशन पर एकजुट होकर ध्यान केंद्रित करें। ४ वैशाख, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के महामंत्री गुरुराज घिमिरे ने कहा कि सर्वोच्च अदालत का फैसला किसी का हार या जीत नहीं है। शुक्रवार को न्यायाधीश श्री शारंग सुवेदी और नृपध्वज निरौला की संयुक्त पीठ ने गगन थापा के नेतृत्व वाली विशेष महाधिवेशन से निर्वाचित कांग्रेस को आधिकारिकता दी। घिमिरे स्वयं भी थापा के नेतृत्व में विशेष महाधिवेशन से निर्वाचित महामंत्री हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को विधि और प्रक्रिया के लिए लंबे समय से चल रहे संघर्ष की सफलता का फल बताया। ‘सर्वोच्च अदालत ने नेपाली कांग्रेस की आधिकारिकता से संबंधित दायर रिट याचिका में जो आदेश दिया है, वह न्यायपूर्ण है। यह नेपाली कांग्रेस के सदस्यों के देश में विधि और प्रक्रिया के लिए निरंतर संघर्ष का सकारात्मक परिणाम है,’ उन्होंने कहा, ‘इस फैसले ने सभी की आत्मसम्मान और योगदान की कदर की है। यह किसी का हार या जीत नहीं है।’ उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर १५वें महाधिवेशन पर फोकस करें। ‘अब हमें नेपाली कांग्रेस के सभी साथियों के साथ एकजुट होकर पार्टी के १५वें महाधिवेशन को उत्साह और एकता के साथ सम्पन्न कराने पर ध्यान केंद्रित करना होगा,’ उन्होंने कहा, ‘बीते विवादों को भूलकर, नेपाली कांग्रेस की आंतरिक एकता को मजबूत बनाकर आगे बढ़ना होगा।’

सर्वोच्चले के आधारमा गगन थापालाई आधिकारिकता दियो ?

सर्वोच्च अदालत ने गगन थापा समूह को आधिकारिकता देने के आधार

४ वैशाख, काठमाडौँ । सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार रात नेपाली कांग्रेस के विशेष महाधिवेशन को मान्यता देने वाले निर्वाचन आयोग के निर्णय को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय के साथ गगन थापा के नेतृत्व वाले समूह को प्राप्त आधिकारिकता जारी रहेगी। अदालत ने नेपाली कांग्रेस के विशेष महाधिवेशन को मान्यता देने के लिए चार महत्वपूर्ण आधार प्रस्तुत किए हैं।

पहला, विशेष महाधिवेशन से पूर्व पुरानी कार्यसमिति की अवधि समाप्त हो चुकी थी। पार्टी ने विशेष परिस्थिति के कारण माघ महीने के अंत तक अवधि बढ़ाई थी, जो अब समाप्त हो चुकी थी। सर्वोच्च ने केन्द्रीय कार्यसमिति की अवधि समाप्त होने के तथ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष महाधिवेशन को आधिकारिक मान्यता देने का आधार माना है।

दूसरा, कांग्रेस की तत्कालीन कार्यसमिति नियमित महाधिवेशन कराने में असमर्थ थी। निर्धारित समय पर महाधिवेशन न कर पाने के कारण गगन थापा समूह ने विशेष महाधिवेशन का प्रस्ताव रखा था। नियमित महाधिवेशन आयोजित न कर पाने एवं इसे स्थगित कर विशेष महाधिवेशन प्रक्रिया अपनाने की परिस्थिति को सर्वोच्च ने कानूनी और पार्टी विधान के अनुसार वैध माना है।

तीसरा, नेपाली कांग्रेस के देउवा समूह ने विशेष महाधिवेशन पर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस के केन्द्रीय कार्यालय के प्रशासनिक कार्यों के प्रभारी मुख्य सचिव कृष्णप्रसाद पौडेल ने विशेष महाधिवेशन के विरुद्ध निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक व्यक्ति की शिकायत को पार्टी के आंतरिक विवाद न मानते हुए इसे अद्यतन विषय माना था, जिससे इसे आधिकारिक शिकायत नहीं माना गया। सर्वोच्च अदालत ने भी इसी निर्णय का समर्थन किया है।

चौथा, विशेष महाधिवेशन के बाद गगन थापा के नेतृत्व वाली कार्यसमिति को नेपाली कांग्रेस में आधिकारिक मान्यता मिली थी। थापा के नेतृत्व में कांग्रेस निर्वाचन में गई थी। इसी कार्यसमिति के उम्मीदवारों और अन्य गतिविधियों को निर्वाचन द्वारा वैध घोषित किए जाने के आधार पर सर्वोच्च अदालत ने देउवा समूह द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज किया है।

वित्तीय साक्षरता अभियन्ता प्रकाश कोइरालालाई विस्कन्सिन राज्य के राज्यपाल से सम्मान

वित्तीय साक्षरता अभियन्ता प्रकाश कोइरालाने वर्ष 2025 का गवर्नर फाइनेंशियल लिटरेसी अवार्ड प्राप्त किया है। अमेरिका के विस्कन्सिन राज्य के राज्यपाल टोनी एभर्स ने कोइराला को व्यक्तिगत क्षेत्र में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया है। पुरस्कार वितरण समारोह में राज्यपाल एभर्स ने कहा कि वित्तीय शिक्षा व्यक्ति को लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती है और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध कराती है।

इस वर्ष कुल 10 व्यक्तियों और 11 संस्थाओं को यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। कोइराला व्यक्तिगत क्षेत्र में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए इस पुरस्कार विजेता के रूप में चुने गए हैं। कनाडा के कामलम्स क्षेत्र में रहकर भी उन्होंने विस्कन्सिन की आर्थिक जागरूकता और वित्तीय साक्षरता में प्रभावशाली कार्य किया है, जिसकी प्रशंसा करते हुए राज्यपाल एभर्स ने उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किया।

राज्यपाल एभर्स ने पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में कहा कि वित्तीय शिक्षा व्यक्ति को अपने लक्ष्य पूरा करने, नए अवसर उत्पन्न करने और परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपकरण प्रदान करती है। इस वर्ष के पुरस्कार वितरण को तीन वर्गों में किया गया है, जिसमें व्यक्तिगत क्षेत्र में प्रकाश कोइराला समेत 10 व्यक्तियों को और संस्थागत क्षेत्र में 11 सामुदायिक तथा वित्तीय संस्थाओं को सम्मानित किया गया है।

विजेताओं का चयन ‘गवर्नर्स काउंसिल ऑन फाइनेंशियल लिटरेसी एंड कैपिबिलिटी’ द्वारा किया गया है। पिछली दो वर्षों में लाए गए नवोन्मेषी वित्तीय योजनाओं, मापनीय उपलब्धियों, साझेदारी और कार्यक्रम प्रभावशीलता के आधार पर विजेताओं का चयन हुआ। विस्कन्सिन की वित्तीय संस्था विभाग ने कहा है कि यह सम्मान राज्य भर में वित्तीय साक्षरता अभियान को अधिक प्रोत्साहित करेगा और नागरिकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।

डिस्चार्ज हुए शिव सदा, अरुण चौधरी ने भरा अस्पताल का बिल

४ वैशाख, विराटनगर। आर्थिक तंगी के कारण विराट निदान अस्पताल एन्ड ट्रमा सेंटर में रुकने वाले सिन्धुली के १९ वर्षीय शिव सदा को डिस्चार्ज कर दिया गया है। आर्थिक हालत के संदर्भ में खबर प्रकाशित होने के बाद सिजी ग्रुप की सिजी होल्डिंग्स के अध्यक्ष अरुणकुमार चौधरी ने उनके उपचार खर्च का भुगतान किया, जिसके बाद शिव को अस्पताल से छुट्टी दी गई। खबर आने के बाद चौधरी ने शिव के इलाज के लिए १ लाख रुपये जुटाए।

सिन्धुली के दुधौली नगरपालिका-७ पोखरे के शिव सद ने २७ चैत को विष सेवन किया था। उनकी मां मघिया सदा और पत्नी कृतिक ने पहले कटारी तथा बाद में विराटनगर के कोशी अस्पताल में इलाज करवाया। कोशी अस्पताल में इलाज संभव न होने पर उन्हें २८ चैत को विराटनगर के विराट निदान अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में शिव को ICU में रखकर उपचार किया गया। इलाज के दौरान अस्पताल का बिल 62,600 रुपए और दवाइयों का 76,586 रुपए, कुल मिलाकर 1,39,186 रुपए आया था।

हालांकि गरीबी की वजह से सद परिवार ने केवल 15,000 रुपए ऋण लेकर चुकाए। बाकी 1,24,186 रुपए का भुगतान न कर पाने पर शिव की मां मघिया सदा आर्थिक सहायता की तलाश में पैदल सिन्धुली की ओर निकली थीं। इस दौरान अस्पताल में शिव और उनकी १४ वर्षीय पत्नी कृतिक अकेले फंसे हुए थे। मातातिर्थ औँशी के दिन एक मां- बेटे ने मोबाइल तक गिरवी रख इलाज का खर्च जुटाने के लिए जाना पड़ा और बेटे की ऐसी स्थिति की खबर सामने आने के बाद अरुणकुमार चौधरी ने तत्काल मदद का फैसला किया।

समन्वय की प्रक्रिया में शुक्रवार को चौधरी ने अस्पताल के बिल के रूप में 1 लाख रुपए का भुगतान किया। उनके सहयोग से अस्पताल ने भी 24,186 रुपए की छूट प्रदान की। अस्पताल के संचालक अजय यादव ने बताया कि सद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने भी सहयोग किया। “उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है, अरुण चौधरी ने राशि देने के बाद हमने भी छूट दी है,” उन्होंने कहा।

यादव ने बताया कि गंभीर स्थिति में आए सद को ICU में रखा गया था। “उपचार शुरू करते समय मरीज को प्रक्रिया और शुल्क के बारे में जानकारी दी जाती है, उन्हें भी पता था,” यादव ने कहा, “डिस्चार्ज के समय खर्च का भुगतान करने को कहा गया था। घर जाते वक्त उन्होंने इलाज का पैसा लेकर आने का आश्वासन दिया था, लेकिन वापस नहीं आए।” डिस्चार्ज के समय घर जाने के लिए टैक्सी किराया भी न होने पर शिव को अस्पताल संचालक यादव ने 2,000 रुपए सड़क खर्च दिए। डिस्चार्ज होते हुए शिव और कृतिक ने अरुण चौधरी का सहयोग के लिए धन्यवाद किया। “गलती की थी, अब सुधार करूंगा,” अस्पताल से खुशी के साथ बाहर निकलते हुए सद ने कहा, “अब ऐसी गलती नहीं करूंगा, मेहनत कर काम करूंगा।”

सर्वोच्च न्यायालय का फैसला: गगन थापा नेतृत्व वाली कांग्रेस को आधिकारिक मान्यता

शेरबहादुर देउवा और गगन थापा

तस्वीर स्रोत, NurPhoto via Getty Images

तस्वीर की कैप्शन, फाइल तस्वीर

पढ़ने का समय: 2 मिनट

नेपाली कांग्रेस के दो पक्षों में से कौन सा समूह आधिकारिक है, इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए गगन थापा के नेतृत्व वाली कार्यसमिति को मान्यता दी है।

निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई मान्यता को चुनौती देते हुए शेरबहादुर देउवा सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे थे, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत की वेबसाइट पर याचिका खारिज करने की जानकारी दी गई है।

न्यायाधीश सारंगा सुवेदी और नृपध्वज निरौला की पीठ ने यह निर्णय दिया है।

इस फैसले के साथ ही पिछली पुस अंतिम सप्ताह में तत्कालीन महामंत्री गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में सम्पन्न कांग्रेस के विशेष महाधिवेशन में थापा को पार्टी का अध्यक्ष चुने जाने को लेकर विवाद समाप्त हो गया है।

सर्वोच्च न्यायालय के उपरजिस्टार और सूचना अधिकारी निराजन पांडे ने कहा, “शेरबहादुर देउवा की ओर से दायर दोनों याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं और विशेष अधिवेशन को आधिकारिकता मिली है।”

निरज तामाङ ने सूर्य नेपाल एनपीजीए मैच प्ले उपाधि सफलतापूर्वक बचाई

समाचार संक्षेप

  • सूर्य नेपाल गोल्फ टूर २०२५-२६ के तहत छठीं प्रतियोगिता में निरज तामाङ ने उपाधि सफलतापूर्वक बचाते हुए अपनी पाँचवीं करियर उपाधि हासिल की।
  • निरज ने फाइनल में १०वें सीड टंक बहादुर कार्की को ३/२ से पराजित करते हुए 1 लाख रुपये नकद पुरस्कार जीता।
  • प्रतियोगिता में शीर्ष १६ खिलाड़ी भाग ले रहे थे और कुल पुरस्कार राशि 4 लाख 25 हजार रुपये थी।

४ वैशाख, काठमाडौं। पूर्व विजेता निरज तामाङ ने सूर्य नेपाल गोल्फ टूर २०२५-२६ के छठे आयोजन में सूर्य नेपाल एनपीजीए मैच प्ले की उपाधि सफलतापूर्वक रक्षा की। यह उनकी करियर में पाँचवीं उपाधि है।

लगातार दूसरी बार उपाधि जीतते हुए नेपाल के नंबर एक गोल्फर निरज ने १०वें सीड टंक बहादुर कार्की को ३/२ से हराकर यह खिताब अपने नाम किया। यह मौजूदा सत्र में उनकी दूसरी उपाधि है, जिसके साथ उन्हें १ लाख रुपये नगद पुरस्कार मिला।

रॉयल नेपाल गोल्फ क्लब में आयोजित ३६ होल के फाइनल में टंक निरज को पीछे छोड़ने में नाकाम रहे। नौवें होल के बाद निरज ने दो होल की बढ़त ले ली थी, और १८वें होल के अंत तक उन्होंने स्पष्ट ५ होल की बढ़त बनाए रखी।

टंक ने २०वें होल को जीतकर बढ़त को ४ होल पर कम किया, लेकिन निरज ने २२वें होल पर ईगल लगाकर फिर से ५ होल की बढ़त बना ली।

टंक ने बाद में २३वें, २४वें और २५वें होल जीतकर बढ़त २ होल तक घटाई, लेकिन निरज ने ३३वें होल को जीतकर और ३४वें होल में बराबरी बनाए रखकर ३/२ के अंतर से उपाधि सफलतापूर्वक बचाई।

टंक ने अपने प्रोफेशनल करियर में पहली उपाधि तो नहीं जीती, लेकिन उन्हें ७५ हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया गया। छठे स्थान के रवि खड्का तीसरे स्थान पर रहे, जिन्होंने चौथे सीड संजय लामालाई ३/१ से हराया। उन्होंने क्रमशः ५६ हजार और ४२ हजार रुपये पुरस्कार प्राप्त किया।

प्रतियोगिता के विजेताओं को सूर्य नेपाल प्रा.ली के ब्रांड मैनेजर विदुरराज अधिकारी, नेपाल गोल्फ संघ के अध्यक्ष टासी घले और रॉयल नेपाल गोल्फ क्लब के कोषाध्यक्ष रोशन राई ने पुरस्कार वितरित किए।

तीन दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में सूर्य नेपाल गोल्फ टूर २०२४-२५ के आर्डर ऑफ मेरिट के शीर्ष १६ खिलाड़ियों ने भाग लिया। कुल पुरस्कार राशि ४ लाख २५ हजार रुपये थी।

क्वार्टरफाइनल में जगह बनाने वाले चार खिलाड़ियों रामे मगर, जयराम श्रेष्ठ, दिनेश प्रजापति और भुवन नगरकोटी को १८ हजार रुपये पुरस्कार दिया गया। पहले चरण में बाहर हुए सूर्य प्रसाद शर्मा, भुवन कुमार रोक्का, रमेश अधिकारी, दीपक मगर, बलभद्र राई, धन बहादुर थापा और कृष्णमान राजवाहक ने प्रत्येक को १० हजार रुपये पुरस्कार मिले।

सिंहदरबार छिर्ने सशस्त्रको विवरण पठाउन हल्चोकले प्रहरी हेर्डक्वार्टरलाई लेख्यो पत्र

हल्चोकले प्रहरी प्रधान कार्यालयलाई सिंहदरबार में प्रवेश करने वाले सशस्त्र पुलिस के विवरण भेजने का पत्र लिखा

सशस्त्र पुलिस प्रधान कार्यालय हल्चोक ने पुलिस प्रधान कार्यालय नक्साल को सिंहदरबार में प्रवेश करने वाले अपने कर्मचारियों के विवरण उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। सशस्त्र पुलिस के तीन कर्मचारियों ने आंतरिक कार्यप्रणाली के विपरीत बाहरी व्यक्ति से मुलाकात की और फार्म न मिलने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। तीनों कर्मचारियों ने डीआईजी के पदोन्नति के विषय में सिंहदरबार में बाहरी व्यक्तियों के साथ चर्चा की है। ४ वैशाख, काठमांडू।

रोजाना सिंहदरबार में प्रवेश करने वाले अपने कर्मचारियों का विवरण उपलब्ध कराने के लिए सशस्त्र पुलिस प्रधान कार्यालय हल्चोक ने पुलिस प्रधान कार्यालय नक्साल को पत्राचार किया है। शुक्रवार को नक्साल को हल्चोक से लिखित अनुरोध भेजते हुए सिंहदरबार में प्रवेश करने वाले सशस्त्र पुलिस कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। सशस्त्र पुलिस कर्मचारियों के लिए बाहरी व्यक्ति से मिलने पर आंतरिक कार्यप्रणाली का पालन करना आवश्यक होता है।

हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने कार्यप्रणाली की अवहेलना करते हुए सिंहदरबार प्रवेश किया और कर्मचारियों तथा अन्य व्यक्तियों से भेंट की जानकारी मिलने पर हल्चोक ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। “बाहरी व्यक्तियों से मुलाकात के लिए सशस्त्र पुलिस ने स्वयं कार्यप्रणाली बनाई है, लेकिन कार्यप्रणाली के विपरीत बाहरी व्यक्ति से मुलाकात या सिंहदरबार में कर्मचारियों की उपस्थिति की सूचना मिलने पर पुलिस प्रधान कार्यालय को पत्र लिखा गया है,” सशस्त्र पुलिस बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।

“सिंहदरबार में प्रवेश कर ऐसी मुलाकात में संलग्न सशस्त्र पुलिस कर्मचारियों की पहचान कर कार्रवाई के लिए विवरण भेजने को कहा गया है।” यदि सशस्त्र पुलिस किसी बाहरी व्यक्ति से मिलना चाहता है तो अनिवार्य रूप से विवरण खुलासा करना होता है और मुलाकात का उद्देश्य भी बताना आवश्यक है। तीन सशस्त्र पुलिस कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिनके द्वारा कार्यप्रणाली के विपरीत सिंहदरबार में प्रवेश कर बाहरी व्यक्ति से मुलाकात की गई है। “कार्यप्रणाली का उल्लंघन करते हुए सिंहदरबार में प्रवेश करने वाले तीन व्यक्तियों में एसएसपी नेत्र कार्की, एसएसपी राजेश उप्रेती और एसपी हर्कराज पंत शामिल हैं,” स्रोत ने बताया।

दक्षिण एशियामें महँगा ईंधन : नेपाल में राहत क्यों नहीं दी गई?

नेपाल आयल निगम ने डीजल के दाम में प्रति लीटर 30 रुपये की वृद्धि करते हुए नई मूल्य सूची जारी की है, जिसके बाद डीजल का मूल्य 237 रुपये प्रति लीटर हो गया है। नेपाल और भारत के बीच पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है, जिससे ईंधन तस्करी और गैरकानूनी व्यापार के खतरे बढ़ गए हैं। सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण कोष से कुल 20–22 अरब रुपये खर्च किए बिना ही करों में 50 प्रतिशत की छूट देने के बावजूद भी दाम बढ़ाए, जिस पर उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए हैं। 4 वैशाख, काठमांडू। 30 भदौ 2080 को (31 भदौ से लागू होने के लिए) नेपाल आयल निगम ने नई मूल्य सूची जारी की थी। इस निर्णय के अनुसार पेट्रोल में प्रति लीटर 2 रुपये, डीजल और मिट्टीतेल में प्रति लीटर 6 रुपये तथा खाना पकाने के एलपी गैस सिलेंडर पर 215 रुपये की वृद्धि की गई थी, जिससे इसका मूल्य 2,110 रुपये प्रति सिलेंडर पहुंच गया था। हवाई ईंधन के दामों में भी प्रति लीटर 8 रुपये की वृद्धि की गई थी। उस समय पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ की सरकार थी। आयल निगम ने इंडियन आयल कॉरपोरेशन (आईओसी) से बढ़े हुए लागत के कारण और ‘स्वचालित मूल्य प्रणाली’ के तहत दाम बढ़ाए जाने का दावा किया था। लेकिन इस बढ़ोतरी के व्यापक विरोध के कारण सरकार को इसे वापस लेना पड़ा। 14 असोज 2080 को प्रतिनिधि सभा की बैठक में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) अध्यक्ष रवि लामिछाने ने पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्य वृद्धि पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार और आयल निगम पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, ‘यह आयल निगम तो खुद व्यापार करता है, आयात भी करता है, नियामक भी वही है, सब कुछ स्वयं करता है, कर्मचारियों को बोनस भी बांटता है, लेकिन हमेशा घाटे की बात करता है। यह घाटा क्या है? जो हमेशा घाटे में रहता है, उसकी समीक्षा होनी चाहिए। अगर ऑटोमेटिक सिस्टम के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़े दामों के कारण मूल्य बढ़े हैं, तो जब दाम घटें तो यह मूल्य क्यों नहीं घटाता? घटाने में दो-तीन दिन क्यों लगाते हैं?’ उस समय पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाए जाने के विरुद्ध कड़ी प्रतिक्रिया देने वाले और निगम पर प्रश्न उठाने वाले रवि लामिछाने की अगुवाई में आज लगभग दो तिहाई बहुमत वाली रास्वपा सरकार है। उसी पार्टी के वरिष्ठ नेता बालेन्द्र शाह प्रधानमंत्री हैं। रास्वपा सरकार बनने के बाद अब तक 5 बार पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाए गए हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य वृद्धि हुई है और भारत ने भी दाम बढ़ाकर भेजा है, लेकिन पिछले एक महीने में भारी मूल्य वृद्धि के बावजूद रवि लामिछाने ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इसके अलावा रास्वपा के किसी अन्य सांसद ने भी इस विषय पर कोई बयान नहीं दिया। जब वे सरकार में नहीं थे, तब आम नागरिकों के पक्ष में भाषण करते थे, लेकिन अपनी सरकार बनने पर राहत देने के बजाय दाम बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे जनता को भारी परेशानी हो रही है, इस बात का आरोप लग रहा है।

धितोपत्र बोर्ड के अध्यक्ष संतोषनारायण श्रेष्ठ ने दिया इस्तीफा

४ वैशाख, काठमाडौं। नेपाल धितोपत्र बोर्ड के अध्यक्ष संतोषनारायण श्रेष्ठ ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। शुक्रवार को संचालक समिति की बैठक में श्रेष्ठ ने अपना इस्तीफा घोषित किया। धितोपत्र ऐन के अनुसार, बोर्ड अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना होता है। उसी प्रक्रिया के तहत श्रेष्ठ ने शुक्रवार शाम अर्थमंत्री के समक्ष अपना इस्तीफा सौंपा है, इसकी जानकारी अर्थ मंत्रालय के स्रोतों ने दी है।

शुक्रवार की बोर्ड बैठक के बाद संचालकों को जानकारी देते हुए श्रेष्ठ ने बताया कि उन्होंने सरकार को सहयोग करने के लिए इस्तीफा देने का निर्णय लिया है, ऐसा संचालकों ने बताया। सरकार ने उन्हें १० मंसिर २०८१ को धितोपत्र बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया था। दीपक भट्ट की संपत्ति शोधन से जुड़े मामले में श्रेष्ठ भी सम्मलित होने पर सरकार ने उन्हें इस्तीफा देने और सहयोग करने का आग्रह किया था। इसी अनुरूप श्रेष्ठ ने इस्तीफा दिया है।

*पहले प्रकाशित समाचार में कुछ तथ्यों में त्रुटि रहने के कारण संशोधन किया गया है – संपादक।

होरमุज संकट के समाधान के लिए यूरोपीय राष्ट्रों का ‘तीसरा रास्ता’

अमेरिका, इज़राइल और ईरान को शामिल किए बिना फ्रांस और ब्रिटेन ने होर्मुज स्ट्रेट पुनः खोलने के उद्देश्य से 30 से अधिक देशों का एक शक्तिशाली गठबंधन बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। शुक्रवार को पेरिस में आयोजित विशेष शिखर सम्मेलन में यूरोपीय शक्तियों ने मध्य पूर्व के युद्ध में अपने प्रभाव को दिखाने के लिए एक नए स्वरूप का ‘तीसरा रास्ता’ प्रस्ताव किया। लगभग छह हफ्ते पहले अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए बमबारी के बाद शुरू हुए इस युद्ध में यूरोप ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी पक्ष के साथ नहीं है। लेकिन बढ़ती ऊर्जा कीमतें और यूक्रेन को भेजी जा रही सैन्य सहायता युद्ध की ओर बढ़ने के संकेत दिखा रही हैं, जिसके कारण यूरोप को भारी आर्थिक और रणनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

इसी कारण पेरिस और लंदन ने एशिया, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, लैटिन अमेरिका और अफ्रीकी देशों को शामिल कर एक साझा और भरोसेमंद प्रस्ताव बनाने का प्रयास शुरू किया है। सम्मेलन के अतिथि सूची में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, साथ ही खाड़ी और एशियाई देशों के नेता शामिल हैं। समुद्री मार्ग और परिवहन के प्रमुख हितधारक चीन को भी आमंत्रित किया गया है, हालांकि चीन की भागीदारी के स्तर का अभी निर्धारण नहीं हुआ है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय एलिसी पैलेस के एक अधिकारी के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य युद्धरत पक्षों को अलग रखते हुए विश्वव्यापी व्यापार मार्गों को सुचारू बनाने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता तैयार करना है। इस शिखर सम्मेलन की रूपरेखा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने लगभग एक महीने पहले साइप्रस के अपने दौरे के दौरान तय की थी। अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष टकराव के समय यूरोप द्वारा उठाया गया यह कदम विश्व राजनीति में नए ध्रुवीकरण को जन्म दे सकता है, इस बात की चिंता जताई गई है।

तीन अंतरराष्ट्रीय तेक्वांडो प्रतियोगिताओं के लिए जाने वाली टीमों का विदाई समारोह सम्पन्न

इंटरनेशनल ओपन फ्रेंडशिप तेक्वांडो चैंपियनशिप (IOFTSC) नेपाल चैप्टर ने तीन अंतरराष्ट्रीय तेक्वांडो टीमों को विदाई दी है। जापान के वाटा ओपन में प्रविण श्रेष्ठ, सन्देश अधिकारी और गणेशबहादुर खड्का प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि टीम प्रमुख गिरिबहादुर सुनार रहेंगे। मलेशिया और चीन में होने वाले ओपन चैंपियनशिप में भी नेपाली खिलाड़ी और अधिकारी शामिल होंगे। ४ बैशाख, काठमांडू।

IOFTSC ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में केल्मी ब्रांड के ट्रैकसूट प्रदान करते हुए इन तीनों टीमों को विदाई दी। इस अप्रैल २४ से २६ तक जापान में आयोजित होने वाले वाटा ओपन तेक्वांडो चैंपियनशिप में नेपाल के प्रविण श्रेष्ठ, सन्देश अधिकारी और गणेशबहादुर खड्का प्रतिस्पर्धा करेंगे। टीम प्रमुख गिरिबहादुर सुनार हैं, जो IOFTSC नेपाल के महासचिव भी हैं।

इसी प्रकार, २ से ३ मई तक मलेशिया में होने वाले मलेशिया ओपन तेक्वांडो में संदीप न्यौपाने खिलाड़ी के रूप में और दिवाकर केसी अधिकारी के रूप में भाग लेंगे। २ से ५ मई तक चीन में आयोजित हाइनान अंतरराष्ट्रीय ओपन चैंपियनशिप में नेपाल के भिजन तामांग, संदीप बस्नेत और आयुष बोहरा प्रतिस्पर्धा करेंगे। इन्द्रराज खड्का अधिकारी के तौर पर भाग लेंगे। सभी खिलाड़ी और अधिकारी IOFTSC के अध्यक्ष मिनप्रसाद खनाल और अन्य पदाधिकारियों द्वारा शुक्रवार को विदाई प्राप्त हुई।

अमेरिका में मुख्यालय वाले IOFTSC ने पिछले पुष में अपने २५वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर नेपाल में १५वां संस्करण प्रतियोगिता आयोजित की थी। आगामी नवंबर में १६वां संस्करण ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित करने की तैयारी IOFTSC द्वारा बताई गई है।