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लेखक: space4knews

होरमุज संकट के समाधान के लिए यूरोपीय राष्ट्रों का ‘तीसरा रास्ता’

अमेरिका, इज़राइल और ईरान को शामिल किए बिना फ्रांस और ब्रिटेन ने होर्मुज स्ट्रेट पुनः खोलने के उद्देश्य से 30 से अधिक देशों का एक शक्तिशाली गठबंधन बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। शुक्रवार को पेरिस में आयोजित विशेष शिखर सम्मेलन में यूरोपीय शक्तियों ने मध्य पूर्व के युद्ध में अपने प्रभाव को दिखाने के लिए एक नए स्वरूप का ‘तीसरा रास्ता’ प्रस्ताव किया। लगभग छह हफ्ते पहले अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए बमबारी के बाद शुरू हुए इस युद्ध में यूरोप ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी पक्ष के साथ नहीं है। लेकिन बढ़ती ऊर्जा कीमतें और यूक्रेन को भेजी जा रही सैन्य सहायता युद्ध की ओर बढ़ने के संकेत दिखा रही हैं, जिसके कारण यूरोप को भारी आर्थिक और रणनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

इसी कारण पेरिस और लंदन ने एशिया, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, लैटिन अमेरिका और अफ्रीकी देशों को शामिल कर एक साझा और भरोसेमंद प्रस्ताव बनाने का प्रयास शुरू किया है। सम्मेलन के अतिथि सूची में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, साथ ही खाड़ी और एशियाई देशों के नेता शामिल हैं। समुद्री मार्ग और परिवहन के प्रमुख हितधारक चीन को भी आमंत्रित किया गया है, हालांकि चीन की भागीदारी के स्तर का अभी निर्धारण नहीं हुआ है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय एलिसी पैलेस के एक अधिकारी के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य युद्धरत पक्षों को अलग रखते हुए विश्वव्यापी व्यापार मार्गों को सुचारू बनाने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता तैयार करना है। इस शिखर सम्मेलन की रूपरेखा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने लगभग एक महीने पहले साइप्रस के अपने दौरे के दौरान तय की थी। अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष टकराव के समय यूरोप द्वारा उठाया गया यह कदम विश्व राजनीति में नए ध्रुवीकरण को जन्म दे सकता है, इस बात की चिंता जताई गई है।

तीन अंतरराष्ट्रीय तेक्वांडो प्रतियोगिताओं के लिए जाने वाली टीमों का विदाई समारोह सम्पन्न

इंटरनेशनल ओपन फ्रेंडशिप तेक्वांडो चैंपियनशिप (IOFTSC) नेपाल चैप्टर ने तीन अंतरराष्ट्रीय तेक्वांडो टीमों को विदाई दी है। जापान के वाटा ओपन में प्रविण श्रेष्ठ, सन्देश अधिकारी और गणेशबहादुर खड्का प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि टीम प्रमुख गिरिबहादुर सुनार रहेंगे। मलेशिया और चीन में होने वाले ओपन चैंपियनशिप में भी नेपाली खिलाड़ी और अधिकारी शामिल होंगे। ४ बैशाख, काठमांडू।

IOFTSC ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में केल्मी ब्रांड के ट्रैकसूट प्रदान करते हुए इन तीनों टीमों को विदाई दी। इस अप्रैल २४ से २६ तक जापान में आयोजित होने वाले वाटा ओपन तेक्वांडो चैंपियनशिप में नेपाल के प्रविण श्रेष्ठ, सन्देश अधिकारी और गणेशबहादुर खड्का प्रतिस्पर्धा करेंगे। टीम प्रमुख गिरिबहादुर सुनार हैं, जो IOFTSC नेपाल के महासचिव भी हैं।

इसी प्रकार, २ से ३ मई तक मलेशिया में होने वाले मलेशिया ओपन तेक्वांडो में संदीप न्यौपाने खिलाड़ी के रूप में और दिवाकर केसी अधिकारी के रूप में भाग लेंगे। २ से ५ मई तक चीन में आयोजित हाइनान अंतरराष्ट्रीय ओपन चैंपियनशिप में नेपाल के भिजन तामांग, संदीप बस्नेत और आयुष बोहरा प्रतिस्पर्धा करेंगे। इन्द्रराज खड्का अधिकारी के तौर पर भाग लेंगे। सभी खिलाड़ी और अधिकारी IOFTSC के अध्यक्ष मिनप्रसाद खनाल और अन्य पदाधिकारियों द्वारा शुक्रवार को विदाई प्राप्त हुई।

अमेरिका में मुख्यालय वाले IOFTSC ने पिछले पुष में अपने २५वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर नेपाल में १५वां संस्करण प्रतियोगिता आयोजित की थी। आगामी नवंबर में १६वां संस्करण ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित करने की तैयारी IOFTSC द्वारा बताई गई है।

कस्तो छ मिनी संसद् हाँक्नेहरूको पृष्ठभूमि ? – Online Khabar

मिनी संसद् सभापतियों की पृष्ठभूमि कैसी है?

४ वैशाख, काठमाडौं । शुक्रवार को १२ संसदीय समितियों ने सभापतियों का चयन किया। मिनी संसद के रूप में जानी जाने वाली संसदीय समितियों के नए सभापतियों में से ९ पहली बार सांसद बने हैं, जबकि ३ प्रतिनिधि पहले से संसदीय अनुभव रखते हैं।

राज्य व्यवस्था तथा सुशासन समिति के सभापति हरि ढकाल, कृषि, सहकारी तथा प्राकृतिक स्रोत समिति के सभापति अशोककुमार चौधरी और सार्वजनिक लेखा समिति के सभापति भरतबहादुर खड्काले पूर्व संसद में विभिन्न समितियों में काम करने का अनुभव प्राप्त किया है।

बाकी ९ समितियों के सभापति पहली बार संघीय संसद में प्रवेश कर रहे हैं। कानूनी न्याय तथा मानव अधिकार समिति की सभापति समीक्षा बास्कोटा, पूर्वाधार विकास समिति के सभापति आशिष गजुरेल और महिला तथा सामाजिक मामलों की समिति की सभापति आकृति अवस्थी हैं। संसदीय सुनवाई समिति के सभापति बोधनारायण श्रेष्ठ हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय संबंध और पर्यटन समिति की सभापति सुम्निमा उदास और अर्थ समिति के सभापति कृष्णहरी बुढाथोकी हैं।

राज्य के निर्देशक सिद्धांत, नीति और दायित्व कार्यान्वयन अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति के सभापति गणेश कार्की, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सूचना प्रौद्योगिकी समिति के सभापति ओजस्वी शेरचन और उद्योग, वाणिज्य तथा श्रम एवं उपभोक्ता हित समिति के सभापति रहबर अंसारी हैं।

उद्योग, वाणिज्य तथा श्रम एवं उपभोक्ता हित समिति के सभापति अंसारी पहले से मधेस प्रदेश के सभासद रह चुके हैं तथा प्रतिनिधि सभा के चुनाव में विजयी हुए हैं।

चार दशकों से अधिक राजनीतिक अनुभव के साथ सार्वजनिक लेखा समिति का नेतृत्व

सार्वजनिक लेखा समिति संसद का अत्यंत महत्वपूर्ण विषयगत समूह है। यह समिति सरकारी कोष के खर्च के आवश्यक मितव्ययिता और प्रभावशीलता की जांच करती है, और इसे सरकार की जांच एवं संतुलन की भूमिका दी जाती है।

सार्वजनिक लेखा समिति का सभापति आमतौर पर प्रमुख विपक्षी दल को दिया जाता है। इस बार नेपाली कांग्रेस के भरतबहादुर खड्का सर्वसम्मति से सभापति चुने गए हैं।

सन् २०१६ में डोटी के खिरसैन गाविस में जन्मे खड्का २०३२ साल से राजनीति में सक्रिय हैं। स्नातक स्तर तक की शिक्षा हासिल करने वाले उन्होंने २०३९ साल में खिरसैन गाँव पंचायत के प्रधान पंचायत के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी।

२०४३ साल में डोटी जिला पंचायत के उपसभापति, २०४४ साल में जिला पंचायत के सभापति और २०४९ साल के स्थानीय निकाय चुनाव के बाद जिला विकास समिति के उपसभापति बने। इसके बाद २०५४ साल में पुनः जिला विकास समिति के सभापति नियुक्त किए गए थे।

२०६२/०६३ साल के गणतांत्रिक व्यवस्था के बाद भी राजनीतिक रूप से सुदृढ़ रहे। २०७० के संविधान सभा चुनाव से संसद सदस्य बने खड्के ने २०७४ के प्रदेश सभा चुनाव में सुदूरपश्चिम प्रदेश से सदस्यता हासिल की।

२०८२ साल में डोटी क्षेत्र से प्रतिनिधि सभा सदस्य प्रत्यक्ष निर्वाचित हुए खड्के को कांग्रेस ने सार्वजनिक लेखा समिति का नेतृत्व सौंपा है।

अनुभवी युवाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

राज्य व्यवस्था और सुशासन समिति एक ऐसी समिति है जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता भी सदस्य होते हैं। यह समिति सरकार को संसद के प्रति जिम्मेदार और जवाबदेह बनाती है।

इस समिति का नेतृत्व रास्वपा के हरि ढकाल के हाथ में है। वे २०७९ साल के चुनाव में चितवन-१ से नेपाली कांग्रेस के डा. विश्व पौडेल और एमाले के सुरेन्द्र पाण्डे को पराजित कर लोकप्रिय हुए।

ढकाल अब राष्ट्रीय प्रमुख नेताओं का नेतृत्व भी करेंगे। वह समिति में रास्वपा के सभापति रवि लामिछाने, नेकपा एमाले के संयोजक और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’, श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्कराज राई और राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के संसदीय दल के नेता ज्ञानबहादुर शाही के साथ हैं।

इसी तरह अमरेश कुमार सिंह, अर्जुननरसिंह के.सी., पद्माकुमारी अर्याल, भीष्मराज आँग्देम्बे, मोहम्मद इश्तियाक राई और युवराज दुलाल जैसे अनुभवी नेता भी इसी समिति में शामिल हैं।

राज्य व्यवस्था समिति के सदस्यों में कविंद्र बुर्लाकोटी, कमल सुवेदी, करिश्मा कठरिया, गजला शमीम मिकरानी, निश्कल राई, पुरुषोत्तम शुप्रभात यादव, आफसाना बानु, विश्वराज पोखरेल, रमेश प्रसाईं, रविन्द्र पटेल, राम लामा, रुबिना आचार्य, रेखा कुमारी यादव, विष्णुमाया बिक और श्रद्धा कुवँर क्षेत्री भी हैं।

४२ वर्षीय ढकाल एमाले पृष्टभूमि के युवा नेता हैं। विद्यालय और विश्वविद्यालय के समय वे एमाले के विद्यार्थी संगठन अनेरास्ववियु के सदस्य और सचिव भी रहे।

व्यवसाय में कुछ उतार-चढ़ाव के बाद उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया और योग, ध्यान तथा तपस्या के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय हुए।

२०७९ साल से रास्वपा में सक्रिय ढकाल ने अपने नेतृत्व में मौजूद शीर्ष नेताओं का विश्वास अर्जित किया है और सरकार को संसद के प्रति जवाबदेह बनाने की चुनौती स्वीकार की है।

उच्च स्तरीय कानून निर्माण के अतिरिक्त यह समिति सरकार को सुशासन, शांति सुरक्षा और कानूनी शासन संबंधी कार्यक्रमों में आवश्यक सलाह एवं निर्देशन देती है।

इस समिति के अधिकार क्षेत्र में प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, संघीय मामिला एवं सामान्य प्रशासन मंत्रालय, अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग, लोक सेवा आयोग, निर्वाचन आयोग इत्यादि संस्थाएं आती हैं।

अन्य अनुभवी युवा सांसद अशोककुमार चौधरी कृषि, सहकारी एवं प्राकृतिक स्रोत समिति के सभापति हैं।

२०७९ साल समानुपातिक सूची से सांसद बने चौधरी इस बार सुनसरी-३ से प्रत्यक्ष चुनाव जीत चुके हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रतिद्वंद्वी विजयकुमार गच्छदार और एमाले की भगवती चौधरी को पीछे छोड़ते हुए चौधरी को समिति नेतृत्व मिला।

यह समिति पूर्व में भी कांग्रेस नेतृत्व में थी। इस समिति के अधिकार क्षेत्र में कृषि, पशुपालन, भूमि व्यवस्था, सहकारी, गरीबी निवारण, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और संबंधित संस्थाएं शामिल हैं।

चूंकि यह समिति जनजीवन पर सीधे प्रभाव डालने वाले विषयों पर कार्य करती है, इसलिए इसके नेतृत्व के लिए अनुभवी नेताओं का प्रतिस्पर्धा होता है। ४२ वर्षीय चौधरी को इस बार नेतृत्व सौंपा गया है।

राजनीति में आने से पहले खेलकूद क्षेत्र में सक्रिय रहे चौधरी विश्व के प्राचीन डोरीतान खेल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हैं। २०१९ में १४वें एशियन टग ऑफ वार चैंपियनशिप में वे नेपाल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

नेपाल डोरीतान संघ के सलाहकार भी रह चुके चौधरी खेल क्षेत्र में खिलाड़ियों के अधिकार, पूर्वाधार और अवसर विस्तार के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं। पूर्व संसद में उन्होंने कृषि एवं कृषि सुधार के तहत मल, बीज और सिंचाई की सुविधाओं को प्राथमिकता दी थी।

उन्होंने कृषि वस्तुओं के न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार गारंटी सुनिश्चित करने का वादा किया है, जिसके कारण वे कृषक समुदाय में लोकप्रिय हैं।

परीक्षात्मक प्रश्नकर्ता

राज्य निर्देशक सिद्धांत, नीति और दायित्व कार्यान्वयन अनुश्रवण समिति के सभापति गणेश कार्की प्रश्नकर्ता के रूप में परिचित हैं। अपनी पार्टी संयोजक रवि लामिछाने को भी प्रश्न करते हुए विद्रोही नेता कहे जाने वाले कार्की फिर से सरकार की संसद के प्रति जवाबदेही पर सवाल उठाएंगे।

नेपाल के संविधान के भाग ४ में राज्य संचालन में निर्देशक सिद्धांत, नीति एवं दायित्व को मार्गदर्शन के रूप में उल्लेख किया गया है। इसके कार्यान्वयन पर सुझाव देने की जिम्मेदारी कार्की पर है।

मोरङ क्षेत्र नं. ३ से निर्वाचित ४० वर्षीय कार्की एक चलचित्र लेखक भी हैं।

अर्थ समिति के सभापति कृष्णहरी बुढाथोकी दो दशक से अर्थशास्त्र अनुसंधान में सक्रिय अर्थ विशेषज्ञ हैं।

सार्वजनिक मंचों पर नेपाल के लिए उपयुक्त आर्थिक नीतियों की सलाह देते रहे उन्होंने संसदीय समिति का नेतृत्व प्राप्त किया है।

बुढाथोकी के नेतृत्व में सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार सुधारों की सिफारिश भी की जाएगी।

पूर्वाधार विकास समिति के सभापति आशिष गजुरेल ने सरकार के निवेश बोर्ड में ११ वर्ष से अधिक समय परामर्शदाता के रूप में काम किया है।

उनकी पृष्ठभूमि ट्रैफिक इंजीनियरिंग और यातायात प्रबंधन की है। वे सतत यातायात, सड़क सुरक्षा, पूर्वाधार षड्यंत्र और नीति कार्यान्वयन में सक्रिय रहे हैं।

जर्मनी से यातायात प्रणाली में स्नातकोत्तर किया गजुरेल आधुनिक और वैज्ञानिक पूर्वाधार विकास में विशेष योगदान देने की अपेक्षा रखते हैं।

संसदीय सुनवाई समिति के सभापति बोधनारायण श्रेष्ठ विकास नीतिगत सुधार और परिणाममुखी राजनीति के पक्षधर हैं।

सरकार को संवैधानिक निकायों की नियुक्ति में दक्षता, क्षमता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के सुझाव देने के अलावा आवश्यक होने पर कड़ी चेतावनी भी देंगे।

प्रधान न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, न्याय परिषद सदस्य, संवैधानिक निकाय प्रमुख, राजदूतों की नियुक्ति सिफारिश और निर्णय करना इस समिति के दायरे में आता है।

राजनीति शास्त्र में स्नातक और ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त ५६ वर्षीय श्रेष्ठ ‘सही जगह सही व्यक्ति’ की नियुक्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

सड़क आंदोलन में सक्रिय नेता को संसदीय नेतृत्व

कानून न्याय और मानव अधिकार समिति की सभापति समीक्षा बास्कोटा विवेकशील साझा पार्टी की नेता हैं। अमेरिका से कानून में स्नातकोत्तर करने वाली उन्होंने गत मंसिर में विवेकशील साझा और रास्वपा के एकीकरण के बाद नेपाली संसद में प्रवेश किया था।

पहले सड़क से मूल अधिकारों की कार्यान्वयन के लिए आवाज उठाने वाली वे अब संसदीय माध्यम से सरकार से मांग करेंगी। कानून, मानव अधिकार और न्याय प्रणाली सुधार में सक्रिय वे सरकार को सकारात्मक बदलाव लाने के सुझाव देंगी।

उनकी समिति अंतरराष्ट्रीय संधि, शांति प्रक्रिया समेत अन्य विषयों में नेतृत्व करेगी। कानून, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्रालय, न्याय परिषद, न्याय सेवा आयोग और महान्यायवादी कार्यालय की निगरानी भी उनकी जिम्मेदारी होगी।

अंतरराष्ट्रीय संबंधों और पर्यटन समिति की सभापति सुम्निमा उदास सीएनएन पर कई दशक तक काम कर चुकी पत्रकार हैं। द्वंद्ववग्रस्त क्षेत्रों से कठिन रिपोर्टिंग कर चुकीं उन्होंने अब नेपाल की विदेश नीति संबंधी बहस को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त किया है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सूचना प्रौद्योगिकी समिति की सभापति ओजस्वी शेरचन चिकित्सकीय पृष्ठभूमि की सांसद हैं। वे बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान धरान से बायोकेमिस्ट्री में विशेषज्ञता प्राप्त कर चुकी हैं।

उनकी समिति चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य प्रणाली सुधार और महामारी प्रबंधन में नीति निर्माण में नेतृत्व देगी।

नई पीढ़ी की समर्थक महिला सामाजिक मामलों की समिति नेतृत्व में

महिला तथा सामाजिक मामलों की समिति की सभापति आकृति अवस्थी हैं जो जेनजी आंदोलन के घायल मुकेश अवस्थी की दीदी हैं। समानुपातिक सांसद रह चुकीं उन्होंने मजबूती से भूमिका निभाई है।

समावेशिता और अधिकारों पर जोर देने वाली उनकी समिति महिला, बालबालिका, वरिष्ठ नागरिक मंत्रालय, राष्ट्रीय महिला आयोग, दलित आयोग, समावेशी आयोग, आदिवासी, मधेसी, थारू और मुस्लिम आयोगों के कामकाज की निगरानी करेगी।

जेनजी आंदोलन की सड़क से उठाई गई आवाज को संसदीय प्रक्रिया में लेकर सरकार को सार्थक प्रतिक्रिया देने की नई नेतृत्व से उम्मीद की जा रही है।

आमा और बेटी और १०० रुपये की याद

पूंजीवाद से भरे समाज की पृष्ठभूमि में दो दशकों बाद एक माँ-बेटी की मुलाकात हुई। काठमांडू के दूरस्थ इलाके में बेटी के कमरे में एक पुराना दराज़ है, जहाँ फटे-पुराने कपड़ों के बीच उसके पर्स रखे हैं। पर्स में एटीएम कार्ड, विद्यार्थी आईडी, पत्रकार, वकील और डेंटल कार्ड्स भरे हुए हैं। और एक थैली में रखे हैं १०० रुपये, जिस पर काली स्याही से लिखा है “आमा”। जाते समय माँ ने ये १०० रुपये दिए थे। भीगे हुए आँसुओं, ठंडे दिल और थके हुए हाथों से बेटी ने माँ का आशीर्वाद महसूस किया।

पर्स में सिर्फ माँ द्वारा दिया गया १०० रुपये था, फिर भी उसने कई बार आधी रात तक, किलोमीटर-दर-किलोमीटर पैदल चला। उसे पानी की प्यास कहाँ लगी थी! उसे चाय की खुशबू से कहाँ आकर्षित किया गया था! इसी प्रकार वह कई बार खाली हाथ निकलेगी और बच निकलेगी। “नेपाल सरकार के गारंटीप्राप्त, इस रुपए का भुगतान माँगी जाने पर नेपाल राष्ट्र बैंक से तुरंत प्राप्त होगा” लिखा हुआ कागज का नोट। पूंजीवाद की चमक-धमक से भरे इस पृष्ठभूमि में फिर कभी एक अनाड़ी पिता-बेटे की मुलाकात होगी, और जाते समय पिता द्वारा दिया १०० रुपये का आशीर्वाद बेटे को मिलेगा, और यह पृष्ठभूमि रह जाएगी गुमनाम—इसी के बीच कहीं हमारे बीच, इसी के बीच कहीं हमारे बीच।

गृहमन्त्री सुधन गुरुङ और सांसदों के बीच सीमापार तस्करी नियंत्रण पर चर्चा

गृहमन्त्री सुधन गुरुङ ने मधेश और लुम्बिनी प्रदेश के प्रतिनिधि सभा सदस्यों के साथ सीमापार तस्करी नियंत्रण संबंधी विषय पर व्यापक चर्चा की है। सांसदों ने भन्सार प्रणाली में सुधार, भन्सार दरों की पुनः समीक्षा, प्रभावी निगरानी और अनुगमन तंत्र विकसित करने जैसे सुझाव प्रस्तुत किए। मंत्री गुरुङ ने गृह मंत्रालय अन्तर्गत सम्बन्धित विषयों के कार्यान्वयन तथा अर्थ मंत्रालय के साथ समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

४ वैशाख, काठमाडौँ — गृहमन्त्री सुधन गुरुङ ने मधेश और लुम्बिनी प्रदेश के प्रतिनिधि सभा के सांसदों के साथ सीमापार तस्करी नियंत्रण के विषय पर चर्चा की। इस चर्चा में सांसदों ने वर्तमान भन्सार प्रणाली में सुधार की जरूरत जताई, भन्सार दरों की पुनरावलोकन करने, सीमा क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और अनुगमन तंत्र स्थापित करने, कृषि सामग्री और उर्वरक के भन्सार प्रक्रिया को सरल बनाने तथा सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के लिए दैनिक उपभोग्य वस्तुओं के आयात में सीमित मात्रा में भन्सार छूट देने के सुझाव दिए। इस विषय में उठाए गए गृह मंत्रालय से जुड़े मुद्दों को गृह मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा और अर्थ मन्त्रालय से संबंधित विषयों पर और अधिक चर्चा एवं समन्वय कर समाधान किया जाएगा, मंत्री गुरुङ ने बताया।

होरमुस जलसंधि पूर्ण रूप से खुली, ट्रम्प ने ईरान का धन्यवाद किया

४ वैशाख, काठमाडौं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका के साथ जारी युद्धविराम अवधि के दौरान होरमुस जलसंधि को पूर्ण रूप से खुला रखने की घोषणा की है। उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से युद्धविराम अवधि की बाकी समय तक होरमुस जलसंधि से आवागमन करने वाले सभी जहाजों को आवाजाही की अनुमति देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। ‘‘लेबनान में युद्धविराम के बाद सभी व्यावसायिक जहाज होरमुस जलसंधि से आवाजाही कर सकेंगे और यह मार्ग युद्धविराम अवधि के शेष समय में पूरी तरह से खुला रहेगा,’’ विदेश मंत्री अरागची ने कहा। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम २२ अप्रैल तक जारी रहेगा।

पहले ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में, विशेष रूप से लेबनान में युद्धविराम लागू नहीं होने तक होरमुस जलसंधि खोलने पर सख्त रुख अपनाया था। लेकिन ईरानी विदेश मंत्री अरागची की इस घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान का धन्यवाद किया है। ट्विटर द्वारा ट्रम्प ने ईरान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। ‘‘ईरान ने हाल ही में होरमुस जलसंधि को पूरी तरह से खोलने और आवाजाही के लिए तैयार रहने की घोषणा की है, इसके लिए धन्यवाद,’’ ट्रम्प ने लिखा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि होरमुस में अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। ‘‘होरमुस जलसंधि व्यापार और आवाजाही के लिए खुली और तैयार है, लेकिन नौसैनिक नाकाबंदी ताकत और प्रभाव के साथ जारी रहेगी,’’ उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी नाकाबंदी केवल ईरान को लक्षित है।

नेपाल की गर्ल्स टीम ने एशियाई फाइनल में दूसरा स्थान हासिल किया

नेपाल की गर्ल्स टीम ने आईटीएफ एशिया १२ एंड अंडर टेनिस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त करके सिंगापुर में आयोजित होने वाले एशियाई फाइनल के लिए चयन प्राप्त किया है। इस प्रतियोगिता में भारत पहले और नेपाल दूसरे स्थान पर रहे। श्रीलंका तीसरे, मालदीव चौथे तथा पाकिस्तान अंतिम स्थान पर रहा। बॉयज़ वर्ग में भारत ने पाकिस्तान को ३–० से हराकर पहला स्थान हासिल किया जबकि नेपाल चौथे स्थान पर रहा। ४ बैशाख, काठमांडू।

नेपाल की गर्ल्स टीम ने आईटीएफ एशिया १२ एंड अंडर टेनिस प्रतियोगिता में शुक्रवार को दूसरा स्थान प्राप्त किया। पांच देशों के इसमें भाग लेने वाली इस प्रतियोगिता में नेपाल ने राउंड रोबिन लीग में दूसरा स्थान हासिल करते हुए आगामी सितम्बर १५ से २० तारीख तक सिंगापुर में होने वाले एशियाई फाइनल के लिए चयनित हुआ। भारत ने सभी चार मैच जीते जबकि नेपाल ने तीन मैच जीते, जिसमें केवल भारत को हार मिली। नेपाल ने श्रीलंका, मालदीव और पाकिस्तान को हराया था।

अंतिम दिन के मैच में नेपाल ने मालदीव को २–१ सेट से हराया। पहले सिंगल मैच में नेपाल की आर्या पौडेल ने लायरा उषामा अली को ६–०, ६–२ सेट से हराया। दूसरे सिंगल मैच में मालदीव की इश्रा इब्राहिम ने नेपाल की सारा पंत को ६–३, ६–३ से हराते हुए स्कोर १–१ बराबर कर दिया। डबल्स में नैरा घले और सारा की जोड़ी ने लायरा और इश्रा की जोड़ी को ६–३, ६–१ से हराकर नेपाल ने मैच जीता और सिंगापुर की यात्रा सुनिश्चित की।

गर्ल्स वर्ग में भारत ने श्रीलंका को ३–० से हराया। सातदोबाटो स्थित टेनिस कॉम्प्लेक्स में हुई प्रतियोगिता में बॉयज़ वर्ग में भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को एशियाई फाइनल के लिए स्थान पक्का कर लिया था। अंतिम दिन के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को ३–० से हराकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। बांग्लादेश के अलावा छह दक्षिण एशियाई देशों के भाग लेने वाले बॉयज़ वर्ग में श्रीलंका तीसरे, नेपाल चौथे, भूटान पांचवें और मालदीव छठे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान की लड़ाई में श्रीलंका ने नेपाल को २–१ सेट से हराया। विजेताओं को नेपाल टेनिस संघ के अध्यक्ष मनोहरदास मुल और आईटीएफ डेवलपमेंट अधिकारी जेनेथन स्टब्स ने शुक्रवार को एक समारोह में पुरस्कार प्रदान किए।

विशेष महाधिवेशन वैधानिक छ – Online Khabar

सर्वोच्च अदालत में विश्वप्रकाश शर्मा का दावा: विशेष महाधिवेशन वैध है

सर्वोच्च अदालत ने नेपाली कांग्रेस की आधिकारिकता विवाद से संबंधित याचिका पर बहस समाप्त कर दी है। कांग्रेस उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने विशेष महाधिवेशन को वैध बताया और कहा कि नेतृत्व चयन का अधिकार महाधिवेशन प्रतिनिधियों के पास है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्णय को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज करने की मांग की और कांग्रेस की प्रगति के लिए मार्ग प्रशस्त करने का आग्रह किया है। (४ वैशाख, काठमाडौं)

नेपाली कांग्रेस के आधिकारिकता विवाद से जुड़ी याचिका पर बहस पूरी हो चुकी है। सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश शारंगा सुवेदी और नृपध्वज निरौला की संयुक्त पीठ ने आज शुक्रवार याचिकाकर्ता और विपक्ष के वकीलों की बहस सुनवाई की। विपक्ष की ओर से कांग्रेस उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा ने अंतिम बहस में विशेष महाधिवेशन को वैध बताते हुए कहा, “कांग्रेस के विधान की धारा १७(२) के अनुसार, विशेष महाधिवेशन के कारण लिखित रूप में केंद्र को सूचित करते समय ज्यादातर उसी तरह नेतृत्व परिवर्तन और चयन का मुद्दा शामिल किया जाता है। अतः विशेष महाधिवेशन द्वारा नेतृत्व चयन पूरी तरह वैध है।”

विश्वप्रकाश शर्मा ने अदालत में याचिका खारिज करने की माँग करते हुए कहा, “याचिका खारिज हो, श्रीमान्, हम सभी वरिष्ठों को सम्मान के साथ साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।” उन्होंने विशेष महाधिवेशन की औचित्य और वैधता के पक्ष में कई तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने ज़ोर दिया, “विशेष महाधिवेशन नेतृत्व चयन कर सकता है या नहीं, यह मुद्दा विवाद का विषय नहीं है। कांग्रेस के विधान की धारा १७(२) के अनुसार विशेष महाधिवेशन का कारण लिखित रूप में केंद्र को सूचित करते समय नेतृत्व परिवर्तन और चयन की बात शामिल की जाती है।”

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, एआई को नियंत्रित करने के लिए ‘किल स्विच’ जरूरी है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेज विकास को लेकर मानव जीवन के लिए संभावित खतरे की बात करते हुए किल स्विच के महत्व को रेखांकित किया है। एआई के इस तेजी से विस्तार ने ट्रम्प को भी गंभीर चिंता में डाल दिया है। इसलिए, उन्होंने इस तकनीक के अनुचित विकास और नियंत्रण के लिए किल स्विच की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जिससे उन्नत एआई सिस्टम्स का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।

फॉक्स न्यूज नेटवर्क के एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि एआई का विकास अभूतपूर्व गति से हो रहा है, जो भविष्य में मानव जाति के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकता है, और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि एआई बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत और प्रभावी बनाता है, पर इसके साथ गंभीर जोखिम भी जुड़े हुए हैं। ट्रम्प ने जोर देते हुए कहा कि एआई के विकास पर कड़ी सरकारी निगरानी अनिवार्य है और किल स्विच जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

किल स्विच का तात्पर्य किसी सिस्टम को आपातकालीन स्थिति में तुरंत बंद करने वाले सुरक्षा प्रावधान से है। एआई के संदर्भ में यह एक ऐसा तंत्र है जो अनियंत्रित या खतरनाक हो रहे एआई सिस्टम को तत्काल रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, ट्रम्प ने स्पष्ट नहीं किया कि किल स्विच तंत्र कैसे काम करेगा और इसका नियंत्रण किसके हाथ में होगा।

यह बयान एआई कंपनी एन्थ्रोपिक द्वारा विकसित नए एआई मॉडल क्लाउड मायथोस को लेकर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंताओं के बीच सामने आया है। विशेषज्ञों ने बताया है कि यह मॉडल साइबर हमलों को और भी जटिल और शक्तिशाली बना सकता है। हालांकि, एन्थ्रोपिक ने स्पष्ट किया है कि अपने क्लाउड मायथोस मॉडल का पूर्वावलोकन (प्रिव्यू) सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराएगा।

१२ संसदीय समितियों के नए सभापतियों का चुनाव हुआ

४ वैशाख, काठमाडौ। संघीय संसद के तहत संसदीय समितियां पूरी हो गई हैं। शुक्रवार को १२ संसदीय समितियों ने सभापति चुनकर समितियों का गठन पूर्ण किया। इस चुनाव में १० समितियों में सर्वसम्मति से सभापति चुने गए जबकि दो समितियों में प्रतिस्पर्धात्मक चुनाव हुआ।

राज्य व्यवस्था एवं सुशासन समिति के सभापति के रूप में राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के हरि ढकाल सर्वसम्मत चुने गए। कानून, न्याय एवं मानवाधिकार समिति की सभापतिथ National स्वतन्त्र पार्टी की सांसद समीक्षा बास्कोटा सर्वसम्मत निर्वाचित हुईं।

कृषि, सहकारी तथा प्राकृतिक स्रोत समिति के सभापति के रूप में राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के अशोककुमार चौधरी, पूर्वाधार विकास समिति के सभापति आशिष गजुरेल और महिला तथा सामाजिक मामला समिति की सभापति आकृति अवस्थी सर्वसम्मत निर्वाचित हुए। संसदीय सुनवाई समिति के सभापति बोधनारायण श्रेष्ठ, उद्योग, वाणिज्य तथा श्रम एवं उपभोक्ता हित समिति के सभापति रहबर अन्सारी, अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन समिति की सभापति सुम्निमा उदास तथा अर्थ समिति के सभापति कृष्णहरि बुढाथोकी सभी सर्वसम्मत चुने गए।

इसी प्रकार, सार्वजनिक लेखा समिति के सभापति के रूप में प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के भरत खड्का सर्वसम्मत निर्वाचित हुए। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के समर्थन से खड्का एकमात्र उम्मीदवार थे। बाकी दो समितियों में एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे।

राज्य निर्देशक सिद्धांत, नीति और दायित्व कार्यान्वयन अनुगमन एवं मूल्यांकन समिति के सभापति पद के लिए राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के गणेश कार्की और नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी की मदन कुमारी शाह (गरिमा) मुकाबले में थे। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी की स्पष्ट बहुमत के कारण कार्की निर्वाचित हुए।

प्रतिनिधि सभा के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सूचना प्रौद्योगिकी समिति के सभापति पद के लिए भी दो उम्मीदवार थे। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी की ओजस्वी शेरचन और नेकपा एमाले के गुरुप्रसाद बराल के बीच प्रतिस्पर्धा थी। स्पष्ट बहुमत के कारण राष्ट्र स्वतन्त्र पार्टी की शेरचन निर्वाचित हुईं।

नेटफ्लिक्स ने टिकटॉक जैसी वीडियो फीड लॉन्च करने की घोषणा की

नेटफ्लिक्स इस महीने के अंत तक अपनी मोबाइल ऐप में टिकटॉक शैली की वर्टिकल वीडियो फीड और नया डिज़ाइन लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इस नए फीचर का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं के लिए नई फ़िल्मों और सीरियल्स को तलाशना आसान बनाना है। नेटफ्लिक्स ने बताया है कि वह सदस्यता धारकों को सही समय पर उपयुक्त सामग्री सुझाने के लिए ‘जनरेटिव एआई’ तकनीक का उपयोग कर रहा है।

नेटफ्लिक्स के सह-संस्थापक रीड हेस्तिंग्स ने जानकारी दी है कि वे जून महीने में अपने कार्यकाल समाप्त होने के बाद बोर्ड सदस्य पद से इस्तीफा देंगे। उन्होंने नेटफ्लिक्स को डाक सेवा के माध्यम से डीवीडी वितरण से एक प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब वे अपना ध्यान परोपकारी कार्यों पर केंद्रित करेंगे।

नेटफ्लिक्स ने पिछले महीने ही अपनी ग्राहक फीस में वृद्धि की है। विज्ञापन सहित योजना की मासिक कीमत 8.99 डॉलर और विज्ञापन रहित स्टैंडर्ड प्लान की मासिक कीमत 19.99 डॉलर कर दी गई है। पिछले वर्ष, नेटफ्लिक्स ने टीवी ऐप के डिज़ाइन में बदलाव किया था और अब मोबाइल ऐप में एक बड़ा परिवर्तन करने जा रहा है।

भीआईपी पक्राउमा सरकारको कमजोरी, अदालतले उठाइरहेछ प्रश्न – Online Khabar

भीआईपी पक्राउ प्रकरणमा सरकारको कमजोरी, अदालतले उठाएका प्रश्नहरू

६ चैत, काठमाडौं । सम्पत्ति शुद्धीकरणको आरोपमा १५ चैत, २०८२ मा पूर्वमन्त्री दीपक खड्का पक्राउ परेका थिए। गैरकानुनी रूपमा पक्राउ गरिएको दाबी गर्दै बन्दीप्रत्यक्षीकरणको निवेदनपछि सर्वोच्च अदालतले खड्कालाई थुनामुक्त गर्ने आदेश जारी गर्‍यो। नयाँ सरकार गठन भइरहेकै बेला लुम्बिनी प्रदेशकी सांसद रेखाकुमारी शर्मालाई पनि घरमै बालश्रम राखेको आरोपमा करिब २० महिनाअघि पक्राउ गरिएको थियो। यद्यपि जिल्ला अदालतले उनलाई रिहा गर्ने आदेश दियो।
सरकार गठन भएको २४ घण्टाभित्र पूर्वप्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली र पूर्वगृहमन्त्री रमेश लेखक पनि गिरफ्तार भए। जिल्ला अदालत काठमाडौंले पक्राउ अवधि पटक–पटक थप गर्‍यो, तर सर्वोच्च अदालतले दुवैलाई थुनामुक्त गर्ने आदेश दियो। ओलीको स्वास्थ्य अवस्थालाई जोड दिँदै सर्वोच्च अदालतले ओली र लेखकको मामिलामा मानवीय कारणहरूमा आधारित रिहाइ आदेश जारी गर्‍यो।
यसै क्रममा अनुसन्धानका क्रममा पक्राउ परेकामध्ये केही व्यक्तिहरू अझै थुनामा छन्, तर केहीको मुद्दामा अदालतले प्रक्रियागत प्रश्नहरू उठाउँदै थुनामुक्त गर्ने आदेश दिएको छ।
सरकार बन्नासाथ भीआईपी व्यक्तिहरूलाई निरन्तर पक्राउ गर्ने प्रयास हुँदै आएको थियो, तर पछिल्ला दिनहरूमा यो प्रवृत्तिमा कमी देखिएको छ। यस विषयमा सञ्चारकर्मीहरूको प्रश्नमा गृहमन्त्री सुधन गुरुङले भने, ‘सुरूमा हामीले हतारमा काम गर्दा न्यायपालिकाले रोक लगायो। अहिले मैले ऐन–कानूनको विस्तृत अध्ययन गरिरहेको छु। त्यसपछि मात्र न्यायपालिकालाई स्पष्टिकरण दिने योजना छ।’

सुन्धारा कारागार से फरार हुए जन्मकैद के कैदी गिरफ्तार

४ वैशाख, काठमाडौं। सुन्धारा कारागार (जग्गनाथ देवल) से फरार हुए जन्मकैद की सजा पाए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति सोलुखुम्बु के सोताङ गाउँपालिका–३ के ३५ वर्षीय होमबहादुर राई हैं। उन्हें काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने गिरफ्तार किया है।

१९ कात्तिक २०७७ को दिन सोलुखुम्बु की २८ वर्षीय सोमरानी लामा तामाङ की हत्या होमबहादुर राई ने खुकुरी से हमला करके की थी। इस हत्या के मामले में सोलुखुम्बु जिल्ला अदालत ने २२ असार २०७८ को उन्हें जन्मकैद की सजा सुनाई थी।

होमबहादुर राई जब सुन्धारा कारागार में थे, तब जेनजी आन्दोलन के दौरान कारागार से फरार हो गए थे। अब गिरफ्तारी के बाद उन्हें पुनः जेल में कैद करने के लिए कारागार भेजा गया है।

प्रहरी से मामला सुलझाने का झांसा देकर रकम वसूलने वाले दीपक अधिकारी गिरफ्तार

काठमाडौं में बैंकिंग अपराध का मामला सुलझा देने के नाम पर १ लाख ३० हजार रुपैयाँ वसूलने वाले दीपक उर्फ विश्वराम अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्हें प्रहरी वृत्त बालाजुले ने गिरफ्तार कर ठगी के आरोप में काठमांडू जिला अदालत से ७ दिन की हिरासत दर्ज कर जांच जारी रखी है। यह बैंकिंग अपराध का मामला प्रतिवादी ध्रुव विक्रम मल्ल से संबंधित है, जिसे सुलझाने का भरोसा देकर दीपक ने रकम वसूल की है। ४ वैशाख, काठमांडू।

पुलिस में दर्ज बैंकिंग अपराध के मामले को सुलझाने के नाम पर रकम मांगने वाला व्यक्ति गिरफ्तार हुआ है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम विश्वराम अधिकारी है, जो काठमांडू बनस्थली के ५२ वर्षीय दीपक के नाम से जाना जाता है। उन्हें प्रहरी वृत्त बालाजुले ने गिरफ्तार किया है। काठमांडू जिला पुलिस परिसर के एसपी एवं प्रवक्ता पवनुकुमार भट्टराई के अनुसार, दीपक ने प्रतिवादी ध्रुव विक्रम मल्ल के बैंकिंग मामले को सुलझाए जाने का झांसा देकर १ लाख ३० हजार रुपैयाँ वसूल किया था। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध ठगी के आरोप में काठमांडू जिला अदालत से ७ दिन की हिरासत मिलते ही जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

सऊदी अरब में पाकिस्तानी सेना की तैनाती का मकसद क्या है?

कुछ दिन पहले पाकिस्तान के लड़ाकू विमान और सैन्य बल सऊदी अरब पहुँचे हैं। यह तैनाती दोनों देशों के बीच पिछले वर्ष हुए रक्षा समझौते का हिस्सा मानी जाती है। इस समझौते के अनुसार, यदि किसी एक देश पर हमला होता है तो दूसरा देश सहायता करेगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब पाकिस्तान ईरान-अमेरिका वार्ता का मध्यस्थता कर रहा है। वार्ता का उद्देश्य ईरान युद्ध को समाप्त करने का रास्ता निकालना है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी सेना की तैनाती को संयुक्त रक्षा सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देना बताया है।

पाकिस्तान के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब पहुंचे पाकिस्तानी सैनिक ‘किसी पर हमला करने के लिए’ नहीं हैं। इस कदम ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा गारंटी के भविष्य पर इसके प्रभाव को लेकर। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण तेल खदानों और नागरिक सुविधाओं पर ड्रोन तथा बैलिस्टिक क्षेप्यास्त्रों से हमले किए हैं, जिससे अमेरिका द्वारा थोपे गए युद्ध की कीमत इन देशों को चुकानी पड़ रही है, और इससे असंतोष बढ़ा है।

सऊदी सुरक्षा एवं रणनीति विशेषज्ञ हसन अल-शहरी ने कहा है कि सऊदी अरब में पाकिस्तानी वायुसेना की तैनाती यह दिखाती है कि सऊदी अपनी सुरक्षा गारंटी में विविधता लाना चाहता है। उन्होंने इसे एक स्मार्ट कदम बताया, जिसका मतलब है अमेरिका के साथ साझेदारी बनाए रखना तथा पाकिस्तान के साथ मिलकर एक अलग समांतर सुरक्षा कवच बनाना। 2015 में यमन युद्ध के दौरान सऊदी अरब ने पाकिस्तान से सैन्य सहयोग मांगा था, लेकिन तब पाकिस्तान की संसद ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।

अल-शहरी के अनुसार, आज की स्थिति अलग है क्योंकि अब दोनों देशों के बीच औपचारिक रक्षा समझौता मौजूद है। इस बीच, डॉ. मुस्तफा शलाश ने कहा है कि सऊदी अरब में पाकिस्तानी सेना की तैनाती अधिकतर प्रतीकात्मक है। यह पाकिस्तान की रक्षा प्रतिबद्धता और उसके सहयोगियों के प्रति निष्ठा का संदेश है। इस तैनाती से सऊदी अरब को अन्य सहयोगियों को भी अपने साथ जोड़ने की क्षमता का प्रदर्शन होता है।