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लेखक: space4knews

सप्तरी में विद्युत् करंट लगने से एक किसान की मृत्यु

सप्तरी, १६ जेठ। सप्तरी के हनुमाननगर कंकलिनी नगरपालिका-१ में कोशी बांध के पास शनिवार को एक किसान की विद्युत् करंट लगने से मृत्यु हो गई। ५५ वर्ष वर्षीय सहदेव लौगी को करंट लगने से उनकी मृत्यु हुई है, जिसे पुलिस ने पुष्टि की है। कोशी बांध से डेढ़ किलोमीटर पूर्व में स्थित स्थानीय तिर्पित नारायण झा के खेत में सुबह साढ़े ६ बजे पानी पर चढ़ाने के लिए मोटर लगाते समय करंट लगने से लौगी की वहीं मौत हो गई। मृतक के शव का परीक्षण राजविराज स्थित गजेन्द्रनारायण सिंह अस्पताल भेजा गया है, जबकि इस घटना की और जांच जिला पुलिस कार्यालय सप्तरी द्वारा जारी है।

इरान ने ट्रम्प के परमाणु समझौते के दावे को ठुकराया

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 60 दिनों के युद्धविराम समझौते में ईरान के लिए 300 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण कोष तथा अमेरिकी निवेश शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने परमाणु कार्यक्रम पर सहमति के निकट पहुंचने का दावा किया, लेकिन ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया। ईरानी संसद के सभापति मोहम्मद बाघर गैलीबाफ ने कहा है कि अमेरिका ने ठोस कदम नहीं उठाए बिना ईरान कोई रियायत नहीं देगा। (16 जेठ, काठमांडू)

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 60-दिनी युद्धविराम समझौते की शर्तों के तहत ईरान के लिए 300 अरब डॉलर यानी 402 खरब रुपयों के पुनर्निर्माण कोष और अमेरिकी कंपनियों का निवेश प्रस्तावित है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक ईरानी अधिकारी ने इसे पुनर्निर्माण कार्यक्रम का नाम दिया है। अंतिम समझौते के बाद ईरान को बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान करने का वादा किया गया है।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि दोनों पक्ष परमाणु कार्यक्रम पर सहमति के करीब आ गए हैं। ट्रम्प के अनुसार, संभावित समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और संवर्धित यूरेनियम नष्ट किया जाएगा। इसके बदले में अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को बिना कोई टोल या शुल्क के आवागमन की अनुमति देगा।

ईरान ने ट्रम्प के दावों को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बजगाईं ने ट्रम्प के दावे से इनकार करते हुए कहा है कि फिलहाल परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हो रही और वर्तमान में ध्यान युद्ध को समाप्त करने पर लगा है। ईरान के फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से एक स्रोत ने बताया कि समझौते में परमाणु सामग्री नष्ट करने का कोई प्रावधान नहीं है। ईरानी संसद के सभापति मोहम्मद बाघर गैलीबाफ ने तेहरान में बैठकों की बजाय काम पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका यदि ठोस कदम नहीं उठाता तो ईरान कोई सहूलियत नहीं देगा। साथ ही, ईरान ने ट्रम्प के अब्राहम समझौते को मध्यपूर्व में थोपने के प्रयासों को भी खारिज कर दिया है। भारत के लिए ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा है कि विदेशी दबाव में हुए ऐसे समझौते की दीर्घकालिक सफलता की संभावना कम लगती है।

काभा महिला भलिबलमा नेपाल पदकविहीन, नयाँ खेलाडीलाई एक्सपोजर मात्र

काभा महिला भलिबल च्याम्पियनशिप में नेपाल बिना पदक, नए खिलाड़ियों को मिला अनुभव और अवसर

घर पर आयोजित काभा महिला च्याम्पियनशिप में उपाधि पाने का लक्ष्य रखने वाला नेपाल इस बार पहली बार बिना पदक के रह गया, जबकि नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव और अवसर मिला। नेपाल ने तीसरे स्थान के मैच में भारत से हार का सामना करते हुए पदक जीतने में असफल रहा। इस प्रतियोगिता के बाद नेपाल पहली बार एफआईभीबी विश्व रैंकिंग में शामिल होकर 61वें स्थान पर पहुंच गया है। १६ जेठ, काठमाडौं।

८ जेठ, जिसे नेपाल में ‘नेशनल भलिबल डे’ के रूप में मनाया जाता है, को शुरू हुई इस च्याम्पियनशिप में नेपाली महिला टीम ने उपाधि जीतने का सपना देखा था। लेकिन १५ जेठ को समाप्त हुई प्रतियोगिता में नेपाल शीर्ष तीन स्थान में भी जगह नहीं बना पाया। तीसरे स्थान के मैच में भारत से हारने के कारण घरेलू मैदान पर पदक से वंचित रहना पड़ा।

पहले की प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतने वाली नेपाल टीम इस बार कोई भी पदक हासिल नहीं कर सकी। नेपाली टीम के मुख्य प्रशिक्षक जगदीश भट्ट ने कहा, ‘हमारा प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन अपेक्षित पदक नहीं जीत पाए। यह देखकर भलिबल प्रेमियों की आशाएँ निराश हुईं, जो दुखद है।’ नेपाल ने कुल पांच मैचों में से दो जीते और तीन हारे। भारत से दो बार हारने ने टीम की कमजोरियों को उजागर किया। प्रमुख प्रशिक्षक भट्ट ने कहा, ‘हमने तीसरे स्थान का लक्ष्य रखा था। सेवा में कुछ गलतियों और निर्णायक क्षणों में कमजोरी के कारण सफलता नहीं मिली।’

छ नए खिलाड़ियों सहित नेपाली टीम में निरुता ठगुन्ना को नया कप्तान बनाया गया था। पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल छह खिलाड़ियों ने वरिष्ठ टीम से डेब्यू किया। प्रशिक्षक भट्ट ने नए खिलाड़ियों को और अवसर देने की आवश्यकता जताई और १७ वर्षीय मिना की अच्छी प्रदर्शन की तारीफ की। नेपाल की कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता जल्द नहीं है, लेकिन सितंबर में जापान के आइची नागोया में आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भागीदारी सुनिश्चित है।

पालिका और वडाओं तक एमाले नेताओं की परिचालन की गई है

१६ जेठ, काठमाडौं। नेकपा एमाले ने नेता और कार्यकर्ताओं के कार्य विभाजन के साथ ही प्रदेश और स्थानीय स्तर के चुनावों की तैयारी प्रारंभ कर दी है। शुक्रवार को जारी किए गए अपानिमा-२ के जरिए एमाले ने नई मुहिम शुरू की है। १० जेठ को हुई सचिवालय की बैठक में केन्द्रीय नेताओं का कार्य विभाजन तय किया गया था। इस अपानिमा में कार्य विभाजन, अध्यक्ष केपी शर्मा ओली का राजनीतिक संदेश और स्थानीय स्तर तक नेताओं के परिचालन की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।

अपानिमा में प्रचार विभाग प्रमुख के रूप में कार्यरत निरज आचार्य के अनुसार, पार्टी आगामी चुनाव की तैयारियों के तहत अभियान चलाई जा रही है। ‘मिशन पार्टी जागरण’ अभियान के तहत स्थानीय स्तर तक नेताओं को परिचालित किया गया है। महानगर और उपमहानगरपालिकाओं के साथ-साथ वडाओं तक संचालन के लिए केंद्र से इंचार्ज नियुक्त कर नेताओं को भेजा गया है। परिचालित नेताओं में केन्द्रीय सदस्य से लेकर जिला स्तर के वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। आचार्य ने बताया, ‘केन्द्रीय सदस्य, केन्द्रीय सलाहकार सदस्य, केन्द्रीय आयोग के सदस्य, प्रतिनिधि सभा के उम्मीदवार, प्रदेश और जिला के वरिष्ठ नेता भी परिचालित किए गए हैं।’

पालिका स्तर पर ‘मिशन पार्टी जागरण’ अभियान के अंतर्गत नेताओं को भेजते हुए केन्द्रीय पदाधिकारी और सदस्यों को प्रदेश, जिला, जनसंगठन और विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।

नेपालले मलेसियालाई दियो १२७ रनको लक्ष्य – Online Khabar

नेपाल ने मलेशिया के सामने 127 रनों का लक्ष्य रखा

एशियाई खेलों महिला क्रिकेट क्वालीफायर के सेमीफाइनल में नेपाल ने मलेशिया को जीत के लिए 127 रनों का लक्ष्य दिया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए नेपाल ने कप्तान इन्दु बर्मा के अविजित 46 रनों के योगदान से निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 126 रन बनाए। यदि नेपाल यह मैच जीतता है तो वह एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करेगा। थाईलैंड पहले ही फाइनल में पहुंचकर एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई कर चुका है। 16 जेठ, काठमांडू।

नेपाल ने मलेशिया के बायुमास ओवल मैदान पर खेले गए मैच में 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 126 रन बनाए। कप्तान इन्दु बर्मा ने सर्वाधिक 46 रन बनाकर अविजित रहती हुई सभी का ध्यान आकर्षित किया। कविता कुँवर ने केवल 15 गेंदों में 33 रनों का तेजी से योगदान दिया। नेपाल की टीम 18 ओवर में 92-5 के स्थिति में थी, लेकिन अंतिम दो ओवरों में उसने 34 रन जोड़े। मलेशिया की ओर से विनिफ्रेड दुराइसिंगम ने 2 विकेट लिए, जबकि आइसा एलिसा और माहिरा इजाती ने 1-1 विकेट चटकाए। यह मुकाबला जीतने पर नेपाल एशियाई खेलों के लिए चयनित होगा। दूसरी सेमीफाइनल में थाईलैंड ने चीन को हराकर फाइनल का टिकट प्राप्त किया है और एशियाई खेलों के लिए भी क्वालीफाई कर चुका है। नेपाल यदि हार भी जाता है तो तीसरे स्थान के लिए होने वाले मैच में चीन को हराकर एशियाई खेलों में पहुंचने का मौका बना सकता है।

प्रधानमंत्री ओली ने सरकार की प्रतिबद्धता में प्रदेश और स्थानीय चुनाव एक साथ कराने की योजना व्यक्त की

१६ जेठ, काठमाडौं । नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने प्रदेश और स्थानीय स्तर के चुनाव एक साथ कराने के विषय में सरकार की सक्रियता की जानकारी कार्यकर्ताओं को दी है। उन्होंने अपने–२ के माध्यम से इस प्रकार की सूचना साझा की है। ओली ने कहा, ‘वर्तमान सरकार और निर्वाचन आयोग प्रदेश सभा एवं स्थानीय तह के चुनाव एक साथ कराने के लिए तैयार हो रहे हैं।’ हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि एमाले के भीतर कुछ समूह निराश हैं और पलायन की सोच रख रहे हैं। कार्यकर्ताओं में विद्यमान निराशा को आशा में बदलने की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष जोर दिया है।

इरान युद्ध: तेहरान के साथ समझौते को लेकर ट्रंप की ‘अंतिम धारणा’ बैठक विफल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इरान के साथ युद्धविराम को बढ़ाने की प्रक्रिया के संबंध में “अंतिम धारणा” बनाने के लिए शुक्रवार को अपने प्रमुख सलाहकारों के साथ बैठक की, लेकिन इस बैठक में अगले चरण का स्पष्ट निर्णय नहीं निकल पाया। उन्होंने कहा है कि इरान को कभी परमाणु हथियार या बम रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी, होर्मुज जलमार्ग में “दोनों पक्षों से अवरोधमुक्त पारगमन” सुनिश्चित होना जरूरी है और जलमार्ग में मौजूद सभी माइन “नष्ट” करनी होंगी, जिसके लिए तेहरान को सहमति देनी होगी। यह बैठक व्हाइट हाउस के ‘सिचुएसन रूम’ में हुई, जो मुख्य संकटों को सुलझाने के लिए प्रयोग किया जाता है।

इरान ने पहले ही कह चुका है कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर कोई वार्ता नहीं हुई है और वह दावा करता है कि उसका कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण नागरिक उद्देश्य के लिए है। गुरुवार को अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि दोनों देशों ने एक प्रारूप समझौते पर सहमति व्यक्त की है, लेकिन इसे ट्रंप और इरान के नेतृत्व से अनुमोदन मिलना बाकी है। यह समझौता युद्धविराम को ६० दिनों के लिए बढ़ाएगा और इरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर बातचीत शुरू करेगा। “राष्ट्रपति ट्रंप केवल अमेरिका के हित में और अपनी रेड लाइन के अनुरूप समझौता करेंगे। इरान को कभी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं मिलेगी,” व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अमेरिकी समाचार साझेदार सीबीएस न्यूज को बताया।

८ अप्रैल को अमेरिका और इरान के बीच प्रारंभिक युद्धविराम लागू होने के बाद से ट्रंप बार-बार कह चुके हैं कि दोनों पक्ष समझौते के करीब हैं और बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। हाल के दिनों में इरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है। शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि वह होर्मुज जलमार्ग में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इरान को अमेरिका को अपने उच्च शुद्धता युरेनियम को हटाने और नष्ट करने की अनुमति देनी होगी। “अगली सूचना तक कोई वित्तीय लेनदेन नहीं होगा,” उन्होंने कहा, “कई अन्य कम महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है।”

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बाद में बीबीसी को बताया कि ‘सिचुएसन रूम’ में बैठक समाप्त हो चुकी है, लेकिन अतिरिक्त विवरण साझा करने से इंकार कर दिया। इरान की फार्स समाचार एजेंसी ने ट्रंप की ताज़ा टिप्पणी को “सत्य और झूठ का मिश्रण” बताया है। उस समझौते में परमाणु सामग्री नष्ट करने का कोई प्रावधान नहीं बताया गया। इरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सरकारी टेलीविजन से संवाद में इसे “युद्ध समाप्ति के लिए केंद्रित निर्णय” बताया और परमाणु मुद्दे पर कोई वार्ता नहीं होने की पुष्टि की। अमेरिका लंबे समय से इरान पर उच्च शुद्धता युरेनियम उत्पादन रोकने और मौजूद भंडार नष्ट करने के लिए दबाव डाल रहा है, क्योंकि यह परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री है। इरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण है और वह कोई परमाणु हथियार विकास योजना नहीं रखता।

इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पिट हेग्सेथ ने कहा है कि अमेरिका इरान में युद्ध “फिर से शुरू” कर सकता है। सिंगापुर में हुए सुरक्षा शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा, “हमारे पास पर्याप्त और संतुलित हथियार भंडार है, जो क्षेत्र और विश्व दोनों के लिए तैयार हैं,” और उन्होंने आगे कहा, “इसलिए हम अच्छी स्थिति में हैं।”

मलसियाविरुद्ध ब्याटिङ गर्दै नेपाल – Online Khabar

एसियन गेम्स महिला क्रिकेट चयन: मलेसियाविरुद्ध नेपाल की बल्लेबाजी

१६ जेठ, काठमाडौं । एसियन गेम्स महिला क्रिकेट चयन के तहत नेपाल सेमीफाइनल में मलेशिया के खिलाफ मुकाबला कर रहा है। मलेशिया के बायोमास ओवल में टॉस जीतकर नेपाल ने बल्लेबाजी का फैसला किया है। यदि यह मैच जीतता है तो नेपाल एसियन गेम्स के लिए चयनित हो जाएगा। दूसरे सेमीफाइनल में थाईलैंड ने चीन को हराकर फाइनल में जगह बनाई है और एसियन गेम्स के लिए चयन भी सुनिश्चित कर लिया है। चयन प्रतियोगिता से पहले नेपाल ने मलेशिया के खिलाफ दो टी20 इंटरनेशनल मैच खेले थे, जिनमें दोनों में जीत हासिल की थी।

महिला अधिकार संरक्षण के लिए साझा प्रतिबद्धता आवश्यक: आंग्देम्बे

१६ ज्येष्ठ, काठमाण्डौ । नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज आंग्देम्बे ने महिला अधिकारों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए राज्य, राजनीतिक दल, नागरिक समाज तथा सम्पूर्ण समुदाय को साझा प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की आवश्यकता बताई है। आठवें राष्ट्रीय महिला अधिकार दिवस के अवसर पर शनिवार को जारी शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि राज्य, राजनीतिक दल, नागरिक समाज और समस्त समुदाय को मिलकर महिला अधिकारों के संरक्षण और प्रवर्धन के लिए कार्य करना आवश्यक है।

महिलाओं की क्षमता, सृजनशीलता, नेतृत्व और योगदान को राष्ट्र निर्माण के आधार स्तंभ के रूप में उल्लेख करते हुए आंग्देम्बे ने कहा कि राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में महिलाओं की सार्थक सहभागिता और नेतृत्व से ही समावेशी, न्यायसंगत और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा सुनिश्चित किए गए महिला अधिकारों का प्रभावी क्रियान्वयन, समान अवसरों की गारंटी और महिलाओं की आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण आज की प्रमुख आवश्यकताएँ हैं।

‘यह दिवस महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाए और लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय तथा समृद्धि की दिशा में हमारी यात्रा को और अधिक सुदृढ़ करे, ऐसी मेरी शुभकामनाएँ हैं,’ संसदीय दल के नेता आंग्देम्बे ने कहा।

नेपाली खेलकुद: राष्ट्रिय खेलाडीहरूको आम्दानीका स्रोतहरू

रोहित पौडेल, दीपेन्द्र सिंह ऐरी र सन्दीप लामिछानेलाई मासिक १ लाख २० हजार रुपैयाँ तलबसहित ‘ए प्लस’ श्रेणीमा बढुवा गर्दै भर्खरै नेपाल क्रिकेट सङ्घले खेलाडीहरूको ‘सेन्ट्रल कन्ट्रयाक्ट’ सुधार गरेको छ। नेपाली खेलकुदको सन्दर्भमा खेलाडीहरूको लागि यो राम्रो मासिक आम्दानी मानिन्छ। अन्य खेल सङ्घहरूले राष्ट्रिय खेलाडीहरूलाई यस्ता सुविधा दिन नसकिरहेको र खेलाडी पलायन बढिरहेको अवस्थामा फेरि खेलाडीहरूको व्यावसायिकता विषय चर्चामा आएको छ। नेपालमा क्रिकेट सङ्घभन्दा पहिले अखिल नेपाल फुटबल सङ्घ (एन्फा) ले राष्ट्रिय टोलीका खेलाडीहरूलाई मासिक तलब दिने व्यवस्था गरेको देखिन्छ। नेपाल भलिबल सङ्घले पनि केही समयका लागि आफ्ना मुख्य खेलाडीलाई मासिक तलब दिने गरेको थियो। यदि अन्य खेलका खेलाडीहरू कसरी टिकिरहेका छन्? नियमित आम्दानीको स्रोत नहुँदा के उनीहरू विदेशिन थालेका हुन्? यस्ता प्रश्नहरू उठिरहेका छन्।

एन्फाका महासचिव किरण राईले भनेका छन्, “खेल सङ्घले तलब दिने होइन, वातावरण बनाइदिने हो। तलब क्लबले दिन्छ। एन्फाले दिएको तलब बोनसजस्तो हो।” विश्वव्यापी खेलकुद परम्परामा पनि केही खेल सङ्घहरूले मात्र मासिक सुविधा दिने गरेको पाइन्छ। धेरै देशहरूमा खेल सङ्घहरूले राष्ट्रिय टोलीका खेलाडीलाई नियमित तलबभन्दा सेन्ट्रल कन्ट्रयाक्ट, म्याच फी, बोनस, पुरस्कारजस्ता माध्यमबाट रकम दिने गरेका छन्। जम्मा तीन खेल सङ्घ नेपालमा राष्ट्रिय खेलाडीलाई मासिक तलब दिन सुरु गर्ने पहिलो सङ्घ एन्फा मानिन्छ। एन्फाले सन् १९९५ देखि खेलाडीहरूलाई मासिक १ हजार ५ सय रुपैयाँ दिन सुरु गरेको थियो। पाँच वर्षपछि यसलाई २ हजार रुपैयाँ पुर्‍याइएको थियो।

क्रिकेट सङ्घले पनि विसं २०७१ देखि समय अनुसार मासिक तलब दिन सुरु गरेको देखिन्छ। नेपाल भलिबल सङ्घले पनि दुई वर्षअघि महिला र पुरुष राष्ट्रिय टोलीलाई मासिक ५ हजार रुपैयाँ दिने गरेको थियो, जुन रकम अमेरिकामा बसोबास गर्ने भलिबल प्रेमीहरूले संकलन गरेर पठाएको थियो। तर त्यो पहल दीर्घकालीन रहन सकेन र अब सङ्घले आफैं मासिक तलब दिन योजना बनाएको छ। सङ्घका महासचिव रोशन श्रेष्ठ भन्छन्, “अमेरिकामा रहेका ४० जना भलिबल प्रेमीहरूले पठाएको रकमबाट तलब दिइएको थियो, तर त्यो स्थायी नभएकोले अब हामी आफैं पहल गर्छौं।” खेलाडीहरूले कसरी कमाउँछन्? विश्व खेलसंसारमा फुटबल, क्रिकेट र रग्बी जस्ता थोरै खेलहरूले मात्रै खेलाडीहरूलाई ‘सेन्ट्रल कन्ट्रयाक्ट’ अन्तर्गत मासिक तलब दिने गरेका छन्।

अरु दलले साथ नदिँदा चुनावमा जानु पर्‍यो – Online Khabar

अरू दलहरूको समर्थन नपाउँदा चुनावमा जान बाध्य भएँ – केपी शर्मा ओली

१६ जेठ, काठमाडौं । नेकपा एमालेका अध्यक्ष केपी शर्मा ओलीले पुराना दलहरूलाई समाप्त पार्ने षडयंत्र सधैं चलिरहेको बताएका छन्। शुक्रबार अपानि–२ मार्फत ओलीले लोकतन्त्रको लागि लामो संघर्ष गरेका दलहरूलाई समाप्त पार्ने षडयंत्र भइरहेको सन्देश पठाएका छन्। ‘नयाँ र पुरानोको नाममा लोकतन्त्रका लागि लामो संघर्ष गरेका राजनीतिक दल र नेतृत्वलाई विस्थापित गर्ने षडयंत्र जारी छ,’ ओलीले अपानिमा लेखेका छन्।

२३ र २४ भदौको घटनापछि प्रतिगमनतर्फ गएको मुलुकलाई सही मार्गमा फर्काउन एमालेले प्रतिनिधि सभा पुनर्स्थापना एजेण्डा अघि सारेको उनले अपानिमा उल्लेख गरेका छन्। तर अन्य दलहरूले साथ नदिएकाले चुनावमा जान बाध्य भएको स्पष्ट पारेका छन्।

‘प्रतिगमनतर्फ अग्रसर रहेको मुलुकलाई संविधान र लोकतन्त्रको मार्गमा फर्काउन प्रतिनिधि सभाको पुनर्स्थापना अपरिहार्य छ भन्ने हाम्रो विश्लेषणलाई नेपालका अन्य लोकतान्त्रिक दलहरूले समर्थन नदिएको कारण हाम्रो पार्टीलाई पनि निर्वाचनमा जानु परेको हो,’ ओलीले लेखेका छन्।

अरू दलहरूको समर्थन नपाएपछि भाग लिनुपरेको चुनावमा एमालेले जित्न नसकेको पनि उनले उल्लेख गरेका छन्। ‘निर्वाचनको परिणाम हाम्रो पार्टीको पक्षमा रहेन नै। नेपालका मुख्य लोकतान्त्रिक पार्टीहरूको पक्षमा समेत रहेन,’ ओलीले बताए।

ओलीले निर्वाचन प्रक्रियामा पनि शंका व्यक्त गरेका छन् र यस सम्बन्धमा छुट्टै समीक्षा प्रतिवेदन ल्याइने कुरा पनि उल्लेख गरेका छन्। ‘यो निर्वाचन अघिल्लो निर्वाचन जस्तो रहेन। यसको परिणाम पनि स्वभाविक रहेन,’ अपानिमा लेखिएको छ, ‘यस सन्दर्भमा पार्टीले समीक्षा प्रतिवेदनमार्फत आफ्नो दृष्टिकोण बाहिर ल्याउने छ।’

आजका तरकारी तथा फलफूल के थोक मूल्य

१६ जेठ, काठमाडौं । कालीमाटी फलफूल तथा तरकारी बजार विकास समितिले आजका लागि कृषिउपजहरूको अधिक्तम् थोक मूल्यहरू निर्धारण गरेको छ। समितिका अनुसार गोलभेँडा ठूलो (नेपाली) प्रति किलो ६०, गोलभेँडा ठूलो (भारतीय) प्रति किलो ७०, गोलभेँडा ठूलो सानो (लोकल) प्रति किलो २२, गोलभेँडा सानो (टनेल) प्रति किलो ३५, आलु रातो (लाम्चो) प्रति किलो ३२, आलु रातो (गोलो) प्रति किलो २८ और प्याज सुकेको (भारतीय) प्रति किलो ४४ रहेको है। इसी तरह, गाजर (लोकल) प्रति किलो ८०, बन्दा (लोकल) प्रति किलो ४०, काउली स्थानीय प्रति किलो ८०, सेतो मूला (हाइब्रिड) प्रति किलो २०, भन्टा लाम्चो प्रति किलो ६० और भन्टा डल्लो प्रति किलो ६० कायम है।

इसी प्रकार, बोडी (तने) प्रति किलो ८०, मकै बोडी प्रति किलो ८०, मटरकोसा प्रति किलो १००, घिउ सिमी (लोकल) प्रति किलो ८०, घिउ सिमी (हाइब्रिड) प्रति किलो ६०, घिउ सिमी (राजमा) प्रति किलो १००, भटमास कोसा प्रति किलो १५०, तीते करेला प्रति किलो ५०, लौका प्रति किलो ७० रुपए है। परवर (लोकल) प्रति किलो ७०, घिरौँला प्रति किलो ४०, फर्सी पाकेको प्रति किलो ६०, हरियो फर्सी (लाम्चो) प्रति किलो ५५, हरियो फर्सी (डल्लो) प्रति किलो ४०, भिन्डी प्रति किलो ६०, सखरखण्ड प्रति किलो ८० और पिँडालु प्रति किलो ४०, स्कुस प्रति किलो ९० तय किया गया है।

रायोसाग प्रति किलो ८०, पालुङ्गो प्रति किलो १००, चमसुरको साग प्रति किलो १००, मेथीको साग प्रति किलो १००, हरियो प्याज प्रति किलो १२०, च्याउ (कन्य) प्रति किलो ३००, च्याउ (डल्ले) प्रति किलो ५००, राजा च्याउ प्रति किलो ३२० और सीताके च्याउ प्रति किलो १,००० तय किया गया है। कुरिलो प्रति किलो ३५०, न्युरो प्रति किलो ८०, चुकन्दर प्रति किलो ६०, सजीवन प्रति किलो १२०, रातो बन्दा प्रति किलो ५०, जिरीको साग प्रति किलो १००, सेलरी प्रति किलो १३०, पार्सले प्रति किलो २२७, सौफको साग प्रति किलो १००, पुदिना प्रति किलो १५०, मैक हरियो प्रति किलो ५०, इमली प्रति किलो १८०, तामा प्रति किलो १४०, तोफु प्रति किलो १६० और गुन्द्रुक प्रति किलो ३५० तोक्ना गया है। स्याउ (फुजी) प्रति किलो ३००, केरा (नेपाली) दर्जन २००, केरा (मालभोग) २२२०, अनार प्रति किलो ४५०, तरबुजा (हरियो) प्रति किलो ४०, भुइँकटहर प्रति किलो २००, कागती प्रति किलो २२७, काँक्रो (लोकल) प्रति किलो ६०, काँक्रो (हाइब्रिड) प्रति किलो २०, काँक्रो (लोकलक्रस) प्रति किलो ५५, खकटहर प्रति किलो ६०, मेवा (नेपाली) प्रति किलो ९०, मेवा (भारतीय) प्रति किलो १०० और लिची (लोकल) २५०, लिची (भारतीय) ३००, निर्धारण किया गया है। इसी प्रकार, अदुवा प्रति किलो १४०, सुकेको खुर्सानी प्रति किलो ५५०, खुर्सानी हरियो (लाम्चो) प्रति किलो ६०, खुर्सानी हरियो (बुलेट) प्रति किलो ६०, माछे खुर्सानी प्रति किलो ५०, भेडेखुर्सानी प्रति किलो ५५, हरियो लसुन प्रति किलो २०० रुपए है। हरियो धनियाँ प्रति किलो १००, लसुन सुकेको (चाइनिज) प्रति किलो १८०, लसुन सुकेको (नेपाली) प्रति किलो १३०, छ्यापी सुकेको प्रति किलो १६०, ताजा माछा (रहु) प्रति किलो ३४०, ताजा माछा (बचुवा) प्रति किलो ३०० और ताजा माछा (छडी) प्रति किलो २६० निर्धारित किया गया है।

निजीमा पढ्ने विद्यार्थीलाई ३ प्रतिशत कर, अभिभावक र सञ्चालकको भत्सर्ना

निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से ३ प्रतिशत शिक्षा समता शुल्क वसूली, अभिभावक और संचालकों का विरोध

१६ जेठ, काठमाडौँ। सरकारले बजेटमार्फत् निजी क्षेत्रबाट सञ्चालित शिक्षण संस्थाहरूले विद्यार्थीहरूबाट सङ्कलन गर्ने सबै प्रकारका शुल्कमा ३ प्रतिशत शिक्षा समता शुल्क लगाउने घोषणा गरेको छ। शुक्रबार अर्थमन्त्री स्वर्णिम वाग्लेले प्रस्तुत गरेको बजेटमा उल्लेख गरिएको छ, ‘दुर्गम क्षेत्रहरूमा शिक्षा तथा स्वास्थ्य पूर्वाधार निर्माण र सेवा विस्तारमा सहयोग पुर्‍याउन निजी क्षेत्रले प्रदान गर्ने शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवामा न्यूनतम दरमा समता शुल्क लगाइनेछ।’

सरकारको अर्थसम्बन्धी प्रस्ताव कार्यान्वयन गर्न बनेको विधेयकको दफा १६ अनुसार, शिक्षा समता शुल्क निजी क्षेत्रबाट सञ्चालित शिक्षण संस्थाले विद्यार्थीहरूबाट असुल्ने सबै प्रकारका शुल्कमा अनुसूची-७ बमोजिम लगाइने व्यवस्था गरिएको छ। यस प्रकारको शुल्कबाट सङ्कलित रकम गुणस्तरीय शिक्षामा पहुँच विस्तार र शैक्षिक पूर्वाधार निर्माणमा खर्च गरिनेछ। स्पष्टीकरणमा भनिएको छ, ‘यस दफाको प्रयोजनका लागि “निजी क्षेत्रबाट सञ्चालित शिक्षण संस्था” भन्नाले तालीम तथा पुनर्ताजगी तालिम प्रदान गर्ने संस्था बाहेक निजी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय तथा प्राविधिक शिक्षालय लगायत जुनसुकै प्रकारको शिक्षा प्रदान गर्ने निकायलाई बुझिन्छ।’

निजी विद्यालयले लागू गरिएको समता शुल्कको विरोध गरेका छन्। निजी विद्यालय सञ्चालक र अभिभावकहरूले यसलाई लागू गर्न नहुने भन्दै तत्काल खारेज गर्न माग गरेका छन्। एनप्याब्सन अध्यक्ष सुवास न्यौपानेले भने, ‘समता शुल्क भन्दै निजी विद्यालयलाई अतिरिक्त भार थपिएको छ। प्रत्येक शुल्कमा ३ प्रतिशत कर लगाउनु अभिभावकहरूका लागि अप्ठ्यारो बनाउने कुरा हो। यस प्रावधानको हामी कडा भत्र्सना गर्छौं।’ उनले यो शुल्कले शिक्षा क्षेत्रमा विकासको सट्टा जनताप्रति अन्याय हुने बताएका छन्।

अभिभावक महासंघका निवर्तमान अध्यक्ष सुप्रभात भण्डारीले भने, ‘शिक्षामा कर लगाउनु उचित होइन, आम्दानीमा कर लगाउनुपर्छ। शुल्क विद्यार्थी र अभिभावकहरूले तिर्छन्, पढ्न आउँदा कर लगाउनु स्वाभाविक हुँदैन।’ उनले थपे, ‘संविधानले नि:शुल्क र अनिवार्य शिक्षा सुनिश्चित गरेको छ, त्यसैले समता शुल्क लगाउन नहुने हो।’ शिक्षा मन्त्रालयका प्रवक्ता शिवकुमार सापकोटाले समता शुल्कलाई सामाजिक उत्तरदायित्वको रूपमा बुझ्न आग्रह गरे। उनले भने, ‘यो सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) जस्तै हो। यसलाई कार्यान्वयन गर्न एउटा विधि ल्याइनेछ।’

बजट में रास्वपा के वादपत्र और शासकीय सुधार के विषय शामिल

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में सरकार की नीति एवं कार्यक्रम तथा रास्वपा के वादपत्र के मुख्य विषयों को शामिल किया है। सहकारी संस्थानों के समस्याग्रस्त बचतकर्ताओं की राशि को सुरक्षित रूप से लौटाने हेतु एकीकृत बचतकर्ता सुरक्षा कोष के माध्यम से बचत वापस करने का कार्य जारी रहेगा। गौतमबुद्ध और पोखरा क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के संचालन और प्रबंधन में निजी क्षेत्र के साथ सहयोग करने की घोषणा भी बजट में की गई है। १५ जेठ, Kathmandu।

डॉ. स्वर्णिम वाग्ले द्वारा प्रस्तुत आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में सरकार की नीति, शासकीय सुधार की सौ कार्यसूची और राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के वादपत्र में उल्लिखित विषय शामिल हैं। भूमिहीन, सुकुम्वासी एवं अव्यवस्थित बसे हुए लोगों, सहकारी पीड़ितों की राशि वापसी, दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का संचालन, गैर आवासीय नेपाली नागरिकता, सार्वजनिक संस्थान सुधार, स्टार्ट-अप्स सहित कई विषय शुक्रवार को प्रस्तुत बजट में सम्मिलित किए गए हैं।

सरकार के शासकीय सुधार और रास्वपा के वादपत्र में देशभर के भूमिहीन, सुकुम्वासी और अव्यवस्थित बसे लोगों का एकीकृत डिजिटल संपत्ति संकलन करने का उल्लेख था। भूमिहीन और सुकुम्वासी की संपत्ति संकलन तथा प्रमाणीकरण दो महीनों के भीतर पूरा करने की सरकार की कार्यसूची में शामिल था। अर्थमंत्री वाग्ले के प्रस्तुत बजट में “भूमिहीन दलित, भूमिहीन सुकुम्बासी एवं अव्यवस्थित बसोबासी का प्रबंधन आगामी आर्थिक वर्ष के भीतर पूरा करने का प्रावधान” किया गया है।

बजट में सहकारी संस्थानों की राशि वापसी का कार्य भी उल्लेखित है। रास्वपा के वादपत्र में सरकार गठन के १०० दिनों के भीतर छोटे बचतकर्ताओं के खाते में राशि वापसी प्रारंभ करने की प्रतिबद्धता थी। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने सरकार की नीति एवं कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए सहकारी संस्थानों के विषय को भी शामिल किया था। समस्याग्रस्त सहकारी संस्थानों में जमा बचतकर्ताओं की राशि वापसी के लिए एकीकृत बचत सुरक्षा कोष का गठन कर ऋण वसूली के माध्यम से राशि को लौटाने की सरकारी प्रतिबद्धता है।

अमेरिकी विदेशमंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान की मध्यपश्चिम क्षेत्र में शांति प्रवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की

१६ जेठ, काठमाडौं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तान द्वारा मध्यपश्चिम क्षेत्र में शांति प्रवर्धन के क्षेत्र में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है।

शुक्रवार को पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेशमंत्री इसहाक डार से मुलाकात में रुबियो ने पाकिस्तान के शांति प्रवर्धन में योगदान की उच्च सराहना की।

अमेरिकी विदेशमंत्री रुबियो ने पाकिस्तान को शांति स्थापना और प्रवर्धन में निभाए गए रोल के लिए धन्यवाद भी दिया।

रुबियो ने अपने सामाजिक मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेशमंत्री इसहाक डार से मुलाकात हुई। मध्यपश्चिम क्षेत्र में शांति बनाने में पाकिस्तान के निरंतर योगदान के लिए मैंने धन्यवाद किया।’

दोनों नेताओं ने पारस्परिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा दोनों देशों की समृद्धि के लिए सहयोग आवश्यक होने पर सहमति जताई।

इसी क्रम में, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की जारी विज्ञप्ति में इस वार्ता में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिवेश से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई है।

विज्ञप्ति के अनुसार, अमेरिकी विदेशमंत्री रुबियो ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की भी प्रशंसा की।

पाकिस्तान के विदेशमंत्री इसहाक डार शुक्रवार को अमेरिका पहुंचे थे। यह मुलाकात अमेरिका और इरान के बीच निकट भविष्य में किसी समझौते की संभावना के चर्चाओं के बीच हुई।


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