Skip to main content

लेखक: space4knews

बजट प्रस्तुत करने के बाद प्रधानमंत्री ने लिखा – ‘निश्चिंत रहें!’

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ‘निश्चिंत रहें।’ लिखकर एक छोटा पोस्ट किया है। विपक्षी दल संसद में संबोधन न करने और जवाबदेही नहीं होने के आरोप लगाते हुए लगातार प्रधानमंत्री शाह से सवाल पूछ रहे हैं। प्रधानमंत्री शाह ने बजट पेश किए जाने वाले संघीय संसद की संयुक्त बैठक और गणतंत्र दिवस समारोह में भी संबोधन नहीं दिया। १५ जेठ, काठमांडू। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से सार्वजनिक कार्यक्रमों में संबोधन नहीं दिया है। उन्होंने अब तक संसद की बैठक में भी कोई संबोधन नहीं किया है। प्रायः वे अपने विचार सोशल मीडिया के माध्यम से ही व्यक्त करते हैं। संसद में संबोधन न करने, प्रश्नों से बचने या जवाबदेह न होने के कारण विपक्षी दल लगातार उनसे सवाल कर रहे हैं। इसी बीच, उन्होंने शुक्रवार शाम एक पोस्ट साझा किया, जिसमें लिखा था, ‘निश्चिंत रहें।’ लगभग दो तिहाई बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व करने वाले शाह दिनभर सिंहदरबार में मौजूद थे। उसी दिन संघीय संसद की संयुक्त बैठक में बजट भी पेश किया गया था। बजट पेश करते हुए संसद की बैठक में उपस्थित शाह ने शाम को ‘निश्चिंत रहें’ लिखा। उनकी इस पोस्ट पर कुछ ही मिनटों में हजारों लाइक और कमेंट आए। शाह ने आज सुबह गणतंत्र दिवस समारोह में भी संबोधन नहीं दिया था।

तेन्जिङ नोर्गे शेर्पा ओपन लिड क्लाइम्बिङमा रोनक र स्वस्तिका विजेता बने

समाचार सारांश: रोनक उप्रेती र स्वस्तिका चौधरीले तेस्रो तेन्जिङ नोर्गे शेर्पा ओपन लिड क्लाइम्बिङ प्रतिस्पर्धामा विजेता बन्न सफल भए। यस वर्ष पहिलो पटक टप-रोप विधिको सट्टा प्राविधिक रूपमा चुनौतीपूर्ण लिड क्लाइम्बिङ विधामा प्रतियोगिता आयोजना गरिएको थियो। सगरमाथाको पहिलो सफल आरोहणको सम्झनामा आयोजना गरिएको यस प्रतियोगिताले नेपालमा साहसिक आरोहण खेलको विकास र प्रवर्द्धन गर्ने लक्ष्य राखेको छ। घटना स्थान: काठमाडौं, १५ जेठ।
तेन्जिङ नोर्गे शेर्पा ओपन लिड क्लाइम्बिङको तेस्रो संस्करणमा रोनक उप्रेती र स्वस्तिका चौधरीले पुरुष तथा महिला वर्गमा शीर्ष स्थान हासिल गरे। शुक्रबार काठमाडौंस्थित एस्ट्रेकमा सम्पन्न प्रतियोगितामा रोनक पुरुषतर्फ र स्वस्तिका महिलातर्फ च्याम्पियन घोषित भए। नेपाल राष्ट्रिय पर्वतारोहण पथप्रदर्शक संघ (एनएनएमजिए) र यूएस नेपाल क्लाइम्बर्स एसोसिएसनको संयुक्त आयोजना गरिएको यस प्रतियोगितामा दुवै लिङ्गका प्रतिस्पर्धी सहभागी थिए।
पुरुषतर्फ रोनक उप्रेती प्रथम स्थानमा रहे भने मिर्को लेरोस दोस्रो र तेन्जिङ बर्तिन राई तेस्रो स्थानमा रहेका छन्। महिलातर्फ स्वस्तिका चौधरीले च्याम्पियन भएको छ, दोस्रो स्थान याङ्किला शेर्पा र तेस्रो स्थान पञ्चमाया तामाङले प्राप्त गरेका छन्। दुवै वर्गका विजेताहरूले रु ५० हजार, दोस्रो स्थानधारीले रु ३० हजार, र तेस्रो स्थानधारीले रु २० हजार नगद पुरस्कार पाएका छन्। प्रतियोगिताको फाइनल चरणमा १२ खेलाडी पुगेका थिए, जसमा प्रत्येक लिङ्गका ६ खेलाडी थिए। पुरुष वर्गमा एक विदेशी पर्वतारोहणकर्ता पनि फाइनलमा थिए।
फाइनल कार्यक्रममा प्रतिनिधिसभा सदस्य मिङ्मा ग्याबु शेर्पा प्रमुख अतिथिका रूपमा उपस्थित थिए भने विशेष अतिथिका रूपमा तेन्जिङ नोर्गे शेर्पाका छोराले, जाम्लिङ तेन्जिङ नोर्गेले सहभागिता जनाए। कार्यक्रममा पर्यटन विभागका महानिर्देशक रामकृष्ण लामिछाने, नेपाल पर्वतारोहण संघ (एनएमए) अध्यक्ष फुर गेल्जे शेर्पा, यूएस नेपाल क्लाइम्बर्स एसोसिएसन च्याप्टर संयोजक लक्षुमन तामाङ तथा नेपाल क्लाइम्बिङ स्पोर्ट्स एसोसिएसनका महासचिव सन्तोष मादेन लगायतको समेत उपस्थिति थियो। नेपाल राष्ट्रिय पर्वतारोहण पथप्रदर्शक संघका अध्यक्ष तुलसिंह गुरुङले पहिलो पटक लिड क्लाइम्बिङ विधामा प्रतियोगिता आयोजना गर्दा यस वर्षको प्रतियोगिता विशेष भइसकेको बताए। यसअघि दुई संस्करण टप-रोप क्लाइम्बिङ विधामा आयोजना हुँदै आएका थिए।
प्रतियोगिताको उद्देश्य नेपालमा साहसिक आरोहण खेल प्रवर्द्धन गर्नुका साथै विश्वप्रसिद्ध आरोही तेन्जिङ नोर्गे शेर्पा र सर एड्मण्ड हिलारीको योगदानलाई सम्मान गर्नु रहेको आयोजकले जनाएका छन्। तेन्जिङ नोर्गे शेर्पाको सम्झनामा यो प्रतियोगिता सन् १९५३ मे २९ तारिखमा सगरमाथाको पहिलो सफल आरोहणको सम्झनामा सुरु गरिएको हो। अध्यक्ष गुरुङका अनुसार मे २९ को ऐतिहासिक दिनलाई लक्षित गरी यस वर्ष प्रतिस्पर्धा विशेष रूपमा आयोजना गरिएको हो। ‘यसअघि मे २९ लाई प्रायः र्‍याली, प्रमाणपत्र वितरण तथा औपचारिक कार्यक्रममार्फत मात्र मनाइन्थ्यो,’ उनले भने, ‘तर यस वर्ष पहिलो पटक प्राविधिक रुपमा लिड क्लाइम्बिङ प्रतियोगिता आयोजना गरिएको छ जसले नेपालको क्लाइम्बिङ क्षेत्रमा सकारात्मक योगदान पुऱ्याउनेछ।’ उनले इतिहाससँग सम्बन्धित यो महत्वपूर्ण दिनमा भएको प्रतियोगिताले तेन्जिङ नोर्गेको साहस र पर्वतारोहण क्षेत्रमा उहाँको योगदानप्रति उच्च सम्मान देखाएको बताए। आयोजकहरूको भनाइ अनुसार यस प्रतिस्पर्धाले नेपालमा विकासशील साहसिक आरोहण खेल संस्कृतिलाई अझ प्रोत्साहित गर्दै युवा पुस्तालाई साहसिक खेल र पर्वतारोहणतर्फ प्रेरित गर्ने अपेक्षा गरिएको छ।

ह्विस्की, रम र ब्रान्डीमा भन्सार र अन्त:शुल्क स्थिर

ह्विस्की, रम और ब्रांडी के भंसार और अंत शुल्क दर स्थिर रखी गईं

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शराब युक्त पेय पदार्थों के भंसार और अंत शुल्क दरों में बड़े बदलाव किए बगैर अधिकांश दरें यथावत् रखी हैं। आर्थिक विधेयक २०८३ के अनुसार बीयर का अंत शुल्क प्रति लीटर २५५ रुपये और वाइन का ४९० रुपये निर्धारित किया गया है। ब्रांडी, व्हिस्की और रम के अंत शुल्क को स्थिर रखा गया है, जबकि विदेशी आयातित शराब पर ८० प्रतिशत भंसार शुल्क लागू किया गया है। १५ ज्येष्ठ, काठमांडू।

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शराब युक्त पेय पदार्थों पर निर्धारित भंसार और अंत शुल्क दरों में विशेष परिवर्तन नहीं किया है। आगामी वर्ष के लिए सरकार ने आर्थिक विधेयक २०८३ के माध्यम से बीयर के अंत शुल्क में मामूली वृद्धि की है, जबकि अन्य की दरें अपरिवर्तित रखी गई हैं। आर्थिक विधेयक २०८३ के तहत ५ प्रतिशत तक माल्ट से निर्मित बीयर पर प्रति लीटर २५५ रुपये का अंत शुल्क कायम रखा गया है।

इसी प्रकार, ५ प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली बीयर पर भी वही शुल्क लागू है। वर्तमान में इस प्रकार की बीयर का अंत शुल्क २४० रुपये है। सरकार ने १२ प्रतिशत तक अल्कोहल वाली स्पार्कलिंग वाइन पर प्रति लीटर ४९० रुपये और १२ से १७ प्रतिशत अल्कोहल वाली वाइन पर भी वही दर निर्धारित की है। वाइन पर सरकार ने अंत शुल्क में ३० रुपये की वृद्धि की है, वर्तमान वित्तीय वर्ष में यह शुल्क ४६० रुपये है।

ऊर्जा बजट में प्राथमिकताएं: प्रसारण लाइन और प्राधिकरण विभाजन पर चर्चा

समाचार सारांश सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए नेपाल विद्युत् प्राधिकरण को तीन कंपनियों में विभाजित करने की घोषणा की है। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादकों के संगठन नेपाल ने बजट को सकारात्मक माना है, लेकिन नए विद्युत् खरीद समझौते को खोलने के मुद्दे पर स्पष्टता न होने की बात कही है। प्राधिकरण के पूर्व उपकार्यकारी निदेशक प्रवल अधिकारी ने प्रसारण लाइन के बजट को सकारात्मक माना, लेकिन प्राधिकरण के विभाजन और अनुमति पत्र रद्द करने के निर्णय पर संशय व्यक्त किया है।

१५ जेठ, काठमांडू। सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट में ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्र में बड़े निवेश और संरचनात्मक सुधार करने की घोषणा की है। ऊर्जा उत्पादन, प्रसारण और वितरण के लिए ८५ अरब ५४ करोड रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके तहत हेटौंडा–ढल्केवर–इनरुवा ४०० केवी प्रसारण लाइन का कार्यान्वयन किया जाएगा और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रसारण लाइन विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। राहुघाट, तनहुँ, माथिल्लो त्रिशूली–३ बी समेत कई जलविद्युत परियोजनाओं को तीव्रता देने तथा बुढीगण्डकी और दूधकोशी जलाशययुक्त योजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना है।

नेपाल विद्युत् प्राधिकरण को उत्पादन, प्रसरण और वितरण/व्यापार के लिए तीन कंपनियों में विभाजित करने की घोषणा भी की गई है। निजी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय विद्युत् व्यापार एवं प्रसारण लाइन निर्माण में भागीदारी के लिए नीति बनाई गई है। बजट में ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज, इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ऊर्जा आधारित उद्योग को भी प्राथमिकता दी गई है। आगामी वर्ष ६७० मेगावाट जलविद्युत् और ३७० मेगावाट सौर ऊर्जा जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सिंचाई क्षेत्र में १५,८०० हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर सिंचाई सुविधा का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। सिक्टा, बबई, सुनकोशी–मरिण, महाकाली और रानी–जमरा–कुलरिया जैसी जलस्रोत परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अरबों रुपये का बजट आवंटित किया गया है। नदी नियंत्रण, भूमिगत तथा लिफ्ट सिंचाई विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

निजी ऊर्जा उत्पादकों ने इस बजट को सरकार की नीति में सुधार, रूपांतरणकारी और ऐतिहासिक बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संगठन नेपाल (इप्पान) के उपाध्यक्ष उत्तम भ्लोन लामाले ऊर्जा क्षेत्र के बजट को सकारात्मक बताया। उन्होंने ऊर्जा और जलविद्युत क्षेत्र के वन संबंधी विषयों के शामिल होने को रूपांतरणकारी करार दिया। लामाले इस बजट को ‘कोर्स करेक्शन और परिवर्तनकारी’ बताया।

सरकार द्वारा नए विद्युत खरीद समझौतों (पीपीए) को खोलने विषय पर स्पष्टता न देने से अस्पष्टता पैदा हुई है, उनका कहना है। ‘‘सरकार ने नया पीपीए खोलने का उल्लेख किया है जो ३०,००० मेगावाट का है, लेकिन इसका समय स्पष्ट नहीं है,’’ उन्होंने कहा। निजी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बिजली व्यापार में शामिल करने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने से और जानकारी की आवश्यकता बताई।

नेपाल विद्युत् प्राधिकरण के पूर्व उपकार्यकारी निदेशक प्रवल अधिकारी ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के ऊर्जा और विद्युत क्षेत्र के बजट पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रसारण लाइन के बजट को ‘‘अत्यंत सकारात्मक’’ बताया, लेकिन प्राधिकरण के विभाजन और अनुमति पत्र रद्द करने के निर्णय पर ‘‘चिंता और संशय’’ व्यक्त किया। अधिकारी ने कुछ पहलुओं को उत्साहजनक सराहा, परन्तु कार्यान्वयन में चुनौतियां और कुछ नीतियाँ विवादास्पद हो सकने का संकेत दिया।

अधिकारी ने इस बजट का सबसे मजबूत पक्ष प्रसारण लाइनों में निवेश को बताया। कुल ८५ अरब के ऊर्जा बजट में से ७० अरब निर्माणाधीन प्रसारण लाइनों और सब-स्टेशन के लिए आवंटित किए गए हैं, जिसे उन्होंने ‘‘अत्यंत प्रशंसनीय’’ कदम कहा। ‘‘नेपाल की ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती प्रसारण लाइन है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने २०३५ तक के लिए तय ऊर्जा रोडमैप के अनुसार वार्षिक ८५ अरब रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें ७० अरब का आवंटन लक्ष्य के करीब पहुंचना है। यह निजी क्षेत्र और उत्पादन हो रही बिजली के प्रवाह में बड़ी सहायता करेगा।’’

बजट में विद्युत खरीद समझौता की परियोजना अनुमति पत्र के रद्द करने और नई प्रक्रिया शुरू करने के प्रावधान पर अधिकारी ने सवाल उठाए। प्राधिकरण के अनुसार, लगभग १३४ परियोजनाएं हैं जिनकी क्षमता करीब २,९०० मेगावाट है। ‘‘क्यों निर्माण शुरू नहीं हो सका या वित्तीय प्रबंधन में असमर्थता क्यों हुई, इसका विश्लेषण किए बिना अनुमति पत्र रद्द करने से समय और संसाधन बर्बाद हो सकते हैं। नई अनुमति लेना और पीपीए प्रक्रिया सरकार के १० वर्ष में ३०,००० मेगावाट लक्ष्य को पूरा करने में बाधा बन सकती है। राज्य को सहायता देकर निर्माण में लाना बुद्धिमानी होगी,’’ उन्होंने सुझाव दिया।

सरकार द्वारा विद्युत प्राधिकरण के उत्पादन, प्रसारण और वितरण में विभाजन की घोषणा पर अधिकारी ने कहा, ‘‘पहले भी इस विषय पर बात हुई, लेकिन ९७ प्रतिशत विद्युतीकरण के साथ एक लाभार्थी संस्था को कर्मचारी सुविधाओं आदि का अध्ययन किए बिना विभाजित करना व्यवहारिक चुनौतियां लाएगा।’’

बजट ने पहली बार जलाशययुक्त परियोजनाओं में निजी क्षेत्र को १०० प्रतिशत निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए ४० प्रतिशत शेयर सर्वसाधारण को देने का प्रावधान रखा है। अधिकारी ने इसे सकारात्मक शुरुआत कहा। हालांकि, बिजली किसे और किस मूल्य पर मिलेगी इसकी गारंटी न होने पर निजी क्षेत्र के लिए बड़े जलाशययुक्त परियोजनाओं में निवेश आकर्षक नहीं होगा, उन्होंने बताया।

बजट में सूखे मौसम के लिए प्रतिस्पर्धात्मक पीपीए करने का प्रावधान है, लेकिन बरसात के मौसम की बिजली के संबंध में चुप्पी रहने पर अधिकारी ने चिंता जताई। ७० अरब रुपये के प्रसारण लाइन आवंटन ने ऊर्जा क्षेत्र में आशा जागाई है, लेकिन अनुमति पत्र रद्द करने की नीति और प्राधिकरण के विभाजन से अन्योल पैदा हुआ है, अधिकारी ने कहा। बुढीगण्डकी जैसे बड़े आयोजन में प्रशासनिक संरचना के साथ-साथ निवेश के स्पष्ट तरीके भी आवश्यक हैं।

निजी अस्पतालों के मरीजों से ३ प्रतिशत स्वास्थ्य समता शुल्क के रूप में कर वसूला जाएगा

सरकार ने आर्थिक वर्ष २०८३/०८४ के बजट के माध्यम से निजी अस्पतालों के मरीजों से तीन प्रतिशत ‘स्वास्थ्य समता शुल्क’ नामक कर वसूली करने की घोषणा की है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णीम वाग्ले ने संसद में बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि निजी स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा लिए जाने वाले सभी सेवा शुल्कों पर यह कर लागू होगा।

१५ जेठ, काठमाडौँ। सरकार ने निजी अस्पतालों में उपचार करवा रहे मरीजों से तीन प्रतिशत कर वसूलने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को संसद में प्रस्तुत आर्थिक वर्ष २०८३/०८४ के बजट में स्वास्थ्य समता शुल्क के तहत तीन प्रतिशत कर लगाए जाने की घोषणा की गई है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णीम वाग्ले ने बजट वक्तव्य में कहा, ‘निजी क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य संस्थान जो भी सेवा शुल्क मरीजों से वसूल करते हैं, उन सभी पर तीन प्रतिशत की दर से स्वास्थ्य समता शुल्क लागू किया जाएगा।’

सद्भाव और तारा ने जीती 12वीं नेपाल अंतर्राष्ट्रीय अमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप की उपाधि

नेपाल के सद्भाव आचार्य ने भारत के भीभान उभायकार को हराते हुए 12वीं नेपाल अंतर्राष्ट्रीय अमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप की उपाधि बचा ली। महिला वर्ग में नेपाल की तारा कार्की चित्रकार ने कुल स्कोर 241 के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। इस प्रतियोगिता में नेपाल ने सर्वाधिक 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक जीते हैं। 15 जेठ, काठमांडू।

पूर्व विजेता नेपाल के सद्भाव आचार्य ने 12वीं नेपाल अंतर्राष्ट्रीय अमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप की खिताब जीतने में सफलता हासिल की। उन्होंने आज इवन-पार 72 के स्कोर के साथ कुल 9-अंडर 207 के नतीजे में भारत के भीभान उभायकार को 4 स्ट्रोक से हराते हुए उपाधि रक्षा की। सद्भाव ने टीम तथा व्यक्तिगत दोनों ही श्रेणियों में दो स्वर्ण पदक जीते। पिछली संस्करण में भी उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते थे।

आज 2-अंडर 70 का स्कोर बनाकर कुल 5-अंडर 211 के साथ भारत के भीभान द्वितीय स्थान पर रहे। नेपाल के राहुल विश्वकर्मा 3-अंडर 213 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में नेपाल की तारा कार्की चित्रकार ने कुल 25-ओवर 241 स्कोर के साथ समझना खत्री को 14 स्ट्रोक से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

प्रतियोगिता में नेपाल, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और भूटान सहित 5 दक्षिण एशियाई देशों के 52 खिलाड़ी भाग लेने पहुंचे थे। प्रतियोगिता के आयोजन में विभिन्न संघ तथा संस्थानों का सहयोग रहा।

निजी विद्यालयमा पढ्ने विद्यार्थीलाई तीन प्रतिशत कर

निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों से तीन प्रतिशत शिक्षा कर वसूला जाएगा

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष से निजी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से तीन प्रतिशत शिक्षा समता शुल्क वसूलने का निर्णय लिया है। बजट वक्तव्य में बताया गया है, “निजी क्षेत्र द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों द्वारा विद्यार्थियों से वसूले जाने वाले सभी प्रकार के शुल्कों पर तीन प्रतिशत की दर से शिक्षा समता शुल्क लगाया जाएगा।” १५ जेठ, काठमांडू।

सरकार ने नए आर्थिक वर्ष से निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों से तीन प्रतिशत कर वसूलने की योजना सार्वजनिक की है। इसे ‘शिक्षा समता शुल्क’ के रूप में बजट में शामिल किया गया है। इसका अर्थ है कि विद्यार्थियों द्वारा अदा किए जाने वाले शुल्क में तीन प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क बढ़ाया जाएगा। बजट वक्तव्य में इसकी स्पष्ट रूप से जानकारी दी गई है, ‘निजी क्षेत्र द्वारा संचालित शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों से वसूले जाने वाले सभी प्रकार के शुल्कों पर तीन प्रतिशत की दर से शिक्षा समता शुल्क लगाएंगे।’

सरकार ने गैरआवासीय नेपाली नागरिकता से जुड़ी व्यवस्थाओं में संशोधन की घोषणा की

समाचार सारांश

  • सरकार ने गैरआवासीय नेपाली नागरिकता से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया है, जो “एकपटक नेपाली, सधैं नेपाली” के नारे को व्यवहारिक रूप देगा।
  • अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने कहा कि गैरआवासीय नेपाली नागरिकों को व्यापक आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकार प्रदान किए जाएंगे और उन्हें देश के मुख्य विकास प्रयासों में शामिल किया जाएगा।
  • बजट में निर्यात प्रोत्साहन, निवेश आकर्षण और पर्यटन संवर्द्धन के लिए नेपाली प्रतिनिधिमंडलों को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

जेठ १५, काठमाडौं – सरकार ने गैरआवासीय नेपाली नागरिकता (एनआरएनए) से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों में संशोधन की योजना सार्वजनिक की है, जो “एकपटक नेपाली, सधैं नेपाली” के नारे को वास्तविकता में परिणत करेगा।

आगामी आर्थिक वर्ष के बजट प्रस्तुति के दौरान अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने बताया कि गैरआवासीय नेपाली नागरिकों को पूर्ण आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार प्रदान किए जाएंगे एवं उन्हें देश की प्रमुख विकास पहलों में सक्रिय रूप से सम्मिलित किया जाएगा।

साथ ही, बजट में विदेशों में सक्रिय नेपाली प्रतिनिधिमंडलों को और अधिक मजबूत बनाने तथा उनकी क्षमता बढ़ाने के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

नेपाल के निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को आकर्षित करने तथा पर्यटन संवर्द्धन के लिए नेपाली प्रतिनिधिमंडलों के कूटनीतिक प्रयासों को भी मजबूत करने की योजना है।

निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार ने सिक्योरिटी बाजार में गैरआवासीय नेपाली नागरिकों की भागीदारी के लिए कानूनी संशोधन करने का प्रस्ताव बजट में शामिल किया है। इसके साथ ही विदेशी निवेश अनुमोदन, निवेश लेखा परीक्षण, मुनाफा वापसी के प्रावधान और पूंजी लाभकर संबंधी कानूनी रूपरेखा में भी बदलाव किए जाएंगे।

संविधानविद् डा. विपिन अधिकारी का विश्लेषण: ‘चितुवा बजेट’

१५ जेठ, काठमाडौं। संविधानविद् डा. विपिन अधिकारी ने अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले द्वारा प्रस्तुत बजट को ‘चितुवा बजेट’ के रूप में मूल्यांकन किया है। उन्होंने इस बजट को तीव्र, जीवंत, साहसी और बड़ी प्रगति की आकांक्षा लिए हुए बताया। डा. अधिकारी ने सामाजिक संजाल फेसबुक पर लिखा, ‘यह बजट सुधारोन्मुखी, तकनीकी-केंद्रित और निजी क्षेत्र को आश्वस्त करने के लिए एक आक्रामक प्रयास है।’

अधिकारी ने आगे कहा, ‘इस बजट की प्रमुख विशेषता कर प्रणाली का सरलीकरण, प्रशासनिक पुनर्संरचना, सार्वजनिक खर्च में कटौती, निवेश को सुगम बनाना, ऊर्जा, एआई प्रौद्योगिकी, कृषि पुनरुत्थान, स्वास्थ्य बीमा, शिक्षा सुधार और अधोसंरचना को एक समग्र ‘सुधार पैकेज’ के रूप में प्रस्तुत करना है।’ उन्होंने यह भी बताया कि बजट ने बड़े खर्चों की प्रतिबद्धता जताई है, इसलिए इसे ऋण और घाटे के माध्यम से पूरा करने की आवश्यकता होगी।

बजट की सफलता के लिए राजस्व अनुमान यथार्थवादी होना चाहिए, पूंजीगत खर्च समय पर लागू किया जाना चाहिए और घोषित कानूनी तथा संस्थागत सुधारों को इसी वर्ष प्रभावी रूप से लागू किया जाना आवश्यक है, यह डा. अधिकारी का निष्कर्ष है। उन्होंने कहा, ‘कार्यान्वयन, संसाधन प्रबंधन और खर्च अनुशासन के संदर्भ में यह बजट चुनौतीपूर्ण प्रतीत होता है। इसमें कोई दिशाहीनता नहीं है। यह बजट महत्वाकांक्षी सुधारवादी दिशा को दर्शाता है।’ हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘हमारी कमजोर प्रशासनिक क्षमता की वजह से यह बजट केवल घोषणात्मक स्तर पर सीमित रहने का जोखिम भी रखता है।’ डा. अधिकारी के अनुसार, तीव्र गति, आक्रामक सुधार और बड़ी प्रगति की आकांक्षा लिए इस बजट को सफल बनाने के लिए सख्त अनुशासन के साथ कार्यान्वयन होना अनिवार्य है।

इरान लगातार विजेता बना रहा है

त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवर हॉल में शुक्रवार को सम्पन्न हुए फाइनल में कजाखस्तान को ३-१ सेट के अंतर से पराजित करते हुए इरान लगातार चैंपियन बना। इरान ने कावा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में भारत ने नेपाल को ३-१ सेट से हराते हुए मेजबान नेपाल पदकविहीन रहा। इरान ने अपराजित रहते हुए फाइनल में केवल एक सेट गंवाकर खिताब की रक्षा करते हुए अपनी प्रमुखता बनाए रखी। १५ जेठ, काठमांडू।

इरान ने अपराजित रहते हुए कावा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप में खिताब की रक्षा की है। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवर हॉल में शुक्रवार को संपन्न हुए फाइनल में इरान ने कजाखस्तान को ३-१ सेट के अंतर से हराकर लगातार चैंपियन बन गया। पहले सेट में इरान ने २५-१८ से जीत दर्ज कर खेल में बढ़त बनाई। कजाखस्तान ने दूसरे सेट को २५-१९ से जीतकर खेल में फिर से वापसी की। तीसरे सेट में इरान ने २५-१५ की सहज जीत लेकर २-१ की बढ़त हासिल की। चौथे सेट में इरान ने २५-२१ से जीतते हुए खिताब अपने नाम किया।

इरान ने पिछली बार अक्टूबर २०२५ में उज्बेकिस्तान में आयोजित टूर्नामेंट का भी खिताब जीता था। २०२४ में काठमांडू से शुरू हुई टूर्नामेंट की पहली संस्करण में इरान तीसरे स्थान पर रहा था। उसके बाद लगातार दो संस्करणों में अपराजित रहते हुए खिताब जीतने वाले इरान ने मध्य एशिया में अपनी वर्चस्व बनाए रखा है। इस बार इरान ने कुल ५ मैच खेलते हुए अपराजित रहा। कुल १५ सेट जीते और फाइनल में केवल एक सेट गंवाया।

इरान ने एक ही प्रतियोगिता में दूसरी बार कजाखस्तान को हराया है। इससे पहले ग्रुप स्टेज में भी इरान ने कजाखस्तान को सीधे सेटों में हराया था। सेमीफाइनल में इरान ने घरेलू टीम नेपाल को और कजाखस्तान ने २०२४ के विजेता भारत को समान ३-० सेट से हराते हुए फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में कजाखस्तान समूह चरण में मिली हार का बदला लेने उतरी थी जबकि इरान ने अपने चैंपियन शैली को कायम रखते हुए खिताब की रक्षा की।

एफआईवीबी की विश्व-श्रेणी प्राप्त प्रतियोगिता होने के कारण इरान ने खिताब जीतते हुए विश्व रैंकिंग में भी सुधार किया है। इरान और कजाखस्तान दोनों टीमें एवीसी कप खेलने के लिए तैयार हैं और इस प्रतियोगिता को उनकी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा था। संयोगवश, एवीसी कप में ये दोनों टीम एक ही समूह में हैं। फिलीपींस के कैंडोन में ६ से १४ जून तक होने वाले टूर्नामेंट में इरान और कजाखस्तान समूह बी में हैं। इस समूह में वियतनाम, इंडोनेशिया, हॉन्गकॉन्ग और लेबनान भी शामिल हैं। समूह ए में फिलीपींस, चीनी ताइपेई, दक्षिण कोरिया, किर्गिज़स्तान, ऑस्ट्रेलिया और उज्बेकिस्तान हैं। मेजबान नेपाल पदक के बिना रहा, जबकि वह घरेलू मैदान पर खिताब जीतने का लक्ष्य रखता था। शुक्रवार को तीसरे स्थान के लिए हुए मैच में नेपाल ने अपने परिचित प्रतिद्वंद्वी भारत से ३-१ से हार का सामना किया। आठ टीमों की इस प्रतियोगिता में भारत तीसरे स्थान पर रहा और नेपाल चौथे स्थान पर रहा। भारत ने नेपाल को २५-२२, २५-२३, १५-२५, २५-२२ से हराया। नेपाल के मुख्य कोच जगदीश भट्ट ने कहा कि नए खिलाड़ियों के साथ यह टीम अनुभवी टीमों के खिलाफ खेलने और सीखने का अवसर था।

लक्जरी विद्युतीय गाडीको मूल्य बढ्ने – Online Khabar

लक्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों के दाम बढ़ेंगे

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों के कस्टम और स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क में वृद्धि करने का निर्णय लिया है, जिसके कारण लक्जरी वाहनों के दाम बढ़ने वाले हैं। नए नियम के अनुसार, 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य के इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त 110 प्रतिशत तक स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लगाया जाएगा। इससे पहले केवल मोटर क्षमता के आधार पर कस्टम लगते थे, लेकिन अब व्यावसायिक मूल्य के आधार पर कर निर्धारण किया जाएगा।

15 जेठ, काठमांडू। आगामी वित्तीय वर्ष से लक्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों के दाम बढ़ेंगे। सरकार द्वारा मूल्य के आधार पर कस्टम और स्वच्छ अवसंरचना योगदान शुल्क बढ़ाए जाने से वाहनों के दामों में वृद्धि होगी। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों पर मूल्य अनुसार 20 प्रतिशत कस्टम और 110 प्रतिशत तक स्वच्छ अवसंरचना योगदान शुल्क निर्धारित किया गया है।

अब तक इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर क्षमता के आधार पर कस्टम लगते थे। सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन आयात के समय कस्टम में निर्धारित कारोबार मूल्य 20 लाख रुपये तक के वाहनों पर मात्र 2.5 प्रतिशत स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लागू होता था। इसके अलावा, 30 लाख रुपये से अधिक और 40 लाख रुपये तक के मोटर वाहनों पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लगेगा।

कारोबार मूल्य 40 से 50 लाख रुपये तक के वाहनों पर अतिरिक्त 70 प्रतिशत स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लागू किया जाएगा। कारोबार मूल्य 50 लाख रुपये से अधिक के वाहनों पर अतिरिक्त 110 प्रतिशत स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क लगाया जाएगा। कस्टम राजस्व निर्धारण के दौरान निर्धारित मूल्य पर कस्टम राजस्व जोड़ा जाएगा, और उस पर स्वच्छ अवसंरचना निवेश शुल्क भी लगेगा, सरकार ने बताया।

गणतंत्र की जयजयकार

सुबह भोर की पहली किरणों के साथ अँधेरे की चादर फटती जा रही थी और पूर्व दिशा से प्रभात लालिमा फुसफुसा रही थी। सूर्य की पहली किरणों के स्पर्श से शहीद को सलाम करते हिमालय के बर्फीले पर्वत श्वेतिमय मुस्कुराहट लिए हुए थे। उसी समय सूर्य की लालिमा वाली कोमल किरणों को प्रणाम करते हुए दादी ने कहा, “गणतंत्र जिंदाबाद, गणतंत्र जिंदाबाद।” हाथ में थाली लेकर, मन में आस्था के संचित कणों के साथ सुबह-सवेरे माँ मंदिर पहुंचकर क्रांति के जल अर्पित करते हुए देवी-देवताओं से आशीष माँगती हुई शहीदों को याद किया। मंदिर की घंटियाँ बजाईं, वे आस्था की घंटियाँ थीं, और माँ ने एक स्वर में दोहराया, “गणतंत्र जिंदाबाद, गणतंत्र जिंदाबाद।”

तानाशाही के किले ढहाते हुए, षड्यंत्र के कांटेदार तारों को पार करते हुए, ठुसे हुए विचारों के वृक्षों को उखाड़ते हुए सामंती अत्याचारों का पर्दाफाश होता है। “मैं, मेरी बहनें, भाइयों और साथियों ने नवचेतना के मोर्चे पर खड़े होकर तानाशाही की दीवारें तोड़ीं, आकाश छूते नारों के साथ मुठ्ठी में मुठ्ठी बजाते हुए जनसागर में उठी लहरों के बीच विशाल आवाज़ में कहा, गणतंत्र जिंदाबाद, गणतंत्र जिंदाबाद।”

माँ का दूध पीता हुआ दूधिया बालक, मातृत्व स्नेह और कोमल गोद में धीरे-धीरे पटखनी खाते हुए, जब नव नेपाल के सुंदर सपने देखने लगा, तब उसने साथ ही दूध पीना रोकते हुए तोते जैसी बोली में कहा, “गणतंत्र जिंदाबाद, गणतंत्र जिंदाबाद।”

विष्णु रिजाल के अनुसार बजट: संतुलित लेकिन औसत

१५ जेठ, काठमाडौं। नेकपा एमाले के नेता विष्णु रिजाल ने बजट को औसत और संतुलित बताया है। उन्होंने कहा, “स्रोतों की कमी है, बड़े घोषणाएँ भी कम हैं। कर्ज़ बहुत है, आंतरिक और बाहरी दोनों तरफ।” फेसबुक पर रिजाल ने लिखा, “विदेशी निवेशकों से पैसा मिलने पर ही बजट का क्रियान्वयन संभव होगा।” विकास निर्माण के लिए बजट का २० प्रतिशत आवंटित करने और ७ प्रतिशत आर्थिक विकास दर का लक्ष्य व्यावहारिक नहीं होगा, उनका यह टिप्पणी है। उन्होंने आगे कहा, “बजट मध्यम वर्ग पर केंद्रित है और रेमिटेंस से बहुत उम्मीदें लगाई गई हैं।”

जयकुमारनाथ शाह मेमोरियल यू-१६ क्रिकेट प्रतियोगिता १९ जेठ से शुरू

समाचार सारांश

सम्पादकीय रूपमा समीक्षा गरिएको।

  • काठमांडू जिला क्रिकेट संघ के आयोजन में तीसरा संस्करण यू-16 विद्यालय स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता आगामी 19 जेठ से शुरू हो रही है।
  • त्रिवि और मूलपानी क्रिकेट मैदानों में आयोजित इस प्रतियोगिता में 24 विद्यालय भाग लेंगे, आयोजकों ने यह जानकारी दी है।
  • प्रतियोगिता के विजेता को 1 लाख 50 हजार तथा उपविजेता को 75 हजार रुपये पुरस्कार मिलेगा।

15 जेठ, काठमांडू – काठमांडू जिला क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित तीसरे संस्करण की एसियन ई-लर्निंग “जयकुमारनाथ शाह मेमोरियल यू-16 इंटर स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता” 19 जेठ से शुरू हो रही है।

शनिवार होटल स्मार्ट, धुम्बाराही में आयोजित कार्यक्रम में प्रतियोगिता की तिथि की घोषणा के साथ ट्रॉफी का अनावरण और मुख्य प्रायोजक के साथ समझौता किया गया।

यह प्रतियोगिता 19 से 25 जेठ तक तल्लो मूलपानी, माथिल्लो मूलपानी और त्रिवि क्रिकेट मैदानों में होगी। कुल 24 विद्यालय इसमें हिस्सा लेंगे जिन्हें आठ समूहों में बांटा गया है।

प्रत्येक समूह की शीर्ष टीम क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करेगी। विजेता को 1 लाख 50 हजार और उपविजेता को 75 हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा, सचिव किरण राणा ने बताया।

सभी मैच टी-20 फॉर्मेट में आयोजित होंगे, तकनीकी निदेशक रवींद्र गुप्ता ने जानकारी दी। प्रत्येक मैच के ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और विधा के श्रेष्ठ खिलाड़ी को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

प्रतियोगिता के मुख्य प्रायोजक एसियन ई-लर्निंग सेंटर हैं। सह-प्रायोजक में ई-सेवा, एसोसिएट प्रायोजर लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (नेपाल) लिमिटेड और प्रभु बैंक लिमिटेड शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान एसियन ई-लर्निंग सेंटर की निदेशक मीना त्रिपाठी लिम्बु और काठमांडू जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष दिवाकर घले के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इसी तरह, ई-सेवा के बाजार प्रबंधन प्रमुख हाना गुरुङ और घले के बीच भी समझौता हुआ।

प्रतियोगिता में सांग्रिला डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड, एवरस्ट बैंक लिमिटेड, डार्क फैंटेसी चोको रोल्स, आयुष इंटरनेशनल ओवरसीज सर्विसेज प्रालि, पिक पॉइंट एकेडमी, गैलेक्सी पब्लिक स्कूल, गरिमा विकास बैंक लिमिटेड, सिद्धार्थ प्रीमियम इंश्योरेंस लिमिटेड, माछापुच्छ्रे बैंक लिमिटेड, डीएवी स्कूल, यति एयरलाइंस, लकर रूम, हिमालयन बैंक लिमिटेड, एक्सट्रीम एनर्जी ड्रिंक, होप हॉस्पिटल और लोकल थकाली का सहयोग शामिल है।

समूह ‘ए’ में डीएवी सुशील केडिया विश्व भारती स्कूल, नेक्सस इंटरनेशनल एकेडमी और रेडियंट रीडर्स स्कूल शामिल हैं। समूह ‘बी’ में सैनिक आवासीय महाविद्यालय, त्रियोग उच्च माध्यमिक विद्यालय और क्रियेटिव एकेडमी हैं।

समूह ‘सी’ में गैलेक्सी पब्लिक स्कूल, हिमालयन व्हाइट हाउस आईबी वर्ल्ड स्कूल और केएमसी स्कूल हैं जबकि समूह ‘डी’ में एंजल्स हार्ट नेशनल स्कूल, ज्ञान मंदिर सेकेंडरी इंग्लिश स्कूल और आपि स्कूल शामिल हैं।

समूह ‘ई’ में मोक्षदा स्कूल, विज्डम इंग्लिश एकेडमी और क्लिंटन स्कूल हैं। समूह ‘एफ’ में रत्न राज्य माध्यमिक विद्यालय, अक्षरा स्कूल और संस्कृति इंटरनेशनल स्कूल हैं।

समूह ‘जी’ में जेम्स स्कूल, अक्षारिका स्कूल और लिवरपूल सेकेंडरी स्कूल हैं जबकि समूह ‘एच’ में नेपाल पुलिस स्कूल, द सेलीब्रेशन सहशिक्षा विद्यालय और पिक पॉइंट एकेडमी शामिल हैं।

‘सुशासन र रूपान्तरणमा चुके पनि शंकाको लाभ दिन सकिन्छ’

‘सुव्यवस्थापन और रूपांतरण में कमी के बावजूद संदेह का फायदा उठाया जा सकता है’

पूर्व प्रधानमंत्री डा. बाबुराम भट्टराई ने आगामी बजट को आकर्षक बताया, लेकिन यह शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में निवेश को नजरअंदाज करता है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र अकेले अर्थव्यवस्था को गति नहीं दे सकता, इसलिए नेपाल के लिए राज्य संरक्षण के साथ पूर्वी एशियाई विकास मॉडल आवश्यक है। बजट में सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा के प्रस्ताव सकारात्मक हैं, फिर भी पुराने संरचनात्मक ढांचे के कारण लक्षित आर्थिक वृद्धि को सहज बनाना कठिन होगा, उन्होंने बताया।

सरकार द्वारा प्रस्तुत आगामी वित्तीय वर्ष का बजट जितना आकर्षक लगता है, वह अर्थव्यवस्था के संरचनात्मक रूपांतरण के संदर्भ में उतनी ही निराशा भी पैदा करता है, डा. भट्टराई ने कहा। उनके अनुसार, बजट सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा को प्राथमिकता देने के बावजूद, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे मूलभूत क्षेत्रों के निवेश को उपेक्षित करता है। बिना राज्य संरक्षण के निजी क्षेत्र अर्थव्यवस्था को ‘टेक ऑफ’ नहीं करा सकता, इसलिए नेपाल को पूर्वी एशियाई विकास मॉडल की आवश्यकता है।

बजट के सकारात्मक पक्ष और संरचनात्मक कमजोरियों पर डा. भट्टराई के साथ संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने कहा कि बजट की भाषा और प्रस्तुति आकर्षक होने के बावजूद समग्र संरचना में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए लगभग २० प्रतिशत, स्वास्थ्य के लिए १० प्रतिशत, और कृषि के लिए ८-१० प्रतिशत बजट आवंटित होना चाहिए। जबकि मौजूदा बजट में शिक्षा के लिए लगभग १० प्रतिशत, स्वास्थ्य के लिए २-५ प्रतिशत, और कृषि के लिए केवल ३ प्रतिशत ही आवंटित है।

डा. भट्टराई ने कहा कि बजट विकास के संक्रमणकालीन चरण को संबोधित करने में सफल नहीं है। उन्होंने कहा, “कृषि क्षेत्र से उद्योग और सेवा क्षेत्र की ओर संक्रमणशील अर्थव्यवस्था में गुणात्मक छलांग के लिए विशेष क्षेत्रों में केंद्रित निवेश आवश्यक है।” उन्होंने यह भी कहा कि बजट की प्रस्तुति आकर्षक है पर संरचनात्मक सुधार के अभाव के कारण सुशासन की गारंटी देना मुश्किल होगा।