१५ जेठ, काठमाडौं । सरकार नवलपुर में स्थित धौवादी फलाम कम्पनी लिमिटेड में अपनी शेयर हिस्सेदारी कम करने की तैयारी कर रही है। इस कंपनी को सार्वजनिक और निजी साझेदारी मॉडल के तहत संचालित करने की कार्यप्रणाली आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट वक्तव्य में शामिल की गई है। धौवादी फलाम कम्पनी लिमिटेड पूर्ण रूप से नेपाल सरकार की स्वामित्व वाली है। इस कंपनी को २०७६ असोज ९ तारिख को कम्पनी रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ता किया गया था और २०७६ फाल्गुण मास से संचालन में लाई गई है।
पूर्वअर्थमन्त्री वर्षमान पुनले सरकारले आफ्नो प्रतिबद्धताको उल्लंघन गर्दै वितरणमुखी बजेट ल्याएको आरोप लगाएका छन्। उनले योजना आयोगले तोकेको सीमांकनभन्दा डेढ खरब रुपैयाँ बढी बजेट ल्याइएको र यसको वास्तविकता नभएको कारणले समस्या उत्पन्न भएको बताएका छन्। आगामी स्थानीय चुनावलाई लक्षित गर्दै बजेट तयार पारिएको उनी उल्लेख गरेका छन्। १५ जेठ, काठमाडौं।
राष्ट्र समाजवादी पार्टी नेतृत्वको सरकारले प्रस्तुत गरेको बजेटको स्रोत ऋण रहेको विषयमा पुनले असंगति औंल्याएका छन्। उनले भने, ‘पहिले स्थापित दलहरूलाई अधिक ऋण उठाएर देश लुटेको आरोप लगाउनेहरूले पनि अहिले ऋण लिएर खर्च गर्नुलाई हेर्दा यो प्रतिबद्धताविपरीत देखिन्छ। हामीले विगतमा गलत कुरा भनेका हौँ वा ती आरोप गलत थिए भन्नु जरूरी छ, किनकि अहिलेको परिस्थिति यथार्थसँग मेल खाँदैन।’
पुनले बजेटको आकार वास्तविकतामा आधारित नभएको उल्लेख गर्दै योजना आयोगले तोकेको २० खरब रुपैयाँको सीमा भन्दा डेढ खरब बढी बजेट ल्याइएको जानकारी दिएका छन्। ‘यो बजेटको आकार वास्तविक होइन, आफ्नै अर्थमन्त्रीलाई पनि थाहा छ,’ उनले भने। विगतमा कम्युनिष्ट अर्थमन्त्रीहरूले वितरणमुखी बजेट ल्याएकोमा आलोचना हुने क्रम जारी छ र यसपटक पनि त्यस्तै बजेट आएको पुनले औंल्याए। आगामी स्थानीय चुनावलाई ध्यानमा राखेर बजेट प्रस्तुत गरिएको उनको टिप्पणी छ।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) २०२६ में लखनऊ सुपर जायंट्स अंतिम स्थान पर रहने के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने नेतृत्व छोड़ने का निर्णय लिया।
पंत के इस्तीफे को स्वीकार करते हुए लखनऊ ने कहा, “ऋषभ ने यह अनुरोध फ्रेंचाइजी से किया था और हमने इसे सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है।”
२७ करोड़ रुपये की सबसे महंगी कीमत पर अनुबंधित पंत के कप्तानी में लखनऊ ने दो सीज़न में १० जीत और १८ हार का सामना किया।
१५ ज्येष्ठ, काठमांडू। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) २०२६ में लखनऊ सुपर जायंट्स अंक तालिका के अंतिम स्थान पर रहने के बाद ऋषभ पंत ने कप्तानी पद से इस्तीफा दे दिया है।
पंत ने शुक्रवार को अपना निर्णय फ्रेंचाइजी को सूचित किया, जिसकी पुष्टि लखनऊ ने सोशल मीडिया पर की है। ‘ऋषभ ने इस अनुरोध के साथ फ्रेंचाइजी से संपर्क किया था और हमने सम्मानजनक तरीके से इसे स्वीकार किया है,’ क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी समेत क्लब द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘कप्तान के रूप में ऋषभ ने इस ड्रेसिंग रूम में जो कुछ भी दिया है उसकी हम आभारी हैं। यह निर्णय कभी आसान नहीं होते।’
आईपीएल २०२६ सीजन में लखनऊ ने १४ में से केवल ४ मैच जीते और अंक तालिका के सबसे नीचे रहकर सीजन पूरा किया। पिछले संस्करण में २७ करोड़ रुपये के अनुबंध पर रखे गए पंत ने २०२५ और २०२६ सीजन में लखनऊ की कप्तानी संभाली थी।
उनके नेतृत्व में लखनऊ ने कुल १० मैच जीते और १८ में हार का सामना किया। पिछले सीजन में सातवें स्थान पर और मौजूदा सीजन में अंतिम स्थान पर रहने के कारण लखनऊ का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
पंत का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी दोनों सीज़न में कमजोर रहा। उन्होंने २०२५ सीजन में २६९ रन और इस सीजन में ३१२ रन बनाए।
१५ जेठ, सिरहा। सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के लिए बजट प्रस्तुत किया है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने शुक्रवार को संघीय संसद की संयुक्त बैठक में यह बजट सार्वजनिक किया। बजट में मधेश प्रदेश के पूर्वाधार, स्वास्थ्य, खेलकूद, कृषि, पर्यटन और पेयजल क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। मंत्री वाग्ले के अनुसार मधेश के जिलों में रेल, रंगशाला, अस्पताल, सिंचाई तथा पर्यटन विकास की योजनाओं को उच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने बर्दिबास–काठमांडू तेजमार्ग से जुड़ी रेल मार्ग का विस्तार करने का काम आगे बढ़ाने की घोषणा की है। निर्माणाधीन बर्दिबास–विराटनगर रेल मार्ग के लिए बजट सुनिश्चित किया गया है, जबकि जनकपुर–जयनगर–बर्दिबास रेल मार्ग के बाकी कार्यों को पूरा करने के लिए भी आवश्यक बजट आवंटित किया गया है।
खेलकूद पूर्वाधार के लिए सरकार ने ४ अरब ३ करोड़ रुपैयाँ का बजट आवंटित किया है। मधेश प्रदेश में प्रस्तावित ११वीं राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता को लक्षित करते हुए आवश्यक पूर्वाधार का निर्माण किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों के अंदर कम से कम ८ हजार दर्शक क्षमता वाले १० फुटबॉल रंगशालाओं को फ्लड लाइट के साथ उन्नत किया जाएगा। इसके अलावा, विराटनगर, लहान, काठमांडू, पोखरा, सुर्खेत और धनगढी में कम से कम २ हजार दर्शकों वाली इनडोर मल्टीपर्पज स्टेडियम बनाए जाएंगे। प्रमुख ८ शहरों में पांच वर्षों के भीतर आधुनिक क्रिकेट रंगशालाओं की स्थापना का लक्ष्य भी बजट में शामिल है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मधेश प्रदेश के नारायणी अस्पताल, गजेन्द्रनारायण सिंह अस्पताल और रामराजाप्रसाद सिंह स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के पूर्वाधार विकास कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। मधेश प्रदेश में मिर्गौला रोग उपचार केंद्र और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना सरकार ने बताई है। साथ ही सरकारी अस्पतालों में बालबालिकाओं के कैंसर उपचार को नि:शुल्क करने की घोषणा की गई है। कृषि क्षेत्र में सिरहा–सप्तरी के आम तथा सर्लाही के गोलमटोल टमाटर प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने का योजना है। तराई–मधेश के ३,९८० हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में सतही सिंचाई न होने के कारण भूमिगत सिंचाई का विस्तार करने के लिए १ अरब ८३ करोड़ रुपैयाँ का बजट आवंटित किया गया है।
तराई–मधेश के जलचक्र को स्थायी बनाने के लिए जल स्रोत संरक्षण, तालाब निर्माण, भूस्खलन नियंत्रण और किनारा सुरक्षा निर्माण के कार्यक्रमों के लिए लगभग १ अरब रुपैयाँ का बजट रखा गया है। पेयजल क्षेत्र में सूखे के दौरान होने वाली चरम कमी को दूर करने हेतु सामुदायिक स्तर पर डिप बोअरिंग सहित पेयजल योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। “आर्सेनिक मुक्त तराई अभियान” भी संचालित करने की योजना है। अधूरे पड़े २८० पेयजल योजनाओं को पूरा करने के लिए २ अरब ५० करोड़ रुपैयाँ का बजट आवंटित किया गया है। पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्रों में जनकपुरधाम को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जनकपुर को ‘विवाह गंतव्य’ के रूप में विकसित कर ब्रांडिंग करने का भी सरकार का योजना में स्थान है। रामजानकी मार्ग और रामजानकी परिक्रमा सड़क के स्तरीकरण के लिए भी बजट आवंटित किया गया है, इस बात की जानकारी मंत्री वाग्ले ने दी। साथ ही सप्तरी के सखड़ा, धनुषाधाम और गढ़ीमाई क्षेत्रों को क्षेत्रीय कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, यह बजट में उल्लेखित है। मधेश के दलित और विपन्न बस्तियों तक नमूना होमस्टे संचालित करने की योजना भी समाहित है।
समाचार सारांश: एन्थ्रोपिक संशोधित ‘क्लोड ओपस ४.८’ को तथ्यपरकता में सुधार के साथ और उन्नत साइबर सुरक्षा क्षमताओं से लैस शक्तिशाली ‘माइथोस’ मॉडल को आगामी हफ्तों में जारी करने की तैयारी कर रहा है। ‘प्रोजेक्ट ग्लासविंग’ के तहत अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों को साइबर सुरक्षा उद्देश्यों के लिए माइथोस मॉडल का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। नए ओपस ४.८ मॉडल ने तथ्यपरकता बढ़ाने में और काम से संबंधित अनिश्चितताओं को उजागर करने तथा आधारहीन दावों को कम करने में सफलता दिखाई है, जैसा कि प्रारंभिक परीक्षक बताते हैं।
१५ जेठ, काठमांडू। एन्थ्रोपिक ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वे संशोधित ‘क्लोड ओपस ४.८’ मॉडल को जारी करने जा रहे हैं। साथ ही, कंपनी कुछ हफ्तों में अपने सभी ग्राहकों के लिए एक शक्तिशाली ‘माइथोस’ मॉडल लाने की तैयारी में है। माइथोस एआई लैब का एक बड़ा भाषा मॉडल (एलएलएम) है, जिसमें उन्नत साइबर सुरक्षा क्षमताएँ शामिल हैं। इसके प्रभाव को लेकर विभिन्न कंपनियों के अधिकारियों और विश्व नेताओं के बीच चिंता बढ़ती जा रही है।
‘प्रोजेक्ट ग्लासविंग’ के तहत अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल जैसी शीर्ष तकनीकी कंपनियों को साइबर सुरक्षा के लिए माइथोस मॉडल का उपयोग करने की अनुमति मिली है। कंपनी के अनुसार, ओपस ४.८ पुराने संस्करण की तरह मान्य कीमत पर उपलब्ध होगा और विशेष रूप से तथ्यपरकता के मानकों में सुधार करेगा। प्रारंभिक परीक्षकों ने बताया है कि यह मॉडल अपने कार्य क्षेत्र की अनिश्चितताओं को स्पष्ट रूप से दिखाने और अनावश्यक दावों को कम करने में अधिक सक्षम है, जैसा कि एन्थ्रोपिक ने साझा किया है।
क्लोड के निर्माता कंपनी ने कहा, “एआई मॉडल की सामान्य समस्या यह होती है कि बिना पर्याप्त सबूत के भी कुछ मामलों में जल्दी निर्णय ले लेना और अपने काम की प्रगति का पूर्ण विश्वास के साथ दावा करना।”
१५ जेठ, काठमांडू। राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) के सांसद ज्ञानेन्द्र शाही ने सरकार द्वारा साढ़े ६ खरब से अधिक घाटे वाला बजट पेश किए जाने पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को बजट भाषण के बाद संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में सांसद शाही ने कहा कि बजट में दिखाया गया घाटा सामान्य नहीं है। ‘सरकार ने जो बजट पेश किया है, उसके लिए ६५७ अरब २९ करोड़ रुपए पर्याप्त नहीं होंगे। यह कोई सामान्य मामला नहीं है,’ शाही ने कहा, ‘बजट लाना बड़ी बात नहीं है, आजकल बजट तो ५० खरब तक भी लाया जा सकता है।’
उन्होंने बताया कि घाटे वाले बजट के लिए २ खरब ४७ अरब रुपए कर्ज़ विदेश से लाने की योजना है। ‘२४७ अरब २७ करोड़ कर्ज़ सरकार विदेश से लाने वाली है। ४१० अरब आंतरिक कर्ज़, यानी नेपाल के अंदर से कर्ज़ जुटाने का प्रावधान है,’ उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहले भी १८/१९ खरब रुपए के बजट पेश किए गए थे, लेकिन कार्यान्वयन के समय वह केवल १३ खरब रुपए तक ही सीमित रहे। उनका जोर था कि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि घाटे वाले बजट का पैसा कहाँ से लाया जाएगा।
समाचार की संपादकीय दृष्टि से समीक्षा की गई है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए 21 खरब 24 अरब 34 करोड़ रुपये के बराबर का बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट में सरकार ने पूंजीगत खर्च के लिए 4 खरब 31 अरब और वित्तीय प्रबंधन के लिए 4 खरब 22 अरब रुपये आवंटित किए हैं। निजी क्षेत्र ने इस सार्वजनिक बजट को लेकर उत्साह व्यक्त किया है, वहीं अर्थविदों ने इसकी समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। 15 जेठ, काठमांडू। सरकार द्वारा पेश किए गए आगामी आर्थिक वर्ष के बजट की समीक्षा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में, हमने अर्थविदों के साथ इस बजट की समीक्षा की है। आज ही अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष का बजट प्रस्तुत किया था। निजी क्षेत्र बजट के प्रति उत्साहित नजर आ रहा है। अर्थशास्त्री प्रकाश कुमार श्रेष्ठ, चार्टर्ड अकाउंटेंट सुदर्शनराज पाण्डे और युवा अर्थशास्त्री ऊर्जा थापा के साथ इस बजट पर समीक्षा की गई है। अर्थमंत्री वाग्ले ने बताया कि आगामी आर्थिक वर्ष का बजट 21 खरब 24 अरब 34 करोड़ रुपये के बराबर है। पूंजीगत खर्च के लिए 4 खरब 31 अरब और वित्तीय प्रबंधन के लिए 4 खरब 22 अरब रुपए आवंटित किए गए हैं। बजट पर फिलहाल विभिन्न व्यवसायी और अर्थशास्त्री अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष २०८३/८४ के बजट के माध्यम से तीन संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
इनमें त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल, चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रीय प्रतिष्ठान और पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान को उन्नत किया जाएगा।
बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने कहा, “इन अस्पतालों में विदेशी छात्रों को भी शिक्षा देने की क्षमता विकसित की जाएगी।”
१५ वैशाख, काठमांडू । सरकार ने तीन संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय में विकसित करने की योजना शुरू की है।
आगामी वित्तीय वर्ष २०८३/८४ के बजट वक्तव्य में, वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल, चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रीय प्रतिष्ठान और पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की बात कही।
वाग्ले ने कहा, ‘इन अस्पतालों में विदेशी छात्रों को भी शिक्षा प्रदान करने की क्षमता विकसित की जाएगी।’
अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले आगामी आर्थिक वर्ष का बजट प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत करेंगे। इस वर्ष उन्होंने पारंपरिक झोले के बजाय नेपाली कागज की फाइल में बजट तैयार किया है। मंत्रिपरिषद द्वारा पारित होने के पश्चात बजट संघीय संसद की संयुक्त बैठक में पेश किया जाएगा। १५ जेठ, काठमाडौं।
आगामी आर्थिक वर्ष का बजट सार्वजनिक होने वाला है। अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा की संयुक्त बैठक में बजट प्रस्तुत करेंगे। इस बार उन्होंने पारंपरिक झोले में नहीं बल्कि नेपाली कागज की फाइल में बजट तैयार किया है। बजट आज ही मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था। मंत्रिपरिषद द्वारा पारित किए जाने के बाद अर्थमंत्री वाग्ले संयुक्त सदन में बजट प्रस्तुत करेंगे।
फाइल तस्वीर समाचार सारांश सबै पक्षबाट जाँचिएको। अर्थमन्त्री स्वर्णिम वाग्लेले आर्थिक वर्ष २०८३/८४ को बजेटमा नेपाली सेनाका जवानहरूको आवास सुधारका लागि २ अर्ब रुपैयाँ विनियोजन गरिएको जानकारी दिनुभयो। यसअघि संचालनमा रहेको ‘बंकर टु ब्यारेक’ कार्यक्रमको नाम यसपटक आवास सुधार कार्यक्रममा परिवर्तन गरी बजेट विनियोजन गरिएको छ। १५ जेठ, काठमाडौं। नेपाली सेनाका जवानहरूको आवास स्तरोन्नतिको लागि आर्थिक वर्ष २०८३/८४ को बजेटमा २ अर्ब रुपैयाँ छुट्याइने भएको छ। अर्थमन्त्री स्वर्णिम वाग्लेले बजेट प्रस्तुत गर्दादेखि यो जानकारी दिनुभएको हो। पहिले पनि ‘बंकर टु ब्यारेक’ कार्यक्रमअन्तर्गत सेनाका जवानहरूको आवास सुधारका लागि बजेट विनियोजन हुँदै आएको थियो, तर यस पटक उक्त कार्यक्रमको नाम मात्र परिवर्तन गरी आवास सुधार कार्यक्रमको रूपमा बजेट विनियोजन गरिनेछ।
समाचार सारांश समीक्षा के पश्चात् तैयार। प्रतिनिधि सभा की कृषि समिति के सभापति अशोककुमार चौधरी ने कृषि उत्पादन के जरिए राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने को सरकार की प्राथमिकता बताया है। चौधरी ने कहा कि सरकार की नीति किसान को अनुदान के आधार पर नहीं बल्कि उत्पादन के आधार पर सम्मानित करने की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर नेपाल को कृषि में आत्मनिर्भर और निर्यातमुखी बनाया जा सकता है। १५ जेठ, काठमांडू।
प्रतिनिधि सभा की कृषि, सहकारी एवं प्राकृतिक संसाधन समिति के सभापति अशोककुमार चौधरी ने कृषि उत्पादन के माध्यम से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को सरकार की प्राथमिकता बताया है। शुक्रवार को राष्ट्रपति के सरकारी आवास में आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्ट कृषक सम्मान और पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने संबोधन देते हुए कहा कि सरकार ने कृषि को केवल पारंपरिक पेशा नहीं बल्कि सम्मानित, आधुनिक एवं व्यवसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हिमालय, पहाड़ और तराई की भौगोलिक विविधता ने हमें कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं दी हैं। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रभावी कार्यान्वयन से नेपाल न केवल आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि कृषि निर्यात में भी सक्षम राष्ट्र बन सकता है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘इस दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। सरकार ने कृषि को पारंपरिक पेशा मात्र न मानकर इसे सम्मानित, आधुनिक एवं व्यवसायिक पेशे के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लेकर काम शुरू किया है।’’
नेपाल की भौगोलिक विविधता द्वारा कृषि क्षेत्र में असाधारण संभावनाएं उत्पन्न होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रभावी कार्यान्वयन के जरिए कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘अब युवाओं के विदेश पलायन को रोककर गांवों में रोजगार सृजन करना और उत्पादन के माध्यम से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना सरकार की उच्च प्राथमिकता है। राज्य की नीति है कि किसानों को अनुदान के आधार पर नहीं, बल्कि उनके उत्पादन के आधार पर सम्मानित किया जाएगा।’’
१५ जेठ, काठमाडौँ । सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए ऊर्जा उत्पादन, प्रसारण तथा वितरण कार्यों हेतु ८५ अर्ब ५४ करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। अर्थ मन्त्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने आगामी आर्थिक वर्ष का बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि ऊर्जा उत्पादन, प्रसारण और वितरण लाइन निर्माण हेतु यह राशि निर्धारित की गई है। साथ ही, उन्होंने हेटौंडा में २.५ मेगावाट क्षमता वाले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट को पायलट परियोजना के रूप में संचालित कर ग्रीन हाइड्रोजन के वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत करने की योजना का भी विवरण दिया है।
युक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार रोमानिया में रूसी ड्रोन गिरने से दो लोगों के घायल होने की खबर आई है। रोमानिया ने इस घटना को रूस की “गंभीर और गैरजिम्मेदार उकसावा” करार देते हुए कड़ी निंदा की है और जल्द से जल्द एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की मांग की है। चार वर्षों से जारी युद्ध के दौरान अब तक रोमानियाई जमीन पर 47 बार रूसी ड्रोन के अवशेष मिले हैं।
युक्रेन की सीमा से सटा नाटो सदस्य देश रोमानिया के एक आवासीय भवन में रूसी ड्रोन गिरने से दो आम नागरिक घायल हुए हैं। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पड़ोसी युक्रेन की सीमा के निकट रूस द्वारा किए गए हवाई हमले के दौरान एक ड्रोन पूर्वी शहर गलाती में स्थित 10 मंजिला भवन की छत से टकराया। रोमानिया की आपातकालीन सेवा विभाग के मुताबिक, ड्रोन में मौजूद विस्फोटक पदार्थ छत पर फटने से दसवीं मंजिल पर भयंकर आग लग गई।
आग लगने के बाद लगभग 70 निवासी सुरक्षित स्थानों पर ले जाए गए। मामूली चोटें आईं दो लोगों का उपचार कराया गया है। चार वर्षों से जारी रूस-युक्रेन युद्ध में रोमानिया के नागरिकों के घायल होने की यह पहली घटना है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार आत तक 47 बार रूसी ड्रोन के टुकड़े रोमानियाई भूमि पर पाए गए हैं, जिनमें से 12 घटनाएं इस वर्ष की हैं।
रोमानिया के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को रूस की तरफ से की गई “गंभीर और गैरजिम्मेदार उकसावे” बताते हुए कड़ी भर्त्सना की है। रोमानिया ने इस विषय में नाटो के महासचिव को सूचित करते हुए अपनी भूमि में शीघ्र एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की मांग की है। नाटो के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर रूस के इस कदम की निंदा करते हुए कहा है कि नाटो अपने सदस्य देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जब रूसी ड्रोन रोमानिया में प्रवेश कर रहे थे, तब रोमानिया ने अपने दो एफ-16 लड़ाकू विमानों को सतर्कता पर रखा था। इस घटना पर रूस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
संसद में बजट प्रस्तुत करते हुए अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर १० लाख रुपैयाँ तक बढ़ाने की घोषणा की।
अर्थमंत्री वाग्ले ने बजट प्रस्तुत करते हुए संसद सहित सभी राज्य संरचनाओं से रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई और देश तथा विदेश के नेपालीयों के लिए इस वर्ष के बजट को एक प्रभावशाली नीति उपकरण बनने का विश्वास प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि युवा जनसंख्या की पूंजी को अवसर के रूप में लेते हुए राजनीतिक अस्थिरता के दुष्चक्र को समाप्त किया जा चुका है।
बजट पेश करने के दौरान प्रारंभ में कराधान क्षेत्र में बड़े नीतिगत सुधारों की भी घोषणा की गई।
अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा, “उद्यम और व्यवसायों को राहत प्रदान करने के साथ-साथ मध्यम वर्ग का विस्तार कर देश की समग्र अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने के लिए कर दरों की व्यापक समीक्षा की है। कर भार कम करने के लिए व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर १० लाख रुपैयाँ किया गया है। व्यक्तिगत आयकर की अधिकतम दर को १० प्रतिशत तक घटाया गया है।”
वर्तमान में व्यक्तिगत वार्षिक आय ५ लाख रुपैयाँ तक और दंपती की आय ६ लाख रुपैयाँ तक मात्र १ प्रतिशत कर लगाया जाता है। इसके बाद विभिन्न आय वर्गों के लिए कर दरें बढ़ती हैं।
दंपती के लिए ६ से ८ लाख रुपैयाँ तक १० प्रतिशत, ८ से ११ लाख रुपैयाँ तक २० प्रतिशत, और ११ से २० लाख रुपैयाँ तक ३० प्रतिशत कर लागू होता है।
इसके अलावा कर योग्य आय २० से ५० लाख रुपैयाँ तक होने पर २० लाख रुपैयाँ तक के कर दर में अतिरिक्त २० प्रतिशत तथा ४० लाख रुपैयाँ से अधिक कर योग्य आय पर २० लाख रुपैयाँ तक के कर दर में अतिरिक्त ३० प्रतिशत अतिरिक्त कर का प्रावधान आयकर अधिनियम में उल्लेखित है।
इन कारणों से उच्चतम कर दर ३९ प्रतिशत तक पहुँचती है, जो दक्षिण एशिया में सबसे अधिक है, कर प्रशासन के जानकारों ने बताया।
जनता समाजवादी आंदोलन के बाद सरकार के पहले स्थिर सरकार के पहले बजट को लेकर कई लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है।
तस्वीर स्रोत, Nepal Photo Library
सामाजिक सुरक्षा भत्ता छोड़ने के लिए प्रोत्साहन
अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने सक्षम नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा भत्ता स्वैच्छिक रूप से त्यागने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन देने की बात कही।
बजट में इसके लिए ‘जो कर सकते हैं वह छोड़ दें, जो नहीं कर सकते उन्हें जोड़ें’ जैसी योजना घोषित की गई है।
वाग्ले ने प्रवासी नेपालीयों को भी वार्षिक बजट में मतदान का अधिकार देने के लिए कानूनी और तकनीकी व्यवस्थाएँ बनाने की घोषणा की।
साथ ही राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त दलों को अनुदान देने के विषय पर सरकार व्यापक चर्चा कराने का सुझाव भी मिला।
कृषि को प्राथमिकता
बजट घोषणा में सरकार ने कृषि को शीर्ष प्राथमिकता देने की बात कही है।
अर्थमंत्री ने किसानों को २ करोड़ रुपैयाँ तक निवेश करने पर ४० प्रतिशत तक ऋण उपलब्ध कराने के पायलट कार्यक्रम की भी घोषणा की।
यूरोपीय संघ नेपाल को यूरोपियन एविएशन ब्लैकलिस्ट से हटाने की नीति बनाने की भी जानकारी दी गई।
महिला उद्यमियों को ऋण प्रवाह में अतिरिक्त सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।
दुई तिहाई सरकार द्वारा तैयार बजट को व्यापक रुचि
अपने पहले बजट को महत्वाकांक्षी आकार का बताते हुए अर्थव्यवस्था विशेषज्ञ और अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने इसे प्रभावशाली बताया।
पिछले वर्ष १९.५ खरब रुपैयाँ का बजट था, जिसे बाद में ३ खरब रुपैयाँ कम किया गया था।
मुद्रास्फीति, आपूर्ति श्रृंखला में समस्याएं और मध्य पूर्व में युद्ध ने सरकार के लक्ष्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण बना दिया है, विशेषज्ञों ने कहा।
इस बजट के जरिए मध्यम वर्ग को राहत देने और उद्योग उत्पादन को प्रोत्साहित करने की उम्मीद सत्ताधारी दल के नेताओं ने जताई है।
वित्तीय वर्ष की चालू आर्थिक वृद्धि दर ३.८५ प्रतिशत अनुमानित है, जैसा कि बुधवार को अर्थमंत्री वाग्ले द्वारा प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण से पता चला।
ईरान युद्ध सहित बढ़ती महंगाई के कारण आने वाले सप्ताह में संसद में पेश होने वाले बजट में कर्मचारियों की वेतन और आयकर सीमा से जुड़ी नीतियों पर अधिक ध्यान केंद्रित होगा।