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लेखक: space4knews

खाली गरिएका जग्गामा किन विस्तार गर्ने हरियाली ? – Online Khabar

खाली पारेको जग्गामा हरियाली विस्तार अत्यावश्यक

सरकारले हालै काठमाडौंमा बागमती, मनोहरा, धोबीखोला नदी किनार र अन्य क्षेत्रहरूमा सरकारी जग्गामा अतिक्रमण गरी निर्मित घर, टहरा लगायतका विभिन्न संरचनाहरू हटाएर जग्गा खाली गराएको छ। यसरी खाली गरिएका स्थानहरूको सदुपयोग गर्ने तरिका के हुन्छ भन्ने विषयमा सर्वसाधारणमा चासो बढेको छ। दीर्घकालीन रूपमा काठमाडौंलाई वातावरणीय रूपमा सफा र बस्नयोग्य शहरको रूपमा विकास गर्न यो अवसर अत्यन्त उपयोगी हुन सक्छ। खुलेआम हरित क्षेत्रहरूको कमी रहेको काठमाडौंमा हरियाली विस्तार गर्नु सबैभन्दा कम खर्चिलो र छिटो सुरु गर्न सकिने प्रभावकारी उपाय बन्न सक्छ। शहरी क्षेत्रमा वन तथा हरियालीले आवरण गरिएको क्षेत्रलाई समग्रमा ‘हरित क्षेत्र’ वा ‘शहरी वन’ भनिन्छ। यसले पार्क, सडक किनार, नदी किनार, कार्यालय परिसर तथा अन्य सार्वजनिक खुला क्षेत्रसँगै निजी घरहरूको परिसरमा रहेका रूख, फलफूलका बिरुवा र घाँस वा दुबोले ढाकिएका क्षेत्रहरू समेटिएको छ।

विश्वका उत्कृष्ट हरित क्षेत्र भएका शहरहरूमा क्यानाडाको भ्यानकुभर, डेनमार्कको कोपनहेगन, सिङ्गापुर, अस्ट्रियाको भियना र नेदरल्यान्ड्सको एम्स्टर्डम प्रमुख छन्। एशियाली देशहरू मध्ये चीनले ‘फरेस्ट सिटिज’ मोडेल, सिङ्गापुरले ‘सिटी इन द गार्डेन’, र जापानले ‘कम्प्याक्ट हरित शहर’ नीति अंगीकार गरेका छन्। शहरी क्षेत्रका हरित क्षेत्रहरूको वातावरणीय, आर्थिक र सामाजिक दृष्टिले अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका छ। तापक्रम घटाउने, वायु प्रदूषण कम गर्ने, छायाँ प्रदान गर्ने, डुबान समस्या न्यूनिकरण गर्ने, जैविक विविधता प्रवर्द्धन गर्ने, शारीरिक र मानसिक स्वास्थ्य सुधार्नका साथै सामाजिक सम्बन्ध विस्तार गर्नका लागि हरियालीको योगदान अमूल्य छ।

पार्क वा हरियाली क्षेत्र वरिपरिका घर जग्गाको मूल्य अन्य ठाउँहरूमा भन्दा बढी हुन्छ। अध्ययनहरूले देखाएका छन् कि रूखबिरुवा भएको क्षेत्रमा घरको मूल्य सात प्रतिशतसम्म र पार्क नजिकै अवस्थित क्षेत्रमा २० प्रतिशतसम्म बढी हुन्छ। हरित क्षेत्रमा बसोबास गर्ने व्यक्तिहरू छिटो रोगमुक्त हुन्छन्। अल्जाइमर र डिमेन्सियाजस्ता रोगहरूमा पनि हरित क्षेत्रले सकारात्मक समर्थन पुर्याउने तथ्य प्रकाशमा आएको छ। हरित क्षेत्र भएका स्थानहरूमा लुटपाट लगायतका सामाजिक अपराधका घटनाहरू पनि न्यून हुन्छन्। यसले शहरको सौन्दर्य अभिवृद्धि गर्ने र आन्तरिक तथा बाह्य पर्यटन प्रवर्द्धनमा पनि मद्दत पुर्याउँछ। त्यसैले, काठमाडौंलाई सफा, हराभरा र बस्नयोग्य शहर बनाउन सम्बन्धित स्थानीय तहहरू मार्फत खाली गरिएका अतिक्रमित क्षेत्रमा खेलकुद, शारीरिक व्यायाम, विश्राम तथा मनोरञ्जनका आधुनिक पार्कहरू निर्माण गर्नु उपयुक्त हुनेछ।

गगन थापाद्वारा गणतन्त्र दिवसमा सबैलाई जिम्मेवार भूमिका निर्वाह गर्ने आह्वान

१४ जेठ, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेसका सभापति गगनकुमार थापाले संघीय लोकतान्त्रिक गणतन्त्रको सुरक्षा र थप सुदृढीकरणका लागि सबैले आफ्नो ठाउँबाट जिम्मेवार भूमिका निर्वाह गर्नुपर्ने बताएका छन्। गणतन्त्र दिवस–२०८३ को अवसरमा शुभकामना सन्देशमा सभापति थापाले नेपाली जनताको त्याग, बलिदान र समर्पणबाट प्राप्त यथार्थ ऐतिहासिक उपलब्धिलाई संरक्षण र सुदृढ बनाउनु आजको आवश्यकता भएको बताए।

नेपाली जनताको अभूतपूर्व त्याग, संघर्ष र बलिदानले जन्माएको २०६२/६३ को जनआन्दोलन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुँदै गणतन्त्र स्थापना भएको स्मरण गराउँदै थापाले शासन व्यवस्थाको संस्थागत सुदृढीकरण अनिवार्य रहेको बताए। उनले उक्त व्यवस्थालाई बलियो बनाएर नेपाललाई सभ्य, समृद्ध, सुखी र समुन्नत राष्ट्र बनाउने आफ्नो दृष्टिकोण व्यक्त गरे।

थापाले लोकतान्त्रिक मूल्य, मान्यता, संस्कार र संस्कृतिमा आधारित न्यायपूर्ण तथा समतामूलक समाज निर्माणको साझा यात्रामा गणतन्त्र दिवसले सम्पूर्ण नेपालीहरूलाई नयाँ उत्साह र प्रेरणा दिने विश्वास व्यक्त गरे। कांग्रेस संसदीय दलका नेता भीष्मराज आङ्देम्बेले पनि संविधानको संरक्षण र संघीय लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्थाको सुदृढीकरणबाट मात्र नेपाललाई सभ्य, समुन्नत, सुखी र समृद्ध राष्ट्र बनाउन सकिने शुभकामना सन्देश दिएका छन्।

उत्तर प्रदेश में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 6 मजदूरों की मौत

भारत के उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में निर्माणाधीन एक पुल गिरने से 6 मजदूरों की मौत हो गई। गुरुवार रात निर्माणकार्य के दौरान पुल टूटने से ये हादसा हुआ। मृतकों में से दो का संबंध हमीरपुर जिले से और चार का बांदा जिले से बताया गया है।

दुर्घटना में घायल तीन मजदूरों को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद पुल निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच आदेश दी है।

गुरुवार की रात उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और कड़कड़ाती बिजली गिरने की घटनाएं हुईं। मौसम विभाग ने खराब मौसम की संभावना के चलते सतर्क रहने की सलाह दी थी।

प्रचण्ड अस्वस्थ, गणतन्त्र दिवस समारोहमा अनुपस्थित

प्रचण्ड अस्वस्थ, गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में अनुपस्थित

१५ जेठ, काठमांडू। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के संयोजक पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ अस्वस्थ हो गए हैं। इसी कारण वे सैनिकमंच टुँडीखेल में आयोजित गणतंत्र दिवस २०८३ के मुख्य समारोह में भाग नहीं ले सके। प्रचण्ड के प्रमुख निजी सचिव गोविन्द आचार्य ने बताया कि उन्हें बुखार आया है और वे अपने आवास पर आराम कर रहे हैं। ‘उनकी तबियत कल से ठीक नहीं थी। रात में बुखार आ गया। चिकित्सकों ने आराम करने की सलाह दी है, इसलिए वे कहीं नहीं गए,’ आचार्य ने कहा।

लोकतांत्रिक गणराज्य नहीं होगा तो जनता खुश नहीं रह सकती: ओली

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने लोकतांत्रिक गणराज्य की रक्षा के लिए संविधान, संसद, न्यायपालिका और स्वतंत्र प्रेस जैसे संस्थाओं की सुरक्षा आवश्यक बताई है।
  • ओली ने कहा है कि लोकतंत्र के ये संस्थान कमजोर होंगे तो समाज मजबूत नहीं हो सकता और तानाशाही का खतरा बढ़ जाएगा।
  • प्रणाली से असंतोष हो तो भी उसे वैधानिक तरीके से संबोधित करने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था जरूरी है, उन्होंने स्पष्ट किया।

१५ जेठ, काठमांडू। नेकपा एमाले के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने लोकतांत्रिक गणराज्य की सुरक्षा हेतु संविधान, संसद, न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया जैसे संस्थानों की रक्षा बेहद आवश्यक बताई है। उन्होंने कहा, यदि लोकतांत्रिक गणराज्य नहीं होगा तो जनता को सुख नहीं मिल सकता।

‘लोकतांत्रिक गणराज्य न होने पर समाज को क्या-क्या खोना पड़ता है, यह केवल गणराज्य न होने पर ही समझ में आता है, जो हमारी पुरानी पीढ़ी ने भोगा है,’ ओली ने गणराज्य दिवस के अवसर पर फेसबुक पर लिखा, ‘जब लोकतंत्र के ये संस्थान कमजोर हो जाते हैं, तो कोई भी समाज मजबूत नहीं बन सकता, जनता सुखी भी नहीं होती।’

उन्होंने आगे कहा कि यदि लोकतंत्र के संस्थान कमजोर हुए तो कोई समाज मजबूत नहीं हो सकता और जनता को भी सुख नहीं मिलेगा। इसलिए लोकतांत्रिक गणराज्य के अंगों की सुरक्षा आवश्यक है, इस पर उन्होंने बल दिया।

गणराज्य दिवस के मौके पर उन्होंने लोकतंत्र प्राप्ति के लिए हुए संघर्षों को याद करने और लोकतंत्र कमजोर होने पर भविष्य कैसा होगा, इस विषय पर शांति मन से सोचने की अपील की है।

‘लोकतांत्रिक गणराज्य के इन अंगों की रक्षा करना हम सभी के भविष्य की रक्षा करना है,’ ओली ने लिखा, ‘गणराज्य दिवस के पावन अवसर पर मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि वे उत्साहित हुए बिना शांत मन से लोकतंत्र के लिए हुए कठिन संघर्षों को याद करें और यदि लोकतंत्र कमजोर हुआ तो भविष्य कैसा होगा, इस पर विचार करें।’

उन्होंने कहा कि जनता की निराशा से लाभ उठाकर संस्थाओं में अविश्वास फैलाना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना तानाशाही शासन जन्म देने का खतरा पैदा करता है। इसलिए संविधान, संसद, न्यायपालिका और स्वतंत्र प्रेस के अधिकार क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए और इन संस्थानों की रक्षा करनी चाहिए, जो वर्तमान में कुल मिलाकर गणराज्य की रक्षा है।

देश में कई राजनीतिक परिवर्तन हुए हैं, लेकिन परिवर्तन की गति अपेक्षित तेज़ नहीं हो पाई है, यह गति सामाजिक चेतना पर निर्भर है, उन्होंने कहा। उन्होंने कहा, ‘गणराज्य का विकल्प नहीं है। परिवर्तन की गति जितनी तेज़ नहीं हो पाती, उतना असंतोष बढ़ सकता है, लेकिन उन असंतोषों को वैध रूप से समाधान करना भी लोकतांत्रिक प्रणाली से संभव है।’

गाजामा ७० प्रतिशत भूभाग कब्जा करने का नेतन्याहु का आदेश

१५ जेठ, काठमाडौं । इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्ज्यामिन नेतन्याहु ने सेनाओं को गाजा के अतिरिक्त क्षेत्रों पर कब्जा करने के निर्देश दिए हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार नेतन्याहु ने प्रारंभिक लक्ष्य के रूप में फिलिस्तीन के ७० प्रतिशत भूभाग पर नियंत्रण हासिल करने की बात कही है। इजरायल की इस कार्रवाई को अक्टूबर २०२५ में हमास के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है।
गाजा तट के किनारे एक छोटे क्षेत्र तक सीमित हो चुका है। अनुमान है कि इजरायल पहले ही गाजा पट्टी के लगभग ६४ प्रतिशत क्षेत्र पर अपना प्रभुत्व कायम कर चुका है। सन् २०२३ में दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले के बाद शुरू हुए दो साल के इजरायली सैन्य अभियान ने इस छोटे समुद्री क्षेत्र की अधिकांश जमीन को खण्डहर में बदल दिया है।

मानवाधिकार आयोग ने जेनजी आंदोलन से जुड़े रिपोर्ट में उल्लेखित पश्चदर्शी कानून कब बनाया जा सकता है?

मंत्रिपरिषद

तस्वीर स्रोत, RSS

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पिछले भाद्र माह के ‘जेनजी आंदोलन’ से जुड़े रिपोर्ट में तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और मंत्रियों रमेश लेखक व पृथ्वी सुब्बा गुरुङ सहित पर “मानवाधिकार उल्लंघन की पुष्टि हुई” बताया है और उन्हें नए “पश्चदर्शी” कानून बनाकर दंडित करने के लिए सरकार को सिफारिश की है।

लेकिन आयोग द्वारा सुझाए अनुसार पुराने मामलों में कार्रवाई के लिए पश्चदर्शी कानून बनाने का संविधान में प्रावधान नहीं है तथा मानवाधिकार उल्लंघन संबंधी अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर भी इसे पर्याप्त आधार नहीं माना जाता है, विशेषज्ञों ने बताया है।

अपवाद के रूप में बनाए जाने वाले कानून के लिए आयोग ने ठोस आधार प्रस्तुत नहीं कर पाया है, इस वजह से एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने आयोग के सुझाव को ‘अधूरा अध्ययन’ बताया है।

आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली व तत्कालीन मंत्री रमेश लेखक व पृथ्वी सुब्बा गुरुङ द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन करने की पुष्टि होने पर कहा कि वर्तमान कानून में ऐसे उल्लंघनों के लिए दंड व्यवस्था स्पष्ट नहीं है, इसलिए दंड के लिए “पश्चदर्शी” कानून आवश्यक है।

लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि पुराने मामलों में नए कानून बनाकर न्यायिक कार्यवाही नहीं हो सकती और ऐसे मुकदमों को संवैधानिक मान्यता नहीं मिलती।

दिगो विकास लक्ष्य प्राप्तिका लागि धनकुटा नगरपालिकाले थाल्यो पहल

दिगो विकास लक्ष्य प्राप्ति के लिए धनकुटा नगरपालिकाद्वारा नई पहल आरंभ

१४ जेठ, धनकुटा। धनकुटा नगरपालिकाने दिगो विकास लक्ष्य (एसडीजी) की प्राप्ति के लिए संबंधित पक्षों के साथ चर्चा शुरू की है। संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा सन् २०१५ में घोषित दिगो विकास लक्ष्य को स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए नगरपालिका ने तथ्य पर आधारित योजना निर्माण और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास शुरू किए हैं।

स्थानीय तहें विकास के मुख्य आधार के रूप में स्थापित हो रही हैं, ऐसे में नगरपालिका ने दिगो विकास लक्ष्य के १७ लक्ष्यों में विशेष रूप से गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और लैंगिक समानता को प्राथमिकता देते हुए काम चलाया है। इसके लिए बुनियादी आंकड़े एकत्रित कर आने वाले समय में अपनाई जाने वाली नीतियां, योजनाएं, संभावनाएं और चुनौतियों पर चर्चा और सुझाव संग्रह किया गया है, जिसे नगरपालिका के सूचना अधिकारी विकास अधिकारी ने जानकारी दी है।

नगरपालिका द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर शून्य तक पहुंच चुकी है, यह दावा किया गया है।

टीकाकरण सेवाओं की पहुंच १०० प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जबकि ९९.७४ प्रतिशत महिलाओं ने संस्थागत प्रसव कराया है, जो स्थानीय स्वास्थ्य सेवा सुदृढीकरण और जनसचेतना के सकारात्मक परिणाम हैं।

पेयजल और स्वच्छता में भी सुधार देखा गया है। नगरपालिका के अनुसार ९२ प्रतिशत उपभोक्ता नल का पानी उपयोग कर रहे हैं और ८४ प्रतिशत नागरिक सुरक्षित शौचालय की सुविधा प्राप्त हैं।

स्थानीय तहें स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षित पानी को नागरिकों के बुनियादी अधिकार के रूप में स्थापित कर रही हैं, जैसा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं, नगरपालिका ने कहा।

लेकिन उपलब्धियों के साथ-साथ चुनौतियां भी गंभीर बनी हुई हैं। नगरपालिका में अभी भी ११.३ प्रतिशत नागरिक गरीबी रेखा के नीचे रह रहे हैं, जो आर्थिक असमानता को दर्शाता है।

नगरपालिका के सूचना अधिकारी के अनुसार, रोजगार सृजन का अभाव, आर्थिक संसाधनों की कमी, बढ़ता हुआ आवागमन, जलवायु परिवर्तन, प्रौद्योगिकी की सीमित पहुंच और जागरूकता स्तर में असमानता दिगो विकास लक्ष्य हासिल करने में मुख्य चुनौतियां हैं।

विशेष रूप से युवा श्रम शक्ति के विदेश पलायन से स्थानीय उत्पादन और श्रम शक्ति प्रभावित हो रही है, यह सरोकार वालों ने बताया। कृषि एवं छोटे व्यवसायों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में असमर्थता के कारण आर्थिक विकास अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि उत्पादन में अस्थिरता आई है, जिससे ग्रामीण समुदायों पर असर पड़ा है।

चर्चा कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बताया कि दिगो विकास लक्ष्य की प्राप्ति केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समुदाय, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं और वास्तविकता पर आधारित योजना बनाने, प्रभावी बजट प्रबंधन और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

संयुक्त राष्ट्रसंघ ने विश्व में गरीबी समाप्ति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, स्वच्छ पानी, पर्यावरण संरक्षण और समृद्ध समाज निर्माण के लिए १७ दिगो विकास लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

नेपाल सरकार भी संघ, प्रदेश और स्थानीय तह स्तर पर इन अवधारणाओं के अनुसार कार्यक्रम संचालित कर रही है। चूंकि सन् २०३० तक लक्ष्य प्राप्त करने की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है, इसलिए स्थानीय तहों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण बताई गई है।

नगरपालिका ने संवाद से प्राप्त सुझावों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर आगामी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का निर्माण करने की जानकारी दी। स्थानीय तहों में तथ्य आधारित नीति, पारदर्शी कार्यान्वयन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने से ही दिगो विकास लक्ष्य प्राप्ति संभव होगी, धनकुटा नगरपालिकाध्यक्ष चिन्तन तामाङ ने बताया।

बजट का आकार २२ से २२.५ खरब, प्राथमिकता में ‘भौतिक और डिजिटल हाइवे’

आगामी आर्थिक वर्ष के लिए सरकार भौतिक और डिजिटल आधारभूत संरचना को प्राथमिकता देते हुए २२ से २२.५ खरब रुपये के बजट लाने की तैयारी कर रही है। बजट के माध्यम से मूल्य वर्धित कर, आयकर और अंतःशुल्क संबंधित कानूनों में व्यापक संशोधन कर कर प्रणाली में बड़े बदलाव करने की योजना सरकार की है। सरकार सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को राष्ट्रीय रणनीतिक उद्योग घोषित करने और संघीय सरकार की प्रशासनिक संरचना को ३० प्रतिशत तक कम करने की तैयारी में है।

१५ जेठ, काठमाडौं। भौतिक और डिजिटल आधारभूत संरचनाओं को मुख्य प्राथमिकता देते हुए सरकार आगामी आर्थिक वर्ष के लिए बड़ी बजट पेश करने की तैयारी कर रही है। इससे पहले राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में संसाधन समिति ने १८ खरब ९० अरब रुपये की बजट सीमा निर्धारित की थी जबकि अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले इससे तीन से साढ़े तीन खरब रुपये अधिक बजट लाने की योजना बना रहे हैं, सूत्रों के अनुसार। पिछली चुनावी सरकार ने चालू आर्थिक वर्ष का बजट १९ खरब से थोड़ा कम निर्धारित किया था।

चालू वर्ष के बजट के आधार पर अद्यतन मध्यकालीन व्यय संरचना (एमडीईएफ) ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए २१ खरब २८ अरब तक का बजट अनुमति दी थी। लेकिन पिछले वर्षों से संसाधन सीमाओं को ध्यान में रखते हुए बजट सीमा कम ही रखी गई थी। इस वर्ष उपलब्ध ‘फिस्कल स्पेस’ को पूर्ण रूप से उपयोग करने की रणनीति पर अर्थमंत्री कार्यरत हैं, अर्थ मंत्रालय के सूत्रों ने बताया।

चालू आर्थिक वर्ष में १४ खरब ८० अरब राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक सरकार १२ खरब ९८ अरब राजस्व संग्रह कर पाएगी। आगामी आर्थिक वर्ष के लिए संघीय सरकार ने कुल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) के साढ़े ५ प्रतिशत तक आंतरिक ऋण उठाने की सीमा तय की है। इसके अनुसार सरकार ३ खरब ६३ अरब रुपये तक आंतरिक ऋण उठा सकेगी।

इरान से बातचीत के लिए सैन्य और आर्थिक दबाव का निर्णायक योगदान: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट

१५ जेठ, काठमाडौँ। अमेरिकी वित्त मन्त्री स्कॉट बेसेन्टले इरानलाई वार्ताकक्षमा ल्याउन सैन्य कार्रवाई र आर्थिक दबावले महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह गरेको बताएका छन्। अमेरिका र इरानबीच सम्भावित सम्झौताबारे जारी वार्ताक्रमका बीच अर्थ मन्त्री बेसेन्टले आफ्नो विचार प्रकट गरेका हुन्। उनले इरानमाथि लगाएएका प्रतिबन्धहरूलाई सहज बनाउने र फ्रीज गरिएका सम्पत्तिहरू फुकुवा गर्ने प्रक्रिया धीमे गतिमा अघि बढिरहेको बताए।

अर्थ मन्त्री बेसेन्टले बिहीवार व्हाइट हाउसमा सञ्चारकर्मीहरूसँग कुरा गर्दै भने कि अमेरिकाले र उसका सहयोगीहरूले उठाएका सैन्य कदमहरू र कडा आर्थिक प्रतिबन्धहरूले इरानमाथि दबाव सिर्जना गरी वार्ताका लागि बाध्य बनाएको उल्लेख गरे। उनले अमेरिका र इरानबीच सम्झौताको संभावना बढिरहेको संकेत पनि दिएका छन्। तथापि, अन्तिम निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पको हातमा रहने कुरा पनि उनले स्पष्ट पारे।

इरान युद्ध: अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच समझौते की ‘नजदीकी’ की बात कही

जेडी भान्स

तस्बिर स्रोत, Reuters

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी भान्स ने बताया कि युद्ध संबंधी समझौता होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच कई पेचीदा मुद्दे अभी भी सुलझाने बाकी हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर की स्थिति के काफी करीब होने के प्रश्न पर भान्स ने दोनों पक्षों से समझौते के “कब या यदि” के अंतिम स्वरूप को लेकर जल्दबाजी न करने की सलाह दी।

ऐसे समझौते में युद्धविराम को 60 दिन के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर बातचीत शुरू करने की बात है।

अमेरिकी अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि दोनों देशों ने समझौते के कुछ ढाँचों पर सहमति जताई है।

लेकिन इस समझौते को ट्रंप और ईरान की नेतृत्व टीम से अभी स्वीकृति नहीं मिली है।

यस्तो छ आज तरकारी र फलफूलको थोक मूल्य – Online Khabar

आजका लागि तरकारी र फलफूलों के थोक मूल्य इस प्रकार हैं

१५ जेठ, काठमांडू। कालीमाटी फलफूल तथा तरकारी बाजार विकास समिति ने आज के लिए कृषि उपज का अधिकतम थोक मूल्य निर्धारण किया है। समिति के अनुसार गोलभेड़ बड़ा (नेपाली) प्रति किलो ६०, गोलभेड़ बड़ा (भारतीय) प्रति किलो ७०, गोलभेड़ बड़ा छोटा (लोकल) प्रति किलो ३०, गोलभेड़ छोटा (टनेल) प्रति किलो ३५, आलू लाल (लाम्चो) प्रति किलो ३५, आलू लाल (गोलो) प्रति किलो ३० एवं प्याज सूखा (भारतीय) प्रति किलो ४२ है। इसी प्रकार, गाजर (लोकल) प्रति किलो ८०, बंदा (लोकल) प्रति किलो ४०, फूलगोभी स्थानीय प्रति किलो ६०, लाल मूली (हाइब्रिड) प्रति किलो २५, भिंडी लाम्चो प्रति किलो ६० और भिंडी डल्लो प्रति किलो ६० तय किया गया है।

इसी तरह, बोड़ी (तने) प्रति किलो ७०, मकई बोड़ी प्रति किलो १००, मटर कोसा प्रति किलो १००, घिउ सिमी (लोकल) प्रति किलो ७०, घिउ सिमी (हाइब्रिड) प्रति किलो ६०, घिउ सिमी (राजमा) प्रति किलो १००, टाटे सिमी प्रति किलो १४०, भटमास कोसा प्रति किलो १३० रुपये रहा है। तीते करेला प्रति किलो ५०, चिचिंडो प्रति किलो ४०, परवर (लोकल) प्रति किलो ७०, घिरौंला प्रति किलो ५०, झिगुनी प्रति किलो ६०, फर्सी पाकी प्रति किलो ६०, हरा फर्सी (लाम्चो) प्रति किलो ६०, हरा फर्सी (डल्लो) प्रति किलो ४०, भिन्डी प्रति किलो ५५, सखरखण्ड प्रति किलो ८० और पिंडालु प्रति किलो ४० निर्धारित किया गया है।

रायसाग प्रति किलो ८०, पालंगो प्रति किलो १००, चमसूर का साग प्रति किलो १००, मेथी का साग प्रति किलो १००, हरा प्याज प्रति किलो १२०, च्याऊ (कनी) प्रति किलो ३००, च्याऊ (डल्ले) प्रति किलो ४५०, राजा च्याऊ प्रति किलो ३२० एवं सिताके च्याऊ प्रति किलो १,००० तय किए गए हैं। कुरिलो प्रति किलो ३५०, न्यूरो प्रति किलो ८०, चुकंदर प्रति किलो ६०, सजीवन प्रति किलो १२०, लाल बंदा प्रति किलो ५०, जीरी का साग प्रति किलो १००, सेलरी प्रति किलो १३९, पार्सले प्रति किलो २२९, सौफ का साग प्रति किलो १००, पुदीना प्रति किलो १५०, मैक हरा प्रति किलो ५०, इमली प्रति किलो १८०, तामा प्रति किलो १४०, टोफू प्रति किलो १६० एवं गुन्द्रुक प्रति किलो ३५० निर्धारित हैं।

सेब (फुजी) प्रति किलो ३००, केला (नेपाली) दर्जन २००, केला (मालभोग) २२९, अनार प्रति किलो ४५०, तरबूज (हरा) प्रति किलो ४०, भुइंकटहर प्रति किलो २००, खीरा (लोकल) प्रति किलो ७०, खीरा (हाइब्रिड) प्रति किलो २०, खीरा (लोकलकास्ट) प्रति किलो ६५, खकटहर प्रति किलो ६०, नींबू प्रति किलो २४०, मेवा (नेपाली) प्रति किलो ९०, मेवा (भारतीय) प्रति किलो १०० एवं लीची (लोकल) २५०, लीची (भारतीय) ३०० निर्धारित किया गया है। इसी तरह, अदरक प्रति किलो १४०, सूखा खुर्सानी प्रति किलो ५५०, खुर्सानी हरा (लाम्चो) प्रति किलो ६०, खुर्सानी हरा (बुलेट) प्रति किलो ६०, माछे खुर्सानी प्रति किलो ४५, भेडे खुर्सानी प्रति किलो ६०, हरा लहसुन प्रति किलो २००, हरा धनिया प्रति किलो १०० रूपये है। सूखा लहसुन (चाइनीज) प्रति किलो १८०, सूखा लहसुन (नेपाली) प्रति किलो १३५, छ्यापी सूखा प्रति किलो १६०, ताजा माछा (रहु) प्रति किलो ३४०, ताजा माछा (बचुवा) प्रति किलो ३०० एवं ताजा माछा (छडी) प्रति किलो २६० निर्धारित किया गया है। -रासस से

नुवाकोट में कार दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत

नुवाकोट के शिवपुरी गाउँपालिका–६ गुर्जेभञ्याङ में गुरुवार शाम कार दुर्घटना में सिराहा के ३५ वर्षीय संजीवकुमार चौधरी की मृत्यु हो गई है। इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सुनसरी के उत्सव पोखरेल और काठमांडू के लोकेश मिश्र का ग्राण्डी अस्पताल, काठमांडू में उपचार चल रहा है। पुलिस ने बताया कि ढिकुरे से काठमांडू की ओर जा रही इलेक्ट्रिक कार अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग १५० मीटर नीचे गिर गई।

जिला ट्रैफिक पुलिस कार्यालय नुवाकोट के प्रमुख पुलिस निरीक्षक विनोद ढकाल के अनुसार छहरे–टोखा सड़क खंड स्थित शिवपुरी गाउँपालिका–६ गुर्जेभञ्याङ में जिप दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सिराहा सुखीपुरी–२ के ३५ वर्षीय संजीवकुमार चौधरी की मौत हुई है। उन्हें उपचार के लिए ग्राण्डी अस्पताल ले जाते ही चिकित्सकों ने मृत घोषित किया था। साथ ही, चालक का परिचय अनुमति पत्र के आधार पर पुष्टि की गई है।

दुर्घटना में घायल व्यक्तियों का विवरण देते हुए जिला पुलिस कार्यालय नुवाकोट के प्रमुख पुलिस उपरीक्षक विपिन रेग्मी ने बताया कि सुनसरी के इनरुवा नगरपालिका–५ के ४० वर्षीय उत्सव पोखरेल और काठमांडू महानगरपालिका–९ गौरीघाट के ४४ वर्षीय लोकेश मिश्र का ग्राण्डी अस्पताल में उपचार चल रहा है। दुर्घटना स्थल शिवपुरी गाउँपालिका–६ गुर्जेभञ्याङ के पास छहरे–टोखा सड़क खंड में है, जहां इलेक्ट्रिक कार (बीई ०५६९ नं.) अनियंत्रित होकर करीब १५० मीटर नीचे गिर गई थी। स्थानीय लोगों की सहायता से जंगल और अंधेरे के बीच से तुरंत बचाव कर घायल को उपचार के लिए काठमांडू भेजा गया।

इसी बीच, सूचना एवं संचार मंत्री विक्रम तिमिल्सिना ने नुवाकोट में हुई सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु और दो गंभीर घायल होने पर दुःख व्यक्त किया है। दिवंगत संजीवकुमार चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंत्रालय की ओर से शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही, घायल पोखरेल और मिश्र के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मंत्री तिमिल्सिना ने दुर्घटना के बाद सोशल मीडिया पर साझा की गई दुखद तस्वीरों के प्रयोग से बचने का भी अनुरोध किया है।

मेस्सी छठवीं बार विश्वकप खेलेंगे, अर्जेंटीना ने फिफा विश्वकप 2026 के लिए अंतिम टीम घोषित की

पूर्व विजेता अर्जेंटीना ने लियोनेल मेस्सी की कप्तानी में फिफा विश्वकप 2026 के लिए 26 सदस्यीय अंतिम टीम का ऐलान किया है। 38 वर्षीय मेस्सी इस बार छठवीं बार विश्वकप खेलेंगे, जिससे वे क्रिस्टियानो रोनाल्डो के साथ छह बार विश्वकप खेलने का दुर्लभ रिकॉर्ड बनाएंगे।

अर्जेंटीना विश्वकप के समूह ‘जे’ में शामिल है और वह आगामी 17 जून को अल्जीरिया के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगा। उसके बाद वे ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के खिलाफ मुकाबला करेंगे। टीम में एमिलियानो मार्टिनेज, लिसान्द्रो मार्टिनेज, क्रिस्टियन रोमेरो, एलेक्सिस मैक अलिस्टर, एन्ज़ो फर्नांडीज और लाउतारो मार्टिनेज जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं।

अर्जेंटीना की विश्वकप टीम में गोलकीपर के रूप में हुआन मुसो, जेरोनिमो रुल्ली, और एमिलियानो मार्टिनेज हैं। डिफेंडरों में लियोनार्डो बालेर्दी, निकोलस टैग्लियाफिको, गोंजालो मोंटियल, लिसान्द्रो मार्टिनेज, क्रिस्टियन रोमेरो, निकोलस ओटामेंदी, फाकुंडो मेडिना और नाहुएल मोलिना शामिल हैं। मिडफील्ड में लिआंड्रो पेरेडेस, रोड्रिगो दे पाल, वालेंटिन बारको, जियोवानी लो सेल्सो, एजैक्विल पलासिओस, एलेक्सिस मैक अलिस्टर और एन्ज़ो फर्नांडीज मौजूद हैं। फॉरवर्ड में जूलियन अल्वारेज़, लियोनेल मेस्सी, निकोलस गोंजालेज, थियागो अलमाडा, जूलियानो साइमन, निको पाज़, जोसे मैनुअल लोपेज और लाउतारो मार्टिनेज को जगह मिली है।

आज दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला होगा

१५ जेठ, धनकुटा। धनकुटा में चल रही १८वीं शहीद भीमनारायण गोल्डकप फुटबल प्रतियोगिता में आज शुक्रवार दूसरे सेमीफाइनल मैच का आयोजन होगा। आज के दूसरे सेमीफाइनल में बिर्तामोड युनाइटेड क्लब झापा और बेलबारी फुटबल क्लब मोरङ के बीच प्रतिस्पर्धा होगी। यह मुकाबला धनकुटा के तल्लो टुँडिखेल मैदान में दोपहर ४ बजे के बाद शुरू होगा।

उदयपुर के गाईघाट फुटबल क्लब को २–१ गोल के अंतर से हराकर बिर्तामोड युनाइटेड क्लब ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। इसी तरह, ललितपुर के सातदोबाटो यूथ क्लब को १–० गोल के अंतर से हराकर बेलबारी फुटबल क्लब मोरङ अंतिम चार में पहुंचने में सफल रहा है। इस मैच का विजेता शनिवार को हो रहे पहले सेमीफाइनल के विजेता, आयोजक शहीद भीमनारायण स्मृति प्रतिष्ठान के साथ फाइनल में उपाधि के लिए मुकाबला करेगा।

आयोजक शहीद भीमनारायण स्मृति प्रतिष्ठान ने पहला सेमीफाइनल गुरुवार को सिरहा के सलहेश फुटबल क्लब को १–० गोल से हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। पहले सेमीफाइनल में मैच के ९वें मिनट में विदेशी खिलाड़ी अमित बेश्रा ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई थी। निर्धारित ९० मिनट के मैच में अन्य कोई गोल नहीं होने के कारण अमित का किया हुआ वही गोल निर्णायक साबित हुआ।

दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है। इस प्रतियोगिता का विजेता नगद ६ लाख रूपए और उपविजेता ३ लाख रूपए के साथ ट्रॉफी, मेडल, कप तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करेगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक मैच में प्लेयर ऑफ द मैच को नगद ६ हजार रुपए दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी एवं विधागत उत्कृष्टता प्राप्त करने वालों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे, जैसा कि आयोजकों ने बताया। यह गोल्डकप २०५५ साल में स्थापित हुआ था और २०६३ साल के बाद नियमित रूप से आयोजित हो रहा है। विराटनगर में तत्कालीन राजा वीरेन्द्र पर बम कांड के आरोप में गिरफ्तार भीमनारायण श्रेष्ठ को २०३५ साल में तत्कालीन सरकार द्वारा गोली मारकर हत्या किया गया था। सरकार ने उन्हें २०७४ साल में शहीद घोषित किया था।