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लेखक: space4knews

प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह ‘बालेन’: विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात में क्यों दिखा नया राजनीतिक रंग?

प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह 'बालेन'

तस्वीर स्रोत, PMO

प्रधानमंत्री वालेंद्र शाह ‘बालेन’ ने गुरुवार विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस और नेकपा एमाले के पांच मुख्यमंत्रियों के साथ अनौपचारिक बैठक की, जिसमें प्रदेशों में सत्ता संभालने के बावजूद केंद्र में विपक्ष में रह रहे इन मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बार हुई बातचीत ने राजनीतिक परंपराओं से अलग माहौल क्यों दिखाया?

कर्णाली प्रदेश के मुख्यमंत्री यामलाल कँडेल ने कहा कि अनौपचारिक बैठक थी लेकिन मुख्य विषय प्रदेश के अनुभव और हालात थे, जिससे राजनीतिक संवाद अलग बना।

“हमने संवैधानिक और कानूनी स्थिति, प्रशासनिक सुधार, संस्थागत सुधार और विकास निर्माण के अपने विचार साझा किए,” नेकपा एमाले के सचिव और मुख्यमंत्री कँडेल ने बताया।

एमाले ने अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद सरकार पर पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया था।

लेकिन कँडेल ने स्पष्ट किया, बैठक में पार्टी मतभेद नहीं थे। पहली मुलाकात में ही भिन्न पार्टियों और चुनावी नतीजों को अलग रखते हुए खुली बातचीत हुई और प्रधानमंत्री ने रुचिपूर्ण भागीदारी दिखायी।

हजारौं शाक्यहरूको हत्या गरिएको स्थलमा २५७० वर्षपछि पितृपूजा

२५७० वर्ष बाद हजारों शक्यवंशियों के नरसंहार स्थल पर पितृपूजा का आयोजन

समृद्ध कपिलवस्तु जिले में १३६ पुरातात्विक स्थल हैं, जिनमें से अधिकांश स्थल सिद्धार्थ गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े हैं।

गौतम बुद्ध ने अपना बाल्यकाल और युवावस्था कपिलवस्तु के तिलौराकोट में बिताई थी। बुद्ध के पिता राजा शुद्धोधन का दरबार भी वहीं था।

करीब ३ किलोमीटर उत्तर में स्थित ऐतिहासिक स्थल सगरहवा, जिसे स्थानीय भाषा में लैम्बुसागर भी कहा जाता है, बौद्ध इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

कोशल राज्य के नरेश प्रसेनजित के पुत्र बिरुद्दक ने निर्दयता से हजारों शक्यों का संहार कर शक्य वंश का विनाश किया था।

बिरुद्दक ने शक्यों का इतना बड़ा नरसंहार क्यों किया?

उस समय शक्य ग्राम के शक्यों की प्रतिष्ठा बहुत अधिक थी, पड़ोसी राजा और महाराजाएँ भी शक्य परिवार से संबंध जोड़ना चाहते थे।

कोशल राज्य के राजा प्रसेनजित ने शक्य कन्या से विवाह की इच्छा जताई, जिससे शक्य परिवार धर्म संकट में पड़ गया था। राजा प्रसेनजित उस समय अत्यंत शक्तिशाली माने जाते थे और प्रस्ताव अस्वीकार होने पर कपिलवस्तु राज्य पर आक्रमण का खतरा था। इस भय से शक्योंने दासी कन्या वासव खत्तिय का विवाह राजा प्रसेनजित से करा दिया।

राजा प्रसेनजित और रानी वासव खत्तिय से बिरुद्दक का जन्म हुआ। बिरुद्दक युवावस्था में मामाघर कपिलवस्तु गए।

कुछ दिनों बाद वापसी के दौरान बिरुद्दक ने अपनी तलवार वहीं भूल दी थी, बाद में उन्होंने सैनिकों को तलवार वापस लाने भेजा। दासियों ने सैनिकों से उस जगह के बारे में पूछा, जहां तलवार रखी थी, जो दूध और गोबर से ढका हुआ था।

दासियों ने उन्हें बिरुद्दक के सैनिक नहीं समझा और वास्तविक कारण बताते हुए कहा कि बिरुद्दक दासी पुत्र होने के कारण यह जगह अपवित्र हो गई थी, लेकिन उन्होंने इसे पवित्र बनाया। सैनिकों ने यह बात बिरुद्दक को बता दी।

बिरुद्दक ने इस अपमान को महसूस कर कहा कि “आज दूध से धोए गए स्थान को भविष्य में शक्यों के खून से धोया जाएगा।”

पिता प्रसेनजित के निधन के बाद बिरुद्दक कोशल का राजा बना। उसने कपिलवस्तु पर तीन बार आक्रमण किया, लेकिन गौतम बुद्ध के मध्यस्थता से सफल नहीं हुआ।

चौथे प्रयास में बिरुद्दक ने भीषण हमला कर हजारों शक्यों का नरसंहार किया, जो पाली इतिहास में दर्ज है।

युद्ध में कई शक्य बिखर गए, कोशल सेना ने नगर में प्रवेश कर बाकी शक्यों को भी मार डाला। बिरुद्दक ने वचनानुसार दूध से धोए स्थान को खून से धोया।

यही सगरहवा वह स्थान है जहां शक्यों के शव दफनाए गए थे, इसलिए यह प्राचीन स्थल बौद्ध धर्म में अत्यंत धार्मिक महत्व रखता है।

यह सगरहवा स्थल १८९७ में डॉ. फुहरर और खड्ग शम्शेर द्वारा खोजा गया था। यहां १७ स्तूप पाए गए। सगरहवा क्षेत्र की लंबाई १०५९ फुट और चौड़ाई २२५ फुट मापी गई, तथा पुराने सागर की खोज भी हुई।

अब तक उत्खनन न होने के कारण स्तूपों के सटीक स्थान का पता लगाना कठिन है। माना जाता है कि ये १७ स्तूप नरसंहार में मारे गए शक्यों की स्मृति में बने हैं और शक्य इसे पितृस्थल के रूप में मान्यता देते हैं।

चीनी यात्री डॉ. ए.के. फुहरर ने दिसंबर १८९७ से मार्च १८९८ तक सगरहवा में पहला उत्खनन किया था, जो इतिहास में दर्ज है।

फुहरर के बाद भारत के पुरातत्त्वविद् पीसी मुखर्जी ने भी इस स्थल का अध्ययन किया। १८९९ में मुखर्जी ने इस स्थान के चित्र में पक्की ईंटों से बने स्तूप को दर्शाया। उत्खनन में अवशेष, सोना, चांदी के टुकड़े और बहुमूल्य पत्थर मिले।

साल १९६२ में भारतीय पुरातत्वविद् देवला मिश्र ने क्षेत्र में और अध्ययन किया और डॉ. फुहरर व पीसी मुखर्जी के अध्ययन को अपूर्ण बताया।

स्तूप के अलावा सगरहवा ताल के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में सैकड़ों छोटे स्तूप होने का अनुमान है, जिन्हें शक्यों की स्मृति में बाद में बनाया गया हो सकता है।

फुहरर ने इसे “सामूहिक हत्या का स्थान” कहा था, जिसे चीनी यात्री युआनचाडग ने सातवीं सदी में देखा था। २०१६ में हुए भौगोलिक सर्वेक्षण में जमीन के अंदर बड़े खांचे और ईंटों की संरचनाएं मिलीं।

सर्वेक्षण ने पुष्टि की कि यहां कई भवन, मंच और स्तूप थे, जो पुराने धार्मिक स्थल के संकेत हैं।

२०१८ के एक अन्य सर्वेक्षण में ताल के चारों ओर कई ऐतिहासिक संरचनाएँ मिलीं। १८९९ के बाद यहां कोई नया उत्खनन नहीं हुआ।

यह ऐतिहासिक स्थल विकास के योग्य है क्योंकि यह शक्य वंश से जुड़ा है और गौतम बुद्ध के जन्मस्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है।

नरसंहार में मारे गए शक्यों की स्मृति में गत चैत्र १ को सगरहवा में पहली बार पितृ पूजा का आयोजन हुआ।

समाजसेवी एवं जगदीशपुर प्रबंधन बहुसंस्कार मंच के अध्यक्ष ललिल गुरुड के नेतृत्व में १० शक्य स्मारक पितृ प्रबंधन समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने पाटन स्वर्ण बिहार के पुजारियों को बुलाकर लगभग ४ घंटे पितृपूजा करवाई।

पितृपूजा में काठमांडू, पोखरा, पाल्पा, बुटवल, भैरहवा, नेपालगंज, तौलिहवा समेत अनेक स्थानों में रहने वाले शक्यों की उपस्थिति रही।

शक्य वंश के संहार स्थल पर २५७० वर्षों बाद पहली बार पितृ पूजा संपन्न हुई है। अब से प्रत्येक वर्ष चैत्र १ को सगरहवा में शक्य पितृस्मरण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है।

बैतडी में दो मोटरसाइकिल की टक्कर में एक की मौत

समाचार सारांश: बैतडी में दो मोटरसाइकिल की टक्कर में जनक लुहार का उपचार के दौरान निधन हो गया है। दुर्घटना में पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो को डडेलधुरा अस्पताल में रेफर किया गया है। यह दुर्घटना सुर्नया गाउँपालिका–८ ढोल्यमोड में शुक्रवार दोपहर साढ़े 1 बजे हुई।

बैतडी में दो मोटरसाइकिल की टक्कर में एक व्यक्ति की जान गई है। पुर्चौडी से ढोल्यमोड की ओर आ रही से ५ प ४७१७ नंबर की मोटरसाइकिल के चालक, सुर्नया गाउँपालिका–८ के 34 वर्षीय जनक लुहार, उपचार के दौरान निधन हो गए हैं, इसकी जानकारी जिला पुलिस कार्यालय बैतडी के सूचना अधिकारी पुलिस निरीक्षक सूरज सिंह ने दी। गंभीर रूप से घायल लुहार को उपचार के लिए नजदीकी देउलेक अस्पताल ले जाया गया था, जहां लगभग पौने 4 बजे चिकित्सकों ने उनकी मौत की घोषणा की।

शुक्रवार दोपहर साढ़े 1 बजे, जिले के श्रीभावर से पुर्चौडी की ओर जा रहे पुर्चौड़ी नगरपालिका–५ के 24 वर्षीय अमिर कठायत द्वारा चलायी जा रही सुदूरपश्चिम प्रदेश ०१ ०१३ प ४२४६ नंबर की मोटरसाइकिल और पुर्चौड़ी से ढोल्यमोड के लिए जा रही सुर्नया गाउँपालिका–८ के 34 वर्षीय जनक लुहार द्वारा चलाई जा रही से ५ प ४७१७ नंबर की मोटरसाइकिल सुर्नया गाउँपालिका–८ ढोल्यमोड में टकरा गई, जिससे दुर्घटना हुई।

दुर्घटना में दोनों मोटरसाइकिल के चालक सहित पांच लोग घायल हुए। गंभीर रूप से घायल जनक लुहार का निधन हो गया है। घायल लोगों में पुर्चौड़ी से ढोल्यमोड की ओर आ रही मोटरसाइकिल के पीछे बैठे पुर्चौड़ी नगरपालिका–५ के हिक्मत कुंवर, श्रीभावर से पुर्चौड़ी की ओर जा रही मोटरसाइकिल पर सवार सिगास गाउँपालिका–९ के 34 वर्षीय जय बहादुर चन्द एवं उसी मोटरसाइकिल पर बैठे सिगास गाउँपालिका–९ के 26 वर्षीय केशव बहादुर चन्द शामिल हैं। जिला पुलिस कार्यालय बैतडी के प्रवक्ता पुलिस निरीक्षक सूरज सिंह ने जानकारी दी।

गंभीर रूप से घायल मोटरसाइकिल चालक जनक लुहार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देउलेक में भर्ती कराया गया था। दूसरी मोटरसाइकिल के चालक अमिर कठायत और पीछे बैठे हिक्मत कुंवर को डडेल्धुरा अस्पताल में रेफर किया गया है। अन्य घायल स्थानीय स्वास्थ्य संस्थान में उपचाराधीन हैं।

घरेलू हिंसा का शिकार ९८ पुरुषों ने काठमाडौं पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

पिछले ६ महीनों में काठमाडौं में ९८ पुरुषों ने घरेलू हिंसा का सामना करने के बावजूद शिकायत दर्ज कराई है। जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौं के एसपी पवनकुमार भट्टराई ने पुरुषों में घरेलू हिंसा संबंधी शिकायतों में वृद्धि की सूचना दी है। इसी अवधि में ६२९ महिलाओं ने भी घरेलू हिंसा की शिकायत की है और कुछ को मानसिक-सामाजिक परामर्श सेवा प्रदान की गई है।

पुलिस के अनुसार, घरेलू हिंसा के शिकार पुरुषों की संख्या बढ़ रही है। पिछले ६ महीनों में मात्र काठमाडौं में ९८ पुरुषों ने अपनी घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई है, जो जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौं के प्रवक्ता एवं एसपी पवनकुमार भट्टराई के अनुसार है। उनके मुताबिक वर्तमान में पुरुषों द्वारा इस प्रकार की शिकायतों की संख्या बढ़ रही है।

‘‘पहले केवल महिलाएं ही घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराती थीं, लेकिन अब पुरुष भी घरेलू हिंसा के शिकार होने का दावा करते हुए शिकायत करने लगे हैं,’’ एसपी भट्टराई ने कहा। ९८ शिकायतों में से १३ पुरुषों ने ठोस शिकायत पत्र भी जमा किए हैं।

उसी अवधि में ६२९ महिलाओं ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है और ठोस शिकायतों की संख्या २९९ पहुंच गई है। पुलिस ने उन शिकायतों में से कुछ को मानसिक-सामाजिक परामर्श सेवा प्रदान की है, जबकि कुछ को सुरक्षित आवास गृहों में भेजा गया है।

गूगल ने जेमिनी ऐप में नई ‘पर्सनल इंटेलिजेंस’ सुविधा पेश की

गूगल ने अपने जेमिनी ऐप में व्यक्तिगत रुचि और प्राथमिकताओं के आधार पर तस्वीरें बनाने में सक्षम नई ‘पर्सनल इंटेलिजेंस’ सुविधा प्रस्तुत की है। इस नए अपडेट ने ‘न्यानो बनाना २’ और ‘गूगल फोटोज’ के बीच तालमेल स्थापित कर उपयोगकर्ताओं के लिए तस्वीर निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक व्यक्तिगत तथा सहज बना दिया है। इस नई सुविधा की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

लंबे प्रॉम्प्ट की झंझट से मुक्ति: पहले व्यक्तिगत तरह की तस्वीरें बनाने के लिए विस्तृत विवरण लिखना होता था और फोटो मैन्युअली अपलोड करनी पड़ती थी। अब जेमिनी गूगल ऐप्स से आपकी रुचि और जीवनशैली समझकर “मेरे सपनों का घर डिज़ाइन करें” जैसे सरल आदेशों के माध्यम से आपके स्वाद के अनुसार परिणाम देगा।

अपने परिवार और प्रियजनों को तस्वीरों के पात्र बनाए जा सकेंगे: उपयोगकर्ता अपनी गूगल फोटोज लाइब्रेरी को जेमिनी से जोड़कर स्वयं या परिवार के सदस्यों की तस्वीरों को पात्र के रूप में उपयोग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, “मेरे परिवार का पसंदीदा काम करते हुए क्लेमेशन तस्वीर बनाओ” कहने पर जेमिनी लाइब्रेरी में लेबल की गई तस्वीरों का उपयोग कर चित्र बनाएगा।

गोपनीयता और सुरक्षा: गूगल ने स्पष्ट किया है कि जेमिनी उपयोगकर्ताओं की निजी तस्वीरों को अपने मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोग नहीं करेगा। यह सुविधा ‘ऑप्ट-इन’ आधारित है, जिसे उपयोगकर्ता कभी भी सेटिंग्स से बंद कर सकते हैं। यह सुविधा वर्तमान में अमेरिका में ‘गूगल एआई प्लस’, ‘प्रो’ और ‘अल्ट्रा’ ग्राहकों के लिए उपलब्ध है तथा जल्द ही क्रोम डेस्कटॉप और अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए भी विस्तार करने की योजना है।

‘लालीबजार मेरो हृदयको नजिक’

‘लालीबजार मेरो मन और हृदय के बेहद करीब है’

काठमांडू। अभिनेत्री स्वस्तिमा खड्का ने अपनी आगामी फिल्म ‘लालीबजार’ को अपने कैरियर के एक अत्यंत विशेष पड़ाव के रूप में स्वीकार किया है। शुक्रवार को आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने बताया कि यह फिल्म उनके लिए जीवनपर्यंत यादगार अनुभव साबित होगी। उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह फिल्म बहुत ही खास है। कई वर्षों बाद भी जब मैं इसे याद करूंगी, यह हमेशा मेरे दिल में बसी रहेगी। परिणाम चाहे जो भी हो, मेरे लिए यह…

नेपाल मेडिकल काउन्सिल ने सोशल मीडिया पर दवा सलाह देने वाले डॉक्टरों को कार्रवाई की चेतावनी दी

नेपाल मेडिकल काउन्सिल ने सोशल मीडिया के माध्यम से दवा और उपचार से संबंधित सलाह देने वाले चिकित्सकों को सावधान किया है। काउन्सिल ने कहा है कि सोशल मीडिया पर दवा उपयोग और उपचार सलाह देना स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। काउन्सिल ने मानदंडों का पालन न करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। ४ चैत, काठमांडू। नेपाल मेडिकल काउन्सिल ने गुरुवार को जारी किए गए एक नोटिस में फेसबुक, टिकटक, इंस्टाग्राम समेत सोशल मीडिया पर ‘ऑनलाइन परामर्श’ के नाम पर चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों के उपचार के तरीके, दवा उपयोग और स्वास्थ्य संबंधी सामग्री साझा करने के बढ़ते रुझान का उल्लेख किया है। काउन्सिल के अनुसार, ऐसी सामग्री के कारण मरीज स्वयं दवा लेने लगते हैं, गलत उपचार अपनाते हैं और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरों का सामना कर सकते हैं।

‘स्वास्थ्य सेवा अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है इसलिए बिना प्रत्यक्ष जांच और परीक्षण के सोशल मीडिया के माध्यम से दवा उपयोग की सलाह देना या उपचार संबंधी सलाह देना जोखिमपूर्ण है,’ नोटिस में कहा गया है, ‘इस प्रकार की गतिविधियाँ मरीज के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं।’ काउन्सिल ने चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों से सोशल मीडिया के उपयोग में अतिरिक्त सावधानी बरतने का आग्रह करते हुए कुछ मापदंडों का पालन आवश्यक बताया है। मरीज से संबंधित वीडियो या सामग्री साझा करते समय संबंधित व्यक्ति की अनुमति लेना और उनकी पहचान की गोपनीयता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सोशल मीडिया के जरिए मरीजों को दवा संबंधी सीधे सुझाव देने से बचने को कहा गया है। स्वास्थ्य संबंधी सूचना और सलाह केवल वैज्ञानिक आधार, प्रमाणित तथ्यों और पेशेवर आचार संहिता के अनुरूप दी जानी चाहिए, तथा चिकित्सकीय निर्णय सोशल मीडिया की जानकारी पर आधारित न होकर सीधे परीक्षण और प्रमाणित उपचार पद्धति पर आधारित होना चाहिए, काउन्सिल ने बताया। काउन्सिल के रजिस्ट्रार डॉ. सतिस कुमार देव द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि अगर मापदंडों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ प्रचलित कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जेनजी आन्दोलन में मृत ७ शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी

भाद्र २३ और २४ को जेनजी आन्दोलन में हुई ४९ मौतों में से ७ शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। जिला पुलिस परिसर काठमांडू के एसपी पवनकुमार भट्टराई ने बताया कि ४२ शवों की पहचान कर उनके परिवारों को सौंप दिया गया है और ७ शवों की डीएनए जांच की प्रक्रिया जारी है। ये ७ शव जले हुए और कंकालित अवस्था में होने के कारण उनकी पहचान करना संभव नहीं हो पाया है। काठमांडू, ४ वैशाख।

जेनजी आन्दोलन के दौरान केवल काठमांडू में ही ४९ लोगों की मौत हुई थी। इनमें से ७ शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। जिला पुलिस परिसर काठमांडू के एसपी एवं प्रवक्ता पवनकुमार भट्टराई ने बताया कि ४२ शवों की पहचान कर संबंधित परिवारों को सौंप दिया गया है, जबकि ७ शवों की पहचान अभी बाकी है। उन्होंने कहा, “हम डीएनए जांच की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।” ये सात शव इतने अधिक जल चुके हैं कि वे केवल कंकाल के रूप में बचे हैं, जिसकी वजह से उनकी पहचान में कठिनाई हो रही है।

महिला आरक्षण को लेकर शशि थरूर ने सरकार की योजना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी

भारतीय संसद के विशेष सत्र में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने महिला आरक्षण को डीलिमिटेशन से जोड़ने वाली सरकारी योजना की तीव्र आलोचना की। थरूर ने डीलिमिटेशन को ‘राजनीतिक नोटबंदी’ करार देते हुए कहा कि इससे संघीय संरचना को संकट में डालने की संभावना है। उन्होंने महिला आरक्षण को जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं से बाँधने के कारण भारतीय महिलाओं की आकांक्षाओं को रोका गया बताया। ४ वैशाख, काठमाडौं।

भारतीय संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने महिला आरक्षण को डीलिमिटेशन से जोड़ने की सरकार की योजना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि डीलिमिटेशन प्रक्रिया में जल्दबाजी संघीय ढांचे को प्रभावित कर सकती है और इसे उन्होंने ‘राजनीतिक नोटबंदी’ के रूप में चिन्हित किया। साथ ही, उन्होंने इस कदम से देश को संभावित नुकसान होने की चिंता जताई।

बहस में भाग लेते हुए, थरूर ने कहा कि सरकार ने महिला आरक्षण को जनगणना और डीलिमिटेशन जैसी जटिल प्रक्रियाओं में उलझा कर ‘कांटों से घिरे उपहार’ की तरह प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने की स्थिति अभी मौजूद है, लेकिन इसे विवादास्पद और जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया से जोड़कर भारतीय महिलाओं की इच्छाएँ अवरुद्ध की जा रही हैं।

थरूर से पूर्व डीएमके सांसद कनिमोझी ने भी डीलिमिटेशन के संघीय ढांचे पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव की चिंता जताई थी। थरूर ने कहा कि डीलिमिटेशन के कारण दक्षिण भारतीय राज्यों, जहां जनसंख्या नियंत्रण हो चुका है, राजनीतिक रूप से कमजोर होंगे, जबकि जनसंख्या बढ़े हुए राज्यों को अधिक राजनीतिक महत्व मिलेगा, जो विरोधाभास पैदा करेगा। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या हम अच्छे सुशासन के परिणाम को राजनीतिक महत्वहीनता समझने लगे हैं?” इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय आय में उच्च योगदान देने वाले राज्यों को कम हिस्से मिलने और लोकसभा का आकार बढ़ने पर राज्यसभा के संतुलन बिगड़ने जैसे संवैधानिक और आर्थिक चुनौतियों को भी उजागर किया। हालांकि, बहस के पहले दिन प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों की चिंताओं को दूर करते हुए आश्वस्त किया था कि डीलिमिटेशन उसी प्रणाली के तहत होगा जैसा पहले होता था और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

काठमाडौंबाट ३०९ बिचौलिया पक्राउ – Online Khabar

काठमाडौंबाट ३०९ बिचौलिया पक्राउ

काठमाडौं जिल्लाका विभिन्न सरकारी कार्यालयहरूको वरिपरि उपस्थित ३०९ जना बिचौलियालाई प्रहरीले नियन्त्रणमा लिएको छ। उनीहरूविरुद्ध ६१ वटा मुद्दा दर्ता गरिएको छ, जसमा दुख हैरानी, गुण्डागर्दी र यौनजन्य अपराधहरू समावेश छन्। प्रहरी कार्यालय क्षेत्रमा बिचौलियामुक्त वातावरण बनाउने उद्देश्यले विशेष अभियान सञ्चालन गरिरहेको छ।

४ वैशाख, काठमाडौं। सरकारी तथा सार्वजनिक कार्यालयहरूमा सेवाग्राहीहरूलाई हुने दुख हैरानी नियन्त्रण गर्न काठमाडौंका विभिन्न स्थानहरूबाट ३०९ जना बिचौलियालाई पक्राउ गरिएको छ। जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौंका एसपी तथा प्रवक्ता पवनकुमार भट्टराईले यसबारे जानकारी दिनुभएको छ। प्रहरी स्रोतका अनुसार, बिचौलियाविरुद्ध जारी अभियानअन्तर्गत विभिन्न समयमा पक्राउ परेका ती ३०९ जनामाथि कुल ६१ वटा आपराधिक मुद्दा दर्ता भइसकेका छन्। ती मुद्दाहरूमा बिचौलियाबाट निम्त्याइने दुख हैरानी, गुण्डागर्दी र यौनजन्य क्रियाकलापहरू समेटिएका छन्। काठमाडौंका सार्वजनिक कार्यालयहरूलाई बिचौलियामुक्त बनाउने प्रहरीको यो अभियान आगामी दिनहरूमा अझ सुदृढ पारिने बताइएको छ।

पोखरामा माउन्टेनमग कफीको नयाँ आउटलेट उद्घाटन

४ वैशाख, पोखरा। प्रिमियम कफी ब्रान्ड माउन्टेनमग कफीले पोखराको बजारमा औपचारिक रूपमा आफ्नो प्रवेश गरेको छ। कम्पनीले आइकोनिक वाल कभरिङ ब्रान्ड फोमी नेपालसँगको साझेदारीमा बिन्ध्यवासिनीस्थित फोमी पोखरा एक्स्पिरियन्स सेन्टरमा नयाँ आउटलेटको शुभारम्भ गरेको छ। यस सहकार्यमार्फत ग्राहकहरूलाई केवल कफीको स्वाद मात्र नभई आधुनिक डिजाइन र नवीनतम स्पेससँगै एउटा नयाँ अनुभव प्रदान गर्ने लक्ष्य राखिएको कम्पनीले जनाएको छ। माउन्टेनमग कफीले छोटो समयमै प्रिमियम कफी ब्रान्डको रूपमा आफ्नो पहिचान स्थापित गरेको दाबी गरेको छ। हाल माउन्टेनमग कफीका नेपालमा चारवटा आउटलेटहरू सञ्चालनमा रहेका छन्। पर्यटकीय शहर पोखरामा स्थापना गरिएको यो आउटलेटले नेपाली कफीको लोकप्रियता बढाउने र स्थानीय कफी संस्कृतिको प्रवर्द्धनमा सहयोग पुर्‍याउने अपेक्षा कम्पनीको छ।

सभामुखको प्रतिबद्धता: संसदमा पत्रकारहरूको पहुँच सहज बनाइनेछ

४ वैशाख, काठमाडौं। सभामुख डोल प्रसाद (डीपी) अर्यालले संसद र संसदीय समितिमा रिपोर्टिङ गर्ने पत्रकारहरूको पहुँच सहज बनाउन प्रतिबद्धता व्यक्त गरेका छन्। संसदीय मामिला पत्रकार समाज र संसदीय रिपोर्टिङमा संलग्न पत्रकारहरूसँगको भेटघाटमा उनले यस्तो प्रतिबद्धता प्रस्तुत गरेका छन्। हालसालै पत्रकारलाई संसद भवनमा प्रवेश गर्न धेरै चुनौतीहरू भोग्नुपरेको छ। प्रतिनिधि सभा र राष्ट्रिय सभाका सभा कक्षमा प्रवेश गेटहरू फरक-फरक रहेको र प्राविधिक समस्याहरू तथा फोटो खिच्ने क्रममा कडाइले समाचार संकलनमा अवरोधहरू देखिएका छन्।

अन्तर्राष्ट्रिय अभ्यास र प्रेस स्वतन्त्रताको भावना अनुसार संसद परिसरभित्र पत्रकारहरूको लागि सहज र मर्यादित कार्य वातावरण सुनिश्चित गर्न नसकेकोबारे पत्रकारहरूले सभामुखको ध्यानाकर्षण गराएका थिए। जवाफमा सभामुख अर्यालले भने कि हालको संसद भवन अस्थायी संरचनामा रहेको कारण केही व्यावहारिक कठिनाइहरू उत्पन्न भैरहेको छ। नयाँ र स्थायी संसद भवन निर्माण सकिएपछि भौतिक संरचनासम्बन्धी समस्याहरू समाधान हुने विश्वास व्यक्त गरे। पारदर्शिता र प्रभावकारी संसदीय गतिविधि रिपोर्टिङका लागि संसद र प्रेसको सम्बन्ध आवश्यक रहेको उल्लेख गर्दै उनले पत्रकारहरूको पहुँच सहज बनाइ आवश्यक सहयोग उपलब्ध गराउन प्रतिबद्धता जनाए।

होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकला पहला पाकिस्तानी कच्चा तेल लेकर जहाज

अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई के बीच पर्शियन खाड़ी में चल रहे तनाव के बीच कच्चा तेल लेकर पहला पाकिस्तानी टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक बाहर निकल गया है। ‘शालमार’ नामक अफ्रामैक्स टैंकर ने अमेरिकी नाकाबंदी शुरू हुए कुछ ही दिनों बाद इरान के लारक द्वीप के दक्षिण से होते हुए ओमान की खाड़ी में प्रवेश किया है। यह जहाज लगभग ४ लाख ५० हजार बैरल तेल लेकर रविवार को कराची बंदरगाह पर पहुंचने का योजना बना रहा है।

गत सोमवार से शुरू हुई पूर्ण अमेरिकी नाकाबंदी के बाद यह रणनीतिक जलमार्ग पार करने वाला ‘शालमार’ पहला वाहक बना है। जहाज ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तानी झंडाधारी यह अफ्रामैक्स टैंकर गुरुवार देर शाम इरान के लारक द्वीप के दक्षिण से होते हुए ओमान की खाड़ी की ओर निकला था। संयुक्त अरब अमीरात के जस्माना द्वीप से लगभग ४ लाख ५० हजार बैरल कच्चा तेल लेकर यह जहाज आगामी रविवार को कराची बंदरगाह पहुंचने की योजना बना रहा है।

अपनी क्षमता के आधे से भी कम तेल लेकर निकला यह जहाज अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी ध्यान से देखा जा रहा है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा इरान पर हवाई हमले शुरू होने के बाद से इस संकीर्ण जलमार्ग पर जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई थी। वर्तमान में लागू अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी ने पर्शियन खाड़ी से तेल या अन्य सामग्री बाहर ले जाने के लिए इरानी और अमेरिकी दोनों अधिकारियों की अनुमति अनिवार्य कर दी है।

पिछले सप्ताह कुछ सुपरटैंकर बाहर निकले थे, लेकिन हाल के सात हफ्तों में कच्चा तेल लेकर होर्मुज पार करने वाला यह पहला जहाज है और यह घटना दुर्लभ कही जा रही है। हालांकि इरान ने कुछ पाकिस्तानी जहाजों को विशेष अनुमति दी है, फिर भी अमेरिकी नाकाबंदी के कुछ ही दिनों बाद ‘शालमार’ का स्ट्रेट पार करना कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से असाधारण माना जा रहा है। इस घटना ने विश्व के महत्वपूर्ण जलमार्ग में सीमित मात्रा में तेल की आपूर्ति पुनः शुरू होने का संकेत दिया है। बावजूद इसके तनावपूर्ण माहौल के कारण जहाजों की संख्या अभी भी एकल अंकों में ही सीमित है।

दक्षिण कोरिया: नौ दिन की खोज के बाद भागा हुआ दो वर्ष का ब्वाँसो नूगु पकड़ाया गया

नूगु की धड़कन और शरीर का तापमान सामान्य बताया गया है

तस्बीर स्रोत, Daejeon City

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दक्षिण कोरिया के चिड़ियाघर से भागने के बाद पूरे देश का ध्यान खींचने वाला दो वर्ष का ब्वाँसो नूगु नौ दिन की खोज के बाद पकड़ा गया।

चिड़ियाघर वाले शहर डेजॉन के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार 00:44 बजे एक एक्सप्रेसवे के पास नूगु को नियंत्रण में लिया गया। मेडिकल जांच में नूगु की धड़कन और शरीर का तापमान सामान्य पाया गया है।

सैकड़ों बचाव कर्मी उस ब्वाँसो की तलाश में सक्रिय थे।

तलाश में जुटे अधिकारियों ने कई बार ब्वाँसो को पकड़ने का अवसर पाया, लेकिन नूगु फिर भी जब जाल का मुख बंद होने वाला होता तो वह भागने का तरीका अपनाता था।

बचाव कर्मी अधिकारी औपचारिक वर्दी और उपकरणों के साथ

तस्बीर स्रोत, YONHAP/EPA/Shutterstock

अधिकारियों ने बताया कि इसी सप्ताह की शुरुआत में नूगु को लगभग पकड़ लिया गया था। स्थानीय अग्नि नियंत्रण कार्यालय ने सोमवार रात को बताया था कि यह ब्वाँसो चिड़ियाघर से लगभग 2 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी क्षेत्र में देखा गया।

अपराजित रहँदै आर्मीले जित्यो पीएम कपको उपाधि – Online Khabar

त्रिभुवन आर्मी क्लब ने पीएम कप का खिताब जीता

त्रिभुवन आर्मी क्लब ने वीरगंज में आयोजित पीएम कप पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में सुदूरपश्चिम प्रदेश को हराकर खिताब अपने नाम किया है। आर्मी ने प्रतियोगिता में एक भी मैच नहीं गंवाया और लीग चरण के ९ में से ८ मैच जीत लिए। सुदूर ने १६१ रन बनाए, जिसके जवाब में आर्मी के इमरान शेख ने नाबाद ४६ और बसिर अहमद ने ४५ रन बनाए। ४ वैशाख, काठमाडौं।

आर्मी ने अपराजित रहते हुए पीएम कप पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब जीता है। शुक्रवार को वीरगंज में हुए फाइनल में सुदूरपश्चिम प्रदेश को हराकर आर्मी ने यह खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। सुदूर ने दिए गए १६२ रन के लक्ष्य को आर्मी ने ३४.३ ओवर में ५ विकेट खोकर पूरा किया। आर्मी के लिए इमरान शेख ने नाबाद ४६ रन बनाए जबकि बसिर अहमद ने ४५ रन जोड़े। शुरुआती ५६ रन पर ४ विकेट गिरने के बाद बसिर और इमरान ने साथ मिलकर पारी संभाली।

सुदूर के लिए हेमन्त धामी ने २ विकेट लिए जबकि शेर मल्ल, अशोक धामी और विकास आग्री ने १-१ विकेट लिए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाले सुदूर ने ३९.४ ओवर में आल आउट होकर १६१ रन बनाए। शीर्ष और मध्यक्रम बल्लेबाजी में विफल रहने के बावजूद निचले क्रम के बल्लेबाजों ने संयमित प्रदर्शन किया। अशोक धामी ने सर्वाधिक ४३ रन बनाए, तो किरण ठगुन्ना ने २५ और नारायण जोशी ने २९ रन बनाए। आर्मी के आकाश चन्द और शाहब आलम ने ३-३ विकेट लिए, बसिर अहमद ने २ और कुशल मल्ल ने १ विकेट लिया।
आर्मी ने पूरी प्रतियोगिता में कोई भी मैच नहीं हारा। लीग चरण के ९ में से आर्मी ने १ मैच में अंक साझा किए और बाकी ८ मैच जीत लिए। सुदूर ने ९ मैचों में ६ मैच जीतकर पहली बार फाइनल खेला था। आर्मी ने पहली बार यह खिताब २०१७ में नेपाल पुलिस क्लब के साथ साझा किया था और २०२१ में भी यह खिताब जीता था। हर संस्करण के फाइनल में खेलते हुए आर्मी ने ५ बार उपविजेता भी रहा है। नेपाल पुलिस क्लब ने ४ बार खिताब जीता है जबकि एपीएफ क्लब ने २ बार यह खिताब हासिल किया है।