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लेखक: space4knews

नेपाल ए टीम वर्षा से प्रभावित मैच में केरलาสे हारी

भारत के उत्तराखंड में चल रहे ४२वें ऑल इंडिया उत्तराखंड गोल्ड कप क्रिकेट के पहले मैच में नेपाल ए टीम केरलासे डीएल पद्धति के अनुसार १५ रन से पराजित हुई। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए केरलाले निर्धारित ५० ओवरों में ७ विकेट खोकर ३३१ रन का विशाल स्कोर बनाया था। तीन सौ बत्तीस रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा नेपाल २२.३ ओवरों में १३४ रन पर था, जब वर्षा से बाधित मैच का नतीजा डीएल पद्धति से तय किया गया। १६ जेठ, काठमांडू।

नेपाल ए टीम ने केरलाद्वारा दिए गए ३३२ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए २२.३ ओवरों में १३४-३ पर खेल रोका गया था। बारिश के कारण नेपाल ए टीम १५ रन से हार गई। नेपाल ए के लिए देव खनाल ने ५७ और अर्जुन कुमाल ने ५० रन बनाए। कप्तान अनिल साह १९ रन बनाकर नॉटआउट थे।

केरलाके लिए फानूज फैज और असिफ सलाम ने १-१ विकेट लिए। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए केरलाउप ने ५० ओवरों में ७ विकेट खोकर ३३१ रन बनाए। अहमद इमरान ने १२२ रन बनाए, जबकि अभिषेक ने ५६ और मोहम्मद अजहरुद्दिन ने ५५ रन बनाए। नेपाल के लिए आकाश चन्द ने ३, बिपिन खत्री ने २ तथा राशिद खान और बसिर अहमद ने १-१ विकेट लिया।

लगातार चार दिन बिदाले मुक्तिनाथमा दर्शनार्थी ओइरो

मुक्तिनाथ में लगातार चार दिन की छुट्टी के कारण दर्शनों के लिए भारी भीड़

समाचार सारांश

लगातार चार दिनों की सार्वजनिक छुट्टी के कारण मुस्ताङ के प्रसिद्ध मुक्तिनाथ मंदिर में दर्शनों के लिए भारी भीड़ जुटी है। जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार पिछले तीन दिनों में २५ हजार से अधिक देशी और भारतीय पर्यटक मुस्ताङ में दाखिल हुए हैं। धार्मिक पर्यटकों की बढ़ती मांग के कारण मुस्ताङ के लेते से लेकर मुक्तिनाथ क्षेत्र के होटल पर्यटकों से भरे हुए हैं। १६ जेठ, मुस्ताङ—हिंदू और बौद्ध धर्मावलंबियों के संयुक्त धार्मिक तीर्थस्थल मुक्तिनाथ मंदिर में दर्शकों की भीड़ बढ़ने का मुख्य कारण चार दिन की लगातार सार्वजनिक छुट्टी है।

मुक्तिनाथ विकास समिति ने बताया है कि दर्शकों की बढ़ती संख्या प्रबंधन में चुनौतियां पैदा कर रही है। समिति के व्यवस्थापक दिनेश भुसाल के अनुसार, गुरुवार से शनिवार की सुबह तक देशी तथा भारतीय दर्शकों की भारी भीड़ के कारण व्यवस्थापन में समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि दशैं-तिहार और चैत दशैं को छोड़कर सामान्य दिनों में यहां लगभग पाँच से सात हजार धार्मिक पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सरकारी और सार्वजनिक छुट्टियों के कारण पिछले तीन दिनों में २० से २५ हजार दर्शक मंदिर पहुंच चुके हैं। “शुक्रवार से मुक्तिनाथ में बड़ी संख्या में धार्मिक पर्यटक आ रहे हैं। भक्तों के परिसर को पूरी तरह भर देने से व्यवस्थापन संभालना मुश्किल हो गया है, इसलिए सुरक्षा कर्मियों की सहायता लेनी पड़ी है,” व्यवस्थापक भुसाल ने कहा।

उन्होंने आगे बताया, “अभी नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस की तैनाती कर व्यवस्थापन शुरू किया गया है। धार्मिक पर्यटक एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आ रहे हैं, जो पर्यटन को प्रोत्साहित करने में सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।” मुक्तिनाथ मंदिर का परिसर चट्टानी सतह पर स्थित होने के कारण प्रबंधन में कठिनाई आ रही है। सरकार ने कुछ समय से सप्ताह के रविवार को भी सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दिया है, जिसके कारण मुस्ताङ में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इस बार गुरुवार से लगातार छुट्टियां होने के कारण मुक्तिनाथ दर्शन आने वाले पर्यटकों की संख्या और बढ़ गई है। जिले के लेते से लेकर मुक्तिनाथ तक के होटल पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। मुक्तिनाथ विकास समिति ने दर्शन को सुगम बनाने के लिए कतार की व्यवस्था करने, गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध कराने, और लेक के खतरे से बचाव तथा उपचार जैसी विविध व्यवस्थाएं की हैं।

जिला पुलिस कार्यालय ने भी पिछले तीन दिनों में २५ हजार से अधिक पर्यटकों के मुस्ताङ प्रवेश करने की सूचना दी है। राष्ट्रीय गौरव परियोजना बेनी–जोमसोम सड़क मार्ग से बुधवार को ५५८६, गुरुवार को ७८२७ और शनिवार को ९०८६ पर्यटक घाँसा मार्ग से मुस्ताङ में आए, पुलिस निरीक्षक संतोष बस्याल ने बताया। घाँसा पुलिस चौकी में वाहनों और पर्यटकों का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। इस वजह से पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि सरकार ने रविवार को भी सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी है। यहां दशैं, तिहार और चैत दशैं को छोड़कर सामान्यतः पाँच से सात हजार पर्यटक आते हैं, परंतु इस बार बढ़ती भीड़ के कारण व्यवस्थापन काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

हिमालय क्षेत्र का संरक्षण विश्वव्यापी साझा जिम्मेदारी है : यादव

नेपाल के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. रामवरण यादव ने हिमालय क्षेत्र के संरक्षण को न केवल नेपाल की बल्कि पूरे विश्व की साझा जिम्मेदारी बताया है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय, हिमनद और पारिस्थितिकी प्रणाली पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गहरी चिंता जाहिर करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। “नेपाल के हिमालय विश्वस्तरीय पहचान हैं। उनकी सुरक्षा और संवर्धन में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकता आवश्यक है,” उन्होंने कहा। १६ जेठ, काठमांडू।

‘एएमएस एवरेस्ट टूरिज्म अवार्ड २०२६’ कार्यक्रम में अपना संबोधन देते हुए उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय, हिमनद और पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। इसके संरक्षण के लिए विश्वव्यापी सहयोग अनिवार्य होने पर उन्होंने बल दिया।

पूर्व राष्ट्रपति यादव ने नेपाल की भौगोलिक विविधता और सामाजिक एकता का जिक्र करते हुए तराई, पहाड़ और हिमालय क्षेत्र की विशिष्ट भूमिका को नेपाल की राष्ट्रीय पहचान का मूल बताया। उन्होंने तराई को कृषि और आध्यात्मिक केंद्र, पहाड़ को दृढ़ता और सांस्कृतिक विरासत तथा हिमालय क्षेत्र को नेपाल के गर्व का प्रतीक माना और कहा कि विविधता में ही नेपाल की शक्ति निहित है।

सगरमाथा को मानवीय साहस, दृढ़ संकल्प और अंतरराष्ट्रीय मित्रता का प्रतीक बताते हुए डॉ. यादव ने कहा कि नेपाल के हिमालयी पर्यटन क्षेत्र विभिन्न संस्कृतियों और राष्ट्रों के बीच आपसी समझ बढ़ाने का माध्यम हैं। ‘‘नेपाल के हिमालय पूरी दुनिया के लिए एक पहचान हैं। उनकी सुरक्षा और संवर्धन के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एकजुट होना अति आवश्यक है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘पर्यटन सीमापार के लोगों को जोड़ने और अवसर उत्पन्न करने का साधन है, लेकिन हमें अपनी संवेदनशील हिमालयी पर्यावरण की रक्षा करने की जिम्मेदारी कभी नहीं भूलनी चाहिए।’’

राष्ट्रपति ट्रम्प के स्वास्थ्य रिपोर्ट: रोजाना तीन दवाइयां, वजन घटाने की सलाह

१६ वैशाख, काठमाडौं । व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई मेडिकल रिपोर्ट जारी की। १४ दिन में ८० वर्ष के होने वाले ट्रम्प की सेहत उत्कृष्ट बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रम्प फिलहाल कोलेस्ट्रॉल और हृदय उपचार के लिए कुल तीन दवाइयां ले रहे हैं। इनमें से ‘रोसुवास्टेटिन’ और ‘एज़ेटिमिब’ कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए हैं, जबकि हृदय रोगों से बचाव के लिए कम डोज़ की ‘एस्पिरिन’ दी गई है।

व्हाइट हाउस के डॉक्टर सन् पी. बार्बाबेला ने ट्रम्प की सेहत अत्यंत अच्छी बताई और कहा कि वे राष्ट्रपतिको कर्तव्यों का पूर्ण निर्वाह करने में सक्षम हैं। रिपोर्ट में उनके हृदय (कार्डियाक), फेफड़े और तंत्रिका (न्यूरोलॉजिकल) स्वास्थ्य को बहुत मजबूत बताया गया है।

२२ विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया गया स्वास्थ्य परीक्षण मंगलवार को ‘वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर’ में किया गया था। व्हाइट हाउस के अनुसार २२ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी सेहत की जांच की। इस दौरान सीटी स्कैन, हृदय का इमेजिंग, कैंसर जांच और विभिन्न रोग प्रतिरोधक परीक्षण शामिल थे। रिपोर्ट में ट्रम्प के संज्ञानात्मक (कॉग्निटिव) और शारीरिक प्रदर्शन को उत्कृष्ट बताया गया है।

डॉक्टरों ने कहा कि ट्रम्प की व्यस्त दिनचर्या, लगातार बैठकें, सार्वजनिक कार्यक्रम और शारीरिक गतिविधियां उनकी समग्र सेहत में सहायक हैं।

डॉक्टरों ने वजन घटाने की सलाह दी है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प का वजन वर्तमान में २३८ पाउंड (लगभग १०८ किलो) है। पिछले अक्तूबर २०२५ की जांच में उनका वजन २२४ पाउंड (लगभग १०१.६ किलो) था। रिपोर्ट में उनकी ऊंचाई ६ फीट ३ इंच बताई गई है। डा. बार्बाबेला ने ट्रम्प को वजन घटाने, स्वस्थ आहार अपनाने और अतिरिक्त व्यायाम करने की सलाह दी है।

रिपोर्ट में उनके हृदय स्वास्थ्य (कार्डियोवास्कुलर) और वजन नियंत्रित करने से जुड़े सुझाव भी शामिल हैं।

ट्रम्प के हाथों पर मौजूद निशानों को लेकर भी रिपोर्ट ने स्पष्टता दी है। डॉक्टर बार्बाबेला के अनुसार बार-बार लोगों के हाथ मिलाने और एस्पिरिन लेने के कारण उनके हाथों पर हल्के निशान दिखते हैं। हालांकि कुछ स्वतंत्र डॉक्टरों ने इसे लेकर प्रश्न उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रम्प दाएं हाथ से काम करते हैं, जबकि निशान बाएं हाथ पर अधिक नजर आए।

रिपोर्ट में ट्रम्प के पैरों के निचले हिस्से में सुन्नता की समस्या का उल्लेख है, जो पिछली तुलना में कुछ बेहतर हुई है, लेकिन इस विषय पर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

ट्रम्प जून १४ को ८० वर्ष के होंगे और वे अमेरिकी इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति में से एक हैं।

पिछले साल से उनका पैरों की सुन्नता, कई कार्यक्रमों में नींद आने और गले में गाँठ की चर्चा बढ़ी हुई है। व्हाइट हाउस ने पहले ही बताया है कि ट्रम्प को ‘क्रोनिक वेन्स इन्फिसिएंसी’ की समस्या है, जो उम्र बढ़ने से जुड़ी है और पैरों में रक्त प्रवाह को प्रभावित करती है। मार्च में गले पर दिखी गाँठ को त्वचा के उपचार से जुड़ा बताया गया था।

इस बीच, ट्रम्प और उनके सहयोगी बार-बार कहते रहे हैं कि उन्हें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। ट्रम्प अपनी शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक क्षमता को अपनी सार्वजनिक छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।

रिपोर्ट में ‘कार्डियाक एज’ का भी उल्लेख है। डॉक्टर बार्बाबेला ने इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम के अनुसार ट्रम्प के हृदय की वास्तविक उम्र उनकी असली उम्र से १४ वर्ष कम बताई। हालांकि कुछ स्वतंत्र डॉक्टरों ने रिपोर्ट में इस तथ्य को शामिल करना असामान्य बताया है।

ट्रम्प ने चेकअप के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, ‘वाल्टर रीड मिलिट्री मेडिकल सेंटर में मेरा ६ महीने का फिजिकल पूरा हुआ। सब कुछ पूरी तरह से उत्कृष्ट पाया गया।’ हालांकि कई डॉक्टरों ने ‘६ महीने का फिजिकल’ कहने पर सवाल उठाए हैं। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की प्रोफेसर और डॉक्टर ईशानी गांगुली ने कहा, ‘आमतौर पर पूर्ण शारीरिक जांच साल में एक बार होती है। छह महीने के फॉलोअप को पूर्ण फिजिकल नहीं कहा जाता।’

(एजेंसियों के सहयोग से)

ललितपुरको पत्रकारिता इतिहास पुस्तक विमोचन, सात पत्रकार सम्मानित

ललितपुर की पत्रकारिता इतिहास पुस्तक का विमोचन, सात पत्रकार सम्मानित

१६ जेठ, ललितपुर। नेपाल पत्रकार महासंघ ललितपुर शाखा द्वारा प्रकाशित ‘ललितपुरको पत्रकारिता इतिहास’ नामक पुस्तक शनिवार को औपचारिक रूप से विमोचन किया गया। नेपाल पत्रकार महासंघ ललितपुर शाखा की २५वीं वार्षिक साधारण सभा के अवसर पर हुए इस कार्यक्रम में पूर्वप्रधानन्यायाधीश प्रकाशमान सिंह राउत ने पुस्तक का विमोचन किया। राउत ने इस पुस्तक को ललितपुर की पत्रकारिता क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताते हुए इस प्रकाशन के लिए शाखा को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत पत्रकार वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग करते हुए नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा में विशेष भूमिका निभाते हैं।

इसी अवसर पर पत्रकारिता क्षेत्र में योगदान देने वाले सात पत्रकारों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। राजधानी दैनिक के डिल्ली आचार्य और रातोपाटी के नरेश ज्ञवाली को हीरा–सिद्धि क्रियाशील पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया गया। इन्हें लंबे समय से पत्रकारिता के माध्यम से समाज परिवर्तन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया। इसी तरह, नया सडक दैनिक के ज्ञानेन्द्र प्रसाद पौडेल को धर्मरत्न शाक्य जीवन्त पत्रकारिता पुरस्कार तथा नेपालखबर के जनार्दन पोखरेल को राधा–लक्ष्मण क्रियाशील पत्रकारिता पुरस्कार दिया गया।

दियोपोष्ट की रीता बुढाथोकी को कैंसर रोग संबंधी जागरूकता पत्रकारिता में योगदान के लिए सम्राट आचार्य स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही नेपाल टेलिभिजन के ईश्वर महर्जन और मिडियासञ्चार डटकम के केदारनाथ दाहाल को ललितपुर के विषयों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए ललितपुर पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नेपाल पत्रकार महासंघ ललितपुर शाखा के अध्यक्ष रामहरी कार्की ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों में पत्रकारों के व्यावसायिक विकास के लिए शाखा ने विभिन्न प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रम संचालित किए हैं।

झापा में नदी से कूड़े के थैले में महिला का शव बरामद

१६ जेठ, विराटनगर। झापा के दमक नगरपालिका–१०, सेतुमाडी स्थित रतुवा नदी के पुल के नीचे संदिग्ध हालत में एक महिला का शव मिला है। शनिवार सुबह लगभग ११ बजे एक सफेद प्लास्टिक के थैले में लिपटा हुआ शव पाया गया। प्राथमिक रूप से ३०-३२ वर्षीया महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जिला पुलिस कार्यालय झापा के डीएसपी खगेन्द्र खड्का के अनुसार थैले के अंदर शव दिखने पर पुलिस को सूचना दी गई थी।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि शव को कहीं और से लाकर पुल के ऊपर से फेंका गया है। पुलिस का अनुमान है कि शव २-३ दिन पुराना हो सकता है। मृतक महिला ने लाल रंग की बेग और जींस पहनी हुई थी। महिला के दाहिने हाथ पर टैटू भी है। डीएसपी खड्का के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए धरान स्थित बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान भेजा गया है। महिला की टैटू और पहचान के आधार पर पुलिस पहचान करने का प्रयास कर रही है।

अमेरिकी रक्षा मन्त्री ने एसियाई देशों को दिया सुझाव – चीन के प्रभुत्व को रोकने के लिए बढ़ाएं सैन्य खर्च

अमेरिका के रक्षा मंत्री पिट हेगसेथ ने एसियाई देशों से चीन की बढ़ती शक्ति और क्षेत्रीय प्रभुत्व को रोकने के लिए अपने सैन्य खर्च में वृद्धि करने का आग्रह किया है। सिंगापुर में आयोजित ‘सांग्री-ला डायलॉग’ कार्यक्रम में शनिवार को उन्होंने चीन के तीव्र सैन्य विस्तार पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने संभावित आक्रमण को रोकने और शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए मित्र राष्ट्रों के आत्मनिर्भर सुरक्षा नेटवर्क की आवश्यकता पर जोर दिया।

जब अमेरिका अपनी सेना में 1.5 ट्रिलियन डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहा है, तो उन्होंने अपेक्षा जताई कि एसियाई देशों को अपने रक्षा खर्च को कुल घरेलू उत्पाद का 3.5 प्रतिशत तक बढ़ाना चाहिए। रक्षा मंत्री हेगसेथ ने यह भी स्पष्ट किया कि धनी राष्ट्रों के लिए अमेरिका के अनुदान का समय समाप्त हो चुका है और मित्र राष्ट्रों को अब अपने रक्षा खर्च का भार स्वयं वहन करना होगा।

अमेरिका और चीन के बीच संबंधों के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों की तुलना में वर्तमान में संबंध मधुर हैं और सैन्य स्तर पर संवाद तनाव को कम करने में सहायक रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि कूटनीति विफल होती है तो अमेरिका ईरान पर पुनः आक्रमण के लिए तैयार है। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने के संकल्प को भी बताया।

ताइवान को हथियार बेचने के विषय में पूछे गए प्रश्न के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रम्प के अधिकार क्षेत्र में रहेगा। चीन की क्षेत्रीय दावेदारी वाले ताइवान को अमेरिका से 14 अरब डॉलर तक के हथियार खरीदने की मंजूरी का इंतजार है।

बिजली पर VAT लगाने के फैसले पर बहस: क्या यह विद्युत् खपत वृद्धि के लक्ष्य में बाधा बनेगा?

सरकार द्वारा मासिक ५० यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर वैट (मूल्य अभिवृद्धि कर) लगाने की घोषणा के बाद इसके प्रभाव को लेकर विभिन्न मत व्यक्त किए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे उपभोक्ता हित के खिलाफ और बिजली खपत बढ़ाने की पहल पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाला मान रहे हैं, जबकि कुछ का तर्क है कि ५० यूनिट तक खपत करने वालों पर वैट नहीं लगेगा, इसलिए समग्र खपत पर इसका कोई खास असर नहीं होगा।

आर्थिक वर्ष २०८३/८४ का बजट प्रस्तुत करते हुए अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने बताया था कि “अंतिम श्रेणी के उपभोक्ताओं पर मासिक ५० यूनिट से अधिक बिजली खपत पर सहूलियत दर से VAT लगाने का प्रावधान किया गया है।” अर्थ मंत्रालय के प्रवक्ता अमृत लम्साल के अनुसार सरकार ने बिजली खपत पर ५ प्रतिशत VAT लगाने का प्रस्ताव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “उदाहरण के लिए, यदि किसी ने ७५ यूनिट खपत की तो ५० यूनिट तक VAT नहीं लगेगा और सिर्फ शेष २५ यूनिटों पर VAT लगाया जाएगा।”

ऊर्जा मंत्रालय एवं विद्युत प्राधिकरण के पूर्व नेतृत्वकर्ता एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री कुलमान घिसिङ ने इस VAT लगाने के फैसले को ऊर्जा संक्रमण के लक्ष्य के लिए बाधक बताया है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय उपभोक्ता हित, ऊर्जा संक्रमण लक्ष्य तथा देश में उत्पादित स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग बढ़ाने के राष्ट्रीय अभियान के विपरीत प्रभाव डालेगा।” नेपाल विद्युत प्राधिकरण के प्रवक्ता राजन ढकाल ने कहा, “कुछ उपभोक्ताओं के लिए अधिक भुगतान करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इससे खपत घटने या स्थिर रहने की संभावना नहीं है।”

प्रवक्ता ढकाल के अनुसार, नेपाल विद्युत प्राधिकरण के लगभग ५८ लाख ग्राहक हैं, जिनमें से १७-१८ लाख मासिक २० यूनिट से कम बिजली उपयोग करते हैं। हालांकि, प्राधिकरण के पास मासिक ५० यूनिट से अधिक खपत करने वाले घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं की संख्या का सटीक आंकड़ा नहीं है। पूर्व ऊर्जा मंत्री घिसिङ के मुताबिक ५० यूनिट से अधिक खपत करने वाले अधिकांश सामान्य घरेलू उपभोक्ता हैं। उन्होंने बल दिया, “ऐसे में कर लगाने का निर्णय लाखों परिवारों के मासिक खर्च में वृद्धि करेगा और खाना बनाने की लागत महंगी कर देगा।”

वर्षमान पुन – Online Khabar

वर्षमान पुनले भने: सामाजिक माध्यमबाट उदाएका राजनीतिक दलहरू दिगो हुँदैनन्

नेपाली कम्युनिष्ट पार्टीका सांसद वर्षमान पुनले सामाजिक माध्यम र डिजिटल प्लेटफर्मबाट उदाएका राजनीतिक दलहरू दिगो नहुने बताएका छन्। उनले विचार र राजनीतिक पृष्ठभूमि बिना मात्र भर्चुअल माध्यमबाट आएका नयाँ दलहरू छिट्टै पतन हुने दाबी गरेका छन्। नेता पुनले आफ्ना कार्यकर्ता र संगठनलाई आधुनिक प्रविधिमा आधारभूत बनाउन मुख्य चुनौती रहेको बताए। १६ जेठ, काठमाडौं।

शनिबार काठमाडौंमा आयोजित एक कार्यक्रममा सम्बोधन गर्दै उनले यस्ता दलहरू छिट्टै असफल हुने दाबी गरेका छन्। पछिल्लो राजनीतिक प्रवृत्तिको विश्लेषण गर्दै नेता पुनले यस्ता दलहरूमा विचारशील नेतृत्व र स्पष्ट राजनीतिक आधारको अभाव रहेको टिप्पणी गरे। सांसद पुनले भने कि डिजिटल युगमा एजेण्डा निर्धारण सामाजिक सञ्जालबाट हुने गर्दछ र त्यहाँ कुनै स्पष्ट नेतृत्व हुँदैन।

उनले भर्चुअल दुनियाँको प्रभावका कारण निर्वाचनमा मतदान केन्द्रमा भौतिक उपस्थितिको कमी हुँदा पनि परिणाम अप्रत्याशित आउने गरेका बेला उल्लेख गरे। ‘अहिले तीव्र गतिमा आएको आन्दोलन त्यस्तै तीव्रतामा अगाडि बढ्न सक्छ र भोलि फेरि स्थापित दलहरूले देश र समाजको नेतृत्व सम्हाल्ने अवस्था आउँछ,’ उनले भने।

नेता पुनले व्यक्त गरेका मुख्य विषयः डिजिटल प्लेटफर्म, सामाजिक सञ्जाल र सञ्चार माध्यममा एजेण्डा निर्धारण हुन्छ। त्यहाँ सबै समान तथा विभिन्न प्रकारका व्यक्ति हुन्छन्, कुनै निश्चित नेतृत्व हुँदैन। यो प्रक्रिया यति तीव्र र आक्रामक हुन्छ कि कहिले र कहाँ विस्फोट हुन्छ पूर्वानुमान लगाउन गाह्रो हुन्छ। नेपालमा ठ्याक्का यस्तो अवस्था देखिएको छ। मतदान गर्दा मतदान केन्द्रमा मान्छे कम देखिन्छन्, तर सामाजिक सञ्जाल र अनलाइन दुनियाँमा धेरै सक्रिय हुन्छन्।

त्यसैले हामीलाई हाम्रो संगठनलाई आजको प्रविधिमा आधारित बनाउने चुनौती छ। उठेका आन्दोलन तीव्र गतिमा वृद्धि भए पनि त्यस्तै तीव्रतामा पतन हुने सम्भावना हुन्छ। २०७९ को चुनावमा मधेशतिर सिके राउतहरूको पार्टीले ठूलो भूमिका खेलेको भए पनि अहिले तिनीहरू कुनै ठाउँमा छैनन्। छिटो माथि गएपछि छिटो तल झर्ने प्रवृत्ति यस्ता नयाँ दलहरूमा देखिन्छ।

सहमहामन्त्री जबराको भनाइ: नेपाली कांग्रेस सबैभन्दा समावेशी पार्टी हो

नेपाली कांग्रेसका सहमहामन्त्री उदय शमशेर जबराले नेपाली कांग्रेसलाई अन्य राजनीतिक दलहरू भन्दा सबैभन्दा बढी समावेशी पार्टी भएको दावी गरे। शनिबार नेपाल थारु संघको प्रथम महाधिवेशनमा उनले भने कि पार्टीको नीति र संरचनाले थारु समुदायलाई उच्च प्राथमिकता दिएको छ। सहमहामन्त्री जबराका अनुसार कांग्रेसले थारु समुदायका नेताहरूलाई नेतृत्वको मुख्य तह तथा सरकारी पदहरूमा स्थापित गरिसकेको छ।

सहमहामन्त्री जबरले नेपाल थारु संघलाई कांग्रेसको सबैभन्दा कान्छो भ्रातृ संगठनको रूपमा स्वागत गर्दै छोटो अवधिमा सबै जिल्ला अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न गर्नु गौरवको विषय रहेको बताए। २०७९ माघ ४ गते अध्यक्षको मनोनयनपछि आएका चुनौतीहरूका बावजुद संघले सांगठनिक संरचना अंगीकार गरी अहिले ऐतिहासिक महाधिवेशनको चरणमा पुगेको जानकारी दिए।

उनी अन्य राष्ट्रिय दलहरूसँग तुलना गर्दै कांग्रेसले थारु समुदायका नेताहरूलाई नेतृत्वको शीर्ष तहमा प्रस्तुत गरेकोमा जोड दिए। ‘बहुदलीय व्यवस्था सुरु हुनु अघि नै कांग्रेसले पर्शुनारायण चौधरीलाई महामन्त्री बनाएको थियो। पार्टीको केन्द्रीय उपाध्यक्षमा विजयकुमार गच्छदार, सहमहामन्त्रीमा उमाकान्त चौधरी, र वर्तमानमा योगेन्द्र चौधरी हुनुहुन्छ। यस्तो समावेशिता एमाले, माओवादी वा रास्वपा जस्ता अन्य दलमा देखिदैन,’ उनले उल्लेख गरे। साथै, लुम्बिनी प्रदेशको मुख्यमन्त्रीमा थारु समुदायका डिल्लि चौधरीको नियुक्ति गरेर कांग्रेसले समावेशिताको जीवित उदाहरण प्रस्तुत गरेको बताए।

लाओस की बाढ़ से घिरी गुफा से शनिवार को चार और लोगों का सफल बचाव, दो अभी भी लापता

लाओसको उद्धार

तस्बिर स्रोत, Reuters

लाओस की बाढ़ में फंसी गुफा के अंदर 10 दिनों से फंसे चार पुरुषों को थाईलैंड के बचावकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला है। शुक्रवार को भी वहां से एक व्यक्ति को बचाया गया था।

20 मई को अचानक आई बाढ़ से पहले, ये पुरुष साइसोम्बुन प्रांत के एक दूर-दराज पहाड़ी इलाके की संकीर्ण सुरंगों से सुन खोजने के लिए गुफा में गए थे। लेकिन बाढ़ ने उन्हें वहां फंसा दिया।

गुफा में इस तरह फंसे हुए कुल सात लाओस निवासी थे।

बुधवार को बचावकर्मियों ने पांच लोगों को जिन्दा पाया। दो लोगों की हालत अभी अज्ञात है।

थाईलैंड के रेस्क्यू डाइवर्स ने फेसबुक पेज पर शनिवार को स्थानीय समय अनुसार दोपहर लगभग 3:10 बजे बताया कि उन चार पुरुषों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है।

कांग्रेस महामन्त्रीको चिन्ता- नेपाल एकात्मक व्यवस्थातर्फ फर्किने चर्चा छ

कांग्रेस महामन्त्री की चिंता: नेपाल फिर से एकात्मक प्रणाली की ओर लौट सकता है

१६ जेठ, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेस के महामन्त्री प्रदीप पौडेल ने नेपाल को पुनः एकात्मक व्यवस्था की ओर लौटाने की चर्चाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने शनिवार को कांग्रेस की भ्रातृ संस्था नेपाल थारू संघ के पहले महाधिवेशन उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में संघीयता खत्म करने जैसे प्रस्तावों के सुनने का उल्लेख किया।

‘संविधान के तहत मिले सभी उपलब्धियों को बचाते हुए आगे बढ़ना आवश्यक है। देश फिर से एकात्मक राज्य प्रणाली की ओर जाने की चर्चाएं हो रही हैं,’ महामन्त्री पौडेल ने कहा, ‘संसदीय व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।’ इसलिए संविधान द्वारा प्रदत्त उपलब्धियों की रक्षा करनी होगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा, उन्होंने जोर दिया।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये उपलब्धियाँ छीनी गईं तो देश राष्ट्रीय तौर पर पुनः एकात्मक व्यवस्था की ओर जा सकता है। ‘थारू समुदाय की उपेक्षा एक सत्य है, लेकिन वर्तमान संविधान ने उन्हें कई अधिकार और अवसर दिए हैं। यह पूर्ण नहीं है, लेकिन उसकी रक्षा हमारी जिम्मेदारी है,’ महामन्त्री पौडेल ने कहा।

उन्होंने याद दिलाया कि थारू समुदाय ने सीमाओं की रक्षा करते हुए देश की सुरक्षा की है और राष्ट्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

संग-साथ छन्, परन्तु क्या आप अपने बच्चों को ‘विस्थापन’ तो नहीं कर रहे?

अक्सर माता-पिता को चिढ़ाने वाले या गुस्सा दिलाने वाले छोटे बच्चे को शांत करने के लिए फोन या टैबलेट देना सबसे आसान तरीका लगता है। लेकिन, अमेरिका के यूसी अर्विन विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि इससे बच्चों के सेल्फ-कंट्रोल, यानी आत्म-नियंत्रण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अर्विन सहित छह विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं की टीम ने 210 परिवारों के 9 से 30 महीने के बच्चों पर अध्ययन किया। अध्ययन की प्रमुख स्टेफनी एम. रिच ने बताया, ‘बार-बार मोबाइल और टैबलेट का उपयोग करने वाले बच्चे भविष्य में व्यवहार संबंधी समस्याओं का सामना कर सकते हैं।’ जब बच्चे रोते हैं या परेशान होते हैं, तो उन्हें मनाने, उनके साथ बात करने के बजाय उन्हें स्क्रीन (मोबाइल/टीवी) की ओर मोड़ दिया जाता है। शोधकर्ता इसे विस्थापन कहते हैं। यह समय के साथ और गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। बच्चों के साथ मौजूद होने के बावजूद स्क्रीन के कारण उनसे कटे रहने की स्थिति को शोधकर्ताओं ने विस्थापन की संज्ञा दी है।

चिकित्सकों का मानना है कि बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम के कई प्रभाव सामने आए हैं। ध्यान केंद्रित न कर पाना, पढ़ाई में पिछड़ जाना, नींद की समस्या, हिंसा के प्रति संवेदनशीलता कम होना, मोटापे में वृद्धि तथा आँखों पर दबाव प्रमुख चुनौतियां हैं। मोबाइल, ‘रिल्स’ और फास्ट-फॉरवर्ड वीडियो की लत के कारण बच्चों में ध्यान की कमी, चिड़चिड़ापन, बातचीत से बचाव और पढ़ाई में रुचि कम होना तेजी से बढ़ रहा है। लंबे वीडियो को फास्ट-फॉरवर्ड करके देखने की आदत उनके व्यवहार में बदलाव ला रही है। यही वजह है कि जब उन्हें किसी की बात अंत तक सुननी होती है, तो वे जल्दी से चिढ़ जाते हैं।

चिकित्सक बताते हैं कि अभिभावकों को बच्चे की उम्र और आवश्यकताओं के अनुसार स्क्रीन टाइम (मोबाइल/टीवी देखने का समय) निर्धारित करना चाहिए। सकारात्मक मिसाल पेश करने के लिए खुद भी स्क्रीन का उपयोग सीमित करना इस समस्या से निपटने का प्रभावी तरीका है। बच्चे के साथ बैठकर बातचीत करना और ऑफलाइन समय यानी बिना मोबाइल बिताने को प्रोत्साहित करना चिकित्सकों की सलाह है। इससे पहले, प्रसिद्ध अमेरिकी स्वास्थ्य संस्था जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन ने बच्चों और किशोरों में स्क्रीन टाइम के प्रभाव पर एक विस्तृत अध्ययन किया था, जिसमें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के गंभीर प्रभाव देखे गए थे। जॉन्स हॉपकिन्स के अल चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल की मनोविज्ञान निदेशक डॉ. जेनिफर काट्जेनस्टाइन के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। सोशल मीडिया पर दूसरों की जीवनशैली देखकर आत्मग्लानि (हीनताभास) होना, चिंता और डिप्रेशन के जोखिम को बढ़ाता है। लंबे समय तक बिस्तर या जमीन पर झुके रहकर गैजेट चलाने से पीठ और गर्दन की हड्डियों पर दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, खराब बैठने की मुद्रा भविष्य में गर्दन की नसों समेत लंबे समय तक चलने वाली और ठीक न होने वाली समस्याएं पैदा कर सकती है। जॉन्स हॉपकिन्स के शोधकर्ताओं ने बच्चों के स्क्रीन टाइम को रोजाना दो घंटे या उससे कम रखने की सलाह दी है। खाने के समय, गृहकार्य करते समय और सोने से कम से कम एक घंटे पहले बच्चों को पूरी तरह से स्क्रीन से दूर रखना जरूरी बताया गया है। (एजेंसियों के सहयोग से)

नेपाल एसियन गेम्स महिला क्रिकेट सेमीफाइनल में मलेशिया से हार गया

१६ जेठ, काठमांडू। एसियन गेम्स महिला क्रिकेट चयन के अंतर्गत नेपाल सेमीफाइनल में मलेशिया से हार गया है। नेपाल द्वारा निर्धारित १२७ रन के लक्ष्य को मलेशिया ने ८ गेंद बची रहते हुए ८ विकेट खोकर पूरा कर लिया। एल्सा हन्टर ने २४ गेंदों में १० चौके और १ छक्का लगाकर ४८ रन बनाए, जिससे मलेशिया की जीत के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ। इससे पहले उन्होंने सन् २०२४ के एसीसी प्रीमियर कप सेमीफाइनल में भी नेपाल के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था, जिसमें मलेशिया ने नेपाल को ४ विकेट से हराया था।

धनुश्री मुहुनन ने २१, आइना हमिजा ने १८ और माहिरा इजाती ने १४ रन बनाए। नेपाल ने अंत में गेंदबाजी में सुधार किया, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सका। १५ ओवर में नेपाल का स्कोर ११४-४ था। १६वें ओवर में रिया शर्मा ने २ विकेट लिए, जबकि १७वें ओवर में सीता रानामगर ने १ विकेट हासिल किया। १८वें ओवर में रिया शर्मा ने एक और विकेट लिया, जिसके बाद मलेशिया का स्कोर ११९-८ हो गया। फिर बल्लेबाजी करने आई वान जूलिया ने ६ रन नॉट आउट बनाकर मलेशिया को जीत दिलाई। नेपाल के लिए रिया शर्मा ने ३ विकेट लिए, मनिषा उपाध्याय और रुबिना क्षेत्री ने २-२ विकेट लिए। सीता रानामगर ने १ विकेट लिया।

पहले बल्लेबाजी करने वाली नेपाल ने बायूमास ओवल मैदान पर २० ओवर में ६ विकेट खोकर १२६ रन बनाए। कप्तान इंदु बर्मा ने सर्वाधिक ४६ रन नॉट आउट बनाए, जबकि कविता कुँवर ने १५ गेंदों में ३३ रन जोड़े। नेपाल १८ ओवर में ९२-५ के स्कोर पर था, लेकिन अंतिम २ ओवर में ३४ रन जोड़े। मलेशिया के लिए विनिफ्रेड दुराइसिंगम ने २ विकेट लिए, आइसा एलिसा और माहिरा इजाती ने १-१ विकेट लिए। यदि यह मैच जीत जाता, तो नेपाल एसियन गेम्स के लिए चयनित हो जाता। अब तीसरे स्थान के लिए खेले जाने वाले मुकाबले में चीन को हराने पर नेपाल एसियन गेम्स में स्थान पाएगा। दूसरे सेमीफाइनल में थाईलैंड ने चीन को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है और एसियन गेम्स के लिए भी चयनित हो चुका है।

अध्यक्ष पराजुली – Online Khabar

महिला अधिकारों के कार्यान्वयन और पहुँच में चुनौतियाँ: कमला पराजुली

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष कमला पराजुली ने बताया कि संविधान ने महिला अधिकारों की गारंटी दी है, लेकिन इनके कार्यान्वयन और पहुँच में अभी भी अनेक चुनौतियाँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “हमारे संविधान और कानून ने अधिकारों की सुनिश्चितता की है, लेकिन इन अधिकारों का वास्तविक प्रयोग और व्यापक पहुँच ही सबसे बड़ी चुनौती है।”

शनिवार को काठमांडू में राष्ट्रीय महिला अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष पराजुली ने कहा कि वर्तमान में जारी संविधान संशोधन के बहस में लैंगिक पक्ष को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने संवैधानिक और कानूनी रूप से प्राप्त अधिकारों का लक्ष्य वर्ग तक पहुँचाना वर्तमान प्रमुख कार्यभार बताया।

अध्यक्ष पराजुली ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान सरकार महिला-मैत्री और लैंगिक मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाए हुए है, और सरकार के अब तक के प्रदर्शन से संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने यह बताया कि इतिहास में पहली बार मंत्रिपरिषद में 40 प्रतिशत महिलाएँ शामिल हुई हैं और महिला मंत्रालय के लिए पर्याप्त बजट आवंटित होना एक सकारात्मक उपलब्धि है।

उन्होंने आगे कहा, “अब राज्य, सरकार, नागरिक समाज और विभिन्न संगठनों को मिलकर महिला अधिकारों की पहुँच बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी। वर्तमान सरकार ने लैंगिक विषयों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार कर प्रभावी कार्यान्वयन में जुटी हुई है, इसका हम अनुभव कर रहे हैं।”