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लेखक: space4knews

इलाम गोल्डकप में पथरी ११ ने की विजयी शुरुआत, आयोजक रेडहर्स पर की मात

इलाम में आयोजित तीसरे इलाम गोल्डकप फुटबल प्रतियोगिता के उद्घाटन मैच में पथरी ११ मोरङ ने आयोजक रेडहर्स फुटबल क्लब को हराया। इस प्रतियोगिता में दो विदेशी टीमों सहित कुल आठ टीमें भाग ले रही हैं। विजेता टीम को 10 लाख रुपये, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जबकि उपविजेता को 5 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

5 बैशाख, इलाम। इलाम के स्थानीय खेल मैदान बड़े टुँडिखेल में हुए मैच में पथरी ११ मोरङ ने टाईब्रेकर में 4-2 से आयोजक रेडहर्स को पराजित करते हुए शानदार शुरुआत की। निर्धारित समय 1-1 गोल की बराबरी पर समाप्त होने के बाद मैच का फैसला टाईब्रेकर के जरिए लिया गया। मैच के तीसरे मिनट में ही रेडहर्स के सन्देश खड्काले गोल कर टीम को बढ़त दिलाई थी।

दोनों टीमों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबला देखा गया। निर्धारित समय तक रेडहर्स अपनी बढ़त बनाए हुए था, लेकिन अतिरिक्त समय में पथरी ११ के सौर्य राउत ने गोल कर बराबरी दिलाई। टाईब्रेकर में पथरी ११ मोरङ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। गेम में उत्कृ्ष्ट प्रदर्शन करने वाले पथरी ११ मोरङ के आशिष लावती को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ घोषित किया गया।

प्रतियोगिता का उद्घाटन इलाम निर्वाचन क्षेत्र संख्या 2 के सांसद सुहाङ नेम्वाङ द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के अगले मैच में रविवार को रोलिंग स्पोर्टिंग क्लब धुलाबारी, झापा और फिदिम स्पोर्टिंग क्लब पाँचथर के बीच मुकाबला होगा। इस टूर्नामेंट में स्वदेशी और विदेशी टीमों सहित कुल 8 टीमों ने भाग लिया है।

छैटौं मिस्टर काठमाडौं शारीरिक सुगठन भदौ तेस्रो साता, विजेतालाई ५ लाख पुरस्कार

छठा मिस्टर काठमाडौं शारीरिक सुगठन प्रतियोगिता भदौ तेस्रो साता हुँदै, विजेतालाई ५ लाख पुरस्कार

नेपाल शारीरिक सुगठन तथा फिटनेस महासंघको आयोजनामा छैठौं मिस्टर काठमाडौं शारीरिक सुगठन तथा फिजिक स्पोर्ट्स च्याम्पियनसिप भदौ तेस्रो साता दशरथ रंगशाला कभर्डहलमा आयोजना हुन लागेको छ। प्रतियोगितामा ५५ देखि ८० केजीमाथिका ७ तौल समूहमा प्रतिस्पर्धा हुनेछ र नयाँ ८०+ तौल समूह पनि समावेश गरिएको छ। आयोजकले ओभरअल विजेतालाई मिस्टर काठमाडौं उपाधिसहित ५ लाख रुपैयाँ नगद, पदक, ट्रफी र ब्यानेट प्रदान गरिने जानकारी दिएका छन्।

५ बैशाख, काठमाडौं। नेपाल शारीरिक सुगठन तथा फिटनेस महासंघको तत्वावधानमा काठमाडौँ शारीरिक सुगठन तथा फिटनेस संघको सहयोगमा छैठौं मिस्टर काठमाडौं शारीरिक सुगठन तथा फिजिक स्पोर्ट्स च्याम्पियनसिप २०७३ भदौ तेस्रो साता सञ्चालन हुन लागेको छ। ‘स्वास्थ्य नै धन हो’ भन्ने मूल नारा सहित आयोजना हुने प्रतियोगिता भदौ १९ र २० गते काठमाडौंको त्रिपुरेश्वरस्थित दशरथ रंगशाला कभर्डहलमा हुनेछ, आयोजकले शनिबार पत्रकार सम्मेलनमा जनाएका छन्।

राष्ट्रिय स्तरको यस प्रतियोगितामा मिस्टर काठमाडौं शारीरिक सुगठन प्रतियोगिता, मास्टर मिस्टर काठमाडौं प्रतियोगिता, जुनियर मिस्टर काठमाडौं प्रतियोगिता, पुरुष एथलेटिक फिजिक्स प्रतियोगिता, महिला एथलेटिक फिजिक्स प्रतियोगिता तथा पुरुष स्पोर्ट्स फिजिक्स प्रतियोगिता रहनेछ। २०७३ सालदेखि सुरु गरिएको मिस्टर काठमाडौंको हालसम्म पाँच संस्करण भव्य रूपमा सम्पन्न भइसकेको छ। नेपालभरका शारीरिक सुगठन खेलाडीहरूलाई समेट्न र प्रतियोगितालाई अझ आकर्षक बनाउन छैठौं संस्करणलाई परिमार्जित तथा परिस्कृत रुपमा राष्ट्रियस्तरमा आयोजना गर्न लागिएको आयोजकले बताएका छन्।

मिस्टर काठमाडौं शारीरिक सुगठन प्रतियोगितामा ५५, ६०, ६५, ७०, ७५, ८० तथा ८० केजीभन्दा माथि (८०+) समूह गरी कुल ७ तौल समूहमा प्रतिस्पर्धा हुनेछ। यसअघि ७५ केजीमात्र तौल समूह राखिएको थियो भने यस वर्ष प्रतिस्पर्धालाई अझ व्यवस्थित र प्रतिस्पर्धात्मक बनाउन नयाँ ८०+ तौल समूह पनि सिर्जना गरिएको छ।

जुनियर मिस्टर काठमाडौं प्रतियोगितामा २०८२ चैत्र मसान्तसम्म २१ वर्ष ननाघेका खेलाडीहरूले प्रतिस्पर्धा गर्न पाउनेछन् भने मास्टर मिस्टर काठमाडौं प्रतियोगितामा ४० वर्षमाथिका खेलाडीले भाग लिन सक्नेछन्। महिलाहरूको एथलेटिक फिजिक्स खुला उचाइ अन्तर्गत प्रतियोगिता हुनेछ। पुरुष स्पोर्ट्स फिजिक्समा अन्तर्राष्ट्रिय मापदण्ड अनुसार तौल र उचाइ अनुसार १७० सेमी सम्म र १७० सेमी भन्दा माथिको उचाइ समूह गरी दुई समूहमा प्रतियोगिता सञ्चालन गरिनेछ।

दुई दिनसम्म चल्ने प्रतियोगितामा पहिलो दिन तौल र उचाइ नापिनेछ। प्रत्येक तौल समूहमा दोस्रो र तेस्रो हुने खेलाडीहरूलाई क्रमशः २०,००० र १०,००० रुपैयाँ नगद पुरस्कार प्रदान गरिनेछ। तौल समूहमा प्रथम हुने खेलाडीले ओभरअल च्याम्पियनसिपमा प्रतिस्पर्धा गरेपछि ४०,००० रुपैयाँ नगद, पदक र प्रमाणपत्र प्राप्त गर्नेछन्। ओभरअल विजेतालाई मिस्टर काठमाडौंको उपाधिसहित ५ लाख रुपैयाँ नगद, पदक, ट्रफी तथा ब्यानेट प्रदान गरिनेछ।

महिला प्रतिस्पर्धामा फाइनल राउन्डमा छनोट भएका पाँच खेलाडीबीच प्रतिस्पर्धा हुनेछ र ओभरअल विजेतालाई ५०,००० रुपैयाँ नगद, पदक, ट्रफी तथा ब्यानेट प्रदान गरिनेछ।ँ दोस्रो र तेस्रो हुनेले क्रमशः ३०,००० र २०,००० रुपैयाँ नगद र पदक प्राप्त गर्नेछन् भने चौथो र पाँचौँ हुनेलाई पदक र प्रमाणपत्र दिइनेछ।

मास्टर मिस्टर काठमाडौं, जुनियर मिस्टर काठमाडौं, पुरुष एथलेटिक फिजिक्स तथा पुरुष स्पोर्ट्स फिजिक्स अन्तर्गत फाइनलमा छनोट भएका पाँच खेलाडीबीच प्रतिस्पर्धा गरिनेछ र विजेतालाई ५०,००० रुपैयाँ नगद, पदक, ट्रफी र ब्यानेट दिइनेछ। दोस्रो र तेस्रो हुनेले क्रमशः २०,००० र १०,००० रुपैयाँ नगद र पदक प्राप्त गर्नेछन् भने चौथो र पाँचौं हुनेलाई पदक तथा प्रमाणपत्र प्रदान गरिनेछ।

यस प्रतियोगिताको अनुमानित बजेट करिब ५० लाख रहेको आयोजकले बताएका छन्। शारीरिक सुगठन खेलले खेलाडीहरूको शरीरलाई स्वस्थ, आकर्षक र शक्तिशाली बनाउन मद्दत गरी प्रतिस्पर्धात्मक खेलमा उनीहरूले कलात्मकता र दक्षतापूर्वक आफ्नो शरीर प्रदर्शन गर्न सक्षम हुने आयोजकको विश्वास छ।

गूगल ने एआई सुविधाओं के साथ समर ट्रैवल को और भी आसान बनाने की योजना बनाई

गूगल ने गर्मियों में यात्रा के अनुभव को सहज बनाने के लिए अपनी सेवाओं में नई एआई सुविधाएँ जोड़ी हैं। गूगल का एआई मोड जल्द ही अमेरिका में उपयोगकर्ताओं की ओर से स्थानीय दुकानों को फोन कर सामान की उपलब्धता पूछने की सेवा प्रदान करेगा। इसके अलावा, उपयोगकर्ता होटल की कीमतों पर नजर रखने के लिए ‘प्राइस-ट्रैकिंग’ टॉगल ऑन कर सकते हैं, जिससे मूल्य परिवर्तन की जानकारी ईमेल के माध्यम से प्राप्त हो सकेगी।

गूगल का ‘एआई मोड’ उपयोगकर्ताओं के लिए नजदीकी दुकान में किसी वस्तु के स्टॉक में होने या न होने की जानकारी उपलब्ध कराएगा और इसके साथ ही सर्च इंजन के जरिए होटल की कीमतों को भी ट्रैक करना संभव होगा। यदि किसी उपयोगकर्ता को क्लिप-ऑन लेंस जैसे विशेष आइटम की जरूरत होती है, तो गूगल का एआई मोड स्थानीय दुकानों से फोन पर यह जानकारी प्राप्त करेगा कि उक्त आइटम उपलब्ध है या नहीं। यह सुविधा केवल अमेरिका में आने वाले कुछ हफ्तों में शुरू की जाएगी।

होटल की कीमत ट्रैकिंग सुविधा के तहत उपयोगकर्ता किसी विशेष होटल की कीमत में बदलाव के बारे में जानने के लिए ‘प्राइस-ट्रैकिंग’ टॉगल चालू कर सकते हैं। कीमत में बदलाव होते ही गूगल तुरंत ईमेल के माध्यम से सूचित करेगा। यह विकल्प मोबाइल के ‘प्राइस’ (Prices) टैब के अंतर्गत उपलब्ध होगा।

गूगल फ्लाइट्स की जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 की गर्मियों में सेंट मार्टिन, स्टॉकहोम, कैनसस सिटी और फ्लोरिडा के सारासोटा गंतव्यों में सर्वाधिक खोज की गई है। एआई के प्रति दिलचस्पी पिछले एक साल में काफी बढ़ी है; उदाहरण के तौर पर, “एआई ट्रैवल असिस्टेंट” और “एआई कंसिर्ज” जैसे शब्दों की खोज में 350 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। गूगल ने कहा है कि वह अपने उपयोगकर्ताओं को परेशानी-मुक्त यात्रा अनुभव देने के लिए एआई को एक सहायक के रूप में विकसित कर रहा है।

जलेश्वर में जबरदस्त तूफान से पेड़ गिरने से दो की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

५ वैशाख, जनकपुरधाम। महोत्तरी के जलेश्वर में भीषण तूफान के कारण एक पेड़ टेम्पो पर गिर गया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा शनिवार शाम जलेश्वर के प्रकौली आर्मी कैंप के सामने हुआ। जिला पुलिस कार्यालय महोत्तरी के अनुसार, पेड़ के नीचे दबने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

घायल लोगों को तत्काल नेपाली सेना द्वारा बचाया गया और जनकपुर के प्रादेशिक अस्पताल ले जाया गया, जिला पुलिस प्रवक्ता डीएसपी शैलेन्द्र भट्ट ने जानकारी दी। मृतकों में धनुषा के जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका-२० की ४१ वर्षीया सकुन्तला देवी और महोत्तरी के एकडारा गाउँपालिका-३ के रहने वाले ३३ वर्षीय राहुल मलिक शामिल हैं। उनके शव प्रादेशिक अस्पताल जलेश्वर में रखे गए हैं।

घायल व्यक्तियों में टेम्पो चालक महोत्तरी के जलेश्वर नगरपालिका-११ के ५२ वर्षीय हरेन्द्र ठाकुर, एकडारा गाउँपालिका-३ की ४३ वर्षीया फेकनीदेवी मलिक (तपेश्वर मलिक की पत्नी), जनकपुरधाम-१२ के १७ वर्षीय धिरज मलिक और जनकपुरधाम-२० की १४ वर्षीय रिया पंडित शामिल हैं। इनमें से एक व्यक्ति की स्थिति सामान्य बताई गई है।

नाइजेरियन क्लब खजुरा गोल्डकप के फाइनल में पहुँचा, लखनऊ की जेविएम से मुकाबला तय

नाइजेरियन जोन क्लब ने नवलपरासी स्थित फोर ब्रदर्स एफसी को २-१ गोल अंतर से हराकर खजुरा गोल्डकप के फाइनल में प्रवेश किया है। आयोजकों की जानकारी के अनुसार नाइजेरियन जोन क्लब और लखनऊ की जेविएम फुटबॉल एकेडमी के बीच रविवार को दोपहर ४ बजे फाइनल मुकाबला होगा। प्रतियोगिता के विजेता को ७ लाख रुपए नकद, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जबकि उपविजेता को ४ लाख रुपए नकद पुरस्कार मिलेगा।

५ बैशाख, नेपालगंज। विदेशी टीम नाइजेरियन जोन क्लब प्रथम खजुरा गोल्डकप के फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है। शनिवार को हुए प्रतिस्पर्धात्मक सेमीफाइनल में नवलपरासी की फोर ब्रदर्स एफसी को २-१ गोल अंतर से हराकर नाइजेरियन टीम ‘एम्टी एरिना’ फाइनल में पहुँची। नाइजेरियन टीम की ओर से ३९वें मिनट में ताजुदिन अकिनसोला और ७८वें मिनट में ओेलाबी अफिज ने गोल किए। फोर ब्रदर्स ने भी एक गोल किया, जिसे अभिषेक महतो ने किया।

खेल में नाइजेरियन जोन के तीन खिलाड़ियों और फोर ब्रदर्स के दो खिलाड़ियों को पीला कार्ड दिखाया गया। फाइनल प्रवेश के साथ ही नाइजेरियन टीम ने लखनऊ की जेविएम फुटबॉल एकेडमी के खिलाफ उपाधि के लिए डाका लगाकर मुकाबला तय कर लिया है। दोनों ही विदेशी टीमें हैं। फाइनल मैच रविवार को दोपहर ४ बजे शुरू होगा, इसकी सूचना प्रतियोगिता के प्रचार संयोजक खगेन्द्र दाहाल ने दी है।

नाइजेरियन जोन क्लब ने नकआउट चरण में सशस्त्र पुलिस टीम को ३-० के उल्लेखनीय अंतर से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था, जबकि आयोजक न्यू डाँफे स्पोर्ट्स क्लब खजुरा को १-० गोल से मात देकर जेविएम ने सेमीफाइनल का रास्ता बनाया। खजुरा-४, डि-गाँव स्थित मिनी रंगशाला में यह प्रतियोगिता जारी है। प्रतियोगिता में आयोजक न्यू डाँफे स्पोर्ट्स क्लब के अलावा जेविएम फुटबॉल एकेडमी लखनऊ, काँक्रेविहार क्लबसुर्खेत, फोर ब्रदर्स एफसी नवलपरासी, एपीएफ काठमांडू और नाइजेरियन जोन क्लब नाइजीरिया से, कुल आठ टीमें भाग ले रही हैं।

२१ दिनपछि ओली त्रिवि शिक्षण अस्पतालबाट डिस्चार्ज – Online Khabar

केपी शर्मा ओली 21 दिनों बाद त्रिवि शिक्षण अस्पताल से डिस्चार्ज

5 वैशाख, काठमांडू। नेकपा एमाले के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली 21 दिनों बाद त्रिवि शिक्षण अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं। पत्थरी की सर्जरी के 6 दिन बाद शनिवार शाम उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली और वे भक्तपुर के गुंडुस्थित निवास पहुंचे, यह जानकारी उनके सचिवालय ने दी।

गौरीबहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट के आधार पर जेएनयू आंदोलन की घटनाओं की जांच हेतु पुलिस ने चैत 14 को ओली को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद काठमांडू पुलिस ने उन्हें उसी दिन स्वास्थ्य जांच के लिए त्रिवि शिक्षण अस्पताल ले जाया था। वहाँ स्वास्थ्य संबंधी समस्या देखी गई, इसलिए वे अस्पताल में भर्ती किए गए। पुलिस ने अस्पताल में हिरासत में रखकर उनके खिलाफ जांच जारी रखी।

इसी क्रम में ओली की पत्नी राधिका शाक्य ने सर्वोच्च अदालत में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के बाद अदालत के आदेश पर ओली चैत 26 को हिरासत से रिहा किए गए थे। अस्पताल में पुलिस ने उन्हें पत्नी राधिका की जिम्मेदारी में हाजिरी जमानत पर रिहा किया था। लेकिन ओली ने उस दिन अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं लिया था। इससे पहले उनकी पित्ताशय में पत्थरी देखी गई थी, जिसकी सर्जरी चैत 30 को हुई थी। इसके बाद 6 दिन तक अस्पताल में उपचार के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया।

रातो मच्छिन्द्रनाथको रथारोहण सम्पन्न

५ वैशाख, काठमाडौं । ‘वर्षा र सहकार्यका देवता’ मानिने रातो मच्छिन्द्रनाथलाई शनिबार रथारोहण गरिएको छ। प्रत्येक वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष प्रतिपदाको दिन शुभ साइत तोकी मच्छिन्द्रनाथलाई रथमा विराजमान गराउने परम्परा छ। यस वर्ष उक्त तिथि शनिबार परेको हुनाले रथारोहण सोही अनुरूप सम्पन्न गरिएको हो। मच्छिन्द्रनाथको मूर्तिलाई ललितपुरको तः बहालबाट खटमा राखेर पुल्चोकमा निर्मित रथमा पुर्‍याएर विराजमान गराएपछि विधिवत रूपमा मच्छिन्द्रनाथको जात्रा सुरु हुने विश्वास छ।

मच्छिन्द्रनाथलाई ६ महिना पाटनको तः बहाल र ६ महिना बुङ्मतीमा राखिने प्रथा रहेको छ। सोही अनुसार गत मङ्सिर महिनामा पाटनको तः बहाल मन्दिरमा मूर्ति राखिएको थियो। मच्छिन्द्रनाथको रथ ३२ हात लामो र ४८ फिट अग्लो छ। मूर्तिलाई रथमा राखेर तीन दिनसम्म रथ तानेर पुल्चोकमा स्थापना गरिन्छ। त्यसपछि अर्को दिन पुल्चोकबाट गा: बहालसम्म रथ तानिन्छ।

मच्छिन्द्रनाथको रथ गा: बहालबाट मंगलबजार, त्यसपछि सुन्धारा, लगनखेल हुँदै जावलाखेलसम्म जाने चलन छ। जावलाखेलमा पहिले राजा भोटो देखाएर जात्रा सम्पन्न गर्ने परम्परा रहिआएको थियो, अहिले उक्त कार्यक्रममा राष्ट्रपति पनि सहभागी हुन्छन्। भोटोजात्रा सकिएपछि मच्छिन्द्रनाथको मूर्तिलाई प्राचीन कलात्मक खटमा राखेर सांस्कृतिक बाजागाजासहित जावलाखेलबाट बुङ्मतीस्थित मच्छिन्द्रबहालमा पुनः विराजमान गराइन्छ। उपत्यकाकै सबैभन्दा लामो जात्राका रूपमा रहेको रातो मच्छिन्द्रनाथको रथयात्रा वैशाख शुक्लपक्ष प्रतिपदादेखि सुरु भएर असार शुक्ल चौथीसम्म करिब दुई महिना सम्म चल्ने गर्दछ।

राज्यमन्त्री खड्काले सामाजिक सञ्जालमा फैलिएका भ्रमप्रति सचेत गराउँदै विकासमा इमानदार प्रयासको आवश्यक्ता औंल्याए

५ वैशाख, डोटी। सुदूरपश्चिम प्रदेश सरकारले विकासकै नाममा सामाजिक सञ्जालमार्फत फैलिएका भ्रमहरूले विकास प्रक्रियालाई अवरुद्ध हुन नदिनु महत्वपूर्ण रहेको सामाजिक विकास राज्यमन्त्री सरस्वती खड्काले बताउनु भएको छ। १६ औं डोटी जिल्लास्तरीय राष्ट्रपति रनिङ्ग शिल्ड उद्घाटन समारोहमा उहाँले प्रदेशको समग्र विकासमा सरकारले इमानदारीका साथ काम गरिरहेको दावी गर्नुभयो।

‘हामी प्रदेशको विकासका लागि दिनरात खटिरहेका छौं। यद्यपि अपेक्षित विकास अझै हासिल भएको छैन,’ राज्यमन्त्री खड्काले भन्नुभयो, ‘तर सामाजिक सञ्जालमार्फत भ्रम फैलाएर विकास हुन सक्दैन।’ विकासका लागि तीन तहका सरकारहरू बीच सहकार्य र समन्वय आवश्यक रहेको कुरा उहाँले स्पष्ट पार्नुभयो। हालको प्रदेश सरकारले पूर्व सरकारका राम्रा कार्यहरूलाई निरन्तरता दिंदै कमजोरीहरू हटाउँदै काम गरिरहेको उल्लेख गर्दै राज्यमन्त्री खड्काले भनिन्, ‘हामी प्रदेशमा कुनै अनियमितता सहनु हुने छैन। यदि कसैले योजना बिक्री गरेको सूचना छ भने कृपया कुनै पनि माध्यमबाट हामीलाई खबर गर्नु होला।’

युवाहरुलाई आश्वासन दिँदै अहिले संघमा नयाँ जनादेश अनुसार सरकार बनेको उल्लेख गर्दै चुनावमा दिइएका वाचा पूरा हुने कि नहुने कुरा हेर्नुपर्ने उहाँको प्रतिक्रिया छ।

एमाले रूपान्तरण अभियानकर्ताले भने- बेमौसमी कम्युनिस्ट एकताको बहस दुराशययुक्त

एमालेका सक्रिय युवाहरूले असमयिक कम्युनिस्ट एकता बहसलाई दुराशयपूर्ण ठहराया

५ वैशाख, काठमाडौं। नेकपा एमालेमा विशेष महाधिवेशनको पक्षमा आवाज उठाउने युवा नेताहरूले पार्टीभित्र भइरहेको रूपान्तरण प्रयासलाई बेवास्ता गर्दै कम्युनिस्ट एकताको असमयिक बहस शुरू गरिएको टिप्पणी गरेका छन्। केही समयदेखि एमाले विशेष महाधिवेशनको माग गर्दै सक्रिय रहेका १० जना युवा नेताहरूले शनिबार एक वक्तव्य जारी गर्दै पार्टीको रूपान्तरण र पुनर्गठन आयोजनालाई यस बहसले छायामा पार्न नदिने प्रतिबद्धता व्यक्त गरेका छन्।

“नेतृत्वका गलतिहरूलाई ढाकछोप गर्न र मूल एजेन्डाबाट ध्यान हटाउन असमयिक कम्युनिस्ट एकताको बहस चलाइएको छ,” वक्तव्यमा उल्लेख गरिएको छ, “यसले पार्टीलाई अझै रक्षात्मक बनाउने मात्र छ। यस्तो प्रयासले पार्टीभित्रका मुख्य समस्या, कार्यशैली र संगठनात्मक कमजोरीहरू समाधान गर्न सक्दैन।”

फागुन २१ को निर्वाचनमा पार्टीले व्यहोरेको पराजय केवल प्राविधिक मात्र नभई पार्टीको नीति, कार्यशैली र नेतृत्वप्रति जनताको गहिरो अविश्वास र प्रश्नको प्रतिबिम्ब रहेको उनीहरूले प्रष्ट पारेका छन्।

“हाल आम कार्यकर्ता र युवा वर्गले पार्टीको समग्र रूपान्तरण, पुनर्गठन र पुनर्जागरणको अपेक्षा गरिरहेका छन्,” वक्तव्यमा भनिएको छ। “हामी कुनै पनि असमयिक र दुराशयपूर्ण पार्टी एकीकरण प्रयासप्रति असहमत छौँ र यस्ता गतिविधिहरूको कडा विरोध गर्दछौँ।”

“हामी पार्टी नेतृत्वलाई रूपान्तरण, पुनर्गठन र पुनर्जागरणको मागलाई गम्भीररूपमा लिन र केन्द्रीय कमिटीमार्फत तुरुन्त सम्बोधन गर्न आग्रह गर्दछौँ।” पार्टीलाई समयमा अनुकूल रूपान्तरण, पुनर्गठन र पुनर्जागरणको अभियान निरन्तरता दिने प्रतिबद्धता उनीहरूले व्यक्त गरेका छन्।

हेटौंडा उपमहानगर में घर-घर जाकर राहदानी वितरण सेवा शुरू

५ वैशाख, हेटौंडा। मकवानपुर जिला प्रशासन कार्यालय ने जिला हुलाक कार्यालय के समन्वय में सेवाग्राही के निवास स्थान पर जाकर राहदानी (पासपोर्ट) वितरण सेवा शुरू की है। यह सेवा फिलहाल केवल हेटौंडा बाजार क्षेत्र तक सीमित है। हेटौंडा उपमहानगरपालिका के १९ वटै वडाओं में सेवाग्राही के घर पर पहुंचकर राहदानी वितरण कार्य प्रारंभ हुआ है, इसकी जानकारी जिला हुलाक कार्यालय के प्रमुख रमेश लामिछाने ने दी। उनके अनुसार २ वैशाख से ४ तारिख तक कार्यालय ने ७६ राहदानी वितरित कर दिए हैं। ‘‘कुछ सेवाग्राहियों ने सीधे कार्यालय आकर पासपोर्ट लिए हैं, वहीं हम घर-घर पहुंचकर भी वितरण कर रहे हैं,’’ लामिछाने ने कहा।

हेटौंडा–१६ हटिया और २ नंबर वार्ड के बाजार क्षेत्र के दो हुलाक काउंटर्स से ६ सदस्यीय टीम राहदानी वितरण कार्य कर रही है। जिला हुलाक कार्यालय में ४ और काउंटर्स पर २ कर्मचारी पत्र वितरण कार्य में तैनात हैं, जैसे की प्रमुख लामिछाने ने बताया। पहले चरण में ५० राशन राहदानी हेटौंडा के विभिन्न वॉर्ड (२, ४, ५, ६, १२, १३, १६ और १७) के सेवाग्राहियों के घरों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। मकवानपुर के अन्य ९ स्थानीय तहों में यह सेवा अभी शुरू नहीं हो सकी है, उन्होंने उल्लेख किया।

उपमहानगर क्षेत्र में सेवा सहजता मिलने तक, ग्रामीण क्षेत्रों में भौगोलिक दुर्गमिता और परिवहन की कमी मुख्य चुनौतियां बनी हुई हैं। थाहा नगरपालिका, बागमती, बकैया, मनहरी, राक्सिराङ, कैलाश, इन्द्रसरोबर, भीमफेदी और मकवानपुरगढी गाउँपालिकाओं में भी पालिका स्तर के हुलाक कार्यालय हैं। वहां खरिदार स्तर के कर्मचारी, हुलाकी और हल्कारा सहित चार सदस्यीय टीमें कार्यरत हैं। प्रमुख लामिछाने के अनुसार, ‘‘हमारे पास संसाधन कम और जनशक्ति भी सीमित है, इसलिए दुर्गम क्षेत्रों के घरों तक पहुंचना कठिन है। संसाधन और जनशक्ति प्रबंधन के बाद गांव स्तर तक सेवा विस्तार की क्षमता विकसित होगी।’’

हुलाक कार्यालय ने अभी तक नागरिकता और सवारी चालक अनुमति पत्र (लाइसेंस) वितरण सेवा शुरू नहीं की है। मकवानपुर के प्रमुख जिल्ला अधिकारी वसन्त अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में इन सेवाओं का भी विस्तार किया जाएगा। ‘‘अभी हमने राहदानी वितरण के साथ सेवा शुरू की है। जल्द ही नागरिकता, राष्ट्रीय परिचयपत्र और सवारी चालक अनुमति पत्र भी हुलाक के माध्यम से घर-घर पहुंचाने की योजना बना रहे हैं,’’ प्रजिअ अधिकारी ने बताया। वर्तमान में प्रशासन में जमा लगभग ५०० राहदानी को प्राथमिकता देते हुए घर-घर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है, उन्होंने जानकारी दी।

यूरोप के खिलाफ सांस्कृतिक युद्ध में ट्रम्प के 27 वर्षीय सहयोगी सामसन

5 वैशाख, काठमांडू। स्टेट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ सलाहकार सैमुएल सामसन व्हाइट हाउस से कुछ दूर स्थित कार्यालय में अल्ट्रा-राइट विंग जर्मन सांसदों से व्यक्तिगत रूप से मिलते हुए इतिहास की परंपराओं को तोड़ रहे थे।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी विदेश नीति ने लगभग आठ दशकों तक जर्मनी के कट्टर दक्षिणपंथी दलों को सत्ता से दूर रखने की नीति अपनाई थी। लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल में इस नीति में बदलाव हुआ, जो पिछले सितंबर में सामसन और अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) की बिट्रिक्स वोन् स्टोर्च और जोआकिम पाबीबीच हुई मुलाकात से स्पष्ट हो गया। उस पार्टी को जर्मन गुप्तचर सेवा ने संदिग्ध चरमपंथी संगठन घोषित किया है।

मुलाकात एक सामान्य असंतोष साझा करने के सत्र में बदल गई, जहां एएफडी के नेताओं ने 26 वर्षीय सामसन और कुछ अन्य अमेरिकी कूटनीतिज्ञों को जर्मन सरकार द्वारा अपने दल पर प्रतिबंध लगने का डर बताया, ऐसा एक सूत्र ने बताया।

अमेरिकियों ने यूरोप में सोशल मीडिया पर कड़े नियमों का विरोध किया और इसे रूढ़िवादी विचारों को दबाने का माध्यम बताया। इस समूह ने एक कल्पित अतिरक्षित दक्षिणपंथी षड्यंत्र सिद्धांत का भी जिक्र किया, जिसमें यह कहा गया कि मुख्यधारा के यूरोपीय नेता गोरे जनसंख्या को हटाकर अश्वेत प्रवासियों को लाना चाहते हैं।

‘शुरुआत में ही हमें एहसास हुआ कि वे हमारी बात सुनने को कितने इच्छुक थे,’ पल ने कहा, ‘वे कई बातें नोट कर रहे थे।’

सामसन अमेरिकी-यूरोप संबंधों में नए दृष्टिकोण के वाहक हैं और ट्रम्प के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे यूरोप भ्रमण कर वहां के अतिरक्षित दक्षिणपंथियों के साथ रिश्ते मजबूत कर रहे हैं और मध्यम मार्ग की तुलना में ऐसे पक्षकारों को बढ़ावा दे रहे हैं।

वे उन पुराने कूटनीतिज्ञों की आलोचना करते हैं, जिनके कूटनीतिक दशकों का अनुभव स्वतंत्रता को सीमित करने वाला रहा, और कट्टरपंथी विरोधियों से लगातार मिलकर उन्हें मजबूत बनाने की रणनीति अपना रहे हैं। पांच साल पहले कॉलेज खत्म करने वाले सामसन ने अमेरिकी कूटनीतिक मान्यताओं के खिलाफ दृढ़ रुख अपनाया है।

पिछले मार्च में उन्होंने ब्रिटेन के दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी नेता नाइजल फराज के साथ गोपनीय नाश्ते की बैठक की, जहां गर्भपात और सेंसरशिप पर चर्चा हुई। मई में पेरिस में उन्होंने फ्रांसीसी उग्र दक्षिणपंथी नेता मेरिन ले पेन के प्रति अन्याय के मामले को मानवाधिकार आयोग तक पहुँचाने का प्रयास किया।

‘वे ऐसे व्यक्ति की तलाश में थे जो उनकी बात को विश्वसनीय बना सके,’ आयोग की प्रमुख मागाली लाफोरकाड ने कहा।

हालांकि इस दृष्टिकोण का ठोस प्रभाव अब तक खास नहीं दिखा है। मेरिन ले पेन राष्ट्रपति पद के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती हैं। सामसन द्वारा सराहे गए हंगरी के अतिरक्षित दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बान हाल के चुनाव में हार गए हैं। कुछ यूरोपीय दक्षिणपंथी नेता अब ट्रम्प के साथ संबंधों को अवसर की बजाय बोझ समझने लगे हैं।

लेकिन ट्रम्प प्रशासन की मुख्य नीति का प्रमुख हिस्सा यूरोप के लिए यही बन चुका है।

सामसन और प्रशासन के अधिकांश लोग 2026 के यूरोप को ऐसी जगह के रूप में देखते हैं जहां ‘वोक’ संस्कृति और लैंगिक राजनीति चरम पर है। संरक्षणवादी नीतियां और संचार नियंत्रण बढ़े हैं, जबकि देशभक्ति और राष्ट्रीय गर्व घट रहे हैं।

यह दृष्टिकोण बताता है कि यूरोपीय कर्मचारीतंत्र ने अमेरिकी तकनीकी कंपनियों को नियंत्रित करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बलिदान किया है। सोशल मीडिया पर यौन दुर्व्यवहार की सामग्री हटाने और सीमित करने के प्रयास भी इसी में आते हैं।

‘यूरोप डिजिटल सेंसरशिप, सामूहिक प्रवासन, धार्मिक स्वतंत्रता प्रतिबंध और लोकतांत्रिक स्वशासन पर कई हमलों का अड्डा बन चुका है,’ सामसन ने स्टेट डिपार्टमेंट के सबस्टैक खाते पर लिखा है।

2025 में सामसन यूरोपीय नेताओं की खुली आलोचना करने वाले सबसे चर्चित कूटनीतिज्ञ थे। नवंबर में सारा रोजर्स स्टेट डिपार्टमेंट की सार्वजनिक कूटनीति प्रमुख बनीं और वर्ष के अंत में वे ब्रिटेन जाकर कूटनीतिज्ञों से मिलीं।

रोजर्स ने उसी शैली को थोड़ा अलग तरीके से अपनाते हुए सामसन का संदेश पहुँचाया और ब्रिटेन में बढ़ते प्रवासन और अपराध की आलोचना की।

इस मुलाकात और चर्चा के विषयों पर कई लोग बोले, लेकिन आधिकारिक अनुमति न होने के कारण कई ने अपने नाम गुप्त रखे।

सामसन और रोजर्स ने कोई इंटरव्यू देने से इंकार कर दिया। स्टेट डिपार्टमेंट के एक उप प्रवक्ता ने कहा, ‘वे कठिन संवाद कर रहे हैं जो यूरोप-अमेरिका संबंधों को मजबूत करेंगे।’

‘साम्राज्य का निर्माण’

सामसन के फिलिपिनो मां और अमेरिकी पिता की संतान होने ने उन्हें धार्मिक स्वभाव दिया।

2013 में उन्होंने अपनी कैथोलिक प्राथमिक स्कूल में छात्र अध्यक्ष रहते हुए ‘ईश्वर में व्यक्तिगत विश्वास, बौद्धिक सम्मान और सामाजिक चेतना’ पर भाषण दिया था।

हाई स्कूल में वे ‘मेक सैक ग्रेट अगेन’ का नारा लेकर छात्र समिति में चुनाव लड़े थे, और एक विद्यालय पत्रिका ने लिखा कि उस वक्त वे ‘कट्टरणुशासनवादी’ के रूप में जाने जाते थे।

टेक्सास विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए वे जातीय अपशब्द और धमकियों का सामना करते थे। रिपब्लिकन सीनटर टेड क्रूज की टीम में काम करते हुए उन्होंने अपने कट्टरपंथी पहचान के अनुभव बताए।

उनके अनुसार, ‘मैं रेगन-बुश चित्रित शर्ट पहनकर क्लास में गया तो लोग मुझे भद्दी गालियां देते थे।’

एक कैथोलिक स्कूल की स्वयंसेविका हेइडी ऑल्टमैन ने कहा, ‘वे क्रिश्चियन राज्य निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध थे। राजनीति पर चर्चा करते और नेतृत्व की बातें सिखाते थे।’

सामसन जल्दी ही वाशिंगटन डीसी पहुंचे और उप राष्ट्रपति जेडी वानस के करीब आए। वानस ‘अमेरिकन मोमेंट’ संस्थान के शुरुआती समर्थक थे, जो युवा कट्टरपंथियों को कॅरियर देने का उद्देश्य रखता था।

सामसन ने उस संगठन में लगभग तीन साल बिताए और मुख्य रणनीतिकार के रूप में काम किया।

वानस ने कहा, ‘यह लड़ाई जीतना है, और यह निराश लोगों से नहीं, बल्कि भविष्य में विश्वास रखने वाले से संभव है।’

ट्रम्प के लौटने पर सामसन को स्टेट डिपार्टमेंट के लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम विभाग में वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया।

दिसंबर में हुई बैठक में, सामसन (बाएं) एक वरिष्ठ हंगेरियन अधिकारी के साथ।

1977 में अमेरिकी कांग्रेस ने स्वतंत्रता बढ़ावा देने के लिए यह विभाग खोला था, जो महिलाओं, समलैंगिक अधिकारों और प्रेस स्वतंत्रता समूहों का समर्थन करता है।

सामसन के आने के बाद कूटनीतिज्ञों ने गूगल पर उनकी खोज की। वे दावा करते थे कि वे उप राष्ट्रपति को जानते हैं और यह उन्हें सबसे आक्रामक बनाता है।

अमेरिकन मोमेंट के प्रमुख निक सोलहम के अनुसार, सामसन के लिए सरकारी भूमिका में ईसाई धर्म और अभिव्यक्ति स्वतंत्रता को केंद्र में रखना उचित था।

पूर्व सरकारी कर्मचारियों के अनुसार, सामसन ने यूरोपीय संघ पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने का आरोप लगाते हुए सजा देने के तरीके के निर्देश दिए थे। कार्यालय ने डिजिटल नियमों के प्रभाव का तीन महीने तक मूल्यांकन किया।

सामसन को ‘मानव अधिकार’ शब्द पसंद नहीं आया और उन्होंने विभाग के नाम परिवर्तन की कोशिश की, लेकिन नहीं हो सका; इसके बजाय विभाग के भीतर ही ‘प्राकृतिक अधिकार कार्यालय’ स्थापित किया गया।

उनके लिए ‘मानव अधिकार’ राजनीतिक विचार हैं जबकि ‘प्राकृतिक अधिकार’ भगवान द्वारा दिए गए। उन्होंने कर्मचारियों को ‘प्राकृतिक अधिकार सिद्धांत’ नामक दस्तावेज दिए, जिसमें आलोचना को रोकने का लक्ष्य बताया गया था।

यूरोप में अस्थिरता

2025 में सामसन यूरोप घूमकर अपने सिद्धांत लागू करने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने मदद के लिए फ्रांसीसी आप्रवासन-विरोधी नेता मेरिन ले पेन को प्राथमिकता दी, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली कट्टर दक्षिणपंथी राष्ट्रपति बनने की आशा रखती थीं, लेकिन वर्तमान में चुनाव में पिछड़ी हैं।

अप्रैल में अदालत ने ले पेन को पांच वर्षों के लिए सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य ठहराया, भले ही वे चुनावी सर्वेक्षण में आगे थीं। मई में सामसन मानव अधिकार आयोग को फ्रांसीसी सरकार के खिलाफ हस्तक्षेप के लिए कह रहे थे।

पिछले पतझड़ में सामसन ने जर्मनी की एएफडी सांसदों से मुलाकात की थी, जिसने अमेरिकी नीति में बदलाव का संकेत दिया।

लाफोरकाड ने संवाद को ‘निरर्थक और घुमावदार’ कहा और तस्वीर खींचने से मना कर दिया। उन्होंने इस संवाद को विदेशी हस्तक्षेप का संदेह जताते हुए सरकार को सूचना दी।

उसी दिन सामसन और साथियों ने रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स कार्यालय का दौरा किया और यूरोपीय संघ के डिजिटल सेवा कानून पर असंतोष जाहिर किया।

यह कानून उपयोगकर्ताओं को दुर्व्यवहार से बचाने का प्रयास करता है और सोशल मीडिया को गैरकानूनी सामग्री नियंत्रित करने के लिए बाध्य करता है।

लेकिन सामसन और अन्य प्रशासन के कट्टरपंथी इसे यूरोप के दक्षिणपंथी आवाजों को रोकने की कोशिश मानते हैं।

मुलाकात के दौरान सामसन ने कहा कि ‘फ्रांस धीरे-धीरे उत्तर कोरिया जैसा बन रहा है।’

वर्ष के अंत में तकनीकी विनियमन विषय अमेरिकी नीति का हिस्सा बन गया, राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति से लेकर स्टेट डिपार्टमेंट की रणनीतिक योजना तक।

कइयों दूतावासों को भेजे गए मेमो में विभाग ने 2026 से 2030 तक के लक्ष्य को ‘शीत युद्ध के बाद के नवउदारवादी प्रभावी यूरोपीय राष्ट्र के साथ सभ्यतागत गठबंधन का पुनर्निर्माण’ बताया था।

यह मेमो पहले से काफी अलग था, जिसमें कूटनीतिज्ञों को अभिव्यक्ति और धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाने वालों की निंदा करने और यूरोप में हो रहे प्रवासन को राष्ट्रीय खतरा मानकर निर्देश दिए थे।

यूरोप के मुख्यधारा के नेताओं के लिए यह मेमो दिखाता है कि अमेरिका अपने नजरिए में पूरी क्रांति ला रहा है। लैंगिक समानता, महिला अधिकार और समलैंगिक अधिकार प्राथमिकता में नहीं हैं। धार्मिक स्वतंत्रता और दक्षिणपंथी आवाज को महत्व दिया गया है।

ट्रम्प नेतृत्व वाली अमेरिका यूरोप की राजनीति को दक्षिणपंथी मूल का बनाए बिना समर्थन सीमित करने को तैयार है।

प्रभाव डालने की स्थिति

2025 के अंत तक सामसन और रोजर्स पूरी तरह ट्रम्प की नई यूरोपीय रणनीति को लागू करने में लगे थे। वे वर्ष के अंतिम सप्ताह में यूरोप भ्रमण कर काम कर रहे थे।

दिसंबर की शुरुआत में रोजर्स ने लंदन में ब्रिटिश कूटनीतिज्ञों से मिलकर ब्रिटेन में बढ़ते प्रवासन और इससे जुड़े अपराध की कड़ी आलोचना की। (हालांकि आधिकारिक आंकड़े अपराध कम दिखाते हैं।)

उन्होंने ट्रांसजेंडर अधिकार समर्थक कलाकार की गिरफ्तारी पर भी ब्रिटिश पुलिस की आलोचना की। वे ब्रिटिश प्रणाली की समस्याओं पर विश्वास रखती हैं।

ब्रिटिश अधिकारी स्तब्ध हैं। ‘सबके मुंह बंद हो गए हैं,’ एक ने कहा।

रोजर्स पूर्व फ्रीडम ऑफ स्पीच वकील हैं, जिनके ग्राहकों में नेशनल राइफल एसोसिएशन और मेगा समर्थक शामिल थे। उन्होंने सामसन की शैली पूरी तरह से नहीं अपनाई, लेकिन उनको कड़ाई से समर्थन दिया।

रोजर्स, जो सामसन से थोड़ा ऊपर हैं, कभी-कभी कम टकरावपूर्ण शैली अपनाती हैं, लेकिन 2026 के पहले तीन महीनों में वे भी सामसन द्वारा उठाए गए मुद्दों पर केंद्रित थीं।

स्थापना काल में ऑस्टिन के साथ सामसन

सामसन ने दिसंबर में अपनी अंतिम बड़ी यूरोप यात्रा में ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, हंगरी और स्लोवाकिया का दौरा किया। हंगरी पहुंचकर उन्होंने पुराने यूरोपीय सिस्टम के खिलाफ सबसे साहसी सार्वजनिक अभिव्यक्ति दी।

हंगरी के ‘इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनैशनल अफेयर्स’ में भाषण देते हुए उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट रूप से वह यूरोप नहीं है जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वशासन हो।’

उनकी ‘प्राकृतिक अधिकार कार्यालय’ ने कहा, ‘यह परंपरागत अधिनायकवादी और आधुनिक वैचारिक दोनों ही पहलुओं से मुख्य सामाजिक हितों को कमजोर होने से रोकने का काम करता है।’

लेकिन चार महीने बाद ट्रम्प प्रशासन की उम्मीद के मुताबिक कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिखा।

हंगरी चुनाव से पहले उप राष्ट्रपति वानस बुडापेस्ट गए और ऑर्बान को पश्चिमी सभ्यता के मूल्यों के लिए खड़ा नेता बताया।

लेकिन हालिया चुनाव में हंगरी के मतदाताओं ने 16 वर्ष से सत्ता में रहने वाले ऑर्बान को हरा दिया।

(न्यू यॉर्क टाइम्स से अनूदित)

कूटनीतिक कार्य र सेवाप्रवाहको ग्राफ उच्च – Online Khabar

नेपाली राजदूतावास ने एक वर्ष में कूटनीति और सेवा में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की

५ वैशाख, लिस्बन। यूरोपीय देश पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में स्थित नेपाली राजदूतावास ने स्थापना के एक वर्ष पूरा कर अपने कार्यों की जानकारी सार्वजनिक की है। लिस्बन स्थित नेपाली राजदूतावास ने इस अवधि में कूटनीतिक गतिविधियों और नेपाली नागरिकों की सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की सूचना दी है। राजदूत प्रकाशमणि पौडेल के अनुसार, बीते एक वर्ष में 35,000 से अधिक नेपाली नागरिकों को प्रत्यक्ष सेवाएं प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि नए पासपोर्ट जारी करना, नवीकरण, पुलिस चरित्र प्रमाणपत्र प्रमाणीकरण, शैक्षिक एवं पारिवारिक दस्तावेजों का प्रमाणीकरण, अधिकृत वारिसना और यात्रा अनुमतिपत्र जैसी सेवाओं में 35,789 नेपाली लाभान्वित हुए हैं। राजदूत पौडेल ने बताया, “कंसुल सेवा एक वर्ष में अत्याधुनिक हो गई है। हम पुर्तगाल के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण शिविर संचालित करते हुए अवकाश और कार्यालय समय के बाहर भी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।”

नेपाल और पुर्तगाल के बीच 1 सितंबर 1976 को कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए थे। नेपाल सरकार ने 31 मार्च 2025 को लिस्बन में राजदूतावास स्थापित किया और 16 अप्रैल 2025 को सेवाएं प्रारंभ कीं। हालांकि इसका औपचारिक उद्घाटन 20 फरवरी 2025 को ही हुआ था। इससे पहले, पुर्तगाल से संबंधित सभी मामले फ्रांस के पेरिस में स्थित नेपाली राजदूतावास के माध्यम से देखे जाते थे। काठमांडू में पुर्तगाल का महावाणिज्य दूतावास था, लेकिन पुर्तगाल सरकार भारत के नई दिल्ली स्थित दूतावास से नेपाल संबंधी मामलों का प्रबंधन करती थी। लेकिन दो सप्ताह पहले पुर्तगाल ने नेपाल में अपनी स्वयं की कूटनीतिक मिशन स्थापित करने की घोषणा की।

सबसे अधिक प्रमाणपत्रों में पुलिस चरित्र प्रमाणपत्र प्रमाणीकरण सेवा राजदूतावास द्वारा प्रदान की गई है। नियोग उपप्रमुख एवं प्रवक्ता शत्रुध्वन पोखरेल के अनुसार, एक वर्ष में 23,789 व्यक्तियों के पुलिस रपट प्रमाणित की गई है। 5,796 नेपाली पासपोर्ट प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें पुर्तगाल, माल्टा और स्पेन जैसे यूरोपीय देशों में निवास करने वाले भी शामिल हैं। इसके अलावा 109 यात्रा अनुमतिपत्र जारी किए गए, और शैक्षिक एवं पारिवारिक दस्तावेज प्रमाणीकरण सेवाएं 5,655 तक पहुंची हैं। अधिकृत वारिसना में 414 कार्य हुए हैं, पोखरेल ने बताया।

आर्थिक मामलों की देखभाल करने वाले अनिल राना के अनुसार, राजदूतावास ने लगभग 52 करोड़ 30 लाख नेपाली रुपए (29 लाख 90 हजार यूरो) राजस्व संग्रहित किया है, जिसमें सबसे अधिक आय पुलिस प्रमाणपत्र प्रमाणीकरण से हुई है। साथ ही पिछले एक वर्ष में विभिन्न कारणों से पुर्तगाल में मृत्यु हुए 26 नेपाली व्यक्तियों के शव नेपाल भेजने की सेवा भी राजदूतावास द्वारा प्रदान की गई है। प्रथम सचिव रामबाबु नेपाल के अनुसार, मृतक और आर्थिक समस्या वाले परिवारों को काजकिरिया के लिए सहायता दी गई है। साथ ही बेवारिसे हालत में सड़क पर पाए गए सात नेपाली को उद्धार कर परिवार की जिम्मेदारी देकर नेपाल भेजा गया है।

कूटनीतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में पुर्तगाल में नेपाली राजदूतावास की स्थापना के पश्चात नेपाल के प्रचार-प्रसार, आर्थिक कूटनीति, पुर्तगाली सरकार और संबंधित निकायों के साथ द्विपक्षीय संबंधों का विस्तार तेज़ी से बढ़ा है। 20 फरवरी 2025 को नेपाल के परराष्ट्र सचिव अमृतबहादुर राई के पुर्तगाल भ्रमण के माध्यम से आठ वर्षों के बाद दो देशों के बीच औपचारिक यात्रा पुनः शुरू हुई। यह नेपाल की ओर से 2018 में तत्कालीन परराष्ट्र मंत्री प्रदीप ज्ञवाली के भ्रमण के बाद पहली औपचारिक यात्रा थी। इस यात्रा में आठ वर्ष पहले स्थापित ‘नेपाल–पुर्तगाल द्विपक्षीय परामर्श संयंत्र’ की पहली बैठक भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जो अब तक आयोजित नहीं हुई थी।

राजदूत पौडेल ने कहा, “दो महीने पहले हुई बैठक और दूतावास की लगातार अपील के कारण पुर्तगाल सरकार ने नेपाल में अपने कूटनीतिक मिशन स्थापित करने का निर्णय लिया। यह नेपाली और दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।” 1 अप्रैल 2025 को पुर्तगाली विदेश मंत्रालय ने नेपाल में अपना मिशन स्थापित करने की घोषणा की और दो सप्ताह के भीतर सरकारी अधिकारियों का भ्रमण तय हो गया। नियोग उपप्रमुख पोखरेल के अनुसार, पुर्तगाल के विदेश मामलों और सहायता राज्य सचिव डॉ. आना इसाबेल जेवियर 29 अप्रैल 2025 को नेपाल भ्रमण पर आएंगी। इस यात्रा के बाद पुर्तगाल नेपाल में राजदूतावास स्थापना की प्रक्रिया और तेज़ करेगा।

पुर्तगाली सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वहां वर्तमान में 58,000 नेपाली बस रहे हैं, जबकि अनौपचारिक रूप से 75,000 से अधिक नेपाली स्थायी और अस्थायी रूप से बसे हुए हैं। नेपाली दूतावास ने कागजी प्रक्रियाओं में आ रही जटिलताओं को भी कम किया है, जिससे भारत स्थित पुर्तगाली दूतावास तक जाने के झंझट कम हुए हैं। नेपाली राजदूतावास ने नेपाली ड्राइविंग लाइसेंस को मान्यता देने के लिए पुर्तगाल सरकार से आग्रह भी किया है, और यात्रा एवं परिवहन प्रशासन ने इसका अध्ययन और गृहकार्य शुरू कर दिया है।

नेपाल पत्रकार महासंघ यूरोप शाखा के अध्यक्ष केजिन राई ने पुर्तगाल में दूतावास स्थापना के बाद की कूटनीतिक पहल और सेवाओं को नेपाल के हित में बताया। उन्होंने कहा, “राजदूतावास ने स्थापना के एक वर्ष में कूटनीति और नागरिक सेवाओं में अतुलनीय योगदान दिया है। कर्मचारी दिन-रात मेहनत करते हुए सरकार का प्रतिनिधित्व और नागरिकों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय हैं।”

स्थानीय तह की सीमाओं और संख्या में बदलाव के लिए नए मानदंडों का मसौदा तैयार

५ वैशाख, काठमाडौं । संघीय मामला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने गाउँपालिका, नगरपालिका और वॉर्डों की संख्या एवं सीमाओं में बदलाव करने तथा नगरपालिकाओं के वर्गीकरण की पुनः समीक्षा के कार्य को सुव्यवस्थित करने हेतु नए मानदंडों का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया है। स्थानीय सरकार संचालन अधिनियम, २०७४ के धारा ३, ५, ६, ७ और ८ में सम्मिलित व्यवस्थाओं के आधार पर ‘गाउँपालिका तथा नगरपालिका तथा वॉर्डों की संख्या एवं सीमाओं में बदलाव, आपस में एकीकृत करने और नगरपालिका वर्गीकरण की पुनः समीक्षा संबंधी मानदंड, २०८३’ का मसौदा मंत्रालय ने तैयार किया है। मंत्रालय ने सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों तथा मंत्रिपरिषद कार्यालयों को उक्त मसौदे पर राय और सुझाव देने के लिए तीन दिनों की अवधि निर्धारित कर पत्राचार किया है।

मसौदे में स्थानीय तह और वॉर्डों की संख्या एवं सीमाओं में बदलाव या एकीकृत करने के प्रस्ताव के समय मुख्यतः जनसंख्या, भूगोल, प्रशासनिक सुगमता, पूर्वाधार विकास की स्थिति, आर्थिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता और भाषाई, सांस्कृतिक तथा सामुदायिक संरचना को आधार मानने का उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त नागरिकों को प्राप्त होने वाली सेवाओं की सुविधा, जनघनत्व, बस्तियों का विकास और शहरीकरण, बाज़ार का विकास, यातायात सेवाओं की पहुँच, जलाधार, सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव और सांस्कृतिक तथा भाषाई पहचान के संरक्षण को भी ध्यान में रखने का प्रावधान किया गया है।

मसौदे के अनुसार, गाउँपालिका या नगरपालिका की सीमाओं में बदलाव करते समय एक स्थानीय तह को उसी प्रदेश और जिले के अंतर्गत समायोजित किया जाएगा। साथ ही, वॉर्डों की सीमाओं में बदलाव करते समय तत्कालीन गाउँ विकास समिति और नगरपालिकाओं के वॉर्डों को नहीं तोड़ा जाएगा तथा एक वॉर्ड का भूगोल प्रतिनिधि सभा और प्रदेश सभा के एक ही निर्वाचन क्षेत्र में स्थित रखा जाएगा। इन विषयों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए जिला समन्वय समिति के प्रमुख की संयोजन में संबंधित स्थानीय तह के उपाध्यक्ष या उपप्रमुख, जिला प्रशासन कार्यालय के सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी, नापी एवं मालपोत कार्यालयों के प्रमुख और संबंधित स्थानीय तह के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सहित एक अध्ययन समिति गठित करने का प्रस्ताव किया गया है। उक्त समिति की रिपोर्ट के आधार पर गाउँसभा या नगरसभा अपने वर्तमान सदस्य संख्या के दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर प्रदेश सरकार को भेजेगी। यदि प्रदेश सरकार मानदंडों के पालन की पुष्टि करती है, तो निर्णय के साथ मंत्रालय के माध्यम से नेपाल सरकार को सिफ़ारिश की जाएगी और मंत्रालय इसे मंजूरी हेतु मंत्रिपरिषद् के समक्ष प्रस्तुत करेगा। यह प्रक्रिया मसौदे में सम्मिलित है।

लोकसभामा संविधान संशोधन विधेयक असफल भएपछि प्रियंकाले व्यक्त गरिन आफ्ना विचार

५ वैशाख, काठमाडौं। भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेसकी सांसद तथा नेतृ प्रियंका गान्धीले लोकसभामा संविधान संशोधन विधेयक असफल हुनु लोकतन्त्रको ठूलो विजय रहेको बताइन्। उनले यस घटनालाई सरकारी षड्यन्त्रको पराजय पनि भनेकी छन्। शनिबार आयोजित पत्रकार सम्मेलनमा उनले मोदी सरकारले लोकतन्त्रलाई कमजोर बनाउन र देशको संघीय संरचनामा परिवर्तन ल्याउन खोजेको प्रयास विपक्षी एकताले पराजित गरेको दाबी गरिन्।

गान्धीका अनुसार यो हार सत्ता पक्षका नेताहरूको अनुहारमा खुलेर देखिएको छ र यसले संविधान तथा देशको विजय सुनिश्चित गरेको छ। उनले सरकारको नियतमा प्रश्न उठाउँदै भनिन्, ‘यो केवल महिला आरक्षणको विषय मात्र थिएन, बरु यसलाई परिसीमनसँग जोडिएको थियो जहाँ सरकारले जातिगत जनगणनाको तथ्यांक नदेखी आफ्नो स्वेच्छा अनुसार अघि बढ्न पाओस्।’ विपक्षी दलहरूले एकजुट हुँदा सरकारले मनमानी गर्न नसक्ने उदाहरण यो घटनाले प्रमाणित गरेको उनको तर्क थियो।

सरकारले यस दिनलाई ‘ब्ल्याक डे’ भनेर उल्लेख गरेको सन्दर्भमा प्रियंकाले भनिन्, ‘मोदी सरकारले पहिलोपटक ठूलो झटका पाएको छ, त्यसैले उनीहरूले यसलाई कालो दिन ठानेका छन्। तर लोकतन्त्र बचाउन यो झटका आवश्यक थियो।’ उनले सरकारको प्रचार र मिडियाकर्मीहरूलाई चेतावनी दिँदै भनिन् कि अब देशका महिलाहरू सचेत भइसकेका छन् र यस्तो नाटक धेरै दिन टिक्ने छैन। शुक्रबार लोकसभामा पेश गरिएको १३१औं संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक बहुमत नपाई असफल भएको थियो, जसलाई विपक्षीहरूले आफ्नो रणनीतिक सफलता मानिरहेका छन्।

पूर्णबहादुर खड्काले आइतबार पनि बोलाए बैठक – Online Khabar

पूर्णबहादुर खड्काने रविवार को फिर बैठक बुलाई

नेपाली कांग्रेस के पूर्वकार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काने १४वें महाधिवेशन से निर्वाचित पदाधिकारियों और केन्द्रीय सदस्यों की बैठक बुलाई है। कहा गया है कि वे कल रविवार को धुम्बाराही स्थित स्मार्ट होटल में सवा १२ बजे बैठक करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने गगन थापा नेतृत्व वाली कार्यसमिति को वैधता प्रदान करने के बाद खड्का पक्ष इस पर चर्चा के लिए बैठक कर रहा है। ५ वैशाख, काठमाण्डू।

काठमाण्डू के धुम्बाराही स्थित स्मार्ट होटल में कल रविवार को सवा १२ बजे बैठक रखी गई है, यह जानकारी खड्का के सचिवालय ने दी है। ‘उपत्यका में उपलब्ध १४वें महाधिवेशन से निर्वाचित पदाधिकारी एवं केन्द्रीय सदस्यों के साथ चर्चा के लिए बैठक आयोजित की गई है,’ सचिवालय ने बताया। नेपाली कांग्रेस की वैधता विवाद पर सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया था।

गगन थापा के नेतृत्व में नई कार्यसमिति का चयन करने वाले विशेष महाधिवेशन को माघ ४ को निर्वाचन आयोग ने वैधता दी थी, जिसके बाद खड्का पक्ष सर्वोच्च अदालत में पहुंचा था। अदालत ने आयोग के निर्णय को स्वीकार करते हुए थापा नेतृत्व वाली कार्यसमिति को वैधता दी, तब खड्का पक्ष शनिवार को भी चर्चा में व्यस्त रहा। गोल्फुटार स्थित खड्का निवास में आज भी बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में खड्का के साथ पूर्व उपसभापति विमलेन्द्र निधि, पूर्व महामंत्री डा. शशांक कोइराला, कृष्णप्रसाद सिटौला, प्रकाशमान सिंह एवं नेता एनपी साउद, मीन विश्वकर्मा, रमेश लेखक आदि शामिल थे। डा. शेखर कोइराला और उनके पक्षधर नेता इस बैठक में शामिल नहीं हुए।