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लेखक: space4knews

पार्टी एकताको दबाब दिँदै सानेपामा नेविसंघको धर्ना

सानेपामा नेविसंघको धर्ना: पार्टी एकताको माग

नेपाल विद्यार्थी संघका कार्यकर्ताहरूले नेपाली कांग्रेस केन्द्रीय कार्यालयमा पार्टी एकता र १२औँ महाधिवेशनको मिति घोषणा गर्न धर्ना दिएका छन्। कार्यकर्ताहरूले पार्टी कार्यालयमा प्लेकार्ड टाँसेर नेतृत्वलाई पार्टी एकता र महाधिवेशन सुनिश्चित गर्न ध्यानाकर्षण गराएका थिए। नेविसंघलाई निष्क्रिय नराखी समयमै महाधिवेशन सम्पन्न गरी युवालाई निर्णायक भूमिकामा अघि ल्याउनुपर्ने माग गरिएको छ। १० जेठ, काठमाडौं। नेपाल विद्यार्थी संघ (नेविसंघ) का कार्यकर्ताहरूले नेपाली कांग्रेस केन्द्रीय कार्यालयमा धर्ना दिएका छन्। पार्टीभित्र एकता कायम गर्न, १२औँ महाधिवेशनको मिति घोषणा गर्न तथा संगठनलाई सक्रिय बनाउन दबाबस्वरूप उनीहरूले सांकेतिक विरोध प्रदर्शन गरेका हुन्। कार्यकर्ताहरूले पार्टी कार्यालयका विभिन्न कक्ष बाहिर प्लेकार्ड टाँसेर ‘पार्टी युनिटी फर्स्ट, इगो लेटर’, ‘१२औँ महाधिवेशन सुनिश्चित गर’, ‘युवालाई काउबअभ देऊ, पार्टीलाई उबअभ देऊ’ लगायतका नाराहरू सहित नेतृत्वको ध्यानाकर्षण गराएका थिए। धर्नामा सहभागी विद्यार्थी नेताहरूले नेपाली कांग्रेसभित्रको आन्तरिक एकता सुदृढ गर्नुपर्ने र त्यसको आधार विद्यार्थी संगठनबाटै सुरु हुनुपर्ने बताएका छन्। उनीहरूले गुट–उपगुटभन्दा माथि उठेर संगठन र पार्टीलाई एकताबद्ध बनाउन नेतृत्वले पहल गर्नुपर्ने भाव व्यक्त गरेका थिए। नेविसंघलाई लामो समयसम्म निष्क्रिय अवस्थामा राख्नु उचित नहुने उल्लेख गर्दै उनीहरूले समयमै महाधिवेशन सम्पन्न गरी युवालाई निर्णायक भूमिकामा अघि ल्याउनुपर्ने मागसमेत गरेका छन्।

सामसङ नेपाल ने घर के उपकरणों की खरीद पर 23 प्रतिशत तक की छूट के साथ ‘सेविंग डे’ ऑफर की घोषणा की

सामसङ नेपाल ने 21 मई से 19 जुलाई तक वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर पर 17 से 23 प्रतिशत तक की छूट के साथ ‘सेविंग डे’ ऑफर पेश किया है। इस ऑफर के तहत ग्राहक 24 महीनों तक विस्तारित ईएमआई सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जिसमें वाशिंग मशीन की मासिक किस्त 1,370 रुपये और रेफ्रिजरेटर की मासिक किस्त 1,408 रुपये से शुरू होती है। कंपनी के अनुसार, ग्राहक अधिकृत सामसङ स्टोर से पुराने उपकरणों का एक्सचेंज कर नए होम अप्लायन्स खरीद सकते हैं। (10 जेठ, काठमाडौँ)

सामसङ नेपाल ने ‘सेविंग डे’ ऑफर की घोषणा की है, जिसमें वाशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर पर आकर्षक छूट के साथ मासिक किश्तों में खरीदने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कंपनी के अनुसार यह ऑफर उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है जो बिना ज्यादा बजट पर दबाव डाले आवश्यक होम अप्लायन्स बेहतर करना चाहते हैं। यह कैम्पेन 21 मई से 19 जुलाई तक चलेगा, जिससे गर्मी के मौसम में आसानी और सुविधा के साथ उपकरणों का अपग्रेड संभव होगा।

ऑफर के अनुसार, ग्राहकों को चुनी गई वाशिंग मशीन पर 23 प्रतिशत तक और रेफ्रिजरेटर पर 17 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। कंपनी ने अपनी विज्ञप्ति में बताया, “24 महीने तक की विस्तारित ईएमआई सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वाशिंग मशीन की मासिक किस्त 1,370 रुपये से और रेफ्रिजरेटर की मासिक किस्त 1,408 रुपये से शुरू होती है।” यह सुविधा मासिक घर के बजट प्रबंधन को सरल बनाकर होम अप्लायन्स अपडेट करने में मदद करती है।

इसके अलावा, हुलास फिनसर्व पर्चेज द्वारा संचालित सामसङ इंस्टा फाइनेंस सेवा के माध्यम से ग्राहक 12 या 24 महीने की ईएमआई योजना पर उपकरण खरीद सकते हैं, जिससे फाइनेंसिंग प्रक्रिया और भी आसान होती है। नए सामसङ होम अप्लायन्स में अपग्रेड करने के इच्छुक ग्राहक किसी भी अधिकृत सामसङ रिटेल स्टोर या अन्य स्टोर से सीधे अपने पुराने उपकरणों का एक्सचेंज कर सकते हैं। ऑफर की अधिक जानकारी के लिए कंपनी ने नजदीकी अधिकृत सामसङ स्टोर से संपर्क करने की सलाह दी है।

बाढ़ से विद्यालय के भवन ध्वस्त, सामुदायिक भवन में पढ़ाई जारी

हुम्ला के चंखेली गाउँपालिका-५ स्थित डाँफे आधारभूत विद्यालय के दो भवन गत ५ जेठ की रात में आए तेज हवाहुरी और बाढ़ के कारण ध्वस्त हो गए हैं। भवन ध्वस्त होने के कारण ८० विद्यार्थी अब सामुदायिक भवन में पढ़ाई करने के लिए बाध्य हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक बली तामाङ ने बताया कि बाढ़ से विद्यालय के सात कंप्यूटर, दो लैपटॉप और फर्नीचर को भी क्षति पहुंची है।

१० जेठ, हुम्ला। चंखेली गाउँपालिका-५ के डाँफे आधारभूत विद्यालय के बच्चे अपनी ध्वस्त हुई भवनों के कारण गांव के सामुदायिक भवन में पढ़ाई कर रहे हैं। ५ जेठ की रात आई तेज हवाहुरी और बाढ़ ने विद्यालय के दो भवनों को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रधानाध्यापक बली तामाङ ने जानकारी दी कि विद्यालय की खराब हुई स्थिति के कारण ८० से अधिक बच्चों के लिए सामुदायिक भवन में पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। साथ ही बाढ़ ने विद्यालय के सात कंप्यूटर, दो लैपटॉप और फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाया है।

अन्तर्राष्ट्रिय पर्यटक आह्वान गर्दै सकियो ‘कर्णाली टुरिज्म मिट-२०२६’

कर्णाली टूरिज्म मिट-२०२६: अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करते हुए सम्पन्न

कर्णाली टूरिज्म मिट–२०२६ सुर्खेत में सम्पन्न हुआ, जिसने कर्णाली को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। भारत के ट्रैवल ट्रेड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश सिन्हा ने कर्णाली भ्रमण अनुभव को अविस्मरणीय बताया और यहां की आतिथ्य व प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित होने का उल्लेख किया। पर्यटन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी संतोषविक्रम थापा ने कर्णाली को धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विश्व के सामने प्रस्तुत करने के लक्ष्य के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी।

१० जेठ, काठमांडू। कर्णाली प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के साथ ‘कर्णाली टूरिज्म मिट-२०२६’ सम्पन्न हुआ। ‘‘प्रकृति और संस्कृति की गोद में’’ नारे के साथ ८ जेठ को शुरू हुआ यह टूरिज्म मिट रविवार को सुर्खेत में संपन्न हुआ। नेपाल पर्यटन बोर्ड और वीरेन्द्रनगर नगरपालिका के आयोजन तथा होटल व्यवसायी महासंघ सुर्खेत के समन्वय में आयोजित इस मिट में भारत के विभिन्न शहरों से लगभग ५० पर्यटन व्यवसायी, पत्रकार और ब्लॉगर शामिल थे। समापन समारोह में नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के केंद्रीय सदस्य पदमविक्रम शाही ने प्रतिभागियों द्वारा कर्णाली के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का अनुभव लेने का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कर्णाली पर्यटन को बढ़ावा देने में नई ऊर्जा जोड़ने वाला रहा है। ‘‘कर्णाली धार्मिक दृष्टि से पवित्र भूमि है, यहां धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन, स्वास्थ्य पर्यटन और प्रकृति आधारित पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं,’’ उन्होंने कहा, ‘‘कर्णाली कैलाश मानसरोवर के प्रवेशद्वार भी है, भारत के लखनऊ से कुछ ही घंटों में गुरांसे के शीतलता का अनुभव किया जा सकता है, यहां का मौसम और प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों के लिए अद्वितीय अनुभव प्रदान कर सकती है।’’ भारत के ट्रैवल ट्रेड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश सिन्हा ने कर्णाली भ्रमण अनुभव को अविस्मरणीय बताया।

उन्होंने कर्णाली के लोगों की आतिथ्य भावना, स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता से प्रभावित होने का उल्लेख किया। ‘‘हमें यहां अत्यंत आत्मीय स्वागत मिला है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘कर्णाली अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में स्थापित होने की बड़ी क्षमता वाला क्षेत्र है, इसके प्रचार-प्रसार में हम भारतीय पर्यटकों को कर्णाली लाने का विश्वास दिलाना चाहते हैं।’’ भारत से आए पत्रकार बीएस परीहार ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध पर्यटन विकास का मजबूत आधार बन सकते हैं।

कर्णाली टूरिज्म मिट के तहत ९ जेठ को भारतीय पर्यटन व्यवसायियों और प्रतिभागियों को दैलेख के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की परिचयात्मक यात्रा कराई गई। उपस्थित लोगों को हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव द्वारा सतिदेवी के मृत शरीर को ले जाते समय सतिदेवी की नाभि गिरी और नाभिस्थान तथा सिर गिरने वाले स्थल यानी शिरस्थान की यात्रा कराई गई, जहां वे अनवरत जलती हुई ज्वाला का दर्शन कर सके।

गुरांसे क्षेत्र में आयोजित अनुभव आदान-प्रदान कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कर्णाली के मौसम, पर्वतीय भू-दृश्य और स्थानीय आतिथ्य को पर्यटन के मुख्य आकर्षण के रूप में व्याख्यायित किया। समापन समारोह में पर्यटन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी संतोषविक्रम थापा ने कहा कि कर्णाली को केवल दुर्गम क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, साहसिक और प्राकृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विश्व के सामने पहचान दिलाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सम्मेलन के दौरान कर्णाली की मौलिक संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले हूड्के नृत्य, देउडा और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ की गईं। साथ ही स्थानीय पारंपरिक व्यंजन और सामुदायिक आधारित पर्यटन क्रियाकलापों ने विशेष रूप से भारतीय पर्यटन व्यवसायियों का आकर्षण बढ़ाया, जो पर्यटन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी थापा ने बताया। उनके अनुसार इस कार्यक्रम से नेपाल-भारत पर्यटन सहयोग का विस्तार, कर्णाली में निवेश को प्रोत्साहन, अंतरराष्ट्रीय बाजार से संपर्क बढ़ाना और कर्णाली के नए स्थलों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है।

मधेस की महिलाओं की आय में बिजली पहुँच से वृद्धि

समाचार सारांश: सासेक ऊर्जा प्रसारण और वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण परियोजना ने मधेस प्रदेश की महिलाओं और वंचित समुदायों तक बिजली पहुंचाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद की है। यह परियोजना बिजली के साथ प्रशिक्षण भी प्रदान करती है जिससे महिलाओं के उद्यमशीलता और आय के अवसर बन रहे हैं, जैसा नॉर्वे की राजदूत ड्याग्नी म्योज ने बताया। नॉर्वे और एशियाई विकास बैंक के सहयोग से संचालित यह परियोजना ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता विकसित करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के मुकाबले भी योगदान देने की अपेक्षा रखती है। १० जेठ, काठमाडौं।

रौतहत चन्द्रपुर–६ की निवासी कल्याणीदेवी चौधरी पहले खेती करती थीं, जहाँ गाँव में बिजली उपलब्ध नहीं थी। अब वह व्यावसायिक पशुपालन में जुटी हैं। वह दुग्ध उत्पादक गाई-भैंस पालती हैं जिनका दूध और गोबर बेचती हैं। इसके साथ ही अन्य खेती-किसानी में भी लगी हैं। उनके परिवार के सभी सदस्य मिलकर आय अर्जित कर रहे हैं। इसी प्रकार, सिरहा लहान की निकी चौधरी भी अब उद्यमी बन चुकी हैं। पहले वह अपनी जमीन में सब्ज़ियां नहीं उगाती थीं; अब उन्होंने इसे व्यवसायिक स्तर पर बढ़ाकर स्थानीय बाजारों में सब्ज़ी बेचकर आय अर्जित कर रही हैं।

एशियाई विकास बैंक, नॉर्वे सरकार और नेपाल विद्युत प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से संचालित सासेक ऊर्जा प्रसारण एवं वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण परियोजना ने मधेस प्रदेश की महिलाओं और वंचित समुदायों को कर्णाली सहित न केवल बिजली जोड़ने में मदद की है, बल्कि उन्हें उद्यमशील बनने में भी प्रोत्साहित किया है। यह परियोजना केवल बिजली पहुंचाने तक सीमित नहीं रहकर प्रशिक्षण के माध्यम से व्यावसायिक विस्तार के अवसर पैदा करती है, जिससे कल्याणी और निकी जैसे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। नेपाल के लिए नॉर्वे की राजदूत ड्याग्नी म्योज ने बताया कि इस परियोजना ने मधेस में बिजली की पहुँच और उससे समुदाय को हुए लाभ की कहानी बयां की है।

सासेक विद्युत परियोजना ने केवल भौतिक आधारभूत संरचनाओं (तार और सबस्टेशन) का निर्माण ही नहीं किया, बल्कि सीमांत समुदायों और महिलाओं को आर्थिक रूप से सबल बनाने के लिए अभियान (जेसी) भी चलाया है। नॉर्वे सरकार के ३ करोड़ ५० लाख डॉलर और एडीबी के ६० लाख डॉलर अनुदान पर आधारित इस जेसी परियोजना का मुख्य फोकस मधेस प्रदेश रहा है। एडीबी के अनुसार, इस तकनीकी सहायता ने विशेषकर मधेस की महिलाओं और कमजोर वर्गों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।

‘सिर्फ बिजली पहुँचना पर्याप्त नहीं है, इसे कौशल और बाजार से जोड़ना आवश्यक है’ इस अवधारणा पर आधारित परियोजना ने महिलाओं को ऊर्जा आधारित छोटे व्यवसाय शुरू करने में मदद की है, बताया एडीबी नेपाल के निर्देशक आर्नो कोस्वाँ ने। वे मानते हैं कि इस परियोजना ने ऊर्जा क्षेत्र में नेपाल को आत्मनिर्भर बनाने और कार्बन उत्सर्जन घटाकर जलवायु परिवर्तन के संकटों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब विद्युत पहुँच कौशल व निवेश के साथ जुड़ती है, तब ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका के अवसरों में बड़ा सकारात्मक बदलाव आता है, इसके कई ठोस उदाहरण सामने आए हैं।

विद्युतीय चूल्हा प्रोत्साहन ने ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के साथ ही जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में भी मदद की है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निर्देशक दीर्घायुकुमार श्रेष्ठ ने बताया कि यह कार्यक्रम विद्युत प्राधिकरण को केवल तकनीकी संस्था नहीं, बल्कि एक सामाजिक रूप से उत्तरदायी संस्था बनाने में सहायक रहा है। मधेस में मिली सफल उपलब्धियों और सीख को अब कर्णाली प्रदेश में भी विस्तार देने की योजना तैयार की जा रही है। नॉर्वे और यूरोपीय संघ के सहयोग से कर्णाली में चलने वाले नए प्रसारण एवं वितरण कार्यक्रम में ‘जेसी’ मॉडल को मुख्य आधार बनाया जाएगा, ऐसा एडीबी और प्राधिकरण ने बताया है।

नेपाल ने साल २०३५ तक प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत १५०० यूनिट तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और ऐसी परियोजनाएं विद्युत मांग बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सक्रिय बनाने में सहायक होंगी, कहा ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय के सचिव चीरंजीवी चटौती ने। उन्होंने कहा, ‘नेपाल सरकार टिकाऊ और भरोसेमंद विद्युत सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।’ सासेक ऊर्जा प्रसारण और वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण परियोजना मुख्यतः काठमाडौं उपत्यका, भरतपुर, पोखरा और मधेस प्रदेश में विद्युत आपूर्ति प्रणाली को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। मधेस में विद्युत पूर्वाधार की मजबूती एवं आधुनिकीकरण का कार्य इस परियोजना के द्वारा हो रहा है, जबकि काठमाडौं उपत्यका में भी विद्युत आपूर्ति प्रणाली में आधुनिक सुधार किए जा रहे हैं। परियोजना ने पर्यावरणीय टिकाऊपन को ध्यान में रखते हुए देशभर में ५० से अधिक विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के काम को गति दी है।

एशियाई विकास बैंक ने इस योजना के लिए लगभग २० करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ३० अरब रुपये) का सुलभ ऋण उपलब्ध कराया है साथ ही ६० लाख डॉलर का अनुदान भी दिया है। नॉर्वे सरकार ने ३ करोड़ ५० लाख डॉलर ऋण प्रदान किया है, जबकि नेपाल सरकार और विद्युत प्राधिकरण ने कुल ८ करोड़ ७० लाख डॉलर काउन्टरपार्ट फंड के रूप में निवेश किया है।

नेपाल के आयात में अर्जेंटीना तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार, कौन-कौन से सामान आयात करता है?

नेपाल ने चालू आर्थिक वर्ष के १० महीनों में १५० से अधिक देशों के साथ आयात/निर्यात किया है। भारत, चीन और अर्जेंटीना नेपाल के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। अर्जेंटीना से मुख्यतः कच्चा सोयाबीन तेल, सूर्यमुखी तेल, मक्का, सिमी और तिल के दाने आयात किए गए हैं।

१० जेठ, काठमांडू । नेपाल ने चालू आर्थिक वर्ष (साउन–वैशाख) के १० महीनों के अंदर १५० से अधिक देशों के साथ व्यापार किया है। हालांकि बड़ा कारोबारी लेन-देन कुछ सीमित देशों के साथ ही हुआ है। व्यापार में पहले स्थान पर भारत, दूसरे स्थान पर चीन और तीसरे स्थान पर अर्जेंटीना का स्थान है। दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना भौगोलिक रूप से नेपाल से काफी दूर स्थित है।

चालू आर्थिक वर्ष में अर्जेंटीना से ९५ अरब २७ करोड़ रुपए मूल्य के वस्तु आयात किए गए हैं, जबकि नेपाल से अर्जेंटीना को मात्र ३६ लाख रुपए मूल्य के सामान निर्यात हुए हैं।

आंकड़ों के अनुसार अर्जेंटीना से मुख्य रुप से कच्चा सोयाबीन तेल और कच्चा सूर्यमुखी तेल आयात होता है। नेपाल इन तेलों की कीमत में वृद्धि कर उन्हें भारत को निर्यात करता है।

१० महीनों में अर्जेंटीना से ५० करोड़ ३१ लाख लीटर कच्चा सोयाबीन तेल आयात किया गया है, जिसकी कीमत लगभग ८१ अरब रुपए है। कच्चा सूर्यमुखी तेल ८ करोड़ २९ लाख लीटर आयात हुआ है, जिसका मूल्य लगभग १३ अरब ३६ करोड़ रुपए है।

इसी प्रकार अर्जेंटीना से ७ लाख ७८ हजार किलोग्राम मक्का आयात हुआ है, जिसकी कीमत ७ करोड़ ६३ लाख रुपए है। सिमी की सुखी दाना/दाल ७५ हजार किलोग्राम आयात की गई है, जिसकी लागत ९७ लाख २४ हजार रुपए है। साथ ही तिल की दाना १ लाख १७ हजार ३ सौ किलोग्राम आयात हुई है, जिसका मूल्य २ करोड़ ६३ लाख ९२ हजार रुपए है, यह आंकड़े दर्शाते हैं।

पाकिस्तान के क्वेटा में रेलवे ट्रैक पर विस्फोट, 20 लोगों की मौत

पाकिस्तान के क्वेटा स्थित चमन गेट के पास रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट में 20 लोगों की मौत हो गई और 70 से अधिक घायल हुए हैं। रविवार को हुई इस घटना में तीन ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए जबकि दो डिब्बे पलट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे ट्रैक के पास खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और नजदीकी घरों को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद सेना और पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।

अधिकारी अभी तक विस्फोट के कारण और हताहतों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए हैं। रेल मंत्री मोहम्मद हनीफ अब्बासी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, ‘‘क्वेटा कैंट से आने वाली शटल ट्रेन चमन गेट के पास विस्फोट का शिकार हुई।’ उन्होंने आगे बताया कि विस्फोट की वजह से इंजन सहित तीन कोच पटरी से उतर गए और दो कोच पलट गए।

ह्वाइट हाउस के पास सिक्रेट सर्विस पर गोली चलाने वाले संदिग्ध को मार गिराया गया

ह्वाइट हाउसबाहिर सुरक्षाकर्मीहरू र उनीहरूले प्रयोग गर्ने कालो र सेतो रङ्गको निलो बत्ति जडित कारहरू।

तस्बिर स्रोत, Getty Images

संयुक्त राज्य अमेरिका में ह्वाइट हाउस के पास सिक्रेट सर्विस पर गोली चलाने वाले एक संदिग्ध को एजेंटों ने मार गिराया है।

अधिकारियों ने बताया कि एक संदिग्ध व्यक्ति ने राष्ट्रपति भवन के पास चेकपोइंट पर गोली चलाई।

सिक्रेट सर्विस के एजेंटों ने तुरंत जवाबी फायरिंग की, जिसमें संदिग्ध हमलावर घायल हो गया और संभवतः एक और व्यक्ति भी घायल हुआ।

घायल हमलावर को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई।

घटना के बाद संवाददाताओं को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें ह्वाइट हाउस के अंदर छुपा लिया गया।

नेपाल आज किर्गिस्तान के खिलाफ भिड़ेगा

९ जेठ, काठमाडौं। घरेलू मैदान पर जारी काभा महिला भलिबल च्याम्पियनशिप के अंतर्गत समूह ए के दूसरे मैच में नेपाल आज किर्गिस्तान के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करेगा। पहले मैच में परिचित प्रतिद्वंद्वी भारत के साथ पांच सेट के कड़ी प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबले में हारने के बाद नेपाल पहली जीत हासिल करने का लक्ष्य रखता है। सेमीफाइनल में जगह बनाने के अवसर को मजबूत करने के लिए नेपाल को किर्गिस्तान को हराना होगा। किर्गिस्तान ने पहले मैच में मालदीव को सीधे सेटों में हराकर ३ अंक हासिल किए हैं। समूह ए में किर्गिस्तान ३ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर है, जबकि भारत के २ और नेपाल के १ अंक हैं, मालदीव अभी बिना अंक के है। नेपाल और किर्गिस्तान के बीच मुकाबला त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवरड हॉल में शाम ५ बजे शुरू होगा। इससे पहले दोपहर २:३० बजे समूह ए में भारत और मालदीव के बीच खेल होगा। नई कप्तान निरुता ठगुन्ना के नेतृत्व में नेपाली टीम ने भारत के खिलाफ प्रतिस्पर्धात्मक खेल खेला था लेकिन आखिर में अंतिम सेट में हार हुई थी। उस मैच में नेपाल के ५ युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय टीम में डेब्यू किया था। नेपाल के मुख्य प्रशिक्षक जगदीश भट्ट के अनुसार भारत के खिलाफ खेल के बाद बाकी बचे दो मैच जीतकर सेमीफाइनल तक पहुंचने का लक्ष्य है। आज दोपहर १२ बजे समूह बी में कज़ाखस्तान और श्रीलंका के बीच मुकाबला होगा। खुवे कई खिलाड़ी पहली बार इस च्याम्पियनशिप में खेल रहे हैं। सेन्ट्रल एशियन भलिबल एसोसिएशन (काभा) के आयोजन एवं नेपाल भलिबल संघ के संयोजन में शुक्रवार से काठमांडू में शुरू हुए इस च्याम्पियनशिप में मध्य एशिया के ८ राष्ट्र सहभागी हैं। इस च्याम्पियनशिप की विजेता महिला टीम एशिया कप के लिए चयनित होगी, जैसा कि नेपाल भलिबल संघ ने बताया है। च्याम्पियनशिप के मैच हिमालय स्पोर्ट्स के माध्यम से प्रत्यक्ष प्रसारित किए जाएंगे।

दुई पटक गोल्डेन बल जित्ने मेस्सी मात्र, अरु को-को भए सर्वोत्कृष्ट खेलाडी ?

दो बार गोल्डन बॉल जीतने वाले मेस्सी अकेले, अन्य सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कौन-कौन थे?

फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने में अब केवल कुछ सप्ताह बाकी हैं और टीमें तैयारी में जुटी हैं। विश्व कप में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को गोल्डन बॉल, गोल्डन बूट, गोल्डन ग्लोव और यंग प्लेयर अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। 1982 से विश्व कप में गोल्डन बॉल और गोल्डन बूट अवार्ड दिए जाने लगे हैं, और 2022 में लियोनेल मेस्सी ने गोल्डन बॉल जीती थी। 10 जेठ, काठमांडू।

विश्व फुटबॉल का महाकुंभ फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है। इस समय विश्व कप के लिए टीमें पूरी ताकत से तैयार हो रही हैं। जीत की दौड़ में कौन इस बार ट्रॉफी उठाएगा, इस पर सभी की नजरें हैं। उपाधि की चर्चा के साथ ही यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इस बार कौन-सा खिलाड़ी अपना बेहतरीन प्रदर्शन करेगा, कौन चमकेगा और नया सितारा कौन उभरेगा।

विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी टीम को जीत दिलाना एक अलग ही अनुभव होता है। इसी तरह व्यक्तिगत रूप से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनना भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। विश्व कप फुटबॉल में व्यक्तिगत श्रेणी में भी कई पुरस्कार दिए जाते हैं। इनमें सर्वश्रेष्ठ गोल करने वाले खिलाड़ी के लिए गोल्डन बूट, सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए गोल्डन बॉल, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर के लिए गोल्डन ग्लोव और उत्कृष्ट युवा खिलाड़ी के लिए यंग प्लेयर अवार्ड शामिल हैं।

1982 में स्पेन में आयोजित 12वें संस्करण से विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को गोल्डन बॉल और सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को गोल्डन बूट अवार्ड देना शुरू हुआ। उससे पहले भी सर्वाधिक गोल करने वाले और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को चुना जाता था, लेकिन आधिकारिक तौर पर अलग-अलग पुरस्कार नहीं दिए जाते थे। 1992 में पहली बार इटली के पाओलो रोसी ने दोनों – गोल्डन बॉल और गोल्डन बूट अवार्ड – जीते थे।

ग्वाङ्झाउ में नेपाल को ‘सबसे आकर्षक पर्यटन गंतव्य’ सम्मान से नवाजा गया

नेपाल को चीन के ग्वाङ्झाउ में आयोजित ग्वाङ्झाउ अंतर्राष्ट्रीय ट्रैवल फेयर २०२६ में ‘सबसे आकर्षक पर्यटन गंतव्य’ सम्मान प्राप्त हुआ है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने तीन दिवसीय कार्यक्रम में वेलनेस, सांस्कृतिक, धार्मिक, साहसिक तथा लक्जरी पर्यटन के संभावनाओं के बारे में चीनी और अंतर्राष्ट्रीय व्यवसायियों के साथ जानकारी साझा की। नेपाल वायुसेवा निगम और चाइना सदर्न एयरलाइंस काठमांडू–ग्वाङ्झाउ सीधा उड़ान संचालित कर रहे हैं, जो पर्यटन पहुंच को बढ़ावा देने में मददगार है, बोर्ड ने बताया। १० जेठ, काठमांडू। चीन के ग्वाङ्झाउ में सम्पन्न ग्वाङ्झाउ अंतर्राष्ट्रीय ट्रैवल फेयर (जीआईटीएफ) २०२६ में नेपाल को ‘सबसे आकर्षक पर्यटन गंतव्य’ सम्मान प्रदान किया गया। नेपाल की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक विविधता और साहसिक पर्यटन के आकर्षण के आधार पर यह सम्मान दिया गया। २१ से २३ मई तक तीन दिनों तक चले इस अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मेले में ‘नेपालः एक जीवन पर्यटक अनुभव’ नारें के साथ नेपाल पर्यटन बोर्ड ने सहभागिता समन्वय की। मेले में नेपाल ने वेलनेस, सांस्कृतिक, धार्मिक, साहसिक, आउटडोर और लक्जरी पर्यटन के विविध अवसरों के बारे में अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों एवं पर्यटन व्यवसायियों को जानकारी दी।

चीन के ग्वाङ्झाउ शहर, हांगकांग और ग्रेटर बे एरिया नजदीक के प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन केंद्र हैं, जो इन क्षेत्रों में नेपाली पर्यटन प्रचार के लिए महत्वपूर्ण बाजार के रूप में काम करते हैं। विशेषकर वेलनेस, धार्मिक, सांस्कृतिक और लक्जरी पर्यटन क्षेत्रों में चीनी पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावना अधिक होने की जानकारी नेपाल पर्यटन बोर्ड ने दी। मेले के उद्घाटन दिवस २१ मई को नेपाली सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत के साथ ही ‘डेस्टिनेशन नेपाल’ विषय पर विशेष प्रस्तुति भी आयोजित की गई। इस अवसर पर नेपाली कला, संस्कृति और पर्यटन धरोहरों के बारे में चीनी आगंतुकों और पर्यटन व्यवसायियों को सूचित किया गया।

२२ मई को नेपाल पर्यटन बोर्ड के वरिष्ठ प्रबंधक विमल कँडेल ने नेपाल के पर्यटन संभावनाओं, गंतव्यों और प्रचार रणनीति पर ‘देश प्रस्तुति’ दी। उन्होंने नेपाल के पर्यटन बाजार विस्तार रणनीति पर आयोजित पैनल चर्चा में भी भाग लिया। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप बस्नेत के नेतृत्व वाली टीम ने नेपाल का प्रतिनिधित्व किया। नेपाल के स्टाल पर ‘स्पिन एंड विन’ लकी ड्र कार्यक्रम और वेलनेस पर्यटन के अंतर्गत नेपाली सिंगिंग बाउल की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण के रूप में रही। मेले में नेपाल के आठ पर्यटन व्यवसायी कंपनियां शामिल हुईं। सहभागि कंपनियों ने ट्रेकिंग, भ्रमण, होटल तथा आतिथ्य सेवाओं से संबंधित पैकेजों के बारे में चीनी और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व्यवसायियों को परिचित कराया।

इससे पूर्व नेपाल पर्यटन बोर्ड ने २० मई २०२६ को ग्वाङ्झाउ स्थित नेपाली महावाणिज्य दूतावास के सहयोग से चीन के शेन्ज़ेन में आयोजित ‘नेपालः एक जीवन पर्यटक अनुभव’ पर्यटन प्रचार एवं बीटूबी नेटवर्किंग कार्यक्रम में भी भाग लिया था। वर्तमान में नेपाल वायुसेवा निगम और चाइना सदर्न एयरलाइंस काठमांडू–ग्वाङ्झाउ सीधी उड़ान संचालित कर रहे हैं। इससे न केवल नेपाल और चीन के बीच पर्यटन पहुँच का विस्तार होगा, बल्कि चीनी पर्यटकों के आगमन में भी वृद्धि होगी, बोर्ड ने कहा।

‘म’ से ‘हम’ नहीं बन पाई महिला आन्दोलन

चाहे राजनीतिक कारण हो या अन्य, हालिया घटनाओं में ‘महिला समर्थक’ लोगों के साथ कुछ पुरुषों ने भी ‘महिला नियुक्ति’ संबंधी बात उठाई है। महिला आंदोलन के नेतृत्व करने वालों के केवल अपने और अपने आसपास के लोगों को देखने की प्रवृत्ति बढ़ने के कारण महिलावाद विरोधी आवाजें तेज हुई हैं। २००४ साल असार २२ गते काठमांडू के म्हैपी में हुई महिला सभा ने नेपाल महिला संघ की स्थापना की, जिसने महिलाओं को संगठित किया और राणाशासन के अंत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्व की चर्चा छोड़ दें, हमारे अपने देश और समाज की स्थिति देखने पर भी कुछ लोग आजकल महिलावाद आवश्यक नहीं मानते। यह महिलाओं के अधिकारों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। लेकिन, जिन लोगों ने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है, उनकी स्वार्थ सिद्धि के लिए महिला आंदोलन को अपनी संकीर्ण द्रष्टि से केवल अपने और अपने निकट के हित में देखने के कारण यह स्थिति बनी है, ऐसी धारणा बढ़ रही है।

महिलावाद और महिलाओं के हितों के मुद्दों पर सदियों से संघर्ष जारी है; महिलाओं ने मतदान अधिकार और शिक्षा में समानता पाई है, फिर भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव के विरोध की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। इसी तरह महिला आंदोलन के विरोध में भी आवाजें उठने लगी हैं। विश्व अध्ययन बताते हैं कि महिलाओं की सामूहिकता पर पहली पुस्तक १४०५ में इटली की क्रिस्टिन डे पिजान ने लिखी थी, जिसमें महिलाओं की सामाजिक स्थिति पर चर्चा थी। उसके बाद फ्रांसीसी क्रांति में महिला श्रमिकों की बड़ी भागीदारी देखी गई। इतिहास बताता है कि समाज और देश की उन्नति में केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि कभी-कभी पुरुषों ने भी बड़ा योगदान दिया। लेकिन नेपाल में बड़े आंदोलनों में अक्सर कुछ लोग अपने योगदान को ही एकाकी प्रयास समझने लगते हैं।

संस्मरण और ऐतिहासिक लेखों में उस समय के महिला आंदोलन को सामूहिक नेतृत्व में चलने वाला स्पष्ट रूप में देखा जा सकता है। उदाहरण के लिए २००४ साल असार २२ गते काठमांडू के म्हैपी में हुई महिला सभा अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसने नेपाल महिला संघ की स्थापना की और महिलाओं को संगठित किया। कनाडा के प्रशिक्षक जॉन व्हाइटहेड ने नेतृत्व के तीन सिद्धांतों का उल्लेख किया है: द ग्रेट मैन थ्योरी, द ट्रेट थ्योरी और ट्रांसफॉर्मेशनल लीडरशिप। नेपाल के महिला आंदोलन को ट्रांसफॉर्मेशनल लीडरशिप की श्रेणी में रखा जा सकता है, जहाँ सभी पक्षों की महिला नेता सलाह और समन्वय करती थीं। प्रजा पञ्चायत काल में महिलाओं ने अपने मांगों के लिए दरबार में धरना दिया था, जिसने महिला शिक्षा के लिए ‘पद्मकन्या विद्याश्रम’ खोलने में मदद की।

वि.सं. २००४ में पहली बार स्थानीय निर्वाचन में जनता ने मतदान किया था लेकिन महिलाओं को मतदान करने के लिए २०१० साल तक इंतजार करना पड़ा, जो महिला अधिकारों के लिए एक बड़ा सक्रियता था। महिला अधिकार आंदोलन का समूह पर प्रभाव होने के कारण नेतृत्व में स्वार्थी प्रवृत्ति नकारात्मक मानी जाती है और इससे आंदोलन कमजोर होता है। हाल के प्रधान न्यायाधीश नियुक्ति प्रक्रिया में महिलाएं एकजुट नहीं हो पाईं, जो इसके उदाहरण हैं। देश की पहली महिला प्रधान न्यायाधीश और प्रधानमंत्री रह चुकीं सुशीला कार्की ने वर्तमान नियुक्ति को न्यायपालिका का संकुचन मानते हुए उसकी आलोचना की है। उन्होंने प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मलाल की उपेक्षा को ‘डेढ़ करोड़ महिलाओं पर लात प्रहार’ बताया। लेकिन इस टिप्पणी को खुले मंच पर ज्यादा समर्थन या प्रतिक्रिया नहीं मिली, जो यह दर्शाता है कि महिलाओं में भी आंदोलन के भीतर व्यक्तिगत स्वार्थ शामिल हैं, और केवल नेतृत्व के दलगत होना पर्याप्त नहीं है।

राजनीतिक स्वार्थ महिला नियुक्ति प्रक्रिया पर भी प्रभाव डालता है, और सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति को लेकर पिछले २० वर्षों से सेटिंग की बातें चलती रही हैं। इससे देशभर में न्यायपालिका के प्रति असंतोष बढ़ा है और भविष्य में इसका क्या प्रभाव होगा, यह देखना होगा। फिर भी उम्मीद है कि नेपाल बार की बात के अनुसार न्याय पाने के लिए ‘‘लालटिन जलाकर’’ इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नेपाल के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. शंकरकुमार श्रेष्ठ ने कहा कि केवल प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति से न्यायिक स्वतंत्रता फिर से हासिल नहीं हो सकती, न्यायपालिका की पुनर्संरचना आवश्यक है।

केन के हेट्रिक से बायर्न ने जर्मन डीएफबी पोकोल का खिताब जीता

बायर्न म्यूनिख ने स्टुटगार्ट को ३-० से हराकर जर्मन डीएफबी पोकोल का खिताब अपने नाम किया है। फाइनल मैच में हैरी केन ने हेट्रिक पूरा करते हुए बायर्न को लीग और कप ‘डबल’ दिलाया। केन ने 55वें, 80वें मिनट तथा अतिरिक्त समय में गोल करके लगातार दूसरे मैच में हेट्रिक किया।

10 मई, काठमांडू। बायर्न म्यूनिख ने स्टुटगार्ट पर जीत दर्ज करते हुए जर्मन डीएफबी पोकोल ट्रॉफी जीती है। फाइनल में हैरी केन के हेट्रिक की मदद से बायर्न ने स्टुटगार्ट को 3-0 के अंतर से हराते हुए लीग और कप ‘डबल’ पूरा किया। बर्लिन के ओलंपियास्थेडियम में शनिवार रात हुए इस खेल का पहला हाफ बिना गोल के बराबरी पर समाप्त हुआ। लेकिन दूसरे हाफ में केन ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 55वें मिनट में पहला गोल किया और बायर्न को बढ़त दिलाई। 80वें मिनट में केन ने दूसरा गोल किया, जबकि अतिरिक्त समय में पेनाल्टी से तीसरा गोल करते हुए हेट्रिक पूरा किया। दूसरे गोल में लुइस डियाज़ ने असिस्ट किया। इसके साथ ही केन ने लगातार दूसरे मैच में हेट्रिक किया है। इस सीज़न अब तक बायर्न म्यूनिख के लिए 51 मैचों में 61 गोल कर चुके केन का यह शानदार प्रदर्शन दर्शाता है। इससे पहले बायर्न म्यूनिख ने बुंडेसलीगा और जर्मन सुपरकप भी जीत रखा है। इस जीत के साथ बायर्न म्यूनिख ने अपने इतिहास में 21वीं बार जर्मन कप जीता है और 2019-20 के बाद पहली बार डीएफबी पोकोल खिताब हासिल किया है।

उपत्यकाका डीआईजी र ट्राफिक प्रमुख पुरस्कृत – Online Khabar

उपत्यका के डीआईजी और ट्रैफिक प्रमुख को सम्मान

१० जेठ, काठमाण्डौ। काठमाण्डौ उपत्यका प्रहरी कार्यालय रानिपोखरी में कार्यरत प्रहरी नायब महानिरीक्षक (डीआईजी) ओम अधिकारी और काठमाण्डौ उपत्यका ट्राफिक प्रहरी कार्यालय रामशाहपथ के प्रमुख एसएसपी (वरिष्ठ उपरीक्षक) नवराज अधिकारी को सम्मानित किया गया है। काठमाण्डौ उपत्यका प्रहरी कार्यालय रानिपोखरी ने इन दोनों को सम्मानित किया है। रानिपोखरी के प्रमुख तथा एआईजी (अतिरिक्त प्रहरी महानिरीक्षक) ईश्वर कार्की ने सम्मान प्रदान किया।

उन्होंने उत्कृष्ट कार्यसम्पादन के लिए सम्मानित किया गया, रानिपोखरी ने इस बात की जानकारी दी है। जेनबी आन्दोलन के बाद ओम अधिकारी उपत्यका प्रहरी कार्यालय में सेवा दे रहे हैं। एसएसपी अधिकारी ने जेनबी आन्दोलन के दौरान तहस-नहस हुए ट्राफिक कार्यालय को पुनः संचालित करने और ट्राफिक के मनोबल को ऊँचा करने में उत्कृष्ट भूमिका निभाई है।

उत्कृष्ट ट्राफिक प्रबंधन करने, अधीनस्थ कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने, ट्राफिक कार्यवाही और राजस्व वृद्धि में उल्लेखनीय योगदान देने के साथ-साथ चोरी और गायब हुए सवारी साधनों को खोज कर मालिकों को सुपुर्द करने के कार्य को उत्कृष्ट तरीके से करने के कारण सम्मानित किया गया है। लगभग एक महीना से एसएसपी अधिकारी उपत्यका ट्राफिक की कमान संभाल रहे हैं। जेनबी आन्दोलन के समय वे बिना सैन्य वर्दी, खाली पांव भी ट्राफिक सड़क ड्यूटी पर काम करते थे।

लाम्पाटा क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात

बाजुरा के हिमाली गाउँपालिका–३ के लाम्पाटा में सीमा विवाद के चलते कुटपिट की घटना के बाद अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। हुम्ला के खार्पुनाथ गाउँपालिका–२ के स्थानीय लोगों ने हिमाली–३ के वडा सदस्य पेमा गारा गुरुङ समेत पांच लोगों पर कुटपिट की थी। पुलिस निरीक्षक लक्ष्मीराज जोशी के नेतृत्व में 10 सदस्यों की एक टीम वस्तुगत स्थिति जानने के लिए लाम्पाटा गई, और घायल सभी का उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। 10 जेठ, धनगढी।

बाजुरा के हिमाली गाउँपालिका–३ के लाम्पाटा में सीमा विवाद को लेकर हुई कुटपिट की घटना के बाद वहां अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। हुम्ला के खार्पुनाथ गाउँपालिका–२ के स्थानीय लोगों के एक समूह ने हिमाली–३ के वडा सदस्य पेमा गारा गुरुङ समेत पांच व्यक्तियों को पीटा था। ‘हमारा सुदूरपश्चिम हम पहचानते हैं’ अभियान के अंतर्गत धनगढी के मेयर गोपाल हमाल के नेतृत्व में बनी टीम उनकी बाधा के कारण साइपाल बेसकैम्प तक नहीं पहुंच सकी और वापस लौट गई।

घटना के लगभग एक सप्ताह बाद जिला पुलिस कार्यालय बाजुरा से पुलिस निरीक्षक लक्ष्मीराज जोशी के नेतृत्व में 10 सदस्यों की टीम लाम्पाटा में स्थिति की जानकारी लेने के लिए भेजी गई है। जिला पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी, पुलिस निरीक्षक नरेशबहादुर शाही ने बताया कि लाम्पाटा की स्थिति जानने के लिए नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस की संयुक्त टीम वहां गई है। उनके अनुसार शनिवार को प्रस्थान हुई टीम रविवार को लाम्पाटा पहुंचेगी। सशस्त्र पुलिस की अगुवाई पुलिस सहायक निरीक्षक (असई) कर रहे हैं।

लाम्पाटा में पुलिस चौकी निर्माण और सीमा विवाद से सम्बंधित मामले में खार्पुनाथ के स्थानीय लोगों द्वारा की गई कुटपिट में घायल वडा सदस्य सहित मरीजों का इलाज काठमांडू में किया गया था। स्वास्थ्य सामान्य होने पर सभी घायल मरीजों को पुलिस ने डिस्चार्ज कर दिया है।