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लेखक: space4knews

भक्तपुर में बिस्का जात्रा (तस्वीरें)

समाचार सारांश

  • भक्तपुर में 26 चैत्र को बिस्का जात्रा की पूर्व संध्या पर पांचतले मंदिर परिसर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
  • नेवारी समुदाय ने धिमे बाजा के साथ नृत्य प्रस्तुत किए और सैकड़ों युवतियों ने हाकुपटासी पहनकर नृत्य किया।
  • कार्यक्रम में लकड़ी से बने पैगोडा शैली के भैरवनाथ के रथ को डोरी की सहायता से खींचकर जात्रा शुरू करने की परंपरा की चर्चा हुई।

26 चैत्र, काठमांडू। बिस्का जात्रा की पूर्व संध्या पर भक्तपुर में आज विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पांचतले मंदिर (थमारी) परिसर में श्री नाःस हैःमा बाजं समूह के आयोजन से यह विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया गया।

कार्यक्रम में नेवारी समुदाय ने एक साथ धिमे बाजा के साथ नृत्य प्रदर्शन किया।

हाकुपटासी पहने सैकड़ों युवतियों ने धिमे बाजा की ताल पर नृत्य प्रस्तुत किया।

पांचतले मंदिर के प्रत्येक तल और परिसर में उन्होंने बाजा और नृत्य प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक नृत्यों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे।

प्रति वर्ष इसी स्थान पर लकड़ी से बने पैगोडा शैली के भैरवनाथ के रथ को डोरी की मदद से खींचकर जात्रा शुरू करने की परंपरा है।

 

नेपाल ‘ए’ क्रिकेट टिमले पनि ओमान, स्कटल्यान्ड र अमेरिकासँग खेल्ने

नेपाल ‘ए’ क्रिकेट टीम ओमान, स्कॉटलैंड और अमेरिका के खिलाफ मुकाबला करेगी

नेपाल ‘ए’ क्रिकेट टीम ओमान, स्कॉटलैंड और अमेरिका के खिलाफ दो-दो एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने की योजना बना रही है। नेपाल क्रिकेट संघ ने मुलपानी क्रिकेट मैदान में आयोजित होने वाले इन मैचों का कार्यक्रम सार्वजनिक किया है। नेपाल ‘ए’ टीम २२ और २४ अप्रैल को ओमान से, ६ और ९ मई को स्कॉटलैंड से, तथा ७ और ११ मई को अमेरिका से मुकाबला करेगी।

२६ चैत्र, काठमाडौं। नेपाल ‘ए’ क्रिकेट टीम ओमान, स्कॉटलैंड और अमेरिका के खिलाफ एकदिवसीय मैच आयोजित करने वाली है। नेपाल की क्रिकेट लीग २ की आगामी दो श्रृंखलाओं में नेपाल ‘ए’ टीम भी प्रतिस्पर्धा करेगी। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने मुलपानी क्रिकेट मैदान में होने वाले इन मैचों की तालिका जारी की है।

तालिका के अनुसार, नेपाल ‘ए’ टीम प्रत्येक विरोधी टीम के साथ दो-दो मैच खेलेगी। पहला दो मुकाबला २२ और २४ अप्रैल को ओमान के खिलाफ होगा, जबकि ६ और ९ मई को स्कॉटलैंड से, और ७ तथा ११ मई को अमेरिका से मैच होंगे।

नेपाल ‘ए’ टीम ने हाल ही में भारत में जाकर असम के खिलाफ टी-20 श्रृंखला खेली थी। इस बार की श्रृंखला के लिए खिलाड़ी चयन अभी बाकी है।

लीग २ के अंतर्गत, नेपाल का मुख्य पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट टीम २५ अप्रैल से ५ मई तक ओमान और यूएई के खिलाफ मैच खेलेगी, जबकि १२ से २२ मई तक स्कॉटलैंड और अमेरिका से मुकाबला करेगी।

आंतरिक राजस्व विभाग ने नई आचार संहिता अपनाई

आंतरिक राजस्व विभाग ने २०७४ साल की पुरानी आचार संहिता को समाप्त करते हुए नई आचार संहिता को मंजूरी दी है। नए नियमों के अनुसार कर कर्मचारियों को राजनीतिक सदस्यता लेने और करदाताओं के साथ अवैध मुलाकातें करने से पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही, कर्मचारियों को सेवाग्रहियों से उपहार स्वीकार करने और सरकारी संपत्ति का व्यक्तिगत उपयोग करने से भी मना किया गया है। २६ चैत्र, काठमाडौं।

नई आचार संहिता में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारी करदाता या संबंधित पक्ष के साथ अनधिकृत मुलाकात नहीं कर सकते तथा करदाता के प्रतिनिधि या एजेंट के रूप में काम करना भी प्रतिबंधित किया गया है। पद के अधिकारों का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए और सेवाग्राही से किसी भी प्रकार के उपहार, दान, दातव्य या आतिथ्य स्वीकार करना भी निषेध है।

कार्य संपादन के दौरान सेवाग्राही से अवैध सुविधा लेना और सरकारी संपत्ति को व्यक्तिगत कार्यों में उपयोग करना मना है। कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी जिम्मेदारियों का पालन करेंगे तथा कार्यालय में निर्धारित पोशाक और कर्मचारी परिचय पत्र अनिवार्य रूप से पहनना होगा।

आचार संहिता कर्मचारीयों को भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी गतिविधि में संलग्न होने से रोकती है। हालांकि, कर कर्मचारी अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र में परामर्श देने, अध्ययन-शोध करने और अनुमति लेकर अध्यापन करने में स्वतंत्र रहेंगे।

जेनजी शहीद परिवार के अतिरिक्त सदस्यों को रोजगार प्रदान करने का निर्णय

नेपाल विद्युत प्राधिकरण संचालन समिति ने जेनजी आन्दोलन के अतिरिक्त ८ शहीद परिवार के सदस्यों को रोजगार प्रदान करने का निर्णय लिया है। ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय पारित किया गया। प्राधिकरण पहले ही २७ शहीद परिवार के सदस्यों को रोजगार देने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। २६ चैत, काठमांडू।

जेनजी आन्दोलन के शहीद परिवार के और सदस्यों को रोजगार प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ की अध्यक्षता में हुई नेपाल विद्युत प्राधिकरण संचालन समिति की बैठक में यह निर्णय सुनिश्चित किया गया। गत भाद्र २३ और २४ को जेनजी आन्दोलन हुआ था।

जेनजी आन्दोलन में घायल हुए लोगों को राहत देने से संबंधित कार्यविधि २०८२ की बिंदु संख्या ११ तथा नेपाल राजपत्र (खंड ७५, अतिरिक्तांक ३२, कार्तिक १७, २०८२ साल) में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार, ८ शहीद परिवार के सदस्यों को रोजगार प्रदान करने का निर्णय लिया गया है, जैसा कि ऊर्जा मंत्री के सचिवालय ने बताया। प्राधिकरण पहले ही २७ शहीद परिवार को रोजगार देने की प्रक्रिया में लगा हुआ है।

अतिरिक्त ८ शहीद परिवार के सदस्यों में रोजगार पाने वालों के नाम हैं: रोजित श्रेष्ठ बनस्थली, अम्बिका विश्वकर्मा (उदयपुर), सुमित्रा महत (सिन्धुपाल्चोक), शीतल पौडेल, मौसम कुलुङ (संखुवासभा), पार्वती अधिकारी (सर्लाही), हेमंती विष्ट (बझाङ) और मञ्जु पौडेल (लम्जुङ)।

ब्राजील की गेंदबाज़ लौरा कार्डोसो ने टी–20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पारी में 9 विकेट लेकर नया रिकॉर्ड बनाया

ब्राजील की गेंदबाज़ लौरा कार्डोसो ने टी–20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पारी में 9 विकेट लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लेसोथो के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने केवल 3 ओवर में 4 रन खर्च करते हुए टी–20 आई इतिहास की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन दी। ब्राजील ने 202 रन बनाए, जबकि लेसोथो सिर्फ 13 रन पर आउट हो गया और ब्राजील 189 रनों से जीत गया। 26 चैत्र, काठमांडू।

ब्राजील की महिला क्रिकेट टीम की गेंदबाज़ लौरा कार्डोसो ने टी–20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की। उन्होंने एक पारी में 9 विकेट लेकर टी–20 आई में ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। महिला और पुरुष दोनों पक्षों में पहले कभी ऐसा प्रदर्शन नहीं हुआ था। लेसोथो के खिलाफ मैच में कार्डोसो ने मात्र 3 ओवर में 4 रन देकर 9 विकेट लिए, जो टी–20 आई इतिहास की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है।

इससे पहले भूटान की सोनाम येशे ने 2025 में 8 विकेट लिए थे, जबकि महिला टी–20 आई में इंडोनेशिया की रोहमालिया रोहमालिया ने 7 विकेट का रिकॉर्ड बनाया था। मैच के पहले बल्लेबाजी करते हुए ब्राजील ने 202 रन बनाए। रोबर्टा एव्री ने 48 रन बनाए और मोनिके मचाडो ने नाबाद 69 रन की पारी खेली। जवाब में लेसोथो की टीम मात्र 13 रन तक ढेर हो गई, जिससे ब्राजील को 189 रनों से व्यापक जीत मिली।

फेसबुकदेखि लिङ्क्डइनसम्मबाट गुनासो संकलन – Online Khabar

सामाजिक नेटवर्क से शिकायत संग्रह में वृद्धि, हेलो सरकार और अधिक सक्रिय

सरकार के हेलो सरकार प्लेटफॉर्म पर बुधवार को कुल 1,224 शिकायतें आईं, जिनमें से 859 फोन कॉल के माध्यम से और 292 ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दर्ज की गई हैं। हेलो सरकार को सबसे अधिक शिकायतें पुलिस प्रशासन और धोखाधड़ी से संबंधित लेन-देन के क्षेत्र से मिली हैं, इसके अलावा वैदेशिक रोजगार और स्कूल शुल्क से जुड़ी शिकायतें भी संग्रहित हो रही हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अब सामाजिक नेटवर्क से आने वाली शिकायतों को भी शामिल करना शुरू कर दिया है और तीन पालियों में कर्मचारियों को तैनात कर 24 घंटे काम जारी रखा गया है।

26 चैत, काठमाडौँ – केवल बुधवार को ही सरकार के हेलो सरकार प्रणाली ने आम जनता से 1,224 शिकायतें और अनुरोध प्राप्त किए हैं। शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार शिकायतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। जनता की समस्याएं सुनने के उद्देश्य से स्थापित हेलो सरकार लगातार शिकायतों के संग्रहण में सक्रिय है। यह तरीका पिछले सरकारों द्वारा भी अपनाया गया था, लेकिन अब इसे और अधिक चुस्त और प्रभावी बनाया गया है।

फोन कॉल और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का विवरण देखें तो बुधवार को 859 फोन कॉल आए, जबकि 292 शिकायतें पोर्टल के जरिए संबंधित विभागों को भेजी गईं। शिकायतों को संबद्ध विभागों तक पहुंचाकर समाधान निकालने का कार्य जारी है, हेलो सरकार की टीम के कृषी थापाले जानकारी दी।

जनता केवल शिकायतें ही नहीं बल्कि सुझाव भी हेलो सरकार के जरिए दे रही है। इसलिए सामाजिक नेटवर्क को भी प्रणाली में शामिल कर इसे और अधिक जन-सुलभ और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रेस संयोजक सुरेन्द्र बजगाईं के अनुसार सामाजिक नेटवर्क से प्राप्त शिकायतों को थकाए बिना तीन पालियों में कर्मचारी तैनात कर 24 घंटे निरंतर काम किया जा रहा है।

‘स्पष्टीकरण देने का मौका नहीं मिला’ – मंत्री दीपककुमार साह का जवाब

समाचार सारांश

पेश किया गया, संपादकीय समीक्षा की गई।

  • प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने पार्टी की सिफारिश के बाद श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपककुमार साह को 13 दिनों में पद से हटा दिया है।
  • पदमुक्त साह ने कहा कि उन्हें उनकी क्षमता और योग्यता के आधार पर मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी, और हटाने का अधिकार प्रधानमंत्री और पार्टी दोनों का होता है।
  • साह ने बताया कि 13 दिनों में उन्होंने 15-16 काम किए, नए मंत्री से उन्हें कार्यान्वयन की उम्मीद है, और कहा कि विवाद में मीडिया का स्वर अधिक था।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपककुमार साह को पदमुक्त किया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सिफारिश के बाद प्रधानमंत्री शाह ने उन्हें 13 दिनों में हटा दिया। पदमुक्त साह के साथ कृष्णसिंह धामी ने साक्षात्कार किया, जिसमें उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी।

प्रधानमंत्री ने आपको मंत्री बने मात्र 13 दिन में पदमुक्त कर दिया। आपकी प्रतिक्रिया क्या है?

मैंने अपनी क्षमता और योग्यता दिखाकर मंत्रालय की जिम्मेदारी पाई थी। हटाने का अधिकार पार्टी और प्रधानमंत्री दोनों का होता है। वर्तमान परिस्थिति में अगर उन्हें हटाना जरूरी था तो ठीक है, इसे सकारात्मक रूप में लेना चाहिए। लेकिन, किसी भी स्पष्टीकरण के लिए बुलाया जाता तो अच्छा होता। अपनी बात रखने का अवसर मिलता तो बेहतर होता, बस यही चाहता हूँ।

क्या आपने आज ही से छुट्टी ली?

हां, आज ही से छुट्टी ले चुका हूँ। 13 दिनों में मैंने 15-16 काम किए हैं। अब वो कार्यान्वयन नए मंत्री करें, यही मेरी इच्छा है।

क्या पार्टी के साथ इस विषय में कोई बात हुई?

कोई बात नहीं हुई। मुझसे किसी ने कुछ नहीं पूछा, फैसला भी मैं न्यूज के थोड़ा पहले जान पाया, बस इतना ही।

आपकी पत्नी को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड में नियुक्ति को लेकर विरोध हुआ था?

यह कोई विवादास्पद मामला नहीं है। मेरी पत्नी बेहद सक्षम महिला हैं। वह टियू की गोल्ड मेडलिस्ट हैं, बैचलर्स और मास्टर्स में ग्लोबल मेडलिस्ट हैं। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है।

वर्तमान में वह लंदन के एक संस्थान के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ और विश्व स्वास्थ्य संगठन में ग्लोबल हेल्थ एडवोकेसी कर रही हैं। वह हेल्थ फाइनेंसिंग में भी दक्ष हैं और पहले से ही स्वास्थ्य बीमा बोर्ड की सदस्य थीं।

जब हम लंदन गए थे, उस समय वह मुझसे निरंतर संपर्क में नहीं थीं, लेकिन ऑनलाइन माध्यम से हमेशा जुड़ी रहती थीं। लंदन से लौटने के बाद मैं मंत्री बन गया, जो सौभाग्य की बात है।

13 दिन मंत्रालय का नेतृत्व करते हुए आपने कौन से सुधार किए? विवाद क्यों हुआ?

काम अच्छे चल रहे थे, लेकिन थोड़ा विवाद हुआ। मुझे लगता है मीडिया का स्वर अधिक था। मैं भी इंसान हूं और हर चीज़ को कंट्रोल नहीं कर सकता। मैं मीडिया मैनेजर नहीं हूं और मेरे पास सलाहकार भी नहीं है।

मैंने जो भी काम किया सब साफ तौर पर बताया। कुछ साथियों ने शायद इसे खबर बना दिया, लेकिन मैं अच्छा बोलने की कोशिश करता रहा। मुझे अपनी क्षमता पर भरोसा है। मैं स्कॉलरशिप पर पढ़ा हूँ।

मैं टीचिंग अस्पताल, आईओएम, बैचलर्स और मास्टर्स सभी स्कॉलरशिप से पढ़ा हूँ। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन में भी स्कॉलरशिप मिल चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और लंदन के स्वास्थ्य मंत्रालय में काम करने का अनुभव भी है।

लेकिन, अपने पक्ष को मीडिया में प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत नहीं कर पाया। इससे मुझे दुख हुआ है। मेरी सकारात्मक बातें छुपाकर लगातार नकारात्मक पक्ष को दिखाया गया जो मेरे लिए कठिन रहा।

अब सिर्फ सांसद के रूप में भूमिका निभाएंगे?

मैं पाँच साल के लिए निर्वाचित सांसद हूं। जो भी हो, मैं भरोसा दिलाना चाहता हूं कि एक अच्छे सांसद के रूप में काम करूंगा। विषयों पर बोलूंगा और समस्याओं को गंभीरता से आगे बढ़ाऊंगा। मैं भाषण में माहिर नहीं हूं, लेकिन जब बोलता हूं तो स्पष्ट बोलता हूं और घुमावदार शैली नहीं अपनाता।

13 दिन का कार्यकाल कैसा रहा, अनुभव कैसा लगा?

मैं सुबह 8 बजे से 11-12 बजे तक लगातार मंत्रालय में बैठकर काम करता था। पूरी मेहनत से डटा रहा। मेरी राय में अगर मेरा काम जारी रहता तो यह क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित होता। यह काम 3-4 महीने में किया जा सकता था और हम उसी दायरे में थे।

मलेशिया जैसे अन्य देशों में मैनपावर को कमीशन दिया जाता है। वहां मैंने भी कुछ काम किया है और वर्तमान में ऑक्यूपेशनल हेल्थ से जुड़ा निर्णय लिया है। हमने शव प्रबंधन और ट्रैकिंग सिस्टम बनाने का काम शुरू किया था।

बाहरी खोए या लौटना चाहने वाले लोगों के प्रबंधन के लिए डिजिटल तकनीक जोड़ी जा रही थी। मैंने 40 हजार पेंडिंग केस घटाए हैं और मंत्रालय की गति दस से सौ के स्तर तक पहुंचाई थी।

अगर सकारात्मक पहलू देखें तो मेरी अच्छी खूबियां भी हैं। अब क्या दिख रहा है मुझे नहीं पता। मैंने क्या गलती की? बुजुर्ग की नियुक्ति को लेकर भी विवाद हुआ। थोड़ा दुख हुआ है।

नेसनल प्याब्सन की चिंता: दो दिवसीय सार्वजनिक छुट्टियाँ शैक्षिक कैलेंडर पर दीर्घकालीन प्रभाव डाल सकती हैं

नेसनल प्याब्सन ने सरकार द्वारा लागू की गई दो दिवसीय सार्वजनिक छुट्टियों के कारण विद्यालय स्तर के शैक्षिक कैलेंडर पर दीर्घकालीन प्रभाव पड़ने की चेतावनी दी है। सरकार ने चैत्र २२ तारीख को निर्णय लिया कि सप्ताह में शनिवार और रविवार को सार्वजनिक छुट्टी घोषित की जाएगी और शैक्षिक सत्र वैशाख १५ से शुरू किया जाएगा।

नेसनल प्याब्सन की अध्यक्ष गीता राणा क्षेत्री और महासचिव प्रतापबहादुर थापा ने आज जारी एक विज्ञप्ति में कहा, “अतिरिक्त छुट्टियों के कारण निर्धारित पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा। नेपाल सरकार और मन्त्रिपरिषद ने पेट्रोलियम पदार्थों की खपत घटाने और वैदेशिक मुद्रा संरक्षित करने के लिए यह निर्णय लिया है।”

दैनिक मजदूरी पर निर्भर अभिभावकों के लिए दो दिवसीय छुट्टियों का प्रबंधन करना कठिन होगा और इससे सामाजिक तथा आर्थिक प्रभाव भी पड़ेगा, यह नेसनल प्याब्सन का मानना है। इन चुनौतियों के बावजूद, नेसनल प्याब्सन ने नए भर्ती को वैशाख २ से शुरू करके पढ़ाई शुरू करने का आग्रह किया है। शिक्षा नियमावली में कहा गया है कि एक शैक्षिक सत्र में कम से कम २२० दिनों का पठन-पाठन अनिवार्य है।

प्रविधिमार्फत सरकारलाई खबरदारी गर्न डिजिटल प्रतिपक्ष

डिजिटल प्रतिपक्ष की शुरुआत: प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकार को जागरूक करने का प्रयास

युवाओं ने रास्वपा नेतृत्व वाली सरकार के १०० दिन की प्रतिबद्धताओं को ट्रैक करने के लिए डिजिटल प्रतिपक्ष शुरू किया है। डिजिटल प्रतिपक्ष सरकार की १०० कार्यसूचियों को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ट्रैक करेगा। इसमें सांसदों की उपस्थिति, विधेयक ट्रैकिंग और नागरिक भागीदारी को प्रमुखता दी गई है। २६ चैत, काठमांडू। ‘गवर्नमेंट हंड्रेड प्रॉमिसेस इन हंड्रेड डेज!’ के नारे के साथ रास्वपा नेतृत्व की सरकार की हर प्रतिबद्धता को ट्रैक करने के उद्देश्य से युवाओं ने डिजिटल प्रतिपक्ष की स्थापना की है।

डिजिटल प्रतिपक्ष की पृष्ठभूमि में कहा गया है, ‘हमने देश में बदलाव की उम्मीद के साथ मतदान किया। लेकिन लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, यह पुनः जागरूकता और सवाल उठाने को प्रेरित करता है। सरकार ने १०० दिन का वचन दिया है, अब हम इसे विपक्षी दृष्टिकोण से देख कर जागरूक करने के लिए डिजिटल प्रतिपक्ष बना रहे हैं।’ इसी प्रकार वेबसाइट पर दिन/घंटा/मिनट/सेकंड के आधार पर सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा का काउंटडाउन दिखता है। वेबसाइट खोलने पर दिखने वाला संदेश ‘स्किप’ करने के बाद विस्तृत जानकारी देखी जा सकती है।

प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकार को जागरूक करना चाहने वाले ये युवा अपनी पहचान छुपाना चाहते हैं। वे तथ्यात्मक प्रश्न पृष्ठभूमि से उठाना चाहते हैं। उनके अनुसार, प्रौद्योगिकी की ताकत से किसी एक व्यक्ति का प्रचार जरूरी नहीं है। ‘हम हर संभव चेतावनी देंगे, लेकिन हम में से कोई नेता बनने का प्रयास नहीं करेगा। निष्पक्ष और पूर्वाग्रह रहित होकर सरकार को प्रश्न और जागरूकता देंगे,’ संचालकों में से एक युवा ने कहा।

संसद में विपक्ष कमजोर होने के बावजूद प्रौद्योगिकी के जरिए आम जनता की आवाज को मजबूत बनाना उनका लक्ष्य है। वे वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में सत्तारूढ़ पार्टी की गणितीय शक्ति अत्यंत प्रबल होने के कारण विपक्षी दलों की भूमिका सीमित होने और सरकार पर उठाए गए प्रश्नों के कमजोर होने का खतरा बढ़ रहा बताते हैं। लोकतंत्र में नागरिकों की ‘वॉचडॉग’ भूमिका को प्रभावी बनाने के लिए ‘डिजिटल प्रतिपक्ष’ शुरू किया गया है।

डिजिटल प्रतिपक्ष का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका ‘१०० वादा ट्रैकर’ है। यह सरकार में सहभागी दलों द्वारा किए गए वादों और प्रतिबद्धताओं को कागज पर ही नहीं बल्कि व्यवहार में लागू किए जाने को तथ्य और प्रमाणों के आधार पर सार्वजनिक करता है। यह सरकार की १०० कार्यसूचियों को ट्रैक कर उनके प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करेगा।

डिजिटल प्रतिपक्ष में प्रत्येक सांसद का विवरण रखा जाएगा। नागरिक यह आसानी से जान सकेंगे कि उनके प्रतिनिधि संसद में क्या भूमिका निभा रहे हैं, उनकी हाजिरी कैसी है और उन्होंने कितनी बार जनचाहना के विषय उठाए हैं। इसके लिए वेबसाइट पर आईडी बनाकर लॉगिन करना आवश्यक होगा। इसके अलावा, ‘विधेयक ट्रैकर’ के जरिए संसद में पेश किए गए विधेयकों का मसौदा से लेकर निर्णय प्रक्रिया तक संगठित अध्ययन किया जाएगा। इसका उद्देश्य नीतिगत भ्रष्टाचार और नागरिक-विरोधी कानून निर्माण को रोकने के लिए डिजिटल सतर्कता बनाए रखना है।

डिजिटल प्रतिपक्ष में सरकार द्वारा निर्धारित कार्यसम्पादन पूरा करने के लिए शेष समय काउंटडाउन के रूप में दिखाया जाएगा, जिससे नागरिक केवल देखने वाले नहीं बल्कि सीधे भागीदार बनकर जागरूक करने का अवसर पायेंगे। ‘नागरिक जनमत’ के माध्यम से शासन प्रक्रिया में सीधे भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर जनमत संग्रह कर सरकार और संसद तक विचार पहुंचाने का दावा किया गया है।

एक अन्य प्लेटफॉर्म ‘प्रतिपक्षडॉटकम’ भी सरकार के वादों को ट्रैक करता है और यदि वे सफल नहीं होते या असफल होते हैं तो तथ्य सार्वजनिक करता है। यह ‘जनता की आवाज, सत्ता का जवाब’ के नारे के तहत डिजिटल निगरानी द्वारा सरकार को जागरूक करने का लक्ष्य रखता है। इसमें प्रतिबद्धता, लागू किए गए काम और असफलताएँ शामिल हैं और यह सरकार का ‘प्रॉमिस ट्रैकर’ के रूप में कार्य करेगा।

मजबूत सरकार के साथ मजबूत विपक्ष की आवश्यकता बताते हुए ये युवा डिजिटल प्रतिपक्ष के जरिए सरकार को जागरूक करने की एक नई संस्कृति विकसित कर रहे हैं।

पाँचवाँ गुल्मी महोत्सव ११ वैशाख से शुरू होगा

गुल्मी उद्योग वाणिज्य संघ ११ वैशाख से २३ वैशाख तक तम्घास में पाँचवाँ गुल्मी महोत्सव आयोजित करने जा रहा है। महोत्सव में लगभग २५० स्टॉल लगाए जाएंगे और कृषि, पर्यटन तथा व्यापार क्षेत्र के प्रोत्साहन पर ध्यान दिया जाएगा। अध्यक्ष मृगेन्द्रप्रसाद श्रेष्ठ के अनुसार, महोत्सव आर्थिक गतिविधियों को उज्ज्वल बनाएगा और रोजगार सृजन करेगा।

गुल्मी की समग्र आर्थिक विकास और समृद्धि में सहायता के लिए पाँचवाँ गुल्मी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। ‘जिले की समृद्धि और विकास का मार्ग: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन आधारित व्यापार का विकास’ इस मुख्य नारे के साथ, गुल्मी उद्योग वाणिज्य संघ सदरमुकाम तम्घास में महोत्सव का आयोजन कर रहा है।

यह महोत्सव ११ वैशाख से २३ वैशाख तक चलेगा। महोत्सव को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए लगभग २५० स्टॉल लगाने की तैयारी की गई है। यहां विभिन्न व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कृषि, पर्यटन और व्यापार क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। अध्यक्ष श्रेष्ठ ने कहा कि महोत्सव जिले की आर्थिक गतिविधियों को गति देगा, रोजगार सृजित करेगा और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने में मदद करेगा।

गोकर्णेश्वर में दो लोगों पर चाकू से हमला, पांच गिरफ्तार

काठमांडू के गोकर्णेश्वर नगरपालिका-5, नईबस्ती क्लब के पास सड़क पर दो लोगों पर चाकू से हमला कर पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने एक समूह को हिरासत में लिया है। पुलिस वृत्त बौद्ध से भेजी गई टीम ने आज उक्त समूह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना की आगे जांच जारी रखने की जानकारी दी है। 26 चैत, काठमांडू।

काठमांडू के गोकर्णेश्वर नगरपालिका-5, नईबस्ती क्लब के पास सड़क पर पिटाई और चाकू से हमला करने वाले समूह को पुलिस ने हिरासत में लिया है। वृत्त बौद्ध से भेजी गई पुलिस टीम ने दो लोगों पर चाकू से हमला कर पिटाई करने के आरोप में उन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इस घटना की जांच अभी भी जारी है। 26 चैत, 2079।

रिहा हुए केपी ओली और रमेश लेखक को संभावित कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है

सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृहमंत्री रमेश लेखक को हिरासत से मुक्त कर दिया है, लेकिन कानून विशेषज्ञों ने कहा है कि उनके पुनः हिरासत में आने की संभावना टली नहीं है। पुलिस ने कहा है कि दोनों नेताओं के खिलाफ जांच अभी पूरी नहीं हुई है और आवश्यक होने पर उन्हें हाजिर होने की शर्त पर रिहा किया गया है। “दोनों को जांच में सहयोग करने और आवश्यक होने पर उपस्थित होने की जिम्मेदारी के साथ जमानत पर रिहा किया गया है,” जिला पुलिस परिसर काठमांडू के प्रवक्ता पवनकुमार भट्टराई ने बताया।

जनता जन आंदोलन के दौरान हुए बल प्रयोग और उनकी गिरफ्तारी के मामलों में सर्वोच्च अदालत ने अधिक समय लेकर उन्हें हिरासत में न रखने का आदेश जारी किया था। “सरकार ने पूर्वाग्रह और प्रतिशोध के तहत आपराधिक आरोप लगाकर १३ दिन तक गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा, लेकिन सबूत न होने के कारण मैं रिहा हुआ हूं,” ओली ने सोशल मीडिया पर लिखा है। गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में भर्ती हुए ओली ने कुछ दिन अस्पताल में ही रहने का बताया।

हालांकि, जांच में लगे एक सरकारी वकील ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि जांच अभी जारी है और सबूत इकट्ठे करने बाकी हैं। पुलिस ने कहा कि दोनों को जांच में रखा गया है तथा अतिरिक्त मामले दर्ज होंगे या नहीं इस पर अंतिम निर्णय बाकी है। “जांच जारी है इसलिए कितना समय लगेगा कहना संभव नहीं,” भट्टराई ने कहा।

पूर्व महान्यायवादी सुशील पंत के अनुसार सर्वोच्च अदालत के अतिरिक्त गिरफ्तारी रोकने के आदेश के बाद जांच खत्म नहीं होने तक उनकी हिरासत की संभावना कम है। “लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा,” पंत ने स्पष्ट करते हुए कहा, “मामला चलाने का फैसला आने और बयान खत्म होने तक उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा जा सकता है।”

संसद्को अधिवेशन भोलिदेखि अन्त्य हुने – Online Khabar

संसद का अधिवेशन कल से समाप्त होगा

राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने मंत्रिपरिषद की सिफारिश के अनुसार चैत २७ की रात १२ बजे से संघीय संसद के दोनों सदनों के अधिवेशन को समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मंत्रिपरिषद की चैत २४ की सिफारिश पर आधारित बताया गया है, जिसे राष्ट्रपति कार्यालय ने जानकारी दी है। अधिवेशन समाप्त करने का यह निर्णय नेपाल के संविधान की धारा ९३ उपधारा (२) के अंतर्गत लिया गया है।

संघीय संसद के दोनों सदनों का अधिवेशन कल से समाप्त होने जा रहा है। चैत २४ की मंत्रिपरिषद की सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने दोनों सदनों का अधिवेशन समाप्त करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार अधिवेशन समाप्ति का निर्णय शुक्रवार रात १२ बजे से प्रभावी होगा।

राष्ट्रपति पौडेल कल संघीय संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। निर्वाचन के बाद यह संघीय संसद का पहला सत्र है, जिसमें राष्ट्रपति द्वारा संबोधन का प्रावधान है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी अपने पास रखने का निर्णय लिया

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रिक्त नियुक्त श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी स्वयं अपने पास रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय दीपक कुमार साह को मंत्री पद से हटाए जाने के बाद मंत्रिपरिषद् के कार्यविभाजन में बदलाव के तहत किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय को सूचना भेजी गई है।

२६ चैत्र, काठमांडू। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने तत्काल के लिए श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी स्वयं संभालने का फैसला किया है। दीपक कुमार साह को मंत्री पद से हटाए जाने के बाद मंत्रिपरिषद् के भीतर कार्यविभाजन में संशोधन किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय को सूचित किया गया है और उसके आधार पर राष्ट्रपति ने कार्यविभाजन विनियमित किया है।

दीपक कुमार साह को आज गुरुवार को प्रधानमंत्री द्वारा पद मुक्त किया गया है। उनकी पदमुक्ति पार्टी रास्वपा के अध्यक्ष की सिफारिश और पद की गरिमा का उल्लंघन करने के आरोप पर की गई है।

भूमि व्यवस्था सचिव भुजेल ने सहकारी पीड़ितों के लिए कोष स्थापना की आवश्यकता जताई

भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मन्त्रालय के सचिव मदन भुजेल ने सहकारी पीड़ितों की बचत राशि वापस करने के लिए संघ, प्रदेश और स्थानीय स्तर पर कोष स्थापित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कोष की स्थापना कर छोटे सहकारी बचतकर्ताओं की राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, वहीं प्रदेश और स्थानीय सरकारों को भी अपने बजट से इसी तरह के कोष स्थापित करने चाहिए।

सचिव भुजेल ने सहकारी क्षेत्र में उत्पन्न समस्या को गंभीर बताया और कहा कि इसे केवल संघीय सरकार अकेले हल नहीं कर सकती। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम केंद्र में कोष स्थापित कर सहकारी सदस्यों की राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। यदि हमारी कार्यप्रणाली उपयुक्त साबित होती है तो प्रदेश और स्थानीय सरकारों को भी इसे अपनाना चाहिए।” इसके अलावा, आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में संघीय सरकार इस कोष में और अधिक राशि शामिल करने की तैयारी कर रही है।

सचिव भुजेल ने कहा कि सहकारी पीड़ितों को राशि वितरण के लिए कार्यप्रणाली बनाई गई है और प्रदेश तथा स्थानीय तह भी इसी तरह की कार्यप्रणाली विकसित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी समस्या राष्ट्रीय मुद्दा है और इसे विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में सचिव भुजेल ने यह भी बताया कि मालपोत और नापी से जुड़ी सेवाएं आगामी वर्ष से स्थानीय तह द्वारा ही शुरू की जाएंगी।