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लेखक: space4knews

उद्योग वाणिज्य महासंघ के तहत रोजगारदाता परिषद् का गठन प्रक्रिया पूरी हुई

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के तहत रोजगारदाता परिषद् का गठन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। महासंघ के अध्यक्ष अञ्जन श्रेष्ठ ने श्रम क्षेत्र में सुधार के लिए परिषद को नीतिगत पैरवी करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बैठक में बाबुकाजी कार्की को रोजगारदाता परिषद के उपसभापति के रूप में सर्वसम्मत रूप से मनोनीत किया गया है। ३२ असार, काठमाडौं।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अंतर्गत निजी क्षेत्र की श्रम एवं रोजगार से संबंधित नीति, सामाजिक संवाद एवं रोजगारदाता हितों का प्रतिनिधित्व करने वाला मुख्य संस्थागत संयंत्र रोजगारदाता परिषद् की स्थापना की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। आज महासंघ सचिवालय टेकु में आयोजित रोजगारदाता परिषद् की पहली बैठक में परिषद के सभापति प्रबलजंग पाण्डे की अध्यक्षता में गठित सदस्य को महासंघ अध्यक्ष अञ्जन श्रेष्ठ ने मनोनयन पत्र सौंपे।

अध्यक्ष श्रेष्ठ ने कहा कि श्रम और रोजगार क्षेत्र में सुधार, सुदृढ़ीकरण और उद्योग-व्यवसाय-मैत्री श्रम संबंध स्थापित करने में रोजगारदाता परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम पारिश्रमिक क्षेत्रगत आधार पर निर्धारित करने के विषय में मंत्रालय स्तर पर चर्चा जारी है। परिषद के सदस्यों ने निजी क्षेत्र की साझा धारणा तैयार कर प्रभावी नीतिगत पैरवी करने का आग्रह किया।

बैठक में महासंघ के विधान २०४९ (सातवाँ संशोधन) की धारा ४३.१ के अनुसार निर्वाचित एसोसिएट सदस्यों में से एक को उपसभापति के रूप में मनोनित करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत बाबुकाजी कार्की को उपसभापति पद के लिए सर्वसम्मत मंजूरी दी गई है। परिषद उद्योग-व्यवसाय-मैत्री श्रम वातावरण का निर्माण, निवेश और उद्यमशीलता के प्रचार-प्रसार, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता के विकास तथा सामाजिक न्याय समेत श्रम संबंधों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

२७ लाख स्मार्ट लाइसेन्स छपाई पूर्ण, नयाँ लाइसेन्स २४ घण्टाभित्र छपाइने

यातायात व्यवस्था विभागमा लामो समयदेखि रोकिएको २७ लाख स्मार्ट लाइसेन्सको छपाई सफलतापूर्वक सम्पन्न भएको छ। मन्त्रालयले विभागबाट प्राप्त विवरणका आधारमा २४ घण्टाभित्रै स्मार्ट लाइसेन्स छपाई सुनिश्चित गर्ने व्यवस्था मिलाएको छ। सुरक्षा मुद्रण केन्द्रमार्फत नागरिकता, राष्ट्रिय परिचयपत्र लगायतका सामग्री स्वदेशमै उत्पादन गर्ने तयारी सरकारले अघि बढाएको छ। ३२ असार, काठमाडौं।

लामो समयदेखि छपाई हुन बाँकी रहेको सवारी चालक अनुमतिपत्र (स्मार्ट लाइसेन्स) छपाई कार्य सम्पन्न भएको छ। अब नयाँ स्मार्ट लाइसेन्सका लागि यातायात व्यवस्था विभागबाट विवरण प्राप्त भएको २४ घण्टाभित्रै छपाई गरी विभागलाई उपलब्ध गराउने व्यवस्था गरिएको सूचना तथा सञ्चार मन्त्रालयले जनाएको छ। मन्त्रालयद्वारा बिहीबार जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार मन्त्रालय, सुरक्षा मुद्रण केन्द्र र पूर्वाधार विकास मन्त्रालयअन्तर्गत यातायात व्यवस्था विभागबीच भएका दुई चरणका सम्झौताअनुसार विभागबाट प्राप्त विवरणका आधारमा कुल २७ लाख स्मार्ट लाइसेन्स छपाई सम्पन्न गरिएको हो।

मन्त्रालयले यससँगै विगतदेखि रहेको लाइसेन्स छपाईको ‘ब्याकलग’ पूर्णरूपमा अन्त्य भएको जनाएको छ। पहिलो चरणमा १२ कात्तिक २०८२ मा गरिएको सम्झौताअनुसार तोकिएको समयमा १२ लाख स्मार्ट लाइसेन्स छापिएको थियो। त्यसपछि बाँकी आवेदनहरू व्यवस्थापन गर्न ४ वैशाख २०८३ मा दोस्रो चरणको सम्झौता गरी थप १५ लाख अनुमतिपत्र छापिने काम सुरु गरिएको थियो। दोस्रो चरणको काम पनि ३२ असार २०८३ मा सम्पन्न भएसँगै कुल २७ लाख स्मार्ट लाइसेन्स छपाई सकिएको मन्त्रालयले जनाएको छ।

हाल सुरक्षा मुद्रण केन्द्रले ट्रायल परीक्षा उत्तीर्ण गरी राजस्व बुझाएका तथा अनुमतिपत्र नवीकरण गरेका सेवाग्राहीहरूको यातायात व्यवस्था विभागबाट दैनिक प्राप्त हुने करिब ३ हजारदेखि ५ हजार विवरणका आधारमा २४ घण्टाभित्र स्मार्ट लाइसेन्स छापेर विभागलाई हस्तान्तरण गर्दै आएको पनि मन्त्रालयले जनाएको छ। यस व्यवस्थाबाट नयाँ लाइसेन्स वितरण प्रक्रिया थप छिटो र व्यवस्थित भएको छ। मन्त्रालयका अनुसार सुरक्षा मुद्रण केन्द्रमार्फत अब सातै प्रदेश सरकार तथा सम्बन्धित यातायात मन्त्रालयसँग समन्वय गरी सवारी चालक अनुमतिपत्र छपाइसम्बन्धी सम्झौता गर्ने तयारी भइरहेको छ।

सूचना तथा सञ्चार मन्त्री डा. विक्रम तिमिल्सिनाको विशेष पहल, निरन्तर समन्वय र उच्च प्राथमिकताका कारण लामो समयदेखि छपाई हुन बाँकी रहेका सबै २७ लाख सवारी चालक अनुमतिपत्र छपाई सम्पन्न भएको हो। सञ्चार मन्त्री तिमिल्सिनाले पदभार ग्रहण गरेदेखि नै नागरिकहरूलाई सहज र समयमा सेवा पाउनुपर्ने विषयलाई प्राथमिकतामा राख्दै स्मार्ट लाइसेन्सको वर्षौँदेखिको ब्याकलग अन्त्यलाई मन्त्रालयको मुख्य कार्यसूचीमा राखेका थिए। सुरक्षा मुद्रण केन्द्रका अनुसार सवारी चालक अनुमतिपत्रसँगै नागरिकता, राष्ट्रिय परिचयपत्र, अन्तःशुल्क स्टिकर, हुलाक टिकट तथा जग्गाधनी प्रमाणपत्र लगायत सुरक्षा मुद्रण सामग्री पनि स्वदेशमै उत्पादन गर्ने तयारी भइरहेको छ। यस्ता सुरक्षा मुद्रण सामग्री स्वदेशमै उत्पादन हुन थालेपछि विदेशिने करोडौँ रुपैयाँ बचत हुनुका साथै स्वदेशभित्रै पूँजी परिचालन, रोजगारी सिर्जना र गुणस्तरीय सार्वजनिक सेवा प्रवाहमा महत्त्वपूर्ण योगदान पुग्ने मन्त्रीले बताएका छन्।

२७ लाख स्मार्ट लाइसेन्स छपाइ कार्य सम्पन्न, अब २४ घण्टाभित्र नयाँ छपाइ सुनिश्चित

समाचार सारांश

OK AI द्वारा तयार, सम्पादकीय समीक्षा।

  • यातायात व्यवस्था विभाग में लंबे समय से रुका हुआ २७ लाख स्मार्ट लाइसेन्स छपाई सफलतापूर्वक पूरी हुई है।
  • मंत्रालय ने विभाग से प्राप्त विवरण के आधार पर २४ घंटे के भीतर स्मार्ट लाइसेन्स छपाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था की है।
  • सरकार ने नागरिकता, राष्ट्रीय परिचय पत्र सहित अन्य सुरक्षात्मक मुद्रण सामग्री देश में ही उत्पादन करने की तैयारी भी शुरू की है।

३२ आसार, काठमांडू। लंबे समय से छपाई के लिए बचे हुए सवारी चालक अनुमतिपत्र (स्मार्ट लाइसेन्स) की छपाई कार्य सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है।

अब नई स्मार्ट लाइसेन्स के लिए यातायात व्यवस्था विभाग से प्राप्त विवरण मिलने के २४ घंटे के भीतर ही छपाई कर विभाग को उपलब्ध कराने की व्यवस्था सूचना तथा संचार मंत्रालय ने की है।

मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्रालय, सुरक्षा मुद्रण केंद्र और पूर्वाधार विकास मंत्रालय के अधीन यातायात व्यवस्था विभाग के बीच हुई दो चरणों की समझौतों के आधार पर कुल २७ लाख स्मार्ट लाइसेन्स की छपाई पूरी की गई है। मंत्रालय ने साथ ही कहा कि इससे लाइसेन्स छपाई का पुराना बैकलॉग पूरी तरह समाप्त हो गया है।

पहले चरण में १२ कार्तिक २०८२ को हुए समझौते के तहत निर्धारित समय पर १२ लाख स्मार्ट लाइसेन्स छापे गए थे। इसके बाद शेष आवेदनों के प्रबंधन के लिए ४ वैशाख २०८३ को दूसरे चरण का समझौता किया गया और अतिरिक्त १५ लाख लाइसेन्स छापने का काम शुरू हुआ था।

दूसरे चरण का काम ३२ आसार २०८३ को पूरा होने के साथ ही कुल २७ लाख स्मार्ट लाइसेन्स की छपाई पूरी कर ली गई है, मंत्रालय ने बताया।

वर्तमान में सुरक्षा मुद्रण केंद्र द्वारा ट्रायल परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले और राजस्व भुगतान करने वाले, तथा लाइसेन्स नवीनीकरण करवाने वाले सेवाग्राहियों के लिए यातायात विभाग से प्रतिदिन लगभग ३ हजार से ५ हजार विवरण प्राप्त होते हैं, जिनके आधार पर २४ घंटे के भीतर स्मार्ट लाइसेन्स छपाई कर विभाग को हस्तांतरण किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इस प्रणाली से नई लाइसेन्स वितरण प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित हुई है।

मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा मुद्रण केंद्र अब सातों प्रदेश सरकारों और संबंधित यातायात मंत्रालयों के साथ समन्वय में सवारी चालक अनुमतिपत्र छपाई के लिए समझौते करने की तैयारी कर रहा है।

सूचना एवं संचार मंत्री डॉ. विक्रम तिमिल्सिना की विशेष पहल, निरंतर समन्वय और उच्च प्राथमिकता के कारण लंबे समय से रुके हुए २७ लाख सवारी चालक अनुमतिपत्र की छपाई पूरी हुई है।

संचार मंत्री तिमिल्सिना ने पदभार ग्रहण करते ही नागरिकों को सरल और समय पर सेवा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देते हुए स्मार्ट लाइसेन्स के वर्षों पुराने बैकलॉग को खत्म करना मंत्रालय की मुख्य कार्यसूची में रखा था।

सुरक्षा मुद्रण केंद्र के अनुसार, सवारी चालक अनुमतिपत्र के साथ ही नागरिकता, राष्ट्रीय परिचय पत्र, अंतःशुल्क स्टिकर, डाक टिकट और भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र जैसी सुरक्षित मुद्रण सामग्री भी देश में ही उत्पादित करने की तैयारी चल रही है।

ऐसी सुरक्षा मुद्रण सामग्री देश में उत्पादित होने से विदेश जाने वाले करोड़ों रुपयों की बचत होगी, साथ ही देश के अंदर पूंजी निवेश, रोजगार सृजन और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा, मंत्री ने कहा।

यक्ष प्रश्नों की उत्पत्ति

मेरे दो हाथ हैं। तेरे भी दो हाथ हैं। मेरे दो पैर हैं। तेरे भी दो पैर हैं। मैं बोलता हूँ। तू भी बोलता है। मेरा नाम है। तेरा भी नाम है। मैं सांस लेता हूँ। तू भी लेता है। मैं मानव हूँ। तू भी मानव है। लेकिन मुझमें और तुझमें क्या अंतर है? इसलिए, मेरा दिल और मस्तिष्क काम कर रहे हैं। मेरे हाथ और पैर सक्रिय हैं। मेरे शरीर की नसें भावविहीन हैं। मैं निस्संदेह स्तब्ध हूँ।

हजारों वर्षों से छुआछूत का खेल चलता आ रहा है। भगवान ने बनाए संसार के सभी मानव समान हैं। फिर भी इंसानों में विभिन्न प्रकार के भेदभाव क्यों हैं? यह अपमान और तिरस्कार कब तक चलेगा? यह प्रश्न स्वयं में यक्ष प्रश्न बन चुका है। भगवान बुद्ध की पवित्र भूमि में सामाजिक द्वेष और भेदभाव? जगत जननी सीता माता की पावन भूमि में अत्याचार, अन्याय, बलात्कार और उत्पीड़न? भगवान पशुपतिनाथ के देश में धर्म, संस्कृति और रीति-रिवाज के नाम पर घृणा, हिंसा और क्रूरता? आखिरकार ये सब कब तक? यह प्रश्न स्वयं में यक्ष प्रश्न बन चुका है।

पशु-पक्षी और वनस्पतियों में कोई छुआछूत नहीं है। वर्ण और बनावट केवल जीवों का खेल है, सृजित फिनोटाइपिक विविधता है। मानव जाति में 99 प्रतिशत आनुवंशिक समानता मौजूद है। सभी मनुष्यों को भगवान ने समान रूप से बनाया है। तो फिर मानव जाति में छुआछूत और भेदभाव क्यों? यह प्रश्न स्वयं में यक्ष प्रश्न बन चुका है।

भारत ने चिप उत्पादन बढ़ाने के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये की ‘सेमिकन 2.0’ योजना को मंजूरी दी

भारतीय मंत्रिपरिषद् ने देश के सेमिकंडक्टर क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये की “इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन” (ISM 2.0) को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत चिप निर्माण के लिए आवश्यक मशीन, विशेष रसायन और कच्चे माल के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देते हुए आयात कम करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार यह कार्यक्रम छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगा, जिससे साल 2030 तक चिप मार्केट 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

भारतीय मंत्रिपरिषद् ने “इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन” (ISM 2.0) के दूसरे चरण को मंजूरी दी है। 15 जुलाई को सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ यह योजना स्वीकृत की गई है। यह राशि पहले चरण की स्वीकृत राशि (76 हजार करोड़ रुपये, दिसंबर 2021 में स्वीकृत) से कहीं अधिक है। दूसरे चरण में भारत चिप बनाने वाली बड़ी कंपनियां स्थापित करने की बजाय देश के भीतर ही चिप उत्पादन के लिए आवश्यक पूरा सिस्टम (इकोसिस्टम) विकसित करने का लक्ष्य रखता है।

इसके अंतर्गत चिप बनाने वाली मशीन/उपकरण, विशेष रसायन (स्पेशिलिटी केमिकल्स), आवश्यक कच्चे माल और आधुनिक पैकेजिंग तकनीक के स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे विदेश से होने वाले आयात में कमी आएगी। इससे पहले 31 मार्च को गुजरात के साणंद में कैन्स सेमिकन का प्लांट उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) से जोड़ने के लिए देश के अंदर मजबूत वातावरण तैयार करने पर जोर दिया था।

उनके अनुसार भारत का चिप बाजार वर्तमान में लगभग 45-50 बिलियन डॉलर के बराबर है और दशक के अंत तक यह 100 बिलियन डॉलर से अधिक हो जाएगा। इसलिए इसका बड़ा हिस्सा घरेलू उत्पादन से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘सेमिकन 2.0’ की अवधारणा भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में प्रस्तुत किए गए बजट के माध्यम से सार्वजनिक की थी, जिसमें इसके लिए प्रारंभिक रूप से लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का उल्लेख किया गया था।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार ‘सेमिकन 2.0’ छह स्तंभों पर आधारित होगा। पहला, नए चिप डिजाइन कंपनियों और स्टार्टअप्स को बाजार तक पहुंचने में सहायता देने की रणनीति। दूसरा, चिप उत्पादन के लिए आवश्यक मशीन, रसायन और गैस के स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहन। तीसरा, नए सिलिकॉन, कंपाउंड सेमिकंडक्टर और डिस्प्ले फैक्ट्रियों को भारत में लाने का प्रयास। चौथा, चिप परीक्षण, पैकेजिंग सहित सुविधाओं का विस्तार। पांचवां, उन्नत तकनीक (नोड) पर काम, जिसमें अत्याधुनिक चिप (2 नैनोमीटर जैसे) तकनीक का विकास भी शामिल है। छठा, इस क्षेत्र के लिए आवश्यक दक्ष जनशक्ति तैयार करने की रणनीति।

भारत की इस नई नीति में अमेरिका, यूरोप, जापान और सिंगापुर जैसे विकसित देशों की कंपनियों ने भी रुचि दिखाई है। ‘इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमिकंडक्टर एसोसिएशन’ के अध्यक्ष अशोक चंदक के अनुसार इस संबंध में विभिन्न देशों के साथ सरकारी और व्यावसायिक स्तर पर साझेदारी के अवसर सकारात्मक रूप से बढ़ रहे हैं।

सोनाक्षी सिन्ही ने फेसबुक पर वीडियो के जरिए सोनम वांगचुक का समर्थन किया

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्ही ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं। वह और ‘ककरोज जनता पार्टी’ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांग रहे हैं। सोनाक्षी ने फेसबुक पर 2 मिनट 41 सेकेंड का वीडियो जारी कर अपनी बात कही। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, ‘शायद मुझे यह बयान नहीं देना चाहिए था, लेकिन मैं खुद को रोक नहीं पा रही हूँ।’

सोनाक्षी ने वांगचुक के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा, ‘सोनम वांगचुक को हम सभी जानते हैं। उन्होंने हमारे देश के लिए जो कुछ किया है और उनकी उपलब्धियां सभी को पता हैं। उन्होंने कई पुरस्कार भी जीते हैं।’ वांगचुक के अनशन के 18वें दिन का जिक्र करते हुए सोनाक्षी ने कहा, ‘आज वे 18 दिन से अनशन पर हैं। उन्होंने कुछ भी नहीं खाया है। वे अनशन पर क्यों हैं? यह उनके लिए उन बच्चों के भविष्य के लिए है जिन्हें वे नष्ट होते देख रहे हैं। वे उन बच्चों के लिए लड़ रहे हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई। वे ऐसे सिस्टम के खिलाफ लड़ रहे हैं जो प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा है।’

सोनाक्षी ने लोगों की मौनता पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘हम सभी उन्हें जानते हैं, पर वे हमें नहीं जानते। इसके अलावा, यह देश और इसका भविष्य के लिए वे 18 दिन से भूखे हैं। और इतने सारे लोग चुप्पी साधे हुए हैं।’ अंत में अपना समर्थन जताते हुए उन्होंने कहा, ‘अब जो कुछ भी होना है, होगा। मैं निराश नहीं हूँ, लेकिन चुप नहीं बैठ सकती। यह व्यक्ति अकेले लड़ रहा है, हालांकि ‘ककरोज जनता पार्टी’ भी उनके साथ है। मैं देश के युवाओं को बधाई देना चाहती हूँ जिन्होंने अपनी आवाज़ उठाई है। वे अच्छे कारणों के लिए लड़ रहे हैं, पर क्यों कोई उनकी बात नहीं सुन रहा?’

फ्लोरिडा के समुद्री तट पर कम ऊंचाई पर उड़ते विमान का मनमोहक दृश्य

अमेरिका के फ्लोरिडा में, लोगों ने भरपूर भीड़ वाले समुद्री तट के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ते हुए एक विमान का आकर्षक नजारा देखा है। ब्लू एन्जल्स स्क्वाड्रन के अधिकारी इस घटना का अध्ययन कर रहे हैं।

अमेरिका ने इरान पर नया हवाई हमला किया, ट्रंप ने इरान को बेहतर व्यवहार करने की चेतावनी दी

अमेरिका ने बुधवार रात इरान के सैन्य कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन केंद्रों को निशाना बनाकर एक नया हवाई हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वार्ता में नहीं आए तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी। इरान के संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगर गालिबाफ ने कहा है कि यदि समझौते से लाभ नहीं होता है, तो उसे स्वीकार करने का कोई कारण नहीं है।

अमेरिकी सैन्य संगठन सेंटकाम ने इस नए हमले के बारे में जानकारी दी है। सेंटकाम के अनुसार, इस हमले का लक्ष्य इरान में मौजूद सैन्य कमांड सेंटर, वायु सुरक्षा ठिकाने, मिसाइल, ड्रोन केंद्र और तटीय निगरानी केंद्र थे। सेना ने बताया कि ये हमले अब समाप्त हो चुके हैं। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य इरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।

अमेरिका का दावा है कि इरान होरमुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और उनकी चालक टीम के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इससे पहले इरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया था। इस दावे के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की।

ट्रंप ने मंगलवार देर रात इरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, “अगर इरान अगले सप्ताह वार्ता में नहीं आता है तो हम उनके पुलों और बिजली घरों पर हमले करेंगे।” बुधवार देर रात पत्रकारों ने उनसे इस चेतावनी की समयसीमा के बारे में पूछा, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “मैं समयसीमा तय करना पसंद नहीं करता, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए… उन्हें बेहतर व्यवहार करना होगा।”

केन्जो फूलों से सजी तिम्बुङ पोखरी में पर्यटकों की बढ़ती चहलपहल

पाँचथर और ताप्लेजुङ की सीमा पर स्थित तिम्बुङ पोखरी में पिरामिड आकार के केन्जो फूल खिलने के साथ ही यहां पर्यटकों की चहलपहल बढ़ने लगी है। समुद्र तल से 3335 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अमिर राई के अनुसार, पर्यटकों के आगमन के कारण यहां के होमस्टे व्यस्त हो रहे हैं और पदयात्रा का शौक रखने वाले लोगों के लिए यह क्षेत्र एक उत्कृष्ट गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है। 32 असार, पाँचथर।

तिम्बुङ पोखरी अब फिर से पर्यटकों का मुख्य आकर्षण बन गया है। मानसून के साथ यहां पिरामिड आकार के केन्जो फूल खिलने से यह हिमालयी स्थल नई पहचान हासिल कर रहा है। हरियाली से भरे डाँडाकाँड़े, ठंडी हवा, खुले खर्क और हिमालयी जीवनशैली से सजी यह जगह अब प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनोखा गंतव्य बन गई है। यहां आने वाले यात्रियों का प्रकृति खुले दिल से स्वागत करती है। चारों ओर फैले हरे-भरे पहाड़, कुहिरो की छटा, खुले लेकाली खर्क और बीच में स्थित शांत पोखरी इस क्षेत्र के वातावरण को जीवंत बनाते हैं।

तिम्बुङ क्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण केन्जो फूल है। पिरामिड आकार के ये फूल पहाड़ों को रंगीन कर देते हैं। इनके खिलने के साथ ही तिम्बुङ का घूमने का मुख्य मौसम भी शुरू हो जाता है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायी अमिर राई के मुताबिक, नेपाल के विभिन्न जिलों के साथ-साथ भारत के सिक्किम से भी पर्यटकों का आना लगातार जारी है। तिम्बुङ की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है और हर साल नए पर्यटक यहां आते हैं। तिम्बुङ केवल प्राकृतिक सौंदर्य का स्थल ही नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और परंपरा का भी केन्द्र है। स्थानीय समुदाय यहां पोखरी में पूजा–आराधना की परंपरा आज भी कायम रखे हुए हैं।

एन्डी बर्नम: ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री कौन हैं?

ब्रिटेन के आगामी प्रधानमंत्री एन्डी बर्नम कौन हैं? ५२ वर्षीय एन्डी बर्नम ब्रिटेन के ५९वें प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावना रखते हैं। लेबर पार्टी के सांसदों ने उन्हें पार्टी नेतृत्व के लिए पूर्ण समर्थन दिया है, जिसने इस संभावना को वास्तविक कर दिया है। बर्नम पिछले वर्षों में पार्टी नेतृत्व के लिए दो बार चुनाव हार चुके हैं। लेकिन कीर स्टार्मर के पदत्याग के बाद, बर्नम के लिए लेबर पार्टी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री पद का रास्ता खुल गया है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी भान्सका अनुसार इजरायलीहरू युद्धलाई लम्ब्याउन चाहन्छन्

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी भान्सले आरोप लगाएका छन् कि इजरायली सरकारका केही पक्षहरूले इरानसँगको युद्धलाइँ लम्ब्याउन अमेरिकी नीति र जनमतमा प्रभाव पार्ने प्रयास गरिरहेका छन्। ‘द जो रोगन एक्सपिरियन्स पोडकास्ट’ मा भान्सले बताए कि इजरायलले कुनै स्पष्ट उद्देश्यविना सैन्य अभियानलाई अनिश्चितकालसम्म जारी राख्न खोजिरहेको छ। यो टिप्पणी यस्तो समय सार्वजनिक भएको हो जब अमेरिका र इरानबीच मिलेर रहन नसक्ने तनाव छ र दुबै पक्षका सैन्य ठेगानामा आक्रमण भइरहेका छन्।

३२ असार, काठमाडौं। उपराष्ट्रपति भान्सले भन्नुभयो कि इजरायली सरकार र समाज भित्र केही समूहहरू छन् जो इरानसँगको युद्धलाई अनावश्यक रूपमा लम्ब्याउन चाहन्छन्। उनका अनुसार ती तत्वहरूले अमेरिकी नीतिमा परिवर्तन ल्याउन र जनमत प्रभाव पार्न सक्रिय रूपमा प्रयास गरिरहेका छन्। बुधबार प्रसारित ‘द जो रोगन एक्सपिरियन्स पोडकास्ट’ मा भान्सले भने, ‘मलाई कुनै शंका छैन कि इजरायली सरकारले आफ्नो नीतिलाई बदल्न खोजिरहेका केही मानिसहरू छन्, किनभने उनीहरू सैन्य अभियानलाई निरन्तरता दिन चाहन्छन्।’

उनी थप्छन् कि इजरायली प्रणालीका कतिपय व्यक्तिले अमेरिकामा जनमत प्रभाव पार्न र दिशा परिवर्तन गर्न कोशिश गरिरहेका छन् र अमेरिकालाई यसमा पूर्ण विश्वस्तता छ। भान्सका अनुसार, यो प्रयास कुनै स्पष्ट उद्देश्य हासिल गर्न नभएर केवल युद्धलाई अनिश्चितकालसम्म लम्ब्याउन गरिएको हो। आजको तनावपूर्ण परिस्थितिमा, जहाँ इरानले मध्यपूर्वमा रहेका अमेरिकी सैन्य ठेगानामा हमला गरेका छन् र अमेरिका पनि इरानी सैन्य शक्तिमाथि आक्रमण गरेको दाबी गरिरहेको छ, भान्सको यो टिप्पणी अझ महत्वपूर्ण बनेको छ।

नेपाल दूरसञ्चार प्राधिकरणमा चार नयाँ सदस्य नियुक्त

सूचना तथा सञ्चार मन्त्रालयले नेपाल दूरसञ्चार प्राधिकरणमा चार नयाँ सदस्यहरू नियुक्त गरेको छ। प्राधिकरणमा क्षेत्रगोपाल प्रधान, अनन्त मल्लिक, निलमकुमार ओझा र सुजिता श्रेष्ठ सदस्यका रूपमा नियुक्त भएका छन्। सञ्चारमन्त्री डा. विक्रम तिमिल्सिनाले नवनियुक्त सदस्यहरूलाई देश र जनतालाई केन्द्रमा राखेर नतिजामुखी भएर जिम्मेवारी निर्वाह गर्न निर्देशन दिनुभएको छ। (३२ असार, काठमाडौं)

नेपाल दूरसञ्चार प्राधिकरणमा चार सदस्य नियुक्ति भएका छन्। सूचना तथा सञ्चार मन्त्रीस्तरको निर्णयअनुसार प्राधिकरणमा चार जना नयाँ सदस्य थपिएका छन्। प्राधिकरणको लेखा तथा लेखापरीक्षणतर्फ क्षेत्रगोपाल प्रधान, प्राविधिक तथा प्रशासनतर्फ अनन्त मल्लिक, कानुनतर्फ निलमकुमार ओझा र बजार व्यवस्थापनतर्फ सुजिता श्रेष्ठ सदस्य पदमा नियुक्त भएका छन्।

नवनियुक्त सदस्यहरूलाई निर्देशन दिनुहुँदै सूचना तथा सञ्चार मन्त्री डा. विक्रम तिमिल्सिनाले प्राधिकरण दूरसञ्चार क्षेत्रको विकास, विस्तार तथा नियमनसँग प्रत्यक्ष रूपमा जोडिएको महत्वपूर्ण निकाय भएकाले देश र जनतालाई केन्द्रमा राखेर जिम्मेवारी निर्वाह गर्नुपर्ने बताउनुभएको छ। ‘तपाईंहरू जस संस्थाका लागि काम गर्नुहुन्छ, त्यहाँ देश र जनतालाई केन्द्रमा राखेर काम गर्नुहोस्। यो संस्था र पद अत्यन्त महत्वका साथ हेरिएको हो। तपाईंहरूको कामले भविष्यको दूरसञ्चार क्षेत्रको विकास निर्धारण गर्ने भएकाले जिम्मेवार र नतिजामुखी भएर काम गर्नुस्,’ सञ्चारमन्त्री डा. तिमिल्सिनाले भन्नुभयो।

कांग्रेस-एमाले संघर्ष के कारण सातों प्रदेशों में सरकार में बदलाव के आसार

इस सप्ताह कर्णाली प्रदेश में नेकपा एमाले नेतृत्व वाली सरकार से नेपाली कांग्रेस के मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। सुदूरपश्चिम प्रदेश में नेपाली कांग्रेस की नेतृत्व वाली सरकार से नेकपा एमाले के मंत्रियों को बर्खास्त किया गया है और एमाले ने सरकार को दिया समर्थन वापस ले लिया है। इन दो प्रदेशों की घटनाओं ने सातों प्रदेशों पर प्रभाव डालने की संभावना जताई जा रही है।

पिछले समय संघीय सरकार के नेतृत्व बदलने पर नेपाली कांग्रेस और नेकपा एमाले के बीच सहमति हुई थी, जिसके तहत केंद्र में केपी ओली प्रधानमंत्री बने और सातों प्रदेशों में दोनों दलों की साझा सरकारें बनीं। लेकिन पिछले वर्ष भदौ में जेएनयू आंदोलन के बाद ओली सरकार गिर गई। वर्तमान में प्रदेशों में दोनों दलों की सरकारें संकट में हैं। मधेश, बागमती, गण्डकी, और सुदूरपश्चिम में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं जबकि कोशी, लुम्बिनी, और कर्णाली में एमाले के मुख्यमंत्री हैं। नेपाली कांग्रेस के महामंत्री ने वर्तमान परिस्थिति में प्रदेश सरकारों के टिके रहने की संभावनाएं कम बताई हैं।

नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने प्रदेश सरकारों में अस्थिरता को एमाले की असहयोगी नीति का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा, “सुदूरपश्चिम प्रदेश में बजट को लेकर समस्या आई थी। इसे हल करने के लिए हमारे पास समय था, लेकिन एमाले की ओर से इसे नजरअंदाज किया गया।” उन्होंने कांग्रेस के सामने दो विकल्प बताए। “अब गठबंधन को लगातार बनाए रखना कम संभव है। अगर वे वामपंथी गठबंधन बनाकर सरकार बनाना चाहते हैं तो हम इसका समर्थन करने के लिए तैयार हैं।”

इरान में हिरासत में अमेरिकी नागरिक डेना करारी रिहा, ट्रम्प ने की प्रशंसा

समाचार सारांश

समीक्षा करके प्रस्तुत।

  • इरान ने दिसंबर 2024 से हिरासत में रखी गई अमेरिकी-इरानी नागरिक डेना करारी को रिहा किया है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर यह पुष्टि की कि वह महिला सुरक्षित रूप से इरान से बाहर आ गई हैं।
  • राष्ट्रपति ट्रम्प ने इरान के इस कदम की सद्भावना के उदाहरण के रूप में प्रशंसा की है।

इरान ने दिसंबर 2024 से हिरासत में रखी गई अमेरिकी-इरानी नागरिक डेना करारी को रिहा किया है। इस बात की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की है।

ट्रम्प के अनुसार, वह महिला अब सुरक्षित रूप से इरान से बाहर हैं और वे स्वस्थ हैं। ट्रम्प ने गुरुवार को इरान के इस कदम की प्रशंसा की और इसे सद्भावना की पहल बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘इरान ने एक अमेरिकी नागरिक को देश छोड़ने की अनुमति दी है, जिसे दिसंबर 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान गलत तरीके से हिरासत में लिया गया था।’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘वह अब सुरक्षित रूप से इरान से बाहर आ चुकी हैं और उनकी स्थिति ठीक है। अमेरिका इस सद्भावना भरे कदम की सराहना करता है।’

यह रिहाई अमेरिका और इरान के बीच तनाव बढ़ने के समय हुई है। दोनों देशों के बीच विवाद के बढ़ते हुए और होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के बीच इस घटना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

युट्युब और एक्स ने न्युडिफाइ एप्स के प्रवेश मार्ग के रूप में अहम भूमिका निभाई

समाचार सारांश की समीक्षा के बाद प्रस्तुत। इंटरनेट पर बिना अनुमति दूसरों की अश्लील सामग्री बनाने वाले न्युडिफाइ एप्स का खतरा युट्युब और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के कारण तेजी से बढ़ा है। आईएसडी की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक सोशल मीडिया के जरिये इन साइट्स पर 57 लाख से अधिक विज़िट हुए हैं। न्युडिफाइ एप्स न सिर्फ यौन संतुष्टि हेतु, बल्कि लोगों की किरदार हत्या करने और जीवन बर्बाद करने जैसे घातक इरादे रखते हैं, यह शोध ने उजागर किया है। 32 असार, काठमांडू। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से विकास के साथ इंटरनेट पर बिना अनुमति दूसरों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाने वाले ‘न्युडिफाइ’ एप्स का खतरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया है। हाल ही में ‘इंस्टिट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग’ (आईएसडी) ने जारी किए गए एक रिपोर्ट के अनुसार, ये आपत्तिजनक एप्स केवल इंटरनेट के डार्क वेब तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हम जो रोजाना उपयोग करते हैं जैसे युट्युब और एक्स (पूर्व ट्विटर) जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया नेटवर्क्स के माध्यम से भी वे बहुत आसानी से फैल रहे हैं। अध्ययन में पाया गया कि दिसंबर 2025 से मार्च 2026 की संक्षिप्त अवधि में ये समाजिक नेटवर्क इन साइट्स को 57 लाख से अधिक विज़िट प्रदान कर चुके हैं। इससे स्पष्ट होता है कि ये प्लेटफॉर्म न्युडिफाइ एप्स के प्रसार में प्रमुख माध्यम बन गए हैं। न्युडिफाइ वेबसाइटों पर उपयोगकर्ताओं को ले जाने वाला सबसे बड़ा स्रोत युट्युब है, जहां कुल ट्रैफ़िक का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा, लगभग 18 लाख 20 हजार विज़िट दर्ज किए गए थे। इसके बाद एलन मस्क के स्वामित्व वाले ‘एक्स’ ने दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बनकर 13 लाख से अधिक विज़िट उत्पन्न किए। शोधकर्ताओं के अनुसार, युट्युब पर न्युडिफाइ एप्स से जुड़ी खोज करने पर ऐसे वीडियो आसानी से मिल जाते हैं, जो न केवल इन एप्स का प्रचार करते हैं बल्कि इन्हें फ्री में इस्तेमाल करने के लिए ‘प्रोमो कोड’ भी उपलब्ध कराते हैं। वायर्ड की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 1 डॉलर जैसी मामूली कीमत पर एआई की सहायता से किसी की भी तस्वीर को बिना कपड़े के बना देने वाले इस तरह के एप्स की व्यापक उपयोगिता के कारण ये साइटें वार्षिक रूप से लगभग 36 मिलियन डॉलर की कमाई करती हैं। ये एप खासतौर पर प्रेमिका या रिश्तेदार स्त्रियों को निशाना बनाते हैं, जिनका मकसद केवल यौन संतुष्टि नहीं बल्कि उनकी किरदार हत्या करना, नौकरी से निकालवाना और जीवन को बर्बाद करना होता है, जो कि शोध के निष्कर्षों से प्रमाणित है। सोशल मीडिया कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री या इन वेबसाइटों के लिंक पर प्रतिबंध लगाती हैं, लेकिन यह नीति प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाई है, ऐसा आईएसडी की सीनियर डायरेक्टर ऑफ पॉलिसी एंड रिसर्च मेलानी स्मिथ ने बताया। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए युट्युब के प्रवक्ता बूट बुलविंग्कल ने कहा कि उनके प्लेटफॉर्म पर ऐसी आपत्तिजनक सामग्री और बाहरी लिंक पर रोक लगाने की कड़ी नीति है और यदि किसी ऐसे वीडियो को पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाता है।