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लेखक: space4knews

लिग २ सिरिज अघि नेपालले यूएईसँग दुई टी-२०आई खेल्ने – Online Khabar

नेपाल यूएई के साथ लिग 2 श्रृंखला से पहले दो टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलेगा

नेपाली क्रिकेट टीम यूएई के साथ त्रिवि क्रिकेट मैदान में 20 और 21 अप्रैल को दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए तैयार है। आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लिग 2 के तहत नेपाल में 25 अप्रैल से नेपाल, ओमान और यूएई के बीच श्रृंखला का आयोजन किया जाएगा। 12 से 22 मई तक नेपाल में अमेरिका और स्कॉटलैंड सहित त्रिकोणीय श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जबकि नेपाल की ‘ए’ टीम 50 ओवर के मैच खेलेगी। 27 चैत्र, काठमांडू। नेपाली क्रिकेट टीम यूएई के खिलाफ त्रिवि क्रिकेट मैदान में दो टी-20 मैच खेलने वाली है। आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लिग 2 के अंतर्गत नेपाल में आयोजित होने वाली नेपाल, ओमान और यूएई के बीच श्रृंखला से पहले नेपाल ने यूएई के खिलाफ दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का निर्णय लिया है। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) के अनुसार ये दोनों मैच 20 और 21 अप्रैल को खेले जाएंगे। मैच सुबह 9:30 बजे त्रिवि क्रिकेट मैदान में शुरू होंगे। लिग 2 की श्रृंखला 25 अप्रैल से शुरू होगी। नेपाल और यूएई के बीच ये मैच एसोसिएट क्रिकेट के क्लासिक मुकाबलों के रूप में देखे जाते हैं। हाल ही में ये दोनों टीमें टी-20 विश्व कप क्वालीफायर में भिड़ चुकी हैं। नेपाल में लिग 2 की एक और श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी। 12 से 22 मई तक नेपाल, अमेरिका और स्कॉटलैंड सहित त्रिकोणीय श्रृंखला का आयोजन होगा। साथ ही, नेपाल की ‘ए’ टीम ओमान, स्कॉटलैंड और अमेरिका के साथ 50 ओवर के मैच खेलने के लिए तैयार है।

जेरमी बोअन: इरान-अमेरिका युद्धविराम गैरसैनिकों के लिए अस्थायी राहत, लेकिन लंबी अवधि तक टिक नहीं पाएगा

तेहरान में हवाई हमले से क्षतिग्रस्त भवन के मलबे

तस्वीर स्रोत, Getty Images

एक ही दिन डोनाल्ड ट्रंप ने इरान के पूरे समाज को “आज ही नष्ट” करने की बात कही, वहीं कुछ घंटों बाद तेहरान द्वारा दी गई दस बिंदुओं की योजना को पाकिस्तान में होने वाली वार्ता के लिए “उपयोगी” बताया गया।

सबसे पहले, युद्धविराम मध्य पूर्व के गैरसैनिकों के लिए राहत है, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा इरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने से ही संघर्ष में थे।

हालांकि, ऐसा तुरंत लेबनान के लोगों के लिए लागू नहीं होता। युद्धविराम समझौता लेबनान को शामिल नहीं करता, इसलिए इज़राइल ने वहाँ कड़ी और विनाशकारी हवाई हमले किए।

अन्य जगहों पर भी राहत लंबे समय तक टिकने की संभावना कम है। इरान और अमेरिका दोनों के पास युद्ध समाप्ति के लिए कारण हैं, लेकिन उनके रुख में बड़ा फर्क है। ये दोनों पक्ष जिन पर भरोसा नहीं करते के बीच समझौता करने के लिए दो हफ्ते बाकी हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी बेंस ने इसे “कमजोर संघर्षविराम” कहा है। यह शब्द पूरी तरह उपयुक्त है।

डोल्पा : सुन्दरताको खानी, सुविधाबाट टाढा

डोल्पा: सौंदर्य की खान, सुविधाओं की कमी से पिछड़ा जिला

प्राकृतिक रूप से समृद्ध डोल्पा अभी भी पूर्वाधार विकास में पीछे है। यहाँ की सुंदरता और प्राकृतिक संसाधन पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी ने यहां के विकास में बाधा डाली है। डोल्पा में पहुँच और यातायात की समस्याएँ मुख्य चुनौतियाँ बनी हुई हैं। इस क्षेत्र की सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए विकास के नए रास्ते खोजने की जरूरत है।

अमेरिकी डलरको भाउ बढ्यो, पाउण्ड, स्वीस फ्रयांक र अष्ट्रेलियन डलर घट्यो

अमेरिकी डॉलर की कीमत में वृद्धि, पाउंड, स्विस फ्रैंक और ऑस्ट्रेलियन डॉलर की कीमतें घटीं

नेपाल राष्ट्र बैंक ने आज अमेरिकी डॉलर की खरीद दर १४७ रुपये ९६ पैसे और बिक्री दर १४८ रुपये ५६ पैसे निर्धारित की है। आज यूके पाउंड स्ट्रर्लिंग, स्विस फ्रैंक, ऑस्ट्रेलियन डॉलर और सिंगापुर डॉलर की कीमतें घटी हैं। राष्ट्र बैंक ने विनिमय दर आवश्यकतानुसार संशोधित करने तथा वाणिज्यिक बैंकों को अलग दर निर्धारित करने की अनुमति दी है। २७ चैत, काठमांडू।

नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा आज निर्धारित विनिमय दर के अनुसार अमेरिकी डॉलर की कीमत बढ़ी है। वहीं, पाउंड स्ट्रर्लिंग, स्विस फ्रैंक, ऑस्ट्रेलियन डॉलर और सिंगापुर डॉलर की कीमतें घट गई हैं। आज अमेरिकी डॉलर की एक इकाई की खरीद दर १४७ रुपये ९६ पैसे और बिक्री दर १४८ रुपये ५६ पैसे है। कल अमेरिकी डॉलर की खरीद दर १४७ रुपये ८४ पैसे और बिक्री दर १४८ रुपये ४४ पैसे थी।

आज यूरोपीय यूरो की एक इकाई की खरीद दर १७२ रुपये ८२ पैसे और बिक्री दर १७३ रुपये ५३ पैसे है। कल यूरोपीय यूरो की खरीद दर १७३ रुपये ८ पैसे और बिक्री दर १७३ रुपये ७८ पैसे थी। यूके पाउंड स्ट्रर्लिंग की कीमत आज घटी है। यूके पाउंड स्ट्रर्लिंग की एक इकाई की खरीद दर १९८ रुपये ४५ पैसे और बिक्री दर १९९ रुपये २६ पैसे है। कल इसकी खरीद दर १९९ रुपये ९ पैसे और बिक्री दर १९९ रुपये ९० पैसे थी।

स्विस फ्रैंक की कीमत भी कल के मुकाबले आज कम है। आज स्विस फ्रैंक की एक इकाई की खरीद दर १८७ रुपये ०५ पैसे और बिक्री दर १८७ रुपये ८१ पैसे है। कल इसकी खरीद दर १८७ रुपये ७० पैसे और बिक्री दर १८८ रुपये ४६ पैसे थी। आज ऑस्ट्रेलियन डॉलर की कीमत भी घटी है। इसकी एक इकाई की खरीद दर १०४ रुपये १३ पैसे और बिक्री दर १०४ रुपये ५५ पैसे है। कल इसकी खरीद दर १०४ रुपये २९ पैसे और बिक्री दर १०४ रुपये ७२ पैसे थी।

सभामुख डोल प्रसाद अर्याल ने बूढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना निर्माण में तत्परता और समयसीमा सुनिश्चित करने का सुझाव दिया

सभामुख डोल प्रसाद अर्याल ने बूढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना के निर्माण के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित करते हुए तेज़ी लाने का प्रस्ताव रखा है। ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने परियोजना के निर्माण में सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। बूढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना एक १२ सौ मेगावाट क्षमता वाली राष्ट्रीय गौरव की परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत ३ खर्ब ७४ अरब रुपये है। २६ चैत्र, काठमाडौं।

सभामुख डोल प्रसाद (डीपी) अर्याल ने बूढीगण्डकी जलविद्युत परियोजना के निर्माण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ और आयोजनाके मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण रजौरिया के साथ बिहीवार अपने कार्यालय में हुई बैठक में उन्होंने इस परियोजना के निर्माण कार्य को निश्चित समयसीमा के भीतर पूरा करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, ‘यह राष्ट्रीय गौरव की परियोजना है। यह न केवल विद्युत उत्पादन करेगी, बल्कि पर्यटन, कृषि उत्पादों के बाजार विस्तार और रोजगार सृजन से भी जुड़ी है। अब और विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

सभामुख अर्याल ने आयोजन को प्राथमिकता देते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी से शीघ्र कार्यवाही करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट कार्य योजना बनाने पर बल दिया जिसमें कार्य प्रारंभ करने और समाप्ति की तारीखों का निर्धारण हो। बैठक में ऊर्जा मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि परियोजना निर्माण में तेजी लाने के लिए सरकार की ओर से सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्रालय के सह सचिव रुद्रसिंह तमाङ ने भी आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। धादिङ के सांसद बोधनारायण श्रेष्ठ ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता मिलने से सरकार की समृद्धि के प्रति गंभीरता स्पष्ट होती है। बूढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना १२ सौ मेगावाट क्षमता वाली जलाशय आधारित परियोजना है, जो गोरखा तथा धादिङ जिलों की सीमा क्षेत्र में स्थित है। इसकी अनुमानित लागत ३ खर्ब ७४ अरब रुपये है।

गृहमन्त्री सुधन गुरुङले ‘काउन्ट’ गरेकामध्ये ५ भीआईपी छुटे

गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने सार्वजनिक गणना के अनुसार ५ वीआईपी गिरफ्तारियों से मुक्त किए गए

समाचार संक्षेप के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के कार्यकाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक जेनजी आंदोलन के दमन में गिरफ्तार किए गए पांच वीआईपी गिरफ्तारी से मुक्त हुए हैं। गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने फेसबुक के माध्यम से यह गणना सार्वजनिक की थी। २६ चैत, काठमाडौं। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने लगभग कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उच्चस्तरीय व्यक्तियों की लगातार गिरफ्तारी शुरू कर दी थी। शुरुआत में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को जेनजी आंदोलन की दमन कार्रवाई में आरोपित कर गिरफ्तार किया गया था। सरकार बनने के अगले दिन १४ चैत को जिला प्रशासन कार्यालय ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

वीआईपी गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ने पर गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने फेसबुक पर बार-बार गिरफ्तारी विवरण और वारंट सार्वजनिक करते हुए अपडेट देना शुरू किया। गुरुङ के अनुसार पांच वीआईपी गिरफ्तारियों से मुक्त हुए हैं। ओली गुरुवार सुबह रिहा हुए थे जबकि लेखक भी उसी दिन रिहा हुए। इससे पहले तीन अन्य वीआईपी रिहा हो चुके थे। १७ चैत को काठमांडू के पूर्व प्रमुख जिला अधिकारी छवि रिजाल जमानत पर रिहा हुए थे। रिजाल को अपराध अनुसंधान कार्यालय की टीम ने सुविधानगर से गिरफ्तार किया था। वह जेनजी आंदोलन के दौरान काठमांडू के प्रमुख जिला अधिकारी थे। रिजाल पर वर्ष २०७९ भदौ २३ और २४ को जेनजी आंदोलन के दमन का आरोप था।

गौरीबहादुर कार्की के नेतृत्व में गठित जांच आयोग ने रिजाल के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव दिया था। लेकिन उन्हें गिरफ्तार हुए ही दिन रिहा कर दिया गया था। लुंबिनी प्रदेश की सांसद रेखा शर्मा भी गिरफ्तार होने के बाद रिहा हो गई हैं। १५ चैत रात को एमाले की सांसद रेखा शर्मा गिरफ्तारी से पहले गिरफ्तार हुई थीं। उन पर एक बालिका को घर में रखकर बाल श्रम कराने का आरोप था। उक्त बालिका ने कहा था कि वह सांसद के घर में छह वर्षों से काम कर रही है और उसे शारीरिक प्रहार का सामना भी करना पड़ा था। महानगरपालिका के कर्मचारी, वार्ड प्रतिनिधि और पुलिस ने घटना स्थल पर मुचलका भी तैयार किया था।

बालिका की स्थिति जटिल होने के कारण नगर कार्यदल ने तेजी से उसे उद्धार करके संरक्षण गृह में रखा था। सांसद के खिलाफ मामला आगे नहीं बढ़ाया गया था। १५ चैत को गिरफ्तार सांसद शर्मा २२ चैत को रिहा हुईं। महान्यायाधिवक्ता के कार्यालय ने १६ जेठ २०८२ के निर्णय के अनुसार सांसद शर्मा के खिलाफ मामला न चलाने का फैसला किया था, जिसके बाद काठमांडू जिल्ला अदालत ने हिरासत से रिहाई का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें रिहा किया गया। गिरफ्तार अन्य एक उच्च पदस्थ शंकर अग्रवाल भी बयान प्रक्रिया के बाद जेल से रिहा हुए हैं। वे भी २२ चैत को रिहा हुए थे।

फोटो पत्रकार नरेन्द्र श्रेष्ठ की तस्वीर ‘वर्ल्डप्रेस फोटो’ में सर्वश्रेष्ठ मान्यता प्राप्त

नेपाल के फोटो पत्रकार नरेन्द्र श्रेष्ठ की सिंहदरबार जलती हुई तस्वीर को इस वर्ष की वर्ल्डप्रेस फोटो प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है। यह तस्वीर जनजी आंदोलन के दौरान सिंहदरबार में लगी आग का सजीव प्रतिबिंब है। वर्ल्डप्रेस फोटो प्रतियोगिता के ७१ वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी नेपाली फोटो पत्रकार की तस्वीर को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। पिछले वर्षों में नेपाल में हुई घटनाओं की तस्वीरें विदेशी फोटो पत्रकारों द्वारा खींची जाने के बाद ही पुरस्कार प्राप्त कर पाई थीं।

इस बार प्रतियोगिता में १४१ देशों के ३७,०४७ फोटो पत्रकारों ने भाग लिया था। इनमें से ‘वेस्ट सेंट्रल एंड साउथ एशिया’ श्रेणी में श्रेष्ठ की तस्वीर ने प्रथम स्थान हासिल किया। कुल ५७,००० से अधिक तस्वीरों में से चयनित इस चित्र को उत्कृष्ट माना गया है। श्रेष्ठ ने कहा, ‘मैं २५ वर्षों से इस क्षेत्र में लगातार कार्यरत हूँ। इस बार सफलता पाकर अत्यंत हर्ष महसूस हो रहा है। विश्व के किसी भी फोटो पत्रकार के लिए इस प्रतियोगिता में जीत हासिल करना बहुत बड़ा सम्मान है।’

नीदरलैंड्स में आधारित इस गैर सरकारी संगठन द्वारा विश्वभर तस्वीर प्रदर्शनी और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रेष्ठ ने वर्ल्डप्रेस फोटो में चयनित तस्वीर यूरोपियन फोटो एजेंसी (EPA) के लिए खींची है।

कन्सल्टेन्सीको जागिर खाँदाखाँदै सांसद, अब उपसभामुख – Online Khabar

सांसद रुबीकुमारी कन्सल्टेन्सी छोँड्दै, उपसभामुख पद प्राप्ति की संभावना

रुबीकुमारी ठाकुर, श्रम संस्कृति पार्टीकी समानुपातिक सांसद, २५ वर्षीया युवा महिला हैं और वे उपसभामुख पद पर पहुंचने की संभावना रखती हैं। रुबी ने तीन साल का डिप्लोमा इंजीनियरिंग पूरा किया है और पिछले सात महीनों से धनुषा की एक कन्सल्टेन्सी में कार्यरत थीं जहाँ उन्हें मासिक २० हजार रुपये वेतन मिलता था। उन्होंने संसद में दाहाल प्रथा, बालविवाह और बेरोजगारी जैसे मुद्दों के समाधान के लिए पहल करने की बात कही है, साथ ही बीई की पढ़ाई करने की योजना भी बना रही हैं। (२६ चैत्र, काठमाडौं)

हर्क साम्पाङ के धनुषा में चुनावी अभियान शुरू करने से पहले रुबीकुमारी ठाकुर श्रम संस्कृति पार्टी से जुड़ी थीं। पहली बार हर्क से मिलने के बाद वे मतदाता घर-घर जाकर वोट मांगने लगीं। समानुपातिक निर्वाचन प्रणाली के जरिए सांसद बनी रुबीकुमारी उपसभामुख जैसे प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने की संभावना रखती हैं। उन्हें संसद में सबसे बड़े दल रास्वपा का समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने स्वयं अपना संसद में जाना अप्रत्याशित बताया है। समानुपातिक सांसद सूची में नाम देखकर रुबीकुमारी ने कहा, ‘मैं एक सामान्य व्यक्ति हूं। पर मैं हमेशा श्रम संस्कृति पार्टी और अध्यक्ष हर्क साम्पाङ के वीडियो देखती थी। देश के लिए ऐसे नेताओं की जरूरत है, इस विश्वास से मैं समर्थक बनी। सांसद बनना मेरे लिए एक सरप्राइज ही था।’ यदि राजनीति में कोई बड़ी अप्रत्याशित घटना नहीं होती, तो वे उपसभामुख पद पर पहुंचने के लगभग सुनिश्चित हैं।

वैशाख १५ से विद्यार्थी भर्ती और २१ से पढ़ाई शुरू करने की घोषणा

२६ चैत्र, काठमांडू। शैक्षिक सत्र २०८३ और विद्यार्थी भर्ती वैशाख १५ से शुरू होगी। सरकार ने इसी तिथि से नए शैक्षिक सत्र के संचालन का निर्णय लिया है। जब भर्ती शुरू होने की तारीख को लेकर कुछ अनिश्चितता थी, तब शिक्षा तथा मानव संसाधन विकास केंद्र ने भी सुनिश्चित किया है कि भर्ती अभियान वैशाख १५ से ही शुरू होगा। केंद्र द्वारा जारी सूचना में उल्लेख है कि भर्ती अभियान वैशाख १५ से प्रारंभ होगा और पढ़ाई वैशाख २१ से शुरू होगी।
पहले शैक्षिक सत्र १ वैशाख से शुरू होता था। सूचना में कहा गया है कि वैशाख २ से प्रवर्धनात्मक और रचनात्मक शैक्षिक कार्य करने होंगे। इसके पहले १५ वैशाख के भीतर शैक्षिक सत्र के लिए कार्ययोजना, वार्षिक कार्यतालिका, शैक्षणिक योजना तैयार करनी होगी, साथ ही विद्यालय सुधार योजना बनानी एवं अद्यतन करनी होगी एवं शिक्षकों की पेशागत क्षमता विकास से संबंधित कार्यक्रम संचालित करने होंगे।
इसी प्रकार विद्यार्थियों की सीखने की उपलब्धि सुधारने के लिए संबंधित योजना बनानी होगी। शैक्षिक संस्थानों में शनिवार और रविवार को अलग-अलग सार्वजनिक छुट्टी देने का निर्णय पहले ही ले लिया गया है, जिसके अनुसार शैक्षिक कार्यक्रम तैयार कर क्रियान्वित करने का निर्देश दिया गया है।

सुशासनमा रास्वपा निर्मम, प्रश्न उठ्ने बित्तिकै बर्खास्त

रास्वपामा सुशासनको कडाइ: विवादपछि मन्त्री पदमुक्ति

राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के सभापति रवि लामिछानेको सिफारिसपछि प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाहले श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मन्त्री दीपककुमार साहलाई १४ दिनमा पदमुक्त गरेका छन्। मन्त्री साहले आफ्नो पत्नीलाई स्वास्थ्य बीमा बोर्डको सदस्यमा नियुक्त गर्दा पार्टीको विधान उल्लंघन गरेको पाएपछि अनुशासन समितिले कारबाही सिफारिस गरेको थियो।

काठमाडौं, २६ चैत। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) का सभापति रवि लामिछानेले मन्त्री साह सम्बन्धी उठेका अनुसन्धान र तथ्यसँगै प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाहलाई सिफारिस गरेपछि बिहीबार उनीलाई पदबाट हटाइएको हो। मन्त्री साहले आफ्नो पदको दुरुपयोग गर्दै पत्नी जुनु श्रेष्ठलाई स्वास्थ्य बीमा बोर्डमा सदस्यको रूपमा नियमानुसार नियुक्ति गराएका थिए, जुन विवादास्पद रह्यो। यस कार्यले पार्टीको विधान उल्लंघन गरेको निष्कर्ष आएको छ।

रास्वपाको विधानको धारा ७१ ले परिवारका सदस्यलाई कुनै पार्टी वा राज्य निकायमा नियुक्त गर्न निषेध गरेको छ। विशेषत: धारा ७१ (२) मा भनिएको छ, “पार्टीका केन्द्रीय र प्रदेश निकायका सदस्यका परिवारहरूलाई पार्टी वा राज्यका कुनै निकायमा नियुक्ति सिफारिस वा मनोनयन गरिने छैन।”

अनुशासन समितिका कार्यवाहक प्रमुख रमाकान्त रिमालले मन्त्री साहले विधान उल्लंघन गरेको स्पष्ट प्रमाण फेला पारेपछि अनुशासन समितिले कारबाही सिफारिस गरेको जानकारी दिएका छन्। साहको व्यवहार पार्टीको मूल्य, नीति तथा सिद्धान्तसँग अनुकूल नहुनेले सभापति लामिछानेले कारबाहीका लागि पत्र पठाएका थिए।

मन्त्री साहका अनियमितता सम्बन्धी समाचार सार्वजनिक भएपछि अनुशासन समितिले उनलाई सूचना दिएको थियो, तर साहले झूटो र अपूर्ण विवरण दिएका थिए। यस आधारमा सभापति लामिछानेले २६ चैतमा प्रधानमन्त्रीलाई साहलाई पदबाट हटाउन सिफारिस गरेका थिए। पदमुक्तिसम्बन्धी विधानको धारा २५ (४) र ६९ को आधारमा यो निर्णय लिएको छ। धारा २५ (४) ले सभापतिलाई पार्टीको आदर्श र मर्यादा बचाउने जिम्मेवारी दिन्छ भने धारा ६९ अनुसार पदको दुरुपयोग भएमा जिम्मेवारलाई पदबाट फिर्ता बोलाउन सकिन्छ।

सभापति लामिछानेले रास्वपाको विधानको कडाइ पालन गर्दै मन्त्री साहलाई पदबाट हटाउन सिफारिस गरेपछि प्रधानमन्त्री शाहले उनीलाई पदमुक्त गरेका हुन्। राजनीतिक विश्लेषक तथा प्राध्यापक डा. कृष्ण पोखरेलले यस कार्यलाई पार्टीको सुशासनको स्पष्ट संकेत भएको बताए। उनले भने, “सांसदीय व्यवस्थामा मन्त्री पदमुक्ति गर्ने अधिकार प्रधानमन्त्रीसँग हुन्छ। पार्टीको सिफारिसपछि सबैले यो निर्णयलाई मान्यता दिनुपर्छ।”

सभापति लामिछानेले सांसदहरूलाई अभिमुखीकरण गर्दै पार्टी अनुशासनमा कडा अनुशासन कायम रहने र अराजक वृत्तिलाई अस्वीकार गर्ने प्रतिबद्धता व्यक्त गरिसकेका छन्। सम्बोधनमा उनले भनेका थिए, “हामीले ‘राइट टू रिकॉल’ कडाइका साथ लागू गर्नेछौं।”

रास्वपासंस्थापनाको प्रारम्भदेखि नै विधानमा सांसद फिर्ता बोलाउने व्यवस्था रहेको छ। संशोधित विधानमा पनि यो प्रावधान कायम छ। प्रत्यक्ष तथा समानुपातिक दुवै प्रकारका सांसदलाई फिर्ता बोलाउन सकिने व्यवस्था छ। प्रत्यक्ष निर्वाचित प्रतिनिधिलाई साधारण सदस्यहरूबाट र समानुपातिक सांसदलाई केन्द्रीय समितिबाट फिर्ता बोलाउन सकिन्छ। पार्टी हितविपरीत व्यवहार देखापरेका समानुपातिक प्रतिनिधिलाई कार्यसम्पादन मूल्यांकन वा अन्य आधारमा पनि फिर्ता बोलाउन सकिन्छ। धारा ६९ अनुसार साधारण सदस्यले जनप्रतिनिधिको गतिविधिबाट असन्तुष्ट भए फिर्ता बोलाउने अधिकार राख्छन्। केन्द्रीय समितिले नियमावली अनुसार प्रक्रिया थाल्ने व्यवस्था छ।

रास्वपाले प्रतिनिधि सभाको उम्मेदवार छनौट गर्दा हतारमा निर्णय गर्नुपर्ने अवस्था थियो। काठमाडौं महानगरपालिकाका पूर्व प्रमुख बालेन्द्र शाह पक्षसँग एकता पछि विभिन्न दल र पेशाबाट आएका उम्मेदवारहरू रास्वपामा आबद्ध भएका थिए, जसको पूर्व आचरणलाई लिएर आलोचना भइरहेकै छ।

डा. पोखरेलले भनाए, “सांसदहरूको ट्रयाक रेकर्ड जाँच्न पर्याप्त समय थिएन र फिर्ता बोलाउन कानुनी जटिलता पनि छ। विधानअनुसार प्रक्रिया केही जटिल नै छ।”

अघिल्लो संसदका समानुपातिक सांसद ढाकाकुमार श्रेष्ठलाई आर्थिक अनियमितता सम्बन्धी अडियो काण्डपछि रास्वपाले पदमुक्त गरेको थियो। ट्रान्सपरेन्सी इन्टरनेशनल नेपालको पूर्व अध्यक्ष खेमराज रेग्मीले ती कारबाहीलाई सकारात्मक निर्णय मानेका छन्। उनले भने, “नातावाद प्रमाणित भएमा तत्काल कारबाही हुनु सकारात्मक सन्देश हो।”

स्थानीय तहों को सशक्त बनाना अनिवार्य: सभामुख अर्याल

सभामुख डोल प्रसाद अर्याल ने कहा है कि स्थानीय तहों को जनता को सेवा प्रदान करने में प्रभावशाली भूमिका निभाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सेवा प्राप्तकर्ताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जाना चाहिए और सेवाओं में कोई त्रुटि नहीं होनी चाहिए। स्थानीय तहों को मजबूत बनाने और बजट सहित विभिन्न विषयों में सभी स्तरों की सरकारों के बीच समन्वय आवश्यक है, यह उन्होंने उल्लेख किया। २६ चैत्र, काठमांडू।

नेपाल नगरपालिका संघ के ३३वें स्थापना दिवस के अवसर पर सभामुख अर्याल ने अनुभव और श्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान के साथ सामाजिक विकास और सुशासन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सेवा प्राप्तकर्ताओं को उच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जाना चाहिए और सेवाओं में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होनी चाहिए।

सभामुख अर्याल ने कहा कि अपनी संस्था या व्यक्तिगत लाभ की जगह सेवा प्राप्तकर्ताओं की संतुष्टि को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के चेहरे पर खुशी लाने और सरकार द्वारा जनता के लिए काम किए जाने की अनुभूति दिलाने में स्थानीय तहों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। स्थानीय तहों को सुदृढ़ बनाने और बजट समेत अन्य विषयों में सभी स्तरों की सरकारों के बीच समन्वय आवश्यक है, और इस कार्य के लिए वह प्रतिबद्ध हैं, यह उन्होंने जानकारी दी।

उपसभामुखमा श्रम संस्कृतिलाई रास्वपाको ‘सरप्राइज’ – Online Khabar

उपसभापति पद के लिए श्रम संस्कृति पार्टी को रास्वपा से ‘सरप्राइज’ समर्थन

समाचार सारांश

  • नए प्रतिनिधि सभा में श्रम संस्कृति पार्टी को उपसभापति पद मिला है और रुबीकुमारी ठाकुर उपसभापति बनने के लगभग पक्के हैं।
  • रास्वपा ने श्रम संस्कृति पार्टी को समर्थन देने का निर्णय लिया है, जिससे रुबीकुमारी ठाकुर को दो-तिहाई से अधिक समर्थन प्राप्त होगा।
  • राप्रपा संसदीय दल के नेता ज्ञानेन्द्रबहादुर शाही ने रास्वपा के समर्थन पर सवाल उठाए हैं।

26 चैत, काठमांडू। नई प्रतिनिधि सभा गठन के बाद, रास्वपा नेतृत्व वाली सरकार को सदन के अंदर और बाहर समय-समय पर चेतावनी देने वाले प्रमुख व्यक्ति हैं – हर्क साम्पाङ। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष भी रह चुके साम्पाङ अक्सर सोशल मीडिया पर सरकार और रास्वपा की कार्यशैली पर प्रश्न उठाते हैं। विपक्षी बेंच पर बैठकर सरकार को चेतावनी देने वाली इस पार्टी को रास्वपा ने उपसभापति का समर्थन देने का निर्णय लिया है।

संसद में पहली बार नई शक्ति के रूप में प्रवेश करने वाली श्रम संस्कृति पार्टी को प्रतिनिधि सभा के उपसभापति जैसा महत्वपूर्ण पद मिला है।

सात सांसदों वाली इस पार्टी की उम्मीदवार रुबीकुमारी ठाकुर के उपसभापति बनने की संभावना लगभग सुनिश्चित है, क्योंकि रास्वपा के समर्थन से उनके पक्ष में संसद में दो-तिहाई से अधिक समर्थन होगा।

नए चुनाव के बाद बदलाव के पक्षधर दलों के साथ मेलजोल करते हुए रास्वपा ने श्रम संस्कृति पार्टी का समर्थन किया है, इसकी जानकारी रास्वपा के महामंत्री कविन्द्र बुर्लाकोटी ने दी है।

रास्वपा से प्रतिनिधि सभा का सभापति चुने जाने के बाद संवैधानिक प्रावधान के अनुसार उपसभापति के लिए अलग दल और लिंग का व्यक्ति चुना जाना आवश्यक था। इसी आधार पर रास्वपा ने यह विचार किया कि श्रम संस्कृति पार्टी का समर्थन करें या राप्रपा का।

राप्रपा संसदीय दल के नेता ज्ञानेन्द्रबहादुर शाही ने कुछ दिन पहले रास्वपा के अध्यक्ष रवि लामिछाने से मुलाकात की थी। उस दौरान उपसभापति पद के उम्मीदवार के समर्थन को लेकर संवाद हुआ था। गुरुवार को भी रास्वपा अध्यक्ष लामिछाने से चर्चा हुई और उन्होंने राप्रपा को समर्थन का आश्वासन दिया था, ऐसा शाही ने कहा। रवि से बातचीत के बाद राप्रपा नेताओं ने सरस्वती लामालाई उपसभापति बनाने के लिए बैठक की।

इसी बीच श्रम संस्कृति पार्टी के साथ भी रास्वपा की बातचीत जारी थी। रास्वपा के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह से हर्क साम्पाङ ने वार्ता की थी। जब राप्रपा की बैठक चल रही थी, उसी समय रास्वपा के कविन्द्र बुर्लाकोटी सहित अन्य नेता श्रम संस्कृति पार्टी के साथ चर्चा कर रहे थे, जिसमें समर्थन देने का फैसला लिया गया।

राप्रपा नेता सरस्वती लामाको नाम लेकर उम्मीदवार दर्ज करने आए तो श्रम संस्कृति पार्टी की रुबीकुमारी ठाकुर और अन्य सांसद भी फार्म लेकर बैठे थे। राप्रपा ने शुरुआत में अपने सांसदों को प्रस्तावक और समर्थक बनाकर सरस्वती का नाम दर्ज करवाया। बाद में चर्चा में शामिल रास्वपा के बुर्लाकोटी और श्रम संस्कृति पार्टी के आरेन राई समेत नेता आए और रुबीकुमारी के नाम का दूसरा नंबर दर्ज कराया गया।

रास्वपा के आश्वासन के बाद ही उम्‍मीदवारी दाखिल करने वाला होने का दावा करने वाले राप्रपा संसदीय दल के नेता शाही ने रवि लामिछाने से सवाल किया कि ‘आपने समर्थन का आश्वासन क्यों दिया?’ उम्‍मीदवारी दाखिल के बाद शाही ने संसद सचिवालय में पत्रकारों से कहा, ‘उनके बोली हुई इमानदारी कितनी पूरी होगी, हम देखेंगे।’

शाही ने कहा कि भले ही ऐसा कहा हो लेकिन अब रास्वपा ने औपचारिक रूप से रुबीकुमारी ठाकुर का समर्थन किया है, इसलिए उनके उपसभापति बनने की संभावना लगभग निश्चित है। क्योंकि रास्वपा और श्रम संस्कृति पार्टी के मिलकर प्रतिनिधि सभा में 189 सीटें होती हैं, जो दो-तिहाई से अधिक समर्थन है।

10 मिनट पहले लिया गया निर्णय

श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष साम्पाङ से बुधवार शाम को रास्वपा के महामंत्री कविन्द्र बुर्लाकोटी ने संवाद किया था। गुरुवार सुबह रास्वपा अध्यक्ष लामिछाने ने राप्रपा संसदीय दल के नेता ज्ञानेन्द्र शाही को फोन कर समान संदेश दिया था — ‘उम्मीदवारी दें, उपसभापति में आदिवासी जनजाति समूह का प्रतिनिधित्व चाहिए।’

नेकपा को ऐसा संदेश नहीं मिला। इसके बाद उपसभापति की दावेदारी करने वाली नेकपा ने उम्मीवार नहीं देने का निर्णय लिया। रास्प्रपा और रास्वपा उम्मीदवार चयन में लगे थे।

राप्रपा शुरू में खुश्बु ओली को उम्मीदवार बनाने की योजना बना रहा था। रास्वपा के अध्यक्ष लामिछाने ने आदिवासी जनजाति समूह से उम्मीदवार होने की बात कही तो खुश्बु को मनाकर सरस्वती को उम्मीदवार बनाया गया।

वहीं श्रम संस्कृति पार्टी ने भी शुरुआत में अम्बिकादेवी संग्रौलालाई उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर रही थी। रास्वपा की मांग पर जनजाति समूह से उम्मीदवार होने के कारण ठाकुर को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया।

राप्रपा और रास्वपा दोनों मतदान में समर्थन देने को लेकर सहमत थे और तैयारी कर रहे थे।

लेकिन, उम्मीवार नामांकन के दौरान राप्रपा और श्रम संस्कृति दोनों ‘सरप्राइज्ड’ थे।

राप्रपा की नामांकन प्रक्रिया चल रही थी जबकि श्रम संस्कृति पार्टी की ठाकुर अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं।

राप्रपा नेता नामांकन के बाद फोटो खींच रहे थे, तभी श्रम संस्कृति पार्टी के महासचिव आरेन राई और रास्वपा के महामंत्री बुर्लाकोटी एक साथ आए। बुर्लाकोटी ने ठाकुर को समर्थन देने का निर्णय बताया।

उसके बाद ठाकुर के प्रस्तावक के रूप में श्रम संस्कृति पार्टी के महासचिव आरेन राई, समर्थक के रूप में रास्वपा के अशोक चौधरी और श्रम संस्कृति पार्टी की अम्बिकादेवी संग्रोला मौजूद थे।

रास्वपा के महामंत्री बुर्लाकोटी ने स्वीकार किया कि अंतिम समय में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि नेकपा और राप्रपा ने भी उपसभापति पद के लिए उम्मीदवार चाहा।

बुर्लाकोटी कहते हैं, ‘क्रॉस संपर्क में नेकपा का प्रस्ताव भी था। हमने स्वीकार भी किया और अस्वीकार भी। यह निर्णय लगभग 10 मिनट पहले हुआ है। हम इंतजार कर रहे थे कि कौन उम्मीवार दाखिल करता है। पहले किसी को कोई वादा नहीं किया था।’

बुर्लाकोटी के अनुसार, जब वे नामांकन कार्यालय में पहुंचे तो दो बजने में कुछ मिनट बाकी थे।

‘समय समाप्त होने वाला था लेकिन संसद सचिवालय के कर्मचारी और अन्य लोग पहले ही भीतर दाखिल हो चुके थे, इसलिए फार्म जमा करने का समय मिल गया।’

अंतिम समय का फैसला जनभावना के अनुरूप है, ऐसा महामंत्री बुर्लाकोटी का कहना है।

वे कहते हैं, ‘पार्टी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए, यह जनअपेक्षा है, इसे ध्यान में रखा गया। निश्चित सभापति होंगे और उपसभापति युवा होंगे। संवैधानिक परिषद भी समावेशी दिखेगा।’

राप्रपा अलग हो गई

प्रतिनिधि सभा में 6 पार्टियाँ हैं। उपसभापति चुनाव में एक ओर पांच दल हैं तथा दूसरी ओर राप्रपा अकेला रह गया।

उपसभापति पद के लिए नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी, राप्रपा और श्रम संस्कृति पार्टी ने दावा किया था तथा रास्वपा का समर्थन मांगा था। भारतीय कांग्रेस और नेकपा एमाले ने दावा नहीं किया न ही रास्वपा से कहा कि ‘हमें भी उपसभापति का समर्थन करें’।

रास्वपा की तरफ से उम्मीवार नामांकन के लिए कोई संदेश नहीं मिलने से नेकपा सम्बंधित विपक्षी दल संवाद में जुटे। कांग्रेस से मोहन आचार्य, एमाले से गुरुप्रसाद बराल और नेकपा से वर्षमान पुन संवाद में थे। इन तीन दलों के संवाद में श्रम संस्कृति पार्टी के महासचिव आरेन राई भी सहभागी थे।

लेकिन ये चार दल राप्रपा से संवाद नहीं कर रहे थे। रास्वपा ने राप्रपा को समर्थन का संदेश देने के बाद विपक्ष में राप्रपा को छोड़ बाकी दलों ने श्रम संस्कृति पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन करने का निर्णय लिया।

राप्रपा भी रास्वपा के समर्थन की आशा में अन्य दलों से संवाद में नहीं थी। रास्वपा से समर्थन पाने के लिए राप्रपा संसदीय दल नेता शाही खुद लगे थे।

चैत्र 21 को रास्वपा अध्यक्ष लामिछाने से शाही ने निवास पर मुलाकात की थी। सुबह अध्यक्ष के फोन से शाही उत्साहित हुए।

लेकिन रास्वपा ने अंततः श्रम संस्कृति पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देना तय किया, जिससे राप्रपा अकेली रह गई।

राप्रपा संसदीय दल नेता शाही की तरह श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष साम्पाङ भी रास्वपा के शीर्ष नेताओं से संवाद में थे। चैत्र 22 को साम्पाङ प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह से मुलाकात के लिए प्रधान मंत्री कार्यालय गए थे।

अंततः उपसभापति पद के लिए समर्थन पाने की प्रतियोगिता में श्रम संस्कृति पार्टी ने बाजी मारी।

रास्वपा के समर्थन से रुबीकुमारी ठाकुर उपसभापति बनींगी यह निश्चित है। क्योंकि 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में रास्वपा के 182 सांसद हैं, कांग्रेस के 38, एमाले के 25, नेकपा के 17, श्रम संस्कृति पार्टी के 7 और राप्रपा के 5 सांसद हैं।

राष्ट्रिय योजना आयोगमा ६ सदस्यहरूको नियुक्ति

२६ चैत, काठमाडौं। सरकारले राष्ट्रिय योजना आयोगमा ६ सदस्यहरूको नियुक्ति गरेको छ। योजना आयोगका सदस्यहरूमा अर्जुनजंग थापा, प्रा. डा. सञ्जय आचार्य, डा. देवेन्द्र गौचन, रेशु अर्याल, प्रा. डा. सुदन झा, र डा. पुकार मल्ल रहेका छन्। सदस्य थापा पूर्व भौतिक मन्त्रालयका सचिव हुन् भने प्रा. डा. आचार्य त्रिभुवन विश्वविद्यालयमा अर्थशास्त्र विभागका प्राध्यापक हुन्।

त्यसैगरी, डा. गौचन ‘इन्स्टिच्युट फर इन्टिग्रेटेड डेभलपमेन्ट स्टडिज’ (आईआईडीएस) का वरिष्ठ फेलो हुन्। रेशु अर्याल शिक्षाविद् हुन् र उनी पहिले बालेन शाहको नेतृत्वमा रहेको काठमाडौं महानगरपालिकामा मेयरको सल्लाहकारका रूपमा कार्यरत थिए। प्रा. डा. सुदन झा काठमाडौं विश्वविद्यालयमा कम्प्युटर साइन्स एण्ड इन्जिनियरिङका प्राध्यापक हुन् भने डा. पुकार मल्ल गभर्नेन्स ल्याबका सहसंस्थापक तथा अध्यक्ष हुन्। उनी नेपाल लिडरसिप एकेडेमीका कार्यकारी कोच पनि हुन्। यसअघि सरकारले योजना आयोगका उपाध्यक्षको रूपमा डा. गुणाकर भट्टलाई नियुक्ति गरेको थियो।

महिलाओं को प्रलोभन देकर संपत्ति जब्त करने वाले उमेश सापकोटा गिरफ्तार

काभ्रेपलाञ्चोक के उमेश सापकोटा को महिलाओं को प्रलोभन में फंसा कर उनकी संपत्ति जब्त करने के आरोप में काठमांडू उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय टेकुले ने गिरफ्तार किया है। उन्हें दाङ जिल्ला अदालत से गिरफ्तारी की अनुमति लेकर भक्तपुर से गिरफ्तार कर इलाका प्रहरी कार्यालय तुलसीपुर भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ जबरजस्तीकरण की शिकायत दर्ज है।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि उमेश सापकोटा, जो कि ४० वर्ष के हैं और काभ्रेपलाञ्चोक के पनौती नगरपालिका-२ के निवासी हैं तथा वर्तमान में धुलिखेल नगरपालिका ५ श्रीखण्डपुर महाकाली टोली में रहते हैं, तलाकशुदा महिलाओं को विश्वास में लेकर उनकी नामांकित अचल संपत्ति को बैंक में गिरवी रखवा कर पैसे निकालते थे। उन्होंने महिलाओं को सहायता का भरोसा दिलाकर उन्हें लुभाकर उनकी संपत्ति जब्त की, यह पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है।

पेट्रोलियम पदार्थको मूल्यमा भारी वृद्धि, ग्यासको मूल्य पनि बढ्यो

पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में बड़ा इजाफा, गैस के दाम भी बढ़े

नेपाल आयल निगम ने वैश्विक बाजार के दामों में वृद्धि के अनुरूप पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर १७ रुपैयाँ और डीजल में २५ रुपैयाँ की वृद्धि की है। नए दामों के अनुसार, पेट्रोल का मूल्य २१६.५० से २१९ रुपैयाँ तक पहुँच गया है जबकि डीजल का मूल्य २०४.५० से २०७ रुपैयाँ तक हो गया है। निगम ने घाटे को कम करने के लिए यह वृद्धि की है, लेकिन इससे लगभग ७ अरब ८१ करोड़ रुपैयाँ के घाटे का सामना करना पड़ सकता है और आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इस बात की चेतावनी भी दी है।

२६ चैत्र, काठमांडू। नेपाल आयल निगम ने पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में वृद्धि की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के बढ़ने के कारण निगम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते नए दाम समायोजित किए गए हैं। इसके तहत पेट्रोल में प्रति लीटर १७ रुपए और डीजल/मट्टीतेल में २५ रुपए की वृद्धि की गई है। अब पेट्रोल के दाम विभिन्न स्थानों पर २१६.५० से २१९ रुपैयाँ तक पहुंच चुके हैं जबकि डीजल/मट्टीतेल का मूल्य २०४.५० से २०७ रुपैयाँ तक निर्धारित किया गया है।

‘कस्टम ड्यूटी और आधारभूत विकास कर समायोजन के बाद भी निगम को साप्ताहिक आधार पर रु. १० अरब २१ करोड़ ९१ लाख का घाटा हो रहा है। इस दौरान निगम को पेट्रोल पर प्रति लीटर रु. १६.६५, डीजल पर प्रति लीटर रु. १०९.५० और एल.पी. गैस पर प्रति सिलेंडर रु. ४१६.३७ का नुकसान हो रहा है। कुल साप्ताहिक घाटा रु. १० अरब २१ करोड़ ९१ लाख तक पहुंचता है’, नेपाल आयल निगम द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है।

‘यदि निगम को ऐसे घाटे लगातार झेलने पड़ते हैं, तो इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को भुगतान प्रभावित होगा और आपूर्ति प्रबंधन में समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए वर्तमान स्थिति में लागत मूल्य के अनुसार वृद्धि न करके, पेट्रोल में प्रति लीटर रु. १७, डीजल/मट्टीतेल में प्रति लीटर रु. २५, एल.पी. गैस में प्रति सिलेंडर रु. १०० तथा आंतरिक हवाई ईंधन में प्रति लीटर रु. ६ की वृद्धि की गई है’, निगम ने बताया है। वर्तमान में १४.२ किलो ग्राम गैस का मूल्य २०१० रुपैयाँ पहुंच गया है, वहीं आंतरिक हवाई ईंधन में प्रति लीटर ६ रुपैयाँ की वृद्धि की गई है। कीमतों में वृद्धि के बावजूद निगम को लगभग ७ अरब ८१ करोड़ रुपैयाँ का साप्ताहिक घाटा होने का अनुमान है। निगम ने घाटे बढ़ने से ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो सकने की आशंका जताई है और उपभोक्ताओं से पेट्रोलियम उत्पादों का मितव्ययी उपयोग करने का आग्रह किया गया है।