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लेखक: space4knews

गूगल ने पुराने कंप्यूटरों को नया बनाने के लिए पेश किया ChromeOS Flex

गूगल ने विंडोज 10 संचालित 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के लिए ChromeOS Flex के माध्यम से मुफ्त ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट योजना की घोषणा की है। माइक्रोसॉफ्ट अक्टूबर 2023 के बाद विंडोज 10 के लिए सुरक्षा अपडेट बंद कर देगा, जिससे पुराने कंप्यूटर असुरक्षित होने का खतरा बढ़ जाएगा। गूगल के अनुसार, ChromeOS Flex पुराने लैपटॉप को तेज़ चलाने, अधिक सुरक्षित बनाने और 19 प्रतिशत कम ऊर्जा खपत करने की सुविधा प्रदान करेगा। 27 चैत, काठमांडू।

विंडोज 10 चलाने वाले 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं के लिए गूगल ने राहत योजना लेकर आया है। विंडोज 11 में अपग्रेड न हो सकने वाले पुराने कंप्यूटर और लैपटॉप असुरक्षित होने के खतरे के बीच गूगल ने अपने ChromeOS Flex ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से इन उपकरणों को मुफ्त में अपग्रेड कराने का प्रस्ताव दिया है। विशेष रूप से माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विंडोज 10 के लिए सुरक्षा अपडेट रोकने के कारण करोड़ों कंप्यूटर ई-वेस्ट होने का खतरा बढ़ा है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए गूगल ने ‘बैक मार्केट’ कंपनी के साथ साझेदारी में नया ChromeOS Flex USB किट जारी किया है।

मुफ्त सॉफ़्टवेयर: उपयोगकर्ता अपने पुराने विंडोज या मैक कंप्यूटर पर मुफ्त में यह क्लाउड-आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम डाउनलोड कर उपयोग कर सकेंगे। गति और सुरक्षा: गूगल का दावा है कि यह पुराने लैपटॉप को पहले से अधिक तेज चलाएगा और साइबर हमलों से बेहतर सुरक्षा देगा। ऊर्जा बचत: अन्य प्रणालियों की तुलना में यह औसतन 19 प्रतिशत कम ऊर्जा की खपत करता है। USB किट: सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करना आसान बनाने के लिए गूगल ने लगभग 3 डॉलर में पुन: उपयोग योग्य भौतिक USB किट उपलब्ध कराई है।

माइक्रोसॉफ्ट की स्थिति क्या है? माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज 10 के लिए ‘एक्सटेंडेड सुरक्षा अपडेट’ (ESU) कार्यक्रम की शुरुआत की है, लेकिन यह कार्यक्रम इस वर्ष अक्टूबर तक ही लागू रहेगा। इसके बाद विंडोज 10 उपयोगकर्ता पूरी तरह से असुरक्षित हो जाएंगे। माइक्रोसॉफ्ट दावा कर रहा है कि विंडोज 11 के सभी बग्स ठीक हो गए हैं और वह उपयोगकर्ताओं को नए विंडोज में आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, लाखों पुराने कंप्यूटर विंडोज 11 नहीं चला सकते, इसलिए उपयोगकर्ता अन्य विकल्पों की खोज कर रहे हैं।

१ यात्रु बिदाइमा बढीमा ३ जना आउनू – Online Khabar

नागरिक उड्डयन: एक यात्रु के विदाई समारोह में अधिकतम 3 लोग ही उपस्थित हो सकेंगे

नेपाल नागरिक उड्डयन विभाग ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर एक यात्रु के विदाई समारोह में अधिकतम तीन लोगों के उपस्थित होने की जानकारी फिर से दी है। विमानस्थल प्रशासन के अनुसार, यदि 10 लोगों तक की भीड़ होती है तो अत्यधिक भीड़भाड़ और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ जाती हैं, इसलिए इस निर्णय को लागू किया गया है। प्रशासन ने बताया है कि अनावश्यक भीड़ स्वदेशी और विदेशी यात्रियों के आवागमन में कठिनाइयां उत्पन्न कर सकती है, इसलिए वे कम से कम संख्या में अपने करीबी रिश्तेदारों से सहायता करने का अनुरोध कर रहे हैं।

27 चैत, काठमांडू। नेपाल नागरिक उड्डयन और त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल कार्यालय ने एक यात्रु की विदाई पर अधिकतम तीन लोगों के शामिल होने के निर्देश को पुनः जारी किया है। दस लोगों तक के समूहों के विमानस्थल पहुंचने पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण प्रशासन ने अपने करीबियों से कम संख्या में आकर सहयोग करने का अनुरोध किया है। विमानस्थल ने कई बार यह अनुरोध किया है, हालांकि भीड़ में कोई कमी नहीं आई है। प्रशासन ने बताया कि अनावश्यक भीड़ सुरक्षा चुनौतियों को बढ़ाती है तथा देशी और विदेशी हवाई यात्रियों के आवागमन में बाधा डालती है। इसलिए प्रत्येक यात्रु के लिए अधिकतम तीन सदस्यों के आने की अनुमति दी गई है।

इन्डक्सन चूलो में गोल घेरा क्यों होता है?

आजकल कई घरों में गैस चूल्हे के विकल्प के रूप में इन्डक्सन चूल्हे का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। जल्दी खाना पकने, बिजली की कम खपत और तुलनात्मक रूप से सुरक्षित होने के कारण इसका उपयोग लोकप्रिय होता जा रहा है। लेकिन इन्डक्सन चूल्हे का उपयोग करने वाले कई लोग इसके ऊपर दिखने वाले गोल घेरों को केवल सजावट या डिज़ाइन का हिस्सा समझते हैं। वास्तव में यह साधारण घेरा नहीं, बल्कि चूल्हे के सबसे महत्वपूर्ण ताप क्षेत्र का संकेत है। यही घेरा यह बताता है कि बर्तन कहां रखा जाए ताकि सबसे अच्छी गर्मी मिले। यदि बर्तन सही जगह पर न रखा जाए तो खाना पकने में देर लगती है, बिजली अधिक खर्च होती है और चूल्हे की कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है। इसलिए, इन्डक्सन चूल्हे के इस छोटे गोल घेरे का खाना पकाने की गति, बिजली की बचत, सुरक्षा और चूल्हे की आयु में महत्वपूर्ण योगदान होता है।

इस घेरे के नीचे क्या रहता है? इस गोल घेरे के ठीक नीचे तांबे या एल्युमीनियम से बने एक आवरण को कई बार लपेटकर तैयार किया गया होता है, जो चूल्हे के ऊपर दिखाई देने वाले गोल घेरे के भीतर स्थित होता है। जब चूल्हे में बिजली प्रवाहित होती है, तो यह भाग चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। यह चुंबकीय प्रभाव सीधे बर्तन के निचले हिस्से को गर्म करता है। इसलिए, इन्डक्सन चूल्हे में भले ही आग न दिखे, खाना जल्दी पकता है। यहाँ तक कि खाना पकाने की प्रक्रिया से पहले बर्तन ही पहले गर्म होना शुरू कर देता है। खाना पकाने की गति इस बात पर निर्भर करती है कि बर्तन को सही गोल घेरे के भीतर रखा जाए, तभी तापमान प्रभावी ढंग से बर्तन तक पहुंचता है जिससे खाना तेजी से पकता है। यदि बर्तन थोड़ा बाहर होता है तो गर्मी पूरी तरह बर्तन तक नहीं पहुँचती और पकाने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए, खाना जल्दी पकाने के लिए बर्तन को घेरे के बीच में रखना जरूरी होता है।

बिजली बचत में इसका बड़ा योगदान है। इन्डक्सन चूल्हे की सबसे बड़ी खूबी इसकी ऊर्जा दक्षता होती है। सही आकार का बर्तन गोल घेरे के अंदर रखने पर लगभग 90 प्रतिशत ऊर्जा सीधे बर्तन को गर्म करने में लगती है। इससे अनावश्यक ताप हानि कम होती है और बिजली का बिल भी कम आता है। गलत आकार के बर्तन, जो बहुत छोटे या बहुत बड़े होते हैं, गर्मी समान रूप से नहीं पहुंचा पाते। इससे ऊर्जा की बर्बादी होती है और लंबे समय तक ऐसा करने पर चूल्हे की कार्यक्षमता कम हो सकती है। सुरक्षा के लिहाज से भी इन्डक्सन चूल्हे में लगे सेंसर इस बात की जांच करते हैं कि बर्तन सही जगह पर है या नहीं। यदि बर्तन हटा दिया जाए या गलत स्थान पर रखा जाए तो चूल्हा खुद ही बंद हो जाता है, जो दुर्घटना के जोखिम को कम करता है। चूल्हे की आयु बढ़ाने के लिए भी बर्तन को सही तरीके से रखना जरूरी होता है क्योंकि इससे बाहरी और आंतरिक विद्युत प्रणाली पर दबाव कम पड़ता है। यह अत्यधिक तापमान को रोकता है और चूल्हे को लंबे समय तक टिकाऊ बनाता है। यह छोटा सा गोल घेरा वास्तव में चूल्हे की दीर्घायु के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सूर्योदय नगरपालिकाले चाय का न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त करने का निर्णय लिया

सूर्योदय नगरपालिकाले चाय का न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त करने का निर्णय किया है और मूल्य निर्धारण संघीय सरकार द्वारा करने का अनुरोध करेगी। नगर सभा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन व्यवस्था और सहकारी कानून सहित सातों कानूनों में संशोधन किया है। नगरपालिकाले चाय बागानों को स्थानीय सरकारी स्वामित्व में लाने और कूड़ा-करकट प्रबंधन के लिए आधुनिक केंद्र निर्माण करने का निर्णय लिया है। २७ चैत्र, इलाम।

नगर प्रमुख दुर्गाकुमार बराल के अनुसार, ‘गुणवत्तापूर्ण चाय उत्पादन मापदंड कार्यविधि–२०७५’ के तहत उद्योगों को किसानों को प्रति किलो रू ४० न्यूनतम मूल्य देने का प्रावधान था। लेकिन अधिकांश किसान और उद्योगपतियों ने खुले बाजार में मूल्य निर्धारण की मांग की, जिसके बाद नगरपालिका की १८वीं नगरसभा की तीसरी बैठक में उक्त कानूनों में संशोधन किया गया है।

नगर प्रमुख बराल ने बताया कि सभा ने सात ऐसे कानूनों में संशोधन किया है, जो जटिलता उत्पन्न करते थे और नागरिकों को समस्या होती थी। इस बार, नगरपालिकाले चाय क्षेत्र की समस्याओं के समाधान हेतु १४ वटों वडाओं से किसानों और उद्योगपतियों के सुझाव भी एकत्रित किए हैं। चाय क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने के लिए नगर में चाय शाखा भी संचालित की जाएगी।

नगरपालिकाले पिछली वर्ष हुई आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए १४ वटों वडाओं में प्रत्येक को दो-दो लाख रुपये के हिसाब से बजट आवंटित किया है। इसके अतिरिक्त, नगरपालिका फोहोर मैला प्रबंधन के लिए स्विस सरकार, प्रदेश सरकार और स्थानीय सरकार के संयुक्त प्रयास से लगभग २२ करोड़ रुपये की निवेश राशि के साथ एक आधुनिक कूड़ा प्रबंधन केंद्र निर्माण की योजना बना रही है, जिसे वडा नं ५ के वडाध्यक्ष उर्गेन बम्जन ने बताया।

लेबनानी किशोरी द्वारा खींचे गए सेल्फी वीडियो में इजरायली हवाई हमले का क्षण

लेबनान की राजधानी बेरूत में बुधवार को एक १३ वर्षीय किशोरी सेल्फी वीडियो बना रही थी। इसी दौरान वहां इजरायली हवाई हमला हुआ। सोशल मीडिया के लिए फिल्टर का उपयोग करते हुए उसने जो वीडियो बनाया, उसमें अचानक घबराकर भागती हुई दिख रही है।

अमेरिका और इजरायल ने लगभग डेढ़ महीने पहले ईरान पर हमला शुरू किया था, जिसके बाद लेबनान भी इजरायली निशाने पर आ गया है। इस संघर्ष की शुरुआत के बाद से बुधवार को लेबनान में सबसे भयंकर हमला किया गया, जिसकी सूचना इजरायल ने दी है। उनके अनुसार इस हमले में लेबनानी लड़ाकू समूह हिज्बुल्लाह को निशाना बनाया गया और १० मिनट के भीतर १०० से अधिक स्थानों पर हवाई हमले किए गए। लेबनान के अनुसार इजरायली हमलों में ३०० से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं।

इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच गुरुवार रात को भी संघर्ष जारी रहा। इजरायल के हवाई हमलों के जवाब में हिज्बुल्लाह ने राकेट हमले किए, जिसके बाद तेल अभिभ और अन्य स्थानों पर आम जनता से सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई। ईरानी अधिकारियों ने लेबनान पर हुए हमलों की निंदा की और इजरायल पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया। हालांकि इजरायल और अमेरिका ने युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल नहीं करने का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायल और लेबनान के बीच के संघर्ष को ईरान के साथ होने वाले कम संघर्ष से अलग बताया है। नेतन्याहू ने गुरुवार को लेबनान के साथ प्रत्यक्ष वार्ता के लिए अपनी मंत्रिपरिषद को निर्देश दिए हैं। बेरूत ने भी वार्ता के लिए अपनी सहमति जताई है।

नेतन्याहू के अनुसार लेबनान के बार-बार आग्रह पर उन्होंने प्रत्यक्ष वार्ता के लिए मंत्रिपरिषद की मंजूरी ली है। उनके अनुसार यह वार्ता “हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने और इजरायल और लेबनान के बीच शांति स्थापित करने” पर केंद्रित होगी।

इन्स्टाग्राममा अब आफूले गरेको कमेन्ट एडिट गर्न मिल्ने

इंस्टाग्राम पर अब अपने कमेंट्स को संपादित करना संभव

इंस्टाग्राम ने अपने उपयोगकर्ताओं को उनके कमेंट्स को पोस्ट करने के बाद १५ मिनट के भीतर संपादित करने का विकल्प प्रदान किया है। यह सुविधा लंबे समय से उपयोगकर्ताओं की मांग थी। अब उपयोगकर्ता कमेंट्स में मौजूद त्रुटियों को आसानी से सुधारने के लिए एडिट विकल्प का उपयोग कर सकेंगे। इससे पहले, छोटे टाइपो या वर्तनी सुधार को करने के लिए पुराने कमेंट को हटाकर नया कमेंट पोस्ट करना पड़ता था, जो अब समाप्त हो गया है।

हालांकि, इस नई सुविधा के कुछ सीमाएं भी हैं। उपयोगकर्ता कमेंट पोस्ट करने के १५ मिनट के भीतर ही उसे संपादित कर सकेंगे। इस १५ मिनट के अंदर आवश्यकतानुसार संपादन कई बार किया जा सकता है। संपादन के बाद कमेंट के नीचे ‘Edited’ शब्द दिखाई देगा, जो दूसरों को कमेंट की संपादन की जानकारी देगा। ‘iMessage’ जैसे एप्लीकेशन्स से अलग, यहां पुराने कमेंट के संपादन इतिहास उपलब्ध नहीं होगा।

एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सुविधा केवल टेक्स्ट संपादन तक सीमित है; फोटो संलग्न कमेंट में तस्वीरें बदली नहीं जा सकेंगी। कमेंट संपादन सुविधा के साथ ही इंस्टाग्राम ने किशोरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम भी उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि १३ वर्ष से ऊपर के किशोरों के खाते में फिल्म रेटिंग के आधार पर कुछ विशेष प्रकार की सामग्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह पहल तब आई है जब मेटा बाल सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर कानूनी दबाव झेल रहा है। हाल ही में न्यू मेक्सिको और लॉस एंजिल्स की अदालतों ने मेटा को बाल सुरक्षा में लापरवाही और एप को हानिकारक डिजाइन करने का दोषी ठहराया है।

रास्वपा संसदीय दल की बैठक आज सिंहदरबार में सम्पन्न होगी

रास्वपा संसदीय दल के नेता एवं प्रधानमंत्री बालेन शाह। फाइल फोटो, काठमाण्डू। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) संसदीय दल की बैठक आज सिंहदरबार स्थित संसदीय दल के कार्यालय में दोपहर एक बजे तक चलेगी। बैठक में उपसभामुख के निर्वाचन सहित अन्य विविध विषयों पर चर्चा की जाएगी, यह जानकारी रास्वपा ने दी है। उपसभामुख पद के लिए श्रम संस्कृति पार्टी की रुबीकुमारी ठाकुर और राप्रपा की सरस्वती लामाले ने उम्मीदवारी दाखिल की है। श्रम संस्कृति पार्टी की २५ वर्षीय ठाकुर ने गुरुवार को रास्वपा के समर्थन में अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराई थी। प्रतिनिधि सभा में रास्वपा के लगभग दो तिहाई बहुमत के कारण रास्वपा के समर्थन से ठाकुर का उपसभामुख निर्वाचित होना लगभग निश्चित माना जा रहा है।

प्रधानमन्त्रीको कूटनीति मिटिङ : कसले राख्याे राजदूतका अगाडि प्लास्टिकका बाेतल ? 

प्रधानमंत्री की कूटनीतिक बैठक में राजदूतों के सामने प्लास्टिक की बोतलों की उपस्थिति

पहली नजर में यह छोटी बात लग सकती है, लेकिन कूटनीति में ‘पहला प्रभाव’ और प्रस्तुति का विशेष महत्व होता है। राजदूतों के सामने टेबल पर प्लास्टिक की बोतलों को लाइन में रखना कुछ ‘सस्ता, लापरवाही भरा और अनौपचारिक’ प्रतीत होता है। इससे हमारी कूटनीतिक संवेदनशीलता की कमी स्पष्ट रूप से दिखती है।

भक्तपुर में प्रसिद्ध बिस्का जात्रा आज से शुरू

भक्तपुर में आज से प्रसिद्ध बिस्का जात्रा शुरू हो रहा है। यह जात्रा भक्तपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाती है तथा लिच्छविकाल से चली आ रही मानी जाती है। बिस्का जात्रा नौ दिन आठ रात तक चलने के कारण सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई है। २७ चैत, काठमाडौं। भक्तपुर में नौ दिन आठ रात मनाई जाने वाली प्रसिद्ध बिस्का जात्रा आज से शुरू हो रही है। यह जात्रा नेपाली नया वर्ष वैशाख १ से चार दिन पहले भैरव और भद्रकाली के रथ खींचे जाने के साथ शुरू होकर वैशाख ५ को समाप्त होती है। भक्तपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह बिस्का जात्रा लिच्छविकाल से निरंतर होने वाली परंपरा है।

जात्रा तौमढी (पाँचतले मन्दिर के सामने) से भैरव और भद्रकाली के रथ खींच कर प्रारंभ होती है, और नौ दिन तक विभिन्न जात्रा और कार्यक्रम आयोजित होते हैं। पहले दिन पाँचतल्ले मन्दिर प्रांगण से भैलख को क्वने और थने के लोग साथ लेकर आगे पाँच और पीछे चार रस्सियाँ लेकर अपने-अपने मोहल्लों की ओर ले जाते हैं। जात्रा का मुख्य आकर्षण यही भैलखः खींचना होता है। जात्रा में भैलखः खींचने का मार्ग क्वने राज्य की ओर तमारी, बुलुँचा, घट्खा, नासमना, मुलाखु, वंशगोपाल और तेखापुखुसम्म तथा थने राज्य की ओर क्वाछें, साकोठा, सुकुलढोका, गोमारी, इनाचो और दत्तात्रय तक फैला है।

जात्रा का दूसरा दिन शून्य माना जाता है। तीसरे दिन गःहिटी में भैरवनाथ को बैल की बलि दी जाती है और गुठी संस्थान द्वारा सरकारी पूजा की जाती है। बलि पूजा का मांस प्रसाद के रूप में लाकुलाछेवासी को वितरित किया जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘स्याःक्वःत्याःक्वः’ कहा जाता है। जात्रा के चौथे दिन सुबह तालाक्व स्थित कुमाले मोहल्ले में ल्हामरु म्ह यसींद्यो (हाथ नहीं वाले लंबा लिंगो) खड़ा किया जाता है, जबकि शाम को तांत्रिक विधि से दशकर्म विधि कर ५५ हाथ लंबा यसींद्योः भेलुखेल स्थित ल्यसिङखेल में लगाया जाता है। यसींद्योः लगाने की परंपरा बिस्का जात्रा की एक और बड़ी खासियत है।

यसींद्योः लगाए जाने वाली रात नवदुर्गा देवता वहां उपस्थित हो कर तलेजु में दुमाजु की विशेष पूजा करते हैं। यसींद्योः लगाए जाते ही स्थानीय बाराही देवी की तिंप्वाः जात्रा तथा इन्द्रायणी देवी की त्वारिवा जात्रा मनाई जाती है। बिस्का जात्रा के पांचवें दिन अर्थात् नए वर्ष वैशाख १ की सुबह से ही चुपिङघाट और ल्यसिङखेल में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। इस दिन मोहल्ला-मोहल्ला विभिन्न बाजे बजाकर पारंपरिक पोशाक में भैरव, भद्रकाली, बेताल और यसींद्योः के दर्शन एवं पूजा की जाती है।

जात्रा के छठे दिन महाकाली और महालक्ष्मी की जात्रा मनाई जाती है। सातवें दिन तचपाल में ब्रह्मायणी और महेश्वरी की जात्रा आयोजित होती है। उसी दिन तालाक्व में बटुकभैरव और ज्याठा गणेश की सिंदूर जात्रा तथा खँला में परदेशी भीमसेन की खटजात्रा होती है। आठवें दिन भक्तपुर के शक्तिशाली देव-देवियों को उनके द्यो छें से निकाल कर प्रांगण, सतल और पाटी में रखकर पूजा की जाती है और विविध प्रसाद अर्पित कर द्यो स्वगं पूजा (सगुन जात्रा) मनाई जाती है। जात्रा के अंतिम दिन सुबह तालाक्व स्थित कुमाले मोहल्ले में ल्हामरु म्ह यसींद्यो (हाथ नहीं वाला लिंगो) हटाने की जात्रा आयोजित होती है।

इरानका पूर्वविदेशमन्त्री कमाल खराजीको मृत्यु – Online Khabar

इरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी का निधन

इरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी अप्रैल की शुरुआत में हुए हमले में घायल हो गए थे और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। खराजी को एक सुधारवादी नेता के रूप में जाना जाता था और वे सुप्रीमो अली खामेनई के सलाहकार भी थे। खबरों के अनुसार, इस हमले में उनकी पत्नी की मौत हो गई और तेहरान स्थित उनके घर को निशाना बनाया गया था।

27 चैत, काठमांडू। इरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराजी का निधन हो गया है। अप्रैल के शुरू में घायल हुए खराजी इलाज के दौरान अस्वस्थ होकर चल बसे। ईरानी मीडिया ने पूर्व विदेश मंत्री खराजी के निधन की खबर प्रकाशित की है। वे ईरान की राजनीतिक दुनिया में एक सुधारवादी नेता के रूप में जाने जाते थे।

खराजी ‘स्ट्रेटेजिक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ के प्रमुख थे और दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनई के सलाहकार भी थे। 1997 से 2005 तक उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री का पद संभाला। सुधारवादी समर्थक जमरान न्यूज़ वेबसाइट ने अप्रैल 1 को खराजी गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी दी थी। खबरों के अनुसार इस हमले में उनकी पत्नी की भी मौत हुई है। जमरान ने तेहरान स्थित खराजी के घर पर हुए हमले का भी दावा किया है।

कांग्रेस में संसदीय दल के नेता चयन को लेकर विवाद

नेपाली कांग्रेस ने प्रतिनिधि सभा के सदस्यों के शपथ ग्रहण के दो सप्ताह बाद भी संसदीय दल के नेता का चयन नहीं कर पाया है। सभापति गगनकुमार थापा द्वारा सर्वसम्मति से दल के नेता चुनने का प्रयास करने पर अर्जुननरसिंह केसी और मोहन आचार्य के बीच विवाद की वजह से प्रक्रिया में देरी हुई है। २४ चैत को निर्वाचन समिति गठन किया गया था, लेकिन सहमति न बनने के कारण दल के नेता चयन का चुनाव स्थगित हो गया है। २६ चैत, काठमांडू।

प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने शपथ ग्रहण कर लिया है लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद नेपाल कांग्रेस संसदीय दल के नेता का चयन नहीं कर पाई है। सभापति गगनकुमार थापा ने सर्वसम्मति से आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे दल के नेता चयन में देरी हुई है। समानुपातिक प्रणाली से निर्वाचित वरिष्ठ सदस्य अर्जुननरसिंह केसी को प्रतिनिधि सभा की बैठक संचालित करनी है, इसलिए भी प्रक्रिया में विलंब हो रहा है। केसी २२ फाल्गुन को सभामुख का चुनाव पूरी करके संसद के सभाध्यक्ष पद से मुक्त हो चुके हैं।

संसद सदस्य केसी ने सभामुख पद मुकर्रर होने के बाद ही संसदीय दल के नेता चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी की है, ऐसा कांग्रेस ने बताया है। कांग्रेस ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए २४ चैत को दल के नेता चयन के लिए सहमहामंत्री प्रकाश रसाइली ‘स्नेही’ के संयोजन में निर्वाचन समिति बनाई थी। लेकिन कांग्रेस २४ चैत को समिति के माध्यम से नेता चयन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पाई और रसाइली नेतृत्व वाली समिति द्वारा कोई आधिकारिक सूचना भी प्रकाशित नहीं हुई।

सभापति थापा ने बताया कि संसदीय दल के नेता चयन के लिए सर्वसम्मति से चर्चा जारी है, जिसके कारण रसाइली समिति ने प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई और २४ चैत को निर्धारित चुनाव स्थगित हो गया है, ऐसा कांग्रेस सूत्रों ने बताया। कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘सभापति अर्जुननरसिंह को सर्वसम्मति से दल का नेता बनाना चाहते हैं, अन्यथा नहीं। अर्जुननरसिंह चुनाव लड़ने को भी तैयार हैं। इस कारण दल के नेता चयन में देरी हो रही है।’ एक अन्य शीर्ष नेता ने भी सर्वसम्मति के प्रयासों के कारण देरी होने की प्रतिक्रिया दी।

‘अर्जुननरसिंह को न बनाना, किसी और को बनाना, उसे भी सर्वसम्मति से चुनावित कराने की कोशिशें इस देरी का कारण हैं,’ उन्होंने कहा, ‘चैत माह के भीतर फैसला आ जाएगा।’ कांग्रेस के एक पदाधिकारी के अनुसार सभापति थापा और उपसभापति विश्वप्रकाश शर्मा सांसद केसी को दल के नेता बनाना नहीं चाहते हैं। लेकिन सांसदों के दबाव से केसी का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘गगन और विश्वजी दोनों केसी को नेता बनाना नहीं चाहते, लेकिन अधिकांश सांसदों का मानना है कि केसी को ही नेता बनना चाहिए, इसलिए उनका मनोबल ऊंचा है।’

कांग्रेस के संस्थापक समूह के अलावा अन्य समूह सभापति थापा को ‘एक्सपोज़’ करने के लिए केसी को प्रोत्साहित कर रहे हैं ऐसा भी बताया जाता है। एक सहमहामंत्री ने कहा, ‘लगता है कि गगनजी को एक्सपोज़ करने की कोशिश हो रही है। व्यक्तिगत तौर पर पूर्णबहादुर खड्का और डा. शेखर कोइराला जैसे नेता केसी को दल का नेता बनाने में सहयोग कर रहे हैं।’ सभापति थापा ने रसुवा से निर्वाचित सांसद मोहन आचार्य को दल का नेता बनाने की इच्छा जताई है। लेकिन कांग्रेस के नेता बताते हैं कि आचार्य के नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई है।

एक शीर्ष नेता ने कहा, ‘मोहन आचार्य को नेता बनाने का प्रयास तो किया गया पर सर्वसम्मति प्राप्त नहीं हो सकी, हालांकि वे सभापति के पसंदीदा उम्मीदवार हैं। सभापति कोई भी हों, सर्वसम्मति से नेता बनाने की कोशिश जारी है।’ इसी तरह, समानुपातिक सांसद भीष्मराज आङ्देम्बे भी संसदीय दल के नेता बनने के इच्छुक हैं। वे १४वें महाधिवेशन में चुने गए सहमहामंत्री हैं। कांग्रेस के नेताओं ने तीन दिन पहले केसी से मिलकर सर्वसम्मति से नेता बनाने के लिए चर्चा की थी, जहां केसी ने खुद को निर्विरोध नेता बनाने के लिए उचित माहौल बनाने का आग्रह किया था, नहीं तो वे स्वयं उम्मीदवार उठाने की चेतावनी भी दी थी।

सूत्रों के अनुसार, संस्थापक समूह के अलावा अन्य समूह केसी को दल का नेता बनाने में मदद कर सकते हैं। केसी सभापति थापा से स्वयं को निर्विरोध दल का नेता बनाने का आग्रह कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के संसदीय इतिहास में २०६४ साल के बाद से सर्वसम्मति से नेता चयन का उदाहरण नहीं है। इसलिए इस बार भी मतदान के जरिए नेता चयन की संभावना अधिक है। प्रतिनिधि सभा के निर्वाचन २०७९ के बाद बने संसद के लिए नेता चयन में कांग्रेस ने मतदान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया था। २१ फाल्गुन को संपन्न चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों के टिकट वितरण पर सभापति शेरबहादुर देउवा और गगनकुमार थापा दोनों के हस्ताक्षर थे। समानुपातिक बंदसूची पर देउवा ने और प्रत्यक्ष चुनाव टिकटों पर थाप ने हस्ताक्षर किए थे। प्रत्यक्ष और समानुपातिक प्रणाली से चुने गए ३८ सांसदों में प्रत्यक्ष में संस्थापक पक्ष की प्रबलता है जबकि समानुपातिक में संस्थापक समूह के बाहर के सांसद अधिक हैं। सूत्रों के अनुसार संस्थापक समूह के १६ और संस्थापनबाहक समूह के २२ सांसद हैं। उनमें निवर्तमान सभापति देउवा के निकट १५ और कोइराला के निकट ७ सांसद हैं। लेकिन हाल ही दल के अंदर देखा गया विभाजन सांसदों की संख्या निर्धारण में अस्पष्टता ला रहा है।

इरान ने होर्मुज स्ट्रेट नियमन पर सहमति न होने की ट्रम्प की सफाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से गुजरने वाले पानी जहाजों के नियमन को लेकर इरान के साथ किसी भी सहमति से इनकार किया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर प्रतिक्रिया देते हुए इरान के व्यवहार को “अच्छा नहीं” बताया और आपत्ति जताई। इरान ने होर्मुज स्ट्रेट से ईंधन ले जाने वाले जहाजों पर अपनी सैन्य निगरानी और अनुमति अनिवार्य करने की बात कही थी, लेकिन ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि “हमारे बीच ऐसी कोई सहमति नहीं हुई है।”

पिछली रिपोर्टों में सूचित किया गया था कि होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से इरान ने शुल्क वसूल किया है। ट्रम्प ने इस शुल्क वसूली को गलत ठहराते हुए कहा, “अगर वे ऐसा नहीं कर रहे हैं तो अच्छा होगा, यदि कर रहे हैं तो इसे तुरंत बंद करना चाहिए।” युनाइटेड किंगडम की विदेश मंत्री इवेट कूपर ने भी अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर शुल्क लगाने को पूरी तरह से खारिज किया है।

कूपर ने कहा, “समुद्र में मौलिक स्वतंत्रता को कोई भी एक तरफा तौर पर सीमित नहीं कर सकता और न ही इसे किसी एकल मालिक को बेचा जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर शुल्क लगाना कतई सही नहीं है।” अमेरिका और इरान के बीच युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्ष विवादों को लेकर लगातार जूझ रहे हैं।

वहीं, इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत की तैयारियां चल रही हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले दिन हुए इजरायली हमले में ३०३ लोगों की मृत्यु हुई है। इजरायली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट को निर्देश दिया है कि वे शीघ्रतौर पर लेबनान के साथ प्रत्यक्ष वार्ता शुरू करें। उन्होंने बताया कि ये वार्ताएं हिज़बुल्लाह के निरस्त्रीकरण और इजरायल तथा लेबनान के बीच शांतिपूर्ण संबंधों के निर्माण के माहौल में केंद्रित होंगी।

चौथे राष्ट्रीय यू–२० एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए कर्णाली प्रदेश की टीम को विदाई

कर्णाली प्रदेश के खिलाड़ियों को पोखरा में आयोजित होने वाले चौथे राष्ट्रीय यू–२० एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए विदाई दी गई है। सदस्य–सचिव रविंद्र चंद ने खिलाड़ियों को उच्च मनोबल के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं। साथ ही, रग्बी सेवेंस महिला एवं पुरुष टीमों को भी आज राष्ट्रीय चैंपियनशिप खेलने के लिए विदाई दी गई है। 27 चैत्र, काठमांड़ू।

पोखरा में आयोजित होने वाले चौथे राष्ट्रीय यू–२० एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए कर्णाली प्रदेश के खिलाड़ियों को एक विशेष कार्यक्रम के तहत विदाई दी गई। कर्णाली प्रदेश खेलकूद विकास परिषद के सदस्य–सचिव रविंद्र चंद ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा व्यवस्थापकों की टीम को शुभकामनाओं सहित विदाई दी।

विदाई के दौरान सदस्य–सचिव चंद ने खिलाड़ियों से उच्च मनोबल के साथ खेलने का आग्रह करते हुए कहा, ‘आप प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कर्णाली का नाम ऊँचे स्थान पर पहुँचाने के लिए मैं आपको हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।’ उन्होंने खेल के क्षेत्र के विकास के लिए परिषद हमेशा खिलाड़ियों के साथ रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

नेपाल एथलेटिक्स संघ के आयोजन तथा कास्की जिला एथलेटिक्स संघ के समन्वय में होने वाली यह प्रतियोगिता आगामी चैत्र 28 और 29 को पोखरा रंगशाला मैदान में संचालित होगी। सदस्य–सचिव चंद ने आज राष्ट्रीय रग्बी सेवेंस महिला एवं पुरुष चैंपियनशिप खेलने जा रही टीमों को भी विदाई दी। कर्णाली प्रदेश की महिला और पुरुष दोनों टीमें प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही हैं।

अर्थमन्त्री वाग्लेलाई खुला पत्र – Online Khabar

अर्थमन्त्री वाग्ले को खुला पत्र

नेपाल की योजनाबद्ध विकास और बजट निर्माण प्रक्रिया में राष्ट्रीय आयोजना बैंक और आयोजना वर्गीकरण मापदंड के क्रियान्वयन से बजट प्रक्रिया में महत्वपूर्ण परिवर्तन आने की उम्मीद है। आर्थिक समृद्धि के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी, ऋण, अनुदान मिश्रित ऋण निवेश, आयोजना ऋणपत्र सहित वित्तीय उपकरणों का परिचालन अनिवार्य है। पूर्वाधार विकास के लिए नगर विकास कोष, पूर्वाधार विकास बैंक, नेपाल निवेश बोर्ड जैसी संस्थाओं का पुनर्गठन और क्षमता वृद्धि आवश्यक है। माननीय अर्थमन्त्रीज्यू को नेपाल सरकार की ओर से हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं प्रेषित करता है। नेपाल योजनाबद्ध विकास, बजट, पूर्वाधार विकास और समृद्धि की दिशा में आपके नेतृत्व में आगे बढ़ने की आशा करता है।

नेपाल की पहली पाँचवर्षीय योजना ने २०१३ साल में ३३ करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य रखा था जबकि सातवीं योजना का निवेश लक्ष्य २९ अरब रुपये निर्धारित किया गया है। २०४६ साल तक विकास निर्माण आंतरिक स्रोत और वैदेशिक अनुदान पर निर्भर करते हुए आंतरिक ऋण और बाह्य ऋण कुल मिलाकर लगभग ७० अरब रुपये ही उपयोग में लाया गया था। आज देश का आंतरिक ऋण १३ खरब ४८ अरब और वैदेशिक ऋण १५ खरब ३० अरब होकर कुल २९ खरब के करीब पहुँच चुका है। आठवीं योजना से १६वीं योजना तक आते-आते, १६वीं योजना अवधि में ९४ खरब रुपये निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र का निवेश ३०.२५ खरब, निजी क्षेत्र का ६७.२५ खरब और सहकारी क्षेत्र से २.६५ खरब रुपये होने की अपेक्षा है।

सार्वजनिक ऋण को और प्रभावी बनाकर निवेश के वित्तीय उपकरणों के परिचालन के माध्यम से देश की आर्थिक समृद्धि को साकार करने हेतु कुछ सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। नेपाल के योजनाबद्ध विकास, बजट, पूर्वाधार विकास और समृद्धि के लिए राष्ट्रीय योजना आयोग द्वारा लागू किए गए ‘आयोजना वर्गीकरण के आधार तथा मापदंड २०८०’ एवं ‘राष्ट्रीय आयोजना बैंक (कार्य संचालन तथा प्रबंधन) मापदंड २०८१’ का सफल कार्यान्वयन केवल अर्थ मन्त्रालय, योजना आयोग, प्रदेश सरकारों एवं प्रदेश योजना आयोगों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव होगा। इससे बजट निर्माण प्रक्रिया में पूर्णतः नया मार्ग प्रशस्त होगा।

मन्त्री पद संकटमा पर्नु भयोपछि साहले माइन्युट सच्याउन थाल्नु भयो

समाचार सारांश

  • प्रधानमंत्री बालेन शाहले रास्वपाको सिफारिस अनुसार श्रममंत्री दीपककुमार साहलाई बिहीबार पदमुक्त गरे।
  • साहकी पत्नी जुनु श्रेष्ठ स्वास्थ्य बीमा बोर्ड की सदस्य होने के बावजूद लगातार बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण पद रिक्त किया गया था।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय और बीमा बोर्ड में पहुँच और शक्ति के दुरुपयोग के विवाद के बाद साह मंत्री पद से हटाए गए।

२६ चैत, काठमाडौं । प्रधानमंत्री बालेन शाहले श्रम, रोज़गार तथा सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपककुमार साहलाई बिहीबार पदमुक्त गरे । प्रधानमन्त्री शाहले रास्वपाको सिफारिस अनुसार बिहीबार साहलाई मन्त्री पदबाट हटाउने निर्णय गरेका छन् ।

रास्वपा सभापति रवि लामिछानेले बिहीबार नै श्रममन्त्री साहले मन्त्री पदमा रहँदा पदीय मर्यादाको दुरुपयोग गरेको आरोप लगाउँदै प्रधानमन्त्रीलाई सिफारिस गरेका थिए ।

साहकी पत्नी जुनु श्रेष्ठ लामो समयदेखि निष्क्रिय रहेको स्वास्थ्य बीमा बोर्डको सदस्यको रूपमा शक्ति र पहुँचको आडमा नियमित काममा संलग्न भएकी खबर बाहिरिएपछि रास्वपाले कारबाही गरेको हो ।

जुनु श्रेष्ठ दृष्टिरोग विशेषज्ञ हुन् । उनलाई तत्कालीन स्वास्थ्यमन्त्री मोहनबहादुर बस्नेतले मंसिर २०८० मा बोर्ड सदस्यमा नियुक्त गरेका थिए । त्यसपछि केही समय उनी नियमित बैठकमा उपस्थित रहिन् ।

तर १ पुस २०८१ देखि श्रीमती बोर्ड बैठकमा अनुपस्थित रहिन् र औपचारिक जानकारी पनि बोर्डलाई दिइन् न। पूर्व पदाधिकारीका अनुसार उनलाई पटक-पटक बैठकमा सहभागी हुन आग्रह गरियो । भदौ २०८१ मा उनी अध्ययनका लागि बेलायत गएको थिए भने साथी श्रीमान् पनि त्यहाँ थिए ।

बोर्ड अध्यक्ष चन्द्रबहादुर थापा क्षेत्रीले तीन पटक बैठकमा अवस्थित नहुँदा स्वचालित रूपमा निलम्बनको व्यवस्था उल्लेख गरेपछि ११ पटकसम्म अनुपस्थित भएपछि मन्त्रालयलाई कारवाही गर्न पत्र पठाइयो ।

स्वास्थ्य मन्त्रालयका उच्च स्रोतका अनुसार श्रेष्ठलाई स्वास्थ्यमन्त्री निशा मेहताले नियुक्त गरेकी थिइन् । सोशल मिडियामा पहुँच र शक्ति दुरुपयोगको विवाद भएपछि मंत्रालय र बोर्डका अधिकारी चुपचाप भएका थिए ।

स्वास्थ्य बीमा ऐन २०७४ को दफा २५ को उपदफा १ अनुसार लगातार तीन बैठकमा अनुपस्थित भएपछि पद स्वचालित रूपमा रिक्त हुने व्यवस्था छ ।

ऐनमा भनिएको छ, ‘बोर्डलाई सूचित नगरी लगातार तीन बैठकमा अनुपस्थित भए अध्यक्ष, सदस्य र कार्यकारी निर्देशकको पद रिक्त हुनेछ।’

४ वैशाख २०८२ मा बीमा बोर्डका तत्कालीन कार्यकारी निर्देशक डा. रघुराज काफ्लेले स्वास्थ्य मन्त्रालयलाई पत्र लेखेको थियो कि २०८१ पुस १ र चौथोदेखि एघारौँ बोर्ड बैठकसम्म उनी नियमित अनुपस्थित छन् जसले निर्णय प्रक्रियामा असर पारेको छ ।

बोर्डका पदाधिकारीहरूका अनुसार श्रेष्ठलाई बोर्डमा काम गरिदिने व्यक्ति चाहिएको थियो ।

बोर्ड पदाधिकारीले उनलाई फर्कन अनुरोध गरेपछि पनि उनी उपस्थित नहुँदा मन्त्रालयले नियुक्ति पत्र जारी गरेको थियो तर फलदायी भएन ।

शारीरिक रूपमा उपस्थित नभएपछि जुनुको सदस्यता हटाइयो र उनको नाम बीमा बोर्डको वेबसाइटबाट समेत हटाइयो ।

२१ फागुनमा सम्पन्न प्रतिनिधि सभा चुनावमा साहले महोत्तरी-२ बाट रास्वपाबाट विजय प्राप्त गरे । उनीहरू हालै मात्र नेपाल फर्केका थिए ।

त्यसपछि जुनुले बोर्ड सदस्यको रूपमा फेरि फर्किन खोजिन् तर पदाधिकारीहरूले अस्वीकृत गरे । ‘कार्यकाल बाँकी भनेर फर्किन चाहन्थिन् तर अध्यक्ष र केही सदस्यहरूले विरोध गरे । उनी बैठकमा आएनन्,’ एक सदस्यले बताए ।

स्वास्थ्यमन्त्रीले पुनः नियुक्ति गरिन्

१३ चैतमा साह श्रममन्त्री बने । स्वास्थ्यमन्त्री निशा मेहता थिइन् । त्यसपछि साहले दबाब दिँदै पत्नीलाई बोर्डमा पुनः नियुक्त गराउने प्रयास गरे । मेहताले पनि नियुक्ति पत्र हस्तान्तरण गरिन् ।

२३ चैतको बोर्ड बैठकमा श्रेष्ठ आकस्मिक रूपमा सदस्य पदमा उपस्थित भइन् । बैठक तीन घण्टा चल्यो र उनको उपस्थितिलाई सदस्यले स्वीकारे ।

तर सञ्चार माध्यममा पुनः नियुक्तिको खबर आएपछि जुनुले यसलाई अस्वीकार गरिन् र आफूलाई कहीं पनि नियुक्ति पत्र नदिइएको स्पष्ट पारेकी छिन् ।

स्वास्थ्य मन्त्रालय र बीमा बोर्डका कर्मचारीहरूको आयोजना गरिएको कार्यक्रममा स्वास्थ्यमन्त्री निशा मेहता व्यस्त भएर अनुपस्थित थिइन् ।

जुनुले सामाजिक सञ्जालमा लेखेकी छिन्, ‘मेरो नियुक्ति २०८० सालमा भएको हो, जुन २०८४ सम्म वैध छ । पुनः नियुक्ति मेरो जानकारी बाहिरको कुरा हो र त्यसको जिम्मा लिएँ हुँदैन ।’

उनले भनिन् कि लन्डनबाट फर्केकी १०० दिन भइसकेकाले स्वास्थ्य मन्त्रालयलाई बोर्ड सदस्यका रूपमा फर्किन आग्रह गरेकी थिइन् ।

मन्त्रालयमा पुगेर विवादले चुप्पी साध्दा पनि अधिकारीहरूले पहुँच दुरुपयोगको आरोपलाई चुप लागेर बस्नु परेको छ ।

मन्त्री पद बचाउन माइन्युट सच्याउन दौडधूप

मन्त्री पद संकटमा परेपछि साहले अर्को उपाय अपनाए । बोर्ड बैठकमा सदस्यको रूपमा भएको हस्ताक्षर गरिएको माइन्युट हटाउन खोजे । मन्त्री साह बोर्ड सदस्यहरूलाई भेट्न वीर अस्पताल पुगे ।

उच्च स्रोतका अनुसार मंगलबार बिहान उनले अस्पताल पुगेका थिए जसमा ‘श्रेष्ठलाई आमन्त्रित विज्ञको रूपमा ल्याइएको भन्दै अर्को माइन्युटमा हस्ताक्षर गराइएको थियो ।’ केहीले हस्ताक्षर गरे भने केहीले गरेनन् ।

बुधबार स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम १० वर्ष पुरा भएसँगै बीमा बोर्डले महत्त्वपूर्ण उपलब्धि सार्वजनिक गर्ने कार्यक्रम आयोजना गर्यो, जसमा साह मुख्य अतिथि थिए ।

कार्यक्रममा स्वास्थ्य मन्त्री निशा मेहता उपस्थित छैनन्, तर मन्त्रालय र बीमा बोर्डका कर्मचारीहरूको उपस्थिति थियो ।

करीब १५ मिनेट बोलेका साहले स्वास्थ्य मन्त्रालय र कर्मचारीहरूको कार्यशैलीप्रति आपत्ति व्यक्त गरे । उनले स्वास्थ्य मन्त्रालयदेखि स्वास्थ्य बीमा बोर्ड, अस्पताल, स्वास्थ्यकर्मीहरूलाई दोषी ठहराउँदै सरकारको कार्यक्रममा असन्तुष्टि प्रकट गरे ।

स्वास्थ्य बीमा बोर्ड र स्वास्थ्य मन्त्रालयलाई आत्मालोचना गर्नुपर्ने बताए ।

स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम कमजोर हुनेमा स्वास्थ्य मन्त्रालय जिम्मेवार भएको भन्दै बीमा सञ्चालन गर्न नसके आफू मातहतको श्रम मन्त्रालयलाई पनि बुझाउनुपर्ने अवस्था आएको बताएका थिए ।

उनले पुनः संरचना बनाउन सुझाव दिए र स्वास्थ्य मन्त्रालयबाट खाका मागे । विवाद चुलिएपछि साहले बोर्ड र मन्त्रालयमाथि कटाक्ष गरे ।

बिहीबार श्रममन्त्री साहलाई पदीय मर्यादा उल्लंघन गरेको आरोपमा हटाइएको थियो । साहले भने, ‘मलाई केही भनिएको छैन, निर्णय मलाई समाचार आएपछि थाहा भयो, मैले के गरें ? नियुक्ति मन्त्रालयले अर्को व्यक्तिलाई गर्यो, मैले के गल्ती गरेँ ? अलिकति दुःख छ ।’