इंग्लिश प्रीमियर लीग के अंतिम मैच में सन्डरल्यान्ड ने चेल्सी को 2-1 गोल से हराया। इस मैच में सन्डरल्यान्ड के ट्राइ हुम ने एक गोल किया, जबकि चेल्सी के मालो गस्टो ने आत्मघाती गोल किया और कोल पाल्मर ने एक गोल वापसी में किया। इस जीत के बाद सन्डरल्यान्ड ने 54 अंक जुटाकर सातवीं जगह कायम रखी, वहीं 52 अंकों के साथ चेल्सी दसवें स्थान पर रहा।
10 जेठ, काठमाडौं। इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल में सन्डरल्यान्ड ने चेल्सी को 2-1 गोल से पराजित किया। रविवार रात को सत्र के अंतिम मैच में ट्राइ हुम ने सन्डरल्यान्ड के लिए एक गोल किया जबकि एक गोल चेल्सी को उपहार स्वरूप मिला। चेल्सी के कोल पाल्मर ने भी एक गोल कर टीम को वापसी का प्रयास दिया। मैच के 24वें मिनट में हुम ने गोल कर सन्डरल्यान्ड को बढ़त दिलाई। 49वें मिनट में चेल्सी के मालो गस्टो ने आत्मघाती गोल किया, जिससे सन्डरल्यान्ड की बढ़त दोगुनी हो गई। 55वें मिनट में पाल्मर ने गोल किया, जिससे चेल्सी वापसी की कोशिश में जुटा। 61वें मिनट में वेसले फोफाना को लाल कार्ड मिला और वे मैदान से बाहर हो गए, जिससे चेल्सी 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। जीत के साथ सन्डरल्यान्ड ने 38 मैचों में 54 अंक लेकर सातवें स्थान पर सत्र समाप्त किया, जबकि चेल्सी 52 अंकों के साथ दसवें स्थान पर रहा।
चीनी एआई स्टार्टअप डिपसिक ने अपने फ्लैगशिप मॉडल ‘भी४-प्रो’ के एपीआई शुल्क में की गई ७५ प्रतिशत कटौती को स्थायी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कंपनी ने विशेष प्रमोशन के तहत दी गई इस छूट को अब निरंतर जारी रखने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि इस मॉडल का उपयोग शुल्क पूर्व की तुलना में केवल चौथाई रहेगा।
डिपसिक ने अपने भी४-प्रो मॉडल में हुवावे कंपनी के ‘एसेन्ड ९५०’ चिप्स का उपयोग करके इसकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाया है। नए मूल्य तालिका के अनुसार, इस मॉडल के एपीआई शुल्क प्रति १० लाख टोकन के आधार पर ०.०२५ युआन से ६ युआन तक है, जबकि पहले यह ०.१ युआन से २४ युआन तक था। एआई क्षेत्र में ‘टोकन’ शब्द से तात्पर्य मॉडल द्वारा संसाधित शब्द या अक्षर के छोटे भाग से है।
हुवावे के एआई चिप्स की बिक्री को अमेरिकी निर्यात नियंत्रण नीति से अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है, जिसने अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एनविडिया को चीन में सबसे उन्नत सेमीकंडक्टर बेचने पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, चिप्स उत्पादन उपकरणों पर कड़ी पाबंदियों के कारण हुवावे को ‘एसेन्ड’ चिप्स की उत्पादन वृद्धि में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। पिछले महीने डिपसिक ने अपनी चौथी पीढ़ी के ‘भी४’ मॉडल को सार्वजनिक करते हुए बताया था कि उच्च क्षमता वाले कम्प्यूटिंग पावर की कमी के कारण प्रो संस्करण की उपलब्धता सीमित रहेगी और इसकी कीमत कम क्षमताधर ‘फ्लैश’ संस्करण की तुलना में १२ गुना अधिक होगी।
रुकुसपूर्व के पुथा उत्तरगंगा गाउँपालिका–१ के मैकोट खोला में निर्मित बेलिब्रिज रविवार से चालू हो गया है। गाउँपालिकाले अपने आंतरिक स्रोतों से लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपैयाँ की बजट में इस बेलिब्रिज का निर्माण किया है। बेलिब्रिज के संचालन से बारिस के मौसम में स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने में असुविधा झेल रहे स्थानीय निवासियों को सुविधा मिलेगी।
गाउँपालिका अध्यक्ष पुनिराज घर्तीमगर ने एक कार्यक्रम के दौरान बेलिब्रिज का उद्घाटन किया। बेलिब्रिज के चालू होने के बाद बरसात के मौसम में आवागमन करना आम जनता के लिए बहुत आसान हो गया है, अध्यक्ष घर्तीमगर ने जानकारी दी। यह खोला, पुथा हिमाल और ढालपानी क्षेत्र से बहकर आने वाली सानीभेरी नदी की सहायक नदी है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी पार करना मुश्किल हो जाता था, जिससे गाँव के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब स्थानीय लोग इन सभी समस्याओं से राहत पाएंगे, स्थानीय पाना पुन ने बताया।
इंग्लिस प्रिमियर लिगको अन्तिम खेलमा एस्टन भिल्लाले म्यान्चेस्टर सिटीलाई २–१ गोल के अन्तर से हरा दिया है। खेल के २४वें मिनट में सिटी के एन्टोइन सेमेन्यो ने टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन भिल्ला के ओली वाट्किन्स ने दो गोल करके अपनी टीम को विजयी बनाया। इस पराजय के बाद म्यान्चेस्टर सिटी दूसरे स्थान पर रहते हुए ७८ अंकों पर सीमित हो गई है, जबकि एस्टन भिल्ला ६५ अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। १० जेठ, काठमांडू। इंग्लिश प्रीमियर लीग के अंतिम मैच में म्यान्चेस्टर सिटी ने अपने घरेलू मैदान पर एस्टन भिल्ला के खिलाफ हार का सामना किया है। रविवार की रात खेले गए इस मुकाबले में भिल्ला ने २-१ से जीत हासिल की। प्रारंभ में बढ़त लेने वाली सिटी अपनी बढ़त को कायम नहीं रख सकी। २४वें मिनट में एन्टोइन सेमेन्यो ने गोल कर सिटी को बढ़त दिलाई। दूसरी हाफ में भिल्ला के ओली वाट्किन्स ने ४६वें और ६१वें मिनट में गोल कर मैच का रुख बदल दिया। इस हार के बाद सिटी ३८ मैचों में ७८ अंकों पर रह गई, जबकि भिल्ला ने ६५ अंकों के साथ सीजन समाप्त किया।
मैनचेस्टर युनाइटेड ने ब्राइटन को 3-0 के गोल अंतर से हराते हुए इंग्लिश प्रीमियर लीग का सीजन समाप्त किया। युनाइटेड की ओर से पैट्रिक डोर्गु, ब्रायन एमबेउमो और ब्रूनो फर्नांडीस ने एक-एक गोल किए। इस जीत के साथ ही युनाइटेड तालिका में तीसरे स्थान पर और ब्राइटन आठवें स्थान पर रहते हुए सीजन पूरा किया। 10 जेठ, काठमांडू।
इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल में मैनचेस्टर युनाइटेड ने ब्राइटन पर 3-0 की आरामदायक जीत हासिल की। रविवार रात हुए सीजन के अंतिम मैच में युनाइटेड ने ब्राइटन को उनके घर पर पराजित किया। युनाइटेड की जीत में पैट्रिक डोर्गु ने 32वें मिनट में गोल कर आगे बढ़ाया। 43वें मिनट में ब्रायन एमबेउमो ने गोल करके बढ़त दोगुनी कर दी। दूसरे हाफ के 47वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडीस ने गोल करते हुए 3-0 की निश्चित जीत पक्की की। जीत के बाद युनाइटेड 38 मैचों में 31 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहकर सीजन समाप्त कर रहा है। ब्राइटन 53 अंकों के साथ आठवें स्थान पर रहा।
मधेश में आठ वर्षों से सत्ता में रहे मधेश्य केंद्रित दल पहली बार विपक्ष में चले गए हैं।
मधेश प्रदेश में जसपा, जनमत और लोसपा सरकार बनाने में असफल रहने के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन ने सत्ता संभाली है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मधेश्य केंद्रित दलों ने सत्ता के स्वार्थ में फंसे रहकर जनता से समर्थन खो दिया है।
१० जेठ, जनकपुरधाम। मधेश में आठ वर्षों से सत्ता में रहे मधेश्य केंद्रित दल पहली बार विपक्षी स्थिति में आ गए हैं। कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) को हटाने के बाद मधेश की सत्ता पहली बार मधेश्य केंद्रित दलों के बिना हो गई है।
बृहस्पतिवार को मधेश के मुख्यमंत्री कृष्णप्रसाद यादव ने जसपा नेपाल के भौतिक पूर्वाधार मंत्री राजकुमार गुप्ता, श्रम व यातायात मंत्री मनिष सुमन तथा शिक्षा व संस्कृति मंत्री रानीकुमारी तिवारी को बर्खास्त कर दिया। कुछ समय का इस्तीफे का अवसर देने के बाद उन्होंने इन मंत्रियों को हटाकर नेकपा एमाले को सरकार में शामिल किया।
वैशाख २१ को जनमत पार्टी ने मधेश सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था, पर जनमत के अर्थ मंत्री महेशप्रसाद यादव और खेल एवं समाज कल्याण मंत्री वसंत कुशवाहा ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस्तीफा दिया। इसके साथ ही पहली बार मधेश्य केंद्रित दलों का मधेश में सत्ता से बाहर होना हुआ।
२०७२ साल असोज ३ को संविधान जारी होने के बाद हुए पहले चुनाव में २०७४ में सात प्रदेशों में मधेश में संघीय समाजवादी फोरम के लालबाबु राउत नेतृत्व वाली सरकार बनी थी। शुरुआत में फोरम और राष्ट्रिय जनता पार्टी नेपाल ने संयुक्त रूप से आवश्यक ५४ सीटों में ५५ सीटें जीती थीं। बाद में इन दोनों दलों के बीच एकता और विभाजन के बावजूद कांग्रेस, तत्कालीन माओवादी केन्द्र समेत अन्य दल सरकार में शामिल रहे लेकिन लालबाबु राउत की सरकार गिर नहीं पाई।
महन्थ ठाकुर नेतृत्व वाली लोसपा दो साल बाद सरकार से बाहर हो गई थी। इसी प्रभाव के कारण प्रदेश संख्या २ का नाम ‘मधेश प्रदेश’ रखा गया था।
२०७९ मंसिर में हुए दूसरे प्रदेश चुनाव में भी मधेश्य केंद्रित दलों को बहुमत नहीं मिला। १०७ सदस्यीय मधेश प्रदेश सभा में जसपा नेपाल ने १९, जनमत ने १३ और लोसपा ने ९ सीटें जीती। ये तीनों मिलकर भी सरकार बनाने में असफल रहे। जसपा और जनमत ने थ्रेसहोल्ड पार किया लेकिन लोसपा राष्ट्रीय दल नहीं बन पाया। हालांकि, जसपा ने मधेश में दूसरे कार्यकाल का प्रारंभिक सरकार संभाला।
जसपा से मुख्यमंत्री बने सरोजकुमार यादव
२०७९ पौष २३ को नेकपा एमाले, जनमत, माओवादी केन्द्र, लोसपा, एकीकृत समाजवादी सहित दलों के समर्थन से जसपा संसदीय दल के नेता सरोजकुमार यादव मुख्यमंत्री बने। केन्द्रीय राजनीतिक समीकरण मधेश को अलग नहीं रख सके। माओवादी केन्द्र ने ३० वैशाख को सरकार छोड़कर समर्थन वापस ले लिया। पाँचवें बार २०८१ जेठ २३ को सरोजकुमार यादव को सदन में विश्वास मत हारना पड़ा, जिसमें पक्ष में ५० और विपक्ष में ५३ वोट पड़े। १७ महीने बाद उनकी सरकार गिर गई।
इसके बाद मधेश केंद्रित दल ने २५ जेठ को फिर से सरकार का नेतृत्व किया। जनमत पार्टी के अध्यक्ष डा. सीके राउत के प्रभुत्व में दल के नेताओं को हटाकर सतीशकुमार सिंह मुख्यमंत्री बने, जिन्हें एमाले, माओवादी केन्द्र, एकीकृत समाजवादी, नागरिक उन्मुक्ति पार्टी और संघीय समाजवादी पार्टी का समर्थन प्राप्त था। लोसपा सरकार में था लेकिन जसपा विपक्ष में था। बाद में कांग्रेस भी सरकार में शामिल हुआ।
‘जेनजी’ आंदोलन के दौरान २४ भदौ को डा. सीके राउत के निर्देश पर सामाजिक मीडिया से मुख्यमंत्री सिंह ने इस्तीफा देने की घोषणा की, लेकिन माहौल सामान्य होते ही उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। जनमत पार्टी ने समर्थन वापस लेने के बाद असोज २८ को विश्वास मत हारने के डर से सदन में इस्तीफा घोषित किया। उनका कार्यकाल लगभग १६ महीने रहा।
इसके बाद असोज २९ को मधेश केंद्रित दल लोसपा के सांसद जितेन्द्र सोनल जसपा सहित छह दलों के समर्थन से मुख्यमंत्री नियुक्त हुए। उन्हें जसपा, जनमत, माओवादी केन्द्र, लोसपा और नेकपा एकीकृत समाजवादी का समर्थन मिला।
उनकी नियुक्ति के दिन ही जनमत पार्टी में विभाजन दिखा। प्रदेश सांसद पूर्व मंत्री सतीश सिंह और त्रिभुवन साह ने जनमत छोड़ी और नए दर्ज ‘जनस्वराज पार्टी’ में शामिल हुए, लेकिन बाद में इस दल को वैधता नहीं मिली।
विभाजित सिंह और साह कात्तिक २२ को सोनल के विश्वास मत के दिन अनुपस्थित रहे। माओवादी केन्द्र के प्रदेश सांसद रहबर अन्सारी के विद्रोह के बाद विश्वास मत गंवाने की स्थिति आई और सोनल ने इस्तीफा दे दिया। इससे मधेश में सत्ता नेतृत्व का मधेश्य केंद्रित दलों का दीर्घकालीन प्रवाह खत्म हुआ।
बड़े दल के रूप में एमाले से मुख्यमंत्री बने सरोज कुमार यादव।
संवैधानिक अनुच्छेद १६८ के उपखंड (३) के अनुसार बड़ी पार्टी के रूप में एमाले संसदीय दल के नेता सरोज कुमार यादव को कात्तिक २३ की रात मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। होटल में शपथ ग्रहण विवादित रही, जिसमें दो-दो सीट वाली राप्रपा नेपाल और संघीय समाजवादी पार्टी ने भी सरकार में भाग लिया। यह सरकार २१ दिनों में ही गिर गई।
इसके बाद १९ मंसिर को कांग्रेस के कृष्णप्रसाद यादव मधेश्य केंद्रित दलों के समर्थन से मुख्यमंत्री बने, पर अब सभी मधेश्य केंद्रित दल विपक्ष में हैं। मधेश में यह स्थिति पहली बार बनी है।
जसपा नेता मनिष सुमन कहते हैं, ‘यह एक अप्राकृतिक गठबंधन है। हम विपक्ष में हैं और अब गुण-दोष के आधार पर सरकार को समर्थन या विरोध करेंगे।’
मगर मधेश्य केंद्रित दल किसी न किसी रूप में केन्द्रीय सत्ता में थे। भदौ २३ को हुए ‘जेनजी’ विरोध तक महन्थ ठाकुर नेतृत्व वाली लोसपा तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार का हिस्सा थी।
लेकिन माघ २१ को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में थ्रेसहोल्ड पार न करने के कारण जसपा और जनमत राष्ट्रीय दल नहीं बन सके। मधेश्य केंद्रित दल प्रतिनिधि सभा में कमजोर हो गए, मगर मधेश प्रदेश में उनकी उपस्थिति सत्ता समीकरण में असरदार रही। अब कांग्रेस, एमाले और माओवादी केन्द्र के गठबंधन के कारण मधेश्य केंद्रित दल किनारे हो गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. भोगेन्द्र झा का कहना है, ‘मधेश प्रदेश विधानसभा के दूसरे कार्यकाल में अस्थिरता की मुख्य वजह जनमत पार्टी है। जनता ने जनमत से बड़ी उम्मीदें लगाईं थीं लेकिन सरकार मजबूत नहीं हो पाई। डॉ. सीके राउत के पास कोई स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं है।’
सत्ता के स्वार्थ के कारण किनारे हुए मधेश्य केंद्रित दल
एजेंडा से ज्यादा सत्ता के स्वार्थ में फंसने के कारण मधेश्य केंद्रित दलों की यह स्थिति बनी है। वर्षों तक मधेश सरकार चलाने के बाद भी जनता की अपेक्षा के अनुसार काम नहीं कर पाए।
बंटवारा-प्रधान बजट बनाना, उपभोक्ता समितियों से काम कराना, योजनाओं के पत्रों का बिक्री-वितरण और कर्मचारी ट्रांसफर में मनमानी जैसी बुराइयों की वजह से मधेश सरकार की बदनामी हुई। खराब शासन और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले ये प्रवृत्तियां मधेश्य केंद्रित दलों से जुड़ी हुई हैं।
एक राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि कांग्रेस और एमाले से अलग पहचान बनाने में असफलता ही मधेश्य केंद्रित दलों की वर्तमान स्थिति की मुख्य वजह है।
‘मधेश्य केंद्रित दल सत्ता में रहते हुए केवल अपने करीबी और स्वयं को फायदेमंद तरीके से काम करते रहे। आम जनता के हित में कोई खास कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए लोगों की सहानुभूति घटती गई। ये दल कांग्रेस और एमाले से अलग तरह से पेश नहीं होते,’ उन्होंने कहा।
मधेश केंद्रित दलों के सत्ता लालच और स्वार्थी स्वभाव के कारण ही यह स्थिति आई है, ऐसा राजनैतिक विश्लेषक डॉ. भोगेन्द्र झा का मानना है। ‘मधेश मुद्दा खत्म नहीं हुआ है, लेकिन सत्ता की चाहत के कारण मधेश्य दलों की स्थिति खराब हुई। संघीयता और आचरण अनुशासन भी मधेशक दलों में कमी थी,’ वे कहते हैं।
मधेश्य केंद्रित दल विपक्ष में होकर जिम्मेदार बने तो भविष्य में अवसर मिल सकता है, पर सत्ता की चाह पूरी करने के लिए कुछ भी करने से पीछे नहीं हटने की वजह से उससे ज्यादा आशा करना मुश्किल है।
चीन के दूतावास ने नेपाली पत्रकारों को रिश्वत देकर नेपाली राजनेताओं के खिलाफ नकारात्मक समाचार तैयार करने के प्रयास को चीन के खिलाफ योजनाबद्ध बदनाम करने की कोशिश करार देते हुए गंभीर जांच की मांग की है। दूतावास के जारी बयान में सोशल मीडिया पर फैलाए गए इस अफवाह में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए नेपाल सरकार से अनुरोध किया गया है। चीन ने हमेशा अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की नीति अपनाते हुए नेपाल की संप्रभुता और राजनीतिक स्थिरता का समर्थन किया है।
नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया पर उड़ रही एक सूचना पर कहा है कि नेपाली पत्रकारों को रिश्वत देकर एक नेपाली राजनेता के खिलाफ नकारात्मक सामग्री तैयार कराई गई, जो कि चीन के खिलाफ एक योजनाबद्ध बदनामि प्रयास है। इससे जुड़े सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए नेपाल सरकार से आग्रह किया गया है। दूतावास के प्रवक्ता द्वारा जारी सूचना में इस घटना के संबंध में गंभीर, विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाए और सीधे व अप्रत्यक्ष रूप से संलग्न सभी को नेपाली कानून के तहत सजा दी जाए, इसका अनुरोध किया गया है।
‘हम संबंधित नेपाली संस्थाओं से इस अफवाह की गहन, निष्पक्ष और गंभीर जांच कराने तथा सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े व्यक्तियों को नेपाली कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं,’ बयान में कहा गया है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक चीनी नागरिक द्वारा कुछ नेपाली पत्रकारों को आर्थिक प्रस्ताव देते हुए एक निश्चित नेपाली राजनेता के खिलाफ समाचार तैयार करने का दावा सामने आया था। हालांकि, चीन के दूतावास ने इन आरोपों को पूरी तरह अस्वीकार करते हुए इसे चीन की छवि खराब करने के लिए किए गए नियोजित प्रचार के रूप में स्पष्ट किया है।
दूतावास ने बताया कि चीन हमेशा ‘किसी अन्य देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांत’ का पालन करता रहा है और नेपाल की संप्रभुता, राजनीतिक स्थिरता एवं आर्थिक विकास में सहयोग करता रहा है। बयान में दो देशों के साझा हितों की रक्षा के लिए सुरक्षा और कानूनी सहयोग को मजबूत करने के लिए भी तत्परता जताई गई है।
भारत के गोवा में संपन्न होने वाली आठवीं साफ महिला च्याम्पियनशिप के पहले मैच में सोमवार को नेपाल भूटान के खिलाफ खेलेगा। कप्तान एंजिला तुम्बापो सुब्बा ने कहा, “हमने कई बार फाइनल खेले हैं। इस बार हम बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार हैं और आगामी मुकाबलों पर फोकस कर रहे हैं।” राष्ट्रीय खेल परिषद द्वारा अखिल नेपाल फुटबॉल संघ पर लगाया गया निलंबन हटाए जाने के बाद नेपाली टीम की साफ प्रतियोगिता में भागीदारी सुनिश्चित हुई है। १० जेठ, काठमांडू।
भारत के मर्गाओ, गोवा में सोमवार से शुरू हो रहे आठवें साफ महिला च्याम्पियनशिप के लिए नेपाली टीम तैयार है, ऐसा मुख्य कोच नवीन न्यौपाने और कप्तान एंजिला तुम्बापो सुब्बा ने साझा प्रेस विज्ञप्ति में कहा। चैंपियनशिप से पूर्व रविवार को हुई पूर्व खेल सम्मेलन में कप्तान और कोच ने टीम की तैयारी को पूरी तरह मजबूत बताया और बताया कि वे पहले मुकाबले पर केन्द्रित हैं।
एंजिला तीसरी बार साफ चैंपियनशिप में कप्तानी कर रही हैं, उन्होंने टीम की पूर्ण तैयारी की बात कही। उन्होंने कहा कि भले ही नेपाल ने अब तक साफ और अन्य प्रतियोगिताओं में कई फाइनल खेले हों लेकिन उपस्थिति प्राप्त नहीं कर सका, फिर भी इस बार उनका लक्ष्य उच्चतम प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी जीतना है। ‘हमारा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना है और हम अपनी सबसे अच्छी प्रस्तुति देंगे।’ नेपाल ने अब तक सात संस्करणों में छः बार फाइनल खेला है और हर बार पराजित हुआ है।
मुख्य कोच नवीन न्यौपाने ने टीम की स्थिति उत्कृष्ट बताते हुए साफ के लिए पूर्ण तैयार होने की जानकारी दी। राष्ट्रीय खेल परिषद द्वारा अखिल नेपाल फुटबॉल संघ (एन्फा) को चैत ११ को तीन महीने के लिए निलंबित किया जाने के कारण साफ महिला चैंपियनशिप में नेपाल की भागीदारी अनिश्चित हो गई थी। लेकिन शिक्षा मंत्री के प्रयासों से दो महीने के भीतर निलंबन हटाए जाने के बाद नेपाली महिला टीम की भागीदारी पक्की हो गई है।
१० जेठ, काठमाडौं । नेकपा एमाले के नेताओं के कार्यविभाजन प्रस्ताव में संशोधन कर पारित करने का निर्णय लिया गया है। आवश्यक चर्चा के बाद कार्यविभाजन का अंतिम निर्णय महासचिव शंकर पोखरेल और अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को सौंपा गया है। ‘प्रस्तावित जिम्मेदारियों को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया है। कुछ बातें मेल खाने की जरूरत है,’ एक पदाधिकारी ने बताया, ‘महासचिव गहराई से गृहकार्य कर सुझावों को संकलित कर कार्यविभाजन प्रस्ताव को अंतिम रूप देंगे।’ एमाले नेताओं का कार्यविभाजन प्रस्ताव पहले ही सार्वजनिक किया जा चुका था। उपमहासचिव लेखराज भट्ट ने केन्द्रीय सदस्यों को आगामी चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कार्यविभाजन किया गया था, इसकी जानकारी दी थी।
काठमाडौं के नरेफाँट में १८ वर्षीय युवक पर धारिलो हतियार से हमला करने के आरोप में पुलिस ने धनुषा के २८ वर्षीय धनराज यादव को गिरफ्तार किया है। छुरा प्रहार से घायल सिरहाके करणकुमार साह ने ज्यान मार्ने उद्योग और डाँका करने के केस में नयाँ बानेश्वर पुलिस वृत्त में मामला दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार आपसी झगड़े के कारण मामा ने बदला लेने के लिए शुक्रवार को अपने भानजे साह पर हमला किया, ऐसा प्रारंभिक जांच में पता चला है।
१० जेठ, काठमाडौं। काठमाडौं महानगरपालिका–३२ नरेफाँट में दिनदहाड़े एक युवक पर धारिलो हथियार से हमला करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति धनुषा का निवासी और वर्तमान में ललितपुर के टिकाथली में रहने वाले धनराज यादव हैं, जिसे जिल्ला प्रहरी परिसर, काठमाडौं के एसपी पवन भट्टराई ने बताया। इस हमले में सिरहा के कर्जन्हा नगरपालिका–१० के रहने वाले १८ वर्षीय करणकुमार साह घायल हुए थे।
हमले के बाद अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत ज्यान मार्ने उद्योग और डाँका करने के आरोप में उन्होंने पुलिस वृत्त नयाँ बानेश्वर में दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद पुलिस तलाश में जुट गई थी। इस मामले में संलिप्त धनुषा के रहने वाले टिकाथली के २८ वर्षीय धनराज यादव के साथ-साथ परिचय गुप्त ५-६ अन्य लोगों के नाम भी पुलिस में शिकायत के तहत दर्ज हैं। पुलिस ने अन्य संलिप्त व्यक्तियों की खोज जारी बताई है।
घटना शुक्रवार दोपहर लगभग २ बजे हुई थी। छुरा प्रहार से पीड़ित के हाथ, पीठ, गर्दन और सिर में चोटें आई हैं, पीड़ित ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार पीड़ित और आरोपी मामा-भानजे हैं, जो एक दूसरे को पीटते रहे। मामा ने समझाने की कोशिश की थी लेकिन भांजे ने टिकाथली के मामा पर हमला कर दिया। इसके बदले उसी दिन मामा ने भांजे पर हमला किया, पुलिस ने बताया।
परराष्ट्रमंत्री शिशिर खनाल ने नेपाल की परराष्ट्र सेवा को समयानुसार संशोधित करते हुए आर्थिक कूटनीति पर केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
मंत्री खनाल ने विदेश मिशनों को केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं, बल्कि निवेश और तकनीक केंद्र बनाना चाहिए, यह बात कही।
उन्होंने विश्व भू-राजनीति में हो रहे बदलावों और जलवायु संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए कूटनीतिक कौशल की आवश्यकता पर बल दिया।
10 जेठ, काठमांडू। परराष्ट्रमंत्री शिशिर खनाल ने नेपाल की परराष्ट्र सेवा को समयानुकूल संशोधन करते हुए इसे आर्थिक कूटनीति पर केंद्रित करने पर जोर दिया है।
आइतवार परराष्ट्र सेवा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने मंत्रालय और विदेश मिशनों को परिणाममुखी बनाने की आवश्यकता बताई।
मंत्री खनाल ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय संप्रभुता और हितों के संरक्षण में पूर्व प्रशासकों और कूटनीतिज्ञों ने सराहनीय भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, “परराष्ट्र नीति को आंतरिक प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब होना चाहिए। विश्व भू-राजनीति में हो रहे तेजी से बदलाव, जलवायु संकट और प्रौद्योगिकी के विकास से उपजी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कूटनीतिक चातुर्य और रणनीतिक दूरदर्शिता आवश्यक है।”
मंत्री खनाल ने बताया कि नेपाल को विश्व परिवेश में हो रहे बदलावों का केवल प्रतिक्रिया नहीं करनी चाहिए, बल्कि उनका पूर्वानुमान कर राष्ट्रीय हितों के लिए उनका उपयोग करना चाहिए।
“हमारा रणनीतिक ध्यान अब आर्थिक कूटनीति पर केंद्रित होना चाहिए। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, पर्यटन को बढ़ावा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और बाजार पहुंच के लिए पारंपरिक तरीकों को छोड़कर सक्रिय अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनानी होगी,” उन्होंने कहा, “विदेश मिशन अब केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं बल्कि निवेश और तकनीकी केंद्र होने चाहिए। उनके पदस्थापन को अधिकारों के साथ-साथ प्रदर्शन आधारित जिम्मेदारियों के रूप में लिया जाएगा।”
मंत्री खनाल ने परराष्ट्र मंत्रालय को राष्ट्रीय सुरक्षा और समृद्धि की पहली पंक्ति के रूप में स्थापित करने का संकल्प व्यक्त किया और सेवा वितरण को तकनीक-मित्र और सरल बनाने की बात कही।
शिशिर खनाल
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समाचार का सारांश पढ़ें। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कक्रोच जनता पार्टी को चुनौती देने के लिए ‘ओगी जनता पार्टी’ नामक नई संस्था का उदय हुआ है। ओगी जनता पार्टी ने पशु कल्याण के लिए ६ बिंदुओं पर आधारित घोषणापत्र जारी किया है और भारत की नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र चुहावट जैसे मुद्दों पर भी टिप्पणी की है। बेरोजगार युवाओं को सँग्ला से तुलना किए जाने के खिलाफ शुरू हुई यह ऑनलाइन व्यंग्य शृंखला इंटरनेट पर काफी लोकप्रिय हो रही है। ९ जेठ, काठमांडू। सोशल मीडिया पर इस वक्त एक अनोखी राजनीतिक व्यंग्य शृंखला शुरू हुई है। वायरल हुए “कक्रोच जनता पार्टी” (सीजेपी) को चुनौती देने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ‘ओगी जनता पार्टी’ (ओजेपी) नामक नई संस्था ने कदम रखा है। इसने ऑनलाइन राजनीतिक बहस और व्यंग्य में नई छाप छोड़ी है। नवगठित ओगी जनता पार्टी ने खुद को कक्रोच जनता पार्टी का ‘प्यारोडी विपक्षी’ बताते हुए कहा है कि इसका मुख्य उद्देश्य कक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपक की राजनीतिक पृष्ठभूमि उजागर करना है। ओजेपी ने बताया कि दीपक पहले आम आदमी पार्टी (आप) के सोशल मीडिया और चुनावी अभियानों में स्वयंसेवक थे। यह नई घटना कक्रोच जनता पार्टी के अनोखे उदय को एक नई दिलचस्प दिशा दे रही है। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को ‘परजीवी’ और ‘सांग्ला’ (ककरोच) से तुलना किए जाने के विरोध में कक्रोच जनता पार्टी ने उस प्रतीक को अपनाकर व्यंग्यात्मक अभियान शुरू किया, जिससे यह विषय सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया। निराश भारतीय युवाओं को लक्षित कर सीजेपी द्वारा शुरु किए गए अभियान का जवाब देते हुए अब ओजेपी उभरी है। ‘ओगी जनता पार्टी’ का नाम लोकप्रिय एनिमेटेड टीवी श्रृंखला ‘ओगी एंड द कक्रोचेस’ से प्रेरित है। ओजेपी हास्य, मीम्स और व्यंग्य का उपयोग कर सीजेपी द्वारा अपनाए गए सांग्ला प्रतीक के खिलाफ अपनी ऑनलाइन पहचान बना रही है। एक वायरल पोस्ट में ओजेपी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तस्वीरों का कोलाज साझा कर युवाओं द्वारा स्वयं को ‘सांग्ला’ कहा जाने की आदत का मज़ाक उड़ाया है। ओर्जी का मानना है कि नई पीढ़ी के युवाओं द्वारा तलवारों से लिखे गए देश के इतिहास में स्वयं को सांग्ला कहना देश की बेरोजगारी की गंभीर समस्या का संकेत है। यह सोशल मीडिया पर देखी गई प्रवृत्ति केवल इंटरनेट पर मजाक नहीं बल्कि भारतीय युवाओं में व्याप्त गहरी आर्थिक निराशा का प्रतीक भी है। कक्रोच जनता पार्टी को निशाना बनाते हुए ओगी जनता पार्टी अपनी विशिष्ट राजनीतिक पहचान बनाने के लिए मुद्दा-आधारित संदेशों का प्रवाह कर रही है। इस पेज ने हाल ही में पशु कल्याण और अधिकारों पर केंद्रित ६-बिंदु घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें सड़कों पर पड़े बेसहारा जानवरों को निःशुल्क चिकित्सा, जानवरों पर क्रूरता के खिलाफ सख्त कानून और पशु संरक्षण के लिए जनचेतना बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। साथ ही, ओजेपी ने भारत की नीट परीक्षा प्रश्नपत्र चुहावट जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर भी टिप्पणी की है। व्यंग्यात्मक स्वर होने के बावजूद यह पेज इंटरनेट पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कम समय में ओजेपी के इंस्टाग्राम ने ९ हजार से अधिक फॉलोअर्स प्राप्त कर लिए हैं। अटकलों के बीच ओजेपी ने साफ़ कर दिया है कि उसका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। सीजेपी और ओजेपी दोनों का उदय यह प्रदर्शित करता है कि इंटरनेट संस्कृति, राजनीतिक व्यंग्य और युवा आक्रोश सोशल मीडिया पर कैसे मिश्रित हो रहे हैं। यह देखना बाकी है कि ओगी जनता पार्टी केवल एक क्षणिक ऑनलाइन मज़ाक है या कोई बड़ा व्यंग्य आंदोलन बनेगी, लेकिन इसने इंटरनेट के इतिहास में एक अनूठी राजनीतिक टक्कर जरूर प्रस्तुत की है।
सभापति गगनकुमार थाप ने तरूण दल के अध्यक्ष पद पर मनिष कोइराला को नियुक्त किया है। तरूण दल की अवधि संपन्न होने के कारण वह स्वतः विघटित हो गया था, जिसके चलते विधान के अनुसार कोइराला को नियुक्त किया गया है, यह जानकारी कार्यवाहक मुख्यसचिव कृष्णप्रसाद दुलाल ने दी है। मनिष कोइराला को निर्धारित समय में महाधिवेशन सम्पन्न कराने के लिए ९ बिंदुओं वाले कार्यादेश के साथ जिम्मेदारी सौंपी गई है। १० जेठ, काठमांडू।
तरूण दल के अध्यक्ष के रूप में मनिष कोइराला की नियुक्ति हुई है। सभापति गगनकुमार थाप ने कोइराला को पार्टी से संबद्ध भ्रातृ संगठन तरूण दल के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है, यह जानकारी कार्यवाहक मुख्यसचिव कृष्णप्रसाद दुलाल ने साझा की है। २१ वैशाख को हुई केंद्रीय कार्यसम्पादन समिति की बैठक के निर्णय के अनुसार सभापति थाप ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है, जो दुलाल द्वारा जारी विज्ञप्ति में उल्लेखित है।
पार्टी के विधान, २०१७ (संशोधन सहित) की धारा ४२ (१) (च) के अनुसार मियाद समाप्त होने पर तरूण दल स्वतः विघटित हो गया था, इसलिए कोइराला को अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है, उन्होंने बताया। साथ ही, निर्धारित समय में महाधिवेशन सम्पन्न कराने हेतु ९ बिंदुओं वाले कार्यादेश और कार्यविवरण के साथ जिम्मेदारी प्रदान की गई है, यह जानकारी भी दुलाल द्वारा जारी विज्ञप्ति में शामिल है।
हांगकांग के वित्त सचिव पावल च्यान मो-पो ने हांगकांग और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हांगकांग की आर्थिक स्थिरता और एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में दर्ज गरिमा को मान्यता दी है। हाल ही में फ्रांस, बेल्जियम और स्विट्ज़रलैंड के दौरों के दौरान यूरोपीय निवेशकों ने हांगकांग में व्यवसाय स्थापित करने और निवेश प्रणाली पर गहरा उत्साह व्यक्त किया है।
च्यान ने कहा कि यूरोप में व्यापक बदलाव की तीव्र इच्छा है और यह बहुपक्षीय सहयोग तथा जोखिम विविधीकरण के माध्यम से और मजबूत आर्थिक स्थिरता बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने अपने साप्ताहिक ब्लॉग में लिखा कि चीनी और व्यापक एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजार यूरोपीय व्यवसायों के लिए विशाल अवसर प्रस्तुत करते हैं और हांगकांग इन संभावनाओं का लाभ उठाने तथा व्यवसाय का विस्तार करने के लिए आदर्श प्रवेश द्वार है।
च्यान ने उल्लेख किया कि यूरोपीय वित्तीय संस्थाएं हांगकांग में लाइसेंस आवश्यकताओं, व्यवसाय स्थापना की अवधि और स्थानीय निवेश प्रणाली से संबंधित सलाह लेने में रुचि रखती हैं। उन्होंने कहा कि हांगकांग सीमा पार संपत्ति प्रबंधन के लिए विभिन्न निवेश विकल्प और जोखिम प्रबंधन उपकरण उपलब्ध कराता है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने हांगकांग के 2026 के ‘आर्टिकल 4 कंसल्टेशन’ रिपोर्ट में इस शहर की आर्थिक स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के रूप में उसकी गरिमा का समर्थन किया है। च्यान ने यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों को हांगकांग और ग्रेट बे क्षेत्र के भ्रमण के लिए आमंत्रित किया है।
पूर्व सांसद उमाशंकर अरगरियाले जिल्ला नेतृत्व द्वारा बारम्बार अपमानित महसूस करते हुए नेकपा एमाले के साधारण सदस्य तक नहीं रहने का निर्णय लेते हुए पार्टी छोड़ी है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर “आज से मैं इस पार्टी का साधारण सदस्य तक नहीं रहूंगा” लिखकर इस बात की जानकारी दी है।
वह वर्ष २०७९ के चुनाव से पहले एमाले में शामिल हुए थे और धनुषा क्षेत्र संख्या २ से दो बार चुनाव हार चुके हैं।
10 जेठ, जनकपुर। पूर्व सांसद उमाशंकर अरगरियाले नेकपा एमाले पार्टी त्यागने की घोषणा की है।
उन्होंने जिला नेतृत्व द्वारा बार-बार अपमानित होने और केंद्र से अपेक्षित पहल न होने के कारण साधारण सदस्य तक न रहने के क़दम के साथ एमाले पार्टी छोड़ी है।
‘जिला नेतृत्व द्वारा बार-बार अपमानित होना, मेहनती और ईमानदार कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होना और पार्टी विरोधियों को सम्मान मिलना मेरे लिए असहनीय हो गया है,’ उन्होंने लिखा, ‘इन सब बातों की बार-बार केंद्र को जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर आज से मैं इस पार्टी का साधारण सदस्य भी नहीं रहूंगा और इस्तीफा दे रहा हूँ।’
अरगरियाले सन २०७९ के चुनाव से पहले एमाले में प्रवेश किया था। पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने स्वयं उन्हें पार्टी में शामिल करने की पहल की थी।
धनुषा-२ के उम्मीदवार बनने की तैयारी में अरगरियाले चुनाव नहीं जीता। २०७४ के चुनाव में वह संघीय समाजवादी फोरम के उम्मीदवार थे और भारी मतों से विजयी हुए थे, परंतु एमाले के टिकट पर चुनाव हारे।
2074 के चुनाव में अरगरियाले 32,044 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि माओवादी के रामचन्द्र झा को 18,715 और कांग्रेस के रामकृष्ण यादव को 15,442 मत प्राप्त हुए थे। लेकिन, एमाले में शामिल होने के कारण 2079 के चुनाव में अरगरियाले 19,955 मत प्राप्त किए, जबकि कांग्रेस के रामकृष्ण यादव ने महज थोड़ा बढ़त लेकर 20,112 मत पाकर जीत हासिल की।
पिछले फागुन 21 को हुए चुनाव में भी एमाले ने अरगरियालाई उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वे भारी मत अंतर से हार गए।
रस्वपा पार्टी के राम विनोद यादव को 41,637 मत मिले, जबकि अरगरियाले केवल 10,153 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के दिनेशप्रसाद यादव दूसरे स्थान पर थे जिनके पास 10,198 मत थे।
दूसरी बार चुनाव हारने के बाद अरगरियाले फेसबुक के माध्यम से एमाले छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक किया।
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