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लेखक: space4knews

कैलाली में प्रशिक्षणरत सशस्त्र प्रहरी के 8 जवान बेहोश, हेलीकॉप्टर से किया गया उद्धार

कैलाली के टीकापुर में प्रशिक्षण ले रहे सशस्त्र प्रहरी के 8 जवान बेहोश हो गए हैं। बेहोश हुए 5 जवानों की हालत गंभीर बताई गई है और उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुर्खेत ले जایا गया है। ये सभी सशस्त्र प्रहरी जवानों के आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्तकर्ता हैं। 8 जेठ, काठमांडू।

बेहेश होने वाले जवानों में बलबहादुर बस्नेत, गणेश रावत, मनबहादुर बस्नेत, चिनबहादुर थामी, किरणनाथ योगी, धीरज थापा, सुरेश शाही और भूपेन्द्र बस्नेत शामिल हैं। सशस्त्र प्रहरी के सहप्रवक्ता शैलेन्द्र थापा ने बताया कि बेहोश हुए 5 जवानों की स्थिति गंभीर है। उनकी तत्काल हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुर्खेत ले जाकर उपचार संभव बनाया गया है।

वे सभी टीकापुर स्थित सशस्त्र प्रहरी के राजस्व भन्सार तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण ले रहे थे, इसी दौरान वे बेहोश हुए। ये सभी जवान सशस्त्र प्रहरी के आधारभूत प्रशिक्षणार्थी हैं।

मलेसियाले नेपाललाई ८३ रनको सयोजना गर्‍यो

मलेसियाले दोस्रो टी-२० आई खेलमा नेपाललाई ८३ रनको लक्ष्य दिएको छ। मलेसियाले २० ओभरमा ९ विकेट गुमाएर ८२ रन बनाएको छ। नेपालका कविता कुँवर, रिया शर्मा र रुबिना क्षेत्रीले समान रूपले २-२ विकेट लिए। ८ जेठ, काठमाडौं। एसियन गेम्सको तयारीका क्रममा नेपाल र मलेसियाली महिला टोलीबीच दोस्रो टी-२० आई खेलमा मलेसियाले नेपाललाई ८३ रनको लक्ष्य प्रदान गरेको छ। टस जितेर पहिलो ब्याटिङ गरेको मलेसियाले २० ओभरमा ९ विकेट गुमाउँदै ८२ रन बनाएको हो। मलेसियाका लागि आइना हमिजाले १७ रन बनाइन् भने धनुश्रीले १५ रनमा योगदान दिइन्, आरियाना नताशा १३ रनमा नटआउट रहिन्। नेपालका कविता कुँवर, रिया शर्मा र रुबिना क्षेत्रीले प्रत्येकले २-२ विकेट लिए भने पूजा महतो र सीता रानामगरले १-१ विकेट लिए। यसअघि पहिलो खेलमा नेपालले ६८ रनको लक्ष्य पछ्याउँदै संघर्षपूर्ण जित हासिल गरेको थियो।

बेलायती मन्त्री सीमा मल्होत्रा ​​काठमाडौंमा – Online Khabar

बेलायती मंत्री सीमा मल्होत्रा का तीन दिवसीय प्रवास काठमाडौं में

समानता और इंडो-पैसिफिक संबंधों को देखरेख करने वाली बेलायती मंत्री सीमा मल्होत्रा ८ जेठ को तीन दिवसीय भ्रमण के लिए नेपाल पहुँचीं। यह नए सरकार के गठन के बाद बेलायत का पहली बार मंत्रीस्तरीय दौरा है। नेपाल के लिए बेलायती राजदूत रब फेन ने मल्होत्रा का काठमाडौं में स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच मित्रता और साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। मंत्री मल्होत्रा ने अपने भ्रमण के दौरान नेपाल सरकार के उच्च अधिकारी और गोर्खा प्रतिनिधियों से मुलाकात करने की योजना बनाई है।

कालंगा हाइड्रोपावर का आईपीओ शुरू, कंपनी की स्थिति कैसी है?

कालंगा हाइड्रोपावर ने सर्वसाधारण के लिए ४९ करोड़ रुपये के बराबर ४९ लाख प्राथमिक शेयर जारी किए हैं। आईपीओ में आवेदन देने की अंतिम तिथि जेठ १३ है और न्यूनतम १० शेयर से लेकर अधिकतम २० हजार शेयर तक आवेदन किया जा सकता है। कंपनी ने १५.३३ मेगावाट क्षमता वाले कालंगागाड परियोजना को संचालन में लाया है और उसे बीबी प्लस किफायती रेटिंग प्राप्त हुई है।

सर्वसाधारण के लिए शुक्रवार से कालंगा हाइड्रोपावर का प्राथमिक शेयर (आईपीओ) खोल दिया गया है। कंपनी १ अरब ४० करोड़ रुपये की जारी पूंजी में से ३५ प्रतिशत अर्थात् ४९ करोड़ के बराबर ४९ लाख शेयर जारी कर रही है। इस में से परियोजना प्रभावित, विदेश में कार्यरत नेपाली, म्यूचुअल फंड, कर्मचारी आदि को आवंटित हिस्सा काटकर शेष २८ लाख ७० हजार शेयर सर्वसाधारण के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।

शेयर निष्कासन तथा बिक्री प्रबंधक की भूमिका सानीमा कैपिटल को दी गई है। आईपीओ में आवेदन जेठ १३ तक दिए जा सकते हैं। न्यूनतम १० और अधिकतम २० हजार शेयर तक आवेदन की अनुमति है। आवेदन मेरा शेयर ऑनलाइन प्रणाली, सीआस्बा सदस्य बैंक, वित्तीय संस्थान एवं उनकी शाखाओं से किया जा सकता है।

कंपनी की स्थिति कैसी है?

केयर रेटिंग ने कालंगा हाइड्रोपावर को बीबी प्लस रेटिंग दी है, जो मध्यम जोखिम वाले दायित्व सूचक के रूप में मानी जाती है। कंपनी ने बाजांग जिले में १५.३३ मेगावाट क्षमता वाली कालंगागाड जलविद्युत परियोजना को संचालित किया है। इस परियोजना की कुल लागत ४ अरब ३३ करोड़ रुपये है और प्रति मेगावाट लागत २८ करोड़ ३० लाख रुपये है।

साधारण निवेश की वापसी अवधि ९.२९ वर्ष है जबकि डिस्काउंट कर वापसी अवधि १८.०१ वर्ष है। गत पुष अंतिम तक के अपरिष्कृत वित्तीय विवरण के अनुसार कंपनी का प्रति शेयर नेटवर्थ १०५ रुपये है। प्रति शेयर आय ६ रुपये ५३ पैसे है और संचयी लाभ ४ करोड़ ६२ लाख रुपये तक पहुंच चुका है।

पोखरामा दो दिन तक कूड़ा न उठने से बदबू बढ़ी, गुरुवार की बारिश से सड़कें कूड़े से भर गईं

पोखरा की सड़कों पर फैला कूड़ा


समाचार सारांश

समीक्षित और सम्पादकीय रूप से जांचा गया।

  • पोखरा में गुरुवार की शाम हुई तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गई हैं और छोटी वाहनें रुकने पर मजबूर हुई हैं।
  • कूड़ा प्रबंधन की कमी के कारण सड़कों पर कूड़ा फैला और बदबू झंझोड़ने वाली हो गई है।
  • पोखरा महानगर ने कूड़ा प्रबंधन केंद्र निर्माण परियोजना स्थगित कर दी है और नया स्थायी लैंडफिल स्थल खोज रहा है।

८ जैठ, पोखरा। जब भारी बारिश होती है, तो पोखरा की सड़कें बाढ़ जैसी हो जाती हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पोखरा की सड़कों के किनारे नाली तेज पानी या बाढ़ को सहन नहीं कर पाते और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। कुछ छोटी गाड़ियाँ तो सड़कों पर ही रुक जाती हैं या बह जाती हैं।

पोखरा में गुरुवार की शाम हुई जोरदार बारिश ने सड़कों पर बाढ़ सी बहाव पैदा कर दिया। न्यूरोड, महेन्द्रपुल, पृथ्विचोक, सभागृह, लेकसाइड समेत कई सड़कों के जलमग्न होने से समस्या उत्पन्न हुई। सड़क पर सिर्फ साफ पानी नहीं, बल्कि कूड़े के ढेर भी बहते नजर आए।

बारिश रुकने के बाद भी पोखरा की सड़कों पर कूड़ा बिखरा हुआ था। शुक्रवार सुबह कुछ जगह सफाई हुई, लेकिन कई स्थानों पर सुबह तक कूड़ा फैला रहा। बारिश के कारण सड़कें जलमग्न होती हैं और फैलाया हुआ कूड़ा बदबू फैलाने वाली स्थिति बनाता है, जो पोखरा की निरंतर समस्या है।

पोखरा में कूड़ा प्रबंधन स्थायी रूप से न होने के कारण, कभी-कभी सड़कें कूड़े से भर जाती हैं। इससे पर्यटक शहर पोखरा की सुंदरता प्रभावित हो रही है।

पोखरा–२१ क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन पहले से हो रहा था, फिर भी यह समस्या क्यों आई? पोखरा महानगरपालिका के कूड़ा प्रबंधन शाखा प्रमुख प्रभात लामिछाने का कहना है, ‘पोखरा–२१ में दो दिन तक कूड़ा नहीं उठाने पर नागरिकों ने सड़कों पर ही कूड़ा फेंक दिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।’

कूड़ा प्रबंधन में स्थायी समाधान के लिए चुनौती

पोखरा-३२ लामेआहाल में स्थायी कूड़ा प्रबंधन चल रहा था, लेकिन जब वह स्थान भर गया तो महानगर को नई जगह खोजनी पड़ी।

महानगर ने कूड़ा ले जाने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय विरोध के कारण पुस से फागुन तक पोखरा के विभिन्न स्थानों में कूड़ा प्रबंधन की स्थिति बनी। पोखरा-१४, पृथ्विचोक, दोबिल्ला क्षेत्रों में कूड़ा दबाने के काम किए गए।

फागुन में पोखरा–२१ क्षेत्र में निजी व्यक्ति की जमीन पर कूड़ा प्रबंधन करने की सहमति बनी थी। विरोध के बावजूद उस जगह कूड़ा डालने का काम चल रहा था। ब्रेकर वाले इलाके में तारजाल के बंध बनाए गए थे जिससे ऊपर से कूड़ा फेंकने का प्रबंध था।

लेकिन दो दिन पहले दोबिल्लावासी ने बदबू फैलने की बात कहकर काम रोक दिया। कूड़ा प्रबंधन के लिए जमीन पर खुदाई मशीन लगाई जा रही थी।

‘काम करते समय खुदाई करने वाली मशीन वहां फंसी। निकालने की काफी कोशिश की लेकिन मशीन शुरू नहीं हुई और काम रुक गया,’ कूड़ा प्रबंधन शाखा के हर्क गायक ने कहा, ‘हम दूसरी मशीन लेकर काम फिर से शुरू करेंगे और कूड़ा उठाने का काम आज से शुरू होगा।’

फिलहाल पोखरा की विभिन्न सड़कों पर गुरुवार की बारिश से फैले कूड़े को उठाने का काम जारी है।

हाल के व्यवस्थापन में भी ५ से ६ महीनों में कूड़ा भरने की संभावना है, लेकिन महानगर स्थायी प्रबंधन के लिए कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है।

कूड़ा प्रसंस्करण केंद्र भी अधर में

पोखरा–३३ में स्थायी कूड़ा प्रसंस्करण केंद्र बनाने का निर्णय हुआ था और जमीन आरक्षित की गई थी। स्थानीय विरोध और अन्य कारणों से परियोजना अधर में पड़ गई है।

७० रोपनी जमीन पर ८० करोड़ रुपये की निवेश से प्रसंस्करण केंद्र बनाने का समझौता २ मंसिर को पोखरा महानगर और टेरासोल्व रिन्यूअल प्रा. लिमिटेड के बीच सार्वजनिक-निजी साझेदारी में हुआ था। लेकिन स्थानीय विरोध, आंदोलन और भ्रस्टाचार के आरोपों ने परियोजना को रोक दिया।

प्रसंसकरण केंद्र निर्माण हेतु १७ जमीन मालिकों की ९६ रोपनी जमीन २०८० से ही आरक्षित की गई थी।

स्थानीय की जमीन आरक्षित करते हुए कुछ दिन के लिए पोखरा महानगर से वडाध्यक्ष रामचन्द्र के खाते में ५५ लाख रुपये भेजे गए थे। पैसा व्यक्तिगत खाते में जाने के बाद मामला सार्वजनिक हुआ, वडाध्यक्ष एवं मेयर आचार्य ने हिसाब साफ किया। लेकिन उस पैसे से स्थानीय लोगों ने अग्रिम रकम ले ली थी।

अब वह अग्रिम राशि वापस करनी होगी। महानगर नए स्थायी लैंडफिल निर्माण के लिए पोखरा–३२ में प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।

नेपाल ने अमेरिका के खिलाफ टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप लीग २ के तहत घरेलू मैदान पर खेले जा रहे श्रृंखला के अंतिम मैच में नेपाल ने अमेरिका के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। अमेरिका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का विकल्प चुना। नेपाल ने पिछले मैच से अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है।

८ जेठ, काठमांडू। कीर्तिपुर स्थित टीयू अंतरराष्ट्रीय मैदान में अमेरिका ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनते हुए घरेलू टीम नेपाल को बल्लेबाजी का निमंत्रण दिया। नेपाल ने पिछले मैच में स्कॉटलैंड को हराने वाली पहली पसंद टीम को बरकरार रखा है। नेपाल और अमेरिका दोनों ने पिछले मैच में स्कॉटलैंड को मात दी थी।

दोनों टीमें इस लीग में २८वां मैच खेल रही हैं। अमेरिका २७ मैचों से ३८ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर है, जबकि नेपाल समान मैचों में २२ अंक लेकर पांचवें स्थान पर है। आज का मैच जीतने पर नेपाल का शीर्ष चार में स्थान पक्का होगा। घरेलू मैदान पर चल रही लीग २ के इस अंतिम मैच को जीतकर नेपाल घरेलू श्रृंखला को सुखद अंत देने का अवसर प्राप्त करेगा।

इससे पहले नेपाल ने यूएई और ओमान सहित श्रृंखला के चार मैचों में से ३ मैच जीतकर ६ अंक जोड़े थे। वर्तमान श्रृंखला में नेपाल ने ३ मैचों में २ जीत और १ हार का परिणाम हासिल किया है। अब अंतिम मैच भी जीतकर इस श्रृंखला में तीसरी जीत हासिल करना नेपाल का लक्ष्य है।

हलमा लागे ‘मितज्यू’, ‘काजी’ सहितका ४ फिल्म – Online Khabar

हलमा रिलिज हुईं ‘मितज्यू’, ‘काजी’ सहित चार फिल्में

समाचार सारांश

समीक्षा के लिए AI द्वारा तैयार।

  • शुक्रवार से नेपाली फिल्म ‘मितज्यू’ और ‘काजी’ के साथ साथ बॉलीवुड की ‘चाँद मेरी दिल’ और हॉलीवुड की ‘स्टार वार्स : द मन्डलोरियन एंड ग्रोगु’ रिलीज़ हुई हैं।
  • ‘मितज्यू’ में नृत्य शिल्पा टेरिया मगर का डेब्यू है और इसमें दयाहाङ राय, सौंगत मल्ल ने अभिनय किया है, जबकि अनिल बुढामगर ने निर्देशन किया है।
  • ‘स्टार वार्स : द मन्डलोरियन एंड ग्रोगु’ में पेड्रो पास्कल और ‘बेबी योडा’ की कहानी दिखाई गई है, यह फिल्म जॉन फैबरेल द्वारा निर्देशित है।

काठमाडौं। शुक्रवार से दो नेपाली फिल्मों सहित चार फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुई हैं। नेपाली भाषाओं की फिल्में ‘मितज्यू’ और ‘काजी’, बॉलीवुड की ‘चाँद मेरी दिल’ और हॉलीवुड की ‘स्टार वार्स : द मन्डलोरियन एंड ग्रोगु’ ये फिल्में हाल ही में सिनेमाघरों में आई हैं।

‘मितज्यू’ प्रसिद्ध नर्तकी टेरिया मगर की डेब्यू फिल्म है। इसमें दयाहाङ राय, सौंगत मल्ल समेत कई कलाकारों ने अभिनय किया है। इस फिल्म का निर्देशन अनिल बुढामगर ने किया है।

ग्रामीण परिवेश आधारित कहानी में दोस्ती और ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले जीप चालक के जीवन को दर्शाया गया है। जनक घर्तीमगर द्वारा निर्मित इस फिल्म की अवधि १३६ मिनट है और इसे यूनिवर्सल सर्टिफिकेट प्राप्त है।

‘काजी’ में विपिन कार्की और केकी अधिकारी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म एक दंपति के उतार-चढ़ाव भरे प्रेम संबंध की कहानी प्रस्तुत करती है। लक्ष्मण रिजाल के निर्देशन में बनी इस फिल्म का समय १४६ मिनट है और इसे यूनिवर्सल सर्टिफिकेट मिला है।

‘चाँद मेरी दिल’ बॉलीवुड की रोमांटिक ड्रामा है। इसमें अनन्या पांडे, लक्ष्य और प्रथम राठौड़ मुख्य भूमिका में हैं, जबकि विवेक सोनी इसका निर्देशन कर रहे हैं। यह फिल्म विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों के प्रेम कहानी पर आधारित है। फिल्म की अवधि १४६ मिनट है और इसे पीजी (पेरेंटल गाइड) सर्टिफिकेट मिला है।

‘स्टार वार्स : द मन्डलोरियन एंड ग्रोगु’ सात साल बाद रिलीज हुई नई ‘स्टार वार्स’ फिल्म है, जो डिज़्नी प्लस श्रृंखला ‘द मन्डलोरियन’ की कहानी को आगे बढ़ाती है। यह फिल्म जॉन फैबरेल द्वारा निर्देशित है।

इस फिल्म में पेड्रो पास्कल द्वारा निभाए गए बॉउंटी हंटर डिन जारिन और ‘बेबी योडा’ के नाम से पहचाने जाने वाले फोर्स से जुड़ी विशेष शक्तियों वाले बच्चे ग्रोगु की कहानी दिखाई गई है। साम्राज्य के पतन के बाद ये दोनों पात्र बचे हुए इंपीरियल युद्ध सेनापतियों को रोकने के लिए नए गणतंत्र के साथ सहयोग करते हैं। इसके साथ ही, जब्बा द हट के बेटे रोट्टा द हट से जुड़े एक खतरनाक मिशन में भी वे शामिल होते हैं।

इस फिल्म की अवधि १३२ मिनट है और इसे पीजी सर्टिफिकेट मिला है।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने ६१ दिनों के लिए १ खरब रुपये जमा इकठ्ठा करने का निर्णय लिया

नेपाल राष्ट्र बैंक ने ६१ दिनों की अवधि के लिए बैंकिंग प्रणाली से १ खरब रुपये जमा इकठ्ठा करने का निर्णय किया है। बैंक और वित्तीय संस्थान न्यूनतम १० करोड़ से लेकर अधिकतम कुल आह्वान राशि तक ऑनलाइन बोलपत्र (बिड) के माध्यम से ब्याज दर निर्धारित कर राशि जमा कर सकते हैं। राष्ट्र बैंक ने सबसे कम ब्याज दर को प्राथमिकता देते हुए आह्वान की गई राशि का वितरण करने की जानकारी दी है। ८ ज्येष्ठ, काठमांडू।

नेपाल राष्ट्र बैंक ६१ दिनों की अवधि के लिए निक्षेप संकलन उपकरण के जरिए शुक्रवार को बैंकिंग प्रणाली से १ खरब रुपये तानने वाला है। ऋण प्रवाह कम होने के कारण बैंकिंग प्रणाली में अधिक तरलता बनी हुई है। इसका प्रभाव ब्याज दरों पर पड़ा है। राष्ट्र बैंक विभिन्न माध्यमों से अधिक तरलता को तानने का कार्य करता आ रहा है।

इस निक्षेप उपकरण में बैंक और वित्तीय संस्थान जमा राशि और ब्याज दर स्वीकार कर दोपहर ३ बजे तक ऑनलाइन बिड कर सकते हैं। इस बोलपत्र के आधार पर ब्याज दर निर्धारित की जाएगी। बैंक और वित्तीय संस्थान न्यूनतम १० करोड़ से लेकर उक्त आह्वान राशि तक बोलपत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। निक्षेप संकलन के लिए आह्वान राशि के वितरण में सबसे कम ब्याज दर को पहली प्राथमिकता देते हुए क्रमशः राशियों का वितरण किया जाएगा, यह जानकारी राष्ट्र बैंक ने दी है।

बुद्ध एयर ने भरतपुर–पोखरा उड़ान की सेवा स्थगित की

८ जेठ, चितवन । बुद्ध एयर ने चितवन के भरतपुर से कास्की के पोखरा तक संचालित अपनी उड़ान सेवा बंद कर दी है। पिछले एक महीने से भरतपुर–पोखरा उड़ान संचालित नहीं हो रही है, इसकी जानकारी बुद्ध एयर के भरतपुर स्टेशन मेनेजर भक्त बस्नेत ने दी। उनके अनुसार, पोखरा और भरतपुर के बीच यात्रियों की संख्या बहुत कम होना, किराए में वृद्धि, तथा पोखरा–मुग्लिन सड़कखंड के सुधार कार्यों के कारण यह उड़ान स्थगित की गई है। स्टेशन मेनेजर बस्नेत ने कहा, “पोखरा जाने या चितवन आने के समूह होने पर ही उड़ान पुनः शुरू करने की संभावना है।” उन्होंने आगे कहा, “कुछ समय तक उड़ान चलायी गई, परंतु विमान प्रायः खाली उड़ाने की स्थिति में था।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “पोखरा और भरतपुर दोनों पर्यटक स्थल हैं, इसलिए पर्यटकों को लक्ष्य करके उड़ान चलाई गई थी, लेकिन सेवा अपेक्षित सफलता नहीं प्राप्त कर सकी।”

चितवन और पोखरा के पर्यटन एवं होटल व्यवसायियों की विशेष मांग पर बुद्ध एयर ने २०७४ भदौ ३० से भरतपुर–पोखरा उड़ान शुरू की थी। बुद्ध एयर के विमान भरतपुर और पोखरा के बीच आवागमन कर रहे थे। मुग्लिन–नारायणगढ तथा आँबुखैरेनी–पोखरा सड़क विस्तार के कारण भरतपुर–पोखरा सड़क यात्रा कठिन हो गई थी, इसी दौरान बुद्ध एयर ने यह उड़ान सेवा शुरू की थी। लेकिन अब दोनों सड़कखंडों का विस्तार हो चुका है और अधिकांश यात्री सड़क मार्ग से यात्रा करना शुरू कर चुके हैं। भरतपुर से पोखरा निजी वाहन द्वारा लगभग साढ़े २ घंटे तथा सार्वजनिक वाहन द्वारा लगभग ३ घंटे में पहुंचा जा सकता है।

होन्डुरस में दो निर्दोष हमलों में 25 लोगों की मौत, मजदूर और पुलिसकर्मी सहित गोलियां चलीं

होन्डुरस में गुरुवार को दो अलग-अलग हमलों में कम से कम 25 लोगों की जान गई है, जिनमें 19 मजदूर और 6 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। पहला हमला उत्तरी होन्डुरस के ट्रुजिलो शहर के एक बागान में हुआ, जहाँ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलीबारी की। सार्वजनिक अभियोजक कार्यालय के प्रवक्ता युरी मोरा ने बताया कि इस हमले में 19 मजदूरों की मृत्यु हुई है। यह क्षेत्र लंबे समय से ज़मीन के विवाद और कृषि संबंधित संघर्षों का केंद्र रहा है।

दूसरा हमला ओमोआ शहर में हुआ, जो ग्वाटेमाला की सीमा के नजदीक है। यहाँ बंदूकधारियों ने पुलिस दल पर हमला किया, जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी सहित 6 पुलिसकर्मी मारे गए। पुलिस के अनुसार, वे अधिकारी एंटी-गैंग मिशन पर थे और राजधानी तेगुसिगाल्पा से ओमोआ जा रहे थे।

सरकार ने दोनों घटनाओं की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम भेजी है और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी करने का भी आदेश दिया है।

नेपाल ने मलेशिया के खिलाफ दूसरे टी-20 आई मैच में 7 विकेट से शुरू की जीत की यात्रा

नेपाल ने एशियन गेम्स की तैयारी के तहत मलेशिया के खिलाफ दूसरे टी-20 आई मैच को 7 विकेट से जीत लिया। मलेशिया द्वारा दिए गए 83 रन के लक्ष्य को नेपाल ने 16 ओवर में 3 विकेट खोकर पूरा किया। स्मृति खड्का ने नाबाद 39 रन बनाए, जबकि कविता कुँवर ने नाबाद 19 रन जोड़े। सोनी पाख्रिन ने 12 रन बनाए।

मलेशिया के लिए नूर दानिया, आइसा एलिसा और आइना हमिजा ने एक-एक विकेट हासिल किया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मलेशिया ने 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 82 रन बनाए। मलेशिया की ओर से आइना हमिजा ने 17 रन बनाए, जबकि धनुश्री ने 15 रन जोड़े। आरियाना नताशा 13 रन बनाकर नाबाद रहीं।

नेपाल की तरफ से कविता कुँवर, रिया शर्मा और रुबिना क्षेत्री ने समान रूप से 2-2 विकेट लिए, जबकि पूजा महतो और सीता रानामगर ने 1-1 विकेट अपने नाम किए। इससे पहले पहले मैच में नेपाल ने 68 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए संघर्षपूर्ण जीत हासिल की थी।

यार्सा संकलन गर्न विद्यार्थी पाटन लागेपछि डोल्पाका विद्यालय बन्द

डोल्पा में यार्सा संकलन के कारण विद्यालय बंद हो रहे हैं

८ जेठ, डोल्पा । हिमालयी जिला डोल्पा में यार्सागुम्बा संकलन शुरू होते ही जिले के अधिकांश विद्यालय बंद हो गए हैं। सामुदायिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ यार्सागुम्बा संकलन के लिए हिमालयी पाटन की ओर जाने लगे हैं, जिसके कारण विद्यालय बंद किए गए हैं। जिले के सामुदायिक विद्यालयों में जैसे ही जेठ शुरू हुआ, विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने लगी है, ऐसा शिक्षकों ने बताया है। कुछ विद्यालयों में तो विद्यार्थियों की संख्या लगभग शून्य होने के कारण पढ़ाई-लिखाई रोकनी पड़ी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार डोल्पा में यार्सागुम्बा संकलन केवल एक मौसमी कार्य नहीं बल्कि अधिकांश परिवारों की मुख्य आय का स्रोत है। साल भर की खर्च व्यवस्था से लेकर बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन चलाने तक यार्सागुम्बा से मिलने वाली आमदनी पर कई परिवार निर्भर करते हैं। इसी कारण विद्यालय आयु के बच्चे भी अभिभावकों के साथ पाटन की ओर जाने लगे हैं। इस वर्ष जिले के सभी यार्सा पाटन १० जेठ से खुलने वाले हैं। यार्सागुम्बा संकलन के समय के नजदीक आते ही छात्र विद्यालय छोड़कर पाटन की ओर जाने लगे, जिससे विद्यालय संचालन प्रभावित हुआ है।

त्रिपुरासुंदरी नगरपालिका–३ सुँको सरस्वती माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेम केसी ने बताया कि विद्यार्थियों के विद्यालय नहीं आने पर बाध्य होकर विद्यालय बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘सभी विद्यार्थी यार्सागुम्बा संकलन के लिए चले गए। अब विद्यालय में कोई विद्यार्थी नहीं आता, इसलिए विद्यालय बंद करना पड़ा।’ इसी तरह त्रिपुरासुंदरी नगरपालिका–६ फुलचिङ स्थित मुकुटेश्वर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक गंगाराम कठायत ने भी यार्सागुम्बा संकलन के कारण विद्यालय बंद करने की बात कही।

काइके गाउँपालिका के शिक्षा शाखा प्रमुख गोविन्द घर्ती ने बताया कि पालिका ने विद्यालय बंद न करने की योजना बनाई थी, परंतु जब विद्यार्थी लगभग शून्य हो गए तो अंततः विद्यालय बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘हमने विद्यालय खुला रखने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थी न आने के कारण अंत में विद्यालय बंद करना पड़ा।’ घर्ती ने कहा कि यार्सागुम्बा संकलन के दौरान यह समस्या बार-बार होती है, इसलिए दीर्घकालीन समाधान की आवश्यकता है।

डोल्पा में हर वर्ष जेठ की दूसरी सप्ताह से असार की दूसरी सप्ताह तक लगभग एक महीने तक यार्सागुम्बा संकलन होता है। इस दौरान हजारों स्थानीय निवासी हिमालयी पाटन की ओर जाते हैं। शिक्षकों के मुताबिक यार्सागुम्बा से होने वाली आय से कई परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है, लेकिन इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है।

एयर इंडिया के विमान के इंजन में आग लगी, सुरक्षित लैंडिंग पूरी

८ जेठ, काठमाडौँ। बैंगलोर से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया की उड़ान ‘AI2802’ के इंजन में गुरुवार शाम आग लगने के बाद विमान ने दिल्ली हवाईअड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की। उस विमान में १६० यात्री सवार थे। एयर इंडिया द्वारा जारी बयान में बताया गया है, ‘दिल्ली में विमान की लैंडिंग प्रक्रिया के दौरान कॉकपिट क्रू ने इंजन में आग लगने का संकेत प्राप्त किया। बाद में यह संकेत सही साबित हुआ।’

बयान में आगे कहा गया है, ‘क्रू ने सभी आवश्यक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाईअड्डे पर उतारा। सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं और वे सामान्य तरीके से विमान से बाहर निकले हैं।’ बीबीसी हिन्दी के अनुसार, एयर इंडिया ने इस घटना की तुरंत जांच शुरू करने की बात कही है। यह जांच संबंधित नियामक अधिकारियों के समन्वय में की जाएगी।

‘कक्रोच जनता पार्टी बदली हुई युग की नई भाषा है’

समाचार संक्षेप

संपादकीय रूप में समीक्षा।

  • भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने बेरोज़गार युवाओं को काकरोच से तुलना की टिप्पणी की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ‘कक्रोच जनता पार्टी’ नामक एक ऑनलाइन आंदोलन शुरू हो गया।
  • राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने कक्रोच जनता पार्टी को केवल मजाक न मानते हुए इसे व्यवस्था में बेचैनी और विद्रोह का संकेत बताया है।
  • सीजेपी पर प्रतिबंध ने सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति को उजागर किया है और यह युवाओं की निराशा और आशा का मिश्रण है, जैसा यादव ने बताया है।

8 जेठ, काठमांडू। भारतीय राजनीति को एक नया प्रतीक मिल गया है: काकरोच या साङ्लो। पिछले हफ्ते भारतीय प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद यह विषय चर्चा में आ गया। सुनवाई के दौरान, उन्होंने पत्रकारिता और सामाजिक सक्रियता में लगे बेरोज़गार युवाओं की काकरोच और परजीवी से तुलना की बात कही।

बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी विशेष रूप से नकली और आधारहीन डिग्री वाले लोगों के लिए थी, सभी युवाओं के लिए नहीं।

फिर भी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और गुस्सा व व्यंग्य के साथ ‘कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी)’ नामक एक मजेदार राजनीतिक अवधारणा बन गई। यह पार्टी कोई औपचारिक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि राजनीतिक व्यंग्य आधारित ऑनलाइन आंदोलन है।

इसकी सदस्यता के मानदंडों में बेरोज़गार होना, आलसी होना, हमेशा ऑनलाइन सक्रिय रहना और ‘पेशेवर तरीके से अपनी भड़ास निकालने की क्षमता’ होना शामिल है।

पांच दिनों में ही इंस्टाग्राम पर एक करोड़ 70 लाख से अधिक फॉलोअर्स एकत्रित हो गए हैं। इस आंदोलन की रचना राजनीतिक संचार विशेषज्ञ व बोस्टन विश्वविद्यालय के छात्र अभिजीत दीपक ने की है।

अभिजीत के अनुसार यह केवल एक मजाक के तौर पर शुरू हुआ था। लेकिन राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव इसे मात्र मज़ाक न मानते हुए गहरा सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन का संकेत मानते हैं।

‘तानाशाह सरकारें चुटकुलों से डरती हैं’

योगेंद्र यादव कहते हैं, ‘कक्रोच जनता पार्टी सोशल मीडिया पर एक मिम के रूप में शुरू हुई, लेकिन यह केवल हंसी और मजाक नहीं है। यह व्यवस्था के स्थापित रास्ते बंद होने के कारण नीचे उठी बेचैनी और विद्रोह है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मजाक और चुटकुले हमेशा किसी न किसी गहरे दर्द से जुड़े होते हैं। सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाना राजनीतिक रूप से गंभीर संकेत है।’

यादव के अनुसार, जब कोई सरकार सत्ता सख्त कर देती है, विद्रोह अप्रत्याशित जगहों से उठता है।

‘1971 में इंदिरा गांधी की बड़ी जीत के बाद 1974 में जयप्रकाश आंदोलन आया, 1980 में राजीव गांधी की सफलता के बाद 1983 में असम आंदोलन शुरू हुआ, 2009 की सफलता के बाद 2011 में अन्ना आंदोलन और 2019 के बाद किसान आंदोलन हुए। जब व्यवस्था के रास्ते बंद होते हैं, जनता नए रास्ते खोजती है।’

सीजेपी के पूर्व हैंडल पर प्रतिबंध के बाद यादव कहते हैं, ‘तानाशाही सरकार चुटकुलों से सबसे ज्यादा डरती है। जो चुटकुले नहीं सुन सकता, वह खुद चुटकुला बन जाता है। प्रतिबंध ने गुस्सा कम किया है, पर अब यह बहुत दूर जाएगा।’

वे विपक्ष के लिए भी चेतावनी देते हैं कि युवाओं के बड़े हिस्से ने इस मिम अकाउंट को फॉलो किया है, इसलिए विपक्ष उनका आकर्षक विकल्प नहीं बना सका है। नेताओं को युवाओं तक पहुंचना चाहिए।

पर सवाल अब भी है: क्या यह केवल सोशल मीडिया पर गुस्सा व्यक्त करने का माध्यम है और जमीन पर कोई बदलाव नहीं होगा? यादव कहते हैं:

‘यह बदले हुए युग की नई भाषा है। मेरे समय में लोग घोषणापत्र पढ़ते थे, आज लोग यूट्यूब देखते हैं। पहले पोस्टर बनाते थे, अब मिम्स बनाते हैं। हमें हर पीढ़ी की नई भाषा सीखनी होगी।’

यादव ने कहा, ‘प्रतिबंध न लगाया जाता तो गुस्सा खत्म हो जाता, लेकिन अब जब इसकी अभिव्यक्ति रोकी गई है, तो यह गंभीर विषय हो गया है।’

‘पहले चुटकुले हमारे बीच थे, अब सरकार भी चुटकुलों का हिस्सा बन गई है। अब सरकार पर चुटकुलों की तलवार सी लगी है और यह मामला और आगे जा सकता है।’

बदला हुआ युग की भाषा

इस अकाउंट से लोग तेजी से जुड़ रहे हैं और गंभीर राजनीतिक मुद्दे भी उभर रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका क्या रूप होगा, देखना बाकी है।

यादव कहते हैं, ‘प्रतिबंध हटाने की मांग तेज होगी। यह सिर्फ इतने बड़े फॉलोअर्स वाले अकाउंट की आवाज नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आवाज होगी।’

उन्होंने कहा, ‘मैं सोच रहा हूं कि सरकार इस प्रतिबंध को कैसे न्यायसंगत ठहराएगी। कुछ तो जमीन के नीचे चल रहा है। इसकी अभिव्यक्ति कैसी होगी, हमें पता नहीं, लेकिन सरकार एक बड़ा जोखिम ले रही है।’

सीजेपी विषय पर कई मिम्स बन रहे हैं। क्या मिम्स घोषणापत्र की जगह ले रहे हैं या यह युवा घोषणापत्र बन सकता है? यादव कहते हैं:

‘यह बदले हुए युग की नई भाषा है। पहले घोषणापत्र पढ़ते थे, आज यूट्यूब देखते हैं। पहले पोस्टर बनाते थे, अब मिम्स बनाते हैं। इस व्यंग्य के पीछे गहरा राजनीतिक संदेश है। यदि सत्ता में बैठे और विपक्षी दोनों इससे नहीं सीखते, तो वे अपनी जमीन खो देंगे।’

अगर भारतीय युवा खुद को कक्रोच से जोड़ रहे हैं, तो क्या यह केवल आक्रोश है या लोकतांत्रिक व्यवस्था में गहरी निराशा भी है? यादव कहते हैं:

‘हाँ, निराशा और गुस्सा है, लेकिन साथ ही आशा और आकांक्षा भी है। वे चाहते हैं कि कोई आए और उनका सहारा बने। यह सिर्फ नकारात्मक नहीं है, इसमें एक उम्मीद भी है।’

(बीबीसी हिन्दी से)

दो दिन की छुट्टियां: विद्यार्थियों की पढ़ाई पर क्या प्रभाव पड़ेगा, सरकारी सुझावों पर स्कूल क्यों असंतुष्ट?

स्कूल का दरवाज़ा बंद करती महिला कर्मचारी

तस्वीर स्रोत, Nepal Photo Library

प्रतिनिधि सभा की बैठक में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की सांसद बलावती शर्माओं ने दो दिन की छुट्टियों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में सरकार से प्रतिक्रिया मांगी।

“क्या एक वर्ष के पाठ्यक्रम में रविवार की छुट्टी से विद्यार्थियों की पढ़ाई में गुणात्मक बदलाव आएगा या नहीं?” उन्होंने प्रश्न किया।

सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, पाठ्य घंटों और कार्य घंटों के तालमेल में कमी है, जिससे शिक्षण संस्थानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जैसा कि शर्माओं ने बताया।

सांसद शर्माओं ने शिक्षा तथा मानव संसाधन विकास केंद्र द्वारा दो दिन की छुट्टियों को लागू करने में समय प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण सहित विद्यालयों को जारी परिपत्र का उदाहरण दिया।

परिपत्र के अनुसार, प्रार्थना के लिए 15 मिनट और नाश्ते के लिए 30 मिनट निर्धारित किए गए हैं। सर्दी और मानसून की छुट्टियों की अवधि 45 दिन से घटाकर 30 दिन करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही शुक्रवार को विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक कार्य करने और प्रस्तुतियाँ देने का अवसर दिया जाना चाहिए।