नेपाल की ‘५० प्रभावशाली महिला २०८२’ की सूची ऑनलाइनखबर द्वारा जारी की गई है, जिसमें राजनीति, समाज, कला, युवाओं, विज्ञान, उद्यम और डायस्पोरा की महिलाएं शामिल हैं। ललितपुर के द प्लाजा में आयोजित समारोह में कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने सूची जारी कर ५० महिलाओं को सम्मानित किया। ऑनलाइनखबर के अध्यक्ष धर्मराज भुसाल ने सूची में शामिल महिलाओं के लिए एक एलुमनाई गठन करने की घोषणा भी की है।
यह सूची प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (८ मार्च) से पहले जारी की जाती थी, लेकिन इस वर्ष फागुन २१ को सम्पन्न हुए आम चुनाव के कारण यह कुछ विलंब से जारी की गई। सोमवार शाम को ललितपुर के द प्लाजा में आयोजित विशेष कार्यक्रम में कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने ५० प्रभावशाली महिलाओं की सूची जारी की और उन्हें पुरस्कार भी प्रदान किया।
अध्यक्ष भुसाल ने कहा कि ५० प्रभावशाली महिलाओं की प्रत्येक कहानी अपने आप में एक विश्वविद्यालय के समान है और ऐसे कार्य हमेशा के लिए इतिहास में याद रखे जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारे समाज ने महिलाओं को लंबे समय तक केवल ‘पीड़ित’, ‘निमुखा’ या ‘सहयोगी’ के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की, लेकिन आज यहां मौजूद ५० चेहरों ने इस सोच को पूरी तरह से तोड़ दिया है।”
ऑनलाइनखबर के प्रधान सम्पादक बसन्त बस्नेत ने ५० प्रभावशाली महिलाओं की सूची को साधना और संघर्ष का प्रतीक तथा सफलता की असली कृतियां बताया। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में भी इस सूची में और महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
मंत्रिमंडल की बैठक आज दोपहर 1 बजे आकस्मिक रूप से आयोजित की जाएगी। गृह मंत्री सुधन गुरुङ रोशी खोला भ्रमण के लिए जाने से रोक दिए गए हैं और बैठक के बाद वहां जाने की योजना बना रहे हैं। बैठक का एजेंडा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। २४ चैत, काठमांडू। प्रधान मंत्री और मंत्रिमंडल कार्यालय के अनुसार यह बैठक आकस्मिक रूप से बुलाई गई है। गृह मंत्री सुधन गुरुङ सुबह काभ्रे स्थित रोशी खोला भ्रमण की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, मंत्रिमंडल की बैठक आकस्मिक रूप से रखी जाने के कारण गृह मंत्री गुरुङ उस भ्रमण के लिए जाने से रोके गए हैं। बैठक समाप्त होने के बाद वह काभ्रे जाएंगे।
समाचार सारांश स्रोत से संपादकीय समीक्षा के बाद प्रस्तुत। नेकपा एमाले की राष्ट्रीय युवा संघ ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली और हिरासत में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की है। एमाले सचिवालय ने मतदाता सूची अद्यतन पर ध्यान देने और आगामी १२ वैशाख को विरोध सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। ओली की गिरफ्तारी के बाद एमाले ने कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट में विश्वास जताते हुए ७ वैशाख को राजधानी केंद्रित शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। २४ चैत्र, काठमांडू। नेकपा एमाले के युवा संगठन राष्ट्रीय युवा संघ नेपाल का रविवार को पदाधिकारी बैठक हुई। बैठक में पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली समेत हिरासत में बंद कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की गई। ‘पार्टी अध्यक्ष को गिरफ्तार किया गया है। उनकी रिहाई के लिए आंदोलन के दौरान अन्य कार्यकर्ता भी गिरफ्तार हुए हैं,’ युवा संघ के अध्यक्ष महाराज गुरूँग ने कहा, ‘गैरकानूनी रूप से गिरफ्तार सभी नेता और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग हम सरकार से उठा रहे हैं।’ बैठक के बाद जारी बयान में केवल ओली और अन्य नेताओं की रिहाई की ही नहीं, बल्कि ईंधन मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने, गुंडागर्दी के आरोप में गिरफ्तार लोगों की रिहाई तथा समर्थकों के खिलाफ जारी साइबर बुलिंग रोकने की भी मांग की गई है। ‘गृह मंत्री भी अपने ही भूमि मामले में फंसे हैं, कई अन्य अनियमितताएं हैं, जिनपर हमें आपत्ति है,’ गुरूँग ने बताया। बैठक ने १२ वैशाख को विरोध सभा आयोजित करने का भी फैसला किया है। ‘फिलहाल नेपाली जनता को कष्ट न हो इसके लिए कोई प्रदर्शन की तैयारी नहीं की गई है,’ उन्होंने कहा। १४ चैत्र को ओली को उनके निवास से गिरफ्तार किए जाने के बाद तीन दिन तक युवा संघ समेत कई एमाले कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए थे। गिरफ्तारी वाले दिन सचिव महेश बस्नेत ने आंदोलन में सक्रियता बताए थे। बस्नेत, जो ओली के विश्वसनीय सहयोगी हैं, उनकी अभिव्यक्ति को ध्यान दिया गया था। हालांकि बस्नेत की चेतावनी के बावजूद आंदोलन निरंतर नहीं रहा। १४ और १५ चैत्र को सामान्य प्रदर्शन हुए जबकि १६ चैत्र को बागमती प्रदेश कमिटी के बैनर तले सड़क प्रदर्शन हुआ। इसके बाद, रिहाई से अधिक सरकार के फैसलों को लेकर असंतोष और आंतरिक मतभेदों के समाधान के प्रयास देखा गया। महासचिव शंकर पोखरेल ने २४ चैत्र को जारी सर्कुलर में भी पार्टी के आंतरिक अस्थिरता को दर्शाया। उन्होंने सभी प्रदेश और जिला अध्यक्षों को मतदाता सूची अद्यतन पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। पार्टी के आंतरिक निर्णयों से भी एमाले की जटिल स्थिति स्पष्ट होती है। २० चैत्र को सचिवालय बैठक में संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा के वक्तव्यों में सुधार की मांग, सरकार के फैसलों पर असहमति सहित कई निर्णय लिए गए थे। विशेष रूप से १९ चैत्र को संसदीय सभा की पहली बैठक में थापा ने एमालेलाई परास्त करने के लिए नेपाली सेना, कर्मचारी, सुशीला कार्की नेतृत्व वाली सरकार और विदेशी शक्तियों के संलिप्त होने की बात कही जो पार्टी की छवि के लिए नुकसानदेह थी। इसके बाद आकस्मिक सचिवालय बैठक बुलाई गई। इस बैठक ने थापा के विवादित अभिव्यक्ति से उत्पन्न संकट और संसदीय दल के भीतर उठे सवालों पर चर्चा की। इसके अलावा संसदीय दल के नेता पद के उम्मीदवार सुहाङ नेम्वाङ को नामांकन से रोकने से भी पार्टी में असंतोष बढ़ा है। युवा वर्ग महासचिव पोखरेल की इस्तीफा मांगते हुए नेतृत्व पुनर्गठन की माँग करते हुए प्रदर्शन कर रहा है, जो युवा पीढ़ी के प्रति पार्टी के नरम रुख को भी दर्शाता है। ओली की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए आम लोगों से की गई अपील का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। जनता का समर्थन न मिलने से अधिकांश वक्तव्य और सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं ही दिखाई देती हैं। बैठक बाद जारी बयान में स्पष्ट किया गया है, ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया से लिए गए निर्णय का सम्मान करें और अनुपयुक्त टिप्पणी न करें, पार्टी की सभी शाखाओं से यह अपील है। पार्टी ने युवा वर्ग की सकारात्मक सुझावों को गंभीरता से लिया है।’ इसी दौरान विद्यार्थी संगठन अनेरास्वियु की गतिविधियां कमजोर दिख रही हैं। १९ चैत्र को अनेरास्वियु ने एसईई परीक्षार्थियों को शुभकामना देते हुए बयान जारी किया। एक अन्य बयान में अध्यक्ष दीपक धामी ने हस्ताक्षर कर विश्वविद्यालय द्वारा संगठन को निरस्त किए जाने के सरकारी फैसले का विरोध किया। पार्टी अध्यक्ष ओली की गिरफ्तारी के बाद समाज में उत्पन्न हुए विवादों में एमाले का दबदबा नहीं दिखने को पार्टी के नेता भी मान रहे हैं। ‘केपी ओली को छुआ तो देश ठप्प करने की चेतावनी देते थे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के बाद हम आवश्यक दबाव नहीं बना सके,’ एक नेता ने कहा। हालांकि प्रचार संयोजक मीनबहादुर शाही के अनुसार पार्टी नियत कार्यक्रमों के अनुसार सक्रिय है। ‘हम मौन नहीं बैठे हैं, सर्कुलर के अनुरूप कार्यक्रम चल रहे हैं,’ उन्होंने कहा, ‘मुद्दा अदालत में है और पार्टी के भीतर बैठकें हो रही हैं।’ तीन सचिवालय बैठकों में नरमी और व्यापक कार्यक्रम का फैसला हुआ, जो ओली की गिरफ्तारी के बाद आयोजित हुईं। इससे पता चलता है कि नेतृत्व की विश्वास सड़क प्रदर्शन से अधिक कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट पर केंद्रित है। पहले बैठक के फैसले से भी यही संकेत मिलते हैं। कुछ नेताओं ने देश को ठप्प करने की चेतावनी दी थी, लेकिन सचिवालय बैठक ने जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन पत्र देने और प्रदर्शन की जिम्मेदारी जन संगठनों को सौंपने का निर्णय लिया था। इसके बाद, १५ चैत्र को ज्ञापन पत्र देश भर में वरिष्ठ प्रशासनिक कार्यालयों को सौंपा गया। ज्ञापन पत्र प्रस्तुत करने, अन्य दलों के साथ सहकार्यता प्रस्ताव, संसद में विरोध और कानूनी लड़ाई जारी रखने के निर्णय भी लिए गए। विष्णुप्रसाद पौडेल ने संपर्क और समन्वय, रामबहादुर थापा ने संसद में विरोध, और गोकर्ण बिष्ट ने कानूनी उपचार का समन्वय करने की जिम्मेदारी पाई। लेकिन इन प्रयासों का कोई ठोस असर नहीं दिखा है। बंदी प्रत्यक्षीकरण के रिट में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश नहीं दिया है और बयान की अवधि बढ़ाई जाती रही है। कांग्रेस के आंतरिक विवाद और अन्य दलों के साथ मोर्चाबंदी न होने से कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पाई है। थापा के अभिव्यक्ति से स्वयं संकट और बढ़ गया है। सड़क प्रदर्शन के लिए की गई अपील को जनसमर्थन नहीं मिला, जिसके कारण प्रदर्शन सीमित रहे। एमाले के संस्थागत फैसलों से भी जन प्रदर्शन में विश्वास की कमी झलकती है। १७ चैत्र को सचिवालय बैठक ने १२ वैशाख को शक्ति प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। इस निर्णय के तहत २५ चैत्र को जिला स्तर पर कार्यकर्ता सभा और प्रशिक्षण, २८ चैत्र को नगरपालिका स्तर पर और ३ वैशाख को व ward स्तर पर बैठक आयोजित की जाएगी। ७ वैशाख को प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन के बाद राजधानी में शक्ति प्रदर्शन होगा। ओली की गिरफ्तारी के एक माह बाद यह पहला उच्च स्तरीय प्रदर्शन होगा। एक नेता ने कहा, ‘हम इतिहास के सबसे बड़े संकट में हैं। जनता ने हमारा सम्मान खो दिया है। ऐसे समय में आवेशपूर्ण बयान से ज्यादा आत्ममंथन जरूरी है। जनता का विश्वास दोबारा जीतना और आगे बढ़ना ही पार्टी का एकमात्र विकल्प है।’ २१ फागुन के चुनाव में एमाले ने अभूतपूर्व कमजोर प्रदर्शन किया। ओली की गिरफ्तारी से संकट और बढ़ गया है तथा पार्टी के फैसलों में असंगतियों से समस्या झलकती है। इसी बीच विशेष महाधिवेशन की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान भी शुरू हो चुका है। अभियानकारियों का तर्क है, ‘एमाले के संकट का समाधान सिर्फ सचिवालय या केन्द्रीय समिति नहीं कर सकती, विशेष महाधिवेशन बुलाना ही जरूरी है।’
नेपाली वरिष्ठ टेनिस खिलाड़ी सिमांत गुरुङ ने मेलबर्न में आयोजित एनसीटीसी–आईसीएस यूनिटी गेम्स में दोहरा स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हुए इस प्रतियोगिता में सिमांत ने 35 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ पुरुष सिंगल्स और डबल्स दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक हासिल किए। सिंगल्स के फाइनल में सिमांत ने अनुप गुरुङ को हराया। डबल्स में उन्होंने अशोक गुरुङ के साथ मिलकर अनुप गुरुङ और कुमार खत्री की जोड़ी को परास्त किया। 24 चैत, काठमांडू।
इंटरमीडिएट सिंगल्स में दीपेश घिमिरे ने भीष्म गौतम को हराकर विजेता बने। विजेताओं को एनसीटीसी के अध्यक्ष केशव खत्री सहित अन्य सदस्यों ने एक समारोह में पुरस्कार वितरित किए। अध्यक्ष खत्री ने नेपाली टेनिस समुदाय को अभिन्न और एकजुट बनाने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन बताया। आयोजक क्लब के सचिव भीष्म गौतम ने भविष्य में और भी बड़े प्रतियोगिताओं के आयोजन का लक्ष्य बताते हुए, इस प्रतियोगिता के माध्यम से नेपाली खेल समुदाय में एकता और उत्कृष्टता का नया संदेश देने की उम्मीद जताई।
नेकपा एमाले के महासचिव शंकर पोखरेल ने विदेशी ऋण को लेकर वर्तमान सरकार की दोहरेपन की आलोचना करते हुए सवाल उठाए हैं। मंत्रिपरिषद ने २२ चैत्र को १८.५ करोड़ अमेरिकी डॉलर के बराबर विदेशी ऋण लेने का निर्णय लिया था। पोखरेल ने कहा कि सरकार ने ऋण लेते समय स्पष्ट नीति और प्राथमिकता नहीं दिखाई, इसलिए जनता को पारदर्शी जवाब देना जरूरी है। २४ चैत्र, काठमाडौँ।
पोखरेल ने कहा कि सत्ता में आने के बाद सरकार बड़ी मात्रा में विदेशी ऋण ले रही है, जिसके लिए उन्हें जवाब देना चाहिए। उन्होंने उन लोगों के व्यवहार पर सवाल उठाए जिन्होंने पहले विदेशी ऋण के खिलाफ विरोध किया था। मंगलवार को फेसबुक पोस्ट में महासचिव पोखरेल ने कहा कि दीगो पूर्वाधार विकास के लिए विदेशी ऋण लेना नेपाल की बाध्यता और आवश्यकता दोनों है। लेकिन, पूर्ववर्ती सरकार के ऋण लेने पर तीव्र विरोध करने वाले आज बिना स्पष्ट नीति और प्राथमिकता संसद में प्रस्तुत किए ऋण ले रहे हैं।
‘पहले विदेशी ऋण से देश डूबा था’ कहकर पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना करने वाले ही आज नीति तथा कार्यक्रम और प्राथमिकता संसद में स्पष्ट रूप से पेश किए बिना बड़ी मात्रा में ऋण ले रहे हैं,
पोखरेल ने लिखा, ‘इस विषय के सार्वजनिक होने के साथ ही स्वाभाविक रूप से सवाल उठना शुरू हो गए हैं।’
२२ चैत्र को हुए मन्त्रिपरिषद बैठक में १८.५ करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी लगभग २७ अरब ५१ लाख नेपाली रुपए के विदेशी ऋण लेने का निर्णय लिया गया था। एमाले महासचिव पोखरेल ने कहा कि विरोध करने वाले आज सत्ता में आकर उसी ऋण को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने पूछा, ‘पहले विरोध क्यों? आज स्वीकार क्यों?’ बड़ी मात्रा में विदेशी ऋण लेने के मामले पर सरकार को जनता को स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देना चाहिए। इस विषय पर राप्रपा की सांसद खुुस्बु ओली ने भी प्रतिनिधि सभा की बैठक में सवाल उठाए थे।
२४ चैत्र, स्याङ्जा। तमु (गुरुङ) समुदाय के प्रमुख सांस्कृतिक पर्व ‘ट्होटे’ के अवसर पर स्याङ्जा के फेदीखोला गाउँपालिका ने आज एक दिन के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उक्त गाउँपालिकाले अपने क्षेत्र के सभी सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है। ट्होटे पर्व गुरुङ समुदाय द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला एक विशेष सांस्कृतिक उत्सव है।
तमु समुदाय की परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करते हुए सार्वजनिक अवकाश देने का निर्णय फेदीखोला गाउँपालिका अध्यक्ष घनश्याम सुवेदी ने बताया। अध्यक्ष सुवेदी के अनुसार, ट्होटे पर्व न केवल समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण में भी योगदान देता है। स्याङ्जा जिले के ११ स्थानीय तहों में से केवल फेदीखोला गाउँपालिका ने आज के लिए अवकाश घोषित किया है, जबकि अन्य पालिकाओं में कार्यालय नियमित रूप से संचालित रहेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पांच सप्ताह से जारी इरान-विरोधी अमेरिकी-इजरायली युद्ध के बीच बार-बार समयसीमा निर्धारित की, मांगें रखीं और धमकियां दीं। हालांकि, ये धमकियां अक्सर स्पष्ट नहीं हो पाईं। इरान-विरोधी इस नए चरण का आक्रमण विनाशकारी होने की संभावना है। यह मंगलवार को वाशिंगटन डीसी के समयानुसार शाम 8:00 बजे (बुधवार 00:00 GMT) से शुरू होगा। चार घंटों के भीतर देश के सभी पुल और पावर प्लांट ‘ध्वस्त’ कर दिए जाएंगे।
“कुछ ही बातें सीमा के बाहर हैं,” ट्रम्प ने सोमवार को कहा। उनके अनुसार, इस विनाश से बचने के लिए इरान को ‘उनके लिए स्वीकार्य’ किसी समझौते पर पहुंचना होगा, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से ‘तेल की निर्बाध आवाजाही’ का प्रावधान भी शामिल होगा। अंतिम घड़ी नजदीक आ रही है, लेकिन इरान ने ट्रम्प की समयसीमा से सहमति देने के संकेत कम ही दिखाए हैं। इरानी पक्ष ने अस्थायी युद्धविराम को खारिज करते हुए अपनी मांगें प्रस्तुत की हैं, जिन्हें एक अमेरिकी अधिकारी ने ‘अतिवादी’ बताया है।
यह स्थिति अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के लिए जटिलता उत्पन्न कर रही है। अगर कोई समझौता नहीं होता है तो ट्रम्प संभवतः तीन सप्ताह के भीतर चौथी बार समयसीमा बढ़ा सकते हैं। लेकिन इतनी बड़ी धमकियां, कठोर शब्द और गंभीर चेतावनी देने के बाद पीछे हटना युद्ध की जारी स्थिति में उनकी विश्वसनीयता पर असर डाल सकता है। पिछले सप्ताहांत इरान में हुए दो अमेरिकी वायुसेना कर्मियों के उद्धार के बाद, अमेरिका की सैन्य और रणनीतिक क्षमता को लेकर यह स्पष्ट नहीं हुआ कि बात कहीं गई है या नहीं, यह इरान और विश्व ने महसूस किया।
यद्यपि त्रासदी टली, लेकिन इस सफल उद्धार ने अमेरिकी सेना के लिए इरान में मौजूद जोखिम को प्रदर्शित किया है। राष्ट्रपति ट्रम्प शायद यह समझने लगे हैं कि अमेरिकी सैन्य शक्ति भी सीमित है। “हम उन्हें बमबारी कर पूरी तरह से निष्क्रिय कर सकते हैं,” उन्होंने कहा, “लेकिन स्ट्रेट को बंद करने के लिए एक ही आतंकवादी पर्याप्त है।” दूसरा विकल्प ये है कि ट्रम्प द्वारा दी गई धमकियों को पूरा किया जाए।
उनके अनुसार, सोमवार को कई अवसरों पर यह विकल्प प्राथमिकता में नहीं था। इरानी जनता के अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को सहन करने और अपने शहरों पर गिरे बमों का सामना करने के संकेत मिलने पर ट्रम्प ने कहा कि इस घटना से भविष्य में पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी और अमेरिका अंततः सहायता भी कर सकता है। “क्या मैं उनका पूर्वाधार नष्ट करना चाहता हूं? नहीं,” उन्होंने कहा, “चाहे अभी छोड़ दें, उनके लिए देश पुनर्निर्माण में 20 साल लगेंगे।”
प्रथम मुन्दुम ट्रेल रेस ६० किलोमीटर पुरुष वर्ग में नेपाल आर्मी के होमलाल श्रेष्ठ ने ६ घंटे ५० मिनट ४६ सेकंड में जीत हासिल की।
महिला ६० किलोमीटर अल्ट्रा रेस खोटांग की निर्मला राई ने ८ घंटे २० मिनट ०३ सेकंड में पहला स्थान प्राप्त किया।
मुन्दुम अल्ट्रा ट्रेल रेस भोजपुर में आयोजित की गई थी।
२४ चैत, काठमांडू। प्रथम मुन्दुम ट्रेल रेस की उपाधि होमलाल श्रेष्ठ और निर्मला राई ने जीती है।
नेपाल आर्मी के होमलाल श्रेष्ठ ने पुरुष ६० किलोमीटर अल्ट्रा रेस तथा खोटांग की निर्मला राई ने महिला ६० किलोमीटर अल्ट्रा रेस में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
होमलाल श्रेष्ठ ने निर्धारित दूरी ६ घंटे ५० मिनट ४६ सेकंड में पूरी की। वहीं दूसरे स्थान पर अर्जुनल कुलुङ राई रहे, जिन्होंने यह दूरी ६ घंटे ५६ मिनट ०३ सेकंड में पूरी की। तीसरे स्थान पर मिलन राई रहे, जिन्होंने ७ घंटे ६ मिनट ०३ सेकंड का समय लिया।
महिला वर्ग में विजेता निर्मला ने दूरी ८ घंटे २० मिनट ०३ सेकंड में पूरी की। दूसरे स्थान पर आस्मा विक रहीं, जिन्होंने ९ घंटे २१ मिनट ३२ सेकंड समय लिया। तीसरे स्थान पर आङ फुर्बा शेर्पा रहीं, जिन्होंने १० घंटे ५६ मिनट १२ सेकंड में रेस पूरी की।
मुन्दुम अल्ट्रा ट्रेल आयोजक समिति के आयोजन में प्रथम मुन्दुम ट्रेल रेस भोजपुर में संपन्न हुई।
भोजपुर के सबसे गर्म स्थान अरुण नदी के किनारे से शुरू होकर भोजपुर के उच्चतम स्थल पाँचधारे तावा भन्ज्याङ पर जाकर रेस समाप्त हुई।
६० किलोमीटर रेस में प्रथम विजेता को ८० हजार, दूसरे को ६० हजार और तीसरे को ४० हजार रूपये पुरस्कार दिए गए।
इसी प्रकार ४५ किलोमीटर रेस में नेपाल आर्मी के गोपाल तामांग ने प्रथम, पाँचथर के रमेश लिम्बू ने दूसरा और भोजपुर के उमेश राई ने तीसरा स्थान हासिल किया।
महिला वर्ग में ४५ किलोमीटर रेस में पाँचथर की पुष्पा लिम्बू प्रथम, आर्मी की राज्यलक्ष्मी रावल दूसरे और रुस्मा राई तीसरे स्थान पर रहीं।
४० किलोमीटर रेस में विजेताओं को क्रमशः ५० हजार, ३० हजार और २० हजार नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
गृहमंत्री सुदन गुरुङ काभ्रेपलाञ्चोक स्थित बीपी राजमार्ग और रोशी खोलाके हालात का स्थल निरीक्षण करने के लिए काठमांडू से प्रस्थान करने की तैयारी में हैं। इस दौरान वे बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे और अत्यधिक जोखिम वाले बस्तियों तथा पूर्वाधार की वास्तविक स्थिति का अध्ययन करेंगे। साथ ही, वर्षा शुरू होने से पहले संभावित जोखिमों को कम करने के लिए आवश्यक तैयारियों, योजनाओं और समन्वय संबंधी निर्देश संबंधित निकायों को प्रदान करेंगे।
गृहमंत्री सुदन गुरुङ बीपी राजमार्ग और रोशी खोलाकी स्थिति का जानकारी लेने के लिए स्थल निरीक्षण करेंगे। गृहमंत्री गुरुङके नेतृत्व वाली टीम आज सुबह ९ बजे काठमांडू से काभ्रे के लिए रवाना होगी, उनके सचिवालय ने यह जानकारी दी है। हर वर्ष बारिश के मौसम में होने वाली बाढ़ के कारण स्थानीय निवासियों को उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए वे इस बार सीधे现场 अवलोकन कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वे प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को समझेंगे और उच्च जोखिम वाले बस्ती तथा पूर्वाधार की यथार्थ स्थिति का विश्लेषण करेंगे। इसके साथ ही वर्षा शुरू होने से पहले संभावित जोखिम कम करने के लिए आवश्यक तैयारियों, योजनाओं और समन्वय संबंधी निर्देश संबंधित विभागों को देंगे।
फाइल फोटो २४ चैत, बुटवल। रुपन्देही में पुलिस की गोलीबारी से एक व्यक्ति घायल हो गया है। घायल विशाल यादव रुपन्देही के रोहिणी गाउँपालिका २ खुरहुरिया के निवासी हैं। उनकी बाएं पैर की घुटने की पट्टी में गोली लगी है और उनकी भीम अस्पताल भैरहवा में इलाज जारी है। जिला पुलिस कार्यालय रुपन्देही के सूचना अधिकारी डीएसपी कृष्णकुमार चन्द के अनुसार, रोहिणी गाउँपालिका ४ कोटहवा क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी की सूचना पर तीन लोग यूपी ५६ एफ ९९०१ नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार थे जिन्हें रोकने का प्रयास किया गया। इन लोगों ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने गोली चलाई।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों को नियंत्रित करने के दौरान उनके द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने एक राउंड हवाई फायर के साथ दो राउंड वास्तविक गोलियां दागीं और मादक पदार्थ समेत तीनों को गिरफ्तार किया। डीएसपी चन्द ने बताया कि गोलीबारी कर विशाल यादव, भारत के तुलसीपुर महाराजगंज पर्सामलिक ग्राम बिसुनपुरू के १८ वर्षीय अरुण कुमार तथा २० वर्षीय विनय पाण्डेय को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया है।
डीएसपी चन्द के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों के द्वारा उपयोग की गई मोटरसाइकिल की तलाशी लेने पर मादक पदार्थ फेनरागन ११०० एम्पुल, डाइजेपाम ११०० एम्पुल और ब्रुफिन ११०० एम्पुल बरामद हुए हैं। इस घटना से संबंधित आगे की जांच जिला पुलिस कार्यालय रुपन्देही द्वारा जारी है। इसके अलावा, पुलिस ने काठमांडू के गौशाला-पिंगलास्थान क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करी के संदेह में गोली चलाकर दो भारतीय नागरिकों को भी गिरफ्तार किया है।
ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के उद्देश्य से पाकिस्तान के माध्यम से शांति प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। ईरान ने अमेरिकी १५ बिंदुओं के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए अपनी शर्तों पर आधारित दीर्घकालीन समाधान की आवश्यकता जताई है। तेहरान ने क्षेत्रीय संघर्ष समाप्ति, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित आवागमन, पुनर्निर्माण और प्रतिबंध हटाने की मांगों को समेटे हुए शांति संदेश प्रस्तुत किया है।
अमेरिका द्वारा भेजे गए १५ बिंदुओं के प्रस्ताव की लगभग दो सप्ताह तक गहन समीक्षा के बाद ईरानी नेतृत्व ने पाकिस्तान के माध्यम से अपना शांति प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए ईरान को मंगलवार तक की समयसीमा दी थी। यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलता नहीं है तो ट्रम्प ने ईरान के विद्युत केंद्रों और पुलों को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी थी।
मंगलवार की समयसीमा समाप्त होने से एक दिन पहले ईरान ने युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने का शांति संदेश दिया है। ६ अप्रैल को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने मध्यस्थता के माध्यम से संदेशों के आदान-प्रदान की पुष्टि की थी। लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि तेहरान ने अमेरिका की १५-बिंदु योजना को अस्वीकार किया है।
आई.आर.एन.ए. के अनुसार, ईरान ने अपने १० अनुच्छेद के जवाब में युद्धविराम की अवधारणा को ‘पिछले अनुभवों’ के आधार पर अस्वीकार किया है। इसके बजाय ईरान ने अपनी शर्तों पर आधारित दीर्घकालीन समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान द्वारा प्रस्तुत शांति संदेश के दस्तावेज़ में क्षेत्रीय संघर्ष समाप्ति, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना, पुनर्निर्माण और प्रतिबंध हटाने सहित विभिन्न मांगें शामिल हैं।
नेपाली कांग्रेस के पूर्वअध्यक्ष और पूर्वप्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा के निकट नेता प्रकाशशरण महत को देउवा कब लौटेंगे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
उनके अनुसार अंतिम बार मतगणना के दौरान देउवा से उनका संपर्क हुआ था।
लेकिन देउवा के सचिवालय में कार्यरत भानु देउवा ने एक डेढ़ सप्ताह में लौटने की सूचना दी है, ऐसा नेता महत ने बताया।
फागुन १३ तारीख, चुनाव शुरू होने से एक हफ्ता पहले, देउवा उपचार के लिए सिंगापुर गए थे।
नई सरकार विभिन्न मामलों की जांच आगे बढ़ा रही है और इसमें देउवा भी शामिल हो सकते हैं, इसलिए कुछ लोग अनुमान लगा रहे हैं कि वे लौटेंगे या नहीं।
“ऐसा मैं नहीं सोचता,” महत ने कहा, “नेपाल के विभिन्न जिम्मेदारियों में लंबा समय बिताने वाले व्यक्ति को कोई कुछ कर देगा कि वह भागे या छुपे, ऐसा सोचने की जरूरत नहीं है।”
दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों समेत विश्व भर में राजनीतिक परिस्थितियों के कारण सत्ता खोने और कार्रवाई के डर से निर्वासन में गए वरिष्ठ नेताओं या सरकार प्रमुखों या विपक्षी नेताओं का इतिहास रहा है।
देउवा ‘कानूनी झमेला का सामना करने को तैयार’
महत की तरह कांग्रेस महामंत्री गुरुराज घिमिरे को भी देउवा के लौटने के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है।
उन्होंने बताया कि वह मीडिया से ही जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
जनजी आंदोलन में घायल अपने ही पार्टी के वरिष्ठ नेता देउवा के बारे में पार्टी ने कोई चिंता क्यों नहीं दिखाई?
“वह आ रहे हैं, फिर लौटेंगे, कब जल्दी आएंगे हम इंतजार कर रहे हैं,” महामंत्री घिमिरे ने कहा, “उन्होंने संघर्ष करके बनाई पार्टी नेपाली कांग्रेस है, देश नेपाल है, हम यह भी कल्पना नहीं कर सकते कि वे लौटेंगे नहीं।”
संपत्ति शुद्धिकरण जैसे मामलों में देउवा और उनके परिवार के सदस्यों को जोड़ा गया अनौपचारिक विवरण सामने आया है। देउवा के करीबी स्रोत इसे ‘मीडिया ट्रायल’ मानते हैं।
देउवा के प्रधानमंत्री रहते प्रेस सलाहकार रहे गोविंद परियार कहते हैं कि देउवा कुछ ही दिनों में लौटेंगे। उन्होंने बताया कि देउवा के खिलाफ कोई कानूनी मामला नहीं चलेगा और वे कानूनी झमेलों का सामना करने को तैयार हैं।
“कानूनी झमेलों के बावजूद वे बेचैन होकर भागेंगे नहीं,” उन्होंने कहा, “पंचायत काल से जेल और विभिन्न तनावों को सहते हुए वे सभी चुनौतियों का सामना करने को तैयार हैं। लेकिन ऐसा कोई खास आधार भी नहीं है।”
पत्नी और बेटे भी लौटेंगे?
तस्बिर स्रोत, arzuranadeuba.com.np
देउवा उपचार के लिए जब गए थे, उनकी पत्नी आरजू भी साथ थीं। विदेश में रहने वाले उनका बेटा और बहू भी वहां पहुंचे हैं, ऐसी खबरें हैं।
देउवा, उनकी पत्नी पूर्वमंत्री आरजू और बेटा कई मामलों में जुड़े होने की खबरें छपती रही हैं।
इसलिए देउवा लौटे तो भी परिवार के सभी सदस्य लौटेंगे या नहीं, इस पर कुछ लोगों ने शंका जताई है।
परियार ने कहा ‘मेरी जानकारी में परिवार के सभी सदस्य लौटेंगे’।
राजनीतिक परिवार होने के बावजूद गैरकानूनी कामों में संलग्न होने का जोखिम लेकर सब लौटें, ऐसा संभव है?
परियार ने जवाब दिया, “मैं सभी के लिए स्पष्ट नहीं कह सकता, लेकिन देउवा ने पंचायत काल से लेकर राजा के सीधे शासन तक कई परेशानियां सहीं हैं, वे प्रजातांत्रिक विचारधारा के नेता हैं और सभी नेताओं के अभिभावक जैसे हैं, इसलिए वे भागने नहीं, बल्कि लौटने वाले हैं।”
देउवा अभी कहाँ और क्या कर रहे हैं?
गोविंद परियार ने बताया कि देउवा परिवार कुछ दिन पहले सिंगापुर से हांगकांग गए थे।
सिंगापुर में उपचार पूरा होने के बाद वे अतिरिक्त स्वास्थ्य उपचार और पारिवारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए हांगकांग गए थे।
परियार ने कहा, “डॉक्टर की सलाह के अनुसार वे हांगकांग में अतिरिक्त उपचार करवा रहे हैं, एक छोटी सर्जरी भी करनी है, उसके बाद नेपाल लौटने की योजना है।”
लेकिन वापसी की तिथि के बारे में वे कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
हालांकि उनकी जानकारी के अनुसार ज्यादा समय नहीं लगेगा।
जनजी आंदोलन के दौरान देउवा दंपती पर कड़ी मारपीट की गई थी और उनके घर में आग लगाई गई थी।
उनके घर को तोड़ना शुरू किया गया था, लेकिन अब पुलिस ने जांच के लिए रोक लगा दी है, परियार ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
कुछ मीडिया ने बताया था कि घर बिक चुका है।
देउवा सचिवालय ने इस खबर का खंडन कर दिया है। पत्रकार परियार ने भी कहा, “घर बिकाया नहीं गया है और बिक्री में भी नहीं है।”
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सभापति डीपी अर्याल २४ चैत्र, काठमांडू। आज दोपहर एक बजे से प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होने वाली है। आज की बैठक में तीन संभावित कार्यसूचियाँ शामिल होने की संभावना है। संघीय संसद सचिवालय के अनुसार, आज की बैठक में ‘राष्ट्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (स्थापना एवं संचालन) विधेयक, २०८१’, ‘पर्यटन विधेयक, २०८१’ और ‘चलचित्र विधेयक, २०८१’ प्रस्तुत किए जाने की कार्यसूची में हैं।
दिर्घकाल से स्थिरता और महत्वाकांक्षा का केंद्र रहे सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, क़तर, ओमान और बहरीन जैसे खाड़ी राष्ट्र बड़ी संख्या में निवेशकों, बड़ी कंपनियों और कुशल श्रमिकों को आकर्षित करते रहे हैं। इन देशों के हवाई अड्डे विश्वव्यापी ‘हब’ के रूप में विकसित हुए हैं, जबकि उनके शहर वित्तीय और पर्यटन केंद्र बनने में सफल रहे हैं। लेकिन, अमेरिका पर इज़राइल द्वारा इरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध ने इस प्रभाव को गहरी चुनौती दी है। इरानी मिसाइलें और ड्रोन इस क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, साथ ही वहां की गैर-सैन्य और ऊर्जा संरचनाओं पर भी हमले हो रहे हैं। कुछ देशों ने जल्दी से जनजीवन को सामान्य करने के प्रयास शुरू किए हैं। उदाहरण के तौर पर, क़तर सरकार ने घर से काम करने की अनुमति वापस लेकर विश्वविद्यालयों में कक्षाएं पुनः संचालित की हैं। फिर भी, कई विश्लेषकों के अनुसार, खाड़ी देशों को भले ही युद्ध से कुछ झटका लगे, यह उन्हें अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करेगा। वाशिंगटन स्थित मिडिल ईस्ट इंस्टिट्यूट के एलेक्स व्हैटन ने कहा, “आप इरान से होने वाले हमलों को रोक नहीं सकते क्योंकि यह भू-राजनीति और समीपता से जुड़ा मुद्दा है। जिन देशों का उसमें सीधे कोई हिस्सा नहीं था, वे भी अग्रिम मोर्चे पर आ गए हैं और बड़ी आर्थिक क्षति झेल रहे हैं।”
सर्वोच्च न्यायालय ने ओली और लेखक की गिरफ्तारी को कानूनी तौर पर गलत मानते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द जांच पूरी करें।