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लेखक: space4knews

एमालेले फिर्ता गर्‍यो भीआईपी उपचारको साढे तीन करोड

नेकपा (एमाले) ने VIP उपचार खर्च के 3 करोड़ 85 लाख रुपये वापस किए

नेकपा (एमाले) ने पूर्वराष्ट्रपति, पूर्वप्रधानमंत्री और झलनाथ खनाल के विदेश चिकित्सा खर्च के 3 करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की राशि राज्यकोष में वापसी की है। अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग VIP व्यक्तियों के गैरकानूनी चिकित्सा खर्च की जांच कर रहा है और जल्द ही इस विषय पर कोई मामला न चलाने का निर्णय लिया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने 14 वैशाख 2083 को VIP व्यक्तियों के विदेश उपचार खर्च के सरकारी भुगतान को करने वाली निर्देशिका रद्द कर दी थी। 7 जेठ, काठमांडू।

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग की जांच के बाद नेकपा (एमाले) ने पूर्व VIP नेताओं द्वारा राज्यकोष से लिए गए चिकित्सा खर्च की राशि वापस की है। नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार, 1 जेठ 2083 को एमाले ने तीन पूर्व पदाधिकारियों के उपचार खर्च के लिए राज्यकोष से भुगतान की गई राशि वापस जमा कराई। पूर्वराष्ट्रपति डा. रामवरण यादव, पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और झलनाथ खनाल के उपचार हेतु लगभग चार करोड़ रुपये नेपाल राष्ट्र बैंक में ‘डिपाज़िट’ किए गए हैं।

प्रचलित कानूनों के खिलाफ VIP लोगों द्वारा विदेश में किए गए उपचार खर्च की राशि राज्यकोष से प्राप्त किए जाने की शिकायत पर अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग जांच कर रहा था। “गैरकानूनी रूप से उपचार खर्च भुगतान किए जाने के मामले की तत्काल जांच पूरी कर आरोपों पर मुकदमा दायर करने के लिए हम सहित उच्च पदाधिकारियों पर बड़ा दबाव था,” अख्तियार के एक उच्च पदस्थ कर्मचारी ने बताया। एमाले ने पूर्वराष्ट्रपति डा. यादव के नाम पर 65 लाख 25 हजार, पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नाम पर 2 करोड़ 39 लाख 35 हजार 714 रुपये और झलनाथ खनाल के नाम पर 81 लाख 39 हजार 155 रुपये वापस किए हैं।

अख्तियार से संबंधित स्रोत के अनुसार, “जल्द ही यह तय हो सकता है कि मामला न चलाया जाए।” एमाले केन्द्रीय कार्यालय के सचिव भीष्म अधिकारी ने वापसी के विषय में कहा कि उन्हें अभी तक कोई जानकारी नहीं है। “क्या यह भुगतान आपके हस्ताक्षरित चेक से हुआ है?” यह पूछने पर उन्होंने कहा, “इस विषय में मैं पुष्टि कर के ही और जानकारी दे सकूंगा।” वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुवलाल श्रेष्ठ सहित कुछ व्यक्तियों ने VIP लोगों पर राज्यकोष का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए अख्तियार में शिकायत दर्ज कराई थी।

अख्तियार से जुड़े एक स्रोत के मुताबिक, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा भारत में किए गए उपचार खर्च का विवाद अभी भी बाकी है। पौडेल ने लगभग 60 लाख उपचार खर्च स्वयं वहन करने की घोषणा कर चुके हैं। इसी प्रकार पूर्व उपप्रधानमंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ के जापान में तथा पूर्वमंत्री वर्षमान पुन के चीन में चिकित्सा खर्च से संबंधित शिकायतों पर भी अख्तियार जांच कर रहा है।

पूर्व वित्त मंत्रियों का सुझाव: खुदरा परियोजनाओं को बजट में न डालने से पहले उचित तैयारी जरूरी

वित्तमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी वित्त वर्ष के बजट की तैयारी के लिए 8 पूर्व वित्त मंत्रियों से सुझाव एकत्रित किए हैं। इन पूर्व वित्त मंत्रियों ने बिना उचित तैयारी के खुदरा परियोजनाओं को बजट में शामिल न करने और आर्थिक सुधार कार्यदल की रिपोर्ट को लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने निजी क्षेत्र को विद्युत व्यापार में स्वतंत्रता के साथ प्रवेश देने, राजस्व वृद्धि पर सीमाएं लगाने और राष्ट्रीय गौरव वाली परियोजनाओं में मनमानी रोकने की भी सलाह दी है। 7 जेठ, काठमाडौं।

डॉ. वाग्ले ने बुधवार को काठमाडौं में आयोजित कार्यक्रम में 8 पूर्व वित्त मंत्रियों से आगामी बजट के संदर्भ में विविध सुझाव लिए। इस अवसर पर पूर्व वित्त मंत्रियों ने बिना पूर्व तैयारी के खुदरा परियोजनाओं को बजट में सम्मिलित करना उचित नहीं बताया। निवर्तमान वित्तमंत्री रमेश्वर खनाल ने उच्च स्तरीय आर्थिक सुधार प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले कार्यदल की रिपोर्ट को पूर्ण रूप से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने बिना तैयारी के रखे गए खुदरा और टुकड़े-टुकड़े परियोजनाओं के लिए बजट न देने की भी सलाह दी।

पूर्व वित्त मंत्री शंकर कोइराला ने रमेश्वर खनाल सहित पूर्व आर्थिक रिपोर्टों के अनुश्रवण का सुझाव दिया। उन्होंने वित्तमंत्री को सफलता की शुभकामनाएं देते हुए विद्युत व्यापार में निजी क्षेत्र को खुला करने की वकालत भी की। डॉ. युवराज खतिवड़ा ने वित्तमंत्री को बजट सीमाओं के भीतर रहने की सलाह देते हुए राजस्व वृद्धि को 10 से 12 प्रतिशत तक सीमित रखने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी बजट का आकार लगभग साढे 20 खर्ब रुपैयाँ के आसपास होना चाहिए।

प्रधानमंत्री संसद में न आने से मुझे कोई दबाव नहीं है : रवि लामिछाने

रास्वपा के सभापति रवि लामिछाने ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री संसद में न आने के कारण उन्हें कोई दबाव महसूस नहीं हो रहा है। लामिछाने ने कहा, “मैं ऐसे दबाव में रहने वाला व्यक्ति नहीं हूं” और केवल तब ही दबाव महसूस होता है जब सरकार काम नहीं कर रही हो। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी महाधिवेशन से रूपांतरित हुई है और विधान के अनुसार तेजी से काम करना जरूरी है। ७ जेठ, काठमांडू।

रास्वपा के सभापति रवि लामिछाने ने इस बात से इनकार किया कि प्रधानमंत्री के संसद में न आने के कारण वे दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि वे दबाव या प्रभाव में आने वाले व्यक्ति नहीं हैं और फिलहाल प्रधानमंत्री की वजह से उन्हें कोई दबाव नहीं है। यह बात उन्होंने बिहीवार प्रतिनिधि सभा की बैठक से बाहर निकलते समय पत्रकारों से बातचीत में कही।

जब मीडिया ने उनसे पूछा, ‘‘प्रधानमंत्री के संसद में न आने के कारण क्या आप दबाव में हैं?’’ तो सभापति लामिछाने ने जवाब दिया, “नहीं, बिल्कुल नहीं। मैं ऐसे दबाव में रहने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मुझे ऐसा कोई दबाव नहीं है।” उन्होंने कहा कि केवल तब उन्हें दबाव महसूस होता है जब सरकार काम नहीं कर रही हो।

लामिछाने ने कहा कि महाधिवेशन में पार्टी रूपांतरित हुई है और महाधिवेशन की स्थापना के अनुसार पार्टी को सही ढंग से आगे बढ़ाने का विश्वास है। उन्होंने कहा, “यह समय तेजी से काम करने का है। हमें विधान का पालन भी करना है। हमारी तैयारी पूरी है।”

राष्ट्रिय सभाको क्यालेन्डरबाटै गायब भयो अध्यादेशको कार्यसूची

राष्ट्रीय सभा के कैलेंडर से अध्यादेश कार्यसूची हटाई गई

समाचार के अनुसार, संसदीय कैलेंडर से अध्यादेश को आगे बढ़ाने की संभावित कार्यसूची को हटा दिया गया है एवं जेठ 15 तक कोई बैठक निर्धारित नहीं है। सरकार ने आठ अध्यादेश संसद में प्रस्तुत कर दिए हैं, लेकिन यदि दोनों सदन इन्हें स्वीकृत नहीं करते हैं तो ये अध्यादेश स्वतः निष्क्रिय हो जाएंगे। विपक्षी दलों ने अध्यादेश को अस्वीकृत करने के लिए नोटिस दर्ज करा दिया है और अध्यादेश को आगे बढ़ाने का निर्णय सरकार की तैयारी पर निर्भर है।

7 जेठ, काठमाडौं। राष्ट्रीय सभा के कैलेंडर से अध्यादेश को आगे बढ़ाने की संभावित कार्यसूची हटा दी गई है। गत वैशाख 24 को अद्यतन किए गए राष्ट्रीय सभा के संभावित बैठक कार्यसूची में अध्यादेशों को निर्णय के लिए प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख था। यदि गुरुवार को बैठक होती तो सरकार संसद अधिवेशन ना होने के बावजूद अध्यादेशों को स्वीकृत कराने की दिशा में प्रयास कर रही होती। लेकिन अध्यादेशों को निर्णयार्थ प्रस्तुत करने की कार्यसूची हटा कर संसद सचिवालय ने नया कैलेंडर जारी किया है।

जेठ 5 को अद्यतन संसदीय कैलेंडर में गुरुवार के लिए कोई बैठक सूचीबद्ध नहीं है। साथ ही जेठ 15 तक के कैलेंडर में किसी दिन भी अध्यादेश को आगे बढ़ाने का विषय सम्मिलित नहीं है।

नेपाली कांग्रेस के सांसद कृष्णबहादुर रोकाये ने शुरू में तय बैठक के आसानी से संशोधित होने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘कल और आज दोनों दिन बैठक तय थी, लेकिन दोनों स्थगित कर दी गई। इसी के साथ तय अध्यादेश को आगे बढ़ाने वाली कार्यसूची भी स्थगित हो गई।’

राष्ट्रीय सभा के सचिव तुलबहादुर कंडेल ने कहा, सरकार के तैयार होने पर ही अध्यादेश का विषय आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा, ‘सरकार अध्यादेश आगे बढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। सरकार की तैयारी न होने के कारण इसे अभी स्थगित किया गया है।’

संसद अधिवेशन के अभाव में सरकार ने आठ अध्यादेश जारी किए थे। इनमें सार्वजनिक खरीद (दूसरा संशोधन), सार्वजनिक पदाधिकारियों के पदमुक्ति से जुड़ी विशेष व्यवस्था, संवैधानिक परिषद (कार्य, कर्तव्य, अधिकार और कार्यविधि) (पहला संशोधन) शामिल हैं। इसके साथ ही, संपत्ति शुद्धिकरण (मनी लॉन्ड्रिंग) निवारण (तीसरा संशोधन), कुछ नेपाल ऐन में संशोधन, सहकारी (पहला संशोधन), स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान से संबंधित कुछ नेपाल ऐन में संशोधन तथा विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ नेपाल ऐन संशोधन अध्यादेश भी हैं।

ये अध्यादेश संघीय संसद के दोनों सदनों, प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। गत वैशाख 28 को दोनों सदनों में पेश किए गए इन अध्यादेशों को अब स्वीकृत या अस्वीकृत करने का निर्णय दोनों सदनों को करना होगा। संविधान की धारा 114 के अनुसार अध्यादेश जारी होने पर उसे दोनों सदनों में प्रस्तुत करना होता है, तथा यदि दोनों सदन स्वीकृति नहीं देते हैं तो वह अध्यादेश स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा। इसलिए दोनों सदनों को अध्यादेशों को स्वीकृत करना आवश्यक है।

राष्ट्रीय सभा में सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय जनता पार्टी के सांसदों की उपस्थिति कम रही है। 59 सदस्यों वाली सभा में नेपाली कांग्रेस 24 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल है। अन्य दलों में नेकपा 17, नेकपा एमाले 10, जसपा 2, लोसपा 1, राष्ट्रीय जनमोर्चा 1 तथा राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत 2 सांसद शामिल हैं।

विपक्षी दलों ने भी ‘अध्यादेश अस्वीकृत किया जाए’ के लिए नोटिस दर्ज करा दिया है। नेकपा एमाले ने सभी आठ अध्यादेशों के अस्वीकृत किए जाने का नोटिस दिया है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने चार और नेपाली कांग्रेस ने दो अध्यादेशों को अस्वीकृत करने का नोटिस दिया है। कांग्रेस ने संवैधानिक परिषद एवं कुछ नेपाल ऐन संशोधन से संबंधित बिलों को अस्वीकृत करने के लिए नोटिस दिया है। नेकप ने संवैधानिक परिषद, कुछ नेपाल ऐन संशोधन, सार्वजनिक पदाधिकारियों के पदमुक्ति और विश्वविद्यालय से जुड़े अध्यादेशों को अस्वीकृत करने के नोटिस दर्ज किए हैं।

राष्ट्रीय सभा ने जेठ 7 को इन अध्यादेशों को निर्णयार्थ पेश करने का निर्णय लिया था, लेकिन अंतिम समय में इसे संशोधित कर दिया गया है। दोनों सदनों द्वारा अध्यादेशों को स्वीकृत किए जाने पर ही सरकार अध्यादेश प्रतिस्थापन विधेयक लाने के लिए रास्ता बनाएगी।

प्रतिनिधि सभा में भी अभी तक अध्यादेश आगे बढ़ाने का विषय प्रवेश नहीं हुआ है। प्रतिनिधि सभा ने असार 15 तक का संसदीय कैलेंडर जारी किया है, जिसमें अध्यादेश आगे बढ़ाने का कोई विषय शामिल नहीं है। इसलिए राष्ट्रीय सभा द्वारा संभावित कार्यसूची तय किए जाने के बावजूद संसदीय कैलेंडर से अध्यादेश कार्यसूची हटा दी गई है।

अब अध्यादेश कब आगे बढ़ेगा, यह सरकार की तैयारी और नीति के अनुसार तय होगा, ऐसा नेताओं ने बताया है।

पूर्व अर्थमंत्री खनाल ने आर्थिक सुधार रिपोर्ट लागू करने का सुझाव दिया

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार।

  • पूर्व अर्थमंत्री रामेश्वर खनाल ने उच्चस्तरीय आर्थिक सुधार कार्यदल की रिपोर्ट लागू करने के लिए अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले को सुझाव दिया है।
  • खनाल ने विद्युत पर मूल्य वर्धित कर न लगाने और बिना तैयारी के खुदरा व छोटे परियोजनाओं में बजट न खर्च करने की सलाह दी है।
  • पूर्व अर्थमंत्री शंकर कोइराला ने भी इस रिपोर्ट के कार्यान्वयन पर जोर दिया है।

७ जेठ, काठमाडौं। पूर्व अर्थमंत्री रामेश्वर खनाल ने उच्चस्तरीय आर्थिक सुधार कार्यदल की रिपोर्ट लागू करने के लिए अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले को सुझाव दिया है।

बुधवार आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट संदर्भ में पूर्व अर्थ मंत्रियों के साथ आयोजित चर्चा के दौरान, खनाल ने अपनी नेतृत्व में बनी इस रिपोर्ट के निष्पादन की सिफारिश की। उन्होंने अंतरिम सरकार में अर्थमंत्री रहते हुए इसी रिपोर्ट के आधार पर काम किया था।

खनाल ने विद्युत सेवा पर मूल्य वर्धित कर न लगाने की सलाह दी है। साथ ही, बिना तैयारी के खुदरा और छोटे परियोजनाओं में बजट न डालने की भी सलाह दी। चर्चा में पूर्व अर्थमंत्री शंकर कोइराला ने भी इस रिपोर्ट के कार्यान्वयन पर जोर दिया।

मधेशमा सत्ता समीकरणमा परिवर्तन, जसपा नेपाललाई हटाउँदै एमाले प्रवेश गर्ने तयारी

७ जेठ, जनकपुरधाम। मधेश प्रदेशमा सत्ता समीकरणमा महत्वपूर्ण परिवर्तनहरू हुँदैछन् र तीन दलहरूको गठबन्धन सरकार गठन हुन सक्ने संकेत देखा परेको छ। नेकपा एमाले, नेपाली कांग्रेस र नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) एकसाथ मिलेर नयाँ सरकार गठन गर्ने तयारीमा छन्। मुख्यमन्त्री पदमा कांग्रेसका कृष्णप्रसाद यादव नै निरन्तर रहनु हुनेछ। तीनवटा दलबीच नयाँ सरकार गठन गर्ने सहमति भइसकेको एक नेताले जानकारी दिनुभएको छ। यस प्रक्रियामा जसपा नेपाल र जनमत पार्टीका मन्त्रीहरूलाई पदबाट हटाएर नेकपा एमालेका तर्फबाट आजै एक मन्त्रीले सपथ ग्रहण गर्ने तयारी छ, बताइएको छ।

गण्डकीका योजना छनोटमा सत्तापक्षकै सांसद असन्तुष्ट

गण्डकी प्रदेश की योजना चयन में सत्तापक्ष के सांसद असंतुष्ट

गण्डकी प्रदेश सरकार आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के लिए लगभग ३० अरब रुपए के बजट के प्रावधान कर रही है। भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय ने बहुवर्षीय योजनाओं के लिए ८७ योजनाओं को चुना है और ४ अरब ८६ करोड़ रुपए की जिम्मेदारी सुनिश्चित की है। सांसदों ने बजट में योजना समावेश को मनमानी और पहुंच आधारित होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और एमाले नेता के विरुद्ध गहरा आक्रोश जताया।

गण्डकी प्रदेश सरकार ने चालू आव में ३१ अरब ९७ करोड़ रुपए का बजट पेश किया था और आगामी आव के लिए लगभग ३० अरब रुपए का बजट अनुमानित है। भौतिक पूर्वाधार और यातायात व्यवस्था मंत्रालय ने मंगलवार को योजनाओं पर चर्चा की। इस मंत्रालय को अब तक लगभग ८ अरब ८७ करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं, जबकि बहुवर्षीय ठेके वाली योजनाओं की जिम्मेदारी १० अरब १३ करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है।

सत्ताधारी दल नेपाली कांग्रेस और एमाले के सांसदों ने मुख्यमंत्री सुरेन्द्रराज पाण्डे और पूर्व मुख्यमंत्री खगराज अधिकारी के प्रति आक्रोश जताया। सांसदों का आरोप है कि दोनों नेताओं और उनके सलाहकारों की संलिप्तता से प्रदेश के बजट का दुरुपयोग हुआ है, पहुंच के आधार पर बहुवर्षीय योजना और बजट पर कब्जा किया गया। सांसद गणेशमान गुरुङ ने कहा, “वर्तमान में एक ही क्षेत्र में ६-६ बहुवर्षीय योजनाएं रखी गई हैं।” इसी तरह कांग्रेस सांसद जीतप्रकाश आले ने कहा कि साढ़े २ अरब रुपए अतिरिक्त बजट को विशेष वीटो के जरिए बहुवर्षीय योजनाओं में लोड करना प्रदेशवासियों के विरुद्ध अपराध है।

भौतिक पूर्वाधार मंत्री गोविन्द नेपाली ने कहा कि सरकार इस बार चल रही योजनाओं को पूरा करने पर जोर देगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक सीलिंग ८ अरब ८७ करोड़ रुपए है, लेकिन चालू खर्च और अनिवार्य जिम्मेदारियां घटाने के बाद नई योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे। गण्डकी प्रदेश के सभामुख कृष्णप्रसाद धिताल ने कहा कि पुराने दलों के उचित काम न करने से नई पार्टियों का उदय हुआ है।

सुर्खेत विमानस्थल में निःशुल्क शटल बस सेवा का विस्तार

सुर्खेत विमानस्थल से चल रही निःशुल्क शटल बस सेवा को जेठ ८ गते से विस्तार कर कालुन्चोक, घण्टाघर चोक, मंगलगढी चोक होते हुए तीनकुने चोक तक संचालित किया जाएगा। संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मन्त्रालय के सचिव मुकुन्द प्रसाद निरौलाले यात्रियों की सुविधा के लिए शटल बस सेवा विस्तार करने का निर्देश दिया है। शटल बस सेवा के विस्तार से विमानस्थल से प्रमुख बाजार क्षेत्र तक यात्रियों की आसान आवागमन और निजी सवारी के महंगे खर्च में कमी आएगी, स्थानीय व्यवसायियों ने यह बताया।

कर्णाली प्रदेश के मुख्य हवाई प्रवेशद्वार सुर्खेत विमानस्थल से चल रही निःशुल्क शटल बस सेवा का विस्तार किया गया है। संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मन्त्रालय के सचिव मुकुन्द प्रसाद निरौलाले गुरुवार को विमानस्थल और शटल बस सेवा का निरीक्षण कर यात्रियों की सुविधा के लिए सेवा विस्तार का निर्देश दिया। इसके बाद सुर्खेत नागरिक उड्डयन कार्यालय तथा विमानस्थल प्रमुख हिराजन काफ्ले ने निःशुल्क शटल बस सेवा विस्तार की सूचना दी।

सुर्खेत नागरिक उड्डयन कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, शुक्रवार से निरंतर विमानस्थल से प्रमुख बाजार तक यात्रियों की सहज आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शटल बस सेवा का विस्तार किया गया है। विमानस्थल प्रमुख काफ्ले द्वारा जारी सूचना में कहा गया है, ‘इस नागरिक उड्डयन कार्यालय के यात्रियों के लिए निःशुल्क शटल बस सेवा विमानस्थल से तीनकुने चोक तक संचालित हो रही थी, जिसमें अब यह सेवा जेठ ८ गते से सुर्खेत विमानस्थल से निकलकर कालुन्चोक, घण्टाघर चोक, मंगलगढी चोक होते हुए तीनकुने चोक तक चलेगी।’

सुर्खेत विमानस्थल कर्णाली प्रदेश के पर्यटन, व्यापार और प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख हवाई केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। हाल के दिनों में काठमांडू से यहां दैनिक नियमित उड़ानें होने लगी हैं और कर्णाली के हिमाली जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से विमानस्थल के आसपास यातायात प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो रहा था। इस स्थिति को सरल बनाने के लिए शटल बस सेवा का विस्तार किया गया है, पर्यटन मंत्रालय के सचिव निरौलाले जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘विशेष रूप से आंतरिक हवाई यात्रियों, पर्यटकों, वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार सुर्खेत आने वाले यात्रियों को ध्यान में रखते हुए यह सेवा प्रभावी बनाने हेतु संचालन रूट का विस्तार किया गया है।’ यात्रियों को विमानस्थल से बाजार तक पहुंचने के लिए महंगे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। कर्णाली प्रदेश की राजधानी वीरेन्द्रनगर से विमानस्थल की बेहतर पहुँच से पर्यटन और सेवा क्षेत्रों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, स्थानीय व्यवसायियों ने बताया।

कर्णाली की सांस्कृतिक प्रदर्शनी दिखाने के लिए एक माह से काठमांडू में, बलेन ने नहीं दी मुलाकात (तस्वीर/विडियो)

समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा किया गया।

  • मुगु के स्थानीय लोग एक माह से नए सरकार द्वारा नियुक्त प्रधानमंत्री और मंत्रियों से मिलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नहीं मिल पाए हैं।
  • सांस्कृतिक परिधान में माइतीघर मंडला में प्रदर्शन कर उन्होंने कर्णाली की कला संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का आग्रह किया है।
  • टोली के संयोजक बसंत बागचन ने नेपाल की सरकारी संस्थाओं में कला संस्कृति की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया है।

७ जेठ, काठमांडू। कर्णाली की सांस्कृतिक परिचय देते हुए एक माह से लगातार प्रयास कर रहे मुगु के स्थानीय लोगों ने अपनी उपेक्षा की शिकायत की है।

नए गठित सरकार के प्रधानमंत्री और मंत्रियों से मिलने की एक माह से कोशिश करने के बावजूद वे उनसे नहीं मिल पाए हैं, यह उनकी शिकायत है।

गुरुवार (आज) सिंहदरवार गेट तक पहुंचने के बावजूद मिलने में असफल रहने पर सांस्कृतिक पोशाक पहने वे माइतीघर मंडला पहुंचे और प्रदर्शन किया।

टोली के संयोजक बसंत बागचन के अनुसार, मुगु के स्थानीय लोग एक माह से काठमांडू में रह रहे हैं।

‘हमारी मांग है कि कर्णाली की जड़ी-बूटियों, पोशाकों और बाजा-गाजों को नई सरकार अच्छी तरह प्रदर्शित करे और राष्ट्रीय स्तर पर परिचित कराए,’ उन्होंने कहा, ‘नेपाल की किसी भी सरकारी संस्था में कला संस्कृति की स्थापना होनी चाहिए।’

अपनी कला संस्कृति को पूरे देश में फैलाने के लिए काठमांडू आए लेकिन मिलने में असफल रहने पर उन्होंने बुधवार को केवल माइतीघर मंडला में प्रदर्शन करना पड़ा, उन्होंने बताया।

सांसदों, मंत्रियों और अन्य उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क करने के बावजूद जवाब में समय नहीं मिलने के कारण वे माइतीघर पहुंच गए और कला संस्कृति का प्रदर्शन करना पड़ा, उन्होंने कहा।

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

कर्णाली सांस्कृतिक प्रदर्शन

‘निष्पक्ष महाधिवेशन र बृहत्तर एकताका लागि साझा संयन्त्र बन्नुपर्छ’

‘निर्णायक महाधिवेशन और व्यापक एकता के लिए साझा संयंत्र आवश्यक है’

विशेष महाधिवेशन के बाद नेपाली कांग्रेस में शुरू हुआ आंतरिक विवाद चार महीने बीत जाने के बावजूद यथावत् है और शक्ति संघर्ष का स्वरूप धारण करता जा रहा है। नेपाली कांग्रेस के नेता डॉ. प्रकाशरण महत ने १५वें महाधिवेशन को निष्पक्ष और व्यापक पार्टी एकता कायम करने के लिए साझा संयंत्र आवश्यक बताया है। डॉ. महत ने कहा है कि सरकार की नीति तथा कार्यक्रम में कोई नई उपलब्धि नहीं है और आर्थिक वृद्धि ७ प्रतिशत होने का कोई आधार भी नजर नहीं आया है। विशेष महाधिवेशन के बाद शुरू हुआ आंतरिक विवाद अभी भी कायम है। वर्तमान नेतृत्व और महाधिवेशन से बाहर हुए समूह के बीच असंतोष ने इस विवाद को शक्ति संघर्ष का रूप दे दिया है।

सार्वजनिक मंच पर पार्टी एकता और सहयोग का सन्देश देने का प्रयास तो किया जा रहा है, लेकिन शीर्ष नेताओं के बीच दूरी कम नहीं हो सकी है। बल्कि हाल की गतिविधियां आंतरिक ध्रुवीकरण को और अधिक स्पष्ट कर रही हैं। पार्टी के भीतर इस विवाद के समाधान के लिए दोनों पक्ष औपचारिक संवाद या सहमति की पहल नहीं कर पाए हैं। नेताओं के बीच बढ़ती अविश्वास और आंतरिक प्रतिस्पर्धा के कारण विवाद के शीघ्र समाधान की संभावना कम दिख रही है। इसी संदर्भ में कांग्रेस नेता और पूर्व अर्थ मंत्री डॉ. प्रकाशरण महत से पत्रकार केशव सावद ने पार्टी एकता, नजदीकी महाधिवेशन, सरकार की नीति तथा कार्यक्रम और आगामी बजट को लेकर बातचीत की है।

संस्थापन पक्ष नीति, अनुसंधान तथा प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के माध्यम से प्रदेश स्तर की बैठकों का आयोजन कर रहा है। पार्टी में नियमित महाधिवेशन या विशेष महाधिवेशन कराने का विवाद था। हमने बहुसंख्यक ने नियमित महाधिवेशन कराने का निर्णय लिया था लेकिन कुछ साथी विशेष महाधिवेशन का आयोजन कर गए। चुनाव आयोग और अदालत ने उस विशेष महाधिवेशन को आधिकारिकता दी। हमें वह जायज नहीं लगा, लेकिन कानूनी तौर पर दी गई आधिकारिकता को स्वीकार किया है। विशेष महाधिवेशन में पार्टी के बहुसंख्यक सदस्य नहीं थे, इसलिए राजनीतिक रूप से समस्या का समाधान नहीं हो पाया। कानूनी और प्राविधिक तौर पर तो समाधान हुआ लेकिन पार्टी एकजुट नहीं हो पाई।

इसलिए हमारी प्राथमिकता पार्टी की व्यापक एकता है। लेकिन यह आसान नहीं है। मानसिक और भौतिक रूप से पार्टी अभी विभाजित है और स्थिति चुनौतीपूर्ण है। इस चुनौती का सामना करते हुए भी अगर नेपाली कांग्रेस को एक मजबूत, सशक्त और अग्रणी पार्टी बनाना है, तो सभी पक्षों को एकजुट होना जरूरी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हम बस अपने विचारों को थोपें। वर्तमान नेतृत्व को सभी भावनाओं को समेटकर १५वें महाधिवेशन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए आधार तैयार करना चाहिए, ऐसा मेरा मानना है।

उद्योग वाणिज्य महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुनाव में बाधा नहीं आएगी, प्रतिस्पर्धा शुक्रवार संपन्न होगी

समाचार संक्षेप नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद का चुनाव ९ जेठ शुक्रवार को तय किया गया है। उच्च अदालत ने कार्यकारिणी समिति के निर्णय पर अंतरिम आदेश न देने का फैसला किया है, जिससे चुनाव के मार्ग खुल गए हैं। महासंघ के अध्यक्ष अन्जन श्रेष्ठ ने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठक और चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी दी है। ७ जेठ, काठमांडू। नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा कोषाध्यक्ष पद का चुनाव आगामी शुक्रवार को होने वाला है, जिसके कारण प्रतिस्पर्धा शुरू होने जा रही है। इससे पहले कार्यकारिणी समिति के निर्णय के संबंध में उच्च न्यायालय में दायर मामला में अंतरिम आदेश न दिए जाने के निर्णय के पश्चात वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए रास्ता स्पष्ट हो गया है। महासंघ के अध्यक्ष अन्जन श्रेष्ठ के अनुसार पूर्व सूचित कार्यक्रम के अनुसार कार्यकारिणी समिति की बैठक और चुनाव प्रक्रिया संचालित की जाएगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए रामचन्द्र संघाई, सुरकृष्ण श्रेष्ठ, हेमराज ढकाल और भरतराज आचार्य के नाम चर्चा में हैं। इसी प्रकार कोषाध्यक्ष पद के लिए अम्बिका पौडेल और महेशलाल प्रधान के बीच प्रतिस्पर्धा होने की संभावना जताई जा रही है।

कांग्रेस सांसद थापाचा प्रश्न – कितने मंत्री सुकुमवासी होल्डिंग सेंटर तक पहुंचे हैं?

समाचार सारांश

  • नेपाली कांग्रेस के सांसद सुनीलबहादुर थाप ने सरकार पर दीर्घकालीन योजना न बनाकर सुकुमवासी बस्ती में डोजर चलाने का आरोप लगाया है।
  • उन्होंने सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकप्रियता पाने के लिए डोजर चलाया जा रहा है तथा देशभर डोजर आतंक फैला हुआ है।
  • थाप ने विस्थापित परिवारों को दिए गए १५ हजार और ३० हजार रुपये के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि होल्डिंग सेंटर में मानसिक परामर्श की आवश्यकता है।

७ जेठ, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेस के सांसद सुनीलबहादुर थाप ने सरकार पर बिना किसी दीर्घकालीन योजना के अपने अहंकार के आधार पर सुकुमवासी बस्ती में डोजर चलाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा, सरकार मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हुए अपनी लोकप्रियता के लिए डोजर चला रही है।

‘अभी सिर्फ काठमाडौं ही नहीं, पूरे देश में डोजर आतंक फैला हुआ है। सरकार ने हाल ही में विस्थापित परिवारों को १५ हजार और ३० हजार रुपये देने का निर्णय लिया है। यह किस लिए है?’, उन्होंने पूछा।

गुरुवार को सार्वजनिक नीति तथा प्रत्यायोजित विधायन समिति और संघीयता सबलीकरण तथा राष्ट्रीय सरोकार समिति की बैठक में अपनी राय व्यक्त करते हुए उन्होंने देशभर डोजर आतंक के प्रसार का उल्लेख किया।

साथ ही, विस्थापित परिवारों को १५ हजार और ३० हजार रुपये देने के सरकारी फैसले पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार होल्डिंग सेंटर में रहने वाले नागरिकों को मानसिक परामर्श की आवश्यकता है।

‘सरकार खुद कह रही है कि हमारे पास पैसा नहीं है। पैसा नहीं है, फिर भी पुनः पैसे बांटे जा रहे हैं। क्या यह सिर्फ सुकुमवासी लोगों को थोड़े समय के लिए खुश करने के लिए दिया गया है? आज तक कितने मंत्री होल्डिंग सेंटर तक गए हैं?’, उन्होंने सवाल किया।

मधेशमा एमालेका मोहम्मद समिर मन्त्री नियुक्त, जसपाका तीन जना बर्खास्त

मधेश प्रदेश में एमाले के मोहम्मद समिर मंत्री नियुक्त, जसपा के तीन मंत्री बर्खास्त

मुख्यमंत्री कृष्णप्रसाद यादव ने मधेश प्रदेश के एमाले विधायक मोहम्मद समिर को बिना विभागीय मंत्री के रूप में नियुक्त किया है। इससे पहले जसपा नेपाल के तीन मंत्रियों को बर्खास्त कर मुख्यमंत्री यादव ने समिर को मंत्री का दायित्व सौंपा है। समिर का शपथ ग्रहण आज ही कुछ समय में होने की उम्मीद है।

मधेश सरकार में भौतिक पूर्वाधार मंत्री राजकुमार गुप्ता, शिक्षा और संस्कृति मंत्री रानी शर्मा तथा श्रम और यातायात मंत्री मनिष सुमन हैं। मुख्यमंत्री यादव ने सत्ता समीकरण में बदलाव के कारण उन्हें इस्तीफा देने को कहा था। लेकिन इस्तीफा न देने पर उन्होंने उन्हें बर्खास्त कर नए मंत्री नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

इसी बीच, जनमत पार्टी के दो मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।

गूगल ने ‘जेमिनी ३.५ फ्लैश’ समेत नया सर्च इंजन और एआई एजेंट ‘स्पार्क’ किया सार्वजनिक

गूगल ने अपने सर्च इंजन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट के रूप में विकसित करते हुए उपयोगकर्ताओं को बार-बार ‘गूगल’ करने की जरूरत को समाप्त किया है। कंपनी ने वार्षिक सम्मेलन में जेमिनी एआई, सर्च इंजन और अन्य सेवाओं में गेम-चेंजर एआई फीचर्स जोड़ने की घोषणा की। इस तकनीक से एन्थ्रोपिक और ओपनएआई जैसे प्रतियोगियों को कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है। यह पिछले २५ वर्षों में गूगल सर्च बार में किया गया सबसे बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। नया सर्च बॉक्स उपयोगकर्ताओं के लिए स्वतंत्र एआई एजेंट के रूप में कार्य करेगा।

गूगल का तेज गति से संचालित ‘जेमिनी ३.५ फ्लैश’ मॉडल लंबे और संवादात्मक प्रश्नों को सहजता से समझ सकता है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता पृष्ठभूमि में २४ घंटे सक्रिय ‘इनफॉर्मेशन एजेंट’ तैयार कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि आप कहें “मेरे पसंदीदा खिलाड़ी ने नया जूता लॉन्च किया तो मुझे सूचना दें,” तो गूगल का एआई इंटरनेट के विभिन्न ब्लॉग, समाचार और सोशल मीडिया पर स्वयं खोज कर अपडेट प्रदान करेगा।

गूगल ने जेमिनी एआई में ‘स्पार्क’ नामक नया मोड जोड़ा है जो उपयोगकर्ता के आदेश के बिना भी ‘स्वायत्त’ रूप से लंबे समय तक काम कर सकता है। यह फीचर क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट या ईमेल इनबॉक्स की लगातार निगरानी करता है और महत्वपूर्ण अपडेट्स का सारांश या आवश्यक टास्क लिस्ट बनाता है। स्पार्क गूगल डॉक्स, जीमेल और स्नैपशॉट जैसी विभिन्न एप्लिकेशन्स के बीच डेटा को समेकित करने में सक्षम होगा। लैपटॉप बंद होने या फोन लॉक होने की स्थिति में भी यह एआई एजेंट पृष्ठभूमि में सक्रिय रहेगा।

गूगल इन एआई एजेंटों को अपने महान उद्देश्य ‘आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस’ तक पहुंचने का माध्यम बना रहा है। गूगल डिपमाइंड के प्रमुख एआई आर्किटेक्ट कोराय कावुककुओग्लू के अनुसार वर्तमान के एआई मॉडल कुछ हद तक ‘स्थिर’ हैं, लेकिन भविष्य में एआई खुद ही अपनी बुद्धिमत्ता में अपडेट करने में सक्षम होगा। हालिया आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में पेड व्यावसायिक एआई सदस्यता में एन्थ्रोपिक का हिस्सा ३४.४% और ओपनएआई का ३२.३% है, जबकि गूगल का हिस्सा मात्र ४.५% है। हालांकि, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के अनुसार जेमिनी के वर्तमान ९० करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हो चुके हैं।

सात साल पहले की हत्या मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार

७ जेठ, चितवन। चितवन पुलिस ने सात साल पहले हुई हत्या मामले में शामिल और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति बारा फेटा गाउँपालिका–४ के पञ्चदेव महरा हैं। इलाक़ा प्रहरी कार्यालय रत्ननगर टांडी और इलाक़ा प्रहरी कार्यालय खैरहनी की संयुक्त टीम ने जेठ ५ को राप्ती बारा के फेटा गाउँपालिका–१ त्रिवेणी टोल से पञ्चदेव महरा को गिरफ्तार कर चितवन लाया।

इप्रका टांडी के अनुसार, महरा पर २०७६ साल में चितवन में हुई हत्या में संलिप्तता का आरोप है। २०७६ चैत २३ की शाम ७ बजे चितवन खैरहनी नगरपालिका–९ में बाराकै फेटा गाउँपालिका–३ के ४६ वर्षीय सखिचन महरा मृत अवस्था में पाए गए थे। शव नेपाल ग्याँस उद्योग गंडकी में कार्यरत मजदूर के रहने वाले कच्ची घर के अंदर मिला था। सखिचन के बाएं कान के पीछे गहरी चोट लगी हुई थी जबकि बाएं हाथ की भुजा टूटी हुई थी, पुलिस ने बताया। प्रारंभिक जांच से पुष्टि हुई कि उनकी हत्या हुई है।

जांच के दौरान पता चला कि सखिचन की हत्या में तत्कालीन ३० वर्षीय पुनदेव उर्फ पञ्चदेव महरा की संलिप्तता थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए चितवन जिला अदालत से २०७६ चैत २५ को अनुमति भी ली थी, लेकिन वह फरार थे। अब उन्हें गिरफ्तार कर चितवन जिला अदालत में पेश किया गया है और पाँच दिन की हिरासत अवधि लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।