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लेखक: space4knews

जापान में नेपाल को सुरक्षित और हमेशा यात्रा योग्य गंतव्य के रूप में प्रचारित किया गया

नेपाल पर्यटन बोर्ड, नेपाल वायुसेवा निगम और पाटा–नेपाल चैप्टर ने जापान के टोकियो और ओसाका में नेपाल को सुरक्षित और हमेशा यात्रा करने योग्य गंतव्य के रूप में प्रचारित किया है। 2 से 5 अप्रैल तक आयोजित पर्यटन प्रचार और B2B कार्यक्रमों में नेपाली और जापानी पर्यटन व्यवसायियों के बीच प्रत्यक्ष संवाद और सहयोग का विस्तार हुआ है। नेपाल वायुसेवा निगम ने जापान–नेपाल उड़ान नेटवर्क की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करते हुए हवाई संपर्क विस्तार के बारे में जानकारी दी। 23 चैत, काठमाडौँ।

नेपाल पर्यटन बोर्ड, नेपाल वायुसेवा निगम और पाटा–नेपाल चैप्टर के संयुक्त आयोजन में जापान के टोकियो और ओसाका में नेपाल को सुरक्षित, अद्वितीय और वर्ष भर भ्रमण योग्य गंतव्य के रूप में प्रचारित किया गया है। 2 से 5 अप्रैल तक टोकियो और ओसाका में संपन्न पर्यटन प्रचार और B2B कार्यक्रमों में नेपाली और जापानी पर्यटन व्यवसायियों के बीच प्रत्यक्ष संवाद, सहयोग और व्यापारिक संबंधों के विस्तार में उल्लेखनीय योगदान दिया गया, यह नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया। इस कार्यक्रम के माध्यम से नेपाल को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में बढ़ावा देते हुए जापानी बाजार में नेपाल की उपस्थिति को तेज़ी से मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया था।

टोकियो में आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए नेपाली दूतावास के उप प्रमुख हरिहरकान्त पौडेल ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में नेपाल के पर्यटन प्रचार में इस प्रकार के कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। इसी अवसर पर पर्यटन बोर्ड की वरिष्ठ प्रबंधक रानु शाह ने नेपाल की सांस्कृतिक विरासत, प्रसिद्ध गंतव्यों, साहसिक पर्यटन और वेलनस अनुभव के बारे में प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में नेपाल को सुरक्षित, विशिष्ट पहचान वाला और वर्षभर भ्रमण योग्य गंतव्य के रूप में उजागर किया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में नेपाल की सकारात्मक छवि बनाने में मदद मिलने का विश्वास जताया गया।

साथ ही, जापानी पर्यटकों के लिए विशेष पर्यटन पैकेज विकसित करने में इस तरह के कार्यक्रम उपयोगी होंगे, ऐसा अपेक्षित है। नेपाल वायुसेवा निगम ने जापान–नेपाल उड़ान नेटवर्क की अद्यतन जानकारी देते हुए नेपाल से हवाई संपर्क विस्तार के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। कार्यक्रम में जापान के टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंसी तथा संचारकर्मियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। उनसे हुई बातचीत से नेपाल के पर्यटन उत्पाद, सेवा और संभावनाओं के बारे में सूचना आदान-प्रदान के साथ-साथ नई साझेदारी के अवसर सिर्जित होने की उम्मीद व्यक्त की गई।

कार्यक्रम में हेरिटेज टुर्स एंड ट्रैवल्स, अल्पाइन रेस्क्यू सर्विसेस, क्लब हिमालय, हिमालयन होलिडेज ट्रेकिंग, हाई ग्राउंड एडवेंचर, आर्या होटल एंड स्पा, रियल एडवेंचर नेपाल, होटल सम्पा, माजेस्टिक लेकफ्रंट, खुम्बिला होटल, अफ द वाल ट्रेकिंग और चो ओयू ट्रेकिंग सहित नेपाली पर्यटन व्यावसायिक कंपनियां शामिल थीं। इस पहल से नेपाल के पर्यटन बाजार के विस्तार, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के सुदृढ़ीकरण और जापानी पर्यटकों के लिए नेपाल को प्राथमिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में और बल मिलने की अपेक्षा है।

कालीगण्डकी नदी की धारा में बदलाव कर हुई दोहन की कार्रवाई

समाचार सारांश

समीक्षा की गई।

  • बागलुङ में कालीगण्डकी नदी की धारा परिवर्तन कर मापदंडों के विपरीत पत्थर और बालू उत्खनन पाया गया है।
  • नगरपालिका ने नदीजन्य पदार्थ निकालने के लिए ठेका दिया था, लेकिन 250 मीटर से अधिक लंबाई और आठ मीटर गहराई में उत्खनन हुआ है।
  • नदी दोहन से भूक्षरण, बाढ़-प्रवाहित मिटान्श्राव और नदी किनारे के बस्तियों को नुकसान पहुंच रहा है, जिसके कारण कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

23 चैत्र, गलकोट (बागलुङ)। कालीगण्डकी नदी की धारा ही परिवर्तन करते हुए दोहन किया गया है।

बारिश के मौसम में मध्यरात्रि को दोहन करने वाली कालीगण्डकी नदी के बागलुङ क्षेत्र में बर्फ के समय भी धारा बदलकर मापदंडों के विपरीत पत्थर और बालू का उत्खनन किया गया है।

बागलुङ नगरपालिका-13 के कालाखोला बगर क्षेत्र में नदी को पर्वत जिले की ओर मोड़कर नदीजन्य पदार्थ निकाले गए हैं।

नगरपालिका ने कालाखोला बगर, भाटेखोला और गलुवा नदियों के किनारे के इलाकों को ठेके पर दिया था, लेकिन नदी की संरचना में बदलाव कर दोहन किया गया है।

बागलुङ-10 गलुवा और बागलुङ-13 कालाखोला बगर में ठंड के मौसम में पानी कम बहने पर भी कालीगण्डकी नदी की धारा को मोड़कर दोहन किया जा रहा है।

नगरपालिका के द्वारा ठंड के मौसम में नदीजन्य पदार्थ निकालने के ठेके दिए जाने के बावजूद दोहन मापदंडों के विपरीत है, यह सरोकारियों ने बताया। कालीगण्डकी नदी के दोहन से बागलुङ और पर्वत दोनों क्षेत्रों में भूक्षरण, बाढ़ और नदी के किनारे बस्तियों को नुकसान पहुंच रहा है।

कालाखोला बगर में नदी को पर्वत की ओर मोड़कर 250 मीटर से ज्यादा लंबाई, 50 मीटर से अधिक चौड़ाई और सात मीटर से अधिक गहराई में बड़े उपकरणों से नदीजन्य पदार्थ निकालने की पुष्टि की गई है, जिसके खिलाफ कार्रवाई हेतु जिला समन्वय समिति के प्रमुख अमरबहादुर थापाले ने जानकारी दी है।

प्रमुख थापा ने कहा, “30 प्रतिशत मानव संसाधन के स्थान पर 100 प्रतिशत उपकरणों का उपयोग किया गया, जिससे नदी की संरचना में बड़ा बदलाव आया है।”

“दोहन रोकने के लिए सभी की सहमति जरूरी है। अब नगरपालिका ने राजस्व एकत्र किया है, लेकिन मापदंडों के विरुद्ध दोहन पाया गया है। तकनीकी रिपोर्ट में नदीजन्य पदार्थ के निष्कर्षण और अवैध उत्खनन का स्पष्ट उल्लेख है,” उन्होंने कहा।

“नगरपालिका की मंजूरी से अधिक उत्खनन होने पर कार्रवाई होगी। ठेका की तुलना में अधिक दोहन के कारण कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।”

कालीगण्डकी नदी के दोहन की जांच बहुपक्षीय दबाव के बीच नदी के पास पहुंचकर शुरू की गई है। कालाखोला और गलुवा क्षेत्रों में दोहन अधिक होने के कारण सतर्कता बरती जा रही है।

पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन के बाद बागलुङ नगरपालिका ने दो मीटर तक गहराई में नदीजन्य पदार्थ निकालने की अनुमति दी है, लेकिन आठ मीटर तक गहराई में उत्खनन पाया गया है। रासस

अनलाइनखबर ‘५० प्रभावशाली महिला २०८२’ को सूची सार्वजनिक

अनलाइनखबर ने ‘५० प्रभावशाली महिलाएँ २०८२’ की सूची जारी की

समाचार सारांश

समीक्षा की गई।

  • अनलाइनखबर ने ५० प्रभावशाली महिलाएँ २०८२ की सूची जारी की है, जिसमें राजनीति, समाज, कला, युवा, विज्ञान, उद्यम और डायस्पोरा क्षेत्र की ५० महिलाएँ शामिल हैं।
  • निर्णायक मंडल ने माघ ८ को ७ सौ से अधिक नामों में से ५० महिलाओं का चयन किया, जिसका संयोजन सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश मीरा खड्का ने किया था।
  • अनलाइनखबर के प्रधान सम्पादक बसन्त बस्नेत ने महिला सशक्तिकरण सिर्फ रूप-सौंदर्य तक सीमित नहीं बल्कि संघर्ष और सफलता की निर्माता होने का यह सूची साबित करती है, कहा।

२३ चैत, काठमांडू। अनलाइनखबर डॉट कॉम ने नेपाल की ‘५० प्रभावशाली महिलाएँ २०८२’ की सूची सार्वजनिक की है। हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (८ मार्च) से पहले जारी की जाने वाली यह सूची इस बार देश में हाल ही सम्पन्न आम निर्वाचन (फागुन २१) और राष्ट्रीय दायित्वों के कारण कुछ देरी से प्रकाशित की गई, इसकी जानकारी अनलाइनखबर के प्रधान संपादक बसन्त बस्नेत ने दी।

इस सूची में नेपाली राजनीति, समाज, कला/साहित्य, संस्कृति, युवा एवं खेलकूद, ज्ञान-विज्ञान, उद्यम और डायस्पोरा क्षेत्र की प्रतिनिधिमूलक ५० संघर्षशील और कर्मठ महिलाएँ शामिल हैं।

छंटनी प्रक्रिया इस प्रकार है

अंतिम सूची तैयार करने से पहले अनलाइनखबर ने सार्वजनिक रूप से नाम प्रस्तावित करने का आह्वान किया था। खुला आह्वान के बाद काठमांडू स्थित केंद्रीय समाचार कक्ष, सातों प्रदेशों के संवाददाता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और स्रोतों से ७ सौ से अधिक नाम प्राप्त हुए।

प्राप्त नामों में से ४६० से अधिक का प्रारंभिक सूची बनाई गई। भौगोलिक और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए समाचार कक्ष ने उक्त सूची को विवेकपूर्ण तरीके से २०० तक सीमित किया और बाद में योगदान, प्रभाव और प्रेरणा के आधार पर ११६ नामों को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इस वर्ष अंतिम चयन करने वाले निर्णायक मंडल की संयोजक सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश मीरा खड्का थीं। वहीं, जूरी के सदस्य इक्रा नेपाल की बिजनेस हेड और बैंकिंग विशेषज्ञ वर्षा श्रेष्ठ, नेपाल पत्रकार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं अनलाइनखबर के पूर्व प्रधान सम्पादक शिव गाउंले, तथा अनलाइनखबर के प्रधान सम्पादक बसन्त बस्नेत थे। सम्पूर्ण प्रक्रिया का समन्वय अनलाइनखबर के समाचार कक्ष से एसोसिएट एडिटर सुदर्शन खतिवड़ ने किया।

माघ ८ को हुई जूरी की बैठक में व्यक्तिगत योगदान और सामाजिक संदेश को मुख्य आधार मानकर ५० नामों का चयन किया गया। चयन प्रक्रिया में पहुँच की कमी के कारण यदि कोई उपलब्ध नहीं था या अनुसंधान में जानकारी मेल नहीं खाई तो वैकल्पिक रूप से ५ नामों की सूची भी तैयार की गई थी। इस अंतर्गत २ नामों से कोई संपर्क नहीं हो पाया और १ के तथ्य गलत पाए जाने पर उन्हें हटाकर ३ वैकल्पिक नामों को मुख्य सूची में शामिल किया गया।

‘सफलता का मापदंड: मंज़िल नहीं, पार की गई राह है’

समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं के योगदान को पहचान और सम्मानित करना तथा उनकी विशिष्ट नेतृत्व प्रतिभा को देश की उपलब्धि के रूप में सार्वजनिक अभिलेख में रखने का उद्देश्य ’५० प्रभावशाली महिलाएँ’ चयन का मुख्य लक्ष्य है, यह बात अनलाइनखबर प्रा.लि. के अध्यक्ष धर्मराज भुसाल ने बताई।

भुसाल ने कहा कि आज के संचार माध्यम का कर्तव्य केवल सत्ता और शक्ति के इर्द-गिर्द घूमना नहीं बल्कि आम जनता की मेहनत, संघर्ष और साधना की कहानी को मुख्यधारा में लाना है।

उन्होंने कहा, ‘शक्ति के बल से चमकने वाली महिलाएँ नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा व संघर्ष से बाधाएँ पार करने वाली महिलाएँ चुनी गई हैं। हमारा समाज महिलाओं को लंबे समय तक केवल पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करना चाहता था, लेकिन ये ५० चेहरे उस धारणा को पूरी तरह तोड़ते हैं।’

‘महिलाएँ साधना और संघर्ष की प्रतीक’

अनलाइनखबर के प्रधान सम्पादक बस्नेत ने कहा कि महिलाओं को केवल सुंदरता की सीमा में रखना गलत है।

उन्होंने कहा, ‘अनलाइनखबर ने ५० प्रभावशाली महिलाओं की सूची इस बार तीसरी बार प्रकाशित की है। महिलाओं को अक्सर सिर्फ सौंदर्य की प्रतीक के रूप में चित्रित किया जाता है, गीत और कविताएँ उनके लिए लिखी जाती हैं,’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन ये ५० प्रभावशाली महिलाएँ यह प्रमाणित करती हैं कि महिला साधना और संघर्ष का पर्याय हैं और सफलता की असली निर्माता भी हैं।’

बस्नेत ने आगे कहा, ‘मैं स्वयं जूरी में होने के कारण कह सकता हूँ कि प्राप्त ७ सौ नामों में से कम से कम ४ सौ नाम वास्तव में सम्माननीय हैं।’

चयन सूची में शामिल नहीं होने वाली किन्तु समाज परिवर्तन में सक्रिय सभी महिलाओं को बधाई देते हुए बस्नेत ने आगामी वर्षों में और नए चेहरे शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई।

साथ ही, हाल ही हुए चुनाव से जुड़ा मामला जोड़ते हुए बस्नेत ने कहा, ‘इस वर्ष एक खास अनुभव रहा। यहां मौजूद कई निर्वाचित सांसदों ने अनलाइनखबर के ५० प्रभावशाली महिलाओं के लिए आवेदन किया था। वे आवेदन अभी भी सुरक्षित हैं।’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन आपको बधाई देना चाहिए क्योंकि राष्ट्र ने ही आपको जनप्रतिनिधि के रूप में सम्मानित किया है।’

यह अनलाइनखबर की ’५० प्रभावशाली महिलाएँ’ की तीसरी श्रृंखला है। इसके अलावा अनलाइनखबर हर साल अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों के ’चालीस के नीचे चालीस’ युवाओं की सूची भी प्रकाशित करता है।

यह भी देखें-

क्यों ५० प्रभावशाली महिलाएँ?

सेयर बाजार ८३ अंक की बढ़ोतरी, जलविद्युत क्षेत्र में सबसे अधिक लाभ

सेयर बाजार सोमवार को ८३.३३ अंकों की बढ़ोतरी के साथ नेप्से परिसूचक २७६० अंक तक पहुंच गया है। अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने बाजार में अनावश्यक भय न फैलाने का अनुरोध करते हुए आगामी बजट को रूपांतरकारी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, यह आश्वासन दिया है। कुल २६४ कंपनियों के सेयर मूल्य बढ़े, और सभी वर्गों के सूचकांकों में वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें जलविद्युत समूह ने सबसे अधिक ४.५९ प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की है।

२३ चैत, काठमाडौं। पिछले दिन १०५ अंकों की गिरावट के बाद सोमवार को सेयर बाजार में ८३.३३ अंकों की वृद्धि हुई। यह अंक वृद्धि पिछले दिन की गिरावट को पलटते हुए नेप्से परिसूचक को २७६० अंक पर लेकर गई है। दिन के समय दोपहर डेढ़ बजे नेप्से परिसूचक ९८ अंकों तक बढ़कर २७७५ अंक पहुंचा, जो आज का उच्चतम स्तर रहा। पिछली बड़ी गिरावट के कारण, स्टक ब्रोकर एसोसिएशन ऑफ नेपाल के पदाधिकारियों से अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने बाजार में अनावश्यक भय फैलाने वाली स्थिति पर चिंता व्यक्त की थी।

अर्थमंत्री ने कहा कि आगामी बजट को रूपांतरकारी बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है तथा बाजार के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इससे बाजार में अत्यधिक चिंता न करने का संदेश भी भेजा गया है। आर्थिक पत्रकार समाज (सेजन) के पदाधिकारियों से मुलाकात में भी उन्होंने रास्वपाको घोषणापत्र के अनुसार बाजार सुधार का कार्य प्रगति पर होने और नेप्से के पुनर्संरचनात्मक सुधार के विषय स्पष्ट किए। इस विश्वास ने सेयर बाजार सुधार में सार्थक योगदान दिया है। हालांकि, कारोबार राशि में थोड़ी कमी आई है; जहां पिछले दिन १२ अरब ३८ करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था, वहीं सोमवार को यह कम होकर १० अरब ९२ करोड़ रुपये रह गया।

सोमवार को २६४ कंपनियों के सेयर मूल्य में वृद्धि दर्ज हुई, जबकि तीन-चार कंपनियों के सेयर कीमतों में गिरावट आई और एक कंपनी का मूल्य स्थिर रहा। सभी समूहों के सूचकांकों में वृद्धि देखी गई। विशेष रूप से जलविद्युत समूह में सबसे अधिक ४.५९ प्रतिशत की वृद्धिदेखी गई। फाइनेंस समूह ने ४.०३ प्रतिशत, बैंकिंग ३.१८ प्रतिशत, विकास बैंक ३.६३ प्रतिशत, होटल एवं पर्यटन ३.२४ प्रतिशत, निवेश ३.३३ प्रतिशत, जीवन बीमा २.६६ प्रतिशत, उत्पादन एवं प्रसंस्करण १.५३ प्रतिशत, माइक्रोफाइनेंस २.४३ प्रतिशत, निर्जीवन बीमा २.९४ प्रतिशत, अन्य २.३६ प्रतिशत और व्यापार २.४० प्रतिशत सम्म वृद्धि दर्ज की है। कुल ८ कंपनियों के मूल्य में १० प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। इस समूह में उपकार लघुवित्त, रीडी पावर, नेशनल हाइड्रोपावर, भुजुङ हाइड्रोपावर, सुपर खुदी हाइड्रोपावर, रिजलाइन इनर्जी, सूर्यकुण्ड हाइड्रो इलेक्ट्रिक और होटल फॉरेस्ट शामिल हैं। कर्पोरेट डेवलपमेंट बैंक के सेयर मूल्य में ९.८८ प्रतिशत, शिवश्री हाइड्रोपावर में ९.५५ प्रतिशत तथा हिमाल दोलखा हाइड्रोपावर में ९.१८ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछली बार १० प्रतिशत बढ़े रिलायंस स्पिनिंग मिल्स का मूल्य गुरुत्वाकर्षण खरीद बढ़ने के कारण १.६० प्रतिशत नीचे आया है। सोमवार को सबसे अधिक कारोबार रखने वाली कंपनियों में रिलायंस स्पिनिंग मिल्स, हिमालयन रिइंश्योरेंस, एनआरएन इंफ्रास्ट्रक्चर, एपी पावर और रीडी पावर शामिल हैं।

धौलागिरि और अन्नपूर्ण हिमालय पर्वतारोहण के लिए 44 लोगों को अनुमति मिली

23 चैत्र, म्याग्दी। इस वसंत ऋतु में धौलागिरि और अन्नपूर्ण हिमालय पर्वतारोहण के लिए 44 पर्वतारोहियों को अनुमति प्राप्त हुई है। म्याग्दी के धौलागिरि गाउँपालिका-4 में स्थित 8,167 मीटर ऊंचे धौलागिरि हिमालय और अन्नपूर्ण गाउँपालिका-4 में स्थित 8,091 मीटर ऊंचे अन्नपूर्ण हिमालय पर्वतारोहण के लिए उन्हें अनुमति पत्र जारी किए गए हैं।

पर्यटन विभाग के अनुसार, धौलागिरि पर्वतारोहण के लिए 2 समूहों में आठ महिलाओं समेत 17 लोगों ने अनुमति ली है। विभाग द्वारा हाल ही में जारी विवरण के अनुसार अन्नपूर्ण पर्वतारोहण के लिए चार समूहों में आठ महिलाओं समेत 27 लोगों को अनुमति मिली है। धौलागिरि पर्वतारोहण अनुमति से 7 करोड़ 56 लाख 4650 रुपैयाँ तथा अन्नपूर्ण पर्वतारोहण अनुमति से 12 करोड़ 4 लाख 9175 रुपैयाँ राजस्व प्राप्त हुआ है, जिसे विभाग की शाखा अधिकारी शर्मिला बंझाडे ने जानकारी दी।

उनके अनुसार वसंत ऋतु में अन्नपूर्ण, धौलागिरि सहित कुल 12 पर्वतारोहण के लिए 24 समूहों के 170 लोगों ने अनुमति ली है, जिससे 10 करोड़ 87 लाख 30 हजार रुपैयाँ से अधिक राजस्व संकलित किया गया है। दैनिक आधार पर पर्वतारोहण अनुमति लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। पिछले शरद ऋतु में धौलागिरि हिमालय पर्वतारोहण के लिए 36 लोगों को अनुमति मिली थी जबकि अन्नपूर्ण पर्वतारोहण के लिए कोई अनुमति जारी नहीं हुई थी। पिछले वर्ष वसंत ऋतु में धौलागिरि पर्वतारोहण के लिए दो समूहों में 15 लोग और अन्नपूर्ण पर्वतारोहण के लिए 66 लोगों ने अनुमति लेकर तैयारी कर रहे थे। अन्नपूर्ण और धौलागिरि हिमालय के आधार शिविरों में पर्वतारोहण दल पहुंच गए हैं और पर्वतारोहण की तैयारी में जुटे हुए हैं। –रासस

ओली र लेखकमाथि बिहीबारसम्म अनुसन्धान सक्न सर्वोच्चको आदेश, अन्यथा थुनामुक्त गर्नू

सर्वोच्च का आदेश : ओली और लेखक के खिलाफ जांच 26 मार्च तक पूरी करनी होगी

23 चैत, काठमाडौं। सर्वोच्च अदालत ने पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और तत्कालीन गृहमंत्री रमेश लेखक के खिलाफ 26 चैत तक जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश विनोद शर्मा और सुनिल कुमार पोखरेल की पीठ ने ओली और लेखक को हिरासत में रखने की मांग खारिज कर दी है। लेकिन सर्वोच्च ने 26 चैत (बृहस्पतिवार) तक जांच पूरी न होने तक उन्हें थुनामुक्त करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, ‘ओली और लेखक को आपराधिक प्रक्रिया के तहत हिरासत से मुक्त कर अतिरिक्त जांच पूरी करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।’

भदौ 23 को हुए जनजीवी आन्दोलन में 19 लोगों की मृत्यु होने और उस दौरान हुए बल प्रयोग को नियंत्रित न कर पाने के आरोप में 14 चैत को ओली और लेखक को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के बाद जिल्ला अदालत काठमाडौं की अनुमति से उन्हें ज्यान जुर्म के मामले में हिरासत में रखे हुए हैं।

अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने ‘दृष्टिः समृद्धि, असमानता और सुधार की वर्षों पुरानी बहस’ पुस्तक का विमोचन किया

नेपाल आर्थिक पत्रकार समाज सेजन ने अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्ले की पुस्तक ‘दृष्टिः समृद्धि, असमानता और सुधार की वर्षों पुरानी बहस’ का सार्वजनिक विमोचन किया है। यह कार्यक्रम सोमवार को अर्थमन्त्रालय में आयोजित किया गया, जिसमें अर्थमन्त्री वाग्ले ने उक्त पुस्तक का अनावरण किया। इस पुस्तक में आठ गहरे और विश्लेषणात्मक लेख शामिल हैं, जो पूर्व के आर्थिक सुधारों पर आधारित बहसों को प्रस्तुत करते हैं।

पुस्तक ने विक्रम संवत २०७१ से २०८२ तक नेपाल की आर्थिक स्थिति, संरचनात्मक सुधार, डिजिटलाइजेशन, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यटन को मुख्य आर्थिक स्तंभ के रूप में दर्शाया है। अर्थमन्त्री वाग्ले ने कहा, “अतीत में उठाए गए आर्थिक सुधार के एजेंडे इस पुस्तक में समाहित हैं। पूर्व में, विषय विशेषज्ञों के रूप में सुधार के लिए कई बातें सुनी नहीं गईं।” उन्होंने सुधार कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा, “राजनीति में आने के पश्चात अब मैं उन्हीं एजेंडों को कार्यान्वित करने वाली कार्यकारी भूमिका निभा रहा हूँ।”

पुस्तक में दक्षिण एशियाई देशों के बीच व्यापार लागत, संघीयता का आर्थिक सशक्तिकरण, मिलिवाहट वाला पूंजीवाद का अंत और अंतरराष्ट्रीय सहायता की बदलती प्रकृति जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की गई है। इसमें नेपाल की उत्पादकता में कमी की ओर संकेत करते हुए कहा गया है कि “सामान्य सुधार पर्याप्त नहीं होंगे, व्यापक और संरचनात्मक सुधार आवश्यक हैं।”

सेजन के अध्यक्ष भागवत भट्टराई ने बताया कि इस पुस्तक का प्रकाशन मुख्य रूप से अर्थमन्त्री के विचार और नेपाल की अर्थव्यवस्था के प्रति उनके दृष्टिकोण को आम नागरिकों और संबंधित पक्षों तक पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया है। साथ ही, यह पुस्तक पत्रकारों को अर्थमन्त्री की नीतियों और कार्यशैली का विश्लेषण करने में सहायक सिद्ध होगी।

फेवाताल के चार किलों के भीतर जमीन की स्थिति अध्ययन के लिए समिति का गठन

सरकार ने फेवाताल के चार किलों के भीतर जमीन की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के लिए भूमि व्यवस्था मंत्रालय के अंतर्गत पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति फेवाताल क्षेत्र में स्थित सभी कित्तों की जमीन का यथार्थ विवरण संकलित कर अभिलेखित करेगी और सात दिनों के भीतर अपना रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। 23 चैत्र, काठमांडू।

भूमि व्यवस्था, सहकारिता तथा गरीबी निवारण मंत्रालय ने भूमि व्यवस्था एवं अभिलेख विभाग के महानिर्देशक की संयोजकता में पांच सदस्यीय समिति बनाई है। समिति फेवाताल के चार किलों के भीतर जमीन की वर्तमान स्थिति और वहां मौजूद संरचनाओं का अध्ययन करेगी तथा फेवाताल क्षेत्र में आने वाली सभी कित्तों की जमीन का यथार्थ विवरण संकलन एवं अभिलेखीकरण की जिम्मेदारी भी निभाएगी।

ताल क्षेत्र में निजी और सरकारी दोनों प्रकार की जमीन की स्थिति, पंजीकरण स्थिति और उपयोग की विस्तृत जांच मंत्रालय द्वारा की जाएगी। मंत्रालय का उद्देश्य फेवाताल क्षेत्र की संरक्षण और प्रबंधन को प्रभावी बनाना है, जिसके लिए समिति का गठन किया गया है। समिति को ताल क्षेत्रफल में स्थित सभी कित्तों की पुष्ट विवरण के साथ सात दिन में रिपोर्ट तैयार कर जमा करने का निर्देश दिया गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा फेवाताल संरक्षण में दिखाई गई रुचि के बाद, पोखरा महानगरपालिका ने अतिक्रमित फेवाताल क्षेत्र को खाली कराने का अभियान शुरू किया है।

कामु प्रधानन्यायाधीश मल्ल – Online Khabar

कामुक प्रधानन्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल द्वारा महिलाओं के इतिहास और समावेशिता के महत्व पर प्रकाश डाला गया

२३ चैत्र, काठमांडू। सर्वोच्च न्यायालय की कार्यकारी प्रधानन्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं ने इतिहास रचा है, लेकिन इतिहास ने उन्हें उचित स्थान नहीं दिया। ऑनलाइनखबर द्वारा आयोजित ‘‘५०–प्रभावशाली महिला–२०८२’’ कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम मूकता को तोड़ते हैं। ‘‘हमारे समाज में महिलाओं ने वर्षों तक योगदान दिया है, पर इतिहास ने उन्हें स्थान नहीं दिया है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके योगदान की आवाज़ कभी पर्याप्त रूप से बाहर नहीं आई है। इसी तरह के कार्यक्रम इतिहास की ऐसी मूकता को तोड़ते हैं।’’

साथ ही उन्होंने बताया कि समावेशिता किसी की कृपा या उपहार नहीं है बल्कि सभी का संवैधानिक अधिकार है। ‘‘समावेशिता कोई उपहार नहीं हैं, यह हमारे संविधान द्वारा सुनिश्चित व्यवस्था है जो समानता के अस्तित्व को स्वीकार करती है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘परंतु परिवर्तन साहसिक कदमों से ही संभव है और यही इस पहल का उदाहरण है।’’ उन्होंने ऑनलाइनखबर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के महिलाओं की साहसिक कहानियों को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए आभार व्यक्त किया।

तालिम प्राप्त श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और सुविधा न देने पर कारवाही की चेतावनी: श्रम मंत्रालय

श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मन्त्रालय ने तालिम प्राप्त श्रमिकों को श्रम ऐन २०७४ के अनुसार न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करने का आग्रह किया है। विभिन्न अस्पतालों, विद्यालयों और प्रतिष्ठानों में तालिम प्राप्त श्रमिकों को सुविधाएं न मिलने की शिकायतों के आधार पर मंत्रालय ने रोजगारदाताओं को सचेत किया है। कानून के विरुद्ध सुविधाएं न देने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है एवं सभी संबंधित पक्षों से कानून का पूर्ण पालन करने का अनुरोध किया गया है। २३ चैत, काठमांडू।

मंत्रालय की विज्ञप्ति में उल्लेख है कि विभिन्न अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थाओं, निजी और संस्थागत विद्यालयों तथा अन्य प्रतिष्ठानों में कार्यरत तालिम प्राप्त श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और अन्य सुविधाएं न मिलने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस संदर्भ में रोजगारदाताओं को सचेत किया गया है। श्रम ऐन २०७४ की धारा १८ उपधारा (३) के अनुसार तालिम प्राप्त श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, बीमार अवकाश, उपदान, संचय कोष, बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

हालांकि, स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग स्टाफ, शिक्षक और अन्य कर्मचारी सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत तालिम प्राप्त श्रमिकों को ये सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायतें मंत्रालय तक पहुंच रही हैं। इस विषय पर मंत्रालय ने गंभीर ध्यानाकर्षण किया है। मंत्रालय ने सभी रोजगारदाताओं को कानून के अनुसार न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा संबन्धी कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी है। कानून के विपरीत सुविधाएं न दिए जाने पर कारवाही की जाएगी, यह भी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है। संबंधित सभी प्रतिष्ठान, संस्थान एवं सरोकारवालों से कानून का पूर्ण पालन करने का आग्रह किया गया है।

बागमती मुख्यमन्त्री बानियाँ ने कहा- UML के साथ भागीदारी को लेकर मुझे कोई जानकारी नहीं

२३ चैत, हेटौंडा। बागमती प्रदेश के मुख्यमन्त्री ईन्द्रबहादुर बानियाँ ने नेपाली कांग्रेस और नेकपा एमाले के बीच पहले हुई मुख्यमन्त्री की आलोपालो भागीदारी को लेकर खुद को पूरी तरह अनभिज्ञ बताया है। सत्ता साझा करने वाले दल UML द्वारा कांग्रेस से किए गए पिछले समझौते के तहत नेतृत्व हस्तांतरण के विषय पर चर्चा चल रही है, इस बीच मुख्यमन्त्री बानियाँ ने भागीदारी संबंधी किसी भी जानकारी की जिम्मेदारी से इंकार किया है। ‘‘भागीदारी के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। पार्टी नेतृत्व को भी इस बाबत कुछ पता नहीं है,’’ उन्होंने सोमवार को मुख्यमन्त्री कार्यालय में हुए मुख्यमन्त्री और मंत्रियों के साथ संवाददाता परिचर्चा में कहा, ‘‘यहाँ कांग्रेस और UML के मंत्री मौजूद हैं, लेकिन उन्हें भी जानकारी नहीं है।’’

कांग्रेस और UML के बीच पिछले वर्ष साउन महीने में संयुक्त सरकार के गठन के समय २०/२० महीने की अवधि के लिए मुख्यमन्त्री की आलोपालो भूमिका निभाने पर सहमति हुई थी, तब UML के समर्थन से कांग्रेस के दल नेता बहादुरसिंह लामा मुख्यमन्त्री नियुक्त हुए थे। लामा के कांग्रेस दल के सपा सदस्यों का कहना है कि उन्होंने UML संसदीय दल के नेता जगन्नाथ थपलियालाई सत्ता हस्तांतरण करने का समझौता किया था। थपलिया ने पूर्व समझौते के अनुरूप फागुन के बाद नेतृत्व हस्तांतरण की मांग उठाई है। लेकिन एक साल बाद जब लामा मुख्यमन्त्री बने, तब बानियाँ ने कांग्रेस संसदीय दल में बहुमत हासिल कर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर उन्हें पद से हटाया था। वर्तमान आर्थिक वर्ष २०८१/८२ के बजट के दौरान पार्टी के अंदर के विवाद के बाद, बानियाँ ने बहुमत सांसद जुटाकर तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा के समर्थन से लामा को हटाकर खुद मुख्यमन्त्री बने। बानियाँ २० साउन २०८२ को मुख्यमन्त्री बने। ९ साउन २०८२ को मुख्यमन्त्री लामा के विरुद्ध २१ सांसदों ने बानियाँ के नेतृत्व में अविश्वास प्रस्ताव दायर किया। १३ साउन को हुए मत विभाजन में २२ मत अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में और १५ मत विरोध में पड़े, जिसके कारण लामा ने दल नेता का पद खो दिया था। १४ साउन को दल का नेता चुनने के लिए हुए चुनाव में बानियाँ ने लामा को हराकर मुख्यमन्त्री बनने का मार्ग प्रशस्त किया। इससे पहले १३ पुस २०७९ को हुए दल नेता चुनाव में बानियाँ पांच मतों से लामा से हार गए थे।

दुई दिने सार्वजनिक बिदाको तेस्रो प्रयास कति प्रभावकारी होला ?

दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी लागू करने के तीसरे प्रयास की प्रभावकारिता कैसी होगी?

२३ चैत्र, काठमांडू। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और उससे उत्पन्न ईंधन संकट के कारण सरकार ने दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है। सप्ताह में छ दिन कार्यालय खुले रखने के बजाय पांच दिन खोलने और कार्य समय बढ़ाने की नीति के तहत सरकार ने आज (सोमवार से) कार्यालयों के समय में बदलाव कर सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है। सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल के अनुसार, शैक्षिक संस्थाओं को छोड़कर अन्य कार्यालय सुबह ९ बजे से शाम ५ बजे तक खुलेंगे। उन्होंने कहा, “शैक्षिक संस्थाओं को छोड़कर कार्यालय समय सुबह ९ से शाम ५ बजे तक कायम किया गया है।” नेपाल में सार्वजनिक और सेवा क्षेत्र में सप्ताह में ४० घंटे काम करने की प्रथा है। पहले दैनिक ७ घंटे और शुक्रवार को ५ घंटे, कुल ४० घंटे कार्यालय समय निर्धारित था। नई व्यवस्था के अनुसार अब प्रतिदिन ८ घंटे काम करके सप्ताह में पाँच दिन कार्यालय चलाने का प्रावधान रखा गया है।

सरकार के निर्णय के बाद देशभर के न्यायालयों ने भी सोमवार से सुबह ९ बजे कार्यालय खुलने की सूचना दी है। सुरक्षा एजेंसियों और अन्य औपचारिक कार्यों के समय-सारणी में भी अब बदलाव होगा। निजी क्षेत्र ने भी समय तालिका परिवर्तन करने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि शैक्षिक संस्थानों के लिए लागू नियम स्पष्ट नहीं किए गए हैं, तथा अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वालों के लिए भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह तीसरा प्रयास है जब तीन दशकों में ऐसी व्यवस्था लागू की जा रही है। २०५६ साल से पहले की प्रथाओं को देखें तो नेपाल में दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी देना यह तीसरा प्रयास माना जाएगा। पुराने दो प्रयास कुछ कारणों से सफल नहीं हो पाए थे। २०४८ साल की प्रशासन सुधार आयोग ने कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए सप्ताह में पाँच दिन कार्यालय खोलने का सुझाव दिया था। कांग्रेस नेता कृष्णप्रसाद भट्टराई की सरकार ने २०५६ में यह प्रथा शुरू की थी। यह व्यवस्था १ साउन २०५६ से केवल काठमांडू उपत्यका में लागू की गई थी।

इस अवधि में सेवा प्रदायगी और सेवा प्राप्तकर्ताओं की सहूलियत के लिए दो दिन की छुट्टी की अवधारणा लागू हुई थी और लगभग दो वर्ष तक चली। शेरबहादुर देवू प्रधान मंत्री रहते २०७९ साल में फिर से दो दिन की छुट्टी शुरू की गई। १ जेष्ठ २०७९ से सुबह डेढ़ बजे से शाम डेढ़ बजे तक कार्यालय खुलने का प्रावधान किया गया था। तब व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा की कमी के कारण यह व्यवस्था लागू की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य ईंधन की खपत को कम करना था। लेकिन करीब एक महीने के भीतर यह प्रथा प्रभावी साबित नहीं हुई। संकट समाधान के प्रयास में अन्य देशों ने वर्षों से सप्ताह में दो दिन की छुट्टी का अभ्यास जारी रखा है, जबकि नेपाल में इसे अक्सर संकट समाधान का उपाय माना जाता है।

ईंधन संकट और ट्रैफिक जाम की समस्या के सामने आने पर ही नेपाल सरकार ने दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी की अवधारणा लागू की है। पर्यटन मंत्रालय ने २०७७ साल में कोविड महामारी के बाद थमे हुए अर्थव्यवस्था को पुनः शुरू करने और आंतरिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए दो दिन सरकार छुट्टी देने विषय पर अध्ययन और तैयारी शुरू की थी। उस समय मंत्रालय के सहसचिव कमलप्रसाद भट्टराई के नेतृत्व में गठित कार्यदल ने रिपोर्ट भी तैयार की थी। रिपोर्ट के अनुसार, १२७ में से ११५ देशों में सप्ताह में दो दिन की छुट्टी है और ९१ प्रतिशत देशों में सात दिन में दो दिन की छुट्टी होने पर साप्ताहिक काम का समय ४० घंटे या उससे कम सीमित किया गया है। नेपाल के एकात्मक व्यवस्था में सेवा उपभोक्ताओं को दुर्गम क्षेत्रों से मुख्यालय तक आना पड़ता था। अब अधिकांश सेवाएं स्थानीय स्तर पर प्रदान की जा रही हैं। इसलिए अध्ययन समिति ने निष्कर्ष निकाला कि दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी से सेवाग्राहियों को पहले जैसी समस्या नहीं होगी।

२०७७/७८ के बजट के आधार पर समिति ने दो दिन की छुट्टी से खर्च कटौती का अनुमान लगाया था। वार्षिक लगभग एक अरब ६५ लाख रूपए की बचत होने का दावा किया गया था। आंतरिक पर्यटन में सहायता के दृष्टिकोण से किया गया अध्ययन दिखाता है कि दो दिन की छुट्टी पारिवारिक तनाव कम करेगी, पर्याप्त आराम और मनोरंजन से उत्पादकता बढ़ेगी और आंतरिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। सरकारी, सैनिक, पुलिस, निजी और सरकारी विद्यालयों के लगभग पांच लाख कर्मचारी दो दिन की छुट्टी पाने पर उनके आश्रितों के २५ लाख परिवारों को पारिवारिक समय मिलेगा, अध्ययन का निष्कर्ष था। यदि इनमें से लगभग आठ लाख लोग नजदीक के स्थानों पर भ्रमण करें तो आंतरिक पर्यटन को फायदा होगा और यह देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। अध्ययन समिति ने कहा कि दो दिन की छुट्टी मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डालेगी: आर्थिक रूप से कर्मचारियों और कार्यालय की उत्पादकता बढ़ाना, खर्च में कटौती करना और आंतरिक पर्यटन को बढ़ावा देना। साथ ही लैंगिक समानता और पारिवारिक जीवन को सहज बनाने में भी यह मदद करेगी। समिति ने सार्वजनिक संस्थानों में सप्ताह में दो दिन छुट्टी देने और निजी क्षेत्र को भी ऐसा निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करने की सिफारिश की थी।

घर नहीं भेजा जाता, वेतन भी नहीं मिलता – सऊदी में फंसे नेपाली कामगारों की समस्या

खबर सारांश

समीक्षा के लिए तैयार।

  • सऊदी अरब के रियाद स्थित हुसैन बिन अली अतीफा में काम कर रहे ५० से अधिक नेपाली कामगारों ने पांच से छह महीने तक वेतन न मिलने की शिकायत करते हुए मदद की मांग की है।
  • पीड़ितों ने बताया कि कंपनी ने खाना, रहने और पानी जैसी मूल सुविधाएं नहीं दी हैं, काम में अनियमितता की है और धमकी भी दी है।
  • नेपाल के मैनपावर, स्थानीय एजेंट और दूतावास में शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर आवाज उठाई है।

२३ चैत, काठमांडू। सऊदी अरब के रियाद में हुसैन बिन अली अतीफा में कार्यरत नेपाली कामगार संकट में हैं। काठमांडू के गौशाला स्थित नेपाल लाइफ रिक्रूटमेंट समेत विभिन्न मैनपावर कंपनियों के माध्यम से लगभग दो साल पहले सऊदी पहुंचे ये कामगार समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

लंबे वक्त से कंपनी ने वेतन, खाना, रहने और पानी की सुविधा तक नहीं दी है, इस कारण वे मदद की गुहार लगा रहे हैं। ५० से अधिक नेपाली जिन्होंने दो सालों के श्रम अनुबंध के तहत बिल्डिंग निर्माण का काम किया है, वे इन समस्याओं से जूझ रहे हैं।

५० डिग्री तापमान में काम करते हुए भी ठेकेदार वेतन नहीं देता, काम से रोकता है और खाना-पानी की कमी भी बताई गई है। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें पांच से छह महीने से वेतन नहीं मिला है। ऑनलाइन बातचीत में पीड़ितों ने कहा कि नेपाल और सऊदी दोनों जगह मौजूद मैनपावर और ठेकेदार ने समस्या को और बढ़ा दिया है।

एक पीड़ित ने बताया, ‘‘कंपनी ने पांच-छह महीने से वेतन नहीं दिया है, खाना और रहने की सुविधा भी नहीं प्रदान की जा रही। कुछ का तीन महीने, कुछ का चार और कुछ का छह महीने का वेतन बाकी है। कई बार दबाव दिया, लेकिन कंपनी कहती रही ‘देंगे’, पर अभी तक कुछ नहीं मिला। काम पर लगाती है, वेतन नहीं देती।’’

उन्होंने बताया कि कंपनी कभी एक महीने के लिए काम देती है और अगले महीने काम नहीं आती है; छुट्टी का वेतन भी काटा जाता है। ‘‘काम से गैरहाजिर रहने पर छुट्टी दी जाती है, लेकिन वेतन में कटौती की जाती है।’’ वेतन ४०० से ६०० रियाल तक मिलता है, जबकि उनका मासिक वेतन १५०० रियाल तय था। ‘‘६०० रियाल से न खुद का खर्च पूरा होता है न परिवार को भेजा जा सकता है।’’

कंपनी का दावा है कि फ्री वीजा पर भेजा गया है, जबकि वे २ लाख से अधिक खर्च करके गए हैं। ‘‘हमने २ लाख २५ हजार तक कर्ज लेकर गए थे, लेकिन कंपनी फ्री वीजा बताती है,’’ पीड़ित ने कहा।

नेपाल से जाते समय मैनपावर और एजेंट ने बताया था कि दैनिक १० घंटे काम होगा, जिसमें से ९ घंटे काम और १ घंटा आराम। लेकिन कामगारों के अनुसार उन्हें काम के दिनों में पूरे १० घंटे काम करना पड़ता है, और ओवरटाइम का एक पैसा भी नहीं मिलता।

एक पीड़ित ने कहा, ‘‘जितना भी ओवरटाइम किया, कोई पैसा नहीं मिला। आवागमन दूर है और काम की जगह से रहने की जगह तक आना-जाना २ से ३ घंटे लगता है। काम के दिन १० घंटे काम और आने-जाने में १२ से १६ घंटे लग जाते हैं।’’

कंपनी को समस्या बताने पर सुनवाई नहीं हुई। नेपाल में मौजूद मैनपावर, स्थानीय एजेंट और दूतावास में शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर अपनी समस्या जगजाहिर की, जिसके बाद कंपनी ने उन पर दबाव और बढ़ा दिया।

‘‘कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूर होकर वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। एक महीने से तो नाश्ता भी नहीं दिया जाता,’’ उन्होंने कहा।

पिछले १५ दिनों से काम पर नहीं लगाया गया है, और घर भेजने की मांग करने पर धमकी मिलती है कि दो साल पूरे किए बिना घर नहीं भेजा जाएगा। ‘‘मारने-पीटने की धमकी दी जाती है, कहते हैं कि दो साल पूरा होना जरूरी है।’’ उन्होंने बताया कि कम्पनी में काम करने वाले सभी नेपाली इसी समस्या का सामना कर रहे हैं, और आवाज उठाने पर धमकी मिलती है।

‘‘एक महीने से नाश्ता बंद है, काम नहीं होता तो नाश्ता और खाना दोनों बंद कर दिए जाते हैं,’’ वे बताते हैं।

कुछ ने ५ महीने वेतन न मिलने की बात कही, जबकि कुछ ने ४ से ६ महीने तक वेतन न मिलने की शिकायत की। ‘‘टॉयलेट के लिए मस्जिद जाना पड़ता है, यहां टॉयलेट के दरवाज़े पर ताला लगा है,’’ उन्होंने कहा।

इटहरी के मोबिरा ओवरसीज से आये एक अन्य पीड़ित ने मैनपावर और एजेंट से ध्यान न दिए जाने की बात कही। कर्ज लेकर परिवार छोड़कर काम के लिए गए उन्हें काम, वेतन और सेवा मांगने पर धमकी और कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।

‘‘यहां आने का मकसद परिवार को पैसे भेजकर बच्चों की पढ़ाई, अच्छा खाना और कपड़े देना था। लेकिन यहां आकर हमें उल्टा दंड मिलता है। दो दिन काम करो तो चार दिन छुट्टी मिलती है,’’ उन्होंने कहा।

बीमारी होने पर इलाज नहीं मिलता, बीमा करवाने की बात कही गई थी लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ, यह भी उन्होंने बताया।

नेकपा एमालेले मतदाता नामावली संकलनमा सक्रिय रहन निर्देशन दियो

२३ चैत, काठमाडौं । नेकपा एमालेले आगामी स्थानीय तह तथा प्रदेश सभा निर्वाचनको तयारीको रूपमा मतदाता नामावली संकलन र अद्यावधिक कार्यमा मातहतका समितिहरूलाई सक्रिय रहन निर्देशन दिएको छ। निर्वाचन आयोगले चैत २२ गतेदेखि मतदाता नामावली संकलन पुनः सुरु गरेको जानकारी गराएको छ। साथै, निर्वाचन कार्यालयले सबै नगरपालिका र वडा समितिहरूलाई सो विषयमा आवश्यक कार्यवाही गर्न पत्रमार्फत आदेश गरेको छ।

आर्टिमिस 2: चंद्रमा की परिक्रमा के दौरान अंतरिक्षयात्रियों का पृथ्वी से संपर्क टूटा रहेगा

ओराइअन कैप्सूल से गत सप्ताह लिया गया पृथ्वी का नया चित्र

तस्वीर स्रोत, Nasa/Reid Wiseman

तस्वीर का शीर्षक, ओराइअन कैप्सूल से गत सप्ताह लिया गया पृथ्वी का नया चित्र

आर्टिमिस अभियान के अंतरिक्षयात्री अब तक पृथ्वी से सबसे दूर जाएंगे।

जितना वे दूर हैं, उतना ही पृथ्वी उन्हें छोटी दिखती है। वे टेक्सास के ह्यूस्टन स्थित नियंत्रण कक्ष के साथ लगातार संपर्क में थे। नासा की टीम से संवाद करते हुए भी उन्हें घर की गर्माहट महसूस नहीं होती।

लेकिन जल्द ही यह संपर्क टूट जाएगा।

सোমवार रात ब्रिटिश समर टाइम (BST) अनुसार 23:47 बजे (नेपाली समय अनुसार मंगलवार सुबह 4:32 बजे) वे चंद्रमा की सतह की परिक्रमा करते हुए अंतरिक्षयान और पृथ्वी के बीच संचार खो देंगे।

चंद्रमा रेडियो और लेजर संकेतों को लगभग 40 मिनट के लिए रोक देगा। आर्टिमिस अभियान के चार सदस्य इस दौरान लगभग 40 मिनट तक अंतरिक्ष के अंधकार में अकेले रहेंगे।