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लेखक: space4knews

खाड़ी क्षेत्र में मौजूद Nepali लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए सांसद गीता गुरुङ का कूटनीतिक प्रयासों की मांग

नेपाल कांग्रेस की सांसद गीता गुरुङ ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण भयभीत नेपाली लोगों की सुरक्षित घर वापसी के लिए सरकार से कूटनीतिक पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने मंगलवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में यह बात उठाते हुए युद्ध प्रभावित नेपाली नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कूटनीतिक कदम उठाने की जरूरत बताई।

सांसद गुरुङ ने महिलाओं पर हो रहे साइबर बुलिंग को रोकने के लिए सरकार से कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा, “अपनी राय प्रकट करने के कारण महिलाओं पर चल रहे घृणित साइबर बुलिंग को रोकने हेतु दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मैं जोरदार मांग करती हूँ।”

सांसद गुरुङ ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) से भी संविधान के मूलभाव के अनुसार समृद्ध नेपाल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। उन्होंने रास्वपा को मिली जनसभा के लिए बधाई देते हुए कहा, “मेरा विश्वास है कि वे संविधान के मर्म के अनुरूप समृद्ध नेपाल के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।”

एमाले सांसदों ने सरकार को प्रतिशोध और पूर्वाग्रह से बचने की सलाह दी

नेकपा एमाले के सांसदों ने सरकार से प्रतिशोध और पूर्वाग्रह से कार्य न करने की सलाह दी है। एमाले सांसद गुरुप्रसाद बराल ने संविधान और विधि के शासन के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए नागरिकों के मौलिक अधिकार स्थापित करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया। २४ चैत को सिंहदरबार, काठमांडू में मंगलवार को हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में सांसदों ने कहा कि सरकार ने प्रारंभिक चरण से ही संविधान और विधि के शासन का उल्लंघन किया है और प्रतिशोध एवं पूर्वाग्रह के आधार पर काम न करने की सलाह दी।

बैठक में सांसद गुरुप्रसाद बराल ने नेपाल के संविधान और विधि के शासन के उल्लंघन की बात करते हुए संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिकों के मौलिक अधिकारों की स्थापना के लिए निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने भदौ २३ और २४ की घटनाओं को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक पर लगे प्रकरणों के खारिज होने की संभावना जताई।

साथ ही, एमाले की अन्य सांसद यशुदाकुमारी बराल ने २००७ साल से लेकर जनआन्दोलन तक की सभी घटनाक्रमों के फाइलें खोलने का आग्रह किया। उन्होंने ओली और लेखक के प्रति राजनीतिक प्रतिशोध के कार्य न करने के लिए चेतावनी दी। साथ ही, वर्तमान सरकार द्वारा विधि के शासन का उल्लंघन किए जाने पर अत्यधिक नुकसान होने की भी बात कही।

ट्रम्प ने नेतान्याहु के करीबी दूत को हटाकर जेडी भान्स को वार्ता के लिए मुख्य दूत नियुक्त किया

२४ चैत, काठमाडौँ । अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध समाप्ति प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक परिवर्तन हुआ है। ईरानी संचार माध्यम ‘फर्स’ के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकफ को हटाकर उपराष्ट्रपति जेडी भान्स को वार्ता की मुख्य जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव रखा है। विटकफ को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निकट माना जाता था, जिसके कारण ईरान वार्ता में उनके प्रति संशय व्यक्त कर रहा था। ट्रम्प ने ईरान की मांगों को ध्यान में रखते हुए वार्ता को अधिक गंभीर बनाने के लिए यह कदम उठाया है।
तिहरा के एक अधिकारी के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन शीघ्र समझौता करना चाहता है। जारी युद्ध के कारण आने वाले सप्ताह से विश्व बाजार में ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हो सकती है, ऐसे डर को अधिकारी ने व्यक्त किया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने सामाजिक नेटवर्क ‘ट्रूथ सोशल’ के माध्यम से आज रात ८:०० बजे तक ईरान को अंतिम समयसीमा दी है। यदि इस अवधि में ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ़ हर्मूज’ नहीं खोलेगा और समझौता नहीं करेगा, तो ट्रम्प ने ईरान के ऊर्जा केंद्रों और भौतिक बुनियादी ढांचे पर भयंकर हमला करने की चेतावनी दी है।

वालेन्द्र शाह नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद: केवल अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने दी संपत्ति विवरण, ‘पारदर्शिता की वादा’ पर उठे प्रश्नों पर रास्वपा प्रवक्ता का जवाब

मंत्रिपरिषद् बैठक के दौरान प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह और अन्य मंत्री

तस्वीर स्रोत, RSS

निर्वाचन से पहले राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) ने सार्वजनिक पद ग्रहण करने से पहले संपत्ति विवरण सार्वजनिक करने का वादा किया था। हालांकि, वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के अधिकांश सदस्यों ने अब तक यह वादा पूरा नहीं किया है, जिसके कारण आलोचना बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय के प्रवक्ता हेमराज अर्याल के अनुसार, मंगलवार दोपहर तक केवल अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने ही संपत्ति विवरण जमा किया है।

“अर्थमंत्री ने विवरण जमा कर दिया है और बाकी के विवरण आने बाकी हैं, संबंधित शाखा से हमें जानकारी मिली है,” उन्होंने कहा, “नियुक्ति के ६० दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य है, उसके अंतर्गत सभी जमा करेंगे।”

कानून में ऐसी व्यवस्था के बावजूद, रास्वपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में “सार्वजनिक पद ग्रहण करने से पहले संपत्ति का पूर्ण विवरण सार्वजनिक करने” का वादा किया था। इसी वजह से इस विषय पर आम जनता की रुचि बढ़ी है।

पार्टी के सौ बिंदु घोषणापत्र के १६वें अंक में लिखा है, “सार्वजनिक पद ग्रहण करने से पहले हम सम्पत्ति का संपूर्र्ण विवरण सार्वजनिक करेंगे। चुनाव से पहले और कार्यकाल समाप्ति के बाद हम और हमारे परिवार की संपत्ति में आए बदलावों का स्वतंत्र लेखापरीक्षण कराकर जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे।”

धितालले उठाइन् मनोसामाजिक मुद्दा, जेनजी आन्दोलनका घाइतेदेखि सुरक्षाकर्मीसमेतको अवस्था बुझ्न आग्रह

धिताल ने मनोसामाजिक विषय पर सवाल उठाए, जेनजी आन्दोलन के घायल और सुरक्षाकर्मियों की स्थिति समझने की अपील की

‘व्यक्ति के पद या कद से हमारी मनोवैज्ञानिक पीड़ा या समस्या निर्धारित नहीं होती। आंदोलन के शहीद परिवार हों या घायल, या सुरक्षा कर्मी और कर्मचारी भी मनोसामाजिक समस्याओं का सामना कर रहे हो सकते हैं।’

दूसरे त्रैमास में अर्थव्यवस्था 4.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान

चालू आर्थिक वर्ष 2082/83 के दूसरे त्रैमास में नेपाल की अर्थव्यवस्था 4.5 प्रतिशत बढ़ने का राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने अनुमान लगाया है। बिजली उत्पादन, वित्तीय सेवा, पशुजन्य उत्पादन और पर्यटक आगमन में हुई वृद्धि ने आर्थिक विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, कार्यालय ने बताया। निर्माण और खनन उत्खनन क्षेत्र में संकुचन होने के बावजूद बिजली और गैस क्षेत्र में 22.75 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

24 चैत, काठमांडू। राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने चालू आर्थिक वर्ष 2082/83 के दूसरे त्रैमास (कार्तिक–पुष) का त्रैमासिक राष्ट्रीय लेखा तथ्यांक जारी करते हुए अर्थव्यवस्था में 4.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया है। त्रैमासिक लेखा तथ्यांक में पिछले वर्ष के समान त्रैमास की तुलना की गई है और इसमें मौसमी प्रभावों को समायोजित नहीं किया गया है।

कार्यालय के अनुसार, बिजली उत्पादन और वितरण में हुई वृद्धि, निक्षेप संकलन और ऋण प्रवाह, निर्जीवन बीमा प्रीमियम संकलन, पशुजन्य उत्पादन, फल एवं सब्जी उत्पादन, व्यापार सेवा, पर्यटक आगमन सहित औद्योगिक गतिविधियों ने अर्थव्यवस्था के विस्तार में योगदान किया है। इस अवधि में औद्योगिक वर्गीकरण के अनुसार सभी 18 क्षेत्रों में सकारात्मक वृद्धि दर देखी गई है।

इस वर्ष सरकार ने लगभग 6.5 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, निर्माण सामग्री आयात, धान की पैदावार और कुछ घरेलू वस्तुओं के उत्पादन में गिरावट के कारण इस त्रैमास में वृद्धि दर अपेक्षाकृत कम रही है, कार्यालय का विश्लेषण है।

मौसमी प्रभाव समायोजित तथ्यांक के अनुसार, चालू आर्थिक वर्ष के पहले त्रैमास की तुलना में दूसरे त्रैमास में 2.04 प्रतिशत से अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ है। 18 औद्योगिक वर्गीकरणों में से 16 क्षेत्रों में वृद्धि और 2 क्षेत्रों में संकुचन दर्ज हुआ है। निर्माण तथा खनन उत्खनन क्षेत्रों में संकुचन हुआ है, तथ्यांक में यह स्पष्ट है।

बिजली और गैस क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक योगदान देते हुए 22.75 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है। कृषि क्षेत्र सबसे बड़ा हिस्सेदार है, लेकिन इस क्षेत्र की वृद्धि दर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.21 प्रतिशत तक सीमित है। विशेष रूप से धान की फसल में आई कमी का कृषि क्षेत्र पर प्रभाव पड़ा है, कार्यालय ने बताया।

वित्तीय एवं बीमा संबंधित सेवाओं, यातायात और भण्डारण, आवास एवं भोज्य सेवा, थोक और खुदरा व्यापार में क्रमशः 12.51, 9.65, 5.18 और 4.11 प्रतिशत विस्तार दर्ज किया गया है। अर्थव्यवस्था में दूसरे सबसे बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले थोक और खुदरा व्यापार का वृद्धि दर 4.11 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उद्योगजन्य वस्तुओं के घरेलू उत्पादन और आयात में वृद्धि ने इसमें योगदान दिया है।

इस अवधि में पानी आपूर्ति, जल निकासी एवं कचरा प्रबंधन में 0.55 प्रतिशत, सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा तथा अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा में 1.11 प्रतिशत और शिक्षा क्षेत्र में 1.16 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज हुई है, जिससे समग्र अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर कम नजर आई है।

आर्थिक वर्ष 2079/80 के दूसरे त्रैमास में अर्थव्यवस्था में 1 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इसके बाद हर त्रैमास में आर्थिक वृद्धि दर लगभग स्थिर रही है। चालू आर्थिक वर्ष के पहले त्रैमास में आर्थिक वृद्धि दर 3.24 प्रतिशत थी, राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने बताया।

पिछले त्रैमास की तुलना में इस त्रैमास में सबसे अधिक वृद्धि दर यातायात और भण्डारण सेवाओं में देखी गई है, जिसका वृद्धि दर 6.20 प्रतिशत रही है। कृषि क्षेत्र में 2.48 प्रतिशत, बिजली एवं गैस में 3.16 प्रतिशत, वित्तीय और बीमा क्षेत्र में 3.82 प्रतिशत और शिक्षा क्षेत्र में 1.22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निर्माण क्षेत्र में 0.59 प्रतिशत और खनन तथा उत्खनन में 0.85 प्रतिशत की गिरावट आई है, राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय के प्रवक्ता एवं उपप्रमुख तथ्यांक अधिकारी ढुन्ढीराज लामिछाने ने जानकारी दी।

उनके अनुसार हर त्रैमासिक अवधि समाप्ति के 90 दिनों के भीतर त्रैमासिक लेखा अनुमान प्रकाशित किया जाता है। कार्यालय ने आर्थिक वर्ष 2067/68 से इस प्रकार के त्रैमासिक राष्ट्रीय लेखा अनुमान जारी किए आ रहे हैं। इस वर्ष के जेएनजी आन्दोलन के कारण पहले त्रैमास में अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता देखी गई थी, लेकिन दूसरे त्रैमास में चुनावी सरकार ने अर्थव्यवस्था को गतिशील करने के लिए विभिन्न प्रयास किए।

सांसद मिकरानी ने कहा– शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, सबको समान पहुँच मिलनी चाहिए

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी की सांसद गजला समिम मिकरानी ने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है और इसे सभी को समान रूप से उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने मधेश और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता कमजोर होने और मुस्लिम समुदाय अभी भी पिछड़ा हुआ होने का उल्लेख किया। २४ चैत, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभा की बैठक में मंगलवार को उन्होंने कहा, ‘शिक्षा मौलिक अधिकार है। लेकिन मधेश और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर काफी कमजोर है। मुस्लिम समुदाय अभी भी पिछड़ा हुआ है।’ उनके अनुसार शिक्षा सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। नेपाल के संविधान के धारा ३१ के अनुसार प्रत्येक नागरिक को आधारभूत स्तर तक मुफ्त शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है।

धारा ३१ की उपधारा २ में कहा गया है, ‘प्रत्येक नागरिक को राज्य से आधारभूत स्तर तक की शिक्षा अनिवार्य और मुफ्त तथा माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा मुफ्त प्राप्त करने का अधिकार होगा।’ विकलांगता वाले एवं आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को कानून के अनुसार मुफ्त उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार होगा। दृष्टि विहीन नागरिकों को ब्रेल लिपि तथा बहिरे और आवाज/बोलने में विकलांग नागरिकों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से कानून के अनुसार मुफ्त शिक्षा प्राप्त करने की संवैधानिक व्यवस्था है। नेपाल में रहने वाले प्रत्येक नेपाली समुदाय को अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने और इसके लिए विद्यालय एवं शैक्षिक संस्थान खोलने और संचालित करने का अधिकार भी संविधान सुनिश्चित करता है।

सरकारले भन्यो- आवश्यक परे जोर बिजोर प्रणाली लागू हुन्छ

सरकार का कहना है – आवश्यकता पड़ने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू की जा सकती है

सरकार ने कहा है कि यदि पेट्रोलियम आपूर्ति में समस्या होती है तो आवश्यकता पड़ने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू की जा सकती है। मन्त्रिपरिषद् की बैठक के बाद मंत्री प्रतिभा रावल ने ऊर्जा बचत के लिए थोक बिक्री नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों के ईंधन कटौती की जानकारी दी। २४ चैत्र, काठमांडू। सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में देखी गई समस्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक होने पर जोर बिरोध प्रणाली लागू करने का संकेत दिया है। मंगलवार को हुई मन्त्रिपरिषद् की बैठक के निर्णय प्रस्तुत करते हुए संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने सरकार द्वारा ऊर्जा बचत के लिए किए गए आह्वान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थोक बिक्री पर नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों के ईंधन उपयोग में कटौती की जा चुकी है। ‘‘थोक बिक्री पर नियंत्रण और उच्च पदस्थ कर्मचारियों द्वारा ईंधन में कटौती की जा चुकी है। आवश्यकता पड़ने पर सरकार जोर बिरोध प्रणाली भी लागू करेगी,’’ मंत्री रावल ने कहा, ‘‘सरकार जनता से ‘वर्क फ्रॉम होम’ और विद्युत वाहन उपयोग बढ़ाने का आह्वान करती है।’’ दीर्घकालीन वाहन रूपांतरण के लिए कानूनी प्रावधानों पर कार्य किया जा रहा है और इथेनॉल नीति की तैयारी जारी है, उन्होंने कहा। ‘‘दीर्घकालीन वाहन रूपांतरण के लिए कानूनी प्रावधान बनाए जा रहे हैं। इसके लिए इथेनॉल नीति की तैयारी हो रही है। ईवी पूर्वाधार के विकास में विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है,’’ उन्होंने जोर दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार जनता की परेशानियों को समझती है और पारदर्शी तरीके से काम करती है। ‘‘सरकार पारदर्शी है, सच को छुपाती नहीं है। लेकिन जनता की पीड़ा को समझती है। चलिए ऊर्जा बचत करें, संयमित बनें, धन्यवाद,’’ उन्होंने कहा।

दाङ में नया थिएटर निर्माण हो रहा है


२४ चैत, काठमाडाैं। सञ्चारकर्मी तथा चलचित्रकर्मी केएल बुढाथोकी के प्रयास से दाङ के घोराही में पहल थिएटर के निर्माण का कार्य शुरू किया गया है।

सामुदायिक कला, संस्कृति और रंगमंच के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से शुरू किए गए इस थिएटर से क्षेत्रीय कला गतिविधियों को नई ऊँचाइयां मिलने की उम्मीद जताई गई है, बुढाथोकी ने बताया।

निर्माण संयोजक बुढाथोकी के अनुसार पहल थिएटर को सामुदायिक कलागृह के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। यहाँ नाटक मंचन, फिल्म प्रदर्शन, साहित्यिक कार्यक्रम, संगीत प्रस्तुतियाँ तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

यह स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करेगा और नई पीढ़ी को कला-संस्कृति की ओर आकर्षित करने का विश्वास भी व्यक्त किया गया है।

थिएटर के निर्माण का कार्य लगभग एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य बुढाथोकी ने बताया। उन्होंने कहा कि जनस्तर पर सहयोग व भागीदारी से निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इस परियोजना से दाङ को भविष्य में एक मजबूत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है, बुढाथोकी ने बताया।

संसद में तटस्थ सभामुख और सशक्त प्रतिपक्ष की तलाश

सोमवार प्रतिनिधिसभा में ११ सांसदों ने भाग लेते हुए नव निर्वाचित सभामुख डोलप्रसाद अर्याल को शुभकामनाएँ दीं। रास्वपा के सांसद मनिष झा ने संसद को गुरुकुल और विश्वविद्यालय के समान बनाने तथा सभामुख से तटस्थ भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की। नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुननरसिंह केसी ने १६४२ के इंग्लैंड के उदाहरण से सभामुख की तटस्थता और उनके विशेषाधिकारों के महत्त्व को समझाया। २४ चैत, काठमाडौं।

सोमवार को प्रतिनिधिसभा के विशेष सत्र में लगभग एक घंटे तक ११ सांसदों ने हिस्सा लिया। सभी ने नव निर्वाचित सभामुख डोलप्रसाद अर्याल को शुभकामनाएँ दीं तथा भविष्य में तटस्थ भूमिका निभाने की सलाह भी दी। सांसदों ने सभामुख अर्याल को शुभकामनाएं देते हुए इस आशंका व्यक्त की कि संसद कमजोर न हो, सरकार संसद की आवाज सुने, और कमजोर प्रतिपक्ष की आवाज दबाई न जाए। ऐसे विषयों पर चर्चा के मद्देनजर सभामुख की भूमिका पर आवाज उठने लगी।

सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सांसद भी इस चर्चा में शामिल हुए। रास्वपा के सांसद मनिष झा और गणेश पराजुली के साथ नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुननरसिंह केसी ने सांसदों और सभामुख के विशेषाधिकारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं और नेपाल के अतीत के उदाहरणों के माध्यम से संसद सदस्यों की अपेक्षित भूमिकाओं की व्याख्या की।

सभामुख अर्याल ने अपने कर्तव्य की तटस्थता बनाए रखने की प्रतिबद्धता कई बार व्यक्त की है। बैठक शुरू होने से पहले भी उन्होंने निष्पक्ष समन्वयकारी भूमिका निभाने का संकल्प जाहिर किया। नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुननरसिंह केसी ने तटस्थ सभामुख के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “सभामुख को अपने विशेषाधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, यही मूल रूप से तटस्थता कहलाती है।”

एरिका गुरुङ को ‘सुराई दो’ से कराते सामग्री प्रायोजन प्राप्त

विश्वप्रसिद्ध जापानी कराते पोशाक कंपनी ‘सुराई दो’ ने कराते खिलाड़ी एरिका गुरुङ को प्रायोजन किया है। गुरुङ को ४ सेट कराते पोशाक, १ बैग, ४ शिन गार्ड, ४ बेल्ट, ४ जोड़ी ग्लोव्स और ५ टी-शर्ट उपलब्ध कराए गए हैं। राष्ट्रीय कराते टीम के प्रशिक्षक कुशल श्रेष्ठ ने इस प्रायोजन से खिलाड़ियों के मनोबल में वृद्धि की उम्मीद जताई है।

२४ चैत्र, काठमांडू। विश्वप्रसिद्ध जापानी कराते पोशाक निर्माण कंपनी ‘सुराई दो’ ने नेपाल के ऐतिहासिक पदक विजेता कराते खिलाड़ी एरिका गुरुङ को औपचारिक रूप से कराते सामग्री का प्रायोजन दिया है। इस कंपनी से इस प्रकार का समर्थन पाने वाली वह पहली नेपाली खिलाड़ी बन गई हैं। प्रायोजन के तहत गुरुङ को ४ सेट कराते पोशाक, १ थैली, ४ शिन गार्ड, ४ बेल्ट, ४ जोड़ी ग्लोव्स और ५ टी-शर्ट प्रदान किए गए हैं। इसके लिए २ वर्ष का समझौता किया गया है और कंपनी ने हर वर्ष इसी प्रकार सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

राष्ट्रीय कराते टीम के मुख्य प्रशिक्षक कुशल श्रेष्ठ के अनुसार, ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ता है और उनकी प्रदर्शन क्षमता पर सकारात्मक असर पड़ता है। सुराई दो जैसे विश्वप्रसिद्ध ब्रांड का नेपाली खिलाड़ी को प्रायोजन प्रदान करना नेपाली कराते क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह नेपाली खिलाड़ियों के प्रति अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। टीम के प्रशिक्षक कुशल श्रेष्ठ ने बताया कि प्रायोजन हेतु स्वयं पहल की गई थी और इस सहयोग से भविष्य में और भी नेपाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी तथा नेपाल में कराते के विकास और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

मन्त्रिपरिषद् बैठक जारी – Online Khabar

मंत्रिपरिषद बैठक जारी

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने २४ चैत्र को आकस्मिक रूप से मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई है। यह बैठक वर्तमान में प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में जारी है। इससे पहले रविवार को भी मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी। २४ चैत्र, काठमांडू। मंत्रिपरिषद की बैठक जारी है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में कुछ समय से बैठक हो रही है। इससे पहले रविवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) ने आज अचानक बैठक की घोषणा की है। बैठक के एजेंडे के बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त स्क्रीन टाइम कितना होना चाहिए?

आजकल लगभग सभी परिवारों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल केवल सामान्य नहीं, बल्कि अत्यंत आवश्यक बन चुका है। इसी कारण माता-पिता अपने बच्चों को पालन-पोषण करते समय स्मार्टफोन, लैपटॉप जैसे स्क्रीन उपकरणों का माध्यम के रूप में उपयोग करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। बच्चे को खाना खिलाते समय, रोने पर मनाने के लिए या कहीं यात्रा के दौरान स्क्रीन दिखाने की आदत आम हो चुकी है। नेपाल में बच्चों को कितना स्क्रीन टाइम देना चाहिए, इसका कोई स्पष्ट मानदंड नहीं है। जबकि अन्य देशों में इस विषय पर कानूनी नियम बन चुके हैं, हमारे देश में यह पूरी तरह माता-पिता के व्यक्तिगत निर्णय पर छोड़ा गया है। यह समस्या विश्व भर के अभिभावकों में देखी जाती है और विशेषज्ञों का मानना है कि इसका बच्चों के विकास पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।

कुछ देशों ने बच्चों को दिया जाने वाला स्क्रीन टाइम नियंत्रित करने के लिए कानूनी नियम लागू किए हैं। ब्रिटेन सरकार द्वारा हाल ही में जारी निर्देशिका के अनुसार, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम एक घंटे तक सीमित रखना आवश्यक है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अकेले स्क्रीन दिखाना उपयुक्त नहीं माना जाता। उक्त निर्देशिका माता-पिता को सुझाव देती है कि वे बच्चे के साथ बैठकर स्क्रीन उपयोग कराएं। स्क्रीन के विकल्प के रूप में कहानी पढ़ना या खाने के समय सामान्य खेल खेलना भी सुझावित किया गया है।

वर्तमान में इंस्टिट्यूट फॉर द साइंस ऑफ अर्ली इयर्स के वैज्ञानिक 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा देखी जाने वाली विभिन्न सामग्री का अध्ययन कर रहे हैं। इस अध्ययन में शामिल प्रोफेसर सैम वास के अनुसार, यदि सामग्री बहुत तेज गति वाली हो तो बच्चों का मस्तिष्क उसे संभाल पाने में असमर्थ होता है और ‘फाइट और फ्लाइट’ तनाव प्रणाली सक्रिय हो जाती है। इससे दिल की धड़कन बढ़ती है तथा मांसपेशियों में ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, जो एक ही जगह बैठकर स्क्रीन देखने वाले बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है। वर्तमान कंटेंट और भी अधिक तेज गति वाले हैं, जिससे बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इस तरह के निर्देश या आदतों का पूरी तरह पालन करना कई माता-पिता के लिए कठिन अनुभव हो सकता है।

उपराष्ट्रपति यादव अस्वस्थ, अस्पताल में भर्ती

समाचार सारांश

समीक्षा एवं सम्पादन गरिएको।

  • उपराष्ट्रपति रामसहायप्रसाद यादव को सोमवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • डा. रत्नमणि गजुरेल की टीम उनका इलाज कर रही है।
  • उपराष्ट्रपति यादव की कुछ जांच रिपोर्ट सामान्य हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट आनी बाकी हैं, अस्पताल ने बताया।

काठमांडू। उपराष्ट्रपति रामसहायप्रसाद यादव स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती हुए हैं। उन्हें सोमवार रात 9 बजे महाराजगंज स्थित मनमोहन कार्डियोथोरासिक वास्कुलर एंड ट्रांसप्लांट सेंटर में भर्ती कराया गया।

अस्पताल के निदेशक डॉ. रत्नमणि गजुरेल ने बताया कि उच्च रक्तचाप के कारण उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। ‘‘रात को सोते समय असुविधा महसूस हुई थी, इस पर उन्हें अस्पताल लाया गया। अस्पताल लाते वक्त उनका ब्लड प्रेशर अधिक था,’’ डॉ. गजुरेल ने कहा, ‘‘पेट में भी गैस बनी हुई थी।’’

डॉ. गजुरेल के अनुसार फिलहाल उपराष्ट्रपति यादव की सेहत सामान्य है। ‘‘कुछ परीक्षण की रिपोर्ट सामान्य आई हैं, जबकि कुछ परीक्षण रिपोर्ट आना बाकी है,’’ उन्होंने कहा।

मनमोहन कार्डियोथोरासिक वास्कुलर एंड ट्रांसप्लांट सेंटर के निदेशक एवं वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रत्नमणि गजुरेल की अगुवाई में टिम और पेट रोग विशेषज्ञ उनकी देखरेख में हैं।

यादव को अस्पताल के वीआईपी केबिन नंबर 701 में रखा गया है।

मृत्युदण्ड भारत: तमिलनाडु के नौ पुलिसकर्मियों को ‘दोहरी फांसी’ की सजा क्यों दी गई

पी जयराज और उनके बेटे की शवपेटिका निकाली जा रही है

छवि स्रोत, AFP via Getty Images

छवि कैप्शन, पी जयराज और उनके बेटे बेनिक्स की पुलिस हिरासत में मौत के बाद पुलिस की क्रूरता के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए (फ़ाइल तस्वीर)

पढ़ने का समय: ४ मिनट

दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की एक अदालत ने दो व्यक्तियों की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में दोषी पाए गए नौ सुरक्षाकर्मियों को “दोहरी मृत्युदंड” देने का फैसला सुनाया है।

कोविड महामारी के दौरान २०२० में तूतीकोरिन जिले के सातानुकुलम में ५८ वर्षीय व्यापारी पी जयराज और उनके ३८ वर्षीय बेटे बेनिक्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करके मोबाइल दुकान खोलने वालों पर अपराध आरोप लगाया गया था।

सोमवार को मदुरै की अदालत के न्यायाधीश ने यह पाया कि जेल में पिता और बेटे को नंगाकर “मारने के इरादे से” कड़ी मारपीट की गई और पुलिस अधिकारियों ने सत्ता का दुरुपयोग किया।

इस घटना के बाद भारत में पुलिस की क्रूरता पर फिर से बहस शुरू हो गई। मानवाधिकार समूहों ने बताया कि भारत में हर साल पुलिस हिरासत में सैकड़ों लोग मरते हैं और संदिग्धों से बयान लेने के लिए यातना दी जाती है।

इस वर्ष की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने भारत से मानवाधिकार मानकों के तहत पुलिस सुधार के लिए अपील की थी।