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लेखक: space4knews

६ वर्षीया बालिका के साथ जबरदस्ती करने के आरोप में एक युवक गिरफ्तार

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के पश्चात तैयार।

  • दोलखा के शैलुङ गाउँपालिका में ६ वर्षीय बालिका के साथ जबरदस्ती करने के आरोप में २७ वर्षीय श्रीकृष्ण कार्की को गिरफ्तार किया गया है।
  • दोलखा जिला प्रहरी कार्यालय के सूचना अधिकारी संतोष कुमार खड़का के अनुसार पुलिस टीम ने कार्की को सोमवार को हिरासत में लिया।
  • अदालत ने तीन दिनों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी है और कार्की के खिलाफ और जांच चल रही है।

३० असार, काभ्रेपलाञ्चोक । दोलखा के शैलुङ गांव में ६ वर्ष की बालिका के साथ जबरदस्ती करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।

दोलखा जिला प्रहरी कार्यालय के सूचना अधिकारी संतोष कुमार खड़का के अनुसार, शैलुङ गाउँपालिका–५ के निवासी २७ वर्षीय श्रीकृष्ण कार्की को जबरदस्ती करणी की शिकायत मिलने पर सोमवार को हिरासत में लिया गया।

शिकायत मिलने के बाद दोलखा जिला प्रहरी कार्यालय द्वारा गठित विशेष पुलिस दल ने कार्की को गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तार आरोपी कार्की के खिलाफ अधिक जांच के लिए मंगलवार को जिला अदालत से तीन दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई है।

इस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और जांच जारी है, सूचना अधिकारी खड़का ने बताया।

एनएसएसएफ और हिसान के बीच पांच वर्ष का समझौता, हर वर्ष विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी

देश भर के हिसान से जुड़े उच्च माध्यमिक विद्यालयों और कॉलेजों में संस्थागत विद्यालय खेलों का व्यवस्थित विकास, प्रचार-प्रसार और समन्वय करना इस समझौते का मुख्य उद्देश्य है, यह जानकारी एनएसएसएफ ने दी है।

समाचार सारांश

समीक्षा करके प्रस्तुत।

  • नेपाल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन और हिसान के बीच विद्यालय स्तर के खेल विकास, प्रचार-प्रसार और समन्वय हेतु पांच वर्षों के समझौतापत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
  • समझौते के अनुसार दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के साथ-साथ पूर्वाधार और खेल विज्ञान में सहयोग करेंगी।
  • हिसान के जुड़े विद्यार्थी खिलाड़ियों को एनएसएसएफ के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन द्वारा संचालित प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर मिलेंगे।

३० आसार, काठमांडू। नेपाल स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन (एनएसएसएफ) और उच्च शिक्षालय तथा माध्यमिक विद्यालय संघ नेपाल (हिसान) के बीच पाँच वर्ष का समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं।

मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एनएसएसएफ के केंद्रीय अध्यक्ष विनोद श्रेष्ठ और हिसान के केंद्रीय अध्यक्ष युवराज शर्मा ने औपचारिक समझौतापत्र पर हस्ताक्षर किए।

देश भर के हिसान से जुड़े उच्च माध्यमिक विद्यालयों और कॉलेजों में संस्थागत विद्यालय खेलकूद के व्यवस्थित विकास, प्रचार-प्रसार और समन्वय को इस समझौते का मुख्य उद्देश्य बताया गया है।

हस्ताक्षर समारोह में एनएसएसएफ के उपाध्यक्ष मोहन कुमार कार्की, अंतरराष्ट्रीय स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन के कार्यकारी समिति सदस्य राजकुमार कार्की, हिसान के महासचिव रामहरी सिलवाल, एनएसएसएफ के बोर्ड सदस्य तथा सीएफओ सोविनराज रेग्मी, बोर्ड सदस्य खड्ग बहादुर थापा और बोर्ड सदस्य पदम राना मौजूद थे।

समझौते के अनुसार दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से क्षेत्रीय, प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्थित खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन एवं संचालन करेंगी और इस रणनीतिक साझेदारी के तहत राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् (राखेप) की आधिकारिक मान्यता प्राप्त कर वार्षिक मुख्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।

यू-१९ बास्केटबाल ३ बाइ ३ चैम्पियनशिप, एनएसएसएफ हिसान कप, एनएसएसएफ हिसान कॉम्बैट गेम्स और स्कूल प्रीमियर लीग आयोजित करने का उल्लेख समझौते में किया गया है।

प्रारूप और खेल विज्ञान में भी सहयोग करने का प्रावधान है।

इस समझौते के अनुसार स्थानीय खेलकूद पूर्वाधार को विकसित करना, जुड़े विद्यालयों को आधुनिक खेल उपकरण उपलब्ध कराना और एनएसएसएफ तथा आईएसएफ एकेडमी के समन्वय में खेल विज्ञान कार्यक्रम, कार्यशालाओं और शारीरिक शिक्षा पाठ्यक्रमों को लागू करने का निर्देश दिया गया है।

यह साझेदारी पाँच वर्षों की होगी और इसका एक महत्वपूर्ण पक्ष नेपाली विद्यार्थी-खिलाड़ियों के लिए विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय खेल मंच के द्वार खोलना भी है, ऐसा एनएसएसएफ ने बताया।

एनएसएसएफ ने यह भी प्रतिबद्धता जताई कि हिसान के जुड़े संस्थाओं के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्कूल स्पोर्ट्स फेडरेशन द्वारा संचालित वैश्विक प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में नेपाल का प्रतिनिधित्व करने के लिए आधिकारिक अवसर प्राप्त करेंगे।

इन व्यापक कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए दोनों निकाय संस्थागत प्रायोजन, निजी सहयोग और सरकारी अनुदान जुटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एनएसएसएफ और हिसान के नेतृत्व में ‘संयुक्त अनुगमन समिति’ भी जल्द गठित की जाएगी, जो परियोजना की प्रगति की समीक्षा और प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी, एनएसएसएफ ने बताया।

उपराष्ट्रपति यादव ने कतार के लिए यात्रा शुरू की

३० असार, काठमाडौं। उपराष्ट्रपति रामसहायप्रसाद यादव मंगलवार दोपहर कतार प्रस्थान किए। कतार के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर नेपाल सरकार की ओर से शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए उपराष्ट्रपति यादव तीन दिवसीय औपचारिक यात्रा पर कतार गए हैं। त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय विमानस्थल के विशिष्ट कक्ष में सूचना तथा संचार मंत्री डा. विक्रम तिमिल्सिनाले उपराष्ट्रपति यादव को विदाई दी। इस अवसर पर विदेश सचिव अमृतबहादुर राई सहित अन्य उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।
यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति यादव ३१ असार को कतार के आमिर शेख तमिम बिन हमद अल थानी को राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल द्वारा प्रेषित शोक संदेश सौंपेंगे, जैसा कि परराष्ट्र मंत्रालय ने बताया। उपराष्ट्रपति यादव के साथ नेपाल सरकार के अन्य उच्च अधिकारियों की भी उपस्थिति रहेगी। वे ३२ असार को स्वदेश वापस लौटेंगे। –रासस

२०वें एसियाड की तैयारी के लिए नेपाली कुश्ती टीम भारत में विशेष प्रशिक्षण में

नेपाली कुश्ती टीम २०वें एशियाई खेलों की तैयारी के लिए गुरुवार को विशेष प्रशिक्षण शिविर के लिए भारत प्रस्थान कर रही है। नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश में होने वाले ४५ दिनों के प्रशिक्षण में छह खिलाड़ी, एक प्रशिक्षक और दो प्रबंधक सहित नौ सदस्यीय टीम हिस्सा लेगी। नेपाल ओलंपिक समिति के अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ ने एशियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को पूरी तरह से प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने का अनुरोध किया। ३० असार, काठमांडू।

जापान में आयोजित होने वाले २०वें एशियाई खेलों की विदेशी प्रशिक्षण के लिए नेपाली कुश्ती टीम गुरुवार को भारत प्रस्थान करने जा रही है। पुरुष खिलाड़ियों में सुरेश चुनारा (७४ किग्रा), रामकिशोर यादव (६५ किग्रा), निखिलराज पटेल (८६ किग्रा) और राज यादव (१२५ किग्रा) शामिल हैं। महिलाओं की ओर से सुशिला चंद (६२ किग्रा) और शिवांगी दुवे (५७ किग्रा) हैं। यह प्रशिक्षण शिविर भारत के नई दिल्ली में १७ जुलाई से १५ सितंबर तक चलेगा।

टीम के कोच राजेन्द्र चंद, प्रबंधक खगेन्द्रबहादुर बस्नेत और सहायक प्रबंधक मुम्ताज अली हैं। लगभग ४५ दिन भारत में रहने के दौरान खिलाड़ी नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के नंदनीनगर समेत विभिन्न अकादमिक संस्थानों में प्रशिक्षण लेंगे, नेपाल कुश्ती संघ के अध्यक्ष प्रकाशकुमार कुसारी ने बताया। नेपाल ओलंपिक समिति (एनओसी) ने मंगलवार को एक कार्यक्रम आयोजित कर कुश्ती टीम को विदाई दी। एनओसी अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ और महासचिव राजीव श्रेष्ठ ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए विदाई की।

इस अवसर पर एनओसी के सचिव भीम गुरुङ और नेपाल कुश्ती संघ के अध्यक्ष प्रकाशकुमार कुसारी भी मौजूद थे। एनओसी अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ ने कहा कि आगामी एसियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यह प्रशिक्षण शिविर महत्वपूर्ण होगा, इसलिए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को पूरी तरह से प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। २०वें एशियाई खेल, जापान के आइची नागोया में ३ अक्टूबर से १८ अक्टूबर तक आयोजित होंगे। अध्यक्ष कुसारी के अनुसार टीम भारत से सीधे जापान जाएगी।

सिंहदरबार में मंत्रिपरिषद की बैठक

समाचार का सारांश

संपादकीय रूप से समीक्षा किया गया।

  • प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा आहूत मंत्रिपरिषद की बैठक सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय में जारी है।
  • 30 असार को आयोजित इस बैठक में समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

30 असार, काठमाडौँ। मंत्रिपरिषद की बैठक जारी है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा बुलाई गई मंत्रिपरिषद की बैठक कुछ समय से चल रही है।

यह बैठक सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय में हो रही है।

विश्वकप २०२६ से अनूठा तोहफा लेकर नॉर्वे लौटे एर्लिंग हालैंड

विश्वकप में भाग लेकर नॉर्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम देश वापस आई है। इस दौरान प्रसिद्ध खिलाड़ी एर्लिंग हालैंड को विमान से उतरते हुए एक अनोखा तोहफा लिए देखा गया। हालैंड ने एक ‘टैक्सीडरमी’ किए हुए रैकून को उपहार रूप में लाया है। इस उपहार की कीमत 750 अमेरिकी डॉलर बताई गई है।

क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली नॉर्वे टीम का राजधानी ओस्लो के हवाई अड्डे पर हजारों दर्शकों ने स्वागत किया।

विश्वकप 2026 से अनोखा तोहफा लेकर नॉर्वे लौटे एर्लिंग हॉलैंड

वीडियो कैप्शन शुरू हो रहा है,

अनोखा तोहफा लेकर विश्वकप से घर लौटे एर्लिंग हॉलैंड

प्रकाशित

विश्वकप में भाग लेकर नॉर्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम अपने देश लौट आई है।

इस दौरान मशहूर खिलाड़ी एर्लिंग हॉलैंड को हाथ में एक असामान्य वस्तु लिए विमान से उतरते देखा गया है।

हॉलैंड ने एक ‘टैक्सीडरमी’ किया हुआ रैकून तोहफे के रूप में साथ लाया है, जिसकी कीमत लगभग 750 अमेरिकी डॉलर बताई गई है।

क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाली नॉर्वेजियाई टीम का राजधानी ऑस्लो के हवाई अड्डे पर हजारों समर्थकों ने भव्य स्वागत किया।

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हेग के फैसले के १० साल बाद चीन की नई पहल

साउथ चाइना सी से संबंधित हेग फैसले को १० वर्ष पूरा होने के बावजूद बीजिंग ने इस निर्णय को शून्य और निरस्त बताते हुए खारिज कर दिया है। अमेरिका और फिलिपींस समेत १४ देशों के गठबंधन ने इस फैसले को कानूनी रूप से बाध्यकारी बताते हुए बीजिंग पर इसे लागू करने का दबाव बनाया है। चीनी विश्लेषकों ने कूटनीतिक गतिरोध को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता निकायों के माध्यम से संवाद और व्यावहारिक सहयोग पर जोर देने की आवश्यकता बताई है। ३० असार, काठमाडौं।

हेग के साउथ चाइना सी से जुड़े फैसले को एक दशक हो चुका है। विश्लेषकों ने बीजिंग को सद्भावपूर्ण कूटनीति अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की खोज करने का सुझाव भी दिया है। लागू न होने वाले इस फैसले ने क्षेत्रीय समुद्री तनाव को कम करने में सफलता नहीं पाई है, ऐसा उनका तर्क है। वर्ष २०१६ में एक अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने यह फैसला सुनाया था। इसने साउथ चाइना सी में चीन के अधिकांश ऐतिहासिक और आर्थिक दावों को अमान्य करार दिया था। बीजिंग ने इस फैसले को दृढ़ता से अस्वीकार कर दिया था।

इस फैसले को लेकर एक सप्ताह के अंत में नई आरोप-प्रत्यारोपों के बाद ये मूल्यांकन सामने आए हैं। रविवार को इस फैसले की १०वीं वर्षगांठ थी। अमेरिका और फिलिपींस के नेतृत्व में १४ देशों के गठबंधन ने इसे ‘कानूनी रूप से बाध्यकारी और अंतिम’ बताया था। उन्होंने बीजिंग की इस फैसले को मान्यता देने या लागू करने से इनकार की निंदा की। बीजिंग ने उसी दिन इसका जवाब दिया। उसने अमेरिका के नेतृत्व में हो रही सैन्य परिचालन को साउथ चाइना सी की क्षेत्रीय शांति के लिए ‘प्राथमिक खतरा’ बताया।

फ्रांस और स्पेन के बीच सेमीफाइनल में निर्णायक भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी

फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में यूरोप की दो मजबूत टीमें फ्रांस और स्पेन आमने-सामने होने की तैयारी में हैं। फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए विरोधी के लिए बड़ी चुनौती प्रस्तुत करने की उम्मीद है। स्पेन के 19 वर्षीय युवा खिलाड़ी लामिन यमाल ने अपनी ड्रिब्लिंग कौशल और गतिशीलता से फ्रांस की रक्षक पंक्ति पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की है। 30 असार, काठमांडू।

फीफा विश्व कप 2026 के अत्यंत प्रतीक्षित पहले सेमीफाइनल में दो यूरोपीय दिग्गज फ्रांस और स्पेन आमने-सामने होंगे। विश्व कप के सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर एक क्षण इतिहास बदल सकता है। फ्रांस और स्पेन दोनों टीमों में ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले मैच का रुख बदल सकते हैं। फ्रांस से किलियन एम्बाप्पे और स्पेन से लामिन यमाल स्वाभाविक रूप से सबसे ज्यादा उम्मीद रखने वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि, फाइनल तक पहुँचने में अन्य खिलाड़ियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस) विश्व फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली फॉरवर्ड्स में से एक हैं। मात्र 19 वर्ष की उम्र में 2018 के विश्व कप जीतने वाले एम्बाप्पे ने उस प्रतियोगिता के फाइनल में गोल कर इतिहास रचा था। तब से वे फ्रांस के निर्विवाद नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित हैं। विश्व कप 2022 में गोल्डन बूट विजेता बने एम्बाप्पे इस बार भी 8 गोल के साथ अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी के साथ संयुक्त रूप से गोल तालिका के शीर्ष स्थान पर हैं।

लामिन यमाल (स्पेन) 19 वर्षीय लामिन यमाल विश्व फुटबॉल की नई पीढ़ी के एक चमकते सितारे हैं। कम उम्र में ही उन्होंने क्लब और राष्ट्रीय टीम दोनों में असाधारण परिपक्वता दिखाई है। पिछले वर्ष स्पेन को यूरोकप खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले यमाल प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी भी बने थे। बार्सिलोना की अकादमी ‘ला मासिया’ से उभरे यमाल ने किशोर अवस्था में ही प्रथम टीम में स्थायी जगह बनाई, जिसकी वजह से उनकी क्षमताओं को उच्च स्तर पर आंका गया है।

चोकर नेकलेस का ४५०० वर्ष पुराना इतिहास और फैशन में इसकी भूमिका

चोकर नेकलेस का इतिहास कम से कम ४५०० वर्षों पुराना है और इसकी शुरुआत प्राचीन सुमेरियन सभ्यता से हुई मानी जाती है। महिलाओं को गहने पहनना सदैव पसंद रहता है। विवाह समारोह, रिसेप्शन, तीज, दशहरा या किसी विशेष अवसर पर कई महिलाओं की गर्दन में चोकर नेकलेस पहना हुआ देखा जाता है। आज साड़ी, Lehenga, कुर्ता, गाउन से लेकर वेस्टर्न परिधानों तक चोकर को आसानी से स्टाइल किया जाता है। फैशन डिजाइनर इसे परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सुंदर संजोग के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोगों को यह लग सकता है कि चोकर हाल के वर्षों में आया नया फैशन है। वास्तव में ऐसा नहीं है। चोकर का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। समय के साथ इसका डिज़ाइन, बनावट और पहनने का तरीका बदलता गया, लेकिन इसकी आकर्षण कभी कम नहीं हुआ। आज जिसे फैशन स्टेटमेंट माना जाता है, वह पहले शक्ति, प्रतिष्ठा, सुरक्षा, आध्यात्मिक विश्वास और सामाजिक पहचान का प्रतीक था। इसलिए चोकर केवल एक गहना नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के इतिहास से जुड़ी एक सांस्कृतिक विरासत भी है।

इतिहासकारों के अनुसार चोकर की शुरुआत कम से कम ईसा पूर्व २५००-३००० वर्षों पहले प्राचीन सुमेरियन सभ्यता में हुई मानी जाती है। कुछ पुरातत्व प्रमाण यह बताते हैं कि इससे भी पहले के समय में भी गर्दन में पहने जाने वाले गहनों का उपयोग होता था। उस समय सोनार सुन, चांदी के साथ-साथ लैपिस लाजुली, कार्नेलियन, अगेट जैसे मूल्यवान पत्थरों का उपयोग कर गर्दन में पहनने वाले हार बनाते थे। ये गहने विशेष रूप से राजपरिवार, धार्मिक गुरु और उच्च वर्ग के लोग पहनते थे। ये उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा, संपत्ति और शक्ति को दर्शाते थे। प्राचीन मिस्र से लेकर ग्रीस तक सुमेरियन सभ्यता के बाद प्राचीन मिश्र में भी चोकर का प्रयोग व्यापक रूप से हुआ। मिस्र में फिरौन, रानी और उच्च पदों पर रहने वाले लोग सुनहरे चौड़े चोकर पहनते थे। उन चोकरों में रंगीन पत्थर जैसे फिरोज़ा, पन्ना और सुनहरी कलाकृतियाँ जोड़ दी जाती थीं। उस समय लोगों के बीच कुछ गहनों को बुरी शक्तियों, रोगों और अशुभ प्रभावों से संरक्षण देने वाली माना जाता था। इसलिए चोकर केवल सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक सुरक्षा और धार्मिक आस्था के प्रतीक के रूप में भी उपयोग होता था।

मिटर ब्याजपीड़ितों का आंदोलन: निजगढ पहुंचकर गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने दी आश्वासन

मिटर ब्याजपीड़ितों को लेकर गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने निजगढ पहुंचकर उन्हें आश्वासन दिया। काठमांडू केंद्रित आंदोलन के लिए जनकपुर से पैदल यात्रा कर रहे मिटर ब्याजपीड़ितों के साथ गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने वार्ता शुरू की है।

पैदल यात्रा शुरू किए पांचवें दिन आज गृह मंत्री गुरुङ बाराको निजगढ पहुंचे और वार्ता शुरू की। इस वार्ता में क्या-क्या बातचीत हुई?

इंग्लैंड और अर्जेंटीना के खेल से पहले अटलांटा में सुरक्षा कड़ी

फीफा विश्व कप 2026 के तहत इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच के करीब आने पर अमेरिका के अटलांटा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 1982 के फॉकलैंड युद्ध से जुड़े ऐतिहासिक और राजनीतिक संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने खेल स्थल और उसके आसपास अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। अर्जेंटीना के पूर्व सैनिक संघ ने समर्थकों से फुटबॉल को राजनीति से जोड़ने से परहेज करने की अपील की है, जबकि इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने मैदान पर प्रदर्शन को निर्णायक बताया है। 30 असार, काठमांडू।

फीफा विश्व कप 2026 के अंतर्गत इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर अमेरिका के अटलांटा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। विश्व फुटबॉल के इन दो पुरानी प्रतिद्वंद्वियों के बीच होने वाले मैच को लेकर ऐतिहासिक और राजनीतिक संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं। अटलांटा पुलिस ने बताया कि खेल स्थल, मनोरंजन क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा विशेष रूप से कड़ी की गई है। पुलिस का कहना है कि ये कदम दर्शकों को सुरक्षा प्रदान करने, संभावित अवांछित घटनाओं को रोकने और प्रतियोगिता को सुरक्षित रूप से सम्पन्न कराने के लिए उठाए गए हैं।

इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच प्रतिस्पर्धा केवल फुटबॉल तक सीमित नहीं है। 1982 में माल्विनास (फॉकलैंड) द्वीपसमूह को लेकर हुए 74 दिनों के युद्ध में 649 अर्जेंटीनी, 255 ब्रिटिश सैनिक और 3 नागरिकों की मौत हुई थी। द्वीपसमूह की संप्रभुता को लेकर विवाद आज भी जारी है। इसी क्रम में अर्जेंटीना के पूर्व सैनिक संघ ने समर्थकों से फुटबॉल पर केंद्रित रहने की अपील की है। संघ ने कहा है कि द्वीपसमूह का विवाद अंतरराष्ट्रीय मंचों और कूटनीतिक रास्तों से हल होगा, इसलिए खेल को राजनीतिक बहस से जोड़ा न जाए। अर्जेंटीना ने 16वें फाइनल में मिस्र को हराने के बाद खिलाड़ियों ने माल्विनास द्वीपसमूह, डिएगो माराडोना और लियोनेल मेसी को समर्पित गीत गाया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। वहीं, इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने कहा है कि यह केवल फुटबॉल प्रतियोगिता है और मैदान में प्रदर्शन ही परिणाम तय करेगा। अटलांटा पुलिस ने अमेरिका में मौजूद इंग्लैंड समर्थकों के व्यवहार की सराहना की है, हालांकि क्वार्टरफाइनल में नॉर्वे के खिलाफ जीत के बाद फुटबॉल से जुड़े 500 से अधिक घटनाएं और 100 से ज्यादा गिरफ्तारी हुईं, इसलिए समर्थकों से संयम बनाए रखने का अनुरोध भी किया गया है।

इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच मैच से पहले अटलांटा में सुरक्षा कड़ी की गई

समाचार सारांश

  • फीफा विश्व कप 2026 के तहत इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच को ध्यान में रखकर अमेरिका के अटलांटा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
  • 1982 के फॉकलैंड युद्ध के ऐतिहासिक और राजनीतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने खेल स्थल और आसपास अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है।
  • अर्जेंटीना के पूर्व सैनिक महासंघ ने समर्थकों से फुटबॉल को राजनीति से जोड़ने का आह्वान न करने को कहा है, जबकि इंग्लैंड के खिलाड़ी जॉर्डन पिकफर्ड ने मैदान पर प्रदर्शन को निर्णायक बताया है।

30 जून, काठमांडू। फीफा विश्व कप 2026 के तहत इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले अत्यंत प्रतीक्षित सेमीफाइनल से पहले अमेरिका के अटलांटा में सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं।

विश्व के दो पुराने फुटबॉल प्रतिद्वंद्वी के बीच होने वाले इस मुकाबले को देखते हुए ऐतिहासिक और राजनीतिक संवेदनाओं का ध्यान रखते हुए स्थानीय पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल और संसाधन तैनात किए हैं।

अटलांटा पुलिस ने बताया कि खेल स्थल, मनोरंजन क्षेत्रों और भीड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया गया है। इन कदमों का उद्देश्य दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, संभावित अवांछित गतिविधियों को रोकना और प्रतियोगिता को सुरक्षित रूप से संपन्न कराना है।

इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच प्रतिस्पर्धा केवल एक फुटबॉल मैच तक सीमित नहीं है। 1982 में दोनों देशों के बीच माल्विनास (फॉकलैंड) द्वीप समूह को लेकर 74 दिनों तक युद्ध भी हुआ था।

इस युद्ध में 649 अर्जेंटीनी सैनिक, 255 ब्रिटिश सैनिक तथा तीन आम नागरिकों की मौत हुई थी। आज भी उस द्वीपसमूह की संप्रभुता पर विवाद कायम है।

इसी बीच अर्जेंटीना के पूर्व सैनिक महासंघ ने समर्थकों से अपील की है कि वे केवल फुटबॉल पर ध्यान केंद्रित करें। महासंघ ने कहा है कि संप्रभुता के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों और कूटनीतिक माध्यमों से उठाया जाएगा, इसलिए खेल को राजनीतिक विवाद से जोड़ने से बचें।

अर्जेंटीना की टीम ने जब इजिप्ट को अंतिम 16 में हराया, तब खिलाड़ियों ने माल्विनास द्वीपसमूह, डिएगो मарадोना और लियोनेल मेसी को समर्पित एक गीत गाया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुआ था।

वहीं इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफर्ड ने कहा है कि यह केवल एक फुटबॉल मैच है, और मैदान पर प्रदर्शन ही सब कुछ तय करेगा।

अटलांटा पुलिस ने अमेरिका में मौजूद इंग्लैंड समर्थकों के व्यवहार की भी प्रशंसा की है।

हालांकि, इंग्लैंड में क्वार्टरफाइनल में नॉर्वे के खिलाफ जीत के बाद फुटबॉल से जुड़ी 500 से अधिक घटनाएं और 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं, इसलिए समर्थकों से संयम बरतने की अपील की गई है।

-बीबीसी से

विश्वकप २०२६: खेलाडी ‘स्पोर्ट्स ब्रा’ जैसी वेस्ट क्यों पहनते हैं?

विश्वकप के खिलाड़ियों ने ऐसा काला वेस्ट क्यों पहना है जो “स्पोर्ट्स ब्रा” जैसा दिखता है? १४ जुलाई २०२६ को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, विश्वकप में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों ने “स्मार्ट वेस्ट” का उपयोग कर रहे हैं। यह तकनीकी वेस्ट खिलाड़ी की दौड़ने की गति, दिल की धड़کن, थकान के स्तर और चोट से रिकवरी के सभी विवरण रिकॉर्ड करता है।

टीमें इन “स्मार्ट वेस्ट” से संग्रहित आंकड़ों के आधार पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार करके प्रतियोगिता जीतने की संभावना बढ़ाने की उम्मीद कर रही हैं।

केन ने इंग्लैंड टीम की एकता को मजबूत करने की पुष्टि की

फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल से पहले इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने कहा है कि टीम पूरी तरह से एकजुट है। नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में 2-1 से जीत के बाद टीम के अंदर मतभेद होने की सूचनाओं के बीच केन ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई मामला नहीं है। 30 असार, काठमांडू।

इंग्लैंड ने क्वार्टरफाइनल में नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। मैच के बाद कोच थॉमस टुखेल ने अपनी टीम को ‘‘भाग्यशाली’’ बताया और प्रदर्शन से असंतुष्ट होने की बात कही थी। इस विषय पर पूछे गए सवाल पर जूड बेलिंगहम ने कहा, ‘‘जो भी हुआ, हुआ, मैदान पर खेलना काफी कठिन था।’’

इस प्रतिक्रिया को लेकर विभिन्न मीडिया में टीम के अंदर असंतोष होने की चर्चाएँ हुईं, जिसके बाद कप्तान केन ने इस बात का खंडन किया। उन्होंने कहा, ‘‘इतना कठिन मैच समाप्त होने के पांच मिनट के भीतर ऐसे सवाल पूछे गए। उस वक्त जूड भी नहीं जानते थे कि कोच ने क्या कहा था। इस तरह की प्रतियोगिताओं में इंग्लैंड टीम को लेकर बंटवारे की कहानी बनाना आसान होता है। लेकिन वास्तविकता बिल्कुल इसके विपरीत है। हम यहां तक पहुंचे हैं तो वह हमारी एकता का फल है।’’

केन ने बताया कि टुखेल की शैली पूर्व कोच सर गारेथ साउथगेट से अलग है, लेकिन टीम इसे सकारात्मक रूप में ले रही है। उन्होंने कहा, ‘‘वे जो कुछ सोचते हैं, उसे खुले तौर पर कहते हैं। उनकी बातों में कोई तैयारी नहीं होती। इसलिए खिलाड़ी उन पर भरोसा करते हैं। वे दुनिया के बेहतरीन कोचों में से एक हैं।’’