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लेखक: space4knews

शंकर समूहका अध्यक्ष अग्रवाल पक्राउ – Online Khabar

शंकर समूह के अध्यक्ष शंकरलाल अग्रवाल गिरफ्तार

२० चैत, काठमाडौं। शंकर समूह के अध्यक्ष शंकरलाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। संपत्ति शुद्धिकरण से जुड़े मामले में जांच हेतु संपत्ति शुद्धिकरण विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को उन्हें जिला पुलिस परिसर में हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, अग्रवाल को शुक्रवार दोपहर गिरफ्तार किया गया। इसके बाद संपत्ति शुद्धिकरण विभाग ने दोपहर ४ बजे से बयान दर्ज करना शुरू किया और वर्तमान में उन्हें ललितपुर जिला पुलिस परिसर में हिरासत में रखा गया है।

आयल निगम के घाटे की पूर्ति कोष समाप्त, बालेन सरकार क्या करेगी?

२० चैत, काठमाडौं। अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण ईंधन की मूल्य वृद्धि से नेपाल आयल निगम आर्थिक संकट में डूब गया है। बालेन्द्र शाह (बालेन) नेतृत्व वाली सरकार ने इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। पेट्रोलियम उत्पादों के एकमात्र आधिकारिक बिक्री और वितरण एजेंसी के रूप में संचालित निगम आर्थिक घाटे में फंसा हुआ है, जबकि संबंधित उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मन्त्रालय ने भी इस विषय में कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। यह मन्त्रालय प्रधानमन्त्री शाह स्वयं संभाल रहे हैं। मन्त्रालय के सचिव मधुसूदन बुर्लाकोटी ने बताया कि निगम इसका समाधान करेगा, जो निगम के संचालक समिति के अध्यक्ष की भूमिका निभाते हैं।

नेपाल आयल निगम ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण आर्थिक घाटा बढ़ते देख विदेश से पेट्रोलियम पदार्थ की कीमतों के प्रभाव को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाया है, और इसी के कारण पेट्रोल, डीजल और मट्टितेल पर प्रति लीटर १५ रुपए की मूल्य वृद्धि की गई है। इसके फलस्वरूप, काठमांडू, पोखरा और दिपायल में अब पेट्रोल की खुदरा कीमत प्रति लीटर २०२ रुपए तक पहुंच गई है, जबकि डीजल और मट्टितेल की कीमतें प्रति लीटर १८२ रुपए बनी हुई हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पेट्रोल की उच्चतम कीमत १९९ रुपए प्रति लीटर थी। निगम ने इस मूल्य स्थिरीकरण के लिए कोष के धनराशि का उपयोग कर मूल्य समायोजन किया है।

ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों से परिवहन और सार्वजनिक यातायात की भाड़ा बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा प्रभाव उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और महंगाई में और वृद्धि हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत ११० अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर १५० डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। चैत महीने में लगातार मूल्य वृद्धि के कारण निगम ने इस महीने पेट्रोल की कीमतें प्रति लीटर ४५ रुपए और डीजल की कीमतें ४० रुपए तक बढ़ाई हैं। निगम के जारी विवरण के अनुसार, पेट्रोल पर प्रति लीटर ३४ रुपए ३७ पैसे और डीजल पर १२० रुपए ५४ पैसे का घाटा दर्ज हुआ है।

निगम ने जनता से औपचारिक रूप से ईंधन की खपत घटाने का अनुरोध किया है। प्रवक्ता ठाकुर ने कहा, “मूल्य वृद्धि की प्रवृत्ति रुकने की संभावना नहीं है, इसलिए खपत घटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।” कार्यकारी निदेशक डॉ. चण्डिकाप्रसाद भट्ट ने भी कहा कि निगम के घाटे को कम करने का एकमात्र प्रभावकारी उपाय तेल की खपत कम करना है। उन्होंने बताया कि सरकार बाजार में जोरबिजोर प्रणाली लागू करने, सार्वजनिक क्षेत्रों में दो दिन कार्यालय बंद करने, विद्यालय-कॉलेज बंद करने तथा कोटा प्रणाली लागू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है और सरकार से इसके लिए अनुरोध किया गया है।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने गण्डकी प्रदेश के सांसदों के साथ समस्याओं के समाधान के लिए चर्चा की

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने गण्डकी प्रदेश के सांसदों के साथ क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत की। सांसदों ने सड़क, तटबंध, पर्यटन विकास, कृषि, अस्पताल, शिक्षा, पीने के पानी और सिंचाई से संबंधित समस्याएँ प्रधानमंत्री के सामने रखीं। प्रधानमंत्री ने सांसदों से इन समस्याओं को लिखित रूप में प्रस्तुत करने और संबंधित मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर व्हाट्सएप समूह के माध्यम से नियमित संपर्क में रहने का अनुरोध किया। 20 चैत्र, काठमांडू।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) के साथ गण्डकी प्रदेश के सांसदों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए पहल करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री शाह सीधे निर्वाचित प्रदेशीय सांसदों के साथ संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रधानमंत्री बालेन ने गण्डकी प्रदेश के सांसदों से चर्चा की। नवलपुर–2 से निर्वाचित सांसद मनिष खनाल ने कहा, “हमने अपने क्षेत्र की समस्याएं प्रधानमंत्री के समक्ष रखी हैं।” उन्होंने बुटवल–नारायणगढ सड़क खंड, दाउन्ने सड़क खंड, त्रिवेणी–दुम्किवास सड़क, तटबंध, हुलाकी राजमार्ग, मानव और वन्यजीव संघर्ष, पर्यटन विकास सहित अन्य क्षेत्रों में काम करने की आवश्यकता को प्रधानमंत्री के सामने रखा।

म्याग्दी से निर्वाचित सांसद महावीर पुन ने बताया कि असार माह के अंत तक पूरी होने वाले कामों में देरी हुई है, इसलिए उन कार्यों में सहायता करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा, “असार माह के अंत तक पूरे किए जाने वाले कार्य हैं, जिन स्थानों पर देरी हुई है वहां तेज़ी लानी जरूरी है।” सांसदों ने सरकार के समक्ष तत्काल और दीर्घकालीन समाधान की मांग भी की। स्याङ्जा से निर्वाचित झविलाल डुम्रे ने बताया, “हमने प्रधानमंत्री से क्षेत्रीय समस्याओं पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है।”

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने सभी सांसदों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और सचिवालय ने भी नोट किया। नवलपुर–1 से निर्वाचित सांसद राजन गौतम ने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा कि जो काम संभव हैं उन्हें तुरंत करना चाहिए और जो तुरंत करना संभव नहीं है उन्हें अभी न करें।” चर्चा में सम्मिलित सांसदों के अनुसार प्रधानमंत्री बालेन ने सभी को मिलकर काम करने पर जोर दिया। समस्याओं को लिखित रूप में प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रस्तुत करने का भी अनुरोध किया गया। सांसद मनिष खनाल ने बताया, “प्रधानमंत्री ने कहा कि जो भी समस्या है, उसे संबंधित मंत्रालय के साथ समन्वय करके और प्रदेश के सभी सांसदों को सम्मिलित करते हुए व्हाट्सएप समूह में जोड़ें।” इससे पहले प्रधानमंत्री बालेन अन्य प्रदेशों के सांसदों के साथ भी इसी प्रकार की चर्चा कर चुके हैं।

एमालेले भन्यो– संसदीय दलको नेता चुन्ने निर्वाचनमा पार्टीको कुनै निर्देशन र हस्तक्षेप थिएन

एमाले ने कहा – संसदीय दल के नेता चयन में कोई निर्देश या हस्तक्षेप नहीं था

२० चैत्र, काठमाडौं। नेकपा एमाले ने संसदीय दल के नेता चयन के लिए हुए निर्वाचन में पार्टी द्वारा कोई निर्देश, नियंत्रण या हस्तक्षेप नहीं किए जाने की स्पष्ट पुष्टि की है। शुक्रवार को हुई पार्टी की सचिवालय बैठक ने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी न करने की भी पार्टी की ओर से सभी से अपील की है। पार्टी के उपमहासचिव लेखराज भट्ट के अनुसार, बैठक में इस निर्वाचन में पार्टी की ओर से किसी भी प्रकार के निर्देश, नियंत्रण या हस्तक्षेप के अभाव की पुष्टि की गई है। ‘निर्वाचन समिति ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए पार्टी के उपाध्यक्ष और माननीय रामबहादुर थापा को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया है,’ भट्ट ने कहा, ‘हम इस बैठक के माध्यम से स्पष्ट करना चाहते हैं कि पार्टी की ओर से कोई निर्देश, नियंत्रण या हस्तक्षेप नहीं था।’

साथ ही, उन्होंने संसदीय दल के नेता चुनाव से संबंधित सार्वजनिक मीडिया में आई प्रतिक्रियाओं पर पार्टी की गंभीर गंभीरता भी जताई। ‘चैत्र १८ को सम्पन्न नेकपा एमाले संसदीय दल नेता के चुनाव के विषय में सार्वजनिक मीडिया में देखी गई प्रतिक्रियाओं पर पार्टी का ध्यानाकर्षण हुआ है। दल के विधान के अनुसार लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव संपन्न हुआ है,’ उन्होंने कहा, ‘लोकतांत्रिक रूप से लिए गए इस निर्णय का सम्मान करने और सार्वजनिक रूप से टिप्पणी न करने की पार्टी की पंक्तियों से अपील है। विशेष रूप से युवा पंक्तियों से आई सुझावों को पार्टी गंभीरता से ले रही है।’

एमाले ने संसदीय दल के नेता के रूप में रामबहादुर थापा को निर्विरोध चुना था। पार्टी के युवा सांसद सुहाङ नेम्बाङ भी उम्मीदवार बनने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन समर्थक और प्रस्तावक न मिलने के कारण उन्होंने अंतिम समय में अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सके। इस पर पार्टी के युवा पंक्ति ने अपनी आपत्ति जताई है।

सरकार के श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण के एकाधिकार को तोड़ने के फैसले को गंतव्य देशों से कैसे मिलेगी मान्यता?

सरकार ने वैदेशिक रोजगार को जाने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सभी मानकों को पूरा करने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों के परीक्षण के लिए सूचीकरण खोलने का निर्णय लिया है। हालांकि मलेशिया, सऊदी अरब, कतर जैसे गंतव्य देशों के अपने-अपने सूचीकरण सिस्टम के कारण इस नई व्यवस्था को लागू करने में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गंतव्य देशों से सहमति और कूटनीतिक वार्ता जरूरी है, जबकि सरकार सेवा प्रदाताओं के दायरे के विस्तार पर फोकस कर रही है।

२० चैत, काठमाण्डौ। वैदेशिक रोजगार को जाने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण में वर्षों से चल रहे सरकार के एकाधिकार को तोड़ने के इस निर्णय ने नई बहस को जन्म दिया है। नेपाल में सूचीबद्ध किसी भी अस्पताल द्वारा कराए गए स्वास्थ्य परीक्षण को मलेशिया, सऊदी अरब, कतर जैसे गंतव्य देशों द्वारा मान्यता मिलेगी या नहीं, इस पर संशय बढ़ा है।

श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय ने हाल ही में सभी मानक पूरे करने वाले सरकारी व निजी अस्पतालों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण हेतु सूचीकरण खोलते हुए प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इससे अब तक सीमित स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से चल रही ‘सिन्डिकेट’ पर अंकुश लगेगा, ऐसी उम्मीद है। फिर भी व्यवहार में गंतव्य देशों के नियम नई व्यवस्था को लागू करने के लिए बड़ी चुनौती प्रस्तुत कर रहे हैं।

वर्तमान में मलेशिया केवल नेपाल के ३६ स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा कराए गए परीक्षण स्वीकार करता है। इसी तरह सऊदी अरब, ओमान एवं बहरीन ‘गाम्का’ अंतर्गत ३० संस्थानों के परीक्षणों को ही मान्यता देते हैं। कतर में भी केवल ‘वीजा सेंटर’ से निर्धारित स्वास्थ्य संस्थानों के परीक्षण ही स्वीकार किए जाते हैं। इस तरह गंतव्य देश अपनी अलग सूचीकरण प्रणालियां लागू कर रहे हैं, जिससे नेपाल सरकार की आंतरिक ‘ओपन’ प्रणाली का प्रभाव सीमित रह जाता है। यदि नई सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा परीक्षण मान्यता प्राप्त नहीं होता, तो श्रमिकों का वीजा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ इस विषय को बड़ी चुनौती मानते हैं। उनका कहना है कि नेपाल सरकार का एकतरफा प्रणाली परिवर्तन काफी नहीं है, गंतव्य देशों के साथ कूटनीतिक एवं तकनीकी स्तर पर सहमति आवश्यक है। ‘मलेशियाई सरकार के साथ नेपाल को वार्ता करनी होगी। यह कोई व्यक्तिगत रूप से बनाई गई प्रणाली नहीं, बल्कि मलेशियाई सरकार द्वारा बार-बार तय मानकों को पूरा करने वाले स्वास्थ्य संस्थान सूचीबद्ध किए गए हैं,’ उन्होंने कहा।

सरकार के निर्णय पर आपत्ति नहीं जताते हुए विशेषज्ञों ने संबंधित देशों द्वारा तय मापदंडों को पूरा करने के लिए संवाद के जरिए ही आगे बढ़ने पर जोर दिया। ‘हम सरकार को निर्णय के कार्यान्वयन में सहयोग देंगे, लेकिन मलेशिया, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान समेत अन्य देशों से वार्ता कर सहमति बननी होगी। यदि उनकी निर्धारित अस्पतालों में स्वास्थ्य परीक्षण नहीं होगा तो वीजा की प्रक्रिया आगे बढ़ना मुश्किल है,’ विशेषज्ञों ने कहा।

’यदि मैं वर्तमान की तरह परीक्षण नहीं करा पाऊं या गाम्का ने स्कैन न किया तो सऊदी अरब का वीजा प्रक्रिया रुक जाएगा, मलेशिया में भी यही स्थिति होगी। इसलिए जरूरी है कि संबंधित देशों के साथ वार्ता कर आवश्यकता अनुसार कार्रवाई की जाए,’ उन्होंने कहा।

मंत्रालय ने भी स्पष्टता आने की बात स्वीकार की है। मंत्रालय के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता सेवा प्रदाताओं के दायरे का विस्तार और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर केन्द्रित है, जबकि गंतव्य देशों से समन्वय अगली चरण की प्रक्रिया होगी।

सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से सरकारी अस्पतालों तक सेवा पहुंचेगी और उपत्यका के बाहर के श्रमिकों के लिए सुविधा होगी। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय मान्यता सुनिश्चित न होने तक ‘सिन्डिकेट’ को तोड़ने के प्रयासों की सफलता पर सवाल बने हुए हैं।

मंत्रालय के प्रवक्ता पिताम्बर घिमिरे ने बताया कि केवल चयनित अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र को स्वास्थ्य परीक्षण करने की पुरानी व्यवस्था खत्म कर ‘ओपन’ प्रणाली लागू की जा रही है। ‘हमने स्वीकृत अस्पतालों को सूचीकरण और सेवा प्रवाह के लिए खोल दिया है’, उन्होंने कहा, ‘निर्देशिका में निर्धारित पूर्वाधार, मानक और प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही अस्पताल सूचीबद्ध होंगे।’

उनके अनुसार, अस्पतालों द्वारा आवश्यक पूर्वाधार स्थापित करने के बाद विशेषज्ञ समिति द्वारा निरीक्षण होगा और समिति की स्वीकृति मिलने के बाद ही सूची में शामिल कर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की अनुमति दी जाएगी। गंतव्य देशों द्वारा स्वीकार्यता या अस्वीकृति पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है, प्रवक्ता ने कहा।

’गंतव्य देशों ने अपने मापदंड और सूचीकरण कैसे निर्धारित किए हैं, इस विषय में अभी हम प्रवेश नहीं कर पाए हैं’, उन्होंने कहा, ‘यह अलग विषय है और इसके लिए व्यापक अध्ययन एवं चर्चा आवश्यक है।’

प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल सरकार सेवा प्रदाताओं के दायरे को बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। ‘अस्पतालों की सूचीबद्धता के बाद बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे सेवा की गुणवत्ता सुधरेगी और शुल्कों पर भी असर होगा’, उन्होंने कहा।

नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी अस्पतालों से भी स्वास्थ्य परीक्षण कराना संभव होगा और उपत्यका के बाहर के प्रदेशों तक सेवा विस्तार की उम्मीद की जा रही है। ‘पहले सीमित केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब नजदीकी अस्पताल से सेवा मिल सकेगी जिससे श्रमिकों को सहूलियत होगी’, उन्होंने बताया।

सरकार ने स्वास्थ्य परीक्षण प्रणाली में ‘सिन्डिकेट’ खत्म कर प्रतिस्पर्धा और पहुंच का विस्तार करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। मगर अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और समन्वय पूरी तरह न होने तक इसकी प्रभावशीलता पर सवाल बने रहेंगे।

चैत १७ को लिए गए मंत्रिस्तरीय निर्णय के अनुसार, वैदेशिक रोजगार को जाने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नेपाल सरकार से स्वीकृत या सरकार के स्वामित्व वाले स्वास्थ्य संस्थान द्वारा सूचीकरण खोला गया था। यह प्रक्रिया स्वास्थ्य संस्था सूचीकरण, नवीनीकरण तथा अनुगमन कार्यविधि, २०७२ के दफा ३ के तहत पूर्ण की जा रही है।

वैदेशिक रोजगार ऐन, २०६४ के दफा ७२(१) में कहा गया है कि ’वैदेशिक रोजगार के लिए जाने वाले कामगार को विदेश जाने से पहले नेपाल सरकार से स्वीकृत स्वास्थ्य संस्थान से परीक्षण कराना अनिवार्य है’ और नियमावली २०६४ के नियम ४५ क. उपनियम (९) में भी नेपाल सरकार के स्वामित्व वाले स्वास्थ्य संस्थानों से परीक्षण कराने का नियम कायम है।

इसी आधार पर मंत्रिस्तरीय निर्णय में नेपाल सरकार से स्वीकृत या सरकार के स्वामित्व में रह रहे स्वास्थ्य संस्थानों को वैदेशिक रोजगार के लिए स्वास्थ्य परीक्षण करने हेतु सूचीकरण खोला गया।

सुप्रसिद्ध भदौ जेनजी आंदोलन के बाद सुशीला कार्की की सरकार ने स्वास्थ्य परीक्षण शुल्क को ६,५०० रुपये से बढ़ाकर ९,५०० रुपये कर दिया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री कार्की ने ३४ प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किये और इसके लिए तय शुल्क लेने का आदेश दिया था।

बाद में श्रम मंत्री बने नेपाल पुलिस के पूर्व एआईजी राजेन्द्र सिंह भण्डारी ने इस बढ़ाए गए शुल्क को रद्द करने का फैसला किया। व्यवसायियों ने इसके खिलाफ अदालत भी गए, लेकिन अदालत ने अंतरिम आदेश देने से इंकार किया। तत्पश्चात तत्कालीन मंत्री शरतसिंह भण्डारी ने चैत ८, २०८१ को सभी परीक्षण पैकेजों में ९,५०० रुपये की वृद्धि का निर्णय लिया, जो लागू नहीं हो पाया।

यातायात कार्यालय में नकली कारोबार: 10 लाख रुपये के कर्ज के कारण गिरफ्तार

विराटनगर महानगरपालिका-४ के यातायात कार्यालय परिसर से सरकारी मुहर और अधिकारी के हस्ताक्षर फर्जी बनाने के आरोप में कमलकुमार स्वर्णकार को पुलिस ने चैत्र 16 गते गिरफ्तार किया है। स्वर्णकार पर आरोप है कि वे वाहन पंजीकरण पुस्तिका (ब्लू बुक) नवीनीकरण करने के नाम पर सेवाग्राहियों को धोखा देकर सरकारी राजस्व हड़पते थे। पुलिस ने स्वर्णकार के घर से 11 नकली ब्लू बुक बरामद की हैं और बताया कि यातायात कार्यालय कर्मचारियों द्वारा अधिकारी के हस्ताक्षर बाहर रखने से धोखाधड़ी करना आसान हो गया था।

वाहन पंजीकरण पुस्तिका (ब्लू बुक) नवीनीकरण के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप में विराटनगर-6 के 37 वर्षीय कमलकुमार स्वर्णकार को गिरफ्तार किया गया है। यातायात कार्यालय परिसर में लेखा-जोखा का कार्य करते स्वर्णकार किसी भी वाहन ब्लू बुक के नवीनीकरण के लिए आने वाले ग्राहकों को ठगी करते थे। मोरंग के पुलिस वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसपी) कविता कटवाल ने जानकारी दी कि स्वर्णकार सरकारी मुहर, दस्तखत और अधिकारी के हस्ताक्षर का उपयोग कर वाहन नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करते थे, लेकिन सरकारी राजस्व स्वयं रख लेते थे।

ब्लू बुक नवीनीकरण के लिए आए सेवाग्राहियों ने सरकारी फार्म और विवरण सही न मिलने पर पुलिस में FIR दर्ज कराई थी। स्वर्णकार को चैत्र 16 गते दोपहर गिरफ्तार किया गया। “प्रारंभिक जांच में पता चला है कि 10 लाख रुपये का कर्ज चुकाने के कारण वे जल्दी पैसा कमाने के लिए नकली कारोबार कर रहे थे,” एसपी कटवाल ने कहा, “अधिक जांच जारी है।” पुलिस के मुताबिक, स्वर्णकार ने 9579 नंबर की मोटरसाइकिल के ब्लू बुक नवीनीकरण का जिम्मा संभाला था। यातायात कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर बाहर रखने से धोखाधड़ी करने वाले समूह को सुविधा हुई और यह कार्यालय की कमजोरी को दर्शाता है। तलाशी के दौरान स्वर्णकार के घर से विभिन्न 11 नकली ब्लू बुक बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, सेवाग्राहियों को ब्लू बुक नवीनीकरण करने का जिम्मा लेकर नवीनीकरण कराने का दावा करते हुए बिना राजस्व जमा किए नकली रसीदें भी प्रदान की गईं।

सेना, कर्मचारी र अन्तर्राष्ट्रिय समुदायसँग हाम्रो सम्बन्ध मित्रवत नै छ : एमाले – Online Khabar

सेना, कर्मचारी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ हमारा संबंध मित्रवत ही है : एमाले

समाचार सारांश

  • नेकपा एमाले ने प्रतिनिधि सभा की बैठक में संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा द्वारा दिए गए संबोधन पर गंभीर चर्चा की।
  • एमाले ने नेपाली सेना, निजी कर्मचारी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति अपने संबंधों को पूर्ववत एवं मित्रवत बताया है।
  • पार्टी ने संविधान और कानून के अनुसार इन संबंधों को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।

२० चैत, काठमांडू । नेकपा एमाले ने देश की नेपाली सेना, निजी कर्मचारी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति अपनी पार्टी के संबंध पूर्ववत एवं मित्रवत ही रहने की बात कही है।

शुक्रवार को पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय च्यासल में हुई सचिवालय की बैठक में प्रतिनिधि सभा की बैठक में संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा द्वारा दिए गए संबोधन पर गंभीर चर्चा हुई, जिसकी जानकारी उपमहासचिव लेखराज भट्ट ने दी।

थापा के संबोधन पर पार्टी के अंदर से कड़ी आलोचना हो रही है। उन्होंने अपने संबोधन में आरोप लगाया था कि रास्वपा के पहले दल बनने में नेपाली सेना, कर्मचारी, एनजीओ सहित अन्य शक्तियों की भूमिका है।

भट्ट ने बताया कि इस विषय पर बैठक में गंभीरता से विचार किया गया।

‘प्रतिनिधि सभा की बैठक में संसदीय दल के नेता द्वारा किए गए संबोधन संबंधी गंभीर चर्चा हुई,’ उन्होंने कहा।

साथ ही, नेपाली सेना, कर्मचारी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भविष्य में संबंधों को और मजबूत करने का भी पार्टी ने संकल्प लिया है।

‘बैठक में स्पष्ट किया गया कि संविधान और कानूनी प्रावधानों के अनुसार देश की नेपाली सेना सहित सभी सुरक्षा निकायों, निजी प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ हमारी पार्टी का संबंध पूर्ववत एवं मित्रवत है और भविष्य में इसे और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा,’ भट्ट ने बैठक के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा।

सरकारी निकाय योजना बैंक में सुधार कर रहे हैं, योजना आयोग असंतुष्ट

सरकार ने बजट के आवंटन और खर्च को प्रभावी बनाने के लिए कार्यान्वित किया गया योजना बैंक अवधारणा अभी केवल औपचारिकता तक सीमित है। राष्ट्रीय योजना आयोग ने मंत्रालयों और अधीनस्थ निकायों को परियोजना विवरण प्रविष्टि में सुधार के लिए चेकलिस्ट सहित निर्देश दिया है। आयोग ने परियोजनाओं में अप्रमाणित दस्तावेज़, अस्पष्ट रिपोर्ट और अप्रूव्ड न किए गए पर्यावरणीय अध्ययन रिपोर्ट अपलोड करने की समस्या को उजागर किया है।

२०७९ चैत्र २०, काठमाण्डू। सरकार ने बजट आवंटन और खर्च को प्रभावी बनाने के लिए लागू किया गया ‘योजना बैंक अवधारणा’ फिलहाल केवल औपचारिकता तक सीमित रह गई है। पूर्व सरकारों ने इस अवधारणा का अपने हित में दुरुपयोग किया था। नई सरकार के मंत्रिमंडल संभालने के बाद भी इसका सिर्फ दिखावा किया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय योजना आयोग असंतुष्ट है।

इसी सिलसिले में योजना आयोग ने मंत्रालयों व अधीनस्थ निकायों को पत्र लिखकर परियोजना विवरण प्रविष्टि में सुधार के लिए निर्देश दिए हैं। वर्तमान में आगामी वित्तीय वर्ष २०८३/८४ के बजट निर्माण के विभिन्न चरण चल रहे हैं। योजना बैंक में परियोजना प्रविष्टि की अंतिम तिथि १ चैत्र थी, जिसे आयोग ने २२ चैत्र तक बढ़ा दिया था। परंतु आयोग को प्राप्त अधिकांश परियोजनाओं के दस्तावेज़ अधूरे, अप्रमाणित और अस्पष्ट पाए गए, इसलिए सुधार आवश्यक बताया गया है।

इसी कारण आयोग ने १६ चैत्र को अतिरिक्त निर्णय लेते हुए मंत्रालय, विभाग और संबंधित निकायों को चेकलिस्ट के साथ सुधार के निर्देश भेजे हैं। आयोग के अनुसार इन निकायों को पहले से प्रविष्ट परियोजनाओं का विवरण नई रूपरेखा में प्रदान करना होगा।

बजट प्रस्तुत होने से पहले परियोजनाएं जोड़ने की प्रवृत्ति के कारण राजनीतिक स्वार्थ में हजारों बड़ी परियोजनाएं शामिल की जाती थीं। सरकार ने आगामी बजट में योजना बैंक के प्रभावी कार्यान्वयन की प्रतिबद्धता जताई है। योजना बैंक के तहत केवल पूर्व-तैयारी पूर्ण और कार्यान्वयन चरण में मौजूद परियोजनाओं को बजट में सम्मिलित करने की नीति लाई गई है।

संशोधन के क्षेत्र

आयोग ने बताया कि प्रस्तावित रिपोर्ट में कार्यालय की मोहर और उचित हस्ताक्षर का अभाव, दस्तावेज़ अप्रमाणित और अस्पष्ट होना मुख्य समस्या है। अब परियोजना से संबंधित विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट या विस्तृत इंजीनियरिंग रिपोर्ट आधिकारिक अधिकारी द्वारा प्रमाणित करके कार्यालय की मोहर के साथ ही अपलोड करना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट अपलोड करते समय, मुखपृष्ठ, लागत अनुमान, ड्राइंग डिजाइन और अन्य महत्वपूर्ण पृष्ठ स्पष्ट रूप से दिखने चाहिए और विभागीय या परियोजना प्रमुख द्वारा प्रमाणित और कार्यालय की मोहर के साथ संलग्न होने चाहिए।

पर्यावरणीय अध्ययन रिपोर्ट

आयोग ने पाया है कि वर्तमान में मंत्रालय द्वारा प्रविष्ट पर्यावरणीय अध्ययन रिपोर्ट में स्वीकृति देने वाले निकाय का पत्र या हस्ताक्षर/मोहर नहीं है। अनुमति न मिली अध्ययन रिपोर्टें भी अपलोड की गई हैं। अब मंत्रालय और निकायों को स्वीकृत पर्यावरणीय अध्ययन रिपोर्ट विभागीय या परियोजना प्रमुख द्वारा प्रमाणित कर कार्यालय की मोहर सहित अपलोड करना अनिवार्य होगा। पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआइए) परियोजनाओं के मामले में वन एवं वातावरण मंत्रालय और संबंधित मंत्रालय द्वारा स्वीकृति पत्र अपलोड करना आवश्यक होगा। आवश्यक न होने पर कारण सहित पत्र अपलोड करना होगा।

परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण

भूमि प्राप्ति या अधिग्रहण संबंधी दस्तावेज़ अधूरे, अप्रमाणिक और असंबंधित पाए जाने पर सुधार के लिए आयोग ने निर्देश दिए हैं। भूमि प्राप्ति के लिए क्षेत्रफल, प्रकार, अनुमानित लागत सहित विवरण विभागीय या परियोजना प्रमुख द्वारा प्रमाणित और कार्यालय की मोहर के साथ प्रस्तुत करना होगा। यदि भूमि अधिग्रहण आवश्यक नहीं है तो इसका स्पष्ट विवरण पत्र में देना होगा।

खरीद योजना

वर्तमान में मंत्रालय और निकाय वार्षिक खरीद योजना या खरीद गुरुयोजना प्रमुख द्वारा प्रमाणित और कार्यालय की मोहर के बिना अपलोड कर रहे हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि खरीद गुरुयोजना के लिए प्रचलित खरीद कानून के अनुसार लेखा जवाबदेह अधिकारी द्वारा प्रमाणित कर ही अपलोड करें। वार्षिक खरीद योजना भी विभागीय या परियोजना प्रमुख द्वारा प्रमाणित और कार्यालय की मोहर सहित अपलोड होनी चाहिए।

कार्यान्वयन कार्ययोजना/परिणाम खाका

परियोजनाओं में अस्पष्टता, प्रमाणन की कमी और एक जैसे कॉपी-पेस्ट दस्तावेजों के अपलोड होने की समस्या देखी जाती है। अब कार्यान्वयन कार्ययोजना के शीर्ष भाग में परियोजना का नाम स्पष्ट रूप से खुला करके विभागीय या परियोजना प्रमुख द्वारा प्रमाणित और कार्यालय की मोहर सहित अपलोड करना अनिवार्य होगा। परिणाम खाका में भी इसी प्रकार की समस्याएं हैं, इसलिए आयोग ने इसे कार्ययोजना के समान सुधार करने का सुझाव दिया है। निगरानी एवं मूल्यांकन कार्ययोजना में भी ऐसे सुधार आवश्यक हैं।

चालू प्रकृति की परियोजनाएं और साल-वार परियोजनाएं न डालने का आग्रह

आयोग ने आग्रह किया है कि चालू प्रकृति की या साल-वार कार्यान्वित होने वाली परियोजनाएं तथा कार्यक्रम योजना बैंक में प्रविष्ट न करें। अध्ययन परियोजनाएं प्रविष्ट करते समय उसमें लगने वाली लागत को भी स्पष्ट करना होगा।

एमाले की मांग: केवल सरकारी संचार माध्यमों को ही सरकारी विज्ञापन देने के निर्णय को सरकार तुरंत वापस ले

२० चैत, Kathmandu । नेकपा एमाले ने सरकार से सरकारी संचार माध्यमों को ही सरकारी विज्ञापन देने के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की है। शुक्रवार को पार्टी केन्द्रीय कार्यालय च्यासल में हुए केन्द्रीय सचिवालय की बैठक में इस निर्णय के कड़े शब्दों में विरोध किया गया और सरकार से तुरंत इसे वापस लेने का आग्रह किया गया।

‘सरकारी विज्ञापन केवल सरकारी संचार माध्यमों को देने के सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय पर गंभीर ध्यानाकर्षण हुआ है,’ बैठक के निर्णय के संबंध में उपमहासचिव लेखराज भट्ट ने बताया। साथ ही, इस निर्णय को स्वतंत्र प्रेस की भूमिका को कमजोर करने और प्रेस स्वतंत्रता को बाधित करने वाला कदम बताया गया है, जैसा कि एमाले ने कहा है।

‘बैठक ने स्वतंत्र प्रेस की भूमिका को कमजोर करने और प्रेस स्वतंत्रता को बाधित करने वाले इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है। इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की सरकार से मांग की गई है,’ एमाले के फैसले में कहा गया है।

विद्यार्थी संगठन खारेज गर्ने निर्णय फिर्ता लिन एमालेको माग

विद्यार्थी संगठन खारेज करने के फैसले को वापस लेने की अपील करते हैं एमाले

२० चैत, काठमाडौं। नेकपा एमाले ने सरकार द्वारा अपनी सौ बिंदु कार्यसूची में विद्यार्थी संगठन खारेज करने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए इस निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया है। शुक्रवार को पार्टी केन्द्रीय कार्यालय च्यासल में हुई केन्द्रीय सचिवालय की बैठक में सरकार के इस निर्णय से पीछे हटने का अनुरोध करने का निर्णय लिया गया, जिसकी जानकारी उपमहासचिव लेखराज भट्ट ने दी। ‘वर्तमान सरकार द्वारा विद्यार्थी संगठनों को खारेज करने और प्रतिबंध लगाने के फैसले का हम कड़ा विरोध करते हैं,’ उपमहासचिव भट्ट ने कहा, ‘सरकार को इस निर्णय से पीछे हटने के लिए सचेत किया गया है।’ सरकार अपनी कार्यसूची में विद्यालय और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी संगठनों को खारेज करने का उल्लेख कर चुकी है।

गूगल ने ‘जेम्मा ४’ को पूर्ण रूप से ‘ओपन सोर्स’ किया सार्वजनिक

गूगल ने अपना नवीनतम कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल ‘जेम्मा ४’ को पूर्ण रूप से ‘ओपन सोर्स’ अपाचे २.० लाइसेंस अंतर्गत जारी किया है। उपयोगकर्ता इसे अपने उपकरणों पर डाउनलोड कर बिना इंटरनेट के भी चला सकते हैं, जिससे उनके डेटा की सुरक्षा और निजता बनी रहती है। जेम्मा ४ चार अलग-अलग आकारों में उपलब्ध है, जिनमें २ अरब से ३१ अरब पैरामीटर्स तक शामिल हैं और यह १४० से अधिक भाषाओं का समर्थन करता है।

इस बार गूगल ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जेम्मा ४ को केवल ‘ओपन वेट’ नहीं बल्कि पूर्ण रूप से ‘ओपन सोर्स’ बनाया है। दुनिया भर के डेवलपर्स और उपयोगकर्ता बिना किसी रॉयल्टी के इसे मुफ्त में डाउनलोड, संशोधित और व्यावसायिक उपयोग के लिए आज़ाद हैं। जेमिनाई और जेम्मा ४ में मुख्य अंतर यह है कि जेमिनाई गूगल की बंद और शुल्क-आधारित तकनीक है, जबकि जेम्मा ४ एक खुला मॉडल है।

जेम्मा ४ की प्रमुख विशेषताओं में उच्च क्षमता, मल्टीमोडल प्रोसेसिंग तथा विभिन्न आकारों में उपलब्धता शामिल हैं। यह ऑडियो और वीडियो प्रोसेसिंग, ध्वनि पहचान और चार्ट विश्लेषण जैसी क्षमताएं प्रदान करता है। गूगल के अनुसार, जेम्मा ४ अरबों एंड्रॉइड उपकरणों और सामान्य लैपटॉप के GPU पर आसानी से चल सकता है। अपाचे २.० लाइसेंस कंपनियों को अपने डेटा और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर पूर्ण नियंत्रण देते हुए AI एजेंट और कोडिंग सहायक विकसित करने की अनुमति देता है।

एमाले ने प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाह को औपचारिक बधाई दी

२० चैत, काठमाडौं। नेकपा एमाले ने प्रधानमन्त्री बालेन्द्र शाह (बालेन) को औपचारिक रूप से बधाई दी है। शुक्रवार पार्टी केन्द्रीय कार्यालय च्यासल में हुई केन्द्रीय सचिवालय बैठक में बालेन को औपचारिक बधाई देने का निर्णय लिया गया। ‘भारी बहुमत के साथ अपने नेतृत्व में सरकार गठन करने में सफल होने पर सम्माननीय प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और उनके नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को बधाई ज्ञापित की गई है,’ पार्टी के निर्णय में कहा गया है।
पहले संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा बादल ने प्रतिनिधि सभा की बैठक में संबोधन दिया था। उनकी अभिव्यक्ति पर पार्टी के भीतर और बाहर आलोचना हुई थी। उन्होंने संबोधन के दौरान नेपाली सेना, कर्मचारी तंत्र और गैर-सरकारी संस्थाओं को कारण बताते हुए रास्वपा के प्रथम दल बनने का आरोप लगाया था। इस विषय पर भी एमाले ने लंबी चर्चा की है।

आबुधाबीमा ड्रोन र मिसाइलको अवशेष खस्दा ७ नेपाली घाइते, एकको अवस्था गम्भीर

आबुधाबी में ड्रोन और मिसाइल के अवशेष गिरने से 7 नेपाली घायल, एक की स्थिति गंभीर

संयुक्त अरब एमिरेट्स के आबुधाबी स्थित अज्बान इलाके में हवाई सुरक्षा प्रणाली द्वारा ड्रोन और मिसाइल के अवरोध के दौरान गिरने वाले अवशेषों से 7 नेपाली नागरिक घायल हो गए हैं। घायलों में से 6 नेपाली की स्थिति सामान्य से मध्यम बताई गई है, जबकि एक नेपाली गंभीर रूप से घायल है। आबुधाबी के हब्सन गैस इंडस्ट्री इलाके में भी अवशेष गिरने से आग लग गई है।

20 चैत, काठमांडू। आबुधाबी मीडिया ऑफिस के अनुसार, घायलों में 6 नेपाली की स्थिति सामान्य से मध्यम है। गल्फ न्यूज डॉट कॉम ने बताया कि एक नेपाली गम्भीर रूप से घायल है। इस घटना में 5 भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। घायलों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

अज्बान इलाका आबुधाबी के अल ऐन के उत्तर में और दुबई–अल ऐन सीमा के नजदीक स्थित है। संयुक्त अरब एमिरेट्स रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हवाई सुरक्षा प्रणाली ने मिसाइल और मानव रहित ड्रोन को सफलतापूर्वक अवरोधित किया। इन अवरोधों के दौरान गिरने वाले अवशेषों ने अज्बान इलाके के विभिन्न स्थानों को नुकसान पहुंचाया है।

घटना के बाद आपातकालीन बचाव दल तुरंत सक्रिय किया गया और प्रभावित इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, अधिकारियों ने यह जानकारी दी। साथ ही आबुधाबी के हब्सन गैस इंडस्ट्री इलाके में भी अवशेष गिरने से आग लगी है और कुछ समय के लिए संचालन रोका गया है। इस घटना में कोई मानवीय नुकसान नहीं हुआ है। सरकारी अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करें और अप्रमाणित खबरों को फैलाने से बचें।

रास्वपा कर्णाली के सहमहामंत्री समेत पांच लोगों के विरुद्ध भ्रष्टाचार का मामला दर्ज

20 चैंत्र, सुर्खेत। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) कर्णाली प्रदेश समिति के सहमहामंत्री हरिप्रसाद अधिकारी सहित पांच लोगों के विरुद्ध भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। मालिका सामुदायिक वन उपभोक्ता समिति के धन का हेरफेर करने के आरोप में अधिकारी समेत पांच लोगों के खिलाफ अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोग ने विशेष अदालत में मामला दायर किया है। पश्चिम सुर्खेत के चौकुने गाउँपालिका–5 में स्थित मालिका सामुदायिक वन उपभोक्ता समिति के 12 लाख रुपये से अधिक के हेरफेर के आरोप में अख्तियार ने गुरुवार प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी है।

अख्तियार ने वन उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष अमरबहादुर दानी, कोषाध्यक्ष सावित्रा अधिकारी, सचिव तेजेन्द्रबहादुर बयक क्षेत्री और सदस्य हरिप्रसाद अधिकारी पर आपसी संलिप्तता में धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वित्तीय वर्ष २०७०/७१ से २०७५/७६ तक की अवधि में गैरकानूनी रूप से धन का दुरुपयोग पाया गया है। “उन्होंने समिति के निर्णय और बिल भरपाई के बिना ही धन खर्च किया, सड़क निर्माण कार्य योजना के बिना तथा नकली दस्तावेज बनाकर भुगतान किया, लेखा परीक्षा किए बिना लेखा परीक्षा शुल्क भुगतान किया,” अख्तियार द्वारा जारी विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है।

साथ ही, लकड़ी बिक्री की राशि समिति के खाते में जमा नहीं की गई, नर्सरी प्रबंधन, वन मामलों के लिए अधिवक्ता शुल्क और गवाह खर्च के नाम पर बिना प्रमाण के बड़ी राशि का हेराफेरी भी अख्तियार का निष्कर्ष है। उपभोक्ता समूह की सार्वजनिक संपत्ति कोष से मुकदमा तथा गवाह खर्च के नाम पर 2 लाख 85 हजार रुपये खर्च किए गए, वन समूह के अध्यक्ष ने वीरेन्द्रनगर निवास के नाम पर निजी स्वार्थ के लिए 41,162 रुपये लेकर हेराफेरी की, यह दावाकारी अख्तियार ने की है। समिति के पांचों सदस्यों की मिलीभगत में 12 लाख 18 हजार 512 रुपये के बराबर हेराफेरी का ठहर करते हुए उनके विरुद्ध विशेष अदालत, काठमांडू में आरोप पत्र दायर करने की सूचना अख्तियार ने दी है।

एचजेएनबीएल में रोएल और प्लेबक्स एरिना की जीत

हिमालयन जावा नेशनल बास्केटबॉल लीग २०२६ में रोएल ने सोलो बास्केटबॉल क्लब को ७८-६७ अंकों से हराया है। प्लेबक्स एरिन ने कीर्तिपुर को ८३-७१ अंकों से मात देकर अपनी तीसरी जीत दर्ज की है। लीग में शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में प्रवेश करेंगी और विजेता को नकद ४ लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। २० चैत, काठमांडू।

एचजेएनबीएल २०२६ में शुक्रवार को रोएल और प्लेबक्स एरिन ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवर हॉल में पहला मैच रोएल ने सोलो बास्केटबॉल क्लब को ७८-६७ अंक से हराया। दोनों टीमों ने दो-दो क्वार्टर अपने पक्ष में लिए, लेकिन रोएल ने रोमांचक जीत पाई। रोएल ने पहले क्वार्टर में २५-७ की मजबूत बढ़त बनाई थी। दूसरे क्वार्टर में सोलो ने २६-१४ का जवाब दिया लेकिन हाफ़टाइम तक रोएल ३९-३३ से आगे था।

तीसरे क्वार्टर में भी सोलो ने २७-१७ के स्कोर के साथ बढ़त बनाए रखी और चौथे क्वार्टर से पहले ६०-५६ से आगे था। फिर चौथे क्वार्टर में रोएल ने जोरदार वापसी करते हुए २२-७ के स्कोर से मुकाबला ७८-६७ से जीत लिया। यह रोएल की १३ मैचों में दूसरी जीत है। रोएल ने १३ मैचों में १५ अंक हासिल किए हैं। सोलो की यह ११वीं हार थी।

शुक्रवार के दूसरे मैच में प्लेबक्स एरिन ने कीर्तिपुर को ८३-७१ से पराजित किया। पहले क्वार्टर में कीर्तिपुर ने २२-२१ से बढ़त बनाई थी। दूसरे क्वार्टर में प्लेबक्स ने वापसी करते हुए २०-१६ का स्कोर लेकर हाफ़टाइम तक ४१-३८ की बढ़त हासिल की। प्लेबक्स के सुदीप कार्की को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया जिन्होंने १६ अंक बनाए। नेपाल बास्केटबॉल संघ (नेबा) के आयोजन में हुए इस दूसरे संस्करण के एचजेएनबीएल में ८ टीमें हिस्सा ले रही हैं।