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लेखक: space4knews

यस्ता छन् आगामी वर्षको बजेटका सिद्धान्त र प्राथमिकता (पूर्णपाठ)

आगामी वर्ष के बजट के सिद्धांत और प्राथमिकताएं (पूर्ण पाठ)

समाचार सारांश

  • अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष 2083/84 के बजट के सिद्धांत और प्राथमिकताएं राष्ट्रीय सभा में प्रस्तुत की हैं।
  • बजट सुशासन, रोजगारमूलक आर्थिक वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवा और समान अवसरों पर केंद्रीत होगा।
  • बजट में आर्थिक पुन:संरचना, पूर्वाधार विकास, सामाजिक सुरक्षा और बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्राथमिकता दी जाएगी।

31 वैशाख, काठमांडू। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष के बजट के सिद्धांत और प्राथमिकताएं प्रस्तुत की हैं।

गुरुवार को राष्ट्रीय सभा से सरकार के नीति तथा कार्यक्रम पारित होने के साथ ही वाग्ले ने बजट के सिद्धांत और प्राथमिकताएं सार्वजनिक की हैं।

उन्होंने 40 बिंदुओं में बजट के सिद्धांत और प्राथमिकताएं प्रस्तुत की हैं।

पूर्ण पाठ इस प्रकार है:

विनियोग विधेयक के सिद्धांत तथा प्राथमिकताएं

1. सक्षम, न्यायपूर्ण और समृद्ध नेपाल के आकांक्षी परिवर्तनकारी युवाओं के आंदोलन और समर्पण के आधार पर पूर्ण आम निर्वाचन से प्राप्त अभूतपूर्व जनादेश का सम्मान करते हुए बनी सरकार के अर्थमंत्री के रूप में आज मैं इस गौरवशाली सदन में विनियोग विधेयक, 2083 के सिद्धांत और प्राथमिकताएं प्रस्तुत करने आया हूँ। इस अवसर पर राजनीतिक स्वतंत्रता, नागरिक अधिकार और समावेशी समृद्धि के लिए हुए ऐतिहासिक आंदोलनों में जीवन अर्पित करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। आंदोलन में घायल और प्रभावित नागरिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए सहानुभूति प्रकट करता हूँ।

2. सुशासन और न्याय, रोजगारमूलक आर्थिक वृद्धि तथा गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवा और समान अवसर को केंद्र में रखकर बजट निर्माण की प्रक्रिया में हम हैं। नेपाल के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्य–मान्यताओं और उत्कृष्ट शासन के आदर्शों के प्रति अडिग रहकर “स्थिति स्थापित करने” के संकल्प के साथ नीति स्थिरता, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और परिणाममुखी शासन प्रणाली की स्थापना की ओर सरकार अग्रसर है। इस संकल्प को कार्यान्वित करने के उद्देश्य से आगामी आर्थिक वर्ष 2083/84 के विनियोग विधेयक के सिद्धांत और प्राथमिकताएं प्रस्तुत करता हूँ।

सबसे पहले विनियोग विधेयक, 2083 के पाँच मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांत प्रस्तुत करता हूँ।

(क) सुशासन का लाभांश

3. सुशासन को नागरिकों द्वारा प्रत्यक्ष अनुभव किया जाने वाला राज्य की नैतिक वैधता, सेवा दक्षता और आर्थिक सामर्थ्य के रूप में स्थापित करेंगे। विधि पर आधारित विवेकपूर्ण शासन, संस्थागत कौशल और सार्वजनिक सदाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुशासन की सुनिश्चितता करेंगे। राज्य को जवाबदेह और प्रौद्योगिकी-सौहार्द्रपूर्ण बनाकर सुशासन का लाभ नागरिकों के दैनिक जीवन में प्रत्यक्ष महसूस करवाने के लिए शासन सुधारों की श्रृंखला लागू करेंगे।

4. आगामी बजट नागरिकों के समय, श्रम और लागत की बचत सुनिश्चित करते हुए तेज और विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्रित होगा। एकीकृत डिजिटल सुशासन आधारित प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से सेवा वितरण में आने वाली देरी, झंझट और अनावश्यक मध्यस्थता समाप्त करेंगे। सार्वजनिक संस्थाओं को अवैध कब्जा और शोषण से मुक्त कराकर राज्य की नीतियों, कानूनों और नियामक व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा करेंगे। संपत्ति शुद्धीकरण, राजस्व चुहावट, सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग तथा संगठित अपराधों के विरुद्ध प्रभावी अनुसंधान और अभियोजन को भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान बनाएंगे।

(ख) अर्थव्यवस्था की पुन:संरचना

5. उच्च, व्यापक और तीव्र आर्थिक वृद्धि प्राप्त करते हुए पर्याप्त रोजगार सृजन करना अर्थव्यवस्था पुन:संरचना का मुख्य लक्ष्य होगा। आगामी बजट उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था को निवेश और उत्पादन केन्द्रित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करेगा। आर्थिक अवसरों का विस्तार, उद्यमशीलता को बढ़ावा, प्रतिस्पर्धात्मक माहौल की सुनिश्चितता और वित्तीय संसाधनों की उत्पादक परिचालन के आधार पर “नए चरण के आर्थिक सुधार” को आगे बढ़ाएंगे।

6. संतुलित सार्वजनिक वित्त प्रबंधन के माध्यम से पूर्वानुमेय, निवेश-मित्रवत आर्थिक वातावरण को मजबूत करेंगे। निजी क्षेत्र का आत्मविश्वास पुनःस्थापित करते हुए उद्यमों पर मौजूद बाधाओं को हटाएंगे। अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सिंडिकेट, कार्टेलिंग और एकाधिकार को समाप्त करते हुए समानता-केंद्रित “सामाजिक बाजार अर्थव्यवस्था” को सुदृढ़ करेंगे। कर प्रणाली को सरल और न्यायसंगत बनाकर उत्पादन और नवप्रवर्तन को प्रोत्साहित करेंगे। डिजिटल अर्थव्यवस्था, सेवा निर्यात, स्वच्छ ऊर्जा तथा उच्च मूल्य वर्धित कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूपांतरण के वाहक के रूप में आगे बढ़ाएंगे। नेपाल की भू-परिवेशित चुनौतियों को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाई सेवा, दूरसंचार और लॉजिस्टिक्स पूर्वाधार में व्यापक सुधार करेंगे। आयात प्रतिस्थापन उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने हेतु अस्थायी संरक्षणात्मक उपाय अपनाएंगे। निजी संपत्ति की सुरक्षा राज्य का कर्तव्य होगी।

(ग) निकटता के लिए एकीकृत पूर्वाधार

7. निकटता केवल भूगोल और बस्तियों के बीच दूरी कम नहीं करना बल्कि उत्पादन, बाजार, सेवा और अवसरों के बीच की दूरी घटाकर आर्थिक और सामाजिक अंतर्संबंध को मजबूत करती है। व्यापक पूर्वाधार निर्माण के माध्यम से निकटता का विस्तार कर आर्थिक गतिशीलता और सामाजिक एकीकरण में सहायक बनेंगे। सड़क, हवाई, ऊर्जा, शहरी और डिजिटल पूर्वाधार को समेकित दृष्टिकोण से विकसित करेंगे। पूर्वाधार को समय, लागत और गुणवत्ता के अनुशासन में रखना तथा संस्थागत समन्वय को मजबूत करना सुनिश्चित करेंगे।

8. देश के सभी क्षेत्रों और समुदायों तक समान लाभ पहुँचाने के लिए संतुलित विकास हेतु पूँजी, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन क्षमताओं का उचित परिचालन करेंगे। आर्थिक गतिविधि, सेवा प्रदायगी और राष्ट्रीय निकटता को नए स्तर पर ले जाने के लिए डिजिटल सार्वजनिक पूर्वाधार का विस्तार करेंगे। जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संतुलन और आपदा जोखिम को ध्यान में रखते हुए उच्चस्तरीय पूर्वाधार विकास अवधारणा अपनाएंगे। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, उपयोग और भविष्य-सुरक्षित अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाएंगे।

(घ) सर्वव्यापी सामाजिक उत्थान एवं मध्यम वर्ग का विस्तार

9. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल में समान पहुँच सुनिश्चित करते हुए सक्षम मानव पूंजी का विकास करेंगे। राज्य द्वारा संरक्षण आवश्यक व्यक्तियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का भरोसेमंद आधार विकसित करेंगे। आर्थिक गतिशीलता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मध्यम वर्ग का विस्तार करेंगे। कृषि एवं लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगारमूलक शिक्षा देंगे और कौशलयुक्त मानव शक्ति का विकास करेंगे। नवप्रवर्तन, उद्यमशीलता और स्टार्टअप संस्कृति को उत्पादन और रोजगार से जोड़ने हेतु उचित वित्तीय साधनों का परिचालन करेंगे।

10. शिक्षा प्रणाली को उत्पादन, उद्यमशीलता, नवप्रवर्तन और श्रम बाजार से जोड़कर प्राविधिक एवं व्यावसायिक शिक्षा में राज्य का निवेश बढ़ाकर रोजगारमूलक शिक्षा को बढ़ावा देंगे। स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सुरक्षा पुन:संरचना से स्वास्थ्य सेवाओं में नागरिकों की पहुँच और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाएंगे। सभी नेपाली के जीवन स्तर को बेहतर बनाने हेतु सामाजिक गतिशीलता के लिए उपाय करेंगे। समावेशन को केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित न रखते हुए आर्थिक अवसर और सम्मानजनक सहभागिता से जोड़ेंगे।

(ङ) सौम्य शक्ति का सुदृढ़ीकरण

11. सरकार पारस्परिक लाभ, राष्ट्रीय आत्मसम्मान और सार्वभौम हितों के आधार पर संतुलित विदेश नीति सुदृढ़ करते हुए आर्थिक समृद्धि के लिए सौम्य शक्ति (soft power) का संचालन करेगी। आर्थिक कूटनीति, सांस्कृतिक पहचान, तकनीक और पर्यटन के माध्यम से नेपाल की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति, विश्वसनीयता और प्रभाव को बढ़ाएगी। पड़ोसी, मित्र राष्ट्रों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ परिपक्व संबंध विकसित कर आर्थिक लाभ बढ़ाएगी।

12. स्वदेशी पूंजी, प्रौद्योगिकी और उद्यमशीलता के साथ विदेशों में बसे नेपाली समुदाय के नेटवर्क, कौशल और पूंजी को राष्ट्रीय विकास की अभिन्न भाग बनाएंगे। गैर-आवासीय नेपाली विशेषज्ञता को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सरलताएँ प्रदान करेंगे। आर्थिक कूटनीति को निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, निर्यात विस्तार और अंतरराष्ट्रीय पूंजी परिचालन से जोड़ने के लिए कानून सुधार करेंगे।

सम्माननीय सभापति महोदय,
सम्माननीय अध्यक्ष महोदय,

अब मैं विनियोग विधेयक की प्राथमिकताएं प्रस्तुत करता हूँ।

(क) सेवा प्रदान के लिए कानूनी-संस्थागत सुधार और सूचना-प्रौद्योगिकी का सदुपयोग

13. सहयोगात्मक संघीय शासन प्रणाली के माध्यम से एक सबल राज्य संरचना का निर्माण बजट की प्राथमिकता होगी। संघ को नीति निर्माण, अनुसंधान, राष्ट्रीय मानक निर्धारण और परिवर्तनकारी परियोजनाओं पर केन्द्रित करेंगे और प्रदेश स्तर को समन्वय, क्षेत्रीय योजना और सेवा सरलता के शक्तिशाली पुल के रूप में पुनर्गठित करेंगे। स्थानीय तह को राज्य के क्रियान्वयन इकाई के रूप में मजबूत करने हेतु पर्याप्त वित्तीय संसाधन और संगठनात्मक क्षमता सुनिश्चित करेंगे। विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और बुनियादी सेवा प्रदायगी को स्थानीय संभावनाओं से जोड़ेंगे।

14. निवेश, वित्तीय क्षेत्र और सार्वजनिक सेवा संचालन से संबंधित कानूनों की पुन: समीक्षा कर “एक-द्वार, समयबद्ध और डिजिटल” प्रशासनिक प्रणाली लागू करेंगे। नियामक और कार्यान्वयन निकायों के बीच स्पष्ट भूमिका विभाजन कर द्वैत भूमिका समाप्त करेंगे। व्यवसाय पंजीकरण से अनुमतियां, कर प्रशासन, भुगतान और नियमन तक की प्रक्रियाओं को डिजिटल प्रणाली में लाएंगे।

15. बड़े परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पाई गई कानूनी, प्रक्रियागत और संस्थागत बाधाएं हटाना सरकार की प्राथमिकता होगी। परियोजना प्रमुख के साथ कार्यसम्पादन समझौते कर निश्चित समयावधि, स्पष्ट जिम्मेदारी एवं परिणाम-आधारित मूल्यांकन लागू करेंगे। वन, पर्यावरण, भूमि अधिग्रहण, सार्वजनिक खरीद और निर्माण सामग्री से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाकर रणनीतिक परियोजना के “मिशन मोड” में कार्यान्वित करेंगे।

16. स्वार्थ संघर्ष, कार्टेलिंग और एकाधिकार प्रवृत्तियों के विरुद्ध कड़ी नियामक व्यवस्था लागू करेंगे। सार्वजनिक खरीद, राजस्व प्रशासन, सेवा वितरण और नीतिगत निर्णय प्रक्रियाओं में निगरानी एवं जोखिम-आधारित ऑडिट प्रणाली अपनाएंगे। सार्वजनिक पदधारियों के संपत्ति विवरण और व्यय प्रणाली को पारदर्शी बनाएंगे तथा नागरिकों का राज्य पर विश्वास पुनःस्थापित करेंगे।

17. “कम से कम लोग ज्यादा सेवा” देने वाला आधुनिक प्रशासन बनाकर सार्वजनिक सेवा प्राप्ति में लाइनों, झंझट और अनावश्यक मध्यस्थता को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता होगी। निजामती और सार्वजनिक प्रशासन को पेशेवर, तटस्थ, सक्षम, प्रेरित और परिणाममुखी बनाएंगे। अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवा सातों दिन उपलब्ध कराने वाले “एकल सेवा केन्द्रों” का विस्तार करेंगे।

18. तथ्यांक, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित सार्वजनिक प्रशासन परिवर्तन सरकार की प्राथमिकता होगी। “एक बार विवरण-सब सेवाओं में उपयोग” नीति के अनुसार राष्ट्रीय परिचय पत्र आधारित एकीकृत डेटाबेस व अन्त: सम्बद्ध सरकारी प्रणाली विकसित करेंगे। नागरिकता, व्यवसाय पंजीकरण, कर, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, भूमि, बैंकिंग और अन्य सार्वजनिक सेवाएं “नागरिक एप” और एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से उपलब्ध कराएंगे।

(ख) आर्थिक विकास के क्षेत्रीय स्रोतों की पुन: प्राथमिकता

19. आगामी बजट सीमित सार्वजनिक संसाधनों और निजी निवेश को उच्च प्रतिफल, रोजगार और मूल्य वृद्धि वाले क्षेत्रों में पुनः प्राथमिकता देगा। आयात-आधारित उपभोगपरक अर्थव्यवस्था को उत्पादन, उत्पादकता, नवप्रवर्तन और निर्यात केंद्रित प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करते हुए कृषि, ऊर्जा, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्रों को आर्थिक विकास के संवाहक के रूप में विकसित करेगा। अनुपयोगी पूंजीगत संपत्तियों और निजी क्षेत्र की उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग सरकार की प्रमुख प्राथमिकता होगी।

20. कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण, बाजार और उपभोग के बीच प्रणालीगत संबंध मजबूत कर कृषि क्षेत्र की पुन:संरचना सरकार की अगली प्राथमिकता होगी। कृषि को ग्रामीण समृद्धि, खाद्य सुरक्षा, रोजगार सृजन और आयात प्रतिस्थापन का आधार बनाएंगे। छोटे किसानों की रक्षा कर “व्यावसायिक कृषि मॉडल” अपनाएंगे। सहकारी, उत्पादक कंपनियां, अनुबंध खेती तथा कृषि उद्यम समूहों के माध्यम से किसानों को बाजार, प्रौद्योगिकी, वित्त, बीमा, प्रसंस्करण और मूल्य सुनिश्चितता से जोड़ेगे। संभावित क्षेत्रों में उत्पादन क्लस्टर विकसित कर सिंचाई, सड़क, ठंडा केन्द्र, भंडारण, परीक्षण प्रयोगशाला, बीज-खाद-मशीन सेवा और प्रसंस्करण उद्योग का समन्वित पैकेज विस्तार करेंगे।

21. खाद्य फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करेंगे और उच्च मूल्य की फसलें, पशुपालन, जड़ी बूटी और कृषि-वन प्रणाली निर्यात केंद्रित बनाएंगे। अनुदान प्रणाली उत्पादन केंद्रित होगी। किसान अभिलेख, बाजार सूचना व्यवस्था, कृषि बीमा और सहूलियतपूर्ण वित्त एवं यंत्रीकरण से कृषि को प्रतिस्पर्धी, आधुनिक और हरित अर्थव्यवस्था से जोड़ेंगे। वन आधारित उद्योग, जड़ी बूटी प्रसंस्करण, कार्बन व्यापार, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु अनुकूल उत्पादन को प्रोत्साहित करेंगे।

22. भौतिक पूर्वाधार विकास को आर्थिक रूपांतरण की मजबूत आधार बनाएंगे। “निवेश एक्सप्रेस” नीति के माध्यम से उद्योग, निवेश और पूर्वाधार परियोजनाओं की स्वीकृति और क्रियान्वयन प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाएंगे। खनिज क्षेत्र का विकास कर स्थानीय संसाधनों के उत्पादक उपयोग को बढ़ाएंगे। हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा संग्रहण और स्वच्छ औद्योगिक तकनीक में निजी निवेश को प्रोत्साहित करेंगे।

23. सार्वजनिक निवेश को परिवर्तनकारी परियोजनाओं पर केन्द्रित कर वैकल्पिक विकास वित्त, पूर्वाधार बॉन्ड, ऑफशोर हरित बॉन्ड, डायस्पोरा पूंजी और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से दीर्घकालीन पूंजी संचलन सुनिश्चित करेंगे। अव्यवस्थित बचत और कल्याणकारी कोषों के लिए भी उत्पादन केंद्रित गैर-वाणिज्यिक निवेश क्षेत्र चिन्हित करेंगे। विदेशी सहायता और ऋण को प्राथमिकता और उच्च प्रतिफल वाले कार्यक्रमों में केन्द्रित करेंगे। सार्वजनिक संस्थानों की पुन:संरचना, संपत्ति मौद्रीकरण और प्रभावी प्रबंधन से वित्तीय अनुशासन और निजी क्षेत्र का आत्मविश्वास बढ़ाएंगे। पूंजी बाजार में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार संस्थागत निवेशकों का विस्तार, ऋण और बॉन्ड बाजार विकास तथा नए वित्तीय उपकरणों के प्रोत्साहन से दीर्घकालीन पूंजी संकलन सुनिश्चित करेंगे।

24. नेपाल को “वज़नरहित उच्च मूल्य सृजन अर्थव्यवस्था” में परिवर्तन कर सॉफ्टवेयर, क्लाउड सेवा, डेटा सेंटर, एआई कम्प्यूटेशन, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवा निर्यात को बढ़ावा देंगे। रिमोट वर्क, डिजिटल नोमाड, अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली एवं डिजिटल उद्यमों को कानूनी मान्यता दे कर देश को क्षेत्रीय “टेक हब” बनाएंगे। “स्टार्टअप नेपाल” और राष्ट्रीय उद्यम तथा नवप्रवर्तन कार्यक्रमों को एकीकृत स्वरूप देंगे।

25. शहरीकरण और क्षेत्रीय निकटता को आर्थिक विकास के नए ध्रुवों के रूप में विकसित करेंगे। धार्मिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, साहसिक और सामुदायिक आधारित पर्यटन का गुणात्मक विस्तार करेंगे। आर्थिक करिडोरों के माध्यम से ग्रामीण-शहरी आर्थिक संबंध मजबूत करेंगे।

(ग) भौतिक पूर्वाधार के लिए बहुपक्षीय पूंजी परिचालन

26. लंबे समय से अधूरे पड़े परिवर्तनकारी परियोजनाओं को यथाशीघ्र पूरा करना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। सीमित संसाधनों को नए परियोजनाओं पर खर्च करने के बजाय अधूरे और उच्च प्रतिफल वाले परियोजनाओं को पूरा करने पर केन्द्रित करेंगे।

27. निर्माणाधीन ऊर्जा उत्पादन, प्रसारण और वितरण परियोजनाओं को तीव्रता प्रदान करते हुए तैयार जलाशययुक्त योजनाओं को आगे बढ़ाएंगे। ऊर्जा खपत वृद्धि, क्षेत्रीय ऊर्जा व्यापार विस्तार और ऊर्जा-आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करेंगे। नवीकरणीय ऊर्जा आधारित उद्योग विकास हेतु वित्तीय सुविधाएं और निवेश प्रोत्साहन देंगे। तराई-मधेश के सिंचाई न पहुँचे क्षेत्रों में भूमिगत जल स्रोत आधारित सिंचाई का विस्तार करेंगे। पहाड़ी और हिमाली क्षेत्रों में लिफ्ट सिंचाई और पारंपरिक सिंचाई प्रणाली पुनर्स्थापित करेंगे। निर्माणाधीन बड़े सिंचाई योजनाओं को शीघ्र पूरा करेंगे।

28. राष्ट्रीय आर्थिक एकीकरण और बाजार पहुंच विस्तार के लिए पुष्पलाल, हुलाकी, उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर तथा काठमांडू-तराई मधेश एक्सप्रेसवे सहित रणनीतिक सड़क परियोजनाओं के बाँकी हिस्से पूरे करेंगे। मुख्य राजमार्ग से विभिन्न नगरपालिकाओं को जोड़ने वाली सड़कों का शीघ्र निर्माण बजट में निधि आवंटन करेंगे। सुरंग मार्ग, फ्लाईओवर, अंडरपास और ओवरपास निर्माण में निजी निवेश के साथ सहयोग करेंगे। औद्योगिक और निर्यात प्रोत्साहन हेतु आर्थिक करिडोर, ड्राई पोर्ट, वेयरहाउस, कोल्ड चेन और बहुआयामी लॉजिस्टिक्स पूर्वाधार विकास करेंगे।

29. शहरीकरण को आर्थिक वृद्धि, सेवा वितरण और जीवन स्तर सुधार से जोड़ेंगे। काठमांडू घाटी सहित मुख्य शहरों में मास ट्रांजिट सिस्टम को प्राथमिकता देंगे। एकीकृत कूड़ा प्रबंधन, अपशिष्ट उपचार और पुन: उपयोग प्रणाली विकसित कर चक्रीय शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे। मेलम्ची सहित राष्ट्रीय महत्व के पेयजल परियोजनाओं को मजबूत कर नियमित और सुरक्षित पानी आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।

30. लुम्बिनी-बौद्ध, जनकपुर-रामायण, हिमालयी और प्रकृति आधारित पर्यटन सर्किट विकसित करेंगे। नए ट्रेकिंग मार्ग, होमस्टे, सांस्कृतिक गंतव्य और सेवा केन्द्र विकसित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था सक्रिय करेंगे। हवाई अड्डों का पूर्ण संचालन, हवाई सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन और नेपाल विमान सेवा निगम की पुनः संरचना के माध्यम से नेपाल को सुरक्षित क्षेत्रीय पर्यटन हब बनाएंगे।

31. डिजिटल सार्वजनिक पूर्वाधार को आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता का आधार बनाते हुए डेटा सेंटर, जी-क्लाउड, उच्च गति इंटरनेट, साइबर सुरक्षा और डिजिटल भुगतान पूर्वाधार का विस्तार करेंगे।

(घ) अवसर के समानता के लिए सामाजिक निवेश

32. शिक्षा प्रणाली को राजनीतिक हस्तक्षेप मुक्त, प्रतिस्पर्धी और रोजगार बाजार से जुड़ने योग्य बनाकर आधारभूत से उच्च स्तर तक पुनः संरचना करेंगे। शिक्षा के विस्तार के साथ गुणवत्ता अधिगम को प्राथमिकता देंगे। देश की आर्थिक रूपांतरण में शिक्षा प्रणाली को सहयोगी बनाएंगे।

33. सभी बच्चों को आधारभूत एवं आवश्यक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखते हुए विद्यालय शिक्षा में सुधार करेंगे। तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को रोजगार केन्द्रित इंजन के रूप में विकसित करेंगे। विद्यालय मानचित्रण, विद्यालय नेटवर्क योजना, साझा गुणवत्ता मानक, शिक्षक पदों का संयोजन और विद्यालय वर्गीकरण द्वारा सार्वजनिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करेंगे। सार्वजनिक और निजी विद्यालयों को न्यूनतम अध्ययन और समावेशन मानकों में लाएंगे। शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की योग्यता, कार्यसम्पादन और पेशेवर विकास आधारित प्रणाली लागू करेंगे।

34. उच्च शिक्षा को अनुसंधान केन्द्रित, प्रतिस्पर्धी और नवप्रवर्तन केन्द्रित बनाते हुए विश्वविद्यालय, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत करेंगे। अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए राष्ट्रीय कोष स्थापित कर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अर्थव्यवस्था संबंधित अनुसंधान को दीर्घकालीन वित्तीय आधार प्रदान करेंगे। खेल क्षेत्र का व्यवसायीकरण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर खेल को राष्ट्रीय गौरव, स्वास्थ्य, पर्यटन और समग्र अर्थव्यवस्था से जोड़ेंगे।

35. बुनियादी स्वास्थ्य सेवा में न्यूनतम मानक लागू कर आवश्यक जनशक्ति, औषधि, उपकरण और पूर्वाधार सहित एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करेंगे। स्थानीय सरकार तक प्राथमिक अस्पताल और ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा विस्तार प्राथमिकता होगी। स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली पुनर्गठन कर नागरिक मित्रवत बनाएंगे। रोग रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, संक्रामक रोग नियंत्रण, टेलीहेल्थ सेवा और जनस्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करेंगे। आयुर्वेद, योग, ध्यान और वैकल्पिक उपचार को वैज्ञानिक और व्यवस्थित स्वरूप में प्रोत्साहित करेंगे। निजी स्वास्थ्य संस्थाओं के सेवा गुणवत्ता निगरानी को कड़ा बनाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों और दीर्घकालीन रोगियों के लिए समुदाय आधारित देखभाल अर्थव्यवस्था का विस्तार करेंगे।

36. सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को समन्वयित, लक्षित संरक्षण, राज्य की आर्थिक क्षमता और सामाजिक गतिशीलता के आधार पर पुनः संरचित करेंगे। विदेश में श्रम रोजगार से लौटे श्रमिकों के लिए उद्यमशीलता अवसर बढ़ाएंगे। “कमाते हुए सीखने” अवधारणा के तहत अप्रेंटिसशिप और रोजगार बढ़ाने के कार्यक्रम चलाएंगे। अनौपचारिक क्षेत्र को धीरे-धीरे औपचारिक अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करते हुए श्रमिकों को सामाजिक बीमा और श्रम सुरक्षा में लाएंगे। सहकारी क्षेत्र को बचतकर्ता का विश्वास, वित्तीय अनुशासन और उत्पादक अर्थव्यवस्था का आधार बनाकर पुनः संरचना करेंगे तथा नियमनयुक्त सदस्य-केंद्रित प्रणाली विकसित करेंगे।

37. संरचनात्मक असमानता, बहिष्कार और अवसर असंतुलन को कम करना सरकार का प्रमुख कर्तव्य होगा। पिछड़े हुए क्षेत्र, सीमांत समुदाय और अवसर से वंचित वर्ग को सार्वजनिक सेवाओं में समान पहुँच विस्तारित करना प्राथमिकता होगी। दलित समुदाय पर ऐतिहासिक भेदभाव को समाप्त करते हुए लक्षित हस्तक्षेप सुदृढ़ करेंगे। संघर्ष प्रभावितों को न्याय अनुभव कराने के लिए शांति प्रक्रिया के बाकी कार्यों को निष्कर्ष पर पहुँचाएंगे। वास्तविक भूमिहीन और सुकुम्बासी की पहचान, सुरक्षित आवास, भूमि अधिकार और आजीविका सुदृढ़ करेंगे।

38. विकास के मुख्यधारा से वंचित कर्णाली, मधेश और सुदूर पश्चिम सहित क्षेत्रों का रूपांतरण सरकार की शीर्ष प्राथमिकता होगा। इन क्षेत्रों को अनुदान और सहायता पर निर्भर नहीं बनाएंगे बल्कि राष्ट्रीय संभावना, कृषि, जल संसाधन, पर्यटन, संस्कृति, उद्यमशीलता और मानव पूंजी विकास के रणनीतिक केंद्र के रूप में विकसित करेंगे।

(ङ) बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय संबंधों का विविधीकरण

39. नेपाल की सार्वभौमिकता, भौगोलिक अखंडता, आत्मसम्मान और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखते हुए संतुलित, स्वतंत्र और परिणाममुखी विदेश नीति विकसित करेंगे। विदेश नीति को आर्थिक रूपांतरण का वाहक बनाते हुए विदेशी निवेश, ऊर्जा व्यापार, पर्यटन, निर्यात, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और वैदेशिक रोजगार के गुणात्मक विस्तार पर ध्यान देंगे। सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, हरित ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं में नेपाल को आकर्षक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए कूटनीतिक पहल करेंगे।

40. विदेश में बसे नेपाली समुदाय की पूंजी, ज्ञान, कौशल, प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को राष्ट्रीय विकास अभियान में परिचालित करने हेतु “डायस्पोरा साझेदारी” सुदृढ़ करेंगे। गैर-आवासीय नेपाली की निवेश, वित्तीय भागीदारी और नवप्रवर्तन को सुविधाजनक बनाने के लिए कानूनी एवं संस्थागत सुधार करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संसाधन, जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी और नवप्रवर्तन तक पहुँच बढ़ाकर नेपाल को विश्व अर्थव्यवस्था से सार्थक रूप से जोड़ेंगे।

सम्माननीय सभापति महोदय,
सम्माननीय अध्यक्ष महोदय,

अंत में, आगामी आर्थिक वर्ष 2083/84 का बजट देश की मौजूदा आर्थिक चुनौतियों का समाधान करते हुए समृद्ध नेपाल की स्थायी नींव तैयार करेगा। प्रस्तुत विनियोग विधेयक के सिद्धांत और प्राथमिकताएं रोजगार-केंद्रित आर्थिक वृद्धि, संरचनात्मक सुधार, डिजिटल रूपांतरण और सुशासन को केंद्र में रखेंगे। निजी क्षेत्र का आत्मविश्वास पुनर्स्थापित करना, निवेश-मित्रवत वातावरण बनाना और प्रौद्योगिकी-सौहार्द्रपूर्ण सार्वजनिक सेवा वितरण के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर में गुणवत्तापूर्ण सुधार लाने की प्रतिबद्धता इसमें निहित है।

मैंने आज इस सम्मानित सदन में प्रस्तुत विनियोग के सिद्धांत और प्राथमिकताओं पर माननीय सदस्यों के बीच गहन चर्चा की अपेक्षा करता हूँ। उन चर्चाओं से प्राप्त सुझावों को आगामी आर्थिक वर्ष के बजट निर्माण के मार्गदर्शक के रूप में स्वीकार करने की प्रतिबद्धता व्यक्त करता हूँ।

 

 

पोखरा विमानस्थल प्रकरणमा अख्तियारको ३.६२ अर्ब रुपैयाँ बिगोको माग

अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोगले पोखरा विमानस्थल निर्माणमा कर छुट प्रदान गरेर ३ अर्ब ६२ करोड रुपैयाँ भ्रष्टाचार गरेको आरोपमा १४ जनाविरुद्ध मुद्दा दायर गरेको छ। अख्तियारले ठेक्का सम्झौता विपरीत कर छुट दिने निर्णय मन्त्रिपरिषद्को प्रस्ताव बिना गरिएको र अर्थ मन्त्रालयका अधिकारीहरू मिलेमतोमा रहेको दाबी गरेको छ। सरकारले चीनसँग लिएको ऋणमा बनेको विमानस्थलमा कर छुट दिने निर्णय गर्दा सार्वजनिक खरिद कानुन र स्वच्छता मापदण्ड विपरीत काम भएको अख्तियारले उल्लेख गरेको छ।

पोखरा विमानस्थल निर्माणको ठेक्का सम्झौता विपरीत राजस्व छुट दिइ भ्रष्टाचार गरेको आरोपमा अख्तियार दुरुपयोग अनुसन्धान आयोगले गतसाता विशेष अदालतमा भ्रष्टाचार मुद्दा दायर गर्यो। अख्तियारले पोखरा विमानस्थलको यो तेस्रो मुद्दामा पूर्वमन्त्री ज्ञानेन्द्रबहादुर कार्की, दुई पूर्वसचिव र ठेकेदारसहित १४ जना विरुद्ध कानूनी कारवाही अगाडि बढाएको थियो। उनीहरूमाथि अख्तियारको आरोप छ कि ‘चीनसँग भएको ठेक्का सम्झौता भंग गरी राजस्व छुट दिई ३ अर्ब ६२ करोड रुपैयाँ भ्रष्टाचार भयो।’

अख्तियारले विशेष अदालतमा प्रस्तुत गरेको दावीअनुसार, नेपाल सरकारको कार्यसम्पादन नियमावली अनुसार राजस्व छुट दिने विषय मन्त्रिपरिषद्मा प्रस्तुत गर्नुपर्ने हुन्छ। तर सम्झौतामा नै कर छुटको विषय राखेर प्रक्रिया अगाडि बढाउनु गलत रहेको उनको बुझाइ छ। अख्तियारले कर छुटका कारण ३ अर्ब ६२ करोड रुपैयाँ राजश्वमा हानी भएको दाबी गरेको छ।

पोखरा विमानस्थल निर्माणमा अनियमितताको आरोपमा अख्तियारले दोषीहरू विरुद्ध श्रृंखलाबद्ध रूपमा भ्रष्टाचार मुद्दा दायर गरेको छ। मंसिरमा पाँच पूर्वमन्त्रीसहित ५६ जनाविरुद्ध मुद्दा दायर गरिएको थियो। अख्तियारको दाबी अनुसार, अनावश्यक रूपमा विमानस्थल निर्माणमा ८ अर्ब ३६ करोड रुपैयाँ बढी लागत लागेको छ।

होर्मुज जलमार्ग खुला रखने पर अमेरिका और चीन के बीच सहमति

बीजिंग और वाशिंगटन के बीच होर्मुज जलसंधि को खुला रखने पर सहमति हुई है। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए चीन से आग्रह किया था। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस जलसंधि के सैन्यीकरण और उससे शुल्क लेने के प्रयासों के खिलाफ चीन की स्थिति स्पष्ट की है। ३१ वैशाख, काठमाडौं।

बीजिंग और वाशिंगटन के बीच होर्मुज जलसंधि को खुला रखने के मुद्दे पर सहमति बनी है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग खुला रखने के लिए दोनों पक्ष सहमत हुए हैं। इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए चीन से सार्वजनिक रूप से आग्रह किया था।

फरवरी २८ को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से यह सामरिक जलमार्ग प्रायः बंद स्थिति में रहा है। इसी संदर्भ में, व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने अमेरिकी मीडिया को बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस जलसंधि के सैन्यीकरण और इसके इस्तेमाल पर शुल्क लगाने के किसी भी प्रयास के खिलाफ चीन की स्पष्ट नीति जाहिर की है।

ई स्पोर्ट्सको तेस्रो राष्ट्रिय प्रतियोगिता असार पहिलो साता

ई-स्पोर्ट्स की तीसरी राष्ट्रीय प्रतियोगिता असार के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएगी

ई-स्पोर्ट्स संघ नेपाल ने असार ५ गते तीसरी राष्ट्रीय ई-स्पोर्ट्स प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा की है। प्रतियोगिता में फ्रि फायर, पब्जी मोबाइल और ई फुटबॉल इन तीन खेल विधाओं को शामिल किया जाएगा, जिसे संघ ने बताया है। इस प्रतियोगिता में ५ हजार से अधिक खिलाड़ी तथा टीमों के भाग लेने की उम्मीद है।

३१ वैशाख, काठमांडू। ई-स्पोर्ट्स संघ नेपाल (ईशान) के आयोजन में तीसरी राष्ट्रीय ई-स्पोर्ट्स प्रतियोगिता असार के पहले सप्ताह में आयोजित होने जा रही है। संघ ने गुरुवार प्रेस रिलीज के माध्यम से तीसरे संस्करण की प्रतियोगिता असार ५ गते आयोजित होने की घोषणा की है।

फ्रि फायर, पब्जी मोबाइल और ई फुटबॉल की तीन खेल विधाओं को प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा, जो संयोजक प्रकाश घर्ति ने जानकारी दी। चयनित खेल ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगे जबकि फाइनल खेल लैन ईवेंट के रूप में संपन्न होंगे। प्रतियोगिता के तहत ई फुटबॉल में व्यक्तिगत रूप से तथा फ्रि फायर और पब्जी मोबाइल में टीम के रूप में भागीदारी संभव होगी, संयोजक घर्ति ने बताया। खेलने के इच्छुक खिलाड़ी एवं टीमें ईशान की वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।

विपक्ष के संशोधन अस्वीकृत, सरकार का नीति तथा कार्यक्रम पारित

समाचार सारांश

समीक्षा की गई।

  • अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने सभी सुझाव स्वीकार करने और बजट में शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई है।
  • उन्होंने स्पष्ट किया कि दलगत संगठन खत्म किए गए हैं, पर ट्रेड यूनियन आंदोलन जारी है।

३१ वैशाख, काठमाडौं। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के प्रतिनिधित्व के अभाव में राष्ट्रीय सभा ने सरकार का वार्षिक नीति तथा कार्यक्रम पारित कर दिया है। कांग्रेस, एमाले, नेकपा के सांसदों ने सरकार के नीति तथा कार्यक्रम में अकेले व संयुक्त संशोधन पेश किए थे। कुछ संशोधन वापस लिए गए, लेकिन अधिकांश संशोधन अस्वीकृत होकर नीति कार्यक्रम बहुमत से पारित हुआ।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की ओर से अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने जवाब देकर नीति तथा कार्यक्रम को राष्ट्रीय सभा में पारित कराया। विपक्षी दलों में केवल एमाले ने मत प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। अन्य दलों ने नीति तथा कार्यक्रम पारित कराने में समर्थन दिया।

राष्ट्रीय सभा के सांसदों ने व्यक्तिगत संशोधन प्रस्ताव पेश किए, लेकिन कोई भी पारित नहीं हुआ। सत्ता पक्ष राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के प्रतिनिधित्व के बिना भी अन्य दलों ने सरकार का समर्थन किया।

राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने तीन दिन पहले संघीय संसद के संयुक्त सत्र में नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत किया था। राष्ट्रीय सभा की गुरुवार की बैठक में अर्थमंत्री वाग्ले ने संघीय लोकतान्त्रिक गणतान्त्रिक व्यवस्था के प्रति पूर्ण निष्ठा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

अर्थमंत्री ने कहा कि सरकार प्रगति के मार्ग पर है और सभी से इसमें संदेह न करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि सरकार सांसदों के सभी सुझाव स्वीकार कर आगामी बजट में शामिल करेगी।

उन्होंने कहा, ‘सरकार ने सभी सुझाव स्वीकार किए हैं। लिखित और मौखिक सभी दृष्टिकोण सभी का साझा स्वामित्व हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाएं आगामी बजट में शामिल की जाएंगी। प्रस्तुत नीति कार्यक्रम में बजट की नीतियों और सिद्धांतों को प्राथमिकता दी जाएगी। हम केवल प्रवाह बदलने नहीं, बल्कि प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं।’

अर्थमंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान सुशासन के मुद्दे उठाने और जनता के समर्थन का उल्लेख किया। साथ ही ट्रेड यूनियन विभाग के खात्मे पर सांसदों के सवाल का भी जवाब दिया।

उन्होंने कहा, ‘संघीय लोकतान्त्रिक व्यवस्था के प्रति हमारी पूर्ण प्रतिबद्धता है। हमने सरकारी सेवाओं में दलगत संगठन को समाप्त किया है। यह प्रतिबद्धता हमने पहले वचनपत्र में दी थी, लेकिन समग्र ट्रेड यूनियन आंदोलन को खत्म नहीं किया गया, केवल दलगत संगठन समाप्त किए गए हैं।’

डॉ. वाग्ले ने गिरिजाप्रसाद कोइराला और मनमोहन अधिकारी द्वारा ट्रेड यूनियन आंदोलन के इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा, ‘हम समग्र ट्रेड यूनियन के मूल्य का सम्मान करते हैं। यह मामला अब अदालत में विचाराधीन है और हम सामाजिक उदार लोकतंत्र में विश्वास करने वाले दल हैं।’

नीति तथा कार्यक्रम को निर्णय के लिए प्रस्तुत किए जाने के बाद, एमाले ने मत प्रक्रिया में शामिल न होने का निर्णय लिया।

अमेरिका और चीन के बीच इरान को परमाणु हथियार विकास करने से रोकने पर सहमति

३१ वैशाख, काठमाडौं। इरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए अमेरिका और चीन के बीच सहमति हुई है। बेइजिंग में जारी शिखर वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच इरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने का महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। रॉयटर्स ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि दोनों प्रमुख राष्ट्रों ने इरान की परमाणु महत्वाकांक्षा को रोकने पर सहमति जताई है।
इसी क्रम में, वार्ता में ताइवान संबंधी मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं हुआ। व्हाइट हाउस द्वारा जारी विवरण में ताइवान का जिक्र न होने के कारण कूटनीतिक क्षेत्रों में इस बात पर काफी चर्चा हुई है। जबकि चीनी मीडिया ताइवान को विवाद का मुख्य कारण बताते रहे हैं, अमेरिकी पक्ष की चुप्पी ने इस वार्ता को विशेष ध्यान आकर्षित कराया है।

तिलकको शानदार ब्याटिङमा मुम्बईले पन्जाबलाई हरायो

तिलक वर्माकी उत्कृष्ट बल्लेबाजी से मुंबई ने पंजाब को हराया

मुंबई इंडियंस ने तिलक वर्मा के नाबाद ७५ रनों की शानदार पारी की बदौलत पंजाब किंग्स को पांचवीं लगातार हार का सामना कराया। पंजाब द्वारा दिए गए २०१ रनों के लक्ष्य को मुंबई ने १ गेंद बाकी रहते हुए ४ विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। मुंबई के शार्दुल ठाकुर ने ४ विकेट लिए, जबकि पंजाब के अजमतुल्लाह ओमरजाई ने २ विकेट हासिल किए।

तिलक वर्मा ने मात्र ३३ गेंदों पर ७५ रन बनाकर मुंबई की जीत की राह आसान की। इसके साथ ही रायन रिकेल्टन ने ४८ रन जोड़े, वहीं रोहित शर्मा और विल जेक्स ने समान २५-२५ रन बनाए। मुंबई ने पंजाब किंग्स को लगातार पाँचवीं बार हराने का रिकॉर्ड कायम किया है।

पंजाब के लिए अजमतुल्लाह ओमरजाई ने २ विकेट लिए, जबकि अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल ने १-१ विकेट हासिल किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब ने २० ओवर में ८ विकेट गंवाकर २०० रन बनाए। ओपनर प्रभसिमरन सिंह ने सर्वाधिक ५७ रन बनाए। मुंबई के लिए शार्दुल ठाकुर ने ४ विकेट निकालें और दीपक चाहर ने २ विकेट लिए। मुंबई ने १२ मैचों में ८ अंक जोड़े, जबकि पंजाब लगातार पांचवीं हार के साथ १२ मैचों में १३ अंक लेकर चौथे स्थान पर बना हुआ है।

ज्योति पाण्डे गिरफ्तारी मामले में सर्वोच्च अदालत ने सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया

सर्वोच्च अदालत ने नेपाल इन्भेस्टमेन्ट मेगा बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्योति प्रकाश पाण्डे को क्यों जमानत नहीं दी जानी चाहिए, इस बारे में सरकार को कारण बताने का आदेश दिया है। निरु दाहाल ने अपने पति ज्योति पाण्डे के गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाते हुए सर्वोच्च अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।

न्यायाधीश अब्दुल अजीज मुस्लिम की पीठ ने सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। स्मार्ट सेल कंपनी की संपत्ति नीलाम करते समय आपराधिक विश्वासघात के आरोप में पाण्डे को पुलिस के केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो ने बुधवार को गिरफ्तार किया था।

३१ वैशाख, काठमांडू।

उपेन्द्र यादव ने पार्टी सुदृढ़ीकरण के लिए अनौपचारिक चर्चाएं जारी रखीं

जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव सप्तरी में पार्टी के अग्रणी कार्यकर्ताओं से अनौपचारिक चर्चा करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने के प्रयास में लगे हुए हैं। फागुन में सम्पन्न आम चुनाव में जसपा नेपाल तीन प्रतिशत मतदाताओं के थ्रेसहोल्ड को पार करने में विफल रहा और ९४ में से किसी भी उम्मीदवार ने जीत हासिल नहीं की। निर्वाचन आयोग ने जसपा नेपाल और महन्थ ठाकुर के नेतृत्व वाली लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी के बीच हुए एकीकरण को मान्यता देते हुए पार्टी कार्यों में नई गतिशीलता आने की बात कही है।

३१ वैशाख, काठमाडौं – जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने मंगलवार सप्तरी के राजविराज में पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने सप्तरी के निर्वाचन क्षेत्र संख्या ३ के अंतर्गत आने वाले पालिका कार्यकर्ताओं से भी चर्चा की है। २१ फागुन को सम्पन्न आम चुनाव में यदव ने प्रतिनिधि सभा सदस्य पद के लिए सप्तरी–३ से चुनाव लड़कर पराजय प्राप्त की थी। न केवल यादव, बल्कि जसपा नेपाल ने चुनाव चिन्ह छाता के साथ उतारे गए ९४ उम्मीदवारों में से कोई भी उम्मीदवार विजयी नहीं हो सका। समानुपातिक मतों में १ लाख ८२ हजार २८५ मत प्राप्त करने के बावजूद जसपा नेपाल तीन प्रतिशत थ्रेसहोल्ड पार नहीं कर सका।

मधेशवादी दलों में सबसे अधिक मत मिलने वाली इस पार्टी के अध्यक्ष यादव ने चुनाव के बाद अनौपचारिक मुलाकातों और चर्चाओं में तेजी लाई है। उन्होंने कहा, ‘पिछले चुनाव की समीक्षा करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुलाकातें जारी रख रहा हूं। जनता से सीधे मिलकर अपने विचार रखने और जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा हूं।’ काठमाडौँ में भी यादव ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से अनौपचारिक चर्चाएं जारी रखी हैं। औपचारिक बैठक न होने के बावजूद वे केन्द्रीय कार्यालय नियमित रूप से आते-जाते रहते हैं।

फागुन के चुनाव में हार के बावजूद जसपा नेपाल ने अभी तक औपचारिक समीक्षा नहीं की है। चुनाव से पहले जसपा नेपाल ने महन्थ ठाकुर नेतृत्व वाली लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के साथ एकीकरण किया था। लेकिन एकीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से समाप्त नहीं होने के कारण औपचारिक समीक्षा बैठक प्रभावित हुई, नेता बताते हैं। पुस में हुई सहमति के अनुसार महन्थ ठाकुर जसपा नेपाल के संरक्षक बन गए हैं और वे राष्ट्रीय सभा के सदस्य भी हैं। जसपा नेपाल और लोसपा के एकीकरण से पहले लोसपाने अन्य पार्टियों से भी एकीकरण किया था। मंसिर २४ को हृदयेश त्रिपाठी के अध्यक्षत्व वाली जनता प्रगतिशील पार्टी और वृषेशचन्द्र लाल नेतृत्व वाली तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी (तमलोपा) ने लोसपा के साथ एकीकरण का समझौता किया था। फिलहाल, लाल नेतृत्व वाली तमलोपा इस सहमति से अलग है। जनता प्रगतिशील पार्टी के अध्यक्ष त्रिपाठी ने बताया कि उनकी पार्टी पूरी तरह से एकीकृत है। उन्होंने कहा, ‘हमने लोसपा के साथ एकता की इसके बाद लोसपा और जसपा नेपाल के बीच एकीकरण हुआ। मैं अपने विचार लोसपा के नेताओं के साथ साझा करूंगा।’

निर्वाचन आयोग की सोमवार को हुई बैठक में जसपा नेपाल के एकीकरण को मान्यता दी गई है। आयोग से औपचारिक पत्र मिलते ही पार्टी के कामों में गतिशीलता आएगी, नेता बताते हैं। जसपा नेपाल के सह-अध्यक्ष रकम चम्जोङ ने कहा कि अन्य दलों के साथ भी एकता के लिए चर्चा जारी है। उन्होंने बताया, ‘पार्टी को मजबूत बनाने के विषय में विभिन्न स्तरों से चर्चा हो रही है। जल्द ही केन्द्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में ठोस निर्णय लिया जाएगा।’

विभिन्न दलों के साथ संभावित एकता के बावजूद थ्रेसहोल्ड पास न करने के विषय पर अध्यक्ष यादव केंद्र से लेकर स्थानीय स्तर तक के कार्यकर्ताओं से चर्चा कर रहे हैं। पार्टी अपेक्षित परिणाम न मिलने के बावजूद सिद्धांतों में स्पष्ट है, जसपा नेपाल के नेताओं का यह मानना है। अध्यक्ष यादव ने कहा, ‘जनता को हमारा एजेंडा समझाते हुए संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दे रहा हूं।’

गजेन्द्रनारायण सिंह ने मधेसी जनता के न्यायोचित प्रतिनिधित्व, नागरिकता, समावेशिता और संघीयता जैसे मुद्दों को केंद्र में रखते हुए लगभग साढ़े तीन दशक पहले नेपाल सद्भावना पार्टी की स्थापना की थी। इस पार्टी ने मधेश के मुद्दों को संसद में प्रखरता से उठाया। २०६४ के चुनाव में मधेशवादी दल संविधानसभा के चौथे और पाँचवें सबसे बड़े दल बने। ५२ सीटों के साथ चौथा सबसे बड़ा दल बनने में मधेशी जनअधिकार फोरम के नेतृत्व में उपेन्द्र यादव का योगदान था। २०३२ में विद्यार्थी जीवन में ही वामपंथी राजनीति शुरू करने वाले यादव ने नेकपा (एमाले) और नेकपा (माओवादी) में भी काम किया। कम्युनिस्ट राजनीति छोड़कर मधेशी जनअधिकार फोरम के अध्यक्ष बने यादव के नेतृत्व में २०६३ के अंतरिम संविधान का विरोध हुआ। २०६३ माघ में काठमाण्डौं के माइतीघर मण्डल में आयोजित अंतरिम संविधान जलाने के कार्यक्रम में मुख्य झलक मधेश आंदोलन की थी। इसी आंदोलन के प्रभाव से पहले ६०१ सदस्यीय संविधान सभा में ८७ सदस्य मधेशवादी दल के थे। २०६४ में सुनसरी–५ और मोरङ–५, २०७० में सुनसरी–५, २०७४ में सप्तरी–२ और २०८० के उप-निर्वाचन में बारा–२ से प्रतिनिधि सभा सदस्य चुने गए यादव उपप्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।

मधेशी जनअधिकार फोरम सन् २०६५ में विभाजित होकर फोरम लोकतान्त्रिक बना। इसके बाद यादव का नेतृत्व वाली पार्टी लगातार टूट-फूट और गठजोड़ का सामना करती रही। अशोक राई की पार्टी के साथ एकीकरण के बाद यादव संघीय समाजवादी फोरम के अध्यक्ष बने। पूर्व प्रधानमंत्री बाबुराम भट्टराई की पार्टी के साथ एकता के बाद वर्तमान समाजवादी पार्टी का गठन हुआ। लेकिन भट्टराई और राई दोनों यादव के साथ नहीं हैं।

फागुन चुनाव से पहले लोसपा के साथ एकीकरण के बावजूद मधेशवादी दल अपने प्रतिनिधि सभा उम्मीदवारों को जिताने में असफल रहा। उस समय एकता ना मानने वाले सीके राउत की जनमत पार्टी, राजेन्द्र महतो की राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी, रेशम चौधरी की नागरिक उन्मुक्ति पार्टी, अशोक राई की जसपा सहित अन्य दलों से चर्चा हो रही थी, नेता बताते हैं। चुनाव परिणाम के बाद यादव अनौपचारिक चर्चाओं और मुलाकातों में केंद्रित हैं और इसी बीच अपने परिवार को भी समय दे रहे हैं।

जसपा नेपाल के महासचिव लालबाबु राउत ने कहा कि अध्यक्ष यादव जनता के साथ संवाद पर जोर देते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुद्दों में कोई समस्या न होने के कारण अध्यक्षजी ने संगठन विस्तार में तेजी लाई है।’

चीन और ट्रम्प के बीच व्यापार विस्तार को लेकर चर्चा

समाचार सारांश

  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच व्यापार पहुँच विस्तार पर चर्चा हुई है।
  • व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि चीन में अमेरिकी कारोबारों की बाजार पहुँच बढ़ाने और अमेरिका में चीनी निवेश बढ़ाने पर बातचीत हुई है।
  • ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा है कि उन्होंने शी जिनपिंग से ‘चीन को खोलने’ का आग्रह किया है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच दोनों देशों के बीच व्यापार पहुँच विस्तार को लेकर चर्चा हुई है।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि शी और ट्रम्प के बीच चीन में अमेरिकी व्यापार की बाजार पहुँच को बढ़ाने और अमेरिका में चीनी निवेश बढ़ाने के विषय पर बातचीत हुई है।

इसके अलावा, चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया है।

चीन यात्रा से पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह शी जिनपिंग से ‘चीन को खोलने’ का आग्रह करेंगे।

उन्होंने अपने साथ आए प्रमुख अमेरिकी व्यवसायियों के समूह को ‘ये प्रतिभाशाली लोग’ कहा और उल्लेख किया कि वे अपनी ‘जादूगरी दिखाकर’ चीन को और अधिक उन्नत स्तर पर ले जा सकते हैं।

रवि लामिछाने र जिबी राईको मुद्दा फिर्ता लिने निर्णयमा सुनुवाइ गर्न उच्च अदालतको आदेश

उच्च अदालतले रवि लामिछाने र जिबी राईको मुद्दा फिर्ता लिने निर्णयमा सुनुवाइ गर्ने आदेश जारी गर्‍यो

उच्च अदालत पोखराले राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीका सभापति रवि लामिछाने र अन्यविरुद्धको संगठित अपराध तथा सम्पत्ति शुद्धीकरण मुद्दा फिर्ता लिने निर्णयमा सुनुवाइ गर्न आदेश जारी गर्‍यो। महान्यायाधिवक्ता कार्यालयले गत पुस महिनामा जिल्ला अदालत कास्कीमा अभियोग संशोधन गर्दै मुद्दा फिर्ता लिने निर्णय गरेको थियो। उच्च अदालतले जिल्ला अदालतको आदेशलाई बेरित ठहराउँदै सरकारी वकिल कार्यालयको निवेदनमा सुनुवाइ गरी निर्णय गर्न निर्देशन दिएको छ। ३१ वैशाख, काठमाडौं।

राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) का सभापति रवि लामिछाने, गोर्खा मिडिया प्रालिका अध्यक्ष जिबी राई र सञ्चालक रामबहादुर खनाल लगायतविरुद्धको संगठित अपराध र सम्पत्ति शुद्धीकरण मुद्दा फिर्ता सम्बन्धी महान्यायाधिवक्ता कार्यालयको निर्णयमा सुनुवाइ गर्न उच्च अदालत पोखराले आदेश दिएको छ। उच्च अदालतका न्यायाधीशद्वय डा. रत्नबहादुर बागचन्द र मेरिना श्रेष्ठको इजलासले बिहीबार सुनुवाइ गर्ने आदेश दिएको हो।

अन्तरिम सरकारका महान्यायाधिवक्ता सविता भण्डारीको पालामा गत पुस महिनामा सभापति लामिछाने लगायत प्रतिवादी रहेका जिल्ला अदालत कास्कीमा विचाराधीन सहकारी ठगी, संगठित अपराध र सम्पत्ति शुद्धीकरण मुद्दाबाट अभियोग संशोधन गरी संगठित अपराध तथा सम्पत्ति शुद्धीकरण मुद्दा फिर्ता गर्ने फैसला गरिएको थियो। महान्यायाधिवक्ता कार्यालयको निर्णयअनुसार जिल्ला सरकारी वकिल कार्यालयले अभियोग फिर्ता गर्न माग गर्दै जिल्ला अदालतमा निवेदन दियो।

त्यसमा सुनुवाइ गर्दै गत फागुनमा जिल्ला न्यायाधीश नीतिज राईले अभियोग फिर्ताको सन्दर्भमा सर्वोच्च अदालतमा पनि रिट परेकाले त्यहाँबाट आउने आदेश जिल्ला अदालतमा पेश भएपछि मात्र निर्णय हुने आदेश गरेका थिए। न्यायाधीश राईको आदेशलाई बेरित ठहर गरियोस् भनी सञ्चालक रामबहादुर खनालले उच्च अदालतमा निवेदन दिएका थिए। न्यायाधीश बागचन्द र श्रेष्ठको इजलासले जिल्ला अदालतको आदेशलाई बेरित घोषणा गर्दै सञ्चालक खनालको निवेदनलाई स्वीकार गरेको उच्च अदालतका उपरजिष्ट्रर निलप्रसाद पनेरुले जानकारी दिए।

आदेशमा भनिएको छ, ‘सम्मानीय सर्वोच्च अदालतमा दायर रिट निवेदनहरू विचाराधीन भएकै भए पनि महान्यायाधिवक्ताबाट गरिएको उक्त निर्णय कार्यान्वयन नगर्नु भनी कुनै पनि अन्तरिम आदेश जारी भएको देखिँदैन। साथै सुरु हकमा पेस गरिएका निवेदन तथा मुद्दाहरूमा कानुन बमोजिम आवश्यक कारवाहीका लागि लामो समयसम्म ढिलाइ गर्दा सुरु तहको अदालतमा न्याय निरूपणमा विलम्ब हुँदै अनिश्चयता कायम भएमा समग्र न्यायपालिकाको सक्रियता, सजीवता र गैरढिलाइको सिद्धान्त, नीति तथा कार्ययोजनामा नकारात्मक प्रभाव परेको देखिन्छ। त्यसैले प्रस्तुत निवेदनमा त्यहाँको अदालतबाट हुने कारबाही जे जस्तो भए पनि पछि सर्वोच्च अदालतबाट हुने फैसला अनुसार हुनेछ। त्यहाँ अदालतबाट मिति २०८२।११।०४ को आदेश बेरित हुने देखिएकोले त्यसलाई बदर गरिएको छ।’ आदेशमा थप भनिएको छ, ‘अब सरकारी वकिल कार्यालय, कास्कीद्वारा दायर निवेदनमा सरकारी वकिल तथा सरोकारवालाहरूको प्रतिनिधित्वमा सुनुवाइ गरी निर्णय गर्नू।’

१७ वर्षों के बाद भी अधूरा है मध्यपहाड़ी लोकमार्ग निर्माण, १८ पुलों के ठेके बाकी

समाचार सारांश

  • पुष्पलाल (मध्यपहाड़ी) लोकमार्ग परियोजना १७ वर्षों के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। इसे २०८४/८५ तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • वर्तमान निर्माण कार्य की गति और बाकी ठेकों को देखते हुए निर्धारित समय में परियोजना पूरी करना कठिन दिखाई देता है।
  • पूर्व से पश्चिम तक पहाड़ियों को जोड़ने वाला मध्यपहाड़ी लोकमार्ग नेपाल के विभिन्न गांवों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।

३१ वैशाख, पाँचथर। पहाड़ियों को जोड़ने वाला पाँचथर के चिवाभञ्ज्याङ से बैतडी के झुलाघाट तक का राष्ट्रीय गौरव पुष्पलाल (मध्यपहाड़ी) लोकमार्ग परियोजना १७ वर्षों में भी पूरा नहीं हो सका है।

नेपाल सरकार ने अपने स्रोत से वित्तीय वर्ष २०६४/६५ से इस परियोजना को शुरू किया था। वित्तीय वर्ष २०६९/७० से इसे ‘राष्ट्रीय गौरव परियोजना’ घोषित किया गया।

शुरुआती लक्ष्य था कि निर्माण वित्तीय वर्ष २०७९/८० में पूरा होगा, लेकिन लक्ष्य अधूरा रहने के कारण संशोधित लक्ष्य २०८४/८५ कर दिया गया है। फिर भी, वर्तमान निर्माण कार्य और बाकी ठेकों की स्थिति को देखकर निर्धारित समय में काम पूरा करना मुश्किल लग रहा है।

पुष्पलाल (मध्यपहाड़ी) राजमार्ग परियोजना निर्देशनालय, काठमाडौं के अनुसार कुल १,८७९ किलोमीटर में से ३२८.३६ किलोमीटर कालोपत्रे अभी बाकी है। सूचना अधिकारी सचिन श्रेष्ठ ने बताया कि १११ किलोमीटर सड़क कालोपत्रे का ठेका तय होना बाकी है, और १८ पुलों के ठेकों का प्रबंधन भी अधूरा है।

ठेका प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति काफी धीमी है। पाँच योजना कार्यालयों के माध्यम से ३१ ठेकों में ठेकेदार कंपनियों ने काम में देरी की है।

परियोजना निदेशक बुद्धरत्न तुलाधर का कहना है, “ठेकेदार की अनदेखी से समस्याएं बढ़ी हैं। कई ठेके रुक पड़े हैं। बजट की कमी नहीं है, पर ठेकेदार काम नहीं कर रहे। रुक गए ठेकों को संभालने का कोई फैसला नहीं है। अगर ठेकेदार काम को गति दें तो ही २०८४/८५ तक परियोजना पूरी हो सकेगी।” उन्होंने बताया कि नए ठेकों के लिए योजना बैक में भेजी गई है और बजट मिलने पर ठेका जारी होगा।

अब तक परियोजना का ८३.२९ प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। १,५५०.६४ किलोमीटर सड़क कालोपत्रे की जा चुकी है, जिसमें अन्य परियोजनाओं से बने ४६२ किलोमीटर सड़क भी शामिल है। परियोजना की लंबी अवधि के कारण लागत बढ़कर ७२ अरब ४२ करोड़ रुपये हो चुकी है।

मध्यपहाड़ी लोकमार्ग का प्रारंभिक बिंदु पाँचथर का चिवाभञ्ज्याङ

संशोधित अनुमानित लागत ८४ अरब ३३ करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। परियोजना पूरी कब होगी यह सवाल उठा रहा है।

राष्ट्रीय योजना आयोग के सदस्य एवं पूर्व सचिव अर्जुनजंग थापा ने कहा, “संशोधित लक्ष्य के अनुसार २०८४/८५ तक काम पूरा करना संभव कम नजर आता है। धादिङ–गोरखा खंड में बुढीगण्डकी परियोजना के कारण एलायन्मेंट पर समस्या है। कुछ जगहों पर भूमि और घरों के विवाद हैं।”

चिवाभञ्ज्याङ से थर्पु तक ठेकेदारों की देरी, बाकी ठेकों का न लगना और चल रहे ठेकों का विलंब मध्यपहाड़ी लोकमार्ग की पूर्णता में बाधक बना है।

जमीन विवाद, निर्माणठेकेदारों की देरी, तीन सरकारों के बीच समन्वय की कमी और बजट की कमी से भी काम में देरी हुई है। थापा ने कहा, “मध्यपहाड़ी लोकमार्ग में विभिन्न डिवीजनों और तत्कालीन जहिस द्वारा बनाए गए अलग-अलग सड़क खंड होने के कारण कई स्थानों पर मार्ग लंबा हो गया है, इसे छोटा करने की जरूरत है।”

उन्होंने यह भी कहा, “हालांकि इसे राष्ट्रीय गौरव परियोजना कहा गया है, पिछले कुछ वर्षों में बजट घटने के कारण बहुवर्षीय ठेका नीति को आगे बढ़ाने का प्रयास हो रहा है।”

पुरानी सड़क को उन्नत करना आवश्यक है। अछाम के चौखुट्टे तक २४३ किलोमीटर पुरानी सड़क कार्य में है और ४६३ किलोमीटर पुराने सड़क संरक्षित हैं।

मध्यपहाड़ी लोकमार्ग का अंतिम बिंदु झुलाघाट पर महाकाली नदी। पार्श्व में भारतीय बाज़ार।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में खर्च केवल ३४.३२ प्रतिशत हुआ है। ३ अरब ८४ करोड़ ३६ लाख रुपये में से चैत महीने तक केवल १ अरब ३१ करोड़ ९१ लाख ६८ हजार रुपये खर्च हुए हैं।

सूचना अधिकारी श्रेष्ठ के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में ७५ किलोमीटर कालोपत्रे का लक्ष्य था, पर केवल ३९ किलोमीटर सड़क का ही कालोपत्रे हुआ है। ६ पुल बनाने का लक्ष्य था, जिनमें से केवल ३ पुल बनाए गए हैं।

कौन से ठेके बाकी हैं?

मध्यपहाड़ी लोकमार्ग के ९ सड़क और १८ पुल के ठेके अभी भी बाकी हैं। कार्य में विलंब के कारण पहले टूटे ठेकों को पुनः नहीं दिया गया। तेह्रथुम में १३.७ किलोमीटर, खोटाङ में १० किलोमीटर और सिन्धुली में ४.५ किलोमीटर सड़क का ठेका तोड़ दिया गया है, पर पुनः ठेका नहीं मिला।

बुढीगण्डकी परियोजना के कारण गोरखा में २९.७३ किलोमीटर, रामेछाप के पलासे–राकाथुम में १४ किलोमीटर, जोरधारा–चौरिखोला में १३ किलोमीटर और काभ्रे के चौरिखोला-दौलालघाट में १६.५३ किलोमीटर ठेका लगाना बाकी है।

बागलुङ में ५.४६, लमजुङ में १.७ और दैलेख में २.५ किलोमीटर कालोपत्रा का ठेका बाकी है।

रुकुम और जाजरकोट को जोड़ने वाली भेरी नदी का पुल न बनने से समस्याएं बढ़ी हैं। मोटरसाइकिल झोलुङ्गे पुल से तो चल सकती है, लेकिन सवारी के लिए लंबा घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है। ९८.५० मीटर लंबे भेरी पुल का काम बार-बार बढ़ाए गए समय सीमा के बावजूद ठेकेदार द्वारा काम न करने के कारण ठेका टूट गया और पुनः नहीं दिया गया।

सिन्धुली के खांगसांग खोला, सोखु खोला और खोटाङ के पंखु खोला पुल ठेके तोड़ दिए गए, लेकिन पुनः काम शुरू नहीं हुआ है। पाँचथर के फलाम खोला और ओयाम खोला पुल में बाढ़ से नुकसान हुआ, फिर भी पुनः ठेका नहीं दिया गया।

मध्यपहाड़ी लोकमार्ग का रुकुम खंड

सुनकोसी नदी में ३३४ मीटर, सिन्धुपाल्चोक के झ्दादी खोला पुल में केवल फिजीबिलिटी अध्ययन हुआ है। रामेछाप के जगेनी खोला, सिन्धुपाल्चोक के कान्ले, रिपेनी, खार खोला, गोरखा, पिस्तीखोला लमजुङ और पर्वत के खांडु खोला के पुल निर्माण ठेकों का काम अभी बाकी है। साथ ही साई खोला (दैलेख) और विजयपुर खोला (कास्की) के डिपि आर तैयार होना बाकी है।

विलंबित जिलों और कार्यों की सूची

पाँचथर, रामेछाप, गोरखा, पर्वत और दैलेख योजना कार्यालयों से ३१ ठेके दिये गए हैं। अधिकांश में ‘लो बिड’ ठेकेदार सक्रिय हैं। निदेशनालय के अनुसार कार्य धीमी गति से चल रहा है, कुछ में बाधा भी है।

पाँचथर में ६ ठेके सक्रिय हैं। शुरूआती बिंदु चिवाभञ्ज्याङ से थर्पु तक ५०.६४ किलोमीटर सड़क कालोपत्रे करने का काम ठप है। ठेकेदार की अनदेखी के कारण २०७७ में १ अरब ४७ करोड़ रुपये में दिया ठेका की प्रगति बहुत कम है।

तेह्रथुम में २०७२ में दिया १० किलोमीटर कालोपत्रे सड़क का काम अभी पूरा नहीं हुआ। खदुवा खोला पुल में भी विलंब है।

रामेछाप योजना कार्यालय द्वारा दिए ४ ठेकों में प्रगति खराब है। बाहुनेपाटी–दौलालघाट खंड में १४.५ किलोमीटर कालोपत्रे कार्य में निर्माण व्यवसायी की लापरवाही और भूस्खलन बाधा बना हुआ है। दूसरे खंड में १६.५३ किलोमीटर कालोपत्रे और सिट्का खोला पुल में भी ठेकेदार देरी कर रहे हैं।

तेह्रथुम में कालोपत्रे नहीं हो सकी सड़क

गोरखा कार्यालय के अंतर्गत १५ ठेके हैं। अधिकांश में ठेकेदार देरी कर रहे हैं, विभिन्न स्थानों पर विवाद और भूस्खलन की वजह से काम रुका हुआ है। लमजुङ और नुवाकोट में एलायन्मेंट विवाद, आवासीय और वन संबंधी समस्याएं हैं।

पर्वत योजना कार्यालय के अंतर्गत भैसें–अर्मालकोट–लामाचौर यम्दी खंड में ३८.८ किलोमीटर सड़क रेखांकन विवादित है।

दैलेख योजना कार्यालय द्वारा दिये ८ ठेकों में भी काम सुस्त है।

पहाड़ी गांवों को कई सुविधाएं देता सड़क मार्ग

पहाड़ों के माध्यम से पूर्व से पश्चिम यात्रा का विकल्प प्रदान करने वाला मध्यपहाड़ी लोकमार्ग दूर-दराज और पिछड़े इलाकों के निवासियों को सड़क सुविधा दे रहा है।

पहाड़ी इलाकों में जहां राजमार्ग नहीं हैं या पहुंच कम है, वहां के कई गांव सड़क से जुड़ चुके हैं।

मध्यपहाड़ी लोकमार्ग लगभग २२५ बस्तियों को जोड़ता है। कुछ इलाकों में शहरीकरण हुआ है, और सड़क किनारे बस्तियां बढ़ रही हैं।

पाँचथर, तेह्रथुम, भोजपुर, खोटाङ, सिन्धुली, रामेछाप, गोरखा, लमजुङ, बागलुङ, पूर्वी व पश्चिमी रुकुम, जाजरकोट, दैलेख और अछाम में यह लोकमार्ग अधिक सेवा प्रदान कर रहा है।

चिवाभञ्ज्याङ नाका abertas नहीं और महाकाली नदी पर पुल निर्माण नहीं हुआ

लोकमार्ग का प्रारंभिक बिंदु माने जाने वाला पाँचथर का चिवाभञ्ज्याङ नाका भारत के साथ खुला नहीं है, और अंतिम बिंदु झुलाघाट पर महाकाली नदी पर पुल बनना बाकी है।

चिवाभञ्ज्याङ भारत के सिक्किम जिले से जुड़ता है। यहां तक सड़क पहुंची है और यह सिक्किम का नेपाल से जुड़ने वाला एकमात्र रास्ता है। लेकिन नाका खोलने का प्रयास नहीं हुआ है, स्थानीय लोग ऐसा बताते हैं।

झुलाघाट में बैतडी और भारतीय पिथौरागढ़ को जोड़ने वाला पुल बनाना सदियों से टल रहा है। जोखिम भरे झोलुङ्गे पुल से ही आवागमन और माल ढुलाई करना पड़ता है।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ की धरपकड़ पर चिंता व्यक्त

३१ वैशाख, काठमाडौं। नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ ने व्यावसायियों के खिलाफ हो रही धरपकड़ घटनाओं को व्यावसायिक माहौल में भय पैदा करने वाला बताया है और इस पर गहरा चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने गुरुवार को जारी एक ध्यानाकर्षण पत्र में कहा है कि आर्थिक मामलों की जांच के नाम पर हो रही धरपकड़ से निवेशकों में नकारात्मक संदेश गया है।

‘पिछले कुछ दिनों में सरकार द्वारा विभिन्न आर्थिक मामलों की जांच के नाम पर विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपति, निर्माण व्यवसायी और बैंक कर्मियों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं ने नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ का गम्भीर ध्यान खींचा है,’ पत्र में उल्लेख किया गया है।

‘अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में स्थापित निजी क्षेत्र और बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रति अपराधिक कसूर की तरह हो रही धरपकड़ की प्रवृत्ति ने समग्र व्यावसायिक माहौल में भय का वातावरण बनाई विकासशील उद्योग जगत और निवेशकों के बीच नकारात्मक प्रभाव डाला है।’

महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि आम जनता के जमा किए गए धन पर आधारित बैंक ऋण वसूली संबंधी कारणों से बैंक के कार्यकारी अधिकारियों की गिरफ्तारी बैंकिंग क्षेत्र की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती है।

‘इसके अलावा, बैंकिंग क्षेत्र में ऋण वितरण निर्णयों की क्षमता पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा और निवेश में संकुचन से देश की समग्र आर्थिक व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है,’ ध्यानाकर्षण पत्र में कहा गया है।

सरकार द्वारा प्रारंभिक जांच से पूर्व उद्योगपतियों की गिरफ्तारी और मीडिया परीक्षण जैसे कदम से संबंधित व्यवसायियों की मान-सम्मान पर भी असर पड़ रहा है, महासंघ ने बताया।

‘महासंघ का आग्रह है कि ऐसी जाँचें गोपनीयता के साथ की जाएं तथा उद्योगपतियों पर केवल उचित प्रवर्तन कार्रवाई के अनुरूप ही अभियोजन किया जाए,’ पत्र में और लिखा गया है।

नेपाल के संविधान द्वारा प्रदत्त सम्मानजनक जीवन का अधिकार और अभियोग सिद्ध होने तक अपराध साबित नहीं माना जाता, इस व्यवस्था की याद दिलाते हुए महासंघ ने सरकार से इस विषय पर गंभीरता से कार्यवाही करने की अपील की है।

फेन्टानिल नियंत्रण में अमेरिका और चीन के बीच सहयोग की सहमति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति सी जिनपिंग के बीच फेन्टानिल प्रिकर्सर के प्रवाह को रोकने पर सहमति बनी है। पिछले अक्टूबर में बीजिंग ने व्यापारिक सीमा शुल्क में छूट पाने के बदले रसायनिक नियंत्रण को कड़ा करने का वादा किया था।

चीनी जन सुरक्षा मंत्रालय और अमेरिकी न्याय विभाग ने संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की तस्करी की एक साजिश को नष्ट करने की घोषणा की है। ट्रम्प और सी के बीच हुई इस सहमति से अमेरिका में प्रति‍दाता नशीले पदार्थों के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले रसायन ‘फेन्टानिल प्रिकर्सर’ के प्रवाह को रोकने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

पिछले अक्टूबर में, व्यापार सीमा शुल्क में छूट के संदर्भ में बीजिंग ने इन रसायनों पर सख्ती से नियंत्रण करने का संकल्प जताया था। तब से दोनों पक्ष नशीली दवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सुलझाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

इसी बीच, बीजिंग ने सोमवार को चीनी जन सुरक्षा मंत्रालय और अमेरिकी न्याय विभाग के संयुक्त प्रयास से एक अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की तस्करी के जाल को नष्ट करने की घोषणा की है।

संसद्‌मा चार दलको बहिष्कार, कांग्रेसको अवरोध (तस्वीरहरू)

संसद में चार विपक्षी दलों का बहिष्कार, कांग्रेस द्वारा किया गया अवरोध

प्रतिनिधि सभा में चार विपक्षी दलों ने संसद की बैठक का बहिष्कार किया है, वहीं नेपाली कांग्रेस ने विरोध स्वरूप अवरोध किया। प्रधानमंत्री बालेन शाह नीति तथा कार्यक्रम से जुड़े प्रश्नोत्तर में उपस्थित नहीं हुए, जिसके कारण अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने उत्तर देने की जिम्मेदारी ग्रहण की। नेकपा एमाले, नेकपा, श्रम संस्कृति पार्टी और राप्रपा ने बहिष्कार किया है, जबकि कांग्रेस ने अवरोध करते हुए कुछ सांसद बैठक से बाहर चले गए।

३१ वैशाख, काठमांडू। प्रतिनिधि सभा में चार विपक्षी दलों द्वारा संसद का बहिष्कार किया गया है, जबकि प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने विरोध स्वरूप अवरोध किया। सरकार की नीति तथा कार्यक्रम पर उठे सवालों के जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री बालेन शाह खुद उपस्थित होने की विपक्षी दलों की मांग थी। हालांकि, प्रधानमंत्री ने अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले को उत्तर देने की जिम्मेदारी दी है। प्रधानमंत्री के सदन में अनुपस्थित रहने के कारण नेकपा एमाले, नेकपा, श्रम संस्कृति पार्टी और राप्रपा ने संसद का बहिष्कार किया। कांग्रेस ने अवरोध मचाते हुए कुछ सांसद बैठक से बाहर चले गए। कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज आङ्देम्बे समेत अन्य नेता विरोध में खड़े थे।