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लेखक: space4knews

चीन र कजाखस्तान जाने नेपाली बुद्धिचाल टोलीको बिदाइ

चीन तथा कजाखस्तान जाने नेपाली बुद्धिचाल टोलीको बिदाई

नेपाली बुद्धिचाल टोलीलाई राष्ट्रिय खेलकुद परिषद्काका सदस्य–सचिव रामचरित्र मेहताले बिहीबार बिदाई गरेका छन्। टोलीले चीनमा अप्रिल ७ देखि १२ सम्म आयोजना हुने आठौँ सांघाइ को–ओपरेसन अर्गनाइजेसन अन्तर्राष्ट्रिय टिम चेस प्रतियोगितामा ३ खेलाडीहरूको सहभागिता जनाउनेछ। यस टोलीमा रुपेश जैश्वाल, आशिष फुयाल र कृतिशरा अधिकारी रहेका छन्। व्यवस्थापकको रूपमा ताराबहादुर रानाभाट नियुक्त भएका छन्।

अर्को टोली कजाखस्तानको अल्माटीमा अप्रिल ६ देखि ११ सम्म आयोजना हुने एसियाली महाद्वीपीय चरण एफआइडीई आईएससीएफ वर्ल्ड स्कुल टिम प्रतियोगितामा ५ खेलाडीहरूको सहभागिता हुनेछन्। यस टोलीमा निहाना श्रेष्ठ, सुहानी सिंह, कृष्टि रिजाल, वृजनन्ददास टम्टा र आकर्षण कुँवर रहेका छन्। व्यवस्थापक निराजन प्रजापति र प्रशिक्षक रिजेन्द्र राजभण्डारी रहेका छन्। दुवै टोली आइतबार आफ्नो गन्तव्यतर्फ प्रस्थान गर्नेछन्।

व्यवसायी दीपक भट्ट गिरफ्तारी, बीमा अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में

सम्पत्ति शुद्धि अनुसन्धान विभाग के अनुरोध पर नेपाल पुलिस के केंद्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (सीआईबी) ने व्यवसायी दीपक भट्ट को गुरुवार को गिरफ्तार किया है। भट्ट पर बीमा अधिनियम २०७९ की धारा १४० का उल्लंघन करते हुए लगभग ३ अरब ८१ करोड़ रुपए के शेयर खरीद में अनियमितता का आरोप है। जिला अदालत ने उन्हें १० दिन की हिरासत में रखकर मामले की जांच की अनुमति दी है, वहीं भट्ट ने खुद को दोषी न बताते हुए पीड़ित होने का दावा किया है।

दीपक भट्ट को शुक्रवार को जिला अदालत काठमांडू में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें १० दिन की हिरासत में लेकर जांच की अनुमति प्रदान की। भट्ट हिमालयन रिइंश्योरेंस कंपनी के प्रमुख शेयरधारकों में से एक हैं और नेपाल रिइंश्योरेंस कंपनी के शेयर खरीद में अनियमितताओं के आरोप में जांच जारी है। विभाग ने नेपाल स्टक एक्सचेंज बोर्ड और बीमा समिति को भी जांच के लिए पत्राचार किया है।

बताया गया है कि भट्ट ने हिमालयन रिइंश्योरेंस से २ अरब ७३ करोड़ ३३ लाख रुपए, सहायक कंपनियों से २२ करोड़ रुपए तथा नेपाल लाइफ इंश्योरेंस और अन्य कंपनियों से अतिरिक्त रकम का दुरुपयोग किया है। अदालत में भट्ट ने कहा कि उन्होंने किसी भी अनियमितता में भाग नहीं लिया है और उनके निकटस्थ लोगों ने उनके टीएमएस का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी की है। उन्होंने यह भी जताया कि धोखाधड़ी करने वालों को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है और सिर्फ उनकी जांच होना अन्यायपूर्ण है।

काठमाडौं में ट्रैफिक पुलिस ने पुराने वाहन चालकों पर कड़ा नियंत्रण, 31 चालकों के खिलाफ कार्रवाई

१९ चैत्र, काठमाडौं । काठमाडौं में एक विशेष ट्रैफिक जांच अभियान के तहत यांत्रिक स्थिति में समस्याग्रस्त पाए गए ३१ वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई की है। मुलपानी क्रिकेट ग्राउंड के नजदीक आयोजित इस विशेष जांच में अधिकांश वाहनों की यांत्रिक स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिसके बारे में काठमाडौं उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय ने जानकारी दी है। इनमे अत्यंत खराब स्थिति में पाए गए ३१ वाहन चालक दंडित किए गए हैं।

५२ वाहनों के निरीक्षण के दौरान हैंडब्रेक, लाइट, टायर सहित कई उपकरण दुरुस्त नहीं पाए गए और इनमे से ३१ वाहनों की यांत्रिक समस्या स्पष्ट हुई। ट्रैफिक पुलिस ने बताया है कि ऐसे खराब वाहन इस्तेमाल करने से दुर्घटना की संभावना अधिक होती है और यात्रियों का जीवन जोखिम में पड़ सकता है, इसलिए जोखिम को कम करने हेतु यह जांच अभियान चलाया गया है।

एचजेएनबीएल : टाइम्सविरुद्ध आर्मीको बदला

एचजेएनबीएल: आर्मी ने टाइम्स के खिलाफ बदला लेकर फिर से जीत हासिल की

१९ चैत, काठमांडू। हिमालयन जावा नेशनल बास्केटबॉल लीग (एचजेएनबीएल) २०२६ में गुरुवार को हुए दूसरे मैच में त्रिभुवन आर्मी क्लब विजयी रहा। आर्मी ने अपनी ११वीं जीत के दौरान टाइम्स को ९९-८५ से पराजित किया। इस जीत के साथ आर्मी ने पहले चरण में टाइम्स के खिलाफ मिली हार का बदला लिया है। इससे पहले टाइम्स ने आर्मी को ८०-६८ से हराया था।

निवेशकों को निवेश सुरक्षा के लिए तलाश जारी है

समाचार सारांश: नई सरकार के गठन के साथ ही उद्योगी-व्यवसायी नीतिगत स्थिरता और सहज व्यापार वातावरण की अपेक्षा कर रहे हैं। उद्योगी वर्ग की मांग है कि सरकार प्रक्रियागत जटिलताओं को हटाकर एकद्वार प्रणाली लागू करे। नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के चुनाव के नजदीक आते ही रघुनन्दन मारु ने नए नेतृत्व के लिए उम्मीदवारिता दर्ज की है। नई सरकार के गठन ने व्यावसायिक क्षेत्र में आशा का संचार किया है। राजनीतिक स्थिरता से नीतिगत स्थिरता आएगी और यह आर्थिक प्रगति का मार्ग खोलने में सहायक होगी, ऐसा विश्वास व्यावसायिक समुदाय में है। वहीं, अर्थ मंत्रालय नए बजट के निर्माण में लगा है। इसी संदर्भ में सिमेंट उत्पादक संघ के अध्यक्ष एवं शिवम् सिमेंट के प्रबंध निदेशक रघुनन्दन मारु से संवाद प्रस्तुत है:

नई सरकार के गठन के बाद उद्योगी-व्यवसायी वर्ग की अनुभूति कैसी है?
देश में दो तिहाई बहुमत वाली मजबूत सरकार बनी है और उद्योगी-व्यवसायी वर्ग इसे दिल से स्वागत कर रहा है। न केवल वे, बल्कि सामान्य नागरिक भी उत्साहित हैं क्योंकि अब वह सिद्धांतात्मक ‘बसने योग्य’ वातावरण व्यवहार में आने की उम्मीद है। पिछली समस्याएं जो हमें परेशान करती थीं, उनका समाधान अपेक्षित है।

स्थायी सरकार से उद्योगी-व्यवसायी की ठोस अपेक्षाएं क्या हैं?
नीतिगत स्थिरता प्रमुख मांग है। दीर्घकालिक नीति की आवश्यकता है। निवेशक चाहते हैं कि उनकी पूंजी सुरक्षित रहे। हमारा समूह विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है, जिन्होंने नेपाल में नीति-असंगति, बजट और सरकार के बदलाव के साथ नीतियों में बदलाव का अनुभव किया है। इसलिए स्थिर नीति सबसे बड़ी मांग है। दूसरी बात, प्रक्रियागत जटिलताओं को हटाना होगा। कंपनी पंजीकरण से संचालन के सभी चरणों में समान समस्याएं हैं। लाइसेंसिंग की अनावश्यक झंझट खत्म करनी होगी क्योंकि राष्ट्रनिर्माण के समय ये बाधाएं उद्योग को प्रभावित करती हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन न किए बिना आवेदन स्वीकार नहीं होना चाहिए, लेकिन सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी फाइल घुमाने की संस्कृति को खत्म करना होगा। वन भोगाधिकार की अव्यवस्था से जलविद्युत और खनन क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। वन संरक्षण के प्रति सभी सहमत हैं, परंतु प्रक्रियागत झंझट खत्म होनी चाहिए। यदि एक पेड़ काटा जाता है तो ५० पेड़ रोपने के नियम को लागू किया जाए। जलविद्युत और खनन उद्योगों में भोगाधिकार के प्रभाव पर विशेष ध्यान आवश्यक है। हदबंदी भी एक चुनौती है। यदि हम १०० अरब डॉलर का अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं तो बड़े औद्योगिक स्थापन के लिए सहज वातावरण जरूरी है। सरकार को उदारता दिखानी चाहिए और बड़े निवेश के लिए सरल नीति लानी चाहिए। इससे रोजगार बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। एकद्वार प्रणाली से प्रक्रियाओं को सुगम बनाया जाना चाहिए। उदाहरण स्वरूप, किसी खनन उद्योग को १२०० रोपनी जमीन मांगने पर राज्य द्वारा सीमा तय करके दी जाए। उद्योग विफल होने पर जमीन बेचने की अनुमति हो लेकिन अन्य प्रयोजनों के लिए उपयोग पर प्रतिबंध रहे। भूमि सुधार मंत्रालय की जटिल प्रक्रियाओं में सुधार कर फाइल घुमाने की संस्कृति को रोका जाए।

एकद्वार प्रणाली से सभी कार्य सहज होंगे, आपके विचार क्या हैं?
बिल्कुल। आज सूचना प्रौद्योगिकी के युग में भी एक टेबल से दूसरी टेबल पर फाइल पास करने का चलन प्रगति के लिए बाधक है। फाइल की स्थिति कंप्यूटर से ही आसानी से देखी जानी चाहिए। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सरकारी कार्यों को तेजी से, पेपरलेस तरीके से करना चाहिए। ऐसा होने पर वर्तमान सरकार देश की आर्थिक संरचना में परिवर्तन ला सकती है।

रास्वप ने पुराने कानूनों को खारिज करने का वादा किया है, जिसे अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने भी सेटअप किया है। उद्योग-व्यापार की प्रतिक्रिया क्या है? यह एक बड़ी उपलब्धि है और हम आशावादी हैं। पूर्व अर्थमंत्री रामेश्वर खनाल की अगुवाई वाले आर्थिक सुधार आयोग ने भी छह साल पहले गैरजरूरी कानूनों को खत्म करने की मांग की थी। इसे लागू किया जाना चाहिए जिससे देश में तेजी से सुधार होगा।

सरकार ने पाँच वर्ष में प्रतिव्यक्ति आय १५०० डॉलर से बढ़ाकर ३००० डॉलर करने का लक्ष्य रखा है, आपकी दृष्टि में इसकी संभावना कैसी है?
युवा पलायन रोकना और निराशा समाप्त करना आवश्यक है, सरकार इसे कर सकती है। युवाओं को उद्यमशील बनाने के लिए लचीली नीति और वातावरण प्रदान करना चाहिए। स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों को सभी प्रकार की प्रोत्साहन देना चाहिए। जब युवा व्यवसाय शुरू करेंगे तो अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा। इस कारण १५०० से ३००० डॉलर का लक्ष्य संभव है। वर्तमान में युवा विदेश रोजगार के लिए जाते हैं जो सामाजिक संरचना पर नकारात्मक असर डालता है। रेमिटेंस आधारित अर्थव्यवस्था हानिकारक है, उत्पादन आधारित होना चाहिए।

आप कहना चाहते हैं कि युवा उद्यमी बढ़ें?
हां, यदि हम ३००० डॉलर प्रति व्यक्ति आय और १०० अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं तो युवाओं को उद्यमशील बनाना आवश्यक है। अच्छी सोच और दूरदृष्टि से नेपाल तेजी से विकसित होकर एक दाता राष्ट्र बन सकता है।

आगामी बजट में उद्यमी क्या चाहते हैं?
कर नीति की पुनर्समीक्षा आवश्यक है। मूल्य वर्धित कर (VAT) में अलग-अलग स्लैब होने चाहिए, जैसे भारत में है। आवश्यक वस्तुओं पर न्यूनतम कर और विलासिता वस्तुओं पर उच्च कर होना चाहिए। कर नीति व्यावहारिक और संतुलित होनी चाहिए।

आपके अनुसार उपयुक्त कर दर क्या होनी चाहिए?
खाद्य जैसी अत्यावश्यक वस्तुओं पर न्यूनतम कर होना चाहिए ताकि महंगे उपभोक्ता वस्तुओं का भार कम हो। विलासिता वस्तुओं पर उच्च कर लगाना उचित है।

सिमेंट उद्योग की वर्तमान स्थिति कैसी है?
सिमेंट उद्योग निर्यात उन्मुख होता जा रहा है। उत्पादन क्षमता पर्याप्त होने के बावजूद निर्यात नहीं हो पा रहा। पहले सरकार निर्यात अनुदान देती थी परंतु अब रोक दिया गया है, जिससे उद्योग प्रभावित हुए हैं। अनुदान की निरंतरता आवश्यक है क्योंकि राजस्व में घाटा नहीं होता। नेपाल की लगभग २ करोड़ टन उत्पादन क्षमता है जबकि उपभोग ८० लाख टन से अधिक नहीं है। अतः अतिरिक्त उत्पादन को निर्यात प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

सिमेंट की कीमत क्यों बढ़ी?
ढुलाई लागत में वृद्धि, डीजल मूल्य में बढ़ोतरी, पैकिंग खर्च समेत कच्चे माल की कीमत बढ़ना मुख्य कारण हैं। इरान-अमेरिका युद्ध का भी प्रभाव पड़ा है। युद्ध का प्रभाव साफ नहीं दिखाई देता लेकिन इसके बहुआयामी असर आ रहे हैं। उम्मीद है कि यह जल्दी समाप्त हो।

नई सरकार से सिमेंट उद्योग के लिए क्या अपेक्षाएं हैं?
हदबंदी और वन भोगाधिकार मुख्य समस्या हैं। भोगाधिकार प्रणाली को समाप्त करना होगा। जब पेड़ काटने की अनुमति दी जाती है तो दोहरी अनुमति क्यों लेनी पड़ती है? ऐसे कानूनों में संशोधन जरूरी है। खनन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पेचीदा नियमों में सुधार करना होगा, चीन की तरह खनन उद्योग GDP में बड़ा योगदान दे सके। सरकार को कोयला आयात पर लगाया गया हरित कर हटाना चाहिए क्योंकि उत्पादन न होने वाली वस्तुओं पर कर लगाना उचित नहीं। प्रक्रियागत जटिलता हटाने में सक्षम हुए तो सिमेंट उद्योग बड़ा लाभ दे सकता है। सरकारी खर्च में वृद्धि और पूंजीगत व्यय पर जोर देना चाहिए जो सिमेंट की खपत बढ़ाएगा। वर्तमान में बड़े बजट का असाधारण हिस्सा प्रदेशों को जाता है, इसका पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है।

सिमेंट निर्यात कैसा है?
निर्यात लगभग बंद के बराबर है। केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में सिमेंट निर्यात हो रहा है। अनुदान कटौती के बाद भारत के साथ प्रतिस्पर्धा कठिन हो गई है, इसलिए राज्य को सुविधाएं प्रदान करनी होंगी।

देश के त्वरित विकास के अवसर क्या देखते हैं?
अवसंरचना का विकास देश के तेजी से विकास का आधार होगा। नेपाल जैसे छोटे देश में दूरी को आसान बनाना होगा, जैसे तप्लेजुंग से विराटनगर २ घंटे में पहुँचना संभव होना चाहिए। इससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

वर्तमान बजट में निवेश-मित्र वातावरण सुनिश्चित करने के लिए क्या आवश्यक है?
सरकारी सेवाओं में एकद्वार प्रणाली का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए। यह मांग पहले भी उठाई गई थी लेकिन लागू नहीं हो सकी। लाइसेंसिंग प्रक्रिया, तेज कार्रवाई और निवेश सुरक्षा की गारंटी आवश्यक है।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के आगामी चुनाव में आपकी भूमिका क्या है?
चुनाव नजदीक है। इस बार मैंने अन्जन श्रेष्ठ के नेतृत्व वाले समर्पित शिव घिमिरे पैनल से कार्यसमिति सदस्य पद के लिए उम्मीदवारिता दी है। उद्देश्य महासंघ का जिम्मेदार और व्यवस्थित संचालन करना है जिससे आर्थिक समृद्धि में प्रभावी योगदान हो।

आपके एजेंडे में क्या शामिल है?
सरकार और महासंघ के बीच दूरी को कम करना मेरी प्रमुख प्राथमिकता होगी। महासंघ को सरकार को डिजिटलाइजेशन की ओर प्रेरित करना होगा, जिसमें हम पिछड़े हुए हैं। उद्योगों की निराशा दूर करने में मेरी भूमिका रहेगी। मैं महासंघ को नए ढंग से आगे बढ़ाना चाहता हूं, निजी क्षेत्र और सरकार के बीच अविश्वास को दूर करना होगा। यदि जीत हासिल हुई तो निवेश के लिए प्रेरक वातावरण बनेगा।

अंत में कुछ कहना चाहेंगे?
रास्वप के घोषणापत्र के अनुसार कानूनी और प्रशासनिक बदलाव से देश का स्वरूप बदलेगा। नेपाली जनता को सरकार पर पूरा विश्वास करना चाहिए और उद्योगी व्यवसायी को भरोसा लेकर देश में ही विकास करने का संकल्प लेना चाहिए। यह संकल्प देश को समृद्ध बनाने में सक्षम होगा।

फेक रेस्क्यु मामले में भूमिका निभाने के आरोप में सहन्यायाधिवक्ता का तबादला

महान्यायाधिवक्ता कार्यालय ने फेक रेस्क्यु से जुड़े मामले को कमजोर करने में भूमिका निभाने के आरोप में सहन्यायाधिवक्ता रामहरी काफ्ले का तबादला किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय को इस संबंध में शिकायत मिलते ही इस मामले में गम्भीरता दिखाई गई। १९ चैत, काठमाडौं।

सहन्यायाधिवक्ता रामहरी काफ्ले के स्थान पर सहन्यायाधिवक्ता सोमकान्त भण्डारी को पदस्थापित किया गया है। जबकि काफ्ले को महान्यायाधिवक्ता कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है। यह कार्यवाही प्रधानमंत्री कार्यालय की गंभीरता का प्रतिफल है।

बादलको विवादित अभिव्यक्तिले एमालेमा तरंग – Online Khabar

बादल के विवादित बयानों ने एमाले में बड़ा स्तर पर हलचल मचाई

१८ चैत, काठमाडौं । प्रतिनिधि सभा के पहले बैठक में संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा बादल द्वारा दिया गया विवादित बयान नेकपा एमाले में भारी चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी के शासकीय रुख के विपरीत, बादल ने नेपाली सेना, कर्मचारी और विदेशी संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने जनता के मत का सम्मान न करने के साथ ही संसद का भी अवमूल्यन किया और परिणामों को षडयंत्र तथा इन निकायों के सहयोग से प्राप्त बताया। इस बयान पर एमाले के शीर्ष नेताओं ने विरोध जताया है। पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष बादल के इस बयान के कारण शुक्रवार दोपहर पार्टी कार्यालय च्यासल में आकस्मिक सचिवालय बैठक बुलाई गई है, जहाँ इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होगी।

बुधवार को ही बादल को एमाले संसदीय दल का नेता चुना गया था। पार्टी में उनके नेतृत्व को लेकर प्रश्न उठ रहे थे, फिर भी उन्हें संसदीय दल का नेता बनाया गया। आज हुई प्रतिनिधि सभा की पहली बैठक में थापाने ६ मिनट १७ सेकंड तक बोले और हर शब्द में निर्वाचन परिणाम पर गंभीर शक जताए। उपाध्यक्ष विष्णुप्रसाद पौडेल ने सोशल मीडिया पर सचिवालय बैठक में थापा के बयान पर गंभीर चर्चा होने और उचित निष्कर्ष निकालने की बात कही। सचिवालय बैठक की सूचना भी उन्होंने सोशल मीडिया से ही दी।

“प्रतिनिधि सभा की आज की बैठक में नेकपा एमाले के दल नेता रामबहादुर थापा के विचार पार्टी की स्थापित नीति एवं मान्यताओं के अनुरूप नहीं हैं। इस संदर्भ में कल आयोजित केन्द्रीय सचिवालय बैठक में गंभीर चर्चा होगी और उचित निर्णय की आशा है,” पौडेल ने फेसबुक पर लिखा। थापा के संसद संबोधन पर उपाध्यक्ष पौडेल से पहले उपमहासचिव योगेश भट्टराई ने भी असहमति जताई थी। उन्होंने थापा के बयान का खंडन करते हुए पार्टी के भीतर नेपाली सेना, न्यायपालिका, कर्मचारी तंत्र सहित राज्य के सभी संयंत्रों के प्रति सम्मान और विश्वास को कायम रखने की बात कही। “नेपाली सेना सहित सुरक्षा अंग, न्यायपालिका और कर्मचारी तंत्र के प्रति हमारी पार्टी में कोई वैमनस्य नहीं है; हमारा सम्मान और विश्वास हमेशा बना रहेगा,” भट्टराई ने कहा।

संसद में अपने संबोधन में कार्यवाहक अध्यक्ष थापाने कहा कि रास्वपा के जादुई विजय में सेना, कर्मचारी, सुशीला कार्की नेतृत्व वाली सरकार, गौरीबहादुर कार्की जांच आयोग, बारबरा फाउंडेशन समेत कई संस्थाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने कहा, “नेपाल में भाद्र २३ एवं २४ तारीख को अवैध तरीके से रास्वपा का अघोषित नेतृत्व में रंगक्रांति सफल हुई। फागुन २१ को हुए आम चुनाव से नीली क्रांति को वैधता मिली।”

बादल के अनुसार अदृश्य विदेशी ताकतों ने भी रास्वपा को जादुई विजय दिलाने में भूमिका निभाई। “किस उद्देश्य के लिए हथियारबद्ध टीओबी २३ और २४ तारीख को प्रकट हुए? पूर्व प्रधानमंत्री और गृहमंत्रियों को गैरकानूनी तरीके से क्यों गिरफ्तार किया गया?” थापा ने कई सवाल उठाए। थापाने लिखित भाषण पढ़ते हुए कहा कि जनताको सही अभिमत से रास्वपा का उदय नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर कई नेताओं ने पराजय स्वीकार कर ली है, लेकिन पार्टी में औपचारिक समीक्षा अभी बाकी है। “अब तक एमाले का मानना है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष थे,” एक पदाधिकारी ने कहा।

“लेकिन आज संसद में हमारे सांसद ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पार्टी में अब इस बारे में गंभीर चर्चा होगी।” पदाधिकारी ने बताया कि थापा के अभिव्यक्ति को खंडनीय मानते हुए आकस्मिक बैठक बुलाया गया है। “एमाले एक ऐसी पार्टी है जो राज्य के तंत्रों पर विश्वास करती है। चुनाव में अब तक कोई धोखाधड़ी की रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे मामले में उनकी बात खंडनीय है,” उन्होंने स्पष्ट किया।

बादल ने संसद में इस प्रकार संबोधित किया: सम्माननीय सभामुख महोदय, मैं सबसे पहले राष्ट्रीय स्वाधीनता, लोकतंत्र, गणतंत्र, संघीयता, शांति एवं समृद्धि के लिए अपने अमूल्य जीवन की आहुति देने वाले भाद्र २३ और २४ के सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। नेपाल में भाद्र २३ और २४ को अवैध तरीके से रास्वपा के अघोषित नेतृत्व में रंगक्रांति सफल हुई। फागुन २१ के आम चुनाव ने नीली क्रांति को वैधता प्रदान की। चैत १३ को भव्य धार्मिक समारोह के माध्यम से श्री बालेन्द्र शाह को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस ऐतिहासिक विजय पर रास्वपा और माननीय प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को नेकपा एमाले की ओर से हार्दिक बधाई देना चाहता हूँ। इस अभूतपूर्व विजय में निर्णायक भूमिका निभाने वाले प्रमुख पक्ष नेपाली सेना, प्रशासन, सुशीला सरकार, कार्की आयोग, बारबरा फाउंडेशन तथा अन्य संस्थाएं थीं। मैं उन्हें नेकपा एमाले की ओर से हार्दिक बधाई देता हूँ। बाहरी शक्तियां, टीओबी, एआई, एल्गोरिदम आदि जिन्होंने राष्ट्रीयता, लोकतंत्र, गणतंत्र, संघीयता, शांति एवं समृद्धि के नायकों को दुश्मन बनाया, उन्होंने भी इस विजय में निर्णायक भूमिका निभाई। यह वैज्ञानिक विजय कई गंभीर सवाल लेकर आई है: सिंहदरबार, शितल निवास, बालुवाटार, सर्वोच्च अदालत, राजनीतिक नेतृत्व और निजी आवास, पुलिस चौकियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान क्यों जलाए गए? किसने अविवेकी छात्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने के लिए प्रोत्साहित किया? हथियारबद्ध टीओबी २३-२४ को क्यों प्रकट हुए? पूर्व प्रधानमंत्रियों और गृह मंत्रियों को गैरकानूनी रूप से गिरफ्तार क्यों किया गया? राजनीतिक नेतृत्व की गिरफ्तारी की योजना का क्या अर्थ है? देशव्यापी दमन और आतंक क्यों बढ़े? मीडिया ट्रायल और साइबर आतंक क्यों पैदा हुआ? इन सवालों के जवाब भविष्य देगा। हम राज्य से निरंतर प्रश्न पूछते रहेंगे और इस सदन में अपनी आवाज होती रहेंगे। इस ऐतिहासिक मोड़ पर विपक्ष में आए नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, नेकपा, श्रम संस्कृति पार्टी, राप्रपा और स्वतंत्र माननीयज्यों को शुभकामनाएं देता हूँ। अंत में, इस अभूतपूर्व विजय ने पराजित पक्ष को गंभीर शिक्षा दी है और उनकी कमजोरियां सुधारने का अवसर दिया है। यह पराजय अस्थायी है और शीघ्र ही सीख लेकर विजय में परिवर्तित होगी। धन्यवाद।

गुल्मी में एसईई परीक्षा के पहले दिन ही शुरू हुई उत्तरपुस्तिका जांच


१९ चैत, गुल्मी। माध्यमिक शिक्षा परीक्षा (एसईई) के अन्तर्गत बिहीवार को पहले दिन अंग्रेज़ी विषय की परीक्षा आयोजित हुई।

परीक्षा समाप्त होते ही गुल्मी की चार स्थानीय इकाइयों ने उत्तरपुस्तिका जांच की प्रक्रिया आज ही से शुरू कर दी है।

शिक्षा विकास तथा समन्वय इकाई गुल्मी के प्रमुख थानेश्वर घिमिरे के अनुसार चन्द्रकोट, धुर्कोट, मदाने और रुरुक्षेत्र गाउँपालिकाओं ने आज से ही उत्तरपुस्तिकाओं की जांच आरंभ की है।

उन्होंने बताया कि आज सभी परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा संपन्न हुई। बाकी स्थानीय तह शुक्रवार से उत्तरपुस्तिका जांच शुरू करेंगे।

इस वर्ष गुल्मी से १५१ विद्यालयों के कुल ४,४५२ विद्यार्थी एसईई में हिस्सा ले रहे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में विद्यार्थियों की संख्या कम हुई है।

वर्ष २०८१ की एसईई परीक्षा में १३८ विद्यालयों से ४,८५७ परीक्षार्थी शामिल थे।

इस वर्ष पिछले साल की तुलना में ४०५ परीक्षार्थी कम भाग ले रहे हैं। वर्तमान में नियमित सामान्य श्रेणी से ३,३४२, प्राविधिक वर्ग से २५८ और ग्रेड वृद्धि श्रेणी से ८५१ परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे।

गृहमन्त्री गुरुङ का त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल में आकस्मिक निरीक्षण

१९ चैत, काठमाडौं। गृहमन्त्री सुधन गुरुङले त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थलमा आकस्मिक रूपमा अनुगमन गरेका छन्। केही समय पहिले विमानस्थल पुगेर उनले अनुगमन प्रक्रिया आरम्भ गरेका हुन्। अनुगमनको क्रममा, उनले भीआईपी कक्ष, अध्यागमन विभाग, यात्रुहरूको आगमन तथा प्रस्थान कक्षहरूको अवलोकन गरेका थिए। सार्वजनिक रुपमा विमानस्थलमा बारम्बार देखापर्ने समस्या र समाधानका लागि उठेका मागहरूलाई ध्यानमा राख्दै गृहमन्त्री गुरुङले उक्त अनुगमन गरेका हुन् भन्ने जानकारी उनी निकट स्रोतहरूले दिएका छन्। अनुगमन अवधिमा उनले सेवाग्राहीलाई कुनै प्रकारको असुविधा नहोस् भन्ने उद्देश्यका साथ सम्बन्धित कर्मचारीहरूलाई कडा निर्देशन दिएका थिए। विदेशबाट फिर्ता भएका नागरिकहरूले विमानस्थलमै भोग्नुपर्ने समस्या अन्त्य गर्न पनि उनले अनुरोध गर्दै यस्तो गुनासो दोहोरिन नदिन सचेत गराएका छन्। साथै, सामान्य लत्ताकपडा र व्यक्तिगत सामानहरूको अनावश्यक जाँचबाट पनि सेवाग्राहीलाई कष्ट नहोस् भनी उनले निर्देशन दिएका छन्।

गोल्डेनगेट की 11वीं जीत, हाउण्ड्स को चौथी हार

समाचार सारांश

OK AI द्वारा सिर्जना। सम्पादकीय रूपमा समीक्षा गरिएको।

  • गोल्डेनगेट बास्केटबल क्लब ने एचजेएनबीएल में केविसी हाउण्ड्स को ९१-७८ से हराकर अपनी ११वीं जीत दर्ज की।
  • गोल्डेनगेट १२ मैचों में २३ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बना हुआ है जबकि हाउण्ड्स २० अंकों के साथ चौथे स्थान पर हैं।
  • लीग में शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में प्रवेश करेंगी और विजेता को ४ लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

१९ चैत्र, काठमांडू। हिमालयन जावा नेशनल बास्केटबल लीग (एचजेएनबीएल) २०२६ में गुरुवार को हुए पहले मैच में गोल्डेनगेट बास्केटबल क्लब ने अपनी ११वीं जीत दर्ज की।

त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवरडहल में हुए मुकाबले में गोल्डेनगेट ने केविसी हाउण्ड्स को ९१-७८ से मात दी।

पहले क्वार्टर में गोल्डेनगेट ने २६-२२ की बढ़त बनाई, दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने समान २०-२० अंक जोड़े। तीसरे क्वार्टर में गोल्डेनगेट ने २७-१९ की बढ़त लेकर अपना बढ़त और मजबूत की, जबकि चौथे क्वार्टर में १८-१७ से बढ़त बनाए रखी।

यह गोल्डेनगेट की १२ मैचों में ११वीं जीत है और वह २३ अंकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। गोल्डेनगेट ने शीर्ष स्थान पर २ अंकों का अंतर बना लिया है।

एक मैच कम खेली हुई त्रिभुवन आर्मी क्लब और टाइम्स बास्केटबल क्लब दोनों के २१ अंक हैं और ये दोनों टीमें आज आपस में मुकाबला कर रही हैं।

हाउण्ड्स को यह चौथी हार है। दुर्भाग्यवश, हाउण्ड्स को पिछली बार भी गोल्डेनगेट के खिलाफ ९१-८७ से हार का सामना करना पड़ा था, जिससे गोल्डेनगेट ने हाउण्ड्स पर डबल जीत दर्ज कर ली।

इस हार के बाद हाउण्ड्स की आठ मैचों की लगातार जीत का सिलसिला टूट गया। शुरुआती तीन मैचों में हारने के बाद उन्होंने लगातार आठ मैच जीते थे। १२ मैचों में २० अंकों के साथ हाउण्ड्स चौथे स्थान पर हैं।

गोल्डेनगेट के निकेश मगर को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ घोषित किया गया।

नेपाल बास्केटबल संघ (नेबा) के आयोजन में जारी इस दूसरे संस्करण के एचजेएनबीएल में आठ टीमें प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

डबल राउंड रॉबिन प्रणाली में खेली जाने वाली इस लीग में कुल ५६ मैच होंगे। लीग चरण के बाद शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में प्रवेश करेंगी। प्लेऑफ में लीग के पहले और दूसरे स्थान वाली टीमों के बीच पहला क्वालिफायर मैच होगा, जबकि तीसरे और चौथे स्थान वाली टीमों के बीच एलिमिनेटर मैच होगा।

पहले क्वालिफायर में हारने वाली टीम और एलिमिनेटर की विजेता टीम के बीच दूसरा क्वालिफायर मैच खेला जाएगा। पहले और दूसरे क्वालिफायर की विजेता टीमों के बीच फाइनल मुकाबला होगा।

प्रतियोगिता के विजेता को ४ लाख रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा, जबकि उपविजेता को २ लाख और तीसरे स्थान पर आने वाली टीम को १ लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (एमवीपी) पुरस्कार भी दिया जाएगा, जैसा कि नेबा ने बताया है।

एमालेले बोलायो आकस्मिक सचिवालय बैठक – Online Khabar

एमालेले आकस्मिक सचिवालय बैठकको सूचना जारी गर्यो


१८ चैत, काठमाडौं। नेकपा एमालेले आकस्मिक सचिवालय बैठक बोलाएको छ। उपाध्यक्ष विष्णुप्रसाद पौडेलले फेसबुकमार्फत सचिवालय बैठक बस्ने जानकारी दिएका छन्।

प्रतिनिधि सभाको आजको बैठकमा कार्यवाहक अध्यक्ष रामबहादुर थापाको सम्बोधनप्रति असन्तुष्टि व्यक्त गर्दै पौडेलले सचिवालय बैठकमा यस विषयमा छलफल गरिने बताउँदै आएका छन्।

कार्यालय स्रोतका अनुसार भोलि दिउँसो १ बजे सचिवालय बैठक बस्ने रहेको छ।

३० देशों की आपातकालीन वर्चुअल बैठक, अमेरिका भागीदार नहीं होगा

सूचनासारांश

संपादकीय समीक्षा के साथ प्रस्तुत।

  • ब्रिटेन आज 30 देशों की वर्चुअल कॉन्फ्रेंस आयोजित कर हर्मुज जलसन्धि को पुनः चालू करने पर चर्चा करेगा।
  • इरानी सेना की व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमलों के कारण हर्मुज जलसन्धि पूरी तरह प्रभावित हुई है।
  • अमेरिका इस सम्मेलन में शामिल नहीं होगा, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने अन्य देशों को जलसन्धि स्वयं खोलने की चुनौती दी है।

विश्व के कुल तेल और गैस आपूर्ति का 20 प्रतिशत हिस्सा संभालने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हर्मुज जलसन्धि को पुनः चालू करने के लिए ब्रिटेन गुरुवार को 30 देशों की एक वर्चुअल बैठक आयोजित कर रहा है।

अमेरिका और इज़राइल के साथ ईरान के युद्ध तनाव के बीच, ईरानी सेना ने व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमले किए हैं जिससे यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

ब्रिटिश विदेश मंत्री इवेट कपूर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में जलसन्धि की सुरक्षा के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा होगी। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिका हिस्सा नहीं लेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक विवादित बयान में अन्य देशों को ‘देर से ही सही लेकिन हिम्मत करके’ जलसन्धि स्वयं खोलने की चुनौती दी है।

इस सम्मेलन में फ्रांस, जर्मनी, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों से अपेक्षा है कि वे ईरानी सेना से व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद करने की संयुक्त अपील करेंगे।

NOC और फ्रांसीसी दूतावास के सहयोग से ‘रिले अराउंड द वर्ल्ड’ कार्यक्रम सम्पन्न

काठमाडौं के डल्लु में स्थित नेपाल ओलंपिक कमिटी (एनओसी) के भूकंप स्मृति बहुउद्देश्यीय कवर हॉल में विश्वव्यापी रिले के अंतर्गत टेबल टेनिस कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। नेपाल में फ्रांसीसी दूतावास के आयोजन में और नेपाल ओलंपिक कमिटी तथा अखिल नेपाल टेबल टेनिस संघ के समन्वय में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षमता और आयु वर्ग के खिलाड़ियों को एक मंच पर जोड़कर आपसी सहयोग और एकता की भावना को बढ़ावा दिया गया। १९ चैत, काठमांडू।

गुरुवार सुबह डल्लु के एनओसी बहुउद्देश्यीय कवर हॉल में ‘विश्वव्यापी रिले’ (रिले अराउंड द वर्ल्ड) के अंतर्गत विशेष मैत्रीपूर्ण टेबल टेनिस कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। फ्रांसीसी दूतावास के आयोजन और नेपाल ओलंपिक कमिटी तथा अखिल नेपाल टेबल टेनिस संघ के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य खेल के माध्यम से कूटनीतिक और सामुदायिक संबंधों को और मजबूत और दीर्घकालिक बनाना था।

कार्यक्रम में पेशेवर खिलाड़ी, स्थानीय छात्र और विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाकर ‘ग्लोबल एम्बेसी स्पोर्ट्स इनिशिएटिव’ के सिद्धांत को व्यवहार में उतारा गया। समावेशी सहभागिता पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस कार्यक्रम में पारंपरिक प्रतिस्पर्धात्मक सीमाओं को तोड़कर विभिन्न क्षमता और उम्र वर्ग के प्रतिभागियों को एक ही टेबल पर एक साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दिया गया। आयोजकों ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों और नए सीखने वाले छात्रों को अलग-अलग रखने की बजाय मिश्रित समूह बनाकर अभ्यास और मैच संचालित किए।

इस अभ्यास के माध्यम से खिलाड़ियों की क्षमता और पीढ़ीगत भिन्नताओं को कम करते हुए आपसी सहयोग और एकता की भावना को मजबूत किया गया है। विश्वभर के फ्रांसीसी दूतावासों द्वारा पाल-पल आयोजित यह रिले कार्यक्रम विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि और पीढ़ियों के बीच दूरी को कम करने की एक विश्वव्यापी पहल के रूप में विकसित हुआ है। नेपाल में फ्रांस की राजदूत भर्जिनी कोर्टेवल ने खेल को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित न रखते हुए इसे विश्वशांति, सद्भावना और स्वस्थ नागरिक समाज निर्माण में योगदान देने वाला एक शक्तिशाली माध्यम बताया।

नेपाल ओलंपिक कमिटी के अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम को मूलभूत मूल्य, उत्कृष्टता, सम्मान और मित्रता की भावना को समेटकर आयोजित किया गया और इसने नेपाल और फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों को नागरिक स्तर पर और मजबूती प्रदान की है। कार्यक्रम में नेपाल ओलंपिक कमिटी के महासचिव राजीव श्रेष्ठ सहित अन्य पदाधिकारी, फ्रांसीसी दूतावास के कर्मचारी, खिलाड़ी और पत्रकारों की भी व्यापक उपस्थिति रही।

कांग्रेस संसदीय दलको नेता को ? – Online Khabar

संसदीय दलको नेता चयन प्रक्रिया अघि बढाउन कांग्रेस तयार

नेपाली कांग्रेसले प्रतिनिधिसभाको सभामुख चयनपछि मात्र संसदीय दलको नेता चयन प्रक्रिया अघि बढाउने तयारी गरेको छ। सभामुख चयन भएपछि कांग्रेसले संसदीय दलको नेता चयनका लागि केन्द्रीय कार्यसम्पादन समितिको बैठक बोलाएर निर्वाचन समिति गठन गर्नेछ। प्रतिनिधिसभा निर्वाचनपछि कांग्रेसमा संसदीय दलको नेता चयनका लागि मतदान प्रक्रिया अपनाउने सम्भावना बढेको छ। १९ चैत, काठमाडौं। नवगठित प्रतिनिधिसभाले सभामुख चयन गरिसकेपछि मात्र प्रमुख प्रतिपक्षी नेपाली कांग्रेसले संसदीय दलको नेता टुंग्याउने भएको छ। पार्टीबाट निर्वाचित प्रतिनिधिसभाका जेष्ठ सदस्य अर्जुननरसिंह केसी हाल जेष्ठ सदस्यको भूमिका निर्वाह गर्दै हुनुहुँदा कांग्रेसले ढिलो गरी दलको नेता चयन गर्ने भएको हो।

कांग्रेसका समानुपातिक सांसद केसीले यस पदको आकांक्षा राखेपछि सभामुखको चयनपछि मात्र संसदीय दलको नेता चयनबारे प्रक्रिया अघि बढाउने कांग्रेसको तयारी छ। कांग्रेसको एक उच्च नेताले सभामुखको निर्वाचनपछि मात्रै संसदीय दलको नेता चयनबारे छलफल अघि बढाउने जानकारी दिनुभयो। ‘अर्जुननरसिंह दाइले इच्छा देखाइरहनुभएको छ। अहिले उहाँ सभा सञ्चालन गर्ने भूमिकामा हुनुहुन्छ,’ ती नेताले भने, ‘सभामुख चयनपछि जेष्ठ सदस्यको हैसियतमा उहाँले संसद सञ्चालन गर्नु पर्दैन। त्यसपछि मात्र हाम्रो छलफल अगाडि बढ्नेछ।’

प्रतिनिधिसभाका सभामुखको निर्वाचन २२ चैतका लागि तोकिएको छ। निर्वाचनका लागि मनोनयन दर्ता २० चैतमा हुनेछ। २२ चैतमा निर्वाचन भइरहँदा सभामुख पदबहाली पछि कांग्रेस सांसद केसीले जेष्ठ सदस्यको भूमिका सक्नेछन्। कांग्रेस स्रोत अनुसार पार्टीले २३ चैतपछि मात्र संसदीय दलको नेता चयन गर्ने सम्भावना छ। कांग्रेस महामन्त्री गुरूराज घिमिरेले दलको नेता चयनका लागि निर्वाचन समिति बनाउन केन्द्रीय कार्यसम्पादन समिति बैठक बोलाइएको जानकारी दिनुभयो। उहाँका अनुसार आगामी शनिबार बस्ने केन्द्रीय कार्यसम्पादन समितिको बैठकले निर्वाचन समिति चयन गर्नेछ। ‘कार्यसम्पादन समितिको बैठक बसेपछि निर्वाचन समिति गठन हुनेछ र त्यसले प्रक्रिया अगाडि बढाउनेछ,’ महामन्त्री घिमिरेले भन्नुभयो, ‘शनिबारका लागि कार्यसम्पादन समिति बैठक बोलाइएको छ।’

गूगल वॉलेट में नए रंगीन पास और कार्ड के इंटरफेस में बदलाव

गूगल ने अपने डिजिटल वॉलेट ऐप ‘गूगल वॉलेट’ के नए रंगीन इंटरफेस का परीक्षण शुरू कर दिया है। नए संस्करण (v26.12.88) में पास, मूवी टिकट और लॉयल्टी कार्ड के डिजाइन में बड़ा परिवर्तन किया गया है। नए इंटरफेस में पास का नाम, नंबर, तिथि और सेटिंग्स के शॉर्टकट्स पहले पृष्ठ पर दिखाई देंगे और उपयोगकर्ता अपने पसंदीदा कार्ड्स रख सकेंगे।

गूगल वॉलेट को और अधिक आकर्षक व उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है। एंड्रॉइड अथॉरिटी के अनुसार, गूगल व्यक्तिगत पास के लिए ‘मैटेरियल ३ एक्सप्रेसिव’ डिज़ाइन स्टाइल अपनाने जा रहा है। इस बदलाव में रंगीन पृष्ठभूमि मुख्य होगी, जो ऐप को पहले से अधिक आधुनिक रूप प्रदान करेगी। नए इंटरफेस में किसी भी पास को खोलते ही उसका नाम, नंबर, कार्ड जोड़ने की तारीख और सेटिंग्स के शॉर्टकट्स पहले पृष्ठ पर ही नजर आएंगे।

उपयोगकर्ता बार-बार उपयोग किए जाने वाले पास को ‘स्टार’ आइकन के माध्यम से पसंदीदा में रख सकेंगे, जिससे उन कार्ड्स को चुनना आसान होगा। पास या टिकट की तस्वीर अब स्क्रीन के ऊपरी आधे हिस्से को घेरेगी, जिससे स्कैनिंग या विवरण को देखना और स्पष्ट होगा। फिलहाल यह नया डिज़ाइन कुछ सीमित उपयोगकर्ताओं के बीच परीक्षणाधीन है और आम उपयोग के लिए इसे उपलब्ध होने में कुछ समय लग सकता है। गूगल वॉलेट को केवल पेमेंट ऐप नहीं बल्कि पूरी डिजिटल लाइफस्टाइल ऐप बनाने के लिए ये बदलाव किए जा रहे हैं।