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लेखक: space4knews

नहाते समय शरीर के किस हिस्से में पानी डालना चाहिए?

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा किया गया है। सिर पर सीधे पानी डालने से मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं पर अचानक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे चक्कर आना या सिर दर्द जैसी समस्या हो सकती है। नहाने से पहले सबसे पहले कहां पानी डालना चाहिए इस विषय में आपने भी कई बार उलझन अनुभव की होगी। विशेष रूप से ठंडे मौसम में शरीर पर पानी डालने का विचार ही असहज लगना स्वाभाविक है। नहाने का तरीका लोगों में अलग-अलग होता है। कई लोग सिर से पानी डालना शुरू करते हैं तो कुछ सीधे सीने या हाथ-पैर से धीरे-धीरे पानी डालना शुरू करते हैं। लेकिन पानी कहां से डालना चाहिए इस पर अधिकांश लोग ध्यान नहीं देते।

क्या आपने कभी सोचा है, नहाते समय सबसे पहले शरीर के किस हिस्से में पानी डालना चाहिए? नहाने के तरीके और इनका लाभ आयुर्वेद में विस्तृत रूप से चर्चा किया गया है। सबसे पहले कहां पानी डालना चाहिए? आयुर्वेद विशेषज्ञ मानते हैं कि पैरों से पानी डालकर नहाना लाभकारी होता है। इसके बाद ही अन्य हिस्सों में पानी डालना चाहिए। पानी को धीरे-धीरे घुटनों, जांघों, पेट, कंधों और अंत में सिर तक पहुंचाना उत्तम होता है। इस तरह नहाने से क्या लाभ होता है? यह शरीर के तापमान को धीरे-धीरे बदलने में मदद करता है और शरीर को अचानक तापमान के झटके से बचाता है। यह शरीर में गर्माहट कम करने की प्रक्रिया को सहज बनाता है।

क्या सिर पर सीधे पानी डालना सही है? यदि नहाते समय एक बार में सीधे सिर पर पानी डाल दिया जाता है तो इस आदत को अभी ही सुधार लें। सीधे ठंडा पानी सिर पर डालने से मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं पर अचानक प्रभाव पड़ सकता है। कुछ लोगों को चक्कर आना, सिर में दर्द या बेचैनी महसूस हो सकती है। विशेषकर अगर बहुत ठंडे पानी से नहाया जाए तो इस मामले में सावधानी बरतनी चाहिए।

नहाते समय सही विधि क्यों अपनाना जरूरी है? आयुर्वेद के अनुसार नहाते समय संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए सबसे पहले पैरों पर पानी डालकर नहाने की शुरुआत करनी चाहिए और अंत में ही सिर पर पानी डालना चाहिए। इससे नहाने वाले व्यक्ति को आराम और सुकून मिलता है। गरम पानी से नहाते समय क्या ध्यान रखें? गरम पानी का उपयोग करते समय बहुत गरम पानी सीधे सिर पर न डालना बेहतर होता है। अत्यधिक गरम पानी से सिर के बाल और त्वचा सूख सकते हैं और सिर में खुजली या जलने की समस्या हो सकती है।

प्रधानमन्त्रीका अभिव्यक्तिहरू फिर्ता नलिई विद्यार्थीहरूको प्रदर्शन जारी रहने

प्रधानमन्त्रीले सीमा सम्बन्धी गरेका अभिव्यक्तिहरू राष्ट्रिय हितविपरीत रहेको ठहर गर्दै त्रिचन्द्र क्याम्पसका विद्यार्थीहरूले काठमाडौंको घण्टाघरमा विरोध प्रदर्शन गरेका छन्। प्रदर्शनमा सहभागी विद्यार्थीहरूले प्रधानमन्त्रीले संसदमा माफी माग्नु पर्ने नभएसम्म आन्दोलन निरन्तर जारी राख्ने चेतावनी दिएका छन्। २२ जेठ, काठमाडौं। सीमा विषयमा प्रधानमन्त्रीको अभिव्यक्ति फिर्ता लिनुपर्ने माग राख्दै विद्यार्थीहरूले काठमाडौंमा विरोध प्रदर्शन गरेका छन्। त्रिचन्द्र क्याम्पसका विद्यार्थीहरूले शुक्रबार काठमाडौंको घण्टाघरमा विरोध प्रदर्शन गर्दै राष्ट्रिय अखण्डताको पक्षमा एकजुट हुने र देशका सीमा तथा स्वाभिमान हाम्रो प्राण, हाम्रो भूमि हाम्रो शान भन्ने सन्देश बोकेका प्लेकार्डहरूसहित प्रदर्शन गरेका थिए। त्रिचन्द्रका विद्यार्थी मनोज भण्डारीले प्रधानमन्त्रीले संसदमा देशको गरिमाविरुद्ध सीमा सम्बन्धी अभिव्यक्तिहरू दिने कारण उनीहरूले विरोध जनाएको बताएका छन्। उनले प्रधानमन्त्रीले संसदमा माफी न मागेसम्म उनीहरूको आन्दोलन रोक्न नसकिने प्रष्ट पारेका छन्।

रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध और यूक्रेन को अतिरिक्त सहायता देने वाला अमेरिकी विधेयक पारित

अमेरिकी संसद के निचले सदन ने रूस पर प्रतिबंध कड़े करने और यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता प्रदान करने वाला विधेयक पारित किया है। गुरुवार के मतदान में इस विधेयक के समर्थन में २२६ और विपक्ष में १९५ मत पड़े। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य ग्रेगरी मिक्स ने यह विधेयक प्रस्तुत किया है।

विधेयक में रूसी वस्तु और सेवाओं पर कस्टम ड्यूटी को न्यूनतम ५०० प्रतिशत तक बढ़ाने और वित्तीय संस्थाओं पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है। इसके साथ ही, रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के हालात का नियमित मूल्यांकन करने की व्यवस्था भी की गई है। इसके तहत यह जांच की जाएगी कि रूस ने शांति समझौते का पालन किया है या नहीं, और शांति स्थापना के लिए किस हद तक ईमानदारी से वार्ता की है।

आर्थिक वर्ष २०२६ और २०२७ के लिए यूक्रेन को ३०० मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर सैन्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान भी इस विधेयक में शामिल है। इसके अलावा, इस विधेयक में रूस के अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों, तेल और गैस क्षेत्रों, कोयला और खनन उद्योगों पर भी अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।

नेपाल बजट २०८३/८४: भन्सार दरों में बदलाव से विदेशी आवागमन पर पड़ सकते हैं प्रभाव

जोगबनी बजार

तस्बिर स्रोत, Phanindra Dahal/BBC

तस्बिर का कैप्शन, भारत के साथ सीमा से सटा बाज़ार जहाँ लोग खरीदारी के लिए जाते हैं

वीरगंज निवासी सोनाली कायस्थ भारत से सड़क मार्ग के माध्यम से घरेलू सामान लाते समय भन्सार की कड़ी जांच से खुश नहीं हैं।

पहले १०० रुपये तक के सामान पर मिलने वाली छूट को ५०० रुपये तक बढ़ाया गया है, लेकिन उन्हें लगता है यह भी पर्याप्त नहीं है।

पिछले चैत में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद भारत से सामान लाते समय लगने वाले भन्सार नियमों को ‘कठोरता से’ लागू किए जाने को लेकर सीमा पार दोनों तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई थी।

लेकिन वह कोई नया नियम नहीं था।

भन्सार विभाग के अधिकारियों के अनुसार २०६० साल से ही १०० रुपये से अधिक मूल्य वाले वस्तुओं पर भन्सार लगता था।

विश्व कप के लिए नया फीफा गेम नेटफ्लिक्स पर लॉन्च

समाचार सारांश

  • फीफा विश्व कप 2026 के अवसर पर नेटफ्लिक्स 11 जून से नया वीडियो गेम ‘फीफा विश्व कप : लॉन्च एडिशन’ जारी करने जा रहा है।
  • फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फांतिनो ने कहा, ‘यह सहयोग विश्वभर के अरबों फुटबॉल प्रशंसकों तक पहुंचने के हमारे लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।’
  • इस गेम को खेलने के लिए नेटफ्लिक्स सदस्यता और मोबाइल फोन आवश्यक होगा।

22 जून, काठमांडू। फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत होते ही नेटफ्लिक्स फुटबॉल प्रेमियों के लिए नया वीडियो गेम ‘फीफा विश्व कप : लॉन्च एडिशन’ पेश करने की तैयारी में है।

डेल्फी इंटरएक्टिव द्वारा विकसित और प्रकाशित यह गेम 11 जून से नेटफ्लिक्स सदस्यों के लिए विशेष रूप से उपलब्ध होगा। फीफा के अनुसार, यह गेम विश्व कप की उत्सुकता, रोमांच और प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव को सहज और मनोरंजक शैली में प्रस्तुत करेगा।

यह गेम सीखने में आसान लेकिन उत्कृष्ट रूप से खेलने में चुनौतीपूर्ण बनाया गया है। खिलाड़ी इसे अकेले या अपने दोस्तों के साथ ऑनलाइन खेल सकते हैं। खेलने के लिए नेटफ्लिक्स सदस्यता और मोबाइल फोन आवश्यक होगा।

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फांतिनो ने नेटफ्लिक्स और डेल्फी इंटरएक्टिव के साथ इस सहयोग को फुटबॉल गेमिंग क्षेत्र में फीफा की नवाचार पहल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

उन्होंने कहा, ‘यह सहयोग विश्व के अरबों फुटबॉल समर्थकों तक पहुंचने की हमारी महत्वाकांक्षा की ओर बड़ा कदम है। पुनः कल्पित यह गेम डिजिटल फुटबॉल के नए युग की शुरुआत करेगा। नेटफ्लिक्स सदस्य इसे मुफ्त में खेल सकेंगे, जो फीफा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।’

कैसे खेलें?

‘फीफा विश्व कप : लॉन्च एडिशन’ में मोबाइल फोन को कंट्रोलर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि टेलीविजन स्टेडियम की भूमिका निभाएगा।

खेलने के लिए उपयोगकर्ता को टीवी पर गेम्स टैब में जाकर गेम चुनना होगा। फिर दिखाए गए QR कोड को मोबाइल से स्कैन करके कंट्रोलर सेटअप करना होगा, उसके बाद गेम शुरू किया जा सकेगा।

यह गेम नेटफ्लिक्स की सभी सदस्यता योजनाओं में शामिल है।

नेटफ्लिक्स गेम्स प्रमुख एलेन तस्कन ने विश्व कप 2026 को वर्ष के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बताते हुए कहा कि समर्थक अपने घर से ही इस अनुभव का आनंद वीडियो गेम द्वारा ले सकेंगे।

खेल में क्या-क्या शामिल है?

11 जून को विश्व कप के साथ लॉन्च होने वाले इस गेम में टूर्नामेंट के सभी 48 टीमें, 1,248 खिलाड़ी और 16 स्टेडियम शामिल होंगे। गेम के दृश्य अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के विश्व कप स्टेडियम आधारित होंगे।

कितने देशों में उपलब्ध होगा?

गेम का सीमित परीक्षण संस्करण 4 जून से ब्राजील और जर्मनी में शुरू हो चुका है।

पूरा संस्करण 11 जून से अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, मेक्सिको, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देशों में उपलब्ध होगा। फीफा ने बताया है कि वे भविष्य में और देशों में भी सेवा का विस्तार करेंगे।

‘लॉन्च एडिशन’ का क्या मतलब है?

फीफा के मुताबिक, ‘लॉन्च एडिशन’ गेम का प्रारंभिक संस्करण है, जो त्वरित खेलने, जोशीला और मनोरंजक अनुभव को प्राथमिकता देता है।

विश्व कप के दौरान और खिलाड़ियों के समुदाय के बढ़ने के साथ नेटफ्लिक्स अधिक संभवतया नई सुविधाएँ, जटिलताएँ, तकनीकी सुधार और अपडेट जारी करता रहेगा।

पूर्वमंत्री अर्याल: लोकतंत्र में कार्यक्षमता और रचनात्मकता को प्राथमिकता देना जरूरी

पूर्वमंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने कहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पदोन्नति से अधिक कार्यक्षमता और रचनात्मकता का माहौल बनाना अधिक महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र और गणतंत्र सभी के लिए अवसरों के द्वार खोलते हैं और बिना आधार किसी का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी गलती या कमी पर केवल प्रमाणों के आधार पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए। २२ जेठ, काठमाडौं।

शुक्रवार को काठमाडौं में आयोजित कार्यशाला गोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक निजामती सेवा के छैटवें स्तर पर थे लेकिन अब वे न केवल सांसद बल्कि मंत्री भी बने हैं, जो वर्तमान व्यवस्था में सभी को समान अवसर प्राप्त होने का उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को बिना तर्क-सिद्धांत अपमानित नहीं करना चाहिए और सभी को ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’ (संदेह का लाभ) दिया जाना चाहिए।

गृह प्रशासन की कार्यशैली पर चर्चा करते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रशासन केवल प्रमाणों के आधार पर ही आलोचना करता है या कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा, ‘‘गणतंत्र और लोकतंत्र में सभी के लिए संभावनाओं के द्वार खुले हैं। किसी का भी अपमान नहीं होना चाहिए। सभी को ‘बेनिफिट ऑफ डाउट’ मिलना चाहिए। यदि कोई गलती या कमी हुई है तो प्रमाण के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन बिना प्रमाण दूसरों का अपमान करते हुए आगे बढ़ना देश की प्रगति में बाधा है।’’

पूर्वमंत्री अर्याल ने समाज में अभी भी अपमान और दोषारोपण की प्रवृत्ति जारी होने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि लोकतंत्र मजबूत होने के साथ-साथ ये प्रवृत्तियां स्वतः कम होंगी। उन्होंने इस बात पर उम्मीद जताई कि वर्तमान सरकार इन मुद्दों पर विशेष ध्यान देगी और आने वाले दिनों में राजनीतिक तथा प्रशासनिक माहौल में सुधार होगा।

लोकतंत्र और राष्ट्रीयता के संरक्षण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री आचार्य

लुम्बिनी प्रदेश के मुख्यमंत्री चेतनारायण आचार्य ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नीति एवं कार्यक्रम में युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने आज लुम्बिनी प्रदेश स्तरीय युवा सम्मेलन २०८३ का उद्घाटन करते हुए आगामी बजट को युवामैत्री बनाने का प्रतिबद्धता व्यक्त की। आचार्य ने युवाओं से कहा कि अधिकारों की मांग करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री आचार्य ने बताया कि नीति एवं कार्यक्रम के आधार पर आगामी बजट और कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे, और युवामैत्री योजनाओं तथा कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावशाली बनाया जाएगा। नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी, लुम्बिनी प्रदेश के अध्यक्ष कृष्ण पंगेनी और यूनिसेफ के प्रतिनिधि रिद्धि शर्मा सहित अन्य ने युवाओं की सहभागिता, नेतृत्व विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े अपने विचार व्यक्त किए।

कनाडा ने एआई से 2 लाख 50 हजार रोजगार सृजित कर 3 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि की रणनीति जारी की

कनाडा ने वर्ष 2031 तक 2 लाख 50 हजार रोजगार सृजित करने के लक्ष्य के साथ नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति सार्वजनिक की है। देशी एआई कंपनियों को समर्थन देने के लिए कनाडा सरकार 50 करोड़ कनाडाई डॉलर का नया तकनीकी कोष स्थापित करने की योजना बना रही है। इस नई रणनीति के माध्यम से कनाडा की कुल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 3 प्रतिशत की वृद्धि होगी और आर्थिक लाभ लगभग 200 अरब कनाडाई डॉलर के बराबर होने का अनुमान है। 22 जेठ, काठमांडू।

कनाडा ने गुरुवार को नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रणनीति जारी की, जिसमें 2031 तक 2 लाख 50 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, इस रणनीति में देशी एआई कंपनियों को सहायता देने के लिए 50 करोड़ कनाडाई डॉलर (36.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर) के नए तकनीकी फंड को शामिल किया गया है। ‘सबके लिए एआई’ नामक इस रणनीति की घोषणा प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने की है।

कनाडा की बड़ी कंपनियाँ तेज सूचना प्रसंस्करण और ऐतिहासिक रूप से कम उत्पादकता वृद्धि वाले क्षेत्रों में नए उपकरण विकसित करने के लिए भारी निवेश कर रही हैं। टोरंटो में कार्नी द्वारा जारी इस रणनीति के अनुसार, कनाडा की कुल घरेलू उत्पाद में 3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। प्रमुख क्षेत्रों में एआई के व्यवसायीकरण और उपयोग से श्रम उत्पादकता में वृद्धि होगी, जिससे करीब 200 अरब कनाडाई डॉलर के आर्थिक अवसर पैदा होंगे।

कनाडा के डिजिटल क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 8 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं और यह क्षेत्र जीडीपी में 140 अरब कनाडाई डॉलर से अधिक योगदान दे रहा है, जिनमें 1 लाख 50 हजार रोजगार सीधे एआई से संबंधित हैं। अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की तुलना में पूंजी की कमी झेल रहे कनाडाई एआई कंपनियों की सहायता के लिए कनाडा ने 50 करोड़ कनाडाई डॉलर का ‘कनाडा टेक ग्रोथ फंड’ स्थापित करने की योजना बनाई है। यह कोष संघीय सरकार को कनाडाई एआई कंपनियों में इक्विटी निवेश का अवसर भी प्रदान करेगा।

सूक्ष्म और लघु उद्यमों को एआई उपकरणों तक पहुंच मुहैया कराने के लिए सरकार बिजनेस डेवलपमेंट बैंक ऑफ कनाडा के माध्यम से 50 करोड़ कनाडाई डॉलर की पहल को सक्रिय करेगी। इसके अतिरिक्त, कनाडा ने बच्चों की जानकारी और ऑनलाइन गतिविधि की सुरक्षा, डीपफेक से लड़ने एवं व्यक्तिगत डेटा नियंत्रण को मजबूत करने के लिए नए उपभोक्ता गोपनीयता कानून लाने की योजना पुनः पुष्टि की है। एआई संबंधित जोखिमों की निगरानी और एआई मॉडलों के पारदर्शी मूल्यांकन के लिए सरकार 5 करोड़ कनाडाई डॉलर का निवेश करेगी। हालांकि, इन नियमों के लागू होने की समय सीमा अभी घोषित नहीं की गई है।

कनाडा ने २५०,००० एआई रोजगार सृजन और ३ प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का लक्ष्य रखा

समाचार सारांश

समीक्षित।

  • कनाडा ने २०३१ तक २५०,००० रोजगार सृजन के लक्ष्य के साथ नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति शुरू की है।
  • कनाडा सरकार घरेलू एआई कंपनियों को समर्थन देने के लिए नई $५०० मिलियन कनाडाई डॉलर की तकनीकी कोष स्थापित करने की योजना बना रही है।
  • इस रणनीति से कनाडा की कुल जीडीपी में ३ प्रतिशत की वृद्धि और २०० बिलियन कनाडाई डॉलर का आर्थिक लाभ आने की उम्मीद है।

५ मई, काठमांडू – गुरुवार को कनाडा ने २०३१ तक २५०,००० रोजगार सृजन के उद्देश्य से नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) रणनीति जारी की है।

रॉयटर्स के मुताबिक, इस रणनीति में कनाडाई डॉलर में $५०० मिलियन (लगभग $३६५ मिलियन अमेरिकी डॉलर) मूल्य की नई तकनीकी कोष की स्थापना की योजना है जो घरेलू एआई कंपनियों का समर्थन करेगा।

“एआई फॉर एवरीवन” नामक इस पहल की घोषणा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्ने ने की है। यह घोषणा उस समय आई है जब कनाडा की बड़ी कंपनियां सूचना प्रसंस्करण में तेजी से नए उपकरण विकसित करने और देश में कम उत्पादकता वृद्धि को संबोधित करने के लिए बड़े निवेश कर रही हैं।

टोरंटो में प्रस्तुत इस रणनीति के अनुसार, कनाडा की कुल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ३ प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। प्रमुख क्षेत्रों में एआई के व्यवसायीकरण और उपयोग से श्रम उत्पादकता में वृद्धि होगी और लगभग २०० बिलियन कनाडाई डॉलर की आर्थिक संभावनाएं खुलेंगी।

वर्तमान में, कनाडा के डिजिटल क्षेत्र में लगभग ८ लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं और यह १४० बिलियन कनाडाई डॉलर से अधिक की जीडीपी में योगदान देता है, जिसमें से १५०,००० रोजगार सीधे एआई से जुड़े हैं।

अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की तुलना में पूंजी की कमी को ध्यान में रखते हुए, कनाडा ने $५०० मिलियन कनाडाई टेक ग्रोथ फंड की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। यह कोष संघीय सरकार को कनाडाई एआई कंपनियों में इक्विटी निवेश की अनुमति देगा।

सरकार कनाडा बिजनेस डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से $५०० मिलियन की पहल कर छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों को एआई उपकरणों तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी।

कनाडा ने उपभोक्ता गोपनीयता को मजबूत करने के लिए नए कानूनों की भी पुनः घोषणा की है जो बच्चों के डेटा और ऑनलाइन गतिविधियों की सुरक्षा करेगा, डीपफेक्स से निपटेगा और व्यक्तिगत डेटा नियंत्रण को सख्त करेगा।

एआई संबंधित जोखिमों की निगरानी और एआई मॉडल के पारदर्शी मूल्यांकन के लिए सरकार ५० मिलियन कनाडाई डॉलर का निवेश करेगी। हालांकि, इन नियमों को लागू करने की समयसीमा अभी तय नहीं हुई है।

 

फीफा के पानी की बोतल प्रतिबंध के खिलाफ तापमान विशेषज्ञों का विरोध

फीफा ने सुरक्षा कारणों से 2026 विश्व कप के शुरू होने से 7 दिन पहले स्टेडियम के अंदर पुनः उपयोग होने वाली पानी की बोतलें लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अत्यधिक गर्मी वाले 16 में से 14 खेल स्थलों पर बोतल प्रतिबंध लगाए जाने से दर्शकों में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते तापमान विशेषज्ञों ने इस निर्णय की निंदा की है। फैंस इस निर्णय को पैसे कमाने का जरिया मान रहे हैं, जबकि फीफा ने गर्मी नियंत्रण के लिए कूलिंग टेंट और पानी के स्टेशन उपलब्ध कराने की बात कही है।

२२ जेठ, काठमाण्डौ – फीफा ने 2026 विश्व कप से पहले अपनाए गए नए नियम के कारण फैंस के स्वास्थ्य को खतरा होने की आशंका जताई जा रही है और इसकी आलोचना हो रही है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फीफा ने स्टेडियम के अंदर पुनः उपयोग करने वाली पानी की बोतलें लाने पर रोक लगा दी है। यह निर्णय टूर्नामेंट के शुरू होने से मात्र सात दिन पहले लिया गया है।

पहले के नियमों में स्टेडियम के आधिकारिक आचारसंहिता में कहा गया था, ‘स्पष्टता के लिए खाली, पारदर्शी और पुनः उपयोग करने योग्य 1 लीटर तक की प्लास्टिक बोतल स्टेडियम में लाने की अनुमति है।’ लेकिन अब फीफा ने बोतल, कप, जार और कैन सभी प्रतिबंधित कर दिए हैं। फीफा के अनुसार, यह कदम खेलाड़ी एवं अन्य लोगों को बोतल फेंकने के संभावित जोखिम से बचाने के लिए उठाया गया है। “फीफा सभी खिलाड़ियों, रेफरी, फैंस, स्वयंसेवकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है,” फीफा ने बताया है।

दर्शक स्टेडियम के भीतर पानी खरीद सकेंगे और फीफा ने वादा किया है कि पानी की कीमत सामान्य स्तर से अधिक नहीं होगी। लेकिन तापमान विशेषज्ञों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है। एक विशेषज्ञ ने बताया कि यह प्रतिबंध ‘‘हिट-रिलेटेड’’ स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को स्पष्ट रूप से बढ़ाएगा।

मई महीने में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि फीफा की गर्मी प्रबंधन योजना पर्याप्त नहीं है क्योंकि 16 में से 14 खेल स्थलों पर खतरनाक स्तर का तापमान पहुंचने की संभावना है। फीफा ने कहा है कि आयोजक शहर और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर गर्मी नियंत्रण के उपाय जैसे मिस्टिंग स्टेशन, पंखे, पानी पीने के स्टेशन और कूलिंग टेंट उपलब्ध कराएंगे। फीफा ने बताया कि स्टेडियम के अंदर पानी की कीमत अन्य कार्यक्रमों के समान सामान्य रहेगी।

यह नीति परिवर्तन पहले से ही टिकट की ‘अत्यधिक कीमत’ और महंगे परिवहन किराये को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। पिछले विश्व कप (कतर) में भी स्टेडियम के अंदर बोतल लाने पर प्रतिबंध था। इस निर्णय की इंग्लैंड समेत अन्य देशों के समर्थकों द्वारा ‘अचरज भरा निर्णय’ के रूप में आलोचना की जा रही है। उनके अनुसार, कई फैंस इसे ‘पैसा कमाने का एक और तरीका’ मान रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अत्यधिक गर्मी वाले स्टेडियमों में दर्शकों को पानी लाने से रोकना उचित नहीं है। इसलिए, वे स्टेडियम में मुफ्त पानी के फाउंटेन उपलब्ध कराने की भी उम्मीद कर रहे हैं।

अधिकांश श्रमिकों को पूरा वेतन नहीं मिलता है

फाइल तस्वीर।


समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा के बाद तैयार।

  • एक्सनएड नेपाल के अध्ययन के अनुसार अनौपचारिक क्षेत्र के 66.2 प्रतिशत श्रमिकों को पूरा वेतन नहीं मिला है।

नेपाल के अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाले अधिकांश श्रमिकों को उनका पूरा वेतन नहीं मिलता है, ऐसा एक अध्ययन में सामने आया है। एक्सनएड नेपाल ने 13 जिलों के 361 श्रमिकों पर सर्वेक्षण किया था। जिसमें पाया गया कि अधिकांश श्रमिकों को पूरा वेतन नहीं मिला, लिखित समझौते का अभाव था तथा महिला श्रमिक पुरुषों की तुलना में अधिक शोषण के शिकार हो रही थीं।

गुरुवार को काठमांडू में जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार वेतन ठगी एक गंभीर और संरचनात्मक समस्या है। अध्ययन में शामिल 66.2 प्रतिशत श्रमिकों ने कहा कि उन्हें मिलने वाला पूरा वेतन नहीं मिला, जबकि 73.4 प्रतिशत ने केवल आंशिक वेतन प्राप्त किया।

93.1 प्रतिशत श्रमिकों के पास कोई लिखित श्रम समझौता नहीं था। साथ ही 89.2 प्रतिशत श्रमिकों ने वेतन संबंधी समस्याओं के बावजूद औपचारिक शिकायत नहीं की। रिपोर्ट में 24.9 प्रतिशत ने देर से भुगतान मिलने की बात कही और 18 प्रतिशत ने समझौते से कम वेतन प्राप्त करने का उल्लेख किया।

अध्ययन ने श्रम बाजार में लैंगिक भेदभाव को भी गंभीर बताया है। पुरुषों की तुलना में महिला श्रमिकों को औसतन 31.1 प्रतिशत कम वेतन मिलता है।

रिपोर्ट के अनुसार ठेकेदार और मुख्य रोजगारदाता श्रमिकों के शोषण के प्रमुख केंद्र हैं। 57.3 प्रतिशत श्रमिकों को ठेकेदार के माध्यम से वेतन मिलता है, लेकिन इनमें से केवल 6.9 प्रतिशत के पास लिखित समझौता होता है।

बीच में कार्य दिलाने वाले एजेंटों से रोजगार पाने वाले श्रमिकों के पास कोई लिखित समझौता नहीं होता, ऐसा अध्ययन में दिखाया गया है।

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए नेपाल ट्रेड यूनियन महासंघ (जिफंट) के उपमहासचिव नारायणनाथ लुइँटेल ने कहा कि अनौपचारिक श्रम क्षेत्र में वेतन ठगी व्यापक है।

एक्सनएड नेपाल के कार्यक्रम, नीति तथा व्यवसाय विकास प्रमुख सरोज पोखरेल ने कहा अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों से प्रमाण इकट्ठा करना मुश्किल है और सीमित पहुँच के कारण न्याय पाना और भी कठिन होता है।

रिपोर्ट ने अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकार संरक्षण, लिखित श्रम समझौते की अनिवार्यता तथा प्रभावी शिकायत प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया है।

एमाले महासचिव पोखरेल ने पार्टी की चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की

नेकपा एमाले के महासचिव शंकर पोखरेल ने पार्टी के सामने उपस्थित चुनौतियों को पार करने और जनता का विश्वास पुनः प्राप्त करने की उम्मीद व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए खुली आत्मसमीक्षा, कमजोरियों को स्वीकार करना, एकता और अनुशासन अनिवार्य हैं। उनका मानना है कि ये सभी कार्य संस्थागत और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही सफल हो सकते हैं। २२ जेठ, काठमाडौं।

महासचिव पोखरेल ने कहा कि भले ही वर्तमान में जनता और पार्टी के बीच दूरी बढ़ी है, लेकिन इसे फिर से मजबूती से स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने पार्टी में खुली आत्मपरिक्षण, एकता और अनुशासन की अत्यंत आवश्यकता बताई। नेकपा एमाले में नेतृत्व परिवर्तन की बहस के दौरान उन्होंने ये बातें फेसबुक के माध्यम से साझा कीं।

अपने फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘पार्टी के सामने कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन इन्हें जीतना संभव है। समस्याएँ हैं, लेकिन उनके समाधान भी उपलब्ध हैं। चुनाव परिणामों ने जनता के साथ पार्टी के तालमेल में कमी दिखाई है, लेकिन इसे फिर से सुदृढ़ किया जा सकता है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘इसके लिए आवश्यक है खुली आत्मसमीक्षा, कमजोरियों को स्वीकार करना, एकता और अनुशासन। ये सभी प्रक्रियाएँ संस्थागत और कानूनी तरीके से ही सफल हो सकती हैं।’

ऑस्ट्रेलिया की नई योजना के खिलाफ मेटा का कड़ा विरोध

मेटा ने मीडिया को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नई योजना का कड़ा विरोध किया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, यदि सोशल मीडिया नेटवर्क्स समझौता नहीं करते हैं तो ऑस्ट्रेलिया में उनकी कुल आय का 2.25 प्रतिशत कर देना होगा। इस नए कानून के लागू होने पर स्थानीय मीडिया के लिए वार्षिक 20 करोड़ से 25 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर मिलने का अनुमान है। 22 जेठ, काठमाडौं।

सोशल मीडिया की बड़ी कंपनी मेटा ने ऑस्ट्रेलिया सरकार की इस नई योजना पर तीखी आपत्ति जताई है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मीडिया को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बाध्य करती है। मेटा ने सरकार के इस प्रस्ताव को खराब रूप से डिजाइन किया गया और अत्यंत अन्यायपूर्ण बताते हुए कड़ी आलोचना की है। फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की होल्डिंग कंपनी मेटा ने बताया कि न्यूज बार्गेनिंग इंसेंटिव (एनबीआई) योजना मीडिया को आवश्यक नवाचार करने से रोकती है जो टिकाऊ मीडिया माहौल के लिए आवश्यक हैं।

मेटा द्वारा सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा गया है, ‘एनबीआई उल्टा प्रभाव डालता है। यह मीडिया के टिकाऊ व्यावसायिक मॉडल पर ध्यान दिए बिना राजस्व की गारंटी देता है। जिससे वे प्रतिस्पर्धात्मक दबाव से बचते हैं, जबकि समय के अनुसार आगे बढ़ना आवश्यक होता है। जब सबसे ज़रूरी बदलाव की मांग होती है, यह योजना अधिक निर्भरता को संस्थागत बनाती है।’ मेटा ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से असंगत और असफल होगी और अमेरिका के साथ स्वतंत्र व्यापार समझौते (एफटीए) के प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करेगी।

ऑस्ट्रेलिया की केंद्र-वामपंथी लेबर पार्टी सरकार की योजना के तहत यदि सोशल मीडिया और सर्च प्लेटफॉर्म्स ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को उनके समाचार सामग्री के भुगतान में समझौता नहीं करते हैं, तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया में अपनी कुल आय का 2.25 प्रतिशत कर देना होगा। साथ ही, न्यूनतम विज्ञापन समझौता करने वाले प्लेटफॉर्म की कर दर 1.5 प्रतिशत तक घटाई जा सकती है। कर से एकत्रित राशि मीडिया द्वारा रोजगार प्रदान किए पत्रकारों की संख्या के आधार पर वितरित की जाएगी। यह प्रस्ताव विशेष रूप से मेटा, गूगल और टिकटक की होल्डिंग कंपनी बाइटडांस को लक्षित करता है।

पिछली सरकार द्वारा लाई गई ‘न्यूज बार्गेनिंग कोड’ को मेटा सहित कई कंपनियों ने अपने प्लेटफॉर्म से समाचार सामग्री हटाकर निष्क्रिय कर दिया था, जिसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री एंथनी अलबानीज ने इस नए योजना को अप्रैल में पेश किया था। सरकार का अनुमान है कि यदि संसद से यह योजना पारित हो जाती है तो स्थानीय मीडिया को वार्षिक 20 करोड़ से 25 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (अमेरिकी डॉलर 14 करोड़ 3 लाख से 17 करोड़ 8 लाख) तक की राशि मिलेगी। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया यूनियन ‘मीडिया इंटरटेनमेंट एंड आर्ट्स एलायंस’ के अनुसार विज्ञापन आय में भारी गिरावट के कारण 2008 से ऑस्ट्रेलिया में 19,500 से अधिक पत्रकारों की नौकरी चली गई है।

आइभरी कोस्ट ने फ्रांस के खिलाफ दर्ज की ऐतिहासिक जीत

फीफा विश्व कप 2026 की तैयारी के तहत खेले गए मैत्रीपूर्ण मैच में आइभरी कोस्ट ने फ्रांस को 2-1 गोल से हराकर एक ऐतिहासिक जीत हासिल की। आइभरी कोस्ट के गुएला डुए ने एक गोल किया जबकि अमाद डियालो ने निर्णायक गोल करके टीम को जीत दिलाई। फ्रांस के रायन चेर्की ने शुरुआती गोल किया था, लेकिन आइभरी कोस्ट ने दूसरे हाफ में उत्कृष्ट वापसी की। 22 जेठ, काठमांडू।

आइभरी कोस्ट ने फ्रांस के खिलाफ एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। फीफा विश्व कप 2026 के पूर्वावलोकन स्वरूप खेला गया यह मैत्रीपूर्ण मुकाबला नान्टेस में हुआ, जहां आइभरी कोस्ट ने फ्रांस को 2-1 के गोल अंतर से पराजित किया। दूसरे हाफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने सनसनीखेज जीत हासिल की। इस मैच में गुएला डुए मुख्य नायक के रूप में उभरे, जिन्होंने एक गोल किया और एक अन्य गोल का अवसर बनाया। इस जीत को और भी खास बनाता है कि डुए फ्रांस और पेरिस सेंट-जर्मेन के स्टार डिजायर डिसो के भाई हैं।

उन्होंने अपने भाई के राष्ट्रीय टीम के सामने निर्णायक भूमिका निभाई। फ्रांस ने मैच के पहले हाफ में जबरदस्त खेल दिखाते हुए बढ़त बनाई थी। रायन चेर्की ने शानदार गोल कर अपनी टीम को आगे किया था। लेकिन दूसरे हाफ में खेल का रुख बदल गया। डुए ने 53वें मिनट में निकोलस पेपे की पास पर गोल कर मुकाबला बराबर कर दिया। उसके बाद उनके क्रॉस पर अमाद डियालो ने गोल कर आइभरी कोस्ट को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

फ्रांस के कप्तान किलियन म्बाप्पे ने पहले हाफ में कुछ आक्रामक प्रयास किए, लेकिन दूसरे हाफ में खेल का नियंत्रण बदल गया। फ्रांस ने पहले हाफ में पूरी पकड़ बनाई थी। माइकल ओलिस और मार्कस थूराम ने भी कुछ अच्छे मौके बनाए, लेकिन उन्हें गोल में तब्दील नहीं कर पाए। विश्व कप से पहले फ्रांस के खिलाफ यह जीत आइभरी कोस्ट के आत्मविश्वास में बड़ी वृद्धि का कारण बनी है। आइभरी कोस्ट 15 जून को इक्वाडोर के खिलाफ अपने विश्व कप सफर की शुरुआत करेगा।

मोटरसाइकल दुर्घटना में घायल हर्क साम्पांग की स्थिति सामान्य है

२२ जेठ, काठमाडौं। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पांग मोटरसाइकल दुर्घटना का शिकार हुए हैं। वे उदयपुर के बेलका में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कटारी से जा रहे थे, तभी रास्ते में दुर्घटना हुई। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुदन किराँती ने बताया कि अध्यक्ष साम्पांग के हाथ में चोट आई है, लेकिन उनकी स्थिति सामान्य है। दुर्घटना के बावजूद, वह कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए थे।