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लेखक: space4knews

कप्तान सन्दीप लामिछाने की महत्वाकांक्षा: एसीसी प्रीमियर कप जीतने का लक्ष्य

नवनियुक्त कप्तान सन्दीप लामिछाने ने नेपाली क्रिकेट टीम के मुख्य लक्ष्य के रूप में एसीसी प्रीमियर कप का ट्रॉफी जीतना घोषित किया है। नेपाल, प्रीमियर कप में भाग लेने से पहले भारत के बेंगलुरु में लगभग १० दिन अभ्यास करेगा और मलेशिया की परिस्थितियों के अनुसार अपनी तैयारी करेगा। सन्दीप ने कप्तानी परिवर्तन को टीम और देश के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया, साथ ही पिछले दौरे की कमजोरियों को सुधारते हुए आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया। २९ साउन, काठमांडू।

नेपाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के नए कप्तान सन्दीप लामिछाने ने स्पष्ट किया कि उनकी टीम की आगामी प्राथमिकता एसीसी प्रीमियर कप जीतना है। प्रीमियर कप में हिस्सा लेने से पहले भारत में अभ्यास करने का कार्यक्रम निर्धारित होने के बाद शुक्रवार को आयोजित विदाई समारोह में सन्दीप ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य केवल जीत है। ट्रॉफी को घर लाने के लिए हम पूर्ण प्रयास करेंगे।’’ नेपाल एसीसी प्रीमियर कप से पहले भारत के बेंगलुरु में लगभग १० दिन की तैयारी करेगा। सन्दीप ने बताया कि मलेशिया के समान पर्यावरण में अभ्यास करने से टीम प्रतियोगिता के लिए बेहतर तैयार होगी।

सन्दीप ने कप्तानी परिवर्तन को व्यक्तिगत स्तर पर नहीं बल्कि नेपाली क्रिकेट और टीम के हित में किया गया बदलाव बताया और कहा, ‘‘रोहित ने हमें एक विरासत सौंपी है। अब इसे आगे बढ़ाने पर हमारा पूरा ध्यान रहेगा। कप्तानी परिवर्तन के बाद हम नई दृष्टि के साथ आगे बढ़ेंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘इस बदलाव को पूरी तरह से स्वीकार करते हुए मैं उनके हित, टीम के हित, अपने हित और देश के हित में अपना पूरा योगदान दूंगा।’’

सन्दीप ने स्वीकार किया कि पिछले दो दौरे में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए और उन्होंने उन गलतीयों को सुधारने का अवसर मिलने की बात कही। ‘‘पिछले दो दौरों में हम अपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। हमने पूरी मेहनत की, लेकिन कुछ कारणों से असफल रहे,’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब हम उन गलतियों को सुधारकर आगामी दौरों के लिए पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ेंगे।’’ ३० अगस्त से १२ सितंबर तक आयोजित एसीसी प्रीमियर कप का विजेता टीम अगले वर्ष ओडीआई फॉर्मेट में होने वाले एशिया कप में स्थान बनाएगा।

कुन्दनराज काफ्ले ने कांग्रेसीयों के बीच विभाजन को पार्टी की कमजोरी माना

२९ साउन, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के नेता कुन्दनराज काफ्ले ने कहा है कि एक कांग्रेसी द्वारा दूसरे कांग्रेसी को तल्ला दर्जे का दिखाकर स्वयं को ऊँचा दिखाने की प्रवृत्ति से पार्टी कमजोर हो रही है। संस्थापन इतर समूह की बैठक में काफ्ले ने इस अभिव्यक्ति को सभापति गगन थापा की ओर इशारा करते हुए व्यक्त किया। ‘पहले मेची की कांग्रेस को दुख होता तो महाकाली की कांग्रेस को भी पीड़ा होती। इसलिए कांग्रेस मजबूत थी,’ उन्होंने कहा, ‘आज एक कांग्रेस दूसरे कांग्रेस की नाक काटने जैसी संस्कृति विकसित हो गई है। यह किसने किया?’ कांग्रेस को इस पर गंभीर विचार करने का समय आ गया है, उन्होंने बताया।

उन्होंने कहा कि अब एक कांग्रेस को तल्ला दर्जे का दिखाकर दूसरी कांग्रेस स्वयं को श्रेष्ठ दिखाने की प्रवृत्ति उत्पन्न हो गई है। ‘एक को कमजोर दिखाकर स्वयं को मजबूत बनाने की यह संस्कृति आज की कांग्रेस का वायरस बन चुकी है। इस वायरस को १५वें महाधिवेशन में समाप्त किया जाना चाहिए,’ उन्होंने उल्लेख किया। काफ्ले ने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व करने वाले लोगों से ही ऐसे व्यवहार देखे जा रहे हैं। ‘इस वायरस का अभी इलाज न किया गया तो किसी को भी बचाया नहीं जा सकेगा,’ काफ्ले ने जोड़ा।

सुनछहरीमा पहिरोमा तीन जनाको मृत्यु, एक व्यक्ति अझै बेपत्ता

रोल्पा जिल्लाको सुनछहरी गाउँपालिका–२ मा गएको पहिरोले तीन जनाको मृत्यु भएको छ। मृत्यु हुनेहरूमा ७७ वर्षीय वीरबहादुर घर्तीमगर, ६८ वर्षीया शनि घर्तीमगर र ७० वर्षीया लली घर्तीमगर रहेका छन्। त्यहि स्थानमा पहिरोले घर पुरिँदा ६० वर्षीया लादे घर्तीमगर बेपत्ता भएकी छिन् र उनको खोजी कार्य जारी छ। (२९ साउन, रोल्पा)

सुनछहरी गाउँपालिका–२ स्थित फलबाङ्गमा रहेको वीरबहादुर घर्तीमगरको घर पहिरोले पुरिएको थियो। जिल्ला प्रहरी कार्यालय रोल्पाका प्रहरी निरीक्षक कृष्ण श्रेष्ठका अनुसार उक्त घरमा रहेका ७७ वर्षीय वीरबहादुर घर्तीमगर, ६८ वर्षीया शनि घर्तीमगर र ७० वर्षीया लली घर्तीमगरको मृत्यु पुष्टि भएको छ। प्रहरी अधिकारीहरूले तीनै जनाको मृत्यु भएको जानकारी दिएका छन्।

त्यसैगरी, सोही गाउँपालिका–२ कै गिट्ठे टोलमा बसोबास गर्ने करिब ६० वर्षीया लादे घर्तीमगरको घर पनि पहिरोले पुरिएको र उनी बेपत्ता रहेको बताइएको छ। वडाध्यक्ष कृष्णबहादुर बुढाले उनको खोजी कार्य निरन्तर रूपमा चलिरहेको बताएका छन्। प्रहरी तथा स्थानीयवासीहरू खोजीमा सक्रिय छन्।

विभिन्न अवसरों के लिए अलग-अलग कृत्रिम नाकों का उपयोग करने वाली महिला

४८ वर्षीय जेन हार्ड्मन को एक दुर्लभ ऑटोइम्यून रोग के कारण नाक की सर्जरी करानी पड़ी थी जिसमें उनकी नाक को हटाना पड़ा। अब वह विभिन्न प्रकार की कृत्रिम नाकों का उपयोग करती हैं। इनमे से एक को वह “ड्रंक नोज” कहती हैं, जो शराब पीने के बाद मांस के ऊतकों में दिखने वाली लालिमा जैसी लगती है।

जेन ‘एएनसीए-पॉजिटिव वास्कुलाइटिस’ नामक दर्दनाक रोग के बारे में जागरूकता फैलाने और ऐसे लोगों की मदद के लिए जो अपने चेहरे की अलग दिखावट के कारण संघर्ष कर रहे हैं, अपने सामाजिक मीडिया के माध्यम से अपने अनुभव और ज्ञान साझा करती आ रही हैं।

एसीसी प्रिमियर कप की तैयारी के लिए नेपाल करेगा भारत में प्रशिक्षण, क्यान ने आयोजित किया विदाई समारोह

नेपाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीम एसीसी प्रिमियर कप की तैयारी के लिए शुक्रवार को भारत के लिए रवाना हुई है। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) के सचिव पारस खड्काने टीम के भारत में 10 दिनों का प्रशिक्षण लेने के बाद सीधे मलेशिया भेजे जाने की जानकारी दी है। कप्तान संदीप लामिछाने ने प्रतियोगिता जीतने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का विश्वास जताया है। 29 साउन, काठमांडू।

क्यान ने शुक्रवार को नेपाली टीम को विदाई देते हुए भारत में प्रशिक्षण की जानकारी साझा की है। क्यान के उपाध्यक्ष रोशन सिंह, सचिव पारस खड़का समेत अन्य ने टीम को विदाई दी। क्यान सचिव पारस खड़्काने बताया कि प्रिमियर कप की तैयारी भारत में ही होगी और वहां से टीम सीधे मलेशिया जाएगी। उन्होंने कहा, “प्रथम योजना के अनुसार टीम भारत जाएगी, फिर नेपाल लौटेगी और उसके बाद मलेशिया जाएगी, लेकिन आज सुबह निर्णय लिया गया कि टीम सीधे भारत से प्रशिक्षण लेकर मलेशिया के लिए रवाना होगी, इसलिए जल्दी से विदाई समारोह आयोजित करना पड़ा।”

सचिव खड़्काने कहा कि नेपाली क्रिकेट के विकास के लिए कप्तान में बदलाव जरूरी था और लक्ष्य क्रिकेटिंग नेशन के रूप में विकास करना है। क्यान के क्रिकेट निर्देशक विनोद दास ने बताया कि नेपाली टीम आज ही भारत के 10 दिन के प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेगी। भारत में दो अभ्यास मैच खेलने के बाद टीम मलेशिया जाएगी जहां 5 दिन का और प्रशिक्षण शिविर होगा।

कप्तान संदीप लामिछाने ने स्वीकार किया कि पिछली श्रृंखलाएं अच्छी नहीं रहीं, लेकिन उन्होंने गलतियों की पहचान की है और आगामी टूर में बेहतर प्रदर्शन करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य एसीसी प्रिमियर कप जीतना है।” क्यान सचिव पारस खड़्काने विश्वास जताया कि नेपाल प्रिमियर कप में अच्छा प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल करेगा और एशिया कप के लिए चयन भी होगा। एसीसी प्रिमियर कप आगामी कार्तिक 13 से मलेशिया में शुरू होगा, जहां एशिया के 10 एसोसिएट टीमें मुकाबला करेंगी।

जिद्दी बच्चों को शांत करने के ६ प्रभावी उपाय

बच्चों की जिद्दी आदत को गाली-गलौज या सजा देने के बजाय धैर्य, समझदारी और प्रेमपूर्ण व्यवहार से संभालना अभिभावकों के लिए सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। बच्चों का जिद्दी होना हर परिवार में आम बात है। कभी वे नया खिलौना मांगते हुए चिड़चिड़ा हो जाते हैं, कभी बाहर खेलने जाने की जिद करते हैं और कई बार विद्यालय जाने से इनकार भी करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों का व्यवहार अभिभावकों के धैर्य की परीक्षा ले सकता है। अधिकांश अभिभावक बच्चों को दोषी ठहराते या डाँटते हैं, लेकिन इससे बच्चे शांत होने के बजाय और अधिक जिद्दी हो सकते हैं। इसलिए बच्चे की जिद्दी प्रवृत्ति को प्यार, धैर्य और समझदारी से संभालना अत्यंत आवश्यक है।

जब अभिभावक बच्चे की भावनाओं को समझकर उचित तरीके अपनाते हैं, तभी जिद्दीपन कम होता है, साथ ही अभिभावक और बच्चे के बीच विश्वास और भावनात्मक संबंध भी मजबूत होता है। १. ध्यान दूसरी चीजों पर मोड़ना: छोटे बच्चों का ध्यान किसी अन्य वस्तु पर ले जाना प्रभावी उपाय है। उदाहरण के तौर पर बाजार या दुकान में पसंदीदा वस्तु न मिलने पर बच्चा रोए या जिद्दी हो, तो उसका ध्यान किसी रचनात्मक और मजेदार वस्तु की ओर मोड़ें। २. दैनिक दिनचर्या निश्चित करना: बच्चों में जिद्दीपन और चिड़चिड़ापन बढ़ने का एक कारण असंगठित दिनचर्या भी हो सकती है। भोजन, खेलकूद, पढ़ाई और सोने का समय निश्चित रखने से बच्चे को स्थिरता और सुरक्षा का अनुभव होता है।

३. जरूरत पड़ने पर ‘नहीं’ कहना सिखाना: बच्चे की हर मांग पूरी करना अच्छा अभिभावकत्व नहीं है। कई बार साफ तौर पर ‘नहीं’ कहना जरूरी होता है। ४. छोटे-छोटे विकल्प देना: उम्र के अनुसार बच्चे को छोटे निर्णय खुद लेने देना चाहिए, इससे वे अपनी राय रखने और कुछ हद तक अपने ऊपर नियंत्रण महसूस करने लगते हैं। ५. अच्छे व्यवहार की प्रशंसा करना: बच्चे अच्छे व्यवहार की सराहना पाना पसंद करते हैं, इससे उनकी सकारात्मक प्रवृत्ति मजबूत होती है। ६. खुद शांत रहकर और धैर्य दिखाकर सिखाना: बच्चे अपने आस-पास के लोगों के व्यवहार से बहुत कुछ सीखते हैं।

ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे की जिद्दी प्रवृत्ति को हर समय उसकी शरारत या जान-बूझकर नुकसान पहुँचाने का प्रयास के रूप में न समझें। कई बार बच्चे अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त न कर पाने की वजह से रोते, गुस्से में या जिद्दी होकर अपनी बात बताने की कोशिश करते हैं।

इंडोनेशिया में विषाक्त भोजन से २६९ विद्यार्थी बीमार पड़े

इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा क्षेत्र में भोजन करने के बाद बीमार हुए २६९ विद्यार्थियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों में भोजन विषाक्तता के लक्षण दिखाई देने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, अधिकारियों ने बताया। शिक्षा अधिकारी जुल्करनैन बारुस ने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा खाए गए मछली के तरकारी में समस्या का संदेह है और इसका नमूना परीक्षण के लिए भेजा गया है। २९ साउन, जकार्ता (रासस/सिन्ह्वा)।

इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत में भोजन करने के बाद कम से कम २६९ विद्यार्थियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार कारो रिजेन्सी के पांच स्कूलों के विद्यार्थियों में गुरुवार से भोजन विषाक्तता के लक्षण दिखने लगे, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बीमार विद्यार्थियों को चक्कर आना, उल्टी होना, त्वचा में एलर्जी होना और कुछ को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।

स्थानीय शिक्षा अधिकारी जुल्करनैन बारुस ने कहा कि विद्यार्थियों ने जो मछली का तरकारी भोजन किया है, उसमें समस्या होने की आशंका है। उस भोजन को आपूर्ति करने वाले रसोईघर से नमूना संग्रहित कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया है। बारुस ने यह भी पुष्टि की कि अस्पताल में भर्ती सभी विद्यार्थियों की स्थिति वर्तमान में स्थिर है। संबंधित अधिकारियों द्वारा इस घटना की और जांच जारी है।

भिसा अस्वीकृत होने से सुनिल खड्के ने क्यालिस्थेनिक्स विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लिया

नेपाली क्यालिस्थेनिक्स खिलाड़ी सुनिल खड्के का भिसा अस्वीकृत होने के कारण लातविया में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में भाग नहीं ले पाए। क्यालिस्थेनिक्स नेपाल ओलंपिक समिति में पंजीकृत न होने के कारण उन्हें सरकारी आधिकारिक सिफारिश पत्र नहीं मिला और इसी वजह से उनका भिसा आवेदन रद्द कर दिया गया। राष्ट्रीय चयन में चुने गए खिलाड़ियों के लिए राज्य द्वारा वैकल्पिक दस्तावेज़ की व्यवस्था करने की मांग उठी है। २९ साउन, काठमांडू।

सुनिल खड्का पुरुष एंड्यूरेंस वर्ग में राष्ट्रीय चयनित थे। चैंपियनशिप १२ अगस्त से लातविया में चल रही है और कल इसका समापन होगा। राइज क्यालिस्थेनिक्स ललितपुर और एनवाईएफसी नेपाल के सहयोग से अप्रैल में आयोजित राष्ट्रीय चयन प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों के खिलाड़ी चुने गए थे। प्रतियोगिता में पुरुष और महिला एंड्यूरेंस तथा पुरुष और महिला फ्रीस्टाइल सहित कुल चार वर्ग शामिल थे।

सुनिल के अनुसार, अन्य तीन खिलाड़ियों ने आवश्यक दस्तावेज़ न होने के कारण भिसा के लिए आवेदन तक नहीं किया था, जबकि उन्होंने सारी प्रक्रियाएं पूरी करके लातविया जाने की तैयारी कर ली थी। उन्होंने कहा, “मेरा खेल लातविया में होना था लेकिन मेरा भिसा अस्वीकृत हो गया। क्यालिस्थेनिक्स एनओसी में पंजीकृत खेल नहीं है।”

सुनिल की इस घटना ने न केवल क्यालिस्थेनिक्स खिलाड़ियों बल्कि उन खेलों के खिलाड़ियों के लिए भी प्रश्न खड़ा किया है जो राष्ट्रीय संरचना में पंजीकृत नहीं हैं और जिनके लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की प्रक्रिया जटिल है। उन्होंने कहा, “यदि क्यालिस्थेनिक्स को संस्थागत रूप से पंजीकृत किया जाए या पंजीकृत नहीं हुए खेलों के लिए राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व की पुष्टि करने वाला अलग सरकारी प्रावधान बनाया जाए तो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रक्रिया आसान होगी।”

नेपाल में गैस की कमी: ‘दो दिन में वितरण सुगम बनाने के लिए बालेन के निर्देश’ के बाद आपूर्ति मंत्री की योजना क्या है?

उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्री गौरी कुमारी ने बाजार में गैस वितरण की समस्या को दो दिन के भीतर सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री वलेन्द्र शाह (बालेन) से निर्देश प्राप्त होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि الوزارة की निगरानी में काठमांडू में 25 और गैस वितरण केंद्र संचालित करने की तैयारी चल रही है। “गुरुवार को प्रधानमंत्रीजी ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए दो दिन के भीतर गैस वितरण प्रणाली को सहज बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकारी संस्थानों की निगरानी में गैस बिक्री व वितरण के लिए शनिवार से अतिरिक्त उपाय लागू किए जा रहे हैं,” उन्होंने कहा।

उनके अनुसार, ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (क्यूआरटी) को और प्रभावी बनाने तथा निगरानी और कार्रवाई प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रयास जारी हैं। मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के बाद नेपाल में गैस वितरण श्रृंखला प्रभावित हुई है। स्थिति में सुधार के लिए नेपाल ऑयल निगम ने शुरुआत में आधा सिलेंडर ही बेचने की नीति अपनाई थी, जिससे समस्या उत्पन्न हुई। हालांकि, वितरण प्रणाली अभी पूरी तरह से सहज नहीं होने के कारण टेकू कार्यालय सहित काठमांडू के कुछ गैस उद्योग केंद्रों में अधिकारियों की निगरानी में गैस बिक्री एवं वितरण की व्यवस्था की गई थी।

गैस आपूर्ति सहज होने और पूर्ण क्षमता पर सिलेंडर बिक्री शुरू होने के साथ ही वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ा है, निगम के अधिकारियों ने बताया। उनके अनुसार गैस आयात में कोई समस्या नहीं है। नेपाल का सारा गैस भारत से ही आयात होता है। मंत्री कुमारी ने भारतीय अधिकारियों से नियमित मात्रा से अधिक गैस भेजने का अनुरोध किया है और इसी अनुरूप हाल के दिनों में अधिक गैस आयात हो रहा है, उनका दावा है। “विदेश मंत्रालय के माध्यम से हमने अनुरोध किया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक सामान्य से 15 से 20 प्रतिशत अधिक गैस प्राप्त हो रही है,” उन्होंने बताया।

गैस कहां गई? नेपाल ऑयल निगम के प्रवक्ता मनोज ठाकुर के अनुसार सामान्य स्थिति में नेपाल में रोजाना 90 से 95 बुलेट गैस आयात एवं उपभोग होता है। लेकिन वर्तमान में रोजाना 100 से अधिक गैस के बुलेट आयात हो रहे हैं। “यह पर्याप्त नहीं है, पर पिछले दिनों की तुलना में यहाँ अधिक गैस आयात हो रही है,” उन्होंने कहा। आधे सिलेंडर वितरण के दौरान गैस न मिलने से उपभोक्ताओं ने जब पूर्ण क्षमता पर सिलेंडर बिक्री शुरू होने के बाद घर के सभी सिलेंडरों को भरा, तो अधिकारियों के अनुसार यह स्थिति बनी।

न्यूजीलैंड ने इन्फान्टिनो के पुनर्निर्वाचन में समर्थन नहीं देने का निर्णय लिया

न्यूजीलैंड फुटबॉल ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फान्टिनो के पुनर्निर्वाचन अभियान में समर्थन नहीं देने का निर्णय लिया है। फीफा के अंदर विवाद और व्यावसायिक योजनाओं के प्रति असंतोष के कारण न्यूज़ीलैंड ने स्वतंत्र समीक्षा आवश्यक समझी है। एनजेडएफ के प्रमुख कार्यकारी एंड्रयू प्राग्नेल ने कहा, ‘स्वतंत्र समीक्षा विश्वास पुनर्स्थापन में मदद करेगी।’ २९ साउन, काठमांडू।

विश्वकप के व्यावसायिक अधिकार निजी निवेशकों को बेचने की असफल योजना के कारण इन्फान्टिनो के प्रति विश्व फुटबॉल में असंतोष बढ़ रहा है, ऐसे में न्यूज़ीलैंड ने भी अपना समर्थन वापस ले लिया है। इससे पहले यूरोपीय फुटबॉल संघ (यूईएफए), एशियाई फुटबॉल संघ (एएफसी) और कन्काकाफ क्षेत्र के फुटबॉल संघों ने इन्फान्टिनो की योजनाओं के विरुद्ध अपने समर्थन में कटौती की थी। अफ्रीकी फुटबॉल संघ (काफ) और दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल संघ (कोन्मेबोल) अभी भी उन्हें चौथे कार्यकाल के लिए समर्थन दे रहे हैं।

एनजेडएफ ने फीफा की फॉरवर्ड इंटरप्राइज योजना (एफएफई) के निर्माण प्रक्रिया में स्वतंत्र समीक्षा को आवश्यक बताया है। एनजेडएफ की जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘फीफा के अंदर निर्णय और गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में विश्वास की कमी और विभाजन को बढ़ावा दिया है, ऐसा हमारा निष्कर्ष है। विश्वास पुनर्स्थापन के लिए स्वतंत्र समीक्षा आवश्यक है।’ एंड्रयू प्राग्नेल ने कहा, ‘स्वतंत्र समीक्षा केवल फीफा के अंदर औपचारिकता नहीं बल्कि वास्तविक और स्वतंत्र होनी चाहिए।’

न्यूजीलैंड के साथ इंग्लैंड, वेल्स, नॉर्वे, आयरलैंड और नॉर्थरन आयरलैंड ने भी पहले ही इन्फान्टिनो के पुनर्निर्वाचन का समर्थन न करने की बात कही है। ओशियाना फुटबॉल संघ (ओएफसी) ने फीफा द्वारा एफएफई योजना वापस लेने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन इन्फान्टिनो का समर्थन करने या न करने को लेकर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। ओएफसी ने पिछले दशक में फीफा नेतृत्व में ओशियाना क्षेत्र में फुटबॉल विकास की प्रगति का उल्लेख करते हुए इस प्रस्ताव से जुड़ी विषयों पर समीक्षा आवश्यक बताई है। ओएफसी के ११ सदस्य देशों में से सन् २०२६ के विश्व कप क्वालिफिकेशन में पहुंचने वाली एकमात्र टीम न्यूज़ीलैंड है। फीफा अध्यक्ष का चुनाव आगामी मार्च में फीफा कांग्रेस के माध्यम से होगा।

मेकअप बैग में परिंदों ने बसेरा बनाकर बच्चे दिए

यूके के एक शहर में रहने वाली मिमी स्ट्रेंजर ने छोटी यात्रा के बाद जब अपने घर के स्नानघर में रखा मेकअप बैग देखा तो उसमें परिंदों ने घोंसला बना लिया था। उन्होंने उस घोंसले को हटाने के बजाय वहां रहने वाले परिंदों को ‘पिजी’ और ‘किथ’ नाम दिए और उन्हें वहीं रहने दिया। यह जोड़ी अब दो बच्चे भी पैदा कर चुकी है।

यूके में परिंदों के घोंसलों को कहीं भी बसने की अनुमति होती है और उन्हें तोड़ना या हटाना मना है। घर के अंदर परिंदों के रहने से मिमी भी खुश नजर आती हैं।

पब्जी मोबाइल विश्व कप का ग्रैंड फिनाले आज से शुरू, होरा समेत १६ टीमें मुकाबले में

फ्रांस के पेरिस में जारी पब्जी मोबाइल विश्व कप का ग्रैंड फिनाले आज से शुरू हो रहा है। नेपाल की होरा ईस्पोर्ट्स समेत १६ टीमें उपाधि के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। विजेता को पांच लाख अमेरिकी डॉलर पुरस्कार मिलेगा। २९ साउन, काठमांडू।

ईस्पोर्ट्स विश्व कप की मुख्य प्रतियोगिता पब्जी मोबाइल विश्व कप का ग्रैंड फिनाले फ्रांस के पेरिस में आज से शुरू हो रहा है। फाइनल में नेपाल की होरा ईस्पोर्ट्स सहित १६ टीमें आमने-सामने होंगी। होरा समूह चरण से सीधे ग्रैंड फिनाले में चुनी गई है। गत रविवार हुए मुकाबले के बाद समूह ‘बी’ के शीर्ष पांच टीमों में होरा ने सीधे फाइनल में प्रवेश किया।

होरा ने एक चिकेन डिनर सहित कुल ९८ अंक हासिल कर समूह ‘बी’ में चौथा स्थान प्राप्त करके फाइनल में जगह बनाई है। अब तीन दिन तक चलने वाले फाइनल में होरा अन्य १५ टीमों के साथ मुकाबला करेगी। समूह ‘बी’ से वाइटालिटी ने सर्वाधिक १४८ अंक लेकर फाइनल की राह पकड़ी है, वहीं आईडीए, एसटुजी और गडलाइक टीमें भी होरा के साथ सीधे फाइनल में पहुंची हैं।

समूह चरण से १० टीमें और सर्वाइवल स्टेज से ६ टीमें मिलाकर कुल १६ टीमें फाइनल खेलेंगी। सर्वाइवल स्टेज से तियान्बा, अलुला क्लब, एनएस रेडफोर्स, फ्यूरिया, युएलएफ ईस्पोर्ट्स और ईएरेना टीमों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। समूह में चौथे नंबर पर रहे होरा ने ५७,५०० अमेरिकी डॉलर का पुरस्कार सुनिश्चित कर लिया है। अब ग्रैंड फिनाले में करोड़ों डॉलर के पुरस्कार राशि रखी जाएगी।

इज़रायली नियंत्रण वाले वेस्ट बैंक: एक गांव के फिलिस्तीनी परिवारों को घर छोड़ने का आदेश क्यों दिया गया?

इज़रायली सेना और आम लोग

तसवीर स्रोत, EPA

तसवीर शीर्षक, इज़रायली सेना ने इस कार्रवाई का उद्देश्य वहां के निवासियों की सुरक्षा करना बताया है

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 3 मिनट

वेस्ट बैंक के एक गांव में बसे इज़रायली उपनिवेशों को हटाने की कोशिश के दौरान लगभग एक दर्जन फिलिस्तीनी परिवारों को भी अपने घर छोड़ने का आदेश दिया गया है।

इज़रायली उपनिवेश बसाने वालों ने वहां तीन घरों को रविवार से घेराबंदी कर बिजली और पानी की आपूर्ति बंद कर दी है।

अपने गांव को प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र घोषित किए जाने और कुछ खाली कराए गए घरों को इज़रायली सेना द्वारा बैरक के रूप में उपयोग किए जाने की जानकारी कुसरा के मेयर अब्देल अजिम वादी ने दी है। इज़रायली सेना ने कहा है कि यह कार्रवाई वहां के “निवासियों की सुरक्षा के लिए” की गई है।

इसके अलावा 11 और घरों के लोगों को अपने घर छोड़ने को कहा गया है।

सार्वजनिक वीडियो में इस गांव में लगभग एक दर्जन इज़रायली सुरक्षा बल के वाहन और एक बुलडोजर मौजूद हैं। एक वीडियो में फिलिस्तीनी गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर इज़रायली सुरक्षाकर्मियों की लंबी कड़ी दिखती है।

इरान युद्ध के कारण दशकों पुराने तेल व्यापार में बदलाव, खाड़ी देशों ने खोजा होर्मुज का विकल्प

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा सहित। इरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल परिवहन कम होने लगा है, जिससे खाड़ी देश वैकल्पिक मार्ग खोजने लगे हैं। संयुक्त अरब अमीरात होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने के लिए आबुधाबी से सीधे तेल निर्यात हेतु नए पाइपलाइन निर्माण और क्षमता विस्तार कर रहा है। साथ ही, सऊदी अरब और इराक रेड सी मार्ग का उपयोग करने के लिए पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत और क्षमता बढ़ाने में विशेष प्रयास कर रहे हैं। 29 साउन, काठमांडू। छह महीने पहले तक खाड़ी देशों के लिए तेल की बिक्री बेहद सहज थी। सबसे सस्ते उत्पादक होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से तेल विश्वभर पहुँचता और उच्च मूल्य वाले देशों को बेचा जाता था। लेकिन इरान के साथ विवाद के बाद स्थिति बदल गई है। फरवरी 28 को अमेरिका और इजरायल ने इरान पर हमला किया, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल परिवहन लगातार प्रभावित हो रहा है। समुद्री विस्फोटक सुरंग, मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा, अमेरिका-इरान नाकेबंदी और बढ़ी बीमा लागत के कारण दैनिक तेल आवागमन दो करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया है। यही वजह है कि सऊदी अरब, यूएई, कुवैत समेत खाड़ी देश अब होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता घटाने के प्रयास कर रहे हैं। नई पाइपलाइनों का निर्माण हो रहा है, पुरानी पाइपलाइनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और एशियाई देशों में तेल भंडारण की व्यवस्था की जा रही है।

संयुक्त अरब अमीरात की योजना: होर्मुज स्ट्रेट को न छुए बिना तेल निर्यात करने का सबसे बड़ा उदाहरण यूएई है। यूएई की अर्थव्यवस्था व्यापार और समुद्री मार्गों पर काफी निर्भर है। होर्मुज संकट का प्रभाव सबसे अधिक यूएई पर पड़ा है, इसलिए यह अब नए मार्ग विकसित कर रहा है जो होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता कम करेगा। वर्तमान में यूएई तीन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है: नई पाइपलाइन निर्माण, क्षमता विस्तार और गैस व्यापार में निवेश। ओमान के फुजैरा बंदरगाह पर दूसरी तेल पाइपलाइन निर्माण तेजी से जारी है, जो आबुधाबी के तेल क्षेत्रों को सीधे फुजैरा से जोड़ेगी, जिससे टैंकर होर्मुज स्ट्रेट को पार किए बिना तेल निर्यात कर सकेंगे। पूरा होने पर, यूएई होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करते हुए दैनिक 36 लाख बैरल तक तेल निर्यात करने में सक्षम होगा। इसका मतलब है कि आबुधाबी का लगभग पूरा अनसोर तेल होर्मुज स्ट्रेट को पार किए बिना सीधे विश्व बाजार में भेजा जा सकेगा। यहाँ ‘अनसोर तेल’ से तात्पर्य भूमि पर स्थित तेल क्षेत्रों से निकाले गए कच्चे तेल से है, जबकि ‘ऑफशोर तेल’ समुद्र में पाइपलाइन के माध्यम से निकाला जाता है। यूएई ने गैस व्यापार की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए हैं। सरकारी कंपनी एडनोक ने प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में 8.2 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, पूर्वी तट पर एक नया एलएनजी निर्यात टर्मिनल बनाने की योजना है, जो भविष्य में गैस निर्यात में होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।

सऊदी अरब का रेड सी मार्ग: होर्मुज स्ट्रेट के खतरे बढ़ने पर सऊदी अरब ने अपनी 1,201 किलोमीटर लंबी ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ के उपयोग को बढ़ाया है। यह पाइपलाइन 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान बनाई गई थी और देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों को रेड सी के यान्बू बंदरगाह से जोड़ती है। सऊदी अरब इसके जरिए दैनिक 70 लाख बैरल तेल रेड सी मार्ग से विश्व बाजार में भेज रहा है। सरकार दैनिक 10 से 20 लाख बैरल और जोड़ने का लक्ष्य रखती है। साथ ही, प्रशोधित पेट्रोलियम उत्पादों के लिए समानांतर नई पाइपलाइनों का निर्माण चल रहा है। कुवैत और इराक भी नए मार्ग खोज रहे हैं। कुवैत ने सऊदी अरब और अन्य अरब राष्ट्रों के साथ मिलकर अपने तेल क्षेत्रों को रेड सी या ओमान के बंदरगाहों से जोड़ने वाली पाइपलाइन निर्माण पर चर्चा भी शुरू कर दी है। इराक और जॉर्डन ने वर्षों से रुकी पाइपलाइन परियोजना को फिर से चालू किया है, जिससे दैनिक 10 लाख बैरल तक तेल अकाबा बंदरगाह के जरिए रेड सी में भेजा जा सकेगा। इराक ने किर्कुक से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट तक क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी तेज कर दी है।

भारत, जापान और दक्षिण कोरिया में तेल भंडारण कर खाड़ी देशों की रणनीति केवल नई पाइपलाइन तक सीमित नहीं है। ये देश मुख्य बाजारों में तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त तेल भंडारण की व्यवस्था कर रहे हैं। इसका मकसद यह है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद भी हो जाए तो तेल की आपूर्ति बाधित न हो। हालांकि, नए मार्ग पूरी तरह सुरक्षित भी नहीं हैं। होर्मुज का विकल्प भी पूर्ण सुरक्षित नहीं है। सऊदी अरब का अधिकांश तेल रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के रास्ते जाता है, जहाँ यमन के हूथी विद्रोही जहाजों पर लगातार हमला करते रहते हैं। इस सप्ताह ही रेड सी में एक जहाज पर हमला हुआ, जिसमें छह लोगों की मृत्यु हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी देशों को होर्मुज पर निर्भरता कम करनी होगी, लेकिन इसे पूरी तरह त्यागना संभव नहीं दिखता। क्रिस्टल एनर्जी की प्रमुख कैरोल नख्ले कहती हैं, ‘होर्मुज स्ट्रेट के लाभ इतने हैं कि इसे पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता, लेकिन अब केवल इस मार्ग पर निर्भर रहना संभव नहीं है।’

इस वर्ष का एल नीनो इतिहास में सबसे शक्तिशाली बनने की संभावना

अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने विकसित हो रहे ‘सुपर एल नीनो’ को इतिहास में सबसे शक्तिशाली बनने की लगभग 70 प्रतिशत संभावना जताई है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह शक्तिशाली एल नीनो वर्ष 2027 को अब तक का सबसे गर्म वर्ष बना सकता है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के जलवायु विज्ञानी डेनियल स्वेन ने इस घटना को असाधारण बताया है और आने वाले महीनों में इसकी तीव्रता बढ़ने की संभावना जताई है।

29 साउन, काठमाण्डू – अमेरिका की राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने विकसित हो रहे ‘सुपर एल नीनो’ को अब तक का सबसे शक्तिशाली एल नीनो होने का अनुमान लगाया है। गुरुवार को जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार, इस एल नीनो के इतिहास में सबसे शक्तिशाली बनने की संभावना लगभग 70 प्रतिशत है। पहले इसे ‘ऐतिहासिक रिकॉर्ड में सबसे बड़ा एल नीनो’ माना जा रहा था।

इस नवीन अनुमान में बदलाव का मुख्य कारण है एल नीनो का तीव्र विकास और विभिन्न कम्प्यूटर मॉडल जो इसके और अधिक शक्तिशाली होने का संकेत देते हैं। NOAA के अनुसार, यह घटना शरद ऋतु के अंत से लेकर शीतकाल की शुरुआत तक चरम पर पहुँच सकती है। NOAA ने एल नीनो की तीव्रता का रिकॉर्ड 1950 से रखा है। नवीनतम अनुमान यह भी दिखाता है कि यह एल नीनो 1982–83 में आए शक्तिशाली एल नीनो का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।

एल नीनो की स्थिति में मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के समुद्र तल का तापमान औसत से काफी ज्यादा बढ़ जाता है। गर्म पानी वायुमंडल में तीव्रता लाता है जिससे वैश्विक मौसम प्रणाली पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। NOAA की रिपोर्ट में उल्लेख है कि इस बार प्रशांत महासागर में समुद्र तल के तापमान में औसतन 2.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि हो सकती है। तापमान का यह मापन तीन माह के औसत पर आधारित होता है जो अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को कम महत्व देता है।

एल नीनो के कारण इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में सूखे की घटना बढ़ेगी, जबकि दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा और बाढ़ का खतरा रहेगा। इसका प्रभाव विश्व के अन्य हिस्सों में अलग अलग होगा। जलवायु परिवर्तन के कारण उष्णकटिबंधीय महासागरों के औसत तापमान में वृद्धि हुई है, जिससे एल नीनो के पारंपरिक प्रभाव में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।

NOAA ने ‘रिलेटिव ओशियनिक नीनो इंडेक्स’ (RONI) नामक एक नया सूचक विकसित किया है जो समुद्र के दीर्घकालिक तापमान वृद्धि को ध्यान में रखकर एल नीनो की वास्तविक तीव्रता मापता है। इसके बावजूद वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार का एल नीनो असाधारण रूप से तीव्रता से विकसित हो रहा है। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के डेनियल स्वेन के अनुसार, यह घटना बेहद असाधारण है और एल नीनो अभी से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, साथ ही आने वाले महीनों में इसकी तीव्रता बढ़ने की संभावना है।

वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि वर्ष 2027 अब तक का सबसे गर्म वर्ष बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा है कि एल नीनो की तीव्रता और इसके प्रभावों को हमेशा सीधे तौर पर नहीं देखना चाहिए, इसलिए इतिहास का सबसे शक्तिशाली एल नीनो होने के बावजूद सभी प्रभावित क्षेत्रों में चरम मौसम की गारंटी नहीं है। हालांकि सामान्य एल नीनो प्रभावों की संभावना अधिक रहेगी, खासकर उत्तरी गोलार्ध में शरद और शीतकाल के दौरान इसके प्रभाव ज़्यादा देखने को मिल सकते हैं।

अमेरिका में कैलिफोर्निया से लेकर दक्षिणी राज्यों तक तथा फ्लोरिडा में असामान्य रूप से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। वहीं मध्य-पश्चिमी क्षेत्रों में एल नीनो के कारण सर्दियां सामान्य से गर्म और शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। एल नीनो वैश्विक औसत तापमान को बढ़ाता है। मानवीय गतिविधियों से हो रहे दीर्घकालिक जलवायु परिवर्तन के बीच एल नीनो तापमान में और वृद्धि करता है, जिससे आने वाले वर्ष में इसका प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार इस शक्तिशाली एल नीनो के कारण वर्ष 2027 अब तक का सबसे गर्म वर्ष बनने की लगभग निश्चित संभावना है। साथ ही, 2026 भी अब तक का सबसे गर्म वर्ष बनने की संभावना NOAA के पूर्वानुमान में शामिल है।