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लेखक: space4knews

बेसार में पाए जाने वाले करक्यूमिन के गुण और स्वास्थ्य लाभ

बेसार में पाए जाने वाला सक्रिय जैविक तत्व करक्यूमिन रक्त नलिकाओं के कार्य में सुधार कर हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। आयुर्वेद में बेसार को केवल मसाले के रूप में नहीं, बल्कि प्राकृतिक औषधीय गुणों से भरपूर उपचारात्मक सामग्री के रूप में माना जाता है। नेपाल और दक्षिण एशियाई देशों में सदियों से घाव ठीक करने, जुकाम-खांसी कम करने, पाचन सुधारने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बेसार का उपयोग किया जाता रहा है। इसका मुख्य कारण बेसार में मौजूद सक्रिय जैविक तत्व करक्यूमिन है, जो बेसार को पीला रंग प्रदान करता है। वैज्ञानिक शोधों ने इसके शक्तिशाली एंटीव्रणात्मक, एंटीऑक्सिडेंट, एंटीमाइक्रोबियल और रोग प्रतिरोधक क्षमता संतुलित करने वाले गुणों को प्रमाणित किया है। बीते वर्षों में करक्यूमिन पर विश्वभर में हजारों अध्ययन हुए हैं, जिन्होंने इसे प्राकृतिक स्वास्थ्य संवर्धक तत्व के रूप में स्थापित किया है।

करक्यूमिन हृदय और रक्त नलिकाओं के स्वास्थ्य की देखभाल में सकारात्मक भूमिका निभाता है। यह रक्त नली की भीतरी सतह ‘एंडोथेलियम’ के कार्य को बेहतर बनाने में सहायक है। जब एंडोथेलियम स्वस्थ रहता है तो रक्त संचार सुचारू होता है और उच्च रक्तचाप, हृदयघात तथा स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है। विभिन्न शोधों से पता चला है कि करक्यूमिन धमनी में जमा होने वाले वसा और प्लाक को जमने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के ऑक्सीकरण को कम करके धमनी को होने वाले नुकसान के जोखिम को घटा सकता है। हालांकि, हृदय रोगों के उपचार के लिए इसे दवा के विकल्प के रूप में उपयोग नहीं करना चाहिए।

करक्यूमिन शरीर में प्रतिरक्षा कोशिकाओं की गतिविधि को संतुलित करने में सहायक होता है। यह अत्यधिक सूजन को नियंत्रित करते हुए आवश्यक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए, नियमित और संतुलित मात्रा में बेसार का सेवन शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को समुचित समर्थन प्रदान कर सकता है। विशेष रूप से मौसम बदलने के दौरान होने वाले सामान्य संक्रमण से बचाव के लिए स्वस्थ आहार में बेसार को शामिल करना लाभकारी माना जाता है।

कर्तव्य ज्यानका फरार प्रतिवादीलाई पक्राउ गरियो

२१ जेठ, काठमाडौं । कर्तव्य ज्यान मुद्दामा फरार रहेका प्रतिवादीलाई पक्राउ गरिएको छ। पक्राउ पर्नेमा झापाको दमक नगरपालिका–८ का २८ वर्षीय दिवस भनिने दिप्सन चौधरी रहेका छन्। उनलाई इलाका प्रहरी कार्यालय दमले पक्राउ गरेको छ। दिप्सन चौधरीविरुद्ध कर्तव्य ज्यान मुद्दामा जिल्ला अदालत झापाले १९ चैत २०७९ मा दोषी ठहर गरेको थियो। उनीमाथि बाँकी रहेका १० वर्ष कैद भुक्तानी गर्न अदालतको आदेशअनुसार उनलाई कारागार पठाइएको प्रहरीले जनाएको छ।

लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम की घोषणा

समाचार का संक्षिप्त विवरण

  • अमेरिका के नेतृत्व में हुए उच्चस्तरीय वार्ता के बाद इजरायल और लेबनान ने बुधवार को युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई।
  • युद्धविराम की घोषणा के बावजूद सीमा क्षेत्रों में झड़पें और हमले जारी हैं, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
  • इजरायली हमलों में स्वास्थ्यकर्मी और सैनिकों की हताहत संख्या बढ़ रही है, जिसमें अब तक कम से कम 130 स्वास्थ्यकर्मी मारे जा चुके हैं।

अमेरिका के नेतृत्व में वाशिंगटन में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद इजरायल और लेबनान ने बुधवार को युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई है। हालांकि, ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह ने गोलीबारी के ‘पूर्ण अंत’ के बिना किसी भी समझौते को लागू नहीं किया जाएगा, यह स्पष्ट करते हुए इस समझौते को अनिश्चितता में डाल दिया है।

दोनों पक्षों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध न होने के बावजूद संयुक्त बयान में कहा गया है कि ‘पायलट ज़ोन’ की स्थापना के बाद सहमति बनी है। इस क्षेत्र में लेबनानी सशस्त्र बल गैर-राज्य सशस्त्र समूहों को हटाकर विशेष नियंत्रण संभालेंगे।

युद्धविराम की घोषणा के बावजूद सीमा क्षेत्र में झड़पें और हमले जारी हैं। हिज़बुल्लाह ने इजरायली सेना को निशाना बनाकर हमला किया है, जबकि इजरायली हमलों में दक्षिणी लेबनान में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है। समझौते की घोषणा के कुछ घंटे बाद उत्तरी इजरायल में ‘संदिग्ध हवाई लक्ष्य’ देखे जाने के कारण हवाई हमले की चेतावनी भी जारी की गई थी, हालांकि किसी हताहत की पुष्टि नहीं हुई है।

संयुक्त बयान के अनुसार, युद्धविराम को लागू करने के लिए हिज़बुल्लाह की गोलीबारी पूरी तरह से बंद होनी चाहिए और उसके सैनिकों को दक्षिणी लेबनान से हटाना होगा। वाशिंगटन में हुई वार्ता लेबनानी और इजरायली प्रतिनिधियों के बीच चौथे चरण की प्रत्यक्ष बातचीत है। यह संवाद मार्च 2 को शुरू हुए संघर्ष के बाद जारी है जब हिज़बुल्लाह ने ईरान के समर्थन से इजरायल के खिलाफ हमले फिर से शुरू किए थे।

दोनों पक्षों ने जून 22 के सप्ताह में फिर से वार्ता करने पर सहमति जताई है, जिसका उद्देश्य व्यापक शांति समझौता प्राप्त करना बताया गया है।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान के संघर्ष और ईरान से जुड़े तनाव को अलग-अलग मुद्दों के रूप में संबोधित करने की जरूरत बताई है। वहीं तेहरान ने इस पूरे घटनाक्रम को आपस में जोड़ते हुए, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि बेरूत में कोई भी हमला हुआ तो युद्ध पूरी तरह से फिर से शुरू हो जाएगा।

इजरायली सेना ने बुधवार को बताया कि लेबनान से इजरायली क्षेत्र में प्रवेश करने वाला ‘शत्रुतापूर्ण विमान’ और दो प्रोजेक्टाइल सफलतापूर्वक रोके गए हैं। इसके जवाब में हिज़बुल्लाह ने इजरायली सेना पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया और उत्तरी इजरायल में सैन्य लक्ष्यों पर रॉकेट हमला करने का दावा किया।

गुरुवार सुबह हिज़बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान के अल-कांतारा शहर में इजरायली सैनिकों और वाहनों को निशाना बनाकर रॉकेट दागे और चकिफ कासल के पास इजरायली कमांड पोस्ट पर दो ड्रोन हमला किए।

पहले प्रस्तावित युद्धविराम 17 अप्रैल से लागू होने वाला था, लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगाते हुए लगातार हमले जारी रखे थे। हिज़बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी महमूद कोमाती ने स्पष्ट किया था कि समूह आंशिक युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा।

इस बीच मानवीय क्षति भी बढ़ती जा रही है। लेबनान की सरकारी राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (एनएनए) के अनुसार राजधानी के बाहर मुख्य राजमार्ग पर कार को निशाना बनाकर इजरायली हमला हुआ है। इजरायली सेना ने कई गांवों को खाली करने की चेतावनी दी है और दक्षिणी क्षेत्र में 20 से ज्यादा स्थानों पर हमलों की रिपोर्ट है।

लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार टायर शहर के पास अल-हवास क्षेत्र में हुए इजरायली हमले में चार सीरियाई और दो फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। हालांकि इजरायली सेना के प्रवक्ता ने उस क्षेत्र में किसी हमले की जानकारी से इनकार किया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी क्षेत्र में अन्य हमलों में एम्बुलेंस को भी निशाना बनाया गया है, और हिज़बुल्लाह से जुड़े अमल मूवमेंट की रिसाला स्काउट्स एसोसिएशन के दो पैरामेडिक्स मारे गए हैं। मंत्रालय ने क्षतिग्रस्त एम्बुलेंस की तस्वीरें जारी की हैं जिनमें अंदर की मेडिकल सामग्री सड़क पर बिखरी हुई दिख रही है।

एनएनए ने बताया कि जिब्दीन शहर में हिज़बुल्लाह से संबद्ध इस्लामिक हेल्थ कमेटी की एम्बुलेंस टीम पर हुए एक और हमले में एक पैरामेडिक की मौत हुई है। संघर्ष शुरू होने से अब तक कम से कम 130 इमरजेंसी और स्वास्थ्यकर्मी हताहत हो चुके हैं।

लेबनानी सेना ने भी इजरायली हमले में एक सैनिक की मौत और एक अधिकारी तथा एक सैनिक के घायल होने की घोषणा की है। सेना ने इजरायल पर सैनिकों, वाहनों और सैन्य स्थलों को नियोजित तरीके से निशाना बनाने का कड़ा विरोध जताया है।

किम जङ अन के साथ बैठक में उत्तर कोरियाई महिला फुटबॉल खिलाड़ियों की आंखों में आए आंसू

उत्तर कोरिया के नेता किम जङ अन ने एशियन विमेन चैंपियंस लीग जीतकर देश लौटने वाली खिलाड़ियों का प्योंगयांग में सम्मान करते हुए स्वागत किया। किम के साथ मुलाकात के दौरान विजेता टीम की खिलाड़ी और अंडर-17 राष्ट्रीय टीम की खिलाड़ी भावुक हो गईं और उनकी आंखों में आंसू आ गए, यह दृश्य सरकारी टेलीविजन ने 2 जून को प्रसारित किया।

दक्षिण कोरिया में आयोजित प्रतियोगिता में नेगोह्यांग विमेन फुटबॉल क्लब विजेता बनकर आगामी वर्ष आयोजित होने वाले फीफा विमेन चैंपियंस कप के लिए चयनित हुआ है। इस क्लब ने फाइनल मैच में जापानी टीम को हराया था। वहीं, उत्तर कोरिया की अंडर-17 राष्ट्रीय टीम ने भी मई महीने में आयोजित एएफसी यू-17 विमेन एशियन कप अपना खिताब जीता है।

पाँचथर के कांग्रेस सहसचिव गजेन्द्र राई ने पार्टी छोड़ी श्रम शक्ति पार्टी में शामिल होने की तैयारी

२१ जेठ, पाँचथर। नेपाली कांग्रेस के पाँचथर जिला सहसचिव गजेन्द्र राई ने नेपाली कांग्रेस छोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने फेसबुक पर प्रकाशित एक वीडियो संदेश के माध्यम से कांग्रेस में अपनी राजनीतिक यात्रा समाप्त करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस की साधारण सदस्यता से हटा कर वे श्रम शक्ति पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे जेठ २३ को अपने गाओं जेभाले में श्रम शक्ति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पाङ से पार्टी प्रवेश कराएंगे। पार्टी की ओर से इस कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय गजेन्द्र राई के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस पर प्रभाव पड़ने की संभावना है, वहीं श्रम शक्ति पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उत्साहित हैं। राई ने नई पार्टी से सामाजिक सेवा और राजनीतिक यात्रा को जारी रखने का संकल्प जताया है। वे १४वें महाधिवेशन से सहसचिव पद पर निर्वाचित हुए थे और कांग्रेस के विशेष महाधिवेशन पक्ष के खुले समर्थन में थे।

नेपाल के बजट २०८३/८४ : वैट बिल देते समय किस प्रकार की ‘चिट्ठा’ प्राप्त होती है और इसके क्या फायदे हैं

संसद्‍मा आर्थिक वर्ष २०८३/८४ को बजेट प्रस्तुत गर्दै अर्थमन्त्री स्वर्णिम वाग्ले

तस्बिर स्रोत, RSS

सरकार ने उपभोक्ताओं को ‘वैट बिल’ लेने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नए बजट में घोषित ‘लॉटरी’ अर्थात् चिट्ठा योजना आगामी सावन महीने से लागू करने के लिए कार्यप्रणाली तैयार कर रही है, अधिकारियों ने बताया।

गत जेठ १५ को आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट भाषण के दौरान अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने चिट्ठा योजना की जानकारी दी थी।

क्रियान्वयन हेतु किन-किन खरीदारी और सेवाओं में उपभोक्ताओं को चिट्ठा दिया जाए, परिणाम कैसे निकाले जाएं, और रेमिटेंस करने वालों को भी योजना में कैसे शामिल किया जाए, जैसे तकनीकी पहलुओं पर आंतरिक राजस्व विभाग के निदेशक शिव शर्मा कार्यप्रणाली तैयार कर रहे हैं।

सरकार की इस योजना से लेनदेन पारदर्शी होंगे और उपभोक्ता स्वयं जागरूक होकर वैट बिल मांगेंगे जिससे वार्षिक राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, अधिकारियों ने कहा।

विभाग के एक वरिष्ठ पूर्वमहानिदेशक ने कहा कि यह योजना अच्छी है, लेकिन कार्यान्वयन में चुनौतियां भी हो सकती हैं।

नेपाल ने भूटान को 51 रन से बड़ी जीत दी

एसीसी महिला प्रिमियर कप क्रिकेट में नेपाल ने भूटान को 51 रन से पराजित करते हुए लगातार दूसरी जीत हासिल की है। नेपाल द्वारा निर्धारित 114 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भूटान ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर केवल 62 रन बनाए। नेपाल के लिए बल्लेबाजी में सीता राना मगर ने सर्वश्रेष्ठ 37 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में रुबिना क्षेत्री ने 3 विकेट लिए।

21 जेठ, काठमांडू। नेपाल ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। गुरुवार को खेले गए मैच में नेपाल ने भूटान को 51 रन से पराजित किया। नेपाल द्वारा दिए गए 114 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भूटान ने 20 ओवर में 8 विकेट गंवाकर मात्र 62 रन बनाए। भूटान की ओर से डेचेन वांगमो ने सर्वाधिक अविजित 39 रन जोड़े जबकि चाडो ओम ने 11 रन का योगदान दिया। बाकी खिलाड़ियों ने दोहरे अंक में रन नहीं बनाए।

नेपाल की गेंदबाजी में रुबिना क्षेत्री ने 4 ओवर में 15 रन देकर 3 विकेट झटके। रिया शर्मा ने 2 विकेट लिए एवं कविता कुवंर और मनिषा उपाध्याय ने 1-1 विकेट लिए। इससे पहले, टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल ने 20 ओवर में सभी विकेट गिराकर 113 रन बनाए। सीता राना मगर ने सर्वाधिक 37 रन बनाए। रुबिना क्षेत्री ने 24, सोनी पाख्रिन ने 13 और सम्झना खड़का ने 10 रन जोड़े। नेपाल 10वें ओवर में 47-6 और 13वें ओवर में 67-7 के संकट में था।

सीता और रुबिना ने आठवें विकेट के लिए 40 रन की साझेदारी की। सीता के आउट होने पर नेपाल का स्कोर 107-8 था, जिसके बाद 15 गेंद में अतिरिक्त 6 रन बनाते हुए बाकी दो विकेट गंवा दिए। भूटान के लिए सोनाम और छिरिंग जांगमो ने समान रूप से 3-3 विकेट लिए। कप्तान अंजु गुरुंग ने 2 विकेट लिए जबकि रित्सी छुड़ेन और रिया प्रधान ने 1-1 विकेट लिए। नेपाल ने बुधवार को पहले मैच में कतर को हराया था। अब शनिवार को नेपाल का मुकाबला हांगकांग से होगा।

भक्तपुर में पति ने पत्नी की हत्या की

२१ जेठ, काठमांडू। भक्तपुर नगरपालिका वडा नं. १० छालिङ रोड के पास आर्मी बंकर के नजदीक एक महिला की हत्या मामले में Kathmandu के शंकरपुर नगरपालिका वडा नं. ६ नाङ्लेभारे निवासी ३३ वर्षीय सलिना तोलाङ्गे विश्वकर्मा की हत्या हुई है। सलिना, जो आर्मी बंकर के पीछे किराये पर रह रही थीं, उनके शव के साथ यह दुखद घटना हुई।

सलिना की हत्या उनके ही पति, ३८ वर्षीय विदुर विश्वकर्मा ने की है। पुलिस ने विदुर को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार शाम पौने आठ बजे के करीब घरेलू विवाद के दौरान विदुर ने सलिना पर खुकुरी से हमला किया। घटना स्थल पर ही सलिना की मौत हो गई, यह जानकारी भक्तपुर जिला पुलिस परिसर के प्रहरी नायब उपरीक्षक (डीएसपी) प्रकाश जबेगुले ने दी।

इसके अलावा, यह भी बताया गया कि झगड़े को सामंजस्य कराने गए उनके ८ वर्षीय बेटे को भी खुकुरी के हमला में चोटें आई हैं। भक्तपुर अस्पताल में उपचार के बाद वह बालक डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल उसे पुलिस ने भक्तपुर परिसर के बाल मैत्री कक्ष में रखा है।

घटना स्थल पर भक्तपुर जिला पुलिस परिसर के प्रहरी उपरीक्षक (एसपी) सूर्य बहादुर खड्का के नेतृत्व में जांच अधिकारी समेत एक टीम सक्रिय थी। भक्तपुर पुलिस ने घटना की विस्तृत जांच जारी होने की जानकारी दी है।

नेपाल ने भूटान को 114 रनों का लक्ष्य दिया

नेपाल के लिए सीता राना मगर ने सर्वाधिक 37 रन बनाए जबकि रुबिना क्षेत्री ने 24 रन जोड़े। स्कोर 67-7 होने पर सीता और रुबिना ने 40 रनों की साझेदारी कर टीम के इनिंग्स को मजबूती दी। एसीसी महिला प्रीमियर कप के दूसरे मुकाबले में नेपाल ने भूटान को 114 रनों का लक्ष्य प्रस्तुत किया है। मलेशिया में टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए नेपाल ने निर्धारित 20 ओवरों में अपनी सभी विकेट गंवाते हुए 113 रन बनाए। 21 जेठ, काठमांडू। एसीसी महिला प्रीमियर कप के दूसरे मैच में नेपाल ने भूटान को 114 रन का लक्ष्य दिया है। मलेशिया के क्वालालंपुर स्थित कॉलेज तुएन्कु जाफर ओवल में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल ने निर्धारित 20 ओवरों में अपनी सभी 10 विकेट गंवाकर 113 रन बनाए। नेपाल के लिए सीता राना मगर ने सर्वाधिक 37 तथा रुबिना क्षेत्री ने 24 रन बनाए। 67-7 की स्थिति में सीता और रुबिना ने 40 रनों की साझेदारी कर इनिंग्स को आगे बढ़ाया। सोनी पाख्रिन ने 13 और सम्झना खड़का ने 10 रन जोड़े। अन्य बल्लेबाज दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सके। भूटान की ओर से सोनाम और छिरिंग जांग्मो ने तीन-तीन और अंजु गुरुङ ने दो विकेट लिए।

पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा और तराई में तापमान वृद्धि का अनुमान

२१ जेठ, काठमाडौँ। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग की मौसम पूर्वानुमान महाशाखा ने मधेश, कोशी, बागमती और गण्डकी प्रदेश के तराई क्षेत्रों में तापमान बढ़ने और कुछ जिलों में गर्म दिनों के रहने की संभावना जताई है। वहीं, हिमाली एवं पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर वर्षा होने की भी संभावना है। महाशाखा के अनुसार, वर्तमान में देश के पश्चिमी हिस्से में उच्च वायुमंडल में न्यून चापीय प्रणाली और स्थानीय हवा के प्रभाव से मौसम प्रभावित है। गण्डकी और कर्णाली प्रदेश के हिमाली तथा पहाड़ी भागों में सामान्यतः बदली रहने की स्थिति बनी हुई है। अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में आंशिक बदली रहेगी, जबकि तराई के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः साफ रहेगा।

कोशी, बागमती, गण्डकी, लुम्बिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम प्रदेश के हिमाली एवं पहाड़ी क्षेत्रों के एक-दो स्थानों पर आज सुबह हल्की वर्षा हो रही है। आज दोपहर के समय देश के हिमाली और पहाड़ी भागों में सामान्य बदली बरकरार रहेगी जबकि तराई में आंशिक बदली रहने का अनुमान है। हिमाली और पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ स्थानों और मधेश एवं कोशी प्रदेश के तराई के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन और बिजली के साथ मध्यम वर्षा या हिमपात होने की संभावना भी बनी हुई है। आज रात को देश के हिमाली भागों में सामान्यतः बदली रहेगी, पहाड़ी हिस्सों और मधेश तथा कोशी प्रदेश के तराई एरिया में आंशिक बदली रहेगी और बाकी तराई क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः साफ रहेगा। कोशी और मधेश प्रदेश सहित बागमती प्रदेश के हिमाली तथा पहाड़ी भागों तथा गण्डकी और कर्णाली प्रदेश के हिमाली क्षेत्र के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा या हिमपात हो सकता है। इसी प्रकार, देश के हिमाली और पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों तथा लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के तराई इलाके के एक-दो स्थलों पर मेघ गर्जन और बिजली के साथ मध्यम वर्षा या हिमपात की संभावना महाशाखा द्वारा बताई गई है।

इरान के कुवैत पर हमला के बाद खाड़ी राष्ट्रों में गुस्सा, इरान का जवाब क्या है?

२१ वैशाख, काठमाडौं । खाड़ी सहयोग परिषद् (जीसीसी) ने बुधवार को कुवैत और बहरीन में हुए हमलों के लिए इरान की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इन हमलों को कायरतापूर्ण करार देते हुए कहा है कि इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा है। जीसीसी महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने बताया कि इरान लगातार इस तरह के कदम उठा रहा है, जो खाड़ी देशों की सुरक्षा, स्थिरता और सार्वभौमिकता के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने इरान के हालिया हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के नियमों और वैश्विक मानकों का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसे रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाना चाहिए। जीसीसी में कुवैत, क़तर, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं।

बुधवार को कुवैत हवाई अड्डे पर इरानी ड्रोन मिसाइल हमले में हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा और उड़ानें अस्थायी रूप से रुकनी पड़ीं। इस हमले में कुछ लोग भी घायल हुए। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि कोई देश अपनी जमीन को इरान के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल करता है तो उसका जवाब कड़ी कार्रवाई के रूप में दिया जाएगा। इरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका-इजरायल और इरान के बीच जारी संघर्ष को लेबनान में युद्ध समाप्ति और इजरायली सेना के पीछे हटने के बाद अंतिम माना है।

अराघची ने ‘अल-मयादीन’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि इरान अभी भी युद्धविराम और युद्ध समाप्ति के मामले में अपनी वही स्थिति बनाए हुए है। युद्धविराम की खबर के बाद तेल के दाम कम हुए हैं। अमेरिकी मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद इजरायल और लेबनान ने युद्धविराम पूर्ण रूप से लागू करने पर सहमति जताई है। यह समझौता दक्षिणी लेबनान से हिज़बुल्लाह की उपस्थिति हटाने और वहां की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी यह कहा है कि दोनों पक्ष पहले से लागू युद्धविराम का सम्मान करेंगे और उसे प्रभावी रूप से लागू करेंगे।

समझौते के अनुसार, हिज़बुल्लाह दक्षिणी लेबनान के लितानी नदी क्षेत्र से पीछे हट जाएगा और वहां से सभी सशस्त्र गतिविधियां पूरी तरह बंद होंगी। साथ ही, कुछ ‘पायलट जोन’ बनाए जाएंगे जहां केवल लेबनानी सेना तैनात होगी और कोई गैर-सरकारी सशस्त्र समूह वहां मौजूद नहीं होगा। यह नया युद्धविराम नहीं है। मई महीने से लागू युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया है और नवीनतम समझौता इसी व्यवस्था को लागू करने पर केंद्रित है।

युद्धविराम के मजबूत होने की खबर के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम 67 सेंट (0.69 प्रतिशत) गिरकर 97.14 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 62 सेंट (0.65 प्रतिशत) गिरकर 95.40 डॉलर प्रति बैरल बिक रहा है। इस गिरावट का कारण इजरायल और लेबनान के बीच लागू युद्धविराम समझा जा रहा है।

निवेशकों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव में कमी आई तो अमेरिका, इजरायल और इरान के बीच बड़े संघर्ष के समाधान की संभावना बढ़ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि यदि इरान से जुड़ी कोई हमले में अमेरिकी सैनिक मारे गए तो वे युद्धविराम खत्म करने पर पुनर्विचार करने को तैयार रहेंगे। यह जानकारी ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट में है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इरान के बीच कई झड़पें हुई हैं, लेकिन बड़े सैन्य अभियान अभी तक नहीं हुए। अधिकारीयों का कहना है कि ट्रंप फिलहाल युद्ध को बढ़ावा देना नहीं चाहते और मध्य पूर्व के बड़े संघर्ष से बचना चाहते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप छोटे सैन्य तनावों को कुछ समय तक सहन कर सकते हैं ताकि स्थिति पूर्ण युद्ध में ना बदलें, लेकिन यदि अमेरिकी सैनिक मारे गए तो उनका रुख बदलाव हो सकता है और वे युद्धविराम खत्म कर सकते हैं।

अन्नपूर्ण म्याराथन के विजेता घोषित: दलबहादुर कुँवर और मञ्जु रावत

छठे अन्नपूर्ण म्याराथन का खिताब जुम्ला के दलबहादुर कुँवर और मञ्जु रावत ने जीता। अन्नपूर्ण सेंचुरी टूरिज्म कमेटी ने अन्नपूर्ण प्रथम हिमाल आरोहण के ७६वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर बुधवार को यह दौड़ आयोजित की थी। विजेताओं को प्रत्येक को 1 लाख 50 हजार रुपये नकद के साथ ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र दिए गए।

अन्नपूर्ण आधार शिविर से शुरू हुई 42.195 किलोमीटर की दूरी दलबहादुर ने 4 घंटे 4 मिनट 11 सेकंड में पूरी की। नेपाली सेना के तिलकबहादुर सुनुवार 4 घंटे 10 मिनट 8 सेकंड में दूसरे स्थान पर आए जबकि सचिन गुरुङ 4 घंटे 49 मिनट 12 सेकंड में तीसरे स्थान पर रहे।

महिला वर्ग में जुम्ला की मञ्जु रावत ने 6 घंटे 14 मिनट 19 सेकंड में दूरी पूरी की। जुम्ला की राज्यलक्ष्मी रावल दूसरी और कल्पना बुढा तीसरे स्थान पर रहीं। राज्यलक्ष्मी ने 6 घंटे 56 मिनट 25 सेकंड और कल्पना ने 6 घंटे 56 सेकंड में दूरी पार की।

महिला और पुरुष दोनों वर्गों के विजेताओं को नकद 1 लाख 50 हजार रुपये के साथ ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि दूसरे स्थान पर आने वालों को 1 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर आने वालों को 75 हजार रुपये नकद के साथ ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र दिए गए।

“सभी मौसमों के लिए पर्यटन” के नारे के साथ आयोजित इस म्याराथन की शुरुआत समुद्रतल से 4,130 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अन्नपूर्ण आधार शिविर से हुई, जो माछापुच्छ्रे आधार शिविर, देउराली, हिमालय, दोभान, सिनुवा, बम्बू, छुमरुङ, तौलु, घुर्जुङ, चुहिले, मेलाँचे, कोम्रोङडाँड़ा से होते हुए घान्द्रुक स्थित मेश्राम बराह माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर समाप्त हुई।

पूर्वप्रधानमंत्री ओली ने कहा आयोग में बयान नहीं दिया, विज्ञानराज शर्मा ने किया खंडन

पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दावा किया है कि उन्होंने आयोग में बयान नहीं दिया, जबकि आयोग के पूर्व सदस्य विज्ञानराज शर्मा ने इसका खंडन किया है। आयोग के कर्मचारी उनकी भक्तपुर स्थित आवास पर गए थे और 31 मिनट का रिकॉर्डेड बयान लिया गया था। ओली का यह ऑडियो रिकॉर्ड और रिपोर्ट वर्तमान में पूर्वन्यायाधीश प्रेमराज कार्की के नेतृत्व वाली समिति के पास है। 20 जेठ, काठमाडौं।

‘मैंने उस समय कहा था कि आयोग में बयान नहीं दूंगा। मैंने बयान नहीं दिया, लेकिन आयोग ने कहा कि मैंने बयान दिया, यह प्रकाशित किया। मैं इस विवाद में नहीं पड़ना चाहता। आयोग ने मुझे प्रश्न पत्र भेजा था, जिसे मैंने स्वीकार नहीं किया, न ही समझा। मैं इस आयोग को मान्यता नहीं देता, और पत्र भी नहीं भेजा। उन्होंने बिना मेरी बात सुने बयान दिया बताया। आयोग ने अपनी इज्जत के लिए किया होगा, इसमें मेरी कोई बात नहीं है। मैंने बयान नहीं दिया,’ ओली ने बुधवार को एमाले के संगठन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा।

21 फागुन के चुनाव में झापा-5 से पराजित होने के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में उपस्थित हुए ओली ने कार्की आयोग में बयान न देने की बात दोहराई। आयोग के सदस्य और प्रवक्ता पूर्व एआईजी विज्ञानराज शर्मा ने कहा, ‘अगर उन्होंने बयान नहीं दिया होता, तो वे यह बातें लिखित रिपोर्ट में कैसे आतीं? उनका रिकॉर्डेड बयान मौजूद है। जो मैंने कहा, वही मेरी बात है, अंत में यह मेरा बयान नहीं है कहने वाली बातें भी सुरक्षित हैं।’

आयोग के अध्यक्ष गौरीबहादुर कार्की के ‘बयान की रिपोर्ट भी दें’ कहने पर चार पृष्ठ का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर दिया गया। आयोग के पूछे गए सवालों के अलावा लिखित जवाब भी ओली को लेखक द्वारा सौंपे गए थे। बयान शुरू होने से पहले ओली ने कहा, ‘मुझे किसी ने नहीं पूछा, मेरा नाम तक नहीं लिया गया,’ और ‘मुझे बयान क्यों देना चाहिए?’ उन्होंने आयोग के कर्मचारी से कहा, ‘रमेश लेखक का बयान आने और मेरा नाम न पूछे जाने पर मैंने पूर्वप्रधानमंत्री का बयान नहीं देने का फैसला किया।’

बयान देने से इनकार के बाद ओली कुछ नरम हुए और 5-7 पृष्ठ का लिखित दस्तावेज प्रस्तुत किया। आयोग के कर्मचारी ने बताया, ‘मैं आयोग से आया हूँ। अगर आप जवाब नहीं देना चाहते तो मैं रिपोर्ट तैयार कर रहा हूँ।’ ओली ने आयोग को कहा, ‘तेह्रथुम की एकमात्र आग लगी हुई घर मेरा है। क्या जांच आयोग ने इन सब के खिलाफ जांच की है या नहीं?’ बुधवार के कार्यक्रम में ओली ने कहा कि गौरीबहादुर कार्की ने ‘फैलान को कार्रवाई करनी है’ कहा था और उनकी आयोग का उद्देश्य खुद को और दूसरों को दोषी बताना था।

आयोग द्वारा लिए गए ३१ मिनट के रिकॉर्डेड बयान में ओली ने कहा- मैंने बयान नहीं दिया

समाचार सारांश

सम्पादकीय समीक्षा किया गया।

  • पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि उन्होंने बयान नहीं दिया, जबकि आयोग के पूर्व सदस्य विज्ञानराज शर्मां ने इसका खंडन किया है।
  • आयोग के कर्मचारी भक्तपुर स्थित ओली के आवास पर जाकर ३१ मिनट का रिकॉर्डेड बयान लिए।
  • ओली का यह ऑडियो रिकॉर्ड और रिपोर्ट पूर्व न्यायाधीश प्रेमराज कार्की की समिति तक पहुंच चुकी है।

२० जेठ, काठमाडौं। ‘मैंने उस समय कहा था कि आयोग में बयान नहीं दूंगा। मैंने बयान नहीं दिया, पर आयोग ने बयान दिया बताया। मैं इस मामले में ज्यादा विवाद में नहीं जाना चाहता। आयोग ने मुझे प्रश्नपत्र भेजा था, मैं उसे स्वीकार नहीं किया, समझा भी नहीं।’

‘मैं इस आयोग को मान्यता नहीं देता, मैंने पत्र भेज कर कहा कि मैं पत्र स्वीकार नहीं करता। उन्होंने बिना यह बात बताए बयान दिया बताया। आयोग ने अपनी इज्जत के लिए ऐसा किया होगा, इसमें मेरी कोई बात नहीं है। मैंने बयान नहीं दिया।’

बुधवार को एमाले के संगठन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पूर्वप्रधानमंत्री और एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने गौरीबहादुर कार्की नेतृत्व वाले जांच आयोग में बयान न देने का जिक्र किया।

२१ फागुन के चुनाव में झापा-५ से हारने के बाद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में आए ओली ने कहा कि कार्की आयोग में उन्होंने बयान नहीं दिया।

‘यदि बयान नहीं दिया होता तो वे कैसे लिखित रिपोर्ट में कहते कि उन्होंने ये कहा, वो कहा?’, आयोग के सदस्य और प्रवक्ता पूर्व एआईजी विज्ञानराज शर्मा ने कहा, ‘उनका रिकॉर्डेड बयान मौजूद है। उन्होंने जो कहा, वह यह है, लेकिन अंत में दोहरे अर्थ में अपनी बात यह कह कर खत्म की कि यह मेरा बयान नहीं है। मेरा कहना यह है।’

जांच आयोग में कार्यरत एक सुरक्षा कर्मी के अनुसार, आयोग ने एक कर्मचारी भेज कर पूर्व प्रधानमंत्री ओली का बयान लिया था।

बयान लेने के बाद कर्मचारी ने आयोग के अध्यक्ष और अन्य दो सदस्यों को सिंहदरवार से आने-जाने तक की सभी घटनाओं की जानकारी दी थी।

उन्होंने ३१ मिनट के ऑडियो रिकॉर्ड और चार पृष्ठ की रिपोर्ट आयोग को सौंपी।

सभी दस्तावेजों को आयोग ने तत्कालीन सरकार को सौंपा था। ऑडियो और रिपोर्ट अब पूर्व न्यायाधीश प्रेमराज कार्की के नेतृत्व वाली समिति के पास है।

प्रेमराज कार्की की समिति भदौ २३ की घटना में सुरक्षा कर्मी पर कार्रवाई के विषय में अध्ययन कर रही है।

‘मैं बयान क्यों दूं?’

२० पुस २०८२, लगभग मध्यान्ह। सफेद गाड़ी सिंहदरवार के गेट से अंदर आई और पुरानी प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने रुकी।

जेनजी आंदोलन के दमन के जाँच के लिए गठित आयोग से एक कर्मचारी झोली लेकर उस गाड़ी में बैठा। गाड़ी गुण्डु स्थित ओली के निवास के बाहर रुकी जहाँ सुरक्षा कर्मियों ने गाड़ी की तलाशी ली। कोड पूछे जाने पर चालक ने कोड बताकर प्रवेश कराया गया।

आयोग के कर्मचारी तीन वक्त निवास में रुके। एक सहयोगी महिला ने बताया कि ‘ओली भोजन कर रहे हैं, कृपया प्रतीक्षा करें’। कुछ देर इंतजार के बाद ओली मिले और कहा कि वह आयोग के काम से अवगत हैं।

उन्होंने आयोग अध्यक्ष गौरीबहादुर कार्की, सदस्य विशेष्वर भण्डारी और विज्ञानराज शर्मा के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

ओली ने कहा कि ‘आयोग के पूर्व एआईजी विज्ञानराज शर्मा स्वयं उनके प्रति पूर्वाग्रही हैं और इसका उन्हें जानकारी नहीं थी’।

आयोग के अन्य पदाधिकारियों से उनकी कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं थी, लेकिन अध्यक्ष कार्की की पूर्वधारणा के कारण रिपोर्ट पूर्वाग्रही हो सकती है।

आयोग के कर्मचारी बताते हैं कि बयान से पहले ओली ने कार्की की न्यायाधीश के तौर पर बार-बार प्रशंसा की।

उस वक्त पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक भक्तपुर के कटुंजे में थे। उनका बयान और लिखित जवाब वे आयोग में देने से पहले ओली के पास पहुंचाए गए।

बयान शुरू होने से पहले ओली ने कहा कि ‘मुझसे किसी ने पूछा नहीं, मेरा नाम भी नहीं आया। मुझे बयान क्यों देना पड़े?’ उन्होंने लंबा वक्तव्य भी दिया।

ओली ने कहा कि ‘रमेश लेखक का बयान आ जाने के बाद और मेरा नाम न पूछे जाने के कारण पहले निर्णय लिया कि पूर्व प्रधानमंत्री का बयान नहीं लेना है। बाद में थोड़ा पूछ-ताछ भी हो सकती थी।’

जब ओली ज्यादा बात करने लगे तो कर्मचारी ने कहा, ‘मैं आयोग का कर्मचारी हूं। आप जवाब नहीं देंगे तो मैं रिपोर्ट बना दूंगा।’

फिर बताया, ‘मैं रिपोर्ट आयोग को सौंपूंगा और वह समय सीमा में रिपोर्ट न देने का दावा नहीं कर सकता।’

‘आइफोन पर्याप्त नहीं, दूसरा लाओ’

बयान से इंकार के बाद ओली नरम हुए और ५-७ पृष्ठ का लिखित कागज दिया।

कर्मचारी ने रेकॉर्डर निकालने को कहा तो शुरुआत में ओली असमर्थ थे लेकिन फिर रेकॉर्डेड बयान देने राजी हुए।

आयोग ने 60-70 सवाल पूछे, लेकिन ओली ने केवल अपनी बात रखने में रुचि दिखाई।

ओली ने कहा कि ‘बयान का रिकॉर्ड खुद के पास भी होना चाहिए’। उन्होंने एक सहयोगी महिला से दूसरा मोबाइल लाने को कहा।

जब बताया गया कि आईफोन आ गया है, उन्होंने कहा ‘आईफोन भरोसेमंद नहीं है, डाटा पूरी तरह कॉपी हो सकता है, दूसरा लाओ’। फिर दूसरा सेट लिया गया और रिकॉर्डिंग की गई।

बयान लेने वाले कर्मचारी ने खुद को आयोग का कहलाते हुए कहा, ‘मैं मौखिक और रिकॉर्डेड बयान लूंगा, आप तैयार हैं?’

ओली ने एकतरफा अपनी बात रखी और अंत में कर्मचारी ने कहा, ‘मैंने आपकी अनुमति से बयान रिकॉर्ड किया।’

विदाई के दौरान ओली ने कहा, ‘आपको छोड़ने वाली गाड़ी आप तक पहुंचा देगी।’

ओली और कर्मचारी के बातचीत के दौरान निवास के चालक ने मास्क लगाया था और कर्मचारी को प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर छोड़ दिया था। कर्मचारी ने ऑडियो रिकॉर्ड, कुछ कागजात और चार पृष्ठ की रिपोर्ट आयोग को सौंप दी थी।

‘बयान दिया बताया गया’

जेनजी आंदोलन के दौरान भदौ २३ को हुई घटना में गृह मंत्रालय जवाबदेह होने के बावजूद प्रधानमंत्री की भूमिका नहीं थी, ऐसा ओली ने कहा था।

‘पीड़ितों को बचाने के लिए पीएम ने निर्देश दिया था। मेरी संपत्ति जलाई गई, मेरे पास के दूसरे निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा,’ – ओली ने आयोग को कहा।

‘तेह्रथुम के एक ही आगजनी वाला घर मेरा है। इन सभी पर आयोग ने जांच-पड़ताल की या नहीं?’

बुधवार के कार्यक्रम में ओली ने कहा कि कार्की ने कहा ‘कुछ को दंडित करना होगा’, इसलिए उनकी आयोग बनी।

‘इसलिए कार्की के नेतृत्व में आयोग बना। उन्होंने एक ही बात बोली कि कुछ को दंडित किया जाए।’

ओली ने कहा, ‘मैंने कहा बयान नहीं दूंगा। मैंने बयान नहीं दिया, लेकिन आयोग ने बयान दिया बताया। मैं इस विवाद में नहीं जाना चाहता।’

अमेरिकी प्रतिनिधिसभाले इरानसँग युद्ध रोक्ने प्रस्ताव पारित किया

अमेरिकी प्रतिनिधिसभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इरान में अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई करने से रोकने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव को 215 मतों से समर्थन मिला जबकि 208 मतों के खिलाफ थे। चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों के साथ मिलकर फरवरी में शुरू हुए युद्ध के खिलाफ असामान्य सहमति दिखाते हुए इस प्रस्ताव को वोट दिया।

यह ट्रंप के युद्ध के अधिकारों को सीमित करने के लिए प्रतिनिधिसभा का चौथा प्रयास है। कांग्रेशनल अनुमोदन के बिना इरान के खिलाफ हो रहे सैन्य अभियान को लेकर आलोचकों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए कांग्रेस के उच्च सदन, सीनेट से भी मंजूरी मिलनी जरूरी है। सीनेट में रिपब्लिकन बहुमत में हैं, इसलिए प्रस्ताव पारित होने के बाद भी इरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह रोक पाने की संभावना कम दिखाई देती है।

ट्रंप इस प्रस्ताव को अपने विशेष अधिकार ‘वेटो’ का प्रयोग कर भी रोक सकते हैं, जिसे खारिज करने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। मई महीने में भी सीनेट ने इसी तरह का प्रस्ताव पेश किया था। बुधवार के मतदान में चार रिपब्लिकन सांसदों सहित डेमोक्रेट ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया।

प्रतिनिधिसभा की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेट सदस्य ग्रेगरी मिक्स ने सदन के मतदान को “इरान में ट्रंप के अवैध और महंगे युद्ध को समाप्त करने की दिशा में पहला कदम” बताया। मिक्स ने कहा, “ट्रंप अपने युद्ध के घोषित उद्देश्यों को प्राप्त करने में नाकाम रहे और इस युद्ध ने अमेरिका में ईंधन की कीमतें बढ़ा दी हैं। यह प्रस्ताव पारित होना एक महत्वपूर्ण मोड़ है। कई रिपब्लिकन सांसद अब मध्य पूर्व में एक और अनिश्चितकालीन युद्ध न चाहने वाले अपने मतदाताओं की आवाज सुन रहे हैं।”