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लेखक: space4knews

किम जोङ से मिलने पर महिला फुटबॉल खिलाड़ी हुईं भावुक

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोङ ने एएफसी महिला चैंपियंस लीग विजेता नाएगोह्याङ महिला फुटबॉल क्लब की खिलाड़ीओं से प्योंगयांग में मुलाकात कर उन्हें बधाई दी है। नाएगोह्याङ महिला फुटबॉल क्लब ने जापान की टोक्यो वर्दी बेलेजा को १–० से हराकर ऐतिहासिक एएफसी महिला चैंपियंस लीग का खिताब जीता था। इस अवसर पर किम ने नाएगोह्याङ और उत्तर कोरिया की यू–१७ महिला राष्ट्रीय टीम के बीच मैत्रीपूर्ण मैच का भी अवलोकन किया।

२१ जेठ, काठमांडू। उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोङ से मिलने पर उत्तर कोरियाई महिला फुटबॉल खिलाड़ी भावुक हो गईं। एएफसी महिला चैंपियंस लीग के ऐतिहासिक खिताब विजेता उत्तर कोरियाई क्लब नाएगोह्याङ की खिलाड़ियों का किम जोङ ने इस सप्ताह प्योंगयांग में व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया, जिससे वे खुशी से भावुक हो उठीं। किम ने उन्हें गले लगाकर सामूहिक तस्वीर खिंचवाई।

नाएगोह्याङ महिला एफसी ने २३ मई को दक्षिण कोरिया के सुवान में हुए फाइनल में जापान की टोक्यो वर्दी बेलेजा को १–० से पराजित कर एएफसी महिला चैंपियंस लीग का खिताब जीता। इस प्रकार यह प्रतियोगिता जीतने वाली पहली उत्तर कोरियाई क्लब बनी। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार किम ने टीम को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने नाएगोह्याङ महिला क्लब और उत्तर कोरिया की यू–१७ महिला राष्ट्रीय टीम के बीच मैत्रीपूर्ण मैच का भी अवलोकन किया।

सभामुख अर्याल ने नई पीढ़ी की भावना और बदलती परिस्थितियों के आधार पर संविधान संशोधन की प्रतिबद्धता जताई

प्रतिनिधि सभा के सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने नई पीढ़ी की भावना और बदलती परिस्थितियों के अनुसार संविधान संशोधन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। काभ्रेपलाञ्चोक में आयोजित जिला समन्वय समिति की नववीं जिला सभा एवं समीक्षा कार्यक्रम में उन्होंने आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कानून बनाए जाने और संविधान में आवश्यक संशोधन करने की बात कही। २१ जेठ को काभ्रेपलाञ्चोक में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘बहुत वर्षों तक जनता ने राज्य होने का अनुभव नहीं किया, संविधान बनने के बाद भी आवश्यक कानून नहीं बन सके, न्याय प्राप्त नहीं हो पाया। अब नई पीढ़ी की भावना और वर्तमान परिवर्तित परिस्थितियों के अनुसार संविधान संशोधन किया जाएगा।’

सभामुख अर्याल ने संविधान की धारा ५६ में संघ, प्रदेश और स्थानीय तह को सरकार के तीन स्तर के रूप में परिभाषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा, ‘सिंहदरबार में संघीयता की परीक्षा नहीं होती, बल्कि स्थानीय तह में सेवा प्रदान करते वक्त होती है।’ संविधान द्वारा स्थानीय सरकार को दिए गए अधिकार, जिम्मेदारियाँ और अवसरों को नागरिकों तक प्रत्यक्ष रूप से पहुँचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है, उन्होंने बताया।

संघीयता के अभ्यास के साथ-साथ जिला समन्वय समिति की भूमिका, प्रभावकारिता और औचित्य को लेकर बहस जारी है। हालांकि, संविधान में परिकल्पित समन्वय, सहयोग और साझा विकास की भावना को व्यवहार में लागू करने के लिए जिले स्तरीय समितियों को समय-समय पर सुदृढ़ और प्रभावी बनाना आवश्यक है, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया। ‘संविधान संशोधन या संघीय संरचना की पुनः समीक्षा भविष्य के लोकतांत्रिक विमर्श के विषय हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में संविधान द्वारा निर्धारित भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना हमारा मुख्य कर्तव्य है,’ उन्होंने कहा।

नववीं जिला सभा एवं समीक्षा कार्यक्रम में प्रतिनिधि सभा सदस्य बदन भण्डारी, मधु चौलागाईं, डॉ. राम लामा तथा बागमती प्रदेश के सदस्य लक्ष्मण लम्साल, रत्न ढकाल और रुकु चौलागाईं भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली १३ पालिकाओं को सम्मानित किया गया।

सभामुख अर्याल: नई पीढ़ी की भावना और परिस्थितियों के अनुसार संविधान संशोधन होगा

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के साथ।

  • प्रतिनिधि सभा के सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने कहा कि नई पीढ़ी की भावना और बदलती परिस्थितियों के अनुसार संविधान संशोधन किया जाएगा।
  • सभामुख अर्याल ने कहा, “संघीयता की असली परीक्षा सिंहदरबार में नहीं, स्थानीय तह में सेवा प्रवाह में होती है।”
  • काभ्रेपलाञ्चोक में आयोजित नवें जिला सभा में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट 13 पालिकाओं को सम्मानित किया गया।

21 जेठ, काभ्रेपलाञ्चोक – प्रतिनिधि सभा के सभामुख डोलप्रसाद अर्याल ने कहा है कि नई पीढ़ी की भावना और बदलती परिस्थितियों के अनुसार संविधान में संशोधन किया जाएगा।

काभ्रेपलाञ्चोक में आयोजित जिला समन्वय समिति की नवें जिला सभा एवं समीक्षा कार्यक्रम में सभामुख अर्याल ने बताया कि आवश्यकतानुसार कानून बनाए जाएंगे और संविधान में जरूरी संशोधन भी किए जाएंगे।

‘लंबे समय तक जनता यह महसूस नहीं कर पाई कि उनके पास राज्य है, संविधान बनने के बाद भी आवश्यक कानून नहीं बन सके, न्यायालय से न्याय नहीं मिल पाया। अब नई पीढ़ी की भावना और वर्तमान परिवर्तित परिस्थितियों के अनुसार संविधान संशोधन होगा,’ उन्होंने कहा, ‘आवश्यकतानुसार कानून बनेंगे और संविधान संशोधित होगा। इसके लिए सभी दलों का एकजुट होना जरूरी है।’

सभामुख अर्याल ने बताया कि संविधान की धारा 56 संघ, प्रदेश और स्थानीय तह को राज्य शक्ति प्रयोग करने वाली तीन सरकारों के रूप में परिभाषित करती है, साथ ही ये तीनों स्तर सहकार्य, सह-अस्तित्व और समन्वय के सिद्धांतों पर आधारित संघीय शासन प्रणाली के स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि संघीयता की सफलता केवल कागजी अधिकारों पर नहीं, बल्कि जनता के दैनिक जीवन में नजर आने वाले बदलाव से मापी जानी चाहिए।

‘संघीयता की असली परीक्षा सिंहदरबार में नहीं, स्थानीय तह में सेवा प्रवाह के दौरान होती है,’ उन्होंने ज़ोर दिया।

सभामुख अर्याल ने कहा कि संविधान द्वारा स्थानीय सरकारों को दिए गए अधिकार, जिम्मेदारियाँ और अवसरों का नागरिकों को सीधे अनुभव कराया जाना सबकी साझा जिम्मेदारी है।

अर्याल ने कहा कि संघीयता के अभ्यास के साथ-साथ जिला समन्वय समिति की भूमिका, प्रभावकारिता और औचित्य पर चर्चा होती रही है, लेकिन संविधान में कल्पित समन्वय, सहकार्य और साझा विकास के भाव को व्यवहार में लाने के लिए जिला स्तर की समितियों को समय के अनुसार मजबूत और प्रभावी बनाना आवश्यक है।

‘संविधान संशोधन या संघीय संरचना का पुनरावलोकन भविष्य की लोकतांत्रिक बहसों का विषय हो सकता है, लेकिन वर्तमान में संविधान के तहत दी गई भूमिकाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हमारी मुख्य जिम्मेदारी है,’ उन्होंने कहा।

नवें जिला सभा एवं समीक्षा कार्यक्रम में प्रतिनिधि सभा सदस्य बदन भण्डारी, मधु चौलागाईं, डॉ. राम लामा तथा बागमती प्रदेश के सदस्य लक्ष्मण लम्साल, रत्न ढकाल और रुकु चौलागाईं ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 13 पालिकाओं को सम्मानित किया गया।

पालुङटार में अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों का सम्मान

समाचार सारांश

तैयार किया गया, संपादकीय समीक्षा के साथ।

  • गोरखा के पालुङटार नगरपालिका ने २१वें जातीय भेदभाव एवं छुआछूत उन्मूलन दिवस के अवसर पर गुरुवार को तीन अंतरजातीय जोड़ों को सम्मानित किया।
  • सम्मानित जोड़ों में जेम्स कोइराला एवं गंगा लामा, सुजन थापा क्षेत्री एवं रंजीता कुमाल, तथा बरदान श्रेष्ठ एवं सचिन गुरुङ शामिल हैं।
  • मयर विवश चिंतन ने कहा, ‘अंतरजातीय विवाह करके सामाजिक परिवर्तन के अभियान में अमूल्य योगदान के लिए हम उन्हें सम्मानित कर रहे हैं।’

२१ जेठ, गोरखा। गोरखा के पालुङटार नगरपालिका ने अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को सम्मानित किया है। २१वें जातीय भेदभाव तथा छुवाछूत उन्मूलन दिवस के अवसर पर गुरुवार को तीन जोड़ों को सम्मानित करने की जानकारी नगरपालिका ने दी।

वार्ड नं। १ के जेम्स कोइराला और गंगा लामा, वार्ड नं। ५ के सुजन थापा क्षेत्री और रंजीता कुमाल, तथा उसी वार्ड के बरदान श्रेष्ठ और सचिन गुरुङ की जोड़ों को मयर विवश चिंतन ने सम्मानित किया।

उन्होंने कहा, ‘अंतरजातीय विवाह कर सामाजिक परिवर्तन के अभियान में अमूल्य योगदान के कारण हम उन्हें सम्मानित कर रहे हैं।’

देवकोटाले बताया कि सम्मान समारोह में खादा पहनाकर और प्रशंसा पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया गया।

उसी कार्यक्रम के तहत ‘जातीय भेदभाव के व्यवहारिक उन्मूलन में विद्यार्थियों की भूमिका’ विषय पर वाक् प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता में युनाइटेड बोर्डिंग स्कूल के प्रिंस गिरी प्रथम, त्रिवेणी मावि की रोजिना गुरुङ द्वितीय, भवानी मावि की दीपशिखा बख्रेल तृतीय, और अन्नपूर्ण मावि की समीक्षा रम्तेल को सांत्वना पुरस्कार मिला।

उन्हें नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में कुल २० विद्यार्थी शामिल हुए थे।

सोनम वाङचुक और दिपके कक्रोच जनता पार्टी के दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होंगे

शिक्षाविद् सोनम वाङचुक ने कहा है कि यदि शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान 5 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे 6 जून को कक्रोच जनता पार्टी के दिल्ली प्रदर्शन में भाग लेंगी। कक्रोच जनता पार्टी ने परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में 6 जून को दिल्ली के जन्तरमंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान करते हुए तीन प्रवक्ता नियुक्त किए हैं। भारत सरकार ने परीक्षा में अनियमितताओं की जांच के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के अध्यक्ष और सचिव को पद से हटाकर एक सदस्यीय समिति का गठन किया है।

15 मई को भारत के सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद ‘कक्रोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का उदय हुआ। नवयुवाओं को कक्रोच से तुलना करने पर सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रिया स्वरूप यह पार्टी स्थापित की गई। कम ही समय में इस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी से अधिक समर्थक प्राप्त कर काफी लोकप्रियता हासिल की है। सीजेपी के संस्थापक अभिजित दिपके ने कहा, ‘मैंने इतनी बड़ी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी। यह पूरी तरह अप्रत्याशित और स्वाभाविक समर्थन है।’

1 जून को दिपके ने शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफा मांगते हुए नई दिल्ली के जन्तरमंतर पर 6 जून को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की घोषणा की थी। इससे पहले भी यह पार्टी संसद तक जाकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा इस पार्टी में शामिल होने वाली पहली प्रमुख नेता हैं। दिपके ने कहा, ‘नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के पक्ष में हम लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।’

सोनम वाङचुक सीजेपी के नए नेतृत्व के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरी हैं। उन्होंने लद्दाख के पहाड़ी इलाके से शुरू हुई ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन और जेल यात्रा पूरी कर ली है। वाङचुक ने कहा, ‘इस अभियान को लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के रूप में देखना चाहिए, इसे खतरा नहीं माना जाना चाहिए।’ उन्होंने पुनः कहा कि यदि शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान 5 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे 6 जून को कक्रोच जनता पार्टी के दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होंगी। दिपके ने भी कहा, ‘नीट प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद के कारण प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।’

FIFA विश्व कप 2026 में अनुपस्थित रहेंगे ये बड़े सितारे

यूरोपियन चैंपियंस लीग जीतने के साथ ही इस सत्र के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित हुए जॉर्जियन मेस्सी और कवाराडोना के नाम से प्रसिद्ध 25 वर्षीय विंगर ‘क्वारा’ इस बार FIFA विश्व कप 2026 में नजर नहीं आएंगे।

समाचार सारांश

  • जॉर्जियन फुटबॉलर ख्विचा कवारात्स्खेलिया की फ्रांसीसी क्लब पीएसजी ने लगातार दूसरी बार UEFA चैंपियंस लीग का खिताब जीता।
  • चैंपियंस लीग 2025-26 के सीज़न में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कवारात्स्खेलिया को प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया।
  • जॉर्जिया क्वालीफाई न कर पाने के कारण कवारात्स्खेलिया FIFA विश्व कप 2026 में खेलने में असमर्थ होंगे।

21 जेठ, काठमांडू। जॉर्जियन मेस्सी के नाम से प्रसिद्ध खिलाड़ी ख्विचा कवारात्स्खेलिया का नाम डिएगो म्याराडोना के साथ जोड़ा जाता है, और क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी उनके आदर्श खिलाड़ी हैं। विश्व के तीन महान खिलाड़ियों के साथ नाम जुड़ने पर कैसे गर्व की अनुभूति होती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

ख्विचा का नाम उच्चारण कठिन है, इसलिए कई बार उन्होंने खुद से इसका सही उच्चारण भी करवाया है। वे खुद को संक्षेप में ‘क्वारा’ कहने के लिए कहते हैं।

कवारात्स्खेलिया ने हाल ही में फ्रांसीसी क्लब पेरिस सैंट जर्मेन (पीएसजी) के साथ यूरोप की सबसे प्रतिष्ठित क्लब फुटबॉल प्रतियोगिता UEFA चैंपियंस लीग का खिताब जीता। पीएसजी को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने में उनके शानदार योगदान को व्यक्तिगत पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया, जिसमें उन्हें 2025-26 सीजन के चैंपियंस लीग का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

लेकिन अपने करियर के चरम पर मौजूद 25 वर्षीय विंगर ख्विचा अगले सप्ताह शुरू होने वाले FIFA विश्व कप 2026 में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे।

कभी-कभी फुटबॉल में ऐसे फैसले लेनी पड़ती हैं। खेल में चमकते हुए भी विश्व कप खेलने का मौका हाथ नहीं आता क्योंकि विश्व कप के लिए राष्ट्र को क्वालीफाई करना होता है।

जॉर्जियन मेसी के नाम से मशहूर ख्विचा विश्व के बेहतरीन विंगरों में शुमार हैं, पर दुर्भाग्यवश उनका देश जॉर्जिया FIFA विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया है।

इस वजह से 11 जून से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में होने वाले विश्व फुटबॉल महाकुंभ में उन्हें देखा नहीं जा सकेगा। ख्विचा का जादू भी इस सबसे बड़े विश्व मंच पर नहीं दिखेगा। वह इस विशाल टूर्नामेंट के एक बड़े दर्शक के रूप में रहेंगे।

पीएसजी को लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग दिलाने में उनके योगदान के बावजूद यह सत्य है कि 2025-26 के सीजन में उन्होंने पीएसजी के लिए सबसे अधिक 10 गोल किए और 6 असिस्ट प्रदान किए।

उनके बाद रियल मैड्रिड के किलियन एम्बापे ने 15 और बायर्न म्यूनिख के हैरी केन ने 14 गोल किए। कवारात्स्खेलिया ने न केवल चैंपियंस लीग जिती बल्कि इस टूर्नामेंट के सर्वोत्तम खिलाड़ी का पुरस्कार भी जीता।

विश्व कप खेलना अब तक उन्हें नसीब नहीं हुआ है। उनके लिए जॉर्जिया के लिए अब तक सबसे बड़ा टूर्नामेंट यूरो 2024 था, जहां वह अंतिम 16 में स्पेन से हारकर बाहर हो गए थे।

FIFA विश्व कप 2026 के यूरोपीय क्वालीफायर के ग्रुप ई में जॉर्जिया, स्पेन और टर्की से पीछे रहते हुए ग्रुप चरण से बाहर हो गया।

जॉर्जिया ने बुल्गारिया को एक मैच में हराया, लेकिन बाकी पांच मैचों में हार का सामना किया। कवारात्स्खेलिया ने इन मुकाबलों में 2 गोल किए – टर्की के खिलाफ 3-2 की हार और बुल्गारिया के खिलाफ 3-0 की जीत में एक-एक गोल।

कवारात्स्खेलिया का करियर

जॉर्जिया के टिबिलिसी में 2001 में जन्मे कवारात्स्खेलिया ने डिनामो टिबिलिसी से युवाओं के स्तर पर करियर शुरू किया। इसके बाद वे इसी क्लब के मुख्य टीम में शामिल हुए और जॉर्जिया के रुस्तावी क्लब में भी खेले।

थोड़े समय के लिए रूस के लोकोमोटिव मास्को क्लब में लोन पर खेलने के बाद वे रूसी क्लब रबिन काज़ान के लिए 2019 से 2022 तक खेले। 2022 में वे जॉर्जियन डिनामो बातुमी वापस आए और एक सीजन बिताया।

2022 में उन्होंने इटली के नापोली क्लब से अनुबंध किया, जो उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ। नापोली में उन्होंने अपनी खेल क्षमता विश्व स्तर पर प्रदर्शित की और शानदार प्रदर्शन किया। वे 2025 तक नापोली के लिए 85 मैचों में 28 गोल कर चुके थे। जनवरी 2025 में उन्होंने फ्रांसीसी क्लब पीएसजी से अनुबंध किया।

पीएसजी के लिए दो सीजन खेलते हुए उन्होंने कई खिताब और पुरस्कार जीते हैं। पीएसजी ने लगातार दो बार चैंपियंस लीग जिती और कवारात्स्खेलिया उसके मुख्य खिलाड़ी के रूप में चमके।

उन्होंने 2016 में जॉर्जिया U-17 राष्ट्रीय टीम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया। इसके बाद वे कई उम्र समूहों की राष्ट्रीय टीमों में खेले और 2019 में जॉर्जिया की मुख्य राष्ट्रीय टीम में शामिल हुए।

उन्होंने जॉर्जिया के लिए अब तक 49 मैचों में 22 गोल किए हैं। मार्च 2026 में वे राष्ट्रीय टीम के कप्तान भी बने। उनके प्रदर्शन से वे देश के महान खिलाड़ियों की कतार में शामिल हो रहे हैं।

2024 में उन्होंने जॉर्जिया को यूरो 2024 के लिए क्वालीफाई कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई था। यह जॉर्जिया का पहला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था।

साथ ही, उन्होंने काखा कालाड्जे के साथ मिलकर पाँच बार जॉर्जियन फुटबॉलर ऑफ द इयर का पुरस्कार जीतने का कीर्तिमान बनाया, जिसमें 2020 से 2025 के बीच यह उपलब्धि मिली। केवल 2024 में गोलकीपर जॉर्जी मामर्दशिविली को यह सम्मान दिया गया था।

जॉर्जियन मेस्सी और कवाराडोना

म्याराडोना और मेस्सी दोनों अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने देश को FIFA विश्व कप का खिताब दिलाया। 1980 के दशक के दौरान म्याराडोना का दबदबा था, जिन्होंने 1986 में अर्जेंटीना को दूसरी बार विश्व कप जिताया। 36 साल बाद, मेस्सी ने 2022 में अपनी कप्तानी में अपने देश को विश्व कप दिलाया।

वे दोनों अलग-अलग युग के महान खिलाड़ी हैं। वर्तमान विश्व फुटबॉल में मेस्सी के साथ-साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी सुपरस्टार माने जाते हैं, हालांकि रोनाल्डो ने अभी तक विश्व कप नहीं जीता है।

विश्व कप खेलने से वंचित ख्विचा कवारात्स्खेलिया का नाम बेहद महान खिलाड़ियों के साथ जोड़ा जाना काफी चौंकाने वाला हो सकता है, लेकिन इसके भी पीछे खास वजह है।

विश्व में ऐसे खिलाड़ी जिन्हें मेस्सी जैसा कौशल हासिल होता है, उनके देश के साथ मेस्सी का नाम जोड़कर उन्हें उपनाम दिया जाता है। उन्हें भी जॉर्जियन मेस्सी कहा जाता है, पर वे खुद पोर्तुगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो को अपना आदर्श मानते हैं।

मेस्सी की तरह उच्च कौशल, तकनीकी क्षमता और ड्रिब्लिंग की वजह से उन्हें समर्थक और पत्रकार ‘जॉर्जियन मेस्सी’ कहते हैं। वे दोनों पैरों को समान दक्षता से इस्तेमाल कर सकते हैं।

मेस्सी से जुड़ा उपनाम पाते हुए भी कवारात्स्खेलिया रोनाल्डो को अपना मॉडल मानते हैं। वे रोनाल्डो को इतना पसंद करते थे कि वे इटालियन क्लब नापोली में उनके नंबर 7 की जर्सी पहनना चाहते थे। पर वह नंबर पहले से ही उत्तर मैसेडोनिया के एपिल एल्मास के पास था, इसलिए उन्होंने नंबर 77 जर्सी पहनना चुना।

रोनाल्डो जैसा नंबर पहनना न पा पाने के बावजूद उन्होंने अलग नंबर में नापोली में शानदार प्रदर्शन किया, जिसने उनका नाम फिर से एक महान खिलाड़ी के साथ जोड़ा।

नापोली में उनकी लोकप्रियता और जबरदस्त प्रदर्शन के कारण उन्हें म्याराडोना से जोड़ा गया और उनका उपनाम क्वाराडोना पड़ा। यह एक अनूठा सम्मान था।

नापोली की प्रसिद्ध ‘पार्टेनोपेई’ जर्सी पहनने वाले कई महान खिलाड़ी रहे हैं, जैसे क्लब के सर्वकालीन सर्वाधिक गोलकर्ता ड्रिस मर्टेन्स, स्थानीय नायक लोरेन्जो इन्सिनिया, मार्क हम्सिक और एजेक्वेल लाभेजी। लेकिन इनमें से कोई भी डिएगो म्याराडोना जितना प्रसिद्ध या नापोली के समर्थकों के बीच इतना प्रिय नहीं था। म्याराडोना नेपल्स में एक भगवान के समान पूजनीय थे।

क्लब में म्याराडोना की विरासत इतनी बड़ी थी कि 2020 में उनकी मृत्यु के बाद क्लब ने अपना स्टेडियम उनका नाम दिया। म्याराडोना ने नापोली को 1986/87 और 1989/90 में एकमात्र स्कुडेटो (इतालवी लीग का खिताब) दिलाया, और 1988/89 में UEFA कप जीतकर यूरोपीय फुटबॉल में क्लब की एकमात्र उपलब्धि सुनिश्चित की।

इसलिए नापोली के समर्थक म्याराडोना से तुलना करते हुए उसे उनके लिए सफलता दिलाने वाला खिलाड़ी मानते थे, और कवारादोना ने उस नाम का सम्मान भी किया।

उन्होंने टीम को अर्जेंटीना के उस स्वर्ण युग के बाद पहली बार सिरी ए का खिताब दिलाया। सत्र 2022-23 में उनके जोड़ीदार विक्टर ओसिमहेन ने 26 गोल किए, जबकि कवारात्स्खेलिया ने 12 गोल किए।

म्याराडोना से जुड़े उपनाम के बारे में एक इंटरव्यू में कवारात्स्खेलिया ने कहा, “मुझे यह उपनाम जरूर पसंद है। मैं म्याराडोना के बराबर नहीं पहुंच सकता, लेकिन इस क्लब के लिए एक महान खिलाड़ी बनने के लिए अपनी पूरी कोशिश करूंगा।”

कवारात्स्खेलिया रियल मैड्रिड के भी बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने एक बार कहा था कि उनका सबसे बड़ा सपना रियल मैड्रिड के लिए चैंपियंस लीग जीतना है, लेकिन अब उन्होंने यह सपना फ्रांस के पीएसजी के साथ पूरा किया है और वहीं आनंद ले रहे हैं।

जीवनशैली के प्रमुख सामुदायिक विद्यालयों में ‘भी मेन क्लब’: बदलती सोच, बदलती पीढ़ी

ललितपुर और काठमांडू के स्कूलों में चल रहे ‘भी मेन क्लब’ छात्रों को लैंगिक समानता, हिंसा के खिलाफ जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में ज्ञान प्रदान कर रहा है। अपेक्षित खुलापन न मिलने के कारण केवल विद्यार्थियों को लक्षित कर शुरू किया गया इस क्लब ने उन्हें अपनी भावनाओं और सामाजिक दबावों को व्यक्त करने के लिए एक सुरक्षित स्थान दिया है। ललितपुर और काठमांडू के विभिन्न सामुदायिक एवं निजी विद्यालयों में ‘भी मेन क्लब’ संचालित हो रहा है। यह कार्यक्रम स्कूल के लड़कों को लैंगिक समानता, सम्मान, सहमति, हिंसा-विरोधी जागरूकता, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करता है।

पाठ्यपुस्तक के ज्ञान से बाहर जाकर संवाद, खेल-कूद, समूहगत गतिविधि और अनुभव साझा करने के माध्यम से संचालित यह क्लब विद्यार्थियों की सोच, व्यवहार और पारिवारिक संबंधों में भी परिवर्तन लाने लगा है, ऐसा क्लब के सहभागी बताते हैं। कक्षा ९ के छात्र रिवाज अधिकारी के लिए ‘भी मेन क्लब’ एक अतिरिक्त कार्यक्रम भर नहीं बल्कि स्वयं और सामाजिक परिवेश को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर बन गया। शुरुआत में जिज्ञासा के कारण क्लब में शामिल हुए वे अब समाज, लैंगिकता और व्यवहार के बारे में अलग नजरिया रखते हैं।

‘पहले समाज को सामान्य रूप में ही देखता था,’ रिवाज ने कहा, ‘अब समझने लगा हूं कि भेदभाव क्यों होता है और इसे कैसे बदला जा सकता है।’ उनके अनुसार क्लब ने समाज की लड़कों के प्रति रखी उम्मीदें और दबावों के बारे में सोचने की सीख दी है। ‘कि लड़कों को हमेशा मजबूत और कठोर होना चाहिए, इस सोच को सवाल उठाना सीखा है। दूसरों का सम्मान करते हुए व्यवहार करना भी जाना।’ उन्होंने बताया। कक्षा ७ के रामबहादुर अधिकारी के लिए यह क्लब आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम बना। वे बताते हैं कि पहले उन्हें हर बात में संकोच होता था।

‘पहले खुले तौर पर बोलना नहीं आता था, अब अपनी बात रख पाता हूं,’ उन्होंने कहा। उनके अनुसार क्लब में लैंगिक समानता के साथ-साथ व्यवहार, सम्मान और सामाजिक संबंधों पर भी विचार-विमर्श होता है। इसने उनके घर के भीतर की भूमिकाओं के बारे में सोच बदल दी है। ‘पहले लगता था कि घर के काम केवल महिलाएं ही करेंगी,’ रामबहादुर ने बताया, ‘अब लगता है कि महिला-पुरुष दोनों को जिम्मेदारी बाँटनी चाहिए।’ छात्र अंशद चौधरी ने बताया कि क्लब से उन्हें ‘समानता’ और ‘समता’ के बीच अंतर समझ में आया।

‘सभी को एक समान देना समानता है, जबकि जरूरत के अनुसार अवसर और सहायता देना समता है,’ उन्होंने कहा। चौधरी के अनुसार समाज में आज भी ‘यह लड़के का काम है’ और ‘यह लड़की का काम है’ जैसी धारणाएं प्रबल हैं। ‘लड़के-लड़कियां दोनों सभी काम कर सकते हैं,’ उन्होंने कहा। अंशद ने बताया कि वे अपने दोस्तों के बीच भी भेदभावपूर्ण सोच बदलने का प्रयास करते हैं। ‘जब दोस्त लड़के-लड़कियों के आधार पर भेदभाव करते हैं, तो मैं उन्हें बताता हूं कि यह गलत है।’ उन्होंने साझा किया।

एसएसपी रमेश थापाको विदाई, घिमिरे बने काठमाडौं प्रहरी प्रमुख

समाचार सारांश

  • जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौं के प्रमुख एसएसपी रमेश थापा ने ९ महीने का कार्यकाल पूरा किया और विदाई ली है।
  • काठमाडौं प्रहरी के कमांड को संभालने के लिए नए एसएसपी दिलिप घिमिरे को नियुक्त किया गया है।
  • थापा के कार्यकाल में जेनजी आंदोलन के बाद सुरक्षा व्यवस्था, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी और एनपीएल की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

२१ जेठ, काठमाडौं। जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौं के प्रमुख एसएसपी रमेश थापा ने नौ महीने के कार्यकाल के बाद विदाई ली है।

उनकी जगह पर एसएसपी दिलिप घिमिरे को सरुवा कर लाया गया है जिन्होंने अब काठमाडौं पुलिस कमांड की जिम्मेदारी सँभाली है। थापा जेनजी आंदोलन के बाद ५ असोज को सरुवा होकर काठमाडौं प्रहरी प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण कर कार्यभार संभाल चुके थे।

उस समय काठमाडौं में सुरक्षा की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। जेनजी पक्ष और एमाले समर्थित भातृ संगठनों के बीच बयानबाजी, एक-दूसरे पर शिकायत और गिरफ्तारी के दबाव जैसी घटनाएँ हो रही थीं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सोच-समझकर लिए गए निर्णयों से कोई गंभीर अप्रिय घटना नहीं हुई।

जिम्मेदारी लेने के बाद एसएसपी थापाले क़ानून और संगठन की नीतियों के अनुसार कानून का सही क्रियान्वयन, नागरिकों के बीच शांति और सुरक्षा अनुभूति कराने, पीड़ितों को न्याय दिलाने और पुलिस-नागरिक सहयोग को मजबूत करने के लिए ‘हमारी पुलिस’ अभियान के अंतर्गत कार्य किया।

भाद्र में हुए जेनजी आंदोलन में पुलिस परिसरों को भौतिक नुकसान हुआ था, जिसे थापाले मरम्मत और पुनर्निर्माण करके संचालन जारी रखा। उन्होंने बिगड़ी सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सदैव प्रयासरत रहे।

उनके कार्यकाल में चुनाव सुरक्षा, एनपीएल क्रिकेट की शांति व्यवस्था, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, टीओबी समूह की पहचान और दंडात्मक कार्यवाही जैसे महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए।

अब नए एसएसपी दिलिप घिमिरे के कन्धों पर संघीय राजधानी काठमाडौं की शांति और सुरक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी आई है, जो सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत जटिल माना जाता है।

भेनेजुएलाकी कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज और प्रधानमंत्री मोदी के बीच औपचारिक बैठक

२१ जेठ, काठमाडौं। भारत भ्रमण पर रह रही भेनेजुएलाकी कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बैठक हुई। पाँच दिन के भारत दौरे के दौरान गुरुवार को दोनों नेताओं के बीच यह महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा और ऑटोमोबाइल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘दोनों नेताओं ने भारत–भेनेजुएला के सभी क्षेत्रों के संबंधों का समीक्षात्मक संवाद किया।’ दोनों ने गहरे और समृद्ध पारदर्शी सहयोग के लिए आवश्यक पहल करने पर सहमति व्यक्त की।

इसके साथ ही, दोनों देशों ने पारस्परिक रुचि के विषयों तथा क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। साथ ही, ‘ग्लोबल साउथ’ के हित और प्रगति को आगे बढ़ाने के विषय पर दोनों शीर्ष नेताओं ने साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की, ऐसा जयसवाल ने बताया।

भेनेजुएला विश्व के दूसरे सबसे बड़े पेट्रोलियम भंडार वाला देश है। कुछ समय पहले वहां के निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा राजधानी कैराकस से अपहरण करने का प्रयास किया गया था। इसके बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपतिके रूप में जिम्मेदारी संभाली है।

गण्डकी प्रदेश ने रिले दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया

खेलकूद से जुड़ी खबरों में, १६वें केंद्रीय राष्ट्रपति रनिंग शील्ड के अंतर्गत छात्र वर्ग की ४x४ सौ मीटर रिले दौड़ में गण्डकी प्रदेश ने नया जूनियर राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रतियोगिता में छात्र वर्ग की ४x४ सौ मीटर रिले, ८ सौ मीटर दौड़ और लम्बी कूद में बागमती प्रदेश ने स्वर्ण पदक जीता। सुदूरपश्चिम प्रदेश के खिलाड़ियों ने लम्बी कूद और भाला फेंक दोनों छात्र तथा छात्रा वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। २१ जेठ, काठमांडू – गण्डकी प्रदेश ने १६वें केंद्रीय राष्ट्रपति रनिंग शील्ड खेलकूद प्रतियोगिता में शुक्रवार छात्र वर्ग की ४x४ सौ मीटर रिले एथलेटिक्स में नया जूनियर राष्ट्रीय कीर्तिमान कायम किया है। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला में अतित थापा, आर्यन राना मगर, अंकित रानाभाट और सुदिप भण्डारी की टीम ने निर्धारित दूरी ३ मिनट २७.९ सेकेंड में पूरी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड ३ मिनट ३०.९ सेकेंड था, जो बागमती प्रदेश के प्रवीण राना मगर, हस्त सुनार, निरज शाह व सन्तबहादुर दराइ के नाम था, और पिछली प्रतियोगिता में स्थापित किया गया था। इस बार बागमती प्रदेश के सप्रेश अधिकारी, निरज शाह, हस्त सुनार और सचिन थिङ ने ३ मिनट ३०.७ सेकेंड में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि सुदूरपश्चिम प्रदेश के सुरेश चौधरी, चित्रबहादुर केसी, विराज सुनार और बरुणदत्त राना तीसरे स्थान पर रहे।

छात्रा वर्ग में बागमती प्रदेश की सुरुची मोक्तान, अनिषा थारू, भगवती खड्का और शर्मिला विक ने ४ मिनट १८.१ सेकेंड में दूरी पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। लुम्बिनी की अनुजा चौधरी, रोशनी कामी, करिश्मा खड्का और दुर्गा विक दूसरे और सुदूरपश्चिम की उषा चौधरी, बिजया चटौल, स्वस्तिका शाह और कमल जैशी तीसरे स्थान पर रहीं।

राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् (राखेप) द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में छात्र वर्ग की लम्बी कूद में सुदूरपश्चिम के विक्रम नाथ ने ६.६० मीटर कूदकर प्रथम स्थान हासिल किया। बागमती के दिपेन्द्र गिरी और विशाल गुरुङ तीसरे स्थान पर रहे। छात्रा वर्ग की लम्बी कूद में बागमती की अनिषा थारू ने ५.०८ मीटर कूदकर स्वर्ण पदक जीता। सुदूरपश्चिम की उषा चौधरी दूसरे और लुम्बिनी की गरिमा चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं।

भाला फेंक में सुदूरपश्चिम के लोकेश ऐरी ने ५६.३२ मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। लुम्बिनी के अमित थारू को रजत और कोशी प्रदेश के सोहेल मनसोली को कांस्य पदक मिला। छात्रा वर्ग की भाला फेंक में सुदूरपश्चिम की पूजा साउद ने ३५.४२ मीटर भाला फेंककर प्रथम स्थान प्राप्त किया। कोशी की उमिता राई दूसरे और कर्णाली की सरिता शाह तीसरे स्थान पर रहीं।

छात्र वर्ग की ८ सौ मीटर दौड़ में बागमती के हस्त सुनार ने २ मिनट ००.२ सेकेंड में दूरी पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। कर्णाली के सुमन सुनार दूसरे और लुम्बिनी के सचिन कुर्मी तीसरे स्थान पर रहे। छात्रा वर्ग की दौड़ में बागमती की भगवती खड्का ने २ मिनट २२.१ सेकेंड में फिनिश करते हुए पहला स्थान हासिल किया। सुदूरपश्चिम की स्वस्तिका शाह दूसरी और गण्डकी प्रदेश की आस्मा अधिकारी तीसरे स्थान पर रहीं।

पिकासो की चित्रकला क्यों विवादास्पद बनी?

सन् १९०७ में पाब्लो पिकासो द्वारा रचित एक चित्र और उसके लगभग १०० वर्ष बाद अमेरिकी कलाकार हेनरी टेलर द्वारा पुनः सृजित उसी चित्र जैसी एक और रचना। पिकासो की ‘लेस डेमोजेल्स डि एभिनन’ चित्रकला को क्युबिज्म शैली की शुरुआत और आधुनिक कला का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है। हेनरी टेलर ने इसे अश्वेत महिलाओं के रूप में पुनः बनाकर पेरिस में प्रदर्शित किया है। सन् १९०७ में, पिकासो ने अपने पेरिस स्थित स्टूडियो में कुछ कलाकारों और मित्रों को बुलाकर करीब छह माह से बन रहे इस चित्र को दिखाने का प्रयास किया था। लेकिन वे सभी इस चित्र को देखकर आश्चर्यचकित हुए और इसे पसंद नहीं किया। फ्रेंच चित्रकार जॉर्जेस ब्राक को यह चित्र देखकर पेट्रोल पिए जैसा विषम अनुभव हुआ, जबकि अन्य कलाकार हेनरी मैटिस ने इसमें दिखाए गए महिलाओं को कुरूप बताया। इस कारण यह चित्र लगभग १० वर्षों तक (सन् १९१६ तक) सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया।

‘लेस डेमोजेल्स डि एभिनन’ नामक इस चित्र को लेकर विभिन्न मतभेद पाए जाते हैं। कुछ लोग इसे उत्कृष्ट कला का उदाहरण मानते हैं, तो कुछ इसका आलोचना करते हैं। ऐसे मतभेदों ने इस चित्र को पिकासो की सबसे चर्चित और विवादित कलाकृतियों में से एक बना दिया है। हाल ही में अमेरिकी चित्रकार हेनरी टेलर ने इस चित्र को अपनी दृष्टि से पुनः सृजित किया है। टेलर की नई चित्रकला पेरिस के ‘म्युजियो नेसनल पिकासो’ में प्रदर्शित हो रही है। टेलर का दावा है कि पिकासो की यह पहली चित्रकला अफ्रीकी मोज़ाइक कला से गहन रूप में प्रभावित थी, यद्यपि पिकासो ने स्वयं इसे स्वीकार नहीं किया था।

पिकासो की यह तैल चित्रकला बार्सिलोना के एक वेश्यालय में रहने वाली पांच नग्न महिलाओं को दर्शाती है। इनमें से दो महिलाओं के चेहरे मुकुट जैसे बने हुए हैं, जबकि अन्य तीन महिलाएं सीधे दर्शक की ओर देख रही हैं। उनके शरीर के अंग असामान्य और टुकड़ों में दिखाई देते हैं, जो पिकासो की सामान्य शैली से अलग है। इस चित्र के माध्यम से पिकासो ने अपनी कला शैली में बड़े परिवर्तनों को अभिव्यक्त किया, जिसे कला विशेषज्ञ भी स्वीकार करते हैं। म्यूजियम के क्यूरेटर जोआन स्नेरेक के अनुसार, इस चित्र के बाद पिकासो ने अपनी पूर्व की भावुक और प्रत्यक्ष चित्रकला को बंद कर दिया था।

प्रधानमंत्री शाह ने जातीय भेदभाव और छुआछूत उन्मूलन के लिए सामाजिक सोच में बदलाव आवश्यक बताया

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने जातीय भेदभाव तथा छुआछूत उन्मूलन राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध जागरूक और संवेदनशील सामाजिक वातावरण बनाने के लिए सभी से अपील की है। संविधान ने जातीय भेदभाव को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा है, इसके बावजूद इसका अंत करने के लिए समाज की सोच, व्यवहार और संस्कारों में सकारात्मक बदलाव अनिवार्य है, उन्होंने जोर देते हुए कहा। सरकार सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करते हुए छुआछूत के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान चला रही है, साथ ही दलित समुदाय की कौशल संरक्षण और आय अर्जन वृद्धि को प्राथमिकता दे रही है।

२१ ज्येष्ठ, काठमाडौं। प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि समाज में समानता, सम्मान और मानवीय गरिमा के मूल्यों को व्यवहार में उतारते हुए भेदभाव के खिलाफ जागरूक और जिम्मेदार सामाजिक वातावरण बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। जातीय भेदभाव तथा छुआछूत उन्मूलन राष्ट्रीय दिवस, २०८३ के अवसर पर गुरुवार जारी शुभकामना संदेश में उन्होंने यह बात कही।

प्रधानमंत्री शाह ने देश के समग्र विकास में दलित समुदाय द्वारा दी गई सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान का उच्च सम्मान करते हुए कहा, ‘जातीय भेदभाव और छुआछूत के समाप्ति के लिए कानूनी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, प्रभावी उन्मूलन के लिए समाज की सोच, व्यवहार और संस्कारों में सकारात्मक परिवर्तन आवश्यक है।’

समानतामूलक, सभ्य और सुसंस्कृत समाज निर्माण के लिए छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ सरकार राष्ट्रीय अभियान चला रही है तथा दलित समुदाय के पारंपरिक कौशल संरक्षण, आय वृद्धि और तकनीकी उन्नयन को प्राथमिकता दी जा रही है, इसकी जानकारी उन्होंने दी। प्रधानमंत्री शाह ने सभी नेपाली नागरिकों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया और कहा, ‘यह राष्ट्रीय दिवस सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान की संस्कृति को और मजबूत बनाने के लिए प्रेरणा प्रदान करे, ऐसी मेरी कामना है।’

सम्पत्ति विवरण प्रस्तुत करने वाले केवल 600, जांच के दायरे में 35 हजार

नेकपा एमाले केन्द्रीय संगठन विभाग के द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में 'सदस्यता नवीनीकरण एवं विस्तार प्रेरणा' विषयक उद्घाटन सत्र में बोलते हुए एमाले अध्यक्ष एवं पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली

तस्वीर स्रोत, RSS

तस्वीर की कैप्शन, पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने जनजूनार आंदोलन के दौरान अपने घर में आगजनी की घटना का हवाला देते हुए कहा है कि वे संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने के पक्ष में नहीं हैं।

सरकार द्वारा गठित संपत्ति जांच आयोग में अब तक केवल 600 लोगों ने ही संपत्ति विवरण प्रस्तुत किया है।

आयोग द्वारा जारी किए गए एक महीने के भीतर संपत्ति विवरण जमा करने की सूचना की अवधि समाप्त होने के करीब है, जिससे सरकारी कार्यालयों और बैंकों में पूर्वकर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।

आयोग ने २०६२/६३ साल से सार्वजनिक पदों पर रहने वाले राजनेताओं एवं उच्च पदस्थ कर्मचारियों से संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। गुरुवार तक करीब 600 लोगों ने विवरण दिए जबकि लगभग 400 शिकायतें भी दर्ज हुई हैं, आयोग के प्रवक्ता गणेश केसी ने बताया।

आयोग ने २०६२/६३ साल के बाद प्रधानमंत्री, मंत्री, सांसद, स्थानीय सरकार प्रमुख और उपाध्यक्ष, सरकारी नियुक्त पदाधिकारी, संवैधानिक निकाय के अधिकारी तथा उच्च ओहदों पर कार्यरत कर्मचारियों से भी संबंधित एक महीने के भीतर संपत्ति विवरण देने का निर्देश दिया था।

आयोग के एक वर्ष के कार्यकाल के भीतर संपत्ति विवरण जमा करने की अंतिम तिथि जेठ महीने के अंत तक है।

लुइस डियाज: विश्व कप में कोलम्बिया की प्रमुख उम्मीद

फीफा विश्व कप 2026 में कोलम्बिया समूह ‘के’ में पोर्चुगल, उज्बेकिस्तान और डीआर कांगो के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा। 2022 के विश्व कप से बाहर रहने वाले कोलम्बिया के विंगर लुइस डियाज पहली बार विश्व कप में खेलने के लिए तैयार हैं। बायर्न म्यूनिख के कोच विंसेंट कॉम्पानी ने डियाज की क्षमताओं के बारे में कहा है, ‘उनमें अराजक शैली की रचनात्मकता है।’ 20 जून, काठमांडू। फीफा विश्व कप 2026 में कोलम्बिया लुइस डियाज के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ एक भरोसेमंद टीम के रूप में मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। 2014 के ब्राजील विश्व कप में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाली टीम की सफलता को आगे बढ़ाने के लक्ष्य के साथ, कोलम्बिया समूह ‘के’ में पोर्चुगल, उज्बेकिस्तान और डीआर कांगो से भिड़ेगा। 29 वर्षीय डियाज ने अपने करियर में घरेलू क्लब जूनियर से लेकर पोर्चुगल की एफसी पोर्टो, इंग्लैंड की लिवरपूल और जर्मनी की बायर्न म्यूनिख तक कई खिताब अपने नाम किए हैं। बारांकास में जन्मे डियाज अपनी उत्कृष्ट ड्रिब्लिंग और आक्रामक खेल कौशल से किशोरावस्था से ही स्काउट्स को आकर्षित कर रहे थे। उन्होंने जूनियर टीम से कोपा कोलम्बिया, कोलम्बियन सुपरलिगा और दो लीग खिताब जीते हैं। बाद में पोर्टो में उन्होंने 125 मैचों में 41 गोल किए और दो प्रीमिएरा लीगा, दो टासा डे पोर्चुगल और एक घरेलू सुपर कप जीतने में योगदान दिया। उनकी बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से लिवरपूल ने जनवरी 2022 में बड़ी रकम खर्च करके उन्हें साइन किया। एनफील्ड में उन्होंने मोहम्मद सलाह, सादियो माने, कोडी गाकपो और दिवंगत डियोगो जोटा के साथ शानदार साझेदारी निभाई। 2022/23 सत्र में चोट के कारण लंबे समय मैदान से बाहर रहने के बावजूद उन्होंने 2024/25 में लिवरपूल को प्रीमियर लीग का खिताब जिताने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। जुलाई 2025 में जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख ने उन्हें साइन किया। बायर्न में केवल एक माह में ही उन्होंने जर्मन सुपर कप जीत लिया। मार्च 2026 के अंतरराष्ट्रीय ब्रेक तक उन्होंने सभी कंपटीशन्स में 38 मैच खेलकर 22 गोल और 18 असिस्ट किए हैं। बायर्न के कोच विंसेंट कॉम्पानी ने डियाज के बारे में कहा, ‘उनमें अराजक शैली की रचनात्मकता है। फाइनल थर्ड में पहुंचते ही वे अधिक सोचते नहीं, स्वाभाविक रूप से खेलते हैं और विरोधी को छलने की कोशिश करते हैं। जब लुइस (डियाज) को रोकने की कोशिश होती है, तो ऐसा लगता है कि उनकी आक्रमण खत्म हो गई है, लेकिन वे अचानक गोल कर देते हैं या तेजी से दौड़कर फाउल बनाते हैं। यही कारण है कि वे बेहद खतरनाक खिलाड़ी हैं।’ कोलम्बिया के कप्तान जेम्स रोड्रिग्ज ने भी डियाज की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘मैं उन्हें करीब से जानता हूं, वे बहुत सरल स्वभाव के हैं। उनकी बड़ी खिताब जीतने की आकांक्षा है। भविष्य में हमें ऐसे और लुइस देखने को मिलें।’ डियाज 2021 के कोपा अमेरिका में संयुक्त सर्वाधिक गोलकर्ता थे, उन्होंने चार गोल करके लियोनेल मेस्सी के साथ शीर्ष स्थान साझा किया था। इस विश्व कप क्वालिफिकेशन में भी उन्होंने सात गोल किए, जो दक्षिण अमेरिकी क्वालीफायर में दूसरा सबसे अधिक है। 71 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 21 गोल कर चुके डियाज कोलम्बिया के चौथे सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। इस सूची में राडामेल फाल्काओ 36 गोल के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि जेम्स रोड्रिग्ज 31 और अर्नाल्डो इगारन 25 गोल के साथ आगे हैं। 2022 के विश्व कप क्वालिफाई नहीं करने वाले कोलम्बिया के लिए यह डियाज का पहला विश्व कप होगा। स्थिर टीम, अनुभवी खिलाड़ी और स्पष्ट रणनीति की वजह से कोलम्बिया को इस बार विश्व कप में एक प्रभावशाली टीम के रूप में देखा जा रहा है। बहुमुखी कौशल, निर्णायक प्रदर्शन की क्षमता और उत्कृष्ट खेल बुद्धि के कारण डियाज को कोलम्बिया की सफलता का मुख्य आधार माना जा रहा है।

गोरुमाथि क्रुर व्यवहार गर्ने व्यक्ति पक्राउ

जोति गर्दै थाकेको गोरुमाथि क्रुर व्यवहार गरेको आरोपमा प्युठानका ३६ वर्षीय जालिराम थापा मगरलाई पक्राउ गरिएको छ। २१ जेठ, काठमाडौं। घटनामा संलग्न उनलाई जिल्ला प्रहरी कार्यालय प्युठानले पक्राउ गरेको हो।

प्रहरीका अनुसार उनलाई मुलुकी अपराध संहिता २०७४ को परिच्छेद २७ को दफा २९० अन्तर्गत पशुपन्छीप्रति निर्दयी व्यवहार गर्न नपाइने अपराधमा मुद्दा दर्ता गरिएको छ। हाल उनलाई जिल्ला प्रशासन कार्यालय प्युठानले पाँच दिनको म्याद थप गरी आवश्यक अनुसन्धान गरिरहेको छ।

जालिरामले आफ्नै खतेबारीमा गोरु जोतिरहेको बेला गोरु हिड्न नसकेर खेतमा बसेपछि, उक्त गोरुको नाम र मुख माटोमा गाढेर दुर्व्यवहार गरेका थिए।