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लेखक: space4knews

विश्व बक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता चन्द्र को सम्मानित किया गया

काठमांडू महानगरपालिका ने विश्व बक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले चन्द्रबहादुर थापा मगर को 1 लाख रुपये नकद सहित सम्मानित किया है। चन्द्र ने नवंबर में यूएई के दुबई में आयोजित पुरुष 54 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक प्राप्त किया था। प्रशिक्षक दीपक महर्जन को भी सम्मानित किया गया और इस अवसर पर कार्यवाहक मेयर सुनिता डंगोल ने समारोह में उपस्थित होकर उन्हें सम्मानित किया। 9 वैशाख, काठमांडू। काठमांडू महानगरपालिका ने विश्व बक्सिंग चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाले चन्द्रबहादुर थापा मगर को बुधवार को नकद पुरस्कार सहित सम्मानित किया। चन्द्र ने गत नवंबर में यूएई के दुबई में हुए इस चैंपियनशिप के पुरुष 54 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया था। काठमांडू महानगरपालिकाने उन्हें 1 लाख रुपये नकद और सम्मान पत्र से पुरस्कृत किया। चन्द्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल स्थान हासिल किया था। नेपाली बॉक्सिंग इतिहास में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतना यह पहली बार हुआ है। इसी अवसर पर प्रशिक्षक दीपक महर्जन को भी सम्मानित किया गया। उन्हें काठमांडू महानगरपालिका की कार्यवाहक मेयर सुनिता डंगोल, महानगर प्रवक्ता नवीन मानन्धर सहित अन्य ने एक समारोह के दौरान सम्मानित किया।

सीईसी काठमाडौंलाई गौरीशंकर सुपर लिग यू–१७ उपाधि – Online Khabar

सीईसी काठमांडू ने जीता गौरीशंकर सुपर लीग यू–१७ का खिताब

गौरीशंकर सुपर लीग यू–१७ बॉयज़ क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब क्रिकेट एक्सीलेंस सेंटर काठमांडू ने अपने नाम किया है। बुधवार को आयोजित फाइनल में एंजल्स स्पोर्ट्स अकेडमी को ३६ रन से हराते हुए सीईसी ने चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सीईसी ने २० ओवर में सभी विकेट खोकर १०५ रन बनाए। टीम के दिनेश बोहरा ने १० गेंदों में २ चौकों और ३ छक्कों की मदद से सर्वाधिक २७ रन बनाए। बुद्धिमान विष्ट ने १९ और कप्तान प्रसिद्ध जैशी ने १७ रन का योगदान दिया। एंजल्स के धीरज यादव और प्रह्लाद गौतम ने २-२ विकेट लेकर मुकाबले में वापसी की।

दूसरे पारी में १०६ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एंजल्स १८.२ ओवर में ६९ रन बनाकर सिमट गई। विशाल ऐयर ने २१ रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। सीईसी के दिनेश बोहरा ने बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ४ ओवर में १२ रन खर्च कर ३ विकेट झटके। अनिकेत सिंह ने भी २ विकेट लेकर टीम की मदद की।

फाइनल मैच में क्यान के सचिव पारस खड्का मुख्य अतिथि थे। राखेप सदस्य जगत टमाटा, समाजसेवी केदार खड्का और गौरीशंकर गाउँपालिका की उपाध्यक्ष उमा मगर शेर्पा भी उपस्थित थे। विजेता और उपविजेता टीमों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। एंजल्स के संदीप साउद को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया, जबकि उत्कृष्ट बल्लेबाज का सम्मान जोय थापा और सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का पुरस्कार साइमन पंत को दिया गया। साउद ने बेहतर प्रदर्शन के लिए बल्लेबाजी पुरस्कार भी प्राप्त किया। उपाधि विजेता सीईसी काठमांडू को ट्रॉफी, मेडल और १ लाख १ हजार रुपए कैश पुरस्कार मिला, जबकि उपविजेता एंजल्स को ४१ हजार रुपए नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

राजु जयसवाल गिरफ्तार, भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता होने का दावा

सप्तरी के रूपनी गाउँपालिका-१ के भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता किरनकुमार जयसवाल को पुलिस ने विद्युत् कारोबार अधिनियम २०६३ के तहत अपराध करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। रूपनी गाउँपालिका के अध्यक्ष दिनेशकुमार यादव ने जयसवाल के खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रांति फैलाने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।

जयसवाल ने वार्ड अध्यक्ष लीला यादव पर बिना घरधुरी के जमीन पर झूठे सिफारिश कर राजस्व में छल किया होने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया था। ९ वैशाख को सप्तरी में खुद को भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता बताने वाले जयसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जयसवाल के विरुद्ध भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए रूपनी गाउँपालिका के अध्यक्ष दिनेशकुमार यादव ने पुलिस में शिकायत की थी।

शिकायत के आधार पर बुधवार को सप्तरी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इलाका पुलिस कार्यालय रूपनी ने मंगलवार को पत्र देकर जयसवाल को जिला पुलिस कार्यालय में पेश होने को कहा था। बुधवार दोपहर जब जयसवाल जिला पुलिस कार्यालय पहुंचे, तब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। जयसवाल के खिलाफ विद्युत् कारोबार अधिनियम २०६३ के तहत अपराध करने के आरोप में पांच दिनों की हिरासत लेकर जांच चल रही है, यह जानकारी सप्तरी पुलिस प्रवक्ता डीएसपी डम्बरबहादुर पुरी ने दी। हाल ही में जयसवाल ने रूपनी गाउँपालिका-१ की वार्ड अध्यक्ष लीला यादव पर ‘घरधुरी नहीं होने’ का झूठा सिफारिश कर राजस्व में छल करने का आरोप लगाकर लगातार आवाज उठाई थी।

सहकारी पीड़ितों की बचत राशि वापसी को लेकर मंत्री रावल से चर्चा

भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मन्त्रालय ने समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं से बचतकर्ताओं की निक्षेप राशि वापसी की तैयारी के तहत विभिन्न पक्षों के साथ चर्चा की है। मंत्री प्रतिभा रावल ने चार्टर्ड एकाउंटेंट, महान्यायाधिवक्ता डॉ. नारायणदत्त कँडेल और सीआईबी प्रमुख एआईजी मनोज केसी से निक्षेप वापसी प्रक्रिया की कानूनी एवं जांच स्थिति पर विचार-विमर्श किया। महान्यायाधिवक्ता और सीआईबी प्रमुख ने निक्षेप वापसी प्रक्रिया में उत्पन्न कानूनी जटिलताओं को हल करने तथा राशि वसूली प्रक्रिया तेज करने का समर्थन करने का संकल्प व्यक्त किया है। ९ वैशाख, काठमांडू।

सहकारी बचतकर्ताओं को निक्षेप राशि वापसी के लिए भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मन्त्रालय ने विभिन्न पक्षों के साथ चरणबद्ध चर्चा की है। समस्याग्रस्त सहकारी संस्थाओं से राशि वसूल कर पीड़ित बचतकर्ताओं को निक्षेप राशि लौटाने के विषय पर केंद्रित होकर बुधवार सुबह मंत्री प्रतिभा रावल ने चार्टर्ड एकाउंटेंटों के साथ विचार-विमर्श किया। इसके बाद महान्यायाधिवक्ता डॉ. नारायणदत्त कँडेल और केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो (सीआईबी) प्रमुख एआईजी मनोज केसी से भी चर्चा की गई।

समस्याग्रस्त सहकारी संग जुड़े मुद्धों की अदालती प्रक्रियाओं की स्थिति के बारे में महान्यायाधिवक्ता डॉ. कँडेल ने मंत्री को जानकारी दी, जबकि जांच की स्थिति पर एआईजी केसी ने ब्रिफिंग दी। चर्चा के बाद महान्यायाधिवक्ता डॉ. कँडेल और एआईजी केसी ने समस्याग्रस्त सहकारी में फंसी राशि की वसूली प्रक्रिया तेज करने के लिए आवश्यक समन्वय को सुनिश्चित करने का संकल्प जताया। महान्यायाधिवक्ता डॉ. कँडेल ने बताया कि बचतकर्ताओं की राशि वापसी प्रक्रिया में उत्पन्न कानूनी जटिलताओं के समाधान में महान्यायाधिवक्ता कार्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

‘समस्याग्रस्त सहकारी से संबंधित मुद्धों को देखने के लिए महान्यायाधिवक्ता कार्यालय में एक विशेष डेस्क स्थापित किया गया है, जो और प्रभावकारी भूमिका निभाएगा,’ उन्होंने कहा। एआईजी केसी ने बताया कि सीआईबी भी आवश्यक समन्वय करेगा। उन्होंने कहा, ‘जांच में सामने आई कुछ जटिलताओं को कानूनी दृष्टिकोण से स्पष्ट करते हुए बचतकर्ताओं को राशि वापसी के लिए सीआईबी आवश्यक समन्वय करेगा।’ चर्चा के बाद मंत्री रावल ने कहा कि सरकार ने १०० दिनों के भीतर सहकारी पीड़ितों की राशि वापसी शुरू करने की घोषणा की है, इसलिए किसी भी प्रक्रिया में देरी से रोकावट न हो इसके लिए आग्रह किया।

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने दो जहाज कब्जा किए, युद्धविराम टूटने की आशंका बढ़ी

9 वैशाख, काठमाडौं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने दो कार्गो जहाजों पर हमला कर उन्हें कब्जे में लेने की घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा युद्धविराम अवधि बढ़ाए जाने के बीच यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम टूटने की संभावना को बढ़ावा दे रही है, इसकी जानकारी अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने दी है।

ब्रिटेन के यूके मेरीटाइम थ्रेट ऑपरेशन्स सेंटर (UKMTO) के अनुसार, पहले जहाज पर इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गोलीबारी की थी। ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों को निशाना बनाकर हमला किया था। IRGC ने MSC फ्रांसेस्का और एमामिनोडास नामक दो कार्गो जहाजों को कब्जे में लेकर इन्हें ईरानी समुद्री तट की ओर मोड़ने की जानकारी दी है।

IRGC ने नौसेना द्वारा इन जहाजों को ‘आवश्यक अनुमति के बिना संचालन करने’ और ‘नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ करने’ के आरोप लगाए हैं। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते में बड़ी बाधा बन सकती है, ऐसा BBC हिंदी ने उल्लेख किया है। हालांकि, अभी तक इस घटना में किसी मानवीय नुकसान या बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है।

१० गुणा अप्टिकल जुम र शक्तिशाली प्रविधिका साथ सार्वजनिक – Online Khabar

ओप्पो ने नया ‘अल्ट्रा’ स्मार्टफोन लॉन्च किया, 10 गुना ऑप्टिकल ज़ूम और शानदार तकनीक के साथ

ओप्पो ने नया ‘अल्ट्रा’ स्मार्टफोन लॉन्च किया है, जो विवो और शाओमी के लिए कड़ी चुनौती बनेगा। इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 एलिट जेन 5 चिपसेट, 6.82 इंच का 144Hz डिस्प्ले और 7,050 mAh बैटरी जैसी विशेषताएँ शामिल हैं। 200MP का मुख्य सेंसर, 8K वीडियो और ‘अर्थ एक्सप्लोरर किट’ के साथ यह फोन 8 मई, 2026 से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। 9 वैशाख, काठमांडू।

ओप्पो ने अपने नए ‘अल्ट्रा’ स्मार्टफोन को खासतौर पर फ़ोटोग्राफी प्रेमियों को ध्यान में रखकर लॉन्च किया है। इस फोन का डिज़ाइन दो आकर्षक रंगों में उपलब्ध है: ‘कैन्यन ऑरेंज’ और हैसलब्लैड कैमरे से प्रेरित ‘टुंड्रा एम्बर’। कैमरा मॉड्यूल ‘हेक्सागोनल’ आकार का है, जिसके किनारे पर मौजूद ‘नर्ल्ड’ फिनिशिंग फ़ोटो लेते समय फोन को मजबूती से पकड़ने में मदद करता है।

फोन की मुख्य तकनीकी विशेषताओं में क्वालकॉम का स्नैपड्रैगन 8 एलिट जेन 5 चिपसेट, 6.82 इंच का 144Hz रिफ्रेश रेट वाला स्क्रीन, 7,050 mAh बैटरी और 100W सुपरवॉक फास्ट चार्जिंग सुविधा शामिल है। कैमरे में 200MP का मुख्य सेंसर, 3x टेलीफ़ोटो और 10x ऑप्टिकल ज़ूम फीचर मौजूद हैं। यह फोन ओप्पो का पहला 8K (30 fps) वीडियो रिकॉर्ड कर सकने वाला स्मार्टफोन भी है।

अंत में, ओप्पो ने हैसलब्लैड के साथ साझेदारी में ‘अर्थ एक्सप्लोरर किट’ और 300 मिमी टेली कन्वर्टर लेंस भी पेश किया है, जो 13 गुना तक ऑप्टिकल ज़ूम प्रदान करता है। यह फोन 8 मई, 2026 से ब्रिटेन और विभिन्न एशियाई देशों में बिक्री में उपलब्ध होगा, जिसकी कीमत लगभग 1,449 पाउंड तय की गई है।

चितवन में ऑटो से गिरकर 55 वर्षीय महिला की मौत

चितवन के कालिका नगरपालिका-8 न्युरेनी स्थित सड़क पर ऑटो से गिरने से 55 वर्षीय फूलमाया परियार की मौत हो गई है। बुधवार दोपहर गंभीर रूप से घायल हुई फूलमाया परियार का भरतपुर अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया।

दुर्घटना में घायल हुई फूलमाया के उपचार के दौरान मौत होने की सूचना पुलिस ने दी है। ना.२ ह २२३७ नंबर के ऑटो से गिरने वाली फूलमाया परियार उसी नगरपालिका-9 शक्तिखोर की निवासी थीं।

पुलिस ने ऑटो चालक को हिरासत में लेकर आवश्यक जांच शुरू कर दी है।

सुधन गुरुङ ने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दिया

सुधन गुरुङ ने ९ वैशाख को गृह मंत्री पद से इस्तीफा देते हुए प्रधानमंत्री बालेन शाह को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा। इस्तीफा देते हुए उन्होंने गृह मंत्रालय के कर्मियों को सामूहिक रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया। उनके नाम को विवादित व्यापारी दीपक भट्ट के साथ साझेदारी करने के आरोपों से जोड़ा गया था और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए इस्तीफा दिया। ९ वैशाख, काठमांडू।

गृह मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सुधन गुरुङ गृह मंत्रालय से बाहर चले गए। वे बुधवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह के मंत्रालय में जाकर अपना इस्तीफा सौंपे थे। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने गृह मंत्रालय के कर्मचारियों को समूह में धन्यवाद दिया। इसके बाद वे अपनी गाड़ी में बैठकर कार्यालय से बाहर चले गए। विवादित व्यापारी दीपक भट्ट के साथ साझेदारी के आरोपों के कारण उनका नाम पुनः विवाद में था। इस विषय पर उन पर व्यापक आलोचना हुई थी। निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया है।

चीन ने विश्व की पहली ‘प्यारोनमिक’ कार्बन लेखांकन प्रणाली का अनावरण किया

चीनी एकेडमी ऑफ साइंसेज ने विश्व की पहली ‘प्यारोनमिक’ कार्बन लेखांकन प्रणाली का अनावरण किया है। यह प्रणाली वस्तुओं के उपभोक्ता देशों को उत्सर्जन में अधिक जिम्मेदार मानने का एक नया नजरिया प्रस्तुत करती है। वर्ष 2022 में चीन का उत्सर्जन 17.7 प्रतिशत कम और अमेरिका का 15.2 प्रतिशत अधिक रिकॉर्ड किया गया है।

शंघाई एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित यह नया मॉडल पारंपरिक दृष्टिकोणों से अलग तरीके को अपनाते हुए, वस्तु उत्पादन करने वाले देशों के बजाय उन वस्तुओं के उपभोक्ता देशों को उत्सर्जन के लिए अधिक उत्तरदायी मानता है। पारंपरिक मॉडल बिजली घर या कारखाने जैसे उत्पादन केंद्रों से होने वाले कुल उत्सर्जन के आधार पर देशों की जिम्मेदारी निर्धारित करता था, जिससे चीन जैसे बड़े उत्पादक देशों का उत्सर्जन अधिक दिखाया जाता था।

लेकिन इस नए मॉडल के अनुसार उपभोक्ता केंद्रित गणना करने पर, वर्ष 2022 में चीन का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा मानकों की तुलना में 17.7 प्रतिशत कम मापा गया है। इसी प्रकार, अधिक उपभोग करने वाला राष्ट्र संयुक्त राज्य अमेरिका का कुल उत्सर्जन इस पद्धति के अनुसार 15.2 प्रतिशत अधिक दिखा है। 8 अप्रैल को जारी इस ‘साइंसवॉन-यूहेन्ग कार्बन अकाउंटिंग लार्ज मॉडल’ को जलवायु परिवर्तन क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

इस मॉडल के प्रमुख वैज्ञानिक एवं संस्थान के उपाध्यक्ष वेई वेई के अनुसार, यह प्रणाली कार्बन उत्सर्जन को समझने और प्रबंधन करने के तरीके में मौलिक बदलाव लाने की उम्मीद रखती है। चीनी एकेडमी ऑफ साइंसेज का दावा है कि यह प्रणाली वैश्विक जलवायु सुशासन को और अधिक सटीक बनाने तथा विभिन्न देशों के बीच उत्सर्जन की जिम्मेदारी को यथार्थपरक और वैज्ञानिक आधार पर बांटने में सहायक होगी।

साफ महिला च्याम्पियनशिप २०२६ की खेल तालिका हुई घोषित

साफ महिला च्याम्पियनशिप २०२६ का ड्रॉ सार्वजनिक कर दिया गया है। प्रतियोगिता में शामिल छह टीमों को दो समूहों में बांटा गया है। यह टूर्नामेंट २५ मई से ६ जून तक भारत के गोवा शहर में आयोजित किया जाएगा। ९ वैशाख, काठमांडू। दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ (साफ) के तहत होने वाली साफ महिला च्याम्पियनशिप २०२६ का ड्रॉ बुधवार को जारी किया गया।

ड्रॉ के अनुसार, छह सहभागि टीमों को दो समूहों में बांटा गया है। समूह ए में नेपाल, श्रीलंका, और भूटान हैं जबकि समूह बी में मेजबान भारत, पूर्व विजेता बांग्लादेश और मालदीव शामिल हैं। नेपाल का पहला मुकाबला २५ मई को भूटान के साथ होगा जबकि दूसरा मैच ३१ मई को श्रीलंका के खिलाफ खेला जाएगा। दोनों समूहों के शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। यह प्रतियोगिता २५ मई से ६ जून तक भारत के गोवा में आयोजित की जाएगी।

सेवा बिस्तार कि श्रम शोषण ? – Online Khabar

स्वास्थ्य क्षेत्र में ड्यूटी समय-सारिणी: सेवा विस्तार या श्रम शोषण?

सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में १० से ५ बजे तक की ड्यूटी समय-सारिणी लागू की है, जो चिकित्सकों की वास्तविक सेवा समय से मेल नहीं खाती। स्वास्थ्य एक विशेष और संवेदनशील क्षेत्र है। यह किसी भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में आता है। पहले की सरकारों ने इस क्षेत्र को जन-केंद्रित बनाने के प्रयास किए थे। चुनाव के बाद बनी नई सरकार ने भी स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विभिन्न निर्णय लिए हैं। लेकिन इस सरकार द्वारा लागू की गई १० से ५ बजे तक की ड्यूटी समय-सारिणी विज्ञान सम्मत नहीं प्रतीत होती। दरअसल, अधिकांश अस्पताल तो पहले से ही ९-५ बजे के लगभग ही कार्यरत हैं और स्वास्थ्यकर्मी उसी के अनुसार काम करते रहे हैं।

सरकारी प्रतिष्ठानों में कार्यरत चिकित्सक दशकों से अनेक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। न्यूनतम पारिश्रमिक, व्यावसायिक विकास की अनिश्चितता, अतिरिक्त सेवाओं, सुविधाओं का अभाव, बढ़ते मरीजों का दबाव और कार्यस्थल की असुरक्षा ये वर्तमान में देखी जाने वाली समस्याएं हैं। इन सभी के बावजूद सरकार की उदासीनता कष्टदायक है। कम वेतन और आर्थिक असुरक्षा दोनों सरकारी और निजी क्षेत्रों में काम करने वाले कई चिकित्सकों को उनके श्रम के अनुसार पारिश्रमिक से वंचित रखती है। ओवरटाइम, रात्रीकालीन सेवाओं या आपातकालीन ड्यूटी के लिए उचित भत्तों का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

कानूनी कार्य घण्टों के उल्लंघन के कारण श्रम कानून द्वारा निर्धारित कार्य समय व्यवहार में लागू नहीं होता, ऐसी शिकायतें बार-बार सामने आती रहती हैं। वर्तमान लागू की गई समय-सारिणी केवल ९-५ बजे की सेवाओं को ही स्वास्थ्य सेवा मानती है। इसके अलावा दी जाने वाली अंतरंग, आकस्मिक और अनुकूल सेवाओं को स्वास्थ्य सेवा के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है। कुछ सीमित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अतिरिक्त भत्तों का प्रावधान हो सकता है, लेकिन काठमांडू के बाहर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी इससे पूरी तरह वंचित हैं।

डॉक्टर और मरीजों के अनुपात अत्यंत कमज़ोर है। जनसंख्या के अनुपात में चिकित्सकों की संख्या कम होने के कारण एक चिकित्सक को अत्यधिक संख्या में मरीजों को देखना पड़ता है। हम गुणात्मक स्वास्थ्य सेवा की बात करते हैं, लेकिन एक चिकित्सक को रोजाना १०० तक मरीज देखने होते हैं, जो एक दुखद स्थिति है। इस स्थिति को तराई-मधेस की कहा हुआ एक कहावत से मेल खाती है, “धरफड़ी के विवाह, कनपत्ती में सेनूर” अर्थात् जल्दीबाज़ी में किया गया विवाह, जो इलाज और पहचान दोनों को प्रभावित करता है।

अपर्याप्त पूर्वाधारों के कारण कई अस्पतालों में उपकरण, बेड, दवाइयों और जनशक्ति की कमी से काम करना कठिन होता है। अभी भी नारायणी अस्पताल जैसे केन्द्रीय अस्पतालों में अधूरी संरचनाओं में काम चलाना पड़ता है। आंतरिक विभाग जीर्ण-शीर्ण हैं। बेड की कमी से रोजाना कई सेवा ग्रहियों को परेशानी होती है। चिकित्सक असंतुष्ट हैं क्योंकि उनके योगदान को सम्मान नहीं मिलता। वे निरंतर सेवा दे रहे हैं, पर नीति निर्धारण में उनकी वास्तविक स्थिति, मानसिक थकान और पेशेवर अधिकारों को उचित महत्व नहीं दिया जाता।

यदि बिना पूर्व तैयारी के ऐसे निर्देश लागू किए जाते हैं तो सेवा की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। चिकित्सकों की मानसिक थकान बढ़ेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में असंतोष और आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप मरीज सबसे अधिक प्रभावित होंगे। देश में किसी भी विषम परिस्थिति में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान की परवाह न करते हुए लगातार अहोरात्र सेवा देते रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देना सर्वोपरि है, इसमें कोई विवाद नहीं। लेकिन सेवा देने वाली जनशक्ति अर्थात चिकित्सकों के अधिकार, सुविधाएं और कार्य स्थितियों को सुधारें बिना केवल ड्यूटी समय बढ़ाना कोई स्थायी समाधान नहीं है। सरकार को निम्न पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है – पर्याप्त जनशक्ति प्रबंधन, उचित वेतन और भत्ता व्यवस्था, कार्य घण्टे संबंधी कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन, स्वास्थ्य पूर्वाधार का सुदृढ़ीकरण। चिकित्सक संतुष्ट होंगे तभी स्वास्थ्य सेवा प्रभावी होगी। अन्यथा सेवा विस्तार के नाम पर प्रणाली ही कमजोर होने का खतरा होगा। चिकित्सकों की मुस्कान लौटाने और मरीजों के प्रति मुस्कान के साथ व्यवहार करने के लिए सरकार से हमारी मांग है। (डा. उदय नारायण सिंह, वीरगंज स्थित नारायणी अस्पताल में कार्यरत हैं।)

शहर की महिलाएं ग्रामीण महिलाओं की तुलना में अधिक हिंसा की शिकार

महिला, कानून और विकास मंच ने नेपाल में गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोत्तर अवस्था में मौजूद महिलाओं द्वारा झेली गई दुर्व्यवहार और हिंसा के तथ्यों पर एक अध्ययन किया है। इस रिपोर्ट में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा महिलाओं को सहने पड़े दुर्व्यवहार और हिंसा की जानकारी दी गई है। काठमांडू, ९ वैशाख। सुरक्षित मातृत्व एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार अधिनियम के तहत सम्मानजनक प्रसव सेवा की व्यवस्था होने के बावजूद गर्भवती अनेक महिलाएं अब भी दुर्व्यवहार और हिंसा के शिकार हो रही हैं, ऐसा अध्ययन में पाया गया है। महिला, कानून और विकास मंच (एफडब्लुएलडी) ने ‘नेपाल में गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोत्तर महिलाओं द्वारा झेली गई दुर्व्यवहार, हिंसा तथा अधिकार हनन सम्बन्धी तथ्य खोज’ शीर्षक से एक अनुसन्धान किया है। एफडब्लुएलडी ने बुधवार को इस अध्ययन की रिपोर्ट सार्वजनिक की। गर्भवती, प्रसव और प्रसवोत्तर अवस्थाओं में एक तिहाई से अधिक महिलाओं को हिंसा का सामना करना पड़ा है, ऐसा अध्ययन दर्शाता है। अधिकांश गृहिणियों में हिंसा अधिक पाई गई, साथ ही परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, पड़ोसी और पति हिंसक पाए गए हैं, यह जानकारी एफडब्लुएलडी के अधिवक्ता दीपेश श्रेष्ठ ने दी।

अध्ययन के अनुसार गर्भवती महिलाओं तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं द्वारा भी दुर्व्यवहार और हिंसा के मामले सामने आए हैं। इसके अतिरिक्त, भावनात्मक, शारीरिक और यौन हिंसा में से भावनात्मक हिंसा का सर्वाधिक प्रकोप देखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों की महिलाएं अधिक हिंसा की शिकार पाई गई हैं। मधेश की गर्भवती और सुदूरपश्चिमी क्षेत्रों की प्रसव एवं प्रसवोत्तर महिलाएं अधिक भावनात्मक हिंसा सहन कर रही हैं, यह तथ्य खोज में उल्लेख हुआ है। महानगरपालिका, उपमहानगरपालिका, नगरपालिका और गाउँपालिका क्षेत्रों में निवास करने वाली ५६० गर्भवती, ५६० प्रसव करने वाली और ५६० प्रसवोत्तर महिलाएं सहित कुल १,६८० महिलाओं पर तथ्य खोज की गई है, जानकरी श्रेष्ठ ने दी। यह अध्ययन सात प्रदेशों के १४ जिलों के २८ पालिकाओं में किया गया था। प्रत्येक पालिका से ६० महिलाएं अध्ययन में शामिल थीं, जिनमें २० गर्भवती, २० जन्म के बाद ४२ दिनों के भीतर प्रसव करने वाली और २० जन्म के ४२ दिन से ३ महीने तक की प्रसवोत्तर महिलाएं थीं। अध्ययन के आंकड़ों के अनुसार ३८.४ प्रतिशत गर्भवती, ३७.९ प्रतिशत प्रसव कर चुकी महिलाओं और ३५.९ प्रतिशत प्रसवोत्तर महिलाओं ने हिंसा झेली है। ३०.७ प्रतिशत गर्भवती, ३२.७ प्रतिशत प्रसवकालीन और ३० प्रतिशत प्रसवोत्तर महिलाओं को भावनात्मक हिंसा का सामना करना पड़ा है, यह अध्ययन पुष्ट करता है।

लुम्बिनी प्रदेश में जीवनाशक कीटनाशक प्रबंधन विधेयक पारित

लुम्बिनी प्रदेश सभाने जीवनाशक कीटनाशक प्रबंधन और नियंत्रण संबंधी विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया है। प्रदेश सभा सदस्यों ने संघीय सरकार पर जनता के प्रति समर्पण न होने और महंगाई के कारण जनजीवन प्रभावित होने का आरोप लगाया। दलित अधिकार सुनिश्चित करने वाले विधेयक के बनने के बाद किशोरियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ रही चुनौतियों पर भी प्रदेश सभा में व्यापक चर्चा हुई। ९ वैशाख, बुटवल। लुम्बिनी प्रदेश सभा ने प्रदेश में जीवनाशक कीटनाशक प्रबंधन और नियंत्रण संबंधी विधेयक को रिपोर्ट सहित सर्वसम्मति से पारित किया है। प्रदेश सभा के सातवें अधिवेशन की १५वीं बैठक में यह विधेयक पारित किया गया। कृषि, भूमि व्यवस्था तथा सहकारी मंत्री दिनेश पन्थी ने विधेयक पर चर्चा और पारित करने का प्रस्ताव पेश किया था। सभापति तुलाराम घर्तीमगर ने इस प्रस्ताव को निर्णयार्थ प्रस्तुत करते हुए सर्वसम्मति से पारित होने की घोषणा की।

बैठक में कृषि, भूमि व्यवस्था तथा सहकारी मंत्री दिनेश पन्थी तथा आर्थिक मामलों और योजना मंत्री धनेन्द्र कार्की ने सदन में उठाए गए प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रदेश मामले और कानून समिति की अध्यक्ष दिलकुमारी बुढ़ा ने जिला सभा एवं जिला समन्वय समिति संचालन संबंधी कानून, २०७५ में संशोधन के लिए बनाए गए विधेयक को समिति की रिपोर्ट सहित सदन में प्रस्तुत किया। इसके अलावा सार्वजनिक लेखा समिति की अध्यक्ष माया पुन ने समिति की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में प्रदेश सभा सदस्य भोजप्रसाद श्रेष्ठ ने संघीय सरकार पर जनता के प्रति प्रतिबद्धता भूलने और महंगाई के बावजूद उदासीनता बरतने का आरोप लगाया।

प्रदेश सभा सदस्य यमबहादुर सार्की ने लंबे प्रयासों के बाद दलित समुदाय के अधिकार सुनिश्चित करने वाला विधेयक बनने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। प्रदेश सभा सदस्य सुशिला बादी ने विधेयक प्रमाणीकरण के बाद इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार की बढ़ी हुई भूमिका की आवश्यकता जताई। प्रदेश सभा सदस्य खड्ग बस्नेत ने शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देने के लिए सरकार से अनुरोध किया। प्रदेश सभा सदस्य दुर्गाप्रसाद चौधरी ने बजट निर्माण और कार्यान्वयन में कठिनाइयों की ओर ध्यान दिलाया। प्रदेश सभा सदस्य अर्जुनकुमार केसी ने सीमा क्षेत्र में राजस्व प्रणाली कड़ी करने वाली संघीय सरकार की नीति को अवैज्ञानिक करार दिया। प्रदेश सभा सदस्य मिनाकुमारी श्रेष्ठ ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत वृद्धि से सभी क्षेत्रों के प्रभावित होने के कारण तत्काल मूल्य वापस लेने की मांग की। प्रदेश सभा सदस्य यमुना रोका तामांग ने संघीय सरकार की दूरदर्शी नीति के अभाव से जनता के जीवन पर प्रभाव पड़ने, रसोई, खेती और दैनिक जीवन में समस्याएं बढ़ने की बात कही। प्रदेश सभा सदस्य जमुना ढकाल ने किशोरियों की सुरक्षा चुनौतीपूर्ण होती जा रही है, इसलिए राज्य को सुरक्षा की गारंटी देनी चाहिए, की मांग की। उन्होंने छोरियों को न्याय कब मिलेगा, यह भी प्रश्न उठाया। प्रदेश सभा का सातवां अधिवेशन की १६वीं बैठक १० वैशाख को सुबह साढ़े ग्यारह बजे आयोजित होने की सूचना भी दी गई है।

इरान युद्ध से चीनी जहाज निर्माण उद्योग में नए अवसर

अमेरिका और इरान के बीच युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान आने पर चीनी जहाज कारखानों को बड़े टैंकर बनाने का नया अवसर मिला है। होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी से तेल परिवहन में बाधाएं आने पर स्विट्जरलैंड और सिंगापुर की कंपनियां चीनी कारखानों के माध्यम से टैंकर निर्माण कर रही हैं। चीनी जहाज निर्माता कम लागत और तेज़ डिलीवरी के कारण नए ऑर्डर प्राप्त कर रहे हैं, और युद्ध ने जहाज बाजार के दाम भी बढ़ा दिए हैं। ९ वैशाख, काठमांडू।

अमेरिका और इरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान आया है। इससे चीनी जहाज निर्माण उद्योग को नया अवसर मिला है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई नाकाबंदी के कारण कच्चे तेल के परिवहन में दिक्कतें आई हैं, जिससे विश्वभर की समुद्री परिवहन कंपनियां बड़े तेल टैंकर निर्माण के लिए चीन पहुँची हैं। ये टैंकर एक बार में लगभग २० लाख बैरल तेल परिवहन कर सकते हैं और इस प्रकार के टैंकरों की मांग काफी बढ़ गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य आठ सप्ताह से बंद रहने के कारण तेल की कीमतें ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ गई हैं। जोखिम भरे मार्ग से बचने के लिए टैंकरों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है, जिसके कारण परिवहन क्षमता घट गई है। चीनी जहाज निर्माता इस अवसर का पूरा उपयोग करते हुए अपनी विशेषज्ञता, कम लागत और तेज़ डिलीवरी की प्रतिबद्धता के साथ नए ऑर्डर लेने में सफल हुए हैं। हाल ही में स्विट्जरलैंड और सिंगापुर की बड़ी कंपनियों ने चीनी कारखानों को टैंकर निर्माण का जिम्मा दिया है।

स्विट्जरलैंड की एडवांटेज टैंकर्स पहले दक्षिण कोरिया पर निर्भर थी, लेकिन हाल ही में उसने दो विशाल टैंकर चीन को ऑर्डर दिए हैं। ये जहाज २०२८ और २०२९ तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है। इसी प्रकार जेनेवा स्थित मर्कुरिया एनर्जी ग्रुप ने लगभग ६५ करोड़ अमेरिकी डॉलर के समझौते में चार बड़े टैंकर और दो उत्पादन टैंकर निर्माण का जिम्मा चीनी कंपनी को दिया है। सिंगापुर की यांगजीजियांग मरीटाइम डेवलपमेंट ने भी पहली बार आठ बड़े टैंकर चीन के साथ निर्माण समझौता किया है। युद्ध के प्रभाव से जहाजों के बाजार मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उदाहरण स्वरूप, स्विट्जरलैंड की एडवांटेज टैंकर्स ने पहले ११ करोड़ ९० लाख डॉलर में खरीदा एक निर्माणाधीन टैंकर अब १५ करोड़ २० लाख डॉलर का हो गया है। विश्वभर के पुराने जहाजों को बदलने की जरूरत और लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाने के कारण अतिरिक्त जहाज निर्माण आवश्यक हो गया है, जिससे चीनी जहाज निर्माण उद्योग के लिए यह समय सुनहरा युग सिद्ध हुआ है।

नेपाल की दूसरी लगातार जीत – आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी में रवांडा को 2 विकेट से हराया

नेपाल ने रवांडा को 2 विकेट से हराते हुए आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। नेपाल ने 89 रनों के लक्ष्य को 2 गेंद शेष रहते हुए 8 विकेट के नुकसान पर पूरा किया। रवांडा ने 88 रन पर सभी विकेट गंवा दिए, जिसमें रचना चौधरी ने 3 विकेट लिए और कप्तान स्मृति खड्का ने बिना खाता टूटे 48 रन बनाए। 9 वैशाख, काठमांडू। रवांडा में चल रही आईसीसी महिला चैलेंज ट्रॉफी में नेपाली महिला टीम ने लगातार दूसरी जीत हासिल की है। नेपाल ने बुधवार को घरेलू टीम रवांडा को 2 विकेट से हराया। दूसरी जीत के बाद नेपाल ने 3 मैचों से 4 अंक जुटा लिए हैं। रवांडा के लिए यह चार मैचों में दूसरी हार है। नेपाल की जीत के बाद रवांडा, नेपाल और इटली समान 4 अंक पर हैं। नेट रन रेट के आधार पर रवांडा शीर्ष स्थान पर है, नेपाल दूसरे और इटली तीसरे स्थान पर हैं। नेपाल की ओपनर स्मृति खड्काने सर्वाधिक 48 रन बनाए। उपकप्तान पूजा महतो ने 13 रन और बिंदु रावल ने 10 रन बनाए, पर अन्य बल्लेबाज दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सके। नेपाल का शुरुआत काफी मजबूत रही और कुछ ही देर में जीत के लिए 45 गेंदों में 15 रन और 9 विकेट सुरक्षित बचा था। लेकिन 13वें ओवर की चौथी गेंद पर स्मृति खड्का के आउट होने के बाद नेपाल ने लगातार विकेट गंवाए। स्मृति समेत मध्यक्रम में 7 विकेट गवाते हुए नेपाल 19 ओवर में 86-8 की स्थिति पर पहुंचा। इसके बाद नौवें नंबर के बल्लेबाज रचना चौधरी ने नाबाद 9 रन बनाकर नेपाल को जीत दिलाई। रवांडा की जियोर्वानिस उवासे ने 3 विकेट लिए। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी रवांडा 19.4 ओवर में 88 रन पर समाप्त हो गई। रवांडा की एलिस इकुजे ने 17 रन बनाए। नेपाल के रचना चौधरी ने 3 विकेट लिए, वहीं कविता कौर और पूजा महतो ने 2-2 विकेट लिए। स्मृति खड्का को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया है। नेपाल अपना अगला मैच आगामी शुक्रवार को भाउटाउस के खिलाफ खेलेगा।