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लेखक: space4knews

जी एंटरटेनमेंट ने फिफा विश्वकप 2026 सहित 39 प्रतियोगिताओं के प्रसारण अधिकार हासिल किए

भारत की जी एंटरटेनमेंट ने वर्ष 2026 से 2034 तक आयोजित होने वाली फिफा की 39 प्रतियोगिताओं के प्रसारण अधिकार हासिल कर लिए हैं। ये प्रतियोगिताएं कंपनी के नए खेल नेटवर्क ‘युनाइट8 स्पोर्ट्स’ और जी-फाइव के माध्यम से सीधे प्रसारित की जाएंगी। जी एंटरटेनमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनित गोयन्का ने इस विश्व की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता को भारतीय दर्शकों तक पहुँचाने का अवसर पाकर उत्साहित होने की बात कही है।

18 ज्येष्ठ, काठमांडू। भारत की जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने फिफा की 39 प्रतियोगिताओं के भारत में प्रसारण अधिकार प्राप्त किए हैं। इस समझौते के अनुसार कंपनी वर्ष 2026 से 2034 तक होने वाली फिफा प्रतियोगिताओं का प्रसारण करेगी। इसमें आगामी फिफा विश्वकप 2026, फिफा महिला विश्वकप 2027 और फिफा विश्वकप 2030 भी शामिल हैं। जी का फिफा प्रसारण अभियान 11 जून 2026 से अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले विश्वकप से शुरू होगा।

प्रतियोगिता के मैच कंपनी के नए खेल नेटवर्क ‘युनाइट8 स्पोर्ट्स’ और जी-फाइव के माध्यम से प्रसारित किए जाएंगे। लाइव मैच के अलावा दर्शक हाइलाइट्स, विश्लेषण कार्यक्रम, विशेष सामग्री और फिफासंबंधी वृत्तचित्र भी देख सकेंगे। पुनित गोयन्का ने कहा कि फुटबॉल एक ऐसा खेल है जो क्षेत्रीय और आयु समूह की सीमाओं से परे दर्शकों को जोड़ता है। प्रसारण अधिकार खरीदने और समर्पित खेल चैनल संचालित करने से फुटबॉल के दीर्घकालिक संभावनाओं में उनका विश्वास प्रकट होता है। कंपनी ने पहले ही ‘युनाइट8’ ब्रांड के तहत चार खेल चैनल लॉन्च कर दिए हैं, जिनमें युनाइट8 स्पोर्ट्स 1, युनाइट8 स्पोर्ट्स 1 एचडी, युनाइट8 स्पोर्ट्स 2 और युनाइट8 स्पोर्ट्स 2 एचडी शामिल हैं। ये चैनल अब भारत में फिफा प्रतियोगिताओं के आधिकारिक प्रसारण माध्यम बनेंगे।

सञ्चारमन्त्री र अमेरिकी उपविदेशमन्त्रीको भेटवार्ता

सञ्चारमन्त्री डा. विक्रम तिमिल्सिना व अमेरिकी उपविदेश मंत्री सारा बी. रोजर्स के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

सूचना तथा सञ्चारमन्त्री डा. विक्रम तिमिल्सिना और अमेरिकी उपविदेशमन्त्री सारा बी. रोजर्स के बीच मन्त्रालय में द्विपक्षीय संबंध और सूचना प्रौद्योगिकी पर बैठक हुई। अमेरिकी उपविदेशमन्त्री रोजर्स ने नेपाल में निवेश बढ़ाने के लिए अमेरिकी कंपनियों की रुचि व्यक्त करते हुए नीतिगत स्थिरता और सहजीकरण की अपेक्षा जताई। १८ जेठ, काठमांडू।

बैठक में द्विपक्षीय संबंध, सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, डिजिटल सुरक्षा तथा निवेश विस्तार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अमेरिकी उपविदेशमन्त्री रोजर्स ने नेपाल-अमेरिका संबंधों को मैत्रीपूर्ण और सहयोगात्मक बताते हुए सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए अमेरिका की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियां नेपाल में निवेश बढ़ाना चाहती हैं, इसलिए निवेश-मैत्री माहौल, नीतिगत स्थिरता और आवश्यक सहजीकरण की उम्मीद है।

सञ्चारमन्त्री डा. तिमिल्सिनाले बताया कि नेपाल सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से आर्थिक और प्रशासनिक रूपांतरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में होने वाले सभी प्रकार के द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोगों का नेपाल स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नेपाल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्राथमिकता दी है और दूरसंचार क्षेत्र में निवेश के लिए वर्तमान नीतिगत एवं कानूनी व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी दी।

अनलाइनखबर के पत्रकार कपिल कोइराला को उज्ज्वल सम्मान

१८ जेठ, काठमाडौं। अनलाइनखबर के पत्रकार कपिल कोइराला को दुग्ध विकास बोर्ड ने किसान से जुड़ी समस्याओं को उठाने और दुग्ध पदार्थों से संबंधित समाचारों के प्रसारण में किए गए योगदान के लिए सम्मानित किया है। विश्व दूध दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री गीता चौधरी एवं सचिव डॉ. राजेन्द्रप्रसाद मिश्र ने कोइराला को सम्मान पत्र प्रदान किया।
कोइराला काभ्रे जिले से हिमालय टेलीविजन और अनलाइनखबर के लिए रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इसी कार्यक्रम में उत्कृष्ट किसान नमूना गाय फार्म के संचालक पुष्पराज पौडेल, उत्कृष्ट सहकारी संस्था विजय दुग्ध उत्पादक सहकारी संस्था चितवन, मकवानपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, व्यापक पशुपालन एवं कृषि सहकारी संस्था इलाम, दुग्ध उद्योगी सूर्योदय मिल्क एंड इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के संचालक मनोजकुमार यादव, डेरी फूड एंड बेवरेज प्रा. लि. के संचालक शिव चरण त्यात, एवं डेरी विशेषज्ञ बाबूकाजी पंत को भी सम्मानित किया गया।

दाइ हत्या में जन्मकैद की सजा पाए भाई गिरफ्तार

समाचार सारांश

समीक्षा कर बनाया गया।

  • अपने ही दाइ की हत्या के आरोप में जन्मकैद की सजा पाए सिन्धुली के ४५ वर्षीय मानबहादुर बम्जन भक्तपुर से गिरफ्तार हुए हैं।
  • बम्जन ने २२ माघ २०७७ को अपने दाजु चेतबहादुर पर बन्चरो से हमला कर हत्या की थी।
  • कारागार से फरार होने वाले बम्जन को पुलिस ने गिरफ्तार कर पुनः केन्द्रीय कारागार सुन्धारा भेजा है।

१८ जेठ, काठमाडौं। अपने ही दाइ की हत्या के आरोप में जन्मकैद की सजा पाए एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार व्यक्ति सिन्धुली के मरिण गाउँपालिका–३ के ४५ वर्षीय मानबहादुर बम्जन हैं। उन्हें काठमाडौँ उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय की टीम ने गिरफ्तार किया है।

उन पर २२ माघ २०७७ को अपने ही दाजु चेतबहादुर पर बन्चरो से हमला कर हत्या करने का आरोप है। इस मामले में सिन्धुली जिला अदालत ने १७ असोज २०८० को उन्हें जन्मकैद की सजा सुनाई थी।

केन्द्रीय कारागार सुन्धारा में बंद रहते हुए जेनजी आंदोलन के दौरान वे फरार हो गए थे। भक्तपुर से गिरफ्तार कर पुनः केन्द्रीय कारागार सुन्धारा में भेजा गया है।

 

पिपल्स डेली: अमेरिका के साथ सहयोग के लिए एआई ने खोला नया अवसर

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पिपल्स डेली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अमेरिका के साथ सहयोग के लिए नए क्षितिज के रूप में व्याख्यित किया है। चीनी और अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बीच समझौते के अनुसार दोनों देशों ने एआई प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सरकारी स्तर पर संवाद व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है। चीन ने अमेरिकी चिप निर्यात नियंत्रण की आलोचना करते हुए कहा है कि अमेरिका एआई प्रौद्योगिकी को राजनीतिक बनाने और हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहा है।

18 जेठ, काठमांडू। पिपल्स डेली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अमेरिका के साथ सहयोग के लिए एक ‘‘नई क्षितिज’’ के रूप में परिभाषित किया है। सोमवार को प्रकाशित एक संपादकीय में पिपल्स डेली ने एआई प्रौद्योगिकी को दो देशों के द्विपक्षीय संबंधों से जोड़ने पर बीजिंग के स्पष्ट दृष्टिकोण का प्रकट किया है। यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पिछले महीने चीन के दौरे के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई समझौते के संदर्भ में आई है।

संपादकीय में कहा गया है कि विश्व एआई प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को किसी प्रकार की ‘‘आयरन कर्टेन’’ या प्रतिस्पर्धी शक्ति केंद्रों में विभाजित करने का प्रयास नहीं चाहता। एआई क्षेत्र को पूर्ण तकनीकी विभाजन का नया मोर्चा बनाने की बजाए इसे प्रतिस्पर्धा और सहयोग के साथ साथ आगे बढ़ने वाला क्षेत्र माना जाना चाहिए, यह तर्क चीनी मीडिया ने प्रस्तुत किया है।

प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह के ‘जमीन अतिक्रमण’ बयान से विवाद, विपक्षी दलों ने अभिलेख से हटाने की मांग की

प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ का भारत द्वारा नेपाल की “जमीन अतिक्रमण” करने वाला बयान बड़ा विवाद पैदा कर गया है। विपक्षी दलों ने इस अभिव्यक्ति को “संप्रभुता के विरुद्ध” बताते हुए तुरंत संसद के अभिलेख से हटाने और प्रधानमंत्री से स्पष्टता प्रदान करने की मांग की है। प्रधानमंत्री के रविवार को दिए गए इस बयान पर विवाद उत्पन्न हुआ है, जबकि विपक्ष इसे “अजिम्मेदाराना” करार देते हुए तुरंत सुधार की अपील कर रहा है।

सोमवार दोपहर विपक्षी दलों ने संयुक्त बैठक कर संसद में अवरोध भी किया। विदेश मंत्रालय ने रविवार शाम जारी बयान में प्रधानमंत्री के उक्त बयान को मूल रूप से दशगजा क्षेत्र के अतिक्रमण और “क्रॉस-बॉर्डर अक्स्यूपेशन” अर्थात ‘सीमा पार जमीन के अधिकार’ से संबंधित बताया था। विपक्षी नेकपा एमाले ने भी इस अभिव्यक्ति के खिलाफ सड़क प्रदर्शन किया है।

विपक्षी दलों की इस मांग पर सत्तारूढ़ दल, नेपाल सरकार या प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। संसद के शुरू होने पर सभी सांसद खड़े होकर विरोध प्रकट कर चुके हैं। नेपाली कांग्रेस के सांसद निश्कल राई ने प्रधानमंत्री की अभिव्यक्ति को “अत्यंत अपरिपक्व” बताया और कहा, “यह अभिव्यक्ति संसद के रिकॉर्ड में दर्ज होकर उदाहरण बन गई है।” उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रहित के खिलाफ है और नेपाल को “सीमा अतिक्रमणकर्ता” घोषित करने का खतरा पैदा करता है। जब तक इसे सही नहीं किया जाता, तब तक वे सरकार के साथ सहयोग नहीं करेंगे।

ये खिलाड़ी हैं गोल्डन बूट के मुख्य दावेदार

समाचार सारांश

संपादकीय रूप से जांचा गया।

  • फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार 48 राष्ट्र भाग ले रहे हैं, जिससे नकआउट चरण में नए मुकाबले जुड़े हैं।
  • इस विश्व कप में सबसे अधिक गोल कर गोल्डन बूट जीतने के प्रमुख दावेदार हैं हॅरी केन, किलियन एमबाप्पे और लियोनेल मेस्सी।
  • मैनचेस्टर सिटी के फॉरवर्ड एर्लिंग हालैंड पहली बार और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोंल्डो अपनी अंतिम विश्व कप खेलने की तैयारी में हैं।

18 जेठ, काठमांडू। फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने में अब एक सप्ताह से थोड़ा अधिक समय बचा है और इसकी भव्यता लगातार बढ़ती जा रही है।

विश्व कप का खिताब कौन उठाएगा, इस सवाल के साथ ही फुटबॉल के इस महाकुंभ में सबसे अधिक गोल कौन करेगा और गोल्डन बूट कौन जीतेगा, इस पर भी खासा ध्यान है।

इस बार विश्व कप में पहली बार 48 देश भाग ले रहे हैं। अब तक का सबसे बड़ा विश्व कप होने के कारण गोल्डन बूट के लिए प्रतिस्पर्धा भी बेहद कड़ी नजर आ रही है।

टीमों की संख्या बढ़ने के साथ नकआउट चरण में ‘राउंड ऑफ 32’ की व्यवस्था की गई है, जिससे अधिक मैच होंगे और खिलाड़ियों के गोल करने के व्यक्तिगत अवसर बढ़ेंगे।

पिछलों विश्व कपों में प्रदर्शन, क्लब फुटबॉल में क्षमता, विश्व कप क्वालिफायर्स में कार्यक्षमता और आगामी मैचों की स्थिति को देखते हुए यहां गोल्डन बूट के दावेदार खिलाड़ियों पर चर्चा की गई है।

गोल्डन बूट के 5 प्रमुख दावेदार

हैरी केन (इंग्लैंड)

साल 2018 के विश्व कप में हैरी केन ने गोल्डन बूट जीता था। लेकिन 2022 के क़तार विश्व कप में उन्होंने मात्र 2 गोल और 3 असिस्ट किए थे।

वर्तमान में क्लब फुटबॉल में शानदार प्रदर्शन कर रहे इंग्लैंड के कप्तान और फॉरवर्ड केन विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने वाले प्रमुख दावेदार हैं।

जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख से खेलते हुए केन ने 2025-26 सत्र के बुंडेसलीगा में 31 मैचों में 36 गोल किए थे। चैंपियंस लीग में भी उन्होंने 14 गोल के साथ कुल 55 मैचों में 61 गोल और 7 असिस्ट किए।

केन को यूरोप की सबसे घातक स्ट्राइकर माना जाता है और यदि वे इस फार्म को राष्ट्रीय टीम में बरकरार रख पाएंगे तो विश्व कप में कई गोल कर सकते हैं।

इंग्लैंड समूह एल में क्रोएशिया, घाना और पनामा से मुकाबला करेगा। नकआउट में पहुंचने के मजबूत अवसरों के कारण यदि केन टीम को आगे ले जाएंगे तो गोल्डन बूट के उम्मीदवार बने रहेंगे।

किलियन एमबाप्पे (फ्रांस)

फ्रांस के कप्तान और फॉरवर्ड किलियन एमबाप्पे ने 2022 के क़तार विश्व कप में सर्वाधिक 8 गोल कर गोल्डन बूट जीता था।

क्लब और राष्ट्रीय टीम में बेहतरीन फार्म में चल रहे एमबाप्पे इस बार भी गोल्डन बूट के प्रमुख दावेदारों में हैं।

चार साल पहले फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ हैट्रिक करने वाले एमबाप्पे की गोल करने की क्षमता शानदार मानी जाती है। क़तार में उन्होंने 2 असिस्ट भी किए थे।

क्लब फुटबॉल में एमबाप्पे ने रियल मैड्रिड के लिए 2025-26 सत्र में 42 गोल किए हैं। वे विश्व के सबसे घातक स्ट्राइकर माने जाते हैं, हालांकि चोट के कारण कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा है लेकिन बड़े मैचों में वे हीरो बनते आए हैं।

फ्रांस समूह आई में सेनेगल, नॉर्वे और इराक से मुकाबला करेगा, और नकआउट में पहुंचना लगभग तय है जो एमबाप्पे को गोल्डन बूट के दावेदार बनाता है।

एर्लिंग हालैंड (नॉर्वे)

एर्लिंग हालैंड को विश्व फुटबॉल में विश्व कप में बड़ी उम्मीद के साथ देखा जा रहा है। क्लब फुटबॉल में गोल मशीन के रूप में स्थापित हालैंड पहली बार विश्व कप खेल रहे हैं, इसलिए चर्चा में बने हुए हैं।

प्रिमियर लीग में मैनचेस्टर सिटी के लिए खेलते हुए वे हाल ही सत्र में गोल्डन बूट विजेता रहे हैं। चैंपियंस लीग में 10 मैचों में 8 गोल और कुल 52 मैचों में 38 गोल 9 असिस्ट किए हैं।

विश्व कप 2026 क्वालिफायर्स में भी उन्होंने सबसे अधिक 16 गोल किए थे, जो उनकी स्ट्राइकर की गुणवत्ता दर्शाता है।

28 वर्षों के बाद विश्व कप में लौटे नॉर्वे की प्रगति काफी हद तक हालैंड के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। नॉर्वे समूह आई में फ्रांस, सेनेगल और इराक के साथ मुकाबला करेगा।

लियोनेल मेस्सी (अर्जेंटीना)

लियोनेल मेस्सी की चर्चा अनावश्यक है। 2022 में अर्जेंटीना को विजेता बनाने वाले कप्तान और बेहतरीन खिलाड़ी मेस्सी फिलहाल अमेरिका में क्लब फुटबॉल खेल रहे हैं, जिससे उन्हें विश्व कप में फायदा होगा।

मेजर लीग सॉकर में इंटर मियामी के लिए सक्रिय 38 वर्षीय मेस्सी अभी भी राष्ट्रीय टीम के मुख्य गोलकर्त्ता हो सकते हैं।

मेस्सी ने दो बार फीफा गोल्डन बॉल अवार्ड जीता है, लेकिन गोल्डन बूट अभी तक नहीं। क़तार विश्व कप में 7 गोल कर वे दूसरे स्थान पर थे और 3 असिस्ट भी किए थे।

अर्जेंटीना समूह जे में अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के साथ मुकाबला करेगा। पूर्व विजेता अर्जेंटीना का लक्ष्य खिताब बचाना है, इसलिए समूह चरण पार करना आसान दिखता है।

मेसी यह उनका अंतिम विश्व कप है, इसलिए वे इसे यादगार बनाना चाहते हैं और गोल्डन बूट जीतना भी बड़ा लक्ष्य है। खासतौर पर पेनल्टी और फ्री किक में भी मेस्सी स्वयं किक लेते हैं, इसलिए संभावना अधिक है।

विनिसियस जूनियर (ब्राज़ील)

सबसे अधिक 5 बार विश्व कप जीतने वाली ब्राज़ील को पिछले 24 वर्षों से खिताब से दूरी है। इस बीच कई खिलाड़ियों ने विश्व कप खेला लेकिन ब्राज़ील को खिताब नहीं दिला सके। नेमार ने तीन बार विश्व कप खेलने के बाद भी खिताब नहीं जिता।

विश्व कप के पर्याय बने ब्राज़ील के लिए अगर अगला विश्व कप जीतना है तो विनिसियस जूनियर महत्वपूर्ण खिलाड़ी होंगे। चोट से जूझ रहे नेमार चौथे विश्व कप में खेलेंगे, लेकिन फॉरवर्ड की मुख्य जिम्मेदारी विनिसियस पर होगी।

स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड के लिए खेलते हुए विनिसियस ने 2022 के क़तार विश्व कप में 1 गोल और 2 असिस्ट किए थे।

पिछले सत्र में सभी प्रतियोगिताओं में 22 गोल करने वाले विनिसियस के लिए यह विश्व कप खुद को साबित करने का मौका होगा। ब्राज़ील समूह में मोरक्को, हैती और स्कॉटलैंड के साथ मुकाबला करेगा, जिससे नकआउट में पहुंचना सहज दिखता है।

अन्य दावेदार

उपरोक्त पांच खिलाड़ियों के अलावा फीफा विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने की संभावनाओं वाले अन्य खिलाड़ियों की सूची लंबी है। इनमें पुर्तगाल के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो से लेकर स्पेन के युवा स्टार लैमिन यमाल शामिल हैं।

सऊदी प्रो लीग में अल नासर के लिए खेल रहे 41 वर्षीय रोनाल्डो अभी भी पुर्तगाल के लिए गोल मशीन के रूप में खेल रहे हैं। उन्होंने क़तार विश्व कप में 1 गोल किया था लेकिन राष्ट्रीय टीम के सर्वोच्च गोलकर्ता रोनाल्डो अपनी अंतिम विश्व कप में बड़ा प्रभाव डालना चाहते हैं।

पहली बार विश्व कप खेलने वाले स्पेन के युवा स्टार लैमिन यमाल ने क्लब और राष्ट्रीय टीम में कई रिकॉर्ड बनाए हैं और विश्व कप में भी हैट्रिक गोल करने का लक्ष्य रखा है।

फ्रांस के उस्मान डेम्बेले, अर्जेंटीना के जूलियन अल्वारेज, स्वीडन के विक्टर ग्योकेरेस, जर्मनी के डेनीज उंदाज जैसे खिलाड़ी भी गोल्डन बूट के दावेदारों की सूची में हो सकते हैं।

रुसी राष्ट्रपति पुटिन र अर्मेनियाली प्रधानमन्त्री पाशिन्यानबीच छलफल

रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अर्मेनियाई प्रधानमंत्री पाशिन्यान के बीच टेलीफोन वार्ता

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान के बीच सोमवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच यूरेशियन आर्थिक परिषद की बैठक के परिणामों और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री पाशिन्यान ने विवादास्पद मुद्दों पर संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति पुतिन का धन्यवाद दिया और शीघ्र मिलने पर सहमति जताई।

क्रेमलिन के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले शुक्रवार अस्ताना में सम्पन्न ‘‘सुप्रीम यूरेशियन इकोनॉमिक काउंसिल’’ की बैठक के निष्कर्ष प्रधानमंत्री पाशिन्यान के साथ साझा किए। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने इस संवाद को यूरेशियन आर्थिक संघ की हालिया बैठक में हुई चर्चा को जारी रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।

समझौते के तहत, राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री पाशिन्यान को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं। अर्मेनियाई पक्ष से, प्रधानमंत्री पाशिन्यान ने विभिन्न विवादास्पद मुद्दों पर संतुलित नजरिया रखने के लिए राष्ट्रपति पुतिन का आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय एजेंडों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ और निकट भविष्य में मुलाकात कर संवाद को और भी गहरा करने पर सहमति बनी।

मधेश प्रदेशसभाको अगाडि प्रदर्शन: लाज नलाग्ने, नयाँ कमला पुल कहिले सुरु हुन्छ?

१८ जेठ, काठमाडौं। हुलाकी सडकअन्तर्गत सिरहा र धनुषा जिल्लालाई जोड्ने कमला पुलको निर्माणका लागि बजेटको माग गर्दै स्थानीयवासीहरूले प्रदर्शन गरेका छन्। सोमबार मधेश प्रदेशसभाको अगाडि आयोजित प्रदर्शनमा आन्दोलनकारीहरूले ‘लाज नलाग्ने, नयाँ कमला पुल कहिले सुरु हुन्छ?’ भन्ने नारासहित आवाज उठाएका छन्। प्रदर्शनमा ‘कहिलेसम्म संघ सरकारको मुख हेरेर बस्ने?’ र ‘प्रदेश सरकार हो कि संघ सरकारको शाखा हो?’ जस्ता नारा लेखिएका ब्यानेरहरू पनि देखिएका थिए।

हुलाकी–कमला संघर्ष समितिका संयोजक इन्जिनियर प्रविणकुमार यादवले कमला पुल निर्माण सम्बन्धमा प्रदेश सरकारले देखाएको गैरजिम्मेवार अभिव्यक्तिपछि आन्दोलन गर्ने बाध्यता रहेको बताए। उनले भने, “पहिले मुख्यमन्त्री कृष्णप्रसाद यादवलाई ज्ञापनपत्र बुझाउन गएका थियौं, तर गैरजिम्मेवार जवाफ प्राप्त भयो।” यादवका अनुसार मुख्यमन्त्रीले भनेका थिए, “कहाँबाट कमला पुल बनाइदिनु? आफ्नो सम्पत्ति बेचेर पुल निर्माण गरिदिनु?”

संघीय सरकारले आगामी आर्थिक वर्षको बजेटमा हुलाकी सडकअन्तर्गत आठ वटा पुल निर्माणका लागि ४ अर्ब रुपैयाँ विनियोजन गरेको छ। तथापि, पुनर्निर्माणको चरणमा रहेको कमला पुललाई समावेश नगरिएपछि स्थानीयवासी आन्दोलनमा उत्रिएका छन्। उनीहरूले अब प्रदेश सरकारले बजेटमा कमला पुल समावेश गर्नुपर्ने माग गरेका छन्। नभए चरणबद्ध आन्दोलन गर्दै सशक्त रूपमा अघि बढ्ने चेतावनी पनि दिएका छन्। १५ वर्षअघि निर्माण सुरु भएको कमला पुल २०७८ सालको बाढीबाट क्षति पुगेपछि पुनर्निर्माणमा प्रगति हुन सकेको छैन।

सभामुख अर्याल ने संसद में विपक्षी दल से सहयोग न मिलने की शिकायत की

१८ जेठ, काठमांडू। प्रतिनिधि सभा के सभामुख डोलप्रसाद अर्याल (डीपी) ने संसद में मौजूद समस्याओं के समाधान के लिए विपक्षी दल से आवश्यक सहयोग न मिलने की शिकायत की है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन) के बयान के विरोध में विपक्षी दल द्वारा सोमवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक बाधित किए जाने के बाद सभामुख अर्याल ने संसद में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के सदस्यों से बार-बार संवाद के लिए अनुरोध किया गया, लेकिन उपयुक्त समय नहीं मिल सका।

सभामुख के रूप में उन्होंने संवाद को प्राथमिकता देते हुए भी विपक्षी दल द्वारा लगातार नजरअंदाज किए जाने की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि रविवार को प्रतिनिधि सभा के नियमावली पारित करने की प्रक्रिया संविधान और नियमावली के अनुसार सही रूप में आगे बढ़ी। अर्याल ने स्पष्ट किया कि सभामुख के पद का केवल विधेयकों में संशोधनों को निर्णय के लिए प्रस्तुत करने का दायित्व होता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित कर रहे हैं और कोई नियम उल्लंघन नहीं कर रहे हैं।

कैंसर के उपचार में नई सिरिंज की सफल परीक्षण

१८ चैत्र, काठमाडौं। चिकित्सकों ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। जिन मरीजों के ट्यूमर उपचार से ठीक नहीं हो पा रहे थे, उन्हें पूरी तरह समाप्त करने में सक्षम नई इंजेक्शन का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हुआ है। ‘जॉनसन एंड जॉनसन’ कंपनी द्वारा विकसित ‘अमिवान्तामैब’ नामक इस सिरिंज का ११ देशों में क्लिनिकल परीक्षण किया गया था। खासतौर पर उन मरीजों पर इसका परीक्षण किया गया जिनके कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुके थे या पुनः सक्रिय हो चुके थे, और अन्य उपचार असफल हो गए थे।

परीक्षण में एक तिहाई से अधिक मरीजों के ट्यूमर में कमी देखी गई है, और कुछ ही हफ्तों में इस सिरिंज का उल्लेखनीय प्रभाव देखने को मिला है। चिकित्सकों के अनुसार १५ मरीजों के ट्यूमर पूरी तरह गायब हो चुके हैं। लंदन स्थित ‘इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च’ के प्रोफेसर केविन हैरिंगटन ने बताया कि कीमोथैरेपी और इम्यूनोथैरेपी दोनों असफल होने वाले मरीजों में इस तरह के मजबूत परिणाम आना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उनका कहना है कि जिन मरीजों के सभी उपचार विकल्प खत्म हो चुके हैं, उन्हें इस दवा से मिली राहत आश्चर्यजनक है और यह हर साल हजारों मरीजों की जान बचाने में सक्षम है। परीक्षण में सिर और गर्दन के कैंसर से पीड़ित १०२ मरीज शामिल थे, जो दुनिया में कैंसर के छठे सबसे आम प्रकार हैं। इनमें से ४३ मरीजों के ट्यूमर सिकुड़े या पूरी तरह से खत्म हुए, २८ के ट्यूमर छोटे हुए, और १५ का कैंसर पूरी तरह खत्म हो गया।

सिर और गर्दन के अलावा फेफड़े के कैंसर के मरीजों में भी इस दवा ने समान सकारात्मक प्रभाव दिखाया है। यह दवा कैंसर फैलाने वाले प्रोटीन को रोकती है तथा शरीर की रोग प्रतिरोधी प्रणाली को सक्रिय करके ट्यूमर से लड़ने में मदद करती है। २०२४ में जब जिब्रो को कैंसर हुआ, तब से २०२५ से परीक्षण में शामिल ५६ वर्षीय कार्ल वाल्स ने दवा के प्रभाव पर खुशी जताई है। पहले ऐंठन और दर्द की वजह से बोलना और खाना मुश्किल होता था, लेकिन अब वे सामान्य जीवन बिता रहे हैं।

वर्तमान में विश्वभर करीब ६० क्लिनिकल परीक्षण इस दवा की प्रभावकारिता की जांच के लिए चल रहे हैं। मुख्यतः फेफड़ा, मस्तिष्क, पेट और बड़ी आंत के कैंसर में इसके प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक शोध के परिणाम शिकागो में आयोजित ‘अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी’ की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे।

नेपाल-भारत सीमा विवादः प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के बयान पर फिर बढ़ी चिंता, विशेषज्ञों की क्या राय है?

काकडभित्तास्थित नेपाल‍‍-भारत सीमामा पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

तस्वीर स्रोत, AFP via Getty Images

प्रतिनिधि सभा में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह द्वारा नेपाल-भारत सीमा विवाद पर दिए गए बयानों ने काफी चर्चा छेड़ दी है। नापी विभाग के एक पूर्वमहानिर्देशक ने कहा है कि यह विवाद पहले ही सुलझ चुका था, लेकिन प्रधानमंत्री के बयानों से समस्या उत्पन्न हो सकती है।

प्रधानमंत्री ने रविवार संसद में कहा, “भारत ने न केवल नेपाल, बल्कि नेपाल की भूमि पर स्थित भारत की जमीन को कई जगहों पर घुसपैठ की है।” विवाद बढ़ने के बाद, परराष्ट्र मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में इस कथन को ‘मूलतः दशगजा क्षेत्र में अतिक्रमण’ और ‘क्रॉस-बार्डर अकीपेशन’ अर्थात ‘सीमा पार कर जमीन का उपयोग’ से संबंधित बताया गया है।

भारत सरकार ने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कुछ भारतीय टिप्पणीकारों ने सोशल मीडिया पर यह माना है कि सीमा विवाद एकतरफा नहीं है बल्कि नेपाल ने भी स्वीकार किया है। भारतीय मीडिया ने भी इस समस्या को प्राथमिकता दी है।

नापी विभाग के अधिकारी प्रधानमंत्री के बयान पर किसी प्रतिक्रिया से बच रहे हैं।

सेवानिवृत्त नापी विभाग के महानिर्देशक पुण्यप्रसाद ओली ने कहा, “स्थानीय लोग पशु बांधते हैं, खेत बनाते हैं, जो सीमांकन हो चुका है और यह आसान विषय है। उन्हें बस अपने क्षेत्र में रहने को कहा जाना चाहिए।”

फिफा विश्व कप 2026 के लिए अल्जीरिया की टीम का ऐलान, कप्तान रियाद माहरेज

फिफा विश्व कप 2026 के लिए रियाद माहरेज की कप्तानी में 26 सदस्यीय अल्जीरियाई टीम का ऐलान किया गया है। टीम में विश्व कप विजेता जिनेदिन जिदान के बेटे तथा गोलकीपर लुका जिदान समेत चोटमुक्त हुस्सेम आउआर और अमीन गुइरी शामिल हैं। अल्जीरिया समूह ‘जे’ में है और अपनी विश्व कप यात्रा 16 जून को पूर्व विजेता अर्जेंटीना के खिलाफ शुरू करेगा।

अल्जीरिया की टीम में अनुभवी खिलाड़ी आइसा माण्डी, मिडफील्डर नाबिल बेन्तालेब, साथ ही चोट से उबर चुके हुस्सेम आउआर और अमीन गुइरी भी हैं। गोलकीपर लुका जिदान भी टीम में हैं, जो विश्व कप विजेता जिनेदिन जिदान के पुत्र हैं। अल्जीरिया समूह चरण में अर्जेंटीना के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगा।

अल्जीरियाई टीम इस प्रकार है:
गोलकीपर: ओसामा बेनबोट, मेल्विन मास्टिल, लुका जिदान
डिफेंडर: अशरफ अबादा, रायान अइत–नौरी, जिनेदिन बेलाएद, राफिक बेलघाली, रामि बेन्सेबाइनी, समिर चेरगुई, जाओएन हदजाम, आइसा माण्डी, मोहम्मद तौगाई
मिडफील्डर: हुस्सेम आउआर, नाबिल बेन्तालेब, हिसाम बौदाउई, फारेस चाइबी, इब्राहिम माजा, यासिन तित्राउई, रामिज जे़र्रुकी
फॉरवर्ड: मोहम्मद अमौरा, नधिर बेनबुआली, आदिल बौल्बिना, फारेस घेदिमेस, अमीन गुइरी, रियाद माहरेज, एनिस हाज मौसा

क्यानडा क्रिकेट बोर्ड आईसीसीको निलम्बनमा – Online Khabar

आईसीसी ने क्यूबा क्रिकेट बोर्ड को निलंबित किया

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (आईसीसी) ने सदस्यता दायित्वों के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए क्यूबा क्रिकेट बोर्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान क्यूबा के राष्ट्रीय टीमों को खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए आईसीसी के टूर्नामेंटों में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।

क्यूबा क्रिकेट को प्रशासनिक और सुशासन संबंधी समस्याओं का समाधान कर आईसीसी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के बाद ही सदस्यता पुनः स्थापित की जाएगी।

१७ जेठ, काठमांडू। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (आईसीसी) ने क्यूबा क्रिकेट बोर्ड को सदस्यता दायित्व उल्लंघन के कारण तात्कालिक रूप से निलंबित कर दिया है। आईसीसी ने निलंबन की प्रक्रिया में क्यूबा खिलाड़ियों के हितों को केंद्र में रखा है, जिसके तहत निलंबन अवधि के दौरान राष्ट्रीय टीमों को आईसीसी टूर्नामेंटों में भाग लेने की अनुमति मिलेगी।

आईसीसी राष्ट्रीय टीमों के कार्यक्रम संचालन और विकास के लिए क्यूबा क्रिकेट को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। लेकिन यह राशि केवल आईसीसी की प्रत्यक्ष निगरानी में स्वीकृत कार्यक्रमों पर खर्च की जाएगी।

क्यूबा क्रिकेट को प्रशासनिक तथा सुशासन संबंधी समस्याओं का समाधान कर पुनर्स्थापना के लिए आईसीसी द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा। इन शर्तों के क्रियान्वयन और प्रगति की निगरानी आईसीसी की नॉर्मलाइजेशन समिति एवं प्रबंधन टीम करेगी। सभी शर्तें पूरी होने के बाद ही क्यूबा क्रिकेट की सदस्यता पुनः स्थापित की जाएगी, आईसीसी ने यह जानकारी दी है।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि क्यूबा में जल्द ही आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग २ की महत्वपूर्ण श्रृंखला आयोजित होने वाली है। कुछ समय पहले ही क्यूबा की मुख्य कोच नियुक्ति के तौर पर मोंटी देसाई को चुना गया था।

राष्ट्रीय सभा की बैठक कल के लिए स्थगित

प्रधानमंत्री बालेन शाह की अभिव्यक्ति पर सांसदों ने विरोध जताने के बाद राष्ट्रीय सभा की बैठक स्थगित कर दी गई है। अवरोध के कारण स्थगित हुई राष्ट्रीय सभा की अगली बैठक आगामी मंगलवार सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है। 18 जेठ, काठमाडौ। सांसदों के विरोध के कारण राष्ट्रीय सभा की बैठक कल के लिए स्थगित कर दी गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह की अभिव्यक्ति के विरोध में सांसदों ने नारेबाजी और विरोध दर्ज कराने के बाद यह बैठक मंगलवार सुबह 11 बजे के लिए स्थगित की गई है।