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लेखक: space4knews

आईपीएलमा पन्जाबको अपराजित यात्रा कायमै, लखनउमाथि शानदार जित

आईपीएल में पन्जाब की अपराजित यात्रा जारी, लखनऊ के खिलाफ भव्य जीत

पन्जाब किंग्स ने आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 54 रनों से जीत दर्ज करते हुए अपनी अपराजित यात्रा को जारी रखा है। पन्जाब द्वारा निर्धारित 254 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ पूरी टीम 20 ओवर में 200 रनों पर ऑल आउट हो गई। 6 मैचों में 11 अंक जुटाकर पन्जाब तालिका में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि लखनऊ 4 अंकों के साथ आठवें स्थान पर है।

6 वैशाख, काठमाडौं। पन्जाब किंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में अपनी अपराजित स्ट्रीक जारी रखी है। रविवार रात हुए मुकाबले में पन्जाब ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 54 रनों से हराते हुए शीर्ष स्थान बनाए रखा। मुल्लानपुर में खेले गए इस मैच में पन्जाब द्वारा सेट किए गए 255 रन के लक्ष्य को लखनऊ ने पूरा नहीं किया, टीम 20 ओवर में 5 विकेट खोकर केवल 200 रन ही बना सकी।

लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत ने सबसे अधिक 43 रन बनाए, जबकि एडेन मार्करम ने 42 रन का योगदान दिया। पन्जाब की ओर से मार्को जानसेन ने 2 विकेट लिए, वहीं अर्शदीप सिंह, विजयकुमार वैशाक और युवेंद्र चहल ने एक-एक विकेट हासिल किए। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरे पन्जाब ने प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली की आक्रामक पारियों के दम पर 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 254 रन बनाए।

आर्य ने 37 गेंदों में 4 चौकों और 9 छक्कों की मदद से शानदार 93 रन की पारी खेली, जबकि कोनोली ने 46 गेंदों में 8 चौकों और 7 छक्कों के साथ 87 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 182 रनों की साझेदारी की, हालांकि दोनों शतक से चूक गए। मार्कस स्टोइनिस ने 29 रन और शशांक सिंह ने 17 रन जोड़े। लखनऊ की ओर से प्रिंस यादव और मनिमरण सिद्धार्थ ने 2-2 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद शमी और मोहसिन खान ने एक-एक विकेट लिया। इस जीत के साथ पन्जाब ने 6 मैचों में अपनी पांचवीं जीत दर्ज कर 11 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान बनाए रखा है। दूसरी ओर, हार के बावजूद लखनऊ ने 6 मैचों में 4 अंक जुटाकर आठवें स्थान पर अपनी स्थिति बनाये रखी है।

२१ लघुवित्त संस्थाहरूको खराब कर्जा दर १० प्रतिशत नाघ्यो, घरजग्गा मन्दीले ऋण नतिर्नेहरूको संख्या बढ्यो

कोरोना महामारी र आर्थिक मन्दीका कारण लघुवित्त क्षेत्रको कर्जा असुली समस्या थप जटिल बन्दै गएको छ। नेपाल राष्ट्र बैंकका अनुसार चालु आर्थिक वर्षको दोस्रो त्रैमाससम्म लघुवित्त क्षेत्रको खराब कर्जा दर ९.९९ प्रतिशत पुगेको छ। २१ वटा लघुवित्त संस्थाहरूको खराब कर्जा दर १० प्रतिशतभन्दा माथि रहेको छ, जसमा सञ्जिवनी लघुवित्तको १०० प्रतिशत कर्जा खराब छ। ६ वैशाख, काठमाडौं।

लघुवित्त क्षेत्रमा कर्जा असुली सम्बन्धी समस्या अझ वृद्धि भएको छ। कोरोना महामारी र आर्थिक मन्दीले उत्पन्न गरेको बिग्रिएको आर्थिक चक्रले लघुवित्त क्षेत्रको अवस्था जटिल बनाएर राखेको छ। बैंक तथा वित्तीय संस्थाहरूको स्रोत प्रत्यक्ष र अप्रत्यक्ष रूपमा घरजग्गामा केन्द्रित भएका कारण समग्र अर्थतन्त्र प्रभावित भएको छ। घरजग्गामा बढ्दो लगानीको कारण सिर्जित ‘बबल’ मा सरकारले नियन्त्रण लगाउँदा अर्थतन्त्र मन्दीको अवस्थामा पुगेको छ।

आर्थिक वर्ष २०७७/७८ मा बैंक तथा वित्तीय संस्थाबाट निजी क्षेत्रमा प्रवाहित कर्जा २८ देखि ३० प्रतिशतले वृद्धि हुँदा समेत आर्थिक वृद्धिदर लगभग ४ प्रतिशतमै सीमित रह्यो। त्यसअघि उक्त आर्थिक वर्षमा त आर्थिक वृद्धि दर नकारात्मक रहेको थियो। त्यसपछि नेपाल राष्ट्र बैंकले वित्तीय क्षेत्रको लगानीमा कडाइ गरेको थियो। यसको प्रभाव घरजग्गा कारोबारमा देखिएपछि आर्थिक मन्दीको अवस्था सिर्जना भयो। घरजग्गा कारोबारमा सुधार नआएपछि पनि आर्थिक गतिविधि पूर्ववत् अवस्थामा फर्कन नसकेको अर्थशास्त्रीहरूले बताएका छन्।

लघुवित्त क्षेत्रमा कर्जा दुरुपयोग, बहु कर्जा तथा ऋण नतिर्नेको संख्या बढेपछि परिस्थिति अझ जटिल बनेको छ। नेपाल राष्ट्र बैंकले समस्या समाधानका लागि अध्ययन गरेको थियो। त्यसको आधारमा बैंकले लघुवित्तका समस्याहरू समाधान गरी अगाडि बढ्ने योजना सहित विभिन्न नीतिगत व्यवस्थाहरू ल्याएको थियो। ती नीतिहरूमा कर्जा पुनर्तालिकीकरण तथा पुनर्संरचना सुविधा, ब्याजदर, सेवा शुल्क, कर्जा सीमा लगायतका विषयमा कडाइ गरिएको छ। केन्द्रीय बैंकको नीतिगत सुधारले लघुवित्त क्षेत्रको समस्या घट्ने अपेक्षा गरिएको थियो, तर अवस्था अझ बिग्रिएको देखिएको छ।

सांसद महर: आवश्यक पड़ा तो सांसद पहचान फाड़कर सड़क पर उतरने को तैयार हूँ

६ वैशाख, काठमाडौं। नेकपा एमाले के सांसद ऐन महर ने कहा है कि वे विद्यार्थी आंदोलन दबाने या प्रतिबंध लगाने के सरकार के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगे। रविवार को काठमाडौं में आयोजित एक कार्यक्रम में सांसद महर ने कहा कि विद्यार्थी आंदोलन लोकतंत्र के रक्षक हैं। उन्होंने विद्यार्थी संगठनों को खारिज करने की बात को ‘बेतुका’ बताया।

उन्होंने सरकार पर नेपाल के प्रति राष्ट्रीयता और स्वाधीनता के लिए कोई लगाव न होने का आरोप लगाया। सरकार द्वारा लाए गए शासन सुधार के बिंदु संख्या ८६ में विद्यार्थी संगठन को खारिज करने का आशय है। इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि तब देश को ठप्प करने की स्थिति में विद्यार्थी नेतृत्व क्यों अब तक चुप है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार अलोकतांत्रिक, अराष्ट्रीय और आयातित है। इसे नेपाल की राष्ट्रीयता और स्वाधीनता की कोई चिंता नहीं है। आप लोग सड़क पर उतरें, हम सभी ओर से आपका समर्थन करेंगे। जरूरत पड़े तो मैं सांसद की पहचान फाड़कर आपके साथ सड़क पर आने को तैयार हूँ।’’ उन्होंने गणतंत्र लाने में राजनीतिक दलों से ज्यादा विद्यार्थियों ने नेतृत्व किया और बलिदान दिया, इसका स्मरण करते हुए वर्तमान व्यवस्था में विद्यार्थी आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास अस्वीकार्य बताया। उन्होंने संविधान की धारा ३१ में शिक्षा से संबंधित मौलिक अधिकारों का कार्यान्वयन मुख्य आंदोलन का एजेंडा बनाने का सुझाव विद्यार्थियों को दिया।

कलाम अली और वसन्त शाही को नेपाली क्रिकेट टीम के सहायक प्रशिक्षक नियुक्त किया गया

कलाम अली और वसन्त शाही ठकुरी को नेपाली पुरुष क्रिकेट टीम के सहायक प्रशिक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया है। नेपाल क्रिकेट संघ ने यूएई के साथ आगामी टी-20 आई सीरीज से पहले उन्हें सहायक प्रशिक्षक के रूप में चुना है। ज्ञानेन्द्र मल्ल के राजनीति में जाने के बाद सहायक प्रशिक्षक का पद खाली हुआ था, जिसे अब कलाम और वसन्त ने संभाला है।

6 वैशाख, काठमांडू। कलाम अली और वसन्त शाही ठकुरी को नेपाली पुरुष क्रिकेट टीम के सहायक प्रशिक्षक का दायित्व सौंपा गया है। नेपाल क्रिकेट संघ (क्यान) ने रविवार को उनकी सहायक प्रशिक्षक के रूप में नियुक्ति की घोषणा की है। कलाम पहले नेपाल ‘ए’ टीम के कोच रह चुके हैं जबकि वसन्त भी राष्ट्रीय टीम के सहायक प्रशिक्षक रह चुके हैं।

नेपाल और यूएई के बीच होने वाली टी-20 आई सीरीज और आगामी लीग 2 सीरीज से पूर्व दोनों सहायक प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है। कलाम अली वर्तमान में पीएम कप क्रिकेट में बागमती प्रदेश के कोच थे जबकि वसन्त शाही लुम्बिनी प्रदेश के कोच थे। इसके अलावा, एनपीएल के दूसरे संस्करण में कलाम चितवन राइनोज के मुख्य कोच थे और वसन्त काठमांडू गोर्खाज के सहायक कोच थे। इससे पहले, नेपाली टीम के सहायक प्रशिक्षक का पद ज्ञानेन्द्र मल्ल के पास था, जिन्हें राजनीतिक क्षेत्र में सक्रियता के कारण यह पद छोड़ना पड़ा। नेपाल और यूएई के बीच होने वाले दो मैच सोमवार और मंगलवार को खेले जाएंगे।

व्यवसायीमाथि नगर प्रहरीको बल प्रयोग – Online Khabar

बुटवल में व्यवसायियों पर नगर प्रहरी द्वारा बल प्रयोग का विरोध

बुटवल उपमहानगरपालिका द्वारा फुटपाथ अतिक्रमण हटाने के दौरान व्यवसायियों पर बल प्रयोग, हाथापाई और सामान जब्त करने के आरोप लगे हैं। चार व्यावसायिक संस्थाओं ने उपमहानगरपालिका की इस कार्यप्रणाली का विरोध करते हुए स्पष्ट मापदंड बनाने की मांग की है। नगर प्रहरी प्रमुख जयश्वर पाण्डे ने बताया कि उन्होंने केवल फुटपाथ पर रखे गए अतिक्रमित सामान ही उठाए हैं और जब उनका विरोध किया गया तो उन्होंने आत्मरक्षा की। ६ वैशाख, बुटवल।

बुटवल उपमहानगरपालिका ने कुछ दिनों से फुटपाथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया है। इस अभियान में नगर प्रहरी द्वारा व्यवसायियों पर बल प्रयोग, हाथापाई और जबरन सामान जब्त करने के कई वीडियो सार्वजनिक हुए हैं। व्यवसायी आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने उनके दुकानदारों से जबरदस्ती सामान उठाया, धक्का-मुक्की की और मुक्का भी मारा, जिससे कुछ की उंगलियां टूट गईं। उनका कहना है कि मापदंड के बिना यह कार्रवाई की गई और बिना अभिलेख के सामान जब्त किया गया। वर्तमान महंगाई और व्यापार मंदी की स्थिति में यह कार्रवाई उनके मनोबल को गिराने वाली है।

राममन्दिर लाइन स्थित सिटी बैग हाउस के संचालक विजय रायमाझी ने अपनी व्यथा बताई कि फुटपाथ पर अतिक्रमण न करने वाले उनके दुकान पर सटर के ऊपर अस्थायी पाली (सनसेट पर्दा) लगाने पर नगर प्रहरी ने हाथापाई की और जबरदस्ती सामान छीन लिया। उन्होंने बताया कि नगर प्रहरी से झड़प में उनका दाहिना हाथ का अंगूठा टूट गया और माइकिंग में सनसेट पर्दा लगाने की अनुमति के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई।

उन्होंने कहा, ‘राज्य को कर देने के बाद भी उपमहानगरपालिका ने अपराधी जैसा व्यवहार किया। अब मैं सोच रहा हूं कि व्यापार करें या बंद करके विदेश चला जाएं।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘उपमहानगरपालिका का अभिभावक बनने का दावा उल्टा कुटपिट करने वाला रहा, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई।’ हिमालय फोम हाउस के मोहम्मद मुस्तफा ने आरोप लगाया कि उपमहानगरपालिका ने फुटपाथ प्रबंधन के नाम पर राणा शासन के तर्ज पर दमन किया और सामान जबरन जब्त किया। उन्होंने कहा, ‘माइकिंग की गई लेकिन फुटपाथ और सामान रखने के मापदंड स्पष्ट नहीं हुए। उपमहानगरपालिका को यह जानकारी देनी चाहिए थी।’

चार व्यावसायिक संस्थाओं ने ध्यानाकर्षण करवाया: फुटपाथ खाली कराने के दौरान व्यवसायियों से जबरदस्ती सामान हटाए जाने पर बुटवल के चार प्रमुख व्यावसायिक संघों ने विरोध जताया है। रुपन्देही व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रकाश ढकाल, बुटवल उद्योग वाणिज्य संघ के हरिप्रसाद अर्याल, रुपन्देही उद्योग संघ के कृष्णप्रसाद पराजुली और उद्योग व्यापार संघ बुटवल के लोकनाथ पन्थी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उपमहानगरपालिका द्वारा बल प्रयोग और बिना अभिलेख के सामान जब्त करने की निंदा की है।

नगर प्रहरी प्रमुख जयश्वर पाण्डे ने कहा कि उन्होंने केवल फुटपाथ अतिक्रमण से जुड़े सामान ही उठाए हैं और जब उन पर हमला किया गया तो उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी कुछ दिनों तक चलेगा और अब तक कितनी वस्तुएं जब्त हुई हैं, उसका रिकॉर्ड तैयार नहीं हुआ है। ‘माइकिंग के बाद सड़क के कब्जे से सामान उठाए गए हैं। नगर प्रमुख के आदेश का पालन किया गया है। हाथापाई हुई तो प्रतिकार भी किया गया,’ पाण्डे ने कहा।

गैस सिलेंडर बिक्री में उद्योगपतियों का दबाव, निगम का क्या जवाब है?

सरकार द्वारा लागू की गई आधे सिलेंडर गैस बिक्री नीति से उद्योगपतियों और विक्रेताओं में आर्थिक संकट एवं आपूर्ति व्यवस्था में समस्या उत्पन्न हुई है। नेपाल आयल निगम ने अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण आधे सिलेंडर की बिक्री नीति जारी रखी है और तत्काल पूर्ण सिलेंडर बिक्री खोलने का कोई फैसला नहीं किया है। नेपाल एलपी गैस उद्योग संघ और विक्रेताओं ने बाजार में गैस की कमी न होने के बावजूद आधे सिलेंडर नीति से उद्योग संचालन खर्च दोगुना हो जाने की बात कही है और पूर्ण सिलेंडर बिक्री खोलने की मांग की है। ६ वैशाख, Kathmandu।

बाजार में महसूस हो रही गैस की कमी को दूर करने के लिए सरकार द्वारा लागू की गई ‘आधे सिलेंडर’ नीति उद्योगपतियों के लिए लाभकारी साबित नहीं हो रही है, ऐसा उद्योगी एवं व्यवसायी बता रहे हैं। उपभोक्ताओं में विद्युत चूल्हा (इंडक्शन) के उपयोग में वृद्धि और आधे टन के कारण सिलेंडर बाजार में रुके रहने से गैस उद्योग की स्थिति प्रभावित हुई है। २८ फागुन २०८२ से नेपाल आयल निगम ने ७.१ किलो के आधे सिलेंडर ही बेचने का निर्देश दिया था। परंतु इस नीति के कारण उद्योगों में खाली सिलेंडर की कमी बढ़ी है।

अमेरिका और इजरायल द्वारा इरान पर आक्रमण के जवाब में इरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद कर दिया, जिससे विश्वव्यापी आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इसे कारण बताते हुए निगम ने आधे सिलेंडर की बिक्री जारी रखी है। हालांकि, नेपाल एलपी गैस उद्योग संघ ने इस नियम को हटाकर पूर्ववत् १४.२ किलो के पूर्ण सिलेंडर बिक्री खोलने की मांग की है। संघ के अनुसार वर्तमान में सभी उद्योगों के बुलेट गैस पूरी तरह भरे हुए हैं और बाजार में पूर्ण क्षमता वाले सिलेंडर उपलब्ध कराने में कोई बाधा नहीं है।

कुरिनटार में आँधी और ओले के साथ भीषण बारिश का प्रकोप

समाचार सारांश: चितवन के इच्छाकामना-३ स्थित कुरिनटार में शाम ५ बजे से साढ़े ५ बजे तक तेज आँधी और ओले सहित भारी बारिश हुई। आँधी के कारण यहां के घरों की छतें उड़ गईं और खुले स्थानों पर खड़ी वाहनों के शीशे टूट गए। पेड़ की डालें टूटने से मकानों और टहरों को नुकसान पहुंचा है। ६ वैशाख, काठमांडू। चितवन के इच्छाकामना-३ स्थित कुरिनटार में शाम ५ बजे से साढ़े ५ बजे तक तेज आँधी और भारी ओला बारिश हुई। इस आँधी ने यहां के घरों की छतें उड़ा दीं। साथ ही खुले इलाकों में पार्किंग में खड़ी कारों और मोटरसाइकिलों के शीशे भी टूट गए। शाम के समय हुई इस घटना ने पेड़ों की डालें तोड़ दीं और मकानों तथा टहरों को नुकसान पहुंचाया।

छठे एशियन बीच गेम्स के लिए खिलाड़ियों की विदाई

नेपाल ओलंपिक कमेटी ने छठे एशियन बीच गेम्स 2026 में भाग लेने वाली महिला कबड्डी टीम और कुश्ती के खिलाड़ियों की विदाई की है। पुरुष कुश्ती में सुरेश चुनारा और त्रिलोकी प्रसाद यादव प्रतिस्पर्धा करेंगे जबकि महिला वर्ग में सुशीला चन्द 70 किलो वजन वर्ग में हिस्सा लेंगी। ओलंपिक कमेटी के अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ ने खिलाड़ियों से नेपाल का नाम ऊँचा रखते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आग्रह किया।

6 वैशाख, काठमाडौं। छठे एशियन बीच गेम्स 2026 में नेपाल का प्रतिनिधित्व करने वाले दो खेलों के खिलाड़ियों को नेपाल ओलंपिक कमेटी ने विदाई दी है। रविवार को कमिटी के कार्यालय सातदोबाटो में उन्हें विदा किया गया। चीन के सान्या शहर में होने वाली इस प्रतियोगिता में नेपाल दो खेलों में हिस्सा लेगा। महिला कबड्डी टीम और कुश्ती खेल के माध्यम से नेपाल का प्रतिनिधित्व होगा।

नेपाल के लिए इस प्रतियोगिता में कबड्डी में 6 खिलाड़ियों वाली टीम होगी, साथ ही कुश्ती में पुरुष वर्ग में दो और महिला वर्ग में एक खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। पुरुष वर्ग में सुरेश चुनारा 80 किलो वजन वर्ग में और त्रिलोकी प्रसाद यादव 90 किलो से ऊपर वजन वर्ग में हिस्सा लेंगे। महिला वर्ग में सुशीला चन्द 70 किलो में हिस्सा लेंगी। खिलाड़ियों को विदाई देते हुए ओलंपिक कमेटी के अध्यक्ष जीवनराम श्रेष्ठ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नेपाल का नाम ऊँचा रखने का आग्रह किया।

उन्होंने इस बार कई खेलों में नेपाली खिलाड़ियों को शामिल नहीं कर पाने पर दुख व्यक्त करते हुए सहभागी खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन कर नेपाल का सम्मान बढ़ाने की शुभकामनाएँ दीं। “विश्व स्तर के आधार पर सीमित खेलों में भागीदारी संभव होने के कारण अधिक खेल शामिल नहीं हो सके, लेकिन सहभागी खिलाड़ी नेपाल का नाम गौरवान्वित बनाएंगे,” उन्होंने कहा। विदाई समारोह में नेपाल ओलंपिक कमेटी के उपाध्यक्ष चतुरानंद वैध, महासचिव राजीव श्रेष्ठ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। नेपाली दल के सेभ द मिसन में राम कृष्ण श्रेष्ठ (बॉस) हैं।

बिजनेस खोज्दै संसद् – Online Khabar

संसद व्यवसाय संचालन के लिए तैयारियां शुरू

गत शुक्रवार संघीय संसद के सभी विषयगत समितियों ने पूर्णता प्राप्त कर अध्यक्षों का चयन किया और शपथ ली है। संसदीय विषयगत समितियां वैशाख 15 के बाद बैठक आयोजित करने की तैयारी में हैं और बैठक के एजेंडा निर्धारण के लिए चर्चा चल रही है। सरकार आगामी अधिवेशन में 40 से 45 विधेयक पारित करने की योजना बना रही है और विभिन्न मंत्रालय विधेयक निर्माण में सक्रिय हैं। 6 वैशाख, काठमाडौँ। गत शुक्रवार संघीय संसद के अंतर्गत सभी विषयगत समितियां पूर्ण हो गईं। समितियों के अध्यक्ष चुने गए और उसी दिन शपथ ग्रहण किया गया। पूर्णताप्राप्त संसदीय विषयगत समितियां बैठक बुलाने की तैयारी में हैं। बैठक से पहले अध्यक्ष संसद सचिवालय के कर्मचारियों से बातचीत कर संभावित विषयों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। कानून, न्याय तथा मानवाधिकार समितिकी अध्यक्ष समीक्षा बास्कोटा ने कहा, ‘बैठक के लिए व्यवसाय निर्धारित होता है। बैठक में उठने वाले विषयों पर चर्चा हो रही है। बैठक में कार्यविधि निर्माण भी किया जाएगा।’ प्रतिनिधि सभा ने गत चैत 27 को विषयगत समिति गठित की थी। सभामुख के निर्देशानुसार सभी समितियों के अध्यक्षों के निर्वाचन पूर्ण हो चुके हैं। हालांकि अभी तक बैठक नहीं हो सकी है। कृषि, सहकारी तथा प्राकृतिक स्रोत समिति के अध्यक्ष अशोककुमार चौधरी ने कहा, ‘बैठक अब वैशाख 15 के बाद ही होगी। संचालन के विषय खोजने होंगे। सांसद भी जिले भ्रमण में हैं।’ वैशाख के तीसरे सप्ताह में संघीय संसद का अधिवेशन बुलाने की सरकार की तैयारी है, जिसके लिए संसदीय विषयगत समितियों की बैठकों पर चर्चा जारी है। प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होने पर सांसद काठमाडौँ में रहेंगे। इसलिए समिति की बैठक के लिए कोरम जुटाना आवश्यक होगा, जिस कारण अभी तक बैठक सक्रिय नहीं हो पाई है। पूर्वाधार विकास समिति के अध्यक्ष आशिष गजुरेल क्षेत्रीय विषयों को प्राथमिकता देते हुए चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय गौरव परियोजनाओं से चर्चा शुरू करेंगे। विभिन्न योजनाओं की स्थिति और समस्याएं पहचान कर समाधान प्रस्ताव बनाएंगे। उपसमिति गठन के विषय पर भी चर्चा हो रही है। जल्द ही राष्ट्रीय गौरव परियोजना पूर्ण करनी होगी।’ पूर्वाधार समिति राष्ट्रीय गौरव परियोजना को प्रथम प्राथमिकता देते हुए अन्य विषयों एवं एजेंडा तैयार कर रही है। महंगे वस्तुएं जैसे डिजेल, अलकत्रा तथा निर्माण सामग्री शामिल करके प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं। निजी क्षेत्र और राज्य से आने वाली समस्याएं पहचानने का कार्य भी अध्यक्ष गजुरेल कर रहे हैं। उन्होंने जोड़ दिया, ‘नदी जनित सामग्री की कमी, डंडी, सीमेंट की मूल्य वृद्धि, कामगार की कमी जैसी समस्याएं हैं। प्रक्रिया में अस्पष्टताएं भी हैं। ठेका प्रक्रिया में समस्याएं हैं। मंत्रालय के साथ चर्चा कर एजेंडा तय करेंगे।’ संसद सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार सरकार को संसद को आगामी कार्यसूची उपलब्ध करानी होगी। सरकार विधेयक प्रस्तुत करे तो संसदीय समितियां उसी अनुसार काम करेंगी। कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मंत्रालय आगामी अधिवेशन में 40 से 45 विधेयक पारित करने की तैयारी में है। विभिन्न विषय चिन्हित करने और विधेयक निर्माण जारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय एवं मन्त्रिपरिषद कार्यालय सार्वजनिक खरीद विधेयक संशोधन लाने वाला है। अर्थ मंत्रालय नेपाल राष्ट्र बैंक विधेयक और कर्मचारी सञ्चय कोष विधेयक पर काम कर रहा है। उद्योग मंत्रालय कंपनी विधेयक लाने और ऊर्जा मंत्रालय जलस्रोत, नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत तथा सिंचाई विकास प्रबंधन विधेयक तैयार कर रहा है। गृह मंत्रालय नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, अध्यागमन और गुप्तचर से संबंधित विधेयक आगे बढ़ा रहा है। संघीय मामिला मंत्रालय संघीय निजामती विधेयक और स्थानीय सरकार संचालन विधेयक पर कार्य कर रहा है। महिला, बालबालिका तथा ज्येष्ठ नागरिक मंत्रालय मानव तस्करी नियंत्रण विधेयक लाकर राय सुझाव संकलित कर रहा है। पर्यटन मंत्रालय नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और नेपाल हवाई सेवा प्राधिकरण विधेयक पर कार्य कर रहा है। शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय तकनीकी और व्यावसायिक कौशल विकास विधेयक तैयार कर रहा है। रक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय सेवा दल और प्रति विश्वविद्यालय से संबंधित विधेयक लागू कर रहा है। भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय सड़क सुरक्षा तथा सार्वजनिक यातायात विधेयक पर कार्यरत है। संचार मंत्रालय साइबर सुरक्षा और संचार विधेयक आगे बढ़ा रहा है। स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मंत्रालय रामराजा प्रसाद सिंह स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान विधेयक पर काम कर रहा है। कृषि मंत्रालय पशु स्वास्थ्य तथा पशु वधशाला और मांस विधेयक निर्माण में है। कानून, न्याय तथा संसदीय मामिला मंत्रालय वैवाहिक बलात्कार, गंभीर यौनजन्य हिंसा और बलात्कार के बाद हत्या संबंधी विधेयक आगे बढ़ा रहा है।

नेपाल: एआई और डाटा सेंटर के लिए ‘स्वच्छ ऊर्जा पावरहाउस’

७ वैशाख, काठमाडौं । अमेरिकन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन नेपाल (एम्च्याम नेपाल) ने नेपाल के जलविद्युत स्रोत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ब्लॉकचेन और डाटा सेंटर जैसे ऊर्जा-गहन डिजिटल पूर्वाधारों से जोड़ने का महत्वाकांक्षी प्रस्ताव लेकर अपनी प्रतिष्ठित ‘वासिंगटन डोर नॉक’ कार्यक्रम संचालित किया है। एम्च्याम नेपाल के संस्थापक अध्यक्ष अजितविक्रम शाह, मोघा एनर्जी के प्रेसिडेंट समर्थ मोघा और एम्च्याम के कार्यकारी निदेशक अमिर आर. थापा सहित के प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी सरकार और निजी क्षेत्र के उच्च अधिकारियों के साथ निवेश के विभिन्न गंभीर विषयों पर वार्ता की है।

प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, अमेरिकी व्यापार और विकास एजेंसी (यूएसटीडीए) तथा अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त निगम (डीएफसी) से विशेष मुलाकात की है। इन बैठकों में नेपाल को अगली पीढ़ी के निवेश के लिए विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करने पर गहन चर्चा हुई है, जिसे एम्च्याम ने बताया है। इस मिशन का केंद्रबिंदु एम्च्याम का ‘हाइड्रो-टु-डेटा’ अवधारणा था।

नेपाल के विशाल जलविद्युत स्रोत का विश्वव्यापी रूप से तेजी से विकसित हो रहे डेटा प्रोसेसिंग, एआई कम्प्यूटेशन और ब्लॉकचेन तकनीकों पर आधारित ऊर्जा आपूर्ति के लिए उपयोग करने का लक्ष्य एम्च्याम ने निर्धारित किया है। नेपाल के पास पर्याप्त नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य होने के कारण, यहां दिग्गा हाइपरस्केल डाटा सेंटर संचालित किए जा सकते हैं, साथ ही एआई ट्रेनिंग मॉडल, क्रिप्टो माइनिंग, क्लाउड कम्प्यूटिंग और विकेंद्रीकृत डिजिटल प्रणालियों जैसी ऊर्जा-गहन क्षेत्रों के लिए ऊर्जा आपूर्ति की जा सकती है।

‘परिवर्तनकारी बदलाव के लिए साहसिक सोच आवश्यक है,’ एम्च्याम नेपाल के संस्थापक अध्यक्ष अजितविक्रम शाह ने कहा, ‘नेपाल को विश्वव्यापी आर्थिक परिवर्तन के साथ तालमेल बनाते हुए दीर्घकालीन समृद्धि सुनिश्चित करना होगा और माध्यमिक सहायता से व्यापार में परिवर्तन के रास्ते पर चलना होगा।’ इस अभियान के तहत अमेरिकी ऊर्जा संघ (यूएस एनर्जी एसोसिएशन) के सहयोग से अमेरिका–नेपाल ऊर्जा रोडशो आयोजित करने की योजना बनाई गई है, एम्च्याम ने बताया।

अमेरिकी ऊर्जा संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क डब्ल्यू. मेनेजेस ने नेपाली प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वव्यापी स्वच्छ ऊर्जा रूपांतरण में नेपाल की रणनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी मिशन के दौरान यूएसटीडीए ने एआई और डाटा सेंटर इकोसिस्टम समेत ऊर्जा-प्रधान डिजिटल पूर्वाधारों की संभाव्यता अध्ययन में सहयोग करने की गहरी रुचि जताई है, जैसा कि एम्च्याम ने बताया।

इसके साथ ही, नेपाली उद्यमियों और एम्च्याम के सदस्यों को डिजिटल और ऊर्जा पूर्वाधार विकास में सहायता देने वाले वित्तीय उपकरणों पर डीएफसी के साथ रचनात्मक चर्चा भी हुई है, एम्च्याम ने साझा किया। एम्च्याम नेपाल ने इस दौरान विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से भी चर्चा की है।

अमेरिकन चेम्बर ऑफ कॉमर्स के दक्षिण एशिया उपाध्यक्ष (सेवानिवृत्त राजदूत) अतुल केशप से भी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत की। केशप ने नेपाल की राजनीतिक परिपक्वता और निवेश संभावनाओं के प्रति सकारात्मक नजरिया रखते हुए संस्थागत और निजी क्षेत्र सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।

‘डेटा-आधारित दुनिया के लिए नेपाल के पास बड़ी मात्रा में स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने की दुर्लभ क्षमता है,’ मोघा एनर्जी के प्रेसिडेंट समर्थ मोघा ने कहा, ‘जलविद्युत को एआई और ब्लॉकचेन पूर्वाधारों से जोड़कर नेपाल न केवल ऊर्जा निर्यातक बल्कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था की डिजिटल रीढ़ बन सकता है।’

एम्च्याम नेपाल ने नेपाल सरकार से आग्रह किया है कि वह नियामकीय बाधाओं को कम करे, नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित करे और एआई, क्रिप्टो तथा डाटा आधारित उद्योगों का समर्थन करने वाले भविष्योन्मुखी ढांचे का निर्माण करे। ‘भविष्य प्रतीक्षा नहीं करता — और नेपाल को भी इंतजार नहीं करना चाहिए,’ प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा।

गगन थापाले गोल्फुटारस्थित पूर्णबहादुर खड्कासँग गरिन् भेटवार्ता

नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन कुमार थापाले ६ वैशाख की शाम ७ बजे पूर्णबहादुर खड्के के निवास गोल्फुटार में भेंटवार्ता की। थापे के सचिवालय ने भेंट की पुष्टि की है, लेकिन चर्चा के विषयों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद खड्का पक्षीय नेता लगातार चर्चा में लगे हुए हैं और सम्मानजनक स्थिति की मांग कर रहे हैं।

आज दोपहर पूर्व सभापति शेरबहादुर देउवा पक्ष के नेता भी चर्चा में व्यस्त थे। उन्होंने अदालत के आदेश को स्वीकार करने के साथ-साथ सम्मानजनक स्थिति पाने की आवश्यकता जताई। इसी बीच, थापे शाम को खड्के से मिलने गोल्फुटार निवास पहुंची।

एनएआरएफ के सचिव शहदेब व्यञ्जनकार लंदन मैराथन में भाग लेंगे, संघ द्वारा विदाई

नेपाल एडवेंचर रनिंग फेडरेशन के केन्द्रीय सचिव शहदेब व्यञ्जनकार टिसीएस लंदन मैराथन 2026 में दौड़ने जा रहे हैं। व्यञ्जनकार को नेपाल एडवेंचर रनिंग फेडरेशन ने सातदोबाटो स्थित संघ के कार्यालय में विदाई दी। संघ के अध्यक्ष एकेन्द्र कुँवर ने बताया कि नई सरकार ने साहसिक खेलों को प्राथमिकता दी है और सरकार से सहयोग की उम्मीद की जाती है।

व्यञ्जनकार पहले अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी मैराथन, शिकागो मैराथन और जर्मनी के बर्लिन मैराथन में भाग ले चुके हैं। लंदन मैराथन 2026 इसी अप्रैल 26 को आयोजित होगी। विदाई समारोह में व्यञ्जनकार ने कहा, “मुझे विदाई का अनुभव नहीं था, लेकिन मेरे अभिभावक संस्थान द्वारा विदाई मिलने पर खुशी हुई।”

संघ के अध्यक्ष एकेन्द्र कुँवर ने कहा कि व्यञ्जनकार की भागीदारी से लंदन मैराथन में नेपाल एडवेंचर रनिंग फेडरेशन की उपस्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि नई सरकार ने साहसिक खेल और ट्रेल, अल्ट्रा रनिंग को प्राथमिकता दी है और सरकार से बेहतर समर्थन और सहयोग की अपेक्षा करते हैं।

खजुरा गोल्डकपको उपाधि नाईजेरियन जष्ट जोनलाई – Online Khabar

नाइजेरियन टीम जस्ट जोन ने खजुरा गोल्डकप की उपाधि जीती

नाइजेरियाई टीम जस्ट जोन एफसी ने बांके के खजुरा में आयोजित एमटी एरिना प्रथम खजुरा गोल्डकप फुटबॉल प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया है। फाइनल में जस्ट जोन ने भारत के जेवीएम क्लब लखनऊ को ४-० के गोल अंतर से हराकर चैंपियन बना। विजेता टीम को चार लाख रुपए नकद के साथ ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

६ वैशाख, नेपालगंज। खजुरा गाउँपालिका-४, डी गांव की मिनी स्टेडियम में रविवार को आयोजित फाइनल मैच में नाइजेरियाई टीम जस्ट जोन ने भारत के जेवीएम क्लब लखनऊ को ४-० गोल अंतर से मात देकर चैंपियनशپ जीत ली। नाइजेरियाई जीत में क्लब कोन ने दो गोल किए, जबकि एडवर्ड थोमस और ओलावी अफीज ने एक-एक गोल दागा। उपाधि के साथ नाइजेरियाई जस्ट जोन को चार लाख नकद, ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र दिए गए, वहीं उपविजेता जेवीएम को भी चार लाख नकद और पुरस्कार मिला।

जेवीएम लखनऊ के क्षितिज मगर को उत्कृष्ट मिडफिल्डर चुना गया, जबकि फोर ब्रदर्स एफसी नवल्परासी के नवीन महतो को सर्वाधिक गोलकर्ता का सम्मान मिला। पुरस्कार वितरण में खजुरा क्षेत्र के निवासी और वर्तमान में अमेरिका में रहने वाले लिलबहादुर थापा की सहायता महत्वपूर्ण रही। आयोजक न्यू डांफे स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष बालाराम खत्री ने बताया, “विदेशी रोजगार के दौरान फिलहाल अमेरिका में मौजूद स्थानीय युवा लिलबहादुर थापा ने व्यक्तिगत रूप से इस राशि का योगदान किया है।”

प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए खजुरा गाउँपालिका, लुम्बिनी प्रदेश खेलकूद परिषद, एमटी एरिना सहित कई संस्थाओं ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया। विजेता टीम और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को खजुरा गाउँपालिका के अध्यक्ष डम्बर बहादुर विक, उपाध्यक्ष मञ्जु मल्ल समेत अन्य ने पुरस्कार वितरित किए। प्रतियोगिता समापन समारोह में खजुरा गाउँपालिका अध्यक्ष डम्बर बहादुर विक ने इस प्रतियोगिता को ऐतिहासिक उपलब्धि करार देते हुए कहा कि आगामी संस्करण और भी भव्य बनाने के लिए खजुरा पूर्ण रूप से तैयार है।

ईंधन मूल्य वृद्धि का बहुआयामी प्रभाव, आर्थिक वृद्धिदर पर लगातार पड़ रहा झटका

समाचार सारांश

समीक्षा करके तैयार किया गया।

  • इран-अमेरिका युद्ध के कारण चार महीनों में डीजल का मूल्य प्रति लीटर 136 रुपये से बढ़कर 237 रुपये हो गया है।
  • विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने मध्य पूर्व युद्ध के कारण नेपाल की आर्थिक वृद्धि दर को 2.2 से 2.7 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान लगाया है।
  • मध्यपूर्व युद्ध ने पर्यटन, निर्माण और परिवहन क्षेत्रों में संकट उत्पन्न किया है तथा ईंधन मूल्य वृद्धि से उपभोक्ताओं पर महंगाई का प्रभाव पड़ा है।

6 वैशाख, काठमांडू। चार महीने पहले अर्थात् 16 जनवरी 2026 को डीजल का मूल्य प्रति लीटर 136 रुपये था। इरान-अमेरिका युद्ध के प्रभाव से डीजल की कीमत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

16 अप्रैल 2026 तक डीजल का मूल्य 237 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। नेपाल आयल निगम के अनुसार, ‘हाल के मूल्य समायोजन के बावजूद निगम को प्रति सप्ताह 5 अरब 75 करोड़ रुपये के लगभग घाटा हो रहा है।’

1 जनवरी 2026 को हवाई ईंधन का मूल्य प्रति लीटर 128 रुपये था जबकि 16 अप्रैल को यह बढ़कर 262 रुपये हो गया है। यानी चार महीनों में हवाई ईंधन की कीमत दोगुनी से अधिक बढ़ी है।

साथ ही, 1 जनवरी 2026 को पेट्रोल का मूल्य प्रति लीटर 159 रुपये था जो अब 222 रुपये तक पहुंच चुका है। संबंधित विशेषज्ञों के अनुसार ईंधन की कीमत में वृद्धि का अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

पिछले सप्ताह विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने नई आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान जारी किए। इन सभी संस्थाओं ने चालू वित्त वर्ष में इरान-अमेरिका युद्ध के कारण नेपाल की आर्थिक वृद्धि दर में कमी आने का अनुमान लगाया है।

आईएमएफ ने चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि दर 2.2 प्रतिशत कम होकर लगभग 3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

आईएमएफ के अनुसार मध्यपूर्व में जारी तनाव तथा पिछले सितंबर में हुए युवा आंदोलन के कारण नेपाल की आर्थिक वृद्धि में गिरावट आएगी।

मध्यपूर्व संघर्ष से मूल्य वृद्धि का दबाव भी बनेगा, आईएमएफ एशिया प्रशांत विभाग के उपनिदेशक थोमल हेल्ब्लिंग ने बताया।

आईएमएफ ने बताया कि इस युद्ध के कारण नेपाल जैसे देशों में रासायनिक उर्वरकों की लागत बढ़ेगी और किसानों की आय घटेगी। खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि और पेट्रोलियम उत्पादों के महंगे होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे अंतिम रूप में घरेलू खाद्य एवं अन्य वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ेगा।

विश्व बैंक ने भी नेपाल की आर्थिक वृद्धि दर को 2.3 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान व्यक्त किया है। ‘नेपाल डेवलपमेंट अपडेट अप्रैल 2026’ में विश्व बैंक ने कृषि उत्पादन में गिरावट और खाड़ी देशों में युद्ध बढ़ने से नेपाल की अर्थव्यवस्था पर प्रत्यक्ष असर पड़ने की बात कही है।

विश्व बैंक ने पिछले भदौ में हुए आंदोलन के असर को भी अर्थव्यवस्था पर दिखने वाला बताया है और इस वर्ष सेवा क्षेत्र को सबसे अधिक प्रभावित होने का अनुमान लगाया है।

पर्यटन क्षेत्र में कमी, परिवहन व्यय में वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के कारण नेपाल की अर्थव्यवस्था संकट में आने की आशंका विश्व बैंक ने जताई है। मध्यपूर्व युद्ध लंबा चलता है तो पर्यटक आगमन में कमी, रेमिटेंस में गिरावट और समग्र आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती आएगी।

एडीबी ने भी पिछले भदौ में हुए जनजी आंदोलन, राजनीतिक अस्थिरता और पश्चिमी एशिया में लगातार जारी युद्ध के कारण चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि दर में मंदी आने का अनुमान लगाया है। इस वर्ष आर्थिक वृद्धिदर 2.7 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है।

‘एशियन डेवलपमेंट आउटलुक अप्रैल 2026’ में एडीबी ने मध्यपूर्व युद्ध को केवल पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का कारण नहीं, बल्कि पर्यटन और रेमिटेंस में भी जोखिम पैदा करने वाला बताया है।

चालू वित्त वर्ष में कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में वृद्धि दर में कमी आएगी, एडीबी नेपाल आवासीय मिशन के अर्थशास्त्री मानवरसिंह खड्काले बताया।

उन्होंने कहा, ‘पूंजीगत निवेश में सुस्ती, निवेशकों की आत्मविश्वास में कमी और निर्माण क्षेत्र में मंदी से उत्पादन क्षेत्र की वृद्धि धीमी होगी, केवल विद्युत क्षेत्र उत्पादन-केंद्रित रहेगा। पश्चिमी एशिया के द्वंद्व की वजह से पर्यटन कमजोर होगा जिससे सेवा क्षेत्र भी प्रभावित होगा।’

निर्माण क्षेत्र में संकट

मध्यपूर्व युद्ध के कारण निर्माण उद्योग संकट में है, व्यवसायियों ने बताया। नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ के महासचिव शिवहरी घिमिरे के अनुसार डीजल, पेट्रोल, मट्टितेल सहित निर्माण में आवश्यक बिटुमिन, सीमेंट, डंडा आदि सामग्री में लगातार मूल्य वृद्धि और कमी बढ़ रही है।

निर्माण सामग्री की बढ़ी हुई कीमत और कमी के कारण निर्माण व्यवसायियों पर बड़ा आर्थिक दबाव पड़ा है। महासंघ ने सार्वजनिक खरीद कानून को अवसंरचना-सुलभ बनाने की भी सरकार से मांग की है।

साथ ही, हर परियोजना में कीमत वृद्धि के अनुसार तत्काल मूल्य समायोजन निर्देशिका-2 जारी करने की सरकार से माँग की गई है।

पर्यटन और हवाई उड़ान क्षेत्र में समान संकट

मध्यपूर्व तनाव ने पर्यटन क्षेत्र को गंभीर संकट में डाल दिया है। मार्च 2026 में पर्यटक आगमन 2025 की तुलना में घट गया है। इसका मुख्य कारण इरान-अमेरिका युद्ध माना जा रहा है। इस सत्र में पदयात्रा और पर्वतारोहण के लिए आने वाले पश्चिमी पर्यटकों की संख्या कम हुई है।

आंकड़े दिखाते हैं कि मार्च 2026 में अमेरिका से 7974 पर्यटक आए, जो मार्च 2025 के 11,092 से 28.1 फीसदी कम है।

यूरोप से भी आगमन में समान रूप से गिरावट आई है। ब्रिटेन से मार्च में 4814 पर्यटक आए जो पिछले वर्ष के 5995 से 19.7 प्रतिशत कम है। यूरोपीय क्षेत्र के कुल आगमन में 18.9 प्रतिशत की गिरावट आई है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपकराज जोशी के अनुसार खाड़ी देशों में युद्ध लंबे समय तक जारी रहने से मध्यपूर्व को ट्रांजिट करते हुए नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या घट गई है।

‘युद्ध ने यात्रा को अनिश्चित बना दिया है,’ वे कहते हैं, ‘यह हमारे देश के लिए बड़ा झटका होगा।’

युद्ध के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित होने से पर्यटन सेवाएं भी महंगी हो गई हैं। हवाई ईंधन की कीमत दोगुनी होने से हवाई यात्राएं महंगी हो गई हैं।

वायुसेवा संचालक संघ के अध्यक्ष प्रतापजंग पांडे के अनुसार हवाई ईंधन मूल्य वृद्धि से हवाई सेवाएं महंगी हुई हैं, टिकट की कीमतें बढ़ीं और समग्र पर्यटन क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, काठमांडू–धनगढी मार्ग का अधिकतम हवाई किराया 23 हजार रुपये से ऊपर पहुंच चुका है।

परिवहन व्यवसायी भी संकट में

मध्यपूर्वी युद्ध के बीच निरंतर ईंधन मूल्य वृद्धि के कारण परिवहन व्यवसायी संकट में हैं। सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद पिछले सप्ताह किराया समायोजित किया गया था, लेकिन उसके बाद आयल निगम ने डीजल के दामों में भारी वृद्धि की।

नेपाल यातायात व्यवसायी राष्ट्रीय महासंघ ने ईंधन मूल्य वृद्धि से सार्वजनिक परिवहन संचालन में और चुनौतियां आई हैं बताई हैं।

महासंघ ने आयल निगम को दाम बढ़ाने के सार्थक विकल्प खोजने का सुझाव दिया है। साथ ही, उन्होंने सरकार से स्वचालित मूल्य समायोजन नीति अपनाने की भी मांग की है।

अंतिम प्रभाव उपभोक्ताओं पर

अर्थव्यवस्था के सभी स्तरों पर पड़े प्रभाव का अंतिम झटका उपभोक्ताओं को ही सहना पड़ रहा है। ईंधन कीमतों में वृद्धि से महंगाई बढ़ी है, जिससे बाजार की सभी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। गैस की समस्या भी बढ़ी है। निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों में परिवहन खर्च भी बढ़ गया है।

उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता प्रेमलाल महर्जन के अनुसार, ईंधन की कीमत बढ़ने पर दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम अत्यधिक बढ़ गए हैं। सेवा क्षेत्र पर भी समान प्रभाव पड़ा है। ऐसी स्थिति में भी सरकार उदासीन है, उन्होंने सवाल उठाए।

सरकार ने ईंधन आयात पर लगने वाले करों में 50 प्रतिशत कटौती की घोषणा की, लेकिन उपभोक्ताओं को कोई लाभ नहीं मिला, वे कहते हैं।

‘व्यवसायी हर दिन दाम बढ़ाते हैं और कृत्रिम कमी पैदा करते हैं, जबकि सरकार नियामक की भूमिका नहीं निभा पा रही है,’ उन्होंने कहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य वृद्धि होने पर तुरंत कीमत बढ़ाने, लेकिन घटने पर घटाने से बचने की प्रवृत्ति को वे सरकार का आर्थिक लाभ मानते हैं।

‘बाजार किसके नियंत्रण में है? यदि सरकार दाम नियंत्रित नहीं कर पा रही तो क्या बाजार केवल व्यवसायियों और दलालों के नियंत्रण में है?’ वे प्रश्न करते हैं।

कोरलाना नाका से जुड़ने वाली कागबेनी–छुसाङ सड़क के स्तरोन्नति कार्य में तेजी

मुस्तांग के कागबेनी–छुसाङ खंड में कालिगंडकी कॉरिडोर के अंतर्गत सड़क के स्तरोन्नति कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। कोरला नाका से जुड़ने वाली इस सड़क के स्तरोन्नति को दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क निर्माण में पांच हजार घनमीटर गेबिनवाल और दो हजार घनमीटर रिटर्निंग वाल लगाया जा चुका है। ६ वैशाख, मुस्तांग। पड़ोसी देशों चीन और भारत को जोड़ने वाले कालिगंडकी कॉरिडोर के तहत बेनी–जोमसोम–कोरला सड़क परियोजना मुस्तांग के कागबेनी–छुसाङ खंड में तेजी से कालोपत्र और स्तरोन्नति कर रही है। सर्दियों के अत्यधिक ठंड, हिमपात और पिछले फागुन २१ को हुए प्रतिनिधि सभा सदस्य चुनाव के कारण रुकी हुई कोरला नाका से जुड़ी कागबेनी–छुसाङ खंड की स्तरोन्नति को पुनः गति दी गई है।

नौ दशमलव आठ किलोमीटर लंबाई वाले इस सड़क खंड की स्तरोन्नति तेज़ की गई है, जैसा कि आयोजन कार्यालय ने बताया है। आयोजन ने थासाङ–४ घासाबाट से कोरला नाका और मुक्तिनाथ जोड़ते हुए कागबेनी तक करीब ९८ प्रतिशत सड़क कालोपत्र पूरा कर लिया है। नेपाल–चीन के उत्तरी कोरला नाका तक सड़क को आवश्यक स्तरोन्नति सहित कालोपत्र करने की योजना है। इसी उद्देश्य के लिए पिछले वर्ष संघीय सरकार ने बजट निर्धारित किया था।

मुस्तांग के कोरला नाका को जोड़ने वाली कागबेनी–छुसाङ खंड की कालोपत्र सहित सड़क विस्तार के लिए आयोजन ने पिछले वर्ष असार २६ को टक्सार इफ्फाटा/बुद्ध जेभी कन्ट्रक्सन के साथ २८ करोड़ ८७ लाख ९६ हजार रुपयों की लागत से ठेका अनुबंध किया था। इस सड़क को कालोपत्र सहित स्तरोन्नति करके दो वर्षों में पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। ठेका अनुबंध के अनुसार कागबेनी–छुसाङ सड़क को वर्ष २०८४ असार २४ तक पूरा करना है, जैसा आयोजन के प्रमुख तेजस्वी शर्मा ने जानकारी दी।

गति असार अंत में ठेका अनुबंध हुआ, लेकिन प्रतिकूल मौसम और चुनाव के कारण पाँच महीने काम रुका रहा। आयोजन प्रमुख शर्मा के अनुसार सर्दी समाप्त होने और गर्मी मौसम शुरू होते ही निर्माण कंपनी ने फिर काम शुरू कर दिया। निर्माणाधीन कागबेनी–छुसाङ खंड में अभी तक २० प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है। करीब ११ मीटर चौड़ी सड़क का आठ मीटर भाग कालोपत्र किया जा रहा है। कोरला नाका जोड़ने वाली इस सड़क का बारागुङ मुक्तिक्षेत्र–३ ताङ्वे क्षेत्र में कालोपत्र और सड़क संरचना का काम चल रहा है, जिसे निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि सागर श्रेष्ठ ने बताया।

सड़क स्तरोन्नति के लिए पांच हजार घनमीटर गेबिनवाल और दो हजार घनमीटर रिटर्निंग वाल लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। सड़क की ग्रेड मिलाने, आवश्यक जगहों पर ड्रेन निर्माण, गेबिनवाल और रिटर्निंग वाल सहित कई कार्य जारी हैं। ईंधन के दाम कम होने और आपूर्ति सुगम होने के कारण निर्माण कंपनी का लक्ष्य है कि पाँच महीनों में कागबेनी–तोङ्वे तक की सड़क कालोपत्र की जाए। सड़क विस्तार कार्य को नियत समय में पूरा करने के लिए रोजाना ८० से अधिक श्रमिक काम पर लगाये गए हैं। प्रतिनिधि श्रेष्ठ ने कहा, ‘सड़क संरचना निर्माण और कालोपत्र के लिए आवश्यक उपकरण और क्रशर उपलब्ध हैं और काम को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। सर्दियों में काम संभव नहीं होता इसलिए काम करने का सिर्फ सात महीने का मौका है।’

बारागुङ मुक्तिक्षेत्र–३ स्थित कागबेनी–छुसाङ सड़क खंड में पिछले असार और साउन माह में हुई बाढ़-पहाड़ी से कुछ मामूली नुकसान हुआ। बाढ़ के कारण कुछ भाग धंस गए और सड़क की बेस को भी नुकसान पहुंचा। नेपाल–चीन के प्रसिद्ध उत्तरी कोरला नाका तक सड़क को और अच्छे स्तरोन्नति सहित कालोपत्र करने के उद्देश्य से छुसाङ–घमी और घमी–कोरला खंडों में दो चरणों में प्रारंभिक पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन पूरा किया गया है। भौतिक पूर्वाधार एवं यातायात मंत्रालय के तहत अर्थ मंत्रालय ने कोरला नाका तक सड़क कालोपत्र के लिए बजट आवंटित किया है, जिससे उपल्लो मुस्तांग की सड़क मार्ग सुगम हो सकेगा, ऐसा लोघेकर दामोदरकुण्ड गाउँपालिका अध्यक्ष लोप्सांग छोम्फेल बिष्ट ने बताया। आयोजन ने छुसाङ–कोरला सड़क के कालोपत्र सहित स्तरोन्नति पर लगभग पाँच अरब रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान लगाया है।