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लेखक: space4knews

कैलाली र कञ्चनपुरमा लागुऔषधसहित एकै दिन ६ जना पक्राउ

कैलाली और कंचनपुर के विभिन्न स्थानों से एक ही दिन में 6 लोग नशीली दवाइयों के साथ गिरफ्तार

7 वैशाख, धनगढी। सुदूरपश्चिम प्रदेश के कैलाली और कंचनपुर जिलों के विभिन्न स्थानों से अवैध नशीली दवाइयां (खैरे हेरोइन जैसी पदार्थ) के साथ 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रविवार सुबह से शाम तक चलाए गए अलग-अलग ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने इन्हें नियंत्रण में लिया।

कैलाली के गोदावरी नगरपालिका–2 बसपार्क क्षेत्र से जिला डोटी शिखर नगरपालिका-2 के निवासी 25 वर्षीय कृष्ण दमाई को 370 मिलिग्राम नशीली दवा के साथ गिरफ्तार किया गया है। इलाका प्रहरी कार्यालय मालाखेती से आए टीम ने संदेहास्पद स्थिति में जांच करते हुए उनके पास से उक्त पदार्थ बरामद किया। इसी तरह, लम्कीचुहा नगरपालिका–1 थपालिपुर से 30 वर्षीय प्रकाश शर्मा को 160 मिलिग्राम खैरे हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया है। उन्हें इलाका प्रहरी कार्यालय लम्की की टीम ने नियन्त्रण में लिया।

कैलाली के भजनी नगरपालिका–3 कुसुमघाट से जोशिपुर गाउँपालिका–7 घैला बौनिया निवासी 30 वर्षीय तेजबहादुर मौनी को 540 मिलिग्राम नशीली दवा के साथ गिरफ्तार किया गया। उन्हें इलाका प्रहरी कार्यालय भजनी की टीम ने गिरफ्तार किया। वहीं, कंचनपुर के बेलडाँडी गाउँपालिका–3 बनपुरुवा क्षेत्र से 22 वर्षीय सुनिल चौधरी और 18 वर्षीय हसिव चौधरी को 860 मिलिग्राम नशीली दवा के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस चौकी भुँडाबाट आई टीम ने इन्हें नियंत्रण में लिया।

इसी तरह, बेलौरी नगरपालिका–10 दर्सिखल्ला क्षेत्र में संदिग्ध रूप से चल रही सुप्रप्रदेश 02-003 प 2373 नंबर की मोटरसाइकिल की जांच के दौरान चालक 32 वर्षीय ईश्वर डगौरा और पीछे सवार 25 वर्षीय आकाश डगौरा को गिरफ्तार किया गया। उनके साथ से 10 ग्राम 520 मिलिग्राम नशीली दवा बरामद हुई। मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने कब्जे में लिया। पुलिस के अनुसार सभी मामलों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ नशीली दवाओं से संबंधित अपराध के तहत और जांच जारी है। वर्तमान में सुदूरपश्चिम में नशीली दवाओं के कारोबार और उपयोग में वृद्धि हो रही है, इसलिए पुलिस ने निगरानी और कड़ी कर दी है।

आज कुन विदेशी मुद्राको विनियम दर कति ? – Online Khabar

आज विदेशी मुद्रा विनिमय दर कति छ?

७ वैशाख, काठमाडौं। नेपाल राष्ट्र बैंकले आजका लागि विदेशी मुद्राको विनिमय दर तोकेको छ। तोकिएको विनिमय दरअनुसार अमेरिकी डलरको खरिद दर १४८ रुपैयाँ ३९ पैसा र बिक्री दर १४८ रुपैयाँ ९९ पैसा रहेको छ। त्यस्तै युरोपियन युरोको खरिद दर १७४ रुपैयाँ ५६ पैसा र बिक्री दर १७५ रुपैयाँ २६ पैसा रहेको छ। युके पाउण्ड स्टर्लिङको खरिद दर २०० रुपैयाँ ५७ पैसा र बिक्री दर २०१ रुपैयाँ ३८ पैसा, स्विस फ्र्याङ्कको खरिद दर १८९ रुपैयाँ ७९ पैसा र बिक्री दर १९० रुपैयाँ ५६ पैसा कायम गरिएको छ।

अष्ट्रेलियन डलरको खरिद दर १०६ रुपैयाँ ३७ पैसा र बिक्री दर १०६ रुपैयाँ ८० पैसा, क्यानडियन डलरको खरिद दर १०८ रुपैयाँ ३७ पैसा र बिक्री दर १०८ रुपैयाँ ८० पैसा, सिङ्गापुर डलरको खरिद दर ११६ रुपैयाँ ८३ पैसा र बिक्री दर ११७ रुपैयाँ ३० पैसा तोकिएको छ। जापानी येन १० को खरिद दर ९ रुपैयाँ ३५ पैसा र बिक्री दर ९ रुपैयाँ ३९ पैसा, चिनियाँ युआनको खरिद दर २१ रुपैयाँ ७७ पैसा र बिक्री दर २१ रुपैयाँ ८५ पैसा, साउदी अरेबियन रियालको खरिद दर ३९ रुपैयाँ ५६ पैसा र बिक्री दर ३९ रुपैयाँ ७२ पैसा, कतारी रियालको खरिद दर ४० रुपैयाँ ७० पैसा र बिक्री दर ४० रुपैयाँ ८६ पैसा कायम गरिएको छ।

केन्द्रीय बैंकका अनुसार थाई भाटको खरिद दर ४ रुपैयाँ ६५ पैसा र बिक्री दर ४ रुपैयाँ ६६ पैसा, युएई दिरहमको खरिद दर ४० रुपैयाँ ४० पैसा र बिक्री दर ४० रुपैयाँ ५६ पैसा, मलेसियन रिङ्गेटको खरिद दर ३७ रुपैयाँ ५४ पैसा र बिक्री दर ३७ रुपैयाँ ७० पैसा, साउथ कोरियन वन १०० को खरिद दर १० रुपैयाँ ११ पैसा र बिक्री दर १० रुपैयाँ १६ पैसा, स्वीडिस क्रोनरको खरिद दर १६ रुपैयाँ १९ पैसा र बिक्री दर १६ रुपैयाँ २६ पैसा तथा डेनिस क्रोनरको खरिद दर २३ रुपैयाँ ३६ पैसा र बिक्री दर २३ रुपैयाँ ४५ पैसा रहेको छ।

राष्ट्र बैंकले हङकङ डलरको खरिद दर १८ रुपैयाँ ९५ पैसा र बिक्री दर १९ रुपैयाँ ०२ पैसा, कुवेती दिनारको खरिद दर ४८४ रुपैयाँ ३८ पैसा र बिक्री दर ४८६ रुपैयाँ ३४ पैसा, बहराइन दिनारको खरिद दर ३९३ रुपैयाँ ६१ पैसा र बिक्री दर ३९५ रुपैयाँ २० पैसा, ओमानी रियालको खरिद दर ३८५ रुपैयाँ ९३ पैसा र बिक्री दर ३८७ रुपैयाँ ४९ पैसा कायम गरेको छ। यस्तै, भारतीय रुपैयाँ १०० को खरिद दर १६० रुपैयाँ र बिक्री दर १६० रुपैयाँ १५ पैसा तोकिएको छ। राष्ट्र बैंकले आवश्यकतानुसार जुनसुकै समयमा पनि यी विनिमय दरहरू संशोधन गर्न सक्ने जनाएको छ। वाणिज्य बैंकहरूले तोक्ने विनिमय दर फरक हुनसक्ने र केन्द्रीय बैंकको वेबसाइटमा अद्यावधिक विनिमय दरहरू उपलब्ध हुने जनाइएको छ।

हरक साम्पाङ: सारी बातें प्रधानमंत्री से ही पूछने की स्थिति नहीं बनेगी

समाचार संक्षेप

  • श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्कराज राई ने कहा कि संघीयता से संबंधित सभी विषय प्रधानमंत्री से ही पूछे जाने की स्थिति समाप्त होनी चाहिए।
  • राई ने विकास निर्माण के लिए कानून में बड़े बदलावों की आवश्यकता बताई और वन मंत्रालय के द्वारा रोक लगाई जाने जैसी विरोधाभास की स्थिति पर सरकार से समाधान की अपील की।
  • उन्होंने सभी संस्कृतियों के सम्मान की बात कही और संघीयता को इसकी मर्मानुसार लागू करने पर जोर दिया।

६ वैशाख, काठमांडू। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्कराज राई ने कहा कि संघीयता सम्बंधित सभी विषय प्रधानमंत्री से ही पूछे जाने की स्थिति नहीं बनेगी।

रविवार पार्टी द्वारा ललितपुर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए राई ने कहा कि संघीयता के मर्मानुसार कार्य नहीं किया जा रहा है, अतः इस स्थिति का अंत होना चाहिए। उन्होंने विकास निर्माण के लिए कानून में तुरंत बड़े बदलावों की आवश्यकता बताते हुए सरकार से आग्रह किया।

‘कानून में बड़े बदलाव करने होंगे। मैंने कल कानून मंत्री से भी मिला, उन्होंने भी कहा कि टिप्पणी आने चाहिए। हमारी समझ में कानून में बदलाव के बिना काम आगे नहीं बढ़ेगा,’ उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए, सड़क निर्माण करने वाला मंत्रालय सड़क बनाना चाहता है, वन मंत्रालय रोक लगाता है। जल आपूर्ति करने वाला मंत्रालय टैंक बनाना चाहता है, वन मंत्रालय फिर रोक लगाता है। ऐसा विरोधाभास हमारे देश में है।’

विकास निर्माण के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कानून में बड़े बदलाव आवश्यक हैं, अध्यक्ष राई की धारणा है।

उन्होंने कहा कि भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय के कार्य में वन मंत्रालय द्वारा लगाई गई रोक विरोधाभासी है, जिसे सरकार को सुधारने में देरी नहीं करनी चाहिए।

‘हम संस्कृतिवादी हैं। सभी संस्कृतियों का सम्मान करते हैं। कोई भी व्यक्ति अल्पसंख्यक हो या हो, उसकी संस्कृति को दबाया नहीं जाना चाहिए, नष्ट नहीं किया जाना चाहिए,’ उन्होंने कहा, ‘संघीयता मर्मानुसार लागू हो। ऐसी स्थिति न बने कि सभी बातें प्रधानमंत्री से ही पूछी जाएं, मैं वह नहीं चाहता।’


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वुमेन्स च्यालेन्ज ट्रफीमा नेपालको पहिलो जित, रुबिनाको ४ विकेट

नेपाल ने पहली बार जीती वुमेन्स चैलेंज ट्रॉफी, रुबिना ने चार विकेट झटके

समाचार सारांश: रुबिना क्षेत्री के चार विकेट लेने के बाद नेपाल ने रवांडा में हुई ICC वुमेन्स चैलेंज ट्रॉफी में इटली को 50 रन से हराया है। नेपाल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट गंवा कर 112 रन बनाए, जिसमें उपकप्तान पूजा महतो ने नाबाद 48 रन बनाए। इटली 18.4 ओवर में 62 रन पर पूरी तरह ऑलआउट हो गई। रुबिना ने 2.4 ओवर में केवल चार रन खर्च करते हुए चार विकेट लेकर प्लेयर ऑफ दि मैच घोषित की गईं। 6 वैशाख, काठमांडू।

रुबिना क्षेत्री द्वारा चार विकेट लिए जाने के बाद रवांडा में चल रहे ICC वुमेन्स चैलेंज ट्रॉफी में नेपाल ने रविवार को इटली को 50 रन से परास्त किया। यह प्रतियोगिता में नेपाल की पहली जीत है। इससे पहले शनिवार को हुए मैच में नेपाल को अमेरिका से हार मिली थी। किगाली स्थित गहंगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में नेपाल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और आठ विकेट खोकर 112 रन बनाए। उपकप्तान पूजा महतो ने नाबाद 48 रन की पारी खेली। इसके अलावा सम्झना खड़का ने 16, बिंदु रावल ने 15 तथा कप्तान इंदु बर्मा ने 10 रन बनाए। अन्य बल्लेबाजों ने दोहरे अंक नहीं बनाए।

इटली के लिए इमीलिया बारट्रम ने तीन विकेट लिए, जबकि कुमुदु पेड्रिक, एलेक्सिया कोन्टोपिराकिस, इलेना सिम्स, पसन्दी कानाकेगे और थिलिनी फर्नांडो ने एक-एक विकेट लिया। 113 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इटली 18.4 ओवर में 62 रन पर ऑलआउट हो गई। इटली की ओर से चथुरिका महामालागे ने सर्वाधिक 22 रन बनाए। इटली को ऑलआउट कराने वाली नेपाल की रुबिना ने 2.4 ओवर में केवल 4 रन खर्च करके 4 विकेट लिए। रुबिना को प्लेयर ऑफ दि मैच चुना गया। कविता कुँवर ने दो विकेट लिए, जबकि मनीषा उपाध्याय, रिया शर्मा और रचना चौधरी ने एक-एक विकेट लिया।

इतिहास मिटाने नहीं, डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं : महामंत्री पौडेल

६ वैशाख, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेस के महामंत्री प्रदीप पौडेल ने कहा है कि वे इतिहास मिटाने की बजाय उसे डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं।

आइतवार, काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने सदस्यता अद्यतन करने की प्रक्रिया की तुलना बैंक के ‘केवाईसी’ (Know Your Customer) प्रणाली से की।

उन्होंने पार्टी के सदस्यों को जिम्मेदार बनाते हुए कहा कि उन्हें शपथ दिलाकर और अधिक प्रतिबद्ध बनाया जाएगा।

‘हम इतिहास मिटाना नहीं चाहते, बल्कि उसे आग और पानी से बचाते हुए डिजिटल रूप में सुरक्षित बनाना चाहते हैं,’ उन्होंने कहा, ‘अब यह जानकारी कि किसी ने कब सदस्यता ली, कितने समय जेल में रहे, और पार्टी में उनका योगदान क्या रहा, झोले में नहीं बल्कि डिजिटल प्रणाली में फोटो सहित सुरक्षित रहेगी।’

पार्टी के आंतरिक विवादों और विशेष महाधिवेशन के मुद्दे अदालत और निर्वाचन आयोग के माध्यम से सुलझ जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने अब ‘जीत-हार’ के अहंकार को त्यागने की अपील की।

आगामी असोज १६ से १९ तक होने वाले १५वें महाधिवेशन को लक्ष्य बनाते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारा मुख्य लक्ष्य अब १५वां महाधिवेशन है। हम अधिकतम लचीलापन अपनाकर सभी को सम्मिलित करेंगे।’


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रित्तिएका गाउँ र जराविहीन जेनजी – Online Khabar

नेपाल में खाली पड़े गांव और अपनापन रहित जनरेशन जेड – नया सामाजिक यथार्थ

समाचार सारांश संपादकीय समीक्षा की गई है। आज की युवा पीढ़ी का जीवन जीने का तरीका पुरानी पीढ़ियों से काफ़ी अलग है। जीविकोपार्जन के लिए विश्व के विभिन्न इलाकों में फैली और मोबाइल फोन से जुड़ी यह पीढ़ी पारंपरिक समाज से अपनापन कम करती जा रही है। इस अपनापन की कमी और सोशल नेटवर्किंग के अव्यवस्थित उपयोग ने वर्तमान राजनीतिक अराजकता और विद्रोह को आधार दिया है। जनरेशन जेड आंदोलन की वैश्विक पृष्ठभूमि के साथ नेपाल के संदर्भ में समाजशास्त्री मिश्र द्वारा प्रस्तुत यह व्यापक लेख तीन भागों में प्रकाशित किया जाएगा। प्रोफेसर मिश्र समाजशास्त्र के औपचारिक अध्यापन करने वाले नेपाल के पहले पंथ के विद्वान हैं। उनके प्रकाशित ग्रंथों में ‘पुँजीवाद और नेपाल’, ‘बदलता नेपाली समाज’, ‘एसेज़ ऑन द सोसियोलॉजी ऑफ नेपाल’, ‘लोकतंत्र और आज का मार्क्सवाद’ शामिल हैं। बदलते नेपाली समाज का वैज्ञानिक अध्ययन करते हुए उन्होंने युवा पीढ़ी द्वारा तकनीक के माध्यम से की गई विद्रोह और इसके परिणामी प्रभावों को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया है। संक्षिप्त अवधि में सामाजिक पीढ़ी परिवर्तन की तीव्र गति जीवग्रहण पुस्तक से सामाजिक-ऐतिहासिक पुस्ता की ओर रूपांतरण में गहरे प्रभाव डालेगी। सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिवर्तन तेज़ी से हो रहे हैं और अगले दशकों में और अधिक तीव्र होंगे। ऐसे परिवर्तन व्यापक संघर्ष, हिंसक टकराव और पीढ़ियों के बीच दरार जन्माएंगे। ये सभी प्रक्रियाएँ मिलकर नई पीढ़ियों को कम समय में जन्म देंगी। डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास ने सूचना और ज्ञान के व्यापक विस्तार को संभव बनाया है, जो झूठे समाचार और नकली दृश्यों के फैलाव की संभावना भी रखता है। इसका राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। एआई और रोबोटिक्स की वृद्धि से बेरोजगारी बढ़ने का अनुमान है, विशेषकर दोहराए जाने वाले कार्यों और निम्न स्तर के डिजिटल तथा कागजी कार्यों में। इसके अतिरिक्त, महामारी और युद्ध मानवता के एक बड़े हिस्से को नष्ट करने का खतरा रखते हैं। जलवायु संकट विभिन्न क्षेत्रों में जीविकोपार्जन को प्रभावित करते हुए अनियमित वर्षा, संसाधन संकट तथा जनसंख्या में गिरावट का जोखिम बढ़ाएगा। सामाजिक अस्थिरता, संघर्ष और विस्थापन सामान्य दैनिक घटनाएं बन सकती हैं, जिससे सीमांतीकृत समुदायों का निर्माण होगा। पूंजीवादी विश्व अर्थव्यवस्था में नई अस्थिरता दिखाई दे रही है जिससे वैश्विक राजनैतिक और सैन्य पुनर्गठन की संभावना बढ़ी है। दक्षिणपंथी, जातीय, राष्ट्रवादी ताकतें वैश्विक स्तर पर प्रभाव बढ़ा सकती हैं। गैर-ग्रामीणकरण तेज़ होगा और ग्रामीण क्षेत्र शहरों के सान्निध्य में छोटे छायाओं में तब्दील होंगे। इस प्रक्रिया से स्थानीय अस्तित्व और संसाधनों की कमी बढ़ेगी। ऐसे हालात सामाजिक और पीढ़ीगत संघर्ष को तेज करेंगे। पुराने राजनीतिक गठबंधनों ने खुद को कमजोर किया है और नई सामाजिक संरचनाएं नई पहचान और व्यक्तित्व को जन्म दे रही हैं। सामाजिक परिवर्तन के साथ व्यक्ति में भी बड़े बदलाव आ रहे हैं जिससे पीढ़ी आधारित संबंधों को पुन: परिभाषित करने की जरूरत है। नेपाल में खासकर युवा पीढ़ी तकनीक के माध्यम से विभिन्नता और विद्रोह दिखा रही है। ८-९ सितम्बर की घटनाओं ने यह स्पष्ट किया कि सभी नेपाली जनरेशन जेड का प्रतिनिधित्व नहीं करते। कुछ मामलों में राजनीतिक हिंसा में अन्य समूहों की भी संलिप्तता देखी गई है। नेपाल में युवा पीढ़ी का सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन पिछले दशकों में बड़े परिवर्तनों से गुजरा है, जिससे गांव से शहर की पलायन और व्यवसायिक परिस्थितियाँ और अस्थिर हुई हैं। कृषि में योगदान कम होने से उत्पादन प्रक्रिया, सामाजिक संरचना और कृषक जीवनशैली में अभूतपूर्व समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। जन्म दर में बड़ी गिरावट और परिवार आकार में कमी आई है। पहाड़ी और हिमाली क्षेत्रों से मधेश और शहरी इलाकों की ओर तेजी से जनसंख्या संक्रमण हो रहा है। १९७१ से २०२१ तक मधेश क्षेत्र की जनसंख्या अनुपात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शहरीकरण तेजी से बढ़ा है लेकिन रोजगार अस्थायी और कम वेतन वाला है। वैदेशिक रोजगार और रेमिटेंस पर बढ़ती निर्भरता देश की आर्थिक संरचना पर गहरा प्रभाव डाल रही है। ग्रामीण क्षेत्र में जमीन बाँझी होती जा रही है और पारंपरिक कृषक जीवन प्रभावित हो रहा है। बाँझी जमीन, भूली-भटकी बस्तियाँ, वृद्ध जनसंख्या और पशुधन द्वारा नष्ट खेत-बाड़ी जैसी छवियाँ इस स्थिति को दर्शाती हैं। जीविकोपार्जन के साधन शहरी और अंतरराष्ट्रीय केंद्रों की ओर स्थानांतरित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीण समुदायों के बीच संबंध और सहयोग कमजोर हुआ है। शहर और गांव की पारंपरिक सीमाओं पर आधारित परिभाषाएँ वास्तविकता को समेटने में असमर्थ हैं, इसलिए नई सांस्कृतिक और राजनीतिक परिभाषाओं की आवश्यकता है। शहरी जीवनशैली और संस्कृति ग्रामीण इलाकों को प्रभावी रूप से बदल रही है। इसलिए आज की जनरेशन जेड की उत्पत्ति और अनुभव को स्थानीय अंतर्दृष्टि और वैश्विक प्रवृत्तियों की समझ के साथ ही समझा जा सकता है। ८-९ सितम्बर की हिंसात्मक घटनाओं में जनरेशन जेड पूरी जिम्मेदारी लेकर पूरी तरह सक्रिय नहीं थी। अपनापन में आए परिवर्तन अर्थव्यवस्था, संस्कृति और कार्यशैली के दीर्घकालिक बदलाव के साथ सामाजिक संबंधों व अपनापन में गंभीर बदलाव लाए हैं। लोग पारंपरिक परिवार और समुदाय से दूर होते हुए अल्पकालीन और सतही व्यक्तिगत संबंधों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह प्रक्रिया कई मामलों में अस्थिरता और अनिश्चितता बढ़ाती है, विशेष रूप से गरीबी और सीमांतित समूहों पर नकारात्मक प्रभाव डालने की संभावना है। दूसरी ओर, कुछ समूहों को नई स्वतंत्रता और पहुंच मिली है जैसे ग्रामीण मधेसी महिलाएं, दलित और कृषि मजदूर, लेकिन वे अभी पूरी तरह सक्षम नहीं हुए हैं। ग्रामीण उत्पादन संसाधनों की कमी ने स्थानीय समुदायों में अपनापन कमजोर किया है और जीवनशैली को अनिश्चित बनाया है। इसलिए आने वाले समय में बड़े पैमाने पर पुनर्गठन आवश्यक होगा, नहीं तो युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक व आर्थिक रूप से अस्थिर होकर समस्याओं में फंस सकता है। युवाओं की शक्ति और सक्रियता तथा शक्ति परिवर्तन के साथ उनके सामाजिक और राजनीतिक भूमिका में वृद्धि हुई है। ग्रामीण इलाकों में सवास्थ्य मात्र थोड़ी बचत हो रही है जबकि शहरी क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर हैं इसलिए युवा शहरी जीवनशैली की ओर आकर्षित हैं। शहर युवा लोगों के लिए आधुनिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और वैश्विक प्रवृत्तियों से परिचय करवा रहे हैं। विदेशों में रहने वाले नेपाली युवा भी स्वदेशी युवाओं के साथ सूचना और अनुभव साझा कर सामाजिक और राजनीतिक चेतना बढ़ा रहे हैं। नेपाल में शहरी युवा राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में नेतृत्व कर राजनीतिक चेतना के केंद्र बने हैं। इसलिए पार्टियों और दलों के चुनाव परिणामों में शहरी युवाओं के मतों का ग्रामीण क्षेत्रों पर भी बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। मोबाइल फोन और सामाजिक नेटवर्क नेपाली युवाओं को आपसी संवाद, सूचना साझा करने और विश्व से जोड़ने के अभूतपूर्व माध्यम बने हैं। ये भौगोलिक दूरी को अनदेखा कर ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को सरल बनाते हैं। हालांकि, सामाजिक नेटवर्क के नकारात्मक प्रभाव भी देखे गए हैं। इको-चैंबरिंग, झूठे समाचारों की बाढ़, अज्ञात नागरिकता के कारण अनुचित व्यवहार और हानिकारक प्रवृत्तियों का प्रसार बढ़ा है। सामाजिक नेटवर्क पर फैले ‘फेक पोस्टिंग’ और नकली समाचार राजनीतिक विवाद और हिंसा को बढ़ावा देने के मुख्य कारण बने हैं। लेख का शेष तीसरा भाग सोमवार को प्रकाशित किया जाएगा।

सड़क विस्तार के कारण वीरगंज में विद्युत् और इंटरनेट सेवा बाधित

वीरगंज के मुख्य बाजार क्षेत्र में सड़क विस्तार के चलते आज सुबह ५ बजे से दोपहर ४:३० बजे तक विद्युत् और इंटरनेट सेवा बाधित रही। नेपाल विद्युत् प्राधिकरण वीरगंज वितरण केन्द्र के प्रमुख विजय महतो ने बताया कि वैशाख ८ तक विद्युत् की आपूर्ति अनियमित रह सकती है। स्थानीय व्यापारी परशुराम कलवार ने कहा कि सड़क विस्तार के दौरान ठीक से तैयारी न होने के कारण विद्युत् और इंटरनेट सेवा प्रभावित हुई, जिससे जनजीवन में कठिनाइयाँ उत्पन्न हुई हैं।

सड़क विभाग हेटौँडा ने आज सुबह से वीरगंज की मुख्य सड़क पर अतिक्रमण करके बनाए गए घरों को डोजर और एक्सावेटर से ध्वस्त करना शुरू किया, जिसके कारण यहां विद्युत् और इंटरनेट सेवा प्रभावित हुई। सेवा अवरुद्ध रहने से रोजाना के कार्यों में बाधा आई और जनजीवन प्रभावित हुआ। वीरगंज के गंडकचोक से मितेरीपुल तक के क्षेत्र में सुबह ५:०० बजे से दोपहर ४:३० बजे तक विद्युत् और इंटरनेट सेवा बंद रही।

वीरगंज महानगर-६ के स्थानीय व्यापारी परशुराम कलवार ने कहा कि सड़क विस्तार के दौरान विद्युत् और इंटरनेट सेवा प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया, ‘आज सुबह से ही विद्युत् और इंटरनेट सेवा बाधित रहने से जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थानीय प्रशासन ने आवश्यक तैयारी किए बिना सड़क विस्तार किया, जिससे गर्मियों में आम जनता के लिए समस्या उत्पन्न हो गई। बिजली न होने से मोटर भी नहीं चल पाती, बोरिंग से पानी निकालना संभव नहीं होता, जिससे शौचालय के लिए आवश्यक पानी की कमी हो गई है।’

नेपाल विद्युत् प्राधिकरण वीरगंज वितरण केन्द्र के प्रमुख विजय महतो ने मितेरीपुल से गंडक नहर तक सड़क विस्तार के दौरान विद्युत् आपूर्ति नियमित नहीं रह पाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘आज से लेकर वैशाख ८ तक विद्युत् आपूर्ति अनियमित रहने का अनुमान है। काबुल के बाहर मर्मत सुधार कार्यों में अधिक समय लगने की संभावना के कारण सुबह से मर्मत कार्य जारी है।’ उन्होंने विद्युत् सेवा प्रभावित होने के कारण जनता और संबंधित पक्षों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया है।

सम्मानजनक व्यवहार नभए विकल्प खोज्ने – Online Khabar

सम्मानजनक व्यवहार न मिलने पर विकल्प खोजने में जुटा कांग्रेस देउवा समूह की रणनीति

समाचार सारांश: सर्वोच्च अदालत द्वारा गगन थापाको नेतृत्व को वैधता प्रदान किए जाने के बाद कांग्रेस के देउवा पक्ष ने कुछ दिनों तक ‘पर्खो र महेर’ रणनीति अपनाने का निर्णय लिया है। देउवा पक्ष ने पूर्व केंद्रीय सदस्यों की बैठक कर अदालत के आदेश को स्वीकार करने के साथ-साथ राजनीतिक संघर्ष जारी रखने का निर्णय किया है। कांग्रेस के दोनों पक्षों के बीच चल रही चर्चाओं में अगले कदम के लिए कुछ दिनों का समय दिया जाएगा। ६ वैशाख, काठमांडू। सर्वोच्च अदालत द्वारा गगन थापाको नेतृत्व को वैधानिकता दिए जाने के बाद कांग्रेस के शेरबहादुर देउवा पक्ष ने रक्षात्मक रुख अपनाते हुए कुछ दिन तक ‘पर्खो र महेर’ रणनीति अपना ली है। शनिवार और रविवार को दो दिन तक समूह के भीतर चर्चाओं के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने चयन प्रक्रिया को देखते हुए आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया है। संस्थापन पक्ष ने देउवा समूह के प्रति सम्मानजनक व्यवहार न करने की स्थिति में विकल्प तलाशने की जरूरत पर भी चर्चा की है।

शुक्रवार अदालत के आदेश के बाद लगातार चल रही चर्चा में देउवा पक्ष ने आज पूर्व केंद्रीय सदस्यों की बैठक आयोजित की। पूर्व कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड़्का के नेतृत्व में शनिवार को देउवा समूह के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई, जबकि आज की बैठक में पूर्व केंद्रीय सदस्यों ने अपने विचार साझा किए। विशेष महाधिवेशन के विरोध में कड़ा विरोध जताने वाले चार नेताओं—खड़्का, विमलेन्द्र निधि, कृष्णप्रसाद सिटौला और प्रकाशमान सिंह—को प्रमुखता देते हुए पूर्व केंद्रीय सदस्यों ने अपनी बातें रखीं।

देउवा पक्ष की चर्चा में नेता डा. शेखर कोइराला समूह के कुछ नेता शामिल नहीं हुए। पूर्व महामन्त्री डा. शशांक कोइराला ने भी आज की बैठक में भाग नहीं लिया। लगभग तीन दर्जन पूर्व केंद्रीय सदस्य बैठक में मौजूद थे, जबकि शेखर पक्ष ने रविवार सुबह एक अलग बैठक की। शेखर समूह की बैठक ने अदालत के आदेश को स्वीकार करने का निर्णय लिया, जो पूर्व में मध्यस्थ की भूमिका निभाता आ रहा है। कांग्रेस के अंदर व्यापक हित, एकता और मजबूत संगठन निर्माण सभी की साझा जिम्मेदारी है, कोइराला निकट नेता जीवन परियार ने कहा, ‘‘पार्टी केन्द्रीय कार्यसमिति और सभापति की अधिक जिम्मेदारी रहती है। कठिन परिस्थितियों में पार्टी के सभी सदस्य अपनी जगह से जिम्मेदार और प्रतिबद्ध होना आवश्यक है।’

देउवा पक्ष के अनुसार इस समूह की बैठकों की श्रृंखला चलती रहेगी। शनिवार से प्रारंभ हुई इन बैठकों में क्रमिक रूप से सामूहिक निर्णय तक पहुंचा जाएगा, पूर्व केंद्रीय सदस्य गुरु बराल ने बताया। हालांकि अगली बैठक की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है। शनिवार और रविवार की चर्चाओं में सहभागी नेताओं ने अदालत के आदेश को स्वीकार किया पर उसकी व्याख्या पर आपत्तियां भी जताईं। शुक्रवार को अदालत ने विशेष महाधिवेशन के जरिए चुने गए नेतृत्व को मान्यता दी थी।

अदालत के आदेश के बाद रणनीति तय करने के लिए पूर्व कार्यवाहक सभापति खड़्काने कल और आज समूह की बैठकें बुलाई थीं। रविवार की बैठक में मौजूद पूर्व केंद्रीय सदस्य बराल ने कहा, ‘‘अदालत का निर्णय स्वीकार करते हैं लेकिन राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा।’’ देउवा पक्ष की चर्चा में तत्काल नया दल गठन एक सीमित विकल्प है, लेकिन इसके लिए तैयार रहने का सुझाव दिया गया है। सभापति गगन थापा पक्ष यदि दबाव में नहीं आएगा, तो वैकल्पिक स्थिति के लिए तैयारी आवश्यक होगी, ये बातें सहभागी नेताओं ने व्यक्त कीं।

सुदूरपश्चिम के सभापति वीरबहादुर बलायर ने कहा, ‘‘एकता होती है या नहीं, यह हमारे हाथ में नहीं है। सभी को समेटकर आगे बढ़ने की जिम्मेदारी अब अदालत से मान्यता प्राप्त नेतृत्व की है। जीवन भर संघर्ष कर चुके नेता हैं, इस पक्ष के प्रति कैसा व्यवहार होगा, इसकी जिम्मेदारी मान्यता प्राप्त नेतृत्व पर है।’

चाबहिल में स्थित एक कैफे में जोरदार आग लगने की घटना

६ वैशाख, काठमाडौं। काठमाडौं के चाबहिल इलाके में स्थित हाजीपुर चाय कैफे में रविवार दोपहर आग लग गई। इस आगजनी ने कैफे की पूरी संरचना को जलाकर नष्ट कर दिया है। आग लगने की सूचना मिलते ही काठमाडौं महानगरपालिकाकी दमकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग को काबू करने में सफल रही। इसके साथ ही आग ने आसपास की अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया गया है कि गैस لیکेज से आग लग गई होगी। आगजनी में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपैयाँ के समान की भौतिक क्षति हुई है, जैसा कि पुलिस ने बताया है।

सरकारी कर्मचारीलाई १५ दिनमै तलब खुवाउने तयारी – Online Khabar

सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को १५ दिन में वेतन भुगतान करने की योजना बनाई

६ वैशाख, काठमाडौं । सरकार ने राष्ट्रसेवक कर्मचारियों को १५/१५ दिन में वेतन भत्ता उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। अर्थ मंत्रालय ने पिछले शुक्रवार को मंत्रीस्तरीय निर्णय लेते हुए महालेखा नियन्त्रक कार्यालय को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। महालेखा नियन्त्रक शोभाकान्त पौडेल ने मंत्रालय से प्राप्त परिपत्र की जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय जल्द ही लागू किया जाएगा। ‘अर्थ मंत्रालय से परिपत्र आ चुका है। यह जल्दी लागू होगा,’ उन्होंने कहा।

मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य कर्मचारियों के खाते में समय पर राशि पहुंचाना और अर्थव्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। इस निर्णय को लागू करने के लिए कानून में संशोधन आवश्यक है। वर्तमान में सरकारी कर्मचारी मासिक आधार पर वेतन भत्ता प्राप्त करते हैं। प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में संबंधित कर्मचारी के बैंक खाते में वेतन भेजने की व्यवस्था है। लेकिन अब १५ दिन में वेतन भुगतान करने के लिए संघीय निजामती सेवा कानून में संशोधन करना होगा। ‘पुराने कानून के अनुसार निजामती कर्मचारी माह में भुगतान के बाद ही वेतन और भत्ता प्राप्त करते हैं,’ अर्थ मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘इसलिए १५ दिन में वेतन/भत्ता देने के लिए कानून में संशोधन आवश्यक है।’ वर्तमान सरकार संघीय निजामती सेवा कानून जारी करने की तैयारी कर रही है जिसमें १५ दिन में वेतन भुगतान की व्यवस्था शामिल होगी। ‘संघीय निजामती सेवा कानून पास होने के बाद कोई भी निर्णय लागू किया जा सकेगा। इसके लिए आवश्यक तैयारी हो रही है,’ अर्थ मंत्रालय के स्रोत ने बताया।

कांग्रेस ने 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामानों पर कस्टम ड्यूटी पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया

नेपाल कांग्रेस ने भारतीय सीमा क्षेत्र में 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामानों पर कस्टम ड्यूटी लगाने को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस के प्रवक्ता देवराज चालिसे ने इस निर्णय को जनविरोधी, व्यावहारिकता विहीन और असंवेदनशील बताया है। उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएँ या सरकारी रवैया केवल जनविरोधी और अव्यवहारिक नहीं हैं, बल्कि वर्तमान आर्थिक संकट के बीच जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाली एक और समस्या हैं।”

कांग्रेस ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि पर अतिरिक्त शुल्क से गरीबी को संस्थागत करने के कारण सरकार से पाँच मांगें भी प्रस्तुत की हैं। चालिसे ने कहा कि खुली सीमाओं के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिक दैनिक उपयोग की वस्तुएं भारत से सस्ते दामों पर ला कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। विशेष रूप से मधेश प्रांत के लाखों आम लोग, मजदूर, छोटे किसान और कम आय वाले परिवार इस निर्णय से सीधे प्रभावित हुए हैं।

पेट्रोलियम पदार्थों की उच्च कीमतों के बीच 200 से 300 रुपये तक की खरीदारी पर अतिरिक्त शुल्क लगाना न केवल जनता की क्रय शक्ति पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा, बल्कि गरीबी को संस्थागत करने वाला नीतिगत कदम है, इसलिए कांग्रेस ने इस निर्णय का विरोध किया है। कांग्रेस ने सरकार से तत्काल इन पाँच मांगों को पूरा करने पर जोर दिया है।

कुन्हा के गोल से युनाइटेड ने चेल्सी को मात दी

मैनचेस्टर यूनाइटेड ने चेल्सी को १-० से हराकर यूरोपियन चैंपियंस लीग के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। मथीयस कुन्हा ने ४३वें मिनट में जो गोल किया, वही यूंनाइटेड की जीत का निर्णायक रहा। प्रीमियर लीग के शीर्ष ५ क्लबों को सीधे चैंपियंस लीग में प्रवेश मिलेगा, जबकि यूरोपा लीग के सेमीफाइनल में जगह बनाना भी महत्वपूर्ण होगा।

६ वैशाख, काठमांडू। इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल के अंतर्गत बीती रात हुए मुकाबले में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने चेल्सी को उनके ही घरेलू मैदान स्टैमफोर्ड ब्रिज पर १-० से हराया। इस जीत के साथ यूनाइटेड ने ३३ मैचों में ५८ अंक जुटाकर तीसरे स्थान पर बने रहने में सफलता पाई, वहीं पराजित चेल्सी ४८ अंकों के साथ छठे स्थान पर है।

प्रीमियर लीग के शीर्ष ५ क्लब स्वचालित रूप से चैंपियंस लीग में प्रवेश पाएंगे। शीर्ष ५ के बाहर के क्लब यदि यूरोपा लीग या चैंपियंस लीग जीतते हैं तो वे भी छठे या सातवें स्थान पर रहकर क्वालीफाई कर सकते हैं। इस सीजन में छह क्लब तक चैंपियंस लीग में प्रवेश कर सकते हैं। यूरोपा लीग के सेमीफाइनल में एस्टन विला और नॉटिंघम फॉरेस्ट आमने-सामने होंगे, जिनमें से विजेता फाइनल में पहुंचकर उपाधि जीतने पर चैंपियंस लीग में जगह सुनिश्चित करेगा।

एक ही रात में हुए प्रीमियर लीग के अन्य मैचों में टोटनहैम और ब्राइटन के बीच २-२ की बराबरी हुई, लीसेस्टर ने वुल्व्स को ३-० से हराया, और बर्नमाउथ ने न्यूकैसल को २-१ से मात दी। ब्रेंटफोर्ड और फुलहम का मुकाबला बिना गोल के ड्रॉ हुआ।

आर्सनलमाथि सिटीको जितपछि घट्यो अंकदूरी, रोचक बन्दै उपाधि होड

सिटीको जितपछि आर्सनलसँगको अंक अन्तर घट्यो, उपाधि प्रतिस्पर्धा अझ रोचक बन्यो

इंग्लिश प्रिमियर लिगमा म्यान्चेस्टर सिटीले आर्सनललाई २-१ ले हराउँदै अंकअन्तर कम गरेको छ। सिटीका लागि रियान चेर्की र एर्लिङ हालान्डले गोल गरे भने आर्सनलका लागि काई हाभर्ट्जले गोल फर्काए। सिटीले बर्नलीविरुद्धको खेल दुई गोलको अन्तरले जितेमा शीर्ष स्थानमा माथि उठ्न सक्छ।

६ वैशाख, काठमाडौं। इंग्लिश प्रिमियर लिगको उपाधि प्रतिस्पर्धा थप रोमाञ्चक बनेको छ। आइतबार राति भएको खेलमा दोस्रो स्थानमा रहेको म्यान्चेस्टर सिटीले शीर्ष स्थानमा रहेको आर्सनललाई २-१ ले पराजित गर्दै अंकअन्तर घटाएको छ। घरेलु मैदानमा सिटीका लागि रियान चेर्कीले १६औं मिनेटमा गोल गर्दै अग्रता दिलाए। त्यसको दुई मिनेटपछि काई हाभर्ट्जले आर्सनलका लागि बराबरी गोल गर्दै पहिलो हाफ १-१ को बराबरीमा सकियो।

दोस्रो हाफमा एर्लिङ हालान्डले ६५औं मिनेटमा निर्णायक गोल गरे। त्यसपछि कुनै गोल नभएपछि आर्सनलले अंकअन्तर बढाउने मौका गुमाएको छ। आर्सनलले जित्ने हो भने ९ अंकको अग्रता बनाउन सक्ने स्थितिमा थियो। अहिले सिटीको ३२ खेलमा ६७ अंक छ भने आर्सनलको ३३ खेलमा ७० अंक छ। डबल गेमविकमा रहेको सिटीले अब बर्नलीविरुद्धको खेल दोहोरो गोल अन्तरले जितेमा शीर्ष स्थानमा उक्लन सक्छ।

उद्योग विभाग का फैसला: च्युवरामा ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड लिखने का अधिकार हाइलाइफ को मिला

उद्योग विभाग ने हाइलाइफ और सिक्सभिल्ला के ट्रेडमार्क विवाद में च्युवरामा ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड लिखने का अधिकार हाइलाइफ को प्रदान किया है। सिक्सभिल्ला प्रालि की रजिस्ट्रेशन रद्द करते हुए विभाग ने हाइलाइफ के ब्रांड को मौलिक और बाजार में स्थापित माना है। यह फैसला बौद्धिक संपदा संरक्षण और उपभोक्ता हित की सुरक्षा की महत्वपूर्णता का संदेश देता है। यह फैसला ६ वैशाख, काठमाडौं को है।

च्युवरामा ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड लिखने का अधिकार हाइलाइफ को मिला है। उद्योग विभाग ने हाइलाइफ और सिक्सभिल्ला के बीच ट्रेडमार्क विवाद में ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड का अधिकार हाइलाइफ का ही माना है। यह विवाद नेपाल एभरेस्ट फूड एण्ड स्नैक्स प्रालि द्वारा उत्पादित हाइलाइफ और सिक्सभिल्ला प्रालि के बीच लंबे समय से चल रहा था। विभाग ने अंततः सिक्सभिल्ला प्रालि की रजिस्ट्रेशन रद्द कर दी।

विभाग ने दोनों पक्षों के प्रमाण, दलीलें और सर्वोच्च अदालत के उदाहरणों का अध्ययन करने के बाद यह फैसला सुनाया कि च्युवरामा ‘कुरुम कुरुम’ ब्रांड का अधिकार हाइलाइफ का ही है। विवाद के केंद्र में नेपाल एभरेस्ट फूड एण्ड स्नैक्स प्रालि द्वारा उपयोग किया गया ‘हाइलाइफ’ नामक ट्रेडमार्क, उससे जुड़े लेबल, डिज़ाइन, रंग संयोजन और समग्र प्रस्तुति था। विरोधी पक्ष ने आरोप लगाया था कि सिक्सभिल्ला प्रालि ने इसी चिन्ह की रूपरेखा, बनावट और प्रस्तुति का उपयोग किया है।

उद्योग विभाग ने दोनों पक्षों के दावे, प्रस्तुत दस्तावेज़ और दृश्य साक्ष्यों का विश्लेषण करने पर पाया कि सिक्सभिल्ला द्वारा दर्ज ट्रेडमार्क हाइलाइफ के ट्रेडमार्क से अत्यंत समान है। विशेषतः लेबल की बनावट, रंग संयोजन, अक्षर शैली, वस्तु की प्रस्तुति और समग्र बाहरी स्वरूप में उल्लेखनीय मेल रहा। विभाग ने कहा है, ‘व्यापारिक चिन्ह की मुख्य विशेषता उसकी अलग पहचान होना चाहिए। यदि कोई चिन्ह बाजार में अलग पहचान बनाने में विफल रहता है या पहले से स्थापित चिन्ह के समान दिखता है, तो उसे वैध नहीं माना जा सकता।’

राष्ट्रियसभा अध्यक्ष नारायणप्रसाद दाहाल र अष्ट्रेलियाका सभामुख मिल्टन डिकबीच शिष्टाचार भेंटवार्ता

६ वैशाख, काठमाडौं। राष्ट्रियसभा अध्यक्ष नारायणप्रसाद दाहाल र अष्ट्रेलियाको प्रतिनिधि सभा सभामुख मिल्टन डिकबीच शिष्टाचार भेंटवार्ता सम्पन्न भएको छ। यो भेंटवार्ता टर्कीको इस्तानबुलमा भइरहेको अन्तर व्यवस्थापिका संघको १५२औं महासभामा सहभागी हुन पुगेका दुवै नेताबीच भएको हो। भेंटमा, अध्यक्ष दाहालको सचिवालयका अनुसार, नेपाल र अष्ट्रेलियाबीचको द्विपक्षीय सम्बन्ध, आपसी हित र संसदीय सहकार्यका विषयमा विस्तृत छलफल गरिएको थियो।

अष्ट्रेलियाले नेपालका विकास र समृद्धिका लागि निरन्तर सहयोग गर्दै आएको उल्लेख गर्दै अध्यक्ष दाहालले आगामी दिनहरूमा थप सहयोग र सहकार्यको अपेक्षा व्यक्त गरे। यस क्रममा, अष्ट्रेलियाका सभामुख मिल्टनले अष्ट्रेलिया र नेपालको सम्बन्ध लामो समयदेखि अत्यन्तै सौहार्दपूर्ण रहेको र संसदीय सहकार्यले दुई देशबीचको सम्बन्धलाई अझ प्रगाढ र मजबूत बनाउने विश्वास व्यक्त गरे। उक्त भेंटमा नेपाली संसदीय प्रतिनिधिमण्डलबाट राष्ट्रियसभाका सदस्यहरू कृष्णबहादुर रोकाया, डा. अञ्जान शाक्य र राष्ट्रियसभा सचिव तुलबहादुर कँडेल समेत सहभागी थिए।