२८ चैत, काठमांडू। इरान के साथ उच्च स्तरीय वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा है। पाकिस्तान के विमानतल स्रोतों के हवाले से बताया गया है कि हैरिस सवार ‘एयर फोर्स टु’ विमान इस्लामाबाद में उतर चुका है। यह २१ वर्षों बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति का पहला पाकिस्तान दौरा है। इससे पहले उपराष्ट्रपति डिक चेनी २००५ में पाकिस्तान आए थे।
इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति हैरिस के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटेकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जेरेड कुश्नर भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। इरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगर गलीबाफ के नेतृत्व में इरानी प्रतिनिधिमंडल पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुका है। इस्लामाबाद में वार्ता के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम और तैयारी की गई है।
इरान के साथ वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी भान्स पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पहुंचे हैं, विमानन स्रोतों ने जानकारी दी है। उनके साथ स्टीव विटकॉफ़ और जैरेड कुश्नर भी हैं, जो इरान के साथ वार्ता में भाग लेने वाले हैं। इस घटना को पाकिस्तान के मीडिया ने 21 वर्षों बाद पहली बार अमेरिकी उपराष्ट्रपति का पाकिस्तान आने वाला महत्वपूर्ण दौरा बताया है। इस्लामाबाद में अमेरिका और इरान के बीच वार्ता की तैयारियों के कारण सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इरानी वार्ताकार पहले ही इस्लामाबाद में मौजूद हैं। इरानी वार्ता दल के नेता मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने अपनी टीम के सकारात्मक इरादे व्यक्त किए, हालांकि उन्होंने अमेरिका पर भरोसा न होने की प्रतिक्रिया भी दी है।
पाकिस्तान आज इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में अपनी भूमिका को लेकर बड़ा उत्साह दिखा रहा है। सुरक्षा उपायों को उत्सव जैसा माना जा रहा है। पाकिस्तान ने अमेरिका और इरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त कर शांति स्थापित करने के लिए दो हफ्तों के युद्धविराम के लिए मध्यस्थता की है। राजधानी की सड़कों पर “इस्लामाबाद वार्ता” लिखे डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं। वहां अमेरिका और इरान के झंडे के साथ पाकिस्तान का चिन्ह भी दिखाया गया है। देश ने वार्ता में अपनी भूमिका दिखाने के लिए दो दिवसीय सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया है। यह घटना विश्व के कई देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों के बीच तनाव दूर करना और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलना सभी को उत्साहित कर रहा है।
इस घटना के पाकिस्तान के लिए कई महत्वपूर्ण कारण हैं। सिंगापुर के नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के दक्षिण एशिया विशेषज्ञ अब्दुल बसित के अनुसार, “जब दक्षिण एशियाई देश इस डर से कि वार्ता विफल हो सकती है, अपने पड़ोसी इरान के साथ संभावित युद्ध की स्थिति में पहुंच जाते हैं, तो यह एक दुःस्वप्न हो सकता है।” इसी संदर्भ में, पाकिस्तान में गर्व और उत्साह से भरे मेम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बसित कहते हैं, “यह एक विजय है क्योंकि दुनिया के किसी भी देश ने युद्धविराम के लिए मध्यस्थता नहीं की थी, और हम एक संभावित संकट के कगार पर थे, जिसे पाकिस्तान ने सफलतापूर्वक टाल दिया है।” उनका यह भी कहना है कि पाकिस्तान ने वर्षों से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता, दो साल पहले तक ऋण चुकाने में असमर्थता, और भारत के साथ तीव्र प्रतिस्पर्धा का सामना किया है। इसलिए यह सफलता पाकिस्तान के लिए अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण है।
समाचार सारांश: हिमालयन जाभा नेशनल बास्केटबल लिग २०२६ के फाइनल मैच २०८२ चैत २८ को शाम ५ बजे दशरथ रंगशाला में त्रिभुवन आर्मी क्लब और गोल्डेनगेट बास्केटबल क्लब के बीच आयोजित होगा। फाइनल से पहले दिन में सेलेब्रिटी खिलाड़ियों की भागीदारी रहेगी, जहां कलाकार सुशांत केसी एंड फ्रेंड्स और जाभा एंड फ्रेंड्स की टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा होगी, ऐसा नेपाल बास्केटबल संघ के अध्यक्ष भिम सिंह गुरुङ ने बताया। आर्मी ने लीग चरण में १४ में से १३ मैच जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया है जबकि गोल्डेनगेट ने १२ मैच जीतकर दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल में आर्मी को तीन बार हराया है।
२८ चैत, काठमांडू। हिमालयन जाभा नेशनल बास्केटबल (एचजेएनबीएल) २०२६ की ट्रॉफी के लिए विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब और गोल्डेनगेट बास्केटबल क्लब आमने-सामने होंगे। फाइनल मैच आज शाम ५ बजे त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला में सम्पन्न होगा। आर्मी विनोद महर्जन की कप्तानी में मैदान में उतरेगी जबकि गोल्डेनगेट के कप्तान सुदिप पौडेल क्षेत्री होंगे। फाइनल से पहले दिन में सेलेब्रिटी खिलाड़ियों के मैच का आयोजन भी होगा, जिसकी जानकारी नेपाल बास्केटबल संघ (नेबा) के अध्यक्ष भिम सिंह गुरुङ ने दी। यह मुकाबला कलाकार सुशांत केसी एंड फ्रेंड्स और जाभा एंड फ्रेंड्स की टीमों के बीच होगा।
पहली बार क्वालिफायर्स प्रतियोगिता के माध्यम से टीमों का चयन कर हिमालयन जाभा नेशनल बास्केटबल लिग का आयोजन किया गया। इस बार ८ टीमें शामिल थीं। डबल राउंड रोबिन प्रारूप में खेले गए एचजेएनबीएल में कुल ५६ मैच हुए। इसके बाद प्लेऑफ चरण में तीन मुकाबलों के बाद आर्मी और गोल्डेनगेट फाइनल में पहुंचीं।
आर्मी ने लीग चरण में १४ में से १३ मैच जीतकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया जबकि गोल्डेनगेट ने १२ मैच जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया। दोहरे मुकाबलों में पहले क्वालिफायर में आर्मी ने गोल्डेनगेट को हराकर फाइनल में जगह बनाई जबकि गोल्डेनगेट ने दूसरे क्वालिफायर में टाइम्स बास्केटबल क्लब को हराकर फाइनल में पहुंची।
इस संस्करण में आर्मी और गोल्डेनगेट के बीच यह चौथी भिड़ंत होगी। पहले लीग चरण और प्लेऑफ में तीन बार ये दोनों टीमें भिड़ चुकी हैं, जिनमें तीनों मुकाबले आर्मी ने जीते हैं। लीग चरण में भी आर्मी ने गोल्डेनगेट को परास्त किया था और पहले क्वालिफायर में रोमांचक मुकाबले में ८०-७१ के अंतर से गोल्डेनगेट को हराया था।
आर्मी ने लीग में १३ मैच जीते और केवल टाइम्स बास्केटबल क्लब के खिलाफ एक मैच हार हुई। गोल्डेनगेट ने फाइनल तक आते-आते तीन मैच गंवाए हैं, वे सभी हार आर्मी के खिलाफ ही थीं। फाइनल में आर्मी अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए चैंपियन बनने का प्रयास करेगी।
गोल्डेनगेट पिछले साल की उपविजेता है और इस बार खिताब जीतने का सपना देख रही है। साविक विजेता टाइम्स को परास्त करने के बाद गोल्डेनगेट का मनोबल काफी ऊँचा है और फाइनल में आर्मी से बदला लेने की योजना बनायी है।
फाइनल मैच के नतीजे से तय होगा कि आर्मी चौथी बार गोल्डेनगेट को हराकर ट्रॉफी हासिल करेगी या गोल्डेनगेट पराजय का बदला लेकर उपाधि जीतती है।
हिमालयन जाभा नेशनल बास्केटबल लिग फाइनल मुकाबला: आर्मी बनाम गोल्डेनगेट स्थान: दशरथ रंगशाला कवरड हॉल, त्रिपुरेश्वर, काठमांडू तारीख: २०८२ चैत २८ समय: शाम ५ बजे
बागमती प्रदेश सरकार ने प्रदेश के भीतर संचालित होने वाले सवारी साधनों के किराया दरों में समायोजन किया है। यह समायोजन विशेष रूप से काठमांडू उपत्यका और बागमती प्रदेश के विभिन्न शहरों व बस्तियों में लागू होने वाले किराया दरों से संबंधित है। प्रदेश के भीतर किराया दरों को निर्धारित करने का अधिकार प्रदेश सरकार के पास है, जबकि अंतरप्रदेशीय किराया दरों को केंद्र सरकार द्वारा तय किया जाता है। २८ चैत, काठमांडू। बागमती प्रदेश सरकार ने प्रदेश के अंदर संचालित सवारी साधनों के किराया दरों में समायोजन किया है। यह समायोजन काठमांडू उपत्यका के अंतर्गत और काठमांडू से बागमती प्रदेश के अन्य शहरों तथा बस्तियों तक संचालित सवारी साधनों पर लागू होगा। प्रदेश के किराया दरों को निर्धारित करने के नियमों के तहत, यह समायोजन प्रदेश सरकार ने किया है, जबकि अंतरप्रदेशीय किराया दरें केंद्र सरकार द्वारा तय और सार्वजनिक की गई हैं। नीचे बागमती प्रदेश द्वारा समायोजित नई किराया दरों का विवरण प्रस्तुत है:
28 चैत्र, काठमांडू। अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता के लिए पाकिस्तान ने सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ कर दिया है। पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नक़वी ने विदेशी प्रतिनिधि delegations की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना तैयार किए जाने की जानकारी दी है। इस्लामाबाद के अधिकारी वार्ता से पहले सुरक्षा उपायों को कड़ा कर रहे हैं। प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।
‘ब्लू बुक’ नामक वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत पुलिस, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। सिन्ह्वा के अनुसार विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवागमन के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इस्लामाबाद पुलिस ने एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक बदलाव की सूचना देते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पाकिस्तान ने वार्ता को ध्यान में रखकर बचाव सेवाओं और अस्पतालों को उच्च सतर्कता पर रखा है। रेड जोन में स्थित पांच सितारा होटल सेरेना पूरी तरह से प्रतिनिधिमंडलों के लिए आरक्षित किया गया है।
ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की राजधानी में प्रवेश के समय कई नाकों को बंद कर दिया जाएगा। दोनों पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उपप्रधानमंत्री व विदेश मंत्री मोहम्मद इसाक दार ने क्षेत्रीय नेताओं से परामर्श किया है तथा तेहरान और वाशिंगटन के साथ कूटनीतिक संपर्क स्थापित किया है। पुरानी कूटनीतिक रिश्तों और पाकिस्तान की तटस्थता को बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरानी वार्ता दल इस्लामाबाद पहुंच चुका है और अमेरिकी दल भी इस्लामाबाद पहुंचने वाला है। अमेरिकी दल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी व्हान्स कर रहे हैं जबकि ईरानी दल का नेतृत्व संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगर गलीबाफ कर रहे हैं।
२८ चैत्र, धनगढी। निर्माण व्यवसायी संघ कैलाली ने ईंधनजनित सामग्री और निर्माण सामग्री में हो रही असाधारण मूल्य वृद्धि के कारण निर्माण उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंचने की बात कही है और सरकार से उद्योग में ‘आपातकाल’ घोषित करने की मांग की है। संघ ने शनिवार को धनगढी में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में मध्यपूर्व में चल रहे युद्ध के कारण डीजल, पेट्रोल, मट्टितेल सहित ईंधनजनित सामग्री के बार-बार अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि से निर्माण क्षेत्र गंभीर संकट में आने की जानकारी दी।
संघ के अध्यक्ष टेकबहादुर मल्ल ने बताया कि ईंधन के साथ-साथ बिटुमिन, सीमेंट, डण्डी तथा निर्माण कार्य में व्यापक उपयोग होने वाली सामग्री में भी लगातार मूल्य वृद्धि हो रही है और बाजार में इनकी कमी के कारण निर्माण उद्योग ठप्प होने की स्थिति बन गई है। पत्रकार सम्मेलन में संघ ने क्रशर उद्योग में व्याप्त समस्याओं से भी निर्माण क्षेत्र और अधिक प्रभावित होने का उल्लेख किया। नेपाल निर्माण व्यवसायी महासंघ ने बार-बार सरकार और संबंधित निकायों का ध्यानाकर्षण कराया है, लेकिन अब तक समस्या समाधान के लिए कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
निर्माण व्यवसायी महासंघ के केन्द्रीय उपाध्यक्ष (सुदूरपश्चिम क्षेत्र) प्रकाश सेठी ने कहा कि निर्माण कार्य की मूल्य समायोजन राष्ट्र बैंक के मूल्य सूचकांक के अनुसार होना चाहिए, बावजूद इसके बाजार में निर्माण सामग्री के दाम अत्यधिक बढ़ जाने से सूचकांक में गिरावट होने का दिखना व्यापारियों के लिए अतिरिक्त कठिनाई पैदा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवसायियों के सामने आ रही समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। संघ ने निर्माण कार्य तेजी से चलने के समय ईंधन और निर्माण सामग्री की मूल्य वृद्धि से व्यापारियों पर भारी आर्थिक दबाव आने का उल्लेख करते हुए, निर्माण उद्योग में तत्काल ‘आपातकाल’ घोषित कर राहत प्रदान करने की सरकार से जोरदार मांग की है। इसके साथ ही, प्रत्येक परियोजना में वास्तविक मूल्य वृद्धि के आधार पर कानूनी व्यवस्था द्वारा मूल्य समायोजन न हो पाने के कारण मूल्य समायोजन मार्गदर्शिका-२ को तत्काल जारी करने तथा सभी काल के ठेकों में मूल्य समायोजन की व्यवस्था लागू करने के लिए सरकार से अपील भी की गई है।
राष्ट्रीय सहकारी प्राधिकरण द्वारा बचत एवं ऋण सहकारी संस्थाओं को पंजीकरण के लिए आमंत्रित किए जाने के बावजूद 32 हजार में से मात्र 2,262 संस्थाएं ही पंजीकृत हुई हैं। सहकारी संस्थाओं ने नियामक प्राधिकरण को स्वीकार करने से इनकार करते हुए पंजीकरण में देरी की है, जिससे सहकारी क्षेत्र में नियमन की चुनौती उत्पन्न हो गई है। प्राधिकरण ने अनुशंसा की है कि पंजीकृत न होने वाली सहकारी संस्थाओं के कारोबार को बंद किया जाए और सहकारी अधिनियम में संशोधन कर सुविधा प्रदान करने हेतु मंत्रालय को पत्र लिखा है। 28 चैत्र, काठमाडौँ।
बचत एवं ऋण सहकारी संस्था तथा संघ राष्ट्रीय सहकारी प्राधिकरण को नियामक के रूप में स्वीकार करने में हिचकिचा रहे हैं। गत वर्ष नियामक प्राधिकरण के रूप में स्थापित इस प्राधिकरण ने बचत एवं ऋण कारोबार करने वाली सहकारी संघों और संस्थाओं को पंजीकरण हेतु आग्रह किया था। पर देश के 32 हजार सहकारी संस्थाओं में से प्राधिकरण द्वारा निर्धारित सीमा के अंतर्गत केवल 2,262 संस्थाएं ही पंजीकृत हुई हैं। प्राधिकरण में पंजीकरण के बाद पारदर्शिता बढ़ने या नियमन की बाधाओं के चलते सदस्य संस्थाएं पंजीकरण कराने में संकोच कर रही हैं।
सहकारी क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करने के लिए संसद ने सहकारी अधिनियम २०७४ में संशोधन कर राष्ट्रीय सहकारी प्राधिकरण के गठन की व्यवस्था की थी। उसी के अनुरूप सरकार ने प्राधिकरण का गठन कर लिया है। सहकारी अधिनियम की धारा 20(क) के तहत यह प्रावधान है कि इस धारा की प्रारंभ तिथि से एक वर्ष के भीतर बचत एवं ऋण कारोबार करने वाली संस्थाओं को प्राधिकरण या प्रतिनियुक्त निकाय में पंजीकृत होना आवश्यक है। यह धारा 18 चैत्र 2082 से लागू हुई है, जिसके अनुसार 17 चैत्र तक इन सहकारी संस्थाओं का पंजीकरण होना था। यद्यपि प्राधिकरण ने सहकारी अधिनियम के अनुरूप नियमन करने वाली संस्थाओं को पंजीकरण का आग्रह किया है, लेकिन दी गई समयावधि के भीतर पंजीकरण कराने वाली संस्थाओं की संख्या अपेक्षाकृत बहुत कम है।
२८ चैत, काठमांडू। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी भान्स इरान के साथ शांति वार्ता करने अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व में पाकिस्तान आने वाले हैं। इस प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के जेरेड कुशनर भी शामिल हैं, जो ट्रम्प के पहले कार्यकाल में सलाहकार थे। साथ ही, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकफ भी इस दल का हिस्सा हैं। जेरेड और स्टीव ने पहले भी इजरायल–गाजा युद्ध के अंत हेतु युद्धविराम वार्ता और रूस–यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए हुई वार्ताओं में भाग लिया था।
अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल सवार विमान ‘एयर फोर्स टू’ का फ्रांस की राजधानी पेरिस में पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ईंधन भरवाने के लिए ठहराव हुआ। पाकिस्तान उड़ान से पहले उपराष्ट्रपति भान्स ने पत्रकारों से कहा, ‘यदि ईरानी सद्भावपूर्वक वार्ता के इच्छुक हैं तो हम भी खुले दिल से सहयोग करने को तैयार हैं।’ उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी वार्ता दल को ‘कुछ स्पष्ट दिशानिर्देश’ दिए हैं।
उपराष्ट्रपति भान्स ने ईरान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, ‘यदि हमें बेवकूफ बनाने का प्रयास किया गया तो ईरान को समझना होगा कि अमेरिकी वार्ता दल आसान नहीं है।’ इससे पूर्व, इस्टर पर्व के अवसर पर व्हाइट हाउस में आयोजित भोज में राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान युद्ध समाप्ति समझौते में भान्स की भूमिका पर उठी अटकलों का जवाब दिया था। ट्रम्प के संबोधन से स्पष्ट हुआ कि पाकिस्तान में ईरान के साथ वार्ता अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व की जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति भान्स ही संभालेंगे।
यह उपराष्ट्रपति के तौर पर उनकी सबसे चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है, जहां सफलता सीमित रह सकती है और अगर वार्ता असफल हुई तो उन्हें बहुत कुछ खोना पड़ सकता है। इस्लामाबाद में जारी भान्स के कूटनीतिक दौर को राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। युद्ध को समाप्त करने के लिए स्थायी समझौते की दिशा में प्रगति हेतु उन्हें छह सप्ताह से जारी सैन्य कार्रवाई के कारण एक-दूसरे पर अविश्वास रखने वाले पक्षों को संतुष्ट करना होगा। ईरान के संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकीर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ वार्ता के लिए पहुंच चुके हैं।
पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर होने के बावजूद नेपाल आयल निगम को प्रति पखवाड़े लगभग ८ अरब रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है, यह जानकारी निगम के प्रमुख ने दी है। यदि मध्यपूर्व में जारी तनाव सामान्य नहीं हुआ तो सरकार या वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने की स्थिति बन सकती है, ऐसा उन्होंने चेतावनी दी है।
अमेरिका और इज़राइल द्वारा पिछले महीने ईरान पर हमले के बाद नेपाल आयल निगम ने कम से कम ४ बार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ाई हैं। शुक्रवार मध्यरात्रि से लागू नई कीमतों के अनुसार प्रति लीटर पेट्रोल में १७ रुपए, डीजल और मिट्टी के तेल में २५ रुपए, खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर में १०० रुपए तथा हवाई ईंधन में प्रति लीटर ६ रुपए की वृद्धि की गई है, लेकिन इसके बावजूद निगम को प्रति पखवाड़े ७ अरब ८१ करोड़ रुपए का घाटा होने का अनुमान है।
हाल की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत २१६.५० से २१९ रुपए के बीच पहुंच गई है जबकि डीजल का मूल्य २०४ से २०७ रुपए कायम हुआ है। उपभोक्ताओं को १४.२ किलोग्राम वजन वाले गैस सिलेंडर २०१० रुपए में खरीदना होगा। कुछ दिन पहले मंत्रिपरिषद् ने पेट्रोल, डीजल और मिट्टी के तेल के आयात पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी और आधारभूत विकास कर में ५० प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया था।
नेपाल आयल निगम के कार्यकारी निदेशक चণ্ডिकाप्रसाद भट्ट ने शुक्रवार को जारी किए गए सार्वजनिक आह्वान में ईंधन की खपत कम करने एवं संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा, “यदि एक बाइक चालक रोजाना एक लीटर पेट्रोल बचाता है तो सरकार को प्रतिदिन लगभग २२ करोड़ रुपए की बचत होगी।” उन्होंने आगे कहा, “१५ दिनों में ३ अरब ९० करोड़ रुपए की बचत की संभावना है, इसलिए सभी से पेट्रोलियम उत्पादों में संयम बरतने का आग्रह है।”
२८ चैत, पाँचथर । जेनजी आन्दोलन के दौरान कारागार से भागे १३ कैदियों को पाँचथर में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पाँचथर के पुलिस प्रमुख डीएसपी अनिश कर्ण के अनुसार, विभिन्न समयों पर इन १३ कैदियों को नियंत्रण में लिया गया है। शुक्रवार को तुम्बेवा गाउँपालिका–२ से एक कैदी को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं, सुनसरी के झुम्का कारागार से फरार ३५ वर्षीय रमेश लावती को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कर्तव्य ज्यान के मामले में दोषी ठहराए जा चुके और सजा भुगत रहे लावती को वहीं से गिरफ्तार किया गया था। २५ वर्ष की सजा पाए लावती ने पहले ही ७ वर्ष का कारावास पूरा कर लिया था। उनकी जानकारी पुलिस को गोपनीय सूत्रों से मिली थी जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। डीएसपी कर्ण ने फरार कैदियों को पकड़ने की प्रक्रिया तेज़ गति से जारी होने की जानकारी दी है।
२८ चैत, काठमांडू। वर्तमान में देश में पश्चिमी वायु और स्थानीय वायु का आंशिक प्रभाव बना हुआ है। इस प्रभाव के कारण कोशी, बागमती और गण्डकी प्रदेश के पहाड़ी तथा हिमाली क्षेत्रों सहित देश के अधिकांश हिमाली क्षेत्रों में सामान्यतः बादल छाए हुए हैं, जबकि अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में आंशिक बादल और तराई क्षेत्र में मुख्यतः साफ मौसम रहा है। जल तथा मौसम पूर्वानुमान महाशाखा द्वारा जारी विवरण के अनुसार आज दोपहर कोशी प्रदेश के पहाड़ी तथा हिमाली क्षेत्रों सहित देश के हिमाली क्षेत्रों में सामान्यतः बादल रहेंगे जबकि पहाड़ी और कोशी प्रदेश के तराई क्षेत्रों में आंशिक बादल रहने की संभावना है।
कोशी, गण्डकी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम प्रदेश के हिमाली क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर मेघ गर्जन और बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के तराई के कुछ क्षेत्रों में तूफान चलने की पूर्वाख्या की गई है। इसी प्रकार, आज राति देश के हिमाली भू-भागों में सामान्यतः बादल बने रहेंगे, पहाड़ी क्षेत्रों में आंशिक बादल और तराई में मुख्यतः साफ मौसम रहेगा। कोशी, गण्डकी और कर्णाली प्रदेश के हिमाली भागों के कुछ क्षेत्रों और कोशी तथा गण्डकी प्रदेशों के पहाड़ी क्षेत्रों के एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। वर्षा और हिमपात की संभावना वाले क्षेत्रों के आम जनता तथा वहां यातायात संचालित करने वालों को सतर्क रहने के लिए महाशाखा ने अनुरोध किया है।
तस्वीर कैप्शन, वैशाख १५ से नया शैक्षिक सत्र प्रारंभ होगा (फाइल)लेख जानकारी
सरकार ने नया शैक्षिक सत्र के भीतर विद्यालयों में नामांकन अभियान और कक्षाओं के आरंभ की तारीख को पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस निर्णय का स्थानीय निकायों, कुछ सामुदायिक और निजी विद्यालयों के अधिकारियों ने ‘अव्यवहारिक’ करार देते हुए पुनःविचार का आग्रह किया है।
सरकार ने वर्ष 2083 के शैक्षिक सत्र को वैशाख १५ से शुरू करने और शनिवार-रविवार को दो दिन की छुट्टी देने का निर्णय लिया है। शिक्षा तथा मानवीय संसाधन विकास केंद्र ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे वैशाख १५ से नामांकन अभियान शुरू करें और कक्षाएं केवल २१ तारीख से ही प्रारंभ करें।
केंद्र के अधिकारियों ने कहा है, “दो दिन की छुट्टी देने वाले परिवर्तित संदर्भ के अनुसार सुविधा प्रदान करने हेतु यह ‘परिपत्र’ जारी किया गया है।”
पहले वैशाख के शुरू होते ही नामांकन अभियान प्रारंभ हो गया करता था।
सामुदायिक विद्यालय प्रधानाध्यापक संघ, निजी एवं आवासीय विद्यालय संगठन नेपाल (प्याब्सन) और कुछ स्थानीय निकायों के पदाधिकारियों और शिक्षाविदों ने कहा है कि सरकार का यह निर्णय पढ़ाई-लिखाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
ताप्लेझुंग के एक स्थानीय निकाय ने संघीय सरकार के शैक्षिक सत्र संचालन की तिथि व दो दिन की साप्ताहिक छुट्टी लागू नहीं करने की घोषणा कर दी है।
आठराई त्रिवेणी गाउँपालिका के अध्यक्ष दीपेंद्र पोमु के अनुसार, “हम अपने-अपने स्थानीय निकाय के संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार के तहत [वैशाख १] से ही नामांकन अभियान प्रारंभ करने वाला शैक्षिक कैलेंडर जारी करेंगे।”
शिक्षाविद् विद्यानाथ कोइराला ने सरकार के निर्णय को “चिंताजनक” बताया।
उनका कहना है, “पंद्रह दिन बाद शैक्षिक सत्र शुरू और सप्ताह में दो दिन की छुट्टी से ५२ दिनों के पाठ्यक्रम में कमी हो सकती है, जिससे बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार हो सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार में आए लोगों में जोश है, पर विद्यार्थियों के प्रबंधन के लिए अधिक सोच-विचार की जरूरत है।”
शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के निर्णय के बाद उसका पालन करना अनिवार्य है।
प्रवक्ता शिवकुमार सापकोटाले कहा, “सरकार के निर्णय का सम्मान करना होगा और सभी को उसका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना होगा।”
चिंता
तस्वीर स्रोत, RSS
तस्वीर कैप्शन, सरकार ने वैशाख २१ से नया शैक्षिक सत्र शुरू करने को कहा है
प्याब्सन और सामुदायिक विद्यालय प्रधानाध्यापक संघ के पदाधिकारियों ने दो-दिन की छुट्टी को ईंधन संकट से जोड़ा है, परंतु नामांकन शुरू करने व कक्षाएं शुरू करने में विलंब के कारण स्पष्ट नहीं बताया।
प्याब्सन अध्यक्ष कृष्ण अधिकारी ने कहा, “विद्यालयों को बंद क्यों करना है, इस बारे में स्पष्ट जानकारी मंत्रालय व स्थानीय सरकारों से नहीं मिली है।”
उन्होंने आगे कहा, “जब केवल वैशाख १५ से नामांकन शुरू होता है तो विद्यालयों को विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित करने हेतु तैयार होने का पर्याप्त समय नहीं मिले, जो चुनौतीपूर्ण हो सकता है।”
वैशाख २१ से कक्षा शुरू होने पर उस महीने के फीस संबंधी विवाद भी सम्भावित हैं।
प्रधानाध्यापक संघ के अध्यक्ष सुदनप्रसाद गौतम ने कहा कि दो दिन की छुट्टियों के कारण शैक्षिक बोझ पर असर पड़ेगा और नामांकन अभियान में देरी से विद्यार्थियों का नामांकन कम हो सकता है।
“हमें हर समुदाय के विद्यार्थियों को समान रूप से आकर्षित करना होगा। कई निजी विद्यालयों ने पहले ही नामांकन कर लिया है, इसलिए सामुदायिक विद्यालयों पर असर पड़ सकता है,” गौतम ने कहा।
आठराई त्रिवेणी के अध्यक्ष पोमु ने दो-दिन की छुट्टियों के निर्णय पर आपत्ति जतायी और कहा कि शिक्षा मंत्रालय केवल काठमांडू देखकर पूरे देश की स्थिति नहीं समझता।
उन्होंने कहा, “पाठ्यक्रम विकास केंद्र २२ दिनों का पाठ्यक्रम बना देता है, पर दो दिन की छुट्टी देने से अध्ययन कैसे होगा? क्या तेल की कीमत बढ़ना पूरे नेपाल में एक ही नियम लागू करेगा?”
शिक्षाविद् कोइराला ने कहा कि विकसित देशों में शिक्षण विधि और नेपाल की स्थिति अलग है।
उन्होंने कहा, “नॉर्वे या फिनलैंड में तीन दिन पढ़ाकर काम चल जाता है लेकिन हमारे यहां शिक्षकों का ऐसा स्तर नहीं है।”
“५२ दिनों की छुट्टी में बच्चों को कैसे व्यस्त रखा जाए, अभिभावक क्या कहेंगे? और पाठ्यक्रम का प्रबंधन कैसे होगा? यह सोचने का विषय है,” उन्होंने कहा।
मंत्रालय अधिकारियों की प्रतिक्रिया
तस्वीर स्रोत, Ministry of Education, Science & Technology
शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सापकोटा ने कहा, “सरकार के निर्णय के कार्यान्वयन के बारे में ही टिप्पणी की जा सकती है। निर्णय के तर्क पर हमने चर्चा नहीं की है।”
शिक्षा तथा मानवीय संसाधन विकास केंद्र के निदेशक श्यामप्रसाद आचार्य ने ईंधन संकट के कारण कुछ मामूली समायोजन किए जाने की बात स्पष्ट की है।
आचार्य ने कहा, “सरकार ने निर्णय लिया है, हम उसका क्रियान्वयन करने का मार्ग दिखा रहे हैं।”
“वैशाख १५ से शैक्षिक सत्र शुरू होगा। नामांकन केवल दो दिन बाद शुरू होने की व्यवस्था की गई है ताकि भ्रम न हो और पर्याप्त समय मिले।”
कुछ संबंधित पक्षों को उम्मीद है कि इस निर्णय की पुनःविचार की जाएगी।
प्रधानाध्यापक संघ के अध्यक्ष गौतम ने कहा, “हम मंत्रालय के अधिकारियों से पुनर्विचार का अनुरोध करेंगे।”
प्याब्सन के अध्यक्ष अधिकारी ने भी कहा कि वे इस विषय पर प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा, “सरकार ने कुछ विषयों में जागरूकता दिखायी है। एमबीबीएस और इंजीनियरिंग प्रवेश बंद करने की बात भी ठीक की गई है। यदि नामांकन १५ तक कर लिया जाए और उसके बाद पढ़ाई शुरू हो तो हम स्वीकार करेंगे।”
शिक्षाविद् कोइराला ने सुधार के अवसर भी देखे हैं।
“विद्यार्थियों को छुट्टी के दौरान व्यस्त रखने के तरीके खोजने होंगे, पाठ्यक्रम का समायोजन करना होगा और शिक्षण विधियों को विकसित करना होगा,” उन्होंने कहा।
“सरकार के निर्णय का सम्मान करते हुए सुधार की दिशा में काम करना होगा। इस तरह हम दोनों पक्ष साथ बढ़ सकते हैं।”
शैक्षिक अधिकारियों के अनुसार, पुनर्विचार पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है।
“यदि पेट्रोलियम उपलब्धता सुगम हो जाती है तो सरकार नया निर्णय ले सकती है। फिलहाल इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता,” आचार्य ने कहा।
शिक्षा और मानव संसाधन विकास केंद्र द्वारा जारी परिपत्र में विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे वैशाख २ से नए शैक्षिक सत्र की योजना, वार्षिक कार्यतालिका, शैक्षिक योजना, शिक्षकों के पेशेवर विकास और विद्यार्थियों के सीखने के सुधार संबंधी गतिविधियां करें।
२८ चैत, काठमांडू। पूर्वप्रधानमंत्री डा. बाबुराम भट्टराई भारत जाने वाले हैं। वे चैत २९, रविवार को भारत के आईटीएम विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले ‘डा. राममनोहर लोहिया स्मृति व्याख्यान’ कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित होंगे। उनके साथ-साथ पूर्वमंत्री हिसिला यमी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम डा. भीमराव अम्बेडकर की जन्मजयन्ती के अवसर पर लगातार ११ वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम आगामी वैशाख १ को निर्धारित है। भारत यात्रा के दौरान, वैशाख २ को भट्टराई साउथ एशियान यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली में भी प्रमुख वक्ता के रूप में भाग लेंगे, यह जानकारी सचिवालय ने दी है। वैशाख २ की शाम को उनका नेपाल लौटने का कार्यक्रम है।
२८ चैत, स्याङ्जा। चैत-वैशाख के सूखे मौसम के दौरान हर वर्ष वन डढेलो का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इस वर्ष स्याङ्जा में इस खतरे में उल्लेखनीय कमी आई है। पूर्व में सामान्य लापरवाही के कारण बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र प्रभावित होते थे, जिससे वन्य जीव और स्थानीय बस्तियों को जोखिम होता था, परंतु अब स्थिति में सुधार दिखाई दे रहा है। डिवीजन वन कार्यालय स्याङ्जा के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष २०७९/८० में लगभग ४९७.२ हेक्टेयर वन क्षेत्र में आग लगी थी, जबकि वित्तीय वर्ष २०८०/८१ में यह संख्या घटकर केवल २४ हेक्टेयर तक सीमित रह गई। इस वर्ष आँधीखोला गाउँपालिका के राम्चे क्षेत्र में मामूली डढेलो के अलावा कोई बड़ी क्षति की घटना सार्वजनिक नहीं हुई है।
डिवीजन वन अधिकारी नवराज बराल ने बताया कि समय-समय पर हुई वर्षा, जागरूकता कार्यक्रम और पूर्व तैयारी ने वन डढेलो नियंत्रण में सकारात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में डढेलो बहुत कम देखी गई है।’ उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय लोगों की सक्रियता और समय पर किए गए प्रबंधन ने जोखिम को कम करने में मदद की है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जोखिम पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए सभी पक्षों को सतर्क रहना आवश्यक है। फागुन-चैत के शुष्क मौसम के बावजूद बीच-बीच में हुई वर्षा ने वन क्षेत्र की हरियाली बनाए रखने में सहायता की है। इसके अलावा, वन कार्यालय द्वारा संचालित जनजागरूकता अभियान और डढेलो नियंत्रण की पूर्व तैयारी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पतझड़ के मौसम में जोखिम में आने वाले पाखापखेरा क्षेत्रों में भी वन संरक्षण होना सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। जिले भर में मौजूद ५२५ सामुदायिक वन सुरक्षित हैं, जिससे “हरियो वन नेपालको धन” का नारा यथार्थ रूप में प्रतीत होता है। फिर भी, वैशाख तक संवेदनशील समय बाकी है, इसलिए लगातार सतर्कता बनाए रखने से स्याङ्जा की यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए एक मिसाल बन सकती है।
फोटो क्रेडिट : X/@IraninSA २८ चैत, काठमांडू। अमेरिका के साथ प्रस्तावित शांति वार्ता के लिए इरान की उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गई है। इरानी सरकारी संचार माध्यमों के अनुसार यह प्रतिनिधिमंडल वार्ता की तैयारियों के लिए इस्लामाबाद आया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने की पुष्टि की है, जबकि अन्य स्थानीय मीडिया ने भी इस खबर की पुष्टि की है। स्थानीय संचार माध्यमों ने नूर खान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस दल का स्वागत किए जाने की जानकारी दी है।
इरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगर गेलिबाफ कर रहे हैं। उनके साथ इरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीयान, केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हम्मती और संसद के अन्य सदस्य भी शामिल हैं। इस टीम का पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार ने स्वागत किया। स्वागत समारोह में राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनिर और गृह मंत्री मोहसिन रजा नकवी भी मौजूद थे। इरान और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता को क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी रुचि के साथ देखा जा रहा है।