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लेखक: space4knews

ट्रम्प की टिप्पणी: नेतन्याहु के साथ इज़राइल में उचित व्यवहार नहीं हो रहा है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहु के साथ इज़राइल के अंदर उचित व्यवहार नहीं होने का उल्लेख किया है। ट्रम्प ने कहा कि उनकी इज़राइल में लोकप्रियता ९९ प्रतिशत है और वे प्रधानमंत्री पद के चुनाव में भी हिस्सा ले सकते हैं। उन्होंने इरान के साथ युद्ध जल्द समाप्त होने की बात कही और कहा कि इरान समझौता करना चाहता है, साथ ही अमेरिका इरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा। ७ जेठ, काठमाडौं।

ट्रम्प ने इज़राइल में अपनी व्यापक लोकप्रियता का हवाला देते हुए कहा कि वे वहां प्रधानमंत्री पद की चुनाव लड़ सकते हैं। अमेरिका और इरान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई के संदर्भ में संवाद करते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की। पत्रकारों ने उनसे इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहु के साथ इरान पर संभावित हमले और आगामी रणनीति के बारे में पूछताछ की।

उत्तर में ट्रम्प ने कहा, ‘वे (नेतन्याहु) मेरी सलाह के अनुसार काम करेंगे। वे बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। मेरी राय में, इज़राइल में उनके साथ उचित व्यवहार नहीं हो रहा है। फिलहाल मेरी वहां लोकप्रियता ९९ प्रतिशत है। मैं वहां प्रधानमंत्री चुनाव में भी अपनी उम्मीदवारी दे सकता हूँ।’

नेतन्याहु के साथ इरान पर विस्तृत संवाद होने की बात बताते हुए ट्रम्प ने कहा कि इरान के साथ युद्ध जल्द खत्म होगा। उन्होंने कहा, ‘हम उस युद्ध को जल्द खत्म कर रहे हैं। इरान समझौता करना चाहता है। वे इससे थक चुके हैं।’ इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में अमेरिका इरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा। रिपोर्टों के अनुसार, फिलहाल अमेरिका और इरान के बीच तनाव कम करने और वार्ता बढ़ाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन इज़राइल इरान के खिलाफ कड़ी और आक्रामक रणनीति जारी रख रहा है।

चराहरूलाई आफू कस्तो देखिन्छु भनेर कसरी थाहा हुन्छ?

चरागण स्वयं को कैसे पहचानते हैं?

लेखक ने अमेरिका में दुर्लभ श्वेताँखीभौं चरा की खोज करते हुए 533वां जीवनकाल चरा (लाइफर) मिलने का अनुभव साझा किया। भंगेरा पक्षियों में प्रजनन के दौरान अलग-अलग रंगों वाले नर और मादा पक्षी घोंसला सुरक्षित रखने और उसकी देखभाल करने का व्यवहार दर्शाया गया। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के अध्ययन से यह पता चला कि पक्षी अपने प्रतिबिंब को पहचान सकते हैं और उनके गीत सीखने में भिन्नता पाई गई है।

रविवार सुबह, नींद खुलते ही फोन पर नज़र पड़ी। मेरे फोन में दो-चार महत्वपूर्ण एप के अलावा खास किसी एप के नोटिफिकेशन सक्रिय नहीं थे। उनमें से एक था – ग्रुप मी। डिस्कॉर्ड की तरह यह ऐप संदेश भेजने के लिए उपयोग होता है और यहां पर पक्षी देखने वाले अधिकांश लोग यही ऐप इस्तेमाल करते हैं। ग्रुप मी में भी अधिकतर अचानक या दुर्लभ पक्षी मिलने पर ही संदेश आते हैं। नोटिफिकेशन देखकर नींद खुल गई। जल्दी से देखा कि “गार्गने इन सदर्न मिनेसोटा” लिखा था। गार्गने या नेपाली में श्वेताँखीभौं एशिया और यूरोप में पाए जाने वाले पक्षी हैं, अमेरिका में ये अत्यंत दुर्लभ और फिरन्ते (माइग्रेटिंग) होते हैं। मैं श्वेताँखीभौं को कोशी टप्पु वन्यजीव अभयारण्य में देख चुका था, पर अमेरिका में यह मेरे लिए नया लाइफर था।

उस समय मेरा अमेरिका का लाइफर 532 था! 533वें नंबर के उस पक्षी को देखने की तीव्र इच्छा से हम तीन घंटे दूर उस स्थान की ओर चल पड़े। पहुंचने पर दोपहर का समय हो चुका था। एक खेत के किनारे जमा पानी की जगह पर बहुत सारे हंस मौजूद थे। हमने गौर से देखा, पर श्वेताँखीभौं नहीं दिखे। पानी में मौजूद अन्य सभी हंस दूर से भी उस श्वेताँखीभौं जैसा ही दिखते थे। कुछ देर विभिन्न पक्षियों को देखते रहे, लेकिन कोई नहीं मिला। थोड़ी देर बाद एक अलग झुंड के हंस वहां उतरे। मैंने दूरबीन से अच्छी तरह देखा, उन सभी में से एक अलग था। श्वेताँखीभौं! खोजा हुआ पक्षी मिल गया!

इस वर्ष भी प्रदेश और स्थानीय स्तर पर वित्तीय समन्वय अनुदान में कटौती

फेडरल सरकार ने आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में वित्तीय समन्वय अनुदान में ८.५५ प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। अर्थ मंत्रालय ने चालू वर्ष के अनुदान कुल आवंटन का ९१.४५ प्रतिशत से अधिक न होने के नियम के तहत महालेखा नियंत्रण कार्यालय को हस्तांतरण करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन एवं वित्त आयोग ने अनुदान में कटौती न करने और बजट के अनुसार अनुदान वृद्धि सुनिश्चित करने की सरकार को सलाह दी है।

६ जेठ, काठमांडू। फेडरल सरकार ने चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ में भी ८.५५ प्रतिशत के बराबर वित्तीय समन्वय अनुदान में कटौती करने का फैसला किया है। अर्थ मंत्रालय ने ४ जेठ को महालेखा नियंत्रण कार्यालय को पत्र लिखकर चालू वर्ष के वित्तीय समन्वय अनुदान को कुल आवंटन के ९१.४५ प्रतिशत से अधिक न बढ़ाकर ही हस्तांतरित करने का निर्देश दिया है। इसी अनुसार कार्यालय ने कोष एवं लेखा नियंत्रण कार्यालयों को भी निर्देशित किया है।

कार्यालय के अनुसार, प्रदेश और स्थानीय स्तर को चौथी किस्त के समय उस किस्ते की २१.०२ प्रतिशत तथा कुल आवंटन के ९१.४५ प्रतिशत से अधिक न बढ़ाकर ही अनुदान राशि हस्तांतरित की जाएगी। अर्थ मन्त्रालय ने ऐसी वित्तीय समन्वय अनुदान कटौती के लिए चैत महीने तक प्राप्त राजस्व को आधार बनाया है। मंत्रालय का तर्क है कि राजस्व लक्ष्य का केवल ८४.११ प्रतिशत ही संकलित हुआ है, इसलिए उसी अनुपात में वित्तीय समन्वय अनुदान में कटौती की आवश्यकता पड़ी है।

वहीं, स्थानीय स्तर, प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन एवं वित्त आयोग ने यह कहते हुए कि संसद द्वारा पारित वित्तीय समन्वय अनुदान के अनुसार ही अनुदान दिया जाना चाहिए, विरोध व्यक्त किया है। फेडरल सरकार द्वारा आर्थिक वर्ष के मध्य में अनुदान कटौती करने से स्थानीय एवं प्रदेश सरकार के बजट कार्यान्वयन प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ता है, यह उनकी दलील है। चालू वर्ष में सरकार ने ७ प्रदेशों के लिए ६० अरब ६६ करोड़ और स्थानीय तह के लिए ८८ अरब ९६ करोड़, कुल मिलाकर १ खरब ४९ अरब ६२ लाख बराबर वित्तीय समन्वय अनुदान आवंटित किया है।

राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन एवं वित्त आयोग ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के लिए वित्तीय समन्वय अनुदान की सिफारिश करते हुए सरकार को अनुदान कटौती न करने का आश्वासन सुनिश्चित करने की सलाह दी है। आयोग ने कहा है, ‘संघीय संसद द्वारा पारित बजट में शामिल संघीय संचयी कोष से प्रदेश एवं स्थानीय सरकारों को हस्तांतरित वित्तीय समन्वय अनुदान की रकम आर्थिक वर्ष के मध्य में किसी भी स्थिति में कटौती न की जाए और पिछले वर्षों में बजट के आकार में वृद्धि के अनुपात में इस अनुदान की कुल मात्रा (सीलिंग) बढ़ाने की व्यवस्था करना आवश्यक है।’

कोशी प्रदेश सरकार आज नीति तथा कार्यक्रम जारी करेगी

७ जेठ, विराटनगर । कोशी प्रदेश सरकार आगामी आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के लिए अपनी वार्षिक नीति तथा कार्यक्रम आज जारी करने जा रही है। कोशी का बजट अधिवेशन बुधवार से शुरू हो चुका है। आज के दूसरे बैठक में सरकार की ओर से नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदेश प्रमुख पर्शुराम खापुङ दोपहर ३ बजे होने वाली प्रदेशसभा की बैठक में नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत करने की कार्यसूची में इसे शामिल किया गया है। हिक्मतकुमार कार्की के नेतृत्व वाली सरकार ने कृषि, पर्यटन, पूर्वाधार और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए नीति तथा कार्यक्रम तैयार किया है। इसी नीति तथा कार्यक्रम के आधार पर सरकार आगामी असार १ से आर्थिक वर्ष २०८३/८४ का वार्षिक बजट प्रस्तुत करने की योजना बना रही है।

क्युबा के पूर्व नेता राउल क्यास्ट्रो पर अमेरिका में हत्या के आरोप

संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्युबा के पूर्व नेता राउल क्यास्ट्रो पर एक अमेरिकी नागरिक की हत्या और 1996 में क्युबा तथा फ्लोरिडा के बीच दो विमान दुर्घटनाओं में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। बुधवार को सार्वजनिक हुए इस मामले में ‘ब्रदर्स’ नामक क्युबा-अमेरिकी समूह से जुड़े विमान गिरने से तीन अमेरिकी नागरिकों समेत चार लोगों की मृत्यु हुई थी। इस घटना में क्यास्ट्रो और अन्य पांच लोगों के खिलाफ अभियोग तय किए गए हैं। वर्तमान में 94 वर्ष के क्यास्ट्रो उस समय अपने देश की सशस्त्र सेना के प्रमुख थे और इस घटना को लेकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

अमेरिका ने क्युबा के कम्युनिस्ट शासन पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के तहत यहां के राष्ट्रपति मिगेल डिआस कानेल ने अमेरिकी आरोपों को “कोई कानूनी आधार न रखने वाली राजनीतिक चालबाजी” बताया है। मायामी स्थित फ्रीडम टावर में बोलते हुए कार्यवाहक अमेरिकी महान्यायाधिवक्ता टड ब्लान्च ने बताया कि क्यास्ट्रो पर विमान गिराने और नागरिकों की मृत्यु में संलिप्तता के आरोप में चार विभिन्न हत्या के मुकदमे चलाए जा रहे हैं।

“संयुक्त राज्य अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप अपने नागरिकों को नहीं भूलते और भूलना भी नहीं चाहिए,” ब्लान्च ने कहा। ये आरोप अमेरिकी अदालतों में सुनवाई के लिए पेश होंगे और इनमें से कुछ आरोपों में आजीवन कारावास की संभावना भी है। क्युबा के राजनीतिक और आर्थिक सुधार के प्रयासों के बीच अमेरिकी न्याय विभाग ने कम्युनिस्ट शासन के एक वरिष्ठ नेता को निशाना बना कर ये आरोप लगाए हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग के बयान के जवाब में क्युबा के राष्ट्रपति डिआस कानेल ने अमेरिका पर झूठ बोलने और क्युबाई जनता को समूह वार दंडित करने का आरोप लगाया है। पूर्व नेता क्यास्ट्रो पर लगाए गए आरोपों को उन्होंने “क्युबा के विरुद्ध सैन्य आक्रमण को वैध साबित करने का प्रयास” बताया है और विमान दुर्घटना के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने वाले अमेरिकी दावों पर आपत्ति जताई है।

डोल्पामा लेक लागेका बिरामीको हेलिकप्टरबाट उद्धार

डोल्पामा लेक लागेका बिरामीको हेलिकप्टरबाट उद्धार

७ जेठ, डोल्पा। हिमाली जिल्ला डोल्पाको माथिल्लो क्षेत्रबाट लेक लागेर बिरामी परेका एकजनालाई हेलिकप्टरमार्फत उद्धार गरिएको छ। डोल्पाको उत्तरी क्षेत्रमा पर्ने शे-फोक्सुण्डो गाउँपालिका-३ साल्दाङमा लेक लागेर बिरामी भएका बर्दियाको मधुवन नगरपालिका २ गंगा पटुवा घर भएका करिब ३० वर्षीय चन्द्रबहादुर चौधरीलाई नेपाली सेनाको हेलिकप्टरमार्फत उद्धार गरिएको छ, जसबारे जिल्ला प्रहरी कार्यालय डोल्पाले जानकारी दिएको छ।
प्रहरीका अनुसार, चौधरी फोक्सुण्डो गाउँपालिकाको नाममा रहेको बा १ ग ३६३६ नम्बरको स्काभेटर मर्मतका लागि जगदम्बा इन्जिनियर कम्पनी ललितपुरबाट मुस्ताङ हुँदै जेठ ३ गते साल्दाङ पुगेका थिए। जेठ ४ गते बिहान करिब ११:३० बजे अचानक उनलाई श्वासप्रश्वासमा समस्या देखिएपछि उपचारका लागि साल्दाङ स्वास्थ्य चौकीमा लगिएको थियो। स्थानीय स्वास्थ्य चौकीमा औषधि उपचार प्रभावकारी नहुँदा गाउँपालिका अध्यक्ष धावा सुम्दुक गुरुङको समन्वयमा थप उपचारका लागि मंगलबार नेपाली सेनाको हेलिकप्टरमार्फत उद्धार गरी प्रदेश अस्पताल सुर्खेत पठाइएको प्रहरीले जनाएको छ।

सेयर बजार ३० अंक की तेजी के साथ सभी सूचकांकों में सुधार

सेयर बजार बुधवार को ३०.०८ अंक (१.१० प्रतिशत) की बढ़ोतरी के साथ २७५४ अंक पर पहुंच गया है। कारोबार की रकम ३ अरब ८२ करोड़ रुपए रही, जो पिछले दिन की तुलना में अधिक है। अपर लोहोरेखोला जलविद्युत का मूल्य १५ प्रतिशत की सबसे अधिक बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। ६ जेठ, काठमांडू। पिछले दिन ६ अंक की गिरावट के बाद सेयर बजार बुधवार को ३० अंक की तेजी के साथ खुला। ३०.०८ अंक (१.१० प्रतिशत) की बढ़त के साथ नेप्से परिसूचक २७५४ अंक पर स्थिर हुआ, जो पूरे दिन का उच्चतम स्तर भी है। कारोबार की रकम भी बढ़ी है। पिछले दिन ३ अरब ८ करोड़ रुपए के मुकाबले आज ३ अरब ८२ करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है। शुरुआत से लेकर अंत तक बाजार में मजबूती बनी रही। २१ कंपनियों के शेयर के मूल्य घटे जबकि २४८ कंपनियों के शेयर के मूल्य बढ़े। एक कंपनी (एनएलजी) का मूल्य अपरिवर्तित रहा। सभी समूहों के सूचकांकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हाइड्रोपावर और होटल एवं पर्यटन समूह सूचक सबसे अधिक १.८९ प्रतिशत की वृद्धि के साथ शीर्ष पर रहे। बैंकिंग ०.७३, विकास बैंक ०.४४, फाइनान्स १.४०, लगानी १.१५, जीवन बीमा ०.९७, उत्पादन तथा प्रशोधन १.१५, माइक्रोफाइनांस ०.६२, निर्जीवन बीमा ०.४४, अन्य १.०९ और व्यापार १.५१ प्रतिशत की तेजी के साथ उभरे। अपर लोहोरेखोला जलविद्युत का मूल्य १५ प्रतिशत की सबसे बड़ी तेजी के साथ बढ़ा। इसके अलावा माउंटेन हाइड्रो नेपाल का मूल्य ११.८८, बुंगल हाइड्रो ७.५१, शिखर पावर ६.१२, और सिटी होटल ५.९० प्रतिशत की वृद्धि के साथ नजर आए। कर्पोरेट डेवलपमेंट बैंक का मूल्य सबसे अधिक १३.२६ प्रतिशत की गिरावट के साथ नीचे आया। बोटलर्स नेपाल बालाजु के शेयर ३ प्रतिशत तथा कुथेली बुखरी हाइड्रोपावर के शेयर २.०७ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। आज सबसे अधिक कारोबार करने वाली पाँच कंपनियों में कर्पोरेट डेवलपमेंट बैंक, आँखुखोला जलविद्युत, अपी पावर, रिडी पावर और नेशनल हाइड्रोपावर शामिल हैं।

प्रेस काउन्सिल, सार्वजनिक सेवा प्रसारण संस्था और गोरखापत्र संस्थान में पदपूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित

सूचना एवं संचार मंत्रालय ने प्रेस काउन्सिल, सार्वजनिक सेवा प्रसारण संस्थान के अध्यक्ष और गोरखापत्र संस्थान के महाप्रबंधक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि १८ जेठ निर्धारित की गई है और विस्तृत सूचना मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

बालेन के नेतृत्व वाली सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों को निरस्त कर नए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विज्ञापन जारी किया है। ७ जेठ, काठमांडू। प्रेस काउन्सिल और सार्वजनिक सेवा प्रसारण संस्थान के अध्यक्ष तथा गोरखापत्र संस्थान के महाप्रबंधक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि इसी जेठ १८ तक है।

२१ फागुन को सम्पन्न प्रतिनिधि सभा चुनाव के बाद गठित बालेन नेतृत्व वाली सरकार ने पूर्व सरकार के समय की गई राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द करते हुए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने हेतु विज्ञापन जारी किया है। आवेदन फॉर्म, आवश्यक योग्यताएं, संलग्न करने वाले दस्तावेज आदि के विस्तृत विवरण सूचना एवं संचार मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित सूचना में शामिल हैं।

इरान के साथ युद्ध रोकने के लिए अमेरिकी कांग्रेस ने प्रस्ताव पारित किया, ट्रम्प के पास अभी भी वीटो अधिकार बरकरार

अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति ट्रम्प के सैन्य अधिकारों को सीमित करने वाला प्रस्ताव ५०-४७ मत से पारित किया है। यदि यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो ट्रम्प प्रशासन को इरान के विरुद्ध युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अमेरिकी कानून के अनुसार राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की अनुमति केवल ६० दिन तक ही सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। ७ जेष्ठ, काठमांडू।

मतदान में चार रिपब्लिकन सांसदों ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ सहमति व्यक्त की, जबकि तीन रिपब्लिकन सांसद मतदान में अनुपस्थित रहे। यह प्रस्ताव ५०-४७ वोट के अंतर से पारित हुआ है। हालांकि, इसे कानून बनाने के लिए अभी कुछ प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। यदि यह प्रस्ताव कानून बन जाता है, तो ट्रम्प प्रशासन को इरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की अनुमति लेनी होगी। वर्तमान में सिनेट में इस विषय पर अंतिम मतदान होना बाकी है।

रिपब्लिकन बहुमत वाले हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स से भी इस प्रस्ताव को अनुमोदन मिलना आवश्यक होगा। इसके बाद भी ट्रम्प इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। वीटो को रद्द करने के लिए सिनेट और हाउस दोनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए, जो इस समय आसानी से मिलना संभव नहीं है। मंगलवार शाम को अमेरिकी कांग्रेस के सिनेट में इरान के साथ युद्ध रोकने को लेकर बैठक हुई थी।

विपक्षी दल इस मतदान को बड़ी सफलता मान रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी संविधान के अनुसार युद्ध शुरू करने या सेना भेजने का अधिकार राष्ट्रपति के बजाय संसदीय निकाय के पास होना चाहिए। यह प्रस्ताव वर्जीनिया राज्य के डेमोक्रेटिक सिनेटर टिम केन ने प्रस्तुत किया था। बहस के दौरान उन्होंने कहा, ‘जहाँ युद्ध-विराम की बात हो रही है, ट्रम्प को संसद के समक्ष आकर अपनी रणनीति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करनी चाहिए।’ दूसरी ओर, व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रम्प ने अमेरिकी सुरक्षा के लिए अपने अधिकारों का प्रयोग कर कार्रवाई की है।

‘डार्क एनर्जी’: ब्रह्माण्ड के विशाल नवीन नक्शे से मिली संकेत

पाँच हज़ार फाइबर-ऑप्टिक सेंसरों से सुसज्जित एक अत्यंत शक्तिशाली उपकरण ने ब्रह्माण्ड का विशाल नक्शा प्रस्तुत किया है। यह सबसे बड़ा नक्शा हमारी ब्रह्माण्ड संबंधी वर्तमान अवधारणा को चुनौती दे रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका के एरिजोना स्थित किट पीक राष्ट्रीय वेधशाला में स्थापित ‘डार्क एनर्जी स्पेक्ट्रोस्कोपिक इंस्ट्रूमेंट’ (डेसी) नामक उपकरण ने 4.7 करोड़ से अधिक तारामंडल और क्वेज़ार, तथा 2 करोड़ से अधिक तारों की छवियां खींची हैं। यह संख्या पूर्व में गिनी गई तारामंडलों एवं अन्य ब्रह्माण्डीय वस्तुओं की कुल संख्या से छह गुना अधिक है। ये छवियां लगभग 11 अरब प्रकाश वर्ष दूर की हैं, अर्थात् डेसी ने ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति के प्रारंभिक चरण में मौजूद तारामंडलों की तस्वीरें ली हैं। कोलंबिया स्थित ईसीसीआई विश्वविद्यालय के खगोल वैज्ञानिक लुस आन्हेला गार्सिया के अनुसार वह काल करीब 13.7 अरब वर्ष पूर्व है।

यह नक्शा तारामंडलों की संरचना और उनकी बनावट को बेहतर रूप से समझने में मदद करता है तथा अब तक विज्ञान के लिए विशाल रहस्य मानी जाने वाली ‘डार्क एनर्जी’ से संबंधित नए संकेत प्रदान करता है। डेसी ने पाँच वर्षों में आकाश के एक तिहाई भाग का नक्शांकन किया है। इस दौरान, विशेष रूप से इस उपकरण ने एक ही रात में एक लाख से अधिक तारामंडलों का मापन किया। उन तारामंडलों से प्रकट हुई रोशनी फाइबर-ऑप्टिक डिटेक्टरों के माध्यम से उपकरण में प्रवेश करती है, जिससे उनकी ‘स्पेक्ट्रम’ अर्थात वर्णक्रम को मापा जा सकता है और ब्रह्माण्ड के कितना फैलाव हुआ है, इसका आकलन संभव होता है। लेकिन डेसी की एक अन्य बड़ी सफलता यह है कि इसने ‘डार्क एनर्जी’ को समझने के लिए एक नया दृष्टिकोण दिया है। माना जाता है कि ब्रह्माण्ड का 70 प्रतिशत तत्व ‘डार्क एनर्जी’ पर आधारित है, जो ब्रह्माण्ड के फैलाव को प्रेरित करने वाली शक्ति की तरह कार्य करता है।

अब तक डार्क एनर्जी को ‘कॉस्मोलॉजिकल कॉन्स्टैंट’ यानी ‘ब्रह्माण्डीय स्थिरांक’ माना जाता है। अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने सामान्य सापेक्षता सिद्धांत के समीकरणों में इस स्थिरांक को सम्मिलित किया था। क्लेयर कैमरोन ने ‘साइंटिफिक अमेरिकन’ पत्रिका में प्रकाशित एक लेख में बताया है कि यह अवधारणा ब्रह्माण्ड के स्थिर विस्तार की व्याख्या करती है। यह नवीन खोज इस विचार को और मजबूत करती है कि विकसित होती हुई ऊर्जा के रूप में डार्क एनर्जी स्थिर नहीं रहती, बल्कि समय के साथ विकसित होती है।

समूह ‘जी’: अप्रत्याशित परिणाम दिए सक्ने समूह

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार।

  • फीफा विश्वकप 2026 के समूह ‘जी’ में बेल्जियम, मिस्र, ईरान और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
  • इस समूह को अनुभव, रणनीति और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा माना जा रहा है।
  • बेल्जियम के कोच रुडी गार्सिया आक्रामक खेल शैली अपनाकर ट्रॉफी जीतने का प्रयास कर रहे हैं।

6 जेठ, काठमांडू। फीफा विश्वकप 2026 के तहत समूह ‘जी’ में बेल्जियम, मिस्र, ईरान और न्यूजीलैंड शामिल हैं। इस समूह को अनुभव, रणनीति और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा माना जा रहा है।

यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ओशिनिया के चार अलग-अलग शैली के दल एक ही समूह में होने की वजह से प्रतिस्पर्धा बहुत ही रोचक होने वाली है।

समूह का स्पष्ट फेवरेट बेल्जियम है, लेकिन मोहम्मद सलाह के नेतृत्व में मिस्र, हमेशा अनुशासित और मजबूत प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले ईरान, और लंबे अंतराल के बाद विश्वकप में लौटे न्यूजीलैंड ने समूह को खुला बनाया है।

शीर्ष स्थान के लिए बेल्जियम अग्रणी दिखता है, फिर भी दूसरे स्थान की लड़ाई अंतिम मैच तक जारी रहने का अनुमान है।

बेल्जियम

पिछले एक दशक में बेल्जियम की ‘गोल्डेन जेनरेशन’ ने विश्वकप ट्रॉफी का सवाल हमेशा उठाए रखा, लेकिन वह ट्रॉफी जीतने में सफल नहीं हो पाई। अब 2026 में बेल्जियम एक नए ‘ट्रांजिशन फेज’ में है।

केविन डी ब्रूइने और रोमेलु लुकाकू जैसे अनुभवी खिलाड़ी अंतिम विश्वकप में हैं, वहीं जैरेमिक डोकू, लोइस ओपेंडा और चार्ल्स डी केटेलायर जैसे युवा सितारे टीम की नई ऊर्जा हैं।

कोच रुडी गार्सिया 4-3-3 और 4-2-3-1 के बीच आसानी से परिवर्तन करते हुए आक्रामक, हाई प्रेसिंग स्टाइल अपना रहे हैं। पहले हमेशा उपाधि के अंडरडॉग रहे बेल्जियम इस बार अलग तरीके से खेलने की कोशिश करेगा।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम – तीसरा स्थान (2018), अंतिम भागीदारी – 2022

मिस्र

मिस्र अपनी इतिहास में चौथी बार और 2018 के बाद पहली बार विश्वकप में लौटा है। कोच हुसाम हसन के लिए यह खास यात्रा है, क्योंकि वे खिलाड़ी और कोच दोनों के रूप में मिस्र को विश्वकप में पहुँचाने वाले पहले व्यक्ति हैं।

चयन में 10 मैच अपराजित रहते हुए केवल दो गोल खाए मिस्र ने अपनी ताकत दिखाई। टीम का ढांचा रक्षात्मक अनुशासन पर आधारित है, जहाँ मोहम्मद सलाह और उमर मरमाउश को काउंटर अटैक में प्रयोग किया जाता है।

जब हमला तालमेल में होगा, तो मिस्र समूह की सबसे बड़ी ‘अपसेट’ टीम बन सकती है।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम – समूह चरण (1934, 1990, 2018), अंतिम भागीदारी – 2018

ईरान

ईरान लगातार चौथे विश्वकप में खेल रहा है और एशिया की सबसे स्थिर टीमों में से एक माना जाता है। कोच अमीर घालेनोई की टीम ने क्वालिफिकेशन में 16 मैचों में केवल एक मैच खोया है, जो उनकी निरंतरता दिखाता है।

महेदी तरीमी टीम के मुख्य गोलस्कोरर और आक्रमण के केंद्र हैं। लेकिन सरदार अजमुन के अनुपस्थिति में टीम के आक्रमण पर दबाव बढ़ा है। ईरान की खेलने की शैली पूरी तरह परिणाममुखी है।

रक्षात्मक अनुशासन, मजबूत मिडफील्ड और तेज काउंटर अटैक इसके मुख्य हथियार हैं। रचनात्मकता सीमित होने के बावजूद, मुश्किल मैचों में ईरान को हराना आसान नहीं होता।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम – समूह चरण, अंतिम भागीदारी – 2022

न्यूजीलैंड

‘ऑल व्हाइट्स’ यानी न्यूजीलैंड 2010 के बाद पहली बार विश्वकप में लौटा है। ओशिनिया में क्वालिफिकेशन में पूरी दबदबा बनाकर न्यूजीलैंड ने सभी पांच मैच जीते और केवल एक गोल खाया।

कोच डैरेन बाजली की टीम शारीरिक ताकत, संगठन और कप्तान क्रिस वुड की व्यक्तिगत क्षमताओं पर निर्भर है। 2010 में तीनों मैच ड्रॉ लेकर अपराजित रहना इसकी विश्वकप इतिहास की बड़ी उपलब्धि है।

इस बार भी न्यूजीलैंड की रणनीति रक्षात्मक ब्लॉक और सीधा हमला होगी। कमजोर समझे जाने के बावजूद बिना दबाव खेले वो खतरनाक हो सकते हैं।

सर्वश्रेष्ठ परिणाम – समूह चरण (1982, 2010), अंतिम भागीदारी – 2010

तेल र ग्यासको अभावको खबरबारे हिन्दुस्तान पेट्रोलियमले के भन्यो ?

हिन्दुस्तान पेट्रोलियम ने इंधन व गैस की कमी के समाचारों को खारिज किया

७ जेठ, काठमाडौं । भारत की प्रमुख तेल कंपनियों में से एक हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने देशभर में इंधन और गैस की कमी होने संबंधी खबरों को खारिज कर दिया है। कंपनी ने अपने रिटेल बिक्री केन्द्रों पर आपूर्ति में कोई समस्या नहीं होने की स्पष्ट जानकारी दी है। एचपीसीएल ने बताया कि उसका संचालन पूरी तरह से सामान्य है और कार्य में कोई बाधा नहीं आई है।

ईरान संकट के कारण देश में तेल और गैस आपूर्ति में कमी आई है तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में लोग गैस की कमी का सामना कर रहे हैं, ऐसी खबरें सामने आई थीं। लेकिन एचपीसीएल ने इन इंधन कमी संबंधी खबरों को भ्रामक बताया है। कंपनी ने सामाजिक संचार माध्यम प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘एचपीसीएल स्पष्ट करना चाहता है कि इंधन की कमी और आपूर्ति में कोई बाधा होने की रिपोर्टें भ्रामक हैं और वास्तविक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करतीं।’

कंपनी ने आगे कहा, ‘एचपीसीएल के रिटेल आउटलेट्स में इंधन की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और नियमित रूप से पुनः भरण कर निर्बाध संचालन हो रहा है।’ साथ ही, ‘कुछ स्थानों पर ग्राहकों की ज्यादा भीड़ होना और लाइन लगना मुख्य रूप से मई माह में होने वाली मौसमी मांग में वृद्धि से जुड़ा है,’ संदेश में उल्लेख है। ‘इसके अलावा, कई ग्राहक एचपीसीएल के रिटेल आउटलेट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि कुछ निजी आउटलेट्स में इंधन अपेक्षाकृत महंगे दामों पर बिक्री हो रहा है।’

बागमती और गण्डकी प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर, मधेस प्रदेश कमजोर

राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने चालू आर्थिक वर्ष २०७९/८० में बागमती और गण्डकी प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रहने का अनुमान लगाया है। बागमती प्रदेश देश के कुल घरेलू उत्पादन में ३६.७ प्रतिशत हिस्सा लेकर सबसे अधिक आर्थिक योगदान देगा। चालू वर्ष में बागमती प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय २६४४ अमेरिकी डॉलर और मधेस प्रदेश की ९३४ अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान कार्यालय ने सार्वजनिक किया है। ६ जेठ, काठमाडौं।

चालू आर्थिक वर्ष २०७९/८० में बागमती और गण्डकी प्रदेश की आर्थिक वृद्धि राष्ट्रीय औसत से ऊपर रहने की स्थिति प्रकट होती है। राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने बुधवार को प्रकाशित प्रादेशिक लेखा तथ्यांक अनुमान अनुसार बागमती की आर्थिक वृद्धि दर सबसे अधिक ५.४० प्रतिशत रहने का अनुमान है। गण्डकी की वृद्धि दर ५.०१ प्रतिशत रहने की अपेक्षा की गई है। राष्ट्रीय कुल घरेलू उत्पादन वार्षिक वृद्धि दर का प्रारंभिक अनुमान ३.८५ प्रतिशत है। इस आधार पर बागमती और गण्डकी के आर्थिक वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर होंगे। अन्य प्रदेशों में सबसे कमजोर वृद्धि दर मधेस प्रदेश की रहने की जानकारी कार्यालय के उपप्रमुख तथ्यांक अधिकारी एवं प्रवक्ता ढुण्डीराज लामिछाने ने दी।

मधेस की आर्थिक वृद्धि दर केवल १.३१ प्रतिशत रहने का अनुमान है। अन्य प्रदेशों में कोशी ३.१३, लुम्बिनी २.८७, कर्णाली २.९४ और सुदूरपश्चिम ३.२८ प्रतिशत वृद्धि दर रहने की जानकारी कार्यालय ने दी है। इस वर्ष कोशी, बागमती, गण्डकी और सुदूरपश्चिम प्रदेशों की आर्थिक वृद्धि दर पिछले वर्ष की तुलना में सुधरी है। बागमती को छोड़कर अन्य सभी प्रदेशों में कृषि क्षेत्र का योगदान अधिक है, जबकि बागमती प्रदेश में थोक एवं खुदरा व्यापार गतिविधि का योगदान अधिक है।

बागमती में प्रति व्यक्ति आय २६४४ डॉलर और मधेस में ९३४ डॉलर है। राष्ट्रीय औसत प्रति व्यक्ति आय १५१३ अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है। प्रदेशवार देखें तो सबसे अधिक बागमती प्रदेश में है। इसी तरह गण्डकी प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय १६५१, कोशी १४१०, लुम्बिनी १२८०, सुदूरपश्चिम ११७०, कर्णाली ११८० और मधेस प्रदेश की मात्र ९३४ अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान सार्वजनिक किया गया है।

आजका तरकारी र फलफूलहरूको थोक मूल्य

७ जेठ, काठमाडौं । कालीमाटी फलफूल तथा तरकारी बजार विकास समितिले आजका लागि कृषिउपजहरूको अधिकतम थोक मूल्य तय गरेको छ । समितिका अनुसार, गोलभेँडा ठूलो (नेपाली) प्रतिकिलो ७५, गोलभेँडा ठूलो (भारतीय) प्रतिकिलो ८०, गोलभेँडा सानो (लोकल) प्रतिकिलो ५५, गोलभेँडा सानो (भारतीय) प्रतिकिलो ६०, गोलभेँडा सानो (तराई) प्रतिकिलो ५०, गोलभेँडा साना (टनेल) ७८, आलु रातो (लाम्चो) प्रतिकिलो ३२, आलु रातो (गोलो) प्रतिकिलो २५ र प्याज सुकेको (भारतीय) प्रतिकिलो ३७ रहेको छ । साथै गाजर (लोकल) प्रतिकिलो ६०, बन्दा (लोकल) प्रतिकिलो ४०, काउली स्थानीय प्रतिकिलो ५०, सेतो मूला (हाइब्रिड) प्रतिकिलो ३०, भन्टा लाम्चो प्रतिकिलो ४५ र भन्टा डल्लो प्रतिकिलो ५० कायम गरिएको छ ।

त्यसैगरी, बोडी (तने) प्रतिकिलो ४०, मकै बोडी प्रतिकिलो ९०, घिउ सिमी (लोकल) प्रतिकिलो ८०, घिउ सिमी (हाइब्रिड) प्रतिकिलो ७०, घिउ सिमी (राजमा) प्रतिकिलो ११०, भटमास कोसा प्रतिकिलो १३०, तीते करेला प्रतिकिलो ६०, लौका प्रतिकिलो ४५, परवर (लोकल) प्रतिकिलो ५०, परवर (तराई) प्रतिकिलो ४५ रुपैयाँ रहेको छ । चिचिन्डो प्रतिकिलो ४०, घिरौँला प्रतिकिलो ४५, झिगुनी प्रतिकिलो ६०, फर्सी पकाएको प्रतिकिलो ६०, हरियो फर्सी (लाम्चो) प्रतिकिलो ४०, हरियो फर्सी (डल्लो) प्रतिकिलो ३५, सखरखण्ड प्रतिकिलो ७०, भिन्डी प्रतिकिलो ४० र पिँडालु प्रतिकिलो ५० निश्चित गरिएको छ ।

रायोसाग प्रतिकिलो ९०, पालुङ्गो प्रतिकिलो १२०, तोरीसाग प्रतिकिलो ४०, चमसुरको साग प्रतिकिलो १२०, मेथीको साग प्रतिकिलो ११०, हरियो प्याज प्रतिकिलो १५०, च्याउ (कन्य) प्रतिकिलो १८०, च्याउ (डल्ले) प्रतिकिलो ३५०, राजा च्याउ प्रतिकिलो ३०० र सिताके च्याउ प्रतिकिलो १,००० निर्धारण गरिएको छ । कुरिलो प्रतिकिलो ३३०, ब्रोकाउली प्रतिकिलो १००, चुकुन्दर प्रतिकिलो ६०, निगुरो प्रतिकिलो ८०, रातो बन्दा प्रतिकिलो ५०, सजीवन प्रतिकिलो १२०, जिरीको साग प्रतिकिलो १००, पार्सले प्रतिकिलो ३००, सेलरी प्रतिकिलो १३०, सौफको साग प्रतिकिलो १००, पुदिना प्रतिकिलो १००, गान्टेमुला प्रतिकिलो ६०, इमली प्रतिकिलो १८०, तामा प्रतिकिलो १५०, तोफु प्रतिकिलो १५० र गुन्द्रुक प्रतिकिलो ३०० तोकिएको छ ।

स्याउ (झोले) प्रतिकिलो २३०, स्याउ (फुजी) प्रतिकिलो ३००, कागती प्रतिकिलो २८०, केरा (मालभोग) दर्जन २२०, केरा (नेपाली) २००, अनार प्रतिकिलो ४५०, आँप (दसहरी) प्रतिकिलो , अङ्गुर (हरियो) प्रतिकिलो ३२०, तरबुजा (हरियो) प्रतिकिलो ३८ रुपैयाँ तोकिएको छ । भुइँकटहर प्रतिगोटा २३०, काँक्रो (लोकल) प्रतिकिलो ६०, काँक्रो (हाइब्रिड) प्रतिकिलो ३०, काँक्रो (लोकलक्रस) प्रतिकिलो ५०, खकटहर प्रतिकिलो ७०, मेवा (नेपाली) प्रतिकिलो ९०, मेवा (भारतीय) प्रतिकिलो १०० र एभोकाडो प्रतिकिलो ८०० निर्धारण गरिएको छ । यसैगरी, अदुवा प्रतिकिलो १८०, सुकेको खुर्सानी प्रतिकिलो ४३०, खुर्सानी हरियो (लाम्चो) प्रतिकिलो १००, खुर्सानी हरियो (बुलेट) प्रतिकिलो ९०, माछे खुर्सानी प्रतिकिलो ७०, भेडेखुर्सानी प्रतिकिलो ८०, हरियो लसुन प्रतिकिलो २००, हरियो धनियाँ प्रतिकिलो १२० रुपैयाँ रहेको छ । लसुन सुकेको (चाइनिज) प्रतिकिलो १९०, लसुन सुकेको (नेपाली) प्रतिकिलो १२०, छ्यापी सुकेको प्रतिकिलो १४०, माछा (रहु) प्रतिकिलो ३३०, ताजा माछा (बचुवा) प्रतिकिलो ३१० र ताजा माछा (छडी) प्रतिकिलो २६० निर्धारण गरिएको छ ।

इरान युद्ध में अमेरिका के 42 हवाई जहाज और ड्रोन नष्ट, साढ़े 4 खरब खर्च

समाचार सारांश

समीक्षा के बाद प्रस्तुत।

  • इरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी’ में अमेरिकी सेना के 42 विमान और ड्रोन नष्ट या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
  • अमेरिका और इज़राइल ने इरान में तख्तापलट की योजना बनाई थी, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद को नेता के रूप में आगे बढ़ाने का इरादा था।
  • अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप की सैन्य शक्ति सीमित करने का प्रस्ताव 50-47 मत से पारित किया है, जिससे युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की अनुमति आवश्यक होगी।

7 जेठ, काठमांडू । इरान के खिलाफ संचालित ‘ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी’ में अमेरिका ने भारी हवाई नुक़सान उठाया है। अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस युद्ध में अमेरिकी सेना के 42 एयरक्राफ्ट और ड्रोन नष्ट या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने पहले ही यह जानकारी दी है कि इस युद्ध में कुल 4.5 खरब रुपये से अधिक खर्च हो चुका है।

किस-किस विमान को नुकसान पहुंचा?

जो विमान नष्ट हुए उनमें 6 लड़ाकू और हमला जेट शामिल हैं, जिनमें एक एफ-35, चार एफ-15ई स्ट्राइक ईगल और एक ए-10 थंडरबोल्ट-2 शामिल हैं। अप्रैल के शुरू में इरान ने अमेरिका का एक एफ-15ई जेट गिरा दिया था।

सबसे अधिक नुकसान ड्रोन की ओर हुआ है। कुल 25 ड्रोन नष्ट हुए हैं, जिनमें 24 एमक्यू-9 रिपर और एक एमक्यू-4सी ट्राइटन शामिल है। इसके अलावा अन्य 11 विमान भी पूरी तरह से नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इरान में तख्तापलट की योजना
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल ने केवल इरान की परमाणु तथा क्षेप्यास्त्र क्षमताओं को कमजोर करने के लिए ही युद्ध नहीं किया, बल्कि उनका उद्देश्य तख्तापलट करना भी था।

नई सरकार के रूप में इरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई थी। युद्ध के पहले दिन इज़राइल ने तेहरान स्थित अहमदीनेजाद के घर के पास हमला किया था। इसका मकसद उन्हें नजरबंदी से मुक्त करना था, लेकिन वह बच गए।

उसके बाद इज़राइल और अमेरिका ने तख्तापलट की योजना से पीछे हटना शुरू कर दिया। इरानी सेना और सर्वोच्च नेतृत्व के साथ बिगड़ते संबंधों के कारण अहमदीनेजाद कई वर्षों से नजरबंदी में हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, तख्तापलट की तीन चरणों की योजना बनाई गई थी। पहले चरण में लगातार हवाई हमले करना, इरान के सर्वोच्च नेताओं को निशाना बनाना और कुर्द लड़ाकों को सक्रिय करना अमेरिकी रणनीति थी।

दूसरे चरण में, इज़राइल ने अराजकता और युद्ध का माहौल पैदा करने की योजना बनाई ताकि इरानी सत्ता नियंत्रण खोती दिखे। तीसरे चरण में पूर्वाधार को नुकसान पहुंचाना, गैस और बिजली की आपूर्ति रोक कर राजनीतिक दबाव बढ़ाना और अंत में अहमदीनेजाद को सत्ता में लाना शामिल था।

इसी बीच, अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति ट्रंप की सैन्य शक्ति को सीमित करने का प्रस्ताव 50-47 मत से पारित कर दिया है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी ट्रंप के खिलाफ मतदान किया। अगर यह कानून बन जाता है तो ट्रंप को इरान के विरुद्ध युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की अनुमति लेनी होगी।

वहीं, अमेरिकी कोस्टगार्ड अकादमी में भाषण देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि इरान की नौसेना और वायु सेना लगभग नष्ट हो चुकी हैं। अब केवल कार्रवाई पूरी करने या इरान के साथ समझौता करने का विकल्प बचा है, उन्होंने कहा।

(एजेंसियों के सहयोग से)