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लेखक: space4knews

नेपाल ओलंपिक संग्रहालय का 31वाँ वार्षिक सामान्य सभा संपन्न

नेपाल ओलंपिक संग्रहालय का 31वाँ वार्षिक सामान्य सभा ललितपुर में संपन्न हुआ है। सभा ने संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय क्षितिज अरुण श्रेष्ठ और कोषाध्यक्ष स्वर्गीय मन्जु तुलाधर के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। संसदीय सभा ने संसी श्रेष्ठ को अध्यक्ष के रूप में चुना और संग्रहालय को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। 22 चैत्र, काठमांडू।

दक्षिण एशिया का पहला और एकमात्र ओलंपिक संग्रहालय, नेपाल ओलंपिक संग्रहालय की 31वीं वार्षिक सामान्य सभा ललितपुर में आयोजित की गई। सभा ने संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय क्षितिज अरुण श्रेष्ठ और कोषाध्यक्ष स्वर्गीय मन्जु तुलाधर के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। स्व. श्रेष्ठ ने वर्ष 1994 में संग्रहालय की स्थापना कर नेपाली खेलकूद इतिहास संरक्षण की शुरुआत की थी।

सभा में उनकी सुपुत्री संसी श्रेष्ठ को सर्वसम्मति से अध्यक्ष के रूप में चुना गया। अध्यक्ष पद ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि वे अपने माता-पिता के सपने को पूरा करते हुए संग्रहालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नई कार्यसमिति में उपाध्यक्ष के रूप में जीत बहादुर केसी और भैरव शाही, महासचिव के रूप में किशोर केसी तथा कोषाध्यक्ष के रूप में रंजन नगरकोटी चुने गए हैं। ओलंपियन टीका राम श्रेष्ठ और ओलंपियन विमला राणा मगर के साथ-साथ सुलोजना सिजाख्वा, सूर्य नेपाल, कुमार श्रेष्ठ, गणेश थापा, गणेश भट्टराई, जी.आर. खत्री और प्रजापति दाहाल सदस्य बनाए गए हैं।

सन् 1999 में आठवें दक्षिण एशियाई खेलकूद के दौरान त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला से औपचारिक रूप से शुरू हुए संग्रहालय ने खेल सामग्री संरक्षण, खिलाड़ियों के विवरण संकलन, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने और खेल अनुसंधान के क्षेत्रों में कार्य किया है। संग्रहालय ने आगामी दिन में डिजिटलाइजेशन, खिलाड़ियों के डिजिटल अभिलेख निर्माण तथा युवाओं को खेल इतिहास से जोड़ने वाले कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, 32वें वार्षिकोत्सव पर संस्थापक सदस्यों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की भी जानकारी दी गई है।

सात हजार बढी अनलाइन सट्टेबाजी एप र वेबसाइट बन्द – Online Khabar

सात हजार से अधिक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइटें बंद की गईं

नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण ने सरकार की शासकीय सुधार कार्यसूची के तहत सात हजार से अधिक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइटें बंद कर दी हैं। प्राधिकरण ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय कर अवैध सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइटों को २४ घंटों के भीतर बंद करने के निर्देश दिए हैं। मुलुकी अपराध संहिता के अनुसार, सट्टेबाजी में प्रयुक्त राशि जब्त की जाएगी और एक वर्ष तक कैद तथा दस हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। २२ चैत, काठमांडू।

ऑनलाइन सट्टेबाजी से संबंधित सात हजार से अधिक ऐप और वेबसाइटें बंद कर दी गई हैं। नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण के उपनिदेशक सूर्यप्रसाद लामिछाने के अनुसार अवैध रूप से संचालित सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइटों की पहचान कर इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को उन्हें बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। “अब तक सात हजार से अधिक ऐसी URL और ऐप बंद हो चुकी हैं। ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी हाल की एक सप्ताह में प्राधिकरण को ५० से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका समाधान कर कार्यवाही की जा रही है,” उन्होंने बताया।

मन्त्रिपरिषद की चैत १३ की बैठक में स्वीकृत शासकीय सुधार के एक सौ कार्यसूची के तहत, बिंदु संख्या ४२ में सट्टेबाजी से संबंधित ऐप और वेबसाइटों को २४ घंटे के अंदर बंद करने का उल्लेख है। इसी निर्णय के अनुसार प्राधिकरण ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित सभी पहचाने गए सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइटों को तुरंत बंद किया है। मुलुकी अपराध संहिता, २०७४ की धारा १२५ के उपधारा (४) के अनुसार किसी को भी सट्टेबाजी करने या करवाने की अनुमति नहीं है। उल्लंघन करने पर उपयोग की गई राशि जब्त कर एक वर्ष तक कैद और दस हजार रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है।

सरकार ने सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइटों का उपयोग व संचालन न करने का पुनः आग्रह किया है। अनधिकृत संचालन या उपयोग पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही, सरकार ने संदेहास्पद ऐप या वेबसाइट की जानकारी मिलने पर संबंधित निकाय को सूचित करने का आग्रह किया है।

वाटर फ्रन्ट होटल ने फेवा ताल की जमीन का अतिक्रमण नहीं किया: कर्ण शाक्य का दावा

पर्यटन उद्योग से जुड़े कर्ण शाक्य ने पोखरा के लेकसाइड में संचालित अपने होटल पर फेवा ताल की जमीन का अतिक्रमण नहीं करने का दावा किया है। पोखरा महानगरपालिका ने फेवा ताल के क्षेत्राधिकार में आने वाले इस होटल की संरचना हटाई है और चूंकि अदालत ने स्टे आदेश नहीं दिया था, इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। नई सरकार ने अपनी १०० दिनों की कार्ययोजना में फेवा ताल के अवैध निर्माणों को हटाने की योजना अपनाई है, जिसे महानगरपालिका द्वारा लागू किया जा रहा है।

२२ चैत्र, काठमाडौँ। शनिवार को महानगरपालिका द्वारा होटल की संरचना हटाए जाने के बाद, कर्ण शाक्य ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई नियम उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘जमीन का कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है। पासबुक उपलब्ध है, नक्शा पास हो चुका है। पर्यटन विभाग से लाइसेंस लिया गया है। उद्योग विभाग का प्रमाणपत्र भी प्राप्त है। राष्ट्र बैंक से इजाजतपत्र भी है। हम हर वर्ष कर चुकाते हैं, और कोई बैंक ऋण भी नहीं है।’

शाक्य ने लेकसाइड में वाटर फ्रन्ट होटल संचालित किया था। शनिवार को महानगरपालिका ने कहा कि होटल की कुछ संरचनाएँ फेवा ताल के संरक्षण क्षेत्र में आती हैं, इसलिए उन्हें हटाया गया है। शाक्य को किसी भी सूचना के बिना संरचनाओं को हटाए जाने पर असंतोष भी है। हालांकि, महानगरपालिका पहले ही इस क्षेत्र में नए निर्माणों को रोकने और मौजूद संरचनाओं को हटाने का अनुरोध कर चुकी थी। फेवा ताल की सुरक्षा हेतु ६५ मीटर की मापदण्ड निर्धारित की गई है और अदालत ने संबंधित आदेश भी जारी कर दिया है।

इरान ने अमेरिकी एफ-१५ लड़ाकू विमान के चालक दल के सदस्य को सुरक्षित पाया: ट्रंप

इरान ने शुक्रवार को गिराए गए अमेरिकी एफ-१५ लड़ाकू विमान के लापता चालक दल के एक सदस्य को सुरक्षित पाया है, इसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी है। विमान के पायलट को अमेरिकी सेना ने पहले ही बचा लिया था, जबकि हथियार प्रणाली से जुड़ा एक अधिकारी शुक्रवार से लापता था। ट्रंप ने बताया कि वह सुरक्षित और ठीक हालत में है। इस खोज कार्य में अमेरिका और इरान दोनों पक्ष सक्रिय थे। इरानी सेना ने उन्हें खोजने वालों को पुरस्कार देने की घोषणा की थी। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में इरान के सैकड़ों लोग पहाड़ी इलाके में खोज-बीन करते हुए दिख रहे हैं।

इरानी अधिकारियों ने कहा है कि उस युद्धक विमान को उनके हवाई सुरक्षा प्रणाली ने गिराया था। हालांकि अमेरिका की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इरान के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को पहली बार दावा किया था कि उनकी सेना ने देश के दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी विमान गिराया है। सेना के खोज और बचाव मिशन ने विमान के चालक दल के सदस्य को खोज निकाला। बचाव अभियान में शामिल एक ए-१० वारथोग विमान को भी पर्सियन गल्फ में हमले का सामना करना पड़ा था, लेकिन उसके पायलट ने विमान से सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करके सुरक्षित रूप से बाहर निकलने की सूचना दी।

एफ-१५ई विमान गिरने के बाद बचाए गए पायलट के सवार हेलिकॉप्टर पर भी कम शक्ति वाले हथियार से हमला किया गया था, जिससे हेलिकॉप्टर में सवार चालक दल के सदस्य घायल हो गए थे। अमेरिकी मीडिया के अनुसार वह हेलिकॉप्टर सुरक्षित रूप से उतर गया। इरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बताया है कि देश के पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी लोगों ने अमेरिकी बचाव अभियान में जुटे दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर्स पर गोलीबारी की थी। शुक्रवार को एक प्रमाणित वीडियो भी सार्वजनिक किया गया था।

इरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के अनुसार, शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने दोनों अमेरिकी युद्धक विमानों के गिराए जाने का श्रेय अपनी नई हवाई सुरक्षा प्रणाली को दिया है। एफ-१५ विमान कब और कहाँ गिरा, इसका अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन सरकारी मीडिया ने संभावित दो प्रांतों—कोगिलूय और बोयर-अहमद या खुजेस्तान—का उल्लेख किया है। कोगिलूय और बोयर-अहमद, इरान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के पहाड़ी प्रांत हैं, जहां सात लाख से अधिक लोग बसते हैं।

रविले भने– डीपी अर्याललाई राजनीतिक सम्मान दिनेहरुप्रति धन्यवाद

रवि लामिछाने ने डीपी अर्याल को सभामुख पद पर निर्वाचित कराने वाले सभी का आभार व्यक्त किया

राष्ट्रिय समाजवादी पार्टी (रास्वपा) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने प्रतिनिधि सभा की बैठक में डीपी अर्याल को सभामुख पद पर निर्वाचित कराने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। अर्याल की एकमात्र उम्मीदवारता होने के कारण वे निर्विरोध सभामुख पद पर निर्वाचित हो चुके हैं। प्रतिनिधि सभा की बैठक आज अर्याल के सभामुख पद पर निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा करेगी। २२ चैत, काठमांडू।

प्रतिनिधि सभा की बैठक में डीपी अर्याल को सभामुख पद पर निर्वाचित करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। रास्वपा अध्यक्ष रवि लामिछाने ने उन्हें सभामुख पद पर निर्वाचित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। अध्यक्ष लामिछाने ने अर्याल को सर्वसम्मत सभामुख बनाने में सहयोग करने वाले सभी दलों का धन्यवाद व्यक्त किया। ‘इस सहयोग और राजनीतिक सम्मान के लिए सभी का हार्दिक धन्यवाद,’ लामिछाने ने कहा।

रवि के प्रस्ताव का समर्थन डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने किया है। शुक्रवार मनोनयन दर्ता के दिन अर्याल की एकल उम्मीदवारी होने के कारण वे निर्विरोध सभामुख पद पर निर्वाचित हो चुके हैं। आज की प्रतिनिधि सभा की बैठक में वे निर्वाचित घोषित किए जाएंगे।

प्युठानको छेडाघाटमा सात घण्टापछि आगलागी नियन्त्रण, १३ घर जले

२२ चैत, प्युठान। ऐरावती गाउँपालिका-१ छेडाघाटस्थित बस्तीमा आगलागी भएको छ। स्थानीय लक्ष्मण रानको फुसले छाएको कच्ची गोठबाट सुरु भएको आगो बस्तीमा फैलिएको प्रहरीले जनाएको छ। आगलागी नियन्त्रणका लागि जिल्ला प्रहरी कार्यालयका प्रमुख डीएसपी नरहरी अधिकारीसहित इलाका प्रहरी कार्यालय बिजुवार र प्रहरी चौकी दाङवाङबाट ३० जनाको टोली खटिएको थियो। शनिबार राति पौने १२ बजे सुरु भएको आगलागी नेपाली सेना, सशस्त्र प्रहरी र स्थानीयहरूको सहयोगमा बिहान ७ बजे मात्र नियन्त्रणमा लिइएको जिल्ला प्रहरी कार्यालय प्युठानका सूचना अधिकारी प्रहरी निरीक्षक हरि भट्टराईले जानकारी दिए। आगलागीबाट बस्तीका १३ घरपरिवारका घरगोठ जलेर नष्ट भएका छन्। प्रहरीका अनुसार आगलागीबाट झन्डै एक करोड बराबरको आर्थिक क्षति भएको अनुमान गरिएको छ।

अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप से 9 लोगों की मौत

२२ चैत, काठमांडू। उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप आया है। राष्ट्रीय विपद् प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद युसुफ हम्माद के अनुसार यह भूकंप 5.8 मैग्नीट्यूड का था। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक इस भूकंप से 9 लोगों की मौत हुई है। हम्माद ने बताया कि काबुल प्रांत में एक मकान गिरने से वहां रहने वाले 9 व्यक्ति मारे गए हैं। वहीं, एक बच्चा भी घायल हुआ है। भूकंप का झटका राजधानी काबुल में भी महसूस किया गया। 186.4 किलोमीटर गहराई में स्थित इस भूकंप का केंद्र शूरू में 36.55 डिग्री उत्तर अक्षांश और 70.85 डिग्री पूर्व देशांतर पर स्थित था।

कालिन्चोक हाइड्रोपावरको आईपीओ सर्वसाधारणलाई खुल्यो

कालिन्चोक हाइड्रोपावर का आईपीओ आम जनता के लिए खुला

कालिन्चोक हाइड्रोपावर ने १३ करोड़ ७५ लाख रुपये के बराबर १३ लाख ७५ हजार प्राथमिक शेयर आम जनता के लिए जारी किए हैं। आईपीओ में न्यूनतम १० और अधिकतम १० हजार शेयर के लिए आवेदन किया जा सकेगा और आवेदन चैत २५ तक खुला रहेगा। कंपनी का यह परियोजना दोलखा जिले के साँगुखोला में ५ मेगावाट क्षमता के साथ निर्मित किया गया है, जिसकी कुल लागत १ अरब २० करोड़ रुपये है।

२२ चैत, काठमाँडौ। कालिन्चोक हाइड्रोपावर का प्राथमिक शेयर (आईपीओ) आम जनता के लिए खोल दिया गया है। कंपनी ने अपनी जारी पूंजी ५५ करोड़ रुपये की २५ प्रतिशत यानी १३ करोड़ ७५ लाख रुपये के बराबर १३ लाख ७५ हजार शेयर आम जनता को बेचने की योजना बनाई है। इसमें परियोजना प्रभावित स्थानीय, विदेश में रोजगाररत नेपाली, सामूहिक निवेश कोष और कर्मचारियों को आवंटन करने के बाद शेष ६ लाख ८४ हजार ७५० शेयर आम जनता के लिए निर्धारित किए गए हैं।

आईपीओ में न्यूनतम १० और अधिकतम १० हजार शेयर के लिए आवेदन किया जा सकेगा, यह जानकारी बिक्री प्रबंधक आरबीबी मर्चेंट बैंकिंग ने दी है। आवेदन चैत २५ तक खुला रहेगा। आईपीओ के मूल्यांकन में केयर रेटिंग नेपाल ने कंपनी को बीबी रेटिंग दी है, जो दर्शाता है कि कंपनी की दायित्व पूर्ति क्षमता मध्यम रूप से कमजोर है।

आवेदन आस्बा सदस्य बैंक एवं वित्तीय संस्थान या सीडीएससी के ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म मेरोसेयर के माध्यम से किया जा सकता है। कंपनी ने दोलखा जिले के साँगुखोला में ५ मेगावाट क्षमता वाला परियोजना निर्मित किया है। परियोजना की कुल लागत १ अरब २० करोड़ रुपये है और प्रति मेगावाट लागत २४ करोड़ १४ लाख रुपये है। सामान्य निवेश की वापसी अवधि ९.१९ वर्ष और डिस्काउंट पर निवेश वापसी अवधि १५.३६ वर्ष निर्धारित की गई है।

प्रतिनिधि सभा से अर्याल के सभामुख निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा की जाएगी

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तयार।

  • संघीय संसद की प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा की बैठक २२ चैत को काठमांडू में होगी।
  • प्रतिनिधि सभा की बैठक में रास्वपा उपसभापति डोलप्रसाद अर्याल को सभामुख पद के लिए निर्विरोध घोषित किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय सभा की बैठक में सभाध्यक्ष विषयगत समितियों के सदस्यों का मनोनयन करेंगे और प्रधानमंत्री महिला आयोग की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

२२ चैत, काठमांडू। संघीय संसद के दोनों सदनों की बैठक आज आयोजित होगी। प्रतिनिधि सभा की बैठक सुबह ११ बजे और राष्ट्रीय सभा की बैठक दोपहर १२:१५ बजे शुरू होगी।

सिंहदरबार स्थित निर्माणाधीन संघीय संसद भवन के बहुउद्देश्यीय हॉल में होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक में रास्वपा उपसभापति डोलप्रसाद अर्याल के सभामुख पद पर निर्विरोध निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

शुक्रवार को मनोनयन दर्ता की अंतिम तिथि थी, जिसमें अर्याल की एकल उम्मीदवारी दर्ज होने के कारण वे सभामुख पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।

वहीं, राष्ट्रीय सभा की बैठक दोपहर १२:१५ बजे सिंहदरबार में आयोजित होगी। बैठक में सभाध्यक्ष विषयगत समितियों के सदस्यों की नामांकन एवं फेरबदल करेंगे। इसके साथ ही अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में बैठक संचालित करने वाले सदस्यों के नामों का मनोनयन भी किया जाएगा।

कार्यसूची के अनुसार प्रधानमंत्री बालेन शाह महिला आयोग की आर्थिक वर्ष २०८१/८२ की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। यह जानकारी संघीय संसद सचिवालय के महासचिव पद्मप्रसाद पांडेय ने दी है।

क्या नींद बचत वास्तव में संभव है?

नींद बचाने का प्रतीकात्मक चित्र

तस्वीर स्रोत, Serenity Strull/ BBC

वैज्ञानिकों का मानना है कि “नींद बचाने” से खेल प्रदर्शन, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और कई अन्य फायदे बढ़ सकते हैं।

यह सप्ताहांत है। अलार्म बंद करके कुछ अतिरिक्त घंटे बिस्तर में बिताना इसके लिए उपयुक्त समय है।

सप्ताह भर की थकावट के बाद कुछ के लिए सोने का यह अवसर फायदेमंद हो सकता है।

लेकिन क्या हम इस विषय को एक और दृष्टिकोण से देख रहे हैं? क्या हम व्यस्त समय से पहले अतिरिक्त नींद “संचित” करके अनिद्रा की रातों के प्रभाव को कम कर सकते हैं?

कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि नींद बचत एक प्रभावशाली रणनीति हो सकती है।

भक्तपुर प्रहरीको ‘स्वीप अप्रेशन’, एकैदिन समातिए ६० जना

भक्तपुर पुलिस का ‘स्वीप ऑपरेशन’, एक ही दिन में 60 गिरफ्तार


२२ चैत, काठमाडौँ। भक्तपुर पुलिस ने ‘स्वीप ऑपरेशन’ चलाकर ६० लोगों को गिरफ्तार किया है।

चैत २१ गते को जिले के पुलिस परिसर और उसके अधीनस्थ थानों द्वारा ६० व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

मोटरसाइकिल चोरी सहित अन्य संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी क्रम में एक दिन में ६० व्यक्तियों को नियंत्रण में लिया गया, इस बाबत भक्तपुर जिला पुलिस परिसर के सूचना अधिकारी एवं डीएसपी प्रकाश जबेगुले ने बताया।

भक्तपुर पुलिस ने इस अभियान को ‘स्वीप ऑपरेशन’ का नाम दिया है। डीएसपी जबेगुले ने कहा कि यह ऑपरेशन आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा।

इसी बीच, भक्तपुर पुलिस ने मादक पदार्थ सेवन कर यात्री वाहक बस चलाने वाले एक चालक को भी गिरफ्तार किया है। चैत २१ गते राधेराधे में चेकिंग के दौरान वह चालक पकड़ में आया, पुलिस ने जानकारी दी।

आज की विदेशी मुद्रा विनिमय दर इस प्रकार है

२२ चैत्र, काठमांडू। नेपाल राष्ट्र बैंक ने आज (रविवार) के लिए विदेशी मुद्राओं के विनिमय दर निर्धारित किए हैं। अमेरिकी डॉलर की खरीद दर १४८ रुपये ६७ पैसा और बिक्री दर १४९ रुपये २७ पैसा निर्धारित की गई है। यूरोपियन यूरो की खरीद दर १७१ रुपये ६२ पैसा और बिक्री दर १७२ रुपये ३१ पैसा, यूके पाउंड स्टर्लिंग की खरीद दर १९६ रुपये ७६ पैसा और बिक्री दर १९७ रुपये ५५ पैसा, स्विस फ्रैंक की खरीद दर १८६ रुपये २२ पैसा और बिक्री दर १८६ रुपये ९७ पैसे जारी की गई है।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की खरीद दर १०२ रुपये ७१ पैसा और बिक्री दर १०३ रुपये १२ पैसा, कनाडाई डॉलर की खरीद दर १०६ रुपये ७६ पैसा और बिक्री दर १०७ रुपये १९ पैसा, सिंगापुर डॉलर की खरीद दर ११५ रुपये ६५ पैसा और बिक्री दर ११६ रुपये ११ पैसा निर्धारित की गई है। जापानी येन (१०) की खरीद दर ९ रुपये ३२ पैसा और बिक्री दर ९ रुपये ३६ पैसा, चीनी युआन की खरीद दर २१ रुपये ६१ पैसा और बिक्री दर २१ रुपये ६९ पैसा, सऊदी अरब का रियाल की खरीद दर ३९ रुपये ५९ पैसा और बिक्री दर ३९ रुपये ७५ पैसा, क़तरी रियाल की खरीद दर ४० रुपये ७८ पैसा और बिक्री दर ४० रुपये ९४ पैसा कायम रही।

केन्द्रीय बैंक के अनुसार थाई भाट की खरीद दर ४ रुपये ५७ पैसा और बिक्री दर ४ रुपये ५८ पैसा, यूएई दिरहम की खरीद दर ४० रुपये ४८ पैसा और बिक्री दर ४० रुपये ६४ पैसा, मलेशियाई रिंगेट की खरीद दर ३६ रुपये ८८ पैसा और बिक्री दर ३७ रुपये ३ पैसा रही। दक्षिण कोरियाई वोन (१००) की खरीद दर ९ रुपये ८५ पैसा और बिक्री दर ९ रुपये ८९ पैसा, स्वीडिश क्रोना की खरीद दर १५ रुपये ७६ पैसा और बिक्री दर १५ रुपये ८२ पैसा तथा डेनिश क्रोना की खरीद दर २२ रुपये ९६ पैसा और बिक्री दर २३ रुपये ६ पैसा तय किए गए हैं।

राष्ट्र बैंक ने हांगकांग डॉलर की खरीद दर १८ रुपये ९७ पैसा और बिक्री दर १९ रुपये ५ पैसा, कुवैती दिनार की खरीद दर ४८४ रुपये ५० पैसा और बिक्री दर ४८६ रुपये ४६ पैसा, बहरीन दिनार की खरीद दर ३९३ रुपये ८३ पैसा और बिक्री दर ३९५ रुपये ४२ पैसा घोषित किया है। ओमानी रियाल की खरीद दर ३८६ रुपये २१ पैसा और बिक्री दर ३८७ रुपये ७६ पैसा है। इसी प्रकार, भारतीय रुपये (१००) की खरीद दर १६० रुपये और बिक्री दर १६० रुपये १५ पैसा निर्धारित है। राष्ट्र बैंक ने बताया है कि यह विनिमय दर आवश्यकतानुसार कभी भी संशोधित की जा सकती है। वाणिज्य बैंक द्वारा निर्धारित विनिमय दरों में अंतर हो सकता है और नवीनतम विनिमय दर केन्द्रीय बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

ईरान के साथ अमेरिका-इज़राइल संघर्ष: क्या हम तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं या केवल भय बढ़ रहा है?

काले हिजाब पहने एक महिला जो विस्फोटित भवन के सामने हाथ उठाए हुए हैं

तस्वीर स्रोत, Getty Images

ईरान में अमेरिका-इज़राइल द्वारा शुरू किया गया युद्ध एक महीने से अधिक समय तक जारी रहने के बावजूद यह मध्य पूर्व में इस संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ा रहा है।

यह युद्ध केवल ईरान तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि संयुक्त अरब अमीरात, इराक, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, ओमान, अजरबैजान, कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक, साइप्रस, सीरिया, कतर और लेबनान जैसे दर्जनों देशों को प्रभावित कर चुका है।

कई लोग तीसरे विश्व युद्ध की संभावना को देखते हुए इस संघर्ष के क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर जाने का खतरा जताकर भय बढ़ा रहे हैं।

युद्ध कब विश्व युद्ध बन सकता है?

“लोग सोचते हैं युद्ध पूरी तरह योजनाबद्ध होता है और सभी को पता होता है कि वे क्या कर रहे हैं,” ब्रिटेन के ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सेवानिवृत्त प्रोफेसर मार्गरेट मक्मिलन ने कही। उन्होंने बीबीसी के ग्लोबल स्टोरी पॉडकास्ट से बात करते हुए कहा।

“लेकिन, पिछले युद्धों खासकर प्रथम विश्व युद्ध के अध्ययन से पता चलता है कि यह ज्यादातर दुर्घटना और विरोधी की गलत गणनाओं के कारण भड़कता है,” मक्मिलन ने समझाया। “इसे कभी-कभी एक स्कूल के कोने में होने वाले झगड़े जैसा सरल भी समझा जा सकता है।”

अस्ट्रिया-हंगरी के सम्राट फ्रांज जोसेफ के भतीजे फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या के बाद 1914 में पहला विश्व युद्ध शुरू हुआ, मक्मिलन याद करती हैं।

कुछ हफ्तों में गठबंधन ने यूरोप को युद्ध में धकेल दिया: अस्ट्रिया-हंगरी ने सर्बिया पर हमला किया, जर्मनी ने अस्ट्रिया का समर्थन किया, रूस सर्बिया का पक्ष लिया, फ्रांस रूस का समर्थन करने लगा, और ब्रिटेन ने भी युद्ध में कदम रखा।

इसके बाद हर क्रिया-कलाप ने वैश्विक तबाही को जन्म दिया, उन्होंने कहा।

2025 में तेहरान के शाहरान तेल डिपो में इज़राइल द्वारा किए गए हमले के बाद आग और धुआं

तस्वीर स्रोत, Stringer/Getty Images

तस्वीर का शीर्षक, अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित कई ईरानी तेल और गैस क्षेत्रों को निशाना बनाकर हमले किए हैं

किंग्स कॉलेज लंदन के अंतरराष्ट्रीय इतिहास के प्रोफेसर जो मियोलो युद्ध को एक पूर्ण युद्ध के रूप में परिभाषित करते हैं जिसमें सभी प्रमुख शक्तियां शामिल होती हैं।

उन्होंने कहा, “पहला विश्व युद्ध यूरोपीय साम्राज्यवादी शक्तियों का था। दूसरा विश्व युद्ध अमेरिका, जापान और चीन के साथ था।”

मध्य पूर्व के वर्तमान तनावों को कई लोग क्षेत्रीय समझते हैं। क्या वे बाद में व्यापक हो सकते हैं?

फरवरी में लिए गए एक साक्षात्कार में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेन्स्की ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत कर दी है। उन्होंने बताया कि केवल सैन्य और आर्थिक दबाव ही पुतिन को पीछे हटने पर मजबूर कर सकता है।

उन्होंने कहा, “मेरी राय में पुतिन ने शुरू कर दिया है। सवाल यह है कि वे कितनी ज़मीन पर कब्ज़ा कर सकते हैं और कैसे रोका जा सकता है… रूस दुनिया में उस जीवनशैली को थोपना चाहता है जिसे लोगों ने चुना नहीं है।”

एक विस्थापित शिशु बेरूत के पार्किंग क्षेत्र में सो रहा है

तस्वीर स्रोत, AFP via Getty Images

तस्वीर का शीर्षक, अमेरिका और इज़राइल द्वारा किया गया संघर्ष मध्य पूर्वी क्षेत्र के देशों जैसे लेबनान में गहरा प्रभाव डाल रहा है, जहां लाखों लोग विस्थापित हुए हैं

तो वर्तमान में तीसरे विश्व युद्ध का खतरा कितना है?

मक्मिलन ने कहा, “मुझे लगता है कि यह खतरा ईरान या यमन में ईरानी साझेदार हूथी जैसे समूह से बढ़ सकता है।”

ईरान जहाज मार्गों को निशाना बना सकता है, होरमज़ जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करेगा और प्रमुख शक्तिशाली देशों को प्रभावित करेगा।

अमेरिकी हस्तक्षेप ने जोखिम बढ़ा दिया है; अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े देशों को भी इसके आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव भोगने पड़ रहे हैं।

एक अन्य खतरा यह है कि एक क्षेत्रीय संघर्ष अन्य जगहों पर भी गहरा असर डाल सकता है।

पश्चिमी देशों के उलझे रहने के बीच चीन ताइवान पर हमला कर सकता है, या रूस यूक्रेन में कार्रवाई तेज कर सकता है।

“इस क्षेत्र से बाहर भी संघर्ष फैलने की संभावना हमेशा बनी रहती है क्योंकि युद्ध के दौरान दूसरे क्षेत्र अवसर तलाशते हैं, और अन्य क्षेत्र व्यस्त होने के कारण रोक नहीं पाते,” मक्मिलन ने कहा।

प्रोफेसर मियोलो के अनुसार, यह संघर्ष मध्य पूर्व और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल जैसे क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। लेकिन चीन और रूस सीधे इस युद्ध में शामिल नहीं होंगे।

“कुछ विश्व घटनाओं के कारण ऐसा नहीं लगता कि चीन ताइवान पर हमला करेगा। यह पूरी तरह असंभव है।

विश्व युद्ध या तीसरे विश्व युद्ध के संदर्भ में चीन या रूस सीधे शामिल नहीं होंगे ऐसा मुझे लगता है। यूरोप में तो इसका मौका और भी कम है।”

उन्होंने चीन की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कूटनीतिक संबंधों को अलग रणनीति माना: “जब आपका प्रतियोगी बड़ी रणनीतिक गलतियाँ कर रहा होता है, तो उन्हें ऐसा ही करते रहने देना चाहिए।”

तेल के दामों में उतार-चढ़ाव के बावजूद चीन का अपनी हितों के लिए कूटनीतिक भूमिका न निभाना उसके हित में है, मियोलो कहते हैं।

उन्होंने कहा, “रणनीतिक हितों के अनुसार अमेरिका का मध्य पूर्व में व्यस्त होना चीन के तेल स्रोतों से कहीं अधिक रोचक है।”

नेताओं की भूमिका

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेस्कियान एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर के बाद

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तस्वीर का शीर्षक, मॉस्को ने ईरान के साथ साझेदारी की बात की है लेकिन सैन्य मदद के लिए रूसी हस्तक्षेप नहीं चाहता

इतिहास बताता है कि युद्ध अक्सर गर्व, सम्मान और विरोधी के डर से होता है, मक्मिलन बताती हैं।

उन्होंने कहा कि इतिहास ने दिखाया है कि कोई नेता घटनाक्रम की दिशा बदल सकता है।

“फ्रांस के प्रधानमंत्री जॉर्ज क्लीमेंसो ने कहा था कि प्रथम विश्व युद्ध में लड़ाई करने से बेहतर शांति बनाए रखना अधिक कठिन था।”

मक्मिलन के मुताबिक जब लोग बहुत बलिदान और नुकसान झेल चुके होते हैं, तो नेता ‘‘युद्ध को जीतना ही होगा’’ का निर्णय लेते हैं।

गर्व भी नेताओं की नीतियों और निर्णयों में भूमिका निभाता है। पुतिन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा: “यूक्रेन पर आक्रमण एक स्पष्ट गलती थी।”

रूस ने चार साल पहले पूर्ण आक्रमण शुरू किया, और यूक्रेन के सैन्य उद्देश्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने रूसी सेना के 1.25 मिलियन मृत्यु का अनुमान लगाया है, जो द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिकी मौतों से भी अधिक है।

मक्मिलन कहती हैं कि जो हार मानने से इनकार करते हैं या युद्ध लंबा करते हैं, वे संघर्ष को और भी गहरा बनाते हैं।

अतीत में एडोल्फ हिटलर जैसे नेता सिद्धांत और गर्व के कारण हार टालने में असफल रहे, फिर भी लड़ना पड़ा।

ऐसे निर्णय छोटे संघर्षों को व्यापक युद्ध में बदल सकते हैं।

तनाव घटाने के उपाय

बेरूत के दक्षिणी हिस्से में इज़राइल के हवाई हमले के बाद आए धुएं का गुबार

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तस्वीर का शीर्षक, अमेरिका-इज़राइल ने ईरान में एक महीना पहले से युद्ध शुरू किया है

मक्मिलन कहती हैं, युद्ध रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास बेहद जरूरी हैं: “आपको विरोधी पक्ष को समझना होगा… और उनके संपर्क में रहना होगा।”

वे याद दिलाती हैं कि शीत युद्ध के अंत में नाटो ने संलिप्त होकर दोनों पक्षों के बीच संचार बेहतर किया था।

“ऐसे कई उदाहरण हैं जहां लोगों ने घटनाओं को असामान्य होते देख धैर्य रखा और तनाव कम करने को जरूरी समझा।”

मियोलो सहमत होकर कहते हैं: “तेल अवीव, वाशिंगटन और तेहरान को महसूस करना होगा कि वे संभवतः उपलब्ध परिणाम तक पहुँच चुके हैं।”

उन्होंने कहा कि और युद्ध सभी पक्षों को उचित नतीजे नहीं दे पाएगा।

“प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया, सुरक्षा उपाय और विश्व राजनीति में ईरान की भूमिका को समझना जरूरी होगा।”

मियोलो ने कहा कि मध्यस्थता ही युद्ध में शामिल पक्षों को युद्धविराम तक पहुंचा सकती है और दीर्घकालीन शांति के लिए मददगार हो सकती है।

आर्सनल एफए कप क्वार्टरफ़ाइनल में पराजित

साउथहैम्पटन के खिलाफ आर्सनल 2-1 से हारकर एफए कप फुटबॉल के क्वार्टरफ़ाइनल से बाहर हो गया है। साउथहैम्पटन के रॉस स्टीवर्ट और शी चार्ल्स ने गोल करते हुए घरेलू टीम को जीत दिलाई। चेल्सी ने पोर्ट वैल को 7-0 से भारी मात देकर सेमिफाइनल में अपनी जगह बना ली है। 22 चैत्र, काठमांडू। आर्सनल एफए कप फुटबॉल के क्वार्टरफ़ाइनल से बाहर हो गया है। प्रीमियर लीग की शीर्ष टीम आर्सनल को कल रात साउथहैम्पटन ने 2-1 से पराजित कर सेमिफाइनल में प्रवेश दिलाया। साउथहैम्पटन ने 35वें मिनट में रॉस स्टीवर्ट के गोल से बढ़त हासिल की। पहली हाफ में आर्सनल ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन कोई विशेष अवसर नहीं बना पाया। दूसरे हाफ में आर्सनल ने बढ़त बराबर की। 68वें मिनट में विक्टर ग्योकेरेस ने गोल करके मैच को 1-1 की स्थिति में ला दिया। मैच के अंत में साउथहैम्पटन के सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी शी चार्ल्स ने निर्णायक गोल कर घरेलू टीम को महत्वपूर्ण जीत दिला दी। इस जीत के साथ साउथहैम्पटन 2021 के बाद पहली बार एफए कप के सेमिफाइनल में पहुंचा है। वहीं, उसी रात चेल्सी ने पोर्ट वैल को 7-0 से हराकर सेमिफाइनल के दूसरे स्थान पर कब्जा किया।

लिस्बनमा गोर्खा–११ को नयाँ जर्सी सार्वजनिक, राष्ट्रिय लिगका लागि तयारी तीव्र

लिस्बन में गोर्खा–११ की नई जर्सी का अनावरण, राष्ट्रीय लीग की तैयारी में तेजी

गोर्खा–११ क्रिकेट क्लब ने लिस्बन में अपनी नई जर्सी का अनावरण करते हुए आगामी पुर्तगाल राष्ट्रीय क्रिकेट लीग के लिए अपनी तैयारी को तेज कर दिया है। यह लीग १८ अप्रैल से लिस्बन में शुरू होगी। टीम की कप्तानी मंन्जित सिंह करेंगे और क्लब इससे पहले राष्ट्रीय क्रिकेट लीग में उपविजेता रह चुका है।

जर्सी अनावरण समारोह लिस्बन के ओला नेपाल हाउस रेस्टोरेंट में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में विश्व कप खेलने वाले क्रिकेटर राहुल विश्वकर्मा, मधुकर थापा सहित कई अन्य खिलाड़ियों की भी उपस्थिति रही। गोर्खा–११ क्लब की स्थापना सन् २०१६ में मधुकर थापा की अगुवाई में हुई थी, और यह पुर्तगाल में नेपाली समुदाय के बीच एक लोकप्रिय टीम के रूप में जानी जाती है।

क्लब ने इस सीजन में मंन्जित सिंह के नेतृत्व में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर खिताब जीतने का लक्ष्य रखा है। नई जर्सी को ब्रीज इंटरनेशनल और ब्रिटिश गुर्खा क्रिकेट लीग द्वारा प्रायोजित किया गया है, साथ ही पुर्तगाल में स्थित विभिन्न व्यवसायों से भी आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में बीजीसीएल के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी गाम गुरुङ, पुर्तगाल राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी सैदुर रहमान, एनआरएनए के पूर्व आईसीसी सदस्य राजकुमार थापा और एनआरएनए पुर्तगाल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरज विष्ट भी मौजूद थे।