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लेखक: space4knews

कांग्रेस सांसद बुढाद्वारा आलोचना: सरकारले राष्ट्रपतिसमक्ष पेश विधेयक फिर्ता लिनुपर्छ

नेपाली कांग्रेसका सांसद खडकबहादुर बुढाले सरकारद्वारा लोकतान्त्रिक प्रक्रियाको उल्लङ्घन गर्दै राष्ट्रपतिसमक्ष पेश गरिएको दुईवटा विधेयक फिर्ता लिनुपर्ने माग उठाएका छन्। उनले संसदमा जोखिम लिएर ल्याइएको अध्यादेशको भित्री कारण अलार्म बज्ने किसिमको रहेको बताए र दुवै विधेयक फिर्ता लिन आग्रह गरे।

सरकारले सहकारी सम्बन्धी र संवैधानिक परिषद सम्बन्धी अध्यादेश जारी गर्न सिफारिस गरेको छ। १६ वैशाख, काठमाडौं। बुढाले प्रतिपक्षी दलहरूको बैठकमा कांग्रेस संसदीय दलको कार्यालयमा सहभागी हुँदै सञ्चारकर्मीहरूसँग कुरा गर्दै भने, “सरकारले हिजोमात्रै लोकतान्त्रिक प्रक्रिया बिर्सेर राष्ट्रपतिसमक्ष दुईवटा विधेयक पेश गरेको छ। यो लोकतान्त्रिक विधिबाट बाहिरको कदम हो।”

अघिल्लो प्रतिपक्षकालमा अन्य दलहरूले अध्यादेश ल्याउँदा प्रतिपक्षी दलहरूले कडा विरोध गर्ने गर्थे, तर अहिले मौन रहेको विषयमा समेत उनले प्रश्न उठाएका छन्। उनले भने, विपक्षी दलहरूले साझा एजेन्डा बनाउन मात्र विरोध गर्नु उपयुक्त हुने बताएका छन्।

रहेनन् वरिष्ठ कला निर्देशक पासाङ टी शेर्पा – Online Khabar

वरिष्ठ कला निर्देशक पासाङ टी शेर्पाको निधन

वरिष्ठ कला निर्देशक तथा हास्य कलाकार पासाङ टी शेर्पाको मंगलबार हेल्पिङ ह्यान्ड्स सामुदायिक अस्पतालमा कलेजोसँग सम्बन्धित समस्याका कारण निधन भएको छ। उनको पार्थिव शरीर बौद्धस्थित शेर्पा गुम्बामा राखिएको छ भने अन्त्येष्टि बिहीबार टेकुघाटमा गरिनेछ। उनी ३ सयभन्दा बढी चलचित्रमा कला निर्देशन गरीसकेका थिए र उनको पछिल्लो निर्देशन गरेको फिल्म ‘झिँगेदाउ २’ हो।

काठमाडौंमा लामो समयदेखि कलेजोसम्बन्धी समस्या भएका कला निर्देशक तथा हास्य कलाकार पासाङ टी शेर्पा सोमबार अस्पताल भर्ना भएका थिए। चलचित्र प्राविधिक संघका अध्यक्ष पुष्कर लामाले यसको जानकारी दिएका छन्। शेर्पाको पार्थिव शरीर बौद्धस्थित शेर्पा गुम्बामा राखिएको छ, र उनको अन्त्येष्टि बिहीबार मध्याह्न टेकुघाटमा गरिनेछ।

चलचित्र प्राविधिक संघले शेर्पाको अन्तिम श्रद्धाञ्जली कार्यक्रममा सबैलाई सहभागी हुन आग्रह गरेको छ। शेर्पाका दुई छोरी र चार छोरा छन्। उनले हास्य कलाकारको रूपमा आफ्नो करिअर सुरु गरेका थिए र बद्री अधिकारीको फिल्म ‘दुश्मन’बाट कला निर्देशकको यात्रा आरम्भ गरेका थिए। ५९ वर्षीय शेर्पाले तीन सयभन्दा बढी चलचित्रमा कला निर्देशन गरेका छन्।

चार दशकदेखि कला निर्देशनमा सक्रिय रहेका शेर्पाको बाल्यकाल बौद्ध क्षेत्रमा बित्यो। महेन्द्र बौद्ध विद्यालयमा अध्ययन गर्दा उनी अतिरिक्त क्रियाकलापमा पनि सक्रिय थिए। उनले टेलिभिजनबाट अभिनय सुरु गरेका थिए र भिडियो फिल्मबाट ठूलो पर्दामा प्रवेश गरेका थिए। ‘क्षितिजपारिको लास’, ‘सुनसान’, ‘चित्कार’, ‘अंगुठाछाप’ लगायतका भिडियो फिल्महरूमा अभिनय गरेका उनले केही फिल्म निर्देशन पनि गरेका थिए।

तिलोत्तमा नगरपालिकाओं ने सुलभ दरों पर औषधि दुकान शुरू किया

रुपन्देही की तिलोत्तमा नगरपालिका ने सस्ते दामों पर औषधि उपलब्ध कराने के लिए सुलभ फार्मेसी शुरू की है। इस फार्मेसी में सेवाग्राही अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर २५.१० प्रतिशत की छूट पाएंगे। नगरपालिकाने इस फार्मेसी को संचालित करने के लिए बूट्स मेडिको प्रा. लि. के साथ ५ वर्षों का समझौता किया है और आगामी वर्ष पैथोलॉजी सेवा शुरू करने की भी योजना है। यह जानकारी १६ वैशाख, बुटवल से मिली है।

तिलोत्तमा नगरपालिका के वार्ड संख्या ५, मणिग्राम में स्थापित इस फार्मेसी का उद्घाटन बुधवार को नगर प्रमुख रामकृष्ण खाँण ने किया। उन्होंने बताया कि यहाँ न केवल तिलोत्तमा, बल्कि किसी भी स्थान के सेवाग्राही औषधियों पर अधिकतम खुदरा मूल्य में २५.१० प्रतिशत छूट का लाभ ले पाएंगे। नगर प्रमुख खाँण ने कहा कि नगरपालिका द्वारा संचालित यह औषधि दुकान देश भर की अन्य नगरपालिकाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण बनेगी।

नगर प्रमुख खाँण ने यह भी बताया कि आगामी वर्ष से पालिका पैथोलॉजी सेवा भी प्रारंभ करेगी। फार्मेसी संचालन के लिए नगरपालिका ने बूट्स मेडिको प्रा. लि. के साथ ५ वर्षों का करार किया है। समझौते के अनुसार फार्मेसी हेतु आवश्यक घरभाड़ा नगरपालिका वार्षिक २ लाख ५० हजार रुपये देगी, जबकि अन्य सभी छूट व सेवाएं मेडिको द्वारा प्रदान की जाएंगी, ऐसा प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी खुमलाल भुसाल ने बताया।

फार्मेसी में सभी देश और कंपनियों की औषधियां उपलब्ध होंगी। नगरपालिका के कार्यपालिका सदस्य सुरेंद्र श्री ने बताया कि दीर्घकालिक रोगियों और नियमित औषधि लेने वाले मरीजों को ध्यान में रखते हुए फार्मेसी की अवधारणा को आगे बढ़ाया गया है। इससे बाजार की फार्मेसियों की तुलना में महंगे दामों पर औषधि खरीदने का बोझ कम होने की उम्मीद है।

सुडान में यौन हिंसा का युद्ध में हथियार के रूप में उपयोग, गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट उत्पन्न

सुडान में जारी संघर्ष में यौन हिंसा का सुनियोजित उपयोग गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट का कारण बन रहा है। जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक 3396 यौन हिंसा पीड़ितों ने उपचार प्राप्त किया है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक होने का अनुमान है। सुरक्षा जोखिम और संसाधनों की कमी के कारण उपचार सेवा सीमित हो गई है, जिससे आत्महत्या और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, ऐसा संयुक्त राष्ट्र के निकायों ने बताया है। 16 अप्रैल, जिनेवा । सुडान में जारी संघर्ष के दौरान यौन हिंसा का युद्ध में हथियार के रूप में इस्तेमाल उसके शारीरिक प्रभावों से बढ़कर गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट में परिवर्तित हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एजेंसियों तथा स्थानीय सहायता समूहों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पीड़ितों के लिए तत्काल तथा दीर्घकालीन मनोसामाजिक समर्थन आवश्यक होने पर जोर दिया है।

अप्रैल 2023 से सूडानी सेना और अर्धसैनिक त्वरित सहायता बल (आरएसएफ) के बीच जारी भीषण संघर्ष में दसियों हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि लगभग 11 मिलियन लोग विस्थापित हुए हैं। इसी हिंसात्मक माहौल में यौन अपराधों, जैसे बलात्कार को युद्ध का हथियार बनाया गया है, जैसा कि कई रिपोर्टों में उजागर किया गया है। चिकित्सा चैरिटी ‘डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स’ (एमएसएफ) के मुताबिक, जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक डारफर के उत्तर और दक्षिण क्षेत्रों में उनके संचालित स्वास्थ्य केंद्रों में कम से कम 3396 यौन हिंसा से बचे लोग इलाज के लिए आए। इनमें अधिकांश महिलाएं और किशोरियां हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस संख्या को वास्तविक स्थिति का केवल एक छोटा अंश बताया है।

डब्ल्यूएचओ के लैंगिक हिंसा विभाग की प्रमुख अवनी अमिन ने कहा कि यौन हिंसा के पीड़ितों को इलाज पाने में अत्यंत कठिनाई हो रही है। असुरक्षा, स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंच में बाधा और इस प्रकार के मामलों से निपटने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी ने समस्या को और अधिक जटिल बना दिया है। सामाजिक कलंक के कारण कई पीड़ित अपने अनुभव सार्वजनिक करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा, ‘जब एक मामला सार्वजनिक होता है, तो बहुत सी महिलाएं चुपचाप दर्द सहते हुए रह जाती हैं।’

डारफर वुमन एक्शन ग्रुप की निमत अहमदी ने हिंसा के बाद उपचार खोजने वाली महिलाओं की भयावह स्थिति का वर्णन किया। सामूहिक बलात्कार के बाद बहुत सी महिलाएं गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं, विशेष रूप से फिस्टुला जैसी समस्याओं से पीड़ित हो जाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शांतिपूर्ण समय में भी इन रोगियों के लिए पर्याप्त चिकित्सक नहीं थे, आज स्थिति लगभग जीरो हो गई है।’’ कई स्वास्थ्य संस्थान योद्धा समूहों के नियंत्रण में हैं, जिससे अपहरण और बलात्कार से बची महिलाएं अस्पताल जाने में डरती हैं। एक अस्पताल में आरएसएफ के लड़ाकुओं द्वारा स्वास्थ्यकर्मियों पर गोलीबारी और बलात्कार की घटना का उल्लेख करते हुए, उन्होंने बताया कि इसी दौरान इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत भी हुई।

सुरक्षा खतरों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय सहायता संस्थान वापस लौट गए हैं और मानवीय सहायता में कटौती हुई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। संसाधनों की कमी के बावजूद, केवल कुछ छोटे स्थानीय महिला संगठन ही सेवाएं प्रदान कर पा रहे हैं, जो जोखिम को बढ़ा रहा है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने भी सेवा अभाव के कारण पीड़ितों पर गंभीर प्रभाव होने की पुष्टि की है। यूएनएफपीए के मानवीय प्रतिक्रिया प्रमुख सोको अराकाकी ने कहा कि यौन हिंसा के बाद 72 घंटों के भीतर उपचार अत्यंत आवश्यक होता है, लेकिन फिलहाल दवाओं और सेवाओं की अभाव है। मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता विशेष रूप से बढ़ गई है। अराकाकी ने बताया कि ‘‘आत्महत्याओं की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।’’ ऐसी घटनाओं के आधिकारिक आंकड़ों को इकट्ठा करना कठिन है, लेकिन स्थानीय स्रोतों ने संकेत दिए हैं कि बलात्कार के डर या सामाजिक बहिष्कार से बचने के लिए महिलाएं आत्महत्या कर रही हैं। डब्ल्यूएचओ की अवनी अमिन ने कहा कि जीवन रक्षा प्रयासों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य सहायता को प्राथमिकता देना आवश्यक है। ये संघर्ष के प्रभाव केवल तत्काल नहीं, बल्कि दीर्घकालीन और कई पीढ़ियों तक रहने वाले हैं, इसलिए व्यापक तैयारी और समर्थन प्रणाली का विकास तत्काल करना होगा।

प्रचण्डले कम्युनिस्ट आन्दोलन नेतृत्व गर्न सक्दैनन्, एमाले पुनर्गठन गर्छौं : विष्णु पौडेल

विष्णु पौडेल: प्रचण्ड कम्युनिस्ट आन्दोलन का नेतृत्व करने में असमर्थ, एमाले का पुनर्गठन किया जाएगा

१६ वैशाख, काठमांडू। नेकपा एमाले के उपाध्यक्ष विष्णुप्रसाद पौडेल ने पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड पर सत्ता पर काबिज होने की महत्त्वाकांक्षा और चरम वामपंथी गतिविधियों के कारण माओवादी आन्दोलन विघटन की स्थिति में पहुँच गया है, आरोप लगाया। बुधवार को २७वें यदु स्मृति दिवस और २४वें यदु स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार वितरण समारोह में बोलते हुए उपाध्यक्ष पौडेल ने कहा कि प्रचण्ड अब कम्युनिस्ट आन्दोलन का नेतृत्व करने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हम एमाले का पुनर्गठन करेंगे।”

तीन सहायक रथीलाई उपरथी पदमा बढुवा

नेपाली सेनाका तीन सहायक रथी डा. भरतबहादुर भण्डारी, माधव थापा र शक्तिजंग बस्नेतलाई १० वैशाखमा बसेको मन्त्रीपरिषद्को बैठकले उपरथी पदमा बढुवा गर्ने निर्णय गरेको छ। प्रधानसेनापति अशोकराज सिग्देलले सैनिक मुख्यालय जंगी अड्डामा उनीहरूलाई दर्ज्यानी चिन्ह प्रदान गर्नुभएको छ। १६ वैशाख, काठमाडौं। नेपाली सेनाका यी तीन सहायक रथीलाई उपरथी पदमा बढुवा गरिएको छ। यसमा प्राविधिक सहायक रथी डा. भरतबहादुर भण्डारी, सहायक रथी माधव थापा तथा सहायक रथी शक्तिजंग बस्नेत समावेश छन्। १० वैशाखमा भएको मन्त्रीपरिषद्को बैठकले उनीहरूको बढुवा अनुमोदन गरेको थियो। प्रधानसेनापति सिग्देलले जंगी अड्डामा आयोजित समारोहमा उनीहरूलाई बढुवा प्रमाणपत्र र दर्ज्यानी चिन्ह प्रदान गर्नुभएको छ।

राप्ती स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठानमा मुटु रोगको उपचार पनि सुरु

राप्ती स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में हृदय रोग का उपचार शुरू

दाङ। घोराही में स्थित राप्ती स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान में हृदय रोग के उपचार की सेवाएं शुरू हो गई हैं। प्रतिष्ठान ने दाङ में पहली बार एंजियोग्राफी कोरोनरी सेवा का शुभारंभ किया है। इस सेवा के लिए चिकित्सक एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश उप्रेती के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है। डॉ. उप्रेती ने बताया कि प्रतिष्ठान में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सेवा को सफलतापूर्वक प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोनरी एंजियोग्राफी और आकस्मिक पेरिकार्डियोसेंटेसिस के माध्यम से सेवा की शुरुआत हुई है।

डॉ. उप्रेती ने कहा, ‘हमने प्रतिष्ठान में हृदय रोग उपचार की शुरुआत की है, जिसमें हृदय की रक्त नलिकाओं की जांच करने की विधि, कोरोनरी एंजियोग्राफी सेवा भी शामिल है। यह सेवा हृदय की रक्त नलिकाओं में समस्याएं हैं या नहीं, यह पता लगाने में सहायता करती है।’ उन्होंने बताया कि उपकरणों की और उपलब्धता के साथ हृदयाघात से पीड़ित मरीजों के लिए एंजियोप्लास्टी भी की जा सकेगी। कैथ लेब मशीन के आगमन से हृदय उपचार अधिक सुगम होगा, यह उनकी अभिव्यक्ति है। प्रतिष्ठान में हृदय की इको सेवा भी उपलब्ध है।

गगन थापा चुनाव के बाद पहली बार सर्लाही–४ पहुंचे सफल

१६ वैशाख, काठमाडौं। नेपाली कांग्रेस के सभापति गगनकुमार थापा २१ फागुन को प्रतिनिधि सभा निर्वाचन के बाद पहली बार सर्लाही पहुंचने में सफल हुए हैं। सभापति थापा सर्लाही–४ से प्रतिनिधि सभा चुनाव लड़ चुके हैं, जहाँ चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे। इस क्षेत्र में उन्हें रास्वपा उम्मीदवार उमरेश कुमार सिंह ने हराया था।

सभापति थापा के सचिवालय ने बताया कि चुनाव के बाद पहली बार उन्होंने सर्लाही का दौरा किया है। सचिवालय सदस्य शंकर कुइँकेल के अनुसार, वे कांग्रेस के “जरा अभियान” के तहत सर्लाही–४ में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। थापा ने सर्लाही–४ के मतदाताओं से मुलाकात करने की भी योजना बनाई है। वे गुरुवार को काठमाण्डू लौटेंगे।

बागलुङको चिया उत्कृष्ट – Online Khabar

बागलुङ की चाय की उत्कृष्टता हुई प्रमाणित

३०वें राष्ट्रीय चाय दिवस के अवसर पर आयोजित टी–टेस्टिंग प्रतियोगिता में बागलुङ की गोल्डेन टी इस्टेट प्रा. लि. ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में नेपाल भर के ४५ चाय उद्योगों से १२० नमूनों का परीक्षण किया गया था, जिसे भारत के वरिष्ठ टी टेस्टरों द्वारा मूल्यांकन किया गया। राष्ट्रीय चाय तथा कॉफी विकास बोर्ड के सहयोग से गोल्डेन टी इस्टेट ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया है और प्राविधिकों ने उच्च ऊंचाई पर उगाई गयी चाय की गुणवत्ता उत्कृष्ट होने की बात कही है। १६ वैशाख, काठमांडू।

गोल्डेन टी इस्टेट प्रा. लि. ने ताराखोला गाउँपालिका–१, शिरूवारी में आयोजित चाय स्वाद परीक्षण में श्रेष्ठता हासिल की है। चार विधाओं में आयोजित चाय की स्वाद परीक्षण में गोल्डेन टी इस्टेट के ‘ग्रीनिस आर्टोडॉक्स’ और ‘गोल्डेन टी’ को उत्कृष्ट घोषित किया गया। प्रतियोगिता में भारत के वरिष्ठ टी टेस्टर कौशिक भट्टाचार्य और डेविड जोनसन तथा राष्ट्रीय चाय तथा कॉफी विकास बोर्ड के वरिष्ठ प्राविधिक नवीन कोइराला ने परीक्षण किया।

स्वाद परीक्षण में सुखी चाय की संरचना, सुगंध, गर्म पानी में डुबोने के बाद स्वरूप, गंध और स्वाद के आधार पर मूल्यांकन किया गया। राष्ट्रीय चाय तथा कॉफी विकास बोर्ड के आयोजन में संपन्न ३०वें राष्ट्रीय चाय दिवस के मुख्य समारोह में विजेताओं को प्रमाणपत्र वितरित किया गया। गोल्डेन टी इस्टेट प्रा. लि. के अध्यक्ष सरोज दाहाल ने बोर्ड के सहयोग से चाय प्रसंस्करण शुरू करने के बाद चाय की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला बताया।

प्राविधिक नगेन्द्र सुवेदी ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में चाय की चीनी जात की खेती होती है जिससे आर्थोडॉक्स, ग्रीन टी सहित अन्य चाय उत्पाद संभव हैं। उन्होंने कहा, “ऊंचाई बढ़ने पर उत्पादन कम होता है लेकिन गुणवत्ता बढ़ती है।” नेपाल में २२ सौ मीटर से ऊपर की ऊंचाई पर विरले ही चाय बगान पाए जाते हैं और उच्च ऊंचाई की चाय उच्च गुणवत्ता वाली होती है। गण्डकी प्रदेश के बागलुङ के साथ-साथ कास्की और लमजुङ में भी व्यावसायिक रूप से चाय की खेती हो रही है।

रास्वापाका सांसद गणेश कार्की ने कहा – लगभग दो तिहाई बहुमत वाली सरकार द्वारा अध्यादेश लाना बहादुरी नहीं है

राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के सांसद गणेश कार्की ने कहा है कि लगभग दो तिहाई बहुमत वाली सरकार द्वारा अध्यादेश लाना कोई बहादुरी का काम नहीं है। उन्होंने संविधान के मूल भाव को बनाए बिना केवल शब्दशः आधारित अध्यादेश लाने को गलत बताया। विपक्षी दलों द्वारा अध्यादेश लाए जाने पर जो सवाल उठाए गए थे, वे अब उनकी अपनी सरकार में भी उठ रहे हैं, कार्की ने बताया। १६ वैशाख, काठमाडौं।

गणेश कार्की ने सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश की आलोचना करते हुए संसद को दरकिनार कर अध्यादेश लाए जाने पर अपनी ही पार्टी की सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, “लगभग दो तिहाई बहुमत प्राप्त पार्टी के लिए अधिवेशन रोके रह कर अध्यादेश लाना बाध्यता है या कुछ और, यह बाद में स्पष्ट होगा, लेकिन यह कोई बहादुरी नहीं कही जा सकती।”

उन्होंने बताया कि अध्यादेश संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार और विधिक प्रक्रिया के अनुसार आना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार भी अध्यादेश केवल संविधान के शब्दों पर आधारित है, संविधान के मूल भाव पर नहीं। उन्होंने कहा, “संविधान केवल शब्दों से जीवित रहने वाला दस्तावेज नहीं है, मूल भाव के पालन से यह जीवंत रहता है। संविधान के शब्द उसके मूल भाव को सीमित न करें।”

कार्की ने याद दिलाया कि वर्तमान विपक्षी दलों ने भी पिछली बार अध्यादेश लाए जाने पर सवाल उठाए थे और अब अपनी ही सरकार द्वारा अध्यादेश लाए जाने पर वही प्रश्न पुनः उठ रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प और जेम्स कोमी: अमेरिकी राष्ट्रपति को ‘मौत की धमकी’ देने वाले एफबीआई के पूर्व प्रमुख पर मामला

संयुक्त राज्य अमेरिका में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ‘मौत की धमकी’ देने का आरोप लगाया गया है। कोमी ने पिछले वर्ष इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें कुछ नंबरों को सीपी (CP) डिजाइन में प्रदर्शित किया गया था। सरकारी संस्थाओं ने उस तस्वीर को ट्रम्प की हत्या के लिए प्रोत्साहित करने वाला संकेत माना है। कोमी ने अपनी निर्दोषता जताते हुए एक बयान जारी किया है कि वे भयभीत नहीं हैं।

सरकारी अभियोजकों ने यह कोमी के खिलाफ दूसरा मामला दायर किया है। सितंबर 2020 में कांग्रेस में दिए गए बयान में झूठ बोलने और संसदीय प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में वर्ष पूर्व भी उन पर मामला दर्ज किया गया था। यह मामला ट्रम्प के निर्देश पर उनके राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कठोर जांच शुरू होने के तुरंत बाद दायर किया गया था। जब कोमी अदालत में पेश हुए, तो उन्होंने अपनी निर्दोषता का दावा किया। बाद में अदालत ने सरकारी अभियोजन के प्रक्रिया संबंधी त्रुटि के कारण उस मामले को खारिज कर दिया, लेकिन पुनः मामला दायर होने की संभावना बनी हुई थी।

हाल में लगाए गए आरोप उस तस्वीर के आधार पर हैं जिसे कोमी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था और बाद में हटा दिया था। उस तस्वीर में ‘८६ ४७’ अंक सीपी डिजाइनों द्वारा बनाए गए थे। अमेरिकी बोलचाल में ‘एटीसिक्स’ (ATsix) का मतलब ‘हटाना’ या ‘निकालना’ होता है। कोमी इस संदेश का अर्थ न समझने का दावा कर रहे हैं, जबकि ट्रम्प और उनके प्रशासन के अन्य अधिकारी इसे अमेरिकी राष्ट्रपति के ४७वें पदाधिकारी की हत्या के लिए दी गई धमकी के रूप में व्याख्यायित करते हैं।

अभियोजन घोषणा के कार्यक्रम में एफबीआई निदेशक कश्यप पटेल ने कहा कि पूर्व निदेशक कोमी इस पोस्ट से उत्पन्न हुई आलोचना और संभावित परिणामों से पूरी तरह अवगत हैं। “जेम्स कोमी ने राष्ट्रपति ट्रम्प के जीवन को खतरे में डालने वाले संदेश को लज्जाजनक और निंदनीय तरीके से विश्व स्तर पर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया,” पटेल ने कहा। ट्रम्प के प्रथम कार्यकाल में कोमी को बर्खास्त कर दिया गया था। 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की जांच करने के कारण यह कदम उठाया गया था। इसके बाद ट्रम्प समय-समय पर कोमी के खिलाफ मामले चलाने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को लगाए गए आरोप कोमी के खिलाफ दूसरा प्रयास है।

पुनर्निमाणको पर्खाइमा प्राकृतिक गन्तव्य – Online Khabar

प्राकृतिक गंतव्य नमस्ते झरना पुनर्निर्माण की प्रतीक्षा में

धनकुटा के नमस्ते झरना को पिछले वर्ष आई बाढ़ ने क्षतिग्रस्त किया, जिससे पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। स्थानीय सरकार और कोशी प्रदेश सरकार ने इस झरने के पुनर्निर्माण के लिए क्रमशः 10 लाख और 15 लाख रुपये आवंटित किए हैं। सांगरिगढ़ी गाउँपालिका ने अस्थायी पुल और बढ़ई बना कर पहुंच आसान की है, जबकि स्थायी ट्रस पुल का निर्माण आवश्यक है। १६ वैशाख, धनकुटा।

पूर्वी पहाड़ियों के धनकुटा जिले में स्थित नमस्ते झरना एक समय आंतरिक और भारतीय पर्यटकों की प्राथमिक पसंद था। गर्मियों के मौसम की शुरुआत में यहां आंतरिक और भारतीय पर्यटकों की भारी भीड़ होती थी। ठंडे पानी में तैराकी, झरने के किनारे बने प्राकृतिक तालाब में आनंद लेना और परिवार तथा मित्रों के साथ समय बिताना इस क्षेत्र को हमेशा जीवंत बनाता था। लेकिन अब, इस झरने की प्राकृतिक सुंदरता के बावजूद यह क्षेत्र सुनसान दिखने लगा है।

झरने के सुनसान होने का मुख्य कारण गत वर्ष आई बाढ़ द्वारा नष्ट किया गया पूर्वाधार और उससे उत्पन्न असुरक्षा है। प्राकृतिक सुंदरता स्थिर रहने के बावजूद यहां पहुंचने वाले मार्ग जोखिमपूर्ण हो गए हैं, जिससे पर्यटकों की संख्या कम हुई है। स्थानीय प्रशासन और समुदाय ने अस्थायी रूप से बांस और लकड़ी का उपयोग कर संरचनाएं बनाई हैं, लेकिन वे टिकाऊ समाधान नहीं बन पाई हैं। नमस्ते झरना प्रबंधन समिति के सचिव जीवन सुब्बा ने भी झरने के पर्यटकों की संख्या कम होने की पुष्टि की।

“पहले जैसी पर्यटकों की भीड़ नहीं है। लोग अभी भी डर रहे हैं,” उन्होंने कहा, “ऊपर से बाढ़ आकर झरने तक पहुंचना संभव नहीं है। जो लोग झरना देखने आते हैं वे वहां तक नहीं पहुंच पाते, तो वे क्यों आएं?” झरना और आसपास के पर्यटक स्थलों के लिए आने वाले पर्यटकों के लिए ऐसी स्थिति असुविधाजनक है, यह लिम्बु ने बताया। तथापि, स्थानीय सरकार और प्रदेश सरकार ने झरने का पुनः जीवनदान करने के लिए पहल शुरू कर दी है। झरना के प्रबंधन के लिए सांगरिगढ़ी गाउँपालिका ने 10 लाख और कोशी प्रदेश सरकार ने 15 लाख रुपये आवंटित कर दिए हैं।

सिरहामा ‘राष्ट्रिय पोषण लेखाजोखा अभियान’ शुरू, ६० हजार बालबालकों का पोषण स्थिति परीक्षण किया जाएगा

१६ वैशाख, सिरहा। सिरहामा बालबालकों के पोषण स्थिति की पहचान के लिए ‘राष्ट्रिय पोषण लेखाजोखा अभियान’ शुरू किया गया है। देशभर के इस अभियान के तहत सिरहाके सभी १७ पालिकाओं में कार्यक्रम संचालित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बालबालकों के पोषण में सुधार करना है। दलित विकास मञ्च गोलबजार ने हेलेन केलर इंटरनेशनल की आर्थिक सहायता और स्थानीय पालिकाओं के सहयोग से ‘जीवन के लिए पोषण कार्यक्रम’ के अंतर्गत यह अभियान आरंभ किया है।

इस अभियान में सुनौलो हजार दिन के माताओं सहित बालबालकों की पोषण स्थिति की पहचान की जाएगी। मञ्च के कार्यकारी निदेशक के अनुसार, अभियान बालबालकों की ऊंचाई, वजन और हाथ के मध्यम भाग की परिधि मापकर पोषण स्थिति निर्धारित करेगा। इस प्रक्रिया में लगभग ६ महीने से ५९ महीने तक लगभग ६० हजार बालबालकों और लगभग १४ हजार माताओं का पोषण परीक्षण करने का लक्ष्य रखा गया है।

वैशाख १५ से ३० तक चलने वाले इस अभियान से शीघ्र कुपोषण की पहचान कर समय पर उपचार में सहायता मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई है। अभियान के दौरान महिला सामुदायिक स्वास्थ्य स्वयंसेवक और नजदीकी स्वास्थ्य संस्थाओं के साथ समन्वय कर घर-घर जाकर बालबालकों की बाहु की परिधि नापी जाएगी। साथ ही, कुपोषित बालबालकों के लिए बाह्य सेवाओं के माध्यम से ‘तैयार उपचारात्मक भोजन’ नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। नेपाल सरकार की योजना के अनुसार, यह अभियान स्वास्थ्य संस्थान, टीकाकरण केंद्र, सामुदायिक क्लिनिक, वडा कार्यालय, सामुदायिक भवन और प्रारम्भिक बाल विकास केंद्रों पर संचालित किया जाएगा।

९ गोलको थ्रिलरमा पीएसजीले बायर्नलाई हरायो – Online Khabar

पीएसजी ने बायर्न को ९ गोलों से भरपूर रोमांचक मुकाबले में हराया

पेरिस सैंट-जर्मेन ने युरोपीय चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल के पहले लेग में बायर्न म्यूनिख को ५-४ के रोमांचक मुकाबले में शिकस्त दी है। मैच की शुरुआत में हैरी केन ने १७वें मिनट में पेनल्टी के जरिये बायर्न को बढ़त दिलाई। लेकिन पीएसजी ने इसके बाद लगातार पांच गोल दागते हुए मैच में फिर से नियंत्रण हासिल किया। दूसरा मैच बायर्न के घरेलू मैदान पर होगा, जहां फाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला होगा।

१६ वैशाख, काठमाडौं। युरोपीय चैंपियंस लीग फुटबॉल के सेमीफाइनल के पहले चरण में पेरिस सैंट-जर्मेन (पीएसजी) ने जर्मनी के क्लब बायर्न म्यूनिख को ५-४ से उत्साहजनक जीत दर्ज की है। घरेलू मैदान में खेले गए इस अत्यंत रोमांचक मुकाबले में पीएसजी ने पहला हाफ ३-२ की बढ़त के साथ समाप्त किया। दोनों टीमों ने आक्रामक फुटबॉल खेलते हुए कुल ९ गोल किए।

बायर्न के लिए हैरी केन ने १७वें मिनट में पेनल्टी से गोल कर शुरुआती बढ़त दिलाई। लेकिन इसके बाद पीएसजी ने लगातार दो गोल दागते हुए मैच पर कब्जा जमाया। पीएसजी के विट्चा भरात्सखेलिया ने २४वें मिनट में बराबरी का गोल किया, वहीं जोआओ नेवेस ने ३३वें मिनट में गोल करके टीम को आगे बढ़ाया। ४१वें मिनट में माइकल ओलिसे ने शानदार गोल करते हुए बायर्न को फिर से बराबरी पर ला दिया। पहले हाफ के अतिरिक्त समय में उस्मान डेम्बेले ने पेनल्टी पर गोल कर पीएसजी को ३-२ की बढ़त दिलाई।

दूसरे हाफ में पीएसजी और भी आक्रामक नजर आया। भरात्सखेलिया ने ५६वें मिनट में अपना दूसरा व्यक्तिगत गोल किया, जबकि डेम्बेले ने ५८वें मिनट में एक और गोल दागते हुए टीम को ५-२ की मजबूत स्थिति में पहुंचाया। बायर्न ने जवाबी हमला किया और ६५वें मिनट में दिया ट उपामेकानो ने एक गोल किया। ६८वें मिनट में लुइस डियाज ने एक और गोल कर अंतर ५-४ कर दिया। लेकिन इसके बाद कोई गोल नहीं हो सका। इस नतीजे से पीएसजी को दूसरे मैच से पहले मामूली बढ़त मिल गई है। अब दूसरा मैच बायर्न के मैदान पर होगा, जहां फाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला होगा।

सड़क सुरक्षा के कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है

१६ वैशाख, त्रिवेणी (नवलपरासी) । नारायणगढ–बुटवल सड़क विस्तार आयोजनाध्यक्ष के तहत सड़क निर्माण सम्पन्न हुए स्थानों पर सड़क सुरक्षा के कार्य शुरू कर दिए गए हैं। आयोजन के पूर्वी खंड के सूचना अधिकारी शिव खनाल के अनुसार, वर्तमान में पूर्वी खंड में निर्माण सम्पन्न स्थानों पर सड़क सुरक्षा संबंधी कार्य प्रगति पर हैं। सड़क सुरक्षा के तहत सड़क पर सफेद और पीले चिन्ह बनाने, बीच के डिवाइडर पर रंग करने, मुख्य सड़क और सहायक सड़क के बीच सीमेंट बार लगाने तथा स्पीड लिमिट के चिन्ह स्थापित करने का कार्य जारी है। इसके साथ ही सड़क के किनारे रेलिंग, डब्लू–बीम लगाने और डेलिनेटर पोल स्थापित करने के कार्य भी चल रहे हैं।

सड़क निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, इसलिए सड़क सुरक्षा के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, सूचना अधिकारी खनाल ने बताया। उन्होंने कहा, ‘सड़क निर्माण के कई कार्य अंतिम चरण में हैं, इसलिए सड़क सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।’ नवलपरासी पूर्वी खंड में आने वाली कुल ६५ किलोमीटर सड़क में से वर्तमान में केवल लगभग सात किलोमीटर सड़क ही कच्ची है; अन्य सभी क्षेत्रों में कालोपत्र और पक्की सड़कें चालू हैं। पूर्वी खंड में इस समय भौतिक प्रगति लगभग ८१ प्रतिशत तक पहुंच गई है।

पूर्वी खंड में दाउन्ने क्षेत्र को छोड़कर अन्य स्थानों पर यात्रा सुगम है। नारायणगढ–बुटवल सड़क विस्तार आयोजन की संधि २०७५ साल माघ २४ गते को हुई थी, और इसे २०७९ साल साउन २२ गते तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। चाइना स्टेट कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन प्रा.लि. ने इस परियोजना का कार्य प्रारंभ किया था, जिसमें कुल ११३ किलोमीटर सड़क को दो खंडों में विभाजित कर कार्य किया जा रहा है। समय सीमा पूरी न होने के कारण अब तक चार बार मियाद बढ़ाई गई है, और वर्तमान में इसे आगामी साउन तक विस्तारित किया गया है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के ऋण सहयोग से संचालित इस आयोजन की दोनों खंडों की कुल लागत १६ अरब ९९ करोड़ ५२ लाख ९६ हजार रुपये है। कुल ११३ किलोमीटर सड़क में से ७० किलोमीटर पर चार लेन, २९ किलोमीटर पर चार लेन के साथ दो तरफ़ा ६-६ मीटर की सर्विस लेन बनाए जाएंगे। दाउन्ने क्षेत्र में १४ किलोमीटर की सड़क तीन लेन की बनेगी।